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महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन पर केंद्रित सम्मेलन में होगा लेंगी एक लाख महिलाएं

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल में महिला सम्मेलन को करेंगे संबोधित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष को समर्पित होगा सम्मेलन लोकमाता देवी अहिल्या को समर्पित डाक टिकट और सिक्के का विमोचन महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन पर केंद्रित सम्मेलन में होगा लेंगी एक लाख महिलाएं महिलाएं संभालेंगी सम्मेलन की व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 31 मई को भोपाल आगमन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल के जम्बूरी मैदान में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष के शुभारंभ का प्रतीक यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन को समर्पित होगा। सम्मेलन में लगभग एक लाख महिलाएं भाग लेंगी। कार्यक्रम का संयोजन प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है, इसमें भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय भी सहयोग करेगा। कार्यक्रम में भारत सरकार की ओर से लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और सिक्के का विमोचन भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन ही राज्य शासन का मिशन है। उन्होंने ज्ञान के कल्याण के अंतर्गत गरीब-युवा-किसान और नारी सशक्तिकरण के लिए मिशन आरंभ किए हैं। प्रदेश में नारी सशक्तिकरण के लिए संचालित सभी प्रमुख गतिविधियों और उपलब्धियों को महिला सम्मेलन में प्रदर्शित किया जाएगा। सम्मेलन में स्व सहायता समूहों के नवाचारों, उद्योग-रोजगार और स्टार्ट-अप में महिलाओं द्वारा की जा रही पहल, सेव सिटी प्रोजेक्ट सहित विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर केंद्रित स्टॉल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं, नगरीय निकायों- पंचायतों, शासकीय सेवाओं और स्व सहायता समूहों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इंजीनियरिंग, चिकित्सा और शिक्षण सहित सभी विशेषज्ञतापूर्ण गतिविधियों में भी महिलाओं का योगदान बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में हो रहे महिला सम्मेलन के अंतर्गत मंच संचालन, क्रॉउड मैनेजमेंट, यातायात प्रबंधन, मीडिया प्रबंधन और सुरक्षा सहित सम्पूर्ण व्यवस्था की कमान महिलाओं को सौंपी जाए। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधार रहीं महिलाओं के सुगम आगमन-प्रस्थान, उचित बैठक व्यवस्था के साथ ही पेयजल और खान-पान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।  

ट्रेन के टॉयलेट में आधा घंटे तक फंसी रही महिला, रेलवे चुकाएगा 40 हजार का जुर्माना

भोपाल  ट्रेन में यात्रा के दौरान हुई असुविधा के लिए यात्री की शिकायत की अनदेखी रेलवे को भारी पड़ गई। इस पर भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह सेवा में कमी के लिए उपभोक्ता को 40 हजार रुपये का हर्जाना अदा करे। उपभोक्ता ने आयोग में परिवाद कर शिकायत की थी कि यात्रा के दौरान ट्रेन के दरवाजों में तकनीकी खराबी की वजह से उसकी पत्नी करीब आधे घंटे तक टॉयलेट में बंद रह गई थीं। कन्याकुमारी से भोपाल आ रहे थे राजधानी के रविदास नगर के उमेश पांडेय ने जिला उपभोक्ता आयोग में भारतीय रेल प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनका कहना था कि 20 अप्रैल 2022 को वह त्रिकुल एक्सप्रेस से थर्ड एसी में कन्याकुमारी से भोपाल के लिए परिवार के साथ रवाना हुए थे। इस दौरान उनकी बर्थ फटी हुई थी, टॉयलेट की सीट टूटी थी। उनकी पत्नी टॉयलेट गई तो गेट अंदर से लॉक हो गया। उनके पास मोबाइल भी नहीं था। इस कारण वह करीब आधे घंटे तक उसमें बंद रहीं। ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ सहयात्रियों की मदद से उन्हें किसी तरह बाहर निकाला जा सका। उन्होंने रेलवे में ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उपभोक्ता आयोग को उन्होंने कोच के फोटोग्राफ, अपने टिकट की छायाप्रति, रेलवे को की गई शिकायत और वहां से आए जवाब की प्रति भी सौंपी थी। रेलवे ने कस्टमर मानने से ही किया इनकार सुनवाई के दौरान रेलवे ने पहले तो यात्री को कस्टमर मानने से इन्कार कर दिया। यह भी तर्क दिया कि टिकट में यात्रा का अधिकार मिलता है, सुविधाओं का नहीं। टॉयलेट की सुविधा निश्शुल्क होती है, जिस कारण इस मामले को निरस्त किया जाए। जवाब में रेलवे ने यह भी कहा कि शिकायत के बाद मदुरई स्टेशन पर मैकेनिक ने टॉयलेट सीट को सुधारने का प्रयास किया, लेकिन उसे निर्धारित समय पर ठीक नहीं किया जा सका और ट्रेन को अधिक देर तक नहीं रोका जा सकता था। इस तर्क को आयोग ने खारिज कर दिया और रेलवे पर सेवा में कमी का हर्जाना लगाया।

एक वर्ष में स्टार्ट-अप में 30 और महिला स्टार्ट-अप में 34 प्रतिशत की वृद्धि – नई स्टार्टअप नीति हुई लागू

