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भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक, 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान

भारत के घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाएगी: नायडू मंत्री के. राममोहन नायडू ने  कहा कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक, 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान नई दिल्ली  नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने  कहा कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान है। साथ ही हवाई अड्डों के विकास पर करीब 11 अरब डॉलर खर्च किए जा रहे हैं। ‘फ्रेंच एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज एसोसिएशन’ (जीआईएफएएस) की ओर से राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस एक मजबूत वैश्विक एसएएफ (सतत विमानन ईंधन) आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एयरलाइंस अपने बेड़े के साथ-साथ तंत्र का भी विस्तार कर रही हैं। नायडू ने कहा कि 2030 तक घरेलू हवाई यात्री यातायात 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि अगले 20-25 वर्षों में 200 और हवाई अड्डों के विकसित होने की उम्मीद है। भारत में वर्तमान में 157 हवाई अड्डे, हेलीपोर्ट और वॉटरड्रोम हैं। 2025 के अंत तक चालू हवाई अड्डों की संख्या 200 तक पहुंचने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी की संभावनाएं अपार हैं।    

गौतम अडानी त्योहारी सीजन में 10,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की तैयारी में

नई दिल्ली  भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी सीमेंट सेक्टर में बड़ी खरीदारी की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप ने जर्मनी की कंपनी हीडलबर्ग मैटेरियल्स के भारत में सीमेंट कारोबार को खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। इस खरीदारी की अगुवाई ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स करेगी। माना जा रहा है कि यह डील 1.2 अरब डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) में हो सकती है। यदि यह डील सफल होती है तो इससे इंडस्ट्री में चल रही कंसोलिडेशन की रेस तेज होगी। देश की की टॉप सीमेंटकंपनी अल्ट्राटेक भी अपनी पोजीशन को बनाए रखने के लिए कंपनियों का अधिग्रहण कर रही है। अडानी ग्रुप अभी देश की दूसरी बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी है। उसने साल 2022 में होलसिम के भारतीय बिजनस को खरीदकर सीमेंट इंडस्ट्री में एंट्री की थी। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप होलसिम की तरह हीडलबर्ग के साथ भी डील को तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। 30 जून, 2024 को अंबुजा सीमेंट्स के पास 18,299 करोड़ रुपये की नकदी समकक्ष थे। हालांकि एक सूत्र ने कहा कि अगर दूसरे दावेदार भी आगे आते हैं तो अडानी ग्रुप इससे बाहर निकल सकता है। जर्मन कंपनी भारत में लिस्टेड हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया और अनलिस्टेड जुआरी सीमेंट के जरिए ऑपरेट करती है। भारत में हीडलबर्ग का बिजनस हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया का मार्केट कैप 4,957 करोड़ रुपये है और इसमें 69.39% हिस्सेदारी मूल कंपनी की है। हीडलबर्ग दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादकों में से एक है और 50 देशों में मौजूद है। सूत्रों ने कहा कि हीडलबर्ग हेडक्वार्टर के एक सीनियर अधिकारी अडानी ग्रुप के साथ बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि उत्पादन क्षमता को लेकर मतभेद हो सकते हैं। हीडलबर्ग का दावा है कि उसकी क्षमता लगभग 14 मिलियन टन है लेकिन यह कम हो सकती है। यह वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकती है। हीडलबर्ग ने साल 2006 में मैसूर सीमेंट, कोचीन सीमेंट और इंडोरामा सीमेंट के जॉइंट वेंचर के अधिग्रहण के साथ भारत में प्रवेश किया था। कंपनी का दावा है कि साल 2016 में इटालसीमेंटी के अधिग्रहण के बाद भारत में उसकी उत्पादन क्षमता 14 मिलियन टन पहुंच गई। इस बारे में हीडलबर्ग और अडानी ग्रुप ने प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया।  

ड्रैगन के डर से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स में पिछले 6 कारोबारी दिन के दौरान 4786 अंक की गिरावट देखने को मिली

मुंबई शेयर बाजार में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में आज फिर से भारी गिरावट देखने को मिली है। चीनी मार्केट में बेहतर संभावनाओं को देखते हुए विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार घरेलू शेयर बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। जिसकी वजह से सेंसेक्स में पिछले 6 कारोबारी दिन के दौरान 4786 अंक की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, आज बीएसई सेंसेक्स 638 अंक की गिरावट के साथ 81,050 पर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.87 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,795.75 पर बंद हुआ है। आज दिन में सेंसेक्स 962 अंक की गिरावट के बाद 80,726 अंक पर आ गया था। वहीं, निफ्टी 24,700 के नीचे लुढ़क गया था।  शेयर मार्केट में एक बार फिर भूचाल आ गया है। सेंसेक्स 887अंक लुढ़क कर 80787 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24716 पर आ गया है। यह 298 अंक टूट चुका है। शेयर मार्केट में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अच्छी शुरुआत के बाद मार्केट अब बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। सेंसेक्स 694 अंक नीचे 80993 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24770 पर आ गया है। सभी सेक्टोरल इंडेक्स भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्ट मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स, एफएमसीजी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी भारी गिरावट है। शेयर मार्केट में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अच्छी शुरुआत के बाद मार्केट अब बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। सेंसेक्स 575 अंक नीचे 81113 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24809 पर आ गया है। आज के हाई से यह करीब 340 अंक लुढ़क चुका है। एनटीपीसी और अडानी पोर्ट्स 4 पर्सेंट से अधिक टूट चुके हैं। पावर ग्रिड, कोल इंडिया और बीईएल में 3 फीसद से अधिक की तेजी है। शेयर मार्केट सुबह की बढ़त गंवाकर अब लाल निशान पर आ गया है। सेंसेक्स आज के हाई से 1000 अंक टूट चुका है। आज सेंसेक्स ने 81,139.62 का लो बनाया। सेंसेक्स 228 अंक टूटकर 81460 पर आ गया है। निफ्टी भी गिरावट का शतक लगाकर 24907 पर आ गया है। शेयर मार्केट ने सुबह की बढ़त गंवा दी है। सेंसेक्स आज के हाई 82137 के लेवल से गरकर अब 81695 पर आ गया है। दूसरी निफ्टी 29 अंकों की गिरावट के साथ 24985 पर है। आज यह 25143 तक पहुंचा था। निफ्टी टॉप लूजर में आज अडानी पोर्ट्स, बीईएल, ओएनजीसी, कोल इंडिया और अडानी एंटरप्राइजेज हैं, जिनमें 2.39 से लेकर 2.94 पर्सेंट तक की गिरावट है। शेयर मार्केट अभी भले ही हरे निशान पर है, लेकिन सुबह की बढ़त कम हो गई है। आईटीसी में 2 पर्सेंट से अधिक की तेजी है। कोटक बैंक में 1 पर्सेंट की बढ़त है इसके बावजूद सेंसेक्स केवल 123 अंक नीचे 81812 पर है। क्योंकि, टाइटन, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड समेत दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। शेयर मार्केट पांच दिन से चली आ रही गिरावट पर आज ब्रेक लग गया है। अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 238 अंकों की बढ़त के साथ 81926 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 69 अंक ऊपर 25084 पर खुलने में कामयाब रहा। घरेलू शेयर मार्केट में लगातार 5 सेशन से चल रहा गिरावट का सिलसिला आज थम सकता है। क्योंकि, ग्लोबल संकेत कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं। आज सप्ताह के पहले दिन सोमवार 7 अक्टूबर को एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। Gift Nify ने भी अच्छे संकेत दिए हैं। रॉयटर्स ने बताया कि अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए नवंबर में 50 बीपीएस के बजाय सिर्फ 25 बीपीएस कटौती करने के लिए बाजार की उम्मीदें चरम पर पहुंच गई हैं। सीएमई के फेडवॉच टूल के अनुसार व्यापारियों ने अब एक चौथाई अंक की कटौती की 95 फीसद संभावना में उम्मीद लगाई, जो पिछले सप्ताह के मध्य में 65 फीसद से ऊपर थी, और कोई कटौती नहीं होने का 5 फीसद मौका था। इससे पहले शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के सूचकांक लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे लगातार पांचवें सत्र में नुकसान हुआ। सेंसेक्स 808.65 अंक या 0.98 फीसद की गिरावट के साथ 81,688.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 235.50 अंक या 0.93 फीसद की गिरावट के साथ 25,014.60 पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में आए भूचाल से सहमे अडानी ग्रुप के स्टॉक्स, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, निफ्टी 24700 के करीब

