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वरिष्‍ठ आईपीएस अधिकारी कैलाश मकवाणा ने पुलिस महानिदेशक का कार्यभार संभाला

भोपाल भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष-1988 बैच के वरिष्‍ठ अधिकारी कैलाश मकवाणा ने सोमवार को प्रात:काल मध्‍यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। पुलिस महानिदेशक का कार्यभार संभालने के लिए पुलिस मुख्‍यालय पहुँचने पर मकवाना को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कैलाश मकवाणा इससे पहले चेयरमेन म.प्र. पुलिस हाउसिंग कॉरर्पोरेशन भोपाल के रूप में पदस्‍थ थे। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्‍ठ अधिकारी मकवाणा अभियांत्रिकी में स्‍नातकोत्‍तर (एम.टेक.) हैं। उल्‍लेखनीय पुलिस कार्यो के लिए उन्‍हें वर्ष 2005 में राष्‍ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक और वर्ष 2014 में विशिष्‍ट सेवा पदक से सम्‍मानित किया गया था। मकवाणा दंतेवाड़ा, बस्‍तर, मंदसौर व बैतूल जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। उन्‍होंने अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक प्रबंध, सीआईडी, इंटेलीजेंस, प्रशासन व नारकोटिक्‍स के दायित्‍व का निर्वहन भी किया है। इसके अलावा स्‍पेशल डीजी सीआईडी एवं डीजी (विशेष पुलिस स्‍थापना) लोकायुक्‍त के रूप में भी पदस्‍थ रहे हैं। पदभार संभालने के बाद मीडिया से चर्चा मध्यप्रदेश पुलिस के नव नियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि वह मुख्यमंत्री महोदय का आभार व्यक्त करते हैं कि मुख्यमंत्री जी ने जिस विश्वास और जिम्मेदारी के साथ उन्हें यह दायित्व सौंपा है, वह उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर काबू पाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक होगा। “डिजिटलीकरण और ऑनलाइन लेन-देन में वृद्धि के साथ ही साइबर अपराधों में तेजी आई है। इसे रोकने के लिए पुलिस को तकनीकी दृष्टि से और सक्षम बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए मानव संसाधन और तकनीकी उन्नति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यातायात सुरक्षा को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यातायात सुरक्षा और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इंजीनियरिंग डिजाइनों और अन्य विभागों के साथ समन्वय पर ध्यान दिया जाएगा। डीजीपी ने पुलिस की कार्यशैली में सुधार पर बल देते हुए कहा कि पुलिस थानों में आम जनता के साथ जुड़ाव और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा मेरी कोशिश रहेगी कि पुलिस थानों में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और समय पर समाधान किया जाए। हमारा लक्ष्य राज्य को सुरक्षित और जनता के लिए भरोसेमंद बनाना है। मध्यप्रदेश सरकार ने 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों की शुरुआत कर दी है। उज्जैन में होने वाला यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा और आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व का केंद्र बनेगा। सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की हमारी सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर शुरू करने और राज्य के पुलिसिंग सिस्टम की गहन समीक्षा करने की बात भी कही।  

प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन

प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन 13 समितियों और टॉस्क फोर्स का गठन भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसके लिये लोक शिक्षण आयुक्त की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की 13 समितियाँ गठित की गयी हैं। यह समितियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न ग्रुप एवं क्षेत्रों से संबंधित हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बेहतर क्रियान्वयन के लिये स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पदेन सदस्य हैं। टॉस्क फोर्स में शासकीय एवं अशासकीय शिक्षाविदों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्रदेश में गठित 13 समितियों एवं टॉस्क फोर्स के सदस्यों के लिये राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं उसके क्रियान्वयन के संबंध में परिचर्चा भी आयोजित की जा चुकी हैं। इनमें अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के साथ समन्वय कर शिक्षा विशेषज्ञों के उद्बोधन कराये गये हैं। केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार न्यूज एजुकेशन पॉलिसी ट्रेकर को नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है। पाठ्य-पुस्तक स्थायी समिति की बैठक प्रदेश के लिये राज्य पाठ्यचर्या फाउण्डेशन स्टेज 2022 के लिये एनसीएफ-एफएस-2022 को आधार मानते हुए राज्य के संदर्भ में परीक्षण करने के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र स्तर पर 10 कार्य समूहों का गठन कर समूहों द्वारा तैयार प्रतिवेदन को अनुशंसा के साथ पाठ्य-पुस्तक स्थायी समिति की बैठक में प्रस्तुत किया गया है। इसके बाद इस अनुशंसा पर राज्य शासन से अनुमोदन भी प्राप्त किया जा चुका है। प्रदेश में पाठ्यचर्या एवं पाठ्य-पुस्तकों पर एससीएफ-एफएस के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है।  

