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मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, पारा चढ़ा, 40 शहरों में 40 डिग्री के पार तापमान, IMD ने जारी की लू की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर है. कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार कर गया है. रविवार को रतलाम सबसे गर्म रहा. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में भी गर्मी कहर ढा रहा है. साथ ही प्रदेश के 40 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया है. इधर, मौसम विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, 21 अप्रैल को रतलाम, दमोह, गुना, सागर, सीधी और शिवपुरी में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में आज दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है. बता दें कि प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. वहीं मंगलवार, 22 अप्रैल से प्रदेश 10 से ज्यादा जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. मध्य प्रदेश के इन शहरों में गर्मी के तीखे तेवर मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में तेज गर्मी का असर दिख रहा है, लेकिन अब पूर्वी हिस्से यानी, सागर, सिंगरौली, रीवा, सीधी जैसे शहरों में गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं. रविवार को सीधी में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा टीकमगढ़ में 43.4 डिग्री सेल्सियस, खजुराहो में 43.2 डिग्री सेल्सियस, शिवपुरी में 43 डिग्री सेल्सियस, नौगांव-रीवा में 42.5 डिग्री सेल्सियस, मंडला में 42.3 डिग्री सेल्सियस और सतना में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगर बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और उज्जैन में 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यहां तापमान 42 पार मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से सीधी, सागर, सिंगरौली, रीवा जैसे शहरों में भी गर्मी के तीखे तेवर देखने को मिला। रविवार को सीधी शहर में पारा 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़ में 43.4 डिग्री, खजुराहो में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। शिवपुरी में 43 डिग्री, नौगांव-रीवा में 42.5 डिग्री, मंडला में 42.3 डिग्री और सतना में पारा 42 डिग्री दर्ज किया गया। बुरी तरह तप रहा भोपाल वहीं राजधानी भोपाल में 40.6 डिग्री, जबलपुर में 40.4 डिग्री, ग्वालियर में 41.2 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री और उज्जैन में 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में अगले कुछ दिन तक पारे में बढ़ोतरी का दौर जारी रहेगा। इस दौरान लू का अलर्ट भी जारी किया गया है। इन शहरों में गर्मी के तीखे तेवर प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से यानी, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में अब तक तेज गर्मी का असर रहा है, लेकिन अब पूर्वी हिस्से यानी, सागर, सिंगरौली, रीवा, सीधी जैसे शहरों में भी गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं।रविवार को पूर्वी हिस्से के सीधी शहर में पारा 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं, टीकमगढ़ में 43.4 डिग्री, खजुराहो में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह शिवपुरी में 43 डिग्री, नौगांव-रीवा में 42.5 डिग्री, मंडला में 42.3 डिग्री और सतना में पारा 42 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 40.6 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री, ग्वालियर में 41.2 डिग्री, उज्जैन में 39.2 डिग्री और जबलपुर में पारा 40.4 डिग्री दर्ज किया गया। पारे में बढ़ोतरी का दौर रहेगा मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया कि अगले कुछ दिन तक पारे में बढ़ोतरी का दौर रहेगा। इस दौरान लू का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इंदौर में शराब के नशे में वॉटर पार्क के पूल में युवती से अश्लील हरकत, पहुंचे सलाखों के पीछे

 इंदौर  इंदौर शहर के बायपास स्थित एक वाटर पार्क में हिंदू युवती के साथ मुस्लिम युवकों ने आपत्तिजनक हरकतें की। पति के रोकने पर आरोपितों ने हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी की और पूल में छलांग लगा दी। घटना के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और दोनों की पकड़कर पिटाई कर दी। थाने का घेराव करने पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। घटना बिचौली स्थित मयंक ब्ल्यू वाटर पार्क की है। राऊ निवासी युवती पति के साथ पिकनिक मनाने आई थी। अश्लील इशारे किए पूल में नहाते वक्त तीन मुस्लिम युवकों ने युवती की तरफ अश्लील इशारे किए। आरोपितों ने करीब आने की कोशिश भी की। उस वक्त युवती का पति पूल में ही था। उसने इशारा कर युवती को दूर हटाया। दो चेंजिंग रूम में पकड़े गए आरोपितों ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और पूल में कूद गए। कुछ देर बाद हंगामा हो गया। पीड़िता के पति ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को कॉल लगाकर बुलाया। आरोपितों ने भागने की कोशिश की, मगर दो को चेंजिंग रूम से पकड़ लिया। युवतियों को बनाते हैं निशाना आरोपितों की पहचान कटकटपुरा निवासी सोहेल खान और सादिक खान के रूप में हुई है। एक आरोपित फैजान फरार हो गया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरोपित शराब के नशे में थे। उनका आरोप है कि ऐसे कई मुस्लिम युवा हैं, जो पिकनिक स्पॉट, वाटरपार्क, होटलों में हिंदू युवतियों को निशाना बनाते हैं। इधर…13 वर्षीय बच्चे से हरकत, गिरफ्तार इंदौर की एमआइजी पुलिस ने 13 वर्षीय बच्चे से अश्लील हरकतें करने के आरोप में हाउसिंग बिल्डिंग रोड नेहरूनगर निवासी अनिल गायकवाड़ को गिरफ्तार किया है। टीआइ सीबी सिंह के मुताबिक आरोपित ने बच्चे को रूम में बंद कर लिया था। करीब 15 मिनट बाद छूटकर बच्चे ने मां को घटना बताई। रविवार को बच्चे के कथन लेकर अनिल को गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध पाक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है।

नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे की गिरफ्तारी पर बवाल, हीरानगर थाने के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी

इंदौर इंदौर नगर निगम के विपक्षी नेता चिंटू चौकसे को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई चौकसे और उनके परिवार के बीजेपी नेता कपिल पाठक के परिवार के बीच हुए झगड़े के बाद हुई. चिंटू चौकसेकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश  सरकार पर अपने सदस्यों को गलत तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने बताया कि बीती शनिवार रात चौकसे और बीजेपी नेता कपिल पाठक के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था. उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें पाठक के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया. पुलिस को दिए गए अपने बयान में पाठक ने चौकसे पर रॉड से हमला करने का आरोप लगाया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में भी डॉक्टर ने पाठक के सिर पर गहरे घाव की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चौकसे के अलावा 7 अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि चिंटू चौकसे और सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य – रोहन चौकसे, ईशान चौकसे, राधेश्याम चौकसे, गौरव चौधरी, सुमित ठक्कर, रवि प्रजापति और एक अज्ञात व्यक्ति फरार हैं. इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा बताया. पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने सत्ता के इस दुरुपयोग को उठाने के लिए डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) से मिलने की मांग की है.” गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए, जबकि चौकसे समर्थकों ने हीरानगर पुलिस स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया. आगे की अराजकता को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि पाठक की शिकायत सही थी.

28 साल बाद कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की मौत की दोबारा जांच, हैंडराइटिंग से खुल सकता हैं हत्या का राज

भोपाल मध्य प्रदेश की दिवंगत कांग्रेस नेत्री सरला मिश्रा की 1997 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में भोपाल की एक अदालत ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पलक राय ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए टीटी नगर पुलिस को मामले की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया. इस फैसले से सरला मिश्रा के परिवार को 28 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है. 14 फरवरी 1997 को सरला मिश्रा भोपाल के साउथ टीटी नगर स्थित अपने सरकारी आवास में गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में पाई गई थीं. 5 दिन बाद यानी 19 फरवरी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या करार देते हुए साल 2000 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. हालांकि, सरला के भाई अनुराग मिश्रा ने इस रिपोर्ट को चुनौती दी और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया. हाईकोर्ट के निर्देश पर भोपाल जिला अदालत ने मामले की फिर से जांच का आदेश दिया. अनुराग मिश्रा ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, “यह मामला पहली बार अदालत में आया और हमारे तर्कों को स्वीकार किया गया. पुलिस ने इस मामले को दबाने की कोशिश की और इसे आत्महत्या के रूप में पेश किया. हम अदालत के फैसले से बहुत संतुष्ट हैं.” उन्होंने दावा किया, “मेरी बहन ने आत्महत्या नहीं की, उसकी हत्या की गई थी. मुझे पूरा विश्वास है कि अब न्याय मिलेगा.” प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था और केस बंद करने के लिए कोर्ट में आवेदन किया था। वहीं, सरला मिश्रा के भाई ने कोर्ट में इसे हत्या बताते हुए तत्कालीन दिग्विजय सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था। परिजन के आपत्ति दर्ज करने के बाद 16 अप्रैल को कोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि कोर्ट ने जिन बिंदुओं को लेकर जांच के आदेश दिए हैं, क्या उन बिंदुओं की नए सिरे से जांच की जा सकती है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए  फॉरेंसिक साइंस और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स के अलावा कानून के जानकारों से बात की। अनुराग ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने के अदालत के फैसले को गड़बड़ी का सबूत बताया. उन्होंने कहा कि 90% जली हुई अवस्था में कोई व्यक्ति मृत्यु पूर्व बयान या हस्ताक्षर कैसे दे सकता है, जैसा कि पुलिस ने दावा किया था. इस मामले ने उस समय राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था, क्योंकि 1997 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे. अनुराग मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके भाई लक्ष्मण सिंह पर हत्या के आरोप लगाए हैं, जिसे उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़ा. बुधवार के अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “जितनी जांच करनी है, करा लें. मैं हर जांच का स्वागत करता हूं.” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा सरकार के दौरान सीबीआई ने भी इस मामले की जांच की थी. सरकार से लगाई गुहार अनुराग मिश्रा ने वर्तमान सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाए और जो सफेद पोश लोग हैं, उनके नाम भी सामने आने चाहिए. कोर्ट में दोबारा सरला के मौत की फाइल दोबारा खुलने से उनके परिवार को राहत मिली है और उन्हें न्याय की आशा जगी है.  

