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छत्तीसगढ़ में गर्मी से राहत, गरज-चमक और बारिश के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम धीरे-धीरे करवट ले रहा है. प्रदेश में अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन लोगों को अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं से दो-चार होना पड़ सकता है. मौसम विभाग की मानें तो आगामी 5 दिनों तक प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और मेघ गर्जन की स्थिति बन सकती है. खास बात यह है कि 14 अप्रैल से मेघ गर्जन की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, राजनांदगांव में सबसे अधिक तापमान 42°C दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 18°C रहा. आज कैसा रहेगा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रायपुर ने शनिवार को बुलेटिन जारी किया, जिसके अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 42.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 18.0 डिग्री सेल्सियस रहा. बारिश के आंकड़ों में जशपुर जिले के मनोरा में 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई. सिनॉप्टिक सिस्टम     पश्चिमी विक्षोभ अब कश्मीर घाटी और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा रहा है.     पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण से छत्तीसगढ़ होते हुए पूर्वोत्तर तेलंगाना तक समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक द्रोणिका बनी हुई है. आज और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवा चलने की संभावना. वहीं 2 दिन बाद तक मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ हल्की वर्षा जारी रह सकती है. रायपुर का हाल राजधानी रायपुर में आज आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा. तापमान में ज्यादा अंतर नहीं होगा, अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

‘पंचतीर्थ’ और संविधान दिवस से नई पीढ़ी बाबा साहब से ले रही है प्रेरणा: मुख्यमंत्री

प्रिएम्बल वाल पर हस्ताक्षर कर संविधान की मूल भावना के प्रति जताई प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया रायपुर भारत का संविधान हर नागरिक के लिए पवित्र ग्रंथ है, जो हमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है। हमारा विशाल लोकतंत्र संविधान की मजबूत नींव पर खड़ा है और बाबा साहब इस ग्रंथ के शिल्पकार थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब से ‘जय भीम पदयात्रा’ का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री युवाओं के साथ हुए पदयात्रा में शामिल मुख्यमंत्री स्वयं इस पदयात्रा में युवाओं के साथ शामिल हुए और पदयात्रा के अंतिम पड़ाव में अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान की मूल भावना के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रिएम्बल वाल पर अपने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि ‘जय भीम पदयात्रा’ का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केंद्र संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। बाबा साहब की दूरदर्शिता को बताया लोकतंत्र की नींव मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊ में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद बाबा साहब ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र को एक समावेशी और शक्तिशाली संविधान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके। साथ ही संविधान दिवस की घोषणा कर देशवासियों को संविधान के प्रति समर्पण का संदेश दिया है। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण श्री साय ने कहा कि बाबा साहब की दूरदर्शिता की वजह से आज भारत जैसा विशाल देश अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार समृद्ध कर रहा है, वहीं भारत के साथ आज़ाद हुए अन्य देश लोकतंत्र को साथ लेकर नहीं चल पाए। उन्होंने युवाओं से भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का पूरा जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उनके अगुवाई में ही देश के संविधान का निर्माण किया गया। उनके आदर्शों एवं बताए गए रास्तों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। युवाओं को किया गया सम्मानित इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले युवाओं को मुख्य मंच से सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक  खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में युवा, स्कूली बच्चे और आमजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले – रायपुर एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगी इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा, किसानों को मिलेगा फायदा

रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष सुरेश कुमार चंद्रवंशी को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद की किसानों एवं कृषि के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेत तभी लहलहाते हैं जब बीज अच्छा होता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड की जिम्मेदारी है कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आज पदभार ग्रहण कर रहे दोनों अध्यक्ष स्वयं किसान हैं। वे किसानों की कठिनाइयों को अच्छे से समझते हैं। निश्चित रूप से दोनों अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के दुःख-दर्द को समझती है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कृषि और किसानों की उन्नति के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना का प्रारंभ किया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा प्रारंभ की गई। रायपुर एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगी इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल कार्गो की सुविधा जल्द शुरू होगी। इससे किसानों की उपजों को अंतरराष्ट्रीय मार्केट मिलेगा और उन्हें फायदा होगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के अन्नदाता किसान भाई-बहनों से  मिलेट्स, मक्का और ऐसी फसलों के उत्पादन का आग्रह किया, जिनमें पानी की खपत कम होती है। उन्होंने कहा कि हमें ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर सुजला योजना पुनः प्रारंभ की जाएगी, जिसमें किसानों को अनुदान पर सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आय बढ़ाने के लिए किसानों से खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से कहा कि आवास प्लस-प्लस योजना का सर्वे हो रहा है, इस सर्वे में हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि आवास योजना की पात्रता में वृद्धि की गई है। अब जिनके पास 5 एकड़ असिंचित भूमि, ढाई एकड़ सिंचित भूमि है, मोटरसाइकिल है, साथ ही 15 हजार मासिक आय वाले भी प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के पांच वर्षों में गरीबों को 18 लाख प्रधानमंत्री आवास से वंचित होना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। पिछले 14 माह की अवधि में हमें केंद्र से 14 लाख आवास की राशि मिल गई है। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही साढ़े तीन लाख आवास की राशि और देने जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद एवं छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम का किसानों के बेहतर नवाचार एवं नवीन योजनाएं बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी सरकार ने ऐसे जमीनी स्तर से दो बेहद अनुभवी, कुशल संगठक, किसान पुत्र को इसकी जिम्मेदारी दी है। निश्चित ही इसका लाभ प्रदेश के किसान भाइयों को मिलेगा। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज भगवान हनुमान की जयंती है। हनुमान जी शक्ति, सामर्थ्य, सेवा एवं समर्पण के प्रतीक हैं। इन्हीं के आशीर्वाद से हमारी सरकार किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद एवं छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम का महत्वपूर्ण योगदान कृषि क्षेत्र में है। किसानों को उचित समय सीमा में गुणवत्ता पूर्ण बीज उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही कृषि मं् उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने की भी जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है, चाहे 31 सौ प्रति क्विंटल में धान खरीदी हो या वनोपज की खरीदी में। इसका ही परिणाम है कि प्रदेश में धान उत्पादन से लेकर अन्य फसल, साग-सब्जियों में कृषि रकबा बढ़ा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार चंद्रवंशी को नवीन जिम्मेदारी के लिए बधाई दी गई। इस अवसर पर सांसद रायपुर  बृजमोहन अग्रवाल, राजनांदगांव संतोष पांडेय, महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक रायपुर ग्रामीण मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, बसना संपत अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।  

15 अप्रैल को प्रदेशभर के NHM कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर, बिलासपुर में करेंगे प्रदर्शन

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के सभी संविदा एनएचएम कर्मचारी 15 अप्रैल को सामूहिक रूप से छुट्टी पर रहने वाले हैं. दरअसल इस दिन छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बिलासपुर स्थित स्व. लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. सभी NHM कर्मचारी इसी आयोजन में शामिल होने के लिए सामूहिक रूप से अवकाश लेने जा रहे हैं. एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. अमित मिरी और प्रदेश महासचिव कौशलेस तिवारी ने जानकारी दी कि इस सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पूर्व स्वास्थ्य एवं वित्त मंत्री अमर अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है. उन्होंने बताया कि “यह सम्मेलन हमारे अधिकारों के लिए एकजुटता का प्रतीक है. सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर बिलासपुर पहुंचेंगे और अपनी एकता का प्रदर्शन करेंगे.” 20 वर्षों की सेवा, फिर भी नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते दो दशकों से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रहे हैं, फिर भी आज तक उन्हें नियमितीकरण, ग्रेड-पे, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति और चिकित्सा अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं. कोरोना काल में भी निभाई जिम्मेदारी, पर मांगे अनसुनी रहीं कर्मचारियों ने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सेवाएं दीं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. महासम्मेलन के माध्यम से वे सरकार का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं. एनएचएम: 20 साल का सफर और आज की चुनौतियाँ भारत सरकार द्वारा 12 अप्रैल 2005 को शुरू किया गया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आज ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार में एक मील का पत्थर साबित हुआ है. आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में एनएचएम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके कर्मचारियों को अभी भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख का ईनाम देगी सरकार

