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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. माधवराव सप्रे जी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की माटी के गौरव, हिन्दी पत्रकारिता के पुरोधा, स्वतंत्रता सेनानी पं. माधवराव सप्रे जी की जयंती पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सप्रे जी ने मासिक पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ के प्रकाशन के साथ हिंद केसरी और कर्मवीर के लिए समर्पण से पत्रकारिता जगत की अमूल्य सेवा की। उनकी कृति ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ हिंदी की पहली कहानी है, इसने साहित्य जगत को नई दिशा दी।पं. माधवराव सप्रे जी का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।  

UK की तरह एमपी में भी शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, सीएम मोहन यादव ने कर दिया ऐलान

 भोपाल  मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को एक शानदार घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तरह हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी, जिससे पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी। यह अनोखी घोषणा ‘ग्रामीण रंग, पर्यटन संग’ राज्य स्तरीय उत्सव में की गई, जो कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित हुआ। इस कदम से मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे और पर्यटकों को एक नई अनुभव की अनुभूति होगी। वेलनेस टूरिज्म और रेस्पॉसिबल टूरिज्म पर ज़ोर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर अब वेलनेस सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि पर्यटक मानसिक और शारीरिक विश्राम के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। इसी क्रम में रेस्पॉसिबल टूरिज्म मिशन  की नई वेबसाइट लॉन्च की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तर्ज पर राज्य पर्यटन बोर्ड के माध्यम से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार ने पर्यटकों के लिए वेलनेस सुविधाएं बढ़ाने के लिए समिट की है। इससे प्रदेश का मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। इस दौरान ग्रामीण होम स्टे संचालकों, सरपंचों और 10 जिले के कलेक्टरों को बेहतर काम के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर पर पर्यटन गतिविधियों से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक उन्नति के अवसर उपलब्ध होते हैं। पर्यटन गतिविधियां, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, तीज-त्योहार-पर्व और खानपान को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होती है। आयोजन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला शामिल हुए। ग्रामीण क्षेत्र में योग और ध्यान का प्रशिक्षण और छोटे वेलनेस सेंटर की स्थापना के लिए पर्यटन बोर्ड और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के बीच समझौता हुआ। 61 पर्यटक गांवों में सौर ऊर्जा चलित स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड के बीच करार हुआ है। इन कलेक्टरों को किया गया सम्मानित होम स्टे निर्माण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा, आगर-मालवा के राघवेंद्र सिंह, छतरपुर के पार्थ जायसवाल, छिंदवाड़ा के शीलेंद्र सिंह, रीवा की कलेक्टर प्रतिभा पाल, निवाड़ी के लोकेश कुमार जांगिड, मुरैना के अंकित अस्थाना, सीहोर के बालागुरु के, सीधी के एस सोमवंशी और पन्ना के कलेक्टर सुरेश कुमार को सम्मानित किया गया। होम स्टे का वर्चुअल लोकार्पण, बढ़ेगा रोजगार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 241 होम स्टे का वर्चुअल लोकार्पण किया। इन होम स्टे को राज्य के 121 गांवों में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। अब तक का होम स्टे विकास     कुल गांव – 121     चालू होम स्टे – 241     लाभार्थी जिले – 10     संभावित रोजगार – 500+ ग्रामीण युवा एलईडी और सोलर लाइट्स से रोशन होंगे 61 गांव इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और सिग्निफाइंग संस्था के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया। इसके तहत 61 गांवों में एलईडी और सोलर लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे वहां के पर्यटन स्थलों की रोशनी बढ़ेगी और पर्यावरण के प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

सुदूर जनजातीय अंचल से निकलकर जिले की एक बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रचा

“दास्तां खुशियों की” भारिया जनजाति की बेटी शांति बनी प्रदेश का गौरव जिले में भारिया जनजाति की पहली छात्रा जिसने पाई नीट में सफलता  सुदूर जनजातीय अंचल से निकलकर जिले की एक बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रचा  भोपाल  मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सुदूर जनजातीय अंचल से निकलकर जिले की एक बेटी ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रच दिया है। सीमित संसाधनों, कठिन परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए कुमारी शांति पचलिया ने यह साबित कर दिया कि “अगर इरादा मजबूत हो, सपने सिर्फ देखे नहीं, पूरे भी किए जा सकते हैं।” विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया से ताल्लुक रखने वाली छात्रा कु. शांति, छिंदवाड़ा जिले की पहली छात्रा बन गई हैं जिसने नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, गाँव और समुदाय को गौरवान्वित किया है, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को एक नई प्रेरणा भी दी है। शांति का जन्म 23 अप्रैल 2007 को विकासखण्ड हर्रई के ग्राम बालूसार में हुआ। उनके पिता श्री लिट्टी पचलिया कृषक हैं और माता श्रीमती लता पचलिया गृहिणी हैं। शांति ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई शासकीय विद्यालयों से की और वर्तमान में आदिवासी उत्कृष्ट छात्रावास हर्रई में निवास करती हैं। पढ़ाई के लिए उन्होंने रोजाना 4 से 5 घंटे तक कड़ी मेहनत की और नीट 2025 परीक्षा में सफल हुईं। आर्थिक और सामाजिक रूप से सीमित संसाधनों के बावजूद शांति का सपना था डॉक्टर बनकर अपने गाँव की सेवा करना। उनका कहना है कि मैं अपने गाँव को आगे बढ़ाना चाहती हूँ और सबकी मदद करना चाहती हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनजातीय संवर्ग के विद्याथियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिये नि:शुल्क शिक्षा के लिये बनाई गई शैक्षणिक योजनाओं की सहुलियतों ने शैक्षणिक क्रांति का बीजारोपण किया है। सरकार ने जुलाई 2024 से सभी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में नीट और जेईई की तैयारी के लिए एक अतिरिक्त पीरियड की व्यवस्था शुरू करवाई। इसके साथ ही इंदौर की नामचीन कोचिंग संस्था की मदद से कार्यशालाएँ, निशुल्क नोट्स, हिंदी-अंग्रेजी में अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई गई। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया, छात्रों की कठिनाइयों को समय-समय पर दूर किया गया। नीट 2025 परीक्षा में छिंदवाड़ा के लगभग 1400 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 80 से ज्यादा विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की, इनमें से कई आदिवासी विकासखंडों के छात्र-छात्राएँ भी शामिल हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने नीट 2025 में चयनित शांति सहित सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा है कि, “सरकारी स्कूलों के बच्चों में असीम क्षमता है, उन्हें सिर्फ दिशा, संसाधन और निरंतर प्रेरणा की ज़रूरत होती है। शांति जैसी बेटियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य शासन के प्रयासों को सार्थक बना रही हैं।” 

