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मिडिल ईस्ट संकट के कारण सोना हुआ महंगा, 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी के रेट भी रिकॉर्ड तोड़

ग्वालियर ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए हमले के असर से एक बार सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखी जा रही है। प्योर सोने के भाव में 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई और सराफा बाजार में सोने के भाव फिर 1.71 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए। वहीं जेवराती सोना 1.59 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बिका। इसके साथ ही चांदी में भी तेजी रही, 10 हजार रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ यह 2.82 लाख रुपए प्रति किलो बिकी। सराफा बाजार में एमसीएक्स के आधार पर सोने और चांदी के भाव तय होते हैं। युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी ग्वालियर शहर के सराफा व्यापारियों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच हमले बढ़ते हैं तो भाव में और तेजी आ सकती है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा, युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का दाम 1,59,080 रुपए प्रति ग्राम रहा, जबकि आज 20000 रुपए की बढ़ोतरी के साथ सर्राफा बाजार में चांदी 3,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है। तेजी लेकिन दोनों धातु अभी रिकॉर्ड भाव से सस्ती दोनों धातुओं के भाव में तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड भाव से सस्ते बिक रहे हैं। सोना रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1 लाख 84 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम था। वहीं चांदी का रिकॉर्ड भाव उसी दिन 4 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो था, यानी चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.23 लाख रुपए सस्ती बिक रही है। निवेशकों में डर का माहौल बीते दो दिनों से माहैल बदला हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और तेहरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित (Safe-Haven) मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

शेयर बाजार में भारी गिरावट: 1000 अंक टूटा सेंसेक्स, 6 लाख करोड़ की तबाही, जंग का असर

मुंबई  ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 2743 अंक या 3.38% टूटकर 78543 पर खुला, जबकि निफ्टी 519 अंक या 2.06 फीसदी गिरकर 24659 अंक पर खुला. बैंक निफ्टी में 1300 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि कुछ देर बाद ही शेयर बाजार संभला हुआ नजर आया. सेंसेक्‍स 1000 अंंक या 1.21 फीसदी गिरकर 80,282 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 300 अंक टूटकर 24900 के नीचे था.   इसके अलावा, कच्‍चे तेल के दाम में 10 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये जंग और आगे बढ़ती है तो गिरावट ज्‍यादा हावी हो सकती है. वहीं कच्‍चा तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं.  BSE टॉप 30 के 29 शेयर भारी गिरावट पर रहे, सिर्फ बीईएल के शेयर में 1 फीसदी की तेजी रही. इंडिगो के शेयर करीब 5 फीसदी, एल एंड टी के शेयर करीब 4 फीसदी, अडानी पोर्ट 3 फीसदी और एटर्नल के शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.  सेक्‍टर्स की बात करें तो ऑटो,  एफएमसीजी, आईटी, बैंक, हेल्‍थकेयर, फाइनेंशियल और बाकी सभी सेक्‍टर्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे, सिर्फ मेटल सेक्‍टर में तेजी रही, क्‍योंकि निवेशक सेफ असेट में पैसा लगा रहे हैं. सभी सेक्‍टर में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.   6 लाख करोड़ डूबे  शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेश्‍कों को आज तगड़ा नुकसान हुआ. बीएसई मार्केट कैप में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शुकवार को बीएसई मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ रुपये पर था, जो सोमवार को घटकर  457.50 लाख के करीब पहुंच गया. यह निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 6 लाख करोड़ रुपये की कमी है.  162 शेयरों में लोअर सर्किट  ईरान पर हमले के कारण शेयर बाजार में आज गिरावट देखी जा रही है. इस बीच, बीएसई पर एक्टिव 3,660 शेयरों में से 510 शेयर उछाल पर रहे, जबकि 2,985  शेयरों में गिरावट रही और  165 शेयर अनचेंज रहे. 43 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर क्‍लोज हुए और 663 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे और 162 शेयरो में लोअर सर्किट रहा.  एशियाई मार्केट में भी कोहराम भारतीय बाजार के साथ ही बाकी एशियाई बाजारों में भी कोहराम देखा गया. जापान का निक्केई 225 874.07 पॉइंट्स नीचे 57,976.20 पर खुला. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 11.08 पॉइंट्स (-0.27%) नीचे 4,151.80 पर खुला,  हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स शुरुआती ट्रेड में 2% से ज़्यादा गिरा और 324.96 पॉइंट्स (-1.22%) नीचे 26,305.58 पर खुला. इसके अलावा,  ताइवान स्टॉक एक्सचेंज का मेन इंडेक्स 2.3% तक गिरा.  यह 137.01 पॉइंट्स नीचे 35,277.48 पर खुला.