रक्तदान मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रक्तदान मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल रक्तदाताओं का किया सम्मान भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि रक्तदान मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। रक्तदान कर हम जिन्दगी बचा सकते हैं। जब हमारे रक्त से किसी का जीवन बचता है तो हमें जो सुकून व संतुष्टि मिलती है वह अकल्पनीय है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में आयोजित वृहद रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया तथा रक्तदान करने वाले रक्तवीरों का सम्मान किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रक्तदान के समय हमें यह अनुभूति होती है कि हम स्वयं अपने लिये नहीं वरन अन्य के लिये भी जी रहे हैं। मनुष्य को रक्तदान अवश्य करना चाहिए क्योंकि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता वह मनुष्य के शरीर में ही बनता है और रक्तदान कर किसी का जीवन बचाया जा सकता है। रक्तदान शिविर में 385 रक्तदाताओं ने पंजीयन कराया तथा 351 यूनिट रक्त का संग्रहण हुआ। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा के लोग हर क्षेत्र में आगे रहते हैं। मेगा रक्तदान शिविर में लोगों तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि रीवा निवासी इस पुनीत कार्य में भी पीछे नहीं हैं और नई पीढ़ी में शहर की पुरातन संस्कृति हस्तांतरित हो रही है। उन्होंने कहा कि रीवा चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। अधिक से अधिक रक्तदान कर लोग अकाल मृत्यु को रोकने में अपनी सहभागिता कर अनुकरणीय संदेश दे रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों, पुलिस के जवानों, अधिकारियों तथा अन्य प्रबुद्धजनों का रक्तदान जैसे पुनीत कार्य करने के लिये धन्यवाद दिया। आयुक्त रीवा संभाग बी.एस. जामोद ने बताया कि संभाग के सभी जिलों में 15 दिसंबर तक वृहद रक्तदान शिविर आयोजित होंगे। विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, प्रभारी कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे सहित विद्यार्थियों, पुलिस के जवानों, अधिकारियों तथा अन्य प्रबुद्धजनों ने शिविर में रक्तदान किया।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव बोले – हम सभी प्रदूषण मुक्त भारत की लक्ष्य प्राप्ति में बने सहभागी

भोपाल. देश में हर साल 2 दिसंबर के दिन राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। इस दिन को उन लोगों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाई थी। इस दिन का उद्देश्य प्रदूषण के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाना है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने इस दिवस पर सभी से प्रदूषण मुक्त भारत की लक्ष्य प्राप्ति में सहभागी बनने का आव्‍हान किया है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्‍स के माध्‍यम से कहा कि राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस जागरूक करता है कि हम सभी एकजुट होकर प्रदूषण के कारकों को कम करें, साथ ही व्यापक पौधरोपण के माध्यम से प्रदूषण मुक्त भारत की लक्ष्य प्राप्ति में सहभागी बनें। आइए, आगामी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित पृथ्वी सौंपने के लिए आगे बढ़ें।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव 3 दिसम्‍बर को बालाघाट के स्वदेशी मेला व गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को बालाघाट नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे यहां उत्कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित हो रहे रोजगार मेले में शामिल होकर युवाओं को संबोधित करेंगे। साथ ही विभिन्न कंपनियों में चयनित होने वाले युवाओं को ऑफर लेटर भी प्रदान करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव इस स्वदेशी मेले में विभागीय प्रदर्शनियों का भी अवलोकन भी करेंगे। उनके निर्धारित कार्यक्रम अनुसार वे स्‍टेट हैंगर भोपाल से 11:40 बजे वायुयान द्वारा डुमना एयरपोर्ट जबलपुर पहुचेंगे। यहाँ से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से दोपहर 12:20 बजे बालाघाट के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1 बजे बालाघाट पहुँचकर 1:05 बजे से 1:40 बजे तक जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित स्वदेशी मेले में सम्मिलित होंगे। इसके बाद 1:45 पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिले के ग्राम डुंगरिया के सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में आयोजित 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री यादव डुंगरिया से 2:30 बजे हेलीपेड पहुंचकर डुमना एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार शाम को नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री मकवाना को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