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति के तहत हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें लाखों रूपए की प्रोत्साहन राशि भी देगी। आत्मसमर्पण करने वालों को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। इस नई नीति के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवादियों को समाज की मुख्य धारा में लाकर उन्हें सम्मानजनक जिंदगी जीनेे का अवसर सुलभ करा रही है। नई नीति में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके परिवार के प्रति उदार और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसे प्रावधान किए है, जिससे उनके जीवन को सुरक्षित और भविष्य बेहतर बनाया जा सके।   छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत-पुनर्वास नीति 2025” को लागू करना वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार की राज्य में शांति बहाली, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें भय नहीं, बल्कि सम्मान मिलेगा। वर्षों से जंगल-जंगल भटक रहे युवा, जो किसी भ्रम या दबाववश नक्सली संगठन में शामिल हो गए हैं, उनके लिए यह नीति एक नया जीवन शुरू करने का द्वार है। आत्मसमर्पण कर वे न केवल खुद का, बल्कि अपने परिवार और समाज का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। नई नीति में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार ने लाखों रूपए की मुआवजा राशि देने का प्रावधान किया है। एलएमजी के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 5 लाख रुपये मुआवजा के तौर मिलेगा। इसी तरह एके-47/त्रिची असॉल्ट रायफल पर 4 लाख रुपये, मोर्टार पर 2.50 लाख रुपये, एसएलआर/ इंसास रायफल पर 2 लाख रुपये, एक्स 95 असाल्ट रायफल/एमपी-9 टेक्टिल पर 1.50 लाख रूपए, थ्री नाट थ्री रायफल पर 1 लाख रूपए, एक्स-कैलिबर पर 75 हजार रूपए, और यूबीजीएल अटेचमेंट पर 40 हजार रूपए, 315/12 बोर बंदुक पर 30 हजार रूपए, ग्लॉक पिस्टल पर 30 हजार रूपए के साथ ही अन्य छोटे हथियारों जैसे कार्बाइन, रिवॉल्वर, वायरलेस, डेटोनेटर आदि पर भी मुआवजा राशि का प्रावधान है। हर आत्मसमर्पणकर्ता नक्सली को, भले ही उसके पास हथियार हों या न हों,  उसे 50 हजार रूपए की नगद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सलियों द्वारा छिपाए गए आईईडी या विस्फोटकों की सूचना देकर उन्हें बरामद कराता है, तो उसे 15,000 से 25,000 तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख तक का इनाम मिलेगा। आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने के इच्छुक हैं तो उसको एक लाख की विवाह अनुदान राशि भी दी जाएगी। यदि पति और पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली हैं, तो उन्हें एक इकाई मानते हुए यह लाभ दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित इनामी सूची में शामिल नक्सली के आत्मसमर्पण पर उन्हें पूरी इनामी राशि नियमों के अनुसार प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की इस नीति के साथ-साथ भारत सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगा। इस नीति में यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें समाज में दोबारा स्थापित होने के लिए हरसंभव मदद मिले। आत्मसमर्पणकर्ता को सिर्फ प्रोत्साहन राशि, मुआवजा, ईनाम ही न मिले बल्किे उसे इसके साथ शिक्षा, पसंद के अनुसार रोजगार-व्यवसाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सम्मान भी मिेले। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि हिंसा किसी समाधान का रास्ता नहीं है। हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के सुरक्षित भविष्य और स्वरोजगार के लिए हमारी  सरकार हरसंभव मदद देगी।

चोरी की 4 घटनाओं को अंजाम देने वाले 4 शातिर चोर पुलिस की गिरफ्त में, लाखों का माल बरामद

