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तनाव से टूट चुके हैं? भगवद गीता के 7 श्लोक और श्रीकृष्ण का जीवन बदलने वाला मंत्र

जीवन में जब असफलता, तनाव और असमंजस घेर लेते हैं, तब सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। ऐसे समय में हजारों साल पहले कही गई बातें भी आज उतनी ही प्रासंगिक लगती हैं। महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को दिया गया उपदेश आज हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। आज भी लोग कई ऐसी सिचुएशन में फंस जाते हैं, जहां से निकलने का कोई रास्ता समझ नहीं आता। अगर आप भी जिंदगी की भंवर में अटक गए हैं, तो भगवद गीता में संकलित श्री कृष्ण द्वारा कही गई अमर शिक्षाओं से कुछ सीख लें। भगवद गीता में लिखे ये 7 श्लोक आपकी सोच को बदल देंगे और जिंदगी की हर कठिनाई को सरल कर देंगे। 1. कर्म पर ध्यान दें, फल की चिंता छोड़ें “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।” अर्थ: आपका अधिकार केवल कर्म करने में है, फल पर नहीं। आज के समय में लोग रिजल्ट को लेकर ज्यादा परेशान रहते हैं। गीता का यह श्लोक सिखाता है कि अगर आप पूरी निष्ठा से काम करेंगे, तो परिणाम आपके पक्ष में ही आएगा। 2. संतुलित मन ही असली शक्ति है “योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय।” अर्थ: संतुलित होकर और आसक्ति छोड़कर कर्म करो। जब मन स्थिर होता है, तभी सही निर्णय लिए जा सकते हैं। यह श्लोक मानसिक संतुलन और फोकस की अहमियत बताता है। ज्यादातर लोग दो नांव में पैर रखकर चलने की कोशिश करते हैं। 3. खुद को गिरने मत दो “उद्धरेदात्मनाऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्।” अर्थ: मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना चाहिए। जीवन में मुश्किलें आएंगी, लेकिन हार मान लेना विकल्प नहीं है। आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है। खुद को हर स्थिति में उठाने की कोशिश करें। 4. अच्छे कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाते “न हि कल्याणकृत्कश्चिद् दुर्गतिं तात गच्छति।” अर्थ: जो शुभ काम यानी अच्छे कर्म करता है, उसके साथ कभी बुरा नहीं होता। ईमानदारी और अच्छाई का रास्ता भले लंबा हो, लेकिन अंत में जीत उसी की होती है। 5. श्रद्धा से मिलता है ज्ञान “श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्।” अर्थ: श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति ही ज्ञान प्राप्त करता है। सफलता के लिए केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि धैर्य और विश्वास भी जरूरी है। अगर आप सोचते हैं कि सबकुछ जल्दी हो जाए, तो ऐसा नहीं होगा। किसी भी चीज को पाने के लिए धैर्य रखना जरूरी है। 6. हर घटना के पीछे एक उद्देश्य है “अहं सर्वस्य प्रभवो मत्तः सर्वं प्रवर्तते।” अर्थ: समस्त सृष्टि का मूल कारण मैं हूं। यह श्लोक हमें सिखाता है कि जीवन में जो भी होता है, उसका एक गहरा उद्देश्य होता है। जैसे कहा जाता है जो होता है अच्छे के लिए होता है, उसमें जरूर आपका कुछ लाभ छिपा होता है। 7. गुस्सा आपका दुश्मन है “क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः” अर्थ: यह श्लोक सिखाता है कि गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। एक पल का क्रोध सालों की मेहनत और रिश्तों को खत्म कर सकता है। यदि आप सफलता और खुशहाली चाहते हैं, तो अपने मन और भावनाओं कंट्रोल रखना सीखें।  

