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भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस में लापरवाही पर कार्रवाई थाना प्रभारी को हटाकर लाइन अटैच कर दिया

भोपाल  भोपाल में कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अशोका गार्डन थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव को पद से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया है। वह इस मामले में SIT जांच का हिस्सा थे। यह आदेश डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने जारी किया। बताया जा रहा है कि हेमंत श्रीवास्तव पर मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई न करने और जांच को सुस्त गति से आगे बढ़ाने के आरोप थे। राष्ट्रीय महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने भी जांच पर सवाल उठाए थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी थी, जिसमें आरोपियों की कार्यप्रणाली और पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं। मामले में फरहान खान, साहिल खान और अली खान नामक तीन युवकों पर आरोप है कि उन्होंने पहले अपना धर्म छिपाकर छात्राओं से दोस्ती की। बाद में उन्हें महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर झांसे में लिया गया। आरोपियों ने छात्राओं को नशे का सेवन कराकर दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर धमकाया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई है। आयोग का मानना है कि आरोपी अकेले नहीं थे, बल्कि इनके पीछे एक सुव्यवस्थित गिरोह काम कर रहा है, जो भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है।  

मोरवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 28 किलो से ज्यादा गांजा पकड़ा

सिंगरौली घर के पीछे आंगन में आरोपी लगातार हरे पौधे गांजे की करता था खेती,मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी उमेश प्रताप सिंह मौके में पहुंच कर दी दबिश,आरोपी के घर के आंगन से पुलिस ने हरे 80 पेड़ गांजे के लहलहाते गांजा को किया जप्त,2 लाख 80 हजार रुपए बताई जा रही है पकड़े गए हरे गाजे के पौधे की कीमत,विजय कुमार खैरवार निवासी मेढौली लगातार गांजे की कर रहा था खेती, 28 किलो से ज्यादा है पकड़े गए गांजे का वजन.

