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ज़िलों में शव वाहन संचालन योजना के लिए मंत्रिपरिषद की उप समिति की बैठक हुई

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में मंत्रालय वल्लभ भवन में प्रदेश के समस्त ज़िलों में शव वाहन संचालन योजना के लिए मंत्रिपरिषद की उप समिति की बैठक हुई। बैठक में शव वाहन संचालन की योजना के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर समिति द्वारा सुझाव दिये गये। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम विभाग मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल सहित अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री विवेक पोरवाल, एमडी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास उपस्थित थे। बैठक में योजनांतर्गत पात्रता, संचालन व्यवस्था एवं वित्तीय प्रावधानों पर विमर्श किया गया। समिति ने सुझाव दिये कि शव वाहन की संख्या का निर्धारण उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किया जाये। पात्रता और सुविधा के निर्धारण में आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता दी जाये। शववाहन संचालन सुविधा के लिए शासकीय व्यवस्था के साथ-साथ स्वयं सेवी संस्थाओं और एनजीओ का भी सहयोग प्राप्त करने के लिए एम्पेनेलमेंट की व्यवस्था को योजना में शामिल करने के समिति ने निर्देश दिये। उक्त बिंदुओं को समाहित कर अगले सप्ताह पुनः योजना पर मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा विमर्श किया जाकर योजना को अंतिम रूप प्रदान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के समस्त चिकित्सा महाविद्यालय वाले 13 ज़िलों में 4-4 तथा शेष 42 ज़िलों में 2-2 शव वाहन कुल 136 शव वाहन का संचालन प्रस्तावित है। शववाहन से शासकीय अस्पताल से मृतक के निवास स्थल / शमशान घाट तक परिवहन के लिए केंद्र शासन, राज्य शासन अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा संचालित शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं अथवा आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत सम्बद्ध निजी अस्पतालों में उपचार के लिये लाये गए आयुष्मान हितग्राही की उपचार के दौरान मृत्यु के प्रकरण की पात्रता प्रस्तावित की गयी है। सड़क दुर्घटना अथवा अन्य आपदा में पीड़ित की मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम के लिये शासकीय स्वास्थ्य संस्था में परिवहन एवं पोस्ट मार्टम उपरांत शासकीय स्वास्थ्य संस्था से मृतक के निवास स्थल/शमशान घाट तक परिवहन की पात्रता भी विभागीय योजना में प्रस्तावित है। योजना के क्रियान्वयन में मृतक (इंस्टिट्यूशनल डेथ) को शववाहन से परिवहन के लिये संबंधित स्वास्थ्य संस्था द्वारा अधिकृत चिकित्सक/पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा केंद्रीयकृत कॉल सेंटर में सूचना दिया जाना प्रस्तावित किया गया है। मृतक के परिवहन हेतु संबंधित स्वास्थ्य संस्था से मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा। सूचना प्राप्त होने पर संबंधित जिले में तैनात नजदीकी शव वाहन द्वारा सम्बंधित स्वास्थ्य संस्था से मृतक को उनके निवास स्थल अथवा शमशान घाट तक निशुल्क परिवहन प्रस्तावित है।मृतक के परिवहन संबंधी विवरण सेवाप्रदाता संस्था द्वारा मोबाईल ऐप के माध्यम से केन्द्रीयकृत काल सेंटर में ऑनलाइन संधारित किया जाना प्रस्तावित है।  

बलौदाबाजार हिंसा में घायल जवान के बेहतर इलाज के लिये सीएम साय ने दिये निर्देश, कुशलक्षेम पूछने पहुंचे अधिकारी

रायपुर/बलौदाबाजार सीएम विष्णुदेव साय ने बलौदाबाजार हिंसा में घायल पुलिस जवान संदीप खलको के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उनके निर्देश पर खलको के बेहतर इलाज के लिए यहां अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया है। आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी रजनीश सिंह ने अस्पताल का दौरा कर खलको का कुशलक्षेम पूछा। जवान की हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत करते हुए घटना के बारे में बताया। आइजी और कलेक्टर एसपी ने इलाज कर रहे डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से भी चर्चा की और बेहतर से बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों ने बताया की घटना में खलको के जबड़े और आंख में चोट लगी है। उन्हें भर्ती कर जांच और इलाज शुरू कर दिया गया है। बाकी उनका स्वास्थ्य ठीक है। आईजी और कलेक्टर ने घायल जवान की सहायता के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी नियुक्त कर दिए हैं। अधिकारियों ने घायल जवान के परिवार जनों से भी मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया। इस अवसर पर एसडीएम पीयूष तिवारी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  

