LATEST NEWS

सौरभ के करीबियों पर शिकंजा, लेकिन शह देने वालों पर नहीं हुई कार्रवाई, जांच अब भी जारी

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सौरभ शर्मा कांड को पांच माह पूरे हो गए हैं। इन पांच महीनों में सबसे बड़ा सवाल पुलिस हल नहीं कर पाई है कि सोना और कैश किसका था। वह माना तो सौरभ का ही गया है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। सौरभ और उसके करीबी पकड़े गए, लेकिन इसे शह देने वाले, जिनकी सूची बड़ी लंबी है, उन लोगों को बचाया गया है। फिर वह चाहे परिवहन विभाग के अफसर हों या अलग-अलग विभाग के वे जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी, जिन्होंने आन रिकॉर्ड या ऑफ द रिकॉर्ड सौरभ शर्मा की मदद की। करोड़ों के हिसाब की डायरी भी सामने आई थी ग्वालियर के सिरोल थाने में अनुकंपा नियुक्ति के मामले में शपथ पत्र में झूठी जानकारी देने पर सौरभ और उसकी मां पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन यह भी दिखावे की कवायद रही। करोड़ों के हिसाब की चेक पोस्टों की डायरी तक सामने आई, लेकिन सब दबा दिया गया। राजनीतिक मैदान से लेकर विभागीय हर मोर्चे पर सौरभ के पकड़े जाने के बाद सख्ती बढ़ी नहीं बल्कि घटती गई। कैश, सोना और चांदी भी बरामद किया गया था बता दें कि 19 दिसंबर 2024 को सौरभ शर्मा के भोपाल स्थित निवास पर लोकायुक्त की टीम ने छापा मारा था। इस छापेमारी में कैश, सोना व चांदी बरामद किया गया था। इसी दिन रात में भोपाल के ही मेंडोरी के जंगल में आयकर विभाग की टीम ने 11 करोड़ कैश व 54 किलो सोने से लदी लग्जरी गाड़ी पकड़ी थी। 54 किलो सोना एक साथ मिला था इसी गाड़ी के पकड़े जाने की खबर के बाद प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में हड़कंप मच गया था। पहली बार ऐसा मौका था जब 54 किलो सोना एक साथ मिला। इसके बाद सौरभ गायब हो गया। लोकायुक्त और आयकर के साथ इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हुई और प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी भी हुई। सौरभ के नजदीकी चेतन और शरद से लेकर कई करीबियों पर शिकंजा कसा गया। ईडी ने इस मामले में कुछ समय पहले चालान पेश किया, जिसमें सौरभ सहित उसकी मां, पत्नी व सहयोगियों को मिलाकर कुल 12 को आरोपित बनाया गया है। इस पूरे सौरभ शर्मा कांड में सबसे खास बात यह है कि सौरभ शर्मा की विभाग में एंट्री से लेकर नौकरी में भ्रष्टाचार कराने में उसका साथ देने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति में बड़े भाई की नौकरी को छिपाया गया। इसे सौरभ व उसकी मां उमा शर्मा ने तो छिपाया ही, साथ ही जहां जहां प्रस्ताव चला वह विभाग भी छिपाते गए। तत्कालीन परिवहन आयुक्त शैलेंद्र श्रीवास्तव के समय में सौरभ शर्मा की नियुक्ति हुई थी। फाइल चलती रही और अधिकारी सौरभ की झूठी जानकारी को नजरअंदाज करते गए। खास बात यह कि दूसरे विभागों में जगह होने के बाद भी सौरभ को 2014 के नए नियमों को दरकिनार कर 2008 के नियमों के आधार पर नियुक्ति दे दी गई। इसके बाद चेकपोस्टों पर सौरभ शर्मा के ठेके लेने से लेकर साथियों की जानकारी सामने आई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोकायुक्त ने दिए हैं साथियों व अफसरों को नोटिस सौरभ शर्मा कांड में लोकायुक्त की जो जांच चल रही है, उसमें सौरभ के साथ काम करने वाले धनंजय चौबे, हेमंत जाटव, नरेंद्र सिंह भदौरिया और गौरव पाराशर की पूरे परिवहन विभाग में धाक थी। जैसा ये चाहते थे वैसा हो जाता था। इन्हें लोकायुक्त ने नोटिस दिया है। इसके साथ ही दशरथ पटेल सहित अन्य को भी नोटिस जारी किया है।

श्रावण मास में रूद्रसागर पर बनाया गया नया पुल भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट का मुख्य विकल्प होगा