बीएमएचआरसी के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग जारी करेगा विशेष आवरण

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी की पूर्व संध्या के मौके पर सोमवार को भोपाल गैस त्रासदी के दिवंगतों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गयी। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव सहित अस्पताल के कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने नम आंखों से गैस त्रासदी के दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी एवं दो मिनट का मौन रखा। सारंग ने कहा कि 2 और 3 दिसंबर की रात में हुई गैस त्रासदी पूरी मानव जाति के लिए भयावह त्रासदी है। इस त्रासदी ने हमें यह सिखाया कि विकास और औद्योगिकीकरण का अपना महत्व है, लेकिन इसे किसी भी व्यक्ति की जान से बड़ा नहीं होना चाहिए। उस रात जो हुआ, वह सभी के लिये भयावह है। इस मौके पर मंत्री सारंग एवं महापौर ने अस्पताल भर्ती मरीजों को हेल्थ किट वितरित किए। बाद में सभी वार्डों में भर्ती मरीजों को हैल्थ किट बांटे गए। भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग द्वारा मंगलवार 3 दिसम्बर को एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा तथा सर्वधर्म सभा आयोजित होगी और बुजुर्ग गैस पीड़ितों का सम्मान किया जाएगा। 3 दिसंबर को सर्वधर्म सभा एवं बुजुर्ग गैस पीड़ित मरीजों का सम्मान 3 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे से बीएमएचआरसी के ‘श्रद्धांजलि एवं आशा’ स्मारक के पास सर्वधर्म सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी धर्मों के धर्मगुरू अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ करेंगे। इसके बाद 85 वर्ष अधिक उम्र के गैस पीड़ित बुजुर्ग मरीजों का सम्मान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बीएमएचआरसी के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, निशुल्क जांच एवं दवा वितरण, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। शिविरों में आभा तथा आयुष्मान आईडी बनाई जाएंगी। रोटरी क्लब एवं महावीर इंटरनैशनल नामक संस्थाओं द्वारा गरीब मरीजों के लिए कंबल भी दान किए गए हैं, जिन्हें वार्डों में वितरित किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा विशेष आवरण का किया जाएगा अनावरण बीएमएचआरसी ने हाल ही में अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश किया है। गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर संस्थान के इस योगदान को चिन्हित करने के लिए भारतीय डाक विभाग द्वारा एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा जारी किया गया विशेष आवरण एक विशिष्ट डाक कवर होता है, जो किसी महत्वपूर्ण अवसर, घटना, व्यक्ति, स्थान, या किसी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक या वैज्ञानिक महत्व के विषय को समर्पित होता है। विशिष्ट विषयों पर जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए भी इसे जारी किया जाता है। इसे खास डिजाइन और प्रतीकों के साथ तैयार किया जाता है, जो उस अवसर या विषय का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मौके पर मध्यप्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर, डाक सेवाओं के प्रमुख पवन कुमार डालमिया एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव मौजूद रहेंगी। बीएमएचआरसी में अब तक 1.06 करोड़ विजिट हो चुकी हैं बीएमचआरसी और इसके सभी स्वास्थ्य केंद्रों में वर्ष 2000 से अब तक मरीजों को 1.06 करोड़ विजिट हो चुके हैं। इनमें से 98 प्रतिशत गैस पीड़ित या गैस पीड़ितों के आश्रित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में ही करीब 64 लाख मरीजों की विजिट हो चुकी है। अस्पताल में करीब 3.92 लाख गैस पीड़ित रजिस्टर्ड हैं, जबकि 61725 गैस पीड़ित आश्रित मरीज पंजीकृत हैं।  

