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प्रदेश की पहली महिला एवरेस्ट विजेता मेघा परमार को भी दिया जाए विक्रम अवार्ड, हाईकोर्ट में याचिका दायर

जबलपुर माउंट एवरेस्ट सहित विश्व की चार पर्वत चोटी फतह करने के बावजूद विक्रम अवार्ड नहीं दिये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को दो सप्ताह में जवाब पेश करने निर्देश जारी किए हैं। एकलपीठ ने इस दौरान याचिकाकर्ता को सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने निर्देश जारी किए हैं।   याचिकाकर्ता मेघा परमार की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली प्रदेश की पहली महिला है। उसके दल में भावना डेहरिया भी शामिल थीं, जो उनके बाद चोटी पर पहुंची थीं। इसके अलावा माउंट कोस्कियस,माउंट किलिमन तथा माउंट एल्ब्रस की चोटी भी उसने भावना से पहले फतह की थी। याचिका के साथ दोनों का टाइमिंग डाटा भी पेश किया गया था। याचिका में राहत चाही गई थी कि योग्यता के अनुसार भावना के साथ उसे भी विक्रम अवॉर्ड प्रदान किया जाना चाहिए था। याचिका पर पहले चरण में हाईकोर्ट जस्टिस एके सिंह तथा जस्टिस अमित सेठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि साल 2019 में विक्रम अवार्ड रूल्स में संशोधन करते हुए एडवेंचर गेम को भी शामिल किया गया था। नियम के अनुसार एडवेंजर गेम में लिए एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड दिया जाए। साल 2016 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रदेश के दो पुरुष को साल 2022 में विक्रम अवार्ड प्रदान किया गया था। सरकार पूर्व में एडवेंचर गेम में सिर्फ एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड देने का नियम शिथिल कर चुकी है। दोनों खिलाड़ी योग्य हैं तो दोनों को विक्रम अवार्ड प्रदान किया जाना चाहिए। युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते एकलपीठ ने निर्देश जारी किये थे। दूसरे चरण में जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ के द्वारा याचिका की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि विक्रम अवार्ड प्रदान करने के लिए खिलाड़ियों के नाम की घोषणा हो चुकी है। उसमें परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा याचिका में भावना को अनावेदक नहीं बनाने जाने का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि वह भावना को विक्रम अवार्ड दिए जाने के खिलाफ नहीं है। इसलिए उसे अनावेदक नहीं बनाया गया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक होने पर वह याचिका में संशोधन करना चाहते हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी है कि वह इस संबंध में सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश कर सकती है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पैरवी की।  

नगरीय क्षेत्र में जर्जर भवन मालिकों के विरूद्ध करें कार्रवाई, आयुक्त नगरीय प्रशासन ने दिये निर्देश

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की सूची तैयार करें और मानसून आने के पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों के उचित विस्थापन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। आयुक्त ने यह कार्यवाही नगर निगम अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगाह किया है कि सतर्कता के साथ की गई कार्यवाही से जनधन हानि से बचा जा सकता है। आयुक्त ने जर्जर भवनों की सूची तत्काल संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिये कहा है। नाले-नालियों की सफाई पर ध्यान देने के निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने शहरी क्षेत्र के नाले-नालियों की साफ-सफाई प्राथमिकता से करवाने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों की उचित साफ-सफाई न होने की वजह से जल भराव की स्थिति निर्मित होती है। इस वजह से नागरिकों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। आयुक्त श्री भोंडवे ने नगरीय निकायों को सफाई कार्य की अपने स्तर पर सतत समीक्षा करने के लिये भी कहा है।  

विदिशा पुलिस का बड़ा कारनामा, 527 गुम मोबाइल बरामद, लौटाई लोगो के चेहरे पर मुस्कान

विदिशा  विदिशा पुलिस को मिशन मोबाइल रिकवरी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 40 दिनों के इस अभियान के तहत 527 खोए या चोरी गए लोगों के मोबाइल बरामद किए हैं। रिकवर किए गए मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपए बताई जा रही है।  विदिशा एसपी रोहित काशवानी के निर्देशन में सायबर सेल ने EMEI नंबर और CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की। बरामद मोबाइल मध्य प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड से तक मिले हैं। फरवरी में भी 310 मोबाइल लौटा चुकी पुलिस इससे पहले फरवरी 2025 में भी पुलिस द्वारा 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। फरवरी में भी लौटा चुके 310 मोबाइल इससे पहले फरवरी 2025 में पुलिस ने 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। एसपी बोले- गुम मोबाइल की तुरंत शिकायत करें एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाना जाकर शिकायत करें या फिर सायबर हेल्पलाइन 7587637635 पर संपर्क करें। इसके अलावा www.ceir.gov.in पोर्टल पर IMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। मोबाइल गुम होते ही दर्ज करें शिकायत एसपी रोहित काशवानी के अनुसार, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि, मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत करें या सायबर हेल्पलाइन नंबर 7587637635 पर संपर्क करें। साथ ही, ceir.gov.in पोर्टल पर EMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें। मोबाइल गुम हुआ तो ये करें     मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें।     पास के थाने में शिकायत दर्ज करें।     CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।     सायबर हेल्पलाइन से मदद लें।