भोपाल मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। स्टार्ट-अप्स की संख्या, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में वृद्धि और राज्य में नवाचार को प्रोत्साहन देने वाली विभिन्न पहलों के चलते पिछला वर्ष अत्यंत सफल रहा है। स्टार्ट-अप्स में हुआ इज़ाफ़ा पिछले एक वर्ष में राज्य में मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स की संख्या 4012 से बढ़कर 5230 हो गई, जिसमें 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्ट-अप्स में 34 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनकी संख्या 1864 से बढ़कर 2490 तक पहुँच गई हैं। इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि महिला उद्यमिता को विशेष बल दिया जा रहा है। आज प्रदेश में स्टार्ट-अप्स की संख्या 5300 से अधिक हो चुकी है। निवेश को मिली नई दिशा गत एक वर्ष में राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप्स के लिए फंडिंग सुनिश्चित करने हेतु SEBI-अनुमोदित वैकल्पिक निवेश निधियों (AIFs) से साझेदारी की। 5 AIFs का चयन हुआ, जिनमें से 3 Silver Needle, Equanimity Ventures और Unicorn India Ventures Fund ने कुल ₹10.90 करोड़ का निवेश किया। सरकार ने ₹3.03 करोड़ का अंशदान किया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुआ नीति का शुभारंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई “मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना 2025” का शुभारंभ किया गया। इस दौरान 2500 से अधिक स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया और “फ्यूचर फ्रंटियर्स: स्टार्ट-अप पिचिंग सेशन” में 20 स्टार्ट-अप्स को निवेशकों के समक्ष पिच करने का मौका मिला, जिसमें से 19 को निवेशकों द्वारा रुचि पत्र प्राप्त हुए। महिलाओं और कृषि स्टार्ट-अप्स को मिला मंच महिला उद्यमियों को योजनाओं से जोड़ने के लिये 13 अगस्त 2024 को “प्रदेश महिला उद्यमी सम्मेलन” का हुआ। जिसमें 40 से अधिक महिला स्टार्ट-अप्स ने भाग लिया। कृषि क्षेत्र के लिए GAP फंड के माध्यम से फंडिंग की सुविधा दी गई और कृषि आधारित स्टार्ट-अप्स को विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर मिला। राज्यभर में हुआ स्टार्ट-अप जागरूकता का प्रसार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने पूरे वर्ष में 50 से अधिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा आयोजन किया, जिनमें 20 से अधिक शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संगठनों, सरकारी विभागों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों तक की सहभागिता शामिल रही। साथ ही, प्रदेश में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रीज़ कोंक्लेव तथा RAMP योजना जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्ट-अप्स को जागरूक किया गया। नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित “स्टार्ट-अप क्लीनिक”, “स्टार्ट-अप मार्गदर्शन सत्र” और “इनक्यूबेटर आउटरीच वर्कशॉप” जैसे आयोजनों से प्रदेश में स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूत आधार मिला है। मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता का वातावरण तैयार किया है साथ ही निवेश, जागरूकता और सहभागिता के नए आयाम भी स्थापित किए हैं।  

कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत के मामले में भाई अनुराग मिश्रा ने थाने में शिकायत कराई, दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ीं