होली से पहले डबल मार: सिलेंडर के दाम चढ़े, फ्लाइट टिकट महंगे, खर्चों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली हर महीने की तरह मार्च 2026 भी आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई अहम बदलाव लेकर आया है। गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकिंग नियमों, रेलवे टिकटिंग सिस्टम और डिजिटल सुरक्षा मानकों तक कई नियम आज 1 मार्च से लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू बजट, यात्रा खर्च और ऑनलाइन लेनदेन पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं विस्तार से क्या-क्या बदला है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 31 रुपये की बढ़ोतरी की है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर इसका असर देखने को मिलेगा।   रेलवे टिकटिंग सिस्टम में बदलाव 1 मार्च से अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (UTS) एप बंद कर दिया गया है। अब यात्रियों को जनरल, प्लेटफॉर्म और लोकल ट्रेन की टिकट बुक करने के लिए ‘RailOne’ एप का इस्तेमाल करना होगा। रेलवे का दावा है कि नया एप अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा। सिम बाइंडिंग का नया नियम डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए सरकार ने सिम बाइंडिंग का नियम लागू किया है। अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे एप मोबाइल सिम से लिंक रहेंगे। फोन से सिम हटाते ही ये एप काम करना बंद कर देंगे। बैंकिंग नियमों में संशोधन सरकारी बैंकों ने मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव किया है। अब औसत मासिक बैलेंस के आधार पर पेनल्टी लगेगी, जिससे ग्राहकों को एक दिन की कमी पर जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। CNG, PNG और ATF की कीमतें तेल कंपनियों ने एटीएफ (हवाई ईंधन) की कीमतों में 5,500 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। साथ ही सीएनजी और पीएनजी की दरों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

तेल, शेयर बाजार और सोना-चांदी: ईरान-अमेरिका संघर्ष से भारत के इन सेक्टर्स पर पड़ेगा गहरा प्रभाव

मुंबई  ईरान और इजरायल के बीच जंग अब भयानक रूप लेता  जा रहा है. पहले इजरायल-अमेरिका ने मिलकर ईरान के 30 से ज्‍यादा ठिकानों पर हमला किया था और अब ईरान ने इजरायल समेत अमेरिका के 7 सैन्‍य अड्डों पर हमला किया है. ईरान ने कुवैत, यूएई, कतर और बहरीन जैसे ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं.  अब इस युद्ध में सात से आठ देश शामिल हो चुके हैं. ईरान ने मिडिल ईस्‍ट में स्थित अमेरिकी सैन्‍य बेस को निशाना बना रहा है. लेबलान और हूती जैसे देश भी ईरान की ओर से अटैक कर रहे हैं. इजरायल पर कई देशों की ओर से हमला हो रहा है.  ऐसे में अब दुनिया में एक डर बनाता जा रहा है. अभी ये अंदाजा लगाना मुश्किल लग रहा है कि यह आक्रमण कितना लंबा और भयानक होगा.  कच्‍चे तेल के दाम में बड़ी उछाल इस वॉर के छिड़ने से भारत समेत दुनियाभर के निवेशक डरे हुए हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इस अटैक से कच्‍चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आना तय है, जो महंगाई को बढ़ा सकती है. भारत समेत कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अपना कच्‍चा तेल आयात करते हैं. इस युद्ध के दौरान यह एरिया बंद होने की उम्‍मीद है, जिस कारण कच्‍चे तेल की कीमतों में इजाफा होगा. शुक्रवार को कच्‍चे तेल का दाम 2.78% चढ़कर 67.02 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था. सोमवार को जब कमोडिटी मार्केट खुलेगा तो इसमें और ज्‍यादा उछाल आएगा.  शेयर बाजार में भारी गिरावट की संभावना  वॉर इतनी भीषण हो चुकी है कि एक्‍सपर्ट्स मान रहे हैं कि सोमवार को भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है. यह गिरावट कितनी होगी, यह निवेशकों के सेंटिमेंट और बिकवाली पर निर्भर करेगा. इसके संकेत शुक्रवार को ही भारतीय बाजार में दिख गए थे, जब ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत किसी सार्थक नतीजे पर नहीं पहुंची थी. इस सेंटिमेंट के कारण सेंसेक्‍स 961 अंक या 1.17 फीसदी और निफ्टी 317 अंक या 1.25% गिरकर बंद हुआ था. अब सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी.  सोना और चांदी पर क्‍या होगा असर? जब भी दुनिया में वॉर होती है या वॉर जैसी स्थिति बनती है तो सेफ असेट जैसे सोना-चांदी और कॉपर के दाम में उछाल आता है. दुनिया में इस घटनाक्रम से एक बार फिर सोने और चांदी के दाम में बड़ी तेजी आने की उम्‍मीद है. अभी कमोडिटी मार्केट में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,61,971 रुपये है और चांदी की कीमत 2,74,389 रुपये है.

2026 में मेमोरी सप्लाई की कमी से घट सकता है वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट: नई रिपोर्ट