13 पंचायत सचिवों का तबादला, ज्वाइन करने के बाद ही मिलेगी सैलरी-छुट्टी

एमपी में बड़ा तबादला अभियान 34 पटवारी, 64 पंचायत सचिव, 7 पीसीओ और 3 उपयंत्रियों को नई पदस्थापना राजधानी में पंचायत सचिवों का पैमाने पर तबादला, 43 सचिवों की बदली पदस्थापना, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता पर   13 पंचायत सचिवों का तबादला, ज्वाइन करने के बाद ही मिलेगी सैलरी-छुट्टी   भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी है, और इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में पंचायत सचिवों के बड़े पैमाने पर हुए तबादलों ने सुर्खियां बटोरी हैं। पिछले सात दिनों के भीतर कुल 43 पंचायत सचिवों का स्थानांतरण किया गया है, जिसमें मंगलवार देर रात जारी 13 सचिवों की नई सूची भी शामिल है। यह कदम वर्षों से एक ही स्थान पर जमे या अपने गृह/ससुराल के समीप पदस्थ सचिवों को स्थानांतरित कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नई जान फूंकने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सालों से जमे सचिवों पर चला गाज: भोपाल जिले की ग्राम पंचायतों में कई सालों से एक ही जगह पर पदस्थ सचिवों को अब नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह देखा गया था कि कुछ सचिव अपनी पैतृक पंचायतों या ससुराल के नजदीकी क्षेत्रों में जमे हुए थे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे थे। इस स्थिति को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जारी की गई नवीनतम सूची में भी उन्हीं सचिवों को प्राथमिकता दी गई है, जो लंबे समय से एक ही पंचायत में कार्यरत थे। इस पहल को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यमुक्त होते ही नई पंचायत में ज्वाइन करना होगा अनिवार्य: तबादला किए गए इन सभी 43 सचिवों के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें अपनी पुरानी पंचायत से तत्काल कार्यमुक्त होकर 14 दिनों के भीतर नई पदस्थापना वाली पंचायत में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। इस नियम का पालन न करने पर उनके वेतन और अवकाश पर सीधा असर पड़ेगा। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यमुक्त होने और नई पंचायत में विधिवत ज्वाइन करने के बाद ही उन्हें वेतन का भुगतान किया जाएगा और वे किसी भी प्रकार की छुट्टी का लाभ उठा पाएंगे। यह नियम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि तबादलों की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो और प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए। समय पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है। प्रभारी मंत्री की मंजूरी और जनप्रतिनिधियों की राय का समावेश: इन तबादलों की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखने का प्रयास किया गया है। तबादला सूची को अंतिम रूप देने से पहले जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप से विधिवत अनुमोदन प्राप्त किया गया है। इससे पहले, 10 जून को भी मंत्री कश्यप ने 30 सचिवों के तबादलों को मंजूरी दी थी। इन तबादलों में स्थानांतरण नीति के निर्धारित मानदंडों (क्राइटेरिया) के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सलाह और सुझावों को भी महत्व दिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बदलावों का सकारात्मक प्रभाव पड़े और स्थानीय विकास कार्यों को गति मिल सके। भोपाल जिले का प्रशासनिक ढांचा और तबादलों का महत्व: भोपाल जिले में कुल 222 ग्राम पंचायतें हैं, जो बैरसिया और फंदा नामक दो जनपद पंचायतों के अंतर्गत आती हैं। पंचायत सचिव इन ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक और विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह तबादला अभियान इन जनपदों की पंचायतों के भीतर ही किया गया है। इस प्रकार के प्रशासनिक फेरबदल से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही नए स्थानों पर नई ऊर्जा के साथ काम करने से योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। जिले में पंचायत सचिवों को इधर से उधर करने का सिलसिला जारी है। इसी के तहत मंगलवार देर रात 13 पंचायत सचिवों के तबादला आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले 10 जून को जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने 30 सचिवों के तबादला आदेश जारी करते हुए सूची जारी की थी। इस तरह अब तक कुल 43 सचिवों का तबादला किया जा चुका है लेकिन हैरत की बात यह है कि सचिव पुरानी पंचायतों को छोड़ने को तैयार नहीं है। नई पंचायत संभालेंगे तब वेतन व अवकाश मिलेगा आदेश के बाद भी वह यथावत अपना काम कर रहे हैं। इसी कारण शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि पंचायत सचिव जब नई पंचायत का कार्यभार संभालेंगे तब ही उनको वेतन व अवकाश मिलेगा। तबादला आदेश रूक-रूककर जारी किए जा रहे हैं इससे स्पष्ट है कि क्राइटेरिया के साथ ही जनप्रतिनिधियों की पसंद का ध्यान भी रखा गया। भोपाल में कुल 222 ग्राम पंचायतें हैं, इनमें 126 बैरसिया जनपद की और 96 फंदा जनपद की शामिल हैं। 14 दिन में नई पंचायत में काम संभालना होगा जिन ग्राम पंचायतों को एक पंचायत से दूसरी पंचायत में भेजा गया है, उन्हें 14 दिन के अंदर काम संभालना होगा। अपनी उपस्थिति लिखित में देना होगी। तबादला वाली ग्राम पंचायत में यदि किसी ग्राम के सचिव के नातेदार पंचायत का पदाधिकारी चुन लिया गया हो या पूर्व से हो तो ऐसी पंचायत में किया गया तबादला स्वत: ही निरस्त माना जाएगा। किसी भी पंचायत सचिव का उसकी पैतृक या ससुराल की ग्राम पंचायत में किया गया तबादला भी निरस्त माना जाएगा। समय पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर कार्रवाई होगी। भविष्य के लिए सख्त नियम: जारी आदेश में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी जोड़ी गई हैं, जिनका पालन सभी सचिवों को करना होगा:     यदि किसी सचिव के रिश्तेदार पहले से ही नई पदस्थापना वाली पंचायत में पंचायत पदाधिकारी हैं, तो वह तबादला स्वतः ही रद्द माना जाएगा। यह कदम हितों के टकराव से बचने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।     यदि किसी सचिव की पोस्टिंग उसकी पैतृक या ससुराल की पंचायत में हुई है, तो उस तबादले को भी निरस्त माना जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सचिव अपने व्यक्तिगत संबंधों का लाभ उठाकर पद का दुरुपयोग न कर सकें। कुल मिलाकर, भोपाल में पंचायत सचिवों के ये बड़े पैमाने पर हुए तबादले मध्य प्रदेश सरकार की प्रशासनिक सुधारों … Read more

