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मध्य प्रदेश में आबकारी अधिकारियों के Transfer, वाणिज्यिक कर विभाग ने एक जिले से दूसरे में पदस्थ किया

भोपाल  मध्य प्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग ने आबकारी अधिकारियों के तबादला आदेश ( transfer order) जारी किये हैं, दो अलग आलग आदेश में 11 अधिकारियों को ट्रांसफर कर एक जिले से दूसरे जिले में पदस्थ किया है। मध्य प्रदेश में ट्रांसफर एक्सप्रेस बहुत तेजी से दौड़ रही है, लगातार विभागों द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की जा रही है, चूँकि आज 17 जून को तबादला आदेश जारी करने का अंतिम अवसर है इसलिए विभाग आज रात तक सूची जारी कर रहे हैं। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी सूची में सहायक जिला आबकारी अधिकारी, कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी के नाम शामिल हैं जिनको ट्रांसफर कर एक जिले से दूसरी जगह पदस्थ किया है, आदेश में कहा गया है कि तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दो दिवसीय प्रदेश दौरा अचानक निरस्त

इंदौर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानी 18 और 19 जून को मध्य प्रदेश के इंदौर और बड़वानी जिले के दौरे पर आ रही थीं। लेकिन, मंदलवार देर रात अचानक उनका दोनों दिनों की दौरा रद्द हो गया है। हालांकि, दौरा रद्द होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। लेकिन, संभावना जताई जा रहा है कि, मानसूनी गतिविधियों के चलते बिगड़ रहे मौसम को मद्देनजर रखते हुए उनका दौरा कैंसिल किया गया है। बड़वानी के ग्राम तलेन में 19 जून को होने वाले कार्यक्रम में अब सिर्फ राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही शामिल होंगे।  राष्ट्रपति मुर्मू का दौरान रद्द होने की सूचना इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने मंगलवार देर रात अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जानकारी पोस्ट करके दी। पोस्ट में कहा गया कि, महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 18 एवं 19 जून का इंदौर और बड़वानी प्रवास निरस्त हो गया है। प्रशासन पिछले एक सप्ताह से इसकी तैयारियां कर रहा था। रविवार को कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा और सभी प्रमुख अधिकारियों ने राष्ट्रपति के पूरे दौरे के आयोजन स्थलों पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। सोमवार और मंगलवार को ट्रैफिक टीम ने पूरा रिहर्सल किया और आज देर रात खबर आई कि, राष्ट्रपति का दौरा निरस्त हो गया है। नहीं आने का कारण नहीं बताया कलेक्टर आशीष सिंह की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति भवन से भी दौरा निरस्त होने के कारण से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही थीं। रात को वो इंदौर में रुकतीं। फिर यहीं से 19 जून को बड़वानी के ग्राम तलेन में विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस पर होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होतीं। वहां वे ‘सिकल मित्र पहल’ की शुरुआत करने आरही थीं। सभी तैयारियां हो चुकी थीं पूरी इससे पहले राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इसके लिए सुरक्षा, आवास, ट्रांसपोर्ट, बिजली, सफाई, फायर ब्रिगेड और मेडिकल सुविधाओं को लेकर विशेष कसावट की गई थी। बड़वानी जिले के ग्राम तलेन में होने वाले कार्यक्रम स्थल पर भी सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति मुर्मू 18 जून की शाम इंदौर आने वाली थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि योग शरीर का रोग मिटाकर इसे विकार मुक्त करता है। स्वस्थ काया के लिए सबको रोज योग करना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पुरातन योग पद्धति को अब अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है और इसीलिए सिर्फ भारत में नहीं, वरन् पूरे विश्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 21 जून को होने वाले आयोजन की तैयारी को लेकर समीक्षा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे हर्षोल्लास और मनोयोग से मनाया जाए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस दिन वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के लिए ऐसे स्थल का चयन करने के निर्देश दिए, जो ऊपर से कवर्ड (शेडयुक्त) हो और उसमें अधिकतम प्रतिभागी भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास में सबकी सहभागिता हो सिर्फ बच्चे ही नहीं, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी शामिल हों। योगाभ्यास कार्यक्रम की समुचित एवं सुनियोजित तैयारियां की जाएं। योगाभ्यास स्थल पर पानी का जमाव न होने पाए, कार्यक्रम स्थल तक सहज पहुंच और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास कार्यक्रम यथासंभव स्कूल, महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज या ऐसी अन्य शिक्षण संस्थाओं के कवर्ड कैम्पस में आयोजित किए जाएं। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा ने बताया कि इस वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” (“Yoga For One Earth, One Health”) तय की गई है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को सुबह 6.00 से 6.20 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम एवं जनप्रतिनिधियों के उद्बोधन होंगे। सुबह 6.20 से 6.30 बजे तक भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 6.30 से 7.00 बजे तक विशाखापट्टनम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 7.00 से 7.45 बजे तक सामान्य योग प्रोटोकॉल का सामूहिक योगाभ्यास सभी प्रतिभागियों द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम मंत्रीगण, प्रभारी मंत्री, सांसद एवं विधायक के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालयों में किए जाएंगे। सभी शासकीय कर्मचारियों की योगाभ्यास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शासकीय विभागों की अधीनस्थ संस्थाओं में तथा विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाना प्रस्तावित हैं। ग्राम स्तरीय कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि के मुख्य आतिथ्य में योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम का दूरदर्शन द्वारा ग्रामों तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश का वितरण किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की ग्राम जल और स्वच्छता समितियों द्वारा भी योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास के अधीन प्रदेश के आगनबाड़ियों में तथा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। प्रमुख सचिव आयुष ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों क्रमश: अमरकंटक (मंदिर समूह में), भीमबेटका (गुफाओं पार्किंग क्षेत्र के सामने), भोपाल (कमलापति पैलेस में), ग्वालियर (मानसिंह महल के पास), खजुराहो (पश्चिमी मंदिर समूह में), ओरछा, सांची (स्तूप नंबर एक के पास, लाइट एंड साउंड शो क्षेत्र में), माण्डु (जहाज महल के सामने) तथा महेश्वर में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप 21 जून के मुख्य कार्यक्रम को योग संगम के रूप में मनाया जाएगा। योग पार्क में सार्वजनिक उद्यानों को योग पार्क के रूप में उन्नत कर यहां सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योग समावेश के तहत दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों के लिए विशेष योग कार्यक्रम किए जाएंगे। हरित योग के तहत प्रतिष्ठित प्राकृतिक स्थलों पर योग सत्र का आयोजन कर पौधरोपण एवं स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम भी किए जाएंगे।  

