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रायपुर : सुशासन तिहार -2025 : आवेदन जमा करते ही मिला प्रमाण पत्र,तत्काल निराकरण का बना मिसाल

रायपुर सुशासन तिहार के प्रथम चरण जारी है जिसमें आवेदक अपनी समस्या और मांग से सम्बंधित आवेदन दे रहे है। इस दौरान ऐसे भी दृश्य सामने आ रहे है जिसमें आवेदन देने के तत्काल बाद निराकरण भी किया जा रहा है जो मिसाल बनने के साथ ही लोगों में विश्वास बढ़ा रहा है। नगर पालिका बलौदाबाजार के वार्ड क्रमांक 17 निवासी आवेदक  हेमलता वर्मा बुधवार को नगर पालिका कार्यालय के आवेदन प्राप्ति स्थल में अपना आवेदन देने पहुंची। आवेदन में अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र के लिए अनुपलब्धता प्रमाण की जरुरत थीं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी खिरोद्र भोई ने संवेदनशीलता क़ा परिचय देते हुए तत्काल अनुपलब्धता प्रमाण पत्र बनाकर उन्हें सौंप दिया गया। हेमलता ने बताया कि लम्बे समय से अपने बेटे राजू नयन वर्मा का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान थीं। राजू इस समय कक्षा 12वीं का छात्र है और उसे अपनी आगे की पढ़ाई के लिए यह दस्तावेज बेहद जरूरी था। लेकिन बार-बार प्रयासों के बावजूद कहीं से भी प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा था। कई दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगती थी। लेकिन इसी बीच उन्होंने मोबाइल पर देखा कि नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार में 8 से 11 अप्रैल तक “सुशासन तिहार 2025″ के तहत एक विशेष शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित रूप से समाधान किया जा रहा है। इससे एक नई उम्मीद जगी और  बिना समय गंवाए शिविर में जाकर आवेदन दिया। जिस समस्या को लेकर वे महीनों से इधर-उधर भटक रही थीं उसका समाधान महज 2 मिनट में मिल गया।  हेमलता वर्मा कहती हैं, “मैं मुख्यमंत्री जी की अत्यंत आभारी हूं, जिन्होंने सुशासन तिहार जैसा अभियान चलाकर हम आम लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान इतने सरल और सम्मानजनक तरीके से करवाया। यह वास्तव में जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।”

रायपुर : महावीर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर ने अपने जीवन से सत्य, अहिंसा, करुणा और अपरिग्रह जैसे महान मूल्यों का जो संदेश दिया, वह आज के सामाजिक और नैतिक जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। साय ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा को सर्वोच्च धर्म बताया और दया तथा प्रेम को जीवन का आधार बनाया। उन्होंने समरसता, सह-अस्तित्व और शांति का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं न केवल धार्मिक आस्था का आधार हैं, बल्कि वे मानवता को एक नई दिशा देने वाली प्रेरणा हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें और दीन-दुखियों, जरूरतमंदों तथा समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें।

पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर गुलाब की खेती की ओर कदम बढ़ाने वाले देवेंद्र आज एक उदाहरण बन चुके