सूचना का अधिकार कोई एहसान नहीं, यह हमारा संवैधानिक हक है

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला – RTI को कमजोर करने वालों को मिलेगा करारा जवाब मामला: डॉ. जयश्री दुबे बनाम केंद्रीय सूचना आयोग एवं अन्य फैसला दिनांक: 03 अप्रैल 2025 स्थान: उच्च न्यायालय, जबलपुर यह फैसला उन लाखों लोगों के लिए एक मिसाल है जो सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी की उम्मीद रखते हैं। आइए, जानिए इस ऐतिहासिक फैसले के प्रमुख बिंदु: 1. नौकरी से संबंधित दस्तावेज अब ‘गोपनीय’ नहीं रहेंगे: यदि कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक पद पर नियुक्त हुआ है, तो उसकी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव प्रमाणपत्र, चयन प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज, नियुक्ति आदेश आदि निजी जानकारी नहीं माने जाएंगे। कोर्ट का स्पष्ट आदेश: ये सभी दस्तावेज जनता के लिए सार्वजनिक सूचना हैं और RTI के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं। 2. गोपनीयता का झूठा बहाना अब नहीं चलेगा: सूचना आयोग ने इस RTI को RTI Act की धारा 8(1)(h), 8(1)(j) और 11 के तहत खारिज कर दिया था, लेकिन अदालत ने कहा: “बिना ठोस कारण बताए सूचना को रोकना RTI अधिनियम का दुरुपयोग है।” 3. जनहित सर्वोपरि है – पारदर्शिता से समझौता नहीं: अगर किसी नियुक्ति में भ्रष्टाचार या अनियमितता की आशंका है, तो जनता का यह जानना अधिकार है कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष थी या नहीं। गोपनीयता की आड़ लेकर इन तथ्यों को छिपाया नहीं जा सकता। 4. धारा 11 की गलत व्याख्या पर रोक: सूचना आयोग ने तीसरे पक्ष की सहमति के बिना जानकारी देने से मना कर दिया था। अदालत ने स्पष्ट कहा: अगर सूचना जनहित में है, और किसी तीसरे व्यक्ति को इससे कोई वास्तविक नुकसान नहीं, तो उसकी सहमति जरूरी नहीं है। सूचना देनी ही होगी। 5. गलत मंशा से RTI नकारने पर दंड: कोर्ट ने पाया कि यह RTI जानबूझकर खारिज की गई थी ताकि किसी अयोग्य व्यक्ति को बचाया जा सके। आदेश: संबंधित जन सूचना अधिकारी पर ₹25,000 जुर्माना यह राशि RTI आवेदनकर्ता डॉ. जयश्री दुबे को दी जाएगी 6. 15 दिन में निशुल्क सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य। कोर्ट ने आदेश दिया। सभी मांगी गई सूचनाएं 15 दिनों के भीतर निशुल्क आवेदक को दी जाएं। यह फैसला एक चेतावनी है उन सभी अधिकारियों और संस्थाओं के लिए जो RTI के तहत सूचना देने से बचते हैं। RTI कानून का पालन न करना अब उन्हें भारी पड़ेगा। आपका RTI, आपकी ताकत! अगर आप भी सरकारी भर्तियों, नियुक्तियों या फंड के दुरुपयोग से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी चाहते हैं, तो RTI आपका संवैधानिक हथियार है। इसे जानें, अपनाएं और आवाज़ उठाइये। #Corruption #RTIACT2005 #भ्रष्टाचारी सरकारी नौकर जनहित में प्रसारित – आत्माराम यादव आरटीआई कार्यकर्ता नर्मदापुरम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिकों से आज संवाद करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की 17 वीं “विज्ञान मंथन यात्रा” के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिकों से आज संवाद करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री निवास में शाम 7 बजे किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा पर जाने वाले भावी वैज्ञानिको को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विज्ञान मंथन यात्रा का फ्लैग ऑफ भी करेंगे। इस अवसर पर वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों उपस्थिति रहेंगे। 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 21 से 27 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। योजना में चयनित प्रतिभागियों को देश की प्रतिष्ठित प्रयोशालाओं और समर्पित वैज्ञानिकों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। यात्रा उपरांत परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्षों तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 छात्र-छत्राओ का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया में प्रदेश को 5 विभिन्न जोन (ईस्ट, वेस्ट, नार्थ, साउथ व सेंट्रल) में बांटकर प्रत्येक जोन से 75 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। परियोजना प्रभारी डॉ. विवेक कटारे के अनुसार इन प्रतिभागियों का चयन प्रदेश स्तर पर पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर किया गया है। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं के 49 छात्राओं एवं 76 छात्रों, कक्षा 11वीं के 54 छात्राएं तथा 71 छात्रों और कक्षा 12वीं के 48 छात्राएं तथा 77 छात्रों का चयन किया गया है। इन छात्र-छात्राओं के उपयोगी मार्गदर्शन के लिये प्रदेश के विज्ञान विषय के 33 शिक्षकों का भी चयन किया गया है। सोमवार को प्रदेश भर से सभी चयनित विद्यार्थी प्रौद्योगिकी परिषद के नेहरू नगर स्थित मुख्यालय में प्रातः 9.00 बजे उपस्थित होंगे। इस वर्ष कुल चयनित 375 विद्यार्थियों को 02 पृथक समूहों में विभाजित किया गया है, जिनमें से एक ग्रुप चंडीगढ़ जायेगा और दूसरा समूहों दिल्ली स्थित संस्थानों का भ्रमण करेगा। दिल्ली जाने वाले समूहों के विद्यार्थी नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और दिल्ली संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। परियोजना प्रभारी डॉ. कटारे ने बताया कि चंडीगढ़ जाने वाले समूह का नाम “सीवी रमन समूह” एवं दिल्ली जाने वाले समूह का नाम “एपीजे अब्दुल कलाम समूह” रखा गया है। “सीवी रमन समूह ” में कक्षा 11वीं और 12वीं एवं “एपीजे अब्दुल कलाम समूह” में 10वीं के छात्र-छात्राए होंगे। दोनों ही समूह मंगलवार 22 अप्रैल को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से प्रातः वन्दे भारत ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर प्रदेश के इन सभी भावी वैज्ञानिकों का भव्य स्वागत विज्ञान भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए विगत 16 वर्षो से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। आज हम सभी की उन्नत जीवन शैली विज्ञान के नित नए आविष्कारो पर ही आधारित है। इन आविष्कारों के पीछे नित नये शोध कार्य और इस शोधो को अंजाम देने वाले हमारे कर्मठ वैज्ञानिकों, समर्पित प्रयोगशालाओं आदि के साक्षात् दर्शन से जो वातावरण पैदा होता है, वह विद्यार्थियों के मन में देशप्रेम के साथ-साथ समर्पित वैज्ञानिक के रूप में अपना कॅरियर बनाने की प्रतिबद्धता प्रदान करता है। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढाया जाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने नव दम्पति को दिया आशीर्वाद

 इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर में विधायक श्री मधु वर्मा और पूर्व पार्षद श्री बलराम वर्मा के परिवार में आयोजित विवाह समारोह शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिं.मलय और सौ. कां.डॉ. तृषा को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद, स्वस्थ एवं सफल दांपत्य जीवन की मंगलकामनाएँ दीं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़ सहित श्री गोलू शुक्ला, श्री सुमित मिश्रा, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं श्री मधु वर्मा के परिवारजन भी उपस्थित रहे।  

एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं की परीक्षा का मूल्याकंन अब 25 अप्रैल तक पूरा करने का टारगेट, रिजल्ट मई के पहले हफ्ते में होगा जारी

इंदौर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं के बाद मूल्यांकन कार्य 90 फीसदी पूरा हो चुका है। 21 अप्रैल को बची हुई 20 हजार कॉपियां भी जांच ली जाएंगी। बता दें कि इस बार मूल्यांकन केंद्र मालव कन्या उमावि में 10वीं और 12वीं की कुल तीन लाख चार हजार 511 कॉपियां जांच के लिए अन्य जिलों से आई थीं। 84 हजार कॉपियां जांची जा चुकी हैं इसमें शुक्रवार तक दो लाख 84 हजार एक कॉपियां जांची जा चुकी हैं। इस बार मूल्यांकन कार्य 25 अप्रैल तक पूरा किया जाना था, जिसे चार दिन पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। इस बार परीक्षा मूल्यांकन कार्य 13 मार्च से शुरू हुआ था। मूल्यांकन केंद्र प्रभारी बबीता हयारण ने बताया कि इस बार 10वीं में कुल एक लाख 78 हजार 721 कॉपियां जांच के लिए आई थीं। इनमें से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, आईटी, प्रायवेट सिक्यूरिटी, ब्यूटी एंड वेलनेस और ऑटोमेटिव विषय की सभी कॉपियां जांची जा चुकी हैं। 12वीं की एक लाख से ज्यादा कॉपियां आईं थी अब विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान विषय की कुल 18 हजार 900 कॉपियां जांची जाना शेष हैं। इसी तरह 12वीं में कुल एक लाख 25 हजार 790 कॉपियां जांच के लिए आई थीं। इसमें से अकाउंट, आईपी और क्राप प्रोडक्शन की एक हजार 610 कॉपियां जांची जाना शेष हैं। पूरा मूल्यांकन कार्य तय समय से चार दिन पहले यानी 21 अप्रैल को पूरा कर लिया जाएगा। शुक्रवार को कुल नौ हजार 435 कॉपियां जांची गई हैं। वरिष्ठ अफसरों ने बताया कि अधिकांश जिलों में कार्य पूरा होने को है। संभावना है कि मई के पहले सप्ताह में परिणाम घोषित हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी, आईजी से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर निर्देश दिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनकल्याण के लिए अधिकारी मैदान में उतरें। नागरिकों को आवश्यक सेवाएं प्रदान कर, सुशासन की दिशा में अपना प्रभावी योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी, आईजी से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी जिलों में उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखें। पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। आमजन से अधिकारी-कर्मचारी का व्यवहार विनम्र और अच्छा हो। कार्यालयों में आने वाले नागरिक को समाधान प्राप्त हो। पराली नियंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए। किसानों को सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे उपकरण अधिक संख्या में उपलब्ध करवाए जाएं। इससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका समय भी बचेगा। ग्रीष्मकाल में स्वास्थ्य का ध्यान रखें नागरिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को ग्रीष्मकाल में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाए। आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें। बाजार में संक्रमित फल न बिकें, उस पर नजर रखी जाए। सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों और संभागों में सभी अधिकारी पारदर्शिता, नवाचार, परिश्रम से कार्य करते हुए नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए सक्रिय रहें। वीसी में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