रोजगार व स्वरोजगार मेला 24 जून को, विभिन्न कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने

ग्वालियर जिला रोजगार कार्यालय एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान बिरलानगर ग्वालियर के सहयोग से युवकों और युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 जून को प्रातः 11 बजे से एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन जिला रोजगार कार्यालय रेडीमेड गारमेंट पार्क, गदाईपुरा “कार्यालय परिसर” ग्वालियर में सांयकाल 4 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रकार की प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती कर युवाओं का चयन करेंगी। साथ ही जिला व्यापार एवं उद्यद्योग केन्द्र ग्वालियर द्वारा युवाओं को स्वरोजगार प्रदाय करने हेतु ऋण प्रकरण तैयार कर ऋण प्रदाय किया जावेगा।  उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में विभिन्न कम्पनियां भाग ले रहीं हैं, इनमें कन्टेम्परेरी सर्विसेज कॉर्पोरेशन इंडिया प्रावेट लिमिटेड (सी.एस.सी. इंडिया सिक्योरिटी गार्ड/सुपरवाइजर) इन्दौर, सुप्रीम प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर भिण्ड, क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, अग्निस्टोका टेक्नोलॉजी ग्वालियर, एल० आई० सी० ग्वालियर, टाटा मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड गुजरात, टाटा इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड पुणे, बजाज आटो प्राइवेट लिमिटेड पुणे, आई सेक्ट ग्वालियर, आर० डी० एम० पब्लिक कॉन्वेट स्कूल बरूआ ग्वालियर, दैनिक भास्कर ग्वालियर, विजन प्लस प्राइवेट लिमिटेड नोयड़ा, शिवशक्ति बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, धूत ट्रांसमिशन प्राइवेट लिमिटेड झंझर व आयसर अकेडमी शिवपुरी आदि शामिल हैं।  रोजगार मेले में 18 वर्ष से 60 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। नौकरी के लिये चयनित युवाओं को 10 हजार से 35 हजार रूपए तक वेतन देय होगा। इन कंपनियों द्वारा बाउंसर, पर्यवेक्षक, सशस्त्र गार्ड, सुरक्षा सुरक्षा गार्ड, लेडी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, बिजननेस डबलमेंट ऑफिसर, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, शिक्षक, चैट कार्यकारी, सैल्स मार्केटिंग, असेंबली ऑपरेटर, गुणवता जांचकर्ता उत्पादन, ऑटोमोटिव टेक्निशियन इत्यादि पदों की भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी।  प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

ग्रामीण रंग, पर्यटन संग उत्सव आज , ग्रामीण पर्यटन के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को किया जायेगा पुरस्कृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्रामीण पर्यटन से स्वरोजगार व आर्थिक उन्नति को प्रोत्साहित करने के लिये आज सुबह 11 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर में “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” राज्य स्तरीय उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण पर्यटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हितधारकों और सहयोगियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, श्री शिव शेखर शुक्ला ने “ग्रामीण पर्यटन” के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, विरासत, तीज-त्योहार, पर्व और स्वादिष्ट खान-पान का अनुभव ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे करीब से देखने को मिलता है। आज के समय में पर्यटक शांति की तलाश में मध्यप्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण परिवेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश की रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन वेबसाइट की ई-लॉन्चिंग भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे। सर्वश्रेष्ठ 6 होमस्टे (3 ग्रामीण, 3 नगरीय), विकास में ग्रामीण पर्यटन के उत्कृष्ट योगदान देने वाले 16 पर्यटन ग्रामों के सरपंचों, 8 परियोजना सहयोगी संस्थाओं और 10 जिला कलेक्टर्स को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर 14 नवीन होमस्टे का उद्घाटन और 60 पर्यटन गांवों के होमस्टे मालिकों को किट वितरित की जाएगी। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने, आजीविका के अवसर सृजित करने, महिलाओं और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने तथा होमस्टे क्लस्टर और पर्यटक ग्रामों में पर्यटन अधोसंरचना में सुधार के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के बीच एमओयू किया जाएगा। ऊर्जा दक्ष एलईडी या सौर चलित स्ट्रीट लाइट्स की 61 पर्यटक गांवों में स्थापना के लिए एमपीटीबी और सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड के बीच एमओयू होगा। प्रदेश में पर्यटन, फिल्म निर्माण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिये मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के बीच ग्रामीण होमस्टे को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सशक्त बनाने और उन्हें ओटीए प्लेटफॉर्म्स ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसी पर जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और मध्यप्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच एमओयू होगा। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि उत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिभागी और संस्थाएं आर्ट एंड क्राफ्ट के उत्कृष्ट उत्पादों जैसे क्लेआर्ट, माड़ना, चितेरा, बैम्बू शिल्प, हैण्डब्लॉक, गोंड पेंटिंग, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट टैक्सटाइल्स आदि का प्रदर्शन करेंगे। यह एक दिवसीय प्रदर्शनी आमजन के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेगी। “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” उत्सव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन केंद्रित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। ग्रामीण पर्यटन परियोजना मध्यप्रदेश के 37 जिलों के कुल 100 ग्रामों में संचालित की जा रही है। इनमें से 63 ग्रामों में कार्य प्रारंभ किया जा चुका है और अब तक 294 होमस्टे निर्माण पूर्ण हो चुके हैं, जिनमें से 241 होमस्टे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के हितधारक, परियोजना सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच, होम स्टे संचालक एवं महिलाएं उपस्थित रहेंगे।  