आज विश्व पोहा दिवस अपने सर्वप्रिय पोहे का रोज 50 टन भोग लगा लेते हैं इंदौरी

 इंदौर इंदौर का पोहा अपनी खासियत और लोकप्रियता के कारण विश्वभर में जाना जाता है। शहर में दिन की शुरुआत लगभग सभी लोग पोहे से करते हैं। यहां के लोगों की पोहे के प्रति दीवानगी देखनी हो तो शहर की व्यस्त पोहा दुकानों की भीड़ ही काफी है। जहां स्वादिष्ट पोहा मिलता है, वहां भीड़ इतनी होती है कि कभी-कभी लगता है जैसे पोहा मुफ्त बांटा जा रहा हो। हर साल 7 जून को ‘दुनिया पोहा दिवस’ मनाया जाता है, लेकिन इंदौर में तो हर दिन पोहा डे जैसा माहौल रहता है। इंदौर में पोहे की खपत और खासियत इंदौर में प्रतिदिन लगभग तीन हजार से अधिक दुकानों पर पोहा बनता है, और लगभग 5 से 6 टन पोहे की खपत होती है। यहां के लोग पोहे को भाप में पकाने और भिगोकर रखने के अलग-अलग तरीकों से तैयार करते हैं, जिससे इंदौर के पोहे का स्वाद और भी निराला होता है। यह स्वाद अन्य शहरों से अलग और खास माना जाता है। महाराष्ट्र से इंदौर तक पोहे की यात्रा इंदौर के पोहे की कहानी पुरुषोत्तम जोशी से शुरू होती है, जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले तिलकपथ क्षेत्र में पहली पोहा दुकान खोली थी। पोहा महाराष्ट्र का प्रसिद्ध नाश्ता है, जिसे इंदौर में मजदूरों के लिए फटाफट बनने वाले नाश्ते के रूप में अपनाया गया। धीरे-धीरे पोहे की लोकप्रियता बढ़ी और शहर में कई पोहा की दुकानें खुल गईं। आज भी इंदौर में पोहा मात्र 10 से 15 रुपये में उपलब्ध है। बड़े नामों की पसंद बना इंदौर का पोहा इंदौर के पोहे को देश के कई बड़े नेता, अभिनेता और खेल जगत की हस्तियां पसंद करती हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू, अमिताभ बच्चन, अटल बिहारी वाजपेयी, राहुल गांधी, सुनील गावस्कर और विराट कोहली जैसे नाम यहां के पोहे के शौकीन हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इंदौर आने पर पोहे का स्वाद जरूर लेते हैं। शहर में सैनी पोहा, हेड साब का पोहा, 56 दुकान का पोहा और जेल रोड का तीखा पोहा बहुत प्रसिद्ध हैं। साथ ही, यहां के कुछ स्थानों पर उसल पोहा भी लोकप्रिय है। दौर की सड़कों पर सुबह टहलने निकलिये।हर गली के मोड़ पर ,चौराहे पर ,हर चौथी दुकान पर ,बस स्टेंड से लेकर रेल्वे स्टेशन यहाँ तक ही हॉस्पिटलो के सामने भी पोहे के साफ सुथरे ठेले सज़े दिखेंगे आपको।ये पोहे के ठेले ,पोहाप्रेमियो की भीड से घिरे होते हैं।लोग या तो पोहा खा रहे होते है या पोहे की प्लेट हाथ लगने के इंतज़ार मे होते हैं।वैसे ये पोहा हमेशा प्लेट मे ही परोसा जाये ये कतई जरूरी नही होता।रद्दी अखबार मे रख कर इसे दिया जाना इंदौरियो की ही इजाद है ,मुझे तो ये लगता है कि इंदौर वाले अखबार ख़रीदते ही इसलिये है ताकि अगली सुबह उस पर रखकर पोहा खाया जा सके। अब ऐसा भी नही है कि इंदौरी अपने घर मे पोहा नही खा सकता।घर मे भी खूब पोहा ख़ाता है वो और घर मे पोहा खाने के बाद सीधा नज़दीकी पोहे के ठेले पर पहुँचता है।उसे पोहा खाने की संतुष्टि हासिल ही तभी होती है जब वो ठेले पर खड़ा होकर यार दोस्तो के साथ पोहा खा ले।पोहे ने यारबाज बनाया है इंदोरियो को।ये पोहे की वजह से दोस्ती करते हैं और दोस्तों को पोहा खिलाते हैं। पोहे के ठेले पर खड़े इंदौरी को देखिये।वो पूरे धीरज के साथ अपनी बारी का इंतज़ार करता है।वो यह देखता है कि पोहे वाला उनकी प्लेट लबालब भरने मे कोई कंजूसी तो नही दिखा रहा।वो चाहता है कि प्लेट में पोहे का पहाड़ खड़ा कर दिया जाये।वो एक्स्ट्रा जीरावन और कटी प्याज़ की माँग करता है।नींबू और निचोड़ देने की फरमाईश होती है उसकी और थोड़े और सेव मिल जाने पर बहुत ज्यादा खुश हो जाता है। इंदौरी एक प्लेट पोहा खाने के बाद दूसरी की इच्छा करेगा और तीसरी प्लेट न खा पाने के कारण निराश होगा। इंदौरी सुबह उठते ही इसलिये है कि पोहा खाया जा सके और पोहे के बहाने ,अड़ोस पड़ौस से लेकर दुनिया जहान की बातें की जा सकें। अब ये बात भी सही है कि इंदौरी बात चाहे ज़माने की कर ले उसे आख़िर मे पोहे की बात पर ही लौट आना है। पोहे की बात भर निकल आये ,इंदौरियो की आँखे चमक जाती है। सच्चा इंदौरी वो जो पोहे की चर्चा सुनने भर से मुँह मे पानी भर ले। इंदौरी पोहा खाने के लिये ही पैदा होता है।जीता पोहे के साथ है और जब मर जाता है तो शोक जाहिर करने आये लोग ,पोहा खाते हुये उसकी और पोहे की तारीफ करते हैं।भैया थे तो व्यवहार कुशल ।कल सुबह ही तो दिखे थे पोहे के ठेले पर।जब भी मिलते थे पोहा खिलाये बिना मानते नही थे ! जल्दी गुज़र गये।हरि इच्छा। इंदौरियो का जीवन चक्र पोहे के ठेले के आसपास ही घूमता है। ये देश दुनिया के हाल-चाल बाबत बीबीसी पर भरोसा करने के बजाय यहाँ मिली ख़बरों पर ज्यादा यक़ीन करते हैं।ये यहीं लड़ते झगड़ते भी है ,प्यार मोहब्बत और बीमारो की बाते भी करने के लिये भी सबसे बेहतर मौक़ा और जगह होती है ये।और बहुत बार बच्चो के ब्याह संबंध की बाते भी पोहे के ठेले पर बन जाती है।  

जबलपुर में युवती की संदिग्ध हालातों में मौत, आरोप-दहेज के कारण दूसरी मंजिल से नीचे फेंका, तीन साल पहले हुई थी शादी