भोपाल कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत के मामले में उनके भाई अनुराग मिश्रा ने थाने में शिकायत की है. अनुराग मिश्रा ने 28 साल बाद भोपाल के टीटी नगर थाने पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरला की मौत हत्या थी, जिसके अधिकारियों की मिलीभगत से आत्महत्या दिखाया गया. फरवरी 1997 में सरला मिश्रा की भोपाल के टीटी नगर स्थित आवास में जलने से मौत हो गई थी. अनुराग ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है. फरवरी 1997 में सरला मिश्रा की भोपाल के टीटी नगर स्थित आवास में जलने से मौत हो गई थी। करीब 1 महीने पहले कोर्ट में पुलिस ने इस मामले में खात्मा रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने रिपोर्ट में गंभीर खामियां पाते हुए इसे खारिज कर दिया और दोबारा जांच के आदेश दे दिए थे। अनुराग मिश्रा ने कहा कि, कोर्ट ने बहन सरला मिश्र की मौत के मामले में जो आदेश दिया है, उसके तहत ही शिकायत दर्ज कराई है। यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि यह हत्या थी, जिसे आत्महत्या में बदल दिया गया। इस मामले को बदलने वालों में तत्कालीन टी.आई. एस.एम. जेडी, डॉ. सत्यपति, डॉ. योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी और अन्य शासकीय कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। इन सभी की जांच होनी चाहिए। इसके अलावा, जिनके कारण यह केस दबाया गया, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उनके भाई लक्ष्मण सिंह और राजनीतिक लोगों की भी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा- पुलिस जांच में कई गंभीर खामियां 17 अप्रैल को भोपाल कोर्ट की न्यायाधीश पलक राय ने अपने आदेश में कहा कि मृतका के मृत्यु पूर्व बयान की मेडिकल पुष्टि नहीं की गई। बयान के समर्थन में जो कागज के टुकड़े मिले, उनकी भी स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई। घटनास्थल से कोई फिंगर प्रिंट भी नहीं लिया गया। परिवार ने इसे हत्या बताया था और कुछ नेताओं पर आरोप भी लगाए थे। साल 2000 में पुलिस ने केस की फाइल बंद कर दी थी। खात्मा रिपोर्ट अगले 19 वर्ष तक कोर्ट में पेश नहीं की गई। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पहले खात्मा रिपोर्ट में बयान दर्ज हों और फिर कार्रवाई की जाए। इसके बाद भोपाल कोर्ट में सुनवाई चली और अनुराग के बयान दर्ज हुए। टीआई बोले- वैधानिक कार्रवाई करेंगे टीटी नगर थाना टीआई मानसिंह ने बताया कि कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा के भाई अनुराग मिश्रा ने एक आवेदन दिया है, जिसमें कोर्ट का आदेश भी लगा हुआ है। इस मामले में पुनः जांच के लिए आवेदन दिया गया है इसमें विवेचना अधिकारी टी.आई. एस.एम. जेडी, डॉ. सत्यपति, डॉ. योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी समेत अन्य के नाम शामिल है। इस मामले में जांच के बाद जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी की जाएगी। भाई ने कहा- हत्या हुई, पुलिस ने माना सुसाइड कोर्ट के आदेश के बाद अनुराग मिश्रा ने बताया था- हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि उनकी हत्या हुई है। पुलिस ने संदिग्ध स्थिति में जला मानकर 309 में केस दर्ज कर लिया और कहा था कि इन्होंने आत्महत्या की है। हम उसी समय के जांच अधिकारी से कहते रहे कि इसमें हत्या हुई है। हमनें लिखकर दिया फिर भी उसकी जांच नहीं हुई। घटनास्थल पर सबसे पहले मेरे माता-पिता पहुंचे थे। उन्हें घटना वाले मकान से बाहर करके ताला लगा दिया था। पुलिस ने माता-पिता और मेरी एक और सगी बड़ी बहन के बयान नहीं लिए। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से झगड़ा हुआ था सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने कहा था कि मेरी बड़ी बहन कांग्रेस की सक्रिय नेता थीं। उनका दस जनपथ पर सोनिया गांधी के घर पर आना-जाना था। उनकी मौत जिन परिस्थितियों में हुई उसमें कई ऐसे तथ्य हैं जो यह बताते हैं कि उनकी हत्या हुई थी, लेकिन पुलिस ने उस वक्त नेताओं को बचाने के लिए 2000 में खात्मा लगा दिया था। भाई ने आरोप लगाया कि मेरी बहन की हत्या हुई है। उनका तत्कालीन सीएम से झगड़ा हुआ था। जिस समय खात्मा लगाया गया था उस समय दिग्विजय सिंह की सरकार थी। 19 साल बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार आई तो रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। ‘कोर्ट के आदेश के तहत ही शिकायत दर्ज करवाई‘ सरला मिश्रा की मौत के मामले में पुलिस ने करीब एक महीने पहले कोर्ट में मामले में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी. लेकिन कोर्ट ने रिपोर्ट में कई खामियां पाई थी और रिपोर्ट को खारिज करते हुए फिर से जांच के आदेश दिए थे. अनुराग मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश के आधार पर ही टीटी नगर थाने में शिकायत की है. ‘दिग्विजय सिंह और उनके भाई की जांच हो’ अनुराग मिश्रा ने आरोप लगाया कि हत्या के मामले को आत्महत्या में बदलने वालों में तत्कालीन TI एस एम जेडी, डॉ सत्यपति, डॉ योगीराज शर्मा, महेंद्र सिंह करचुरी और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल हैं. इन सभी लोगों की जांच होनी चाहिए. इसके अलावा केस को दबाने में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह की भी जांच होनी चाहिए.

कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक

इंदौर मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 20 मई 2025 को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा परिसर में एक विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखती है, क्योंकि यह लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती वर्ष के समापन और उनकी विवाह वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जा रही है। इसके पहले डॉ. मोहन सरकार दमोह, जबलपुर में डेस्टिनेशन कैबिनेट के सफल आयोजन कर चुकी है। अहिल्याबाई के आदर्शों को आत्मसात करने का सुनहरा अवसर इस कैबिनेट बैठक का मुख्य उद्देश्य लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के योगदान को याद करते हुए होल्कर साम्राज्य के संस्थापक महाराज मल्हार राव होल्कर का भी पुण्य स्मरण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन इंदौर की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करने और मध्य प्रदेश के विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण, जैसे कि “विजन 2047”, को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन इंदौर के ऐतिहासिक महत्व का स्मरण करने और देवी अहिल्याबाई के आदर्शों को प्रचारित करने का बेहतरीन अवसर है। होल्कर साम्राज्य का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व इंदौर का राजवाड़ा, होल्कर साम्राज्य का प्रतीक, मध्य भारत के गौरवशाली अतीत का साक्षी रहा है। यह वह स्थान है जहां होलकर साम्राज्य के शासकों ने अपने दरबार लगाए और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। 20 मई को गणेश हॉल में होने वाली यह बैठक उसी परंपरा को जीवंत करेगी, जहां डॉ मोहन कैबिनेट अपने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेगी। यह पहली बार है जब आज़ादी के कई वर्षों बाद इस ऐतिहासिक स्थल पर डॉ. मोहन कैबिनेट का भव्य दरबार सजेगा। राजवाड़ा : होलकर साम्राज्य की विरासत राजवाड़ा एक महल नहीं बल्कि होलकर साम्राज्य की विरासत है जिस पर आज भी सभी गर्व महसूस करते हैं। यह वह ऐतिहासिक स्थान है जहां से होलकर साम्राज्य ने अपने कई बड़े फैसलों से अपनी दिशा तय की थी। इसका निर्माण 1766 से 1834 के बीच हुआ और इसकी भव्यता आज भी लोगों को आकर्षित करती है। देवी अहिल्याबाई होलकर इसी राजवाड़ा से प्रशासनिक निर्णय लिया करती थी। अंतिम बार 1945 में महाराज यशवंतराव होलकर तृतीय ने अपनी मंत्रिपरिषद के साथ इसी दरबार हॉल में बैठक की थी। वही राजवाड़ा इस बार फिर डॉ. मोहन यादव के निर्णायक फैसलों का साक्षी बनने जा रहा है। लोकमाता की उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब मोहन सरकार यहां बैठक कर, न सिर्फ राजवाड़े के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित कर रही है बल्कि सुशासन के संकल्पों के नए मानदंड प्रदेश में स्थापित कर रहे हैं। कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक इस आयोजन को मालवा की संस्कृति के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसमें मंत्रियों का स्वागत मालवी पगड़ी पहनाकर किया जाएगा । बैठक के बाद दरबार हाल में सभी मंत्रियों और अधिकारियों के लिए पारंपरिक मालवी भोजन परोसा जाएगा, जिसमें दाल-बाफले, दाल-बाटी-चूरमा, मावा बाटी, दही, लड्डू, केसर श्रीखंड, मैंगो रबड़ी और छाछ जैसे व्यंजन शामिल होंगे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय की उम्मीद है, जिसमें “विजन 2047” के तहत मध्यप्रदेश के दीर्घकालिक विकास की कई योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, निवेश संवर्धन, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित नीतियों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति का प्रस्ताव भी आएगा। कैबिनेट बैठक में अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है जिसमें नए रोजगार के अवसर सृजित करने, कर्मचारियों के पदोन्नति संबंधी प्रस्ताव भी पास हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में सरकार मेट्रोपॉलिटन रीजन एक्ट 2025 भी लेकर आएगी जिससे इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। इस बड़ी पहल के साथ मध्यप्रदेश देश का 13वां राज्य बन जाएगा, जहां मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। लोकमाता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें : मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई माता होल्कर का 300वां जयंती वर्ष पूरे हर्षोल्लास से मना रही है। तिथि अनुसार लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जयंती वर्ष, विवाह वर्षगांठ (20 मई) और महाराजा श्रीमंत मल्हार राव जी होल्कर की पुण्य-तिथि, ये तीनों सुयोग एक ही समय पर आ रहे हैं, जो इस आयोजन को और भी अधिक विशेष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन, स्वावलंबन,आत्म-निर्भरता और महिला कल्याण की मिसाल लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के पुण्य सम्मान में मध्यप्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद की बैठक 20 मई को इंदौर शहर के राजवाड़ा में होगी। यह पहली बार होगा, जब मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक राजवाड़ा जैसे ऐतिहासिक स्थल पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजवाड़ा में होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य की जनता के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जयंती वर्ष पर हमें चाहिए कि हम सब उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और अपने महापुरुषों का स्मरण करते हुए समाज को एक नई प्रेरणा दें और अपने देश व प्रदेश के विकास के लिए सक्रिय होकर सहभागी बनें। 20 से 31 मई तक प्रदेश भर में होंगे विविध आयोजन मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 20 मई से 31 मई तक पूरे प्रदेश में अलग-अलग सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 मई को इंदौर में एक मंचीय कार्यक्रम होगा, जिसमें लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के जीवन के विविध पहलुओं को एक लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह अद्भुत प्रस्तुति नागपुर, महाराष्ट्र से आये सुघड़ कलाकारों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जन्म जयंती को और अधिक स्मरणीय बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 मई को राजधानी भोपाल में भी एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इंदौर के राजबाड़ा में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगी। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक निर्णयों के लिए, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ भविष्य के विकास के लिए … Read more

सरकार का भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्णायक कदम, एक्ट तैयार

भोपाल भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया गया। अब मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 का प्रस्ताव मंगलवार को इंदौर के राजवाड़ा में होने वाली कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर इस अधिनियम के तहत भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर और इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में 9336 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल किया जाएगा। भोपाल रीजन में रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर जिलों के हिस्सों को जोड़ा जाएगा। दक्षिण में ओबेदुल्लागंज से लेकर उत्तर में श्यामपुर तक इसका विस्तार होगा। यह योजना 35 लाख की वर्तमान आबादी और 60 लाख की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जानकारी के अनुसार 14 माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार होगा। 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए इस योजना का उद्देश्य औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार करना है। इसके लिए 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और लागत अनुमान हेतु टेंडर जारी किए जाएंगे। एकीकृत विकास दृष्टिकोण पर फोकस होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें हॉस्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, पर्यटन और अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में उज्जैन, देवास और धार होंगे शामिल इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना 75 लाख की संभावित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसमें उज्जैन, देवास और धार जिलों के शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्र शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन क्षेत्र और पर्यटन की संभावनाओं का विशेष ध्यान रखते हुए योजना तैयार की जाए। मप्र बनेगा देश का 13वां मेट्रोपॉलिटन एक्ट लागू करने वाला राज्य देश के 12 राज्यों में पहले ही मेट्रोपॉलिटन रीजन अधिनियम लागू हो चुका है। इनमें मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, विशाखापत्तनम, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, श्रीनगर-जम्मू, गुवाहाटी और हरियाणा के शहर शामिल हैं। मध्यप्रदेश 13वां राज्य होगा जो यह अधिनियम लागू करेगा। मुख्यमंत्री अध्यक्ष, नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए गठित की जाने वाली उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे, जबकि नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष की भूमिका में रहेंगे। समिति में मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, नगर निगम कमिश्नर, मेट्रो रेल के एमडी, रेलवे के प्रतिनिधि, टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) और अन्य नामित विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे।  