अखिलेश, चंदन और अतुल … छोड़ेंगे विधायकी, जानें- किन सीटों पर होगा उपचुनाव

लखनऊ देश में नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरी बार बन चुकी है. 10 जून की पहली कैबिनेट बैठक के साथ ही कामकाज भी शुरू हो चुका है. नए मंत्री अपना प्रभार ग्रहण कर रहे हैं. पुराने मंत्री अपना पुराना कामकाज ही आगे बढ़ा रहे हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा और 1 विधान परिषद सीट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं. कारण, इन सीटों से विधायक अब सांसद बन चुके हैं और एक-एक करके विधायकी से इस्तीफा देने जा रहे हैं. इसके बाद प्रदेश की 9 विधानसभा और 1 विधान परिषद सीट पर आगामी 6 महीने के भीतर उपचुनाव होगा.  दरअसल, प्रदेश की इन 9 विधानसभा सीटों पर 4 पर सपा, 3 पर बीजेपी और 1-1 पर आरएलडी-निषाद पार्टी के विधायक हैं. वहीं योगी सरकार में पीडब्लूडी मिनिस्टर जितिन प्रसाद विधान परिषद सदस्य हैं, जिन्हें बीजेपी ने इस बार पीलीभीत सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया. उन्होंने सपा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार को 164935 वोटों से हरा दिया. जितिन प्रसाद को पूर्व सांसद वरूण गांधी की जगह टिकट दिया गया था. जितिन प्रसाद ने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है. उन्हें मोदी सरकार 3.0 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.  यूपी के ये विधायक देंगे इस्तीफा 1.सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (मैनपुर की करहल विधानसभा सीट से विधायक) सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव प्रदेश की मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से विधायक हैं. इस बार उन्होंने कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता है. अब अखिलेश केंद्र की राजनीति में नजर आएंगे, इसके चलते वह विधायकी छोड़ रहे हैं. इसी के साथ अब संसद में पति-पत्नी यानी अखिलेश-डिंपल की जोड़ी नजर आएगी. डिंपल यादव मैनपुरी से चुनाव जीती हैं. 2. सपा के अवधेश प्रसाद (फैजाबाद की मिल्कीपुर विधानसभा सीट) फैजाबाद की मिल्कीपुर विधानसभा सीट से सपा के दिग्गज विधायक अवधेश प्रसाद को पार्टी ने इस बार लोकसभा चुनाव में उतारा. उन्होंने फैजाबाद सीट से बीजेपी के दो बार के सांसद लल्लू सिंह को करारी शिकस्त दी. फैजाबाद वही लोकसभा सीट है, जिसके अंतर्गत अय़ोध्या विधानसभा भी आती है. ऐसे में इस सीट पर सपा की जीत के कई मायने हैं. 9 बार के विधायक अवधेश प्रसाद अब सांसद पहुंचने पर विधायकी से इस्तीफा देंगे. यानी मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा. 3. सपा के लालजी वर्मा (अम्बेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट) अम्बेडकर नगर की कटहेरी विधानसभा सीट से विधायक लालजी वर्मा ने इस बार के लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने अम्बेडकर नगर लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर 137247 वोटों से जीत हासिल की है. यहां उन्हें 544959 वोट मिले हैं. वहीं भाजपा से रितेश पांडेय को 407712 वोट मिले. यहां बहुजन समाज पार्टी के कमर हयात को 199499 वोट हासिल हो सके हैं. अम्बेडकर नगर लोकसभा सीट कभी बसपा प्रमुख मायावती का गढ़ माना जाता था. मायावती यहां से सांसद भी रह चुकी हैं. इस बार यहां सपा और भाजपा के बीच टक्कर रही. 4. सपा के जिया उर रहमान बर्क (मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट) मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट से विधायक जियाउर रहमान बर्क को सपा ने इस बार  संभल सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया. उन्होंने यहां से 121494 वोटों से जीत दर्ज की. पूर्व सांसद शफीकुर रहमान बर्क के पोते जिया उर रहमान पहली बार सांसदी का चुनाव लड़े और जीते हैं. संभल लोकसभा सीट को सपा का गढ़ माना जाता है. 2019 में यहां से शफीकुर रहमान बर्क ने जीत दर्ज की थी. सपा ने शफीकुर रहमान को ही इस बार भी टिकट दिया था, लेकिन चुनाव घोषणा के कुछ दिनों बाद ही उनका निधन हो गया, जिसके बाद पार्टी ने उनके पोते और कुंदरकी विधायक जिया उर रहमान को टिकट दिया. सांसद बनने के बाद अब वह विधायकी से इस्तीफा देंगे. 5. बीजेपी के अनूप वाल्मीकि प्रधान (अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट) अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से विधायक अनूप वाल्मीकी प्रधान को बीजेपी ने इस बार हाथरस लोकसभा सीट से मैदान में उतारा था. उन्होंने यहां से करीब डेढ़ लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. अनूप वाल्मीकी को इस चुनाव में कुल 5 लाख 54 हजार 746 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के जसवीर वाल्मिकी को महज 3 लाख 7 हजार 428 वोट मिले. अनूप प्रधान वर्तमान में योगी सरकार में राज्य मंत्री भी हैं. गांव के पंचायत से अपनी राजनीति शुरू करने वाले अनूप प्रधान बनने के बाद विधायक चुने गए थे. अब सांसद बनने के बाद वह विधायकी से इस्तीफा देंगे. 6. बीजेपी के अतुल गर्ग (गाजियाबाद विधानसभा सीट) गाजियाबाद सदर विधानसभा सीट से 2017 और फिर 2022 में विधायक बने अतुल गर्ग को बीजेपी ने इस बार लोकसभा चुनाव में उतारा था. उन्होंने गाजियाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हुए INDIA गठबंधन की कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा को 3 लाख से अधिक वोटों से हराया है. वह पिछली योगी पिछली सरकार में हेल्थ मिनिस्टर थे. अतुल गर्ग गाजियाबाद नगर निगम के पहले मेयर दिनेश चंद्र गर्ग के बेटे हैं. बीजेपी ने उन्हें इस बार गाजियाबाद के निवर्तमान सांसद वीके सिंह का टिकट काट कर उम्मीदवार बनाया था. सांसद बनने के बाद अब गर्ग विधायकी से इस्तीफा देंगे. 7. बीजेपी के प्रवीण पटेल (फूलपुर विधानसभा सीट) प्रयागराज जिले की फूलपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक प्रवीण पटेल इस बार लोकसभा चुनाव लड़े और जीते. फूलपुर लोकसभा सीट से प्रवीण पटेल ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अमर नाथ सिंह मौर्य को कड़े मुकाबले के बाद महज 4,332 वोटों से हराया. बीजेपी ने यहां से अपने मौजूदा सांसद केसरी देवी पटेल का टिकट काटकर प्रवीण पटेल को उम्मीदवार बनाया था. प्रवीण पटेल कांग्रेस के पूर्व विधायक महेंद्र प्रताप पटेल के बेटे हैं. महेंद्र प्रताप पटेल झूंसी विधानसभा क्षेत्र से 1984, 1989 और 1991 में विधायक चुने गए थे. प्रवीण पटेल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बसपा से की थी. उन्होंने 2007 में बसपा के टिकट पर फूलपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीता था, हालांकि 2012 में चुनाव हार गए थे. अब सांसद बनने के बाद पटेल विधायकी से इस्तीफा देंगे. 8. आरएलडी के चंदन चौहान (मीरापुर विधानसभा सीट) मीरापुर विधानसभा सीट से विधायक चंदन चौहान ने इस … Read more