ठगी के पैसे जालसाज 5 मिनट में सौ खातों में घुमा देते हैं, इस तरह रेंटल अकाउंट्स से करते हैं साइबर फ्राड

भोपाल. शांति का टापू कहे जाने वाले मप्र की राजधानी भोपाल में साइबर अपराधियों ने इस शहर में घुसपैठ बना ली है। हाल ही में देश के अन्य राज्यों में साइबर ठगी के मामलों में जांच में पता चला कि ठगी की रकम राजधानी में रह रहे कुछ लोगाें के खातों में ट्रांसफर हुई है। ठगी के लिए चर्चित राज्यों की तरह भोपाल के रहवासियों के भी बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी में होने लगा है। खाताधारकों को कमीशन साइबर पुलिस का कहना है कि पिछले दिनों बिहार के गिरोह के गिरफ्त में आने के बाद बैंक से जानकारी जुटाई जा रही थी कि खातों को किराये पर देने के बाद उनको कितना कमीशन दिया जा रहा था। जांच में सामने आया है खाते में आई ठगी की राशि का करीब 10 से 15 प्रतिशत तक इन खाताधारकों को दिया जाता था। खंगाले जा रहे 400 से अधिक बैंक खाते प्रदेश श्योपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़ और भोपाल के ऐसे करीब 400 बैंक को खंगाला जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने अलग अलग प्रदेश और उसके बाहर किराये के बैंक खातों का ऐसा नेटवर्क तैयार किया है उन तक पहुंच पाने की सभावना बहुत कम हो जाती है। 5 मिनट में कई खातों में घुमा देते हैं रकम ठग पांच मिनट के भीतर 100 से 150 बैंक खातों में रकम को घुमा दे रहे हैं। पुलिस जब तक एक खाते को फ्रीज कराती है रकम दूसरे, फिर तीसरे खाते में पहुंच जाती है। साइबर एक्सपर्ट संदीप शर्मा ने बताया कि लोन एप जैसे साइबर ठग रहते तो विदेश में हैं, लेकिन भारत में इनका पूरा सिंडिकेट काम करता है। महिलाओं, छात्रों, बेरोजगारों के खाते किराए पर अब यह प्रदेश के लोगों के बैंक खाता भी किराये पर लेने लगे हैं। इसके बदले साइबर ठग खाताधारकों को मोटी रकम देते हैं, ऐसे में बेरोजगार लोगों को लगता है कि इससे घर बैठे ही मोटी कमाई हो जाती है। इसलिए इनके निशाने पर कम आय वाले लोग रहते हैं, छात्र और महिलाओं के बैंक खातों का यह उपयोग करते हैं। जब ऑनलाइन ठगी में अधिकांश मामलों में पुलिस इन खाताधारकों को गिरफ्तार करती, तब तक मुख्य आरोपित बाहर निकल जाते हैं। खुदकुशी करने वाले भूपेंद्र की ठगी की राशि भी भोपाल में हुई थी जमा नवंबर 2023 में पुलिस ने आनलाइन लोन एप में फंसने के बाद पत्नी-बच्चों सहित जान देने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा के रुपये ठगने वाले जिन अपराधियों को पुलिस ने देशभर में तलाश रही थी, वह शहर में ही मौजूद थे। लोन एप की ठगी की राशि कई जगहों से होती हुई भोपाल के पांच लोगों के जमा हुई थी। इस मामले में पांच आरोपितों को बाद में गिरफ्तार किया गया। बैंक मैनेजर ने बेचे 8 खाते, गिरफ्तार हो चुकी है सितंबर 2024 में साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी में क्राइम ब्रांच से की। जांच में पता चला कि निजी बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर आसिफ खान इस मामले में शामिल है। इसके बाद ब्रांच के रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने करीब आठ अकाउंट साइबर ठगों को बेचे हैं। खाते बेचने में इन लोगों की भी हुई गिरफ्तारी अक्टूबर 2024 में साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की,जिसमें फर्जी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज यानि पीएमएस वेबसाइट का इस्तेमाल कर आनलाइन निवेश धोखाधड़ी में कथित संलिप्तता के लिए भोपाल के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मीनल रेजीडेंसी निवासी सचिन कुमार गौतम , निखिल सिंह और अशोका गार्डन के पुरुषोत्तम नगर निवासी आकाश कुमार ने ठगी के किराये के खातों को बेचने में मदद की। इन जिलों में किराये के खातों का अधिक उपयोग पूर्व एसपी एके जायसवाल ने बताया कि इस समय टीकमगढ़ जिले के कुछ गांव में ठगी का काम जोरों पर है।जहां किराये के खाते साइबर ठग का उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी तरह से शिवपुरी जिले के करेरा,श्योपुर के रघुनाथपुर के आसपास के क्षेत्रो में यह कम हो रहा है।