रायपुर कोरोना काल ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिलाकर रख दिया था। मगर, कुछ लोग उस मुश्किल दौर को अपनी मेहनत और संघर्ष से न केवल पार किया, बल्कि उसे अपनी सफलता की सीढ़ी भी बना लिया। बालोद जिले के 26 साल के देवेंद्र कुमार सिन्हा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बेरोजगारी और अनिश्चितता के बीच जब हर रास्ता बंद दिखता था, तब उनकी पत्नी दीप्ति और पिता भुनेश्वर प्रसाद सिन्हा ने उन्हें उम्मीद दी और उनका हौसला बढ़ाया। पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर गुलाब की खेती की ओर कदम बढ़ाने वाले देवेंद्र आज एक उदाहरण बन चुके हैं। अपनी मेहनत और पत्नी के हौसले से उन्होंने न केवल अपनी किस्मत बदली, बल्कि लाखों की कमाई कर दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। 2022 में गेंदे की खेती से की शुरुआत युवा किसान देवेंद्र कहते हैं, ‘मेरी पत्नी के पिताजी गेंदे की खेती करते थे। इसलिए उन्हें इसका अनुभव था। पत्नी ने खेती का आइडिया दिया। गवर्नमेंट की वेबसाइट में सरकारी मदद के बारे में सर्च किया। इसके बाद वर्ष 2022 में गेंदे की खेती की शुरुआत की। वहीं, 60 डिसमिल में गुलाब लगाया।’ वर्तमान में वह एक एकड़ में गुलाब, दो एकड़ में रजनीगंधा और आधा एकड़ में गेंदे की खेती तैयार कर रहे हैं। गुलाब और अन्य फूलों की आधुनिक खेती को देखने और समझने के लिए अन्य किसान भी उनके पास आ रहे हैं। 8-10 मजदूरों को दे रहे सालभर रोजगार किसान देवेंद्र ने बताया कि उनके गुलाब के फूलों की मांग दुर्ग, रायपुर से लेकर ओडिशा तक है। अब अन्य जगहों से भी मांग आ रही है। उन्हें सालाना 15 से 20 लाख रुपये की आमदनी हो रही हैं। आज वे आठ से 10 मजदूरों को भी सालभर रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वे ठेका लेकर सरकारी और निजी उद्यान बनाने और विकसित करने का कार्य करते थे। देवेंद्र ने बताया कि गुलाब की खेती के लिए मिट्टी चयन में परेशानी हुई क्योंकि इसके लिए काली मिट्टी उपयुक्त नहीं रहती। लाल मिट्टी की आवश्यकता होती है। लाल मिट्टी के जगह मुरुम का उपयोग किया। पुणे और बेंगलुरु से मंगाया पौधा उन्होंने बताया कि गुलाब के 32 हजार पौधे पुणे और बेंगलुरु से मंगवाए थे। इसमें दो किस्में टाप सीक्रेट और जुमेलिया हैं। टाप सीक्रेट गुलाब को ताजमहल के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, रजनीगंधा कोलकाता से मंगाया है। पाली हाउस बनाने में आया बड़ा खर्च उन्होंने बताया कि गुलाब की खेती के लिए लगभग 60 से 70 लाख रुपये का खर्च आया। जब मैंने खेती करना शुरू किया, तो इसकी लागत को लेकर विचार विमर्श कर रहे थे। कहीं ज्यादा तो लागत नहीं आएगी। सबसे ज्यादा लागत पाली हाउस बनाने में आई। पाली निर्माण के लिए लगभग 52 लाख रुपए का खर्च आया। इसके लिए उन्हें शासन से भी सब्सिडी भी मिली। 40 लाख रुपए उन्होंने लोन लिया और करीब 13 लाख स्वयं लगाया। अब उनकी अच्छी आमदानी भी हो रही है। देवेंद्र ने बताया कि 20 से 30 गुलाब के बुके की कीमत 150-250 रुपये तक मिल जाती है। वहीं, रजनीगंधा को भी बाजार पहुंचाने लगे हैं।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मेंटल हॉस्पिटल की बदहाली पर राज्य सरकार से कड़ी जवाबदेही मांगी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सेंदरी मानसिक चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से कड़ी जवाबदेही मांगी है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि डॉक्टरों की अब तक हुई नियुक्तियों के आंकड़े, नाम और तिथि सहित शपथपत्र के माध्यम से पूरी जानकारी दो सप्ताह में प्रस्तुत करें। छत्तीसगढ़ में मानसिक रोगियों के इलाज के लिए सेंदरी में स्थित यह एकमात्र सरकारी अस्पताल है। यहां मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों और सुविधाओं का अभाव होने पर विशाल कोहली द्वारा अधिवक्ता हिमांशु पाण्डेय के माध्यम से जनहित याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने जताई नाराजगी इस गंभीर मामले में हाई कोर्ट ने स्वयं भी स्वत: संज्ञान लिया है और दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई चल रही है। याचिका में बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों के अनुसार, हर 10 हजार लोगों पर एक मनोचिकित्सक होना चाहिए, जबकि छत्तीसगढ़ में आठ लाख लोगों पर औसतन एक ही मनोचिकित्सक उपलब्ध है। इसके अलावा, प्रावधान के अनुसार हर जिले में एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना भी अनिवार्य है, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। पिछली सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने कड़ी नाराजगी जताई थी। समाचार रिपोर्ट का हाई कोर्ट ने दिया हवाला कोर्ट ने कहा कि 22 अगस्त 2024, 18 सितंबर 2024, 5 नवंबर 2024 और 14 नवंबर 2024 तक बार-बार समय देने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया की ताजा अनुपालन रिपोर्ट आज तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई है। हाई कोर्ट ने हाल ही में बिलासपुर में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट का हवाला भी दिया, जिसमें बताया गया था कि सेंदरी मानसिक चिकित्सालय में 180 मरीजों की देखरेख के लिए मात्र दो वार्ड बाय ही कार्यरत हैं। यह रिपोर्ट अस्पताल की दुर्दशा और राज्य सरकार की लापरवाही को उजागर करती है। अब कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रिक्त पदों पर भर्ती और व्यवस्थाओं की स्थिति से जुड़ी संपूर्ण जानकारी शपथपत्र में प्रस्तुत की जाए, ताकि जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।   शशांक गोयल की जमानत याचिका खारिज वहीं, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) घोटाले में आरोपित शशांक गोयल को एक बार फिर राहत नहीं मिली। मंगलवार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति बीडी गुरु की एकल पीठ ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत भी उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से अधिवक्ता बी. गोपाकुमार ने घोटाले में शशांक की संलिप्तता और जांच पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।

