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भोपाल कोर्ट ने राहुल गांधी को 28 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए

भोपाल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भोपाल कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है। कोर्ट ने राहुल को 28 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए हैं। 9 मई को राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वो हाजिर नहीं हुए थे। यह मामला 2018 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जब राहुल गांधी ने झाबुआ की एक चुनावी रैली में कहा था कि शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स लीक में है। बाद में शिवराज पर की गई टिप्पणी वापस ले ली गई, लेकिन कार्तिकेय पर बयान बरकरार रखा। जिसे कार्तिकेय ने इसे झूठा और मानहानि करने वाला बताया था। बयान के बाद कार्तिकेय ने राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था।

गुरुवार को वरमाला हुई, शुक्रवार को ही शादी के बाद होने वाली रस्में छोड़ जवान देश सेवा के लिए रवाना

राजगढ़ दूल्हा-दुल्हन दोनों के हाथों की मेंहदी अभी छूटी नहीं थी. गुरुवार को वरमाला हुई और शुक्रवार को ही शादी के बाद होने वाली रस्में छोड़ जवान देश सेवा के लिए रवाना हो गया. भारतीय वायुसेना के जवान मोहित राठौर की छुट्टी कैंसिल होते ही उन्हें शनिवार को नौकरी ज्वाइन करने का आदेश मिला था. मोहित का कहना है कि शादी हो गई, अब देश सेवा का मौका मिला तो यह शादी से भी बढ़कर है. बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में भारत द्वारा पाकिस्तान पर कार्रवाई की गई थी. जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं. पाकिस्तान द्वारा सीमा से लगे भारत के शहरों को निशाना बनाया जा रहा है और रिहायशी इलाकों पर लगातार गोला बारूद से हमले किए जा रहे हैं. जिसके जवाब में भारत द्वारा भी कार्रवाई की जा रही है. भारत सरकार और सेना अलर्ट पर है. युद्ध की स्थिति को देखते हुए सेना के जवानों की छुट्टियों निरस्त कर दी गई हैं. जवानों को नौकरी पर वापस बुला लिया गया है. शादी के लिए 2 दिन के लिए मिली मोहलत मध्य प्रदेश के राजगढ़ के रहने वाले वायुसेना के जवान मोहित राठौर अपनी शादी के लिए छुट्टी पर आए हुए थे. वे 17 अप्रैल से 15 मई तक अवकाश पर थे, लेकिन भारत पाक तनाव के चलते उनकी छुट्टियां बुधवार को निरस्त हुई और उन्हें शुक्रवार तक नौकरी वापस ज्वाइन करने के लिए कहा गया. तब उन्होंने गुरुवार को होने वाली अपनी शादी के बारे में बताया, तो उन्हें शनिवार तक ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश मिला. शादी के तुरंत बाद ड्यूटी पर निकले कुरावर निवासी मोहित 6 साल पहले एयरफोर्स में भर्ती हुए थे. वे दिल्ली के पास स्थित ईसापुर एयरफोर्स स्टेशन में पदस्थ हैं. मोहित राठौर की शादी लसूड़लिया रामनाथ निवासी गोपाल राठौर की पुत्री वंदना से तय हुई थी. जिसके साथ उन्होंने गुरुवार यानि 8 मई को सात फेरे लिए और दुल्हन की विदाई कराकर घर पहुंचे. शुक्रवार को उन्होंने तुरंत अपनी रवानगी की तैयारी शुरू कर दी क्योंकि हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के कारण सभी की छुट्टी कैंसल की दी गई है. हमारे लिए सबसे पहले देश: ससुर मोहित राठौर के ससुर गोपाल राठौर का कहना है,”मुझे गर्व है कि मेरा दामाद शादी के तुरंत बाद देश की रक्षा के लिए जा रहा है. हमारे लिए देश सबसे पहले है और हमने शादी हो जाने तक यह बात बेटी को नहीं बताने का निर्णय लिया था. वहीं मोहित के माता पिता भी इस बात से खुश है कि उनका बेटा देश की सेवा के लिए वापस लौट रहा है. उन्होंने प्रार्थना की है कि देश और बेटा दोनों सुरक्षित रहे.” भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से पूरा देश गुस्से में था. आतंकवाद और पाकिस्तान को सबक सिखाए जाने की मांग लगातार की जा रही थी. 7 मई को भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. ऐसे में देश की अलग अलग सेनाओं में कार्य करने वाले सैनिकों की छुट्टियां निरस्त कर उन्हें वापस बुलाया लिया गया है. जिसमें राजगढ़ जिले का मोहित राठौर भी शामिल है.

देशभर में 2,16,000 लोग एक करोड़ रुपए से अधिक कमाते, प्रदेश में एक करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाले लोगों की संख्या 8,666

भोपाल प्रदेश में सालाना एक करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाले लोगों की संख्या 8,666 है। आयकर विभाग के कर निर्धारण वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के मुताबिक, 37 राज्यों में मप्र में 1 करोड़ से अधिक कमाने वाले करदाताओं की सूची में चौथा स्थान है। करोड़ रुपए से अधिक कमाने वालों में सबसे आगे महाराष्ट्र है। यहां संख्या 1,24,800 है। सबसे पीछे लक्षद्वीप है, जहां सिर्फ एक ही करदाता इस श्रेणी में है। देशभर में 2,16,000 लोग एक करोड़ रुपए से अधिक कमाते हैं। करोड़पति करदाताओं की संख्या, टैक्स जागरूकता का संकेत सीए पंकज शर्मा ने बताया, मप्र से आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करोड़पति करदाताओं की अच्छी संख्या इस बात का प्रमाण है कि प्रदेशवासी कर के प्रति जागरूक हो रहे हैं। आय के अनुसार ईमानदारी से टैक्स दे रहे हैं। व्यापार, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप्स और प्रोफेशनल्स के बढ़ते दायरे ने प्रदेश में उच्च आय वालों की संख्या में इजाफा किया है। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को नई गति मिली है। ये टॉप-10 राज्य     महाराष्ट्र- 1,24,800     उत्तर प्रदेश- 24,050     दिल्ली- 20,500     मध्यप्रदेश- 8,666     तमिलनाडु- 6,288     आंध्रप्रदेश- 5,340     गुजरात- 3,540     पं.बंगाल- 3,013     कर्नाटक- 2,816 ये नीचे से पांच     लक्षव्दीप- 1     अ.निकोबार- 08     मिजोरम- 13     सिक्किम- 14     उत्तराखंड- 24