नई दिल्ली  गंभीर मेमोरी सप्लाई संकट का सामना कर रहे वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट ने 2025 का अंत मामूली एकल-अंकीय (सिंगल डिजिट) साल-दर-साल वृद्धि के साथ किया। यह बढ़ोतरी बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक हालात और छुट्टियों के मौसम में मजबूत मांग के कारण संभव हुई।  2025 की चौथी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 3.8 प्रतिशत बढ़ी। यह लगातार चौथी तिमाही रही जब बाजार में सुधार देखा गया। साथ ही, यह 2021 के बाद सबसे मजबूत हॉलिडे तिमाही रही। चीन और पूर्वी यूरोप को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार 2026 में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में अनुमान है कि 2026 में स्मार्टफोन शिपमेंट 12.4 प्रतिशत साल-दर-साल घट सकती है, जो अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी की कमी, कंपोनेंट की तेजी से बढ़ती कीमतें और लोअर-एंड ओईएम कंपनियों की संरचनात्मक कमजोरियां 2026 में बाजार पर दबाव डालेंगी। यह गिरावट 2027 तक जारी रह सकती है और सुधार की उम्मीद 2027 के अंत में है, जब अतिरिक्त मेमोरी क्षमता उपलब्ध होगी। काउंटरपॉइंट के प्रिंसिपल एनालिस्ट यांग वांग ने कहा, “इसका असर 2027 की दूसरी छमाही तक जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि मेमोरी सप्लाई बढ़ने में कई तिमाहियां लगेंगी। खासकर निम्न-स्तरीय स्मार्टफोन सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि एलपीडीडीआर4 मेमोरी की सप्लाई अपेक्षा से कहीं अधिक तेजी से घट रही है।” उन्होंने बताया कि ओईएम कंपनियां पहले ही नए लॉन्च में देरी, सीमित प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्पेसिफिकेशन में बदलाव जैसे कदम उठा रही हैं। जनवरी 2026 में कुछ एंड्रॉयड ओईएम पोर्टफोलियो में 10 से 20 प्रतिशत तक कीमतों में बढ़ोतरी भी देखी गई है। मौजूदा गिरावट की मुख्य वजह मेमोरी सप्लाई चेन में गहरा असंतुलन है। निर्माता कंपनियां ज्यादा मुनाफा देने वाले एआई-केंद्रित डीआरएएम और एंटरप्राइज एसएसडी एनएएनडी के लिए वेफर क्षमता का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार के सभी हिस्से समान रूप से प्रभावित नहीं होंगे। प्रीमियम सेगमेंट अपेक्षाकृत मजबूत रह सकता है और सिंगल डिजिट वृद्धि दर्ज कर सकता है, जबकि 200 डॉलर से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत सप्लाई चेन, बेहतर मूल्य निर्धारण क्षमता और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान देने के कारण एप्पल और सैमसंग इस संकट का बेहतर सामना कर सकते हैं।

सोने-चांदी से नहीं, इस मेटल में है दोगुना होने का दम, एक्‍सपर्ट ने किया विश्लेषण

नई दिल्‍ली पिछले कुछ सालों में सोना और चांदी ने निवेशकों को कमाल का रिटर्न दिया है, लेकिन अब एक नए मेटल का उदय हो रहा है. एक जानकार का कहना है कि इसकी कीमत आने वाले समय में डबल होने वाली हैं. एक्‍सपर्ट का कहना है कि AI और विद्युतीकरण की असीमित डिमांड के कारण दुनिया एक विशाल कमोडिटी सुपरसाइकिल के कगार पर खड़ी है, जिस कारण कॉपर मेटल की कीमतों में तगड़ी उछाल आ सकती है.   इवानहो माइंस के संस्थापक और सह-अध्यक्ष रॉबर्ट फ्रीडलैंड के अनुसार, उत्पादन लागत में वृद्धि और अभूतपूर्व मांग के चलते तांबे की कीमतें और भी बढ़ने वाली हैं. जनवरी 2026 में सऊदी अरब में आयोजित फ्यूचर मिनरल्स फोरम 2026 में बोलते हुए, खनन क्षेत्र के दिग्गज ने लाल धातु (तांबे) के लिए बेहद आशावादी तस्वीर पेश की है. जहां पिछले पांच वर्षों में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 53 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रही हैं, वहीं फ्रीडलैंड ने बताया कि इसी अवधि के दौरान तांबे की कीमत अभी कम तेजी के बाद भी सर्वकालिक उच्च स्तर 13,400 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, लेकिन आगे और भी तेजी की संभावना है.  क्‍यों आएगी कॉपर में तेजी?  कमोडिटी की कीमतों में इस उछाल का एक बड़ा कारण AI डेटा सेंटर्स का तेजी से विस्तार है. उन्होंने बताया कि 2026 के अंत तक, ग्‍लोबल डेटा सेंटर्स उतनी ही बिजली की खपत करेंगे जितनी जापान, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. फ्रीडलैंड ने शिकागो में माइक्रोसॉफ्ट के एक हालिया ‘बेबी डेटा सेंटर’ का उदाहरण दिया, जिसके लिए अकेले 20 लाख किलोग्राम तांबे की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा कि टेस्ला के हर सर्वर को सोना, लोहा, गैलियम, एंटीमनी, टंगस्टन, चांदी, कई रेयर अर्थ मिनरल्‍स, इंडियम, टैंटलम, पैलेडियम, बेरियम, नाइओबियम और टाइटेनियम की आवश्यकता होती है. उन्‍होंने कहा कि अगर ग्रीन एनर्जी चेंजेज या एआई सेंटर्स के सपनों को इग्‍नोर करें तो भी कॉपर जैसे मेटल की भारी कमी है.  बहुत बड़े लेवल पर तांबे की आवश्‍यकता फ्रीडलैंड ने कहा कि अपनी वर्तमान जीवनशैली को बनाए रखने के लिए, दुनिया को ठीक उसी तरह चलाने के लिए, जैसा वह चलती आ रही है, हमें अगले 18 वर्षों में 70 करोड़ मीट्रिक टन तांबा और निकालना होगा. इस विशाल आंकड़े को समझने के लिए, यह ठीक उतनी ही मात्रा है, जितना तांबा मानव जाति ने गुफाओं से बाहर आने के बाद से 10,000 वर्षों में निकाला है. 40 फीसदी हिसा तो यहां खत्‍म हो जाएगा फ्रीडलैंड ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की इस विशाल मांग को पूरा करने के लिए 2050 तक हर साल छह नए टॉप कैटेगरी की तांबा खदानों को चालू करना होगा. उस नए उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से ग्रिड अपग्रेड, इलेक्ट्रिकसिटी और डेटा केंद्रों द्वारा उपयोग किया जाएगा. क्‍यों डबल हो सकती है कॉपर की कीमत?  उन्होंने कहा कि 1900 से लेकर अब तक, तांबे की एक यूनिट के उत्पादन के लिए आवश्यक ऊर्जा 16 गुना बढ़ गई है और तांबे की एक यूनिट बनाने के लिए आवश्यक पानी की मात्रा दोगुनी हो गई है. उन्होंने आगे कहा कि इसलिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भविष्य की खनन जरूरतों को पूरा करने के लिए तांबे की कीमत दोगुनी होनी चाहिए.

