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वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी कई तरह की बाधाएं हैं, जैसे बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि: भारतीय रिजर्व बैंक

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ने हाल के दिनों में लंबे समय तक जारी उथल-पुथल के दौर में भी बहुत अच्छी तरह से काम किया है और जुझारू क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी कई तरह की बाधाएं हैं, जैसे बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि, जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय बाजारों में मजबूती है। आइए जानते हैं केंद्रीय बैंक के मुखिया और क्या बोले। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ‘‘सुचारू तरीके से’’ आगे बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने गुरुवार को यह बात कही। एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे दास ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की ओर से ब्याज दरों में कटौती के सुझाव पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) दिसंबर में होने वाली अपनी अगली बैठक में इस बारे में उचित निर्णय लेगी। अक्तूबर में महंगाई दर केंद्रीय बैंक के छह प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक रही है। इस पर दास ने कहा कि मुद्रास्फीति में ‘‘समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद इसके कम होने की उम्मीद बनी हुई है।’’ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ने हाल के दिनों में लंबे समय तक जारी उथल-पुथल के दौर में भी बहुत अच्छी तरह से काम किया है और जुझारू क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी कई तरह की बाधाएं हैं, जैसे बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि, जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय बाजारों में मजबूती है। दास के अनुसार, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है, जिसे मजबूत वृहद आर्थिक बुनियादी ढांचे.. स्थिर वित्तीय प्रणाली और मजबूत बाह्य क्षेत्र की वजह से बल मिल रहा है।’’ रुपये के नये निचले स्तर पर पहुंचने पर दास ने कहा कि भारत के बाह्य क्षेत्र ने हाल की अवधि में ‘‘मजबूती व स्थिरता’’दिखाई है। चालू खाते का घाटा यानी कैड प्रबंधन के स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा वस्तुओं का निर्यात बढ़ा है जबकि सेवा निर्यात के मामले में भी वृद्धि मजबूत बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि देश के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार है। 31 अक्तूबर तक 682 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार पूरे विदेशी कर्ज और एक साल के आयात भुगतान के लिए पर्याप्त है। गवर्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि आरबीआई रुपये के लिए कोई दर निर्धारित नहीं करता है और ये हस्तक्षेप व्यवस्थित गति सुनिश्चित करने और मुद्रा में अस्थिरता को रोकने के लिए हैं।

प्याज के आसमान छूते भाव से जनता परेशान, प्याज की कीमतों में निकट भविष्य में गिरावट की संभावना कम

नई दिल्ली भारत में अक्टूबर में सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। प्याज की कीमतें जहां आसमान छू रही है वहीं गोभी, टमाटर, और लौकी जैसी कई सब्जियों के दाम मासिक आधार पर 4% से अधिक कम हुए हैं। हालांकि, प्याज की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। 6 नवंबर को लासलगांव प्याज मंडी में प्याज का थोक भाव पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।  एक रिपोर्ट के अनुसार, प्याज की कीमतों में निकट भविष्य में गिरावट की संभावना कम है। रिपोर्ट के अनुसार, “नवंबर में सब्जियों की कीमतों में कुछ नरमी आई है, लेकिन प्याज की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।” अगस्त और सितंबर में हुई भारी बारिश के चलते आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे मंडियों में सब्जियों की आवक में 28% की गिरावट आई। इसका सबसे अधिक असर टमाटर की कीमतों पर पड़ा, जिसमें अक्टूबर में मासिक आधार पर 49% की वृद्धि दर्ज की गई। सब्जियों की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल अक्टूबर में सब्जियों की कीमतें सालाना आधार पर 42% बढ़ीं, जो पिछले 57 महीनों में सबसे ज्यादा है। इस वृद्धि का मुख्य कारण टमाटर, आलू और प्याज जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल को माना जा रहा है। टमाटर की कीमतें सालाना आधार पर 161% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि आलू और प्याज की कीमतों में क्रमशः 65% और 52% की बढ़ोतरी हुई है। प्याज की कीमतें पांच साल के उच्चतम स्तर पर देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी, लासलगांव एपीएमसी में 6 नवंबर को प्याज की औसत थोक कीमत 5,656 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ऊंची है। आखिरी बार 10 दिसंबर 2019 को प्याज की कीमतें इसी स्तर पर थीं। खुदरा महंगाई पर असर सब्जियों की कीमतों में आई इस बढ़ोतरी ने खुदरा महंगाई को भी प्रभावित किया है। अक्टूबर में भारत की खुदरा महंगाई दर 6.21% रही, जो पिछले 14 महीनों में सबसे अधिक है। खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर मापी जाने वाली कोर महंगाई भी सितंबर के 3.5% से बढ़कर अक्टूबर में 3.7% पर पहुंच गई है, जिससे घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ गया है।

भारतीय शेयर बाजार 110 अंक फिसला, लगातार छठे दिन गिरावट देखने को मिला

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार छठे दिन लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 110.64 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरने के बाद 77,580.31 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 26.35 अंक या 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के बाद 23,532.70 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 91.20 अंक या 0.18 प्रतिशत चढ़ने के बाद 50,179.55 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 242.25 अंक या 0.45 प्रतिशत चढ़ने के बाद 54,043.10 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 142.15 अंक या 0.81 प्रतिशत चढ़ने के बाद 17,601.05 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, रियलिटी, मीडिया, प्राइवेट बैंक और इंफ्रा सेक्टर में खरीदारी रही। वहीं, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर दबाव में रहे। सेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और जेएसडब्ल्यू स्टील टॉप गेनर्स रहे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एनटीपीसी, नेस्ले इंडिया, इंडसइंड बैंक, पावर ग्रिड और टाटा मोटर्स टॉप लूजर्स रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,159 शेयर हरे, 1,798 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 93 शेयर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं रहा। बाजार के जानकारों ने कहा कि सेंसेक्स और निफ्टी 50 में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से धारणा प्रभावित हुई। पीएल कैपिटल के विक्रम कासट ने कहा, “मजबूत डॉलर सूचकांक जो अब 106.61 पर है और अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड पर प्रतिफल 4.48 प्रतिशत पर है, दोनों ने भारतीय इक्विटी के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों को बढ़ा दिया है। डॉलर के मुकाबले रुपए के 84.40 के ऐतिहासिक निम्नतम स्तर तक गिर जाने से यह और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।”