महिलाओं में हार्ट अटैक के छुपे लक्षण—आज जानें, कल पछताने से बचें

महिलाएं अक्सर थकान, कमजोरी और लगातार बने रहने वाले दर्द को अपनी दिनचर्या का दोष मानकर नजरअंदाज करती रहती हैं, ये कमजोर या बीमार होते हार्ट के लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे में, तुरंत सतर्क होने और डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता होती है… पुरुषों और महिलाओं में हार्ट से जुड़ी बीमारियों के लक्षण अलग-अलग होते हैं। महिलाओं की बड़ी समस्या यही है कि लक्षणों को लंबे समय तक अनदेखा करने के कारण उन्हें सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता। हालांकि, एस्ट्रोजन के चलते महिलाओं को एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच मिला होता है, लेकिन 50 वर्ष की उम्र के बाद इस सुरक्षा का असर कम हो जाता है। एक हालिया डाटा की मानें तो बीते कुछ वर्षों में महिलाओं में कार्डियक मामलों में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। ऐसे में, हम समय रहते लक्षणों को लेकर गंभीरता बरतें तो ऐसी समस्याओं से काफी हद तक बचाव संभव है। महिलाओं में हार्ट से जुड़ी समस्याएं अधिक सामने आने लगी हैं। हालांकि, पुरुषों और महिलाओं में इस समस्या के पीछे कारण और लक्षण अलग-अलग होते हैं। महिलाओं में अक्सर मेनोपाज यानी 45 से 50 की उम्र के बाद यह समस्या देखने में आती है। मेनोपाज से पहले एस्ट्रोजन की मात्रा भरपूर होती है। इससे रक्त वाहिकाएं स्वस्थ रहती हैं और अच्छा कोलेस्ट्राल (एचडीएल) संतुलित रहता है। यह हार्ट को सुरक्षित रखने वाला कोलेस्ट्राल होता है। इससे बैड कोलेस्ट्राल एलडीएल से भी सुरक्षा मिलती है। मेनोपाज के बाद एस्ट्रोजन अचानक कम हो जाता है, जिससे कोलेस्ट्राल का संतुलन बिगड़ जाता है। कई सारे कारणों पर रखनी होगी नजर महिलाओं में हार्ट की समस्या के पीछे अन्य कारण भी जिम्मेदार होते हैं, जैसे पालिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम आदि से भी हार्ट की बीमारी का जोखिम बढ़ता है। जल्दी मेनोपाज या प्रेग्नेंसी भी इस परेशानी का कारण बन सकती है। हमें समझना होगा कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हृदय की धमनियों की बनावट थोड़ी छोटी और रक्तवाहिकाएं पतली होती हैं। अक्सर ब्लाकेज इन पतली और छोटी धमनियों में होता है। इन छोटी-छोटी धमनियों का ब्लाकेज अक्सर पता नहीं चलता। यही कारण है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में लक्षण बहुत ही अलग तरह के होते हैं। ये बहुत स्पष्ट नहीं होते, पर खतरनाक जरूर होते हैं। रोजमर्रा की थकान, कमजोरी को टालें नहीं महिलाओं में रोजमर्रा की थकान होती है, उन्हें लगता है कि यह दिनचर्या की वजह से है, इसलिए ऐसे लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करती रहती हैं। इसी तरह सीने में दर्द उठना और उसका गर्दन व कंधों तक फैलना भी एक बड़ा लक्षण होता है। हार्ट की समस्या होने पर चक्कर और बेहोशी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। अचानक कमजोरी महसूस करना, घबराहट या फिर लगना कि धड़कन बहुत अधिक तेज हो गई है तो इसे टालने के बजाय तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए। किन्हें है अधिक जोखिम? जिन महिलाओं का मेनोपाज हो चुका है या जिन लोगों के परिवार में हार्ट की बीमारी की हिस्ट्री है या फिर जिन्हें डायबिटीज, ब्लडप्रेशर जैसी समस्याएं हैं, उन्हें हार्ट की हेल्थ को लेकर अधिक सतर्क होने की जरूरत है। धूमपान या अल्कोहल का सेवन, मानसिक तनाव भी बड़े रिस्क फैक्टर हैं। गर्भकाल के दौरान सीने में होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चूंकि, महिलाओं में हार्ट की समस्या को चिह्नित करना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए समय रहते इन लक्षणों को पहचानने और समस्या होने पर डॉक्टर से मिलने के लिए जरूर प्रयास करना चाहिए। रिस्क फैक्टर पर रहे नजर     अगर आपकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है और बार-बार सीने में दबाव महसूस करती हैं।     अगर सांस फूल रही है, पसीना आ रहा है या कमजोरी महसूस होती है।     अगर उल्टी लगती है, दर्द गर्दन तक पहुंचता है, तो तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए। बचाव के लिए आदतों में करें सुधार     हार्ट की समस्या से बचने के लिए स्वस्थ और संतुलित भोजन की आदत बनाएं।     नियमित व्यायाम करें, वजन, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रण में रखें।     धूमपान या अल्कोहल, अल्ट्रा प्रोसेस्ड आहार आदि से दूरी बनाएं।     नींद को अच्छी तरह से पूरा करें। मानसिक तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।     अपना नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराते रहें।  

एप्लास्टिक एनीमिया: खून की कमी से आगे की बीमारी, लक्षण, खतरे और आम एनीमिया से फर्क

जब भी हम एनीमिया शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले शरीर में आयरन की कमी, थकान और चेहरे का पीलापन जैसे लक्षण आते हैं। पोषण संबंधी एनीमिया या आयरन की कमी एक आम समस्या है जिसे सही खान-पान से ठीक किया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एप्लास्टिक एनीमिया इससे पूरी तरह अलग और कहीं ज्यादा खतरनाक स्थिति है? इसे सामान्य एनीमिया समझकर केवल आयरन की गोलियों से इलाज करना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। आइए डॉ. नितिन अग्रवाल (एमडी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, एचओडी – डोनर रिक्वेस्ट मैनेजमेंट, DKMS फाउंडेशन इंडिया) से जानते हैं एप्लास्टिक एनीमिया कैसे एनीमिया से अलग है। क्या है एप्लास्टिक एनीमिया? एप्लास्टिक एनीमिया बोन मैरो के फ्लोयोर से जुड़ी एक समस्या है। इस कंडीशन में बोन मैरो नए ब्लड सेल्स बनाना बंद कर देती है। यह स्थिति न केवल हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे शरीर पर असर डालती है। आम एनीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया में अंतर क्या है? जहां सामान्य एनीमिया में अक्सर केवल रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की कमी होती है, वहीं एप्लास्टिक एनीमिया में तीन मुख्य समस्याएं एक साथ पैदा होती हैं-     कम हीमोग्लोबिन- जिससे बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है।     व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी- इनके घटने से शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।     प्लेटलेट्स की कमी- प्लेटलेट्स कम होने से शरीर में चोट लगने पर खून बहना रुकना मुश्किल हो जाता है और इंटरनल ब्लीडिंग का जोखिम रहता है। क्यों होती है यह बीमारी? एप्लास्टिक एनीमिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से ऑटोइम्यून डिजीज, कुछ दवाएं, टॉक्सिक चीजों से कॉन्टेक्ट और वायरल इन्फेक्शन इसके जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में यह बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है। इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज एप्लास्टिक एनीमिया के लक्षण शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करते हैं। इसके मुख्य संकेतों में शामिल हैं-     सांस लेने में तकलीफ और थकान।     दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना।     बार-बार या लंबे समय तक चलने वाले इन्फेक्शन और बुखार।     बिना किसी कारण के शरीर पर नीले निशान पड़ना।     नाक और मसूड़ों से खून आना या चोट लगने पर खून का न रुकना।     त्वचा का पीला पड़ना और त्वचा पर रैश होना।  