मध्यप्रदेश में आज भी आंधी-बारिश का दौर जारी, महू में घरों की टिन उड़ी

इंदौर मध्यप्रदेश में सोमवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर के महू, देवास, दमोह, गुना सागर, रायसेन, शिवपुरी, बड़वनी के सेंधवा, मऊगंज और बीना में दोपहर अचानक मौसम बदला। यहां तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। भोपाल और इंदौर में बादल छाए हुए है। मौसम विभाग ने 22 जिलों में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में इंदौर, जबलपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, हरदा, बैतूल, मंडला, अनूपपुर के अमरकंटक, डिंडौरी, रीवा, मऊगंज, मैहर, विदिशा, अशोकनगर, सागर, शिवपुरी, सीहोर, देवास, बुरहानपुर और आगर शामिल है। यहां बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। यहां ऐसे बदला मौसम     शिवपुरी- यहां दोपहर 3 बजे के आसपास तेज बारिश हुई। इसके साथ-साथ तेज हवाएं भी चलीं। बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।     बड़वानी- जिले के सेंधवा ब्लॉक के बिजासन घाट क्षेत्र में आधे घंटे तक आंधी के साथ बारिश हुई। इससे कच्चे मकानों की छत उड़ गई। मंदिर क्षेत्र में लगी गुमटियां भी उड़ गईं। एक मकान की दीवार भी गिर गई।     देवास- यहां दोपहर बाद अचानक मौसम में बदला। शहर के बाहरी इलाकों में करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। उसके बाद मौसम फिर से साफ हो गया। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।     दमोह – शहर में दोपहर 3:30 बजे के बारिश शुरू हुई। तेज हवा और आंधी के चलते शहर में कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।     महू – दोपहर अचानक तेज हवा के साथ बारिश हुई। आंधी के कारण मध्य भारत अस्पताल में एक पेड़ शेड पर गिर गया। जिससे दो युवक घायल हो गए। पाताल पानी में घरों की टीन शेड की छत उड़ गई।     बीना – सोमवार दोपहर तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। करीब आधे घंटे तक बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया। इसके बाद बादल छाए हैं।     मऊगंज – यहां दोपहर 1 बजे के बाद से रुक–रुक कर बारिश हुई। तेज हवाएं भी चली। जिले में अभी भी बादल भी छाए हैं।  

शहडोल : ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक जारी, कुचलने से 2 की मौत

शहडोल  शहडोल जिले के उत्तर वन मंडल के ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले में दो मौतें हो गई हैं। जानकारी के अनुसार एक पुरुष और एक महिला की मौत हुई है। जंगली हाथी ने दोनों को कुचल दिया है। मौके पर वन अमला पहुंच गया और मामले की जांच की जा रही है। मालूम हो कि हाथियों का एक दल ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा है। इसी दल के हाथी ने सोमवार को दो लोगों को कुचल दिया है। यह घटना वन परीक्षित गोदवाल के सनौसी बीट में हुई है। वन अधिकारियों ने बताया कि घटना हुई है और जांच पड़ताल की जा रही है कि किस कारण से मौत हुई है। अभी तक पूरी जानकारी इकट्ठा नहीं हो पाई है, वन विभाग जांच पड़ताल करने के बाद ही स्पष्ट कर पाएगा मौत कैसे हुई है। हाथियों के कुचलने से ही हुई है मौत ग्रामीणों के बताएं अनुसार हाथियों के कुचलने से ही मौत हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 2 साल से क्षेत्र में हाथियों का आना-जाना लगा हुआ है और खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचाने के साथ अब लोगों की जान भी लेने लगे हैं। वन विभाग अपने स्तर से लोगों को हाथियों के नजदीक जाने से रोकता है और जागरूकता फैला रहा है, लेकिन इससे हाथियों पर अंकुश नहीं लगा है। हाथियों के दल जहां भी मन करता है उस गांव में घुस जाते हैं और लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे गांव के लोग परेशान हो गए हैं। हाथी और मानव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग ने योजना बनाई है और अपना प्रस्ताव सरकार को दिया है। अभी तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। लगातार बढ़ रही हाथियों की हलचल से अब वन विभाग को स्थाई समाधान निकालने की जरूरत है। तभी गांव के लोगों की सुरक्षा इनसे की जा सकती है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता में हुई विश्वविद्यालय के शासी निकाय की पाँचवीं बैठक

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय बाबा साहब के सामाजिक न्याय और अधिकारिता की विरासत का प्रतीक बनें। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियाँ बाबा साहब के विचारों और जीवनी से प्रेरित हो। परिसर सामाजिक समरसता का जीवंत आदर्श प्रस्तुत करें। राज्यपाल पटेल राजभवन में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू की शासी निकाय की पाँचवीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. रामदास गोमाजी आत्रम उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्र-छात्राओं को केवल उपाधि प्रदान करना नहीं है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारत रत्न बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन मूल्यों, उनके सामाजिक न्याय और समानता के संघर्ष और वंचितों के उत्थान के कार्यों के प्रति भावी पीढ़ी की अभिरुचि को बढ़ाना है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय वित्तीय संसाधनों के लिए सरकार पर आश्रित नहीं रहें। वित्तीय स्वावलंबन के लिए प्रयास किए जाए। विश्वविद्यालय विकास योजनाओं को सरकार के साथ समन्वय कर क्रियान्वित करें। कार्य परिषद के निर्णय अनुमोदन के लिए प्रस्तुत विश्वविद्यालय कार्य परिषद द्वारा कुलगुरु चयन समिति में कार्य परिषद द्वारा निर्वाचित सदस्य के प्रावधान को संशोधित कर, राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य के निर्णय का शासी निकाय की बैठक में सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसी तरह कार्य परिषद के विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रति कुलपति के पदनाम को कुलगरु एवं प्रति कुलगुरु किये जाने के निर्णय का भी बैठक में अनुमोदन किया गया। पाँचवीं शासी निकाय की बैठक में प्रमुख सचिव जनजाति कार्य गुलशन बामरा, प्रमुख सचिव विधि विधायी कार्य एन. पी. सिंह, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण ई. रमेश कुमार, अपर सचिव राजभवन उमाशंकर भार्गव, शासी निकाय के सदस्य, निदेशक, सामाजिक विज्ञान, शोध एवं प्रशिक्षण दीपक कुमार वर्मा, संकाय अध्यक्ष सुमनीषा सक्सेना, शासी निकाय के सचिव कौशलेन्द्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।    