Bank Holidays: गुरुनानक जयंती शुक्रवार को बंद रहेंगे सभी बैंक, RBI ने क्यों दी है 15 नवंबर की छुट्टी

नई दिल्ली  शुक्रवार यानी 15 नवंबर को गुरुनानक जयंती है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में इस पर्व को काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। बात अगर इस दिन छुट्टी की करें तो इस दिन कई जगह अवकाश होता है। रिजर्व बैंक के कैलेंडर के अनुसार इस दिन कई राज्यों में बैंकों की भी छुट्टी होती है। अगर आप 15 नवंबर को किसी काम से बैंक जा रहे हैं तो चेक कर लें कि आपके राज्य में बैंक की छुट्टी है या नहीं। कब रहती है बैंकों की छुट्टी? सभी बैंकों की छुट्टी महीने के हर दूसरे और चौथे शनिवार और हर रविवार को होती है। इसके अलावा राष्ट्रीय अवकाश पर भी बैंक बंद रहते हैं। कई बार चुनाव या किसी दूसरे विशेष कारण की वजह से भी छुट्टी हो जाती है। हालांकि इसके बारे में रिजर्व बैंक समय से पहले ही जानकारी दे देता है। गुरुनानक जयंती पर इन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक 15 नवंबर को गुरुनानक जयंती के मौके पर देशभर के कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहेगी। इसे लेकर रिजर्व बैंक ने छुट्टियों का कैलेंडर भी जारी कर दिया है। इस दिन इन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे:     पंजाब     हरियाणा     महाराष्ट्र     मिजोरम     मध्य प्रदेश     ओडिशा     चंडीगढ़     तेलंगाना     उत्तराखंड     अरुणाचल प्रदेश     जम्मू     श्रीनगर     राजस्थान     उत्तर प्रदेश     पश्चिम बंगाल     नागालैंड     दिल्ली     झारखंड     छत्तीसगढ़     हिमाचल प्रदेश अगर आप इन राज्यों में रहते हैं तो बैंक के किसी भी काम से 15 नवंबर को घर से न निकलें। अपना काम या तो 14 नवंबर को निपटा में या अगले हफ्ते जाकर पूरा करवा लें। इन सेवाओं के जरिए जारी रखें सर्विस 15 नवंबर को बैंक बेशक बंद रहेंगे लेकिन बैंकिंग से जुड़ी कई सर्विस जारी रहेंगी। इनमें ऑनलाइन बैंकिंग से लेकर एटीएम सर्विस आदि शामिल हैं। इन सर्विस का लाभ उठाने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इन सर्विस का इस्तेमाल हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे कर सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग: बैलेंस चेक करने, पैसे ट्रांसफर करने और बिलों का पेमेंट करने के लिए अपने बैंक की वेबसाइट पर लॉग इन करके ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। UPI सर्विस: ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए इस समय यूपीआई काफी पॉपुलर है। आप पेटीएम, गूगल पे, फोनपे आदि प्लैटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। ATM सर्विस: अगर कैश की जरूरत पड़ जाए तो किसी भी नजदीकी एटीएम जाकर वहां से कैश निकाल सकते हैं।

अब देश में एयर इंडिया एक मात्र फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस बची, चार एयरलाइंस बंद हो चुकी

नई दिल्ली  विस्तारा एयरलाइंस अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। इसके विमान एयर इंडिया के बेड़े से उड़ान भर रहे हैं। विस्तारा फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस थी, जिसका एयर इंडिया के साथ मर्ज हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। अब सिर्फ एयर इंडिया ही बची है। देश में एविएशन सेक्टर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उतनी की तेजी से फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस खत्म हो रही हैं। पिछले 17 वर्षों में ऐसी 4 एयरलाइंस बंद हो चुकी हैं। इनमें सहारा एयरलाइंस, जेट एयरवेज, किंगफिशर और अब विस्तारा शामिल हैं। फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस से मतलब है कि ऐसी एयरलाइंस जिनमें यात्रियों को खाने की सुविधा दी जाती है। इनमें इंडिगो जैसी लो बजट एयरलाइंस शामिल नहीं होतीं। एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस की हिस्सेदारी विस्तारा में सिंगापुर एयरलाइंस की 49 फीसदी हिस्सेदारी थी। अब इसके एयर इंडिया में मर्ज होने के बाद विस्तारित एयर इंडिया में हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी हो जाएगी। एफडीआई से मिली रफ्तार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल में एफडीआई को लेकर कई नियमों में रियायत दी थी। मनमोहन सिंह के नेतृत्व की यूपीए सरकार ने विदेशी एयरलाइंस को घरेलू एयरलाइंस में 49 फीसदी तक की हिस्सेदारी की अनुमति दी थी। इसी कारण से विदेशी एयरलाइंस की ओर से किए गए निवेश के कारण ही विस्तारा और दूसरी एयरलाइंस उड़ान भर सकीं। उसी समय जेट एयरवेज में गल्फ एयरलाइंस एतिहाद ने 24 फीसदी विदेशी हिस्सेदारी ली। वहीं एयर एशिया इंडिया में मलेशिया एयर एशिया की 49 फीसदी हिस्सेदारी रही। फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस का अंत विस्तारा की शुरुआत जनवरी 2015 में हुई थी। यह तब से ही फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस थी। साल 2007 में एयर इंडिया में इंडियन एयरलाइंस का विलय हुआ था। एयर इंडिया भी फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस है। उस दौरान सहारा एयरलाइंस, जेट एयरवेज और किंगफिशर भी यह सर्विस दे रही थीं। लेकिन बाद में चक्र पूरी तरह घूमता गया। साल 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो गई। इसके बाद एयर सहारा का जेट एयरवेज में मर्जर हो गया। यानी एयर सहारा भी बंद। साल 2019 में जेट एयरवेज भी बंद हो गई। और अब 11 नवंबर 2024 से विस्तारा एयरलाइंस का एयर इंडिया में पूरी तरह मर्जर हो चुका है यानी विस्तारा का भी संचालन पूरी तरह बंद हो गया। ऐसे में अब सिर्फ एयर इंडिया ही फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस बची है।