थाने में आपके साथ कैसा बर्ताव हुआ, पुलिसकर्मी ने अच्छे से बात की या नहीं, समस्या को ठीक से सुना या नहीं, क्यूआर से फीडबैक देना होगा

भोपाल  अब हर एफआइआर के बाद शिकायतकर्ताओं को थाने में पुलिसकर्मियों के व्यवहार के संबंध में फीडबैक भी देना होगा। बताना होगा कि थाने में उनके साथ कैसा बर्ताव किया गया। पुलिसकर्मी ने अच्छे से बात की या नहीं। समस्या को ठीक से सुना या नहीं। इसके लिए थानों में क्यूआर कोड(QR Code) लगाए जा रहे हैं। इसको स्कैन करने के बाद शिकायतकर्ता ऑनलाइन फीडबैक भर सकेगा। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। भोपाल कमिश्नर को जारी पत्र के अनुसार थाने के किसी खुले स्थान पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। जिसे स्कैन कर लोग सेवाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। फीड बैक के आधार पर कमियों को दूर करेंगे। क्यूआर कोड को गूगल या एनआइसी के माध्यम से फॉर्म को जनरेट किया जाएगा। इसकी लिंक कमिश्नर की ई-मेल आईडी से लिंक होगी। यह जानकारी देनी होगी ● नाम और मोबाइल नंबर ● अपराध नियंत्रण की स्थिति ● क्षेत्र में यातायात व्यवस्था ● सामाजिक गतिविधियों के दौरान पुलिस व्यवस्था ● आपदा के समय सहयोग ● पुलिसकर्मियों का व्यवहार ● पुलिसकर्मियों की कार्य दक्षता ● पुलिसकर्मियों की कार्यदक्षता ● थाना भवन की साफ सफाई ● थाना भवन में उपलब्ध संसाधन ● आगंतुकों की बैठने की व्यवस्था क्यों जरूरी है पुलिस कार्यशैली का फीडबैक?  पिछले समय में पुलिस के रवैये को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं, जैसे-     पुलिस कर्मचारियों का अमर्यादित व्यवहार।     पुराने मामलों की धीमी या लापरवाही भरी जांच।     झूठे मुकदमों में फंसाने की शिकायतें।     थानों में सुविधाओं की कमी। इन समस्याओं से निपटने और पुलिसिंग को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए फीडबैक सिस्टम की शुरुआत की गई है। इससे जनता की राय के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। QR कोड स्कैन कर दें फीडबैक हर थाने के बाहर QR कोड लगाए जाएंगे जिन्हें आप अपने मोबाइल से स्कैन कर सकेंगे। स्कैन करते ही आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आप निम्नलिखित जानकारियां भरेंगे-     आपका नाम और मोबाइल नंबर     थाने में आने का कारण     पुलिस का व्यवहार कैसा था     थाने की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं कैसी थीं     आपके मामले की प्रगति या लंबित स्थिति     आपके मामले की प्रगति क्या है?     क्या आपको पुलिस से संतोषजनक सेवा मिली?     कोई सुझाव या शिकायत जो आप साझा करना चाहते हैं? यह फीडबैक जिला स्तर पर एसपी और प्रदेश स्तर पर पुलिस मुख्यालय द्वारा मॉनिटर किया जाएगा। फील्ड अफसरों की तबादला सूची में जनता की भूमिका  न सिर्फ फीडबैक, बल्कि जनता की राय को फील्ड अफसरों के तबादले के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय अब तबादला सूची तैयार करते समय इस फीडबैक को गंभीरता से लेगा, जिससे बेहतर और जवाबदेह पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा। यह व्यवस्था पुलिस कर्मियों की कार्यशैली को सुधारने में सहायक होगी और गलतफहमियों से बचाएगी। देवास में पायलट प्रोजेक्ट: ऐसे हुई शुरुआत मध्य प्रदेश पुलिस ने इस पहल का पायलट प्रोजेक्ट देवास जिले से शुरू किया है। यहां के सभी 21 थानों में QR कोड लगाए गए हैं। जनता इन कोड्स से फीडबैक देकर सीधे एसपी तक अपनी शिकायत और राय भेज रही है। इसके अलावा, वल्लभ भवन भोपाल से कॉलर फीडबैक सर्वे भी चलाया जा रहा है, जिसमें जनता आठ सवालों के माध्यम से पुलिस की कार्यशैली का आकलन करती है। हर थानों में लगवाएंगे क्यूआर कोड क्यूआर कोड हर थानों में लगवाएंगे। इसके आधार पर कमियों को भी दूर किया जाएगा। कोशिश होगी लोगों की हर संभव मदद हो। थानों में लोगों को अच्छा वातावरण मिले यह हमारी प्राथमिकता में है।- हरिनारायण चारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर, भोपाल पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के निर्देश देवास में इस व्यवस्था को पहले लागू किया गया था। अब मुख्यालय से पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय ने क्यूआर स्कैन कोड बनाया है। इसका फॉर्मेट सभी को दिया गया है।– पवन श्रीवास्तव, एडीजी, पुलिस मुख्यालय