कूनो नेशनल पार्क के अतिरिक्त चीतों को अन्य स्थान पर भी बसाने का निर्णय अगली बैठक में

श्योपुर  चीतों के लिए नया ठिकाना अब केंद्र की नई सरकार तय करेगी। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते इस पर निर्णय नहीं हो सका था। आचार संहिता हटने के बाद दिल्ली में 10 जून को बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन मोदी कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह के चलते बैठक निरस्त कर दी गई। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क के अतिरिक्त चीतों को अन्य स्थान पर भी बसाने का निर्णय अगली बैठक में लिया जाएगा। इसके लिए मध्य प्रदेश में ही गांधी सागर अभयारण्य लगभग तैयार कर लिया गया है। चीतों की खुराक लिए यहां 300 से अधिक चीतल छोड़े जा रहे हैं। गांधी सागर में चीता पुनर्वास का पुराना प्लान निरस्त कर नया प्लान स्वीकृत कर दिया गया। वन विभाग ने वनमंडल मंदसौर के अंतर्गत गांधी सागर अभयारण्य अंतर्गत चीता पुनर्वास के लिए वन्यप्राणी संरक्षण एवं रहवास विकास कार्यों के लिए 31 अगस्त 2022 को 84 लाख रुपये के चार वर्षीय प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया था, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया गया है। इसके पीछे कारण बताया गया कि यह प्रोजेक्ट वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन प्लान के अनुरुप नहीं था। इसके स्थान पर अब 10 वर्षीय प्लान स्वीकृत किया गया है, जिसमें 43 लाख 20 हजार रुपये की राशि मंजूर की गई है। यह राशि टाइगर फाउंडेशन समिति से ली जाएगी। नए दस वर्षीय प्लान इन गतिविधियों पर होगा व्यय नए दस वर्षीय प्लान के अनुसार, गांधी सागर अभयारण्य में वन्यप्राणियों के लिए वाटर सोर्स पर दो लाख रुपये, वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचे, बचाव वार्ड, पशु चिकित्सा निधि, पिंजरों आदि के निर्माण के लिए चार लाख रुपये, रावलीकुडी बीट में जलाशय बनाने पर 11 लाख रुपये। बीट करनापुरा में जलाशय की मरम्मत पर छह लाख रुपये, बीट खेमला पश्चिम क्रमांक 449 में जलोद्धार के लिए तीन लाख रुपये, बीट रावलकुडी क्रमांक 944 में जलोद्धार के लिए तीन लाख रुपये, नीमचौक में चीता फेंसिंग क्षेत्र में चारागाह विकास के लिए छह लाख रुपये, गांधीसागर में कैम्पों, खेल व क्वीज काम्पीटशन के माध्यम से जागरुकता कार्यक्रम चलाने पर पांच लाख 20 हजार रुपये और थर्ड पार्टी मानीटरिंग के लिए एक लाख रुपये का बजट प्रविधान किया गया है।

राजधानी में दौड़ेगी 100 इलेक्ट्रिक सिटी बसें, कलेक्टर सिंह ने आमानाका में बस डिपो का किया निरीक्षण

रायपुर रायपुर शहर को केंद्र सरकार की ओर से एक सौ नई ई-बसें मिलने वाली हैं। ये बसें बैट्री से चलेंगी। पंडरी और आमानाका में बस ठहरने के लिए डिपो तैयार किया जा रहा है, जहां बसों की बैट्री चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट भी बनाने की तैयारी है। इन दोनों डिपो से ही शहर के अलग-अलग स्थानों के लिए सिटी बसें चलेंगी। राजधानी की जनता को जल्द ही ई बसों से शहर में आने जाने की सुविधा मिलने वाली है। इससे रायपुर शहर के अंदर ट्रांसपोर्ट सुविधा और भी आसान होगी। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आमानाका में स्थापित होने वाले बस डिपो का निरीक्षण किया। साथ ही तैयारियों- निर्माण कार्यों का जायज़ा लिया। बता दें कि डिपो को काम नगर निगम की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने ई बसों की चार्जिंग के साथ मेंटेनेंस के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम जल्द करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज आईएसबीटी का भी निरीक्षण किया। इसमें 1 एकड़ जगह को सिटी बस के स्टैंड के लिए फाइनल किया गया है। यहां पर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को शहर के भीतर किसी भी स्थान में जाने के लिए आसानी से सिटी बसें मिल जाएगी। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि इस नए बस डिपो को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। जिसमें बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वेटिंग एरिया और अन्य व्यवस्थाएं होंगी। 