  जबलपुर जबलपुर में 25 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे सेकेंड फ्लोर से नीचे फेंका गया है, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। मृतिका का नाम अनमोल आहूजा है, जो कि रायपुर भाटापारा की रहने वाली है, तीन साल पहले जबलपुर निवासी विपुल आहूजा से उसका विवाह हुआ था, दोनों की डेढ़ साल की बच्ची है। मृतिका के परिवार वालों का आरोप है कि दहेज के कारण ससुराल वालों ने उसकी जान ले ली। इधर घटना की जानकारी मिलते ही निजी अस्पताल पहुंची गढ़ा थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।  दिया दहेज-फिर भी मारपीट मृतिका अनमोल खत्री (शादी के बाद आहूजा) के पिता मुरली खत्री ने बताया कि तीन साल पहले बेटी का विवाह विपुल के साथ हुआ था। धूमधाम से शादी की और हैसियत से बढ़कर दहेज दिया। शादी के कुछ माह तो ठीक से बीते, पर उसके बाद से मारपीट करना शुरू कर दिया गया। दो बार अनमोल का हाथ तोड़ दिया गया, इसके बाद भी वह चुप रही। गुरूवार रात करीब 12 बजे अनमोल ने रायपुर में पिता को फोन करते हुए बताया कि उसके साथ मारपीट कर रहा है, तुरंत जबलपुर आ जाओ। पिता ने सुबह तक जबलपुर आने की बात बेटी से कही। रात डेढ़ बजे चाचा ससुर फोन करते है कि अनमोल छत से गिर गई है, अस्पताल में भर्ती है। मृतिका के पिता का कहना है कि उसके पूरे शरीर में गंभीर चोट है, वह आत्महत्या नहीं कर सकती, क्योंकि उसकी डेढ़ साल की बच्ची है। उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंका और फिर गंभीर हालत में अस्पताल में छोड़कर भाग गए। अनमोल अस्पताल में अकेली-ससुराल वाले गायब रायपुर छत्तीसगढ़ से जबलपुर आए परिजनों ने बताया कि आज जैसे ही यहां आए तो पता चला कि अनमोल एक निजी अस्पताल में भर्ती है। मौके पर जाकर देखा तो वह अकेले ही आईसीयू में थी। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतिका के पिता का कहना था कि जब यहां पर आए तो ससुराल पक्ष से कोई नहीं था, उनकी डेढ़ साल की नातिन भी कहां है, कुछ पता नहीं है। मुरली खत्री का कहना है कि शादी के बाद से शराब पीकर विपुल ने अनमोल के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। तीन बार दोनों के बीच समझौता हुआ। राजपुर आकर विपुल ने यह भी कबूल किया कि वह अब दोबारा कभी भी शराब नहीं पिएगा, और ना ही अनमोल के साथ मारपीट करेगा। 22 साल पाला-पोसा,आज लाश लेकर जा रहे है मृतिका के भाई सुनील का कहना है कि 22 साल तक नाजो से पाला, धूमधाम से दुल्हन बनाकर उसे जबलपुर भेजा था, पर आज उसकी लाश लेकर हम वापस रायपुर जा रहे है। अनमोल को अस्पताल में छोड़कर ससुराल वाले भाग गए, उनका कुछ पता नहीं है। परिजनों का आरोप है कि अनमोल की संदिग्ध मौत हुई है, जिसकी जानकारी जबलपुर पुलिस को भी दी गई, पर कोई भी पुलिसकर्मी अस्पताल आकर बयान दर्ज नहीं किया है। मृतिका के भाई ने बताया कि हम अनमोल को साथ ले जाने के लिए तैयार थे, पर उसका कहना था कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, पता नहीं था कि उसकी हत्या कर दी जाएगी। सीएसपी करेंगे जांच 25 वर्षीय नवविवाहिता अनमोल आहूजा की मौत को लेकर गढ़ा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि मृतिका नवविवाहिता है, इसलिए इसकी जांच सीएसपी गढ़ा को सौंपी गई है। परिजनों का आरोप है कि उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंका गया है, इसकी भी जांच करवाई जा रही है। पीएम रिपोर्ट से खुलासा होगा कि कैसे अनमोल की मौत हुई है।

प्रदेश में मानसून के पहले जमकर बरस रहे बादल, जून में पहली बार आंधी-बारिश के साथ लू का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इस बार गर्मी का मौसम कुछ अलग ही रूप लेकर आया है। अप्रैल से जून के बीच जहां तेज गर्मी का अनुमान था, वहां अब लगातार बारिश और आंधियों का दौर बना हुआ है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में रायसेन-उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों में फिर से तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह बदलाव मुख्य रूप से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हो रहा है। ये स्थिति आगामी 4 दिनों तक बनी रह सकती है, जिसके बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। बारिश के साथ तेज आंधी का अलर्ट प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जून को भी कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं। प्रदेश में लगातार आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित बना हुआ है। अब मौसम विभाग ने आज शुक्रवार 6 जून को भी 45 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना जताई है। इन जिलों में जारी है अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में जिलों आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, निवाड़ी, पन्ना, दमोह, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा समेत 45 जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। क्यों हो रहा है ऐसा मौसम? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इनकी वजह से मौसम अस्थिर हो गया है और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। अगले 4 दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। कहां-कहां हुई बारिश? मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार जारी हैं। रायसेन, उज्जैन और धार में गुरुवार को तेज बारिश हुई। रायसेन में 9 घंटे में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। रायसेन, उज्जैन, धार समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चला गया। खजुराहो का पारा 40.2°C, जबकि भोपाल 36.4°C, इंदौर 35.7°C पर रहा। मानसून की प्रतीक्षा फिलहाल, मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर रुका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून के बाद ही मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा।

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत बीना से भोपाल आए नाबालिग बालक को संरक्षित संस्था के माध्यम से सौंपा गया परिजनों को