पाकिस्तान के लिए जबलपुर की फैक्ट्री का गोला बारूद ही पर्याप्त, भारत में ऐसी 12 फैक्ट्रियां

जबलपुर स्वतंत्रता के बाद से अब तक भारत की कोई भी लड़ाई ऐसी नहीं रही, जिसमें जबलपुर का योगदान ना रहा हो. जबलपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी बताते हैं कि भारत पाकिस्तान के हर युद्ध में यहां बने हथियारों ने तबाही मचाई. फैक्ट्री के कर्मचारियों का दावा है कि पाकिस्तान के लिए एक फैक्ट्री का गोला बारूद ही पर्याप्त है. भारत में ऐसी 12 फैक्ट्रियां हैं. फैक्ट्री के रिटायर्ड कर्मचारियों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वह फिर से काम पर लग जाएंगे लेकिन युद्ध में पीछे नहीं हटेंगे. जबलपुर में हैं 4 फैक्ट्रियां जबलपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया 1942 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित की गई थी. इस फैक्ट्री की स्थापना के बाद से ही भारतीय सेना को फैक्ट्री ने हर जरूरी सामान बनाकर दिया है. जबलपुर में 4 फैक्ट्रियां हैं. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया, व्हीकल फैक्ट्री खमरिया, गन गेराज फैक्ट्री खमरिया और ग्रे आइरन फाऊंडरी. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों का दावा है कि केवल एक फैक्ट्री गोला बारूद का जितना उत्पादन कर रही है, उससे पूरा पाकिस्तान नष्ट हो सकता है. ऐसी हमारे पास 12 फैक्ट्रियां हैं. ‘हर लड़ाई में यहां बने गोला-बारूद का इस्तेमाल’ फैक्ट्री के रिटार्यड अधिकारी नेम सिंह बताते हैं कि “भारत-पाकिस्तान की 1965 की लड़ाई हो, बांग्लादेश की लड़ाई हो या भारत और चीन की लड़ाई हो, ऐसी कोई भी लड़ाई नहीं थी जिसमें जबलपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के बने गोला बारूद का इस्तेमाल नहीं हुआ. बल्कि कुछ युद्ध तो ऐसे हैं जिनमें केवल जबलपुर की फैक्ट्री का ही बना गोला बारूद इस्तेमाल किया गया. यह तो पुराने जमाने की बात है. अभी जब पुलवामा में भारतीय जवान शहीद हुए और भारत में पाक अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक की गई थी, इस दौरान जो बम गिराए गए थे वो जबलपुर के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के ही बने हुए थे.” ‘लड़ने के लिए मजबूत हाथ और चाहिए दमदार हथियार’ फैक्ट्री के रिटार्यड अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि “युद्ध केवल सीमा पर नहीं लड़ा जाता बल्कि इन फैक्ट्री में भी लड़ा जाता है. सीमा पर जो सैनिक लड़ाई लड़ रहा है उसके पास यदि हथियार नहीं होंगे तो वह लड़ाई कैसे लड़ेगा. लड़ने के लिए मजबूत हाथ और दमदार हथियार चाहिए और उनका निर्माण यहां होता है.” छोटी गोली से 1000 पाउंड तक के बनते हैं बम ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां छोटी पिस्टल में लगने वाली गोलियों से लेकर 1000 पाउंड वजन का बम भी बनाती है. जबलपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में मशीनगन, छोटी तोप, बड़ी तोप सभी में इस्तेमाल होने वाले गोले बनाए जाते हैं. पूरे साल इन गोलों को बनाने के दौरान कर्मचारी घायल होते हैं. क्योंकि इनमें भारी मात्रा में बारूद भरी जाती है जिसमें हल्की सी चिंगारी की वजह से विस्फोट हो जाता है. कई बार कर्मचारियों की मौत तक हो जाती है. सेना के हर प्रकार के वाहनों का निर्माण जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्रियां सेना के इस्तेमाल में आने वाले रॉकेट लांचर ले जाने वाले हैवी वाहन, स्टालिन, एलटी वायर ब्राउजर, रसोई टैंकर, एम्बुलेंस एंटी लैंड माइन व्हीकल, धनुष, जनरेट र सारंग तो त्रिशूल ब्लड ग्रुप गाड़ियां, बस, ट्रक जैसे कई व्हीकल बनाती हैं. यही भारतीय सेना की ताकत है. धनुष और सारंग तोप का निर्माण कारगिल युद्ध के दौरान जिस तोप ने पाकिस्तानी सेना में खौफ फैला दिया था, बीते कई सालों से उस पर रिसर्च चल रही थी. आज हमारे पास धनुष और सारंग जैसी अपग्रेड तोप हैं. इस तोप की मारक क्षमता कई गुना बढ़ चुकी है. वह जमीन से ही आसमान में उड़ रहे विमान को गिरा सकती है. 50 किलोमीटर दूर के लक्ष्य को मार सकती है और उसका प्रहार इतना खतरनाक होता है कि उसका गोला जहां गिरता है वहां जमीन के भीतर गड्ढा हो जाता है. जबलपुर के फायरिंग रेंज में उनकी टेस्टिंग हुई है और अभी यह घातक हथियार भारतीय सीमा पर भारत की रक्षा कर रहा है.