जीवन के भीतर छिपा मोक्ष: एक आध्यात्मिक दृष्टि

भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है-हे अर्जुन! ज्ञान वह परम स्थिति है, जिसे पाकर कोई मोह में नहीं फंसता! यह आध्यात्मिक अवस्था अगर जीवन के अंतकाल में भी मिल जाए तो मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। शरीर, शरीर से जुड़े लोगों, सगे-सम्बन्धियों या जहां-जहां से भी इस शरीर को सुख मिलता है, हमारा हर उस वस्तु के प्रति मोह हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम जिंदगी भर सुख को ढूंढते रहते हैं और इसकी वजह से मोह पक्का होता जाता है। एक ऐसी अवस्था आ जाती है, जहां यह पक्का हो जाता है कि सुख मिले या न मिले, मोह बरकरार रहता है। जहां से सुख मिलता है, वहीं हमारा संसार बन जाता है। व्यक्ति अपने सुख से बाहर नहीं निकलना चाहता। इसलिए सुख की चाह मोह के रूप में उसे इस संसार में बांधे रखती है। अध्यात्म के रास्ते ही व्यक्ति अपना मन संसार और इसके सुखों से हटाकर अपनी चेतना से जोड़ लेता है, जिसकी ताकत से यह शरीर, इन्द्रियां, मन, बुद्धि सब चलता है। उसे ब्रह्म भी कहते हैं। उस ब्रह्म की स्थिति का आनंद लेने के बाद संसार के सब सुख फीके लगने लगते हैं। यही शारीरिक आनंद से ऊपर उठने का वक्त होता है। यह अवस्था मोहमाया का अंत कहलाती है, जब व्यक्ति जीवित रह कर भी मोक्ष की अवस्था को प्राप्त कर लेता है।  

ऐंड्रॉयड फोन स्लो क्यों हो रहा है? इन ऐप्स और सेटिंग्स को अभी करें कंट्रोल

नई दिल्ली रोज लॉन्च हो रहे हाई-परफॉर्मेंस और बेहतर ग्राफिक्स वाले ऐंड्रॉयड गेम्स के चलते स्मार्टफोन्स का लिमिटेड स्टोरेज स्पेस और कम रैम चैलेंज बनता रहता है। ऐसे में स्मार्टफोन्स 6जीबी और 8जीबी रैम तक के साथ लॉन्च हो रहे हैं। ऐसे में ज्यादा रैम वाला मोबाइल खरीदना एक ऑप्शन हो सकता है, वहीं बहुत ये यूजर्स नया फोन खरीदना अफॉर्ड नहीं कर सकते। जरूरी नहीं कि आप नया फोन खरीदें क्योंकि कई ऐप्स की सेटिंग्स को चेंज करके आप फोन की स्पीड बढ़ा सकते हैं। कुछ ऐप्स को किल या अनइंस्टॉल करके फोन की स्पीड और बैटरी लाइफ भी बढ़ाई जा सकती है। जरूरी है कि हैवी गेम्स और ऐप्स को स्लो होते फोन के लिए जिम्मेदार मानने से पहले चेक करें कि कौन सी ऐप्स की वजह से आपका फोन स्लो हो गया है। फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम तक, कौन सी ऐप आपके फोन की कितनी बैटरी और रैम यूज करती है, इसे सेटिंग्स में जाकर आप चेक कर सकते हैं। इस तरह आप जान सकते हैं कि कौन सा ऐप आपका स्मार्टफोन स्लो कर रहा है: स्टेप 1: फोन की सेटिंग्स में जाकर स्टोरेज या मेमोरी पर टैप करें। स्टेप 2: यहां आपको दिखाई देगा कि किस तरह का कंटेंट सबसे ज्यादा मेमोरी यूज कर रहा है। इस लिस्ट में इंटरनल स्टोरेज कंजप्शन ही दिखाई देगा। स्टेप 3: मेमोरी पर टैप करने के बाद मेमोरी यूज्ड बाई ऐप्स में जाएं। स्टेप 4: अब दिखने वाली लिस्ट आपको एप यूसेज ऑफ रेम चार हिस्सों, 3 घंटे, 6 घंटे, 12 घंटे और 1 दिन में दिखाएगी। इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि कौन सा ऐप कितना रैम यूज कर रहा है। इस लिस्ट में देखकर आप गैर-जरूरी ऐप को किल कर सकते हैं या अनइंस्टॉल कर सकते हैं। साथ ही कई पॉप्युलर ऐप्स के लाइट वर्जन डाउनलोड करने का ऑप्शन भी आपके पास है, जो कम स्टोरेज स्पेस और रैम यूज करता है। इस तरह आप स्मार्टफोन की प्रोसेसिंग स्पीड बढ़ा सकते हैं।  