सांसद कुलस्ते मंडला में निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल हुए, हमारे आतंकवादी वाले बयान पर दी सफाई

मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते  मंडला में निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने डिंडौरी में दिए अपने बयान पर सफाई दी. फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा, “मैं देश की सेना का सम्मान करता हूं. मेरे बयान को गलत ढंग से पेश किया गया है. मैं आज भी देशवासियों के सामने कहना चाहता हूं कि मुझे सेना पर गर्व है. मैंने सेना के सम्मान के लिए कहा था. हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकवादियों को मुंह तोड़ जबाव दिया है.” आतंकवादियों को ‘हमारे’ बोल दिया था दरअसल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते 16 मई को डिंडोरी के अमरपुर ब्लॉक में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल थे. यहां मीडिया से बात करते हुए उनकी जुबान फिसल गई थी और उन्होंने कहा दिया था कि ‘हमारे आतंकवादी’. जिसके बाद उनका पूरे देश और प्रदेश में विरोध शुरू हो गया था. यह वाक्या उस समय हुआ जब फग्गन सिंह कुलस्ते ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की सराहना कर रहे थे. उन्होंने कहा, ”भारत की सेना ने पाकिस्तान के हमारे आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है.” जिसके बाद सांसद के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर जलाया पुतला फग्गन सिंह कुलस्ते से पहले मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा भी विवादित बयान दे चुके हैं. कांग्रेसियों ने इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी को घेरा और मध्य प्रदेश की छवि खराब करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया. मंडला में जिला कांग्रेस कमेटी ने सांसद कुलस्ते के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला दहन किया. इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने कहा, “एक तरफ पूरा देश भारतीय सेना के शौर्य की तारीफ कर रहा है. वहीं हमारे संसद पाकिस्तानी आतंकवादियों को अपने बोल रहे हैं” विवादों से कुलस्ते का पुराना नाता फग्गन सिंह कुलस्ते 40 सालों से सांसद हैं, जिसमें 3 बार केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. वे हमेशा ही अपने बयानों के चलते चर्चा में बने रहते है. विवादों से उनका पुराना नाता है. अक्सर वे अपने ही बयान से विवादों में घिर जाते है और फिर बाद में सफाई देते हैं.

इंदौर के राजबाड़ा पर कैबिनेट बैठक, 14 रास्ते सील, जानिए कहां-कहां लगेगा नो व्हीकल जोन