असामाजिक तत्वों पर अंकुश के लिए जारी रहे अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले माह में विभिन्न पर्व-त्यौहार के संबंध में मजबूत कानून व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवकर को  वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिलों के कलेक्टर्स और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी त्यौहार सद्भाव के वातावरण में मनाए जाएं। शांति व्यवस्था को आंच पहुंचाने वाले तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही हो। ऐसे तत्वों पर अंकुश बना रहे। साथ ही गौवंश का सम्मान सुनिश्चित हो, कालाबाजारी और मिलावट करने वाले तत्वों के विरूद्ध अभियान जारी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए आवश्यक विद्युत सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। बाढ़ और आपदा की स्थितियों में प्रशासन नागरिकों के सहयोग के लिए तत्पर रहे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज हो रही शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल से पहले नर्सरियों में पौधे तैयार करने, सीड बॉल्स तैयार करने और अधिक से अधिक पौधरोपण के लिए स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल पौधों की प्रजातियों का चयन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा खरीफ की बोवनी के समय खाद, बीज और उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने जानकारी दी कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश में निरंतर रैक आ रहे हैं। किसानों को किसी तरह की समस्या उत्पन्न नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल चले हम अभियान, कॉलेज चले हम अभियान और आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास और संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि उपस्थित थे।  

शिवराज सिंह चौहान के केंद्र में पहुंचने से बुधनी विधानसभा सीट रिक्त, उपचुनाव होना तय

 बुधनी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश भर के मामा और भैया यानि कि शिवराज सिंह चौहान की देश की राजनीति में एंट्री हो गई है. उन्हें मोदी कैबिनेट में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई है. अब शिवराज सिंह चौहान केंद्र में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में बुधनी विधानसभा सीट खाली हो जाएगी. इस सीट पर शिवराज के बाद अब कौन कमान संभालेगा? इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस सीट से शिवराज के बेटे कार्तिकेय चौहान भी चुनाव लड़ सकते हैं. आइये जानते हैं कौन हो सकता है बुधनी उपचुनाव का उम्मीदवार? बुधनी से कौन होगा उपचुनाव में उम्मीदवार? केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान विधायक पद से जल्द ही इस्तीफा देंगे. ऐसे बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा. इस सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक सुगबुगाहट तेज हो गई है. इस सीट पर शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय चौहान का नाम बड़ी तेजी से चल रहा है. सूत्रों की माने तो पार्टी आलाकमान बुधनी विधानसभा सीट से कार्तिकेय सिंह चौहान को चुनावी मैदान में उतार सकती है.   ऐसा इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश में कई बड़े नेताओं के बेटे राजनीति में लंबे समय से सक्रिय चल रहे हैं. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान भी शामिल हैं. ऐसा माना जा रहा है कि बुधनी उपचुनाव के जरिए कार्तिकेय की राजनीति में बड़ी ही आसानी के साथ एंट्री हो सकती है. कार्तिकेय लंबे समय से अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं. लगातार कार्यकर्ताओं से मेल मुलाकात कर रहे हैं. शिवराज के लिए सीट खाली करने का मिलेगा ईनाम? विदिशा लोकसभा सीट से सांसद रहे रमाकांत भार्गव का टिकट इस चुनाव में काट दिया गया था. उनकी जगह पर शिवराज सिंह चौहान को चुनावी मैदान में उतारा गया था. तो वहीं एक समय पर राजेंद्र सिंह राजपूत ने भी शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा छोड़ी थी. जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान यहां से विधायक चुने गए थे. ऐसे में विधानसभा उपचुनाव में बुधनी विधानसभा सीट से ये दोनों नाम प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. हालांकि बीजेपी की रणनीति को हर कोई जानता है, उपचुनाव में हो सकता है बीजेपी कोई नया प्रयोग भी कर सकती है. क्या बीजेपी बनाएगी नेता पुत्रों को अपना प्रत्याशी? शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद बीजेपी उपचुनाव को लेकर क्या रणनीति बनाती है. इसका पता चलेगा. हालांकि परिवारवाद पर हमेशा सवाल खड़ा करने वाली बीजेपी क्या नेता पुत्रों को उपचुनाव में टिकट देती है या नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. लेकिन अगर बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होते हैं. तो इस वक्त कार्तिकेय सिंह चौहान प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.

शिवराज के मंत्रालयों का बजट प्रदेश के लगभग बराबर, मोदी का सिंधिया पर भी भरोसा बढ़ा