बैतूल के जंगल पहुंचकर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के दो बाघों ने पांच गायों को बनाया शिकार

बैतूल. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटे बैतूल जिले के पूंजी गांव में दो बाघों ने शनिवार रात्रि में पांच गायों का शिकार कर दिया। रविवार सुबह किसान ने खेत पहुंचकर देखा तो वन्य प्राणी के हमले से मृत हुई तीन गाय खेत के पास पड़ी मिली जबकि कुछ दूर झाड़ियों में दो गायों के शव क्षत विक्षत हालत में पाए गए। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची एवं निरीक्षण करने पर पाया कि शिकार बाघ ने ही किया है। मौके पर कई जगह बाघ के पगमार्क भी पाए गए हैं। चोपना थाना क्षेत्र के पूंजी गांव निवासी दिलीप विश्वास ने बताया कि शनिवार रात करीब डेढ़ बजे तक वह खेत में ही सिंचाई करता रहा। इसके बाद घर जाकर सो गया। रविवार सुबह जब खेत पहुंचा तो तीन गाय मृत मिलीं, उनके गले पर वन्य प्राणी के दांतों के निशान दिखाई दे रहे थे। खेत के आसपास झाडिय़ों में तलाश करने पर दो गाय के शव पड़े मिले। उनके शरीर का काफी हिस्सा वन्य प्राणी ने खा लिया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया जिसमें पाया गया कि खेत के मकान से गायों का शिकार करने के बाद दो को तो घसीटते हुए झाड़ियों तक ले जाया गया है। वन विभाग ने लगाए कैमरे में कैद हुए दो बाघ रविवार को सुबह से वन विभाग की टीम उत्तर वन मंडल के अंतर्गत आने वाली सारनी रेंज के जंगल में निगरानी करते रही। कई जगह पर नाइट विजन कैमरे भी लगाए गए ताकि वन्य प्राणी का पता लगाया जा सके। सोमवार को सुबह कैमरे में दो बाघों का मूवमेंट नजर आने पर आसपास के ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बैतूल जिले की सीमा लगी हुई है। इस कारण से सारनी रेंज के जंगल एवं रहवासी क्षेत्र में अक्सर वन्य प्राणी पहुंच जाते हैं। हालांकि यह पहली घटना है जिसमें एक ही रात में पांच गायों का शिकार किया गया है। वन विभाग के अधिकारी भी इसे बड़ी घटना मानते हुए सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए बाघों के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं।

मध्‍य प्रदेश के 11 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम, 20 दिसंबर से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

भोपाल. नवंबर जाते ही मध्‍य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फेंगल तूफान का असर देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से अगले 48 घंटों में तापमान में गिरावट के चलते सर्दी तेज होने लगेगी। इसके साथ ही छिंदवाड़ा, सिवनी और बैतूल में हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। जबकि ग्वालियर-चंबल और उज्जैन में बर्फीली हवा चलेगी। मौसम विभाग ने बताया कि फेंगल तूफान के असर से हवाओं का रुख बदला है। जिससे मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का सिलसिला जारी हुआ। इसके साथ ही दिसंबर में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोप) का भी असर रहेगा। इस कारण दिन में भी तापमान गिर सकता है। 20 दिसंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा, जो जनवरी के पूरे महीने तक चलेगा। भोपाल में रविवार-सोमवार की रात भी तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, आज सोमवार सुबह हल्का कोहरा भी छाया रहा। प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट जारी है। रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के 11 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर से जुड़े गिरवर में पारा सबसे कम 6.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं राजगढ़ में 7 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 7.2 डिग्री, शिवपुरी के पिपरसमा में 7.7 डिग्री, हिल स्टेशन पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, रायसेन-टीकमगढ़ में 9 डिग्री, खंडवा-खजुराहो में 9.4 डिग्री, उमरिया-बैतूल में 9.5 डिग्री और गुना में पारा 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुना, रतलाम, खरगोन, रीवा, धार, मंडला, नरसिंहपुर, सतना, सागर, सीधी में तापमान 12 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों को बात करें तो भोपाल में रविवार-सोमवार की रात पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 11.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।  

भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल, जब तेज-तेज बजने लगा सायरन

भोपाल भोपाल गैस कांड एक ऐसा हादसा है, जिसे सुन आज भी लोगों का दिल दहल जाता है। साल 1984, दिसंबर का महीना और कड़ाके की सर्दी। तारीख थी 2 दिसंबर, आधी रात को जब लोग गहरी नींद में थे, तब किसे पता था कि इनमें से कई अब कल का सूरज नहीं देख पाएंगे। ये कहानी है भोपाल गैस त्रासदी की। 40 साल बाद भी उस काले दिन को याद कर लोगों की रूह कांप जाती है। भोपाल गैस त्रासदी की गिनती सबसे खतरनाक औद्योगिक दुर्घटना में होती है। इसमें न जाने कितनों की जानें गई, कितने अपंग हो गए। इस बात का कोई सटीक आंकड़ा नहीं है। बीते दिन गैस कांड की बरसी से पहले चिंगारी ट्रस्ट के बच्चों ने गैस हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धाजलि दी। ये वे बच्चे हैं जो गैस कांड के बाद दूसरी पीढ़ी से हैं और हादसे से प्रभावित हुए। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्टाफ भी मौजूद रहा। खौफनाक थी वो रात बताते हैं कि 2 दिसंबर 1984 की आधी रात का समय। अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड के भोपाल कारखाने में गिने-चुने कर्मचारी काम कर रहे थे। इस कारखाने में कीटनाशक बनाने का काम होता था, जिसे मिथाइल आइसोसाइनेट नाम की गैस की मदद से बनाया जाता था। इस गैस का पानी के साथ रिएक्शन इसे और खतरनाक बनाता है। उस दिन कर्मचारी केमिकल प्रोसेसिंग यूनिट की सफाई कर रहे थे। तेज-तेज बजने लगा सायरन सफाई के बाद ही पानी बहते हुए गैस के स्टोरेज टैंक तक पहुंच गया। धीरे-धीरे गैस ने पानी के साथ रिएक्ट किया। इसका पता भी तब चला जब वहां मौजूद कर्मचारियों की आंखें जलने लगीं। इसके बाद तेज-तेज सायरन बजने लगा। देखते ही देखते अफरातफरी से पूरे शहर में हाहाकार मच गया। जिसको जहां जगह मिल रही थी या जो समझ आ रहा था, वो उसी तरफ दौड़ता जा रहा था। उस काली रात को याद कर आज भी लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं। सिर्फ इंसान ही नहीं, जानवरों को भी गैस लीक से जान गंवानी पड़ी। एक अनुमान के मुताबिक लगभग 30000 इंसान और 2 से 3 हजार जानवरों ने इस त्रासदी में अब तक जान गंवा दी है। हालांकि सरकारी आंकड़े अलग कहानी कहते हैं। मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक आंकड़ों में इस हादसे में 3 हजार लोगों की मौत हुई थी।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री को कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना ने दी जान से मारने की धमकी