सेंसेक्स 444 अंक टूटकर 78230 पर आ गया , निफ्टी ने 172 अंकों का गोता लगाया

मुंबई  शेयर मार्केट में गिरावट बढ़ गई है। सेंसेक्स 444 अंक टूटकर 78230 पर आ गया है। जबकि, निफ्टी ने 172 अंकों का गोता लगाया है। अब यह 23709 पर आ गया है। इससे पहले यह 23675 तक गिर चुका था। निफ्टी टॉप लूजर्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा 3.43 पर्सेंट लुढ़क गया है। बीईएल में 3.24 पर्सेंट की गिरावट है। हिन्डाल्को में 2.81 पर्सेंट का नुकसान है। आयशर मोटर्स और ओएनजीसी भी 2 फीसद से अधिक नुकसान में हैं। शेयर मार्केट में गिरावट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही। आज आईसीआईसीआई, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड जैसे प्राइवेट बैंकों के शेयर नुकसान के साथ खुले, जिससे बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 179 अंकों के नुकसान के साथ 78495 के स्तर पर खुला। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 61 अंक नीचे 23822 पर खुला।  शेयर मार्केट की गिरावट पर क्या आज ब्रेक लगेगा या और गिरेगा? सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर खुलेंगे या आपेनिंग होगी मजबूत? इन सवालों का जवाब तो बाजार के खुलने के बाद मिलेगा, लेकिन ग्लोबल संकेत कुछ अच्छे नहीं दिख रहे। क्योंकि, एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी घरेलू शेयर मार्केट की तरह मंगलवार को नुकसान के साथ बंद हुए। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों बेंचमार्क इंडेक्स एक-एक प्रतिशत से अधिक गिर गए। सेंसेक्स 820.97 अंक या 1.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,675.18 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 257.85 अंक या 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,883.45 पर बंद हुआ। वॉल स्ट्रीट का हाल दूसरी ओर अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में भी गिरावट रही। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 382.15 अंक या 0.86 प्रतिशत टूटकर 43,910.98 पर बंद हुआ। जबकि एसएंडपी, 500 17.36 अंक या 0.29 प्रतिशत गिरकर 5,983.99 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट में भी 17.36 अंक की गिरावट रही। यह 19,281.40 पर बंद कर दिया हुआ। एशियाई बाजार का हाल वॉल स्ट्रीट पर रातोंरात नुकसान के चलते एशियाई बाजारों में बुधवार को गिरावट के साथ कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.5 प्रतिशत गिर गया, जबकि टॉपिक्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.1 प्रतिशत और कोस्डैक इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम शुरुआत का संकेत दिया। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 23,890 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 70 अंक नीचे है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।

रिलायंस बायोगैस प्लांट आंध्र प्रदेश में लगाएगी, 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी

नई दिल्ली  देश के सबसे अमीर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी गुजरात के बाहर बायोगैस प्लांट लगाने जा रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अगले पांच वर्षों में 500 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) लगाएगी। इसके लिए कंपनी 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार रिलायंस ये बायोगैस प्लांट आंध्र प्रदेश में लगाएगी। क्लीन एनर्जी पहल के तहत गुजरात के बाहर कंपनी की ओर से किया गया यह सबसे बड़ा निवेश होगा। इस योजना को मुंबई में अनंत अंबानी और आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश के बीच अंतिम रूप दिया गया। अनंत अंबानी आरआईएल की स्वच्छ ऊर्जा पहल के प्रमुख हैं। विजयवाड़ा में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में आरआईएल और आंध्र प्रदेश उद्योग विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार इस मामले से अवगत लोगों ने बताया कि प्रत्येक प्लांट में 130 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इन्हें राज्य की बंजर भूमि पर बनाया जाएगा। राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार इन प्लांट से 2.50 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य की हाल ही में अधिसूचित इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी के तहत बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शुरू किए हैं। इसमें पांच साल के लिए CBG प्लांट पर निश्चित पूंजी निवेश पर 20% की सब्सिडी के साथ-साथ पांच साल के लिए राज्य माल और सेवा कर (SGST) और बिजली शुल्क की पूरी प्रतिपूर्ति शामिल है। ‘नौकरियां पैदा करना प्रमुख लक्ष्य’ मंत्री नारा लोकेश ने कहा, ‘नौकरियां पैदा करना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए हम निवेशकों को आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए अपनी इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी में कई प्रोत्साहन लेकर आए हैं। रिलायंस ने पहले ही आंध्र प्रदेश में व्यापक निवेश किया है और हम उन्हें आगे भी निवेश करने के लिए उत्सुक हैं।’ किसानों की बढ़ेगी इनकम एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘अनुमानों से पता चलता है कि किसान सालाना 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से अपनी इनकम बढ़ाने में सक्षम होंगे।’ साथ ही, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का मतलब राज्य के लिए कई वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ होंगे। शुरुआती अनुमानों में एसजीएसटी कलेक्शन, बिजली शुल्क और 25 वर्षों में रोजगार के कारण टैक्स के माध्यम से 500 संयंत्रों के लिए इसे 57,650 करोड़ रुपये बताया गया है।