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद कैबिनेट का भी गठन हो गया. उनके मंत्रिमंडल में शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर को भी जगह मिली है. शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं ग्रामीण विकास, ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग, वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, दुर्गादास उईके को जनजातीय और सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास विभाग मिला है. इन सभी विभागों का बजट 5 लाख करोड़ रुपये है. इन पांच लाख करोड़ रुपये के बजट में से भी अकेले शिवराज सिंह चौहान को 3.07 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला है. गौरतलब है कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय पहले भी मध्य प्रदेश के पास ही था. शिवराज से पहले यह विभाग मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के पास था. तोमर ने प्रदेश से पांच मंत्री बनने पर खुशी जताई है. 10 जून की रात ग्वालियर आए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश को पांच महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले हैं. पांचो मंत्रालय को मिलाकर 5 लाख करोड़ का बजट है.  यह मध्य प्रदेश के लिए अच्छी बात है. किस विभाग का कितना बजट बता दें, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग मिला है. उनके विभाग का बजट 1.42 लाख करोड़ रुपये है. वीरेंद्र कुमार खटीक के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का बजट 14 हजार 225 करोड़ रुपये है. दुर्गादास उईके जनजातीय मामलों के मंत्री बनाए गए हैं. उनके विभाग का बजट 13 हजार करोड़ रुपये है. इसी तरह सावित्री ठाकुर के महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 26 हजार 92 करोड़ रुपये है. केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कही ये बात मंत्रालय मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के करोड़ों गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है, जिससे वह सशक्त हो रहे हैं. आज प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत 3 करोड़ अतिरिक्त आवास के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनने वाले इन आवास में शौचालय, बिजली कनेक्शन, एलपीजी कनेक्शन और नल कनेक्शन जैसी बनियादी सुविधाएं होंगी. इस जनकल्याणकारी निर्णय हेतु प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन.’ शिवराज भाजपा के टॉप 10 नेताओं में शामिल केंद्रीय मंत्री चौहान की बड़ी जीत, प्रदेश में भाजपा के क्लीन स्वीप वाले नीतीजे और शिवराज सिंह की छवि ने पार्टी में उनका कद और बढ़ा कर दिया है। पीएम मोदी और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शिवराज सिंह मंच पर सबसे पहली पंक्ती में नजर आए। इतना ही नहीं पीएम मोदी के बाद वे छठे नंबर की कुर्सी पर बैठे थे और इसी नंबर पर ही उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। वे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद बैठे थे। ऐसे में यह साफ है कि भाजपा में उनका कद काफी बड़ा हो गया है। यह तस्वीर शपथ ग्रहण समारोह की है। पहली पंक्ति की पहली कुर्सी पर नरेंद्र मोदी बैठे हुए थे, दूसरी पर राजनाथ सिंह, तीसरी पर अमित शाह, चौथी पर नितिन गड़करी, पांचवीं पर जेपी नड्डा को जगह दी थी। इसके बाद छठवें नंबर की कुर्सी पर शिवराज सिंह बैठे हैं। अन्य नेता उनके बाद बैठे हुए हैं। इसका साफ संदेश है कि शिवराज पार्टी के टॉप छह नेताओं में शामिल हो गए हैं। शिवराज को कृषि मंत्रालय मिलेगा यह पहले से तय था प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को कृषिमंत्रालय दिया जाएगा यह लगभग पहले से ही तय था। हालांकि, गठबंधन पार्टियों की ओर से भी इस मंत्रालय की मांग की थी, लेकिन भाजपा अपनी बात मनवाने में कामयाब रही। इसके अलावा एक अतरिक्त ग्रामीण विकास मंत्रालय देकर शिवराज की जिम्मेदारी और बढ़ा दी गई है। देश के किसानों का दर्द बांटेंगे मामा मप्र के मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए कई बढ़े काम किए हैं, जिसका उन्हें फायदा मिला है। उनके कार्यकाल में प्रदेश को सात बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिला है। उनकी इसी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार में उन्हें इस अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिवराज के पास माजूद दूसरा मंत्रालय ग्रामीण विकास भी अहम हैं। इन दोनों विभागों का बजट करीब 3.07 लाख करोड़ है। ऐसे में यह साफ है कि मध्य प्रदेश में मामा के नाम से चर्चित शिवराज अब देश के किसानों के भाई बनकर उनका दर्द बांटेंगे और उनकी समस्याओं को हल करेंगे।  

हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सात FIR दर्ज करते हुए 200 से अधिक लोगों को किया गिरफ्तार

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार शहर में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को सात FIR दर्ज करते हुए 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं घायल हुए पुलिसकर्मियों में एक की हालत गंभीर है, जिसके बाद उसे बिलासपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले सोमवार को सतनामी समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने जिले के कलेक्टर कार्यालय में घुसकर भयानक उत्पात मचाया था। उन्होंने जिले में स्थित अपने धार्मिक स्थल को कथित रूप में नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों वाहनों के साथ-साथ ऑफिस बिल्डिंग में आग लगा दी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में खड़ी दो दर्जन से अधिक कारों के अलावा करीब 70 दोपहिया वाहनों और एक सरकारी भवन में आग लगा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के दौरान पथराव में करीब 50 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने बताया, ‘हमने सोमवार की घटना के सिलसिले में सात अपराध दर्ज किए हैं। आगजनी में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस की 12 टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है।’ साथ ही उन्होंने बताया कि ‘CCTV फुटेज, पुलिस द्वारा की गई विरोध-प्रदर्शन की वीडियोग्राफी और मीडियाकर्मियों सहित अन्य स्रोतों से प्राप्त वीडियो फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।’ पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि, ‘आरोपियों को पकड़ने के लिए हम पड़ोसी और अन्य जिलों के एसपी से संपर्क में हैं। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इस संबंध में जानकारी दी जाएगी।’ उन्होंने कहा, आगजनी में चार पहिया और दोपहिया वाहनों को मिलाकर 100 से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचा है और कुल नुकसान का आकलन करने के लिए एक टीम गठित की गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के हमले में 45 से 50 पुलिसकर्मियों को चोटें भी आई हैं, जिनमें से एक की हालत गम्भीर बताई जा रही है। जिसके बाद उसे बिलासपुर जिले के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया से बात करते हुए जिला कलेक्टर केएल चौहान ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार हिंसा के मामले में अबतक लगभग 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आरोपियों का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी है। बता दें कि बीते महीने 15 और 16 मई की दरम्यानी रात को जिले के गिरौदपुरी धाम में पवित्र अमर गुफा के पास सतनामी समुदाय द्वारा पूजे जाने वाले पवित्र प्रतीक ‘जैतखम्भ’ या ‘विजय स्तंभ’ को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया था। घटना के सिलसिले में पुलिस ने बाद में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी घटना के विरोध में सतनामी समुदाय के लोगों ने सोमवार को यहां दशहरा मैदान में प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का आह्वान किया था। इस दौरान यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हो उठा और लोगों ने आगजनी और पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद बलौदाबाजार-भाटापारा जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लगा दी है, जिसके तहत 16 जून तक बलौदाबाजार शहर में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है।