वित्तीय वर्ष में भोपाल नगर निगम ने अपने स्वच्छ भारत मिशन के प्रस्तावित बजट का मात्र 3% ही खर्च किया

भोपाल भोपाल नगर निगम (बीएमसी) में चल रहे स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अपनी रैंकिंग में सुधार करने का दावा कर है, जबिक जमीनी हकीकत कुछ और ही है पिछले वित्तीय वर्ष में भोपाल नगर निगम ने अपने स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के प्रस्तावित बजट का मात्र 3% ही खर्च किया है। वित्त विभाग के अनुसार, बीएमसी ने एसबीएम को दिए गए 107 करोड़ रुपये में से मात्र 3.21 करोड़ रुपये ही खर्च किए, जो कुल राशि का लगभग 3% है। इसने एसबीएम को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए निगम के 3,351 करोड़ रुपये के बजट के तहत अन्य सभी प्रमुख 15 विभागों में सबसे कम निधि उपयोग करने वाला विभाग है। इन विभागों में सबसे ज्यादा खर्च इसके अलावा, स्वास्थ्य, केंद्रीय कार्यशाला और जल कार्य जैसे विभागों ने काफी अधिक खर्च दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपने 174 करोड़ रुपये के बजट का लगभग 60% उपयोग किया, यानी 104.40 करोड़ रुपये खर्च किए। केंद्रीय कार्यशाला विभाग ने 271 करोड़ रुपये के आवंटन में से 127 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि जल कार्य विभाग ने अपने 304 करोड़ रुपये के आवंटन में से 127 करोड़ रुपये से अधिक का उपयोग किया। दिलचस्प बात यह है कि कोई भी विभाग अपने पूरे प्रस्तावित बजट का उपयोग करने में कामयाब नहीं हुआ और केवल स्वास्थ्य विभाग ही 50% उपयोग के निशान को पार कर सका है। अमृत योजना में 95% फंड का उपयोग नहीं नगर निगम के अन्य खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों में अमृत योजना शामिल है, जिसके 95% फंड का उपयोग नहीं किया गया और पार्किंग विभाग, जिसने 78 लाख रुपये में से सिर्फ 5.46 लाख रुपये का उपयोग किया  केवल 7 फीसदी राशि का उपयोग किया गया है। पिछला बजट नही हुआ खर्च भोपाल नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा है कि भोपाल नगर निगम में किसी प्रकार का काम नहीं हो रहा है। कई विभागों का पिछला बजट अभी तक खर्च नहीं किया गया है। जकी ने कहा है कि खराब निष्पादन के कारण महत्वपूर्ण आधारभूत कार्यों के लिए केंद्रीय वित्त पोषण में देरी हुई है। जबकि निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने दावा किया कि है प्राप्त राशि का पूरा उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा है कि जो विभाग राशि का सही उपयोग नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

अमरवाड़ा में हो रही है ब्लू बेरी की फसल, जिले में ब्लू बेरी का रकबा बढ़ने की और भी उम्मीद

भोपाल छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड अमरवाड़ा ब्लॉक में लगभग 135 एकड में ब्लू बेरी की सफल खेती की जा रही है। जिले में ब्लू बेरी का रकबा बढ़ने की और भी उम्मीद है। कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने पिछले दिनों विकासखंड अमरवाड़ा में डी.जे. एग्रोविजन प्राइवेट लिमिटेड चिमऊआ फार्म का दौरा किया। उन्होंने चौरई के ग्राम देवरी में बन रहे ब्लू बेरी के दूसरे प्लांट का अवलोकन भी किया।  