म्यूचुअल फंड SIP में लगातार बढ़ती निवेश रुचि का संकेत, पहली बार 25,000 करोड़ का आंकड़ा पार

नई दिल्ली अक्टूबर 2024 में म्यूचुअल फंड की मासिक SIP में पहली बार 25,000 करोड़ रुपये का योगदान दर्ज किया गया, जो सितंबर में 24,509 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि में 16,928 करोड़ रुपये था, जिससे SIP में लगातार बढ़ती निवेश रुचि का संकेत मिलता है। अक्टूबर में म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या 21,65,02,804 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। खुदरा म्यूचुअल फंड फोलियो, जिसमें इक्विटी, हाइब्रिड और सॉल्यूशन-ओरिएंटेड योजनाएं शामिल हैं, भी 17,23,52,296 के साथ सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहे, जो सितंबर में 16,81,61,366 थे। खुदरा AUM अक्टूबर में 39,18,611 करोड़ रुपये पर रहा, जबकि सितंबर में यह 40,44,098 करोड़ रुपये था। अक्टूबर में ग्रोथ/इक्विटी-ओरिएंटेड योजनाओं में 41,886.69 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज हुआ। अक्टूबर में 63,69,919 नई SIPs रजिस्टर्ड हुईं, और SIP AUM 13,30,429.83 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। SIP खातों की कुल संख्या अक्टूबर में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर 10,12,34,212 पहुंच गई, जो सितंबर में 9,87,44,171 थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की गहरी पकड़ और निवेशकों की परिपक्वता को दर्शाती है। इंडस्ट्री ने अक्टूबर में रिकॉर्ड AUM 67.26 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया।

खुदरा महंगाई में तेज उछाल के आसार, सब्जी और खाद्य तेल ने डाला जेब पर डाका

नईदिल्ली खाने-पीने की चीजों के दामों में तेज बढ़ोतरी के चलते अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी को पार करते हुए 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. सितंबर 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी रही थी. अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर  (Retail Inflation Rate) आरबीआई (Reserve Bank Of India) के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी के भी पार जा पहुंची है. अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर में भी तेज उछाल देखने को मिला है और ये डबल डिजिट को पार करते हुए 10.87 फीसदी पर जा पहुंची है. डबल डिजिट में खाद्य महंगाई दर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक अक्टूबर 2024 में रिटेल इंफ्लेशन रेट 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. एक साल पहले अक्टूबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 4.23 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 6.68 फीसदी और शहरी इलाकों में 5.62 फीसदी रही है. मंत्रालय ने बताया कि खुदरा महंगाई दर में ये तेज उछाल, सब्जियों, फलों, ऑयल और फैट्स की कीमतों में तेज उछाल के चलते देखने को मिला है. अक्टूबर 2024 में खाद्य महंगाई दर डबल डिजिट में चला गया है और ये 10.87 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.24 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 10.69 फीसदी तो शहरी इलाकों में 11.09 फीसदी रही है. महंगी सब्जियों ने बढ़ाई महंगाई खुदरा महंगाई दर का जो आंकड़ा जारी किया गया है उसके मुताबिक अक्टूबर में सब्जियों की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी आई है. सब्जियों की महंगाई दर 42.18 फीसदी रही है जो सितंबर में 35.99 फीसदी रही थी. दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 2.97 फीसदी रही है. दालों की महंगाई में कमी आई है और घटकर 7.43 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.81 फीसदी रही थी. अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 6.94 फीसदी रही है जो सितंबर में 6.84 फीसदी रही थी. चीनी की महंगाई दर घटकर 2.57 फीसदी, अंडों की महंगाई दर में घटकर 4.87 फीसदी रही है. मीट और मछली की महंगाई दर बढ़कर 3.17 फीसदी रही है.   महंगी EMI से राहत के आसार नहीं खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड की अपर लिमिट 6 फीसदी से बहुत ऊपर 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. जबकि खाद्य महंगाई दर 11 फीसदी के करीब है.  ऐसे में सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि सब्जियों की कीमतों में कमी आने का नाम नहीं ले रही है. दिसंबर 2024 में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी. और अब ये तय है कि आरबीआई रेपो रेट को मौजूदा लेवल पर फिलहाल स्ठिर रखेगा. 10 फीसदी का आंकड़ा छू सकती है खाद्य महंगाई सब्जियों, दालों की कीमतों में उछाल के चलते अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की आशंकाओं को बल दे दिया है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 में खाद्य महंगाई दर असामान्य रूप से बढ़कर 9.24 फीसदी पहुंच गई. जबकि, अगस्त 2024 में खाद्य महंगाई दर 5.66 फीसदी दर्ज की गई थी और उससे पहले जुलाई में 5.42 फीसदी थी. अब अक्टूबर में खाद्य महंगाई दर के थोड़ा और ऊपर जाने पर दबाव बना हुआ है. खाद्य महंगाई दर से कब मिलेगी राहत? भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते सप्ताह के बुधवार को मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिमों पर प्रकाश डाला था. इससे पहले सितंबर 2024 में आई आरबीआई की रिपोर्ट में बेहतर खरीफ फसलों की आवक और अच्छे रबी सीजन की बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक भारत की खाद्य महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई गई है. 