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत बीना से भोपाल आए नाबालिग बालक को संरक्षित संस्था के माध्यम से सौंपा गया परिजनों को रेल सुरक्षा बल का सजग व मानवीय कार्य भोपाल  मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल द्वारा रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के अंतर्गत एक बार फिर रेल सुरक्षा बल ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक नाबालिग बालक को समय रहते सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया। दिनांक 05 जून 2025 को बीना से भोपाल के मध्य मार्गरक्षण ड्यूटी पर कार्यरत रेल सुरक्षा बल के स्टाफ आर. विजय कांत शर्मा को गाड़ी संख्या 12722 में एक नाबालिग बालक संदिग्ध स्थिति में मिला। पूछताछ में बालक ने अपना नाम फरमान पुत्र नौसाद खान, उम्र 15 वर्ष, निवासी छोटी बजरिया, बीना बताया। उसने यह भी बताया कि वह भोपाल में काम की तलाश में आया था, तथा उसका अपने परिजनों से संपर्क टूट गया था। परिजनों का मोबाइल नंबर  बताया गया। आरपीएफ द्वारा तत्परता दिखाते हुए बालक को तत्काल रेल सुरक्षा बल पोस्ट, भोपाल लाया गया। यहां SIPF संध्या चौधरी द्वारा बच्चे से विस्तार से पूछताछ की गई और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सदस्य धनीराम पवार को इसकी सूचना दी गई। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के निर्देशानुसार, उक्त नाबालिग बालक को विधिवत प्रक्रिया के तहत नित्य सेवा सोसायटी, भोपाल के माध्यम से परिजनों को सुपुर्द किया गया। यह संपूर्ण कार्यवाही ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत संपन्न की गई, जो रेलवे द्वारा बच्चों की सुरक्षा एवं पुनर्वास हेतु संचालित एक विशेष अभियान है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने इस कार्य की सराहना करते हुए बताया कि आरपीएफ की सतर्कता और मानवीय दृष्टिकोण के चलते अनेक मासूम बच्चों को समय रहते सहायता पहुंचाई जा रही है।

भोपाल मंडल में आयोजित रेल सेवा पुरस्कार 2024 समारोह में 37 उत्कृष्ट रेलकर्मियों का हुआ सम्मान

भोपाल मंडल में आयोजित रेल सेवा पुरस्कार 2024 समारोह में 37 उत्कृष्ट रेलकर्मियों का हुआ सम्मान 13 स्टेशनों एवं डिपों को भी प्रदान की गई ‘श्रेष्ठ कार्य निष्पादन शील्ड” भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी की अध्यक्षता में दिनांक 06 जून 2025 को न्यू नर्मदा क्लब, सभागार परिसर में “रेल सेवा पुरस्कार 2024” वितरण समारोह का आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में भोपाल मंडल के विभिन्न विभागों के 37 समर्पित रेलकर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही , 13 स्टेशनों एवं डिपों को ‘श्रेष्ठ कार्य निष्पादन शील्ड’ से भी सम्मानित किया गया वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन रेलवे कर्मियों की सेवा निष्ठा एवं कार्य गुणवत्ता को प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिवर्ष किया जाता है। इस अवसर पर रेल सेवाओं की उत्कृष्टता में योगदान देने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान किए गए। इस वर्ष जिन विभागों के कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, उनमें इंजीनियरिंग विभाग से 07, यांत्रिक डीजल शेड इटारसी से 02, यांत्रिक कैरिज वेगन विभाग से 04, कार्मिक विभाग से 03, परिचालन विभाग से 01, कर्षण परिचालन से 03, विद्युत सामान्य से 02, विद्युत टीआरएस से 03, विद्युत टीआरडी से 02, चिकित्सा विभाग से 01, लेखा विभाग से 01, सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग से 02, आरपीएफ/सुरक्षा विभाग से 01, सामान्य प्रशासन से 02, राजभाषा विभाग से 01, संरक्षा विभाग से 01 तथा रेलवे स्कूल इटारसी से 01 कर्मचारी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 37 रेलकर्मियों को रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, 12 स्टेशनों एवं डिपों को ‘श्रेष्ठ कार्य निष्पादन शील्ड’ से भी सम्मानित किया गया, जो निम्नानुसार हैं — 1.    राजभाषा हिंदी शील्ड – वाणिज्य विभाग कार्यालय,भोपाल 2.राजभाषा हिंदी शील्ड- भोपाल एवं भोपाल स्टेशन उपसमिति 3.    उत्तम स्वच्छ स्टेशन – मथैला स्टेशन (परिचालन विभाग) 4.    सर्वोत्तम इंजीनियरिंग डिपो – शिवपुरी डिपो 5.    श्रेष्ठ रोलिंग स्टॉक डिपो – टीआरएस, इटारसी डिपो (यांत्रिक/विद्युत‌ विभाग) 6.    एआरटी/एआरएमई/स्पॉट रेस्पॉन्स हेतु श्रेष्ठ इकाई – गुना स्टेशन (यांत्रिक विभाग) 7.    रेल परिसर की श्रेष्ठ कालोनी रखरखाव इकाई – हबीबगंज रेलवे कॉलोनी(इंजीनियरिंग विभाग) 8.    रोडसाइड स्टेशनों की श्रेष्ठ कालोनी – पचौर स्टेशन (इंजीनियरिंग विभाग) 9.    सर्वोत्तम टीआरडी डिपो – औबेदुल्लागंज डिपो 10.    ऊर्जा संरक्षण में सर्वश्रेष्ठ – गुना डिपो 11.    सर्वोत्तम रनिंग रूम – 18 बंगला रनिंग रूम, इटारसी(टीआरओ विभाग) 12.    सर्वश्रेष्ठ दूरसंचार डिपो – हरदा डिपो 13.    सर्वश्रेष्ठ विद्युत डिपो – बीना डिपो इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ,महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती गुंजन त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री विजय सिंह ,वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ,सभी शाखा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी, यूनियन पदाधिकारी,पुरस्कार प्राप्त करने वाले रेलकर्मी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