वर्ल्ड बैंक की टीम अब इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर इसको समझने में जुटी

इंदौर  देश भर में स्वच्छता के लिए चर्चित इंदौर अब भिक्षुक मुक्त शहर के रूप में भी चर्चा में है. यहां चलाए गए भिखारी मुक्त अभियान के चलते इंदौर ऐसा करने वाला पहला शहर बन चुका है. उसके इस मॉडल को जल्द ही देश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है. केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड और वर्ल्ड बैंक की टीम अब इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर इसको समझने में जुटी है. मध्य प्रदेश के कई शहरों ने अपनाया इंदौर का मॉडल इंदौर के भिक्षुक मुक्त अभियान को अब प्रदेश के कई शहर अपना रहे हैं. उज्जैन में भिक्षुकों को धार्मिक स्थलों से हटाने के साथ उनके विस्थापन की कार्रवाई तेजी से की जा रही है. इसके अलावा भोपाल जिला प्रशासन ने भी भिक्षुक मुक्त अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत इंदौर जैसी ही कार्रवाई राजधानी भोपाल में हो रही है. देश के अन्य शहरों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सके इसके लिए वर्ल्ड बैंक और केंद्रीय समाज कल्याण विभाग की टीम इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर रही है. इसके अलावा टीम उन भिक्षुकों के पास भी पहुंच रही है जो पहले भिक्षावृत्ति करते थे लेकिन अब स्वावलंबन के साथ स्वरोजगार से जुड़े हुए हैं. समाज कल्याण विभाग और वर्ल्ड बैंक अन्य शहरों के लिए भी कर रहा इस मॉडल को प्रमोट वहीं उनके बच्चे अन्य बच्चों के साथ स्कूल जा रहे हैं बल्कि उनके भविष्य सुधार की उम्मीदें भी शिक्षकों को नजर आ रही है. दरअसल देश के विभिन्न शहरों में यह समस्या है. जिसके फलस्वरूप अब इंदौर के इस मॉडल को समाज कल्याण विभाग और वर्ल्ड बैंक अन्य शहरों के लिए भी प्रमोट कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि इंदौर के इस मॉडल को जल्द ही भारत सरकार के स्तर पर अन्य शहरों में भी अपने के लिए दिशा निर्देश दिए जा सकते हैं जिससे कि देश के अन्य शहरों में भी लोगों को भिखारियों के कारण होने वाली समस्याओं से मुक्ति मिल सके सड़कों पर भीख मांगने को ही अपनी किस्मत मान चुके भिखारी को अन्य लोगों की तरह सामान्य जीवन जीने का अवसर मिल सके. केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 2024 में शुरू की भिक्षावृत्ति निर्मूलन की SMILE योजना दरअसल देश के अन्य शहरों की तरह साल भर पहले तक इंदौर में भी हर सड़क और चौराहे पर भिखारी भीख मांगते नजर आते थे. जिसकी वजह से सड़कों पर दुर्घटना और अन्य परेशानियां देखने को मिलती थी. इस बीच भारत सरकार ने देश के 9 शहरों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत भिक्षावृत्ति निर्मूलन के लिए चुना था. जिसके तहत सबसे पहले प्रयास इंदौर में शुरू हुए. इसी दरमियान 2024 में इंदौर जिला प्रशासन ने सामाजिक संस्था ‘प्रवेश’ तथा सामाजिक न्याय विभाग और महिला एवं बाल विकास की टीम के साथ ऐसी योजना तैयार की जिसमें भिखारियों का विस्थापन किया जा सके. साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थाई व्यवस्था हो सके. इसके लिए इंदौर शहर में भिक्षुकों के लिए रेस्क्यू अभियान की शुरुआत हुई. जिसके तहत इंदौर के चौराहों और सड़कों पर भीख मांगने वाले लोगों को पकड़ कर विस्थापन केंद्र भेजा जाने लगा जहां उन्हें आवास के साथ भोजन आदि की सुविधाएं उपलब्ध थी. इस दौरान अन्य राज्यों से भीख मांगने आने वाले भिखारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई. ‘प्रवेश’ की प्रमुख रूपाली जैन बताती हैं “इस अभियान में करीब 8000 भिखारियों का रेस्क्यू किया गया. उन्हें समाज सुधार केन्द्रों में भेजा गया. भिखारियों के बच्चों का आंगनबाड़ी और स्कूलों में कराया गया एडमिशन इन भिखारियों के साथ उनके करीब 1200 बच्चे थे जो शिक्षा के मौलिक अधिकार से भी दूर थे. लिहाजा सभी बच्चों का आंगनबाड़ियों और स्कूलों में न केवल एडमिशन कराया गया बल्कि उन्हें शिक्षा सामग्री, स्कूल ड्रेस और आधार कार्ड समेत अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए. इसी प्रकार सीएसआर फंड से बुजुर्ग भिखारियों का विभिन्न अस्पतालों में लाखों रुपये खर्चे से इलाज शुरू किया गया. जिन 228 भिखारियों को मानसिक बीमारी और नशे की लत थी उन्हें मानसिक रोग चिकित्सालय एवं उज्जैन के सेवा धाम आश्रम में नशा मुक्ति के लिए भेजा गया. इन भिखारियों में दो माफिया भिखारियों को जेल भेजा गया जबकि अन्य दो अपने राज्यों में लौट गए. इसी प्रकार अन्य राज्यों से माइग्रेट होकर आने वाले करीब 2000 से ज्यादा भिखारियों को सख्ती की वजह से अपने मूल स्थान पर लौटना पड़ा. इंदौर में भिखारियों की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि देने का किया गया प्रावधान लगातार चल इस अभियान के परिणामस्वरूप फिलहाल स्थिति यह है कि इंदौर में अब किसी भी सड़क और चौराहे पर भिखारी नजर नहीं आते. इसके अलावा इंदौर जिला प्रशासन ने एक ऐसा नंबर भी जारी किया जिस पर व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से सूचना देने पर तत्काल रेस्क्यू दल भिक्षुक को पकड़ कर उन्हें विस्थापन केंद्र भेजा जाने लगा. इसके लिए 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया. संबंधित नंबर पर जिन लोगों ने भिक्षकों की सूचना दी उन लोगों का न केवल इंदौर जिला प्रशासन ने सम्मान किया बल्कि उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी गई. इसके अलावा इंदौर में भिक्षावृत्ति को नागरिक संहिता 2023 की धारा 16312 के तहत नागरिक सुरक्षा अधिनियम में प्रतिबंधित किया गया. इसके बाद शहर में भीख मांगना न केवल अपराध घोषित किया गया बल्कि भीख देने वाले को भी धारा 144 के तहत गिरफ्तार करने का प्रावधान किया गया. इस प्रावधान के तहत कई लोगों के खिलाफ न केवल पुलिस प्रकरण दर्ज हुए बल्कि भिखारियों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा. जिसके सकारात्मक परिणाम अब उजागर हो रहे हैं. फिलहाल इंदौर अब देश का पहला भिक्षुक मुक्त शहर है जो अपने आप में एक मिसाल है.

सेना के ट्रक चालकों को मुफ्त भोजन, विश्राम और आवास मिलेगा, पेट्रोल पंपों पर सैन्य कर्मियों के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे

इंदौर  देश के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और सेवा भाव का परिचय देते हुए, इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने एक अहम घोषणा की है. ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बाद, अब पेट्रोल पंप संचालकों ने भी सेना के लिए अपना सहयोग और समर्थन व्यक्त किया है. एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि मध्य प्रदेश से युद्ध सामग्री लेकर गुजरने वाले सेना के ट्रकों के चालकों और अन्य सैन्य कर्मियों के लिए उनके सभी पेट्रोल पंपों पर मुफ्त भोजन, विश्राम और आवास की व्यवस्था की जाएगी. एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस पहल के पीछे की भावना को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह देशभक्ति के जज्बे से प्रेरित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पेट्रोल डीलर भी देश की सेवा में अपना योगदान देना चाहते हैं. उनकी इस घोषणा से स्पष्ट है कि समाज के हर वर्ग में देश के जवानों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना विद्यमान है. इस योजना के तहत, प्रदेश के उन सभी मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर विशेष इंतजाम किए जाएंगे, जहाँ से सेना के ट्रकों का आवागमन संभावित है. प्रत्येक पेट्रोल पंप पर सैन्य कर्मियों के ठहरने के लिए उचित स्थान सुनिश्चित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, उनके लिए पौष्टिक भोजन और सूखे मेवों के पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनकी यात्रा सुगम और आरामदायक बनी रहे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दिए जाने वाले खाद्य सामग्री दो से तीन दिनों तक खराब न हो, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें सुविधा रहे. सैन्य कर्मियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर आवश्यक जानकारी वाले बैनर और पोस्टर भी लगाए जाएंगे. इन पोस्टरों पर पेट्रोल पंप डीलर का संपर्क नंबर भी दिया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कर्मी उनसे सीधे संपर्क कर सकें. इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति के लिए हर पेट्रोल पंप पर प्राथमिक चिकित्सा किट (फर्स्ट एड किट) भी उपलब्ध रहेगी. इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन का यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि यह अन्य व्यापारिक संगठनों और नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है. यह दर्शाता है कि एकजुट होकर और छोटे-छोटे प्रयासों से भी देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है. इस पहल से निश्चित रूप से युद्ध सामग्री ले जा रहे सैन्य कर्मियों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल और ऊंचा होगा, जिससे वे अपने महत्वपूर्ण कार्य को और भी अधिक समर्पण के साथ कर सकेंगे. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब देश को हर नागरिक के समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है.  

सिमरन बनी सिंदूर, इस्लाम छोड़ अपनाया सनातन, मंदिर में लिए 7 फेरे, बताया क्यों बन गई हिंदू

खंडवा खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर एक बार फिर अनोखे विवाह का गवाह बना है। अपने प्रेम के लिए युवती ने अपने धर्म का त्याग कर हिन्दू समाज के युवक से शादी की। हिंदू रीति रिवाज से भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर एक दूसरे का हाथ थामा है। महादेवगढ़ मंदिर पर कोटा की सिमरन अंसारी सनातन धर्म अपनाकर सिंदूर बन गई। पापी पाकिस्तान शीघ्र समाप्त हो बता दें कि महादेवगढ़ मंदिर में  कोटा की सिमरन अंसारी ने प्रकाश सुमन से सनातन धर्म अपनाकर विवाह किया और सिंदूर नाम रख लिया। उसने बताया कि पहलगाम हमले के बाद सनातन में प्रवेश करने और नाम सिंदूर रखने का निर्णय लिया था। सिंदूर ने बताया, अपनी मर्जी से विवाह कर नाम सिंदूर रखा है। पापी पाकिस्तान शीघ्र समाप्त हो, इसके लिए भी आहुतियां दीं। निषात बनी मेघना तो अमरीन कहलाएगी अनुष्का सिमरन से पहले भी दो युवतियों ने अपने धर्म का त्याग कर हिन्दू समाज के दो युवकों से शादी की। सोमवार को महादेवगढ़ मंदिर पर छत्तीसगढ़ की निषात शेख सनातन धर्म अपनाकर मेघना बन गई। मेघना ने छत्तीसगढ़ के ही कमलजीत सिंह मेहरा से सनातन पद्धति से विवाह किया। साथ ही जसवाड़ी बेड़िया की अमरीन खान ने भी हिंदू धर्म अपनाकर अनुष्का बन सनातन पद्धति से शुभम राजपूत तलवाडिया से विवाह किया। मंदिर में पंडित राजेश पाराशर द्वारा सनातन वैदिक पद्धति से दोनों जोड़ों का विवाह करवाया है।

भोपाल एयरपोर्ट पर अब चेक-इन काउंटर उड़ान के निर्धारित समय से 75 मिनट पहले बंद हो जाएंगे

भोपाल  सीमा पर तनाव के बीच भोपाल समेेत सभी एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सुरक्षा बरती जा रही है। भोपाल एयरपोर्ट(Bhopal Airport) पर अब चेक-इन काउंटर उड़ान के निर्धारित समय से 75 मिनट पहले बंद हो जाएंगे। यह नियम घरेलू उड़ानों के लिए लागू है और यात्रियों को दो से तीन घंटे पहले चेक-इन करने की सलाह दी जा रही है। यदि आप चेक-इन के लिए निर्धारित समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचते हैं, तो बोर्डिंग पास प्राप्त करने में कोई समस्या नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, यदि आपकी फ्लाइट कैंसिल हो जाती है, तो नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सुविधाएं प्रदान करनी होंगी। सुरक्षा के मद्देनजर भोपाल और आरकेएमपी रेलवे स्टेशन पर लगेज स्कैनर लगा दिए गए हैं, जबकि शहर के बस स्टैंड पर हालात सामान्य बने हुए हैं। भोपाल से श्रीमाता वैष्णो देवी जाने वाली मालवा एक्सप्रेस ट्रेन में बीते 48 घंटों के दौरान बुकिंग में 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। इंडिगो ने चेंज, कैंसिलेशन चार्ज किया माफ इंडिगो ने एयरलाइंस ने भोपाल से दिल्ली होकर कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए श्रीनगर आने-जाने वाली सभी फ्लाइट के लिए यात्रा की तारीख या समय बदल चेंज और कैंसिल करने पर लगने वाला चार्ज पूरी तरह माफ कर दिया है। अब ये छूट 22 मई 2025 तक की यात्रा पर लागू होगी, बशर्ते आपकी बुकिंग 22 अप्रैल 2025 या उससे पहले की हो। एक्स पर किए पोस्ट के जरिए इंडिगो ने कहा -हम अपने यात्रियों की सुविधा के लिए यह छूट बढ़ा रहे हैं, ताकि वे बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के अपनी यात्रा की तारीख या समय बदल सकें या जरूरत पड़ने पर टिकट कैंसिल भी कर सकें। फ्लाइट कैंसिल करने पर मिलेगा पूरा पैसा एयर इंडिया(Air India Travel Advisory) और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घोषणा की है कि जो डिफेंस पर्सन डिफेंस किराए पर टिकट बुक करा चुके हैं, उन्हें 31 मई 2025 तक की यात्रा पर फ्लाइट कैंसिल करने पर पूरा पैसा वापस मिलेगा और रीशेड्यूल करने पर एक बार डिस्काउंट भी दिया जाएगा। सामान्य यात्री रिफंड प्राप्त करने के लिए एयर इंडिया की वेबसाइट या ऐप पर जाएं और मैनेज बुकिंग सेक्शन में जाकर रिफंड का रिक्वेस्ट करें। लाइट रीशेड्यूल करनी है तो आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर जो कैंसिलेशन का मैसेज आया है, उसमें दिए गए रीशेड्यूल लिंक पर क्लिक करके नई तारीख चुनें।

पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच होलकर स्टेडियम को बम धमकी, एमपीसीए को मिला धमकी भरा ई-मेल, पुलिस से की शिकायत

इंदौर पाकिस्तान से युद्ध के हालात के बीच मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) को धमकीभरा ई-मेल मिला है, जिसके शीर्षक में होलकर स्टेडियम को बम से उड़ाने और देशभर में स्लीपर सेल होने की धमकी दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने जांच प्रारंभ कर दी है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने आपरेशन सिंदूर प्रारंभ किया है। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया, जिसका भारतीय सेना ने जोरदार जवाब दिया। इस बीच शुक्रवार को मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन को एक मिला धमकीभरा मेल मिला है। हालांकि मेल में लिखी भाषा से किसी शरारती दिमाग की करतूत नजर आती है। मेल के शीर्षक में लिखा है, ‘आपके स्टेडियम में बम विस्फोट होगा।’ अस्पताल में भी ब्लास्ट की धमकी नीचे लिखा है, ‘पाकिस्तान से पंगा मत लो। अपनी सरकार को समझाओ। पाकिस्तान के विश्वसनीय स्लीपर सेल देशभर में हैं। ऑपरेशन सिंदूर के कारण आपके ‘अस्पताल’ में बम ब्लास्ट हो सकता है।’ स्टेडियम की जगह अस्पताल लिखने से माना जा रहा है कि किसी संदेश को कापी-पेस्ट किया है। एमपीसीए की शिकायत के बाद तुकोगंज थाने के बल के साथ ही बम निरोधक इकाई ने दो घंटे तक स्टेडियम का मुआयना किया। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। तुकोगंज टीआई को सूचना दी     हमें शुक्रवार सुबह एक ई-मेल मिला है, जिसमें स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस बारे में क्राइम ब्रांच और तुकोगंज पुलिस थाने के टीआई को सूचित किया था। पुलिस का दल जांच करने स्टेडियम आया था। – रोहित पंडित, प्रशासनिक अधिकारी, एमपीसीए, इंदौर  

MP में आज भी आंधी, हल्की बारिश के आसार, 40 से अधिक जिलों में अलर्ट,4 दिन रहेगा असर

भोपाल  मौसम विभाग के अनुमान के बावजूद भोपाल में शुक्रवार, 9 मई को मौसम सामान्य रहा। आज फिर यानी शनिवार,10 मई को इंदौर, भोपाल, उज्जैन-जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 40 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहेगा। IND ने इन जिलों में आंधी, हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अब 13 मई तक रहेगा आंधी-बारिश का मौसम। इन जिलों में बदला रहेगा मौमस शनिवार को जिन जिलों में मौसम बदला रहेगा, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, भिंड, दतिया, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, खरगोन जिले शामिल हैं। वहीं, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, बालाघाट, सिवनी, कटनी में भी हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर रह सकता है। कई जिलों में बारिश का दौर रहा, आंधी भी चली इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल, श्योपुर, बैतूल, हरदा, अनूपपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, खंडवा, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, देवास, खरगोन, पन्ना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सिंगरौली और शहडोल में भी हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। दूसरी ओर, पूरे प्रदेश में दिन का तापमान 40 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.2 डिग्री, इंदौर में 34 डिग्री, ग्वालियर में 37.6 डिग्री, उज्जैन में 34 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, सतना, सीधी और रीवा में भी पारा 39 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। इसलिए बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में दो सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। 13 मई तक हल्की बारिश गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम 10 मई को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, रीवा, मऊगंज, मुरैना, भिंड, दतिया, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी की संभावना है। 11 मई को इंदौर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, छतरपुर, दमोह, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना में गरज-चमक, आंधी और बारिश की संभावना है। 12 मई को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। इसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर शामिल हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से आंधी भी चल सकती है। 13 मई को भोपाल, विदिशा, रायसेन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज़ आंधी और बारिश होने की संभावना है।