मुंबई शेयर मार्केट में लगातार छठे दिन गिरावट है। इस गिरावट की चपेट में अडानी ग्रुप के शेयर भी आ गए हैं। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी गिरावट है। अडानी पोर्ट्स 4.11 पर्सेंट टूटकर सेंसेक्स और निफ्टी में टॉप लूजर है। अडानी टोटल गैस 2.94 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.96 पर्सेंट टूटा है। अडानी ग्रुप की बेंचमार्क कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज भी 3.35 पर्सेंट नीचे है और अडानी पावर भी 3.72 पर्सेंट पस्त है। अडानी एनर्जी सॉल्यूशन भी 3.19 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.80 पर्सेंट नीचे ट्रेड कर रहा है। एसीसी में 4.44 पर्सेंट, अंबुजा सीमेंट 3.15 और एनडीटीवी में 2.99 पर्सेंट गिरा है। यह स्थिति दोपहर डेढ़ बजे के आसपास की है। बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम गिरावट की इस आंधी में बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम हैं। बैंक निफ्टी 1.66 पर्सेंट गिरा है। निफ्टी ऑटो 0.87 पर्सेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज 1.48 पर्सेंट, एफएमसीजी में 0.33 पर्सेंट, मेटल में 2.28 पर्सेंट की गिरावट है। आईटी ही एक ऐसा इंडेक्स है, जिसमें 0.61 पर्सेंट की तेजी है। निफ्टी मीडिया में 3.31 पर्सेंट की भारी गिरावट है। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.17 पर्सेंट की गिरावट है। प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 1.72 पर्सेंट लुढ़का है। रियल्टी भी 0.98 पर्सेंट गिरा है। हेल्थ केयर भी 0.41 पर्सेंट लुढ़का है। कंज्यूमर ड्यूराबेल्स भी 2.08 पर्सेंट टूट चुका है। ऑयल एंड गैस भी 2.44 पर्सेंट गिरा है। Adani Group Stocks: शेयर मार्केट में लगातार छठे दिन गिरावट है। इस गिरावट की चपेट में अडानी ग्रुप के शेयर भी आ गए हैं। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी गिरावट है। अडानी पोर्ट्स 4.11 पर्सेंट टूटकर सेंसेक्स और निफ्टी में टॉप लूजर है। अडानी टोटल गैस 2.94 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.96 पर्सेंट टूटा है। अडानी ग्रुप की बेंचमार्क कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज भी 3.35 पर्सेंट नीचे है और अडानी पावर भी 3.72 पर्सेंट पस्त है। अडानी एनर्जी सॉल्यूशन भी 3.19 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.80 पर्सेंट नीचे ट्रेड कर रहा है। एसीसी में 4.44 पर्सेंट, अंबुजा सीमेंट 3.15 और एनडीटीवी में 2.99 पर्सेंट गिरा है। यह स्थिति दोपहर डेढ़ बजे के आसपास की है। बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम गिरावट की इस आंधी में बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम हैं। बैंक निफ्टी 1.66 पर्सेंट गिरा है। निफ्टी ऑटो 0.87 पर्सेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज 1.48 पर्सेंट, एफएमसीजी में 0.33 पर्सेंट, मेटल में 2.28 पर्सेंट की गिरावट है। आईटी ही एक ऐसा इंडेक्स है, जिसमें 0.61 पर्सेंट की तेजी है। निफ्टी मीडिया में 3.31 पर्सेंट की भारी गिरावट है। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.17 पर्सेंट की गिरावट है। प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 1.72 पर्सेंट लुढ़का है। रियल्टी भी 0.98 पर्सेंट गिरा है। हेल्थ केयर भी 0.41 पर्सेंट लुढ़का है। कंज्यूमर ड्यूराबेल्स भी 2.08 पर्सेंट टूट चुका है। ऑयल एंड गैस भी 2.44 पर्सेंट गिरा है। शेयर मार्केट में एक बार फिर भूचाल बता दें शेयर मार्केट में एक बार फिर भूचाल आ गया है। सेंसेक्स 887अंक लुढ़क कर 80787 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24716 पर आ गया है। यह 298 अंक टूट चुका है। इससे पहले आज सुबह शेयर मार्केट में पांच दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया था। सेंसेक्स 238 अंकों की बढ़त के साथ 81926 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 69 अंक ऊपर 25084 पर खुलने में कामयाब रहा था।