मां सरस्वती के पूजन के साथ धार में ग्रीष्मकालीन शिविर का हुआ शुभारंभ

भोपाल धार जिला मुख्यालय पर स्थित महर्षि सांदीपनि (सीएम राइज) विद्यालय में रविवार को “सहृदय, सीखें, सृजन करें, समाज से जुड़ें” थीम पर आधारित ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पालकगण भी उपस्थित थे। कक्षा केजी से लेकर 10 वीं तक के लगभग 200 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रथम दिन शिविर में सहभागिता की। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. स्मृति रत्न मिश्र ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। कक्षा 8 वीं की छात्राओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया। इसके बाद शिक्षक राकेश मुकाती द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों को मेडिटेशन करवाया गया। शिविर में प्राचार्य डॉ. मिश्र ने मोबाइल के दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल से ज्ञानवर्धक बातें सीखें और रील बनाने के चक्कर में न पड़ें। यदि रील बनाना ही है तो पढ़ाई लिखाई और अच्छी गतिविधियों की बनाएं। ये गतिविधियां सीखी विद्यार्थियों ने शिविर के प्रथम दिन रविवार को विद्यालय का माहौल रोज से अलग होकर उत्साहपूर्ण था। परंपरागत कक्षा शिक्षण से अलग हटकर रोचक गतिविधियां करते हुए लगभग 200 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न  रोजगारपरक गतिविधियां करते हुए इन विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण उन्हें खेल-खेल में  और रोचक तरीके से दिया गया दिया गया। विद्यार्थियों को समूह में बांटकर उन्हें अखबार के रद्दी कागज से थैलियां बनाना सिखाया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वयं अनेको थैलियां बनाई। कुछ विद्यार्थियों के समूह ने आर्ट एवं क्राफ्ट की बारीकियां सीखी तो कुछ ने पेंटिंग की। छात्राओं के एक समूह ने मेहंदी की डिजाइन बनाना और मेंहदी के कोन बनाना सीखा। इसके अलावा स्थानीय खेलकूद में  भी अनेक विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में बेचेंगे विद्यार्थी अपनी बनाई सामग्री दस दिवसीय शिविर के दौरान विद्यार्थियों के द्वारा प्रतिदिन जो विभिन्न प्रकार की सामग्री बनाई जायेगी उन सभी को अंतिम दिन प्रदर्शनी लगाकर विक्रय किया जायेगा। इससे विद्यार्थी के अंदर एक स्वावलंबन की भावना पैदा होगी और भविष्य में वे शिविर में सीखी गई विधाओं को विस्तृत रूप देकर उसे अपना रोजगार भी बना सकेंगे।  

बीजेपी सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों का हनन कर रही है, सरकार पर नियुक्ति में भेदभाव का आरोप: जीतू पटवारी

भोपाल मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण न दिए जाने को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर संविधान की अवहेलना का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति से प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है. पटवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों का हनन कर रही है और विधायिका द्वारा पारित कानून को लागू करने में विफल रही है, जो एक गंभीर संवैधानिक संकट है. 27 प्रतिशत आरक्षण पर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जीतू पटवारी ने बताया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए अध्यादेश जारी किया था. हालांकि इस अध्यादेश को एक मेडिकल छात्रा स्मृति दुबे द्वारा हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके चलते कोर्ट ने मेडिकल पीजी में बढ़े हुए आरक्षण के अमल पर रोक लगा दी थी. इसके बावजूद, जुलाई 2019 में इस अध्यादेश को विधानसभा द्वारा पारित कर कानून का रूप दे दिया गया. पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह कानून आज तक किसी भी अदालत द्वारा निरस्त नहीं किया गया है और न ही इस पर कोई स्थगन आदेश (स्टे) लागू है. फिर भी राज्य सरकार इसे मनमाने ढंग से लागू कर रही है, कभी 14 प्रतिशत और कभी 27 प्रतिशत. सरकार पर नियुक्ति में भेदभाव का आरोप कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने जिन विभागों में 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत चयन प्रक्रिया पूरी कर ली, वहां भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए. उन्होंने बताया कि कई उम्मीदवार बीते चार से पांच सालों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इसके अलावा जनवरी 2025 में शिक्षक भर्ती के लिए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी विज्ञापन में भी केवल 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का उल्लेख किया गया है, जो कि विधानसभा द्वारा पारित कानून का खुला उल्लंघन है. संविधान की भावना के खिलाफ कार्य कर रही सरकार: पटवारी जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य की कार्यपालिका संविधान की मूल भावना और कानून का उल्लंघन कर रही है. उन्होंने बताया कि स्वयं राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में स्वीकार किया है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी की जनसंख्या 50 प्रतिशत से अधिक है. इसके बावजूद सरकार ओबीसी समाज को उनके हक से वंचित रखे हुए हैं. राष्ट्रपति शासन की मांग और कांग्रेस का एलान पटवारी ने इस पूरे प्रकरण को संवैधानिक संकट करार देते हुए महामहिम राष्ट्रपति से अपील की है कि मध्य प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार चुनावों के समय ओबीसी समाज को बहलाने के लिए बड़े वादे करती है, लेकिन हकीकत में उनके अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ओबीसी वर्ग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनके हक की लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक लड़ा जाएगा.

जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य हो रहे हैं प्राथमिकता से

भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य में प्राथमिकता में किये जा रहे है। जनसामान्य को जल संरचनाओं के संरक्षण किये जाने की शपथ भी दिलाई जा रही है। बच्चों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जल के महत्व, जलवायु परिवर्तन के दुषप्रभाव और पौधरोपण के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। जल की एक-एक बूंद सहेजने की कवायद राजगढ़ जिले मेंजल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक जल संरचना का जीर्णोद्धार कर उनमें बरसात के एवं सतही पानी को सहेजने की कवायद की जा रही है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा इस कार्य में व्यक्तिगत रूचि ले रहे हैं। कलेक्टर के निर्देश पर रविवार को जिले के 25 गांवों में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा उनके अधीनस्थ अमले, ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ अमले एवं स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान का अभियान चलाया गया। अभियान में तालाब, परकोलेशन टेंक, कुएं एवं बावडियों की श्रमदान से साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। विधायक ने तालाब में श्रमदान कर जीर्णोद्धार की अलख जगाई विदिशा जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को प्रचूर जल मात्रा व जल स्त्रोत की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विशेष पहल की जा रही है।  सिरोंज विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने रविवार को ग्राम पगरानी के तालाब में जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यो की शुरूआत करते हुए तालाब के जीर्णोद्धार की अलख जगाई हैं। उन्होंने गैंती फावडा से तालाब के गहरीकरण को मूर्तरूप देने के कार्य की शुरूआत की।   विधायक श्री शर्मा की पहल पर स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभाई और ग्राम के तालाब के जीर्णोद्धार, साफ सफाई जैसे कार्य अपने हाथों से करने की शपथ ली। विधायक श्री शर्मा ने इस दौरान विधायक निधि से पांच लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस राशि से पगरानी के तालाब का कायाकल्प और ऐसे छोटे बडे सभी कार्य पूरे किए जाएं। आवश्यकता पडती है तो राशि और उपलब्ध कराई जाएंगी। विद्यालयों में आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम उमरिया जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लोगों में जल के प्रति जन जागरूकता लाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले की विभिन्न स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है एवं बच्चों को जल संरक्षण करने का मूल मंत्र दिया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शासकीय हाई स्कूल में बच्चों के जल संरक्षण को लेकर नदी को जानो की थीम पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। “जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार” शहडोल जिले में “जल है प्रकृति का अमूल्य उपहार बचाओ इसे, यही है जीवन का आधार” पर केन्द्रित करते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून 2025 तक चलाया जा रहा है। जनसामान्य को जल के एक एक बूंद को सहेजने के लिए संदेश दिया जा रहा है। जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पड़मनियां के बड़का तालाब में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल के एक एक बूंद को सहेजने के लिए सफाई कार्य तथा तालाब के किनारे से गाद भी निकाली गई। जिले में संचालित की जा रही अनेक गतिविधियां सीहोर जिले में  जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले भर में जल संरक्षण से संबंधित अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान में नागरिकों को को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर बैनर, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं सहित अनेकों गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के तहत जिले के अनेक ग्रामों में कूप मरम्मत, तालाब जीर्णोद्धार, डैम की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं तथा नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है। मिट्टी के सकोरे पक्षियों के पीने के पानी की अच्छी तरकीब बालाघाट में जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्राणेष कुमार प्राण के मुख्य आतिथ्य में जिला न्यायालय परिसर बालाघाट में पंच-ज अभियान अंतर्गत पक्षियों के पानी पीने के लिए मिट्टी के सकोरे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित किया गया। साथ ही बताया गया कि पक्षियों के लिए पानी के सकोरे लगाना एक सरल लेकिन प्रभावी तरीका है। जिससे पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है। यह न केवल पक्षियों को प्यास बुझाने में मदद करता है, बल्कि जैव विविधता को बढ़ावा देता है, और पक्षियों के संरक्षण में मदद करता है। तालाब की गाद निकासी कार्य का हुआ भूमि-पूजन सिंगरौली जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाकर जल संरचनाओं जिनमें ताबाल, बाबड़ियो, नदियो की साफ सफाई कर उनको नया स्वरूप दिया जा रहा है। जिले में नवीन जल संरचनाओं का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके साथ आम लोगो को रूफ वाटर हर्वेस्टिंग, हैन्डो पम्पो के समीप सोकपिट आदि का निर्माण कराने के लिये प्रेरित भी किया जा रहा है। सिंगरौली जिलें में कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर शुक्ला की पहल पर विकास खंड चितरंगी के ग्राम पंचायत डाला में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत तालाब की गाद निकाली गई। ग्राम पंचायत भाउ खाड़ मे तालाब पर श्रमदान, संगोष्ठी बैठक, जागरूकता रैली शपथ और गीत के माध्यम से अभियान में आम लोगो को अपना सहयोग देने के लिए प्रेरित किया गया।  