नर्मदा के भेड़ाघाट पर बन रहा ऑईकॉनिक ब्रिज, पुल पर ही बनेगा होटल और रोप-वे का भी होगा निर्माण

 जबलपुर  जबलपुर में नर्मदा पर भेड़ाघाट में निर्माणाधीन 1.3 किलोमीटर लंबा आईकॉनिक ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग का नायाब नमूना होगा। इस ब्रिज एक हिस्सा 487 मीटर का एक्सट्रा डोज केबल ब्रिज भी होगा। एक्सट्रा डोज केबल वाला यह जबलपुर का चौथा ब्रिज होगा। जिस तरह से मदनमहल रेलवे स्टेशन पर बने केबल स्टे ब्रिज में उच्च तनाव वाली एक्सट्रा डोज केबल का उपयोग किया गया है, उसी तर्ज पर इसका भी निर्माण किया जाएगा। फेज-2 में बनेगा रोपवे 270 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन इस ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा होने पर उसमें रोपवे भी स्थापित किया जाएगा, जो ऊंचाई से पर्यटकों को पुण्य सलिला मैया नर्मदा के दर्शन कराएगा। हालांकि ये काम फेज 2 में होगा। इसके साथ ही ब्रिज के दोनों छोर पर होटल भी बनाए जाएंगे। इस ब्रिज की लाइटिंग भी खास होने वाली है, जो पर्यटकों को लुभाएगी। भेड़ाघाट में बन रहे इस ब्रिज से होकर एनएच 45 होते हुए रिंग रोड के माध्यम से सीधे एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी होगी। वहीं रोपवे से होकर पर्यटक नर्मदा के दोनों ओर पर्यटन स्थल सुगमता से पहुंच सकेंगे। 25 प्रतिशत काम पूरा प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड में नर्मदा पार उतारने बनाए जा रहे आईकॉनिक ब्रिज(Iconic Bridge) का अभी 25 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। निर्माण एजेंसी एनएचएआई ने इसे वर्ष 2026 के अंत में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस ब्रिज में एक्सट्रा डोज के 4 स्पॉन व नॉन एक्सट्रा डोज के 35 स्पॉन हैं। दूसरे आईकॉनिक ब्रिज का 65 प्रतिशत काम पूरा रिंग रोड में दूसरा आईकॉनिक ब्रिज नर्मदा पर भटौली क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। 1.2 किलोमीटर लंबे इस ब्रिज का 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी काम इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि इस ब्रिज में रोपवे नहीं होगा। इस ब्रिज में 5 स्पॉन एक्सट्रा डोज के व 12 स्पॉन नॉन एक्सट्रा डोज के होंगे।  पर्यटकों के लिए बनना है होटल भेड़ाघाट में बनने वाले ऑईकॉनिक ब्रिज में होटल का भी निर्माण किया जाएगा। पर्यटन महत्व को देखते हुए नदी पर हैवी स्टील व कंक्रीट स्ट्रक्चर से बनने वाले पुल के साथ ही आकर्षक होटल का निर्माण किया जाएगा, जहां पर्यटक कुछ पल सुकून के भी बिता सकेंगे। आकर्षक होगी लाइटिंग रिंग रोड के दूसरे फेस में मानेगांव से राष्ट्रीय राजमार्ग 45 तक के हिस्से में नर्मदा पर भेड़ाघाट में बनने वाला आईकॉनिक ब्रिज अब तक बने पुलों से बिलकुल हटकर होगा। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार के अनुसार आईकॉनिक ब्रिज की लाइटिंग भी कुछ इस तरह होगी जो ब्रिज को आकर्षण का केन्द्र बनाएगी। वहीं रोपवे से होकर पर्यटक नर्मदा के दोनों ओर पर्यटन स्थल सुगमता से पहुंच सकेंगे। नए पुलों का तैयार हो रहा है नेटवर्क नर्मदा पार उतरने के लिए ढाई दशक पहले 1 ही पुल तिलवारा में हुआ करता था। दो दशक पहले नए ब्रिज का निर्माण हुआ तो अग्रेजों के जमाने का पुल बंद हो गया। एक दशक में नर्मदा पार उतरने तिलवारा में एक और पुल का निर्माण हुआ। इसके साथ ही भटौली में नए पुल का निर्माण हो गया। सडक़ मार्गों का विस्तार होने से नगर की परिधि पच्चीस किलोमीटर से बढकऱ पचपन किलोमीटर की हो गई है। लहेटा, सरस्वतीघाट, भेड़ाघाट और जमतरा में नए पुलों के निर्माण के साथ ही रिंग रोड भी आकार ले रही है इस प्रकार नए रोड नेटवर्क के तैयार होने से नर्मदा नदी के पार पहुंच आसान होगी। रिंग रोड के आसपास नगर के अन्य इलाकों में भी तेजी से विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है।  रिंग रोड के फेज-1 में नर्मदा नदी पर एक किलोमीटर लंबे ऑईकॉनिक ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। ब्रिज के मुय स्पॉन के लिए फाउंडेशन तैयार किा जा रहा है। दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण हो गया है।     अमृत लाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई नर्मदा नदी पर दो नए और बड़े ब्रिज के निर्माण व कनेक्टिंग सड़कों के बनने से नए तटों का विस्तार हो सकेगा। इससे नदी के वर्तमान तटों पर भीड़ का दबाव कम होगा, इसके साथ ही विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।     इंजी.संजय वर्मा, स्ट्रक्चर इंजीनियर व टाउन प्लानर ऊंचाई पर होगा व्यू प्वांइट, रोप-वे से पहुंचेंगे रिंग रोड में बन रहे इस ब्रिज में दूसर चरण में रोप-वे का निर्माण प्रस्तावित है। इस से ऊंचाई पर स्थित प्वांइट तक पर्यटक पहुंच सकेंगे। यहां से मां नर्मदा के विस्तार का खूबसूरत नजारा दिखेगा। पर्यटकों के साथ ही रील्स, यूट्यूबर्स के लिए यह पसंदीदा स्थाना बनेगा। ब्रिज के दोनों छोर पर होटल का निर्माण भी किया जाएगा। भेड़ाघाट में निर्माणाधीन ऑईकॉनिक ब्रिज का काम पूरा होने पर अगले चरण में उसमें रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों ओर होटल भी बनाए जाएंगे। इस ब्रिज का 25 प्रतिशत काम हो गया है, दूसरा ऑईकॉनिक ब्रिज भटौली में निर्माणाधीन है। दोनों ही ब्रिज में एक्सट्रा डोज केबल का भी उपयोग किया जाएगा।– अमृत लाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