रतन टाटा की तबीयत खराब, मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के ICU में हुए भर्ती

मुंबई जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा की तबियत खराब है और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. टाटा संस के चेयरमैन ऐमिरेट्स रतन टाटा की आयु 86 वर्ष है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया है.  उन्हें सोमवार की सुबह अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. बता दें कि रतन टाटा को गंभीर हालत में रात 12:30 से 1:00 बजे के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया था और उन्हें तुरंत आईसीयू में ले जाया गया, जहां जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शारुख अस्पी गोलवाला की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. 1962 में शुरू हुई असल कहानी 28 दिसंबर 1937 को तत्कालीन बॉम्बे जो अब मुंबई के नाम से जाना जाता है. वहां रतन टाटा का जन्म हुआ. वह टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा के परपोते हैं. वे 1990 से 2012 तक समूह के अध्यक्ष थे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम अध्यक्ष थे. रतन टाटा समूह के धर्मार्थ ट्रस्टों के प्रमुख बने हुए हैं. टाटा की असल कहानी 1962 में शुरू हुई जब वे टाटा समूह में शामिल हुए. उन्होंने 1990 में समूह के अध्यक्ष बनने से पहले कई कार्य किए और धीरे-धीरे बिजनेस की सीढ़ी चढ़ते गए. उनके कार्यकाल में टाटा समूह ने घरेलू और विदेश दोनों ही स्तरों पर पर्याप्त वृद्धि और विस्तार का अनुभव किया. टाटा की दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच ने कंपनी को टेलीकॉम, रिटेल और ऑटो जैसे नए उद्योगों में विस्तार करने की अनुमति दी. सरकार ने किया सम्मानित टाटा की सबसे खास उपलब्धियों में से एक 2008 में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण था, जो टाटा समूह के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था. परोपकार और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित अनगिनत सम्मान दिलाए हैं. कैसा रहा रतन टाटा का करियर (Ratan Tata Profile) 28 दिसंबर, 1937 को बॉम्बे (अब मुंबई), भारत में जन्मे रतन टाटा, टाटा ग्रुप के फाउंडर जमशेदजी टाटा के परपोते हैं। वे 1990 से 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम चेयरमैन रहे। रतन टाटा ग्रुप के चैरिटी ट्रस्ट्स के प्रमुख बने हुए हैं। टाटा का करियर 1962 में शुरू हुआ जब वे टाटा ग्रुप में शामिल हुए। उन्होंने 1990 में चेयरमैन बनने से पहले ग्रुप में अलग-अलग पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल में, टाटा ग्रुप ने घरेलू और विदेशी दोनों ही लेवल पर शानदार ग्रोथ और विस्तार किया। क्या रही खास उपलब्धि टाटा की दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच के जरिए ग्रुप टेलीकॉम, रिटेल और ऑटो जैसे नए सेक्टरों में दाखिल हुआ। टाटा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2008 में जगुआर लैंड रोवर को खरीदना था, जो टाटा ग्रुप के इतिहास में एक अहम पल था। पद्म विभूषण से सम्मानित चैरिटी और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति रतन टाटा के समर्पण ने उन्हें अनगिनत सम्मान दिलाए हैं, जिनमें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण और पद्म विभूषण भी शामिल हैं। अपने पूरे करियर के दौरान, रतन टाटा को उनके असाधारण लीडरशिप के लिए जाना जाता रहा है।  

खुदरा बाजार में 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंची टमाटर की कीमत, सेब की थोक कीमत 40 से 80 रुपये प्रति किलो

नई दिल्ली  सब्जी मंडियों में इन दोनों टमाटर के भाव आसमान को छू रहे हैं। हालत यह है कि टमाटर के मुकाबले सेब सस्ता है। जबकि ऐसा कई सालों में एक या दो बार ही होता है। इसकी वजह से लोगों के किचन का बजट बिगड़ गया है। जिससे कारोबारी से लेकर आम आदमी तक परेशान हैं। सप्लाई कम होना है कारण? गाजीपुर सब्जी मंडी, ओखला सब्जी मंडी, आजादपुर सब्जी मंडी बल्कि दिल्ली के सभी सब्जी मंडियों में इन दिनों टमाटर की सप्लाई कम होने से टमाटर के दाम बढ़ रहे हैं। आजादपुर सब्जी मंडी के वेजिटेबल ट्रेडर्स असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अनिल मल्होत्रा ने कहा इसी समय पिछले साल टमाटर की रोजाना 35 से 40 गाड़ियां आती थी। लेकिन बेंगलुरु और सोलापुर से इस समय मंडी में 15 से 20 गाड़ियां ही आ रही हैं। मंडी में इस समय टमाटर का थोक दाम 70 से 80 रुपये प्रति किलो है। जबकि खुदरा मंडी में टमाटर का दाम 110 रुपये से पार हो गया है। वहीं, फल मंडी के कारोबारी ने बताया कि सेब की थोक कीमत 40 रुपये से 80 रुपये प्रति किलो है। लहसुन के घट गए रेट नवरात्र की वजह से इन दिनों सब्जी मंडी में लहसुन की कीमत घट गई है। पहले लहसुन की कीमत थोक मंडी में 300 रुपये प्रति किलो थी। जो अब घटकर 200 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं, प्याज की कीमत नवरात्र में कम नहीं हुई है। खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो है।

शेयर बाजार की आज मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 25,100 के ऊपर

