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विवादों में घिरीं डॉ. अरुणा कुमार बनी डीएमई, जूडा ने सीएम यादव को पत्र लिखकर नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग

 भोपाल  डॉ. अरुणा कुमार को डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (DME) बनाए जाने के फैसले ने एक बार फिर नया विवाद खड़ा कर दिया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) ने इस नियुक्ति का विरोध करते हुए सरकार को 24 घंटे में आदेश निरस्त करने की चेतावनी दी है। दोनों संगठनों ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है। साथ ही सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर उनकी नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है। डॉ. अरुणा पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने औऱ गाली गलौज करने आरोप लगे हैं। डॉ अरुणा कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है , दो बार उन्हें गांधी मेडिकल कॉलेज के गायनी डिपार्टमेंट के HOD पद से हटना भी पड़ा था। वहीं एक बार उन्हें डीन पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। डॉ अरुणा कुमार को हटवाने के लिए मेडिकल टीचर्स डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला से भी मुलाकात कर चुके हैं। बीते सालों डॉ. अरुणा कुमार के कार्यकाल में एक महिला जूनियर डॉक्टर ने आत्महत्या की थी और आरोप लगाया था कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आज डॉ अरुणा कुमार को पदस्थ करने के विरोध में गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के सभी चिकित्सक, जूनियर डॉक्टर्स आज दोपहर हमीदिया अस्पताल मर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस वजह से हटी थी डॉ अरुणा 31 जुलाई 2023 को गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की थर्ड ईयर पीजी स्टूडेंट बाला सरस्वती ने आत्महत्या कर ली थी। 27 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट ने एनेस्थीसिया इंजेक्शन का ओवरडोज लेकर जान दी थी। घटना के बाद जीएमसी परिसर में हड़कंप मच गया था। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) ने इस आत्महत्या के लिए डॉ. अरुणा कुमार को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल पर चले गए थे। संगठन ने आरोप लगाया था कि छात्रा को थीसिस सबमिशन को लेकर लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। जिसके बाद डॉ. अरुणा कुमार को जीएमसी से हटाकर डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) में स्थानांतरित कर दिया था, जहां से वे अब तक कार्यरत थीं। अब उसी डायरेक्टोरेट में उन्हें डायरेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे एक बार फिर विरोध हो रहा है।

जगद्गुरू रामभद्राचार्य को मानद उपाधि से विभूषित करेगा डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय

सागर सागर . डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में में जल्द ही एक बड़ा दीक्षांत समारोह होने वाला है। इस बार का कन्वोकेशन खास होगा क्योंकि इसमें जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज को मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा ।विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीलिमा गुप्ता ने इसके लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अनुमति मांगी। राष्ट्रपति से अनुमति मिलने के बाद अब मई माह में दीक्षांत समारोह आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी समारोह में शामिल होने की अनुमति मांगी गई है। मई के दूसरे सप्ताह में तारीख का ऐलान विवि प्रबंधन करेगा।  जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने 80 ग्रंथों की रचना जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज जब दो महीने के थे, तब उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। इसके बावजूद उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल कीं, वे अद्वितीय हैं। वे शिक्षाविद, बहुभाषाविद, कथाकार और प्रवचनकर्ता के रूप में जाने जाते ह। स्वामी को 22 भाषाएं आती हैं और उन्होंने लगभग 80 ग्रंथों की रचना की है, जिनमें हिंदी और संस्कृत के चार महाकाव्य भी शामिल है। उन्हें 1988 में जगद्गुरु पद पर प्रतिष्ठित किया गया था। उन्होंने विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना भी की है, जिसके वे आजीवन संस्थापक कुलाधिपति हैं। उन्हें 2015 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था। तैयारियां चल रही हैं विवि में दीक्षांत समारोह के आयोजन की तैयारी में चल रही है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अब अतिथियों की अनुमति मिलने का इंतजार है। मई के दूसरे सप्ताह में तारीख की घोषणा हो जाएगा। इस वर्ष आयोजन को अच्छा और बृहद बनाने का हम प्रयास कर रहे हैं। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज को मानद उपाधि से सम्मानित करने की अनुमति हमें राष्ट्रपति से मिल गई है। प्रो. नीलिमा गुप्ता, कुलपति, डॉ. हरिसिंह गौर विवि उपाधि देने के फैसले का विरोध, प्रोफसर, शिक्षाविद सहित तमाम लोगों ने जताई आपत्ति. डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी अपने 33वें दीक्षांत समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य को डी. लिट की मानद उपाधि देने जा रही है. इसके लिए विश्वविद्यालय को राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई है. ये बात सामने आते ही फोरम ऑफ प्रोग्रेसिव एकेडेमिया के बैनर तले देश भर के शिक्षाविद, कानूनविद, पत्रकार, समाजसेवी, पूर्व छात्र और शोध छात्र विरोध में उतर आए हैं. वो जिला और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विरोध जता रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस फैसले पर विरोध प्रकट किया है. उनका कहना है कि ये फैसला लोकतांत्रिक, सामाजिक न्याय और संवैधानिक नैतिकता के मूल्यों को कमजोर करता है. साथ ही वंचित समुदाय के लिए पीड़ादायक संदेश भी है. रामभद्राचार्य पर लगा रहे हैं गंभीर आरोप जगद्गुरु रामभद्राचार्य को दी जा रही डी. लिट की मानद उपाधि का विरोध करने वालों का तर्क है कि “रामभद्राचार्य विद्वान होने के साथ-साथ विवादास्पद भी हैं. उन्होंने कई बार अपने भाषण और वक्तव्यों में डाॅ. भीमराव अंबेडकर, बौद्ध धर्म और दलित समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की है. उनके बयान समाज में विभाजन पैदा करने वाले, जातिवादी और अपमानजनक होते हैं. ऐसे बयान हमारे संविधान के बंधुत्व, समानता और गरिमा के प्रतिकूल हैं.” सुप्रीम कोर्ट के वकील ने इस फैसले को बताया विवादास्पद इसके अलावा उनका कहना है कि “इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक डाॅ. हरीसिंह गौर प्रगतिशील सुधारक, विधि विशेषज्ञ और बौद्ध चेतना से युक्त व्यक्ति थे. जिन्होंने दलितों, महिलाओं और पिछड़ों के लिए संघर्ष किया और वैज्ञानिक सोच, लैंगिक समानता और सामाजिक उत्थान को अपने जीवन का आधार बनाया. ऐसे में यूनिवर्सिटी द्वारा ऐसे व्यक्ति को सम्मान देना, उनके मूल्यों के विपरीत, विडंबना पूर्ण और यूनिवर्सिटी की मूल आत्मा का अपमान है.” रामभद्राचार्य के बयानों को बताया नफरती इस फैसले के विरोध में उतरे लोगों का कहना है कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य को मानद उपाधि देना छात्रों, विद्वानों, दलित संगठनों, समाजिक समूहों के साथ देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में गहरे आक्रोश को जन्म देने वाला है. चारों तरफ प्रदर्शन, याचिकाएं और सार्वजनिक बयान जारी किए गए हैं, जो बताते हैं कि ये मानद उपाधि जातिगत पूर्वाग्रह और सामाजिक विभाग को वैधता प्रदान करती है. उनका कहना है कि मानद उपाधियां ऐसे लोगों को दी जाती है जो ज्ञान, सेवा, मानव अधिकार और समावेशी प्रगति जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे व्यक्ति को सम्मान देना जिनके जातिवादी वक्तव्य सार्वजनिक हैं. विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा को नुकसान पहुंचाता है. यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी विरोध में उतरे गौर यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर, शोध छात्र और छात्र इस फैसले के विरोध में हैं. यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर यूनिवर्सिटी की आचार संहिता का हवाला देते हुए नाम न छापने की शर्त पर ईटीवी भारत से कहते हैं कि “फोरम ऑफ प्रोग्रेसिव एकेडेमिया द्वारा शुरू की गई राष्ट्रव्यापी विरोध मुहिम को मैं एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और डॉ. गौर के बौद्धिक उत्तराधिकारी के नाते पूरी प्रबलता के साथ समर्थन करता हूं. यह निर्णय न केवल चिंताजनक है बल्कि शर्मनाक भी है. इसके पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन की बौद्धिक दिवालियापन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है.” उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि • इस निर्णय को अविलंब निरस्त किया जाए. • एक स्वतंत्र समिति द्वारा इस निर्णय की समीक्षा की जाए. • भविष्य में मानद उपाधि प्रदान करने के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और मूल्यों-आधारित नीति बनाई जाए. उन्होंने कहा, “यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो हम इस विरोध को राष्ट्रव्यापी अकादमिक असहयोग आंदोलन तक ले जाने के लिए बाध्य होंगे. विश्वविद्यालयों को प्रतिगामी विचारधाराओं के प्रचारक नहीं बल्कि वैज्ञानिक, समावेशी और प्रगतिशील चेतना के केंद्र बनाना हमारी ऐतिहासिक जिम्मेदारी है.”