सीहोर में कॉलेज छात्रा से रेप और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया

 सीहोर  सीहोर में एक गंभीर मामला सामने आया है। कॉलेज छात्रा ने दो भाइयों और एक मौलवी पर रेप और धर्मांतरण का आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि दो भाइयों ने उसे शारीरिक शोषण का शिकार बनाया। इसके साथ ही उसे धर्म बदलने के लिए भी मजबूर किया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच शुरू कर दी है। धमकाकर घर बुलाकर किया रेप पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह भोपाल के एक कॉलेज में बीए सेकेंड ईयर की छात्रा है और सीहोर की निवासी है। 2022 में उसके घर के पास रहने वाले जुबैर मंसूरी ने उसे अपनी पसंदगी जताई। छात्रा ने मना किया, लेकिन जुबैर ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। धमकी देने के बाद, जुबैर ने मई 2022 में उसे अपने घर बुलाकर दुष्कर्म किया। पीड़िता ने जुबैर से संपर्क तो बंद कर लिया, लेकिन उसने परिवार को मारने और बदनाम करने की धमकी दी। इस डर से वह फिर से जुबैर से मिलने लगी। जुबैर के भाई ने भी किया शारीरिक शोषण पीड़िता के अनुसार, सितंबर 2022 में जुबैर ने फिर से उसे अपने घर बुलाया। उसके बड़े भाई शोएब (सोहेल) ने उसे जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। शोएब ने धमकी दी कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी, तो उसकी फोटो वायरल कर देगा। बदनामी के डर से छात्रा ने उसकी बात मानी और शारीरिक शोषण का शिकार हुई। इसके बाद जुबैर ने उसे कहा कि उनके परिवार में यह सब चलता है और उसे यह सब करना पड़ेगा। कलमा पढ़वाकर नाम बदलवाने की कोशिश 2024 में जुबैर ने पीड़िता को अपने घर बुलाया और उसे मस्जिद में रहने वाले हाफिज साहब आरिफ से मिलवाया। हाफिज साहब ने उसे मंदिर जाने और पूजा-पाठ करने से मना किया और जबरन कलमा पढ़वाने की कोशिश की। इसके बाद, पीड़िता का नाम बदलकर जैनब मंसूरी रखा गया। जुबैर ने उसे कहा कि वह इस प्रक्रिया के बाद उसका निकाह कराएंगे। पीड़िता बोलीं- धमकाकर घर बुलाया, रेप किया छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में बताया- ‘मैं सीहोर की रहने वाली हूं। भोपाल के एक कॉलेज से बीए कर रही हूं। 2022 में घर के सामने रहने वाले जुबैर मंसूरी ने कहा कि मैं तुम्हें पसंद करता हूं। उसने बात करने की कोशिश की तो मैंने मना कर दिया। उसने कहा- बात करने में क्या बुराई है। मैं उसकी बातों में आ गई और हमारी फोन पर बात होने लगी। पीड़िता ने आगे बताया- ‘जब घर पर कोई नहीं होता था, तो जुबैर मिलने बुलाता। मैंने मना किया तो वह धमकाने लगा। बोला- नहीं आएगी तो सबको बता दूंगा कि तू मुझसे बात करती है। उसकी धमकी से डरकर मैं मई 2022 में उसके घर गई, जहां उसने रेप किया।’ पीड़िता के मुताबिक- ‘इसके बाद मैंने उससे बात करना बंद कर दिया। कुछ दिनों बाद जुबैर ने फोन करके धमकी दी कि मुझसे बात नहीं करेगी तो तेरे परिवारवालों को मार दूंगा और तुझे बदनाम कर दूंगा। बदनामी के डर से मैं फिर से बात करने लगी। जुबैर के भाई ने भी धमकी देकर रेप किया पीड़िता ने बताया कि सितंबर 2022 में जुबैर ने फिर मुझे अपने घर बुलाया। वहां उसका बड़ा भाई शोएब (सोहेल) ने हमें एक साथ देख लिया। कुछ दिन बाद शोएब ने मुझसे कहा कि तू मेरे साथ संबंध बना। मैंने मना किया तो उसने धमकी दी कि तेरे फोटो वायरल कर दूंगा। बदनामी के डर से मैं उससे मिलने चली गई और उसने भी मेरे साथ गलत काम किया। छात्रा ने कहा कि मैंने यह बात जुबैर को बताई तो उसने कहा- हमारे यहां यह सब चलता है, तुझे करना पड़ेगा। इसके बाद कई बार जुबैर ने मेरी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए। बात करना बंद की तो धमकाया पीड़िता ने आरोप लगाते हुए बताया कि गलत काम होने के बाद मैंने जुबैर से बात करना बंद कर दिया, कुछ दिन तो सामान्य रहा लेकिन एक दिन उसने फोन कर धमकी दी की अगर तुम मुझसे बात नहीं करेगी तो तेरे परिवार वालों को मार दूंगा और तुझे बदनाम कर दूंगा,जुबैर की धमकी से डर कर मैं उसे फिर बात करने लग गई। पीड़िता ने बताया कि बाद में उसका भाई भी रेप करने लगा। उसने कहा, ‘सितंबर 2022 में जुबैर ने एक बार फिर धमकाकर मुझे अपने घर बुलाया। वहां उसका बड़ा भाई शोएब भी आ गया और उसने हमें एक साथ देख लिया इनके बाद शोएब ने फोटो वायरल करने की धमकी देकर बुलाया और मेरे साथ दुष्कर्म किया। यह बात जब जुबैर को बताई तो उसने कहा- हमारे यहां यह सब चलता है, तुझे करना पड़ेगा। इसके बाद कई बार जुबैर ओर शोएब ने मेरी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए।’ मंदिर जाने से किया मान, मौलवी से धर्म परिवर्तन पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2024 में जुबैर ने मुझे अपने घर बुलाया और मस्जिद में रहने वाले हाफिज साहब आरिफ से मिलवाया, उन्होंने मेरा नाम जैनब मंसूरी रखा। इस दौरान उन्होंने कई बार जबरन कलमा पढ़वाने का प्रयास कराया ओर मौलवी ने कहा की तुम मंदिर मत जाया करो, पूजा-पाठ मत किया करो, कलमा पढ़ा करो इससे हमारे रीति-रिवाज सीख जाओगे तो तेरा निकाह जुबैर से करा देंगे। आखिरकार जुबैर से परेशान होकर मैंने अपनी चचेरी बहन और भाई को सारी बात बताई। इसके बाद हम थाने पहुंचे और जुबैर, शोएब और हाफिज साहब आरिफ के खिलाफ शिकायत दी। एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि युवती ने मंगलवार शिकायत दी थी, जिसके बाद जांच पड़ताल की गई ओर बुधवार तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 376, 363, 366, 376(2n), पॉक्सो एक्ट और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज किया है। तीनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है,गुरुवार आरोपियों को न्यायलय में पेश किया जाएगा। मुझसे कलमा पढ़वाया और नाम बदलवाया पीड़िता ने कहा कि 2024 में एक दिन जुबैर ने मुझे अपने घर बुलाया। वहां मस्जिद में रहने वाले हाफिज साहब आरिफ से मिलवाया। उन्होंने कहा कि तुम मंदिर मत जाया करो, पूजा-पाठ मत किया करो, कलमा पढ़ा करो। उन्होंने बहुत बार जबरन कलमा पढ़वाने की कोशिश की। कहा कि हमारे रीति-रिवाज … Read more