स्टॉक मार्केट क्रैश: सेंसेक्स में 1200+ अंकों की गिरावट, निफ्टी 25500 से नीचे बंद

मुंबई अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गुरुवार को भारतीय बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। लगातार तीन दिनों से जारी तेजी का सिलसिला रुकते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 365.00 अंक या 1.41 प्रतिशत गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अदानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, आईटीसी, इटरनल और पावरग्रिड प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियां रहीं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजार की भावना को अस्थिर कर दिया, जिससे व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई और भारतीय बाजार में मंदी का माहौल छा गया।” उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात अवरुद्ध होने के डर से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। नायर ने कहा कि इसी बीच, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की दिशा को लेकर अनिश्चितता और रुपये की निरंतर कमजोरी ने घरेलू बाजार को प्रभावित किया। प्रमुख एशियाई बाजारों में चंद्र नव वर्ष की छुट्टी के कारण विदेशी निवेशकों की कम भागीदारी और भारत में क्षेत्रीय बैंकिंग अवकाश के कारण कारोबार बंद रहने से बिकवाली तेज हो गई। यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। हांगकांग और मुख्य भूमि चीन के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में सत्र के मध्य में गिरावट देखी जा रही है। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 71.07 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा इसी बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 प्रतिशत बढ़कर 71.07 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया।एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,154.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 440.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंक बढ़कर 83,734.25 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 93.95 अंक बढ़कर 25,819.35 पर बंद हुआ।

अनिल अंबानी का सुप्रीम कोर्ट को खुला संदेश, बिना इजाजत विदेश यात्रा पर रोक

मुंबई  देश के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में एक औपचारिक हलफनामा दायर किया है कि वे सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना भारत छोड़कर नहीं जाएंगे। अंबानी ने यह भी आश्वासन दिया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और उसकी समूह संस्थाओं द्वारा कथित तौर पर किए गए बड़े पैमाने के बैंक फ्रॉड मामले की जांच में वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना जारी रखेंगे। यह मामला ईएएस सरमा बनाम भारत सरकार के तहत चल रहा है। अंबानी फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के घेरे में हैं। अंबानी द्वारा यह हलफनामा ईएएस सरमा द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में आया है। इससे पहले 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अंबानी के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के उस बयान को रिकॉर्ड में लिया था कि अंबानी अदालत की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं करेंगे। अपने हलफनामे में अनिल अंबानी ने इस आश्वासन को औपचारिक रूप से रिकॉर्ड पर रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब से मौजूदा जांच शुरू हुई है वे जुलाई 2025 से भारत से बाहर नहीं गए हैं और फिलहाल उनकी विदेश यात्रा की कोई योजना नहीं है। उन्होंने अंडरटेकिंग दी है कि यदि विदेश यात्रा की आवश्यकता पड़ती है, तो वे ऐसा करने से पहले अदालत से अनुमति लेंगे। जांच एजेंसियों के साथ सहयोग का वादा हलफनामे में इस बात पर जोर दिया गया है कि अंबानी जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा समन भेजा गया है और उन्होंने निर्धारित तिथि पर जांच में शामिल होने का आश्वासन दिया है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही लंबित रहने के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 50 के तहत उनकी जांच चल रही है। 31,580 करोड़ रुपये के फ्रॉड का आरोप अदालत के समक्ष दायर याचिका के अनुसार, RCOM और उसकी सहायक कंपनियों रिलायंस इन्फ्राटेल और रिलायंस टेलीकॉम ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से 2013 और 2017 के बीच 31,580 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया था। याचिका के अनुसार, SBI की एक फोरेंसिक ऑडिट से पता चला कि फंडा का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया था। इसमें हजारों करोड़ रुपये का उपयोग असंबंधित ऋणों को चुकाने, संबंधित पक्षों को हस्तांतरण, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश और ऋणों को छिपाने के लिए पैसे का जटिल सर्कुलर रूटिंग शामिल है। SIT जांच का आदेश याचिका में दावा किया गया है कि CBI द्वारा 21 अगस्त, 2025 को दर्ज की गई FIR और संबंधित ED की कार्यवाही कथित गलत कामों के केवल एक अंश को कवर करती है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जांच एजेंसियां विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट और स्वतंत्र रिपोर्टों के बावजूद बैंक अधिकारियों और नियामकों की भूमिका की जांच नहीं कर रही हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, केवल न्यायिक निगरानी ही यह सुनिश्चित कर सकती है कि सार्वजनिक धन से जुड़े ऐसे बड़े मामले की गहन जांच हो। 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया था। अदालत ने CBI को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि कथित घोटाले में बैंक अधिकारियों की किसी भी संभावित मिलीभगत की जांच की जाए।