महिलाओं की सेहत का राज़ है क्रैनबेरी, इसके जादुई फायदे नहीं जानते होंगे आप

आज के समय में हेल्दी लाइफ स्टाइल को अपनाने की चाहत हर किसी की प्राथमिकता बन चुकी है। ऐसे में पौष्टिक और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फूड्स को “सुपरफूड” का दर्जा दिया जाता है। इन्हीं में से एक है क्रैनबेरी। एक छोटा सा लाल रंग का खट्टा-मीठा फल, जो स्वाद के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यह विटामिन सी, ई, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई तरह बीमारियों से बचाता है।इससे हमारे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। तो आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- यूटीआई से बचाव क्रैनबेरी महिलाओं में आम यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) को रोकने में काफी प्रभावी है। इसमें मौजूद प्रोस्यानिडिन्स नामक तत्व बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों से चिपकने नहीं देते, जिससे इन्फेक्शन नहीं होता है। दिल की सुरक्षा क्रैनबेरी में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स हृदय की धमनियों को हेल्दी बनाए रखते हैं, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं और हृदय रोग का जोखिम कम करते हैं। पाचन क्रिया में सुधार इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और पाचन को सुचारु बनाए रखता है, जिससे कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूती देते हैं और शरीर को इंफेक्शंस से लड़ने में सहायक बनाते हैं। मुंह और दांतों की देखभाल क्रैनबेरी मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है, जिससे कैविटी, मसूड़ों की सूजन और सांस की बदबू में राहत मिलती है। स्किन को बनाएं ग्लोइंग और जवां जवां इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उम्र के असर को कम करते हैं, जिससे स्किन ग्लो करती है। कैंसर से बचाव शोध के अनुसार, क्रैनबेरी में मौजूद तत्व ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकते हैं। वेट लॉस करने में सहायक कम कैलोरी और हाई फाइबर वाले इस फल को नियमित सेवन से भूख नियंत्रित रहती है,जिससे वजन कम करना आसान हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखे यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ावा देता है, जिससे आपका दिल हेल्दी रहता है। क्रैनबेरी एक टेस्टी और शक्तिशाली सुपरफूड है, जिसे आप ड्राय फ्रूट, जूस, या स्मूदी में शामिल कर अपनी डाइट को हेल्दी बना सकते हैं। इसका नियमित सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा और आपको एक्टिव बनाए रखेगा।  

कामयाबी का शॉर्टकट नहीं, स्टीव जॉब्स की ये 5 आदतें अपनाइए और बड़ा मुकाम पाइए

एप्पल कंपनी के मुख्य संस्थापक स्टीव पॉल जॉब्स किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। स्टीव ने iPhone, iPad, Mac के जरिए टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। सिंपल लेकिन क्रिएटिव होने में वह ज्यादा विश्वास रखते थे और काम को दिल से करने वाले लोगों को पसंद करते थे। स्टीव ने फुल फोकस के साथ काम किया और दुनिया एप्पल जैसी टेक्नोलॉजी से मिलवाया जो काफी तेज और बेहतरीन है। आज हर हाथ में एप्पल के मोबाइल दिखते हैं और इसका श्रेय स्टीव जॉब्स को ही जाता है। वह करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है और उनकी कुछ आदतों को हर किसी को अपनाना चाहिए। अगर आप दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते हैं, तो स्टीव की इन बातों को गांठ बांध लें। स्टीव जॉब्स की खास आदतें- सिंपल बट क्रिएटिव स्टीव जॉब्स का कहना था कि सादगी से क्रिएटिविटी बढ़ती है। वह खुद हमेशा काफी सिंपल रहें और उन्हें हमेशा सिर्फ ब्लैक टर्टलनेक टी-शर्ट और जींस में देखा गया। उनका कहना था कि किसी भी चीज पर काम करो, तो तब तक लगे रहो जब तक वो परफेक्ट न हो जाए। हर काम की बारीकी मैटर करती है, फिर चाहे उसके लिए कितना भी इंतजार करना पड़े। फोकस हटना नहीं चाहिए स्टीव जॉब्स का कहना था कि आप किसी भी काम को फुल फोकस के साथ करते हैं, तभी उसमें पारंगत हो सकते हैं। इसी वजह से आपको सफलता मिलेगी। स्टीव ने एप्पल के कई सारे प्रोडक्ट्स को हटाकर सिर्फ 10 चीजों को लिया था, जिससे वह उन्हें बेहतर ढंग से बना सकें। ना कहना सीख लें उनका मानना था कि ना कहना भी एक कला है, जो हर व्यक्ति की सीख लेनी चाहिए। वरना आप लोगों की हां में हां मिलाते हुए पीछे खड़े रह जाएंगे। स्टीव का कहना था कि जब आप 1000 चीजों को ना कहेंगे तब जाकर आप खुद की किसी 1 चीज पर फोकस बढ़ा सकेंगे। फोकस करने से ही आपको सफलता मिलेगी। रिस्क लेना जरूरी है स्टीव जॉब्स को कुछ कारणों से एप्पल कंपनी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि NeXT और Pixar जैसे सॉफ्टवेयर बनाकर ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। ये उनके रिस्क लेने की मिसाल है। वह फेल हो सकते थे लेकिन उन्होंने बिना डरे रिस्क लेने का फैसला किया। लक्ष्य तय करो स्टीव जॉब्स का कहना था छोटे और बड़े अलग-अलग गोल्स सेट करो और उसे पूरा करने के लिए स्ट्रैटजी बनाओ। जब आप गोल्स बनाकर चलते हैं, तो सफलता मिलती है। ऐसे में आप सही डिसीजन मेकर भी बनकर उभरते हो। स्टीव जॉब्स रोजाना एक जैसे कपड़े इसलिए पहनते थे, क्योंकि वह इन कपड़ा चुनने जैसे छोटे फैसलों में अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहते थे।