स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस और पूर्व अधिकारियों-कर्मचारियों ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर जताया आभार

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर  भिलाई नगर निगम में वर्ष 2018 से लंबित सेवानिवृत्त व  दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया है। वर्षों से लंबित जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स का भी भुगतान अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया है। लंबे समय से इन राशियों का इंतजार कर रहे भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजनों ने इस पर खुशी जताते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है। उन्होंने भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ साव के रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया। भिलाई नगर निगम के सेवानिवृत्त व दिवंगत अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी के वर्ष 2018 से भुगतान नहीं होने की बात संज्ञान में आते ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया था। उन्होंने पिछले दो वर्षों से लंबित अधिकारियों-कर्मचारियों के जीपीएफ/सीपीएफ, अवकाश नगदीकरण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एरियर्स के भी भुगतान की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए संचित निधि से 10 करोड़ 85 लाख 36 हजार रुपए तथा जीपीएफ/सीपीएफ एवं अवकाश नगदीकरण के भुगतान के लिए लीज फ्री-होल्ड की राशि से चार करोड़ 36 लाख 38 हजार रुपए के भुगतान की अनुमति भिलाई नगर निगम को दी है। विगत 3 अप्रैल को राज्य शासन द्वारा अनुमति प्रदान किए जाने के दो दिनों के भीतर ही 300 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के खातों में 15 करोड़ रुपए अंतरित कर दी गई है। ग्रेच्युटी एवं अन्य राशि मिलने से खुश सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा मृत अधिकारियों-कर्मचारियों के परिजन, भिलाई नगर निगम के स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर आभार जताया और धन्यवाद दिया। ये सभी लंबे समय से इन राशियों के भुगतान की बाट जोह रहे थे। किसी के यहां बेटी की शादी थी, तो किसी को इलाज या मकान बनाने के लिए राशि की जरूरत थी। उप मुख्यमंत्री साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि आपकी संवेदनशील पहल और नेतृत्व से ही आज सैकड़ों परिवारों के बीच बहुत ही सुखद क्षण आया है। अनेक मायूस परिवारों में मुस्कुराहट लौटी है। हम सभी परिवारों की ओर से आपको धन्यवाद देते हैं और आभार प्रकट कर रहे हैं। साव से मुलाकात के दौरान स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के सर्वसंजय शर्मा, शरद दुबे, विष्णु चन्द्राकर, शशिभूषण मोहंती, कृष्णा देशमुख, सुरेन्द्र सोनबेर, वामन राव, विनय मेश्राम, संतोष पाण्डेय, रामायण सिंह, थानूराम साहू, टहल राम साहू, सुरीता चतुर्वेदी और सुशालिनी गुरव मौजूद थीं।

