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ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े पर एक जानलेवा हमला, घायल शिष्यों को महाकुंभ के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया

प्रयागराज हाल ही में ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े पर एक जानलेवा हमला हुआ है। इस हमले में महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि और उनके छह शिष्य घायल हो गए हैं। हमले के बाद घायल शिष्यों को महाकुंभ के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि किन्नर अखाड़े में आंतरिक गुटबाजी के कारण यह घटना हुई है, लेकिन हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद इस हमले के असली कारण का पता चल पाएगा। ममता कुलकर्णी फिर से बनीं महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी, जो पहले किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर थीं, कुछ समय पहले इस पद से इस्तीफा दे चुकी थीं। लेकिन हाल ही में यह खबर आई कि उनका इस्तीफा रिजेक्ट कर दिया गया है और वे फिर से महामंडलेश्वर बन गई हैं। ममता ने इस्तीफा देने के पीछे की वजह का खुलासा किया था, लेकिन उनके पद छोड़ने और फिर से संभालने के बीच अखाड़े में विवाद बढ़ने लगा है। इस बीच, ममता के फिर से महामंडलेश्वर बनने पर विवाद और भी तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। महाकुंभ में हमला, कैसे हुआ? महाकुंभ के सेक्टर-9 में किन्नर अखाड़े में स्थित शिविर में महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि भक्तों को आशीर्वाद दे रही थीं, तभी कुछ लोग हथियार लेकर शिविर में घुस आए। इन हमलावरों ने गाली-गलौज करना शुरू किया और महामंडलेश्वर पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में महामंडलेश्वर की शिष्याएं राधिका और वैष्णवी भी घायल हो गईं। हमले के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की जांच जारी पुलिस अधिकारी शंभू सिंह ने बताया कि फिलहाल घटना की लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर इस हमले की सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है। ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े पर महाकुंभ में हमला हुआ, जिसमें महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरि और उनके 6 शिष्य घायल हो गए हैं। पुलिस ने हमले की जांच शुरू कर दी है और इसके पीछे की असल वजह जानने की कोशिश कर रही है।” क्या ममता का इस्तीफा और हमला आपस में जुड़े हैं? ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा देना और फिर से उसे संभालना, उसके बाद किन्नर अखाड़े पर हमला होना, क्या यह एक संयोग है या इसके पीछे कोई साजिश है? फिलहाल, पुलिस इस मामले को हर एंगल से देख रही है। जल्दी ही जांच पूरी होने के बाद इस हमले और अखाड़े में बढ़ रही गुटबाजी के कारण का पता चल सकता है।    

नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 4 लेन के दो प्रमुख फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इनमें 270 करोड़ रुपये की लागत से बना इंदिरा नगर सेक्टर 25 से खुर्रमनगर-कल्याणपुर फ्लाईओवर (3 किमी) और 170 करोड़ रुपये की लागत से बना पॉलिटेक्निक से मुंशी पुलिया चौराहा फ्लाईओवर (2 किमी) शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुल 588 करोड़ रुपये की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार द्वारा लखनऊ को न केवल एयरो सिटी बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हो रहा है और राज्य के हर नागरिक को बेहतर बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ को 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसमें 440 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं और करीब 600 करोड़ रुपये की विभिन्न राज्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को मेट्रो शहरों की तरह विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सीएम योगी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने से लेकर झांसी में बड़े प्रोजेक्ट्स को लाकर यूपी को डिफेंस निर्माण का केंद्र बनाने में रक्षा मंत्री का योगदान अमूल्य है। लखनऊ के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने बताया कि स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर लखनऊ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर, किसान पथ, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं लखनऊ को विश्व स्तरीय शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए लखनऊ को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है महाकुम्भ- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ के ऐतिहासिक आयोजन को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ 2025 में अब तक 50 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, जो उत्तर प्रदेश की शक्ति और व्यवस्थागत कुशलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज महाकुम्भ में लोगों की सैंकड़ों वर्षों से दबी हुई भावनाओं को सम्मान मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ का आयोजन स्थल रक्षा मंत्रालय की भूमि पर होता है और पिछले आठ वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार को यह भूमि लीज पर सहजता से प्राप्त हो रही है। इस बार पहली बार श्रद्धालु अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से सीमित पहुंच में रखा गया था। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ में असाधारण भीड़ को संभालने के लिए सड़क मार्ग, रेलवे और वायु मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी दी गई है। 40 रेगुलर फ्लाइट्स प्रयागराज को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रही हैं, वहीं रेलवे द्वारा सैकड़ों मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। सड़क मार्ग से सबसे अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं और इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत विभिन्न सड़क परियोजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया और सुचारू व्यवस्थाओं के कारण कोई अव्यवस्था नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ न केवल आस्था का महापर्व है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कुंभ पर खर्च को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन यह निवेश प्रयागराज के संपूर्ण पुनरुद्धार के लिए किया गया है। महाकुम्भ पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बदले में उत्तर प्रदेश को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ होने जा रहा है। यह आयोजन पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा प्रोत्साहन देगा। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 जनवरी को प्रयागराज में सामूहिक स्नान कर महाकुम्भ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया ब्रिज और यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह महाकुम्भ जैसे आयोजनों को सुगम बनाने के साथ-साथ प्रयागराज की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘नए भारत का नया उत्तर प्रदेश’ बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं और राज्य को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब विश्व स्तरीय सुविधाओं का अनुभव कर रही है और प्रदेश में निवेश, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण – बसंतकुंज योजना के निकट नागरियाकला में 400 केएल एवं जी-20 रोड जनेश्वर मिश्र पार्क के निकट 20 केएल स्ट्रॉम ड्रेनेज हेतु फ्लड पम्पिंग स्टेशन – बसंतकुंज योजना के सेक्टर-आई में 6 डीप नलकूप सीजी सिटी में हार्मनी पार्क (म्यूजिकल एवं स्पोर्ट्स पार्क) – अहिमामऊ में कल्याण मंडप शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं – कबीरनगर-देवपुर पारा आवासीय योजना में 1,032 ईडब्ल्यूएस आवास एवं सड़क – गोमती पर कुकरैल नदी से बैकुंठ धाम तक 4 लेन ब्रिज – सीजी सिटी योजना के … Read more