सांदीपनी स्कूल एवं नवोदय विद्यालय के स्थापित होने से शिक्षा के नए कीर्तिमान बनेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य मार्ग से नवोदय विद्यालय तक सडक का निर्माण किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन रतलाम जिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिले को दो सौगातें मिली हैं। आलोट में नवोदय विद्यालय के साथ ही सांदीपनी विद्यालय भवन का लोकापर्ण किया गया है, जो शिक्षा के क्षे़त्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहें है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र मे उत्तरोतर प्रगति कर रहा है। रतलाम के आलोट में 38.4 करोड़ लागत से बने पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय-2, छात्रावास और स्टॉफ क्वार्टरो तथा 35 करोड़ 11 लाख की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025 में 10वी एवं 12वी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में निजी स्कूलों के बजाए शासकीय स्कूल के बच्चों ने ज्यादा अच्छा प्रर्दशन किया है। नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी नही छोडी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाहर नवोदय विद्यालय से मुख्य मार्ग से जोडने वाली सड़क का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्य क्षेत्रों में भी विकास के कार्य कर रही हैं। सिंचाई के लिए भी कई परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी विजन के तहत नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत हुई है। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की बेहतरी के लिए पार्वती, चंबल, कालीसिंध नदी जोडों परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे प्रदेश के कई गांव को पेयजय एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। मध्यप्रदेश मे लगभग 55 लाख हैक्टेयर में सिंचाई हो रही है। किसानों को विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पम्प देने की योजना है। इससे किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे है। मध्यप्रदेश देश में पर्यटन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर आ गया है। आलोट में क्षिप्रा-चंबल नदी संगम स्थल पर पर्यटन का विकास किया जाएगा। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह नवोदय विद्यालय रतलाम में दूसरा है, पहला विद्यालय कालूखेड़ा में स्थित है। नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय और उत्कृष्ट विद्यालय पूरे देश में विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं नैतिक विकास कर रहे हैं। शिक्षा ही सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधार है। भारत में साक्षरता दर निरंतर बढ़ रही है, जिसमें नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रतलाम जिले के आलोट में यह दूसरा नवोदय विद्यालय प्रारंभ हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आधार पर युवाओं को रोजगार मूलक शिक्षा देने में जवाहर नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे नवोदय विद्यालयों में अध्ययन कर जेईई, नीट जैसी परीक्षाएं पास कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महाविद्यालय में प्रवेश ले रहे है। लगभग 1 करोड़ 53 लाख बच्चे मध्यप्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। राज्य एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से इन विद्यालयों में एआई की पढ़ाई भी प्रारंभ की गई है। स्कूल समाज को मजबूत बनाते है। मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को सशक्त कर प्रदेश को विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन्य काश्यप, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक आलोट डॉ. चिंतामणि मालवीय उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पगड़ी, शॉल एवं पारंपरिक पेन्टिग भेंट कर किया गया। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में सर्व-सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए वर्ष 2022-23 में सीएम राइज विद्यालय की स्थापना की है, जो अब महर्षि सांदीपनि विद्यालय के नाम से पहचाने जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। सांदीपनि विद्यालय आलोट में आसपास के 1600 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेंगे, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस विद्यालय में 1 कि.मी. से 15 कि.मी. दूरी से आने वाले बच्चों के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विषय-वार शिक्षकों के साथ-साथ संगीत शिक्षक, नृत्य शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, खेल शिक्षक, मनोवैज्ञानिक, कॅरियर काउंसलर आदि भी नियुक्त किये गये है।  

किसानों की फसलों की उत्पादकता में वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं: कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसानों की फसलों की उत्पादकता में वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह निर्देश राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान में शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों के कार्यों की समीक्षा की। कृषि मंत्री ने शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों के कार्यों की सराहना की और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य कृषि सामग्री प्रदान करना है, जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि हो सके। मंत्री श्री कंषाना ने अधिकारियों को शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अपनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में किसानों को और अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। बैठक में विभिन्न जिलों से आए कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।  

हमारे यहां हर क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध, फैशन डिजाइन से लेकर हर क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं- मंत्री परमार