साइबर क्राइम से बचाव के लिए साइबर कमांडो तैयार किए, इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की

ग्वालियर  तेजी से बढ़ते साइबर अपराध से निपटने के लिए देशभर में साइबर कमांडो तैयार किए जा रहे हैं। अब ग्वालियर इस दिशा में एक अहम केंद्र बनने जा रहा है। मुरैना रोड स्थित प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज ट्रिपल आइटीएम (ITM University) में साइबर कमांडो को प्रशिक्षण देने की संभावनाएं तलाशी गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के डायरेक्टर अरविंद कुमार अपनी टीम के साथ सोमवार को यहां पहुंचे और संस्थान का गहन निरीक्षण किया। इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर देशभर में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाएं अब कानून व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। डिजिटल दुनिया में बैठकर हजारों किलोमीटर दूर से किए जा रहे अपराधों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने “आइ4सी” यानी इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की है। इसका मकसद है – राज्यों की पुलिस, जांच एजेंसियों और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से साइबर स्पेशलिस्ट तैयार करना। इसी कड़ी में सोमवार को I4C के ट्रेनिंग डायरेक्टर अरविंद कुमार और उनकी टीम ग्वालियर स्थित ट्रिपल आइटीएम यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी लैब, साइबर सिक्योरिटी कोर्सेस और फैकल्टी की उपलब्धता का गहन निरीक्षण किया। इसके साथ ही कोर्स डिजाइन, ट्रेनिंग मॉड्यूल और लॉजिस्टिक सुविधाओं पर कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक की गई। साइबर कमांडो की ट्रेनिंग होगी शुरू राज्य साइबर सेल की टीम भी निरीक्षण में शामिल रही। टीम ने विशेष रूप से देखा कि क्या संस्थान एक राष्ट्रीय स्तरीय साइबर ट्रेनिंग सेंटर के मानकों को पूरा करता है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जो साइबर कमांडो की ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त हैं। ट्रेनिंग सेंटर का डेवलपमेंट होगा अरविंद कुमार ने बताया कि पहले चरण में देशभर में सीमित स्थानों पर साइबर कमांडो की ट्रेनिंग दी गई है। अब दूसरे चरण में हर राज्य में एक-एक ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जा रहा है, ताकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिक से अधिक कर्मचारी प्रशिक्षित हो सकें। इन कमांडो को ट्रेनिंग के बाद अपनी-अपनी यूनिट में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित करने का दायित्व होगा। इस निरीक्षण के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी। मंत्रालय की अनुमति मिलने पर ट्रिपल आइटीएम में जल्द ही साइबर कमांडो की ट्रेनिंग औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

आंगनवाड़ियों के नाश्ते -भोजन में चीनी और नमक की मात्रा नियंत्रित करने के लिए आदेश जारी