महाकुंभ प्रयागराज में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच का कुंभ दर्शन – गांधी दर्शन विश्व शांति सम्मेलन सफल रहा

 महाकुंभ प्रयागराज में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच का कुंभ दर्शन – गांधी दर्शन विश्व शांति सम्मेलन सफल रहा कुंभ दर्शन को गांधी दर्शन ने पुरा किया विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार प्रयागराज  वैश्विक आध्यात्मिक धरोहर के महत्व महाकुंभ मेला दर्शन गांधी दर्शन के बगैर पुरा नहीं हो सकता था। इस अधुरेपन को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच के विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार द्वारा कुंभ दर्शन : गांधी दर्शन विश्व शांति युवा सम्मेलन तथा दीप-दान यात्रा आयोजन कराकर पूरा कर दिया है। महात्मा गांधी दर्शन किसी आध्यात्म से कम नहीं गांधी को भारत ही नहीं दुनियां ने अपना आदर्श माना है जिसको आज के युवाओं ने अपने सुंदर भविष्य के लिए पढ़ना व स्विकारने की आवश्यकता बताया। उपरोक्त विचार बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के पुर्व कुलपति डॉ.गिरिश चंद्र त्रिपाठी ने व्यक्त किया। त्रिपाठी महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच गढ़चिरोली महाराष्ट्र द्वारा कुंभ मेला प्रयागराज में दो दिवसीय कुंभ दर्शन गांधी दर्शन विश्व शांति युवा सम्मेलन के दुसरे दिन समापन कार्यक्रम के उद्घाटक के रूप में बोल रहे थे। समापन सम्मेलन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सच्चा बाबा आश्रम प्रयागराज के स्वामी चंद्रदेव मिश्रा, विशेष अतिथि गोविन्द भाई बजाज महाराष्ट्र तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच के अंतरराष्ट्रीय संयोजक एवं संस्थापक विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार ने किया। मुख्य अतिथि स्वामी चंद्रदेव मिश्रा ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच द्वारा सुरू गांधी दर्शन कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा करते हुए महात्मा गांधी तथा आध्यात्मिक गुरुकुल सुरू करने का सभी से अनुरोध और आव्हान किया। विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार ने देश दुनिया में संगठन द्वारा सुरू महात्मा गांधी दर्शन कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आज के विघार्थियों एवं युवाओं ने भविष्य की सुरक्षित एवं न्यायप्रिय जीवन के लिए गांधी जी के मुल्यों पर चलने की आवश्यकता पर बल देते हुए पीपल बरगद नीम पौधारोपण, जल संरक्षण, सत्याग्रही, नशामुक्त युवा अहिंसा युक्त युवा पीढ़ी होने से देश दुनिया में शांति को मजबूती प्रदान किया जा सकता है ऐसा बताया। समापन कार्यक्रम में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर महात्मा गांधी के फोटो पर फूल माला पहनाकर उद्घाटन किया और सभी अतिथियों का पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया। सम्मेलन की विशेषता यह रही की दो दिन उपस्थित रहे एक सौ युवा व महिला पुरूषों को उपस्थिती प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मेलन की विशेषता पुर्व कुलपति डॉ गिरिश चंद्र त्रिपाठी को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच द्वारा विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार के शुभ हस्ते राष्ट्रीय गांधी शांति सम्मान पत्र प्रदान किया जिसे डॉ त्रिपाठी ने सहर्ष स्वीकार किया। जबकि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच की ओर से कुंभ दर्शन – गांधी दर्शन विश्व शांति सम्मेलन को सफल व चरितार्थ करने के लिए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच विश्व शांति यात्रा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक प्रयागराज निवासी इंद्रकुमार सिंह को विश्व शांतिदूत प्रकाश आर अर्जुनवार, कुलपति डॉ गिरिश चंद्र त्रिपाठी, स्वामी चंद्रदेव मिश्रा, गोविन्द भाई बजाज एवं श्रीमती वैजयंती कोष्टी द्वारा विश्व शांति यात्रा का झंडा देकर विश्व शांति के लिए रवाना किया। सम्मेलन का विशेष संयोजन प्राचार्य आर के मिश्रा प्रतापगढ़ ने किया। संचालन इंद्रकुमार सिंह ने किया और आभार महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विचार मंच अहमदाबाद गुजरात की संयोजिका श्रीमती वैजयंती कोष्टी ने माना।