इंदौर  मध्य प्रदेश में कैबिनेट की बैठक होने वाली है। यह बैठक इंदौर में हो रही है। इस वजह से राजबाड़ा क्षेत्र में सुबह 7 बजे से वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। बैठक राजबाड़ा पैलेस में होगी। इसके साथ ही, भाजपा माता अहिल्याबाई की जयंती के उपलक्ष्य में 19 से 31 मई तक कई कार्यक्रम आयोजित करेगी। माता अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे सीएम 19 मई को राजबाड़ा पर अहिल्या माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विकास कार्यों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। कलेक्टर आशीष सिंह ने तैयारी को लेकर रविवार को बैठक ली। पुलिस ने किया है ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव राजबाड़ा पैलेस में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इस कारण पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। सुबह 7 बजे से बैठक खत्म होने तक राजबाड़ा और उसके आसपास के इलाके में कोई भी गाड़ी नहीं जा सकेगी। ये रास्ते पूरी तरह से बंद रहेंगे:     मृगनयनी से फ्रूट मार्केट की तरफ     नंदलालपुरा से फ्रूट मार्केट की तरफ     फ्रूट मार्केट से महालक्ष्मी मंदिर राजबाड़ा की तरफ     यशवंत रोड गुरुद्वारा से आईसीआईसीआई बैंक राजबाड़ा की तरफ     इमामबाड़ा से गोपाल मंदिर होते हुए राजबाड़ा की तरफ     इमामबाड़ा चौक से रूप रंग ट्रेडर्स सुभाष चौक तक     सुभाष चौक से राजबाड़ा तांगा स्टैंड की तरफ     महेश जोशी टी से राजबाड़ा तांगा स्टैंड     अर्पण नर्सिंग होम से एमजी रोड पुलिस चौकी (गणेश कैप मार्ट) की तरफ     अर्पण मेडिकल स्टोर से पीरगली गणेश कैप मार्ट की तरफ     रामबाग चौराहे से दोना-पत्तल गली तिलक पथ टी की तरफ     नेताजी सुभाष मार्ग पालीवाल धर्मशाला से हेमिल्टन मार्ग होते हुए पोरवाल ड्रेसेस तक     राजबाड़ा तांगा स्टैंड से गणेश कैप मार्ट होते हुए हेमिल्टन रोड तक     एमजी रोड थाना पुलिस चौकी राजबाड़ा बगीचे के सामने से होते हुए अन्ना पान भंडार से महालक्ष्मी मंदिर तक इन रास्तों पर कोई भी गाड़ी नहीं जा सकेगी। सभी बसें संजय सेतु से जवाहर मार्ग की तरफ नहीं जा पाएंगी। राजबाड़ा की तरफ आने वाले लोग जवाहर मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। एयरपोर्ट जाने वाले लोग विजय नगर, सुपर कॉरिडोर मार्ग से जा सकते हैं। गंगवाल बस स्टैंड जाने वाले मृगनयनी, नगर निगम, रामबाग, जिंसी, बड़वाली चौकी मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। व्यापारी और मेहमान इन जगहों पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकते हैं:     पुराना थाना एमजी रोड के बगल में बहुमंजिला पार्किंग     सुभाष चौक बहुमंजिला पार्किंग     संजय सेतु पार्किंग     संजय सेतु के पास नगर निगम पार्किंग   पुलिस ने की नियमों का पालन करने की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राजबाड़ा क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी, इसलिए लोग दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करें। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो वह पुलिस की मदद ले सकता है। नगर निगम की तैयारी नगर निगम ने शहर में साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया है। निगम के कर्मचारी सड़कों और गलियों को साफ कर रहे हैं। इसके साथ ही, शहर में कचरा उठाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। निगम ने लोगों से अपील की है कि वे शहर को साफ रखने में मदद करें। बिजली सुचारू रखने को विशेष इंतजाम बिजली विभाग ने शहर में बिजली की आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। विभाग के कर्मचारी बिजली के तारों और खंभों की मरम्मत कर रहे हैं। इसके साथ ही, शहर में नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली की बचत करें।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पीआईयू द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि निर्माण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करें और अंतर्विभागीय समन्वय से संबंधित विषयों को तत्काल रेखांकित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थलों पर निर्माण एजेंसियों को भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है अथवा अन्य कोई प्रशासनिक विभागीय अवरोध या असमंजस की स्थिति है, उसकी स्थिति उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराई जाए, ताकि उनका प्राथमिकता से निराकरण कार्य को गति दी जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सामंजस्य एवं विभागीय सक्रियता की कमी से कार्यों में विलंब पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण करना स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। भुगतान में विलंब विभागीय उदासीनता उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किए गए कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। भुगतान में विलंब से कार्य की गति प्रभावित होती है और यह विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी स्वयं मैदानी निरीक्षण कर कार्यों की सघन मॉनिटरिंग करें तथा 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम योजना के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, अंडर ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट सीट अपग्रेडेशन, सीसीबी सहित सभी अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की एवं स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का योजनाबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, और उपकरण एवं फर्नीचर की खरीदी का कार्य समानांतर रूप से किया जाए। जिससे निर्माण कार्य पूर्ण होने और सेवा प्रदाय में विलम्ब न हो। बैठक में बताया गया कि सिवनी, नीमच और मंदसौर में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और ये संस्थान सेवा में आ चुके हैं। वहीं छतरपुर, दमोह, राजगढ़ और सीआईएमएस छिंदवाड़ा में कार्य प्रगतिरत हैं। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में यूजी सीट्स अपग्रेडेशन के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में मेडिकल कॉलेज में कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सागर में कार्य प्रगतिरत है। पीजी सीट्स के अपग्रेडेशन के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में निर्माण एवं संसाधन उन्नयन कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में यह जानकारी दी गई कि पीआईयू द्वारा राज्य में वर्तमान में 217 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनके लिए 1054 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 24 कार्यों के लिए 283 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, परंतु वे अभी प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। 5 कार्य विभिन्न कारणों से अवरुद्ध हैं। कुल 246 कार्यों के लिए 1027 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी जानी शेष है। नर्सिंग कॉलेज मंदसौर में बाउंड्री वॉल निर्माण, छिंदवाड़ा में होस्टल और कॉलेज भवन का कार्य, सतना एवं राजगढ़ में लैंड डेवलपमेंट कार्य प्रगतिरत है। नीमच में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज के लिए टेंडर की स्वीकृति शासन स्तर पर लंबित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 352.5 करोड़ रुपए की मांग प्रस्तुत की गई थी, जिसके विरुद्ध अब तक 40.5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से ₹12.81 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है, 52.32 करोड़ रुपए के बिल लंबित हैं। राजगढ़ और छिंदवाड़ा के लिए 22.13 करोड़ एवं 14 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। दमोह, छतरपुर में आंशिक राशि व्यय की गई है, जबकि जबलपुर को पूरी मांग के अनुरूप राशि प्राप्त हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मांग अनुसार बजट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, संचालक प्रोजेक्ट नीरज कुमार सिंह, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, पीआईयू के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री ने 13 साल पहले स्वीकृत की गई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना को अपने जनसेवा काल की सबसे सिर दर्द योजना बताया