 मुंबई भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त क साथ खुले.इसके पीछे की वजह यह है कि एशियाई बाजारों में बढ़त के कारण वैश्विक बाजारों में सेंटीमेंट कुछ हद तक स्थिर हुआ, क्योंकि  इज़राइल और ईरान के बीच हालात थोड़े शांत हैं. बाजार खुलते ही लगभग 9:17 बजे बीएसई सेंसेक्स 412 अंकों यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,100 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में 121 अंकों यानी 0.48 प्रतिशत की तेजी आई और यह  25,135 पर पहुंच गया. पिछले सप्ताह, निफ्टी 50 और एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स दोनों का प्रदर्शन  पिछले दो साल से अधिक समय में सबसे खराब  रहा . मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर विदेशी निवेशकों के सेंटिमेंट पर देखा गया. शुक्रवार का बाजार कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुआ. बीएसई पर सेंसेक्स 801 अंकों की गिरावट के साथ 81,688.45 पर क्लोज हुआ. वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 25,014.60 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एनएसई पर एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स शेयर टॉप गेनर के लिस्ट में शामिल रहे. जबकि इंफोसिस, ओएनजीसी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी लाइफ के शेयर टॉप लूजर के लिस्ट में शामिल रहे. पीएसयू बैंक और आईटी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए, जिसमें ऑटो, एफएमसीजी, रियल्टी, पावर, मीडिया, टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5-0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले सप्ताह दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. केवल पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 4,000 अंक टूट गया. ईरान-इजरायल युद्ध और चीन के प्रोत्साहन पैकेज के दोहरे झटके ने भारतीय शेयर बाजार पर मंदी का असर देखने को मिल रहा. कुछ ही मिनटों में 82000 के पार सेंसेक्स शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते पांच दिनों से जारी गिरावट पर सोमवार को ब्रेक लगा नजर आया और पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी जोरादार तेजी के साथ भागे. बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. एक ओर जहां गुरुवार को सेंसेक्स 1769 अंक फिसला था, तो वहीं शुक्रवार को इसमें 808 अंकों की बड़ी गिरावट आई थी. लेकिन सोमवार को BSE Sensex अपने पिछले बंद 81,688.45 की तुलना में 239 अंक की बढ़त के साथ 81,926.99 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 400 अंकों से ज्यादा की उछाल के साथ 82,137.77 के स्तर पर पहुंच गया. Nifty ने भी मारी लंबी छलांग सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी भी ग्रीन जोन पर ओपन हुआ. Nifty ने अपने पिछले बंद 25,014.60 की तुलना में चढ़कर 25,084 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और अचानत इसमें भी जोरदार तेजी आई और ये इंडेक्स 120.90 अंकों की उछाल मारते हुए 25,143 के लेवल पर पहुंच गया. गौरतलब है कि बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में Nifty-50 में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. जहां गुरुवार को ये 546 अंक फिसला था, तो वहीं शुक्रवार को इसमें 235 अंकों की गिरावट आई थी. इन 10 शेयरों ने खुलते ही पकड़ी शेयर मार्केट में जारी तेजी के बीच मार्केट ओपन होने पर जो शेयर शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागे, उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल ITC Share 1.89%, Kotak Bank Share 1.50%, ICICI Bank Share 1.30% चढ़ा. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल शेयरों की बात करें, तो Mphasis Share 3.54%, AUBank Share 2.64% और Godrej Properties Share 1.50% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कैटेगरी में शामिल Heidelberg Share में खुलते ही 13.91% की तेजी देखने को मिली, तो DBCorp Share 9.15% की उछाल के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. फार्मा कंपनी  AstraZen Share 7.22% तक उछलकर 7969.05 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. इसके अलावा Senco Gold के शेयर में 5.69% की तेजी आई और ये 1484.35 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था.  

भारत में मुथूट फाइनेंस के साथ गूगल की पार्टनरशिप, मिलेगा अब गोल्ड लोन

गूगल पे से मिलेगा अब गोल्ड लोन भारत में अडानी समूह के साथ गूगल की पार्टनरशिप, मिलेगा अब गोल्ड लोन भारत में मुथूट फाइनेंस के साथ गूगल की पार्टनरशिप, मिलेगा अब गोल्ड लोन नई दिल्ली  टेक कंपनी गूगल पे बड़ी तेजी के साथ भारत में अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। गूगल ने एआई स्किल हाउस लॉन्च किया है। जो कई तरह की सेवाओं को उपलब्ध कराएगी। 3 अक्टूबर को गूगल ने अपने वार्षिक इवेंट में गूगल पे के माध्यम से गोल्ड लोन उपलब्ध कराने की सेवा शुरू कर दी है। इसके लिए मुथूट फाइनेंस के साथ गूगल पे ने पार्टनरशिप की है। गूगल पे ने लोन लिमिट को 5 लाख रूपये तक बढ़ा दिया है। गूगल इवेंट का यह दसवां साल है। भारत में यह आठ भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध करा रही है। गूगल और अडानी समूह में पार्टनरशिप गूगल ने भारत में अदानी समूह के साथ पार्टनरशिप की है। इसके तहत गुजरात के खावड़ा में 61.4 मेगावाट का सोलर विंड हाइब्रिड प्लांट,राजस्थान में 6 मेगावाट का सोलर प्लांट, कर्नाटक में 59.4 मेगावाट का विंड प्लांट लगाने का अनुबंध किया है। गूगल 2026 तक भारतीय ग्रिड में 186 मेगावाट की न्यू क्लीन एनर्जी, जेनरेशन कैपेसिटी से जुड़ने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। एआई में गूगल का धमाका गूगल ने एआई स्किल हाउस लॉन्च किया है। जो भारतीय युवाओं के लिए नौकरी के लिए विभिन्न किस्म के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर आ रहा है। यूट्यूब, गूगल, क्लाउड स्किल्ड प्रोग्राम फ्री में उपलब्ध कराए जाएंगे। यह प्रशिक्षण कोर्स अंग्रेजी तथा 7 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की दिशा में गूगल कम कर रहा है। गूगल ऑनलाइन पेमेंट भारत में गूगल अपनी ऑनलाइन पेमेंट सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए हर स्तर पर हाथ पैर मार रहा है। यूपीआई सर्कल के जरिए वह भारतीय उपभोक्ताओं तक सीधा जुड़ने का प्रयास कर रहा है। 2030 तक 33 लाख करोड़ का लक्ष्य गूगल इंडिया के एमडी का कहना है, वह एआई के माध्यम से वर्ष 2030 तक भारत में 33 लाख करोड रुपए के आर्थिक लेनदेन के लक्ष्य के लिए काम कर रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की सेवाओं का विस्तार अंग्रेजी और भारतीय भाषाओं में करने की योजना गूगल ने तैयार की है। गूगल भारत में सबसे बड़ा प्लेयर बनने के लिए भारत की छोटी कंपनियों के साथ भागीदारी सिस्टम को विकसित कर रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका गूगल के यूपीआई की होगी। इस पेमेंट माध्यम से वह भारत के हर घर में घुसने की कोशिश कर रहा है।    