माघी के बाद भी हिलोरे मार रही श्रद्धालुओं की आस्था, 20 लाख से अधिक ने लगाई डुबकी

प्रयागराज माघी पूर्णिमा के बाद भी महाकुंभ में आस्था हिलोरे मार रही है। बृहस्पतिवार को हर तरफ श्रद्धालुओं का रेला रहा तथा करीब 85.46 लाख लोगों ने स्नान किया। इसी के साथ महाकुंभ में कुल स्नानार्थियों की संख्या 49 करोड़ पार हो गई। माघी पूर्णिमा के साथ बुधवार को एक महीने का कल्पवास पूरा हो गया। इसी के साथ कल्पवासियों के जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया। हालांकि, मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार को भी पांच लाख से अधिक कल्पवासियों ने स्नान किया। इसके अलावा माघी पूर्णिमा के बाद भी स्नानार्थियों के आने का सिलसिला जा रही है। मेला क्षेत्र के काली एवं त्रिवेणी मार्ग के अलावा अन्य प्रमुख सड़कों पर भी श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बनी रही। शहर में भी शास्त्री ब्रिज समेत संगम की तरफ आने वाले मार्गों पर लगातार रेला बना रहा। यह सिलसिला भोर में ही शुरू हो गया था जो देर शाम तक बना रहा।इसका नतीजा रहा कि बृहस्पतिवार की रात आठ बजे तक 85.46 लाख लोग स्नान कर चुके थे। वहीं बुधवार तक 48.29 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। इस तरह से बृहस्पतिवार रात आठ बजे तक महाकुंभ में कुल स्नानालार्थियों की संख्या 49.14 करोड़ से अधिक हो गई। जबकि, इसके बाद भी स्नानार्थियों के आने और संगम स्नान का क्रम बना हुआ था।   महाकुंभ मेले के 32वें दिन शहर में जाम से मिला लोगों को राहत महाकुंभ के दौरान लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को बृहस्पतिवार को राहत मिल गई। मेला शुरू होने के 32वें दिन शहर में आम दिनों की तरह यातायात सुगमता से चलता रहा। मेला शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब सड़कों पर जाम की स्थिति न के बराबर रही। जबकि बाहरी नंबर के गाड़ियों को भी प्रवेश दिया गया था। माघी पूर्णिमा स्नान के बाद से अधिकतर कल्पवासियों का वापस जाना शुरू हो गया है। मेले में श्रद्धालुओं के कम होने पर पुलिस ने विभिन्न जगहों पर लगे बैरिकेडिंग कम कर दिया। इस कारण सुबह नौ बजे से ही शहर की सड़काें पर रोजाना के मुकाबले गाड़ियों का कम लोड दिखा। इससे शहरी और श्रद्धालुओं को जाम से जूझना नहीं पड़ा। मेडिकल चौराहा, बालसन, सिविल लाइंस, सोहबतिया बाग, तेलियरगंज, फाफामऊ, लेप्रोसी, जानसेनगंज, सीएमपी, अलोपी बाग समेत अन्य जगहों पर जाम की स्थिति सामान्य रही। मुख्य वजह श्रद्धालुओं का मेले से वापस लौटना और चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल न होना है। 50 करोड़ का आंकड़ा हो सकता पार माघी पूर्णिमा के बाद भी महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। बृहस्पतिवार को कुल स्नानार्थियों का आंकड़ा 49.14 करोड़ को पार हो गया। ऐसे में यदि शुक्रवार को भी बृहस्पतिवार की तरह भीड़ रही और 85 लाख से अधिक लोगों ने संगम में डुबकी लगाई तो कुल स्नानार्थियों की संख्या 50 करोड़ पार हो जाएगी। सीएम ने संगम में लगाई डुबकी लगा मांगी त्रिपुरा की समृदि महाकुंभ नगर। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ.माणिक साहा ने अपने परिवार के साथ बृहस्पतिवार को संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने मां गंगा से त्रिपुरा की समृद्धि और शांति की प्रार्थना की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि संगम का पवित्र स्नान जीवन को शुद्ध करता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि आज महाकुंभ में स्नान करने का सौभाग्य मिला। पवित्र जल, दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक माहौल ने इसे अविस्मरीय अनुभव बना दिया। गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी ने किया संगम स्नान  गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने बृहस्पतिवार को संगम में डुबकी लगाई तथा पूजन किया। इस दौरान उनके साथ फिल्म कलाकार विक्की कौशल भी रहे। मंत्री ने जून अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, सतुबा बाबा का भी आशीर्वाद प्राप्त किया। सचिन पायटल ने लगाई संगम में डुबकी कांग्रेस विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने भी बृहस्पतिवार को संगम में डुबकी लगाई तथा मांग गंगा से देश-प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली की कामना की। इस मौके पर उन्होंने ने कहा कि महाकुंभ श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने सोशल प्लेटफार्म भी संगम स्नान के फोटो एवं अनुभव साझा किए। काशी तमिल संगमम कल से, तैयारी तेज तृतीय काशी तमिल संगमम कार्यक्रम का आयोजन 15 से 24 फरवरी के बीच होगा। काशी आने वाला दक्षिण भारत का विशेष दल संगम स्नान तथा मेला क्षेत्र एवं अन्य स्थलों का भ्रमण भी करेगा। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बृहस्पतिवार को बैठक कर प्रतिनिधिमंडल के स्वागत तथा अन्य तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही विभागों एवं अफसरों की जिम्मेदारी तय की।  

घर में लगाया खुफिया कैमरा, रिकॉर्ड किये बीवी के प्राइवेट पल ! जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप

 कानपुर  उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसके पति ने झूठ बोलकर शादी की और बेडरूम में गुप्त कैमरे लगाकर उसकी अश्लील वीडियो बनाता था। इतना ही नहीं, पति जबरन अप्राकृतिक संबंध भी बनाता और इन वीडियो को अन्य महिलाओं को भेजता था। इस मामले में महिला ने अपने पति और देवर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना स्वरूप नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला की शादी 2014 में कल्याणपुर निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर से हुई थी। शादी में लड़की पक्ष ने अपनी हैसियत से ज्यादा दहेज दिया, लेकिन इसके बावजूद पति और देवर अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। महिला के अनुसार, शादी के दूसरे दिन से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। गुप्त कैमरे से बनाई अश्लील वीडियो पीड़िता का आरोप है कि उसका पति बेडरूम में गुप्त कैमरे लगाकर उसकी अश्लील वीडियो बनाता था। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और धमकी दी कि अगर उसने किसी से कुछ कहा तो ये वीडियो वायरल कर देगा। इस बीच, महिला को पता चला कि उसके पति की पहले से एक और पत्नी है। जब उसने इस बात पर विरोध किया तो ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। देवर और पति दोनों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने ज्यादा विरोध किया तो उसकी निजी वीडियो वायरल कर देंगे। कई महिलाओं से थे अवैध संबंध महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति कई अन्य महिलाओं से भी संबंध रखता था। इस बारे में पूछने पर वह उसे चुप रहने के लिए धमकाता और प्रताड़ित करता था। थाना प्रभारी सूर्यबली पांडेय ने बताया कि महिला की शिकायत पर उसके पति और देवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।  

अब तक 31 दिनों में 38 लाख श्रद्धालु महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन द्वारा वितरित महाप्रसाद किया ग्रहण