रायपुर मंदिर हसौद और विधानसभा क्षेत्र में चोरी की 4 घटनाओं को अंजाम देने वाले 4 शातिर चोरों को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना मंदिर हसौद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चोरों से 6.5 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है. पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एंटी क्राइम यूनिट और मंदिर हसौद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को पकड़ा. पूछताछ में चोरों ने सभी वारदातें कबूल की. जानिए कब-कब हुई थी चोरी 13 मार्च 2025 को दुष्यंत वर्मा के सूने मकान से सोने-चांदी के जेवर चोरी 15-16 मार्च को नरेश क्षत्रीय के घर से जेवर और नकदी चोरी. 29-30 मार्च को सूरज साहू की किराना दुकान से नकदी चोरी. विधानसभा के ग्राम पचेड़ा से एक मोटरसाइकिल चोरी. चोरी करने वाले ये आरोपी गिरफ्तार चोरी के मुख्य आरोपी गुलशन कुमार पटेल (21, बलौदा बाजार) सहित नंद कुमार यादव (21), हरि विश्वकर्मा (22), और धनेंद्र देवदास (21) को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गुलशन और हरि पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं. आरोपियों से सोने-चांदी के जेवर, नकदी और चोरी की मोटरसाइकिल सहित 6,50,000 रुपए का माल बरामद किया गया है. आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4), 305, 3(5) BNSS के तहत मामले दर्ज पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही.

मालगाड़ी के सामने कूद कर युवक ने दी जान

कोरबा एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जो आपको झकझोर कर रख देगी. एक युवक ने तेज रफ्तार से गुजर रही मालगाड़ी के सामने अचानक छलांग लगाकर जान दे दी. लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाता रहा, लेकिन युवक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. जिसके बाद कुछ ही सेकंड में सब कुछ खत्म हो गया. यह मामला उरगा थाना क्षेत्र का है. युवक की अब तक पहचान नहीं हो पाई है. मिली जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी का चालक लगातार हॉर्न बजाता रहा, लेकिन युवक अचानक ट्रैक पर आकर कूद गया. हादसे के बाद मौके पर पहुंची रेलवे आरपीएफ और उरगा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया, लेकिन युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई है. बताया जा रहा है कि मृतक की उम्र लगभग 25 से 27 वर्ष के बीच है. उसने जींस और शर्ट पहन रखी थी. पहचान के लिए गांव के कोटवारों की मदद से मुनादी कराई जा रही है. साथ ही व्हाट्सएप ग्रुपों में फोटो वायरल कर युवक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, इस घटना को लेकर एक प्रशासनिक विडंबना भी सामने आई, क्योंकि घटना स्थल जांजगीर-चांपा जिले की सीमा से सटे क्षेत्र में है. ऐसे में आगे की कार्रवाई के लिए चांपा जीआरपी का इंतजार करना पड़ा. इस दौरान मृतक का शव रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा रहा, जो गंभीर लापरवाही का संकेत है. चांपा रेलवे आरपीएफ का इंतजार करना पड़ा रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा शव. घटना में कार्रवाई को लेकर यह एक बड़ी विडंबना सामने आई है, जहां एक बार नहीं कई बार ऐसी घटना सामने आ चुकी है कि इस घटना के बाद शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा चुकी घटना सरगबुंदिया रेलवे स्टेशन के पास घटी है और आगे कार्रवाई के लिए पड़ोसी जिला जांजगीर-चांपा से चांपा रेलवे जीआरपी पुलिस का इंतजार करना पड़ा.

हमने लाखों को दोबारा हिंदू बनाया, पैर धोकर कराते थे घर वापसी, सीएम साय ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा खुलासा किया