बैंक अकाउंट या इंश्योरेंस, नॉमिनी नहीं है तो फंस सकता है पैसा, आज ही करें ये काम

नई दिल्ली  रोहित (बदला हुआ नाम) एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर पोस्ट पर थे। उन्होंने 30 लाख रुपये का लाइफ इंश्योरेंस कराया था। साथ ही वे शेयर मार्केट में भी पैसे निवेश करते थे। एक दुर्घटना में उनका निधन हो गया। जब उनके पिता इंश्योरेंस की रकम लेने बीमा कंपनी पहुंचे तो उन्हें पैसा नहीं मिला। कारण था कि रोहित ने अपने इंश्योरेंस में नॉमिनी का नाम नहीं लिखवाया था। इसी प्रकार उन्हें शेयर का भी पैसा भी नहीं मिला, क्योंकि उसमें भी कोई नॉमिनी नहीं था। बाद में उन्हें एक वकील की मदद लेनी पड़ी। कोर्ट-कचहरी के काफी चक्कर लगाने के बाद उन्हें अपने बेटे की रकम मिली। इसमें पैसा और समय दोनों खर्च हुए। परेशानी हुई वह अलग। कौन होता है नॉमिनी? नॉमिनी वह शख्स होता है जो अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद अकाउंट से उसके पैसे को निकाल सके। यह शख्स परिवार का सदस्य या दोस्त या जानकार, कोई भी हो सकता है। अकाउंट होल्डर जब चाहे, अपने अकाउंट से नॉमिनी का नाम बदल सकता है। काफी लोग नॉमिनी के तौर पर किसी संस्था का भी नाम लिखवा देते हैं। नॉमिनी वसीयतनामे से बिल्कुल अलग है। वसीयतनामे में वह शख्स अकाउंट होल्डर की संपत्ति का मालिक हो जाता है, जबकि नॉमिनी जरूरी नहीं कि मालिक हो। संपति का मालिक नहीं होता नॉमिनी नॉमिनी अकाउंट होल्डर की संपत्ति का मालिक नहीं, बल्कि केयरटेकर होता है। नॉमिनी अगर अकाउंट होल्डर की संपत्ति का कानूनी तौर पर अकेला वारिस है तो वह उस संपत्ति को अपने पास रख सकता है। वहीं अगर कानूनी वारिस नहीं है तो उसकी जिम्मेदारी है कि वह उस संपत्ति को मृतक के कानूनी वारिसों में बांट दे। अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद बैंक या दूसरे वित्तीय संस्थान अकाउंट में जमा रकम नॉमिनी को दे देते हैं। इसके बाद नॉमिनी की जिम्मेदारी है कि वह उस रकम को मृतक के वारिसों तक पहुंचाए। अगर वह रकम उन्हें नहीं पहुंचाता है तो यह मामला नॉमिनी और मृतक के वारिसों के बीच का हो जाता है। यहां बैंक की कोई भूमिका नहीं रहती। कब जुड़वाएं नॉमिनी? बैंक अकाउंट, पॉलिसी, इंश्योरेंस, डीमैट अकाउंट, लॉकर, एफडी आदि में नॉमिनी का नाम जरूर लिखवाना चाहिए। वैसे तो नॉमिनी के तौर पर किसी भी शख्स का नाम लिखवा सकते हैं। लेकिन जानकार कहते हैं कि अकाउंट होल्डर के निधन के बाद परिवार के लोग कानूनी चक्कर में न पड़ें, इससे बेहतर है कि उसी शख्स का नाम लिखवाएं जो कानूनी वारिस हो। अगर अकाउंट खुलवा लिया है और नॉमिनी का नाम नहीं लिखवाया है तो अब भी नाम लिखवा सकते हैं। अकाउंट में एक से ज्यादा नॉमिनी का भी नाम लिखवा सकते हैं। नॉमिनी न होने पर पड़ सकते हैं ये चक्कर     बैंक या इंश्योरेंस कंपनी मृतक की रकम को उसके परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं देगी। बैंक लीगल वारिस के लिए कोर्ट की तरफ से जारी पेपर मांग सकता है।     कई बार कोई दूर का रिश्तेदार या अनजान शख्स भी खुद काे मृतक का वारिस घोषित कर देता है। ऐसे में मामला और उलझ जाता है।     अगर परिवार के सदस्यों में आपसी कलह हो जाए तो मामला कोर्ट तक चला जाता है। इसका फैसला होने में 6 महीने या कई साल तक लग सकते हैं।     परिवार के लोग किसी कानूनी चक्कर में न फंसें, इसलिए आज ही अपने अकाउंट में कानूनी वारिस का नाम नॉमिनी के तौर पर लिखवाएं।

गौतम अडानी 100 अरब डॉलर क्लब से हुए बाहर, अमेरिकी रईसों की नेटवर्थ में शुक्रवार को भारी तेजी आई

मुंबई घरेलू शेयर मार्केट में इस पूरे हफ्ते गिरावट रही। इस दौरान सेंसेक्स में 4,000 अंक से अधिक गिरावट रही और निवेशकों के 16 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। शुक्रवार की गिरावट से देश के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में 1.62 अरब डॉलर यानी करीब 13,612 करोड़ रुपये की गिरावट आई। इसके साथ ही उनकी नेटवर्थ 105 अरब डॉलर रह गई है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर और एशिया में पहले नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 8.93 अरब डॉलर की तेजी आई। इस बीच अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 100 अरब डॉलर क्लब से बाहर हो गए हैं। शुक्रवार को उनकी नेटवर्थ में 94.2 करोड़ डॉलर की गिरावट आई और वह 18वें नंबर पर खिसक गए हैं। इसके साथ ही उनकी नेटवर्थ 99.5 अरब डॉलर रह गई है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 15.2 अरब डॉलर की तेजी आई है। दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट की फाउंडर वॉल्टन फैमिली की तीन सदस्यों की नेटवर्थ अब अडानी से ज्यादा हो गई है। इनमें जिम वॉल्टन (103 अरब डॉलर), रॉब वॉल्टन (100 अरब डॉलर) और एलिस वॉल्टन (100 अरब डॉलर) शामिल हैं। कौन-कौन हैं टॉप 10 में अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को काफी तेजी रही। इससे वहां के रईसों की नेटवर्थ में काफी तेजी रही। दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क की नेटवर्थ में सबसे ज्यादा 6.73 अरब डॉलर की तेजी रही। वह 263 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पहले नंबर पर बने हुए हैं। मार्क जकरबर्ग 211 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दूसरे और जेफ बेजोस (209 अरब डॉलर) तीसरे नंबर पर हैं। बर्नार्ड अरनॉल्ट ($193 अरब) चौथे, लैरी एलिसन ($183 अरब) पांचवें, बिल गेट्स ($161 अरब) छठे, लैरी पेज ($151 अरब) सातवें, वॉरेन बफे ($146 अरब) आठवें, स्टीव बाल्मर ($145 अरब) नौवें और सर्गेई ब्रिन ($142 अरब) दसवें नंबर पर हैं।