स्वास्थ्य संस्थाओं में 46491 नये पदों के सृजन की स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद ने म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा 06 मार्च 2024 को जारी टैरिफ आदेश से वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये लागू विद्युत दरों में राज्य शासन की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को ऊर्जा विभाग के बजट से सब्सिडी दी जाएगी। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए विद्युत दरों का निर्धारण किया है, जो 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावशील हो गई है। सब्सिडी दिए जाने पर वर्ष 2024-25 में 24,420 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आयेगा। चिकित्सीय विशेषज्ञों के पदों की पूर्ति की मंजूरी मंत्रि परिषद ने स्वास्थ्य संस्थाओं में 46491 नवीन पदों (नियमित/संविदा/आउटसोर्स) के सृजन की स्वीकृति दी जाकर इनमें से 18653 पदों की पूर्ति आगामी 3 वित्तीय वर्ष में करने तथा इन पदों पर राशि 343 करोड़ 29 लाख रूपये के वार्षिक आवर्ती व्यय की स्वीकृति दी। इन पदों में से शेष 27838 पदों की पूर्ति यथावत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से की जायेगी। प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेषज्ञ सेवायें उपलब्ध कराये जाने तथा स्वास्थ्य सूचकांको में बेहतर प्रदर्शन के लिए चिकित्सीय विशेषज्ञों के 607 पदों की पूर्ति सीधी भर्ती से कराने की मंजूरी दी। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 07 विशेषज्ञताओं यथा निश्चेतना विशेषज्ञ, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, शिशुरोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, अस्थि रोग विशेषज्ञ तथा सर्जरी विशेषज्ञ के रिक्त 1214 पर्दो में से 50 प्रतिशत अर्थात् 607 पदों की पूर्ति सीधी भर्ती से कराने की छूट एवं तद्नुसार रिक्त पदों की पूर्ति के लिये मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से विज्ञापन करने की अनुमति दी गई। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में प्रतिनियुक्ति अथवा संविदा नियुक्ति का निर्णय मंत्रि-परिषद ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति अथवा विभाग के अधीन प्रशासित संविदा भर्ती नियम 2003 के अंतर्गत संविदा पर लिए जाने का निर्णय लिया गया। संविदा पर भरे जाने की स्थिति में वरिष्ठ परामर्शी (चिकित्सा महाविद्यालय के प्राध्यापक के समकक्ष), परामर्शी (चिकित्सा महाविद्यालय के सह प्राध्यापक के समकक्ष), कनिष्ठ परामर्शी/विशेषज्ञ (चिकित्सा महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक के समकक्ष) और चिकित्सा अधिकारी को समेकित पुनरीक्षित पारिश्रमिक (रूपये) पर नियुक्ति दी जाएगी। तीन नये विवि की स्थापना एवं शहडोल विवि के लिए वित्तीय सहायता और पदो की मंजूरी मंत्रि-परिषद ने सागर, खरगौन और गुना में नवीन विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं शहडोल में पूर्व संचालित विश्वविद्यालय को सम्बद्धतादायी बनाए जाने पर पद-सृजन एवं वित्तीय- सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। रानी अवन्तीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर, क्रांतिसूर्य टंटया भील विश्वविद्यालय, खरगौन तथा क्रांतिवीर तात्याटोपे विश्वविद्यालय, गुना में नये विश्वविद्यालय की प्रारम्भिक आवश्यकता के लिए 3 करोड़ रूपए की स्वीकृति एवं प्रथम वर्ष के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूरक बजट में राशि 10 करोड़ रूपए के प्रावधान की मंजूरी दी गई है। प्रत्येक नये विश्वविद्यालय के लिए प्रशासकीय 14 पद, शैक्षणिक 140 पद तथा गैर-शैक्षणिक 81 पद कुल 235 पदों (5 वर्षों में विस्तारित) की स्वीकृति प्रदान की गई है। शैक्षणिक पदों के विषय-निर्धारण के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। भवन निर्माण सहित पूंजीगत परियोजना के लिए प्रत्येक नये विश्वविद्यालय को 150 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही पंडित शम्भुनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल के लिए 45 करोड़ रूपये, इस प्रकार कुल राशि 495 करोड़ रूपये का भविष्य में पुनर्विलोकन की शर्त पर सिद्धान्ततः अनुमोदन दिया गया है। इस वर्ष को गौवंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने गौवंश की रक्षा करने के संकल्प के साथ इस वर्ष की चैत्र की गुड़ी पड़वा से अगले वर्ष तक गौवंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाने का अनुमोदन दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में यह निर्णय लिया गया था, जिसका आज मंत्रि-परिषद ने अनुमोदन दिया। मुख्यमंत्री की घोषणा के परिपालन में मध्यप्रदेश शासन द्वारा यह साल, गौवंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जो प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा), चैत्र, शुक्ल पक्ष 9 अप्रैल 2024 से आगामी अमावस्या, चैत्र, कृष्ण पक्ष, 29 मार्च 2025 तक मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड के अंतर्गत मनाया जा रहा है। प्रदेश में संचालित गौ-शालाओं को श्रेष्ठ संचालन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। सड़कों पर गाय दुर्घटना का शिकार होती है। ऐसी व्यवस्था होगी कि घायल गाय को इलाज के लिए आसानी से ले जाया जा सके। हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल को टोल व्यवस्था के अंतर्गत प्रबंध किया जाएगा। प्रदेश की सभी गौशालाओं में गौवंश से जुड़ी 26 प्रमुख तिथियों में वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। गौशालाओं को समाज से जोड़ने के लिये जिलों में विभिन्न सामाजिक, मांगलिक व धार्मिक कार्यक्रमों को भी गौशालाओं में कराने का आव्हान किया गया है। इसमें नई पीढ़ी को गौवंश के प्रति संवेदनशील बनाने के लिये भी कार्यक्रम होंगे।  

श्री महाकाल महालोक के दूसरे चरण में मंगलनाथ मंदिर का होगा निर्माण व सुंदरीकरण

उज्जैन  धर्मधानी उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व से पहले प्रमुख मंदिरों में निर्माण व सुंदरीकरण के काम होंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने मंगलनाथ मंदिर के लिए सिंहस्थ मद से 20 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। इसके अलावा कालभैरव, भर्तृहरि गुफा, सिद्धवट, गढ़कालिका आदि प्रमुख मंदिरों के लिए भी योजना बनाई जा रही है। इन मंदिरों में स्मार्ट सिटी, नगर निगम तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा विकास व सुंदरीकरण के काम कराए जाएंगे। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्री महाकाल महालोक का पहला चरण पूरा हो गया, वहीं दूसरे चरण के कार्य भी चल रहा है। मगर शहर के दूसरे मंदिरों के लिए बनी योजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई है। कई मंदिरों में काम तो शुरू हुए, लेकिन वे पूरे नहीं हो पाए हैं। लेकिन अब मंदिरों के लिए फिर से योजना बनाई जा रही है। मंगलनाथ मंदिर के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण ने 20 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। इसके तहत मंदिर में विशाल पार्किंग, वेटिंग हाल, फसाड लाइटिंग सहित श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अन्य काम होंगे। कालभैरव मंदिर कालभैरव मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या सबसे अधिक रहती है। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के बिल्कुल भी इंतजाम नहीं है। मंदिर परिसर का पिछला हिस्सा उजाड़ स्थिति में है। दर्शनार्थी अगर कुछ देर बैठना भी चाहें, तो यहा स्थान उपलब्ध नहीं है। मंदिर प्रबंधक संध्या मारकण्डेय ने बताया श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्माण कार्यों की शुरुआत होना है। नया फ्लोरिंग तथा वेटिंग हाल आदि का निर्माण किया जाएगा। खाकचौक स्थित गयाकोठा तीर्थ का निर्माण अधूरा पड़ा है। करीब तीन साल पहले यहां निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी। लेकिन फंड की कमी के चलते बीच में ही का काम ठप हो गया। मंगलनाथ के लिए 20 करोड़ की डीपीआर तैयार मंगलनाथ मंदिर में निर्माण कार्य के लिए 20 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। सिंहस्थ मद से मंदिर में विशाल पार्किंग, फैसिलिटी सेंटर सहित अन्य काम होना है। – संदीप कुमार सोनी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उज्जैन विकास प्राधिकरण

राजस्थान के उदयपुर में उदयपुर में हथियार और बारूद की दुकान में विस्फोट, 2 की मौत, जांच में जुटी पुलिस

जयपुर राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को हथियार और गोला-बारूद विक्रेता की दुकान में विस्फोट हो गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उदयपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेश गोयल ने कहा कि दुकान एक लाइसेंस प्राप्त दुकान थी और यह एक छोटी दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर स्थित थी। उन्होंने कहा कि विस्फोट पहली मंजिल पर जाने वाली सीढ़ियों पर हुआ और दुकान के मालिक राजेंद्र और एक अन्य व्यक्ति, जो शायद अंशकालिक कर्मचारी था, की मौके पर ही मौत हो गई। इलाके में दहशत पुलिस ने कहा कि विस्फोट से राजेंद्र लगभग 30 फीट दूर जा गिरा और उसका क्षत-विक्षत शरीर सड़क के पार जा गिरा। उन्होंने कहा, “सीढ़ी के पास कई कारतूस बिखरे हुए पाए गए। यह तुरंत पता नहीं चला है कि विस्फोट कैसे हुआ। एफएसएल की एक टीम सबूत इकट्ठा करने के लिए मौके पर पहुंच गई है।” उन्होंने बताया कि दूसरे पीड़ित की पहचान का पता लगाया जा रहा है। घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।