यूरोप में भारत का परिष्कृत ईंधन निर्यात बढ़ा, नवंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से यूरोप को परिष्कृत ईंधन के निर्यात में लगातार वृद्धि की है। यूरोपीय संघ द्वारा रूस से तेल की खरीद पर प्रतिबंध लगाने के बाद, भारत ने यूरोप को परिष्कृत तेल उत्पादों का प्रमुख निर्यातक बनकर उभरते हुए अपनी निर्यात क्षमता को बढ़ाया है। नवंबर में हुआ रिकॉर्ड निर्यात केपलर के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2024 में भारत से यूरोप को परिष्कृत ईंधन का निर्यात 400,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) तक पहुंच गया, जोकि अबतक का सबसे उच्चतम स्तर है। यह संख्या 8 नवंबर को अपडेट की गई थी और महीने के अंत में इसे फिर से संशोधित किया जाएगा। इससे पहले अक्टूबर में भारत ने यूरोप को 335,000 बैरल प्रति दिन परिष्कृत ईंधन का निर्यात किया था, जो सितंबर के मुकाबले 59% अधिक था। भारत का परिष्कृत ईंधन निर्यात इस समय विशेष रूप से बढ़ा है क्योंकि सऊदी अरब की यानबू रिफाइनरी नवंबर और दिसंबर में रखरखाव के लिए बंद रहेगी। इसके कारण सऊदी अरब से यूरोप को परिष्कृत ईंधन का निर्यात कम हो जाएगा और भारत से डीजल की निर्यात की मांग बढ़ने की संभावना है। भारत का प्रमुख निर्यातक बनना भारत की रिलायंस जामनगर रिफाइनरी, जो परिष्कृत तेल उत्पादों का प्रमुख निर्माता है, ने यूरोप को बढ़े हुए निर्यात में अहम भूमिका निभाई है। रिलायंस की रिफाइनरी ने अक्टूबर में 335,000 बैरल प्रति दिन और नवंबर में 440,000 बैरल प्रति दिन तक निर्यात भेजने का अनुमान जताया है। रिफाइनरी के बंद होने से बढ़ी मांग यूरोप में रिफाइनरियों के रखरखाव के कारण उत्पादन में कमी आई है, जिससे यूरोप में परिष्कृत तेल उत्पादों की आपूर्ति सीमित हो गई है। साथ ही सर्दियों के मौसम में डीजल की खपत बढ़ने से भारत का निर्यात और अधिक बढ़ा है। भारत मुख्य रूप से यूरोप को डीजल और जेट ईंधन निर्यात करता है। भारत का निर्यात आंकड़ा बता दें कि 2024-25 के पहले 10 महीनों में भारत का यूरोप को ईंधन निर्यात 2,551 हजार बैरल प्रति दिन (केबीडी) रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,672 केबीडी था। 2022 में यह आंकड़ा 1,459 केबीडी था, जो अब काफी बढ़ चुका है। भारत से यूरोप को निर्यात वहीं भारत ने अक्टूबर में यूरोप को 238,000 बीपीडी डीजल और 81,000 बीपीडी जेट ईंधन निर्यात किया जबकि सितंबर में ये आंकड़े क्रमशः 79,000 बीपीडी डीजल और 131,000 बीपीडी जेट ईंधन के थे। अंत में बता दें कि भारत का परिष्कृत ईंधन निर्यात इस समय यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है, और आने वाले महीनों में यह निर्यात और बढ़ने की संभावना है।  

घरेलू शेयर बाजार में बैंकिंग, वित्तीय और ऑटो शेयरों में गिरावट के कारण भारी गिरावट रही