सितंबर 2023 में शाकाहारी भोजन की लागत 28.1 रुपये से सितंबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 31.3 रुपये हो गई : रिपोर्ट

मुंबई आलू, प्याज और टमाटर की कीमतों में उछाल से सितंबर में घर का बना खाना एक साल पहले की तुलना में महंगा हो गया। जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में शाकाहारी भोजन की लागत 28.1 रुपये से सितंबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 31.3 रुपये हो गई। यह अगस्त में 31.2 रुपये से थोड़ी ही अधिक हुई। ‘रोटी, राइस, रेट’ नामक इस रिपोर्ट में वृद्धि के लिए सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो थाली की लागत का 37 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें कहा गया, ‘‘सितंबर में प्याज, आलू तथा टमाटर की कीमतें क्रमश: 53 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 18 प्रतिशत बढ़ीं। इसकी वजह प्याज तथा आलू की कम आवक, जबकि भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में टमाटर का उत्पादन प्रभावित रहना रही।’’ रिपोर्ट में कहा गया, उत्पादन में कमी से दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि साल की शुरुआत में कीमतों में कटौती के कारण ईंधन की कीमतों में 11 प्रतिशत की गिरावट आई। मांसाहारी थाली भोजन की लागत पिछले वर्ष की तुलना में दो प्रतिशत घटकर 59.3 रुपये हो गई, जबकि ‘ब्रॉयलर’ (मांस) की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई जिसका इस थाली में 50 प्रतिशत योगदान है। रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त की तुलना में मांसाहारी भोजन की कीमत स्थिर रही। क्‍या है रिपोर्ट की खास बात ‘रोटी, राइस, रेट’ नामक इस रिपोर्ट में वृद्धि के लिए सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो थाली की लागत का 37 प्रतिशत हिस्सा मानी जाती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में प्याज, आलू तथा टमाटर की कीमतें क्रमश: 53 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 18 प्रतिशत बढ़ीं. इसकी वजह प्याज तथा आलू की कम आवक, जबकि भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में टमाटर का उत्पादन प्रभावित होना रहा है. दाल महंगे और ईंधन सस्‍ता रिपोर्ट में कहा गया, उत्पादन में कमी से दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि साल की शुरुआत में कीमतों में कटौती के कारण ईंधन के दाम 11 प्रतिशत नीचे आए हैं. यही वजह है कि शाकाहारी थाली ज्‍यादा महंगी हुई है. रिपोर्ट में अन्‍य रही सब्जियों के भाव भी बढ़ने की बात कही जा रही. ऊपर से त्‍योहारी सीजन होने की वजह से आगे भी जल्‍द राहत मिलने की उम्‍मीद नहीं है. नॉनवेज थाली हो गई सस्‍ती एक तरफ सब्जियों और दालों ने शाकाहारी थाली का बोझ बढ़ा दिया है तो दूसरी ओर नॉनवेज थाली सस्‍ती हो गई है. रिपोर्ट की मानें तो मांसाहारी थाली भोजन की लागत पिछले वर्ष की तुलना में दो प्रतिशत घटकर 59.3 रुपये हो गई, जबकि ‘ब्रॉयलर’ (मांस) की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई. नॉनवेज थाली में इसका 50 प्रतिशत योगदान होता है. रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त की तुलना में मांसाहारी भोजन की कीमत स्थिर रही है.      

SC ने एक अप्रैल 2021 के बाद जारी 90,000 आईटी पुनर्मूल्यांकन नोटिसों की वैधता बरकरार, समझें मामला

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आयकर विभाग को राहत देते हुए पुराने प्रावधानों के तहत एक अप्रैल 2021 के बाद राजस्व विभाग द्वारा जारी करीब 90,000 पुनर्मूल्यांकन नोटिस की वैधता बरकरार रखी है। शीर्ष अदालत ने  कई उच्च न्यायालयों के फैसलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कराधान व अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में छूट और संशोधन) अधिनियम (टीओएलए) 2021 आयकर अधिनियम के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। टीओएलए को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान आयकर अनुपालन की समय सीमा बढ़ाने के लिए लाया गया था। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने तीन संसदीय कानूनों आयकर अधिनियम, टीओएलए और वित्त अधिनियम के परस्पर प्रभाव से संबंधित दो कानूनी प्रश्नों पर विचार किया। शीर्ष अदालत ने इस सवालों पर गौर किया, ‘‘क्या टीओएलए तथा इसके तहत जारी अधिसूचनाएं एक अप्रैल 2021 के बाद जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस पर भी लागू होंगी और क्या जुलाई तथा सितंबर 2022 के बीच नई व्यवस्था की धारा 148 के तहत जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस वैध हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश ने 112 पृष्ठों का फैसला लिखते हुए कहा, ‘‘हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम को प्रतिस्थापित प्रावधानों के साथ पढ़ा जाना चाहिए और यदि आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधानों के तहत निर्दिष्ट कोई कार्रवाई या कार्यवाही 20 मार्च 2020 तथा 31 मार्च 2021 के बीच पूरी होनी है… तो टीओएलए एक अप्रैल 2021 के बाद भी आयकर अधिनियम पर लागू होता रहेगा।’’ पीठ ने कहा कि टीओएलए का प्रावधान ‘‘ आयकर अधिनियम की धारा 149 को केवल आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा में छूट देने तक ही सीमित है।’’ पुनर्मूल्यांकन नोटिस को चुनौती देते हुए विभिन्न उच्च न्यायालयों में 9,000 से अधिक याचिकाएं दायर की गईं और करदाताओं के पक्ष में कई फैसले पारित किए गए। इसके बाद ही राजस्व विभाग को सर्वोच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा था। केंद्र ने मार्च 2020 में कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी और टीओएलए लेकर आया था। 2021 के इस अधिनियम ने पूर्वव्यापी प्रभाव से ‘‘ निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्यों को पूरा करने या अनुपालन करने’’ की समय सीमा 20 जून 2020 तक बढ़ा दी। इसके बाद 24 जून 2020 को केंद्र ने टीओएलए के तहत एक अधिसूचना जारी की जिसमें निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्रवाई को पूरा करने या अनुपालन करने की समय सीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई। शीर्ष अदालत ने आयकर विभाग की अपील स्वीकार कर ली। आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस 2013-14 से 2017-18 तक के कर निर्धारण वर्षों से संबंधित हैं। इसमें शामिल राशि हजारों करोड़ रुपये तक हो सकती है। पीठ को यह निर्धारित करना था कि क्या वैश्विक महामारी के दौरान विशिष्ट अधिनियमों के तहत समय सीमा में छूट देने वाले टीओएलए का लाभ पुनर्मूल्यांकन के लिए समय सीमा को नियंत्रित करेगा। बंबई, गुजरात और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों ने विभिन्न आधारों पर सभी पुनर्मूल्यांकन नोटिस रद्द कर दिए थे। उनका मुख्य तर्क यह था कि नए प्रावधान अधिक लाभकारी थे और करदाताओं के अधिकारों तथा हितों की रक्षा के लिए थे। इन उच्च न्यायालयों ने कहा था कि टीओएलए पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधान पूर्वव्यापी रूप से लागू होंगे, यहां तक कि पिछले मूल्यांकन वर्षों के लिए भी.. परिणामस्वरूप नई पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था को टीओएलए के साथ पढ़ा जाना चाहिए, जिसने वैश्विक महामारी के कारण अस्थायी रूप से समय सीमा बढ़ा दी थी। वैश्विक महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए आयकर विभाग को 20 मार्च 2020 और 31 मार्च 2021 के बीच जारी किए गए नोटिस के लिए विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाने की अनुमति दी गई। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि टीओएलए पुरानी पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था के संचालन को संशोधित धारा 149 में निर्दिष्ट समय-सीमा से आगे नहीं बढ़ा सकता। आयकर अधिनियम की धारा 149 करदाताओं को आयकर नोटिस जारी करने की समय-सीमा से संबंधित है। इसके तहत ‘‘ संबंधित कर समीक्षाधीन वर्ष के लिए धारा 148 के तहत कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।’’    