लव जिहाद के लिए फंडिंग करने वाले पार्षद पर पुलिस ने रखा 10 हजार का इनाम

इंदौर हिंदू युवतियों के शोषण के लिए फंडिंग करने वाले कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की सरगर्मी से तलाश जारी है। बाणगंगा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। आरोपित के संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है। वार्ड-58 का पार्षद है कादरी बाणगंगा पुलिस के मुताबिक आरोपित अल्ताफ और साहिल की गिरफ्तारी पर अनवर कादरी का नाम सामने आया है जो भिश्ती मोहल्ला का रहने वाला है। कादरी वार्ड-58 का पार्षद है। उसकी पत्नी भी पार्षद रह चुकी है। टीआइ सियाराम सिंह गुर्जर के मुताबिक अनवर को साजिश का आरोपित बनाया है। 3 लाख रुपये की आर्थिक मदद आरोपितों ने बताया कि उसने 3 लाख रुपये की आर्थिक मदद की थी।उसने कहा था कि हिंदू युवतियों से विवाह करो और उन्हें देह व्यापार में धकेलो। टीआइ के अनुसार आरोपित की तलाश की मगर वह घर से फरार हो गया। बुधवार को उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। अनवर के विरुद्ध 19 मामलें दर्ज है। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि बाणगंगा इलाके में तीन दिन पहले दर्ज हुए लव जिहाद और दुष्कर्म के दो मामलों में षड्यंत्र के आरोपी बने कांग्रेसी पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। दुष्कर्म और लव जिहाद के आरोपियों के पकड़े जाने के बाद वायरल हुए वीडियो के बाद से ही अनवर अपने घर से भाग गया था। बताया जा रहा है कि उसका परिवार भी गायब है। आरोपियों ने पूछताछ में किया था खुलासा बाणगंगा टीआई सियाराम गुर्जर के अनुसार तीन दिन पहले हिंदू संगठन के लोगों ने आरोपी साहिल और अल्ताफ को पकड़ा था। उन दोनों ने ही अनवर डकैत के खिलाफ पुलिस को बयान दिया था। जिसमें दोनों ने बताया था कि उन्हें अनवर डकैत उर्फ कादरी ने हिंदू युवतियों से प्रेम करने और शादी करने के लिए तीन लाख रुपए दिए थे। साहिल के पिता से थी दोस्ती बताया जा रहा है कि अनवर की साहिल के पिता से दोस्ती थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात होती थी। तब ही अनवर ने साहिल को बरगलाया था। इसके बाद उसे कुछ रुपए भी दिए थे। दोनों आरोपियों को जब हिंदूवादियों ने पकड़ा तो मामले का खुलासा हुआ था। कई गंभीर धाराओं में दर्ज है आरोपी वह पूर्व में मदीना नगर(आजादनगर) में रहता था। पहला अपराध 1997 में संयोगितागंज थाने में मारपीट का दर्ज हुआ है। इसके बाद उसके विरुद्ध संयोगितागंज, सदर बाजार, चंदननगर, महाकाल थाना उज्जैन, खजराना, जूनी इंदौर, सराफा में लूट, हत्या की कोशिश, बलवा, नगर निगम एक्ट सहित कईं गंभीर धाराओं में दर्ज हो चुके है।