प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सेवा और आध्यात्मिक तृप्ति के लिए अदाणी ग्रुप और इस्कॉन की पहल सुर्खियों में है। अब तक 31 दिनों में 38 लाख श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण कर चुके हैं, जिसमें मौनी अमावस्या के दिन महाप्रसाद ग्रहण करने वाले 3.5 लाख श्रद्धालु शामिल हैं। इधर, महाकुंभ परिक्षेत्र में पहुंचने वाले 30 लाख श्रद्धालुओं को गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित ‘आरती संग्रह’ भी भेंट की जा चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी महाकुंभ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और अदाणी ग्रुप तथा इस्कॉन की यह पहल इस ऐतिहासिक आयोजन को और भी खास बना रही है। यह सेवा न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि समर्पण और निस्वार्थ सेवा की एक मिसाल भी पेश कर रही है। महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन की साझेदारी से महाप्रसाद सेवा चलाई जा रही है, जिसमें हर दिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं को भोजन वितरित किया जा रहा है। इस सेवा में 18,000 से अधिक सफाईकर्मी भी योगदान दे रहे हैं। इस सेवा को संचालित करने के लिए 5,000 से अधिक स्वयंसेवक प्रतिदिन अपनी निस्वार्थ सेवा दे रहे हैं। श्रद्धालु महाप्रसाद की गुणवत्ता और पवित्रता की लगातार प्रशंसा कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर महाप्रसाद की व्यवस्था इतनी सुचारू रूप से की गई है कि किसी भी श्रद्धालु को किसी तरह की असुविधा नहीं हो रही है। अदाणी ग्रुप ने गीता प्रेस के सहयोग से भक्तों को एक करोड़ ‘आरती संग्रह’ की प्रतियां वितरित करने का संकल्प लिया है, जिसमें से अब तक 30 लाख प्रतियां श्रद्धालुओं को भेंट की जा चुकी हैं। यह पहल सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और आध्यात्मिक साहित्य के प्रसार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। महाकुंभ में संतों के प्रवचन, रामकथा, श्रीमद्भागवत कथा और अन्य धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सेवा कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया है। अदाणी ग्रुप द्वारा की गई महाप्रसाद सेवा और ‘आरती संग्रह’ वितरण ने श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी दिव्य बना दिया है। इस्कॉन द्वारा गीता सार की पांच लाख प्रतियां श्रद्धालुओं के बीच बांटने की भी योजना बनाई गई है, जिसमें अब तक 3 लाख प्रतियां वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा, दिव्यांग, बुजुर्ग और छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए गोल्फ कार्ट जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।  

महाकुम्भ में अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू, 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ 10 किमी में सफाई करेंगे

प्रयागराज  माघी पूर्णिमा स्नान के साथ अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी यहां पहुंच चुकी है। मेला प्रशासन भी इसके लिए कमर कसकर तैयार है। विश्व की अमूर्त धरोहर महाकुंभ में अभी तक 48 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम पहले ही बन चुका है। मेला प्रशासन ने अब पहले से घोषित चार विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। शुक्रवार से इसकी शुरुआत होगी। पहले दिन 14 फरवरी को संगम क्षेत्र में 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ गंगा तट पर 10 किमी लंबाई में सफाई करेंगे। कुंभ-2019 में 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। अपने ही इस रिकॉर्ड को तोड़कर मील का नया पत्थर गढ़ा जाना है। इसके अगले दिन 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान को रफ्तार देंगे। रिकॉर्ड की शृंखला में ही 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1000 ई-रिक्शा चलाने का रिकॉर्ड भी बनेगा। 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. यह अपने आप में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. महाकुंभ 2025 को विश्व की अमूर्त धरोहर घोषित किया गया है. अब यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है. अब तक किसी भी धर्म में 31 दिनों में 48 करोड़ श्रद्धालु कहीं नहीं जुटे हैं. यह अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है. इसी के साथ अगले 4 दिनों में 4 और भी विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहे हैं. रिकॉर्ड एक, 15 हजार कर्मी चलाएंगे सफाई अभियान : 14 फरवरी को 15000 कर्मचारी गंगा घाट पर 10 किलोमीटर तक सफाई अभियान चलाएंगे. गंगा घाटों पर कर्मियों की तैनाती की गई है. कुंभ 2019 में भी 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. अब इस रिकॉर्ड को तोड़कर प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण नया इतिहास रचेगा. रिकॉर्ड दो, नदी की जलधारा में सफाई करेंगे 300 कर्मी : 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान चलाएंगे. यह भी नया कीर्तिमान होगा. नदी की जलधारा में एक साथ सफाई कर्मी सफाई अभियान के लिए उतरेंगे. रिकॉर्ड तीन, त्रिवेणी मार्ग पर चलेंगे 1001 ई-रिक्शा : 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1001 ई-रिक्शा चलाकर भी रिकॉर्ड बनाया जाएगा. रिकॉर्ड चार, 10 हजार लोग देंगे अपने हाथों की छाप : मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि 17 फरवरी को 10000 लोगों के हाथ के छाप ( हैंड प्रिंट) लेने का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा. चारों रिकॉर्ड बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं. अगले 4 दिनों में यह सभी रिकॉर्ड बनेंगे. लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बनेंगे. साल 2019 में लगे अर्ध कुंभ में भी कई विश्व रिकॉर्ड बने थे. एक स्थान पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को एकत्र करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके अलावा सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्थान पर सबसे बड़ी चित्रकला प्रतियोगिता को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला था. 2019 में भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की 3 सदस्यीय टीम ने संगम नगरी का दौरा किया था. 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच 4 दिन तक आयोजित की गई चित्रकला प्रतियोगिता में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे. कुंभ के दौरान 7000 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने एक हाथ की छाप लगाई थी. इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दिया गया था. इससे पहले यह रिकॉर्ड सियोल में 4675 लोगों ने बनाया था.  