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में भक्तों को सम्राट अशोक सेतु के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। रूद्रसागर पर बनाया गया नया पुल भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट का मुख्य विकल्प होगा। मंदिर प्रशासन द्वारा बनाए जा रहे दर्शन प्लान में इस विषय पर प्रमुखता से विचार किया जा रहा है। महाकाल मंदिर के रूद्रसागर पर उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा 200 मीटर लंबा व 9 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक पुल का निर्माण किया है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने पुल का उद्घाटन कर इसे सम्राट अशोक सेतु नाम दिया है। हालांकि वर्तमान दर्शन व्यवस्था पूर्व निर्धारित मार्गों से सुचारू रूप से संचालित होने के कारण फिलहाल इस पुल का उपयोग नहीं किया जा रहा है। श्रावण मास में भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्ट करने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। चलित भस्म आरती व्यवस्था श्रावण मास में चलित भस्म आरती व्यवस्था में सम्राट अशोक सेतु मुख्य भूमिका निभा सकता है। क्योंकि श्रावण मास में सामान्य दिनों में रात 3 बजे तथा प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे, पश्चात भस्म आरती होगी। रात्रि के समय श्रद्धालु चारधाम पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते इस पुल से सीधे मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। यह रास्ता वर्तमान मार्ग से करीब डेढ़ किलो मीटर छोटा भी है। इससे होकर दर्शनार्थी शीघ्र मंदिर में दर्शन कर बाहर निकल सकते हैं। अभी इस मार्ग से मिल रहा मंदिर में प्रवेश वर्तमान में सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। यहां से श्रद्धालु महालोक में भ्रमण करते हुए श्री मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से टनल के रास्ते मंदिर परिसर में होते हुए गणेश व कार्तिकेय मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन कर पा रहे हैं। साढ़े 22 करोड़ की लागत से बना नया पुल सम्राट अशोक सेतु के निर्माण पर स्मार्ट सिटी कंपनी ने करीब साढ़े 22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस पुल का मध्य भाग काफी चौड़ा है। यहां खड़े होकर श्रद्धालु रूद्रसागर का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। पुल पर आकर्षक लाइट लगाई गई है। रात्रि के समय इस पुल से गुजरना एक अलग ही आनंददायक अनुभव रहेगा। डायवर्ट रूट के रूप में होगा उपयोग     सम्राट अशोक सेतु महाकाल मंदिर में प्रवेश का नया मार्ग है। यह वर्तमान मार्ग से छोटा रास्ता है, भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायर्वट में इसका उपयोग होगा। श्रावण के दर्शन प्लान में इस पर विचार चल रहा है। – एसएन सोनी, उप प्रशासक महाकाल मंदिर  

जीएसटी ट्रिब्यूनल में राजभाषा हिंदी को अमान्य कर दिया, व्यापारी को न्यायिक प्रक्रिया से दूर करने की साजिश

 इंदौर  जीएसटी ट्रिब्यूनल में राजभाषा हिंदी को अमान्य कर दिया गया है। आदेश जारी किया गया है कि ट्रिब्यूनल में आने वाले प्रकरणों में दस्तावेज सिर्फ अंग्रेजी में ही स्वीकार होंगे। और तो और किसी प्रकरण को दाखिल करने और पैरवी करने के मामलों में संबंधित दस्तावेजों को भी अंग्रेजी में अनुवाद कर लगाना होगा। जीएसटी ट्रिब्यूनल के इस आदेश से असंतोष फूट पड़ा है। टैक्स पेशेवर साफ कह रहे हैं कि टैक्स विवादों में हिंदी और क्षेत्रीय भाषा को बाहर कर न्याय महंगा करने और आम व्यापारी को न्यायिक प्रक्रिया से दूर करने की साजिश हो रही है। दस्तावेज सिर्फ अंग्रेजी में पेश किए जा सकेंगे आयकर की तरह जीएसटी के कर विवादों के निराकरण के लिए जीएसटी ट्रिब्यूनल की व्यवस्था की गई है। 2017 में जीएसटी लागू हुआ लेकिन अब तक ट्रिब्यूनल नहीं बने, सिर्फ नोटिफिकेशन जारी हुआ। स्थापना के नोटिफिकेशन के बाद अब सरकार ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया कि ट्रिब्यूनल में जाने वाले मामलों में दस्तावेज सिर्फ अंग्रेजी में ही पेश किए जा सकेंगे। यदि कोई दस्तावेज अन्य भाषा में हुआ तो उसका अंग्रेजी अनुवाद कर लगाना होगा। अहिल्या चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल के अनुसार 20 मई को दिल्ली में होने वाली नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे को लाकर विरोध जताया जाएगा। तीन भाषाओं को हो मान्यता 2017 में जब जीएसटी प्रणाली लागू हुई थी तो उस समय सरकार ने इस प्रणाली को सुलभ बनाने के लिए तमाम घोषणाएं की थीं। कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार ऐलान हुआ था कि जीएसटी पोर्टल 18 भाषाओं में काम करेगा। वो तो हुआ नहीं, अब ट्रिब्यूनल में तो हिंदी को भी बिसरा दिया गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएन गोयल कहते हैं हिंदी के दस्तावेजों को तो आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल में भी मान्य किया जाता है। जीएसटी में भी कम से कम तीन भाषाओं को तो मान्यता होना चाहिए।

हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार अब शहरी विकास को जनभागीदारी के माध्यम से गति देने की तैयारी कर रही है। ‘जलगंगा अभियान’ की तर्ज पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं को एकजुट कर स्वच्छता, पर्यावरण, पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों में विकास कार्यों के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी का भाव जागृत करना है। जनशक्ति से जीवित हुए जलस्रोत भिंड जिले के लहरौली गांव में काली पोखर का पुनर्जीवन एक मिसाल बन चुका है, जिसे ग्रामीणों और पोरवाल परिवार के सहयोग से जलगंगा अभियान के अंतर्गत फिर से पीने योग्य बनाया गया। इसी तरह इंदौर नगर निगम ने नागरिक सहभागिता से 411 कुओं, बावड़ियों और 15 तालाबों का पुनरुद्धार किया है। अब सरकार इसी मॉडल को शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है। विकास कार्यों में साझा निवेश सरकार की योजना के अनुसार, विकास कार्यों में न सिर्फ स्थानीय लोग श्रमदान करेंगे, बल्कि आर्थिक सहयोग भी करेंगे। यह त्रिस्तरीय सहभागिता सांसद, विधायक और पार्षद निधि से भी समर्थित होगी। साथ ही स्थानीय कारोबारी और औद्योगिक इकाइयों को भी इस मुहिम में जोड़ा जाएगा। मोहल्ला समितियों को मिलेगा अधिकार हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी। यह प्रस्ताव इंजीनियरों और पार्षदों की मदद से निगम अथवा जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया से विकास की योजना अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनेगी।   विकास निधियों की राशि सांसद निधि: 5 करोड़ रुपये विधायक निधि: 3.25 करोड़ रुपये महापौर निधि: 5 करोड़ रुपये नगर निगम अध्यक्ष निधि: 2 करोड़ रुपये पार्षद निधि: 25 लाख रुपये  

जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा से किये जा रहे हैं जल संरक्षण के कार्य

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान अभियान को मजबूती देने एवं प्रकृति, पर्यावरण व जल संरक्षण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार मिशन के रूप में कार्य कर रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान जारी है। अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख कुओं को बारिश के पानी से रिचार्ज करने का लक्ष्य तय किया है। कुओं के पास कूप रिचार्ज पिट (डगवेल रिचार्ज विधि) बनाये जा रहे हैं। कूप रिचार्ज पिट को बनवाने में प्रदेश के कृषकों ने भी जागरूकता दिखाई है। कुओं के रिचार्ज होने से भू-जलस्तर बढ़ेगा, साथ ही कृषकों को सिंचाई व पीने के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध होगा। 1 लाख 3 हजार कुओं को रिजार्च करने का रखा गया है लक्ष्य, 75 हजार से अधिक में काम शुरू जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश में 1 लाख 3 हजार कुओं को रिचार्ज करने का लक्ष्य तय किया है। इसमें से 75 हजार से अधिक कुओं के पास कूप रिचार्ज पिट बनाने का कार्य शुरू हो गया है। खंडवा जिले में कूप रिचार्ज पिट बनाने को लेकर दिए गए लक्ष्य से अधिक का निर्माण कर दिया गया है। कूप रिचार्ज पिट बन जाने से भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। साथ ही गर्मियों में कुओं के सूखने की संभावना भी कम हो जाएगी। कूप रिचार्ज पिट बनाने की विधि कूप रिचार्ज पिट बनाने के लिए एक खास संरचना तैयार की गई है। जिसमें पत्थर और मोटी रेत की परतें होंगी। पिट का निर्माण कुएं से 3 से 6 मीटर की दूरी पर किया जाएगा। इसके लिए 3 मीटर लंबा, 3 मीटर चौड़ा और 8 मीटर गहर गड्‌ढ़ा खोदा जा रहा है। गड्‌ढ़े में 8 इंच का पाइप डालकर इसे कुएं के अंदर डाला जाएगा। फिर कुएं में पाइप के छोर पर एल्बो लगाकर 1 फिट का पाइप नीचे की तरफ लगाया जाएगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए कुएं तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। अभियान में बारिश के पानी को सहेजने व पुराने जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार करने का कार्य किया जा रहा है। तीन माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बारिश के पानी का संयचन करने व पुराने जल स्त्रोतों को नया जीवन देने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में खेत-तालाब, कूप रिचार्ज पिट, चैक, डैम, अमृत सरोवर सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।  

मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को मिल रहा बढ़ावा, भोपाल में रेडीमेड गारमेंट पार्क तो इंदौर में बनेगा प्लग एन प्ले गारमेंट कॉम्पलेक्स