मुंबई घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को तेजी के साथ खुले लेकिन बैंकिंग, वित्तीय और ऑटो शेयरों में गिरावट के कारण इसमें भारी गिरावट रही। आय के मोर्चे पर कंपनियों के निराशाजनक प्रदर्शन और विदेशी निवेशकों की निकासी से बाजार में गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 820.97 अंक यानी 1.03% गिरावट के साथ 78,675.18 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स भी 257.85 अंक यानी 1.07 अंक की गिरावट के साथ 23,883.45 अंक पर आ गया। इस गिरावट से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5.76 लाख करोड़ रुपये घटकर 436.78 लाख करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस सेंसेक्स में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयर रहे। इनमें 2-3% की गिरावट आई। अकेले एचडीएफसी बैंक ने सेंसेक्स में कुल गिरावट में 324 अंकों का योगदान दिया। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी. के. विजयकुमार ने कहा कि कंसोलिडेट कर रहे मार्केट में दो मजबूत कारक काम कर रहे हैं। पहला, एफआईआई द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने मंदड़ियों को लाभ पहुंचाया है। इसने बाजार को नीचे की ओर खींचा है। दूसरा, डीआईआई की निरंतर खरीद ने बाजार को सहारा दिया है। आज की बिकवाली में प्रमुख कारक इस प्रकार हैं: 1. एशियाई बाजारों में गिरावट मंगलवार को एशियाई शेयरों में गिरावट आई। इसकी वजह चीनी बाजारों और सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट रही। निवेशकों ने अमेरिका में राष्ट्रपति निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर चिंता जताई। इस बीच, बिटकॉइन रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। उम्मीद की जा रही थी कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह अच्छा प्रदर्शन करेंगी। बाजार आशावादी हैं कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल कर कटौती और कम रेगुलेशन लाएगा। इससे इक्विटी को बढ़ावा मिलेगा। इस आशावाद ने बिटकॉइन को $89,637 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचाने में मदद की। 2. एफआईआई की बिकवाली 11 नवंबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने अपनी बिकवाली की प्रवृत्ति को बनाए रखा और 2,306 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे। इस बीच, नवंबर में अब तक, एफआईआई ने 23,547 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे हैं जबकि अक्टूबर में 94,017 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे गए थे। 3. तेल में उतार-चढ़ाव मंगलवार को तेल की कीमतों में थोड़ा बदलाव हुआ। ओपेक की मासिक रिपोर्ट से आगे का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। चीन की नई प्रोत्साहन योजना और अधिक आपूर्ति के मुद्दों पर निवेशकों की चिंताओं ने धारणा को प्रभावित किया। ब्रेंट क्रूड वायदा 4 सेंट बढ़कर $71.87 प्रति बैरल हो गया, जबकि यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड वायदा 1 सेंट गिरकर $68.03 प्रति बैरल हो गया। 4. रुपये में गिरावट भारतीय रुपया मंगलवार को अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। चीनी युआन और अन्य क्षेत्रीय करेंसीज में गिरावट के कारण दबाव में आया। अमेरिकी चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद अमेरिकी डॉलर में तेजी जारी रही। हालांकि, व्यापारियों ने कहा कि RBI के संभावित हस्तक्षेप ने मुद्रा की गिरावट को रोकने में मदद की। शुरुआती कारोबार में रुपया 84.40 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 84.3925 के अपने पिछले सर्वकालिक निचले स्तर से थोड़ा आगे निकल गया। यह पिछली बार 84.3950 पर लगभग स्थिर था। 5. महंगाई के आंकड़े बाजार बंद होने के बाद महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे। विश्लेषकों को उम्मीद है कि अक्टूबर के मुद्रास्फीति के आंकड़े बढ़कर 5.8% के आसपास पहुंच जाएंगे, जो 14 महीने का उच्चतम स्तर है। यह डेटा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है। इससे यह तय होगा कि आरबीआई दिसंबर में 25 आधार अंकों की दर कटौती के साथ आगे बढ़ेगा या नहीं।

प्रदीप टंडन PHDCCI की राज्य परिषद के चेयरमैन नियुक्त हुए

नई दिल्ली चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जो पिछले 119 वर्षों से भारतीय उद्योग, व्यापार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार मुख्य स्त्रोत के रूप में काम कर रहा है। जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के प्रेसिडेंट प्रदीप टंडन राज्य परिषद के चेयरमैन नियुक्त हुए है । चैम्बर दूरदर्शी, सक्रिय ,गतिशील एवं अखिल भारतीय शीर्ष संगठन है,जोकि उद्योग की प्रगति के लिए सरकार के साथ भागीदार के रूप मे कार्य करता है।PHDCCI भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति, सदभाव और एकीकृत विकास को बढ़ावा देने के लिए मजबूत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ जमीनी स्तर पर काम करता हैं, ये संगठन भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कई क्षेत्रों में 1,50,000 से अधिक छोटे बड़े एवम मध्यम उद्योगों से जुड़ा हुआ है.   PHDCCI भारत और विदेशों में दूतावास और हाय कमीशन के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और व्यावसायिक अवसरों को लाने के लिए भी काम कर रहा हैं। PHDCCI का अंतरराष्ट्रीय कार्यालय बहरीन में 6 जीसीसी देशों के लिए स्थापित है। PHDCCI ने पार्टियों के बीच हस्ताक्षरित 100 से अधिक समझौता ज्ञापनों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योग संघों और संगठनों को सहयोजित किया हैं। देश में क्षमता निर्माण की दिशा में अपने प्रयास में पीएचडी चैंबर जर्मनी के कोनराड एडेनायर फाउंडेशन के सहयोग से केंद्रित उद्यमशीलता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित भी करता हैं। चैंबर का मुख्यालय दिल्ली में हैं और उसके क्षेत्रीय कार्यालय तमिलनाडु,उड़ीसा और पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्यों में स्थापित है।