रायपुर : डॉ. लवली शर्मा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त

रायपुर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका द्वारा प्रोफेसर डॉ. सुश्री लवली शर्मा को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का कुलपति नियुक्त किया गया है। डॉ. शर्मा वर्तमान मे दयालबाग शैक्षणिक संस्थान आगरा (उत्तर प्रदेश) में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत् हैं।     डॉ. शर्मा का कार्यकाल, उपलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी। उनकी नियुक्ति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय अधिनियम 1956 (संशोधन) अधिनियम 2021 की धारा 12 की उपधारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा 6 प्याऊ घर का शुभारंभ

बिलासपुर भारत स्काउट्स और गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा एक माह तक निरंतर चलने वाले प्याऊ घर का आज सम्पूर्ण राज्य में एक साथ  शुभारंभ हुआ। इसी तारतम्य में बिलासपुर जिला में 6 स्थानों पर प्याऊ घर का शुभारंभ राज्य मुख्य आयुक्त डा सोमनाथ यादव के करकमलों से हुआ। ग्रीष्मकाल की तीव्र गर्मी को देखते हुए प्यासे राहगीरों को राहत पहुंचाने हेतु प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले के 6 अलग – अलग क्षेत्रों में 9 अप्रैल को प्याऊ घर का भव्य उद्घाटन डॉ. सोमनाथ यादव  के द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला मुख्य आयुक्त  चंद्रप्रकाश बाजपेयी, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ अनिल तिवारी जिला शिक्षा अधिकारी,राज्य संगठन आयुक्त स्काउट विजय कुमार यादव, व सहायक राज्य आयुक्त स्काउट श्री भूपेंद्र शर्मा उपस्थित थे।      प्याऊ घर के उद्घाटन के साथ ही जिला संघ बिलासपुर के द्वारा डॉ. सोमनाथ यादव का जन्म दिवस भी मनाया गया। मुख्य अतिथि डॉ. सोमनाथ यादव ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स हर उस स्थान पर तैयार रहते हैं, जहां जनता के प्रति सेवा देने का कार्य संचालित हो। यह पहल न केवल सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण है,बल्कि स्काउटिंग के मूल सिद्धांत – सेवा, त्याग और समर्पण का वास्तविक स्वरूप भी प्रस्तुत करता है। गर्मी के इस मौसम में राहगीरों को शीतल जल उपलब्ध कराने हेतु चलाए जा रहे प्याऊ घरों के विषय में जानकारी दिया गया l         कार्यक्रम में बिलासपुर जिले के मुख्यालय आयुक्त गाइड श्रीमती गायत्री तिवारी(प्राचार्य सेजेस सरकंडा),जिला संगठन आयुक्त गाइड बीना यादव , जिला संगठन आयुक्त स्काउट महेंद्र बाबू टंडन, जिला सचिव लता यादव , जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट संतोष त्रिपाठी , जिला प्रशिक्षण आयुक्त गाइड श्रीमती माधुरी यादव, स्काउटर – शत्रुहन लाल सूर्यवंशी , अनील सोनवानी, शशांक विश्वकर्मा निखिल सिंह,गाइडर – सुष्मिता शर्मा, डॉ.भारती दुबे,अपर्णा सारखेल,स्वाति हार्डिकर,किरणबाला पाण्डेय,रत्ना कश्यप, डॉ.पूनम सिंह,आरती राय, उषा रानी नेताम, रश्मि गुप्ता, लक्ष्मी बृजवासी, रागनी चौधरी, अनीता दान, शशिकला साहू, देवकिरण साहू  , निशा साहू एवं निधि कश्यप , जिले के  स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स, स्काउटर – गाइडर मुख्य रूप से समिल्लित हुए।

राज्य में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, सुपोषण और कुपोषण उन्मूलन के उद्देश्य से 8 से 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा का आयोजन