भोपाल मध्य प्रदेश जल्द ही टेक्सटाइल सेक्टर का हब बनने की दौड़ में अग्रसर आने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। अब सरकार टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने की कोशिशे कर रही है। सरकार के प्लान के अनुसार, राजधानी भोपाल में रेडीमेड गारमेंट पार्क बनाया जाएगा, जबकि आर्थिक राजधानी इंदौर में प्लग एन प्ले गारमेंट कॉम्पलेक्स तैयार होगा। इसी को लेकर आगामी 27 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लुधियाना में टेक्सटाइल कंपनियों से निवेश पर चर्चा करेंगे।  मध्य प्रदेश रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में भी आगे बढ़ रहा है। राजधानी भोपाल में रेडीमेड गारमेंट पार्क तैयार किया जा रहा है। ये पार्क कोलार रोड के सतगढ़ी में 61 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। भोपाल के प्रोजेक्ट में कोलकाता और दक्षिण भारत के मैन्युफैक्चरर्स निवेश के लिए तैयार है। वहीं इंदौर के परदेशीपुरा में प्लग-एन-प्ले गारमेंट कॉम्पलेक्स तैयार किए जा रहे हैं। इस कॉम्पलेक्स में चार ब्लॉक में कुल 184 यूनिट संचालित हो सकेगी। MPIDC ने बनाया कॉम्पलेक्स का प्रस्ताव भोपाल के कोलार रोड के सतगढ़ी में 61 हेक्टेयर में एमपीआईडीसी (MPIDC) ने कॉम्पलेक्स का प्रस्ताव बनाया है। पार्क से मेन रोड तक किलोमीटर की 4 लेन एप्रोच रोड 20 करोड़ की लागत से बनेगी। नेशनल हाईवे 46 और एयरपोर्ट की नजदीकी के चलते निवेशकों की रुचि बढ़ी है। 27 मई को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पंजाब के लुधियाना में टेक्सटाइल कंपनियों से निवेश पर चर्चा करेंगे। मध्यप्रदेश बनेगा टेक्सटाइल का नया हब इस टेक्सटाइल पार्क को राज्य में 2100 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें शामिल होंगी – • 20 MLD क्षमता वाला Zero Liquid Discharge (ZLD) जल संयंत्र • सौर ऊर्जा आधारित पॉवर प्लांट • “प्लग एंड प्ले” फैक्ट्री यूनिट्स • श्रमिकों के लिए आवासीय परिसर सभी निर्माण कार्य 14 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा। रोज़गार और निवेश का नया द्वार सरकार ने जानकारी दी है कि इस प्रोजेक्ट में अब तक 10,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो उद्योग जगत के भरोसे को दर्शाता है। इससे न केवल लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बल भी मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ नीति को मिलेगा बल पीएम मित्रा पार्क योजना, प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’, और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने वाली योजना है। इसके ज़रिए भारत वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में एक सशक्त खिलाड़ी के रूप में उभरेगा। शीघ्र शुरू होगी भूमि आवंटन प्रक्रिया सरकार ने बताया है कि परियोजना से संबंधित भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और इसके लिए औद्योगिक इकाइयों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

भोपाल मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा, क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम

भोपाल भोपाल मेट्रो रेल परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राजधानी के पांच स्टेशनों पर फिनिशिंग कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि तीन स्टेशनों पर इंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर काम जारी है। स्टेशनों के भीतर फॉल सीलिंग, लाइटिंग, टाइल्स और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। अधिकांश स्टेशनों पर एस्केलेटर और लिफ्ट का काम पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रो के पहले चरण में 7 किलोमीटर लंबा रूट सुभाष नगर से एम्स तक खोला जाएगा, जिसमें कुल 8 स्टेशन होंगे। यह रूट एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (आरकेएमपी) पर स्काईवॉक बनेगा। 700 मीटर का स्काईवॉक का एक सिरा मेट्रो स्टेशन के कॉनकोर्स और दूसरा सिरा रेलवे स्टेशन के कॉनकोर्स से जुड़ा होगा। आरडीएसओ की टीम आ सकती है जल्द मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस ट्रायल की निगरानी आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) द्वारा की जाएगी। यह संस्था हर स्पीड पर ट्रेन की ब्रेकिंग, स्थिरता और तकनीकी सुरक्षा का आकलन करेगी। आरडीएसओ की टीम के इसी माह के अंत तक आने की संभावना है। इसके बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर मेट्रो के ट्रैक, सिविल वर्क, ट्रेन, सिग्नलिंग सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यापक जांच करेगा। एक माह की प्रक्रिया के बाद ट्रेन का कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा। तीन कोच 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम अब तक सात मेट्रो ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। कुल 27 ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है। प्रत्येक ट्रेन तीन कोच की होगी, जो लगभग 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। इनमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। ट्रेनों में दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सितंबर तक चल सकती है मेट्रो यदि सभी परीक्षण समय पर सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, तो अगस्त-सितंबर तक भोपाल मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है। ट्रायल और सुरक्षा अनुमोदन के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इंदौर मेट्रो का परीक्षण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जिसका कमर्शियल रन जल्द शुरू होगा। क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम भोपाल मेट्रो में क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए  रिटायर्ड फौजियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। सभी स्टेशनों पर एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट लगाए जा रहे हैं, जहां बारकोड टिकट से प्रवेश मिलेगा।  