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- कल्याण मंडपम का उद्घाटन नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई शुरुआत

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब गरीबों और आर्थिक दृष्टि से निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के कार्यक्रम भी फाइव स्टार सुविधाओं से युक्त होंगे और कल्याण मंडपम इसका माध्यम बनेगा। गोरखपुर के पहले कल्याण मंडपम का उद्घाटन हो रहा है और अगले कुछ महीनों में सात नए कल्याण मंडपम भी बनकर तैयार हो जाएंगे। इनमें से पांच कल्याण मंडपम के लिए धनराशि उन्होंने अपनी विधायक निधि से दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण मंडपम की बुकिंग मात्र 11 हजार रुपये में करने के निर्देश नगर निगम को दिए गए हैं। सीएम योगी गुरुवार को करीब 103 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देने के लिए खोराबार टाउनशिप में नगर निगम की तरफ से आयोजित लोकार्पण-शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नगर के नवसृजित वार्ड खोराबार में 4.71 करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पहले कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के साथ ही 4.55 करोड़ रुपये की लागत से बने गैस आधारित पशु शवदाह गृह, महादेवपुरम से रामगढ़ताल में फेज 2 (पम्पिंग स्टेशन) तक 2.46 करोड़ रुपये से नाला निर्माण कार्य, एकला बांध से पशु शवदाह गृह (कारकस प्लांट) तक 0.68 करोड़ रुपये से सड़क निर्माण, महेवा स्थित कान्हा गोशाला में 0.97 करोड़ रुपये से शेड निर्माण का लोकार्पण किया। कुल 26.31 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण करने के अलावा उन्होंने 76.40 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण मंडपम का उद्घाटन नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। किसी भी मांगलिक या सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए यह बहुत अच्छा है। जिनके पास साधन हैं, वे होटलों या बड़े लॉन में कार्यक्रम कर सकते हैं, लेकिन जिनके पास पैसा नहीं है, जो गरीब हैं, वे कहां जाएंगे। इसे लेकर नगर निगम और विकास प्राधिकरण से कहा था कि कल्याण मंडपम के रूप में ऐसा स्थान हो, जहां गरीब, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के वैवाहिक आयोजन, मांगलिक कार्यक्रम सुविधापूर्ण तरीके से हो सकें। इस कल्याण मंडपम में सभागार, डॉरमेट्री, 6 रूम, किचन और लॉन भी है। सीएम योगी ने कहा कि कल्याण मंडपम गरीबों, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए स्थायी संपदा है, जहां फाइव स्टार सुविधाएं हैं। आज गोरखपुर नगर निगम और नगर निकायों को विकास की अन्य अनेक योजनाओं की सौगात मिल रही है। इसमें एक महत्वपूर्ण परियोजना पशु शवदाह गृह की है। इससे जानवरों के शव के अंतिम संस्कार की समस्या का समाधान होगा और लोगों को बदबू से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में गोरखपुर की पहचान को सुरक्षित रखते हुए घंटाघर का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। घंटाघर के बगल में स्थित शहीद बंधु सिंह पार्क में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण युद्धस्तर पर हो रहा है। पार्कों के विकास, सड़कों के चौड़ीकरण और जलनिकासी की परियोजनाओं पर कार्य हो रहे हैं। गोड़धोइया नाला परियोजना के पूर्ण होते ही शहर को जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। देसी विधि से राप्ती नदी में गिरने वाले लिक्विड वेस्ट, दूषित जल का शोधन किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल खेती में होगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से विकास यात्रा में सहभागी बनने और स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने की अपील की। इसके लिए ‘स्वच्छता कॉमिक’ का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 40 वर्ष में गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश ने गंदगी के कारण होने वाली मौतों को देखा है। गंदगी, कूड़ा, तालाबों को पाटने और नालियों के चोक होने के परिणामस्वरूप इंसेफेलाइटिस से बड़े पैमाने पर मौतें होती थीं। लोगों के स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने, स्वच्छ भारत मिशन और डबल इंजन सरकार के प्रयासों के परिणाम से आज इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त है। सभी लोगों को स्वच्छता को प्राथमिकता देनी होगी। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि हम लोग आज जहां खड़े हैं, वहां खोराबार की मेडिसिटी/टाउनशिप परियोजना में हर आय वर्ग के लोगों के लिए आवास का सपना साकार हो रहा है। यहां ईडब्लूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी के मकान बन रहे हैं, प्लॉट भी उपलब्ध करवाए गए हैं। एक आवास, जिसमें दो बेडरूम, एक डाइनिंग हाल, किचन, टॉयलेट-बाथरूम हैं, उसकी 28 लाख रुपये लागत आ रही है। ऐसे ही एलआईजी के मकान की लागत भी लगभग 16 लाख के आसपास पड़ रही है। ईडब्ल्यूएस के मकान की कीमत भी उसी प्रकार कम होती जाएगी। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच से उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाईकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने एक दिवंगत सफाईकर्मी के पिता को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा। मंच पर आने से पूर्व मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम का फीता काटकर लोकार्पण और निरीक्षण किया। उन्होंने कल्याण मंडपम की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम के बाद नगर निगम की दस गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

बांके बिहारी मंदिर में 200 रुपये के नोटों से बनी ड्रेस चढ़ाई, राजस्थान के भक्त ने की डोनेशन

वृंदावन उत्तर प्रदेश एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है, जो भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का केंद्र माना जाता है। यहां कई मंदिर और स्थान हैं जो भक्ति और आध्यात्मिकता से भरपूर हैं। हाल ही में, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां भगवान बांके बिहारी को 200 रुपये के नोटों से बने कपड़े पहनाए गए थे। क्या था मामला? माघ पूर्णिमा के मौके पर राजस्थान के एक भक्त ने भगवान बांके बिहारी जी को 200 रुपये के नोटों से बने कपड़े समर्पित किए थे। इस मौके पर भगवान की चोली, धोती और मुकुट सभी नोटों से बनाए गए थे। यह पहली बार था जब भगवान बांके बिहारी को इस तरह के कपड़े पहने हुए देखा गया। इससे पहले भक्त केवल भगवान को नोटों की माला अर्पित करते थे, लेकिन अब यह एक नई और खास परंपरा बन गई है। कपड़ों का इतिहास राजस्थान के भक्त ने पहले सांवरिया सेठ को नोटों से बने कपड़े पहने हुए देखा था और प्रेरित होकर उन्होंने भगवान बांके बिहारी के लिए भी इसी तरह के कपड़े तैयार किए। इस काम में उन्होंने कारीगरों की मदद ली और भगवान के कपड़े बनाए। वृंदावन में और भी दर्शनीय स्थान प्रेम मंदिर: सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर अपनी लाइटिंग और सुंदर झांकियों के लिए प्रसिद्ध है। इस्कॉन मंदिर: यहां भजन-कीर्तन होते हैं और यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। निधिवन: माना जाता है कि यहां श्रीकृष्ण और राधा गोपियों के साथ रास रचाते हैं। रंगजी मंदिर: दक्षिण भारतीय शैली में बना यह मंदिर आकर्षक है और यहां रथ यात्रा आयोजित होती है। सेवा कुंज: यहां रात में श्रीकृष्ण के प्रकट होने की मान्यता है। गोविंद देव जी मंदिर: यह मंदिर अकबर के समय में बना और वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। केसी घाट: यमुना नदी के किनारे स्थित यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। पागल बाबा मंदिर: इसकी अनोखी वास्तुकला और झांकियां आकर्षक हैं। जयपुर मंदिर: यह 19वीं शताब्दी में बना और इसकी नक्काशी और संगमरमर की मूर्तियां बहुत सुंदर हैं। अगर आप वृंदावन जाएं, तो बांके बिहारी मंदिर के अलावा इन स्थानों का भी दर्शन करें। यहां हर जगह भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की झलक मिलती है और हर एक स्थान में भक्ति की विशेष ऊर्जा महसूस होती है।  

मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद अस्पताल में भर्ती मरीज ने जब आंखें खोलीं तो बगल के बेड़ पर 22 दिनों से लापता पत्नी भर्ती मिली

 उन्नाव मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने अपनी आंखें खोलीं तो उसके बगल वाले बेड पर 22 दिनों से लापता पत्नी भर्ती मिली. यह देख पति की आंखों में आंसू आ गए. लेकिन महिला अपने पति को पहचान नहीं सकी. क्योंकि सिर में गंभीर चोट आने से उसकी याददाश्त चली गई थी. अब पति अस्पताल में पत्नी की सेवा करता है, इसके चलते महिला की याददाश्त लौटने लगी है. उत्तर प्रदेश के उन्नाव का यह मामला है. शहर के केवटा तालाब बस्ती निवासी राकेश कुमार (50) की पत्नी शांति देवी (42) बीती 13 जनवरी को घर से अचानक गायब हो गई थीं. पति ने उनको उन्नाव से लेकर कानपुर, लखनऊ, कन्नौज तक तलाशा. लेकिन वह नहीं मिलीं. थक-हारकर पति ने 16 जनवरी को थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई. राकेश वेल्डिंग का काम करते हैं. पत्नी शांति के आलावा उनके घर में और कोई नहीं है. पत्नी के न मिलने पर वह तब से न तो काम पर गए और न ही घर गए. वह अपने दोस्त के यहां ही रहने लगे. इसी बीच, आंखों में दिक्क़त आने पर राकेश ने 6 फरवरी को अस्पताल में चेकअप कराया तो डॉक्टरों ने उनको ऑपरेशन कराने की सलाह दी. 7 फरवरी को मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद राकेश को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया. जब राकेश की आंखों की पट्टी खुली तो उनके बगल के बेड पर भर्ती एक महिला मरीज ने पानी मांगा. महिला की आवाज़ सुनकर राकेश चौंक गए. पास जाकर देखा तो वह महिला कोई नहीं बल्कि, गुमशुदा पत्नी निकली. यह देख पति राकेश भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू बह निकले. लेकिन सिर पर चोट पर चोट लगने की वजह से पत्नी कुछ बता नहीं पाई और न ही पति को पहचान पाई. जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद राकेश अपना सारा दुःखदर्द भूलकर फिर सिर्फ पत्नी की सेवा में ही लग गए ताकि किसी तरह से उनकी पत्नी ठीक हो जाए. राकेश ने बताया कि 13 जनवरी को उनकी पत्नी घर से कहीं चली गई थी. काफी तलाश करने पर जब वह नहीं मिली तो कोतवाली में शिकायत दर्ज़ करवाई. उधर, मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने के बाद जब उनकी आंखों की पट्टी खोली गई तो बगल के बेड पर एक महिला ने पानी मांगा. पास जाकर देखा तो वह उनकी पत्नी शांति देवी ही थीं. जिनकी वह तलाश कर रहे थे. राकेश ने बताया कि जब से उनकी पत्नी जिला अस्पताल में मिली है, तब से वह उसकी सेवा कर रहे हैं. पत्नी भी उन्हें पहचाने लगी है. लेकिन उन्होंने जिला अस्पताल में सही से इलाज़ न मिलने का आरोप लगाया है. जिला अस्पताल के डॉक्टर कौशलेन्द्र प्रताप ने बताया कि महिला के सिर पर गंभीर चोट थी. जब उसे लाया गया था तब वह कुछ भी बताने समझने लायक नहीं थी. उसका इलाज़ किया जा रहा है. पति को वह पहचानने लगी है. फिलहाल सुधार हो रहा है.  

जो लोग कुंभ की व्यवस्थाओं पर उठा रहे थे सवाल, अब खुद ही चुपचाप डुबकी लगाकर आ रहे: सीएम योगी

बागपत सीएम योगी ने बुधवार को बागपत में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अजित सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा।  छपरौली के श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रालोद के संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी अजित सिंह की प्रतिमा का बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनावरण किया। इसके साथ ही सीएम ने 351 करोड़ की 281 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह उनके साथ रहे।   सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेस्ट यूपी के किसानों ने खेती की उन्नत तकनीक अपनाकर अपना विकास किया है। चौधरी अजित सिंह भी कहते थे कि देश के विकास का रास्ता खेत और किसान से होकर गुजरता है। उसी से प्रेरणा लेकर हम किसानों के हित की दिशा में काम कर रहे हैं।   सीएम ने कहा कि जो लोग कुंभ की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठा रहे थे, वे अब चुपचाप डुबकी लगाकर आ रहे हैं। 26 फरवरी तक कुंभ भव्यता से चलता रहेगा और श्रद्धालु लाभ उठाते रहेंगे। महाकुंभ में कल तक 50 करोड़ लोग डुबकी लगा लगेंगे।   सीएम ने कहा कि पहले पुलिस की भर्ती निकलती थी, लेकिन नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। हमारी सरकार में अब पुलिस भर्ती चल रही है और बिना भेदभाव के सभी जिलों के युवाओं को उनकी प्रतिभा के आधार पर चयनित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का नौजवान तो अपनी ताकत दिखाएगा ही, हमने इसमें 20 फीसदी नौकरी बेटियों के लिए आरक्षित कर दी हैं। अगले दो महीने में इनकी ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। इसी साल में यूपी पुलिस को 60 हजार नए पुलिसकर्मी मिलेंगे।  