रायपुर राज्य में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, सुपोषण और कुपोषण उन्मूलन के उद्देश्य से 8 से 22 अप्रैल 2025 तक पोषण पखवाड़ा का व्यापक रूप से आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सभी विभाग प्रमुखों को महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय करते हुए इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।     पोषण पखवाड़ा की शुरुआत 8 अप्रैल को साइकिल और बाइक रैली तथा पोषण रथ के माध्यम से की गई, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को कुपोषण से मुक्ति की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जनसमुदाय की भागीदारी से विभिन्न तिथियों पर खास गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।     महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों  ने बताया कि इस दौरान जीवन के पहले 1000 सुनहरे दिनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पोषण, स्तनपान और पूरक आहार की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से माताओं की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की गई है।     पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत बच्चों में कुपोषण प्रबंधन, मोटापे की रोकथाम, संतुलित आहार की महत्ता, जंक फूड के दुष्प्रभाव और स्वच्छता के महत्व पर भी जागरूकता फैलाई जा रही है। ‘हमर स्वस्थ लईका‘ अभियान के तहत आंगनबाड़ी के बच्चों की पोषण स्थिति का आकलन किया जा रहा है।     इसके अलावा, किशोरी बालिकाओं और माताओं में एनीमिया जागरूकता अभियान के अंतर्गत हीमोग्लोबिन जांच की जा रही है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्लास्टिक उपयोग में कटौती का संदेश भी दिया जा रहा है।     सभी गतिविधियों को ‘जन आंदोलन डैशबोर्ड‘ पर दर्ज किया जा रहा है, ताकि प्रयासों की मॉनिटरिंग और मूल्यांकन संभव हो सके। पोषण पखवाड़ा राज्य के नागरिकों को सुपोषित और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आ रहा है, जिसमें जनभागीदारी और विभागीय समन्वय की विशेष भूमिका है।