भोपाल  बच्चों और महिलाओं में मोटापा और हाईपरटेशन की समस्या बढ़ने के बीच केन्द्र ने मध्यप्रदेश सरकार को भी बच्चों और गर्भवतियों के पौष्टिक आहार में चीनी और नमक को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है। केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों के मुख्य सचिव और महिला व बाल विकास सचिव को पत्र लिखा है। मंत्रालय ने टेक होम राशन और आंगनबाड़ी से बच्चों और गर्भवतियों को दिए जा रहे आहार में अधिक नमक, चीनी और रंग पाए जाने के बारे में चेताया है। राज्यों के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को लिखे पत्र में केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्रालय ने ये निर्देश दिए हैं । राशन पैकेट की जांच में चीनी, नमक और अन्य तत्व कहीं अधिक मात्रा में मिले हैं। पत्र के मुताबिक डब्ल्यूएचओ के नियमों के तहत बच्चों और वयस्कों के भोजन में कुल पोषक तत्वों में से शक्कर 10% से कम होनी चाहिए। कुल ऊर्जा का सिर्फ 5% चीनी से आना चाहिए। वहीं, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन के मुताबिक 2 साल तक के बच्चों के भोजन में अतिरिक्त चीनी नहीं होना चाहिए।पत्र के मुताबिक शक्कर की जगह मिठास के लिए गुड़ का प्रयोग करें। गुड़ भी कुल पोषक तत्वों का 5% से अधिक नहीं होना चाहिए। केंद्रीय मंत्रालय के पत्र ने किया हैरान पत्र में मंत्रालय ने लिखा है कि कहीं-कहीं बच्चों, गर्भवती और बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाओं को दिए जा रहे नाश्ते और भोजन में निर्धारित मात्रा से अधिक नमक, चीनी और रंग पाए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुसार इनके आहार में नमक, चीनी और रंगों की मात्रा नियंत्रित की जाए। इससे पहले सरकार ने स्कूली बच्चों के भोजन में चीनी की मात्रा नियंत्रित करने का निर्देश जारी किया था। कितनी मात्रा हो चीनी-नमक की डब्ल्यूएचओ के नियमों का हवाला देते हुए केन्द्र ने राज्य से कहा है कि बच्चों और वयस्कों के भोजन में कुल पोषक तत्वों का 10 प्रतिशत शक्कर और कुल ऊर्जा का पांच प्रतिशत नमक होना चाहिए। दूसरी ओर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार दो वर्ष के बच्चों के भोजन में अतिरिक्त चीनी नहीं होनी चाहिए। उनके भोजन में मिठास के लिए शक्कर की जगह गुड़ का उपयोग करना चाहिए और वह भी कुल पोशक तत्वों का सिर्फ पांच प्रतिशत। अधिक नमक-चीनी से हो रही है ये बीमारियां मध्य प्रदेश सरकार पोषण आहार योजना के तहत आंगनवाड़ी केन्द्रों से लगभग 80 लाख गर्भवती और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं और छह माह से छह वर्ष के बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है। इनके भोजन में अधिक नमक और चीनी की मात्रा होने से इन्हें उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह और दांतों की समस्याएं हो सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने सार्थक एवं रक्षक अभियान का किया शुभारंभ

बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15 वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए सार्थक एवं रक्षक अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के सुदूर अंचलों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सार्थक एवं रक्षक जैसे नये अभियान जनमानस में बच्चों के अधिकारों के लिए जागरूक करने में कारगर सिद्ध होंगे।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर अंचल खासकर बस्तर एवं सरगुजा संभाग में कम उम्र में ही बच्चे कामकाज की तलाश में अन्य शहरों के तरफ चले जा जाते हैं, पर जानकारी के अभाव में कई बार शोषण के शिकार हो जाते हैं। आयोग की जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें रोजगार से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं से लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बच्चों और युवाओं पर केन्द्रित अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हमारी सरकार गांव-गांव तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग की सुविधा मुहैया करा रही है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास, नालन्दा परिसर एवं दिल्ली में ट्राईबल यूथ हॉस्टल जैसे कार्यों के माध्यम से छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।   छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने आयोग की कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरतलब है कि सार्थक अभियान बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने एवं रक्षक अभियान विश्वविद्यालयों में बाल अधिकार संरक्षण कानूनों की विशेष जानकारी प्रदान करने के लिए संचालित की जा रही है। आयोग के स्थापना दिवस समारेाह में बाल अधिकारों की जागरूकता के लिए बेहतर कार्य करने वाले पुलिस के जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नई मार्गदर्शिका बुकलेट, रक्षक बुकलेट एवं गुड टच, बेड टच सेफ टच, मानव तस्करी, एवं शिक्षा के अधिकार पर आधारित कार्टून पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।  इस अवसर पर विधायक सर्वश्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री गुरु खुशवंत साहेब, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आयोग से जुड़े संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मंत्री सारंग ने कहा- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता विभाग में किये गये नवाचारों और उपलब्धियों को बताया जायेगा

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने 20 जून को केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री की उपस्थित में होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की तैयारियों संबंधी आवश्यक बैठक ली। प्रस्तावित बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता विभाग में किये गये नवाचारों और उपलब्धियों को बताया जायेगा। बैठक में सहकारिता विभाग से जुड़े मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी, लघु वनोपज संघ के अधिकारी भी शामिल होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बैठक में मध्यप्रदेश में विकास की ओर सहकारिता के कदम में किये गये सीपीपीपी मॉडल और बीज संघ द्वारा जारी चीता ब्रांड आदि की जानकारी दी जाये। मध्यप्रदेश में बहुउद्देशीय व्यवसायिक केन्द्र के रूप में पैक्स का रूपांतरण, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में किये गये और प्रस्तावित कार्यक्रमों से अवगत करवाया जाये। साथ ही सहकारिता विभाग में किये जा रहे हर आयामों जैसे विशेष कार्यक्रम, प्रशिक्षण, एडवांस स्टोरेज, माइक्रो एटीएम सहित 1 से 6 जुलाई को होने वाले कार्यक्रमों का भी समावेश किया जाये। मंत्री श्री सारंग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निर्धारित “सहकार से समृद्धि’’ के विज़न के अंतर्गत दी गई गाइड-लाइन्स के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी जाये। मंत्री श्री सारंग ने प्रदेश के पैक्स की वर्तमान स्थिति, पैक्स अंतर्गत की जा रही गतिविधियाँ, प्रदेश के सहकारी बैंकों की वर्तमान स्थिति एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा, पैक्स सोसाइटी द्वारा खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, प्रत्येक पंचायत में पैक्स, प्राथमिक डेयरी एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन, पैक्स के माध्यम से सीएससी सेवाएं, जन-औषधि केन्द्र का संचालन, भारतीय बीज सहकारी समिति, नई राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति, एफपीओ का गठन एवं भविष्य की कार्य-योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