Zomato का नया फीचर, बेहद कम दाम पर मिलेगा कैंसल आर्डर! जाने क्या है प्लान

मुंबई ऑनलाइन फूड डिलीवरी जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने नए फीचर का ऐलान किया है. इस फीचर का नाम Food Rescue है. इस फीचर के तहत यदि किसी ने अपना ऑर्डर कैंसिल किया, तो जोमैटा आसपास के ग्राहकों को ऑफर देगा कि वो इस ऑर्डर को किफायती दर पर ले सकते हैं. दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘जोमैटो पर हम ऑर्डर कैंसिल करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते, क्योंकि इससे बहुत सारा खाना बर्बाद होता है.’  चार लाख से ज्यादा ऑर्डर हो रहे कैंसिल जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘सख्त नियमों और कैंसिलेशन पर नो रिफंड पॉलिसी होने के बावजूद, चार लाख से ज्यादा अच्छे-खासे ऑर्डर कस्टमर द्वारा अलग-अलग वजहों से जोमैटो में कैंसिल कर दिए जाते हैं. हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता है कि, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और यहां तक कि ऑर्डर कैंसिल करने वाले ग्राहकों की भी सबसे बड़ी चिंता है कि किसी तरह खाने की बर्बादी को रोका जाए.आज, हम एक नया फीचर ला रहे हैं (जिसे अभी लागू किया जा रहा है) – फूड रेस्क्यू!’ आस-पास के ग्राहकों को दिखेंगे कैंसिल किए ऑर्डर   दीपेंद्र गोयल ने पोस्ट में आगे लिखा, ‘कैंसिल किए गए ऑर्डर अब आस-पास ग्राहकों को दिखाई देंगे. ये ऑर्डर उन्हें बेहद कम दाम पर, उनकी असली पैकेजिंग और कुछ ही मिनटों में डिलीवर होंगे. कैंसिल किया गया ऑर्डर उस डिलीवरी पार्टनर के तीन किमी दायरे में कस्टमर के ऐप पर दिखाई देगा, जो ऑर्डर लेकर जा रहा है. हालांकि, खाने की ताजगी बनी रहे, इसके लिए ऑर्डर लेने का ऑप्शन केवल कुछ ही मिनटों के लिए उपलब्ध होगा. सरकारी टैक्स को छोड़कर जोमैटो इस पर कोई भी मुनाफा नहीं कमाएगा.’   इन आइटम्स में नहीं लागू होगा फीचर   दीपेंद्र गोयल ने बताया कि आइसक्रीम, शेक, स्मूदी जैसे ऑर्डर और खराब होने वाली चीजें जैसे दूरी या टेंपरेचर के प्रति संवेदनशील प्रोडक्ट्स, इस फीचर के लिए योग्य नहीं होंगे. वहीं, रेस्टोरेंट के मालिकों को मूल कैंसिल किए गए ऑर्डर का मुआवजा पहले की तरह मिलते रहेगा. इसके साथ ही यदि नए फीचर के तहत ऑर्डर लिया जाता है तो नए कस्टमर द्वारा किए गए पेमेंट का एक हिस्सा भी मिलेगा.’ डिलीवरी पार्टनर को मिलेगा पूरा भुगतान बकौल दीपेंद्र गोयल, ‘अभी तक ज्यादातर रेस्टोरेंट ने इस सुविधा को चुन लिया है. वे जब चाहें अपने कंट्रोल पैनल से इसे आसानी से बंद कर सकते हैं. डिलीवरी पार्टनर को शुरुआती पिकअप करने से लेकर नए ग्राहक के लोकेशन पर ड्रॉप ऑफ तक पूरा भुगतान कियाजाएगा. यदि आपके लिए कोई कैंसिल किया ऑर्डर उपलब्ध है, फूड रेस्क्यू आपके होम पेज पर अपने आप दिखाई देगा. बचाए जाने वाले किसी भी नए उपलब्ध ऑर्डर की जांच के लिए अपने होम पेज को रिफ्रेश करें.’

शादी सीजन में सोना-चांदी हुआ सस्ता, पढ़ें आपके शहर में क्या है गोल्ड और सिल्वर के भाव

इंदौर सोने-चांदी की कीमत में भारी गिरावट आई है। धनतेरस के बाद से लेकर अब तक सोने की कीमत में करीब 4 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है। वहीं चांदी भी तब से लेकर अब तक करीब 10 हजार रुपये सस्ती हुई है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक सोमवार को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 77 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं चांदी करीब 91 हजार रुपये प्रति किलो पर है। फेस्टिवल सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी के चलते इनकी कीमत काफी बढ़ गई थी। सोने की कीमत जहां 81 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी, वहीं चांदी भी एक लाख रुपये के पार पहुंच गई थी। इसके बाद इनकी कीमत में गिरावट का दौर जारी है। जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमत में फिर से तेजी देखी जा सकती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स के अनुसार 8 नवंबर की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 77382 रुपये थी। 11 नवंबर को 999 वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 77027 रुपये हो गई है। 8 नवंबर की शाम को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 91130 रुपये थी। 11 नवंबर को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 90833 रुपये हो गई है। 11 नवंबर को 995 शुद्धता वाले सोने की कीमत 76719 रुपये हो गई है। 916 शुद्धता वाले सोने की कीमत 70557 रुपये हो गई है। 750 शुद्धता वाले सोने की कीमत 57770 रुपये हो गई है। 585 शुद्धता वाले सोने की कीमत 45061 रुपये हो गई है। कितनी गिरी सोने की कीमत? फेस्टिव सीजन के दौरान 23 अक्टूबर को 24 कैरेट गोल्ड का दाम 81,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। लेकिन इसके बाद से इसमें गिरावट देखने को मिल रही है। और अब यह 77 हजार रुपये हो गई है यानी 4 हजार रुपये से ज्यादा की कमी आई है। वहीं बात अगर MCX की करें तो धनतेरस वाले दिन यानी 29 अक्टूबर को सोने की कीमत 79281 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अब यह 76660 रुपये पर है। ऐसे में इसमें 2500 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है। चांदी कितनी सस्ती हुई? धनतेरस के समय चांदी की कीमत एक लाख रुपये प्रति किलो पार हो गई थी। वहीं अब यह करीब 91 हजार रुपये पर आ गई है। ऐसे में तब से लेकर अब तक चांदी की कीमत में करीब 10 हजार रुपये की गिरावट आई है। वहीं एमसीएक्स पर भी चांदी की कीमत में गिरावट आई है। धनतेरस वाले दिन चांदी की कीमत 99332 रुपये प्रति किलो थी। अब यह 91154 रुपये पर है। ऐसे में यहां भी चांदी की कीमत में धनतेरस से लेकर अब तक 8178 रुपये की कमी आई है। क्यों आई इन धातुओं में गिरावट?     कीमतों में गिरावट की वजह फेस्टिव सीजन के बाद लगातार मांग में गिरावट को माना जा रहा है।     अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव खत्म हो चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप की जीत से निवेशक ज्यादा जोखिम वाले निवेश की ओर आकर्षित हुए हैं। यही कारण है कि सोने की मांग में कमी और क्रिप्टोकरेंसी में तेजी आई है।     अंतरराष्ट्रीय बाजार में सेंटीमेंट कमजोर होने के कारण सोने की मांग में कमी आई है। इससे भी इसकी कीमत गिरी है। कब बढ़ेगी कीमत? जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमत जल्द ही बढ़ सकती है। कल यानी 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। कल से शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में सोने और चांदी की मांग में फिर से तेजी आने की उम्मीद है, जिससे इसकी कीमत में उछाल आ सकता है। अगर आप सोने-चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं तो इन धातुओं को खरीदने का यह सही समय हो सकता है। भारत के 7 प्रमुख महानगर शहरों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव लखनऊ (Gold Price In Lucknow) 76860 इंदौर (Gold Rate In Indore) 76760 मुंबई (Gold Price In Mumbai) 76760 दिल्ली (Gold Price In Delhi) 76860 जयपुर (Gold Rate In Jaipur) 76900 कानपुर (Gold Rate In Kanpur) 76860 मेरठ (Gold Rate In Meerut) 76860 मिस्ड कॉल लगाकर जानें सोने-चांदी का भाव ibja केंद्र सरकार की छुट्टियों और शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं करता है। आपको 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का रेट जानना है, तो 8955664433 पर मिस्ड कॉल सकते हैं। मिस्ट कॉल के कुछ ही समय बाद एसएमएस के जरिए रेट्स मिल जाते हैं। गोल्ड या सिल्वर का रेट जानने के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर भी जा सकते हैं।