हिंदू देवी-देवताओं को न मानने, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण और अन्य हिंदू देवी-देवताओं को ईश्वर न मानने की शपथ दिलाई गई

ग्वालियर  ग्वालियर में एक बौद्ध धर्म सम्मेलन में विवाद हो गया। सम्मेलन में लोगों को हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की शपथ दिलाई गई। यह सम्मेलन भितरवार के धाखड़ खिरिया में हुआ। इसमें ‘मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा’ जैसी शपथ दिलाई गई। तीन दिवसीय सम्मेलन का हुआ था आयोजन 96 गांव जाटव समाज सुधार समिति ने 6 से 8 जून तक इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया था। इस घटना के बाद विवाद शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं, आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धर्म का अनादर करना नहीं था। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कही गई बात दरअसल, सम्मेलन में लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानेंगे और उनकी पूजा नहीं करेंगे। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में बौद्ध धर्म के उपदेशक भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो ने लोगों को शपथ दिलाई। सागर महाथेरो द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल के अध्यक्ष हैं। इन बातों की दिलाई शपथ शपथ में लोगों से कहा गया कि मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा, न मैं इनकी पूजा करूंगा। मैं राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूंगा और उनकी पूजा कभी नहीं करूंगा। मैं गौरी, गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा और पूजा नहीं करूंगा। भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं शपथ में यह भी कहा गया कि मैं ईश्वर ने अवतार लिया है, इस पर विश्वास नहीं करूंगा। मैं ऐसा कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूं। मैं कभी श्राद्ध नहीं करूंगा और ना ही पिंडदान करूंगा। मैं बौद्ध धर्म के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं करूंगा। मैं कोई भी क्रिया कर्म ब्राह्मणों के हाथ से नहीं कराऊंगा। सम्मेलन में शामिल होने निमंत्रण दिया गया  भितरवार की 96 गांव जाटव सुधार समिति का समाज में काफी वर्चस्व है, जिसमें हजारों लोग विश्वास रखते हैं। समिति समाज के कई अहम मुद्दों और फैसलों में अपना दखल रखती है। समिति ने तीन दिवसीय विशाल बौद्ध धम्म महासम्मेलन का आयोजन करना तय किया। अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा, उपाध्यक्ष रूपेश बौद्ध, सचिव कुलदीप मौर्य सहित पदाधिकारियों ने 4 महीने तक इसकी तैयारी की। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी समाज के लोगों को यहां आने का निमंत्रण दिया गया। बताया जा रहा है कि डबरा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भोपाल, झांसी के अलावा राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोग आए थे। 6 जून को जब कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो 5 से 7000 लोग थे। दूसरे दिन 12000 लोग शामिल हुए। तीसरे और आखिरी दिन 25000 लोग महासम्मेलन में शामिल हुए। सैकड़ों लोगों ने ली शपथ इस बौद्ध धम्म महासम्मेलन में सैकड़ों लोगों ने शपथ ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। सम्मेलन के आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म का अनादर करना नहीं था। 96 गांव जाटव सुधार समिति के अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा ने कहा कि इस आयोजन का मकसद समाज में फैली बुराइयों को दूर करना था। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर यह खबर गलत है कि डेढ़ लाख लोगों ने धर्म परिवर्तन किया है। इस मामले पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पुराने धर्म को त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने को कहा  भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो (अध्यक्ष द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल) ने लोगों को शपथ दिलाई। इसमें कहा गया कि वे ब्रह्मा-विष्णु-महेश को ईश्वर नहीं मानेंगे। न ही उनकी पूजा करेंगे। यह भी कहा गया कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं हैं। शपथ में ब्राह्मणों से कोई काम नहीं कराने और पुराने धर्म को त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने की बात कही गई। इस मामले में भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो से उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। फेसबुक पोस्ट से हुई विवाद की शुरुआत विवाद की शुरुआत फेसबुक के उस पोस्ट से हुई, जब दीपक बौद्ध नामक युवक ने अपने पेज पर लिखा कि 25000 दलित परिवारों ने छोड़ा हिंदू धर्म। हिंदुओं के देवी-देवताओं को ना पूजने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि ग्वालियर हाईकोर्ट में हिंदू धर्म के वकील लोग बाबा साहब की मूर्ति का विरोध कर रहे हैं तो हम इनके देवताओं को क्यों पूजेंगे। इसके साथ ही युवक ने भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो के शपथ दिलाए जाने का वीडियो शेयर किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों के कमेंट्स आने लगे। बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं को दोहराया गया आयोजन समिति के रूपेंद्र वर्मा का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर करना था। यहां बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं को दोहराया गया था। किसी भी धर्म का अनादर करना उद्देश्य नहीं था। सोशल मीडिया पर इस बात को धर्मांतरण के रूप में पेश करना पूरी तरह गलत है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संदर्भ पुस्तक का विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में “विश्व गुरु की ओर बढ़ते कदम.. मोदीज भारत @2047” संदर्भ पुस्तक का विमोचन किया। विमोचन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट सहित पुस्तक के संकलन कर्ता श्री ऊनमीत सिंह नारंग उपस्थित थे।  