भोपाल रेल मंडल ने दो माह में यात्री यातायात से 160 करोड़ 25 लाख रुपए का ऑरिजनेटिंग राजस्व प्राप्त किया

भोपाल  भोपाल मंडल रेल द्वारा यात्री सेवाओं के सतत विस्तार एवं संचालन में दक्षता के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रारंभिक दो माह अप्रैल एवं मई 2025 के दौरान उल्लेखनीय यात्री राजस्व अर्जित किया गया है। कुल 160 करोड़ 25 लाख रुपये का ऑरिजनेटिंग राजस्व इस अवधि में मंडल ने आरक्षित एवं अनारक्षित श्रेणियों के 70 लाख 59 हजार यात्रियों के माध्यम से कुल 160 करोड़ 25 लाख रुपये का ऑरिजनेटिंग राजस्व प्राप्त किया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल रेल मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाओं को अमल में लाया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या और राजस्व वृद्धि, मंडल की योजनाबद्ध रणनीतियों का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि भोपाल रेल मंडल में यात्री यातायात बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों में भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन, अधिक मांग वाली ट्रेनों की संचालन अवधि का विस्तार, ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाकर प्रतीक्षा सूची को कम करने की पहल, चयनित स्टेशनों पर मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि का विस्तार और अधोसंरचना सुधार कार्यों की गति बढ़ाकर गाड़ियों की रफ्तार में वृद्धि एवं समयपालन में सुधार शामिल हैं। भोपाल मंडल में यात्री यातायात बढ़ाने हेतु किए गए प्रमुख प्रयास भोपाल मण्डल में यात्री सुविधाओ को देखते हुए इन सुविधाओं में विस्तार किया गया है, जिसमें भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन, अधिक मांग वाली ट्रेनों की संचालन अवधि का विस्तार, ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाकर प्रतीक्षा सूची को कम करने की पहल, चयनित स्टेशनों पर मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि का विस्तार, अधोसंरचना सुधार कार्यों की गति बढ़ाकर गाड़ियों की रफ्तार में वृद्धि एवं समयपालन में सुधार किया गया है।  भोपाल मंडल रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु भविष्य में भी इसी प्रकार प्रयास जारी रहेंगे।  

राजधानी भोपाल में देर रात पुलिस विभाग में फिर तबादले, इस बार कई थाना प्रभारी इधर से उधर, देखें लिस्ट

भोपाल  राजधानी के छह थाना प्रभारियों की पदस्थापना में बीती रात फेरबदल किया गया है। यह आदेश पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के बाद जारी किया गया है। डीसीपी मुख्यालय श्रद्धा तिवारी द्वारा  देर रात जारी किए आदेश के तहत कार्यवाहक निरीक्षक अनुराग लाल को अपराध शाखा से थाना प्रभारी अशोका गार्डन और कार्यवाहक निरीक्षक शिल्पा कौरव को थाना प्रभारी स्टेशन बजरिया तैनात किया गया है। इसी प्रकार चूनाभट्टी थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेन्दर कौर सिंधू को थाना अपराध शाखा और यातायात में पदस्थ निरीक्षक धर्मेंद्र मौर्य को थाना प्रभारी चूनाभट्टी बनाया गया है। इधर मिसरोद थाना प्रभारी मनीषराज सिंह भदौरिया को रक्षित केंद्र भेजा गया है, जबकि रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक संदीप पवार को मिसरोद का थाना प्रभारी पदस्थ किया गया है। कौन कहां भेजा गया? जानें प्रमुख तबादले     अनुराग लाल को अशोका गार्डन थाना का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।     शिल्पा कौरव को बजारिया थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।     भूपेंद्र कोर सिंधु को अपराध शाखा में स्थानांतरित किया गया है।     धर्मेंद्र मौर्य को चुना भट्टी थाना का प्रभार सौंपा गया है।     संदीप पवार को मिसरोद थाना का प्रभारी बनाया गया है।     वहीं, मनीष भदौरिया, जो अब तक मिसरोद थाना प्रभारी थे, उन्हें पुलिस लाइन भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय ने गत दिवस ऐसे पुलिस कर्मचारियों, जिनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण विवेचना अथवा अभियोजन में लंबित हैं तथा जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोपों पर विभागीय जांच लंबित है, उन्हें पुलिस थानों, क्राइम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात नहीं करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत आधा दर्जन थाना प्रभारियों का फेरबदल किया गया है।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव को अचानक से इंदौर कलेक्टर ऑफिस में देख सीएम सब रह गए हैरान

इंदौर  खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री को बड़वानी दौरा निरस्त करना पड़ा। गुरुवार सुबह वे अचानक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और वहीं से बड़वानी के कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अटेंड किया। विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले के ग्राम तलून में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर कलेक्टोरेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।  खराब मौसम के कारण टालना पड़ी यात्रा मुख्यमंत्री मोहन यादव को हेलीकॉप्टर से इंदौर से बड़वानी होते हुए तलून पहुंचना था, पर मौसम खराब होने के कारण यह यात्रा टाल दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को सुबह 10:20 बजे वायुयान से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना था और यहां से 10:25 बजे हेलीकॉप्टर से तलून के लिए रवाना होना था। मुख्यमंत्री तय समय पर इंदौर तो पहुंच गए, पर मौसम ज्यादा खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर से तलून की उड़ान नहीं भर सके। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को दोपहर 1:15 बजे बड़वानी से खरगोन जाना है। उन्हें खरगोन के ग्राम बेड़िया सनावद पहुंचकर स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होना है और शाम 3:50 बजे बेड़िया से हेलीकॉप्टर से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचना है। यहां से उन्हें वायुयान से शाम 4.15 बजे भोपाल के लिए प्रस्थान करना है। सड़क मार्ग से गए राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री बारिश की वजह से बदले हुए कार्यक्रम के तहत अतिथियों को सड़क मार्ग से जाना पड़ा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी शामिल हो रहे हैं। राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री इंदौर से सुबह सड़क मार्ग से तलून के लिए रवाना हो गए हैं। राज्यपाल को बड़वानी से दोपहर 2 बजे प्रस्थान कर शाम 5 बजे इंदौर पहुंचना और रात्रि विश्राम करना है। राज्यपाल अगले दिन सुबह 10.30 बजे वायुयान से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।  

