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रहवासियों ने सड़कों के निर्माण, सीवेज नेटवर्क के सुधार सहित अन्य ज़रूरी माँगों के संबंध में राज्यमंत्री श्रीमती गौर का ध्यान आकृष्ट कराया

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र की सोनागिरी सहित अन्य कालोनियों में रहवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने अधिकारियों को एक निश्चित समय-सीमा में समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। स्थानीय रहवासियों ने सड़कों के निर्माण, सीवेज नेटवर्क के सुधार सहित अन्य ज़रूरी माँगों के संबंध में राज्यमंत्री श्रीमती गौर का ध्यान आकृष्ट कराया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि जरूरतमंदों की थाली में स्वाद, सम्मान और संपूर्ण पोषण बना रहे, इसी भावना से वह दीनदयाल रसोई घर, सोनागिरी का निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, सफाई और संचालन संबंधी दिशा-निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अयोध्या बायपास स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटन सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर मिल सके। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अयोध्या एक्सटेंशन लेक सिटी में भ्रमण कर नागरिको से भेंट की। क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शन, सीवेज नेटवर्क को लेकर कुछ समस्या लोगों ने बताई, जिसके निराकरण के लिए उन्होंने त्वरित निर्देश दिए। अयोध्या एक्सटेंशन हाउसिंग बोर्ड एंव अयोध्या एक्सटेंशन सी-सेक्टर के रहवासियों से जनसंवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। पेयजल पाइप-लाइन में लीकेज की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। यहां के रहवासियों ने पार्क की फेंसिंग कर सौंदर्यीकरण की मांग की और महिलाओं ने रात के समय पुलिस गश्त नहीं होने की शिकायत की। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को समय-समय पर पुलिस गश्त करने और अपराध रोकने की निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बसंत कुंज में पार्क की फेंसिंग करने और गार्डन की सफाई के निर्देश दिए। आजाद नगर, अमृत कुंज के रहवासियों ने बताया कि हाई टेंशन लाइन घर के ऊपर से गुजर रही है, जिससे हादसे होते हैं। नागरिकों ने इसे शिफ्ट करने की मांग की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को कवर कंडक्टर लगाकर हाईटेंशन लाइन को घरों से दूर करने के निर्देश दिए और सर्वे कर आगे की कार्यवाही करने के लिए कहा। भेल नगर कॉलोनी, गुप्ता कॉलोनी, प्रेस कॉलोनी और आनंद नगर के रहवासियों ने नाली निर्माण, सफाई नहीं होने और एक ही ट्रांसफार्मर से कई कॉलोनी में बिजली सप्लाई की समस्या से अवगत कराया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, संतोष ग्वाल, प्रतीक पाराशर, मनोज विश्वकर्मा, बृजेश व्यास सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, कार्यकर्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी भ्रमण के दौरान उपस्थित थे।  

विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वॉटर रिचार्ज परियोजना ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज के एम.ओ.यू पर होंगे हस्ताक्षर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में “मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र अंतर्राज्यीय नियंत्रण मंडल” की 28वीं बैठक 10 मई को अपरान्ह 3 बजे से मंत्रालय वल्लभ भवन में होगी। इसी दिन विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज परियोजना “ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज” के एम.ओ.यू. पर मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र सरकार द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के लिए यह सौभाग्य एवं गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद यह मध्यप्रदेश की तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना होगी। “ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना” विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रिचार्ज परियोजना है। परियोजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा। इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना से मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हैक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल 4 तहसीलें लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हम इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना से महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों की संयुक्त परियोजना है। इस योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हैक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 सेक्टर में सिंचाई प्रस्तावित है. योजना में भूजल भंडारण का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा तहसीलें लाभान्वित होंगी। इस योजना में पूर्व में पारंपरिक भंडारण हेतु 66 टीएमसी क्षमता का जल भराव बाँध प्रस्तावित किया गया था, जिससे 17 हज़ार हैक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हो रही थी, जिसमें वन भूमि एवं बाघ अभ्यारण की भूमि भी शामिल थी। इसके अलावा 73 गांव की लगभग 14 हजार जनसंख्या भी प्रभावित हो रही थी। अब इस अवरोध को दूर करते हुए पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भूजल पुनर्भरण योजना द्वारा जल भंडारण प्रस्तावित किया गया है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य रूप से 4 जल संरचनाएं प्रस्तावित खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर :– यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्यप्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है. इसकी जल भराव क्षमता 8.31 टीएमसी प्रस्तावित है। दाई तट नहर प्रथम चरण :- प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर क़े दाएं तट से 221 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है, जो मध्यप्रदेश में 110 किलोमीटर बनेगी. इस नहर से मध्यप्रदेश के 55 हज़ार 89 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। बाई तट नहर प्रथम चरण :- प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर के बाएं तट से 135.64 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है जो मध्यप्रदेश में 100.42 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 44 हज़ार 993 हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। बाईं तट नहर द्वितीय चरण :- यह नहर बाईं तट नहर प्रथम चरण के आर डी 90.89 किलोमीटर से 14 किलोमीटर लम्बी टनल के माध्यम से प्रवाहित होगी। इसकी लंबाई 123.97 किलोमीटर होगी, जिससे केवल महाराष्ट्र के 80 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है।  

राज्यपाल से मिले प्रदेश कॉडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों से कहा  कहा है कि अतिथि देवों भव: के लोकाचार के समान नागरिक देवों भव: के सिद्धांत पर कार्य करने वाले अधिकारी के रूप में पहचान बनाएं। केवल प्रशासक के रूप में नहीं, विकसित भारत के वास्तुकार की तरह जिम्मेदारियों को समर्पण और करुणा के साथ पूरा करें। राज्यपाल पटेल आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु परिवीक्षाधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल से भारतीय प्रशासनिक सेवा वर्ष 2024 के मध्यप्रदेश कॉडर के अधिकारियों ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातीय बहुल राज्य है। इसका विकास तभी संभव है, जब जनजातियों के कल्याण और विकास के प्रयासों में सहानुभूति और समानुभूति हो। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारी जो नीतियाँ है, जो निर्णय हुए है और जो काम वह कर रहे है, वह अगले हजार वर्षों के भविष्य को आकार देने वाले हैं। समय की मांग है कि प्रशासनिक अधिकारी कार्य प्रक्रिया और नीति निर्माण आने वाले वर्षों के समग्र भारत के विकास के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के अनुसार करें। भारत के समग्र विकास का मतलब यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गांव, कोई भी परिवार और कोई भी नागरिक विकास के पथ पर पीछे नहीं छूटे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी को सेवक के भाव से कार्य करना चाहिए। व्यवहार और भाषा में विनम्रता और संवेदनशीलता जरूरी है। गरीबी, अभाव और अज्ञानता से जूझ रहे लोगों तक विकास को पहुँचाना प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि वंचितों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विकसित भारत अभियान के द्वारा पूरी सरकार उनके द्वार पर पहुँची थी। राज्यपाल के रूप में स्वयं उन्होंने 21 जिलों में भ्रमण किया था। उन्होंने कहा कि अधिकारी के रूप में आपको वंचितों के प्रति सहानुभूति और समानुभूति के साथ कार्य करना होगा, इसलिए सबसे पिछड़े क्षेत्र और व्यक्तियों तक पहुँचने को प्राथमिकता दे। उनके अभावों, अपेक्षाओं और आवश्यकता का अनुभव करें। उनको दूर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान ऐसे पालक मिलेंगे जो स्कूल दूर होने के कारण बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे होंगे। उनकी समस्या के समाधान में आपका सहयोग बहुत जरूरी है। उनको अपने व्यवहार से बताए कि आप उनके सेवक है। राज्यपाल पटेल ने वंचित के घर पीने के लिए पानी मांगने का दृष्टांत सुनाया। अधिकारी ने वंचित वर्ग के घर पहुँच कर पीने का पानी मांगा। देर से पानी आने पर पीने से पहले विलंब का कारण पूछा, जब पता चला कि पानी का बर्तन मांग कर लाने के कारण विलंब हुआ है तो उन्होंने पानी नहीं पिया। कहा कि वह घर में उपलब्ध बर्तन में ही पानी पिएंगे। अधिकारी की इस चैतन्यता और व्यवहार ने उसके सामने बस्ती के वंचितों की स्थिति का पूरा खाका खींच दिया। साथ ही परिवार के साथ आत्मीयता के संबंध से वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी प्राप्त कर लिया। राज्यपाल को अकादमी की ओर से स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम भेंट किया। संचालक नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक मुजीर्बुरहमान खान ने स्वागत उद्बोधन दिया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के 52 सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया की आकदमी में अधिकारी 5 सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। शेष अवधि में जिला स्तर विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का अनुभव प्राप्त करेंगे। अधिकारियों को प्रशिक्षण से संबंधी विभागीय परीक्षा भी देनी होगी। राज्यपाल को भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अनिकेत शॉडिल्य ने प्रशिक्षण के अनुभव की जानकारी दी। आभार प्रदर्शन अकादमी की विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुनेहा भारतीय ने किया।  इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, प्रशिक्षु अधिकारी सुनवकिरण कौर, आशीष कुमार, आकाश अग्रवाल, पाटिल आशीष अशोक, सुशिर श्रीकृष्ण श्रीराम, कुलदीप पटेल, फरहान इरफान जमादार और ऋषिकेश विजय ठाकरे उपस्थित थे।  

भारत-पाक तनाव के बीच प्रदेश में पुलिस समेत 13 सरकारी विभागों की छुट्टियां निरस्त, मंत्रालय से आदेश जारी

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है. मंत्रालय से जारी एक आदेश में पुलिस सहित 13 सरकारी विभागों के कर्मचारियों की सभी छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं. साथ ही, छुट्टी पर गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत अपने मुख्यालय लौटने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों पर चर्चा हुई. आदेश में कहा गया है कि सभी शासकीय सेवक अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. विशेष परिस्थितियों, जैसे स्वयं या परिवार में विवाह, प्रसव, संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, या अप्रत्याशित घटना के मामलों में ही जिला स्तर पर कलेक्टर और राज्य स्तर पर विभाग के भारसाधक सचिव द्वारा अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा. अन्य विभागों के कर्मचारियों के अवकाश आवेदनों पर भी केवल अति आवश्यक स्थिति में ही सक्षम स्तर से स्वीकृति दी जाएगी. यह कदम भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत उठाया गया है. सरकार ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और जरूरी सेवाओं को निर्बाध रूप से चलाने के निर्देश दिए हैं. इस 13 विभागों की छुट्टियां निरस्त:-   लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग   गृह विभाग   ऊर्जा विभाग   नगरीय विकास एवं आवास विभाग   पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग   लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग   खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग   लोक निर्माण विभाग   राजस्व विभाग   सामान्य प्रशासन विभाग   जल संसाधन विभाग   नर्मदा घाटी विकास विभाग   परिवहन विभाग इन परिस्थितियों में मिलेगी छुट्टी     आवश्यक चिकित्सा उपचार या बीमरी     दुर्घटना या आपातकालीन स्वास्थ्य कारण     परिवार में विवाह या अत्यावश्यक घरेलू कारण नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति के लिए सभी विभाग सजगता के साथ तैयार रहें। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जरूरी नागरिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी विभाग अपनी-अपनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से लागू करें। राष्ट्र विरोधी किसी भी प्रचार पर सख्ती से अंकुश लगाएं। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की लिए प्रेरित और सूचित करें। इंटरनेट मीडिया पर पुलिस नजर रखे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों को आदेश दिए कि सभी अधिकारी मुख्यालय पर रहें। केवल स्वयं या स्वयं के परिवार में विवाह, प्रसूति एवं संतान पालन, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, स्वयं के परिवार में घटित अप्रत्याशित घटना आदि के संबंध में कलेक्टर एवं राज्य स्तर पर विभाग के सचिव द्वारा ही अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर ध्यान दें मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की चहुंओर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो। आसपास पुलिस बल तैनात किया जाए। स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यकताओं को मजबूत कर लें। आपात स्थिति से निपटने के लिए सूक्ष्म स्तर पर तैयारी रखें और अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें। आवश्यकता पर सेवानिवृत्त सैनिकों और स्वयंसेवियों की सेवाएं भी लें। उन्हें पहले से चिह्नित करके रखें। समय-समय पर माकड्रिल आयोजित की जाए जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाए। अपराधियों के साथ किसी तरह नरमी नहीं बरती जाए। जिलों में माकड्रिल भी समय-समय पर आयोजित की जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं। फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी की आपूर्ति नियमित रूप से बनी रहे, इसका प्रबंध किया जाएगा। पुलिस लगातार रात्रि गश्त करेगी। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल व दवाओं का रखें भंडार उधर, गृह विभाग ने देर रात सभी कलेक्टरों को दिशानिर्देश जारी किए। इसमें कहा गया कि अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाइयां व उपकरण उपलब्ध रहें। डॉक्टर मय स्टाफ उपस्थित रहें। ब्लड बैंक में सभी ग्रुपों के रक्त की पर्याप्त उपलब्धता रहे। सायरन व्यवस्था सहित माकड्रिल में रही कमियों को दूर किया जाए। आपात स्थिति में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस इत्यादि उपलब्ध रहें। लोग खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण नहीं करें। यह करना होगा     जिन अस्पतालों व स्कूलों में रहने की अस्थायी सुविधा हो सकती है, वहां जनरेटरों की व्यवस्था करें।     पीएचई विभाग की जिम्मेदारी होगी कि आपात स्थिति में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रहे।     जिलों के अतिसंवेदनशील स्थल जैसे अस्पताल, पावर प्लांट, तेल एवं गैस के डिपो, धार्मिक स्थल, भारत सरकार के संस्थान की जानकारी अद्यतन कर रखी जाए। उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए।     ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाए।     अग्निशमन, संचार सेवा, सार्वजनिक उद्घोषणा व्यवस्था दुरुस्त रखें। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई करें : डीजीपी पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी जोनल आइजी, डीआइजी और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर चर्चा कर तैयारियां रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा-सायरन व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। असामाजिक तत्वों और माहौल खराब करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिले के प्रमुख स्थानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। दीपावली के खिलौनों की तरह दुश्मनों के मिसाइल नष्ट कर रहा एयर डिफेंस सिस्टम उधर, भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के दुश्मन पाकिस्तान और सभी आतंकवादी द्वारा छोड़े गए घातक मिसाइल, राकेट को हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने दीपावली के खिलौनों की तरह हवा में ही नष्ट कर दिए। अभी हमारे जवान अपनी मर्यादा में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को जमीन में गाड़ने की जो बात कही थी, उसी क्रम में आतंकी अजहर मसूद के खानदान को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। हमारी सेना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है और पाकिस्तान की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देकर अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय दे रही है। दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए पूरा देश एकजुट है।  

मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है आगे : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। साथ ही फसलों के उत्पादन में रिकार्ड बनाया। प्रदेश को लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड मिला है। मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश दालों के उत्पादन में प्रथम स्थान पर, खाद्यान उत्पादन में द्वितीय स्थान पर एवं तिलहन उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। तृतीय फसली क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है। नरवाई जलाने को हतोत्साहित करने कुछ प्रतिबंध भी लगाये गये है। इसमें नरवाई जलाने की घटना वाले कृषकों को आगामी एक वर्ष के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार रूपये का भुगतान नहीं किये जाने साथ ही आगामी एक वर्ष के लिए उनकी उपज का उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं करना भी शामिल है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में कृषि उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण अंतर्गत कई कार्यक्रम किये जा रहे है, जिससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। खरीफ 2024 के धान उत्पादक कृषकों को जिन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया है, उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। चार हजार रूपये प्रति हैक्टेयर की दर से प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जायेगा, जिसमें एक कृषक को अधिकतम दस हजार रूपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में प्रदाय की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा रबी 2024-25 में उपार्जित गेहूँ पर 175 रुपए प्रति क्विटंल प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में लगभग 83.50 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1770 करोड़ रुपए उनके खाते में सिंगल क्लिक के माध्यम से 24 फरवरी, 2025 को जमा किए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 10 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 81 लाख से अधिक किसानों को 1624 करोड़ रुपए उनके बैंक खाते में सिंगल क्लिक से जमा किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार भारत सरकार की सपोर्ट प्राइस स्कीम में सोयाबीन का उपार्जन किया गया, जिसमें 2 लाख 12 हजार 568 कृषकों से 6.22 लाख मीट्रिक मात्रा का उपार्जन किया गया, जिसके न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि 3043.04 करोड़ रुपए है। श्रीअन्न के उत्पादन को बढावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न (मोटा अनाज) प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। इसमें किसानों को 3900 रुपए प्रति हैक्टेयर डी.बी.टी. के माध्यम से उनके बैंक खाते में देय होंगे। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ ही फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सॉयल हेल्थ कार्ड और सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि का लाभ भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल के नुकसान का समय पर आंकलन एवं राहत राशि का वितरण किसानों को समय पर मध्यप्रदेश में मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन और दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एनसीआईपी पोर्टल के साथ अपने भूमि रिकॉर्ड को सफलतापूर्वक एकीकृत करने एवं इस पोर्टल को और अधिक किसान अनुकूल बनाने के लिए ‘उत्कृष्टता प्रमाण पत्र’ प्रदान किया गया है। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने हेतु शासन द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजनांतर्गत प्रदेश में 89 दीदिओं को स्वाबलंबी बनाया गया है। इनके माध्यम से 4200 हैक्टेयर में तरल उर्वरक का छिड़काव तथा राशि रूपये 21.22 लाख की शुद्ध आय प्राप्त की। इस वर्ष 2025-26 में 1066 दीदियों को इसका लाभ दिया जा रहा है। कृषकों को फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिये शासन द्वारा कई कदम उठाये गये हैं, जिसमें प्रदेश स्तर पर 46,800 से अधिक नरवाई प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्र अनुदान पर वितरित करते हुए 412 करोड़ रूपये की अनुदान राशि जारी की गई है। प्रदेश में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, रिलायंस एवं गेल कंपनी द्वारा स्थापित किये जा रहे सीबीजी प्लांट में फसल अवशेष से कम्प्रेस बायो गैस निर्माण की जायेगी, इसके लिये राज्य सरकार ने नरवाई प्रबंधन से संबंधित हाईटेक हब केन्द्र स्थापना पर हितग्राही को अधिकतम 97.50 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदाय किये जाने के लिये विभागीय कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से ट्रैक्टर सर्विस मैकेनिक तथा कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण देश की प्रतिष्ठित निर्माता कंपनी के सहयोग से दिया जाता है। विभागीय केन्द्रों के माध्यम से वर्ष 2024-25 तक 7361 प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें से 1939 प्रशिक्षणार्थियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ। कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से किसान ड्रोन पायलट प्रशिक्षण एवं ड्रोन तकनीशियन का प्रशिक्षण प्रदान कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में 50 प्रतिशत शुल्क का भुगतान राज्य शासन द्वारा वहन किया जा रहा है। कुल 412 युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण तथा 33 प्रशिक्षणार्थियों को ड्रोन तकनीशियन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया । कृषकों को सस्ती दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने एवं ग्रामीण युवाओं को स्वावलंबी बनाये जाने के लिये शासन के जन संकल्प पत्र-2023 के अनुपालन में हर वर्ष 1000 कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। पूरे देश में इस योजना की पहल मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2012 में की गई तथा अब तक 4730 कस्टम हायरिंग केन्द्र प्रदेश स्तर पर स्थापित होकर कृषकों को लाभ दे रहे है। 

सेना में ज्यादा से ज्यादा पहुंचे अग्निवीर, अब थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे, भर्ती प्रक्रिया में बदले नियम

ग्वालियर सेना की भर्ती प्रक्रिया में अब ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक अग्निवीर मिल सकें। इसके लिए दो साल पहले लिखित परीक्षा पहले कराने का प्रयोग हुआ, ताकि उसे उत्तीर्ण करने वालों को ही शारीरिक दक्षता निकालने का मौका मिल सके। पहले शारीरिक दक्षता निकालने करने के बाद लिखित परीक्षा में बैठने वालों को उत्तीर्ण न होने की स्थिति में बेहद अफसोस होता था। इस नियम के बाद अब इस बार दौड़ का समय 30 सेकंड तक बढ़ा दिया गया है। अब अभ्यर्थियों को 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने के लिए छह मिनट 15 सेकंड का समय मिलेगा, जो पहले पांच मिनट 45 सेकंड तक था। हालांकि जैसे-जैसे दौड़ का समय पांच मिनट 30 सेकंड से ऊपर जाएगा, वैसे-वैसे प्राप्तांक कम होंगे। थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे पहले पांच मिनट 30 सेकंड से लेकर पांच मिनट 45 सेकंड तक की समयावधि में 1600 मीटर दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को ही क्वालिफाई माना जाता था। इसके बाद जो छह मिनट या इससे थोड़े अधिक समय में दौड़ पूरी करेंगे। उन्हें भी बाहर नहीं किया जाएगा। पहले सिर्फ दौड़ इस अवधि में पूरी न करने पर कई अच्छे शारीरिक शौष्ठव वाले और अच्छे बौद्धिक स्तर वाले नवयुवक भी बाहर हो जाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अब 6.15 मिनट तक 1600 मीटर दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को भी बाहर नहीं किया जाएगा। बस इनके अंक कम हो जाएंगे, जिन्हें वे आगे के चरणों में बढ़ाकर चयन पा सकते हैं।   चयन प्रतिशत बढ़ेगा इस नियम से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब चयन प्रतिशत बढ़ जाएगा। जब दौड़ में अधिक संख्या में अभ्यर्थी चयनित हो जाएंगे तो सिर्फ 5.30 मिनट से लेकर 5.45 मिनट में दौड़ न पूरी करने की वजह से ही अभ्यर्थी बाहर नहीं होंगे। अब शारीरिक परीक्षा में समूह ग्रुप बनाए जाएंगे, खासकर दौड़ और पुलअप में। इसमें दौड़ पूरी करने के समय और पुलअप की संख्या के आधार पर समूहों में बांटा जाएगा।

अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है:मंत्री शिवराज सिंह चौहान

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि “अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत में अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के तौर पर इस समय जो हमारी ड्यूटी है, उसकी पूरी तैयारी है. उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि 2023-24 में जो कुल खाद्यान्न का उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. वो अब तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है. देश में गेंहू, धान, दलहन और तिलहन समेत सब्जी तरकारी भी पर्याप्त मात्रा में है. कृषि मंत्री शिवराज का बयान, चिंता नहीं भंडार भरे हैं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्न की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “कृषि विभाग के तौर पर हमारी जवाबदारी देश में खाद्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की इन परिस्थितियों में क्या ड्यूटी है. हमारी उसको लेकर पूरी तैयारी है. जवान भी तैयार हैं, किसान और वैज्ञानिक भी तैयार हैं. शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने आंकड़ें देकर बताया कि आज की स्थिति में देश में तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है. 2023-24 में कुल खाद्न्न उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. जो 2025-26 में बढ़कर तीन हजार 474 दशमलव 42 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. इसी तरह तरह से चावल की भी कोई कमी नहीं है. 2023-24 में एक हजार 378.25 मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल एक हजार चार सौ 64.02 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है. वही गेहूं पिछले वर्ष 1132 लाख मीटिक टन था, जो अब बढ़कर 1154 लाख मीट्रिक टन हो चुका है. शिवराज ने कहा कि विपरीत मौसम में भी अन्नदाता ने ये कमाल कर दिखाया है. उन्होंने बताया कि दलहन 250.97 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है. इसी तरह से तिलहन में 428.98 लाख मीट्रिक टन है. इसी तरह से बागवानी फसलें 3621 लाख मीट्रिक टन हुई हैं. मुख्य सब्जियों में आलू 595 लाख मीट्रिक टन, प्याज 288 लाख मीट्रिक टन, टमाटर 215 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है.” सीमा पर जवान तैनात खेत में किसान तैयार कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “भारत माता के चरणों में सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए पूरा देश तत्पर है. एक तरफ सीमा पर हमारे जवान तैनात हैं. पाकिस्तान के हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है. दूसरी तरफ खेतों में किसान तैयार है. शिवराज ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने नारा दिया था. जय जवान जय किसान. फिर अटलजी ने जोड़ा जय जवान जय विज्ञान, पीएम मोदी ने जोड़ा जय जवान जय अनुसंधान. पूरा देश मां भारती की सेवा करने में तत्पर है. भंडार भरे हुए हैं. कृषि विभाग की बैठक में तय हुआ कि 14 मई को कृषि मंत्रालय के सभी अधिकारी कर्मचारी ब्लड डोनेट करेंगे.

मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते अलग अलग तारीखों को स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी

भोपाल रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने मई में कई समर स्पेशल वीकली ट्रेन चलाने का ऐलान किया है जो मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते अलग अलग तारीखों को चलाई जाएगी। इसके अलावा एक दर्जन स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में भी विस्तार किया गया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC Bharat Gaurav Train) 31 मई को एक स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है जो उज्जैन ( महाकालेश्वर/ओंकारेश्वर), द्वारका ( नागेश्वर/द्वारिकाधीश ), सोमनाथ ,नासिक (त्रयंबकेश्वर), पुणे (भीमाशंकर ), औरंगाबाद (घृष्णेश्वर )शिर्डी का दर्शन कराते हुए 12 जून को लौटेगी। यह पर्यटक ट्रेन 31 मई को धनबाद, गया, बिहारशरीफ, पटना, आरा, बक्सर समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों के लिए रुकेगी।स्लीपर क्लास के लिए 23,575 व थर्ड एसी क्लास के लिए 39,990 प्रति व्यक्ति होगा। मई में इस हफ्ते से चलेगी ये स्पेशल     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर–गया स्पेशल ट्रेन 10 मई शनिवार को दोपहर 03 बजकर 40 मिनट पर नागपुर से चलकर शाम 04.50 बजे पांढुर्णा ,आमला , बैतूल,इटारसी जबलपुर, सतना पहुंचेगी और अगले दिन 11 मई रविवार को रात 11 बजकर 45 मिनट पर गया पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 गया– नागपुर स्पेशल ट्रेन 13 मई मंगलवार को गया से रात 08:30 बजे निकलकर पांढुर्णा, आमला, बैतूल, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर से होते हुए 15 मई गुरुवार को दोपहर 03:50 बजे नागपुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04607 दरभंगा अमृतसर स्पेशल दिनांक 11.05.2025 से 13.07.2025 (10 ट्रिप) के बीच प्रत्येक रविवार को सुबह 04:00 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 10:30 बजे अमृतसर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04067 नई दिल्ली-भागलपुर-नई दिल्ली स्पेशल (डीडीयू-पटना- किउल-जमालपुर के रास्ते) 11 मई से 9 जुलाई तक प्रत्येक रविवार एवं बुधवार को नई दिल्ली से 14.00 बजे खुलकर अगले दिन 02.50 बजे डीडीयू, 07.30 बजे पटना एवं 10.40 बजे किउल सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए 13.30 भागलपुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04068 भागलपुर-नई स्पेशल 12 मई से 10 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरूवार को भागलपुर से 14.30 बजे खुलकर 17.15 बजे किउल, 20.45 बजे पटना एवं अगले दिन 01.10 बजे डीडीयू सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए 14.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 03039 (हावड़ा – न्यू जलपाईगुड़ी) समर स्पेशल 10 मई (शनिवार) को हावड़ा से 00:10 बजे रवाना होगी और उसी दिन न्यू जलपाईगुड़ी 10.45 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 03040 (न्यू जलपाईगुड़ी – हावड़ा) समर स्पेशल 10 मई (शनिवार) को न्यू जलपाईगुड़ी से 12.45 बजे रवाना होगी और अगले दिन हावड़ा 00:10 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04618 अमृतसर-सहरसा द्विसाप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 12 मई से 08 जुलाई, 2025 तक प्रत्येक सोमवार एवं मंगलवार को अमृतसर से 20.10 बजे प्रस्थान कर ब्यास, जालन्धर,अम्बाला कैंट ,सहारनपुर ,मुरादाबाद,बरेली , सीतापुर जं, गोंडा गोरखपुर, छपरा समेत कई स्टेशनों से होकर सहरसा 03.00 बजे पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 04617 सहरसा-अमृतसर द्विसाप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ी 14 मई से 10 जुलाई, 2025 तक प्रत्येक बुधवार एवं बृहस्पतिवार को सहरसा से 05.00 बजे प्रस्थान कर हाजीपुर ,छपरा,गोरखपुर ,गोंडा ,सीतापुर जं. ,बरेली, मुरादाबाद ,सहारनपुर ,अम्बाला कैंट 08.55 बजे, जलन्धर सिटी ,ब्यास से होते हु्ए अमृतसर 14.00 बजे पहुंचेगी। इन वीकली ट्रेनों की अवधि बढ़ी     गाड़ी सं. 05283 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार क्लोन स्पेशल अब 16 मई से 27 जून तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी।     गाड़ी सं. 05284 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर क्लोन स्पेशल अब 17 मई से 28 जून तक प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी।     गाड़ी सं. 04030 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल  अब 20 मई से आठ जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को चलायी जाएगी।     गाड़ी सं. 04029 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल अब नौ जुलाई तक प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को चलेगी।     गाड़ी सं. 04018 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल 10 जुलाई तक प्रत्येक गुरुवार चलाई जाएगी।     गाड़ी सं. 04017 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल 11 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार चलाई जाएगी।     गाड़ी संख्या 07046 (चारलापल्ली – नाहरलगुन) समर स्पेशल को 10 मई से 31 मई तक     गाड़ी संख्या 07047 (नाहरलगुन – चारलापल्ली) समर स्पेशल को 13 मई से 03 जून तक की अवधि तक के लिए बढ़ाया गया है।     गाड़ी संख्या 07323 हुबली-बनारस  साप्ताहिक विशेष गाड़ी के संचलन अवधि का विस्तार प्रत्येक शनिवार को 17 मई से 28 जून, 2025 तक ।     गाड़ी संख्या 07324 बनारस-हुबली  साप्ताहिक विशेष गाड़ी के संचलन अवधि का विस्तार प्रत्येक मंगलवार को 20 मई से 01 जुलाई 2025 तक ।

युद्ध के हालात के चलते पूरे ग्वालियर जिले में हाई अलर्ट, प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी

ग्वालियर भारत पाकिस्तान के बीच बने युद्ध के हालात के चलते पूरे देश में अलर्ट है, शहर के कई हवाई अड्डे बंद कर दिए गये हैं उड़ानें रद्द कर दी गई है, गृह मंत्रालय के निर्देश पर मॉकड्रिल और ब्लैकआउट का अभ्यास किया जा चुका है, इन सबके बीच बीती रात पाकिस्तानी हरकत के बाद जिस तरह भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया है उसने तनाव को और बढ़ा दिया है, इसी को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है ग्वालियर जिला कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह ने 7 मई को हुए मॉकड्रिल और ब्लैकआउट की 8 मई को दिन में समीक्षा की थी और उसमें आये फीड बैक के आधार पर उसमें सुधार के निर्देश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन कल 8 मई की रात जो घटनाक्रम हुआ उसको देखते हुए दोनों अधिकारी देर रात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंच गए और रात को अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग की कलेक्टर और एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें, केंद्र सरकार से मिल रहे निर्देशों के तहत तैयार रहें कलेक्टर ने कहा हमें ब्लैकआउट में जो फीडबैक मिला है उसके हिसाब से पूरे जिले में सायरन लगवाये जा रहे हैं, एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन स्थिति में हमें जिन जिन रिसोर्सेस की जरुरत पड़ सकती है उसकी लिस्ट बने और उसकी व्यवस्था करें। कंट्रोल रूम स्थापित, आपात स्थिति में कर सकते हैं कॉल हालात को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने मोती महल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया है, इस कंट्रोल रूम में शहर के नागरिक किसी भी आपातकालीन स्थिति में संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। कंट्रोल रूम का नंबर 0751 -2646606 है। कंट्रोल रूम ने 24 घंटे कर्मचारी मौजूद रहेंगे और वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। इसके साथ ही शहर में पानी की समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम द्वारा गर्मी के मौसम में शहर में पेयजल व्यवस्था ठीक बनी रहे, इसके लिए नगर निगम ग्वालियर द्वारा 24 घंटे 7 दिन शिकायत दर्ज करने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसमें शहर के नागरिक अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम का नम्बर 0751-2438355 है। सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कलेक्टर रुचिका चौहान ने हालत को देखते हुए सोशल मीडिया के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किये हैं इसके तहत सोशल मीडिया यूजर ऑपरेशन सिंदूर या फिर देश की सेनाओं या फिर राष्ट्रहित से जुड़ी कोई भी भ्रामक सूचना ना तो पोस्ट करेगा और ना ही शेयर करेगा, उन्होंने कहा है जब तक कोई भी सूचना पुष्ट ना हो उसे सर्कुलेट न करें, संकटकाल में राष्ट्र का साथ दें। शहर में सायरन लगना शुरू, टेस्टिंग भी कलेक्टर के आदेश के बाद आज ग्वालियर जिले में अलग अलग स्थानों पर सायरन स्थापित होना शुरू हो गए हैं,इसी के साथ उसकी टेस्टिंग भी की जा रही है, सायरन की आवाज जनता तक पहुंचे इसके लिए साउंड सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है माइक लगाये जा आरहे हैं कलेक्ट्रेट पर इसकी टेस्टिंग भी की गई।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. ठाकुर का कुशलक्षेम जाना

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुक्रवार को भोपाल फ्रैक्चर हॉस्पिटल में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर के डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने चिकित्सकों से उनके उपचार की जानकारी ली और डॉ. ठाकुर के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।  

इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना , ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा

इंदौर  जब मध्य प्रदेश के इंदौर का नाम आता है तो यहां का पोहा याद आ जाता है. मगर, इस बार पोहा नहीं बल्कि इंदौरी ड्रोन खूब सुर्खियां बंटोर रहा है. भारत की तरफ से शुरू ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है. भारत ने पाकिस्‍तान के हमलों का ऐसा जवाब दिया है कि वहां लोग अब तक खौफ में हैं. पाकिस्‍तान के हर वार की काट भारत के पास मौजूद है. पाकिस्‍तान के लड़ाकू विमान जब हमले करने के लिए भारत की ओर बढ़े, तो हमारे बॉर्डर पर तैनात मिसाइलों ने उन्‍हें ढेर कर दिया. इस बीच, इंदौर से बड़ी संख्या में हाई टेक्नोलॉजी से लैस ड्रोन बॉर्डर के लिए रवाना किए गए हैं. ये ड्रोन पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगा. हालांकि, पहले से ही इंदौर में बने ड्रोन का भारत-पाकिस्तान वॉर में देश की सेना इस्तेमाल कर रही है. यहां के 2 युवा इंजीनियरों की टीम दिन रात युद्ध स्तर पर ड्रोन बनाने में जुटी हुई है. बता दें, 1971 युद्ध के 54 साल बाद युद्ध में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा हैं. सबसे ज्यादा हमले ड्रोन से किए जा रहे हैं. ऐसे में देशभर के युवा अपनी सेना के लिए ड्रोन तैयार करने में जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक युवा इंजीनियरों अभिषेक शर्मा और रोशनी शुक्ला की टीम ने नभ रक्षक 1.O , नभ रक्षक 2.O थर्मल ड्रोन और नभ रक्षक 5.O ड्रोन तैयार किए हैं. अगर इनकी खासियत के बारे में बात करें तो एक हजार फीट की ऊंचाई से भी घने अंधेरे में भी ये ड्रोन दुश्मनों को ढूंढ लेने में कारगर हैं. 5 किलो वजन उठाकर ये ड्रोन 120 किलो मीटर की रफ्तार से 10 किलो मीटर का सफर बड़ी आसानी से कर सकती हैं. इन ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत है, रडार भी इन्हें नहीं पकड़ पाती हैं. जम्मू कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के बॉर्डर पर सर्विलांस के लिए इन ड्रोनों का आर्मी इस्तेमाल कर रही है.

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के बीच होगा एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में आज 10 मई को भोपाल में ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज’ प्रोजेक्ट का एमओयू होगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना ‘ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना’ पर कार्य होगा. इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गए हैं. CM यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज प्रोजेक्ट है. इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे. उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा. इस परियोजना में प्रस्तावित बांध और नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी. परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी जरूरत नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, इसी क्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है. इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे. साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे.  

MP में सफर होगा आसान जल्द शुरू होगी सरकारी बस सेवा, इंदौर व उज्जैन जिलों में सर्वे हुआ पूरा

इंदौर / उज्जैन लोक परिवहन सेवाओं को जमीन पर उतारने से जुड़े पहले चरण के सर्वे का काम परिवहन विभाग ने इंदौर व उज्जैन संभाग में लगभग पूरा कर लिया है। अब यहां चिह्नित किए गए मार्गों को फाइनल किया जा रहा है। उधर आठ परिवहन कंपनियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मार्गों पर रिहर्सल पूरी होते व कंपनियों के अस्तित्व में आते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रयास है कि बारिश से पहले इंदौर व उज्जैन जिले की सड़कों पर लोक परिवहन सेवाओं से अनुबंधित यात्री बसें दौड़ने लगें। बसों(MP Government bus) के रूट को चिह्नित करने के लिए अगले चरण के सर्वे का काम जबलपुर व सागर संभागों के जिलों में शुरू होगा। यह मई के अंत तक शुरू हो जाएगा। इसके लिए एजेंसी तय कर दी है। इन संभागों में सर्वे का फोकस सबसे पहले परिवहन सेवा विहीन क्षेत्रों पर होगा। अलग-अलग चरणों में किए जा रहे काम 1. परिवहन विभाग अब तक सीमित क्षेत्रों में ही सर्वे करा रहा था, अब इसका दायरा बढ़ा दिया है। 2. कंपनी एक्ट के तहत कंपनियों के गठन की प्रक्रिया का जिम्मा अलग अफसरों को सौंपा है। 3. निष्क्रिय पड़े सड़क परिवहन निगम की संपत्तियों को नए सिरे से खंगाला जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवाओं के तहत उपयोगी बनाया जा सके। 4. कंपनियों के लिए ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर का खाका तैयार करेंगे। 5. सुझाव लेने संबंधी प्रक्रिया लगातार जारी है, ताकि नई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। 6. सर्वे में बस ऑपरेटरों से फीडबैक लिया जा रहा है, यात्रियों से उनकी राय पूछी जा रही है ताकि जिन मार्गों को चिह्नित किया जा रहा है या किया जाना है उन पर वस्तु स्थिति साफ हो सके। 7. इसी पूरी व्यवस्था में जिला स्तरीय समितियों का गठन होना है, इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 8. सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की चल-अचल संपति, नई गठित की जाने वाली कंपनियों को दी जाएगी। इस दिशा में भी काम शुरू किया है। 9. मौजूदा सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां करेंगी। जिला स्तर पर समितियां होंगी, समन्वयक कलेक्टर होंगे, सांसद, विधायकगण, महापौर, नगर पालिका, जिला पंचायत, नगर परिषद, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, आयुक्त नगर निगम, जिला व जनपद पंचायतों के सीईओ, नपा के सीएमओ, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, जिला परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण व कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रह सकेंगे। समितियों का गठन इसलिए पहले असल में जिला स्तरीय निगरानी समितियों को यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखना होगा। जिसमें मुख्य काम अभी मार्गों को फाइनल करने से जुड़ा है। इन मार्गों में बदलाव भी संभव है, लेकिन यह बात का विषय है। इसके अलावा स्टापेज, बस फ्रीक्वेंसी, आईटी प्लेटफार्म का सुचारु संचालन, साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर बस स्टॉप, चार्जिंग स्टेशन के निर्माण संबंधी सुझाव। 6 शहरों में दौड़ेगी ई-बस, हर किलोमीटर पर इतना देना होगा किराया  प्रदेश के 6 शहरों में जल्द ईलेक्ट्रिक बस चलने वाली है. बस सर्विस की शुरुआत सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है. दरअसल, ये केंद्र सरकार की योजना है. इस प्रोजेक्ट में देश के 88 शहरों में ई बसें चलाई जानी है. इसमें से 582 बसें मध्य प्रदेश के खाते में आई है. अब जल्द इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. ये बस पॉल्यूशन को काफी कंट्रोल करेगी. इसकी साथ ही ग्रीन परिवहन को भी बढ़ावा देगी. मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में 10 नए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड जैसी मॉर्डन सुविधाएं मिलेंगी. इसमें 472 मिडी बसें होंगी. इनमें से 26 यात्री सफर कर सकेंगे, तो वहीं 110 मिनी बसें 21 सीटर होंगी. यात्रियों को 2 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया देना होगा. केंद्र सरकार से मिलेगी सब्सिडी ई बसों के संचालन के लिए केंद्र सरकार से भी सब्सिडी मिलेगी. इसके लिए सरकार 58.14 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च करेगी, जिसमें से 22 रुपये केंद्र सरकार देगी. ई बसों का संचालन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मॉडल पर होगा. ऐसे में यात्रियों को 2 रुपये प्रति किमी का किराया देना होगा, जो सिटी बस सर्विस की तुलना में काफी सस्ती है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – मध्यप्रदेश के जनजातीय कला और कलाकारों ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय कला और कलाकारों ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। जनजातीय समृद्ध कला विरासत और इसके कलाकारों को मां सरस्वती का आशीष प्राप्त है। जनजातीय कलाकारों की कल्पनाशीलता प्रशंसनीय है। एक सधे और गढ़े हुए हाथों से बारीक चित्रकारी कर जनजातीय कलाकारों ने पूरी दुनिया को अपना हुनर दिखाया है। हमारी सरकार सभी जनजातीय कलाओं के संरक्षण और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आदि शिल्पग्राम महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार विरासत से विकास की ओर बढ़ने के संकल्प के अनुरूप सभी प्राचीन कला, संस्कृति, परंपराओं और इनके कलाकारों को संरक्षण दे रही है। गोंड चित्रकला को जीआई टेग प्राप्त हो चुका है, जो इस चित्रकला और इससे संबंधित चित्रकारों को वैश्विक सम्मान मिलने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की जनजातीय शिल्प, चित्रकारी और कलाकारों को उनकी कला प्रदर्शन एवं बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न आयोजनों के जरिए समुचित मंच प्रदान करने का प्रयास कर रही है। हमने केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के संपूर्ण जनजातीय वर्ग को विकास मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। इन योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय पराक्रम, शौर्य और बलिदान के प्रतीक राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह और राजा हृदय शाह के मंडला स्थित प्राचीन किले के जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की महान विभूतियों को समूचित सम्मान मिले, इसके लिए राजधानी भोपाल में अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन रखा गया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम से खरगौन में विश्वविद्यालय की शुरुआत भी की गई है। रानी दुर्गावती की धरती पर मंत्रि-परिषद की बैठक कर हमने उन्हें सम्मान दिया है। हमारी सेनाएं मजबूत, हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के सीमा पार से बढ़ती अतिवादी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए की जा रही प्रतिरक्षा कार्यवाही के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय सेना को बधाई और साधुवाद देते हुए कहा कि हमें अपनी सेना पर पूरा विश्वास है। हमारी सेना मजबूती से राष्ट्र की सीमाओं पर तैनात है। हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक है, जो हमारी संप्रभुता और नागरिकों पर आघात करेगा, हम बड़ी मजबूती से उसका जवाब देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने देश को आर्थिक रूप से मजबूती देते हुए तीनों सेनाओं को भी मजबूत और अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमा पार अतिवाद को प्रतिकूल उत्तर देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्र सरकार का अभिनंदन किया। उन्होंने दुनिया के सामने अतिवाद का काला चिट्ठा पेश करने वाली मध्यप्रदेश की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया की तीन पीढ़ियां सेना में रही हैं। वे देश में मध्यप्रदेश की शान बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में भगवान बिरसा मुंडा और रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर 3 दिवसीय जनजातीय शिल्प ग्राम महोत्सव का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने महोत्सव में जनजातीय कला और खान-पान को प्रदर्शित करते स्टॉल्स का अवलोकन किया और यहां लकड़ियों पर चित्रकारी, मिट्टी से बनी आकृतियां और कपड़ों पर चित्रकारी और जनजातीय व्यंजनों की मुक्तकंठ से सराहना की। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 1000 जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला से जुड़े कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआई टेग प्राप्त गोंड पेंटिंग के 4 प्रमुख कलाकारों श्री आनंद श्याम, डिंडौरी जिले के श्री वेंकट, श्रीमती रामबाई और श्रीमती धनैया को अथॉराइज्ड यूजर कार्ड वितरित किए। इसी प्रकार जनजातीय कलाकारों श्री कुंवर बैगा, सुश्री अनिस बाई एवं श्रीमती कीर्ति किशन को विशेष प्रशिक्षण किट वितरित की। यह किट राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान भोपाल की ओर से जनजातीय कलाकारों के लिए तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा स्थित श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय पर केन्द्रित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में जल्द खोले जाएंगे ट्राइबल मार्ट्स जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि बदलते दौर में जनजातीय कला, संस्कृति और परम्पराओं के विलुप्त होने की आशंका बढ़ती जा रही है। इसीलिए हमारी सरकार जनजातीय महोत्सव, ट्राइबल आर्ट फेयर जैसे आयोजन कर जनजातीय कला-संस्कृति के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

डुमना एयरपोर्ट पर महिला के पास मिला प्रतिबंधित GPS

जबलपुर भारत-पाकिस्तान के बीच अभी भीषण तनाव का माहौल है. इस तनाव को देखते कई फ्लाइट और रेलवे टिकट को कैंसिल कर दिए गए हैं. वहीं देशभर के कई हिस्सों में अलर्ट कर दिया गया है. इस बीच मध्य प्रदेश के जबलपुर से बड़ी खबर सामने आई है. जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक अमेरिकी नागरिक को पकड़ा, जिसके बाद प्रतिबंधित जीपीएस ट्रैकर मिला. यह मामला खमरिया पुलिस को सौंपा गया है. डुमना एयरपोर्ट पर महिला के पास मिला प्रतिबंधित GPS जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर चैकिंग के दौरान एक अमेरिकी महिला यात्री के बैग में प्रतिबंधित ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) ट्रैकर मिला. प्रशासन ने अमेरिकी महिला यात्री से ट्रैकर जब्त कर पूछताछ की. 62 वर्षीय एंजिला यूएस के केंसास की रहने वाली है. उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह बांधवगढ़ घूमने आई थी. महिला यात्री ने बताया कि वह ट्रैकर उसने अपने रिलेटिव को लोकेशन बताने के लिए रखा था. एयरपोर्ट प्रशासन ने मामला शहर के खमरिया पुलिस को सौंप दिया है. महिला जबलपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की यात्री थी. पुलिस ने विदेशी महिला से जब्त की डिवाइस पूछताछ के बाद महिला को दिल्ली भेज दिया गया है. दिल्ली से महिला यात्री की यूएस की कनेक्टिंग फ्लाइट थी. वहीं मामले में नगर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार साहू ने बताया कि खमरिया थाना मामले की जांच कर रही है. उन्होंने बताया कि भारत में हवाई यात्रा के दौरान जीपीएस ट्रैकर डिवाइस ले जाना और उसका उपयोग करना प्रतिबंधित है. सीआईएसएफ यानि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने दूरसंचार अधिनियम के प्रावधानों के तहत डिवाइस जब्त कर खमरिया पुलिस को सौंप दिया है.

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