हाउस ऑफ पुचका रायपुर की संस्थापक ईशा पटेल ने पीएम मोदी को बताई अपनी बिजनेस जर्नी

रायपुर पीएम नरेंद्र मोदी ने रायपुर की युवा उद्यमी से बातचीत की है। इसका वीडियो सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  X पर पोस्ट किया है। सीएम ने लिखा कि आसमान की कोई सीमा नहीं होती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी रायपुर की एक युवा उद्यमी और हाउस ऑफ पुचका की संस्थापक से बातचीत की। इन्होंने घर पर खाना पकाने से लेकर एक सफल कैफे व्यवसाय स्थापित करने तक की अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। ईशा का रायपुर में गोलगप्पे (गुपचुप) का कैफे है। हाउस ऑफ पुचका नाम का ये स्टार्टअप हाल ही में ईशा ने शुरू किया है। बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कर चुकीं ईशा मुंबई की एक कंपनी में 6 लाख रुपए सालाना के पैकेज पर काम कर रही थीं। कॉर्पोरेट कंपनी में काम से उब चुकीं 23 साल की ईशा ने, अपना बिजनेस शुरू करने का सोचा। दोस्तों और परिवार के लोगों से मिले सपोर्ट के बाद उन्होंने इसे शुरू किया। 6 लाख रुपए का मुद्रा लोन लिया। फंडिंग एजेंसियों ने शुरू में नहीं जताया भरोसा ईशा बताती हैं जब मैंने फंडिंग के बारे सोचा तो लोन चाहिए था। तब मेरी उम्र 22 थी, इस उम्र में बैंक लोन दें और ये पैसे कैसे वापस बैंक को हम लौटाएंगे, इसे लेकर फंडिंग एजेंसी भरोसा नहीं जता पा रही थीं। ऐसे में मैंने रिसर्च किया तो सरकारी योजना के बारे पता चला और हमें मदद मिली। हर महीने की 50 हजार की सैलरी छोड़ना रिस्क था PM नरेंद्र मोदी ने ईशा से मुलाकात में कहा कि आपने इतना रिस्क लिया। आपके दोस्त इसपर क्या सोचते हैं, ईशा ने जवाब में बताया कि प्रॉपर रिसर्च के साथ काम करें तो रिजल्ट मिलते हैं। दैनिक भास्कर से चर्चा में ईशा ने कहा कि अच्छी सैलरी छोड़ कर आना रिस्क तो था ही मगर काम करने के दौरान कुछ सेविंग की और कैफे बिजनेस के बारे में लगातार दोस्तों से बात की। स्टडी किया तो समझ आया कि कैसे प्रॉफिट जनरेट किया जाए। इसके बाद काम शुरू किया, आज रिस्पॉन्स अच्छा है। अहमदाबाद से ली मशीन ईशा ने बताया कि हम 5 तरह के चटपटे पानी के साथ गोलगप्पे सर्व करते हैं। कोलकाता वाला पानी खूब पसंद किया जाता है। इसलिए हमनें अपने स्टार्टअप का नाम हाउस ऑफ पुचकास रखा। इसके लिए हमनें अहमदाबाद से मशीनें मंगवाई हैं, जो हाइजीन के साथ गोलगप्पे तैयार करती है। ईशा ने बताया कि उनका परिवार रायपुर के खमतराई में रहता है। पिता नवीन पटेल बिजनेसमैन और मां रश्मि होममेकर हैं। PM Mudra Yojana: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंटरप्रेन्योर ईशा पटेल की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और हाउस ऑफ पुचका की संस्थापक ईशा पटेल के बीच बातचीत इस प्रकार है… लाभार्थी ईशा पटेल– सपने वो नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते हैं। मुसीबतें होंगी और मुश्किलें भी आएंगी, जो संघर्ष करेगा, वही सफलता पाएगा। ईशा पटेल– I am the founder of हाउस ऑफ़पुचका. घर पर खाना-वाना बनाते थे तो हाथों में टेस्ट अच्छा था, तो सबने सजेस्ट किया कि आप कैफे फील्ड में जाओ। फिर उसमें रिसर्च करके पता चला कि प्रॉफिट मार्जिन वगैरा भी अच्छा है, तो फूड कॉस्ट वगैरा मैनेज करेंगे, तो आप एक सक्सेसफुल बिजनेस रन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी– एक यूथ, एक जनरेशन है, कुछ पढ़ाई की तो उनको लगता है कि नहीं-नहीं मैं तो कहीं नौकरी करके सेटल हो जाऊंगा, रिस्क नहीं लूंगा। आप में रिस्क टेकिंग कैपेसिटी है। ईशा पटेल– जी। प्रधानमंत्री मोदी– तो आपके रायपुर के भी दोस्त होंगे और corporate वर्ल्ड के दोस्त होंगे, स्टूडेंट दोस्त भी होंगे। उन सब में इसकी क्या चर्चा है? क्या सवाल पूछते हैं? उनको क्या लगता है? ऐसा कर सकते हैं? करना चाहिए, उनको भी आगे आने का मन करता है? ईशा पटेल– सर, मैं जैसे कि अभी मेरी ऐज 23 ईयर्स है, तो मेरे पास अभी रिस्क टेकिंग एबिलिटी भी है, और टाइम भी है, तो यही समय होता है, मैं ना यूथ को लगता है कि हमारे पास फंडिंग नहीं है, बट वह गवर्नमेंट स्कीम्स के बारे में अवेयर नहीं है, तो मैं अपनी साइड से यहीं उन्हें सजेशन देना चाहूंगी, आप थोड़ा रिसर्च करो, जैसे मुद्रा लोन भी है, वैसे पीएम ईजीपी लोन भी है, कई लोन जो आपको विदाउट mortgage मिल रहे हैं, तो अगर आप में पोटेंशियल है तो आप जब ड्रॉप करो, क्योंकि sky has no limits for you, तो आप बिजनेस करिए और जितना चाहे उतना grow कर सकते हैं। PM मोदी ने किया स्टार्टअप के लिए इंस्पायर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने पर ये मिट-अप किया। प्रधानमंत्री ने यूथ को स्टार्टअप के लिए इंस्पायर करते हुए बताया कि मुद्रा लोन से वो ये काम कर सकते हैं। शुरुआत में 50,000 रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक के लोन का दायरा था। अब इसे बढ़ाकर अब 20 लाख रुपए कर दिया गया है। इस योजना के तहत 52 करोड़ का लोन अब तक दिया गया है। आप भी ले सकते हैं लोन और शुरू करें स्टार्टअप 2015 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वाले से लेकर छोटे कारोबार को बिना किसी जमानत के लोन मुहैया कराना है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन ले सकता है।     इस योजना की सबसे अच्छी बात ये है कि इसके तहत बिना गारंटी के लोन मिलता है। इसके अलावा लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है।     लोन लेने वाले को एक मुद्रा कार्ड मिलता है, जिसकी मदद से कारोबारी जरूरत पर आने वाले खर्चों का पेमेंट उससे कर सकता है।     ये लोन वाणिज्यिक (कमर्शियल) बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, छोटे फाइनेंस बैंकों, सहकारी बैंकों, माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में आवेदन देकर पाया जा सकता है।