54 जिलों में मानसून की एंट्री, MP में इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें IMD अपडेट, ग्वालियर-चंबल में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल में बूंदाबांदी हुई है, अशोकनगर और रतलाम में तेज बरसात हुई है। ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है क्योंकि दो लो प्रेशर एरिया और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। 3 दिन में कवर किए 54 जिले प्रदेश के 54 जिलों में मानसून 3 दिन में ही पहुंच गया है, सिर्फ भिंड जिला बचा है जहां गुरुवार को मानसून की एंट्री होने की संभावना है। भोपाल में सुबह बूंदाबांदी हुई और बादल छाए रहे। आज ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर, मुरैना और गुना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में ढाई से सवा 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट एमपी में दो लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और तीन साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। यानी, 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक पानी बरस सकता है। बुधवार को मंदसौर, रतलाम और बड़वानी में तेज बारिश हुई जिससे गर्मी से राहत मिली। धार, इंदौर और उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। 2 डिग्री तक लुढ़का पारा आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई, पारा लुढ़का प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। मंदसौर, रतलाम, बड़वानी में तेज बारिश हुई। इससे गर्मी से निजात मिल गई। वहीं, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाकी शहरों में पारा इससे नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बार एक दिन, पर 3 दिन में कवर किया इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून कब कहां पहुंचा इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा और प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून है, पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। राजधानी भोपाल में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड है। क्या कह रहा है पिछले 10 सालों का ट्रेंड पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा, 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल 4 इंच बारिश हुई थी। जून में पिछले 5 साल में कम गर्मी पड़ी पिछले 5 साल यानी 2020, 2021, 2022, 2023 और 2024 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.1 डिग्री के बीच रहा है, पिछले साल 40.6 डिग्री तक पारा पहुंचा था। साल 1980 में इंदौर में जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था।

MP में पांच दिन में बदल दिए 10482 अधिकारी-कर्मचारी, DGP की पहल पर फेरबदल

भोपाल  इस माह के अंत तक प्रदेश के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों के चेहरे बदले-बदले नजर आएंगे। कारण यह कि एक सप्ताह के भीतर डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर जारी तीन आदेश हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव तो यह होने वाला है कि चार साल से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे। जिलों से पुलिस मुख्यालय को भेजी गई जानकारी के अनुसार इनकी संख्या आठ हजार से अधिक है। इनमें आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक तक सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त एक ही अनुभाग में दस साल से अधिक समय से काम कर रहे पुलिसकर्मियों का तबादला करने के आदेश दिए गए हैं। यही नहीं जिनके विरुद्ध जांच लंबित है, उन्हें भी हटाने का निर्देश है। थानों में बड़ा फेरबलद दिखाई देगा इन आदेशों का पालन करने से थानों में बड़ा फेरबदल दिखाई देगा। इन आदेशों के तहत 12 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों का तबादला संभावित है। पहली बार एक साथ इस तरह से बदलाव की कोशिश की जा रही है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन की शिकायतें कम होंगी। मध्यप्रदेश पुलिस में 5 दिन में 10482 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए  मपी पुलिस में बीते पांच दिनों में सब डिवीजन में पदस्थ सिपाही से सब इंस्पेक्टर तक के 10482 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में 4 साल से अधिक समय से थानों में जमे पुलिसकर्मियों के तबादले के निर्देश दिए थे। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में सबसे अधिक 1029 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर हुआ है। ट्रांसफर किए गए सभी पुलिसकर्मियों को 1 हफ्ते के अंदर ही नई जगह ज्वाइनिंग भी करनी है।  5 दिन में 10,482 तबादले     आरक्षक, प्रधान आरक्षक, ASI और SI के तबादले     4 साल से एक थाने में जमे पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर     पुलिस मुख्यालय ने 11 जून सभी एसपी को दिए थे निर्देश     DGP कैलाश मकवाना की पहल पर हुई बड़ी सर्जरी     5 दिन में प्रदेश के 1100 थानों में ट्रांसफर की कार्रवाई हुई     10482 पुलिस कर्मियों को किए ट्रांसफर     15 सूबेदार, 196 SI, 1083 ASI      3622 हेड कांस्टेबल, 5566 कांस्टेबल के ट्रांसफर     सबसे ज्यादा इंदौर में 1029 तबादला      ग्वालियर में 828      भोपाल में 699      जबलपुर में 535 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर   16 जून तक तबादला प्रोसेस पूरी करने के थे निर्देश यह कार्रवाई 11 जून को स्पेशल डीजी प्रशासन शाखा आदर्श कटियार द्वारा जारी आदेश के बाद शुरू हुई। सभी जिलों को 16 जून तक तबादला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने इसे पुलिस तंत्र में सुधार, निष्पक्षता और पारदर्शिता लाने की दिशा में जरूरी कदम बताया। इस पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तर पर मॉनिटरिंग की गई।  इंदौर में सबसे ज्यादा तबादले     एमपी पुलिस में 5 दिनों में 5 कैटेगरी के में अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हुए।  जिसमें हवलदार, एएसआई, एसआई और कांस्टेबल शामिल हैं। एमपी के 1100 थानों में हुए ट्रांसफर में से इंदौर में सबसे ज्यादा इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में 1029 तबादले हुए। वहीं ग्वालियर में 828, भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में 699, जबलपुर में 535 और नर्मदापुरम में 372 पुलिसकर्मियों के तबादले हुए। ‘दागदार’ पुलिसवालों पर अब कड़ी नजर तबादले के तुरंत बाद एक और आदेश जारी कर दिया गया। इसके तहत थानों में अब किसी भी दागी पुलिसकर्मी की पोस्टिंग नहीं की जाएगी। जिन पर भ्रष्टाचार, नैतिक गिरावट, मारपीट या अवैध गतिविधियों के आरोप हैं, वे थाने या क्राइम ब्रांच में तैनात नहीं किए जाएंगे। आपराधिक मामलों में जांच या कोर्ट केस झेल रहे पुलिसकर्मी भी इससे बाहर रहेंगे। केवल दुर्घटना से जुड़े केस वाले इससे अछूते रहेंगे। चार साल से एक थाने में जमे पुलिसकर्मी हटेंगे मुख्यालय के निर्देश पर तीन श्रेणी के पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है। चार वर्ष से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों की जानकारी 16 जून तक पुलिस मुख्यालय को भेजने के लिए आदेशित किया गया था। अभी तक की जानकारी के अनुसार यह आंकड़ा लगभग आठ हजार है। दूसरा आदेश, दागी पुलिसकर्मियों को थाना, चौकी और कार्यालयों में पदस्थापना में नहीं रखने को लेकर है। मुख्यालय की तरफ से पहले भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर जिलों में अमल नहीं किया गया। इस कारण मंगलवार को पुलिस मुख्यालय ने फिर आदेश जारी कर सख्ती से लागू कराने के लिए कहा है। हर थाने में तीन से चार पुलिसकर्मी ऐसे हो सकते हैं जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हैं या विभागीय जांच चल रही है। ऐसे में इनकी संख्या भी तीन हजार से चार हजार के बीच हो सकती है। अन्य को मिला लें तो यह आंकड़ा 12 हजार से अधिक रहेगा। कुछ जिलों में चार वर्ष से अधिक समय से जमे पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित करने का काम भी प्रारंभ हो गया है।