डिमांड देख खुश हो गई आईफोन बनाने वाली कंपनी, भारत में खोलेगी 4 और स्‍टोर, जानें क्‍या आपका शहर भी है शामिल

 नई दिल्ली iPhone मेकर Apple ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत में 4 नए स्टोर खोलने जा रहा है. इससे पहले कंपनी ने भारत के दिल्ली और शहर में अपने Apple रिटेल स्टोर को खोल चुकी है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. कंपनी भारत में मेड इन इंडिया के तहत बनने वाले iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max को सेल कर रही है.   बीते साल कंपनी ने भारत में दो Apple Store को ओपेन किया था. इसमें एक स्टोर दिल्ली और दूसरा मुंबई में था. यहां आप Apple के पोर्टफोलियों के सभी प्रोडक्ट को देख सकते हैं और उनका एक्सपीरियंस भी कर सकते हैं. Apple की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ रिटेल, डियर्ड्रे ओ’ब्रायन ने बताया, हम भारत में और स्टोर्स खोलने की प्लानिंग बना रहे हैं. ये स्टोर्स पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में ओपेन होंगे. भारत में तैयार हो रही iPhone 16 सीरीज Apple iPhone 16 लाइनअप के सभी हैंडसेट का प्रोडक्शन भारत में शुरू हो चुका है, जिसमें iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max के नाम भी शामिल हैं. इससे पहले Apple भारत में पुराने मॉडल्स को तैयार कर रहा था और अब कंपनी ने अपने नए मॉडल्स को भी प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. Pegatron के पास अभी iPhone 16 और 16 Pro के प्रोडक्शन का काम है. Tata Electronics भी iPhone 16 और 16 Plus मॉडल तैयार करेगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि इन डिवाइस को सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि भारत से बाहर भी एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं.  

लाल हुआ शेयर बाजार, Sensex 900 अंक टूटा, Nifty ने लगाया गोता

मुंबई शेयर बाजार शुक्रवार को फिर क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. हालांकि, सप्ताह के आखिरी दिन इसकी चाल बदली-बदली नजर आई. दरअसल, मार्केट ओपन पर होने पर जहां सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में 300 अंक टूट गया, कुछ देर में उछलकर हरे निशान पर कारोबार करने लगा, लेकिन ये खुशी भी कुछ ही देर के लिए थी, आखिरी कारोबारी घंटे में अचानक फिर से बड़ी गिरावट आ गई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स देखते ही देखते 900 अंक से ज्यादा फिसल गया. मार्केट क्लोज होने पर गिरावट थोड़ी कम हुई और सेंसेक्स 703 अंक की गिरावट लेकर 81,793.16  पर बंद हुआ. . पहले गिरा, फिर उठा और फिर टूटा बीते कारोबारी दिन बड़ी गिरावट देखने के बाद शेयर मार्केट (Share Market) ने शुक्रवार को सुस्ती के साथ शुरुआत की. अपने पिछले बंद 82,497.10 की तुलना में BSE Sensex 200 अंक से ज्यादा टूटकर 82,244.25 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 389.58 अंक फिसलकर 82,107.06 के लेवल पर आ गया. लेकिन इसके बाद दोपहर 12 बजे के आस-पास ये गिरावट तेजी में तब्दील हो गई और 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जोरदार  उछाल के साथ 83,368 के लेवल पर पहुंच गया, लेकिन दिन के इस हाई लेवल पर पहुंचने के बाद बाजार की चाल अचानक फिर बदल गई. आखिरी घंटे में सेंसेक्स 900 अंक फिसला Share Market में आखिरी कारोबारी घंटे में सेंसेक्स ऐसा टूटा कि थमने का नाम ही नहीं लिया. खबर लिखे जाने तक दोपहर के 2.40 बजे पर Sensex 913.64 अंक या 1.11 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 81,583 के लेवल पर आ गया. हालांकि, मार्केट क्लोज होते होते ये गिरावट कुछ कम हुई और सेंसेक्स 703 अंक की गिरावट लेकर 81,793.16 पर क्लोज हुआ. दूसरी ओर NSE Nifty ने भी कमजोर शुरुआत की और अपने पिछले बंद 25,250.10 की तुलना में गिरकर 25,281.90 पर कारोबार शुरू किया. आखिरी कारोबारी घंटे में ये इंडेक्स भी बुरी तरह टूटा और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 260.25 अंक गिरकर 24,990 के लेवल पर पहुंच गया. जबकि मार्केट बंद होने पर निफ्टी 200.25 अंक फिसलकर 25,049.85 के लेवल पर बंद हुआ. गुरुवार को बाजार में आया था भूचाल   बीते कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. ईरान और इजरायल के बीच जंग (Iran-Israel War) के हालातों के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव का असर साफ देखने को मिला था. BSE Sensex ने 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और मार्केट बंद होने तक टूटता ही चला गया था. अंत में सेंसेक्स 1769.19 अंक या 2.10 फीसदी की गिरावट लेकर 82,497.10 के लेवल पर क्लोज हुआ था. सेंसेक्स में इस कदर गिरावट का असर बीएसई के मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया और ये 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टूट गया. लार्जकैप में इन 10 शेयरों का बुरा हाल M&M                 3.56%    3017.60 रुपये Bajaj Fin          3.49%    7173.45 रुपये Nestle India      3.09%    2592.55 रुपये Asian Paints     2.91%    3058 रुपये Ultratech         2.69%    11407.05 रुपये Reliance          1.26%    2779.80 रुपये Adani Ports    1.26%    1407 रुपये ICICI Bank      1.34%    1239 रुपये HDFC Bank    1.44%    1658 रुपये HUL                1.83%    2842.40 रुपये मिडकैप और स्मालकैप में ये स्टॉक टूटे MidCap कैटेगरी में सबसे ज्यादा गिरावट M&M Finance Share में आई और ये 6.95 फीसदी गिरकर 299.75 रुपये पर आ गया, इसके अलावा Godrej Properties Share 5.68 फीसदी गिरकर 2893.90 रुपये पर, जबकि GoDigit Share 4.92 फीसदी फिसलकर 379.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. स्मालकैप में Vakrangee Share 9.98 फीसदी गिरकर 30.76 रुपये पर और Reliance Infra Share 7.81 फीसदी फिसलकर 301.40 रुपये पर आ गया.