महाकुंभ में गंगा सेवा दूत के लिए महाप्रसाद सेवा बनी वरदान, कर रहे घाटों की सफाई, दे रहे स्वच्छता का संदेश

प्रयागराज महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन के जरिए आम लोगों में महाप्रसाद बांटा जा रहा है। इससे लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन लाभ उठा रहे हैं। गंगा सेवा दूत के लिए ये सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। महाकुंभ 2025 में गंगा सेवा दूत न केवल माँ गंगा की निर्मलता बनाए रखने में जुटे हैं, बल्कि स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का संदेश भी फैला रहे हैं। उनकी अथक सेवा और समर्पण इस महापर्व को न सिर्फ भव्य बल्कि स्वच्छ और दिव्य भी बना रहा है। घाटों पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना के दौरान के जैसे ही फूल अर्पित किए जाते हैं, ये गंगा सेवा दूत तुरंत उसे निकालकर नदी को साफ कर देते हैं। गंगा और यमुना की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए करीब 1500 गंगा सेवा दूतों को सभी सेक्टर्स में बने घाटों पर नियुक्त किया गया है। इन सभी गंगा सेवा दूतों को मेला प्रशासन की ओर से भी ट्रेन्ड भी किया गया है। महाकुम्भ के पहले दिन सभी गंगा सेवा दूत अपनी नियत ड्यूटी पर तैनात रहें हैं, साथ ही श्रद्धालुओं के लिए नदियों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे।   महाकुंभ में अदाणी ग्रुप और इस्कॉन के माध्यम से आम लोगों में महाप्रसाद वितरित किया जा रहा है। इससे लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन लाभ उठा रहे हैं। गंगा सेवा दूत के लिए ये सेवा किसी वरदान से कम नहीं है, अपनी डयूटी करते हुए ये अदाणी-इस्कॉन सेक्टर-19 के किचन में प्रसाद ग्रहण करते है फिर अपनी डयूटी पर चले जाते है। उनका मानना है इस नि:शुल्क सेवा से उन्हे काफी राहत मिली है और वो अपनी जिम्मेदारी आसानी से संभाल लेते है। महाप्रसाद पूरी तरह से सात्विक और स्वच्छता के उच्च मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है। महाप्रसाद में प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के व्यंजन तैयार किए जाते हैं और हजारों कर्मचारियों की मदद से इसे सुचारू रूप से वितरित किया जाता है। यहां पर श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने के बाद अपनी इच्छा से सेवा भी दे सकते हैं।   स्काउट एंड गाइड के वॉलंटियर्स भी महाकुंभ में दिखे तत्पर इनकी मदद के लिए स्काउट एंड गाइड के भी युवक एवं युवतियां तत्परता से तैयार नजर आए। ये युवक एवं युवतियां स्वयं सेवा के तहत घाटों पर मुस्तैदी से कार्य करते दिखे।  9 जनवरी से ही स्काउट एंड गाइड टीम यहां पर आ गए हैं, टीम में मिर्जापुर, वाराणसी से भी स्काउट एंड गाइड हैं। कुल मिलाकर 91 लोग स्वयं सेवा में लगे हुए हैं। इसके लिए उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग भी दी गई है। 45 दिनों में कुल 10 हजार 200 स्काउट एंड गाइड पूरे महाकुम्भ में अपनी सेवाएं देंगे। हर हफ्ते 250-250 लोग यहां पर पहुंचेंगे। उनके रहने और खाने-पीने के लिए प्रशासन की ओर से सेक्टर 6 में व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के खास टॉयलेट इस बार महाकुंभ में 1.5 लाख टॉयलेट्स और यूरिनल्स को पूरे मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थलों पर स्थापित किया जाना है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन टॉयलेट्स की साफ सफाई को लेकर है. प्रशासन ने इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की है। मेले में क्यूआर बेस्ड मॉनीटरिंग सिस्टम के माध्यम से टॉयलेट्स में स्वच्छता का सर्वे किया जाएगा। विशेष ऐप के माध्यम से जिस टॉयलेट में गंदगी की जानकारी मिलेगी, उसे चंद मिनटों में क्लीन कर दिया जाएगा। यही नहीं सफाई के लिए जेट स्प्रे क्लीनिंग सिस्टम अपनाया जाएगा, ताकि मैनुअल सफाई की आवश्यकता न पड़े। इसी तरह सेप्टिक टैंक को खाली करने के लिए भी सेसपूल ऑपरेशन प्लान रेडी तैयार किया गया है।

सीएम योगी और यामानासी प्रांत के उप राज्यपाल ओसादा के बीच यूपी में निवेश पर हुई चर्चा

लखनऊ जापान के यामानासी प्रांत के उप राज्यपाल को-ओसादा ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सीएम योगी और यामानासी प्रांत के उप राज्यपाल ओसादा के बीच उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं समेत चार बिंदुओं को लेकर चर्चा हुई। को-ओसादा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावना तलाशने जापान से करीब 250 सीईओ आएंगे। सुदृढ़ कानून व्यवस्था और सुशासन के बलबूते आर्थिक प्रगति पर तेजी से बढ़ रहे उत्तर प्रदेश में जापान का प्रतिनिधिमंडल निवेश की संभावनाओं को देखेगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार में भी काफी मदद मिलेगी। वे उत्तर प्रदेश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। सीएम और उपराज्यपाल के मध्य हुई वार्ता में ग्रीन हाइड्रोजन पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इसमें बताया गया कि ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर उत्तर प्रदेश और यामानासी प्रीफेक्चर के मध्य समझौता होगा और यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसमें जापानी तकनीक का उपयोग होगा। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कराने पर भी चर्चा हुई, जिसमें दुनियाभर के हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी और इसके उपयोग में रुचि रखने वाले प्रतिनिधि भी उपस्थिति रहेंगे। हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी में यामानासी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के छात्रों को औद्योगिक प्रौद्योगिकी का अध्ययन करने का अवसर प्रदान करेगा। को-ओसादा ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से असीमित संभावनाओं वाला राज्य है। यहां बौद्ध धर्म से जुड़े पर्यटन स्थलों पर जापानी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बुद्धिस्ट सर्किट की भूमिका काफी अहम है। जापान से अधिकांश श्रद्धालु और आमजन बुद्धिस्ट सर्किट के अंतर्गत गौतम बुद्ध से जुड़ी जगहों (सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती आदि) पर आना चाहते हैं। यामानासी प्रांत के लोगों को बुद्धिस्ट सर्किट आने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ और को-ओसादा के मध्य यूपी के युवाओं के लिए जापान और यामानासी प्रांत में रोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। साथ ही जापानी भाषा का ज्ञान और अन्य ट्रेड के विषय में भी बात हुई। यह तय हुआ कि युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में कौशल प्रशिक्षण कराकर वहां भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अध्ययन करने के लिए आने वाले छात्रों को यामानासी प्रीफेक्चर छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगा।