भोपाल दुष्कर्म कांड के मुख्य आरोपी फरहान का का शॉर्ट एनकाउंटर, भागने की थी कोशिश, पुलिस ने पैर में मारी गोली

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गिरोह बनाकर हिंदू युवतियों से रेप, ब्लैकमेलिंग और ‘लव जिहाद’ के गंभीर मामले में मुख्य आरोपी फरहान का शॉर्ट एनकाउंटर हो गया है. दरअसल, आरोपी फरहान ने पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश की, इस दौरान उसके पैर में गोली लग गई. गोली लगने के बाद फरहान को हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि लव जिहाद मामले में कुल 5 FIR हुई हैं, जिसमें लगभग सभी FIR में फरहान ही आरोपी है. भोपाल ज़ोन-1 की डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फरहान को सबूत जुटाने के लिए अशोका गार्डन पुलिस स्टेशन की एक टीम बिलकिसगंज गांव लेकर जा रही थी. रास्ते में फरहान ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई और मौके का फायदा उठाकर सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनने की कोशिश की. इसी दौरान छीना-झपटी में पुलिस की पिस्तौल से गोली चल गई, जो फरहान के पैर में लगी. घायल फरहान को तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है. अशोका गार्डन के थाना प्रभारी हेमंत श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे की ये घटना है. उन्होंने कहा कि जब फरहान रातीबड़ इलाके में टॉयलेट के लिए पुलिस की गाड़ी से उतरा तो एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल भी उसके साथ नीचे उतरे. इसी दौरान फरहान ने एसआई की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की और भागने का प्रयास किया. झूमाझटकी में गोली फरहान के दाएं पैर में लग गई. इस घटना को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने X पर लिखा कि ‘एक जिहादी का शॉर्ट एनकाउंटर…’ शातिर आरोपी ऐसे फंसाते थे हिंदू लड़कियों को पुलिस पूछताछ में आरोपी फरहान ने कहा था कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उसने ‘सवाब’ का काम किया है. रिमांड अवधि के दौरान फरहान से पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने कॉलेज में हमउम्र मुस्लिम लड़कों का एक गिरोह बनाया था, जो केवल हिंदू लड़कियों से ही दोस्ती और प्रेम संबंध बनाते थे. गिरोह में यह सख्त नियम था कि कोई भी मुस्लिम लड़की के साथ प्रेम संबंध नहीं बनाएगा. एक बार हिंदू लड़की से प्रेम संबंध स्थापित हो जाने के बाद, उसे हुक्का लाउंज, पब या गिरोह के सदस्यों के किराए के कमरों में ले जाया जाता था. वहां नशे की हालत में उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था और इसका वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए अन्य युवतियों से दोस्ती करने का दबाव बनाया जाता था. छठे आरोपित तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस टीआईटी कालेज से जुड़े गिरोह के साहिल सहित उसके पांच साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एक आरोपित अबरार फरार है। पुलिस का कहना है कि अबरार की भी लोकेशन मिल चुकी है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। इस मामले में तीन थानों में पांच एफआईआर दर्ज हैं। टूटेगा आरोपितों का अड्डा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में आरोपित युवक टीआईटी कालेज की छात्राओं को कालेज के पास स्थित एक क्लब-रेस्टोरेंट पर लेकर जाते थे। क्लब में कई कमरे मिले हैं। बताया जा रहा है इन्हीं कमरों में पीड़िताओं से दुष्कर्म कर वीडियो बनाए गए हैं। यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने आरोपित फरहान को मौके पर ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन करवाया था। पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा कि क्लब की जांच की जा रही है। यदि क्लब संचालक का कोई दोष पाया गया तो उस पर भी कार्रवाई होगी और पुलिस की संस्तुति पर प्रशासन द्वारा क्लब को तोड़ा जाएगा। डांस स्टूडियो की आड़ में देह व्यापार चला रहा था साहिल     हिंदू युवतियों से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड में सक्रिय गिरोह बड़े शातिर ढंग से वारदात को अंजाम दे रहा था। छात्राओं को इस दलदल में फंसाने के लिए हर आरोपित की भूमिका तय थी।     अब सामने आया है कि अशोका गार्डन क्षेत्र में डांस स्टूडियो चलाने वाला साहिल खान दरअसल इसकी आड़ में देह व्यापार करा रहा था।     पुलिस को दिए बयान में साहिल और फरहान के झांसे में आई कई पीड़िताओं ने यह जानकारी दी है।     पुलिस सूत्रों के मुताबिक साहिल पिछले करीब दो साल से डांस क्लास संचालित कर रहा था।     वहां आने वाली युवतियों को वह रुपयों का लालच देकर या फिर ब्लैकमेल कर देह व्यापार के धकेलता था।     वह शहर के आसपास फार्म हाउस में होने वाली पार्टियों में भी इन युवतियों को भेजता था।     आरोपित डांस स्टूडियो में आने वाली हिंदू युवतियों की दोस्ती भी अपने दूसरे दोस्तों से करवाता था।     उनकी पूरी कोशिश होती थी कि वहां पहुंची हिंदू लड़की किसी न किसी के झांसे में आ जाए।     एक बार ऐसा हुआ तो आरोपित वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे।     पीड़िताओं के इस सनसनीखेज दावे के बाद पुलिस एक बार फिर आरोपित साहिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि देह व्यापार के पूरे प्रकरण का भांडाफोड़ किया जा सके।      

भोपाल समेत 40 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, अगले 5 दिन का जानें हाल, IMD ने दी ये चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखा गया. प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है. वहीं अगले 5 दिन तक प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर देखा जा सकता है. शहडोल, मैहर, सिवनी, डिंडोरी, मंडला, उमरिया और कटनी में गिट्टी के आकार के ओले गिरे, तो वहीं उज्जैन, आगर और राजगढ़ जिले में धूल भरी आंधी चली. भिंड में 55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली है. भोपाल समेत जिलों में ऐसा रहा मौसम साथ ही नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, देवास, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मैहर, रीवा, पन्ना, उज्जैन, विदिशा, भिंड, मुरैना और ग्वालियर जैसे जिलों में बारिश हुई. अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहने के साथ ही अधिकांश जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में मौसम के तेवर शुक्रवार दिन में भी गरम रहे. भोपाल में दिन का पारा 41.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि बीते दिनों की अपेक्षा 0.9 डिग्री कम रहा. सुबह से तेज धूप के साथ ही पारा लगातार चढ़ता नजर आया. वहीं, रात के तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. धूल भरी आंधी चली मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के 15 जिलों में धूल भरी आंधी चली. वहीं, जबलपुर में 65 किमी/घंटा की रफ्तार से दवाओं का दौर देखा गया. शहडोल, उमरिया, जबलपुर और डिंडोरी जैसे जिलों में ओलावृष्टि का दौर भी देखा गया. प्रदेश में इन दोनों 2 से 3 सिस्टम सक्रिय बने हुए हैं, जिसमें वेस्टर्न डिस्टरबेंस जो कि इन दिनों पंजाब और राजस्थान संभाग के जिलों में सक्रिय है. इसका असर प्रदेश के कई जिलों में देखा जा रहा है. कई जिलों में हुई बारिश वहीं, दूसरी और शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का दौर देखा गया. इसमें सबसे अधिक बारिश मंडला जिले के गोगरी में 45 मिमी हुई. इसके अलावा कटनी के बिलहारी में 44 मिमी, डिंडोरी के मेहरबानी में 25.4 मिमी, शहडोल के बुढार में 25 मिमी और डिंडोरी के अमरपुर में 23 मिमी बारिश हुई. कई जिला में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से शनिवार के लिए प्रदेश के करीब 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुरना, विदिशा, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में वज्रपात, तेज हवा, ओलावृष्टि और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, सागर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी है रतलाम में पारा 43 डिग्री पहुंचा पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके अलावा नरसिंहपुर में 43.6 डिग्री, खंडवा में 43.1 डिग्री, खरगोन में 43 डिग्री और धार में 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो अमरकंटक (अनूपपुर) में पारा सबसे कम में 17.1डिग्री दर्ज किया गया. वहीं मंडला में 18.2 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 18.6 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 19.4 डिग्री और उमरिया में 19.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. भोपाल में पारा 41 पार प्रदेश के पांच बड़े शहरों के अधिकतम तापमान की बात करें तो रविवार को भोपाल का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. यहां पारा 41.6 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा उज्जैन का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, इंदौर का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम?     3 मई 2025: 40 जिलों में बारिश और आंधी का असर रहेगा, कुछ जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं।     4 मई 2025: सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की आशंका। अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश संभावित है।     5 मई 2025: राजधानी भोपाल समेत लगभग पूरे प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।     6 मई 2025: इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ सहित कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कहां-कहां रहा गर्मी का असर? प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। रतलाम में तापमान 44.2 डिग्री, खंडवा और खरगोन में 43 डिग्री के पार पहुंच गया। इंदौर में 41.4 डिग्री और भोपाल में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक का बयान मौसम विभाग की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, “राज्य में सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह परिवर्तन हो रहा है। यह स्थिति 6 मई तक बनी रह सकती है।”