नवरात्रि में झूमेंगे बाजार होगा 50 हजार करोड़ से अधिक का व्यापार

मुंबई देश में  नवरात्र का त्योहार प्रारंभ हो गया है। 10 दिन चलने वाले नवरात्रि फेस्टिवल का जहां धार्मिक महत्व है, वहीं इसके चलते जो कारोबार होगा, उससे अर्थव्यवस्था को भी पंख लग जाएंगे। यानी अर्थव्यवस्था में अच्छा खासा उछाल देखने को मिलेगा। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री और दिल्ली की चांदनी चौक सीट से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली सहित देश भर में अगले एक महीने तक त्योहारों की धूम रहेगी। 10 दिन के नवरात्र एवं रामलीला, डांडिया एवं गरबा उत्सवों से 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा। दिल्ली में ही लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के व्यापार होने की उम्मीद है।   खंडेलवाल के मुताबिक, नवरात्रि, रामलीला, गरबा तथा डांडिया जैसे उत्सव, जो हर वर्ष देश भर में दस दिन तक मनाए जाते हैं, इनके चलते इस बार देशभर में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। एक अनुमान के अनुसार, अगले दस दिनों में देश भर में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने की संभावना है। अकेले दिल्ली में ही लगभग 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा। इन उत्सवों के दौरान बाजारों में रौनक बढ़ने की उम्मीद है। जहां एक तरफ व्यापारियों को काफी फायदा होगा तो वहीं दूसरी ओर, लाखों लोगों को अस्थायी रोजगार भी मिलेगा। पिछले वर्ष दस दिन का यह व्यापार लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का था। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री खंडेलवाल ने बताया कि त्योहारों में खरीदी की विशेष बात यह है कि बिक्री किए जाने वाले अधिकांश उत्पाद, भारतीय ही होंगे। अब लोगों का चीन से बने सामानों से मोहभंग हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान ने देश भर में भारतीय सामानों की गुणवत्ता को बढ़ाया है। भारत में बना सामान, अब किसी भी विदेशी सामान से बेहतर है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं का रुझान अब भारतीय वस्तुओं की खरीदी पर ही है। देश भर में नवरात्र, रामलीला, गरबा एवं डांडिया जैसे 1 लाख से अधिक छोटे-बड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम शामिल हैं। बड़े पैमाने पर देश भर में भक्ति संगीत के कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। इन उत्सवों के जरिए लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। नवरात्र के समापन पर विजयदशमी, दुर्गा विसर्जन, करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली, भाई दूज, छठ पूजा एवं तुलसी विवाह के बाद ही त्योहारों की यह श्रृंखला समाप्त होगी। अकेले दिल्ली में छोटी बड़ी लगभग एक हजार से अधिक रामलीलाएं आयोजित की जाती हैं। दुर्गा पूजा के लिए सैकड़ों पंडाल लगते हैं। मूल रूप से गुजरात में होने वाले डांडिया और गरबा के कार्यक्रम बड़े पैमाने पर अब दिल्ली सहित देश भर में आयोजित होने लगे हैं। करोड़ों लोग त्योहारों की खुशियां मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि त्योहार मनाने से घरों में सौभाग्य एवं संपन्नता का वास होता है। खंडेलवाल ने बताया, इस त्योहारों के सीजन में कपड़े एवं परिधान खासकर पारंपरिक परिधान जैसे साड़ी, लहंगा, और कुर्ते की मांग नवरात्र और रामलीला के दौरान काफी बढ़ती है। पूजा और धार्मिक आयोजनों के लिए लोग नए कपड़े खरीदते हैं। इसके चलते इस श्रेणी में व्यापार में उछाल देखने को मिलता है। बड़े पैमाने पर पूजा सामग्री की मांग भी होती है। पूजन के लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे फल, फूल, नारियल, चुनरी, दीपक, अगरबत्ती और अन्य पूजन सामग्रियों की भारी मांग रहती है। खाद्य एवं मिठाई अन्य वस्तुएं हैं, जिनको त्योहारों के दौरान लोग खरीदते हैं। हलवा, लड्डू, बर्फी और अन्य मिठाइयों की खपत इस दौरान बढ़ जाती है। बड़ी मात्रा में फलों और फूलों की भी मांग रहती है। त्योहारों में घर और पूजा पंडालों को सजाने के लिए साज-सज्जा के सामान, जैसे दीयों, बंदनवार, रंगोली सामग्री और लाइटिंग की मांग बढ़ती है। नवरात्र और रामलीला उत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। खंडेलवाल ने कहा कि इन दस दिनों में पंडाल बनाने के लिए टेंट हाउस, सजाने के लिए सजावटी कंपनियां आदि को खूब काम मिलता है। इस मौके पर देश भर में बड़ी मात्रा में मेले तथा उत्सव संबंधी हजारों आयोजन होते हैं। इनमें लाखों लोग भाग लेते हैं। खंडेलवाल ने कहा, यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करते हैं।

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