भारत और ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक-नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भोपाल/नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी ब्राजील यात्रा से 21 अप्रैल, सोमवार को सुबह लौट रहे है। उनकी यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी के साथ-साथ यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच कृषि व्यापार, तकनीक-नवाचार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ब्राजील प्रवास के दौरान शिवराज सिंह का भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर रहा। वहीं उनकी मंशा भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक का लाभ दिलाने के साथ उन्नत करने की है। उनका कहना है कि विभिन्न देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्राजील यात्रा के दौरान भी मुख्य रूप से भारत के छोटे किसानों की चिंता की। उनका कहना रहा कि जब तक छोटे किसानों को संरक्षित और सशक्त नहीं किया जाएगा, तब तक वैश्विक खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य अधूरा रहेगा। भारत समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ कृषि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के भाव के साथ सभी देशों के साथ विश्वास और सहयोग का संदेश दिया। केंद्रीय मंत्री ने किया ये आह्वान उन्होंने कृषि तकनीक, नवाचार, क्षमता निर्माण और व्यापार सुलभता में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया, जिससे विभिन्न देशों के किसान और कृषि उद्यम लाभान्वित हो सके। भारत ने ब्रिक्स मंच के माध्यम से कृषि तकनीक हस्तांतरण, अनुसंधान, फूड प्रोसेसिंग, और व्यापार में सहयोग को और मजबूत करने की बात कही। शिवराज सिंह चौहान का उद्बोधन भारत की ओर से वैश्विक खाद्य सुरक्षा, छोटे किसानों के सशक्तिकरण, कृषि नवाचार व तकनीकी सहयोग और ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा। कुल मिलाकर, शिवराज सिंह चौहान की ब्राजील यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि भारतीय कृषि के लिए तकनीकी नवाचार, उत्पादन बढ़ोतरी और वैश्विक साझेदारी की दिशा में ठोस पहल है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। ब्रासीलिया में हुई 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भारत के साथ ही मेजबान ब्राजील तथा रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान सहित ब्रिक्स सदस्य देशों के कृषि मंत्री/वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य विषय ‘ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग, नवाचार और न्यायसंगत व्यापार के माध्यम से समावेशी और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना’ था। भारत-ब्राजील कृषि सहयोग को नई दिशा शिवराज सिंह चौहान की यह यात्रा 15वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भागीदारी के साथ-साथ भारत और ब्राजील के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देने वाली है। इससे दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार को बढ़ावा मिल सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने ब्राजील के साथ जलवायु अनुकूल सोयाबीन किस्मों, यंत्रीकरण, प्रिसिजन फार्मिंग और सतत कृषि पद्धतियों पर ज्ञान साझाकरण की इच्छा जताई। उन्होंने ब्राजील के कृषि मॉडल, मैकेनाइजेशन, सिंचाई और रिसर्च से सीखने व भारतीय कृषि में लागू करने की इच्छा भी व्यक्त की, ताकि अपने किसानों को अधिकाधिक लाभान्वित किया जा सके। तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला बैठकों में बायोफ्यूल, बायोएनर्जी, सप्लाई चेन एकीकरण और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई है, जिससे भारतीय किसानों को वैश्विक स्तर की तकनीक मिल सकेगी। वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि ब्राजील ने 50 वर्षों में कृषि निर्यात में जबरदस्त वृद्धि की है, जो भारत के लिए भी प्रेरणादायक है। शिवराज सिंह ने द्विपक्षीय बैठकें की शिवराज सिंह ने ब्राजील के कृषि एवं पशुधन मंत्री कार्लोस हेनरिक बैकेटा फेवरो और कृषि विकास एवं पारिवारिक कृषि मंत्री लुईज पाउलो टेक्सेरा के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की। इन बैठकों में कृषि, कृषि-प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। वहीं उन्होंने साओ पाउलो में ब्राजील के कृषि व्यवसाय समुदाय के 27 सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान कृषि व्यापार, उत्पादन तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव ईंधन, तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। आधुनिक कृषि तकनीकों का अवलोकन केंद्रीय कृषि मंत्री ने ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन प्लांट, टमाटर के खेत और अन्य संस्थानों का दौरा कर मैकेनाइजेशन, सिंचाई और फूड प्रोसेसिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से देखा। ब्राजील में लगभग 100 प्रतिशत मैकेनाइजेशन है, जिससे भारतीय कृषि को भी प्रेरणा मिल सकती है। सोयाबीन और फूड प्रोसेसिंग में साझेदारी अभी भारत सोया तेल का आयात करता है, लेकिन अब दोनों देश मिलकर सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग में निवेश, तकनीक और प्लांट लगाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इससे भारत में सोया उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में सोयाबीन उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ाने के लिए ब्राजील के साथ मिलकर काम करने की योजना है। साथ ही, मैकेनाइजेशन और बीज अनुसंधान में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। ‘एक पेड़ मां के नाम’ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का प्रतिदिन पौधरोपण का सिलसिला ब्राजील में भी जारी रहा। उन्होंने ब्रासीलिया स्थित भारतीय दूतावास में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान को बढ़ावा मिला। भारतीय प्रवासियों से मुलाकात ब्राजील के साओ पाउलो में वहां के भारतीय प्रवासियों से भी शिवराज सिंह ने मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में उनकी भूमिका की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह हमारी आजादी का अमृतकाल है। 2047 में हमें आजाद हुए 100 साल हो जाएंगे और तब संपूर्ण विकसित भारत बनाना ही हमारा लक्ष्य है। शिवराज सिंह बोले- कई तरह के अनुभवों और तकनीकों से समृद्ध होने का मिला अवसर केंद्रीय मंत्री शिवराज का कहना है ‘ब्राजील प्रवास के दौरान कई तरह के अनुभवों और तकनीकों से समृद्ध होने का अवसर मिला है। हम भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए इन तकनीकों का उपयोग करने की दिशा में कार्य करेंगे। मुझे विश्वास है कि भारत और ब्राजील के परस्पर सहयोग से हमारे किसान सशक्त होंगे और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।’ यह यात्रा भारत-ब्राजील कृषि सहयोग, ब्रिक्स देशों के साथ साझेदारी और भारतीय कृषि में नवाचार व टिकाऊ विकास को … Read more

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