पिपरिया के 15 किसानों ने खेतों में नरवाई जलाई, प्रशासन ने सख्त,लगाया जुर्माना, दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

उमरिया जिले के मानपुर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरिया के 15 किसानों द्वारा खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जुर्माना लगाने के साथ ही अब दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रकरण में जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को पहले ही आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया था, जिसके बाद अब प्रशासन एफआईआर की कार्रवाई की ओर बढ़ गया है। शुक्रवार को तहसीलदार बरबसपुर सर्किल ने कोतवाली थाना उमरिया को पत्र सौंपते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 2023 की 223 के अंतर्गत दोषी किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का आवेदन प्रस्तुत किया। जारी पत्र में सभी 15 किसानों के नाम स्पष्ट रूप से उल्लिखित हैं, जिनके विरुद्ध यह कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। बताया जा रहा है कि यह कदम किसानों को भविष्य में इस प्रकार के पर्यावरण विरोधी कृत्य से रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि खेतों में नरवाई जलाने से वातावरण में अत्यधिक प्रदूषण फैलता है, जिससे न केवल हवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। इसके साथ ही भूमि की उर्वरता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। शासन द्वारा लगातार नरवाई न जलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके कई क्षेत्रों में किसान इस निर्देश की अनदेखी कर रहे हैं। इस बीच, बांधवगढ़ तहसील के ग्राम महरोई में भी नरवाई जलाने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तीन किसानों पर कुल साढ़े सात हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन द्वारा शुक्रवार की शाम जारी आदेश के अनुसार इन किसानों में केशरी पिता जग्गू लोहार, टीकाराम पिता कामता विश्वकर्मा और पुरुषोत्तम पिता उदयभान राठौर शामिल हैं। सभी पर ₹2500-₹2500 का आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र के अन्य किसानों में भी हड़कंप की स्थिति है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई आगे चलकर एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी, जिससे अन्य किसान पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे। जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि किसान नरवाई जलाने से बचें और वैकल्पिक उपायों को अपनाएं, जिससे खेत की उपजाऊ क्षमता बनी रहे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।  

इंदौर : बायपास पर प्लास्टिक दाने से भरा ट्राला पलटा, ट्राले ने पहले एक बाइक सवार को चपेट में लिया

इंदौर  बायपास पर शुक्रवार शाम प्लास्टिक दाने से भरा ट्राला पलट गया।अनियंत्रित ट्राले ने पहले एक बाइक सवार को चपेट में लिया। इसके बाद डिवाइडर लांघते हुए दूसरी लेन में चल रही कार पर पलट गया।कार में महू से कान्ट्रेक्टर विजय अग्रवाल का परिवार था। हादसे में विजय की 55 वर्षीय पत्नी शीतल की मौत हो गई।     कनाड़िया टीआई सहर्ष यादव के मुताबिक घटना शाम करीब सवा सात बजे की है। ट्राला(एनएल 01एएफ 5274)तेजाजी नगर से देवास की ओर जा रहा था।    यूनो पार्क के सामने ट्राला ने एक बाइक सवार को टक्कर मारी और घसीटते हुए 20 फीट ले गया।    रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि ट्राला 15 फीट चौड़ा डिवाइडर लांघ गया और दूसरी लेन में चल रही कार(एमपी 09एसजे 0999) पर पलट गया।     कार माणक चौक महू निवासी 23 वर्षीय संस्कार अग्रवाल चला रहा था। उसकी मां शीतल अग्रवाल और बहन कार में बैठी थी। कार चकनाचूर हो गई और तीनों उसमें ही दबे रह गए। पुलिस ने क्रेन और ट्रक चालकों की मदद से कार के सब्बल से दरवाजे व कांच तोड़ कर तीनों को बाहर निकाला।रात में शीतल की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। संस्कार बीकाॅम का छात्र है।     उसके पिता विजय अग्रवाल मिलेट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस कान्ट्रैक्टर हैं। संस्कार और उसकी मां व बहन माल से खरीदी कर घर जा रहे थे।बाइक सवार को बीस फीट तक घसीटा, तिरपाल में लपेटना पड़ा शव कनाड़िया बायपास हुए हादसे को देखकर लोग दंग रह गए।     टक्कर मारने के बाद भी ट्राला नहीं रुका। बाइक चालक बाइक सहित पहियों के बीच में फंस गया।  ट्राला उसको 20 फीट दूर तक घसीटते हुए ले गया। आखिर में डिवाइडर कूद गया और कार पर पलटी खा गया। गनीमत रही कार ट्राला और उसके कैबिन के बीच के हिस्से में दबी।     एसीपी कुंदन मंडलोई के मुताबिक मिलेट्री इंजीनियर सर्विस कान्ट्रैक्टर विजय अग्रवाल और उनका परिवार बाहर जाने की तैयारी कर रहा था। उनका बेटा संस्कार अपनी मां शीतल और बहन के साथ माल में खरीदी करने आया था।  घटना से कुछ देर पूर्व ही उन्होंने विजय को काॅल कर बताया था कि वो रवाना हो गए हैं।यूनो माल के सामने पहुंचे ही थे कि ट्राला के नीचे दब गए।  राहगीर अर्पित के मुताबिक ट्राॅले ने बाइक को टक्कर मारी तब एक कार चपेट में आने से बच गई।     उसमें भी परिवार बैठा था। ट्राला लहराते हुए चल रहा था। बाइक उसके बीच में फंस गई थी। चालक नियंत्रित नहीं कर सका और उसने दाईं तरफ मौड़ा। तेज रफ्तार होने के कारण ट्राला डिवाइडर पर चढ़ा और दूसरी लेन में आ गया। सामने से संस्कार की कार आई और कैबिन और ट्राला के हिस्से में दब गई। ट्रक चालकों से सब्बल मांगे,रस्से से खींचकर निकाला। ट्राला चालक मौके से भाग चुका था।     कार में तीन लोग दबे हुए थे।लोगों को रोका और मदद मांगी। ट्रक चालकों से सब्बल लेकर कार के दरवाजे तोड़े। रस्से से दरवाजों को खींचा। संस्कार,शीतल और आस्था बुरी तरह फंसी हुई थी। उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करना पड़ी।     सड़क पर डीजल फैल चुका था। आग लगने का डर सता रहा था। ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम को सूचना दी।     कुछ देर बाद क्रेन भी पहुंच गई। करीब 45 मिनट बाद तीनों को बाहर निकाल लिया। महिलाओं के वस्त्र फट चुके थे। आस्था मां का पूछ रही थी। उसने मेरा हाथ कसकर पकड़ रखा था। मैंने बताया मां और भाई ठीक है। संस्कार के पैर और हाथ में फ्रेक्चर थे। हाथ लगाते ही चीख पड़ता था। कनाड़िया टीआइ सहर्ष यादव ने बताया बड़ी मुश्किल से उसे एम्बुलेंस ले पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक ट्राला में प्लास्टिक दाना भरा हुआ था। क्रेन लगाकर पूरा ट्राला खाली किया तो एक शव निकाला। शव को समेट कर तिरपाल में भरना पड़ा। उसकी पहचान नहीं हुई है। लोगों ने बताया ट्राला में क्लीनर भी था। उसका अभी तक पता नहीं चला है। हादसे के बाद बायपास पर दो किमी तक जाम लग गया।  सैंकड़ों ट्रक,कार और दो पहिया वाहन फंस गए। ट्राला हटाने के लिए चार क्रेन और भारी वाहन लगाने पड़े।  

सतना में शॉर्ट एनकाउंटर, बदमाश आदर्श के पैर में लगी गोली, हेड कांस्टेबल पर थाने में किया था हमला