पहला मौका होगा जब कैबिनेट की सुरक्षा के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएंगा

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को इंदौर में आयोजित होने वाली है. ये पहला मौका होगा जब कैबिनेट की सुरक्षा के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएंगा. इंदौर के राजवाड़ा पर आयोजित होने वाली इस कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्री उपस्थित रहेंगे. ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह की कोई चूक न हो इसके लिए इंदौर पुलिस ने व्यापक स्तर पर सिक्योरिटी प्लानिंग की है. मोहन कैबिनेट की सुरक्षा में 1 हजार जवान एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया, ” 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा पर कैबिनेट मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ ही मंत्रिमंडल के समस्त मंत्री भी इंदौर आएंगे. कैबिनेट मीटिंग की सुरक्षा व्यवस्था या किसी भी तरह की स्थिति को लेकर इंदौर पुलिस काफी अलर्ट है. राजवाड़ा क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया गया है साथ ही यहां 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम होंगे.” पहली बार बॉडी वॉर्न कैमरा का इस्तेमाल एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया, ” कैबिनेट मीटिंग जिस क्षेत्र में होगी, उस क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज के साथ अलग-अलग तरह से निगरानी रखी जाएगी. पहली बार इंदौर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरा के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी. इससे पुलिस को रियल टाइम और लाइव फुटेज कंट्रोल रूम में मिलेंगे और किसी भी स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा.” क्या होता है बॉडी वॉर्न कैमरा? जैसा की नाम है बॉडी वॉर्न कैमरा इस तरह का कैमरा होता है, जिसे शरीर पर पहना जा सकता है. ये हाथ, चेस्ट, सिर आदि जगहों पर यूनिफॉर्म के साथ फिट किए जा सकते हैं, जिससे लाइव स्ट्रीमिंग भी होती है. आमतौर पर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरे का प्रयोग वाहन चेकिंग सहित अन्य जगहों पर किया जाता है लेकिन पहली बार कैबिनेट बैठक की सुरक्षा में इनका इस्तेमाल हो रहा है.

जर्मनी से आए बैंक के तकनीकी अधिकारी ने इस परियोजना के अंतर्गत निर्मित मंदसौर 400 केवी सबस्टेशन का निरीक्षण किया

 मंदसौर जर्मनी के के.एफ.डब्ल्यू. डेवलपमेंट बैंक के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग में पूरी की गई उन परियोजनाओं का निरीक्षण किया, जिन्हें ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-1 योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा निर्धारित लक्ष्य से पूर्व सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया था। जर्मनी से आए बैंक के तकनीकी अधिकारी वाल्टर क्लोट्ज ने इस परियोजना के अंतर्गत निर्मित मंदसौर 400 केवी सबस्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने एमपी ट्रांसको द्वारा कराए गए कार्यों की उच्च गुणवत्ता और उत्कृष्ट तकनीकी तरीकों की सराहना की। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य जर्मन प्रतिनिधि वाल्टर क्लोट्ज ने निरीक्षण के दौरान कहा कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अंतर्गत के.एफ.डब्ल्यू. डेवलपमेंट बैंक द्वारा वित्त पोषित कार्य अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किए गए हैं और अब इनका संचालन एवं संधारण एमपी ट्रांसको की कुशल टीम द्वारा प्रभावी रूप से किया जा रहा है। सब स्टेशन का सूक्ष्म निरीक्षण क्लोट्ज ने सब स्टेशन के रखरखाव, स्काडा सिस्टम के माध्यम से डेटा मॉनिटरिंग, जैसे कार्यों का सूक्ष्म निरीक्षण कर उन्हें अत्यंत उत्कृष्ट बताया। उन्होंने स्वयं भी परिसर में वृक्षारोपण किया। निरीक्षण के दौरान के.एफ.डब्ल्यू. बैंक के भारतीय प्रतिनिधि रमन रेड्डी, एमपी ट्रांसको के वाय.आर. मांडलेकर, मनीष महावर, पंकज कुमार राय एवं राजेश भूरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

राम जानकी मंदिर की जमीन पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया

 ग्वालियर  शहर के गिरवाई थाना क्षेत्र में मौजूद राम जानकी मंदिर की दो बीघा जमीन पर किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। जिसके चलते 7 करोड़ कीमत की जमीन कब्जा मुक्त हुई है। दरअसल ग्वालियर में शासकीय जमीन के साथ ही मंदिर पैठे की जमीनों पर भू माफिय के कब्जे प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। कलेक्टर दफ्तर से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक सैकड़ो शिकायतें की गई है। ऐसे में अब ग्वालियर जिला प्रशासन का एक्शन देखने के लिए मिला है। गिरवाई क्षेत्र में मौजूद राम जानकी मंदिर की 100 बीघा जमीन है जहां बरसों से अवैध कब्जा है। अतिक्रमणकारियों को प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन उनके द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया। प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए बुलडोजर के जरिए मनोज राठौर के अवैध गैराज, रामस्वरूप के फड, गोपाल कुशवाह की वर्कशॉप से कब्जा हटाया। हालांकि प्रशासन के द्वारा सिर्फ तीन अतिक्रमण हटाए जबकि शेष 25 अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान का कहना है कि सभी शासकीय और मंदिर की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए SDM स्तर पर निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