भोपाल भारत की परम्परा में विविधता है, जो विश्व में अन्य कहीं नहीं है। हमारे यहां हर क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। फैशन डिजाइन से लेकर हर क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं। देश में विविधता हजारों वर्षों से विद्यमान है। इस परम्परागत विरासत को संजोने की आवश्यकता के लिए देश के हर राज्य में, समाज जीवन में विद्यमान परम्पराओं पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप शोध एवं अनुसंधान करने की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल के होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) भोपाल के “ग्रेजुएशन शो – 2025” कार्यक्रम में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रतिभा है। संस्थान द्वारा रोजगार सृजन के साथ साथ, सांस्कृतिक विरासत पर कार्य करना प्रेरक है। भारतीय ज्ञान परम्परा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैश्विक बाजार में स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए इससे विश्वमंच पर भारतीय ज्ञान की पहचान पुनर्स्थापित होगी। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर उनसे संवाद किया और उनके प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री परमार ने निफ़्ट संस्थान को अखिल भारतीय क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। निफ्ट भोपाल के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष अग्रवाल ने कहा, “यह शो हमारे छात्रों के समर्पण, नवाचार और डिज़ाइन नेतृत्व का सजीव प्रमाण है। हम उद्योग के साथ मिलकर छात्रों को व्यावसायिक दुनिया के लिए तैयार करने में विश्वास रखते हैं।” यह आयोजन भारतीय डिज़ाइन शिक्षा के गुणवत्ता मानकों और वैश्विक रुझानों के प्रति निफ्ट भोपाल की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। ग्रेजुएशन शो – 2025 एक ऐसा मंच सिद्ध हुआ, जहाँ युवा डिज़ाइनर्स ने अपने विचारों को उद्योग और समाज के सामने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) भोपाल के कैंपस अकादमिक समन्वयक श्री देव ज्योति गांगुली एवं प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी सहित विद्यार्थी उपस्थित थे। सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स का हुआ प्रदर्शन इस वर्ष के ग्रेजुएशन शो में फैशन मैनेजमेंट स्टडीज़ (FMS-32), टेक्सटाइल डिज़ाइन (TD-33) और फैशन एंड लाइफस्टाइल एक्सेसरीज़ (F&LA-27) विभागों के छात्रों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उद्योग-संगत और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए।  

प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत नगरीय निकायों ने शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष अभियान शुरू

भोपाल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत नगरीय निकायों ने शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। विशेषकर बारिश के दौरान जल-भराव की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिये नाले-नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास कार्यालय ने दिशा-निर्देश जारी किये है। साफ-सफाई अभियान 413 नगरीय निकायों में एक साथ शुरू किया गया है। शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में आवासीय एवं सार्वजनिक क्षेत्र की नालियों से जमी हुई गाद निकालकर गहरी सफाई की जा रही है। वर्षा काल के दौरान जल का प्रवाह सतत रूप से हो सके, इसके लिये नालों के सभी छोर पर जाली लगाई जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। अतिक्रमण हटाने के संबंध में निर्देश नगरीय निकायों को निर्देश दिये गये है कि नाले-नालियों के ऊपर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तत्काल की जाये। शहरी क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम के लिये ब्लीचिंग पॉउडर का छिड़काव भी किया जा रहा है। नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मियों के कार्यों की सतत निगरानी रखने के लिये भी कहा गया है। प्रदेश में 413 स्थानीय नगरीय निकाय है। इनमें नगरपालिक निगम 16, नगरपालिका परिषद 99 और नगर परिषद 298 है। मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी इकाइयाँ प्रदेश में सूखे कचरे के प्रसंस्करण के लिये 405 नगरीय निकायों में 360 मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनके माध्यम से सूखे एवं गीले कचरे को अलग अलग घटकों में बाँटकर प्रसंस्करण के लिये भेजा जाता है। इन इकाइयों से सूखे कचरे की छटाई करके बेचे जाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 100 प्रतिशत नगरीय क्षेत्रों में आवासों और व्यावसायिक क्षेत्रों से कचरा संग्रहण व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है। इसके लिये नगरीय निकायों को 7082 मोटराइज्ड वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें सूखे, गीले के साथ कचरे के अन्य अवयवों को अलग-अलग रखने के लिये कंपार्टमेंट और जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं।  

विधायकों को घर-गाड़ी के लिए मिलेगा दो प्रतिशत ब्याज अनुदान, 15 लाख और आवास के लिए 25 लाख निर्धारित थी