सोनम -राज समेत पांच आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी, शिलांग पुलिस करेगी ये मांग

इंदौर    इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर शिलांग पुलिस आज सोनम समेत पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने वाली है. पांचों आरोपियों की 8 दिन की पुलिस रिमांड अब खत्म हो चुकी है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पुलिस कोर्ट से पांचों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी. माना ये भी जा रहा है कि कोर्ट से उन्हें इसकी मंजूरी मिल भी सकती है. शिलांग पुलिस ने इंदौर में मंगलवार और बुधवार को सोनम, राजा और राज के परिजन समेत कई लोगों से भी इंदौर पहुंचकर पूछताछ की है. बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिलांग पुलिस और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम सोनम रघुवंशी के घर पहुंची. उसकी मां और भाई गोविंद से करीब 2 घंटे पूछताछ की थी. इसके बाद टीम विजय नगर इलाके में उनके ऑफिस और गोडाउन पर भी जांच करने पहुंची. इस दौरान गोविंद अपनी गाड़ी में अधिकारियों के साथ मौजूद रहा. यही टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर भी पहुंची, जहां सोनम 30 मई से 8 जून के बीच छिपकर ठहरी थी. फ्लैट को किराए पर देने वाले शिलोम जेम्स ने बताया कि टीम ने फ्लैट की भी तलाशी ली है. 25 साल की सोनम की 29 वर्षीय राजा से 11 मई को इंदौर में धूमधाम से शादी हुई थी. फिर दोनों 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे. इसके बाद दोनों 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंग्रियाट गांव में एक होम स्टे से चेक आउट करने के कुछ घंटों बाद ही लापता हो गए थे. 2 जून को फिर राजा का क्षत-विक्षत शव वेई साडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था. बाद में सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थी. पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था. राज कुशवाह को इंदौर से पकड़ा गया सोनम के साथ हत्या में शामिल दो आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे. इसके बाद राज कुशवाहा को इंदौर से पकड़ा गया. वहीं, पांचवां आरोपी सागर से गिरफ्तार हुआ. सोनम और उसके प्रेमी राज ने तीन लोगों को हत्या के लिए सुपारी दी थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और पूरे मामले का खुलासा किया. अब सबूत जुटाए जा रहे हैं. पुलिस सीन रीक्रिएट कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. वहीं, राजा की हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच रही है. इंदौर में शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी शिलॉन्ग पुलिस के 3 अधिकारी 17 जून से इंदौर में हैं। वे यहां इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर अलग-अलग जगहों पर जाकर पूछताछ कर रहे हैं। सबसे पहले टीम राजा के घर पहुंची थी। इसके बाद बुधवार को टीम ने सोनम के घर उसकी मां और भाई से पूछताछ की। इसके अलावा अफसरों ने आरोपी राज कुशवाह के घर जाकर भी पूछताछ की है। शिलॉन्ग पुलिस के तीन अधिकारी और इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार रात को राजा रघुवंशी के घर पहुंची थी। यहां पर राजा के परिवार के लोगों से पूछताछ की थी। पुलिस की टीम यहां करीब दो घंटे रुकी थी। इसके पहले टीम देवास नाका स्थित उस फ्लैट पर जांच करने पहुंची थी, जहां पर सोनम हत्याकांड के बाद रुकी थी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जून को खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 जून को “खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला, उज्जैन में करेंगे। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल होंगे। इस दौरान अनेक शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग शिविर, शून्य छाया अवलोकन, साइंस शो, स्टेम वर्कशॉप, व्याख्यान एवं परिचर्चा प्रमुख हैं। कार्यशाला भारतीय खगोलशास्त्र की परंपरा और उसकी वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञ भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में खगोल विज्ञान के साथ-साथ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। कार्यशाला का आयोजन म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल, विज्ञान भारती, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं वीर भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकु यंत्र के माध्यम से शून्य छाया अवलोकन करेंगे। साथ ही आचार्य वराहमिहिर न्यास एवं अवादा फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक तारामंडल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरान तारामंडल-शो का प्रदर्शन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वेधशाला स्थित ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन-सत्र को संबोधित करेंगे। परिचर्चा सत्र में खगोल विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा होगी। उल्लेखनीय है कि आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउण्डेशन के आर्थिक सहयोग एवं डीप स्काई प्लेनेटेरियम, कोलकाता के तकनीकी सहयोग से आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा ग्राम डोंगला में अत्याधुनिक डिजीटल तारामंडल की स्थापना की गई हैं। तारामण्डल की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के आमजन एवं स्कूली बच्चों में खगोल विज्ञान संबंधी जानकारी एवं प्राकृतिक घटनाओं संबंधी जिज्ञासा शांत करना है। इस तारामण्डल में 8 मीटर व्यास के एफ.आर.पी. डोम में ई-विजन 4 के डिजीटल प्रोजेक्टर एवं डिजीटल साउण्ड सिस्टम लगाया गया हैं। इस वातानुकूलित गोलाकार तारामण्डल में 55 लोग एक साथ बैठकर आकाशीय रंगमंच की हैरतअंगेज और जिज्ञाशावर्धक ब्रह्मांड में होने वाली घटनाओं का रोमांचक अनुभव एवं आनन्द ले सकेंगे। इस तारामण्डल की लागत लगभग 1.6 करोड़ रूपयें हैं। वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला : मध्य भारत में खगोल विज्ञान अनुसंधान का अग्रणी केंद्र उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित ऐतिहासिक ग्राम डोंगला से कर्क रेखा गुजरती है। प्राचीन काल से ही खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा ग्राम डोंगला में वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना, भूमि चयन से लेकर निर्माण तक की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष योगदान रहा है। इस वेधशाला की स्थापना में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर और आर्यभट्ट प्रशिक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल का तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। वेधशाला में 5 मीटर डोम में स्थापित 20 इंच का आधुनिक टेलीस्कोप अनुसंधान और खगोल वैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। यह सुविधा प्रदेश और देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन और अनुसंधान का मंच प्रदान कर रही है। यहाँ खगोल विज्ञान पर आधारित विंटर स्कूल का आयोजन होता है और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी इस वेधशाला का भ्रमण कर रहे हैं। हाल ही में इस टेलीस्कोप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर के सहयोग से ऑटोमेशन की सुविधा प्रदान की गई है। यह नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन माध्यम से वेधशाला से जुड़ सकेंगे। डोंगला में ही स्थापित पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला, जो प्राचीन खगोलीय यंत्रों पर केन्द्रित है, इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान के समन्वय के रूप में डोंगला को “डोंगला मीन टाइम (DMT)” की अवधारणा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक ऐतिहासिक पहल है। देश के वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद होंगे शामिल कार्यशाला में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, भारतीय ज्ञान प्रणाली भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. गंटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधीनगर के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश पांडे, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन. पी. शुक्ला, डेक्कन विश्वविद्यालय पुणे के पूर्व कुलपति एवं सीएसआईआर भटनागर फेलो, सीसीएमबी हैदराबाद डॉ. वसंत शिंदे, आचार्य वराहमिहिर न्यास उज्जैन के अध्यक्ष श्री हेमंत भवालकर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती रितु पटवारी तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वरिष्ठ वैज्ञानिक सहित अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद शामिल होंगे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की