शिवपुरी. मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वरधाम पीठ के प्रमुख और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जान से मारने की धमकी दी गई है। पंजाब का एक कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना उनके बयान पर खफा हो गया है। उसने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को धमकाते हुए कहा है कि उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्हें मार डालेंगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के हरि हर मंदिर को लेकर दिए बयान को बरजिंदर परवाना ने अमृतसर के हरमंदिर साहिब यानि स्वर्ण मंदिर से जोड़ दिया है। जबकि धीरेंद्र शास्त्री ने बयान स्वर्ण मंदिर के लिए नहीं बल्कि संभल के कल्कि धाम के लिए दिया था। इस बीच पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जान से मारने की धमकी देनेवाले कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना की गिरफ्तारी की मांग भी तेज हो गई है। बरजिंदर परवाना पहले भी विवादित बातें करता रहा है। पंजाब के कपूरथला में एक कार्यक्रम में बरजिंदर परवाना ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा कि बागेश्वर वाला बाबा अमृतसर या पंजाब में आकर दिखाए। कार्यक्रम में परवाना ने कहा- बागेश्वर धाम वाले साधु ने हर मंदिर में पूजा करने, अभिषेक करने की बात कही है। मैं कहता हूं कि आओ, पर याद रखना, हमने इंदिरा गांधी को मारा। यहां लाखों की फौज आई, उसे गोलियों से भून दिया। बेअंत (पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह) को चंडीगढ़ में बम से उड़ा दिया। बागेश्वर वाला बाबा की आज से उल्टी गिनती शुरू हो गई है। तुझे भी मार डालेंगे। तू आ तो सही। हरमंदिर साहिब तो दूर, बागेश्वर वाला बाबा अमृतसर या पंजाब में आकर दिखाए। बरजिंदर परवाना जिस बयान का उल्लेख करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री को धमका रहा है, वह ह​रमिंदर साहिब नहीं बल्कि हरि हर मंदिर के लिए दिया गया था। शास्त्री ने अपने बयान में कहा था कि हरिहर मंदिर में रुद्राभिषेक होना चाहिए। उन्होंने कहा था— अयोध्या में रामजी बैठ गए, काशी में नंदी भगवान निकल आए…अब हरि हर मंदिर में भी अभिषेक, रुद्राभिषेक हो जाना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान को बरजिंदर परवाना स्वर्ण मंदिर से जोड़ रहा है जबकि कहा जा रहा है कि उनका यह बयान संभल के कल्कि धाम के लिए था। ऐसे में प्रदेश में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अनुयायियों ने धमकी देनेवाले कट्‌टरपंथी को गिरफ्तार करने की मांग की है। उधर एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया और विश्व हिंदू तख्त प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने भी परवाना की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि परवाना की धमकी हिंदू-सिख भाईचारा तोड़ने की साजिश है। मूल रूप से पटियाला का रहनेवाला कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना का पहले से विवादों से नाता रहा है। कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन में भी वह शामिल था। 2022 में पटियाला में हिंसा के आरोप में पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है। परवाना भड़काऊ बयानबाजी करता रहता है और खुद को दमदमी टकसाल राजपुरा का मुखिया बताता है।

बिजली कंपनी के कर्मचारी ऑनलाइन कर सकेंगे अपील

भोपाल. मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी के कार्मिकों के विरुद्ध होने वाली कार्रवाई को लेकर एक “अपील पोर्टल” तैयार किया गया है। उस पर ऑनलाइन अपील अभ्यावेदन स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही प्रकरणों के निराकरण की जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध पारित दंडादेश के विरुद्ध कंपनी द्वारा संबंधित अपीलार्थी से ऑनलाइन अपील अभ्यावेदन प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये कंपनी द्वारा “अपील पोर्टल” तैयार किया गया है जिसका लिंक http://attendance.mpcz.in:8888/SCN/user/login है। ऑनलाइन अपील करने के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर कार्मिक संबंधित उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन)एवं प्रबंधक (मानव संसाधन)से सहायता ले सकेंगे।