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि वह खुद घर वापसी अभियान में शामिल रहे हैं जिसमें लाखों लोगों को दोबारा हिंदू बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इन लोगों के पैर धोकर दोबारा हिन्दू बनाया जाता था। ये वे लोग होते थे जिन्हें मिशनरी बहना फुसलाकर क्रिश्चन से हिंदू बना देते थे। विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कॉलक्लेव में बात करते हुए सीएम विष्णु देव साय धर्मांतरण को छत्तीसगढ़ के लिए कलंक बताया। उन्होंने कहा, मैं जशपुर जिले से आता हूं, जहां मिशनरी हावी हैं। पहले वे आदिवासी समाज का खूब धर्मांतरण करते थे। जब भुखमरी और गरीबी होती थी, तो उसका फायदा उठाकर वे अमेरिका से आने वाले रिजेक्टेड गेहूं और पुराने कपड़े आदिवासियों को मुहैया कराते थे। सीएम ने आगे कहा, जब हम सत्ता में आए, तो यह भुखमरी भाग गई। उन्होंने कहा, अब ये लोग धर्मांतरण के लिए चंगाई सभा करते हैं। इसके जरिए वे थोड़ा पानी देकर बड़ी-बड़ी बीमारियों को ठीक करने का झूठा दावा करते हैं। उन्होंने कहा, मैं जिस क्षेत्र से आता हूं वहां स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी ने घर वापसी कार्यक्रम चलाया था। वह राजपरिवार से होते हुए भी लाखों लोगों के पैर धोकर हिन्दू बनाया जाता था। सीएम ने कहा कि उन्होंने 25 साल उनके साथ काम किया और उस क्षेत्र को बचाया। उन्होंने बताया कि वह भी कैंपों में जाते थे और घर वापसी कार्यक्रम में हिंदू से क्रिश्चन बने लोगों को दोबारा हिंदू बनाते थे। सीएम बताया कि दिलीप सिंह जूदेव जी के जिंदा रहने तक वह इस काम में रहे और लाखों लोगों को क्रिश्चन से दोबारा हिंदू बनाया।

छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा में नक्सल उन्मूलन के तहत चल रहे लोन वर्राटू अभियान का असर, 8 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 2 नक्सली 50 हजार के ईनामी

दंतेवाड़ा  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन के तहत चल रहे लोन वर्राटू अभियान का असर एक बार फिर देखने को मिला है। इस अभियान से प्रेरित होकर आठ नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए सरेंडर किया है। इन नक्सलियों में दो ऐसे भी शामिल हैं, जिन पर प्रशासन ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसपी ऑफिस में किया सरेंडर ये सभी नक्सली विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे और लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे। इन्होंने दंतेवाड़ा स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया। इस दौरान पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीआरपीएफ की भूमिका  इस सफलता में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भूमिका को अहम माना जा रहा है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई, जनसंपर्क और पुनर्वास नीतियों के चलते नक्सलियों में संगठन छोड़ने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। बता दें, सरेंडर करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत जरूरी सहायता दी जाएगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कदम नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। एनकाउंटर में 3 नक्सलियों की मौत छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर शनिवार की सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। यह मुठभेड़ सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई, जो रुक-रुककर अभी भी जारी है। इस दौरान तीन नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आई है। हथियार के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार देगी लाखों रूपए, एलएमजी के बदले 5 लाख और एके-47 पर 4 लाख रुपये छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत-पुनर्वास नीति 2025” को लागू करना वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार की राज्य में शांति बहाली, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें भय नहीं, बल्कि सम्मान मिलेगा। वर्षों से जंगल-जंगल भटक रहे युवा, जो किसी भ्रम या दबाववश नक्सली संगठन में शामिल हो गए हैं, उनके लिए यह नीति एक नया जीवन शुरू करने का द्वार है। आत्मसमर्पण कर वे न केवल खुद का, बल्कि अपने परिवार और समाज का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। नई नीति में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार ने लाखों रूपए की मुआवजा राशि देने का प्रावधान किया है। एलएमजी के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 5 लाख रुपये मुआवजा के तौर मिलेगा। इसी तरह एके-47/त्रिची असॉल्ट रायफल पर 4 लाख रुपये, मोर्टार पर 2.50 लाख रुपये, एसएलआर/ इंसास रायफल पर 2 लाख रुपये, एक्स 95 असाल्ट रायफल/एमपी-9 टेक्टिल पर 1.50 लाख रूपए, थ्री नाट थ्री रायफल पर 1 लाख रूपए, एक्स-कैलिबर पर 75 हजार रूपए, और यूबीजीएल अटेचमेंट पर 40 हजार रूपए, 315/12 बोर बंदुक पर 30 हजार रूपए, ग्लॉक पिस्टल पर 30 हजार रूपए के साथ ही अन्य छोटे हथियारों जैसे कार्बाइन, रिवॉल्वर, वायरलेस, डेटोनेटर आदि पर भी मुआवजा राशि का प्रावधान है। हर आत्मसमर्पणकर्ता नक्सली को, भले ही उसके पास हथियार हों या न हों, उसे 50 हजार रूपए की नगद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सलियों द्वारा छिपाए गए आईईडी या विस्फोटकों की सूचना देकर उन्हें बरामद कराता है, तो उसे 15,000 से 25,000 तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख तक का इनाम मिलेगा। आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने के इच्छुक हैं तो उसको एक लाख की विवाह अनुदान राशि भी दी जाएगी। यदि पति और पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली हैं, तो उन्हें एक इकाई मानते हुए यह लाभ दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित इनामी सूची में शामिल नक्सली के आत्मसमर्पण पर उन्हें पूरी इनामी राशि नियमों के अनुसार प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की इस नीति के साथ-साथ भारत सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगा। इस नीति में यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें समाज में दोबारा स्थापित होने के लिए हरसंभव मदद मिले। आत्मसमर्पणकर्ता को सिर्फ प्रोत्साहन राशि, मुआवजा, ईनाम ही न मिले बल्किे उसे इसके साथ शिक्षा, पसंद के अनुसार रोजगार-व्यवसाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सम्मान भी मिेले। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि हिंसा किसी समाधान का रास्ता नहीं है। हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के सुरक्षित भविष्य और स्वरोजगार के लिए हमारी सरकार हरसंभव मदद देगी।  

रायपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2 अंतर्राज्यीय तस्कर 20 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार

रायपुर रायपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना गंज क्षेत्र के नहरपारा रोड पर आत्मानंद स्कूल के पास 20 किलो 270 ग्राम गांजा जब्त किया. इस दौरान दो अंतर्राज्यीय तस्करों आकाश कुशवाहा (राजस्थान) और नीलेश मालवीय (मध्य प्रदेश) को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. जब्त गांजे की कीमत 2,02,000 रुपये आंकी गई है. एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस की टीम ने मुखबिर की सूचना पर 11 अप्रैल को यह कार्रवाई की. पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर नशे के खिलाफ अभियान (War On Drugs) चलाया जा रहा है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और संदीप मित्तल के नेतृत्व में टीम ने तस्करों को पकड़ा. आकाश कुशवाहा (26, राजस्थान) और नीलेश मालवीय (30, मध्य प्रदेश) के कब्जे से गांजा बरामद हुआ. आकाश पहले भी मारपीट और बलवा के मामले में जेल जा चुका है. दोनों के खिलाफ थाना गंज में अपराध क्रमांक 99/25, धारा 20बी नारकोटिक एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है. प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह और एण्टी क्राइम यूनिट के परेश कुमार पाण्डेय सहित कई अधिकारियों की इस कार्रवाई में अहम भूमिका रही.

17 जिला स्तरीय आयोगों में जल्द शुरू होगी ई-सुनवाई की सुविधा – न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया

 उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के कार्य सराहनीय – अरुण साव उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, आयोग के द्विवार्षिक प्रतिवेदन का किया विमोचन 17 जिला स्तरीय आयोगों में जल्द शुरू होगी ई-सुनवाई की सुविधा – न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया उपभोक्तताओं को जागरूक करने व्यापक प्रचार-प्रसार कार्यक्रम संचालित किया जाएगा रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधाई कार्य मंत्री अरुण साव आज छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा आयोजित उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित सम्मेलन में आयोग के द्विवार्षिक प्रतिवेदन के मुद्रित एवं ई-संस्करण का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और सचिव अन्बलगन पी. विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मेलन में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने, धोखाधड़ी व ठगी से बचाने तथा जागरूक करने में राज्य एवं जिला स्तरीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सराहनीय कार्य कर रहा है। उपभोक्ताओं को ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुविधाएं भी मिल रही हैं। उनकी सहूलियत के लिए आयोग ऑनलाइन सुनवाई प्रारंभ करने की भी तैयारी कर रही है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद विधि के छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे उपभोक्ताओं को जागरूक करने और उन्हें उनके अधिकारों से अवगत कराने का काम करें। साव ने आयोग के कार्यों को मजबूती प्रदान करने और विस्तारित करने राज्य शासन से हर तरह का सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने व्यापक प्रचार-प्रसार कार्यक्रम संचालित करने की घोषणा की। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य शासन की ओर से आयोग को भरपूर सहयोग मिल रहा है। हमारे सभी प्रस्तावों को सरकार ने स्वीकृत किया है। वर्तमान में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में ई-सुनवाई की व्यवस्था है। आगामी तीन महीनों में हम इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी 17 जिला स्तरीय आयोगों में लागू करने जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को शीघ्र न्याय मिले, इसके लिए राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के साथ ही सभी जिला स्तरीय आयोग सक्रियता से काम कर रहे हैं। न्यायमूर्ति चौरड़िया ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लोगों को न्याय दिलाने आयोग ने मामलों की तेजी से सुनवाई की है। दो वर्ष पहले पूरे प्रदेश में दस हजार 600 मामले लंबित थे, जो अब घटकर 6500 रह गए हैं। अगले छह महीनों में सभी लंबित प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि आयोग आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ता हितों के संरक्षण के लिए केस फाइलिंग, सुनवाई और दस्तावेजीकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू करने जा रहा है। उन्होंने रायपुर में ज्यादा प्रकरणों को देखते हुए आयोग की एक अतिरिक्त बेंच प्रारंभ करने की भी जानकारी दी। उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि राज्य व जिला स्तरीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के संचालन के लिए समुचित व्यवस्थाएं प्रदान करना राज्य शासन का दायित्व है। आयोग द्वारा संचार और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए ई-फाइलिंग और ई-सुनवाई की सुविधा विकसित की जा रही है। उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए राज्य शासन और आयोग मिलकर काम करते रहेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अन्बलगन पी. ने अपने संबोधन में कहा कि विगत 25-30 वर्षों में बाजार में हर सामग्री की वेराइटी काफी बढ़ी है। उत्पादों और उत्पादकों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच उपभोक्ता हितों के संरक्षण की जरूरत भी बढ़ रही है। उपभोक्ताओं को जागरूक व शिक्षित करने तथा न्याय दिलाने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। राज्य शासन और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की पूरी कोशिश है कि सभी नागरिकों तक इसका लाभ पहुंचे। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा, संयुक्त रजिस्ट्रार श्रीमती मोना चौहान, लेखाधिकारी सुमधुलिका यादव, रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष डाकेश्वर प्रसाद शर्मा और रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हितेन्द्र तिवारी सहित विभिन्न जिलों के उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगण, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा विधि के विद्यार्थी बड़ी संख्या में सम्मेलन में शामिल हुए।

प्रेम प्रसंग के चलते युवक को नग्न कर पीटा, पुलिस हिरासत में 6 आरोपी

सक्ती छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक को नग्न कर बीच चौराहे पर बर्बरता पूर्वक पीटा गया. इस मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं पीड़ित युवक दलित होने के कारण पीटने की बात कह रहा है. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस अपराध दर्ज कर जांच में जुट गई है. अभी तक 6 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. पूरा मामला मालखरौदा थाना क्षेत्र का है. इस पूरे मामले में पुलिस जल्द ही खुलासा करने की बात भी कर रही है. खुलासे के बाद पूरा मामला स्पष्ट होगा कि आखिर इतने बर्बरता के साथ क्यों पिटाई की गई है. फिलहाल अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार ग्राम बड़े रबेली में 8 अप्रैल की रात युवक गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था, जिसे घर के लोगों ने देख लिया और मारपीट की. इसका वीडियो भी सामने आया है. बहरहाल इस मामले में मालखरौदा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है.