सतना  सतना जिले के जैतवारा थाना परिसर के अंदर बैरक में प्रधान आरक्षक को गोली मारने वाले आरोपित आदर्श उर्फ अच्छू शर्मा को शुक्रवार-शनिवार की रात टिकुरी-आ कौन मार्ग पर ईट-भट्टा के पास घेराबंदी करते हुए पकड़ लिया है। घेराबंदी के दौरान आरोपित अच्छू ने पुलिस पर गोली चलाई, जो कोटर थाना प्रभारी दिलीप मिश्रा को लगी। हालांकि बुलेट प्रूफ जैकेट ने उन्हें बचा लिया। जबकि जवाबी करवाई में आरोपित आदर्श उर्फ अच्छू के पाव में गोली लगी है। घायल अच्छू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता भी रात में ही जिला अस्पताल पहुंचे। आनन फानन में पहुंचाया जिला चिकित्सालय आरोपी अच्छू के पैर में गोली लगते ही उसे पकड़ कर पुलिस सीधे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंची। जहां उसका इलाज प्रारंभ कर दिया गया है। अब उसकी हालत स्थिर बताई गई है। दूसरी ओर थाना प्रभारी कोटर दिलीप मिश्रा का भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इस दौरान सीएसपी महेन्द्र सिंह, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी व अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे। दो ओर से घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी के ईंट भट्ठे के पास छुपा हुआ है। जिस पर दो टीम बनाकर उसकी दो ओर से घेराबंदी की गई। एक तरफ से थाना प्रभारी कोटर दिलीप मिश्रा अपनी टीम के साथ थे तो दूसरी ओर से रामपुर थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी ने अपने दल के साथ घेराबंदी की। रात ढाई बजे शॉर्ट एनकाउंटर जानकारी के अनुसार अच्छू की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग लोकेशन पर दस पुलिस पार्टियां सर्चिंग में लगाई गई थीं। लगभग ढाई बजे टिकुरी अकौना मार्ग के पास सर्चिंग कर रही पुलिस पार्टी को आरोपी के यहीं कहीं छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस बल सतर्क होकर अच्छू की सर्चिंग में जुट गया। आरोपी सिरफिरा होने से पूरी सुरक्षा के साथ दल आगे बढ़ रहा था तभी ईंट भट्ठे के पास कुछ हरकत समझ में आई। चारों ओर से इस स्थल को घेरा गया। तभी अचानक अच्छू सामने आया और पुलिस पार्टी पर गोली चला दी। गोली एसएचओ कोटर दिलीप मिश्रा की ओर दागी गई, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट होने की वजह से वे बाल-बाल बच गए। खुद पर हमला होता देख एसएचओ ने भी फायर खोल दिया। गोली अच्छू के पांव पर लगी और वह वहीं गिर गया। उसके गिरते ही वहां मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने भाग कर उसे काबू में किया। दहशत के साथ अपराध में नाम कमाने की मंशा अच्छू गौतम पर दहशत फैलाने की सनक थी। इसी सनक में अपराध भी करता रहा है। कुछ महीने पहले इसने बदखर स्थित खत्री पेट्रोल पंप में पहुंच कर दहशत का तांडव खड़ा कर दिया था। यहां हाथ में सिगरेट सुलगा कर पंप के नोजल से सैकड़ों लीटर पेट्रोल फर्श पर बहा दिया। पेट्रोल फैलाने के दौरान लगातार वह सिगरेट पी रहा था। नशे का आदी हो चुका अच्छू को अपने घर परिवार की भी फिक्र नहीं थी। नशे की हालत में उसने अपनी दादी के घर में आग लगा दी। पूरा सामान जला गया और डर कर दादी घर छोड़ कर अन्यत्र चली गई। पुलिस कर्मी पर भी हमला उसने इसी सनक में तब किया था जब उससे जब्त की गई बाईक के चोरी के होने के संदेह पर थाने बुलाया गया था। तभी वह थाने पहुंचा था और प्रधान आरक्षक पर गोली चला दी थी। जानें क्या है पूरा मामला 28 अप्रैल को आरोपी अच्छू ने जैतवारा थाना परिसर में हेड कांस्टेबल प्रिंस गर्ग को गोली मारी थी. गोली उनके कंधे में ली. इसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गया था. फायरिंग की आवाज सुनते ही थाने का स्टाफ बाहर निकला. फिर घायल घायल कांस्टेबल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. इसके बाद आईटी ने आरोपी अच्छू की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी किया था. बताया जाता है कि बाइक चोरी के एक मामले में आरोपी अच्छू को थाने बुलाया गया था. इसी बात से वो काफी नाराज था. कौन है आदर्श उर्फ अच्छूं गौतम हेड कांस्टेबल पर फायरिंग की घटना के बाद आरोपी अच्छू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. इस वीडियो में आरोपी पेट्रोल पंप पर जलती सिगरेट के साथ नोजल से पेट्रोल बहाता नजर आ रहा है. दशत इतनी थी कि पेट्रोल पंप के कर्मचारी डर के मारे दूर ही खड़े थे. बताया जाता है कि अच्छू को दहशत फैलानी की सनक थी. उसने नशे की हालत में अपनी दादी के घर आग लगा दी थी.

सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिले की सूची से बालाघाट हुआ बाहर, अब देश मे केवल 6 ज़िलें सर्वाधिक नक्सल प्रभावित

बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ताजा समीक्षा में बालाघाट जिले को बड़ी राहत मिली है। एक समय देश के 12 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल रहा बालाघाट अब इस सूची से बाहर हो चुका है। हालांकि, जिले को अभी ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि यहां अभी भी सतर्कता की जरूरत है, लेकिन हालात पहले से काफी सुधरे हैं। इस बदलाव की पुष्टि बालाघाट के पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह ने की है। एसपी ने दी जानकारी एसपी के मुताबिक, बीते वर्षों में सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई और निरंतर प्रयासों के चलते जिले में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। नक्सलियों के कई मंसूबों को सुरक्षा बलों ने विफल किया है और अब जिले में नक्सलियों का दबदबा पहले जैसा नहीं रहा। गृह मंत्रालय की हालिया समीक्षा रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ है कि अब देश में 58 की बजाय केवल 38 जिले ही नक्सल प्रभावित हैं। इनमें भी अब केवल 6 जिले ही सर्वाधिक नक्सल प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी की श्रेणी में ये जिले मध्य प्रदेश के अन्य दो जिले मंडला और डिंडोरी, जहां पहले नक्सल प्रभाव दर्ज किया गया था, उन्हें अब ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ लिगेसी’ की श्रेणी में रखा गया है। यह श्रेणी उन क्षेत्रों के लिए बनाई गई है जहां पहले नक्सलियों की सक्रियता रही है लेकिन वर्तमान में हालात काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं। इन दोनों जिलों को अब निरंतर निगरानी के साथ विकास की मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज किए जाएंगे। पांच साल में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का यह सकारात्मक परिणाम है। बालाघाट पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कैंप स्थापित किए। नक्सल उन्मूलन अभियान चलाए। साथ ही क्षेत्र में सरकारी योजनाओं से विकास कार्य भी हुए। पहले देश में 58 नक्सल प्रभावित जिले थे, जिनमें 12 सर्वाधिक प्रभावित जिलों में बालाघाट भी शामिल था। अब यह संख्या घटकर 38 रह गई है। इनमें केवल 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित श्रेणी में हैं। 2020 से फरवरी 2025 के बीच बालाघाट पुलिस ने कई एनकाउंटर में करोड़ों रुपए के इनामी नक्सलियों को मार गिराया। इससे जिले के जंगलों को सुरक्षित आश्रय मानने वाले नक्सलियों में पुलिस का खौफ है। कोर जोन में अब केवल एक दलम सक्रिय है। एसपी नगेन्द्र सिंह के अनुसार, श्रेणी में बदलाव के बावजूद नक्सल उन्मूलन के लिए मिली सुरक्षा कंपनियों के बलों में कोई कमी नहीं होगी। पुलिस का लक्ष्य मार्च 2026 तक जिले से नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि इस क्षेत्र के लोग मुख्य धारा से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जिले में नक्सलियों की संख्या में भारी कमी आई है। पहले तीन दलम थे, अब एक दलम रह गया है, जिसमें 8 से 10 नक्सली हैं, जिसे लेकर हम निरंतर प्रभाव बनाए हुए हैं। मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील है कि वह प्रदेश की आत्मसमर्पण नीति के तहत, आत्मसमर्पण करें और मुख्य धारा से जुड़ें और यदि वे नहीं आएंगे तो कार्रवाई जारी रहेगी। नक्सल प्रभाव वाले जिलों में गिरावट गृह मंत्रालय की रिपोर्ट यह भी बताती है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मिलकर अपनाई गई रणनीति, जिसमें सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास कार्यों और स्थानीय संवाद शामिल हैं, वास्तव में प्रभावशाली रही है। देशभर में नक्सल प्रभाव वाले जिलों की संख्या 58 से घटकर 38 हो गई है, जो नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि भले ही बालाघाट अब सर्वाधिक प्रभावित जिलों की सूची से बाहर हो गया है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेंगी। उनका कहना है कि नक्सलवाद को जिले से पूरी तरह समाप्त करने का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में बालाघाट को किसी भी नक्सली श्रेणी से बाहर करने का लक्ष्य है।