राजस्थान के ओम बिरला मोदी 3.0 में दोबारा बनेंगे लोकसभा अध्यक्ष

कोटा. राजस्थान के कोटा सांसद ओम बिरला को मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं करने के बाद उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में पिछले कार्यकाल में लोकसभा अध्यक्ष रहे ओम बिरला को जगह नहीं दी गई है। माना जा रहा था कि स्पीकर का कार्यकाल पूरा करने के बाद बिरला को कैबिनेट में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। माना यह भी जा रहा है कि ओम बिरला फिर से लोकसभा अध्यक्ष बन सकते है। ऐसा नहीं होता है तो पार्टी उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी सांसद ओम बिरला को फिर से लोकसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। क्योंकि उन्होंने नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। पहले चर्चा थी कि ओम बिरला को इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, कुछ लोग नए नामों पर भी चर्चा कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इस बार मोदी सरकार को पूर्ण बहुमत तो मिला है, लेकिन मजबूत बहुमत नहीं मिला है। सरकार बनाने के लिए बीजेपी को अपने सहयोगी विशेषकर तेलुगु देशम् पार्टी- टीडीपी के एन. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और जनता दल यूनाइटेड- जेडीयू के नीतीश कुमार के साथ कई बार चर्चा करनी पड़ी। बीजेपी की नजर लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर क्यों है बीजेपी लोकसभा अध्यक्ष का पद अपने पास ही रखना चाहती है। इसकी वजह है कि यह है कि पिछले कुछ वर्षों में, सत्तारूढ़ दलों के भीतर विद्रोह के कई मामले सामने आए हैं, जिसके कारण विभाजन हुआ और सरकारें भी गिरीं। ऐसे मामलों में दल-बदल विरोधी कानून लागू होता है और यह कानून, सदन के अध्यक्ष को बहुत शक्तिशाली स्थिति देता है। कानून में कहा गया है, सदन के सभापति या अध्यक्ष के पास दलबदल के आधार पर सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने की पूर्ण शक्ति है। बता दें नीतीश कुमार पहले भी बीजेपी पर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगा चुके हैं। इसलिए, किंगमेकर बगावत की स्थिति में नहीं आना चाहते और ऐसी किसी भी रणनीति के खिलाफ ढाल के तौर पर स्पीकर का पद चाहते हैं। बिरला को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी उल्लेखनीय है कि ओम बिरला पीएम मोदी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। इस बार कोटा से जीत की हैट्रिक लगाई है। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में बिरला को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया था। इस बार कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना थी लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद यही संभावना बनी है कि बिरला को एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है और वे अपना कार्यकाल पूरा करते हैं तो बिरला के नाम एक नया रिकॉर्ड बन जाएगा। वे बलराम जाखड़ के बाद दूसरे ऐसे स्पीकर होंगे जो लगातार दो कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, चर्चा यह भी है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में पूरी तस्वीर साफ हो सकती है।

छत्तीसगढ़-बलौदा बाजार में बवाल में अब तक 80 उपद्रवी गिरफ्तार

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में हुए हिंसक प्रदर्शन में 25 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इधर शांति व्यवस्था बनाये रखने के मद्देनजर जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शनकारियों ने कहने को तो उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई के लिए आंदोलन का आह्वान किया था, लेकिन दरअसल उनका मकसद ही आगजनी और मारपीट करना था। घटना को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के द्वारा अमर गुफा गिरीधपुरी जैतखाम मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग और साथ में पूर्व में बोडसरा, कबीरधाम और अन्य जिलों में सतनामी समाज संबंधी विभिन्न मु‌द्दों को लेकर दशहरा मैदान बलौदाबाजार में धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रशासन को भी इसकी सूचना थी, जिसके बाद सुरक्षा प्रबंधन के लिए पर्याप्त सख्या में पुलिस बल लगाने के साथ मजिस्ट्रियल ड्यूटी भी लगाई गई थी। आयोजनकर्ता किशोर नवरंगे भीम क्रांतिवीर अध्यक्ष, दीपक घृतलहरे प्रगतिशील सतनामी समाज, मोहन बजारे प्रगतिशील सतनामी समाज युवा प्रदेश अध्यक्ष, सुशील बजारे प्रगतिशील सतनामी समाज युवा प्रकोष्ट, जितेन्द्र नौरंगे सतनाम सेवा समिती जिला अध्यक्ष, ओमप्रकाश खुटे सतनामी समाज वरिष्ठ, भुनेश्वर डहरिया, दिनेश चतुर्वेदी भीम रेजिमेंट प्रदेश अध्यक्ष आदि के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन के रूप में आसपास पैदल रैली कर संयुक्त जिला कार्यालय का घेराव किये जाने योजना थी। बलौदाबजार में हुआ आगजनी की घटना पर छत्तीसगढ़ सरकार ने संज्ञान लिया है। सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य में कहीं भी बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने बलौदाबजार के साथ ही प्रदेश के लोगों से सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की है। हालांकि, इस मामले पर छत्तीसगढ़ सरकार ऐक्शन मोड में नजर आ रही है।

नई दिल्ली में महिलाओं को 1000 रुपए मानदेय देने की मांग को लेकर आतिशी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली महिला मंच की सदस्यों ने मंगलवार को दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से शहर की महिलाओं को 1000 रुपये मानदेय देने की उसकी बजट घोषणा को पूरा करने की मांग की। मथुरा रोड पर स्थित मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी सफिया फहीम ने कहा, “आप सरकार ने अपने बजट में महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह मानदेय देने की घोषणा की थी। यह कोई चुनावी वादा नहीं था, इसलिए सरकार को अब महिलाओं को यह पैसे देने चाहिए।” प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया और किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कुछ महिलाएं मंत्री आतिशी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रही थी। महिलाएं शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहीं थी, जिससे किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है।” केजरीवाल ने 1000 प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया था लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बार-बार आश्वासन दिया था कि दिल्ली की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। वर्ष 2024-25 के लिए विधानसभा में पेश किए गए अपने बजट में आप सरकार ने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत दिल्ली की वयस्क महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था। योजना को सितंबर-अक्टूबर तक लागू कर दिया जाएगा आतिशी ने पहले, पीटीआई- भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि लोकसभा चुनाव के लिए लगी आदर्श आचार संहिता हटने के बाद इस योजना को अधिसूचित किए जाने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इस साल सितंबर-अक्टूबर तक इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। 

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