विश्व सिकल सेल दिवस 2025 पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संदेश भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदार एकजुट होकर करें कार्य: राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु राष्ट्रपति मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की भोपाल  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ पर मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास की सराहना की है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी देशवासी स्वस्थ हों। स्वस्थ नागरिक ही अपने जीवन, अपने राज्य और हमारे देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदारों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने 19 जून 2025 को मध्यप्रदेश के जिला बड़वानी में ‘विश्व सिकल सेल रोग जागरूकता दिवस’ आयोजित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की सराहना की है। उन्होंने संदेश में कहा कि दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली सिकल सेल एनीमिया, भारत में जनजातीय आबादी को विशेष रूप से प्रभावित करती है। इसके विरुद्ध दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने की दिशा में इस दिवस का मनाया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दशकों से हमारे आदिवासी समुदाय और पिछड़े क्षेत्रों में कई लोग सिकल सेल एनीमिया का कष्ट झेलते रहे हैं। बीमारी के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक प्रसार को रोकने के लिए समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग जांच द्वारा पहचान कर जेनेटिक काउंसलिंग एवं प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने का राष्ट्रीय संकल्प इस समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया मुक्ति मिशन के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित लोगों के लिए एकीकृत उपचार केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जहां पर रोगियों को आवश्यक औषधियाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत हो रहे प्रयासों से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई जनजातीय समुदायों में बीमारी की पहचान समय पर हो रही है जिससे इलाज और जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब सभी हितधारक मिलकर एक सतत, समर्पित और मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करेंगे, तभी इस समस्या का जड़ से उन्मूलन संभव हो पाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि विकसित भारत के हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी देशवासी स्वस्थ हों। स्वस्थ नागरिक ही अपने जीवन, अपने राज्य और हमारे देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने के लिए सभी भागीदारों को एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सब निरंतर एकजुट होकर कार्य करें।”  

प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून से, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल

भोपाल  प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण भोपाल में किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री लखन पटेल शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से शासकीय एवं अशासकीय गौ-शाला संचालकों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि सम्मेलन में गौ-शालाओं में गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। आचार्य विद्यासागर जीव दया गौ-सेवा सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित गौ-शालाओं एवं संस्थाओं को गौ-सेवा पुरूस्कार प्रदान किए जायेंगे। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। सम्मेलन में नवीन गौ-शालाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र तथा म.प्र.गौ-संवर्धन बोर्ड एवं दयोदय महासंघ के सहयोग से हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली वितरण भी किया जाएगा। “पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश के बढ़ते कदम” विषय पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा। 

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