एमपी पुलिस हेडक्वॉर्टर्स में 400 लिपिक पदों पर होगी भर्ती, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में सात वर्षों के अंतराल के बाद लिपिकीय संवर्ग में 400 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को भेजा गया है, जिससे यह भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सके। इससे पहले वर्ष 2018 में इन पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। पदों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों की वापसी अभी इन रिक्त पदों पर जिला पुलिस बल के जनरल ड्यूटी वाले पुलिसकर्मियों को पदस्थ कर काम लिया जा रहा है। भर्ती के बाद इन पुलिसकर्मियों को वापस उनके जिलों में भेजा जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस बल की कमी पूरी की जा सकेगी। कंप्यूटर दक्षता की आवश्यकता इन पदों के लिए उम्मीदवारों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी होना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लिपिकीय कार्यों के लिए दक्ष कर्मचारी मिल सकेंगे, जो कार्यालयीन कार्यों को प्रभावी ढंग से कर सकें। पदस्थापना और प्रशिक्षण की प्रक्रिया भर्ती के बाद चयनित कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में आवश्यकतानुसार पदस्थ किया जाएगा। उन्हें उनके कार्यों में दक्षता प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने कार्यों को पूरी निष्ठा और क्षमता से कर सकें। भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। चयनित कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद, जिला पुलिस बल के जिन पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय में लगाया गया है, उन्हें वापस जिलों में भेज दिया जाएगा, जिससे जिलों में पुलिस बल की कमी पूरी की जा सकेगी। भविष्य में नियमित भर्ती की योजना पुलिस मुख्यालय ने भविष्य में लिपिकीय संवर्ग में नियमित भर्ती की योजना बनाई है, ताकि कार्यालयीन कार्यों में दक्षता बनी रहे और पुलिस बल की कार्यकुशलता में वृद्धि हो। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस बल की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।

22 मई को देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का माननीय प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

भोपाल भारतीय रेल को देश की जीवन रेखा माना जाता है, और रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहचान का केंद्र होते हैं। अधिकतर स्टेशन शहर के बीचोंबीच स्थित होते हैं, जहां आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां सजीव रहती हैं। इसलिए स्टेशनों का विकास केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहकर, उन्हें स्थानीय विरासत और पहचान से जोड़ना ज़रूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘अमृत काल’ में तेज़ विकास की दिशा पकड़ी है। उनकी प्रेरणा से भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के कायाकल्प की शुरुआत की, और अब 103 स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत होने जा रहा है। यह विकास की नई संस्कृति है, जिसमें शिलान्यास से उद्घाटन तक का सफर रिकॉर्ड समय में पूरा हो रहा है – और इसके लिए भारतीय रेलवे सराहना की पात्र है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे 1300 से अधिक स्टेशनों में जो 103 स्टेशन अभी बनकर तैयार हुए हैं, उनमें मध्य प्रदेश राज्य के छह स्टेशन – कटनी साउथ, श्रीधाम, नर्मदापुरम, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। 86 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित इन स्टेशनों में सौंदर्य, सुविधा और संस्कृति तीनों का समन्वय है। इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक फसाड, हाई मास्ट लाइटिंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, मॉर्डन टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए सुगम रैंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। सभी सुविधाओं को  दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है। वहीं, हर स्टेशन पर मध्य प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है।  नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन: नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, ₹26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। यह स्टेशन नर्मदा संस्कृति और स्थानीय लोककला पर आधारित थीम के तहत डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह केवल एक यात्री ठहराव का स्थान नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया है। पुनर्विकास कार्यों में स्टेशन भवन का नवनिर्माण, भव्य प्रवेश द्वार, विकसित प्रतीक्षालय, पर्याप्त टिकटिंग काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल शौचालय एवं रैम्प, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज और दोनों ओर के हाई लेवल प्लेटफॉर्म पर कवर शेड्स शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण किया गया है और 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में आधुनिक LED लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। नर्मदापुरम स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे हब नहीं, बल्कि माँ नर्मदा की आध्यात्मिक धरा पर आधुनिक भारत की झलक प्रस्तुत करता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विकास से स्थानीय यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक समृद्धि को भी गति मिलेगी। शाजापुर रेलवे स्टेशन: शाजापुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता और परंपरा का संगम बन चुका है। 13 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित इस स्टेशन में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, नया फुट ओवर ब्रिज, विस्तारित छायादार क्षेत्र, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, नव निर्मित प्रवेश द्वार, सुव्यवस्थित टिकट काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय अब इस स्टेशन की पहचान बन चुके हैं। स्टेशन भवन के फासाद को भी आकर्षक और सांस्कृतिक रूप में नया डिजाइन दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए पुरुष एवं महिला शौचालयों के साथ-साथ दिव्यांगजन अनुकूल विशेष सुविधाएं, VIP प्रतीक्षालय, द्वितीय श्रेणी वेटिंग हॉल और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था की गई है। इससे न केवल यात्रा अनुभव बेहतर होगा, बल्कि लोगों को स्टेशन पर समय बिताना भी सुखद अनुभव प्रदान करेगा। यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना है 140 वर्ग मीटर में फैला ‘आर्ट एंड कल्चर ज़ोन’, जो स्थानीय संस्कृति की झलक को जीवंत करता है। यह न केवल एक रेलवे स्टेशन का विकास है, बल्कि शाजापुर जिले की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक पहचान को नया आयाम देने वाला कदम भी है।