अब सरकार द्वारा किए गए प्रयास एवं जागरूकता के कारण अब हमारी बेटियां वरदान बन गई : मंत्री राजपूत

भोपाल बेटियां वरदान होती हैं अभिशाप नहीं, बेटियों को आगे बढ़ाएं। उक्त विचार खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में जिला स्तरीय लाडली लक्ष्मी उत्सव कार्यक्रम में व्यक्त किये। खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पहले हमारी बेटियां जब जन्म लेती थीं तब उनको अभिशाप माना जाता था किंतु अब सरकार द्वारा किए गए प्रयास एवं जागरूकता के कारण अब हमारी बेटियां वरदान बन गई हैं। आज बेटियां जहां फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं वहीं सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी कर रही हैं। इसी प्रकार हमारी बेटियां कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नासा, इसरो सहित अन्य शासकीय अशासकीय संस्थानों में बड़े-बड़े पदों पर पुरुषों के बराबर कार्य कर रही हैं।मंत्री राजपूत ने कहा कि सागर जिले की एक लाख 68 हजार बेटियां लाड़ली लक्ष्मी बन गई हैं। लाडली लक्ष्मी योजना के माध्यम से सरकार बेटियों के जन्म में से लेकर उनके विवाह तक के लिए निश्चित राशि उपलब्ध कराती है। बेटियों के भविष्य को लेकर सरकार सदैव चिंतित मंत्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार बेटियों के भविष्य एवं उनके विवाह के लिए हमेशा चिंतित रहकर कार्य कर रही है और अनेक योजनाओं के माध्यम से उनको आगे बढ़ाने, आर्थिक रूप से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर करने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज सागर में लाडली लक्ष्मी के नाम से चौराहे एवं पार्क का नाम रखा है। उन्होंने कहा कि आज लाडली लक्ष्मी योजना को 18 वर्ष से अधिक हो गए हैं और तब की लाडली लक्ष्मी आज अपने घर की लक्ष्मी बनाकर आगे बढ़ रही हैं। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाएं : डॉ. वानखेड़े सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि बेटियां हैं तो कल है, बेटियां ही कल का भविष्य हैं और बेटियां ही हमारा भारत देश है, इसलिए बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं एवं उनको आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण भी दिलाएं जिससे कि वह अपना कार्य पूरी निर्भयता के साथ कर सकें। मंत्री एवं सांसद ने किया पोषण मेले का अवलोकन कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजपूत एवं सांसद श्रीमती लता वानखेड़े सहित समस्त अतिथियों के द्वारा पोषण मेले का अवलोकन किया गया एवं पौधारोपण भी किया गया। मंत्री राजपूत ने बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लाडली लक्ष्मी बेटियां मौजूद थीं।  

नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता की संतुष्टी ही हमारा ध्येय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपनी दक्षता और क्षमता संवर्धन पर दें विशेष ध्यान योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये करें बेहतर प्रबंधन नागरिकों को सुशासन का लाभ दिलायें, जनप्रतिनिधियों के साथ करें संवाद मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में की सीधी सुनवाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता की संतुष्टि ही हमारा ध्येय है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सुशासन है, इसलिए प्रदेश के हर नागरिक को सुशासन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और उनके सुझावों पर भी अमल करें। हरसंभव तरीके से अपनी दक्षता और क्षमता बढ़ायें। जिले में चल रही सभी प्रकार की घटनाओं पर पैनी नजर रखें। योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हों, इसके लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में आए प्रदेश के 14 जिलों के विभिन्न प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से रू-ब-रू बात कर उनके मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम के मजबूती के लिये प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिये यहां-वहां भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाये। समाधान ऑनलाइन में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएम हेल्पलाईन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का तय समय-सीमा में ही निराकरण किया जाये। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाईन में आ रहा है तो यह गंभीर है। सुशासन के तहत स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को उनकी समस्या का निदान मिल जाये, यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी योजनाओं में जिलों के प्रदर्शन की ग्रेडिंग कराई गई है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के बारे में फीडबैक भी लिया जा रहा है। ग्रेडिंग में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने वाले जिले अपना प्रदर्शन सुधार लें और नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को कस्टमर फ्रेंडली बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। किसान पराली न जलायें, इसके लिये उन्हें समझाइश दें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में किसानों को जागरूक करें। कलेक्टर्स किसानों को यह समझायें कि वे किसी भी स्थिति में अपने खेत में पराली या अन्य फसल अवशेष न जलायें। किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण फैलने के साथ-साथ खेत की मिट्टी के जलने से उसकी उर्वरता कम होने से जुड़े भावी नुकसान के बारे में भी बतायें। उन्होंने कहा कि पराली को जलाना ही कोई हल नहीं है। किसान दूसरे तरीकों से भी पराली का निदान या निपटान कर सकते हैं। समाधान ऑनलाईन में आये ये 14 मामले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाईन में पांढुर्णा, मुरैना, उमरिया, नीमच, भिंड, बैतूल, निवाड़ी, रायसेन, नर्मदापुरम एवं धार जिले के एक-एक मामले तथा शहडोल और सतना जिले के 2-2 मामलों (कुल 14 प्रकरणों) की सीधी सुनवाई की। पांढुर्णा जिले की आवेदिका श्रीमती कलावती हिंगवे ने शिकायत की थी कि उन्हें कपिलधारा कूप निर्माण, मेढ़ बंधान, खेत-तालाब, भूमि शिल्प, नंदन फल उद्यान के संबंध में मनरेगा की ओर से भुगतान नहीं किया गया था। कलेक्टर पांढुर्णा ने बताया‍कि इस मामले में दोषी ग्राम रोजगार सहायक को पद से पृथक कर दिया गया है। पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। दोषी सब इंजीनियर का 15 दिन का वेतन रोका गया और दोषी पाये गये सहायक यंत्री के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव कमिश्नर जबलपुर को भेज दिया गया है। वर्तमान में आवेदिका को उसका भुगतान करा दिया गया है। मुरैना जिले के आवेदक ब्रह्मलाल सिंह ने उसके फौती नामांतरण में देरी होने की शिकायत की थी। कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस दिया गया है और पटवारी पर भी कार्रवाई की गई है। उमरिया जिले के आवेदक दीपक कोरी ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना में उसे पेंशन न मिलने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि शिकायत करने के बाद अब उसे पेंशन मिल रही है। कलेक्टर उमरिया ने बताया कि हितग्राही को पेंशन मिलने में देरी के लिये दोषी पाये गये समग्र सामाजिक न्याय अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोकी गई है। ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और इस संबंध में देरी के लिये विशेष रूप से दोषी पाये गये ग्राम रोजगार सहायक से अर्थदंड की राशि तीन हजार रूपए वसूल करके आवेदक को दे दी गई है। नीमच जिले के आवेदक लालाराम भील ने उसे दिये गये वनाधिकार हक प्रमाण पत्र में वन विभाग की गलती के कारण उसे लाभ न मिलने की शिकायत की थी। अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल ने बताया कि जारी किये गये वनाधिकार प्रमाण पत्र में शाब्दिक/तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदक के साथ यह परिस्थिति बनी। निराकरण कर अब आवेदक को उसके हक की 9 लाख 28 हजार 200 रूपए की शासकीय राशि भुगतान कर दी गई है। भिंड जिले के आवेदक (छात्र) दिनेश चरकोटा ने उसे जनजातीय कार्य विभाग की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति न मिलने की शिकायत की थी। कलेक्टर भिंड ने बताया कि आवेदक को छात्रवृत्ति मिलने में विलंब के‍लिये दोषी क्षेत्र संयोजक पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा जिला संयोजक (जो पहले से ही निलंबित चल रहे हैं) के निलंबन आरोप में इस मामले के आरोप भी जोड़ दिये गये हैं। बैतूल जिले के आवेदक (किसान) अनोखीलाल यादव ने सहकारिता विभाग द्वारा जारी उसके केसीसी किसान क्रेडिट कार्ड का नवीनीकरण नहीं होने के कारण उसे कठिनाई होने की शिकायत की थी। आवेदक ने बताया कि उसने वर्ष- 2022 में शिकायत की थी। कलेक्टर बैतूल ने मामले में अद्यतन जानकारी देते हुये बताया‍कि आवेदक द्वारा जमा की गई राशि का संबंधित शाखा प्रबंधक द्वारा गबन कर लिया गया था। इसलिए प्रबंधक पर एफआईआर की गई, फिर उससे वसूली भी की गई है। निवाड़ी … Read more