धमतरी : प्लेटफाॅर्म श्रमिकों के पंजीयन के लिए आज से लग रहे शिविर

धमतरी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्लेटफाॅर्म श्रमिकों का ई श्रम पोर्टल में ज्यादा से ज्यादा पंजीयन किया जाना है। इसके लिए श्रम पदाधिकारी ने श्रम निरीक्षक श्रीमती निम्मी पटेल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि धमतरी जिले में संचालित प्लेटफाॅर्म बेस्ड गिग वर्कर्स और उनके संगठनों से समन्वय और उनकी बैठक लेकर उनका पंजीयन किया जाएगा। इसके लिए आज से 16 अप्रैल तक शिविर लगाया जा रहा है। इसके साथ ही शिविर में संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।  आज अमेजन कोरियर ऑफिस  नवकार हाॅस्टल धमतरी में शिविर लगाया गया है। वहीं 11 अप्रैल को आमातालाब रोड, इंडोर स्टेडियम के पास स्थित फ्लिपकार्ट कोरियर , 15 अप्रैल को विंध्यवासिनी वार्ड, कारगिल चैक के पास डेलहीवरी कोरियर ऑफिस और 16 अप्रैल को हाउसिंग कोर्ड काॅलोनी, हटकेशर वार्ड स्थित मीशो ऑफिस में शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्लेटफाॅर्म श्रमिक जैसे जोमेटो, उबेर, ओला, रैपिडो, स्विगी, ब्लिकीट, इंस्टामार्ट, फ्लिपकार्ट, अमेजन, प्लेटफाॅर्म बेस्ड डिलीवरी पर्सन आदि का ई-श्रम पोर्टल में पंजीयन किया जाएगा।

राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दंडित नहीं किया जाएगा-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