शिवपुरी  क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक ली. बैठक में शिवपुरी के विकास की दिशा में ढाई घंटे मंथन के बाद बैठक की जानकारी दी. केंद्रीय मंत्री ने 13 साल पहले स्वीकृत कराई गई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना को लेकर कहा कि, ”यह योजना उनके जनसेवा काल की सबसे सिर दर्द योजना रही है.” बकौल सिंधिया इस योजना को लेकर पीएचई विभाग का दावा है कि सीवर लाइन का 45 प्रतिशत फ्लो टेस्ट हो चुका है, वह पूर्णत: पास है. ठेकेदार को भुगतान की भी बात आई है. सिंधिया के अनुसार, इस दावे की जमीनी हकीकत को जांचने के लिए हमने निर्देश दिए हैं कि विधायक, कलेक्टर, नपाध्यक्ष, सीएमओ व पीएचई विभाग पांचों मिलकर सर्वे करेंगे. अगर 45 प्रतिशत सीवर लाइन का फ्लो टेस्ट पास हाेता है तो ठेकेदार को भुगतान के लिए हम राज्य सरकार से राशि की मांग करेंगे. यह राशि कांट्रेक्टर को दी जाएगी, ताकि वह शेष रहे 55 प्रतिशत भाग के काम को समाप्त कर सके. इसके बाद उक्त भाग का फ्लो टेस्ट किया जाएगा, फिर शेष राशि उसे दी जाएगी, ताकि सीवर की समस्या हल हो सके. भू-माफियाओं पर होगी कठोर कार्रवाई केंद्रीय मंत्री एवं गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित दिशा समिति की बैठक में भाग लेकर जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की. बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. 26 मई तक सुलझेगा, जमीन के मालिकाना हक का विवाद केंद्रीय मंत्री का कहना था कि, “शिवपुरी एयरपोर्ट के लिए हमें जमीन अधिग्रहण का कार्य करना है, जिसमें तीन हिस्सों में जमीन अधिग्रहण की जानी है. 58 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन से होना है, परंतु अभी इसमें यह तय नहीं हो सका है कि वह जमीन रेवेन्यू की है अथवा फारेस्ट विभाग की.” केंद्रीय मंत्री के अनुसार बैठक में उन्हें कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि 26 मई तक यह तय हो जाएगा कि जमीन किसकी है, उसके बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. 38 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए फारेस्ट व वाइल्ड क्लीयरेंस सुप्रीम कोर्ट तक देना पड़ेगा. 28 हेक्टेयर प्रायवेट लैंड का अधिग्रहण किया जाएगा. 30 प्रतिशत जनता को पानी के लिए करना होगा इंतजार शहर की जनता को पेयजल उपलब्ध कराने वाली मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री का कहना था कि, ”शहर के 70 प्रतिशत हिस्से में पांच करोड़ की लागत से पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा. इसके अलावा शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में 128 किमी की डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन बिछाने के लिए अमृत-3 का इंतजार करना होगा.” नल-जल की खराब लाइन को पीएचई करेगी सही दिशा की बैठक में ग्रामीण अंचल में नल-जल योजना की पाइप लाइन बिछाने में अनियमितता बरतने की बात सामने आई. जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि नियमानुसार पाइप लाइन एक मीटर की गहराई में डाली जानी थी, परंतु कहीं आधा फीट की गहराई में तो कहीं जमीन के ऊपर लाइन बिछाई गई है. इस पर यह तय हुआ कि जनप्रतिनिधि व कलेक्टर का प्रतिनिधि जाकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कामों की फोटो, वीडियो बनाएंगे, ताकि पीएचई से उक्त लाइन को सही करवाया जा सके. इसके अलावा जहां पर पीएचई ने अभी काम शुरू नहीं किया है, वहां पर जलजीवन मिशन चाहे तो काम को अपने हैंडओवर लेकर खुद पूरा कर सकता है. जो काम पीएचई ने शुरू कर दिया है, वह काम उसे ही पूरा करना होगा. ये भी बोले सिंधिया -फोरलेन पर सड़क के किनारे जो ग्रीन रेलिंग लगाई गई थी, वह ध्वस्त हो गई है, उसे जल्द दुरूस्त करें. -हाईवे के अंडर पास की सफाई एनएचएआई से कराई जाएगी, क्योंकि वहां से टाइगर गुजरते हैं. -टाइगर रिजर्व के साउथ रेंज कारिडोर में 75 परिवारों के विस्थापन की दिशा में काम करेंगे. -145 करोड़ की लागत से स्वीकृत सनघटा सिंचाई परियोजना एक साल में पूरी होगी, 25 गांव पंजाब की तरह बनेंगे. -चांदपाठा बांध का रिसाव रोकने के लिए 71 करोड़ की याेजना है, जिसे जल्द स्वीकृत करवाया जाएगा. -बारिश में जलकुंभी माधव लेक में न पहुंचे इसके लिए बारिश पूर्व करबला के पास जाली लगवाई जाएगी. -निर्माणाधीन ट्रांसपोर्ट नगर की झांसी रोड से कनेक्टिविटी के लिए 10 करोड़ की लागत से बनेगी 7.5 किमी की रोड.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री जमशेदजी टाटा की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत में औद्योगिक क्रांति के अग्रदूत एवं टाटा समूह के संस्थापक स्व. श्री जमशेदजी टाटा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि स्व. श्री जमशेदजी न सिर्फ एक सफल उद्यमी थे, बल्कि वह महान स्वप्नद्रष्टा और राष्ट्र-निर्माता भी थे। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने की दिशा में मजबूत नींव रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री जमशेदजी ने हमेशा विज्ञान, उद्योग और मानवता को एक साथ जोड़कर देखा। उनका विजन एवं आदर्श हर काल में देशवासियों के लिए प्रासंगिक और प्रेरणादायक रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. रेड्डी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि स्व. संजीव रेड्डी एक कुशल राजनेता थे, जिन्होंने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने जीवनकाल में विभिन्न पदों पर रहते हुए राष्ट्र के पुनर्निर्माण और जनसेवा के प्रति समर्पण भाव से उल्लेखनीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुचिता, सादगी और कर्तव्य-निष्ठा के मूल्य और आदर्श स्थापित करने वाले स्व. संजीव रेड्डी सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।  

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