चरित्र शंका पर पति ने महिला नगर सैनिक की हत्या की

गरियाबंद जिले में महिला नगर सैनिक की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है. कस्तूरबा हॉस्टल गरियाबंद में पदस्थ 32 वर्षीय महिला नगर सैनिक ओमिका ध्रुव की उनके ही पति सोहन साहू ने गला दबाकर हत्या की है. वारदात के बाद आरोपी पति पाण्डुका थाना पहुंचकर खुद मामले की सूचना पुलिस को दी. बताया जा रहा कि चरित्र शंका पर पति ने वारदात को अंजाम दिया है. घटना की सूचना के बाद थाना प्रभारी जयप्रकाश नेताम फॉरेंसिंक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रहे हैं. गले में नाखून के निशान है. थाना प्रभारी नेताम ने बताया कि आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. चरित्र शंका पर आए दिन होते रहता था विवाद आरोपी पति और मृतका दोनों मुरमुरा गांव के हैं. 10 साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था. दोनों के दो बच्चे भी हैं. पिछले एक सप्ताह से ओमिका अपने मां के घर रह रही थी. हास्टल ड्यूटी के बाद छुट्टी पर घर आई थी. आज ड्यूटी ज्वाइन करने पति के साथ बाइक से वापस जा रही थी. दोनों गांव से 10 किमी आगे पहुंचे थे, इसी बीच दोनों का विवाद हुआ. इस दौरान पति ने पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी. बताया जा रहा कि चरित्र शंका को लेकर आए दिन दोनों में विवाद होते रहता था.

मुख्यमंत्री साय ने अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के 18वें त्रैवार्षिक अधिवेशन को किया संबोधित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के 18वें त्रैवार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए।मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन में 21 राज्यों से आए श्रमवीरों का प्रभु श्रीराम के ननिहाल में स्वागत किया और उन्हें हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि देशभर से आए श्रमवीरों ने यहाँ आकर एकता और सामंजस्य का बड़ा संदेश देने का कार्य किया है। साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने 14 वर्षों के वनवास में से 10 वर्ष यहाँ बिताए, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार का गठन हुआ था, तब उन्होंने श्रम राज्य मंत्री के रूप में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए न्यूनतम पेंशन निर्धारित की गई और पीएफ की अनक्लेम राशि का उपयोग श्रमिकों के हित में किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली की महत्ता को सभी भली-भाँति समझते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली सरप्लस है, लेकिन आने वाले समय में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में 1350 और 850 मेगावाट की दो विद्युत परियोजनाओं की सौगात दी थी। साय ने आगे बताया कि ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख 50 हज़ार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में हर घर तक बिजली पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल से हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली देने की ओर बढ़ रहे हैं और योजना के लिए राज्य सरकार ने सब्सिडी देने का बजट में प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रमिकों के कल्याण के लिए आजीवन समर्पित रहे दत्तोपंत ठेंगड़ी का पुण्य स्मरण करते हुए उनके योगदानों को नमन किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के मंत्री और प्रभारी राधेश्याम जायसवाल, मधुसूदन जोशी, श्रीमती शोभा सिंहदेव सहित देशभर के 21 राज्यों से आए विद्युत श्रमिक उपस्थित थे।

अम्बिकापुर : आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में परीक्षा पर्व 7.0 का सफल आयोजन, शिक्षक एवं अभिभावक रहे उपस्थित

अम्बिकापुर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में परीक्षा पर्व 7.0 का आयोजन जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के पीएम श्री विद्यालय सेजस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना एवं तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना था।  कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री विलास भोसकर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली पीएमओ कार्यालय द्वारा तैयार प्रस्तुति का विद्यालय के प्राचार्य श्री ऋषि पांडे द्वारा प्रभावी रूप से प्रस्तुतिकरण किया गया।  प्रस्तुति में मुख्य रूप से यह संदेश दिया गया कि परीक्षाओं को पर्व के रूप में मनाया जाए एवं विद्यार्थियों के बीच सामाजिक प्रतिस्पर्धा के बजाय आत्म-प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर विकासखंड के लगभग 200 शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू, उपाध्यक्ष नेहा सनी बंसल, SMDC   सदस्य रवि अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडे, शिक्षा विभाग से श्री रविशंकर पांडे,  ABEO  मनोज तिवारी,  BRC  दीपेश पांडे सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का संचालन श्री रवि शंकर पांडे द्वारा किया गया। एबीपी फेलो शुभिता शुक्ला की उपस्थिति भी विशेष रही।  कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को परीक्षा के तनाव से मुक्त कर उसे उत्सव के रूप में अपनाने की दिशा में प्रेरित किया।

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