बुंदेलखंड के किसानों की जिंदगी बदलेगी केन-बेतबा नदी जोड़ो परियोजना से +मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले के जागेश्वरनाथ मंदिर के नवनिर्माण का आज हम संकल्प ले रहे है। आज भगवान देवजागेश्वरनाथ का अभिषेक देश की पवित्र नदियों के जल और पवित्र धार्मिक स्थलों की मिट्टी से शिवलिंग का पूजन हुआ है। देवजागेश्वरनाथ मंदिर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कॉरिडोर से भगवान जागेश्वरनाथ मंदिर की भव्यता बढ़ेगी। मंदिर के कॉरिडोर बनने से मंदिर सहित क्षेत्र की भव्यता बढेगी, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के सुप्रसिद्ध देवजागेश्ववरनाथ मंदिर में 10 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रथम चरण के कॉरिडोर के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैश्विक नेता हैं। उनके नेतृत्व में बनारस में बाबा विश्वनाथ का धाम भव्य रूप ले चुका है। अयोध्या में भी भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना है। सनातन संस्कृति में 7 प्रमुख नगरियां हैं। जब अयोध्या का फैसला आया तो यह लोकतंत्र के गौरव का अवसर था, जिसका सभी धर्म के लोगों ने मिलकर स्वागत किया और एकजुटता दिखाई थी। इसी प्रकार आज जब सेना शौर्य दिखा रही है, तब भी देश एकजुट है। यही भारतीय लोकतंत्र की ताकत है, जिसे देखकर दुनिया अचंभित है। कार्यक्रम में पहलगाम आतंकी हमले के शिकार पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे धार्मिक पर्यटन केन्द्र युवाओं के लिए रोजगार के केन्द्र बनकर उभरेंगे। यहां आध्यात्म के साथ, शैक्षणिक और रोजगार मूलक गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इन कार्यों के लिए राज्य सरकार बजट की कोई कमी नहीं आने देगी। प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए अभियान चल रहा है। बुंदेलखंड के किसानों की स्थिति बेहतर करने और पेयजल संकट को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। मंदसौर में 3 मई को किसानों के लिए हुए कृषि मेले के ऐतिहासिक और सफल आयोजन के बाद अब 26 मई को नरसिंहपुर में कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। यहां खेती के आधुनिक उपकरण और खाद्य प्र-संस्करण की इकाइयों की जानकारी किसानों को मिलेगी। दमोह एवं निकटवर्ती जिलों के किसान बंधु भी नरसिंहपुर के कृषि मेले में आमंत्रित हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। अब घर-घर गाय होंगी और हर घर गोकुल होगा। प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गांव को आदर्श वृंदावन ग्राम बनाने का संकल्प लिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श और ज्ञान का प्रकाश चहुंओर फैलाने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन के निर्माण का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गूगल पर सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला ग्रंथ पवित्र गीता है। निश्चित ही गीता एक अद्वितीय ग्रंथ है। पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जागेश्वर धाम धार्मिक आस्था का केन्द्र है। कॉरिडोर की सौगात से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हुई है। लगभग 10 करोड़ की लागत से बनने वाले कॉरीडोर की नींव आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रखी है। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के आम नागरिकों, श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनायें दी। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक व धर्मस्य विभाग राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा देवजागेश्वरनाथ धाम बहुत ही दिव्य और भव्य बनेगा। कॉरिडोर में दुकान, फूड कोर्ट, संस्कृत विद्यालय और 12 ज्योतिर्लिंगों की  प्रतिकृति भी बनेगी।   पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा सहज और सरल स्वभाव के धनी हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बिना मांगे ही डॉ. यादव इच्छा पूरी कर देते हैं। उन्होंने देव जागेश्वर धाम कॉरिडोर के लिए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा देवजागेश्वरनाथ लोक की देश के 13 वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पहचान है। प्रथम चरण में लोक के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से आवश्यक कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक बुंदेलखंड की पहचान खजुराहो से थी आज से 5 साल बाद बुंदेलखंड देवजागेश्वर नाथ धाम के नाम से जाना जायेगा। बुंदेलखंड अब खजुराहो के साथ बांदकपुर धाम के नाम से भी जाना जाएगा। पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया ने कहा कि देवजागेश्वर नाथ लोक बनने से सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत भी मजबूत होगी। साथ ही रोजगार व व्यापार के नए अवसर का सृजन होगा। मुख्यमंत्री ने भगवान जागेश्वरनाथ का किया पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बांदकपुर में देवजागेश्वर नाथ की पूजा अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की। उन्होंने माता पार्वती का आर्शीवाद लिया। मंदिर कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश भर में पवित्र स्थलों पर बनाये गये कॉरीडोर की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बांदकपुर कॉरीडोर मॉडल को भी सराहा। मुख्यमंत्री ने साधु संतों का आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में साधु संतों का पुष्प वर्षा कर अभिनन्दन किया। उन्होंने संतो का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।  

मध्यप्रदेश बना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में शीर्ष राज्य