सोने-चांदी के भाव बढ़े, निवेशकों के लिए बना मौका या चेतावनी? MCX की ताजा कीमतें

इंदौर  सोने-चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत में गुरुवार (19 फरवरी) को सुस्ती के साथ हुई, हालांकि इसमें कुछ समय बाद तेजी देखने को मिली। खबर लिखे जाने के समय घरेलू बाजार में आज सोने के वायदा भाव 0.24 फीसदी की तेजी के साथ 1,56,134 रुपए प्रति 10 ग्राम पर थे। चांदी के भाव में 1051 रुपए का उछाल आया, ये 2,45,319 रुपए प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के वायदा भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। Comex पर सोना गुरुवार को 5,010.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। पिछला क्लोजिंग प्राइस 5,009.50 डॉलर प्रति औंस था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 77.96 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। पिछला क्लोजिंग प्राइस 77.59 डॉलर था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।   

‘Blast of Colours 3.0’ लाएगा गोवा वाली होली वाइब्स — DJ बीट्स और नियॉन लाइट्स संग लखनऊ करेगा धमाका

लखनऊ  लखनऊ में इस बार होली का खुमार कुछ अलग ही होने वाला है। 21st सेंचुरी प्रोडक्शंस द्वारा आयोजित ‘BLAST OF COLOURS 3.0’ अपने तीसरे संस्करण के साथ शहर में दस्तक दे रहा है। यह आयोजन केवल रंगों का मेल नहीं, बल्कि एक बड़े स्तर के कार्निवल का अनुभव प्रदान करेगा। जनेश्वर मिश्रा पार्क में होने वाला यह तीन दिवसीय उत्सव उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े होली समारोहों में से एक बनने जा रहा है।  जनेश्वर मिश्रा पार्क में बीच-पार्टी जैसी ‘गोवा वाइब्स’ होली के पारंपरिक उल्लास को आधुनिकता के रंग में रंगते हुए, आयोजकों ने गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क (गेट नंबर 5) को एक अनोखे ‘मिनी गोवा’ में तब्दील करने का फैसला किया है। 28 फरवरी, 1 मार्च और 2 मार्च 2026 को आयोजित होने वाला यह फेस्ट पूरी तरह से गोवा की बीच-पार्टियों की थीम पर आधारित होगा। शहर के बीचों-बीच स्थित यह ओपन-एयर वेन्यू राजधानी वासियों को एक ऐसा अनुभव देगा, जो अब तक केवल तटीय शहरों तक सीमित था। जंगल और नियॉन थीम होली डेकोर  इस साल के उत्सव का सबसे मुख्य आकर्षण यहां का अद्भुत विजुअल सेटअप है। इवेंट में जंगल और नियॉन-थीम वाले डेकोरेशन का उपयोग किया जाएगा, जो शाम के समय पूरे माहौल को खुशनुमा बनाएगा। दोपहर 1:00 बजे से रात 8:00 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हर घंटे मनोरंजन के नए स्तर देखने को मिलेंगे, जिससे युवाओं और परिवारों को एक यादगार अनुभव प्राप्त होगा। टॉप DJs और लाइव परफॉरमेंस की शानदार गूँज संगीत के शौकीनों के लिए यह फेस्टिवल किसी बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट से कम नहीं है। पूरे दिन हाई-एनर्जी पावर DJs और लाइव बैंड्स अपनी धुन पर लोगों को झूमने पर मजबूर करेंगे। खास तौर पर डिजाइन किया गया ‘डांस एरिना’ उन लोगों के लिए बनाया गया है जो रंगों के साथ-साथ हाई-बीट संगीत का लुत्फ उठाना चाहते हैं। यहाँ का वाइब्रेंट साउंड सिस्टम और लाइटिंग शो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। स्किन-फ्रेंडली रंगों और सुरक्षा के कड़े इंतजाम मेहमानों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयोजकों ने केवल ऑर्गेनिक और स्किन-सेफ कलर्स का उपयोग अनिवार्य किया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए, बाहर से रंग, भोजन या किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ लाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आयोजन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल एड की टीमें तैनात रहेंगी ताकि एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में लोग त्योहार मना सकें।  जायकेदार व्यंजन, ठंडाई और फेस्टिवल बाजार होली का आनंद बिना पकवानों के अधूरा है। इस इवेंट में विशेष फूड स्टॉल्स लगाए जाएंगे जहाँ लखनऊ के मशहूर लजीज व्यंजनों के साथ पारंपरिक होली ठंडाई का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा, एक शॉपिंग जोन भी बनाया गया है जहाँ से पर्यटक अपनी पसंद की चीजें खरीद सकते हैं। कानूनी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए यहाँ बार काउंटर की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जो उत्सव के आनंद को दोगुना कर देगी। इसलिए देर न करे जल्दी से टिकट बुक करें। आप टिकट बुक माई शो पर जाकर बुक कर सकते है।