राजभवन में राज्यपाल के परिसहाय की विदाई और स्वागत का हुआ कार्यक्रम

भोपाल राजभवन में नवीन पदस्थ अधिकारी का स्वागत, स्थानांतरित एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों की विदाई का संयुक्त समारोह आयोजित किया गया। स्थानांतरित एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों को स्मृति प्रतीक के रूप में अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। समारोह में राज्यपाल के स्थानांतरित परिसहाय शशांक को विदाई और नव पदस्थ परिसहाय नरेन्द्र रावत का स्वागत किया गया। राजभवन सचिवालय में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी डॉ. राजकुमार जैन को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके साथ कार्य के अनुभवों को साझा किया। दोनों अधिकारियों ने राजभवन कार्यकाल के दौरान सभी के सहयोग के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने परिसहाय शशांक के कार्यकाल के अनुभव को साझा करते हुए नई प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ दी। सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. जैन को सुखी और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दी।  

MP के सरकारी कर्मचारियों की ट्रांसफर की आखिरी तारीख फिर बढ़ी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें तबादला नीति की अवधि को आगे बढ़ाना भी शामिल है। बैठक के दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, तबादला अवधि 10 जून को समाप्त हो रही थी, जिसे 17 जून तक बढ़ा दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग का पोर्टल बनने में हुए विलंब के चलते कैबिनेट बैठक में यह आग्रह किया गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। कैबिनेट के फैसले के बाद अब सभी विभागों में तबादले 17 जून तक किये जा सकेंगे, उल्लेखनीय है कि आज 10 जून तबादला करने की अंतिम तारीख थी जिसे अब मंत्रियों की मांग पर इसे बढ़ा दिया गया है। मध्य प्रदेश में तबादलों पर लगी रोक को कैबिनेट बैठक ने फैसला लेकर हटा दिया था और 1 मई से 30 मई तक तबादलों को खोल दिया था, यानि एक महीने में सभी विभागों को तबादला आदेश जारी करना था इसके लिए नई तबादला नीति के तहत प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए। अभी 10 जून थी तबादलों की अंतिम तारीख 30 मई आते आते बहुत से विभागों में तबादला आवेदनों के अनुपात में लिस्ट जारी नहीं हो पाई, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में तबादला आवेदन आये तो मंत्रियों ने कैबिनेट में निवेदन किया कि तारीख को बढ़ाया जाये जिसपर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सहमति देते हुए सर्व सम्मति से इसे 10 जून तक बढ़ा दिया। शिक्षा विभाग की मांग को सीएम ने दी स्वीकृति तबादलों की तारीख बढ़ने के बाद लगातार तबादला आदेश जारी होने लगे लेकिन आज जब कैबिनेट की बैठक हुई तो एक बार फिर तारीख बढ़ाने की मांग की गई, कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि शिक्षा मंत्री की तरफ से कहा गया कि उनके विभाग का पोर्टल तैयार नहीं हो पाया है इसलिए इसे बढ़ाया जाये। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की तरफ से आया अनुरोध स्वीकार कर लिए और और फिर तबादलों की तारीख को 17 जून तक के लिए बढ़ा दिया यानि अब सभी विभाग 17 जून तक तबादले कर सकेंगे। तुअर दाल किसानों को भी सौगात     प्रदेश के तुअर दाल किसानों को बड़ी राहत देते हुए तुअर को मंडी शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया। अभी 100 रुपए पर 1 रुपए मंडी शुल्क लगता था। मुख्यमंत्री सुदूर सड़क संपर्क योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस योजना में 30000 किलोमीटर से अधिक सड़क बनाई जाएगी। कामकाजी महिलाओं के लिए चार हॉस्टल बनाने को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इससे पहले कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्ष पूरे होने पर प्रस्ताव पारित कर धन्यवाद दिया गया। अब 17 जून तक होंगे तबादले विभागों में तबादलों की अवधि आज खत्म हो रही थी। कैबिनेट बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने तबादले का समय बढ़ाने की मांग की। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि शिक्षा विभाग का पोर्टल समय पर तैयार नहीं होने के कारण 10 जून की स्थिति में तबादले नहीं हो सकेंगे। इसलिए इसे 17 जून तक बढ़ाने का फैसला लिया। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि उन्होंने तबादला अवधि बढ़ाने का विरोध किया, पर शिक्षा विभाग के कारण दूसरे विभागों को भी फायदा मिल गया है। योजना के लिए परामर्शदात्री समिति बनाई जाएगी विजयवर्गीय ने बताया, मजरा-टोला सड़क योजना के तहत डामर, लेवल के आधार पर सीसी रोड भी बनेंगी। सर्वे के अनुसार प्रदेश में 20600 बसाहटें ऐसी हैं, जिसका एरिया 600 वर्गमीटर है। इनमें अगर बसाहट से 50 मीटर दूरी पर सड़क नहीं होगी और बसाहट में 20 मकान होंगे तो सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए कलेक्टर, सांसद, जनप्रतिनिधियों की एक सलाहकार और परामर्शदात्री समिति बनाई जाएगी जो सुझाव देगी। इसी आधार पर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। योजना में सड़कों के निर्माण के लिए पीएम सड़क योजना की शर्तें लागू होंगी। महाराष्ट्र की तुअर दाल को मंडी टैक्स में छूट विजयवर्गीय ने बताया कि तुअर दाल एमपी में कम होती है और इसका आयात महाराष्ट्र से होता है। इस पर मंडी टैक्स लगता है। एमपी की जो दाल महाराष्ट्र जाती है उस पर भी मंडी टैक्स लगता है। आज हुई बैठक में दाल मिल एसोसिएशन के आग्रह पर महाराष्ट्र से आने वाली तुअर दाल पर मंडी टैक्स में छूट देने का फैसला किया गया है। इसके बाद यहां दाल मिलों को बढ़ावा मिल सकेगा। जिला विकास सलाहकार समिति बनाई जाएगी कैबिनेट ने जिला विकास सलाहकार समिति बनाने का फैसला लिया है। हर जिले में इसका गठन होगा और अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष प्रभारी मंत्री होंगे। इस समिति का उद्देश्य जिले के विकास का रोडमैप तैयार करना है। इसमें सदस्य सभी जनप्रतिनिधि होंगे। हर क्षेत्र के एक्सपर्ट्स को इस समिति में शामिल किया जाएगा। सोलर हो, उद्योग या कोई अन्य सदस्य इसमें बुलाए जा सकेंगे। इसमें 20 सदस्य होंगे। समिति अपनी सलाह राज्य सरकार को देगी और सरकार इस पर जिले के विकास के लिए फैसला करेगी और जरूरत होने पर फंड भी रिलीज करेगी। 4 जिलों में 40 करोड़ से बनेंगे वुमन वर्किंग हॉस्टल केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा महिला सशक्तिककरण के लिए काम करते हैं और 40.59 करोड़ रुपए दिए गए हैं जिसमें 350 बेड वाले वर्किंग वूमन हॉस्टल बनेंगे। यह चार स्थानों झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में पीपीपी मोड पर बनेंगे। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी चर्चा कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया, मंत्रियों से सीएम यादव ने कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है। वे अपने क्षेत्र की जो भी चुनौतियां हैं, उससे निपटने के लिए अभी से काम करें। स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट के बारे में सीएम यादव ने बैठक के पहले जानकारी दी। कैबिनेट ने सीएम को इस अचीवमेंट के लिए बधाई दी। स्वामी चिन्मयानंद भी इसमें आए थे। वेलनेस सेंटर लोगों को बीमार होने से पहले स्वस्थ रखने का काम करेंगे और सरकार इसे जिम्मेदारी समझकर समाज हित में निभाने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट के सदस्यों ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के … Read more