भोपाल पांच साल बाद सरकार एक बार फिर विधायकों को वाहन और आवास के लिए कर्ज लेने पर ब्याज अनुदान की सुविधा देने जा रही है। अब यह राशि अभी तक वाहन के लिए 15 लाख और आवास के लिए 25 लाख निर्धारित थी। इसे दोगुना किया जा रहा है, लेकिन ब्याज अनुदान में दो श्रेणी बना दी है। 15 लाख से अधिक का वाहन और 25 लाख से अधिक का आवास लेने पर सरकार केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी। शेष ब्याज विधायक को स्वयं चुकाना होगा। यदि इस राशि से कम का वाहन या आवास लिया जाता है तो चार प्रतिशत ब्याज विधायक को देना होगा और शेष का भुगतान सरकार करेगी।   कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा प्रस्ताव वित्त विभाग ने संसदीय कार्य विभाग के प्रस्ताव को संशोधन के साथ सहमति दे दी है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। 16वीं विधानसभा (दिसंबर 2023-2028) के लिए निर्वाचित सदस्य काफी समय से मांग कर रहे थे, कि वाहन और आवास ऋण पर दी जाने वाली ब्याज अनुदान की सुविधा को बहाल किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस पर सहमति जताई और मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव से चर्चा की थी। सदस्य सुविधा समिति ने प्रस्ताव संसदीय कार्य विभाग को भेजा, जिसे विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुमोदन से वित्त विभाग भेजा गया। वाहन ऋण की राशि 15 लाख के स्थान पर 25 लाख और आवास ऋण की राशि 25 के स्थान पर 50 लाख रुपये रहेगी लेकिन ब्याज अनुदान दो श्रेणी में मिलेगा।   दो प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा विभाग का मानना है कि 15 लाख से अधिक का वाहन और 25 लाख से अधिक का आवास लेने वाले लोग ब्याज भी चुका सकते हैं इसलिए ऐसे विधायकों को केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। शेष ब्याज उन्हें ही चुकाना होगा। यदि कम ऋण लिया जाता है तो पहले की तरह चार प्रतिशत ब्याज विधायक को देना होगा और शेष राशि सरकार चुकाएगी। अब इस प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 15वीं विधानसभा में कोरोना महामारी के कारण सरकार ने इस योजना पर ब्रेक लगा दिया था। 

अग्निवीर परीक्षा का ऐलान- 11 दिन में ग्वालियर में 32 हजार 708 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, 30 जून से 10 जुलाई तक होगी परीक्षा

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की तारीख घोषित हो गई है। लिखित परीक्षा 30 जून से शुरू होगी और 10 जुलाई तक चलेगी। 11 दिन में ग्वालियर में 32 हजार 708 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रतिदिन 2973 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल होंगे। सेना ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए अब लिखित परीक्षा पहले होगी। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल होंगे।   सबसे ज्यादा भिंड, मुरैना और ग्वालियर के अभ्यर्थी इस साल पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा आवेदन अग्निवीर भर्ती के लिए आए हैं। जुलाई के आखिरी सप्ताह तक परीक्षा परिणाम जारी होगा। इसके बाद अगस्त से अक्टूबर के बीच शारीरिक परीक्षा होगी। इस साल दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थी ट्रेनिंग पर रवाना हो जाएंगे। लिखित परीक्षा में सबसे ज्यादा भिंड, मुरैना और ग्वालियर के अभ्यर्थी शामिल होंगे, जबकि सबसे कम अभ्यर्थी श्योपुर जिले के हैं।   अभ्यर्थियों को 15 जून के बाद जारी होंगे प्रवेश पत्र लिखित परीक्षा की तारीख की घोषणा हो गई है। अब परीक्षा केंद्र तय होने के बाद प्रवेश पत्र जारी होंगे। सेना के अधिकारियों ने बताया कि 15 जून के बाद ही प्रवेश पत्र जारी होंगे। अभ्यर्थियों को ई-मेल के जरिए प्रवेश पत्र भेजे जाएंगे। साथ ही भारतीय सेना की वेबसाइट पर भी प्रवेश पत्र अपलोड किए जाएंगे। ऑनलाइन मॉक टेस्ट दे सकते हैं अभ्यर्थी अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन मॉक टेस्ट की सुविधा भारतीय सेना की वेबसाइट पर है। ज्वॉइन इंडियन आर्मी की वेबसाइट पर मॉक टेस्ट और ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट दिया जा सकता है। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा का अनुभव हो सकेगा। निर्धारित अवधि में प्रश्न पत्र हल करने की प्रैक्टिस की जा सकती है। 