मुनि प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा कि बेटियों को सिर्फ पढ़ाएं नहीं, उन्हें कर्नल सुफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसी बनाये

उज्जैन  उज्जैन में जैन समाज के प्रतिष्ठित संत मुनि प्रज्ञा सागर महाराज ने तपोभूमि तीर्थ पर अपने प्रवचनों में समाज को एक दमदार और प्रेरणादायक संदेश दिया है. बेटियों के आत्मनिर्भर भविष्य से लेकर राष्ट्र विरोधी ताकतों तक, हर मुद्दे पर मुनि श्री ने स्पष्ट और मुखर विचार रखे. उज्जैन मुनि प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा कि बेटियों को सिर्फ पढ़ाएं नहीं, उन्हें ऐसा गढ़ें कि वे कर्नल सुफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसी बनें. ऑपरेशन सिंदूर में इन वीरांगनाओं ने साहस का जो परिचय दिया है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है. मुनि श्री ने कहा कि आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं. उन्होंने देश की बेटियों को प्रेरित करने की अपील की, ताकि वे भी सशक्त होकर देश की सेवा कर सकें. प्रज्ञा सागर महाराज का बड़ा बयान प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा की हर माता-पिता को चाहिए कि वे बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाएं और उनमें आत्मबल का विकास करें. बेटियां सिर्फ घर की नहीं, देश की भी ताकत होती हैं. अपने प्रवचनों में उन्होंने लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही धोखाधड़ी को लेकर आगाह किया. उन्होंने कहा कि फर्जी पहचान और प्रेमजाल के जरिए बेटियों को फंसाने की साजिशें हो रही हैं. हमें अपनी बेटियों को सतर्क करना होगा. आंख मूंदकर किसी पर विश्वास करना उनके लिए घातक हो सकता है. इसी के साथ मुनि श्री ने चीन, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों से आने वाले उत्पादों के पूर्ण बहिष्कार की अपील की. उनका कहना था कि ऐसे राष्ट्र जो भारत के खिलाफ काम करते हैं, उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करना जरूरी है. अगर हम उनके बनाए उत्पाद खरीदते हैं, तो हम ही उन्हें ताकत दे रहे हैं. अब समय है कि ‘मेड इन इंडिया’ को बढ़ावा दिया जाए और ‘मेड इन चाइना’, ‘मेड इन पाकिस्तान’, ‘मेड इन तुर्की’ को अलविदा कहा जाए. उज्जैन से मुनि प्रज्ञा सागर महाराज का यह स्पष्ट संदेश अब समाज में एक नई जागरूकता ला रहा है. बेटियों को सशक्त बनाएं, देश से गद्दारी करने वालों को सबक सिखाएं.  

असामान्य घटना टालने वाले 07 रेलकर्मी संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित

इटारसी रेलवे  ड्यूटी के दौरान सतर्कता, सूझ-बूझ एवं सजगता का परिचय देते हुए संभावित असामान्य घटनाओं को टालने वाले 07 रेलकर्मियों को मंडल कार्यालय में प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि से सम्मानित किया गया। इन रेलकर्मियों ने अपनी सूझ-बूझ, सतर्कता एवं त्वरित कार्यवाही से गंभीर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रशंसनीय कार्य किया है। इनके प्रयासों से न केवल रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई बल्कि रेलवे संपत्ति की भी सुरक्षा हुई। रेल प्रशासन कर्मचारियों के समर्पण, तत्परता एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करता है और भविष्य में भी इसी प्रकार कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने हेतु प्रेरित करता है। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने कर्मचारियों के उत्साह, सजगता एवं समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए रेलकर्मियों को निरंतर प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ,वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री विजय शंकर गौतम, वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय) ऋतुराज शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित रेलकर्मी: 1.    मुकेश चौहान, पैसेंजर गाड़ी प्रबंधक, इटारसी 2.    कृष्णा कुमार, मालगाड़ी प्रबंधक, बीना 3.    संदीप अग्रवाल, पैसेंजर गाड़ी प्रबंधक, इटारसी 4.    सामंता घमंडी,ट्रैक मैन्टैनर, खंडवा   5.    अजीत कुमार यादव, ट्रैक मैन्टैनर 6.    जाबिर अली, ट्रैक मैन्टैनर ,मथैला 7.    अक्षय जैन, कनिष्ठ अभियंता, धर्मकुण्डी