अल्सर से कैसा डर! समय पर पहचान, सफल उपचार

हमारा पेट नाजुक टिश्यू से बना है। थोड़ी-सी गड़बड़ी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं खड़ी कर देती है। पेट में दर्द, जलन व सूजन का एहसास, सीने में जलन व उल्टी की शिकायत-सुनने में भले ही अजीब लगे, पर ऐसा ही होता है, जब पेट में अल्सर की शिकायत होती है। खुद को इसका शिकार बनने से कैसे रोक सकते हैं, बता रहे हैं हम… जीवनशैली और खान-पान में बदलाव का नतीजा है कि किशोर और युवाओं में पेट के अल्सर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सामान्य भाषा में कहें तो पेट में छाले व घाव हो जाने को अल्सर कहा जाता है। सोने का नियत समय न होना, ऑफिस में बेहतर प्रदर्शन का तनाव, जंक फूड का बढ़ता चलन और अधिक डाइटिंग से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। उस पर धूम्रपान, एल्कोहल और तंबाकू का सेवन पेट की परत को नुकसान पहुंचाने का कारण बन जाता है। क्या है पेप्टिक अल्सर:- पेट में घाव या छाले होने को चिकित्सकीय भाषा में पेप्टिक अल्सर कहते हैं। पेट में म्युकस की एक चिकनी परत होती है, जो पेट की भीतरी परत को पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड से बचाती है। इस एसिड की खासियत यह है कि जहां यह एसिड पाचन प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है, वहीं शरीर के ऊतकों को नुकसान भी पहुंचाता है। इस एसिड और म्युकस परतों के बीच तालमेल होता है। इस संतुलन के बिगड़ने पर ही अल्सर होता है। आमतौर पर यह आहार नली, पेट और छोटी आंत के ऊपरी भाग की भीतरी झिल्ली में होता है।   गैस्ट्रिक अल्सर: यह पेट के अंदर विकसित होता है। इसोफैगियल अल्सरः यह भोजन नली (इसोफैगस) में होता है, जो भोजन को गले से पेट में ले जाती है। यह अल्सर कम देखने में आता है। ड्योडेनल अल्सर: यह छोटी आंत के ऊपरी भाग में होता है, जिसे ड्योडनम कहते हैं। इसके मामले अधिक सामने आते हैं। मानसून में रखें खास एहतियात:- पेप्टिक अल्सर का सबसे प्रमुख कारण एच. पायरोली बैक्टीरिया है, जिसका संक्रमण मल और गंदे पानी से फैलता है। बरसात के मौसम में गंदगी की समस्या दूसरे मौसमों के मुकाबले अधिक होती है। शारीरिक सक्रियता कम होने और रोग प्रतिरोधक तंत्र में होने वाले बदलाव भी इसके कारण बन सकते हैं। अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन और चाय-कॉफी लेना पेट में एसिड के स्तर को प्रभावित करता है। इसके संक्रमण से बचने का सबसे आसान और सस्ता तरीका साफ-सफाई का खास ध्यान रखना है। लक्षण:- पेट में दर्द होना इसका प्रमुख लक्षण है। खाली पेट होने पर यह दर्द और तेज हो जाता है। पेट का एसिड अल्सरग्रस्त कोशिकाओं पर असर डालने लगता है। रात के समय पेट में जलन बढ़ जाती है। कुछ मामलों में खून की उल्टी होना, मल का रंग गहरा हो जाना, जी मिचलाना, भार में तेजी से कमी आना या भूख प्रक्रिया में बदलाव आने जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। ये देते हैं अल्सर को बुलावा:- -हेलिकोबैक्टर पायरोली बैक्टीरिया का संक्रमण। -तनाव व डायबिटीज। -आनुवंशिक कारण। -अत्यधिक मात्रा में पेट में एसिड का स्राव। -तैलीय और मसालेदार भोजन अधिक खाना। -अधिक मात्रा में शराब, कैफीन और तंबाकू का सेवन। -ऑस्टियोपोरोसिस के उपचार के लिये ली जाने वाली दवाएं। लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाओं, एस्प्रिन और ज्वलनरोधक दवाओं का सेवन करना। समय रहते उपचार है जरूरी:- पेप्टिक अल्सर के कारण एनीमिया, अत्यधिक रक्तस्राव और लंबे समय तक बने रहने पर स्टमक कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। आंतरिक रक्तस्राव होने के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है। पेट या छोटी आंत की दीवार में छेद हो जाते हैं, जिससे आंतों में गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पेप्टिक अल्सर पेट के ऊतकों को भी क्षतिग्रस्त कर सकता है, जो पाचन मार्ग में भोजन के प्रवाह में बाधा पहुंचाता है। इस कारण पेट जल्दी भर जाना, उल्टी होना और वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दवा से मिलता है आराम:- पेप्टिक अल्सर का उपचार आसान है। कई मामलों में एंटीबायोटिक दवाएं, एंटा एसिड व दूसरी दवाओं से ही आराम आ जाता है। घरेलू उपचार भी इसमें काफी राहत पहुंचाते हैं। यह न खाएं:- -चाय, कॉफी और सोडा का सेवन न करें। इससे पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है, जो अल्सर को बढ़ाता है। -अधिक तेल और मसालेदार भोजन न खाएं। -ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, अल्सर के दौरान इनके सेवन से पेट के घावों को नुकसान पहुंचता है। नीबू, मौसंबी, संतरा, अंगूर, अनन्नास, फलों का जूस, जैम और जैली में सिट्रिक एसिड अधिक होता है। -लाल मांस, मैदे से बनी चीजें, सफेद ब्रेड, चीनी, पास्ता और प्रोसेस्ड फूड भी कम से कम खाएं। -खान-पान में साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। देर से कटा रखा हुआ सलाद न खाएं। खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। क्या कहते हैं आंकड़े:- -जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए होता है, उनमें कैंसरयुक्त स्टमक अल्सर होने की आशंका अधिक होती है, हालांकि इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। -स्वीडन में हुए एक शोध के अनुसार जो लोग सप्ताह में तीन बार दही का सेवन करते हैं, उन लोगों में अल्सर होने की आशंका उन लोगों से कम होती है, जो इसका सेवन नहीं करते। -विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पेप्टिक अल्सर के 50 प्रतिशत मामलों का कारण एच. पायलोरी बैक्टीरिया होता है। -डेनमार्क में हुए एक अध्ययन के अनुसार जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उनमें पेप्टिक अल्सर होने की आशंका कम होती है। -हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जो लोग प्रतिदिन एक नाशपति का सेवन करते हैं, उनमें छोटी आंत का अल्सर होने की आशंका 31 प्रतिशत कम होती है। इन्हें खाने से मिलेगी राहत:- खान-पान का ध्यान रख कर ना केवल पेट में अल्सर बढ़ने से रोका जा सकता है, बल्कि हमेशा के लिए इसका शिकार होने से भी बचा जा सकता है। -केले में एंटी बैक्टीरियल तत्व प्रचुरता में होते हैं, जो पेट के अल्सर को बढ़ने से रोकते हैं। नाश्ते के बाद केला खाएं। -नाशपति में फ्लेवोनॉएड और एंटी-ऑक्सीडेंट काफी मात्रा … Read more

बजट यूज़र्स के लिए खुशखबरी! ₹5999 में लॉन्च हुआ पावरफुल बैटरी और 50MP कैमरे वाला स्मार्टफोन

नई दिल्ली भारतीय ब्रैंड Ai+ ने अपना नया और क‍िफायती स्‍मार्टफोन Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च कर दिया है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का कैमरा और 6 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। इसकी कीमत बेहद कम 5999 रुपये रखी गई है। वहीं, सैमसंग ने नया 60W का कॉम्‍पैक्‍ट पावर एडप्‍टर पेश किया है। iQOO Z11x की इंडिया में लॉन्‍च डेट सामने आ गई है। ओपो ने बताया है कि वह OPPO K14 5G को इसी महीने पेश करने जा रही है। सभी खबरों को वि‍स्‍तार से जानते हैं। Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च हुआ 5999 रुपये में Ai+ Pulse 2 को भारत में 5999 रुपये में लॉन्‍च किया गया है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि यह कीमत शुरुआती 24 घंटों के लिए प्रभावी रहेगी। इसकी सेल 11 मार्च को दाेपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर होगी। इस फोन में 6.745 इंच का HD+ वी-नॉच डिस्‍प्‍ले दिया गया है। 120Hz का रिफ्रेश रेट है। फोन की पीक ब्राइटनैस 400 निट्स है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा 8MP का है। Ai+ Pulse 2 में Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 6 हजार एमएएच बैटरी है, जो 18वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके 4GB + 64GB मॉडल की कीमत 5999 और 6GB + 128GB मॉडल के दाम 7999 रुपये हैं। Samsung 60W पावर एडप्‍टर लॉन्‍च Samsung ने अपना 60W पावर एडप्‍टर भारतीय मार्केट में भी पेश कर दिया है। इसे पिछले साल सबसे पहले लाया गया था। अब ये इंडियन मार्केट में भी मिलेगा। दावा है कि इसे स्‍मार्टफोन्‍स के साथ-साथ, लैपटॉप और ईयरबड्स को चार्ज करने के लिए बनाया गया है। यह पावर एडप्‍टर, गैलियम नाइट्रेड (GaN) टेक्‍नोलॉजी पर काम करता है। इससे इसका डिजाइन कॉम्‍पैक्‍ट रखने में मदद मिलती है जबकि इसकी क्षमता बढ़ जाती है। इसकी कीमत 3,499 रुपये है और यह Samsung.com के साथ-साथ Amazon, Flipkart आदि पर मिलेगा। OPPO K14 5G इंडिया लॉन्‍च डेट OPPO K14 5G को भारत में 9 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह पिछले साल आए K13 5G की जगह लेगा। नए ओपो फोन में 7 हजार एमएएच की बैटरी मिलने वाली है। यह 45 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। फोन में Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जाएगा जो पिछले साल दिए गए Snapdragon 6 Gen 4 के मुकाबले डिसेंट अपग्रेड है। इसके बाकी फीचर्स अभी सामने नहीं आए हैं। iQOO Z11x लॉन्‍च डेट iQOO Z11x को भारत में 12 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह Z सीरीज में कंपनी का नया स्‍मार्टफोन होने वाला है और MediaTek Dimensity 7400 Turbo चिपसेट से पावर्ड होगा। दावा है कि यह 23 हजार रुपये की प्राइस रेंज में सबसे तेज फोन होगा। फोन में 7200 एमएएच की बैटरी दी जाएगी, जो पिछले साल आए मॉडल में दी गई बैटरी के मुकाबले बड़ा अपग्रेड होने वाला है। यह फोन 44 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग के साथ आएगा। लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड OriginOS 6 पर चलेगा। इसे एमेजॉन के साथ-साथ आईकू इंडिया की वेबसाइट पर सेल किया जाएगा।

10,001mAh बैटरी वाला Realme स्मार्टफोन जल्द भारत में होगा लॉन्च, जानिए तारीख

नई दिल्ली  Realme भारत में एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Realme Narzo Power 5G होगा. कंपनी ने बताया है कि यह फोन भारत में 5 मार्च को लॉन्च होगा और इसमें 10,001mAh की बैटरी दी जाएगी. साथ ही इसमें मीडिटेक डाइमेंसिटी 7300 चिपसेट का यूज किया है. बैक पैनल पर 50MP का कैमरा मिलेगा.  Amazon India पर इसकी एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां अपकमिंग हैंडसेट की डिटेल्स को लिस्ट किया है. डिटेल्स में बताया है कि इसमें 10,001mAh की बैटरी और 38 दिन का स्टैंडबाय बैकअप मिलेगा.  डुअल चिपसेट का यूज करेगी लिस्ट डिटेल्स में बताया है कि इसमें डुअल चिप सिस्टम का यूज किया गया है. इसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी डाइमेंसिटी 7400 चिपसेट और Hyper Vision AI चिप का यूज किया गया है.  रियलमी ने किया पोस्ट  मिलेगा 144Hz रिफ्रेश रेट्स  रियलमी के इस अपकमिंग हैडंसेट में 6.8-inch curved AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. इसमें  6500 nits पीक ब्राइटनेसम मिलेगी. Realme Narzo Power 5G में 144Hz HyperGlow 4D कर्व प्लस डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जिसकी मदद से  बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस मिलेगा.  Realme Narzo Power 5G  का कैमरा  Realme Narzo Power 5G में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकेगा. इसमें 50MP सोनी OIS कैमरा दिया गया है. कंपनी ने बताया है कि इसमें NEXT AI, Realme UI 7.0 का सपोर्ट मिलेगा. कंपनी ने बताया है कि यह सिर्फ 219 ग्राम का स्मार्टफोन होगा. इसमें 27W का रियर चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा. 

अब नहीं रहेंगी फटी एड़ियां—इन 6 देसी नुस्खों से मिलेगी मक्खन जैसी कोमलता

फटी एड़ियां न केवल आपके पैरों के लुक को खराब करती हैं, बल्कि चलने-फिरने में दर्द और जलन भी पैदा कर सकती हैं। इसकी वजह अक्सर ड्राई स्किन, लंबे समय तक पानी में रहना, विटामिन की कमी या मौसम बदलना हो सकता है। फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए मार्केट में कई क्रीम उपलब्ध हैं, लेकिन घरेलू नुस्खे न सिर्फ सुरक्षित होते हैं बल्कि लंबे समय तक असर भी दिखाते हैं। यहां कुछ बेहद असरदार और आसान घरेलू उपायों की जानकारी दी गई है, जो आपकी फटी एड़ियों को मुलायम और साफ बना देंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में। एड़ियों को मुलायम बनाने के उपाय     नारियल तेल और मोम- नारियल तेल एक नेचुरल मॉइस्चराइजर है और मोम स्किन को सील करके नमी को लॉक करता है। दोनों को मिलाकर हल्का गर्म करें और रात में सोने से पहले एड़ियों पर लगाएं। ऊपर से कॉटन के मोजे पहन लें। कुछ दिनों में ही असर नजर आने लगेगा।     ग्लिसरीन और गुलाबजल- ग्लिसरीन त्वचा को नमी देती है और गुलाबजल ठंडक देता है। दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर हर रात एड़ियों पर लगाएं। ग्लिसरीन और रोज वाटर एड़ियों को सॉफ्ट बनाने के साथ-साथ डलनेस भी दूर करता है।     नींबू और शहद- नींबू में नैचुरल ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज होती हैं और शहद स्किन को नरम करता है। दोनों को मिलाकर 15-20 मिनट तक एड़ियों पर लगाएं। इससे डेड स्किन हटती है और त्वचा साफ और चमकदार बनती है।     गुनगुना पानी और नमक- गुनगुने पानी में थोड़ा-सा नमक डालकर 15 मिनट तक पैरों को डुबोएं। इसके बाद स्क्रबर या प्यूमिक स्टोन से डेड स्किन हटाएं। यह उपाय हफ्ते में 2 बार करें, इससे स्किन साफ और सॉफ्ट होती है।     केला और शहद का पैक- पका केला मसलकर उसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं और एड़ियों पर लगाएं। 20 मिनट बाद वॉश करें। केला पोषण देता है और शहद एंटीसेप्टिक का काम करता है।     एलोवेरा जेल- एलोवेरा जेल में हीलिंग और मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं। इसे रात को साफ एड़ियों पर लगाकर मोजे पहन लें। इससे स्किन रिपेयर होती है और दरारें भरने में मदद मिलती है। इन आसान और नेचुरल उपायों को रोजाना या नियमित रूप से अपनाकर आप अपनी एड़ियों को सॉफ्ट और सुंदर बना सकते हैं, वो भी बिना महंगे प्रॉडक्ट्स या साइड इफेक्ट्स के।  

कामयाबी और अपार धन का रहस्य: रात में की जाने वाली 5 खास आदतें

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।

AI की वैश्विक दौड़ में भारत आगे: पीएम मोदी के साथ ‘Sarvam Kaze’ की एंट्री

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में एक शानदार चश्मा पहने हुए देखा गया। यह साधारण नहीं बल्कि AI डिवाइस है। इस वियरेबल का नाम sarvam kaze है। एआई ग्लासेस को देश के AI स्टार्टअप सर्वम AI ने बनाया है। एआई समिट 2026 में जियो ने भी अपने एआई ग्लासेस पेश किए हैं। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा स्वदेशी एआई ग्लासेस को पहनना कोई आम बात नहीं है। ये एआई ग्लासेस कई दमदार फीचर्स के साथ लाए जाएंगे। पीएम मोदी ने टेस्ट किए एआई ग्लासेस 16 फरवरी से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में Sarvam Kaze पेश किए गए हैं। यह एक AI वियरेबल है। इसकी मदद से अन्य स्मार्ट ग्लासेस की तरह ही यूजर रियल समय में देखी जाने वाली चीजों के बारे में सुन सकते हैं। यह एआई ग्लासेस आपकी बातों का जवाब देता है और इसके जरिए आप कुछ भी कैप्चर कर सकते हैं। भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में वॉक फेंक के दौरान पीएम मोदी ने यह चश्मा पहना था। सर्वम AI के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार द्वारा शेयर की गई फोटोज में प्रधानमंत्री एग्जीबिशन फ्लोर पर इसके रियल-टाइम रिस्पॉन्स को टेस्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। चैट फीचर लाने की योजना में कंपनी कंपनी इस हफ्ते एक चैट फीचर भी लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस डिवाइस को आवाज और विजुअल इंटरैक्शन के जरिए असल दुनिया में इंटेलिजेंस लाने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यूजर्स सर्वम प्लेटफॉर्म पर जाकर कस्टम एक्सपीरियंस भी पा सकते हैं। इस एआई डिवाइस को भारत में डिजाइन और बनाया गया है। कंपनी इसे पूरी तरह से देसी AI प्रोडक्ट के तौर पर पेश कर रही है। कंपनी के अनुसार इस डिवाइस को मई में भारतीय बाजार में लॉन्च किया जा सकता है। बिना इंटरनेट वाला एआई भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने हाल ही में Sarvam Edge लॉन्च किया है। इसकी खासियत है कि यह बिना इंटरनेट के चल रहा है। इसकी मदद से आप अपने फोन या लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी AI का इस्तेमाल कर पाएंगे। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, Sarvam AI ने बताया है कि यह एक ऐसा ऑन डिवाइस AI प्लेटफॉर्म होगा, जिसे चलाने के लिए ना तो क्लाउड सर्वर की जरूरत है और ना ही इंटरनेट कनेक्शन की। Sarvam Edge उन लोगों तक भी AI को पहुंचाएंगा, जो महंगे इंटरनेट प्लान का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और जिनके क्षेत्र में नेटवर्क नहीं आते हैं। Sarvam Edge की खासियत होगी कि यह आपके डिवाइस की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करेगा और इंटरनेट से जुड़ा ना होने की वजह से 100% सुरक्षित भी रहेगा। इससे देखकर लग रहा है कि अब भारतीय कंपनियों ने भी एआई के क्षेत्र में देश को टॉप पर पहुंचाने के लिए अपनी कमर कस ली है।

कम कीमत में दमदार फीचर्स: ₹7499 में लॉन्च हुआ Lava Bold N2, फ्री सर्विस का फायदा

नई दिल्ली Lava Bold N2 को ग्राहकों के लिए भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया गया है. इस बजट स्मार्टफोन को IP64 रेटिंग (डस्ट और स्प्लैश रेजिस्टेंस) के साथ उतारा गया है. 5000 एमएएच की दमदार बैटरी से पैक्ड इस फोन के पिछले हिस्से में 13 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर मिलता है. इस फोन को ब्लैक और व्हाइट दो रंगों में खरीदा जा सकता है, कंपनी की तरफ से इस फोन के साथ फ्री डोर स्टेप सर्विस भी ऑफर की जा रही है. कंपनी का दावा है कि ये हैंडसेट ब्लोटवेयर या ऐड्स के साथ नहीं आता है और यूजर्स को क्लीन Android एक्सपीरियंस मिलता है. सिक्योरिटी के लिए फोन के साइड में फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है जिसे पावर बटन में इंटीग्रेट (शामिल) किया गया है. Lava Bold N2 Price in India भारत में इस लेटेस्ट लावा स्मार्टफोन की कीमत 7,499 रुपए तय की गई है, इस दाम में आप लोगों को इस फोन का 4GB रैम और 64GB स्टोरेज मिलेगी. उपलब्धता की बात करें तो इस फोन की बिक्री 27 फरवरी से Amazon पर ग्राहकों के लिए शुरू होगी. इस प्राइस रेंज में ये फोन MOTOROLA g06 power, Samsung Galaxy F07, POCO C71 और Ai+ Pulse जैसे स्मार्टफोन्स को कांटे की टक्कर देगा. Lava Bold N2 Specifications     स्क्रीन: Android 15 Go पर काम करने वाले इस डुअल सिम स्मार्टफोन में 6.75 इंच एचडी+ रिजॉल्यूशन डिस्प्ले है जो 90Hz तक रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है.     चिपसेट: स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए इस हैंडसेट में Unisoc SC9863A प्रोसेसर दिया गया है.     रैम और स्टोरेज: इस फोन में 4 जीबी रैम के साथ 4 जीबी वर्चुअल रैम सपोर्ट भी है, इसका मतलब ये हुआ कि इस बजट फोन में आपको 8 जीबी रैम का फायदा मिलेगा. इसके अलावा ये फोन 64 जीबी की इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है.     कैमरा सेटअप: इस फोन के पिछले हिस्से में 13 मेगापिक्सल डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, सेल्फी के लिए फोन के फ्रंट में 5 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर मिलेगा.     बैटरी: 5000 एमएएच की बैटरी फोन में जान फूंकने का काम करती है.  

सफलता पाने के बाद रुकें नहीं—इन्हें फॉलो कर बनाए रखें अपनी तरक्की

एक सफल जीवन का सपना हर व्यक्ति देखता है। कुछ लोग अपने इस सपने को काफी हद तक पूरा भी कर लेते हैं। लेकिन सफलता के साथ लंबे समय तक दोस्ती कायम रखने का गुण बहुत कम लोग ही जानते हैं। सफलता पाने से ज्यादा सफलता को मेंटेन रखना बेहद कठिन काम है। जो लोग इस गुण को जान लेते हैं, वो लंबे समय तक इसका स्वाद चखते रहते हैं। अगर आप भी अपने जीवन में सफलता हासिल करने के साथ उसे कायम रखने का सीक्रेट जानना चाहते हैं तो फॉलो करें ये आसान सक्सेस टिप्स। निरंतरता है जरूरी- सफलता को कायम रखने के लिए सबसे पहले निरंतरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत होती है। अपने लक्ष्य से जुड़े महान और सेलेब्रिटीज के जीवन और करियर पर नजर दौड़ाते हुए उनसे अच्छी चीजें सीखनी होंगी। विनम्रता- जीवन में सफलता हासिल करने के बाद कभी भी अपने मन में अंहकार ना लाएं। हमेशा विनम्रता के साथ अपनी सफलता को कायम रखने के लिए मेहनत करते रहें। विनम्रता का गुण विषम परिस्थिति में भी आपकी सफलता की इमारत को कायम रखेगा। सफलता के लिए भूख जगाए रखें- सफल व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल करने के बाद एक जगह कभी नहीं रूकते हैं। उनके भीतर लगातार आगे बढ़ने की इच्छा और लक्ष्य के प्रति ध्यान केंद्रित करने का गुण, एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल करने में मदद करता है। स्पष्ट सोच और विचार रखें- कई बार व्यक्ति का लक्ष्य स्पष्ट ना होने की वजह से भी उसे सफलता हासिल नहीं हो पाती है। सफलता हासिल करने के साथ उसे कायम रखने के लिए भी इस बात का स्पष्ट होना जरूरी है कि आप क्या करना चाहते हैं और आपने अपने अगले लक्ष्य के लिए क्या सोचा हुआ है। ऐसा करने से आप अपनी सफलता को लंबे समय तक बरकरार रखेंगे।

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