भोपाल में एक किसान के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया

भोपाल भोपाल के एक किसान के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जांच में सामने आया कि ‘मेसर्स ट्राईडेंट मल्टीवेंचर्स’ नामक फर्म के संचालकों ने भोपाल के रातीबड़ निवासी किसान चिंता सिंह मारण से उनकी 12.46 एकड़ कृषि भूमि धोखाधड़ी पूर्वक कम कीमत पर रजिस्ट्री करवाई और फर्जी बैंक खाता खोलकर लगभग 2.02 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली। इस संगठित साजिश में मुख्य आरोपी राजेश शर्मा, उनकी पत्नी राधिका शर्मा, सहयोगी राजेश तिवारी और फर्म प्रतिनिधि दीपक तुलसानी शामिल हैं। मामले में भादंवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120B एवं आईटी एक्ट की धारा 66C, 66डी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस संगठित साजिश में ट्राइडेंट मल्टीवेंचर्स के मास्टरमाइंड राजेश शर्मा, सहयोगी दीपक तलुसानी और राजेश तिवारी की भूमिका सामने आई है। तीनों पर भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कैसे रची गई दो करोड़ की ठगी की साजिश? रातीबड़ निवासी शिकायतकर्ता चिंतामणि सिंह मारण की कृषि भूमि को हाईकोर्ट के आदेश पर उनके नाम किया गया था। इसके बाद राजेश शर्मा ने उन्हें जमीन के नामांतरण और बिक्री के नाम पर झांसा दिया। शिकायतकर्ता को पहले बैंक ऑफ इंडिया में तकनीकी दिक्कत का हवाला देकर ICICI बैंक में नया खाता खुलवाया गया। लेकिन इस खाते में शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना आरोपी राजेश तिवारी का मोबाइल नंबर और ईमेल ID दर्ज कर दी गई। इस फर्जी खाते में ₹2.86 करोड़ के भुगतान का झूठा उल्लेख किया गया, जबकि असल में केवल ₹81 लाख की राशि ही शिकायतकर्ता को मिली। बाकी रकम इसी फर्जी खाते से ट्रांसफर कर आरोपी राजेश तिवारी के IDFC बैंक खाते में भेज दी गई। फर्जी चेक, डिजिटल फ्रॉड और स्टॉप पेमेंट रजिस्ट्री में दर्शाए गए तीन चेक (प्रत्येक ₹22 लाख) को बाद में ‘स्टॉप पेमेंट’ कर वापस ले लिया गया। OTP और पासवर्ड के जरिए डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से खातों से रकम ट्रांसफर की गई। जांच में सामने आया कि सिर्फ कुछ घंटों के भीतर बड़ी रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर हो गई। यह भी देखें     ₹2.86 करोड़ का भुगतान रजिस्ट्री में दर्शाया गया     सिर्फ ₹81.13 लाख शिकायतकर्ता को मिला     ₹2.02 करोड़ की रकम धोखाधड़ी से हड़पी गई     फर्जी ईमेल, मोबाइल नंबर से ICICI बैंक खाता ऑपरेट किया गया तीन मुख्य आरोपी राजेश शर्मा:पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड। ICICI में फर्जी खाता खुलवाया, रजिस्ट्री करवाई और सभी लेन-देन पर नियंत्रण रखा। दीपक तलुसानी:फर्म ट्राइडेंट का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता। फर्जी रजिस्ट्री में खरीदार के रूप में नाम दर्ज कराया। राजेश तिवारी:तकनीकी सहयोगी। फर्जी खाता ऑपरेट कर OTP और पासवर्ड के जरिए करोड़ों की रकम अपने खाते में ट्रांसफर कराई। IPC और IT एक्ट की धाराओं में केस दर्ज आरोपियों पर IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (फर्जी दस्तावेज बनाना), 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग), 120बी (साजिश) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C व 66D के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

भोपाल में 33 पटवारियों का हुआ तबादला, 3 साल से एक ही तहसील में जमे थे पटवारी, हल्के भी बदलें

भोपाल भोपाल की एक ही तहसील में 3 साल से जमे 33 पटवारियों को हटा दिया गया है। 4 राजस्व निरीक्षकों के भी तबादले किए गए हैं। इन्हें एक तहसील या हल्के से दूसरी तहसील में भेजा गया है। हालांकि, सांसद शर्मा ने जितने पटवारियों की लिस्ट कलेक्टर को सौंपी थी, उसमें से आधे भी नहीं हटाए गए हैं। कुल 183 पटवारी और RI (राजस्व निरीक्षक) की लिस्ट तैयार की गई थी। कई 23 साल से एक ही तहसील में पदस्थ सांसद शर्मा ने पहले जो लिस्ट सौंपी थी, उस पर नजर डाली जाए तो ऐसे कई पटवारी ऐसे हैं, जिन्हें एक ही तहसील में 23 साल हो चुके हैं। इनमें पटवारी भगवत सिंह धनगर, नरेंद्र बचोतिया, योगेंद्र कुमार सक्सेना, धर्मेंद्र सिंह कुशवाह, नासिर उद्दीन, महेश कुमार बंकरिया, मनोहर सिंह राजपूत, नई अहमद, सदाशिव गौड़, रेणू पटेल, नीलिमा नागर, रमेश शर्मा, प्रदीप गौर, अर्चना भटनागर, जयेंद्र चंदेलकर, मंगलेश खंडेलवाल, मुकुल सराठे, प्रियंका सिलावट, दीक्षा शर्मा, अभिषेक शर्मा, अंकुर साहू, शिवाजी मिश्रा, आलोक इंदौरिया, प्रीति गुप्ता आदि के नाम सामने आए थे। इनमें से कई के नाम मंगलवार को जारी हुई लिस्ट में भी है। बता दें कि सांसद ने हुजूर-बैरसिया तहसील के 84-84 और कोलार तहसील के 15 पटवारियों की लिस्ट दी थी। इन्हें 3 साल से ज्यादा अवधि एक ही तहसील या हल्के में हो गई। जानकारी के अनुसार, हुजूर तहसील में 104, बैरसिया तहसील में 103 और कोलार तहसील में 24 पटवारी हल्के है। बीजेपी सांसद बोले थे- इनके कारण ऑफिस बदनाम हो रहा पिछले साल 20 सितंबर को प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने भोपाल में पहली समीक्षा बैठक की थी। इसमें सांसद शर्मा ने उन्हें 3 साल या इससे अधिक समय से एक ही हल्के में जमे पटवारियों की लिस्ट सौंपी थी। उन्होंने कहा था कि भोपाल में सालों से कई RI और पटवारी एक ही हल्के में 8 से 15 साल से जमे हैं। इनके कारण ऑफिस बदनाम होता है। उनकी शिकायतें भी मिलती हैं। उन्हें वल्लभ भवन के आला अफसरों का संरक्षण है। कइयों की जमीन है। उन्हें हटाने के लिए लिस्ट सौंपी है। 3 साल में हल्का बदलने का नियम भोपाल में करीब 222 पटवारी हैं। वहीं, राजस्व निरीक्षकों की संख्या लगभग 35 है। नियमानुसार 3 साल में पटवारी का हल्का बदल देना चाहिए। लेकिन भोपाल में कई तो एक ही हल्के में 8 साल या इससे ज्यादा समय से पदस्थ हैं। वहीं उन्हें तहसील में पदस्थ हुए 5 से 23 साल तक बीत चुके हैं। बीच में हल्का बदलवाने के बाद वे फिर से पुराने हल्के में पदस्थ हो जाते हैं। बताया जाता है कि कई पटवारियों की शिकायत भी जनप्रतिनिधियों तक पहुंची थी। इस वजह से सांसद ने यह मुद्दा उठाया था।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 19 जून को आएंगी मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में होगा कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले की मंत्रीगण से चर्चा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर किया विचार-विमर्श भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आगामी 19 जून को मध्यप्रदेश आगमन प्रस्तावित है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु विश्व सिकल सेल दिवस पर बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत तालून में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में शासकीय सेवकों के स्थानांतरण अब 17 जून तक किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के संबंध में मंत्रीगण से विचार विमर्श किया। केंद्र सरकार के 11 वर्ष और राज्य सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल पर होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल कार्यकाल के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रि-परिषद प्रसन्नता व्यक्त करती है। सुशासन के संकल्प के प्रति मंत्रि-परिषद प्रधानमंत्री का अभिनंदन का प्रस्ताव पारित करती है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अन्नदाता, नारी, युवा और गरीब सहित विभिन्न वर्गों का जीवन बदलने के लिए और उन्हें अधिक से अधिक रोजगार एवं विकास के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस अवधि में केंद्र सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सभी मंत्रीगण केंद्र की 11 वर्ष की योजनाओं की उपलब्धियां और मध्यप्रदेश शासन की डेढ़ वर्ष की उपलब्धियां नागरिकों तक पहुंचाएंगे। इस संबंध में संकल्प से सिद्धि अभियान भी संचालित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों को दायित्व सौंपे जाएंगे। स्पिरिचुअल एवं वैलनेस समिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 5 जून को उज्जैन में स्पिरिचुअल एंड वैलनेस समिट का आयोजन हुआ, जिसमें स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित अनेक वैलनेस के क्षेत्र में कार्य कर रहे आध्यात्मिक गुरुओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न निवेशकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि इस समिट में शामिल हुए। समिट के माध्यम से वैलनेस हॉस्पिटैलिटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 2000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। केरल, उत्तराखंड आदि राज्यों के प्रतिनिधि इसमें विशेष रूप से शामिल हुए। मध्यप्रदेश में यह अपने तरह की प्रथम समिट थी जो सरकार के प्रत्येक सेक्टर में निवेश की संभावनाओं और विकास की परिकल्पना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 11 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया था। इनमें से पांच कॉलेज की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो चुकी है। शेष महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए भी राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। यह कॉलेज वैलनेस केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे। धार्मिक लोक का निर्माण और विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न धार्मिक स्थानों पर 13 लोक के निर्माण और विकास का कार्य चल रहा है। इन कार्यों की समय-समय पर समीक्षा भी की जा रही है। प्रदेश के पर्यटन विकास में यह लोक भी महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। वर्षा काल में आवश्यक व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षाकाल में बाढ़ और अतिवृष्टि की आशंका के दृष्टिगत मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में आवश्यक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयारी के निर्देश दिए। मंत्रीगण द्वारा जिला स्तर पर सभी संभावित परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। कृषक कल्याण और नवकरणीय ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में सौर ऊर्जा पर विशेष समिट का सौर ऊर्जा उत्पादन के संबंध में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया जा रहा है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना आय के एक नए साधन के रूप में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इसमें निवेशक की अपनी स्वयं की भूमि अथवा कृषि भूमि होना चाहिए। ऊर्जा उत्पादन में भागीदार बनाने की यह महत्वपूर्ण योजना है जो ऊर्जा की उपलब्धता और उसकी वृद्धि के साथ निवेशक और राज्य की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों के हित में संचालित गतिविधियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा शव वाहन के संचालन का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अस्पतालों में किसी नागरिक की मृत्यु के बाद उनके घर तक पार्थिव देह ले जाने की नि:शुल्क व्यवस्था प्रदान की जाएगी। संकट की स्थिति में राज्य सरकार नागरिकों के साथ है। इस योजना का क्रियान्वयन शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है।  

नाबलिग रेप पीड़िता मामले पर हाईकोर्ट सख्त: कहा– सिर्फ गर्भपात की मंजूरी नहीं, लापरवाह अफसरों पर भी हो कार्रवाई