पंडित धीरेंद्र शास्त्री करेंगे 131 किमी पैदल यात्रा, बाबा बागेश्वर बोले- 5 करोड़ लोगों से करेंगे संवाद

छतरपुर  बाबा बागेश्वर एक और पदयात्रा शुरू करने वाले हैं। यह यात्रा 131 किलोमीटर की होगी। यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। बाबा बागेश्वर ने यह घोषणा हरियाणा के पानीपत में एक कथा के दौरान की। उनकी पहली पदयात्रा नवंबर 2024 में हुई थी। इस यात्रा का उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है। बाबा बागेश्वर का कहना है कि वह गरीब लोगों तक पहुंचना चाहते हैं, जो किराया न होने के कारण बागेश्वर धाम नहीं आ पाते। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपने धर्म से समझौता नहीं करेंगे। 7 नवंबर से शुरू होगी पदयात्रा बागेश्वर महाराज एक बार फिर पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। यह उनकी दूसरी पदयात्रा होगी। पहली पदयात्रा 2024 में निकाली गई थी। इस बार की यात्रा 131 किलोमीटर लंबी होगी। यह यात्रा 7 नवंबर से शुरू होगी। यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लगभग 400 गांवों और शहरों से गुजरेगी। अनुमान है कि इस क्षेत्र में पांच करोड़ लोग रहते हैं। बाबा बागेश्वर का कहना है कि इस यात्रा का मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है। यात्रा का उद्देश्य: भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना बाबा बागेश्वर ने साफ कहा कि यह यात्रा भारत को पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए निकाली जा रही है। उनका उद्देश्य है देशभर के गांवों और गरीब तबकों तक अपनी बात पहुंचाना, जो बड़े अधिकारियों के साथ नहीं मिल पाते। पहले की थी 160 किमी की यात्रा पिछले साल नवंबर में बाबा बागेश्वर ने 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली थी। इस यात्रा में लाखों सनातनी हिंदू, व्यास पीठ, राजपीठ, फिल्म और उद्योग जगत के लोग, साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए थे। 2025 की यात्रा 10 दिन की होगी और लगभग 5 करोड़ की आबादी वाले क्षेत्र से गुजरेगी, जिसमें तीन बड़े राज्य और दिल्ली शामिल हैं। पानीपत में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन हरियाणा के कपड़ा नगर पानीपत में बागेश्वर महाराज की श्री हनुमंत कथा का तीन दिवसीय आयोजन हुआ। इसमें नगरवासी और हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल टंडा भी उपस्थित थे। कथा के प्रथम दिन बाबा बागेश्वर ने यह यात्रा शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कैसे वह गरीबों तक पहुंचना चाहते हैं जो उनके धाम तक नहीं आ पाते। खुद चलकर लोगों के घर पहुंचेंगे बाबा बागेश्वर पानीपत में कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने इस यात्रा की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहुत से गरीब लोग बागेश्वर धाम तक नहीं पहुंच पाते। वे VIP प्रोटोकॉल और पुलिस के कारण उनसे नहीं मिल पाते। इसलिए, वह खुद चलकर उनके घर जाएंगे और उन्हें गले लगाएंगे। धर्मांतरण कराने वालों पर हमला बाबा बागेश्वर ने किसी समुदाय का नाम लिए बिना कहा, ‘हालेलुयाह कहने वाले कान खोलकर सुन लो, हम वो हिंदू हैं जो गोली खा लेते हैं, लेकिन कलमा नहीं पढ़ते। सर कटा लेते हैं, लेकिन वतन को मिटने नहीं देते।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह 10 रुपये के लिए दुकान का नाम बदलने वालों में से नहीं हैं। वह जैसे हैं, वैसे ही रहेंगे और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने तक चैन से नहीं बैठेंगे। सफल रही थी पहली यात्रा उनकी पहली पदयात्रा 160 किलोमीटर की थी। यह यात्रा नवंबर 2024 में निकाली गई थी। उस यात्रा में भारत और विदेशों से लाखों हिंदू शामिल हुए थे। फिल्म जगत, उद्योग जगत और समाज सेवा से जुड़े लोग भी इस यात्रा में शामिल हुए थे। 10 दिन चलेगी इस बार यात्रा इस बार की यात्रा 10 दिनों तक चलेगी। बाबा बागेश्वर का कहना है कि यह यात्रा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए एक आंदोलन है। उनका कहना है कि बड़े लोग तो VIP प्रोटोकॉल के साथ उनसे मिल लेते हैं, लेकिन गरीब लोग उनसे नहीं मिल पाते। इसलिए, वह खुद उनके पास जाएंगे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet