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SC-ST एक्ट को लेकर उबाल, अलंकार अग्निहोत्री ने आंदोलन की तारीख घोषित की

वाराणसी नौकरशाही से इस्तीफा देकर वैचारिक संघर्ष के रास्ते पर उतरे बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर अपने बड़े ऐलान को लेकर सुर्खियों में हैं. रविवार देर शाम वह वाराणसी स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विद्यामठ आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने शंकराचार्य से विधिवत आशीर्वाद लिया. मंत्रोच्चार, श्लोक-पाठ और वैदिक परंपरा के बीच हुई इस मुलाकात को अलंकार अग्निहोत्री अपने आगामी आंदोलन की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं. आशीर्वाद लेने के बाद आजतक से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि अगर 6 फरवरी तक केंद्र सरकार एससी-एसटी एक्ट को खत्म करने का फैसला नहीं करती है, तो 7 फरवरी से देशभर के लोग दिल्ली कूच करेंगे. उन्होंने इसे केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि देश की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की शुरुआत बताया. इस्तीफे से आंदोलन तक की यात्रा अलंकार अग्निहोत्री बीते दिनों उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके वेदपाठी बटुकों के साथ हुई कथित घटना और नए यूजीसी के नए नियमों से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद उन्हें निलंबित भी किया गया. नौकरशाही की एक सुरक्षित और प्रतिष्ठित कुर्सी छोड़कर सड़क पर उतरने का उनका फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, लेकिन अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि यह निर्णय भावनात्मक नहीं, बल्कि वैचारिक था. उनका कहना है कि वह 35 वर्षों से एससी-एसटी एक्ट की विभीषिका को समाज में देख रहे हैं और अब यह कानून देश को जोड़ने की बजाय तोड़ने का काम कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक विभाजनकारी कानून है, जिसे सोच-समझकर लागू किया गया था और इसका दुरुपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है.   शंकराचार्य ने लिखकर पूछा हालचाल  शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से हुई मुलाकात को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि महाराज जी इस समय मौन व्रत पर हैं, इसलिए अधिक बातचीत नहीं हो पाई. उन्होंने लिखकर उनका हाल-चाल पूछा और आशीर्वाद दिया. अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि किसी भी बड़े और अच्छे कार्य से पहले गुरुजनों का आशीर्वाद लेना भारतीय परंपरा है, और इसी भावना के तहत वह वाराणसी पहुंचे थे. उनके मुताबिक, शंकराचार्य से मिला आशीर्वाद उनके आंदोलन को नैतिक और आध्यात्मिक बल देगा. उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और समाज को अलग-अलग खांचों में बांटकर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि दोनों का उद्देश्य समाज का कल्याण होना चाहिए. 6 फरवरी की डेडलाइन, 7 फरवरी का ऐलान अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 6 फरवरी तक संसद का विशेष सत्र बुलाकर एससी-एसटी एक्ट को समाप्त नहीं किया गया, तो 7 फरवरी से देशभर से लोग दिल्ली की ओर कूच करेंगे. उनका दावा है कि यह आंदोलन अब किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में इसके लिए माहौल बन चुका है. उन्होंने बेहद तीखे शब्दों में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में इस समय वेस्ट इंडिया कंपनी की सरकार चल रही है, जिसके सीईओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एमडी गृह मंत्री अमित शाह हैं. उनके मुताबिक, अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो जनता सत्ता परिवर्तन के लिए सड़कों पर उतर आएगी. सत्ता परिवर्तन के दावे और बयान अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि 7 फरवरी को देश में ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, जो पहले कभी नहीं देखा गया. उन्होंने कहा कि अगर एससी-एसटी एक्ट नहीं हटाया गया, तो देश की जनता मौजूदा सत्ता को बेदखल करने का मन बना चुकी है. उनके बयान में भावनात्मक आक्रोश के साथ-साथ व्यवस्था के प्रति गहरा असंतोष झलकता है. उन्होंने यह भी कहा कि यूजीसी द्वारा लाया गया नया रेगुलेशन सरकार के लिए आत्मघाती साबित होगा. उनका आरोप है कि इस फैसले से सरकार ने अपना कोर वोटर ही नाराज कर दिया है और अगर मौजूदा हालात में चुनाव हुए तो सत्ताधारी दल को देशभर में शून्य सीटें मिल सकती हैं. यूजीसी रेगुलेशन और सामाजिक तनाव अलंकार अग्निहोत्री का मानना है कि यूजीसी का नया रेगुलेशन देश में सामाजिक तनाव बढ़ाने वाला है. उन्होंने दावा किया कि अगर यह रेगुलेशन पूरी तरह लागू हो गया होता, तो देश में सिविल वॉर जैसी स्थिति बन सकती थी. उनके अनुसार, सरकार ने बिना जमीनी हकीकत समझे ऐसे नियम बना दिए, जिनसे समाज में वर्गों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई. उन्होंने कहा कि मूल लड़ाई एससी-एसटी एक्ट की है.  सामान्य और ओबीसी वर्ग का अलगाव की बात    पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट का दावा है कि केंद्र सरकार से सामान्य वर्ग और ओबीसी वर्ग पूरी तरह अलग हो चुका है. उन्होंने मौजूदा सरकार को अल्पमत की सरकार बताते हुए कहा कि जनता का भरोसा अब इस व्यवस्था से उठ चुका है. उनके मुताबिक, सरकार समाज के बड़े हिस्से की भावनाओं को नजरअंदाज कर रही है. राजनीतिक आकांक्षाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने साफ कहा कि उनकी कोई व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है. उनका उद्देश्य केवल देश का कल्याण है. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें राजनीति करनी होती, तो वह अब तक कई दलों के नेताओं से संपर्क में होते और बंद कमरों में बातचीत कर रहे होते. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नौकरी में लौटने का कोई सवाल ही नहीं उठता. उनके अनुसार, अभी देश और समाज से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर काम करना जरूरी है. योगी आदित्यनाथ और केंद्र-राज्य के संबंध पर भी बोले  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि बटुकों के मान-हनन के मुद्दे पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी थी और आज भी उसी पर खड़े हैं. हालांकि उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि दिल्ली के तंत्र के सामने इस तरह की घटनाओं पर खुलकर बात क्यों नहीं हो पा रही है. अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि देश में इस समय दो तरह की सरकारें चल रही हैं एक केंद्र की और दूसरी राज्यों की. उनके मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय की कमी भी देश की समस्याओं को बढ़ा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि बटुकों के मान-हनन के मुद्दे पर उन्होंने खुलकर अपनी … Read more

‘जनविरोधी बजट’ का आरोप: अखिलेश यादव बोले- सिर्फ चुनिंदा लोगों को फायदा

लखनऊ केंद्रीय बजट पेश होने के बाद शेयर माकेर्ट में आई गिरावट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘हमने पहले ही कहा था, सवाल यह नहीं है कि बाज़ार कब खुलेगा, सवाल यह है कि और कितना गिरेगा।’ ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बहीः अखिलेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने बयान जारी कर कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जनता को कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी क्या अपेक्षा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का हर बजट ‘1/20 का बजट’ होता है, क्योंकि यह केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का दस्तावेज़ है तथा इसे ‘भाजपाई भ्रष्टाचार की अद्दश्य खाता-बही’ बताया। ‘बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र’ सपा अध्यक्ष का कहना है कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र। महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बेतहाशा बढ़ती कीमतों के बावजूद आम लोगों को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधे तौर पर ‘टैक्स-शोषण’ है। वहीं दूसरी ओर अमीरों के कारोबार और घूमने-फिरने पर कई तरह की छूटें दी गईं, जबकि बेकारी और बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं व आम नागरिकों की उम्मीदों की थाली खाली रह गई। उन्होंने बजट को ‘निराशाजनक और निंदनीय’ बताते हुए कहा कि यह आम आदमी की ज़रूरतों से पूरी तरह कटा हुआ है।

वोटर लिस्ट में हेराफेरी का दावा: सपा बोली—भाजपा ने फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर मुस्लिम वोटरों को प्रभावित किया

चंदौली जिले में मतदाता सूची से नाम कटवाने की कथित साजिश को लेकर सियासत गरमा गई है. समाजवादी पार्टी ने भाजपा नेताओं पर फॉर्म-7 के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. सपा का दावा है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में वैध मतदाताओं के सैकड़ों नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें खासतौर पर मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया गया है. सपा नेताओं का आरोप है कि कई बूथों पर अन्य स्थानों पर भरे गए फॉर्म-7 को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर दबाव बनाकर स्वीकार कराया गया. वहीं, भाजपा के कुछ बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म-7 देने से इनकार किए जाने का भी दावा किया गया है, जिसके ऑडियो साक्ष्य होने की बात कही जा रही है. इतना ही नहीं, सपा का यह भी आरोप है कि कुछ लोग गांव-गांव घूमकर मतदाताओं को नाम कटवाने की धमकी दे रहे हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल है. निष्पक्ष जांच की मांग इन सभी आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मतदाता सूची से एक भी वैध नाम नहीं कटेगा. पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. सत्यनारायण राजभर, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी ने कहा, यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है. भाजपा सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनाव प्रभावित करना चाहती है. समाजवादी पार्टी इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी.

माघी पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम: संगम तट पर 2 करोड़ श्रद्धालु, सीएम योगी का संदेश

प्रयागराज माघी पूर्णिमा के पावन मौके पर आज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माघ मेला के छठे प्रमुख स्नान पर्व पर करीब 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। यह संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा है, जिसके चलते प्रशासन ने सभी घाटों पर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं। सुबह से ही श्रद्धालु संगम नोज, रामघाट और अन्य घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। कल्पवास पूरा करने वाले कल्पवासी भी आज संगम से विदा होकर घर लौट रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पक्के इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवान तैनात हैं। मोटरबोट से गश्त चल रही है। प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है और नो-व्हीकल जोन घोषित है। शहर में कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि कल्पवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए अलग रूट बनाए गए हैं, ताकि भीड़ व्यवस्थित रहे। मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि अनुमान से ज्यादा भीड़ को देखते हुए हर घाट पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। डीएम ने संगम क्षेत्र का पैदल दौरा किया और कंट्रोल रूम से स्थिति मॉनिटर की। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर श्रद्धालुओं को माघी पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आस्था, भक्ति और संगम की महिमा का जिक्र करते हुए कहा कि माघ मेला आस्था का महापर्व है और सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। माघी पूर्णिमा माघ मेला का एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व है, जहां आस्था, तप और अध्यात्म का अनोखा संगम होता है। मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ समाप्त होगा।

यूपी आरटीई प्रवेश नियमों में बड़ा फेरबदल, कल से आवेदन लेकिन किराए पर रहने वाले बाहर

लखनऊ शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेश के नियमों में बदलाव किया गया है। किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में घर का पंजीकरण जरूरी है। बच्चों के यूनिफार्म का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में अब निदेशालय स्तर से ही भेजा जाएगा। इसमें बैंक से आधार कार्ड का सत्यापन जरूरी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राजधानी में संचालित 1576 प्राइवेट स्कूलों में करीब 21000 सीटों पर प्रवेश के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेज की ऑनलाइन कॉपी विभाग के वेबसाइट पर भी अपलोड होगी। संबंधित निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य यूजर आईडी के माध्यम से संबंधित बच्चों के दस्तावेज को चेक भी कर सकते हैं। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के प्रवेश में पादर्शिता बनी रहेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, बीते साल 1398 निजी स्कूलों में कुल 18000 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन लिए गए थे। इस बार स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ- साथ सीटों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस विभाग की ओर से आपूर्ति की जा रही है इसके लिए संबंधित स्कूलों से डाटा मांगा गया है। निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए पहले चरण की 2 से 16 फरवरी तक आवेदन होंगे। 21 फरवरी से 7 मार्च तक द्वितीय चरण और 12 से 25 मार्च तक तृतीय चरण के लिए आवेदन होंगे। आवेदन और दस्तावेज जांच के बाद 18 फरवरी को पहली लॉटरी, 9 मार्च को द्वितीय लॉटरी और 27 मार्च को तृतीय चरण की लॉटरी जारी होगी। आईटीई प्रवेश के लिए इन दस्तावेज की होगी जरूरत शहर निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को ही आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश मिलेंगे। जिला शिक्षा परियोजना समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रवेश के दौरान तहसीलदार द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र में जॉब कार्ड,चिकित्सा प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की जरूरत होगी। मानक के अनुसार, इनमें से जरूरी दस्तावेज होने पर ही प्रवेश आवेदन होंगे।  

मायावती का 70वां जन्मदिन: कहा- ब्राह्मणों को चोखा-बाटी नहीं सम्मान चाहिए, शॉर्ट सर्किट के कारण पीसी रोकी

Mayawati’s 70th birthday: Said Brahmins need respect, not chokha-baati; PC stopped due to short circuit अपने जन्मदिन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है। सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया। सभी चुनाव अकेले ही लड़ेगी बसपामायावती ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे। शार्ट सर्किट होने से रोकी गई प्रेस कॉन्फ्रेंसमायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शार्ट सर्किट से हाल में अफरातफरी मच गई। इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस रोक दी गई और सुरक्षाकर्मी बसपा सुप्रीमो को बाहर लेकर चले गए। मायावती का 70वां जन्मदिन: कहा- ब्राह्मणों को चोखा-बाटी नहीं सम्मान चाहिए, शॉर्ट सर्किट के कारण पीसी रोकीMayawati’s 70th birthday: Said Brahmins need respect, not chokha-baati; PC stopped due to short circuit अपने जन्मदिन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है। सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया। सभी चुनाव अकेले ही लड़ेगी बसपामायावती ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे। शार्ट सर्किट होने से रोकी गई प्रेस कॉन्फ्रेंसमायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शार्ट सर्किट से हाल में अफरातफरी मच गई। इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस रोक दी गई और सुरक्षाकर्मी बसपा सुप्रीमो को बाहर लेकर चले गए।

शिक्षक का कमाल: 2,900 रुपये में बनाई एआई मैडम, 95 प्रतिशत बढ़ गई हाजिरी

Teacher’s amazing feat: AI Madam created for Rs 2,900, attendance increased by 95% Recorded in India Book Recorded in India Book में दर्ज भोपाल। Recorded in India Book एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों को इससे जुड़े इनोवेशन के लिए प्रेरित किया है। बाहर के देशों में तो एआई से जोड़कर लोग नए-नए प्रयोग कर ही रहे हैं। भारत में भी प्रतिभाएं सामने या रही हैं। झांसी के एक सहायक शिक्षक मोहनलाल सुमन ने कम खर्च में एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रोबोट शिक्षक बनाया, जिसे एआई टीचर कहा जा रहा है। इसके लिए मोहनलाल को इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स 2025 में जगह मिली है।मोहनलाल ने सिर्फ 2,900 रुपये खर्च करके सर्वो मोटर, तारों और फे्रम से इस रोबोट को तैयार किया। यह रोबोट अब स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा है। इसका नाम सुमन मैडम रखा गया है। सुमन मैडम ने मई में राजापुर गांव के कम्पोजिट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था, जिसके बाद से स्कूल की हाजिरी 65 प्रतिशत से बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई। बच्चे सुमन मैडम की क्लास छोडऩा नहीं चाहते। हर विषय के सवालों का जवाब Recorded in India Bookमोहनलाल बताते हैं कि उनके द्वारा बनाई गई एआई रोबोट सुमन मैडम कभी थकती नहीं है। वह हर विषय के सवालों का जवाब देती है, बच्चों की तारीफ करती है और पहेलियां पूछती है। बच्चे उनके साथ पढ़ाई का मजा लेते हैं और उत्साह के साथ क्लासरूम में आते हैं। अब इसके लिए मोहनलाल को इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स के चीफ एडिटर बिस्वरूप रॉय चौधरी ने उन्हें प्रमाणपत्र दिया। यह सम्मान उन्हें इसलिए मिला, क्योंकि उन्होंने इतने कम खर्च में एआई रोबोट बनाया है। पढ़ाने के साथ-साथ सुनाती है कहानी-कविता Recorded in India Bookसुमन मैडम बच्चों सिर्फ पढ़ाती ही नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है। एआई टीचर सुमन मैडम बच्चों को कहानियां कहानी सुनाती है, कविता सिखाती है और साइंस पढ़ाने से लेकर ड्रॉइंग करने में भी मदद करती है। सुमन मैडम के चेहरे पर भाव भी आते हैं, आंखों की पलक झपकने से लेकर होठों के मूवमेंट तक भी होते हैं, ये सब मोटर के सहारे होते हैं। इससे बच्चे सुमन मैडम से जुड़ाव महसूस कर पाते हैं। गैर-शैक्षिक काम से आया आइडिया Recorded in India Bookमोहनलाल को यह रोबोट बनाने का विचार तब, आया जब उन्होंने देखा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षिक काम करने पड़ते हैं, जैसे मिड-डे मील की देखरेख या चुनाव ड्यूटी। इन कामों की वजह से स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, लेकिन सुमन मैडम ने इस कमी को पूरा किया। उन्होंने एक टेक्नोलॉजी कंपनी की मदद से एक लकड़ी के पुतले में एआई असिस्टेंट फिट किया और उसे स्कूल के लिए तैयार किया।

झांसी में वंदे भारत में यात्री को पीटा, बीजेपी विधायक के समर्थकों पर आरोप

झांसी दिल्ली से भोपाल जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव कोच में सवार एक यात्री के साथ झांसी रेलवे स्टेशन पर आधा दर्जन लोगों द्वारा मारपीट की गई. इस मारपीट में यात्री लहूलुहान हो गया. उसने आरोप लगाया कि ये मारपीट बीजेपी विधायक राजीव सिंह पारीछा के इशारे पर हुई है. क्योंकि, पीड़ित ने विधायक के कहने पर सीट की अदला-बदली नहीं की थी. इसी से भन्नाए विधायक ने अपने गुर्गों को बुलवाकर उसे पिटवा दिया.   आपको बता दें कि राजीव सिंह पारीछा झांसी की बबीना सीट से बीजेपी के विधायक हैं. घटना वाले दिन वह भी वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार थे. उनके साथ उनकी पत्नी और बेटा भी था. आरोपों के मुताबिक, विधायक एक यात्री की सीट पर बैठना चाहते थे, और उसे अपनी सीट पर जाने के लिए बोल रहे थे. जब यात्री ने मना किया तो दोनों में बहस हो गई. जिसके बाद विधायक ने मौके पर अपने साथियों को बुला लिया और उस यात्री को पिटवा दिया.    मामले में जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों ने घटना तो स्वीकारी लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. वहीं, बबीना विधायक राजीव सिंह ने कहा कि वह लिखित में अपना पक्ष रखेंगे. फिलहाल, झांसी जीआरपी में मामला दर्ज करा दिया है.  जानिए पूरा मामला और विधायक ने सफाई में क्या कहा ट्रेन नंबर- 20172 वंदे भारत एक्सप्रेस में झांसी के बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा अपनी पत्नी और बेटे के साथ दिल्ली से झांसी के लिए यात्रा कर रहे थे. कोच में सीट नंबर- 8 राजीव सिंह पारीछा, पत्नी कमली सिंह का सीट नंबर- 50 और बेटे श्रेयांश सिंह का सीट नंबर- 51 था. आरोप है कि ट्रेन जब झांसी रेलवे स्टेशन पहुंची तो आधा दर्जन लोग अंदर घुस गए और इसी कोच के सीट नंबर- 49 पर यात्रा करने वाले राज प्रकाश नाम के यात्री के साथ मारपीट कर दी. जब तक कोई कुछ करता सिग्नल होने के कारण ट्रेन भोपाल के लिए रवाना हो गई.  एमपी कांग्रेस के आरोप इसी बीच मध्य प्रदेश में पन्ना जिले के पूर्व पवई विधायक मुकेश नायक और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने ‘एक्स’ पर शिकायत करते हुए यात्री राज प्रकाश के साथ मारपीट का आरोप बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा के समर्थकों पर जड़ दिया. उन्होंने आरोप लगाते हुए यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए.  पूर्व विधायक मुकेश नायक ने एक्स पर लिखा- वंदे भारत ट्रेन में बुजुर्ग यात्री ने 49 नंबर सीट एक्सचेंज करने से इनकार किया तो बबीना के बीजेपी विधायक राजीव सिंह के समर्थकों ने झांसी स्टेशन पर उनको पीट दिया. उनके नाक से खून निकल आया. तो ये है सुशासन की असलियत.  जबकि, पूर्व मंत्री राम निवास रावत ने लिखा- वंदे भारत (20172 दिल्ली से भोपाल) में एक्ज़क्यूटिव क्लास (ई-2) में एक व्यक्ति के साथ 7/8 बाहर से आए लोगों ने पूरे कोच के यात्रियों के सामने मारपीट की. घायल व्यक्ति के नाक, मुंह, कान से खून बहने लगा. इन लोगों का साथ पुलिस के कुछ लोग भी दे रहे थे. वंदे भारत जैसी ट्रेन में ये स्थिति है तो आम ट्रेनों में यात्रियों का क्या हाल होगा. इस तरह की घटनाएं यात्रियों को भयभीत करने का काम करती है.  एफआईआर दर्ज  इस मामले में झांसी के बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा से बात की तो उन्होंने बताया कि मैंने झांसी जीआरपी में इसकी लिखित शिकायत कर दी है. शिकायत के मुताबिक, वह ट्रेन के कोच में अपनी पत्नी और बच्चे के साथ सीट नंबर 50, 51 और 8 पर यात्रा कर रहे थे. इसी कोच की सीट नंबर 49 और 52 पर बैठे दो यात्री आपत्तिजनक स्थिति में अत्यधिक पैर फैलाकर बैठे हुए थे, जिस कारण परेशानी हो रही थी.  विधायक ने उनसे विनम्रतापूर्वक ठीक से बैठने के लिए कहा तो यात्री गुस्से में आकर बहस करते हुए अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने लगे. विधायक मामले को टालने का प्रयास कर रहे थे. झांसी स्टेशन पहुंचने पर विधायक के साथी आ गए. उपरोक्त यात्री उनसे भिड़ गए. किसी प्रकार बीच बचाव किया गया. फिलहाल, विधायक राजीव सिंह की शिकायत के आधार पर धारा 115 (2) और 352 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.   

यूपी में पिछले आठ सालों में औसतन हर दिन छह एनकाउंटर हो रहे हैं, 234 अपराधियों को मार गिराया गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से अपराधियों की शामत आई हुई है। पिछले आठ सालों में औसतन हर दिन छह एनकाउंटर हो रहे हैं। इन एनकाउंटर में 234 अपराधियों को मार गिराया गया है। 9202 अपराधी इस दौरान घायल हुए हैं। इनमें से ज्यादातर को पुलिस ने लंगड़ा कर दिया है। गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। बयान के अनुसार आठ सालों में पुलिस के साथ मुठभेड़ की 14,741 घटनाएं हुईं। इनमें 30,293 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अपराधियों से मुकाबला करते हुए 18 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 1700 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के हवाले से बयान में कहा गया कि प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में हुई। यहां पुलिस ने 4,183 कार्रवाई की। इनमें 7,871 अपराधी पकड़े गए जबकि 2,839 अपराधी घायल हो गए। इस दौरान 77 कुख्यात अपराधी मौके पर ही मारे गए। इस दौरान 452 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि वाराणसी ज़ोन में मुठभेड़ की 1,041 घटनाएं हुईं, जिनमें 2,009 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 26 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। इस दौरान 605 अपराधी और 96 पुलिसकर्मी घायल हुए। पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन मुठभेड़ मामले में दूसरे स्थान पर है। बयान के मुताबिक इस संबंध में आगरा जोन राज्य में तीसरे स्थान पर है। यहां 2,288 मुठभेड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें 5,496 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 715 अपराधी घायल हुए जबकि 19 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 56 पुलिसकर्मी घायल हुए। बयान के मुताबिक योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्ष में राज्य पुलिस ने “अपराधी या तो जेल में होगा या प्रदेश से बाहर” के संकल्प को धरातल पर उतारा। इससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। इसमें कहा गया है कि यही वजह है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।  

एक जुलाई तक पूरे राज्य में 100 प्रतिशत एफआरएस कवरेज हासिल करने के दिए निर्देश: योगी सरकार

लखनऊ यूपी में गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों को लेकर योगी सरकार नई योजना लागू करने जा रही है। जुलाई से ये योजना लागू हो जाएगी। दरअसल कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए, यूपी सरकार ने पोषण ट्रैकर में ‘फेस रिकॉग्निशन सिस्टम’ (एफआरएस) को एकीकृत किया है, जिससे गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरों और छह महीने से छह साल की उम्र तक के बच्चों को ‘टेक-होम राशन’ (टीएचआर) का लक्षित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित हो सके। एक बयान अनुसार, एक जुलाई तक पूरे राज्य में 100 प्रतिशत एफआरएस कवरेज हासिल करने के निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए राज्यव्यापी जागरूकता और पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा। बयान में कहा गया है कि पोषण ट्रैकर में एफआरएस दो-स्तरीय प्रमाणीकरण प्रणाली है, जिसमें चेहरे की पहचान और ‘वन टाइम पासवर्ड’ (ओटीपी) का उपयोग होता है। इसमें कहा गया है कि लाभार्थी की फोटो को आधार से जुड़े ई-केवाईसी के साथ मिलाया जाता है और उनके पंजीकृत मोबाइल पर भेजा गया ओटीपी आंगनवाड़ी केंद्र पर सत्यापित किया जाता है। यह प्रणाली धोखाधड़ी रोकने और राशन वितरण में पारदर्शिता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बयान के मुताबिक, उप्र में 2024 से शुरू हुई इस योजना में एफआरएस प्रणाली को जुलाई 2025 तक प्रदेश में शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दिये गये हैं। एफआरएस का पायलट चरण अगस्त 2024 में कानपुर नगर के बिधनू और सरसौल प्रोजेक्ट्स में शुरू हुआ। 13 जून 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, 1.18 करोड़ पात्र लाभार्थियों के ई-केवाईसी का कार्य किया जा रहा है।  

यूपी सरकार ने कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को सस्पेंड कर दिया गया, काम ना आया महाना और विधायकों का समर्थन

कानपुर कानपुर डीएम और सीएमओ के बीच चल रहे विवाद में बड़ा ऐक्शन हुआ है। यूपी सरकार ने कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी को सस्पेंड कर दिया गया। उनकी जगह श्रावस्ती के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उदयनाथ को कानपुर का नया सीएमओ बनाया गया। डीएम से उलझने के बाद डॉ. हरिदत्त ने ट्रांसफर और निलंबन रुकवाने को लेकर काफी कोशिश की लेकिन सब बेकार हो गई। डॉ. हरिदत्त नेमी को कानपुर से न हटाए जाने की स्पीकर महाना से लेकर कई विधायक भी सिफारिश कर चुके हैं। इसके बाद भी सीएमओ पर गाज गिर गई और उन्हें गुरुवार को सस्पेंड कर दिया गया।  पिछले दिनों डीएम की ओर से सीएमओ के निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा गया था। इसके बाद सीएमओ के वायरल हो रहे ऑडियो को लेकर स्थिति गंभीर हो गई। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की ओर से सीएमओ के पक्ष में उपमुख्यमंत्री को लिखा 11 जून का पत्र वायरल हुआ। इसके अलगे ही दिन कानपुर के चार विधायकों के पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लिखे गए लेटर में महाना ने सीएमओ का तबादला न करने की बात लिखी थी। लेटर में लिखा था, सीएमओ आवास पर आए थे। उन्होंने तबादला होने की बात बताई थी। पूरी बात सुनने के बाद मैंने 11 जून को डिप्टी सीएम एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था। कानपुर में तैनात सीएमओ का कार्य एवं व्यवहार आमजन और जनप्रतिनिधियों के प्रति मृदुल व सराहनीय है। जनहित में इन्हें बनाए रखने पर विचार हो। रही बात डीएम और सीएमओ के बीच विवाद की तो जानकारी नहीं है। इसके बाद दो विधायकों ने भी शासन को पत्र लिखकर सीएमओ के समर्थन में सिफारिश की थी। डीएम ने सीएमओ को मीटिंग से निकाला था बाहर बीते शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में सभी विभागों के अफसरों की बैठक थी। सुबह 11 बजे से जिलाधिकारी सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा करने पहुंचे थे। जिले भर के सभी अधिकारी बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इसमें सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी अपने साथ एसीएमओ रमित रस्तोगी को लेकर पहुंचे। बैठक शुरू होते ही सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा का नंबर आ गया। तभी डीएम ने सीएमओ को देखते हुए कहा, सीएमओ साहब ये क्या हो रहा है। उनका संकेत एक वायरल ऑडियो की ओर था, जो सीएमओ का बताया जा रहा है। जिसमें डीएम के बारे में अमर्यादित टिप्पणी की गई है। जवाब में सीएमओ ने कहा सर, ये फेक ऑडियो हैं। किसी ने एआई से बनाकर वायरल किया है। यह सुनते ही जिलाधिकारी ने सीएमओ केा बाहर जाने का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा, आप जाएं और जांच कराएं। फेक है तो एफआईआर दर्ज कराएं। क्या है पूरा मामला फरवरी में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीमएओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। डीएम के निरीक्षण में सीएमओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बिना सूचना के गैर हाजिर मिले थे। इसके बाद डीएम ने सीएचसी और पीएचसी का भी दौरा किया। वहां कागजातों में अनियमितता मिलीं। साथ ही कर्मचारियों की लापरवाही भी सामने आई। डीएम ने इसको गंभीरता से लेते हुए सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी थी। तब से ही डीएम और सीएमओ के बीच तनातनी चल रही है।  

यूपी के लखीमपुर खीरी में एक जीजा ने अपनी साली संग सारी हदें पार कर डालीं, प्रेग्नेंट हुई तो साथ रखने से किया मना

लखीमपुर खीरी यूपी के लखीमपुर खीरी में एक जीजा ने अपनी साली संग सारी हदें पार कर डालीं। जीजा ने पहले तो उसके साथ संबंध बनाए। साली जब प्रेग्नेंट हुई तो साथ रखने से मना कर दिया और एक खौफनाक कांड कर डाला। जीजा की इस हरकत के बाद साली की तबीयत बिगड़ने लगी। युवती के परिजनों को इसकी जानकारी दी गई तो पिता के साथ उसके घर भेज दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने युवती का विसरा सुरक्षित कर लिया है। मौत का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है। पर आशंका जताई जा रही है कि गर्भपात के बाद संक्रमण से उसकी मौत हुई है। मझगई पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तहरीर का इंतजार है। पुलिस ने उसके जीजा को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। मझगईं थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक के साथ की थी। उसकी बड़ी बेटी बीमार चल रही थी तो उसकी 21 वर्षीय छोटी बहन अपने जीजा के घर रहने चली गई। आरोप है कि जीजा ने युवती को झांसे में लेकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जिससे वह गर्भवती हो गई। इसकी जानकारी जब जीजा को हुई तो उसने गर्भपात करा दिया। गर्भपात के बाद से युवती बीमार रहने लगी। जीजा ने उसका इलाज कराया। लेकिन जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई तो वह अपने पिता के घर थाना मझगईं आ गई। यहां 17 जून को उसकी मौत हो गई। गुरुवार को युवती के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की मौत का कारण संक्रमण होना बताया गया है। डॉक्टर ने विसरा भी प्रिजर्व किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुष्टि एसपी संकल्प शर्मा ने की। एसपी ने बताया कि गर्भपात की वजह से युवती को संक्रमण हुआ था। जिससे उसकी मौत हुई। पुलिस ने आरोपी जीजा अखिलेश को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। खबर लिखे जाने तक पुलिस को घटना की तहरीर नहीं मिली थी। एसपी ने बताया कि जल्द ही मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा जाएगा। तेजाब पिलाने की बात निकली अफवाह सोशल मीडिया पर युवती को तेजाब पिलाए जाने की बात लिखी जा रही है। हालांकि युवती की मां उसे दवा के साथ जहर दिए जाने की बात कह रही थी। उसने यह बात वीडियो में भी कही। साथ ही दामाद के घरवालों पर भी साजिश में शामिल होने की बात कही। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से यह साफ हो गया कि युवती के पेट में तेजाब जैसी चीज नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत का कारण संक्रमण बताया गया है। डॉक्टर ने बिसरा भी सुरक्षित किया है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।  

नैनी जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे के बैरक से कई प्रतिबंधित सामान बरामद हुए, जेल में खातिरदारी पकड़ाई

लखनऊ  यूपी में माफियाओं और उनके घर वालों की जेल में अब भी बादशाहत कायम है। मुख्तार अंसारी के बेटे अ्ब्बास अंसारी के बाद अब माफिया अतीक अहमद के बेटे अली की नैनी जेल में खातिरदारी पकड़ाई है। नैनी जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे के बैरक से कई प्रतिबंधित सामान बरामद हुए हैं। अली के पास कैश भी था। छापेमारी के दौरान उसने कैश जेल वार्डन को पकड़ा दिया लेकिन मामला सीसीटीवी में कैद हो गया। डीजी जेल ने तत्काल एक्शन लेते हुए जेल वार्डन और डिप्टी जेलर को निलंबित कर दिया है। डीआईजी जेल को पूरे मामले की जांच सौंपी है। नैनी जेल में अतीक अहमद के 60 से ज्यादा गुर्गे बंद हैं। अली के बैरक की 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी होती है। इसके बाद भी जेल अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अपराधी जेल में भी मौज काट रहे हैं। इससे पहले चित्रकूट जेल में मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी की खातिरदारी का मामला पकड़ाया था। अफसरों की मिलीभगत से अब्बास अंसारी रोज अपनी पत्नी से जेल के खास कमरे में मुलाकात करता था। कई घंटे दोनों साथ रहते थे। प्रशासन की टीम ने अचानक छापेमारी कर अब्बास की पत्नी निकहत को भी जेल के उस खास कमरे से पकड़ा था। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। अब्बास को कासगंज जेल भेज दिया गया था। इसके बाद कई जेल अधिकारियों को निलंबित किया गया था। माना जा रहा है कि अब्बास अंसारी के मामले की तरह यहां भी कई जेल अफसर नप सकते हैं। अतीक अहमद का बेटा अली 2022 से ही यहां बंद है। अब अतीक के बेटे अली के मामले में बताया जाता है कि डीआईजी राजेश श्रीवास्तव ने मंगलवार को अचानक नैनी जेल में चेकिंग की। इस दौरान अली की बैरक की तलाशी ली थी। इसी दौरान कई आपत्तिजनकर वस्तुएं उसकी बैरक से मिलीं। इसके अलावा उसके पास कैश भी था। चेकिंग के दौरान उसने कैश वहां मौजूद जेल वार्डन को पकड़ा दिया। अली से कैश लेते वार्डन सीसीटीवी में कैद भी हो गया था। बाद में कैश की गिनती हुई तो पता चला कि 1100 रुपए हैं। अति सुरक्षित बैरक में आपत्तिजनक वस्तुएं और कैश की जानकारी अधिकारियों को दी गई। इसके बाद डिप्टी जेलर कांति देवी और हेड वार्डर संजय द्विवेदी को सस्‍पेंड कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे ताकि वह जेल में उपयोग के लिए कूपन खरीद सके, लेकिन उसने कूपन नहीं खरीदे और पैसे छुपाकर रख लिए। केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया कि बीते मंगलवार को अली से मिलने कोई वकील आया था। जिसने अली को 1100 रुपए दिए थे। अली ने जेल से रुपए से टोकन न लेकर अपने पास रख लिया था। जांच में रुपए मिलने पर डिप्टी जेलर और जेल वार्डर को निलंबित किया गया है।  

अतीक अहमद के बेटे अली की बैरक से नकदी बरामद, नैनी जेल के जेलर और चीफ वार्डन सस्पेंड

प्रयागराज  नैनी सेंट्रल जेल में माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की बैरक से नकदी बरामद होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने डिप्टी जेलर कांति देवी और हेड वार्डर संजय द्विवेदी को सस्‍पेंड कर दिया है। बताया जा रहा है कि अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे ताकि वह जेल में उपयोग के लिए कूपन खरीद सके, लेकिन उसने कूपन नहीं खरीदे और पैसे छुपाकर रख लिए। नैनी सेंट्रल जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की बैरक से नकदी बरामद होने के बाद जेल प्रशासन में खलबली मची है। मंगलवार को जेल डीआईजी राजेश श्रीवास्तव की रूटीन चेकिंग के दौरान यह घटना सामने आई। डीआईजी राजेश श्रीवास्तव ने हाई सिक्योरिटी बैरक की तलाशी ली, जहां अली अहमद बंद है। तलाशी के दौरान बैरक से 1100 रुपये नकद बरामद हुए हैं। जेल अधीक्षक ने दी जानकारी  जेल अधीक्षक रंग बहादुर के बताया कि अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे, ताकि वो जेल में इस्तेमाल के लिए कूपन खरीद सके. जेल व्यवस्था के तहत, बंदियों को नकदी रखने की अनुमति नहीं होती और वह केवल कूपन के जरिए ही जरूरी सामान खरीद सकते हैं. जेल अधीक्षक ने बताया, अली ने ये कूपन नहीं खरीदे और पैसे अपने पास छिपाकर रख लिए. अब यही 1100 रुपये डीआईजी चेकिंग के दौरान बरामद कर लिए गए.  इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने नैनी जेल की डिप्टी जेलर कांति देवी और हेड वार्डर संजय द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वहीं, डीआईजी ने जेलर, डिप्टी जेलर समेत अन्य कर्मियों की भूमिका की भी जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह पूरा मामला मिलीभगत का हिस्सा तो नहीं है.  गौरतलब है कि अली अहमद इस समय हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद है. वह रंगदारी मांगने के एक मामले में सरेंडर करने के बाद से जेल में है.  इसके अलावा, वह उमेश पाल हत्याकांड की साजिश जेल से रचने का भी आरोपी है.  अली अहमद पर अपने पिता अतीक अहमद की मौत के बाद गैंग आईएस 227 की कमान संभालने का भी आरोप है. ऐसे में उसकी बैरक से नकदी की बरामदगी और जेलकर्मियों की संलिप्तता पर सवाल खड़े हो गए हैं.  डीजीआई की चेकिंग में हुआ खुलासा जेल अधीक्षक रंग बहादुर के अनुसार, अली अहमद से मिलने आए एक मुलाकाती ने उसे 1100 रुपये दिए थे ताकि वह जेल में उपयोग के लिए कूपन खरीद सके। जेल व्यवस्था के तहत, बंदियों को नकदी रखने की अनुमति नहीं होती और वे केवल कूपन के जरिए ही जरूरी सामान खरीद सकते हैं। लेकिन अली ने ये कूपन नहीं खरीदे और पैसे अपने पास छुपाकर रख लिए। यही 1100 रुपये बाद में डीआईजी की चेकिंग में बरामद हुए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है।

प्रशिक्षण के लिए बनाए गए नियमों का करना होगा पालन, महिला सिपाही गर्भवती होने पर ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं बन सकती

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सिपाही नागरिक पुलिस भर्ती के लिए 60244 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जिनमें 12048 महिलाएं हैं। इन महिला सिपाहियों को प्रशिक्षण के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना होगा। महिलाओं के लिए नियम बनाए गए है कि कोई भी महिला सिपाही गर्भवती होने पर ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं बन सकती। अगर वो गर्भवती हुई तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।  डिलीवरी के बाद होगी ट्रेनिंग गर्भवती होने पर महिला सिपाहियों को वापस भेज दिया जाएगा। लेकिन डिलीवरी के बाद वो ट्रेनिंग में हिस्सा ले सकेगी। महिला प्रशिक्षुओं को डिलीवरी के एक साल बाद आगामी प्रशिक्षण सत्र में शामिल करने की व्यवस्था की जाएगी। अगर महिला सिपाही की प्रशिक्षण की अवधि साढे़ चार माह से कम होगी तो उसे फिर से नये सिरे से शुरू करना पड़ेगा, लेकिन अगर ट्रेनिंग की अवधि साढे़ चार महीने से ज्यादा है तो उसने यहां से छोड़ा था, वहीं से ही प्रशिक्षण शुरू करना पड़ेगा।  गर्भपात के लिए भी बनाए नियम  इसके अलावा ये भी नियम बनाए गए है कि अगर किसी महिला सिपाही का प्रशिक्षण शुरु होने से पहले या प्रशिक्षण के दौरान गर्भपात हो जाता है तो उसे फिर से प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए अपने जिले के सीएमओ का मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट देना होगा। अगर कोई दूसरे राज्य की निवासी है तो उसे भी यह सर्टिफिकेट प्रशिक्षण संस्था के जिले के सीएमओ से प्राप्त करना होगा। वहीं, अगर किसी महिला का ट्रेनिंग शुरू होने से एक साल के अंदर प्रसव हो चुका है तो उसे भी मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट देना होगा। इसके बाद ट्रेनिंग में शामिल हो सकेगी।    

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