2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी

इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत 2.9 किमी लंबी टनल का निर्माण कार्य हुआ पूरा  इंदौर-दाहोद रेल लाइन के लिए टनल में पटरी बिछाने का काम इसी महीने से शुरू होगा 2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी  इंदौर इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट में पिछले तीन वर्षों से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। 204 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग सेक्शन में पूरा किया जा रहा है। इंदौर-टीही सेक्शन पर रेल कनेक्टिविटी होने के बाद अब टीही से धार सेक्शन का काम चल रहा है। इस सेक्शन में 270 करोड़ की लागत से बन रही 2.9 किमी लंबी टनल की फिनिशिंग का काम जारी है। टीही-धार सेक्शन में 46 किमी के हिस्से में रेल लाइन बिछाने, अर्थवर्क, स्टेशन भवन, आरओबी, अंडरपास आदि काम तेजी से किए जा रहे हैं। टनल की फाइनल फिनिशिंग जारी रेलवे ने टनल का काम सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि दिसंबर तक इंदौर-धार के बीच ट्रेन संचालन शुरू हो सके। टनल बनने के बाद अब फाइनल फिनिशिंग की जा रही है। अब तक 800 मीटर में लाइनिंग का काम पूरा किया जा चुका है। एक माह से एक साथ पांच मशीनें काम कर रही हैं। पानी का रिसाव रोकने के लिए जेंट्री के माध्यम से वाटरप्रूफ जियो टेक्सटाइल और मेमरीन लगाई जा रही है। इसके बाद भी पानी का रिसाव होने की स्थिति में ड्रेन लाइन भी बनाई गई है। रेलवे अफसरों के अनुसार इसी माह सुरंग के आधे हिस्से में ट्रैक बिछाने काम भी शुरू कर दिया जाएगा। सुरंग एक नजर में     2007-08 में रेलवे ने आठ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की थी।     इसके बदले करीब चार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया।     तीन किमी के दायरे में 15 मीटर चौड़ाई की जमीन का किया उपयोग।     सुरंग से दो लाख 34 हजार क्यूबिक मीटर मलबा निकाला गया।     अब तक 800 मीटर हिस्से में टनल पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इसलिए जरूरी प्रोजेक्ट पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट काफी अहम है। यहां ट्रेन संचालन होने से इंदौर-मुंबई के बीच रेल मार्ग की दूरी कम हो जाएगी। आजादी के बाद अब धार, आलीराजपुर, झाबुआ सहित मप्र और गुजरात के जो क्षेत्र अब तक ट्रेन से अछूते थे, उन्हें ट्रेन सुविधा मिल जाएगी। इसके साथ ही पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का गुड्स सीधे मुंबई, साउथ व अन्य पोर्ट पर सीधे चला जाएगा। सागौर रेलवे स्टेशन से ही मल्टी लाजिस्टिक पार्क के लिए रेल लाइन की कनेक्टिविटी रहेगी। स्टेशन से पार्क करीब तीन किमी दूर बन रहा है। 6 साल से चल रहा टनल का काम इंदौर-दाहोद रेल लाइन में टिही टनल का काम ही सबसे अहम था। 6 साल से तीन किलोमीटर लंबी टनल बनाने का काम चल रहा था। रेलवे के द्वारा पिछले साल ही इसका सिविल वर्क पूरा कर लिया गया था। टनल के आगे के हिस्से की बात करें तो फिनिशिंग से पीथमपुर, पीथमपुर से गुनावद के बीच रेलवे ने ट्रैक बिछा दिया है। इंदौर से सीधा कनेक्ट होगा धार जल्द ही इंदौर से धार कनेक्ट हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट साल 2008 में स्वीकृत हुआ था। जिसमें पहले टनल का प्रस्ताव नहीं था। बाद से प्रोजेक्ट में आधिकारियों द्वारा टनल को जोड़ा गया। साल 2017-18 में टेंडर जारी किए गए थे। इसके बाद काम शुरु हुआ, लेकिन कोरोना शुरु किया गया था। 2017-18 में टेंडर जारी हुए थे। इसके बाद काम शुरू हुआ। हालांकि, कोविड के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को फ्रीज कर टेंडर शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया। बता दें कि, टिही – पीथमपुर टनल के बनने से अब इंदौर से दाहोद के लिए सीधी रेलवे लाइन उपलब्ध होगी। जिससे इंदौर से दाहोद, गुजरात और महाराष्ट्र का सफर आसानी से किया जा सकेगा।    

जल्द लाखों यात्री वंदे भारत ट्रेन से भोपाल से पटना और लखनऊ की यात्रा कम समय में पूरी कर सकेंगे

भोपाल  देश के तीन राज्यों को जल्द बड़ी सौगात मिलने वाली है। इससे मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश का सफर आसान हो जाएगा। वंदे भारत एक्सप्रेस इन तीन राज्यों की राजधानियों को जोड़ेगी। लाखों यात्री वंदे भारत ट्रेन से भोपाल से पटना और लखनऊ की यात्रा कम समय में पूरी कर सकेंगे। दरअसल प्रदेश की राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने जा रही हैं। इससे लाखों यात्रियों को फायदा होगा। बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से डायरेक्ट ट्रेन चलती है। इन ट्रेनों को पटना पहुंचने में करीबन 18 घंटे का समय लगता है। भोपाल से बिहार की दूरी लगभग 1 हजार किलोमीटर है। वहीं भोपाल से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की दूरी करीब 584 किलोमीटर है और ट्रेन से यह दूरी तय करने में करीब 10 घंटे का वक्त लगता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन(Vande Bharat Express) के आने से ये सफर तय करना काफी आसान हो जाएगा। यात्री कम समय में भोपाल से पटना और लखनऊ पहुंच सकेंगे। जल्द होगा ऐलान जानकारी के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर भोपाल रेलवे डिवीजन और पटना डिवीजन मिलकर इसकी तैयारियां कर रही हैं। बताया जा रहा है कि रेलवे बोर्ड जल्द ही नई वंदे भारत के शेड्यूल, स्टॉपेज को लेकर ऐलान कर सकती है। बता दें कि, इस ट्रेन में यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिलेगी। इसमें एसी चेयरकार और एक्सक्लूसिव क्लास दोनों की व्यवस्था उपलब्ध होगी।

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