Gold Price Update: सोने के दामों में भारी गिरावट, निवेशकों के लिए बड़ा अलर्ट

इंदौर  मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजारों में आज 18 फरवरी 2026 को सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में आज सुबह नए रेट जारी किए गए हैं। ऐसे में अगर आप शादी-विवाह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जानकारी के मुताबिक आज 22 कैरेट सोना 14,250 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है, जो बीते दिन 14,390 रुपये प्रति ग्राम था। यानी कीमत में 140 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखने को मिली है। इसी तरह 24 कैरेट सोने की कीमत में भी कमी आई है। आज 24 कैरेट सोना 14,963 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि कल इसका भाव 15,110 रुपये प्रति ग्राम था। यानी एक ग्राम पर करीब 147 रुपये की गिरावट आई है। अगर 10 ग्राम की बात करें तो आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,630 रुपये है, जो कल 1,51,100 रुपये थी। वहीं 8 ग्राम सोना आज 1,19,704 रुपये में मिल रहा है, जबकि बीते दिन इसकी कीमत 1,20,880 रुपये थी। वहीं चांदी की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार एक ग्राम चांदी का भाव 265 रुपये पर स्थिर बना हुआ है। इसी तरह एक किलो चांदी का रेट भी 2,65,000 रुपये पर कायम है। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की चाल का असर घरेलू बाजार पर देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव हो सकता है। ऐसे में खरीदारी से पहले ताजा रेट जरूर चेक कर लें।

नए अवतार में Jawa 42 Ivory: क्लासिक लुक के साथ Royal Enfield को चुनौती

 नई दिल्ली Jawa 42 Ivory Price & Features: देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी जावा येज्डी मोटरसाइकिल ने भारतीय बाजार में अपनी मशहूर बाइक Jawa 42 के कलर लाइन-अप को अपडेट किया है. रेट्रो लुक और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के लिए मशहूर बाइक Jawa 42 अब एक नए रंग के साथ पेश की गई है. कंपनी ने इस बाइक को अब आइवरी शेड में लॉन्च किया है, जो बाइक को एक अलग और प्रीमियम लुक देता है. यह नया रंग उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाया गया है, जो क्लासिक स्टाइल के साथ एक्सक्लूसिव फील चाहते हैं. जावा 42 के नए आइवरी कलर वेरिएंट की कीमत कीमत 1.85 लाख (एक्स-शोरूम) रुपये रखी गई है. यह अब इस मॉडल का सबसे महंगा कलर वेरिएंट बन गया है. इससे पहले ड्यूल-चैनल एबीएस और अलॉय व्हील वाला वेरिएंट 1.83 लाख रुपये तक जाता था. नई कीमत के साथ यह वेरिएंट सीधे तौर पर प्रीमियम ग्राहकों को टारगेट करता है. डिजाइन में क्या है खास पेस्टल आइवरी शेड बाइक के फ्रंट फेंडर, हेडलैंप कवर, फ्यूल टैंक, साइड पैनल और रियर फेंडर पर दिया गया है. टैंक पर बड़े और बोल्ड अक्षरों में ‘Forty Two’ लिखा गया है, जबकि साइड पैनल पर ‘42’ का नंबर दिया गया है. यह डिटेल्स इसे बाकी कलर वेरिएंट्स से अलग बनाती हैं. इंजन और अन्य पार्ट्स को ब्लैक पेंट से फिनिश किया गया है, जिससे बाइक को फैक्ट्री कस्टम जैसा लुक मिलता है. मैकेनिकल तौर पर नई आइवरी जावा 42 में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें 294.7 सीसी का लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है. जो 27 बीएचपी की पावर और 26.84 न्यूटर मीटर (Nm) का टॉर्क जेनरेट करता है. इंजन के साथ छह-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है, जिसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच की सुविधा भी मिलती है. बाइक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनी है और इसमें आगे टेलिस्कोपिक फोर्क तथा पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं. हाई-स्पेक वेरिएंट में अलॉय व्हील मिलते हैं, जबकि ग्राहक वायर-स्पोक रिम्स का विकल्प भी चुन सकते हैं. वारंटी और सर्विस सपोर्ट Jawa Yezdi की ओनरशिप एश्योरेंस प्रोग्राम के तहत जावा 42 के साथ 4 साल या 50,000 किलोमीटर की स्टैंडर्ड वारंटी दी जाती है. इसके अलावा ग्राहक कुछ और पैसे खर्च कर एक्सटेंडेड वारंटी भी ले सकते हैं. जिसके बाद कुल वारंटी 6 साल तक की हो जाएगी. इसके अलावा बाइक पर 8 साल तक की रोडसाइड असिस्टेंस और 5 साल तक का एएमसी पैकेज भी उपलब्ध है, जो पूरे देश में लागू होता है.  