बिजली उपभोक्‍ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें : सिंघल

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं की सुविधा को देखते हुए फ्यूज ऑफ कॉल (विद्युत अवरोध को दूर करना) समय पर अटेण्ड करने के निर्देश दिए हैं। प्रबंध संचालक ने कहा है कि कंपनी के समस्त मैदानी अधिकारी अथवा कार्मिक अपने मोबाईल फोन को 24 घंटे चालू रखें। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए बिजली कंपनी के सभी अधिकारी अपना मोबाईल 24 घंटे चालू रखें एवं उपभोक्‍ताओं के कॉल अटेण्‍ड करें। साथ ही क्षेत्रीय मुख्‍य महाप्रबंधक, महाप्रबंधक, संभागीय उपमहाप्रबंधक एवं सभी मैदानी अधिकारी कॉल सेन्‍टर 1912, व्‍हाट्सएप चैटबोट तथा स्‍थानीय वाट्सएप ग्रुप एवं अन्‍य माध्‍यम से सप्राप्‍त होने वाली विद्युत संबंधी शिकायतों का तत्‍काल समाधान करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। प्रबंध संचालक ने सभी मैदानी अधिकारियों से कहा है कि वे सीआरएम पोर्टल पर सतत् निगरानी रखें और जनप्रतिनिधि तथा उपभोक्‍ताओं से संवाद बनाये रखें। कंपनी ने कहा है कि ऑंधी, बारिश के दौरान एवं अन्य व्यवधान के कारण हुए बिजली फॉल्ट की शिकायतें दर्ज कराने के लिए कंपनी ने उपभोक्ताओं को अनेक विकल्प प्रदान किये हैं। अब उपभोक्ताओं के पास विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतों को दर्ज करने के लिए कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912, व्हाट्सएप नंबर 0755-2551222, मोबाइल ऐप ‘उपाय (UPAY) अथवा कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in का विकल्प मौजूद है। उपभोक्ता इन विकल्पों में से किसी भी एक विकल्प का उपयोग कर अपनी विद्युत व्यवधान संबंधी शिकायतें दर्ज कर आसानी से निराकरण करा सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए अपने मोबाइल में कंपनी के व्हाटसएप नंबर 07552551222 को सेव कर मैसेज “Hi” लिखकर भेजें एवं आगामी संदेशों का पालन करें। इसी प्रकार प्ले स्टोर के माध्यम से उपाय ऐप को डाउनलोड कर एवं उसके उपयोग से भी अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते है। कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in पर जाकर एलटी सर्विसेज पर क्लिक करें उसके उपरांत कंपलेंट पर क्लिक करें तथा आगामी निर्देशों का पालन करें अथवा 1912  पर कॉल कर आईवीआरएस के माध्यम से त्वरित शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। कंपनी ने कहा है कि बिजली कार्मिक विद्युत आपूर्ति और रखरखाव तथा ऑपरेशन्स को देखते हुए सतर्कता और सजगता से काम करें तथा कोई कार्मिक बिना परमीशन के अवकाश पर न जाए। यदि अवकाश पर जाता है तो उसके स्थान पर वैकल्पिक कार्मिक की तैनाती की व्यवस्था पहले से ही करें। आंधी, तूफान और बारिश के दौरान कॉल सेन्टर में एफओसी (विद्युत अवरोध) से संबंधित उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतों की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए काल सेन्टर के ऑपरेशनल एवं सुपरवाइजरी स्टॉफ को और अधिक सजगता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि आपदा के समय संपर्क करने के लिये लाईनमेनों के मोबाईल नंबर आदि की जानकारी अपडेट रखें। मैदानी अधिकारियों से कहा गया है कि वे जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सपंर्क और समन्वय बनाए रखें।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- जो अधिकारी जिम्मेदारी का निर्वहन नही कर पा रहे उन्हे रिप्लेस करें

भोपाल  बिजली कंपनियों के जिन अधिकारियों द्वारा अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है, उन्हें रिप्लेस करें। ऐसे अधिकारियों के स्थान पर उनके जूनियर सक्षम अधिकारियों को पदस्थ करें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बिजली ट्रिपिंग और मेंटीनेंस कार्यों की समीक्षा के दौरान दिये। बैठक में एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं का फोन नहीं उठाने पर 15 अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी गयी है। टूर प्रोग्राम की जानकारी भेजें ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि क्षेत्र का सतत भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि टूर प्रोग्राम की जानकारी एडवांस में भेजें। निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों, ट्रिपिंग और मेंटीनेंस की स्थिति प्रमुखता से देखें। जिन शिकायतों का निराकरण 3 से 4 घंटे में हुआ है, उनकी कारण सहित जानकारी दें। इस पर भी विचार करें कि क्या मेंटीनेंस का समय 4 घंटे से कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लें। समय-सीमा में करें शिकायतों का निराकरण मंत्री श्री तोमर ने जिलेवार लंबित शिकायतें एवं उनके निराकरण में लगने वाले समय की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में करें। अगर कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, तो निराकरण में न्यूनतम समय लगना चाहिये। अगर बड़ी घटना हुई है, तो उसका फोटो, वीडियो और की जा रही कार्यवाही को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर अपलोड करें। श्री तोमर ने खासतौर से इंदौर की स्थिति की समीक्षा के दौरान कम्पनी के एमडी को स्पष्ट निर्देश दिये कि जरूरत के अनुसार मेन-पॉवर और इक्यूपमेंट्स की कमी दूर करें। साथ ही यह भी देखें कि मेंटीनेंस के बाद भी ट्रिपिंग क्यों हो रही है। रहवासी संघों और जन-प्रतिनिधियों के साथ लगातार सम्पर्क में रहें। उन्होंने कहा कि मानसून तो अभी शुरू हो रहा है, इसके पहले ही बिजली ट्रिपिंग की इतनी घटनाएँ होना बहुत ही दुखद है। जहाँ जरूरी हो एफओसी की संख्या बढ़ायें। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि विद्युत अवरोध के सही कारणों से लोगों को अवगत करायें। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने कहा कि मेंटीनेंस के लिये तीनों कम्पनियों को 15-15 करोड़ रुपये दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राशि का सदुपयोग करें और बेहतर ढंग से मेंटीनेंस सुनिश्चित करें, जिससे ट्रिपिंग कम से कम हो। विद्युत वितरण कम्पनियों के एमडी ने विद्युत ट्रिपिंग रोकने और शिकायतों के निराकरण के लिये की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। इस दौरान प्रबंध संचालक पॉवर मैनेजमेंट कंपनी श्री अविनाश लवानिया भी उपस्थित थे। अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सामाजिक विकास के लिए मिलकर करें काम