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति मध्यप्रदेश जबलपुर के सौजन्य से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्य पीठ जबलपुर के क्षेत्रांतर्गत आने वाली समस्त जेल में बृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

A massive health camp was organized in all the jails falling under the jurisdiction of the Madhya Pradesh High Court Chief Bench, Jabalpur, courtesy of the High Court Legal Services Committee, Madhya Pradesh, Jabalpur. जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत, मुख्य न्यायाधिपति, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के मार्गदर्शन में एवं मान्नीय न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा प्रशासनिक न्यायाधीश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा मान्नीय न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल अध्यक्ष म.प्र.उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की गरिमामयी उपस्थिति में आज दिनांक 03.05.2025 को केन्द्रीय जेल जबलपुर से मान्नीय उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्राधिकार की समस्त जेलों में विशेष मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम न्यायमूर्तिगण का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तथा मान्नीयों का गार्ड ऑफ आनर के साथ स्वागत किया गया। मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा सुभाष कक्ष में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की शयिका पर पुष्पांजली अर्पित कर वार्ड का अवलोकन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर द्वारा कार्यक्रम का परिचय दिया गया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्रान्तर्गत केन्द्रीय जेल जबलपुर का भौतिक रूप से तथा अन्य जेलों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरो का वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से अवलोकन किया जाकर शिविर के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा बंदियों को सम्बोधित भी किया गया तथा शिक्षा एवं विधिक सहायता तथा प्रशिक्षण व पुनर्वास पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में जेल बंदियों द्वारा मनमोहक गायन की भी प्रस्तुतियॉं दी गई।मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों का भी अवलोकन किया गया तदोपरांत जेल पाकशाला, बंदी योगा एवं जेल अस्पताल तथा जेल बंदी बैरिक तथा जेल वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग का भी अवलोकन किया गया है।मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा पेन्टिंग स्कैच बनाने वाले बंदी, जेल आर्केस्ट्रा के बंदियों तथा योगा टीम के बंदियों को उनके खाते में 1000/- रूपये प्रोत्साहन स्वरूप विधिक सहायता के माध्यम से प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये तथा जेल बंदी आर्केस्ट्रा टीम को जेल के बाहर भी कार्यक्रम करने की अनुमति संबंधी नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिये गये तथा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित समोसे तथा अन्य व्यंजनों के विक्रय हेतु प्रोत्साहन के निर्देश दिये गये। कार्यक्रम के अंत में मान्नीय न्यायमूर्तिगण को जेल बंदियों द्वारा बनाई गई पेन्टिंग एवं चरखा भेंट की गई। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारीगण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जबलपुर आलोक अवस्थी, सदस्य-सचिव मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर प्रदीप मित्तल, रजिस्ट्रार जनरल म.प्र.उच्च न्यायालय जबलपुर धरमिन्दर सिंह, रजिस्ट्रार/सचिव मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर श्रीमती अर्चना सिंह, रजिस्ट्रार न्यायिक वंदन मेहता, अतिरिक्त-सचिव अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर श्रीमती शक्ति वर्मा, एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण तथा सिविल सर्जन जबलपुर एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रदीप सिंह, दिग्विजय सिंह, श्रीमती शक्ति रावत विशेष स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित रहें। अधिष्ठाता, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के आदेशानुसार जेल में पुरूष महिला बंदियों का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने हेतु कैम्प में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, अस्थि रोग, स्किन एण्ड व्ही.डी., गायनिक, डेन्टल, न्यूरोलॉजी, मनोरोग, नेत्र, शिशु, कैसर, नेफ्रोलॉजी, ई.एन.टी. विभाग के 17 चिकित्सकों के द्वारा 410 पुरूष बंदी, 52 महिला बंदी तथा 06 बच्चों सहित कुल 468 का चैकप किया गया है।इस अवसर पर जेल में बंदियों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन हुआ। विधिक सहायता शिविर में विशेष रूप से चीफ लीगल एड डिफेन्स काऊंसिल अशोक पटेल, डिप्टी चीफ राजेश तिवारी, वीरेन्द्र सिंह, अभिषेक तिवारी, असिस्टेन्ट गौरव पाठक, वेदांत पटेल तथा जेल पैरालीगल वॉलेंटियर्स द्वारा सहयोग किया गया तथा लगभग 75 बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के संबंध में बतलाया गया तथा 06 बंदियों को विधिक सहायता के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता दिलाये जाने की कार्यवाही की गई।इस अवसर पर जेल चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण शाह, उप जेल अधीक्षक श्रीमती रूपाली शर्मा, गणेश सिंह, सहायक जेल अधीक्षक प्रशांत चौहान, कुलदीप सिंह, श्रीमती अंजू मिश्रा, जेल लेखापाल राहुल चौरसिया, प्रमुख मुख्य प्रहरी तीर्थेन्द्र सिंह बघेल, वरिष्ठ प्रहरी ओमप्रकाश दुबे, सुभाष चन्द्र यादव, पिनांकपाणि मिश्रा, विवेकानन्द शर्मा, आशीष हिडाउ एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। आभार प्रदर्शन जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश द्वारा एवं मंच संचालन सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि उद्योग समागम का 3 मई को मंदसौर में करेंगे शुभारंभ

भोपाल कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और कृषक कल्याण को समर्पित ‘कृषि उद्योग समागम-2025’ का 3 मई को मंदसौर में भव्य आयोजन होगा। एक दिवसीय समागम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, क्षेत्रीय सांसद, विधायकगण तथा प्रदेश भर से आए कृषक, उद्यमी, निर्यातक और एफपीओ प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। प्रमुख गतिविधियाँ कृषक सम्मेलन एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन: समागम में कृषि एवं उद्यानिकी के विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन किसानों और उद्यमियों को प्रदान किया जायेगा, जिसका लाभ वह अपने कृषि और खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों को बेहतर बनाने में कर सकेंगे। नवीन कृषि तकनीकों का प्रदर्शन समागम स्थल पर देश के कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में आधुनिक यंत्रों, उपकरणों का उत्पादन करने वाली इकाइयों द्वारा स्टॉल लगाये जायेंगे। इनमें आधुनिक कृषि यंत्र ट्रैक्टर, हैप्पी सीडर, प्याज-लहसुन बुआई यंत्र, ड्रोन, एआई आधारित उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर, सेंसर-आधारित उर्वरक संयंत्र, कृषि एवं उद्यानिकी की नवीनतम एवं उन्नत किस्में, पॉली/नेट हाउस, मल्चिंग, पौंड लाइनिंग आदि, जैविक व नैनो फर्टिलाइज़र, कस्टमाइज्ड माइक्रो न्यूट्रिएंट्स, गौशाला उत्पाद, दुग्ध एवं हर्बल उत्पाद, पशु आहार, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, बायो-फ्लॉक्स, टैंक व केज कल्चर मॉडल, एक्वेरियम डिस्प्ले शामिल हैं। प्राकृतिक एवं जैविक खेती के मॉडल समागम में भाग लेने वाले किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों के लिये प्राकृतिक और जैविक खेती का लाइव प्रदर्शन किया जायेगा, जिसके माध्यम से किसान भाई जैविक खेती की आधुनिक और उन्नत तकनीक से अवगत हो सकेंगे। उद्योग व निर्यात पर संगोष्ठी समागम में कृषि, औषधीय फसलों पर आधारित उद्योगों, एफपीओ, निर्यातकों व क्रेता-विक्रेताओं के लिए संवाद व नेटवर्किंग सत्र का आयोजन भी किया गया है, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा उत्पादन के साथ निर्यात, तकनीकों और प्रक्रियाओं के विषय में बताया जायेगा। एग्री-हॉर्टी एक्सपो-2025 में विभागीय सहभागिता कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, कृषि अभियांत्रिकी एमएसएमई, मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, एमपी एग्रो सहित राज्य सरकार के कई अन्य विभाग एवं संस्थान सम्मिलित होंगे। ऑन-द-स्पॉट पंजीयन समागम में कृषकों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी व ऑन-द-स्पॉट पंजीयन की सुविधा मुहैया करायी जायेगी। स्थानीय नवाचारों की प्रस्तुति समागम के दौरान मंदसौर जिले में कृषकों द्वारा किए गए नवाचारों पर केंद्रित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण होगा। कृषक हितलाभ वितरण व निवेश संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कृषि-उद्यानिकी विभाग से संबंधित योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण और निवेशकों से सीधी चर्चा की जायेगी। मंदसौर उद्यानिकी उत्पादों में अग्रणी जिला 1.15 लाख हेक्टेयर में फल, सब्जी, मसालों, औषधीय फसलों का मुख्य केन्द्र है। इन फसलों से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। साथ ही नये निवेशकों को इन फसलों से संबंधी व्यवसायों के लिये जागरूक कर प्रोत्साहित भी किया जायेगा। 33 करोड़ से निर्मित महर्षि सांदीपनि विद्यालय भवन चंदवासा का होगा लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीतामऊ में 33 करोड़ 14 लाख से निर्मित (सीएम राइज स्कूल) महर्षि सांदीपनी विद्यालय भवन चंदवासा का लोकार्पण करेंगे। साथ ही दुधाखेड़ी में 400 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। 15 विषय-विशेषज्ञों के होंगे व्याख्यान एवं हितलाभ वितरण कृषि उद्योग समागम में 15 विषय-विशेषज्ञ व्याख्यान के रूप में अनुभव साझा करेंगे। किसानों को खेती किसानी से जुड़ी तकनीकी सलाह प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि उद्योग समागम में विभिन्न योजनाओं में अलग-अलग हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान करेंगे। लगाये जायेंगे 80 राज्य स्तरीय स्टॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीतामऊ कृषि उद्योग समागम में 8 विभागों द्वारा किसानों से जुड़े विविध तरह के लगाये गये 80 राज्य स्तरीय स्टॉलों का अवलोकन करेंगे। इन स्टॉल के माध्यम से कृषकों को उन्नत तकनीकी, खेती किसानी की जानकारी, नवाचार, उन्नत किसान के संबंध बारे में बताया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई

जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़ें अधिकाधिक नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा परिक्रमा पथ के स्थानों पर परिक्रमावासियों के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों मुख्यमंत्री ने पानी बचाने के काम में अच्छा कार्य करने वाले जिलों को दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की समीक्षा कर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को जरूरी निर्देश भी दिए। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 से संबंधित गतिविधियों और एयर एंबुलेंस सेवा के संबंध में भी चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा पथ में आश्रय स्थलों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिक्रमा पथ के 321 स्थानों की पोर्टल पर भी मैपिंग की गई है। परिक्रमावासियों के विश्राम, भोजन के साथ ही संतों के लिए ध्यान कक्ष और कुटिया की व्यवस्था भी इन स्थानों पर की जा रही है। जनभागीदारी बढ़ाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रदेश में पानी बचाने, सहेजने, जल स्त्रोतों के संरक्षण और नए स्त्रोतों के निर्माण कार्यों में नागरिक भी भागीदारी कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत अब तक 21 लाख नागरिकों की सहभागिता सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संवर्धन कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में खेत-तालाब के माध्यम से एक लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा का सृजन करने में सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि खेत-तालाब निर्माण के लिए प्रति किसान 100 रूपए के व्यय पर राज्य शासन पर मात्र 5 रूपए का वित्तीय भार आता है। प्रदेश में वर्तमान में पूर्ण हुए 23 हजार 494 कार्यों पर लागत 634 करोड़ रूपए है। प्रति किसान औसत लागत 2.7 लाख रूपए आई है। प्रदेश में रिमोट सेंसिंग से 7 लाख कूपों की मैपिंग की गई है। अभिनव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी जिलों को बधाई जल गंगा संवर्धन अभियान में कूप रीचार्ज कार्य में बैतूल जिला प्रदेश में प्रथम है। खंडवा द्वितीय और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। खंडवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी के संरक्षण के कार्य को व्यापक प्रशंसा मिली है। यह नदी छह महीने सूखी रहती थी। अब 12 ग्रामों की साढ़े सात सौ हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होने लगी है। अमृत सरोवर निर्माण में धार प्रथम है। सीधी द्वितीय स्थान और छिंदवाड़ा तृतीय स्थान पर है। प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण में टीकमगढ़ जिले में वजीतपुरा बावड़ी का संरक्षण किया गया है। इंदौर में अहिल्या कुंड ने संरक्षण के बाद नया स्वरूप ले लिया है। इंदौर में एक पॉली टैंक कानिर्माण भी हुआ है, जहां मत्स्य पालन हो रहा है। नर्मदापुरम में नर्मदा पथ में जल मंदिर का निर्माण किया गया है। 7339 पुराने जल संरक्षण कार्य हुए पूर्ण बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 30 मार्च से 30 अप्रैल की एक माह की अवधि में 7 हजार 339 पुराने जल संरक्षण कार्य पूर्ण किए गए हैं। कुल 24 हजार 685 डगवेल रिचार्ज किए गए हैं। कुल 822 अमृत सरोवर बनकर तैयार हुए हैं। विदिशा जिले में 100 साल प्राचीन चेतन बावड़ी का जीर्णोद्धार हुआ है। अनूपपुर में मृदा क्षरण रोकने के लिए कल्प वृक्ष के संरक्षण में सफलता मिली। राजगढ़ जिले में टोंटी लगाओ पानी बचाओ अभियान से पानी की बचत सुनिश्चित की जा रही है। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन और पन्ना जिलों में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स को श्रेष्ठ कार्य के लिए बधाई दी। तीन-चार महीने पर्वों पर होंगे ये कार्य बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अक्षय तृतीया से रक्षाबंधन तक पानी, मिट्टी और पेड़-पौधों से जुड़े अनेक पर्व मनाए जाएंगे। इनमें 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर कुओं और जलाशयों की पूजा-अर्चना की गई। गंगा दशहरा पर 5 जून को जल की पूजा, नदियों की शुद्धता और जली संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। वट सावित्री व्रत पर 6 जून को बरगद की पूजा और धागा बांधकर वृक्ष रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। निर्जला एकादशी पर 8 जून को जल का दान, पर्यावरण संरक्षण संदेश, हरियाली अमावस्या पर 25 जुलाई को पेड़-पौधे लगाने और उपासना करने का कार्य होगा। हरियाली तीज पर नवीन वस्त्र धारण, पेड़-पौधों की पूजा, रक्षाबंधन पर वृक्षों को राखी बांधने, कजरी तीज पर 12 अगस्त को नीम के वृक्ष की पूजा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिये जल गंगा संवर्धन अभियान के संदर्भ में अन्य निर्देश          जल स्रोतों के संरक्षण के कार्य से जनप्रतिनिधि और आम नागरिक जुड़ें।          अधिकारी दल जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण भी करें।          खेत-तालाब और कूप रिचार्ज कार्यों में भी गति लाई जाए।          प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण के कार्य भी चलें          सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था सभी जिलों में की जाए। जहां प्रारंभ हो गए हैं, उनका सुचारू संचालन हो, नए प्याऊ भी प्रारंभ करें।          नदियों के जल उद्गम स्थलों की सूची तैयार कर उनके निकट पौध-रोपण के कार्य हों।          नर्मदा परिक्रमा के साथ ही पंचक्रोशी यात्रा और ओंकारेश्वर में नर्मदा परिक्रमा पथ से संबंधित आवश्यक कार्य हो।          जल संरचनाओं के संरक्षण में प्रदेश में 20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सामने आई है। इसे बढ़ाया जाए।          सभी 55 जिलों में नर्सरियों के विकास के भी प्रयास हों। उद्योग संवर्धन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          उद्योग और रोजगार वर्ष : 2025 के संदर्भ में जिला स्तरीय उद्योग और निवेश संवर्धन समितियां गतिशील रहें।          कलेक्टर उद्योग संवर्धन प्रयासों और गतिविधियों की नियमित रूप से बैठकों में समीक्षा करें।          नए निवेश प्रस्तावों का परीक्षण कर उनकी प्रगति में सहयोग करें।          स्थानीय बाजारों, पारम्परिक मेलों को परस्पर जोड़ें। राज्य शासन मेलों को प्रोत्साहित करेगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। एयर एम्बुलेंस सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश          जिन स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं होती है, वहां गंभीर रूप से घायल नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस का उपयोग सुनिश्चित करें।          डायल 100 और पुलिस … Read more

150 कलाकार 10 नृत्यों में प्रस्तुत की मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन, इतिहास, कला और परम्पराएं