YouTube आउटेज से हड़कंप: भारत सहित कई देशों में सेवा बाधित

 नई दिल्ली YouTube की सर्विस अचानक से कई देशों में ठप हो गई है. डाउनडिटेक्टर ने भी इसकी जानकारी दी है और लाखों लोगों ने इसकी रिपोर्ट भी की है. जब लोगों ने Youtube पर विजिट किया तो वह उसकी सर्विस को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी शेयर की है. अमेरिका में 3 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउन डिटेक्टर पर इसकी रिपोर्ट की है.  यूट्यूब होमपेज डाउनलोड नहीं हो रहा है और उनको ये मैसेज दिखा रहा है, जिसका स्क्रीनशॉट हमने नीचे शेयर किया है. भारत, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में Youtube प्रभावित हुआ है.  Youtube ने किया पोस्ट  Youtube की सर्विस ठप होने के बाद कंपनी ने इसको लेकर X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया है. कंपनी ने बताया है अगरआपको अभी भी यूट्यूब की सर्विस एक्सेस करने में परेशानी हो रही है तो आप अकेले नहीं है. कंपनी जल्द ही इस प्रॉब्लम को सॉल्व करेगी, उनकी टीम इसपर काम कर रही है.   दुनियाभर के पोर्टल की सर्विस और आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर ने भी Youtube Down होने की जानकारी दी है. यह प्रॉब्लम पोर्टल और ऐप दोनों पर सामने आई है. इसकी वजह से वीडियो स्ट्रीमिंग को लेकर बड़ी समस्या हो रही है. गूगल का Youtube दुनियाभर में पॉपलर है. इसका इस्तेमाल एंटरटेनमेंट से लेकर भजन आदि सुनने में भी किया जाता है. बहुत से स्टूडेंट Youtube की मदद से पढ़ाई भी करते हैं. ऐसे में सर्विस ठप होने की वजह से उन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.  सोशल मीडिया पर छाया ट्रेंड Youtube की सर्विस ठप होने के बाद X प्लेटफॉर्म पर बहुत से यूजर्स ने पोस्ट किया. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #YouTubeDOWN ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट्स शेयर किया. किसी ने कहा कि आज सुबह Youtube भी देर से सुबह है तो किसी ने इस जल्द ठीक करने का रिक्वेस्ट की. 

स्वदेशी AI Sarvam ने दावेदारी की, इंटरनेट बिना भी करेगा काम और ग्लोबल AI को चुनौती

 नई दिल्ली  India AI Impact Summit के दौरान Sarvam AI का नाम तेजी से सामने आया है. वजह है कंपनी का नया प्लेटफॉर्म Sarvam Edge. इसे ऑन-डिवाइस AI के तौर पर पेश किया गया है. आसान शब्दों में कहें तो यह AI आपके मोबाइल और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी चल सकता है. मतलब हर सवाल या कमांड के लिए डेटा क्लाउड पर भेजने की जरूरत नहीं होगी. प्रोसेसिंग डिवाइस के अंदर ही होगी. यह आइडिया नया नहीं है, लेकिन भारत जैसे देश में यह काफी प्रैक्टिकल हो सकता है. यहां हर जगह तेज और स्टेबल इंटरनेट नहीं मिलता. ऐसे में ऑफलाइन या लो-इंटरनेट पर चलने वाला AI ज्यादा काम का साबित हो सकता है. Sarvam Edge क्या करता है और किसके लिए बना है Sarvam Edge का फोकस रोजमर्रा के बेसिक AI कामों पर है. जैसे वॉइस को टेक्स्ट में बदलना. टेक्स्ट को दूसरी भाषा में ट्रांसलेट करना. और कुछ लिमिटेड AI असिस्टेंट टास्क. कंपनी भारतीय भाषाओं पर ज्यादा काम कर रही है. इसलिए इसका इस्तेमाल उन यूजर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जो हिंदी या दूसरी लोकल लैंग्वेज में काम करते हैं. ऑन-डिवाइस होने का एक फायदा प्राइवेसी से जुड़ा है. यूजर का डेटा बाहर सर्वर पर नहीं जाता. सब कुछ फोन या लैपटॉप में ही प्रोसेस होता है. हालांकि इसका दूसरा पहलू भी है. अगर डिवाइस पुराना है या कमजोर हार्डवेयर है तो परफॉर्मेंस और बैटरी पर असर पड़ सकता है. ChatGPT से तुलना, दोनों का अप्रोच अलग है ChatGPT क्लाउड पर चलने वाला बड़ा AI मॉडल है. यह इंटरनेट के जरिए काम करता है. इसकी ताकत यह है कि यह काफी जटिल सवालों को हैंडल कर सकता है. लॉन्ग कन्वर्सेशन कर सकता है. और कई टॉपिक्स पर डीप जवाब देता है. Sarvam Edge का अप्रोच अलग है. यह छोटे और हल्के मॉडल पर काम करता है. इसका मकसद हर तरह का जनरल AI बनना नहीं है. बल्कि कुछ खास टास्क को लोकल लेवल पर आसान बनाना है. जहां इंटरनेट नहीं है या स्लो है, वहां यह ज्यादा काम का हो सकता है. सीधी भाषा में कहें तो ChatGPT ज्यादा पावरफुल है, लेकिन Sarvam Edge ज्यादा प्रैक्टिकल कंडीशन को टारगेट करता है. दोनों का यूज-केस अलग है. Google Gemini से तुलना, स्केल और टारगेट में फर्क Google Gemini भी क्लाउड बेस्ड AI सिस्टम है. यह बड़े डेटा सेंटर पर चलता है. Gemini का फोकस मल्टीमॉडल AI पर है. यानी टेक्स्ट, इमेज और दूसरी चीजों को एक साथ समझना. यह हाई-एंड यूजर्स और कंपनियों के लिए ज्यादा डिजाइन किया गया है. Sarvam Edge यहां भी अलग रास्ता लेता है. इसका स्केल छोटा है. लेकिन टारगेट ज्यादा ग्राउंड लेवल यूजर हैं. खासकर वे लोग जो लोकल लैंग्वेज में काम करते हैं. और जिनके पास हर समय तेज इंटरनेट नहीं होता. इसलिए Gemini और Sarvam Edge को सीधा कंपटीटर कहना सही नहीं होगा. दोनों अलग जरूरतों को पूरा करते हैं. भारत के AI इकोसिस्टम में Sarvam की जगह भारत सरकार IndiaAI Mission के जरिए लोकल AI को बढ़ावा देने की बात कर रही है. Sarvam AI जैसे स्टार्टअप इसी इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. इनका फोकस भारत के यूज-केस पर है. खासकर भाषा और एक्सेस से जुड़े मुद्दों पर. फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि Sarvam Edge भारत का ChatGPT बन गया है. अभी यह एक शुरुआती स्टेज का प्रोडक्ट है. असली तस्वीर तब साफ होगी जब ज्यादा लोग इसे अपने फोन और लैपटॉप पर इस्तेमाल करेंगे. और देखा जाएगा कि रियल लाइफ में यह कितना स्टेबल और काम का है. Sarvam AI का दावा, Gemini और ChatGPT से बेहतर कहां और क्यों Sarvam AI की टीम यह कह रही है कि उनके कुछ मॉडल भारत से जुड़े टास्क में Gemini और ChatGPT से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं. यह दावा जनरल AI पर नहीं है. कंपनी खास टास्क की बात कर रही है. जैसे इंडियन लैंग्वेज टेक्स्ट पढ़ना. पुराने डॉक्युमेंट समझना. और OCR जैसे काम. Sarvam का कहना है कि इन केस में उनके मॉडल ज्यादा सही आउटपुट दे रहे हैं. खासकर तब जब इनपुट में हिंदी, दूसरी लोकल भाषाएं या हिंग्लिश हो. यह दावा कहां तक सही है और इसकी लिमिट क्या है यह समझना जरूरी है कि यह तुलना हर तरह के AI काम पर लागू नहीं होती. Sarvam के दावे कुछ लिमिटेड बेंचमार्क और उनके अपने टेस्ट पर बेस्ड हैं. यह नहीं कहा जा सकता कि Sarvam हर मामले में Gemini या ChatGPT से बेहतर है. जनरल सवाल-जवाब, लॉन्ग चैट या बड़े नॉलेज टास्क में ग्लोबल मॉडल अब भी ज्यादा आगे हैं. Sarvam का स्ट्रॉन्ग पॉइंट लोकल यूज-केस है. खासकर इंडियन लैंग्वेज और लोकल कंटेंट से जुड़े काम.

आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल के तनिष्क सिंघल बने भोपाल टॉपर

भोपाल  एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड  (AESL) के भोपाल के छात्रों ने एक बार फिर जेईई मेन (सेशन 1) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपने क्षेत्र में संस्थान के मजबूत शैक्षणिक कार्यक्रम को साबित किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 16 फरवरी को जारी परिणामों के अनुसार, जेईई मेन 2026 में आकाश इंस्टीट्यूट, भोपाल के 11 छात्रों ने 98 परसेंटाइल से अधिक प्राप्त कर बेहतरीन प्रदर्शन दिया। जेईई मेन  2026 में, आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल शाखा के छात्रों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तनीष्क सिंगल ने 99.925 परसेंटाइल प्राप्त कर भोपाल सिटी रैंक 1 हासिल किया। यह पिछले 3 वर्षों में दूसरी बार है जब भोपाल सिटी टॉपर Aakash Institute की भोपाल शाखा का छात्र बना है। उनके बाद अर्श गिरी ने 99.56 परसेंटाइल और कृष्णा वर्मा ने 99.55 परसेंटाइल के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंशिका धाकड़ और अनुज सिंह दोनों ने 99.48 परसेंटाइल हासिल किए, निहारिका मीणा ने 99.17, सालेहा अंसारी ने 98.79, आराध्य रैकवार ने 98.75, वेदांत पचौरी ने 98.50, मोहम्मद अज़लान सिद्दीकी ने 98.31 तथा वैभव रंजन ने 98.12 परसेंटाइल प्राप्त किए। यह प्रदर्शन भोपाल शहर में सर्वश्रेष्ठ चयन प्रतिशत में से एक माना जा रहा है। छात्रों की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए, डॉ. एच.आर. राव, चीफ़ ऑफ़ एकेडेमिक्स एवं बिज़नेस हेड, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने कहा: “भोपाल के छात्रों का उत्कृष्ट परिणाम उनके समर्पण और आकाश के मजबूत शैक्षणिक तंत्र का प्रमाण है। हमें उनकी मेहनत पर गर्व है और हम उन्हें दिल से बधाई देते हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।” कई छात्रों ने बताया कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास, कठोर प्रशिक्षण, समय पर मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, योग्य शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मॉक टेस्ट के अवसरों ने उन्हें अपनी कमजोरियों को जल्दी पहचानने और लगातार सुधार करने में सहायता की। जेईई मेन, जो वर्ष में दो बार आयोजित होता है, छात्रों को अपने पिछले स्कोर में सुधार का अवसर देता है और इसके आधार पर छात्र एनआईटी, आईआईआईटी एवं अन्य सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं। यह परीक्षा जेईई एडवांस्ड  के लिए भी क्वालिफाई करने का माध्यम है, जो इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी ) में प्रवेश हेतु आयोजित की जाती है।

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