मध्यप्रदेश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में शीर्ष राज्य, यहां 2 Gbps स्पीड वाला SD-WAN एनेबल्ड SWAN नेटवर्क—खुद का डेटा सेंटर भी दो दिवसीय ‘AI भारत @ एमपी’ कार्यशाला में हुआ डिजिटल गवर्नेंस, आधार-अनुप्रयोग और तकनीकी नवाचारों पर मंथन मध्यप्रदेश बना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में शीर्ष राज्य भोपाल “AI भारत @ एमपी” कार्यशाला में डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी, समावेशी और नागरिकोन्मुखी बनाने के लिये ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (AI) और ‘आधार’ (UIADI) के प्रयोग की संभावनाओं पर विचार मंथन किया गया। दो दिनों में नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सरकारी प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में भागीदारी करते हुए नॉलेज शेयर और विचार-विमर्श किया। कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित 2 दिवसीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। कार्यशाला का आयोजन मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने संयुक्त रूप से किया। दूसरा दिन केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग और समन्वय को बेहतर बनाने पर केन्द्रित रहा। साथ ही डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत तकनीक आधारित प्रशासन के लिए रोडमैप पर भी विचार मंथन किया गया। मध्यप्रदेश बना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में शीर्ष राज्य कार्यशाला के दूसरे दिन समापन सत्र में MPSEDC के परियोजना निदेशक श्री गुरु प्रसाद ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ SD-WAN एनेबल्ड SWAN नेटवर्क स्थापित है। यह नेटवर्क 2 Gbps की स्पीड से संचालित हो रहा है। मध्यप्रदेश के पास 1 पेटाबाइट की क्षमता वाला स्वयं का डाटा सेंटर भी है। उन्होंने बताया कि ‘संपदा 2.0’ और एंड-टू-एंड सेवा ऑटोमेशन जैसे नवाचारों से मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। प्रदेश में एवीजीसी, ड्रोन, जीसीसी और सेमी-कंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में पॉलिसीज बनाकर उनकी गाइडलाइन्स भी जारी कर दी गई हैं। साझा सीख और सहयोग पर बल NeGD के निदेशक श्री जे. एल. गुप्ता ने बताया कि, इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाना था। राज्यों के अनुभव और मॉडल आरएफपी के आदान-प्रदान से हम डिजिटल परियोजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सभी डिजिटल इंडिया इनिशियेटिव्स के लिए एकीकृत हेल्पलाइन शुरू करने की दिशा में कार्य हो रहा है। इसके लिए राज्य स्तर पर आने वाली रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान परक प्रतिदिन वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग परक विचार-विमर्श किया जा रहा है। डिजिलॉकर और UMANG से नागरिकों को मिला सुरक्षित पेपरलेस स्टोरेज वॉलेट NeGD के वरिष्ठ प्रबंधक श्री प्रसून कुमार ने डिजिलॉकर का महत्व बताते हुए कहा कि यह दस्तावेज़ स्टोर करने की तकनीक के साथ ही नागरिकों के लिए पेपरलेस और सुरक्षित डिजिटल वॉलेट भी है। इसमें आधार, पैन, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और मार्कशीट जैसे दस्तावेज़ सहेज कर सुरक्षित रखे जा सकते हैं। श्री कुमार ने ‘एंटिटी लॉकर’ की भी जानकारी दीऔर बताया कि यहां एमएसएमई, ट्रस्ट और संस्थान अपने दस्तावेज़ सुरक्षित रूप से प्रबंधित रख सकते हैं। NeGD के उप महाप्रबंधक श्री अजीत कुमार ने कहा, UMANG ऐप से सुशासन और सुगम हो रहा है। इससे नागरिकों को एक ही मंच पर आधार, पैन और राज्य एवं केंद्र सरकार की कई अन्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बहुभाषीय इंटरफेस और 24×7 उपलब्धता के गुणों से UMANG मोबाइल-फर्स्ट गवर्नेंस का भविष्य सिद्ध हो रहा है। प्रौद्योगिकी सत्र और स्टार्टअप नवाचार कार्यशाला के अंतिम दिन तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023, साइबर सुरक्षा, ई-संजीवनी के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य और DIKSHA प्लेटफॉर्म से स्कूली शिक्षा जैसे विषयों पर प्रेजेंटेशन हुए। MeitY स्टार्ट-अप हब के सीईओ श्री पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल ने कहा कि हम नवाचार को केवल विचार नहीं, बल्कि परिवर्तन मानते हैं। नीति, निवेश और वैश्विक एक्सपोजर के माध्यम से हम स्टार्ट-अप्स को ग्लोबल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यशाला में डिजिटल इंडिया को जमीनी स्तर तक सफल बनाने के लिए नियमित परामर्श, कैपेसिटी-बिल्डिंग और पॉलिसी को-ऑर्डिनेशन को अत्यंत आवश्यक गया। प्रतिभागियों ने परस्पर सहयोग, अंतर-विभागीय संवाद और समावेशी एवं नवाचार आधारित सुशासन की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमित व्यक्त की।  

जनजातीय वर्ग की पहचान उनके विशेष पहनावे, भोजन, वस्त्रों, नृत्य, संगीत और वाद्य यंत्रों के माध्यम से भी की जाती : मंत्री डॉ. शाह

भोपाल जनजातीय कार्य एवं गैस राहत मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय शिल्प को बाजार उपलब्ध कराने के लिये संभाग एवं ट्रायबल के 20 जिलों में ट्रायबल मार्ट खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातीय कलाकारों को उनके उत्पाद का पूरा मूल्य नहीं मिल पाया। सभी शिल्पकारों और कलाकारों को उनके उत्पाद के माध्यम से उचित मूल्य दिलाकर उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सुदृढ़ और सशक्त बनाया जायेगा। मंत्री डॉ. शाह शुक्रवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनजातीय शिल्पग्राम महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर अतिथि कलाकारों को संबोधित कर रहे थे। तीन दिवसीय शिल्प महोत्सव में प्रदेश के जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित विभिन्न शिल्प कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजातीय स्वरूप को संरक्षित करने की आवश्यकता है। जनजातीय वर्ग की पहचान उनके विशेष पहनावे, भोजन, वस्त्रों, नृत्य, संगीत और वाद्य यंत्रों के माध्यम से भी की जाती है। उनकी पारंपरिक वेषभूषा एवं तीज-त्यौहारों के महत्व को हम समझते हैं। परन्तु आधुनिकता के साथ उनकी यह पारंपरिक पहचान लुप्त सी होने लगी हैं। इसे जीवित रखने के उद्देश्य से इस शिल्प ग्राम महोत्सव के माध्यम से ट्रेनर्स के लिये ट्रेनिंग कार्यक्रम रखे गये हैं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि शिल्प उत्पादों को पहचान दिलाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रयासरत है। इस अनुक्रम में नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन भोपाल के माध्यम से “आदिरंग” प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जा रहा है। इससे जनजातीय शिल्पकारेां को उनके कौशल उन्नयन करेंगे। इस प्रकार प्रशिक्षित हमारे कलाकार अन्य शिल्पियों और कलाकारों को प्रशिक्षित करेंगे। जनजातीय शिल्प महोत्सव पर रवीन्द्र भवन परिसर में प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट शिल्प कलाओं में यथा माटी शिल्प, होम आर्किटेक्चर, पेन्टिंग्स के अलावा जनजातीय व्यंजनों के भी स्टॉल लगाकार प्रदर्शन किया गया। प्रदेश के विभिन्न ट्रायबल जिलों से पधारे कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों में राज्य अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए 3 दिवसीय कार्यक्रम के बारे में अवगत कराया। आयुक्त श्री श्रीमन शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसीएस जनजाति श्री विनोद कुमार, प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, आयुक्त जनजातीय श्री श्रीमन शुक्ला, संचालक श्रीमती वंदना वैद्य सहित अनेक कलाकर और अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें, अधिकारी मैदान में दिखें, जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय परिस्थितियों और वर्तमान परिदृश्य के दृष्टिगत शुक्रवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक कर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधों पर गहन चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए। शुक्रवार प्रात: भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा कर निर्देश दिए थे। प्रदेश के मैदानी अधिकारियों के साथ शाम को हुई बैठक में विभिन्न प्राथमिकताओं पर चर्चा की। बैठक में भारत सरकार से प्राप्त विस्तृत दिशा-निर्देशों की जानकारी से जिलों को अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। अधिकारी मैदान में दिखें। जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए और आवश्यक जनसहयोग प्राप्त किया जाए। आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने में भी वॉलिंटियर्स का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में रिटायर्ड फौजियों सहित सामाजिक कार्यों से जुड़े वॉलिंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अपराधियों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाए। घटना घटित होने के पूर्व आवश्यक सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि नागरिकों के लिए आवश्यक सेवाएं भी समानांतर रूप से प्रदान करने का कार्य होता रहे। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के अलावा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष कार्य करेंगे। सभी नियंत्रण कक्ष वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित होंगे। फायर ब्रिगेड सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली की सप्लाई, पेयजल व्यवस्था नियमित रूप से बनी रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।  सभी जिलों में की जाएगी मॉक ड्रिल, भ्रामक कंटेंट पर होगी सख्त कार्रवाई बैठक में निर्देशित किया गया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट भेजने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। वरिष्ठ अधिकारी अवकाश पर नहीं जाएंगे। सभी जिलों में इमरजेंसी सेवाएं सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के संबंध में भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन का कार्य होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि आवश्यक सायरन की व्यवस्था भी जिलों में रहेगी। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नागरिकों को सुरक्षा के लिए सजग किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार वॉलिंटियर्स एवं नागरिकों को प्रशिक्षित करने का कार्य भी किया जाएगा। जिलों में मॉक ड्रिल भी समय-समय पर होगी और रात्रि गश्त पुलिस की ओर से निरंतर होगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, होमगार्ड महानिदेशक अरविंद कुमार, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साई मनोहर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