महाकुंभ मेला क्षेत्र में अधिकारी व्यवस्थाओं और सुविधाओं को सुनिश्चित करते नजर आए, दिखे चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद

प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के अंतर्गत बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नानार्थियों की उमड़ी भारी भीड़ के सुप्रबंधन को लेकर सीएम योगी की मॉनीटरिंग का असर साफ देखने को मिला। माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व को स्नानार्थियों के लिए यादगार बनाने के सीएम योगी के निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारी देर रात से ही ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे और सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते रहे।   अधिकारी रहे मुस्तैद व्यवस्थाओं और सुविधाओं को सुनिश्चित करते नजर आए डिजिटल डेस्क, महाकुंभ नगर। महाकुम्भ-2025 के अंतर्गत बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नानार्थियों की उमड़ी भारी भीड़ के सुप्रबंधन को लेकर सीएम योगी की मॉनीटरिंग का असर साफ देखने को मिला। माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व को स्नानार्थियों के लिए यादगार बनाने के सीएम योगी के निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारी देर रात से ही ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे और सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते रहे। एक तरफ पुलिस प्रशासन जहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पूरी तरह सक्रिय नजर आया तो वहीं, मेला प्रशासन की ओर से घाटों के सुदृढ़ीकरण तथा स्नान के लिए नदियों में जलस्तर प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी की गई। उल्लेखनीय है कि अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी ने बुधवार को प्रातः 4 बजे से ही तमाम बड़े अधिकारियों के साथ मेला की लाइव मॉनीटरिंग शुरू कर दी थी। प्रमुख स्नान पर्व माघ पूर्णिमा को लेकर सीएम योगी की सख्त हिदायत थी कि किसी प्रकार की असुविधा का सामना स्नानार्थियों समेत प्रयागराज की जनता को न करना पड़े। ऐसे में, यातायात की सुगम व्यवस्था, उचित भीड़ प्रबंधन व सुरक्षा समेत विभिन्न पहलुओं को पूरी मुस्तैदी के साथ धरातल पर उतारने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की टीम जुटी रही। अच्छी तैयारियों के कारण सुरक्षित वातावरण में हुआ स्नान प्रयागराज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान को लेकर पुलिस प्रशासन की तैयारियों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इसको लेकर हम पहले से तैयार थे और हमने रणनीति के तहत तैयारियों को अच्छे से धरातल पर उतारा है। उनके अनुसार, सब कुछ नियंत्रण में है। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और कुशल जनप्रबंधन के सभी साधन सक्रिय हैं जिससे प्रक्रिया को पूरा कराने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, श्रद्धालु नियमों व कानून का पालन कर रहे हैं जिससे क्राउड मैनेजमेंट को और असरदार बनाने में मदद मिली। इस बार पिछली बार की अपेक्षा कुछ नए प्वॉइंट्स पर भी डिप्लॉयमेंट की गई है जिससे श्रद्धालुओं को लाभ होगा। अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए पहले से की गई थी तैयारी अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी माघ पूर्णिमा को लेकर प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व पर इस बार मेले में अप्रत्याशित भीड़ आई है। लोगों का अनवरत स्नान का क्रम जारी है। ऐसे में, श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए घाटों के सुदृढ़ीकरण तथा स्नान के लिए नदियों में जलस्तर प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग भी की गई है और वॉच टावर्स व चेंजिंग रूम की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। उनके अनुसार, ट्रैफिक की डायवर्जन स्कीम भी लागू है और सभी चिह्नित स्थलों पर पुलिसबल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों पर स्नान कर पुलिस व प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। उनके अनुसार, कल्पवासियों को भी स्नान और वापसी में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

मायावती ने दी जानकारी, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्त समेत दो बड़े नेताओं को बसपा से निकाला

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे और उत्तराधिकारी आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्त समेत दो बड़े नेताओं को बसपा से निकाल दिया है। बहनजी के नाम से मशहूर मायावती के द्वारा बसपा के दो वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्सासित करने से अन्य नेताओं में हड़कंप मच गया है। बसपा प्रमख ने इन नेताओं पर कार्रवाई क्यों की, इसको लेकर मायावती ने खुद अपने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी है। सोशल मीडिया एक्स पर मायावती ने लिखा, बीएसपी की ओर से ख़ासकर दक्षिणी राज्यों आदि के प्रभारी रहे डा अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद व श्री नितिन सिंह, ज़िला मेरठ को, चेतावनी के बावजूद भी गुटबाजी आदि की पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी के हित में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है। बसपा प्रमुख इस कार्रवाई के बाद पार्टी नेताओं में हड़कंप मच गया है। बतादें कि पिछले कुछ साल बसपा के लिए अच्छे नहीं रहे हैं। 12 में बसपा चुनाव हारने के बाद से ही सत्ता में वापसी के ख्वाब देख रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा को कुछ राहत मिली थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा को फिर झटक गया। इसके अलावा बसपा ने दूसरे राज्यों में दांव आजमाया लेकिन वहां भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बसपा ने अपने उम्मीदवारों को उतारा था, लेकिन एक भी प्रत्याशी को जीत नहीं मिली। लगभग सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। बसपा कार्यकर्ताओं की उदासीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को चलते बसपा सुप्रीमो को ये फैसला लेना पड़ा।

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