WAVES 2025 : वैश्विक मंच पर अमृतस्य मध्यप्रदेश ने बिखेरी अतुलनीय मध्यप्रदेश की अनुपम छटा अमृतस्य मध्यप्रदेश में हृदयप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और परम्परा हुई प्रदर्शित 150 कलाकार 10 नृत्यों में प्रस्तुत की मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन, इतिहास, कला और परम्पराएं अन्तर्राष्ट्रीय वेव्स समिट में धड़का हिंदुस्तान का दिल भोपाल वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट-2025 में मध्यप्रदेश अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं के साथ वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बना रहा है। वेव्स के दूसरे दिन शुक्रवार को सांस्कृतिक संध्या में “अमृतस्य मध्यप्रदेश” समवेत नृत्य नाटिका ने अपनी अद्भुत और ओजपूर्ण प्रस्तुति से “अतुलनीय मध्यप्रदेश” की अनुपम छटा बिखेरी। इस नृत्य नाटिका के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, समृद्ध पर्यटन, इतिहास, कला और परंपराओं को दर्शाया गया। इसमें हृदयप्रदेश के सांस्कृतिक रंग, सघन वन, ऐतिहासिक स्थल, टेक्सटाइल, परम्पराएं आदि की अनुभूति और आनंद दर्शकों ने लिया। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्री पहाड़ी के निर्देशन में इस नृत्य नाटिका में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, कुचिपुड़ी के साथ ही मध्यप्रदेश के बधाई, बरेदी, मटकी, गोंड, जैसे लोक नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। इसके अलावा नृत्य नाटिका में मुमताज खान के निर्देशन में मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल जैसे महेश्वरी, चंदेरी, बाग के वैभव को दर्शाता एक विशेष वॉक हुआ। प्रदेश की अध्यात्मिक चेतना का हुआ संचार अमृतस्य मध्यप्रदेश एक मनमोहक समवेत नृत्य-नाट्य प्रस्तुति है जो दर्शकों को भारत के हृदय मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर से जोड़ती है। यह प्रदर्शन केवल नृत्य नहीं, बल्कि एक यात्रा है जो हमें हजारों वर्षों पुराने इतिहास, भक्ति, प्रेम, प्रकृति और कला की लय में ले जाती है। प्रस्तुति की शुरुआत भीमबेटका की प्रागैतिहासिक गुफाओं से हुई, जहां मानव सभ्यता की पहली झलक मिलती है। खजुराहो के मंदिरों में नृत्य और मूर्तिकला का सुंदर संगम, और सांची के स्तूप की शांति दर्शकों को आध्यात्मिक गहराइयों में ले गई। चित्रकूट की पावन भूमि पर भगवान श्रीराम की कथा को भावपूर्ण मुद्राओं में पिरोया गया। उज्जैन और ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता और भगवान शिव की उपस्थिति, इस नृत्य गाथा में भक्ति का उग्र रूप भर देती है। ग्वालियर का ऐतिहासिक किला, मांडू की प्रेम कहानी और ओरछा के भव्य मंदिर को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। मनुष्य व प्रकृति के प्रेम का अनूठा संगम प्रकृति की शक्ति को बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के जंगलों में घूमते बाघों और जबलपुर की संगमरमर की चट्टानों की सुंदरता से दर्शाया गया है। प्रकृति से ही प्रेरणा लेकर पारम्परिक महेश्वरी, चंदेरी और बाग प्रिंट की पोशाकें राज्य की शिल्प विरासत का गौरव गान करती हैं। इन्हें भी सुंदर रूप से मंझे हुए कलाकारों ने मंच पर प्रदर्शित किया। अंत में नर्मदा मैया की आरती के साथ यह यात्रा चरम पर पहुंची। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट 2025 (WAVES) का आयोजन मुंबई में 4 मई 2025 तक किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 1 मई को इसका भव्य शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश इस अयोजन में वैश्विक मीडिया, मनोरंजन और रचनात्मक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। मध्यप्रदेश “अतुलनीय मध्यप्रदेश” पेवेलियन, “अमृतस्य मध्यप्रदेश” नृत्य-नाटिका, नई मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 और नई एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025 जैसे नवाचारों के साथ प्रमुख भागीदारी कर रहा है। AVGC-XR नीति 2025: मध्य प्रदेश बनेगा भारत का रचनात्मक केंद्र कार्यक्रम के तीसरे दिन शनिवार, 3 मई को दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (एनएमएसीसी) में “डिजिटल सपनों और सिनेमाई दृष्टिकोण के साथ : मध्यप्रदेश — अगला रचनात्मक केंद्र” विषय पर पैनल डिस्कशन होगा। इस सत्र में मध्यप्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव आईटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी संजय दुबे, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला, फिल्म प्रोड्यूसर व डायरेक्टर सुएकता कपूर, फिक्की एवीजीसी फोरम एवं एमसीसीआईए एनिमेशन व गेमिंग कमेटी के चेयरमैन आशीष एस. कुलकर्णी, अगस्त मीडिया ग्रुप के फाउंडर व सीईओ ज्योर्तिमय साहा और क्रिएटिव लैंड स्टूडियोज़ की सीईओ शोभा सेंट सम्मिलित रहेंगे। मॉडरेडर की भूमिका लेखक व पत्रकार नमन रामचंद्रन निभाएंगे। इस पैनल डिस्कशन का उद्देश्य अग्रणी उ‌द्योग हितधारकों के साथ जुड़ना और मध्यप्रदेश में फिल्म, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एवीजीसी-एक्सआर क्षेत्रों में संभावनाओं और अवसरों को प्रोत्साहित करना है।  

भोपाल में हुआ लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली पर पहला क्षेत्रीय सम्मेलन

पीएफएमएस एक सुदृढ़ नेटवर्क प्रणाली, 3.48 लाख करोड़ की हुई बचत : सीजीए दुबे एसएनए-स्पर्श प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन में पीएफएमएस की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्य सचिव जैन भोपाल में हुआ लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली पर पहला क्षेत्रीय सम्मेलन भोपाल नियंत्रक महालेखा परीक्षक श्याम सुन्दर दुबे ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पीएफएमएस की पारदर्शिता और दक्षता के साथ निधियों के वितरण में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पीएफएमएस एक सुदृढ़ नेटवर्क प्रणाली है, जो विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं से जुड़ी हुई है। दुबे ने कहा कि पीएफएमएस जैसी सशक्त प्रणाली से लाभार्थियों के दोहराव की और फर्जी लाभार्थियों को समाप्त कर अब तक लगभग 3.48 लाख करोड़ रुपये की बचत की है। लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFMS) पर पहला क्षेत्रीय सम्मेलन दिनांक 2 मई 2025 को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में आयोजित किया गया। भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीजीए) दुबे ने सम्मेलन का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव जैन आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मेलन में मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएफएमएस का स्वागत करते हुए केन्द्र सरकार में अपनी प्रतिनियुक्ति के दौरान हुए इससे संबंधित अनुभव साझा किए। उन्होंने SNA-SPARSH प्रणाली के माध्यम से पीएफएमएस की उस भूमिका की सराहना की, जिसके अंतर्गत सरकार को निधियों के निष्क्रिय रूप से रखे जाने के लिए ऋण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि पीएफएमएस आधुनिक सार्वजनिक वित्त प्रबंधन का आधार बन चुका है, जिससे राज्य सरकारें जन-कल्याणकारी योजनाओं को तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्षम हुई हैं। उन्होंने PFMS, RBI और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए इसे डिजिटल इंडिया के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सम्मेलन में पीएफएमएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसके विभिन्न मॉड्यूल्स पर प्रस्तुतियाँ दीं। सम्मेलन में राज्य वित्त विभाग, कोषालय लेखा निदेशालय और विभिन्न राज्य सरकारों के विभागों एवं मंत्रालयों के अधिकारी सम्मिलित हुए। प्रतिभागियों को SNA-SPARSH, DBT और DBT-SPARSH जैसे मॉड्यूल्स की नवीनतम कार्यप्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई। यह सम्मेलन कार्यान्वयन एजेंसियों, सरकारी विभागों तथा प्रत्यक्ष लाभार्थियों से सुझाव प्राप्त कर पीएफएमएस प्रणाली में सुधार की दिशा में मार्ग प्रशस्त करने का एक मंच सिद्ध हुआ। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों को SNA-SPARSH से संबंधित तकनीकी प्रश्नों के समाधान भी प्रदान किए गए। निकट भविष्य में इस प्रकार की क्षेत्रीय सम्मेलन विभिन्न राज्यों में आयोजित किये जाएंगे।  

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