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग और चार प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों अंतरा फाउंडेशन, प्रदान, पीएचआईए फाउंडेशन और यूएनविमेन के मध्य समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू से प्रदेश के सुनियोजित, समावेशी, सकल और सतत् विकास को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर सभी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सामाजिक विकास के सभी मानकों में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी और सबको विकास का लाभ देने के लिए सरकार गैर शासकीय संगठनों के अनुभवों का भी लाभ उठायेगी। उन्होंने कहा कि म.प्र. राज्य नीति आयोग प्रदेश में संचालित सभी जनहितैषी योजनाओं के लोकव्यापीकरण के जरिए मानवीय और सामाजिक विकास के सभी मानकों में सुधार और बढ़ोतरी के लिए ऐसे एनजीओ के साथ मिलकर काम करे, जिन्हें विषयगत विशेषज्ञता हासिल हो। उन्होंने कहा कि फील्ड में रह कर काम करने वाले एनजीओ से मिले सुझावों पर भी गंभीरता से अमल का प्रयास किया जाये। नीति आयोग, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन आपसी समन्वय और सामंजस्य से जनता के हित में काम करें। उल्लेखनीय है कि म.प्र. राज्य नीति आयोग राज्य के सतत् विकास लक्ष्यों के अनुश्रवण और मध्यप्रदेश के दृष्टि पत्र-2047 की तैयारी में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में नीति नवाचार, डाटा आधारित सुशासन तथा बहु-क्षेत्रीय विकास को और अधिक सशक्तता एवं व्यापकता के साथ अमल में लाया जायेगा। नीति आयोग द्वारा जिन चार गैर शासकीय संगठनों के साथ एमओयू किया गया, उनमें अंतरा फाउंडेशन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण सुधार पर कार्य में सरकार की मदद करेगा। प्रदान संगठन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने में सहयोग करेगा। पीएचआईए फाउंडेशन जलवायु-लचीले विकास और समावेशी एवं सतत् विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में सरकार का नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागी बनेगा। इसी प्रकार यूएनविमेन प्रदेश में जेंडर उत्तरदायी शासन को आगे बढ़ाने में सरकार की मदद करेगा। मंगलवार को हुए समझौता ज्ञापन के तहत इन आपसी साझेदारियों से गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका विकास, स्वास्थ्य और कल्याण, लैंगिक समानता, सभी को स्वच्छ जल, असमानता कम करने, जल सुरक्षा सहित वॉटरशेड संरचनाओं पर काम और जलवायु विकास आधारित कार्रवाई जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आएगी। ये समझौते समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प और विजन 2047 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो शासन, नीति और नागरिक सेवाओं के सहज और सरल वितरण में नवाचार एवं सहभागिता को बढ़ावा देंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री संजय कुमार शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के सीईओ श्री ऋषि गर्ग सहित गैर शासकीय संगठन अंतरा फाउंडेशन से सुश्री चंद्रिका, प्रदान से सुश्री अर्चना सिंह, पीएचआईए फाउंडेशन से श्री अनिरुद्ध और यूएनविमेन से सुश्री जॉयट्री सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

खरगोन जिले में नाव की मदद से बिजली कार्य का मेंटीनेस, ऊर्जा मंत्री तोमर ने कर्मचारियों के कार्य की प्रशंसा की

भोपाल मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खरगोन जिले में 33 केवी लाइन के मेंटीनेस के लिए मंगलवार को नाव की मदद लेना पड़ी। खरगोन जिले में 132 केवी तोरणी अति उच्चदाब ग्रिड से 33 केवी फीडर के माध्यम से अजन गांव, दौड़वा में बिजली वितरण होता है। तोरणी धनगांव 33 केवी फीडर पर इंसुलेटर से कंडक्टर झुलने की अवस्था में आने से बिजली कंपनी कर्मचारियों ने विधिवत परमिट लेकर इसे सुधारने के लिए मंगलवार को योजना बनाई। अंजनगांव वितरण केंद्र प्रभारी इंजीनियर श्री अंकित पटेल की अगुवाई में छः कर्मचारियों ने मेंटीनेस गतिविधियां प्रारंभ की, नावली तालाब के किनारे जहां पोल थे, वहां बारिश का पानी जमा होने पर नाव की मदद से कंडक्टर तार ठीक किए गए, उन्हें पोल पर ठीक से कसा गया एवं 33 केवी लाइन के मेंटीनेस के अन्य जरूरी कार्य किए गए। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने खरगोन जिले के बिजली कर्मचारियों के इस कार्य की प्रशंसा की हैं। 

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