खनिज साधन विभाग के वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रस्तावित कार्य-योजना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में खनिज साधन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। विभाग द्वारा 10 हजार 290 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त किया गया है, जो अभी तक प्राप्त खनिज राजस्व में सबसे अधिक है। मध्यप्रदेश खनिजों की खोज एवं भण्डारण प्रमाणन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। खनिज साधन विभाग द्वारा खनिजों की खोज के लिये पूर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत प्रदेश में 76 क्षेत्रों पर खनिजों की खोज एवं भण्डारण प्रमाणन के लिये अन्वेषण कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। इन क्षेत्रों में से 30 क्षेत्रों में स्ट्रेटेजिक एवं क्रिटिकल मिनरल्स में रॉक-फास्फेट, ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट, प्लेटिनम और दुर्लभ धातु के अन्वेषण का कार्य किया जा रहा है। अन्वेषण के बाद खनिज भण्डारण प्रमाणित होने पर इन क्षेत्रों को नीलामी में रखा जायेगा। खनिज साधन विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में 31 मुख्य खनिज ब्लॉक सफलतापूर्वक नीलाम किये गये, जो कि पूर्व में किसी वित्तीय वर्ष में किये गये खनिज ब्लॉक की नीलामी से सर्वाधिक हैं। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 में किये गये नीलामी प्रावधान के बाद प्रदेश में 100 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गयी। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। भारत सरकार द्वारा जनवरी-2025 में आयोजित स्टेट माइनिंग मिनिस्टर कॉन्फ्रेंस में वित्तीय वर्ष 2023-24 में खनिज ब्लॉकों की नीलामी में अनुकरणीय कार्य किये जाने के लिये खनिज साधन विभाग को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। माइनिंग कॉन्क्लेव-2024 भोपाल में विभाग द्वारा खनिज आधारित उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने एवं खनन क्षेत्र में उपयोगी नवीन तकनीक को साझा करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में खनन क्षेत्र की 33 कम्पनियों तथा 1500 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खनिज साधन विभाग द्वारा रेत खदानों का निवर्तन के अंतर्गत ई-निविदा सह नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 रेत समूहों के संचालन के लिये माइन डेवलपर एवं ऑपरेटर का चयन किया गया। मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम द्वारा 728 रेत खदानों के संचालन के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्त की गयीं। विभाग द्वारा जिला खनिज प्रतिष्ठान के अंतर्गत प्राप्त राशि से खनन प्रभावित जिलों में विभिन्न विकास कार्यों के लिये वित्तीय वर्ष 2024-25 में 478 करोड़ रुपये के 4208 कार्य स्वीकृत किये गये। इसी वित्तीय वर्ष में पूर्व से चल रहे 2120 कार्यों, जिनकी लागत 653 करोड़ रुपये थी, के कार्य पूर्ण किये गये।  खनिज साधन विभाग के वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रस्तावित कार्य-योजना खनिज विभाग द्वारा खनिज राजस्व प्राप्ति के लिये वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नीलाम किये गये 24 मुख्य खनिज ब्लॉक तथा 9 अकार्यशील खदानों का संचालन प्रारंभ किया जायेगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिये खनिज साधन विभाग के लक्ष्य निर्धारित कर लिये गये हैं। खनिज साधन विभाग द्वारा 100 मुख्य खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिये ई-निविदा जारी की जायेगी। समेकित अनुज्ञप्ति के 8 खनिज ब्लॉकों में पर्यवेक्षण कार्य प्रारंभ किया जायेगा। साथ ही 10 खनिज ब्लॉकों में समेकित अनुज्ञप्ति के स्वीकृति आदेश जारी किये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4 मुख्य खनिज ब्लॉक में समस्त वैधानिक अनुमतियाँ प्राप्त कर नीलाम किये जाने की योजना बनायी गयी है। खनिज साधन विभाग द्वारा भारत सरकार द्वारा आवंटित 4 कोयला ब्लॉकों का संचालन प्रारंभ किया जाना है। पर्यवेक्षण कार्य 20 क्षेत्रों में पूर्ण कर खनिज उपलब्धता प्रमाणित होने पर इन क्षेत्रों पर खनिज ब्लॉक की नीलामी की जायेगी। साथ ही 82 नवीन क्षेत्रों पर खनिज की खोज के लिये पर्यवेक्षण कार्य प्रारंभ किया जायेगा। अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोकथाम के लिये प्रदेश में खनिज परिवहन के लिये चिन्हित मार्गों के 41 स्थानों पर ई-चेकगेट की स्थापना की जा रही है। इसके अतिरिक्त खनिजों के अवैध उत्खनन की निगरानी के लिये उपग्रह आधारित खनन निगरानी प्रणाली का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है।  

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