मंडल और जिला इकाइयों में भी भाजपा बढ़ाना चाहती हैं महिलाओं की हिस्सेदारी

भोपाल. मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठन ने बूथ स्तरीय समितियों के गठन में 33 फीसदी महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है और अब संगठन की मंडल और जिला इकाइयों में भी इसी तरह की हिस्सेदारी देने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में बीजेपी संगठन के चुनाव की प्रक्रिया जारी है। यहां 65 हजार से ज्यादा बूथ हैं। राज्य की सभी बूथ इकाइयों का गठन हो चुका है और उनका डिजिटलाइजेशन रिकॉर्ड भी बना है। इन समितियों में महिलाओं को 33 फीसदी हिस्सेदारी दी गई है। आगामी दिनों में मंडल और जिला इकाइयों का गठन किया जाना है। इसके लिए संगठन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और 31 दिसंबर तक इसे पूरा किया जाना है। राज्य इकाई के संगठन महामंत्री हितानंद का कहना है कि पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए संसद और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है और हमारा ध्यान भी मंडल और जिला समितियों के गठन में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने पर है। राज्य की 100 फीसदी बूथ समितियों का गठन हो चुका है और उनका डिजिटलाइजेशन कर लिया गया है। अब मंडल और जिला समितियों का गठन तय समय सीमा पर करने की तैयारी है। पिछले दिनों पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें सर्वसम्मति से पदाधिकारि‍यों के चयन पर जोर दिया गया था। साथ ही कहा गया था कि नियुक्तियां नेताओं के कहने पर नहीं हों, बल्कि आपसी सामंजस्य से की जाएं। नियुक्तियों में विधायकों और सांसदों की सहमति पर भी जोर दिया गया। राज्य में बीजेपी मंडलों का पुनर्गठन करने जा रही है। इससे 200 मंडल बढ़ जाएंगे। वर्तमान में राज्य में मंडलों की संख्या 1099 है, जो अब बढ़कर 1299 हो जाएगी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बीजेपी राज्य में आधी आबादी पर पूरी पकड़ बनाना चाहती है। उसने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और विधानसभा चुनाव में इसका पार्टी को लाभ भी मिला। आने वाले समय में यह वर्ग उससे दूर न जाए, इसकी तैयारी अब संगठन के जरिए हो रही है। 

मध्यप्रदेश: तीन तहसीलें बनेंगी जिला! मुख्यमंत्री मोहन यादव का है प्लान

भोपाल. मध्यप्रदेश में जिले बनाने की मांग तेजी से उठ रही है। आने वाले समय में प्रदेश के कई जिलों और संभागों का नक्शा जल्द बदल सकता है। सरकार के द्वारा पुनर्गठन आयोग का गठन कर दिया गया है। जिसमें रिटार्यड आईएएस मनोज श्रीवास्तव और मुकेश कुमार शुक्ला को नियुक्त किया गया है। पुनर्गठन आयोग को जिम्मेदारी दी गई है कि प्रदेश में संभाग, जिले, तहसील, विकासखंड का नए सिरे से सीमांकन कर रूपरेखा तैयारी किए जाएंगे। इन तीन तहसीलों को जिला बनाने की तैयारी बीना को जिले बनाने की मांग पिछले 40 साल से हो रही है। विधायक निर्मला सप्रे ने बीना को जिला बनाने की मांग को लेकर बीजेपी ज्वाइन की थी, लेकिन खुरई को भी जिला बनाने की लॉबिंग होने लगी। बीना की सागर से दूरी लगभग 75 किलोमीटर है। अगर बीना नया जिला बनता है तो खुरई, बीना, मालथौन, कुरवाई, पठारी, बांदरी जैसी जगहों को इसमें शामिल किया जा सकता है। सिरोंज को बनाया जा सकता है नया जिला सिरोंज तहसील की विदिशा से दूरी करीब 85 किलोमीटर है। वहां के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विदिशा आने में काफी समय लग जाता है। जिससे की समय की बर्बादी होती है। अगर सिरोंज जिले के अस्तित्व में आता है तो लटेरी तहसील और ग्राम पंचायत आनंदपुर को इसमें शामिल किया जा सकता है। इधर, आनंदपुर को गुना जिले में शामिल करने का भी सुझाव दिया गया है। क्योंकि गुना की दूरी आनंदपुर से सिरोंज के बराबर है। नए जिले के अस्तित्व में आ सकता है पिपरिया नर्मदापुरम से अलग करके पिपरिया को अलग जिला बनाया जा सकता है। क्योंकि नर्मदापुरम से पिपरिया की दूरी 70 किलोमीटर है। पहाड़ी रास्तों से गुजरने में करीब 2 घंटे का समय लग जाता है। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान पिपरिया को जिला बनाने की मांग को लेकर धरना, प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई थी। बता दें कि, सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि हमने सरकार बनाई तो हमने इस बात पर ध्यान दिया कि एमपी भौगेलिक दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। क्षेत्रफल में बड़ा तो है, लेकिन समय के साथ कुछ कठिनाइयां भी आई हैं। जिले तो बढ़ गए हैं, लेकिन सीमाओं को लेकर विसंगतियां हैं।

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