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने साढ़े 7 माह की गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता के मामले की सूचना देने में लापरवाही के मामले में राज्य सरकार को आवश्यक विवरण के साथ केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिससे नाबालिग के गर्भपात तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके. जस्टिस अमित सेठ ने याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान पेश किये गये दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए बालाघाट सीएमएचओ को पीडित के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए. याचिका पर अगली सुनवाई 12 जून को होगी. बालाघाट जिला अदालत ने लिखा हाई कोर्ट को पत्र बता दें कि बालाघाट जिला अदालत ने दुष्कर्म पीड़ित 14 वर्षीय लड़की के गर्भपात की अनुमति के लिए हाई कोर्ट को पत्र लिखा था. हाई कोर्ट को ये पत्र 26 मई को प्राप्त हुआ. पत्र के साथ सिविल सर्जन की रिपोर्ट में दुष्कर्म की रिपोर्ट थाने में कब दर्ज हुई, इसका कोई उल्लेख नहीं था. इससे पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था ” दुष्कर्म पीड़िता के गर्भवती होने के संबंध में गर्भपात के लिए हाई कोर्ट ने 20 फरवरी 2025 को पारित आदेश में गाइडलाइन निर्धारित की है. दुष्कर्म के कारण पीड़ित के गर्भवती होने की सूचना थाना प्रभारी द्वारा आवश्यक रूप में संबंधित न्यायालय को प्रदान की जाएगी. नाबालिग पीड़िता 24 हफ्ते (करीब 6 महीने) से ज्यादा गर्भवती हो, तो गर्भपात के लिए हाई कोर्ट से मार्गदर्शन लेना होगा. यह आदेश सभी जिम्मेदार विभागों को दिया गया था.” आवश्यक विवरण के साथ केस डायरी पेश करें एकलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है “सभी आवश्यक विवरण और केस डायरी के साथ रिपोर्ट पेश करें कि किन परिस्थितियों में नाबालिग लड़की को साढ़े 7 महीने का गर्भ समाप्त करने में देरी हुई. रिपोर्ट अगली सुनवाई या उससे पहले दाखिल की जाए, जिससे नाबालिग लड़की के गर्भ को समाप्त करने के लिए उचित निर्देश जारी किए जा सकें और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके.”

विमुक्त एवं घुमन्तु समुदाय सर्वेक्षण की कार्यशाला बुधवार को

भोपाल मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं राज्य शासन के विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विमुक्त एवं घुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण के लिये एक दिवसीय कार्यशाला 11 जून 2025 को राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान भोपाल में होगी। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा करेंगे। कार्यशाला में विभागीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर भी उपस्थित रहेंगे।  

विश्व नेत्रदान दिवस पर दूसरों के जीवन का अंधियारा मिटाने का लें संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के नागरिकों से आह्वान किया है कि वे दूसरों के जीवन का अंधियारा मिटाने के लिए नेत्रदान का संकल्प लें। नेत्रदान ही महादान है। नेत्रदान से दो व्यक्तियों की आंखों को भी रोशनी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि विश्व नेत्रदान दिवस हम सभी को प्रेरित करता है कि नेत्रदान, दुनिया से विदा होने के बाद भी मानव समाज की सेवा का अमूल्य माध्यम हो सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने परिवार के सदस्यों और अन्य नागरिकों को भी नेत्रदान का महत्व बताते हुए ऐसा संकल्प लेने की प्रेरणा दे सकते हैं।  

सोन नदी के पुल का एक पिलर हुआ टेड़ा , स्टेट हाइवे पर आवागमन बंद, रीवा शहडोल मार्ग भी बाधित