आज Vistaraभरेगी आखिरी उड़ान, मर्जर के पहले Tata Group को दे गई ₹3,195 करोड़

 नई दिल्ली भारतीय एविएशन सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर है. दरअसल, टाटा ग्रुप (Tata Group) और सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines) की हिस्सेदारी वाली एयरलाइंस कंपनी विस्तारा आज अपनी आखिरी उड़ान (Vistara Last Flight) भरेगी. कल यानी मंगलवार 12 नवंबर से इसका मर्जर एयर इंडिया (Air India) में हो जाएगा और इसके बाद इसका पूरा ऑपरेशन एयर इंडिया द्वारा ही संचालित किया जाएगा. विस्तारा के 1.15 लाख यात्री करेंगे एयर इंडिया का सफर विस्तारा के विमान कल से आसमान में उड़ान भरते नजर नहीं आएंगे, इसका मर्जर 12 नवंबर को एयर इंडिया में होने जा रहा है और फिर Air India ही इसका संचालन करेगी. आज ये एयरलाइंस अपने नाम से ही आखिरी उड़ान भगेगी. मर्जर के बाद ज्वाइंट वेंचर में सिंगापुर एयरलाइंस को नई इंटीग्रेटेड एयरलाइन में 25.1 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल होगी. इस मर्जर के बाद पहले महीने में विस्तारा टिकट (Vistara Air Ticket) वाले 1,15,000 से ज्यादा यात्री एयर इंडिया की फ्लाइट्स में यात्रा करेंगी. कंपनी की ओर से कहा गया है कि यात्रियों को विस्तारा जैसा ही अनुभव होगा 2022 में किया गया था मर्जर का ऐलान Air India-Vistara मर्जर का ऐलान 29 नवंबर, 2022 को किया गया था और इसकी डेडलाइन 12 नवंबर तय की गई थी, जो कि कल है. खास बात ये है कि दोनों एयरलाइंस के मर्जर के बाद सिंगापुर एयरलाइंस, एयर इंडिया में 3195 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इन्वेस्टमेंट करेगी, जिसके चलते उसकी एयर इंडिया में 25.1 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी. बता दें कि Vistara Airlines की शुरुआत टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस द्वारा मिलकर 2015 में की गई थी और इसमें जिसमें Singapore Airlines की 49%, जबकि टाटा ग्रुप की 51% हिस्सेदारी थी. नए कोड के साथ उड़ान भरेंगे विमान Vistara आज अपनी आखिरी फ्लाइट ऑपरेट करेगी और एयर इंडिया में विलय के बाद एयरलाइन अब ‘2’ से शुरू होने वाले फ्लाइट कोड के साथ काम करती नजर आएगी, उदाहरण के तौर पर समझें तो यूके 955 फ्लाइट के लिए अब AI 2955 कोड का इस्तेमाल किया जाएगा. इस चेंज के बाद संचालन सुचारू रूप से चलता रहे और यात्रियों को कोई असुविधा न हो. इसके लिए एयरपोर्ट्स (Airports) पर हेल्प डेस्क कियोस्क स्थापित होंगे. विस्तारा ने पोस्ट शेयर कर दी जानकारी विस्तारा एयरलाइंस की ओर से अपने ग्राहकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) के जरिए पोस्ट के माध्यम से अपडेटेड जानकारी दी गई है कि, ‘क्लब विस्तारा ने एयर इंडिया फ्लाइंग रिटर्न्स के साथ हाथ मिलाकर महाराजा क्लब बनने का फैसला किया है. कृपया ध्यान दें कि नए साइन-अप सहित आपके खाते तक पहुंच उपलब्ध नहीं होगी. आप 12 नवंबर से http://airindia.com पर अपने खाते तक पहुंच सकेंगे, थैंक्यू.’  

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