शहडोल शहडोल रीवा मुख्य मार्ग में बाणसागर स्थित सोन नदी के ऊपर बने पुल का एक पिलर मंगलवार को अचानक कुछ नीचे झुक गया। साथ ही पुल के बीच एक गड्ढा भी हो गया। इस खतरे को देखते हुए वहां से आवाजाही बंद करा दी गई। दोनों ओर से आने वाले वाहनों की निकासी के लिए वैकल्पिक बुढ़वा, कूदरी व बघवार मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई है, ताकि उक्त मार्ग में जाम की स्थिति निर्मित न होने पाए। पुलिस ने बताया कि मंगलावार सुबह उक्त मार्ग से पुलिस का एक वाहन गुजर रहा था, तभी पुल के एक ओर का पिलर झुका हुआ नजर आया। साथ ही पुलिया के बीच एक गड्ढा भी दिखाई दिया। उसके बाद उक्त मार्ग में संभावित खतरे को देखते हुए तत्काल ही थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इससे अवगत कराया। बाणसागर पुलिया में बैरिकेट्स लगाकर उससे आवाजाही बंद करवा दी गई। विदित हो कि बाणसागर स्थित सोन नदी में बने उक्त पुल शहडोल रीवा मार्ग का मुख्य केंद्र हैं। वाहनों की आवाजाही बंद विदित हो कि बाणसागर स्थित सोन नदी में बने उक्त पुल शहडोल रीवा मार्ग का मुख्य केंद्र हैं। इस मार्ग से सतना, रीवा समेत यूपी का सफर तय किया जाता हैं, लेकिन अचानक पुलिया का पिलर एक ओर झुक जाने से उक्त मार्ग से आवाजही करने से खतरे का अंदेशा हैं। इसलिए पुलिस द्वारा कलेक्टर, एसपी तथा एसडीएम समेत एम पी आर डी सी के जिम्मेदार अधिकारियों को इस संभावित खतरे की सूचना दे दी गईं हैं। वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग खोला फिलहाल पुलिस द्वारा वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही करने के लिए कहा जा रहा हैं। देवलौंद थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने बताया है कि पुल का एक हिस्सा शहडोल जिले में आता है और दूसरा हिस्सा रामनगर थाना जिला मैहर में आता है, हमने मैहर जिले में कंट्रोल रूम को सूचना दी है, एवं रामनगर थाने को भी बताया है। दोनों ओर पुलिस लगाकर मार्ग को बंद कर दिया गया है। एक वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को आने जाने दिया जा रहा है। इस मार्ग से सतना, रीवा समेत यूपी का सफर तय किया जाता है, लेकिन अचानक पुलिया का पिलर एक ओर झुक जाने से उक्त मार्ग से आवाजही करने से खतरे का अंदेशा है। इसलिए पुलिस द्वारा कलेक्टर, एसपी तथा एसडीएम समेत एम पी आरडीसी के जिम्मेदार अधिकारियों को इस संभावित खतरे की सूचना दे दी गई है। फिलहाल पुलिस द्वारा वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन उक्त वैकल्पिक मार्ग से क्या बड़े और भारी वाहन गुजर पाएंगे यह भी बड़ा सवाल है। देवलौंद थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने बताया है कि पुल का एक हिस्सा शहडोल जिले में आता है, और दूसरा हिस्सा रामनगर थाना जिला मैहर में आता है। हमने मैहर जिले में कंट्रोल रूम को सूचना दी है और रामनगर थाने को भी बताया है। दोनों ओर पुलिस बेरिकेड लगाकर मार्ग को बंद कर दिया गया है। एक वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को आने जाने दिया जा रहा है।  

ज्योति ने 4 प्रीमैच्योर बच्चों को दिया था जन्म, 60 दिन विशेष इलाज के बाद किया गया डिस्चार्ज

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ा सुखद समाचार सामने आया है. जहां एक साथ जन्मे 4 प्रीमेच्योर बच्चों को स्वस्थ इलाज देकर डिस्चार्ज किया गया. दरअसल, 2 महीने पहले भोपाल के कैलाशनाथ काटजू हॉस्पिटल में महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया था, जो काफी चर्चा का विषय बना. ये बच्चे प्रीमैच्योर थे, इसलिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनका विशेष उपचार और ध्यान दिया गया. 60 दिन तक चला उपचार चारों बच्चों को लगभग 60 दिन तक हॉस्पिटल में रखकर विशेष पद्धति से इलाज किया गया. जिसके बाद अब ये चारों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और 9 जून को अपनी मां के साथ घर भेज दिए गए. बताया गया कि प्राइवेट हॉस्पिटलों में सर्फेक्टेंट थेरेपी बहुत महंगी होती है. लेकिन शासकीय काटजू चिकित्सालय में चारों बच्चों को नि:शुल्क सर्फेक्टेंट थेरेपी प्रदान की गई. इन बच्चों की पूरी देखभाल डॉक्टर सुजाता जनवदे, डॉक्टर स्मिता सक्सेना, डॉक्टर ममता वर्मा, डॉक्टर प्रतिभा रैकवार, डॉक्टर अमित कुमार चौहान और नर्सिंग स्टाफ द्वारा की गई. जन्म के समय बहुत कम था बच्चों का वजन जन्म के बाद चारों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ नहीं थे. काटजू चिकित्सालय की नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया, “कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में ज्योति नाम की महिला ने 4 बच्चों को जन्म दिया. ज्योति की डिलीवरी 9 अप्रैल 2025 को हुई थी, यह डिलीवरी प्री टर्म थी और चारों बच्चों का वजन बहुत कम था. 4 में से 1 बच्चा 1 किलो से भी कम का था और 3 बच्चों का वजन लगभग 1 किलो के आस पास ही था. काटजू चिकित्सालय में चारों बच्चों को सीपैप (CPAP) में रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई.” क्या होती है सीपैप और सर्फेक्टेंट थेरेपी सीपैप एक ऐसी मशीन है, जो लोगों को सांस लेने में मदद करता है. ये मशीन हवा को फेफड़ों में लगातार दबाव के साथ भेजती है ताकि वायुमार्ग खुले रहें और सांस लेने में मदद मिल सके. इसकी मदद से नवजात शिशुओं में खासकर प्रीमैच्योर बच्चों में श्वसन संकट सिंड्रोम के इलाज के लिए सर्फेक्टेंट थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है. जो फेफड़ों में वायुकोश को खुला रखने और सांस लेने में मदद करता है.

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