धमतरी : राज्य शासन द्वारा राजनीतिक प्रकरणों की वापसीःलोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय धमतरी जिले के 2प्रकरण को लिया गया वापस राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दंडित नहीं किया जाएगा-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मंत्री परिषद की बैठक में अब तक कुल 103 प्रकरण लिए गए वापस राज्य के 16 जिलों के 41 प्रकरण न्यायालय द्वारा हुए वापस धमतरी छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और निष्पक्ष शासन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए विभिन्न जिलों में दर्ज 103 गैर-गंभीर राजनीतिक प्रकरणों की वापसी का निर्णय लिया है। गृह विभाग द्वारा जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विस्तृत समीक्षा के बाद मंत्रीमंडलीय उपसमिति की अनुशंसा पर यह फैसला लिया गया। न्यायालय से विधिवत स्वीकृति मिलने के पश्चात 41 प्रकरणों में अभियुक्तों को राहत प्रदान की गई और संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से उनके नाम हटा दिए गए। धमतरी जिले के 2 प्रकरण को वापस लिया गया है। आरोपीगण द्वारा ग्राम बाजारकुर्रीडीह में धान खरीदी केंद्र खोलने एवं कुकरेल से बिरझुरी तक डामरीकरण सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम एवं आवागमन बाधित करने के कारण अनीता ध्रुव, राज बाई ध्रुव, देवकी ध्रुव, वामन साहू, अजय यादव, मोहनदास मानिकपुरी, सुखराम साहू, चिंताराम ध्रुव, रोमन साहू, संतोष यादव, राजेंद्र साहू, भुनेश ध्रुव, सत्यवान मरकाम, मीनेश ध्रुव, भगवान सिंह सिंहा और नरेंद्र चंद्राकर के खिलाफ अपराध क्रमांक 40/22 पंजीबद्ध किया गया था। न्यायालय द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2025 को प्रकरण वापस लिया गया।वहीं अनुराम चंद्राकर और विजय मोटवानी द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने के कारण अपराध क्रमांक 467/22 पंजीबद्ध किया था, जिसे न्यायालय द्वारा 27 फरवरी 2025 को वापस लिया गया।      उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की सरकार सुशासन की सरकार है। हमारी सरकार में किसी भी निर्दोष के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कई ऐसे राजनीतिक प्रकरण दर्ज किए गए थे, जो केवल लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग का हिस्सा थे। हमारी सरकार की नीति हमेशा यही रही है कि राजनीतिक कारणों से किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमों में न फंसाया जाए। इसलिए हमारी सरकार ने निष्पक्षता के साथ इन मामलों की समीक्षा कर ऐसे सभी गैर-गंभीर मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री शर्मा ने आगे कहा कि हमारी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और किसी भी नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। यह निर्णय न केवल न्यायसंगत है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। विपक्ष की तुष्टिकरण और दमनकारी नीतियों के विपरीत, हमारी सरकार पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन में विश्वास रखती है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो प्रकरण कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले या हिंसक गतिविधियों से जुड़े हुए थे, उनकी समीक्षा अलग प्रक्रिया के तहत की गई है। लेकिन जिन मामलों में केवल राजनीतिक विरोध या लोकतांत्रिक आंदोलन हुआ था और किसी प्रकार की हिंसा नहीं हुई थी, उन्हें न्यायालय से स्वीकृति प्राप्त कर वापस लिया गया है। हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है हम जनता के हक की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की भावना को मजबूत करेंगे और राजनीतिक द्वेष के आधार पर लिए गए निर्णयों को सुधारेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार जनता की सरकार है और हम किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर बेवजह कानूनी बोझ नहीं डालने देंगे।       राजनीतिक प्रकरणों की वापसी एक विस्तृत और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है। सबसे पहले राज्य शासन द्वारा सभी जिलों में दर्ज राजनीतिक प्रकरणों की समीक्षा की जाती है। गृह विभाग द्वारा संबंधित जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन-से मामले गंभीर प्रकृति के नहीं हैं और जिनमें हिंसक घटनाएं शामिल नहीं हैं। इसके बाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति की अनुशंसा उपरांत, प्रकरण को मंत्रिपरिषद में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाता है। अनुमोदन प्राप्त होने के बाद न्यायालय में प्रकरण वापसी का आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। न्यायालय द्वारा इस मामले की विधिवत समीक्षा के उपरांत अभियुक्तों को राहत प्रदान करने की अनुमति दी जाती है। न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से अभियुक्तों के नाम हटा दिए जाते हैं और उन्हें विधिवत मुक्ति प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। शासन स्तर पर इस निर्णय को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान हो और राजनीतिक गतिविधियों के कारण उत्पन्न कानूनी समस्याओं का समाधान किया जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन किया जाए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में गृह विभाग  के कार्यो की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कानून न केवल न्याय प्रणाली में सुधार लाने वाले हैं, बल्कि अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास उत्पन्न करने में सहायक होंगे।        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन कानूनों की प्रभावी समझ और व्यावहारिक प्रशिक्षण पुलिस बल, अभियोजन अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन किया जाए, जिनमें केस स्टडी और मॉक ट्रायल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाए।         बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अपराध अनुसंधान प्रणाली को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और प्रमाणिक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रकरणों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सटीक और पुख्ता साक्ष्य के आधार पर विवेचना पूरी की जाए ताकि अभियुक्तों को सजा दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विवेचना अधिकारियों को आधुनिक अनुसंधान तकनीकों, डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीएनएस प्रणाली और वैज्ञानिक उपकरणों के उपयोग में दक्ष किया जाए। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए अनुसंधान प्रक्रिया में पारदर्शिता, तत्परता और तकनीकी दक्षता अनिवार्य है। मुख्यमंत्री साय ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए  साइबर सेल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने तथा जनता को साइबर जागरूकता से जोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।       इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह,सचिव राहुल भगत के अलावा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बड़ौदा आरसेटी में 15 अप्रैल तक लिए जाएंगे आवेदन, उद्यमिता और बैंकिंग की जानकारी भी दी जाएगी

धमतरी स्वरोजगार करने के इच्छुक गांव के बेरोजगार युवा बिजली के सामानों की मरम्मत करना सीखेंगे। इसके लिए उन्हें इलेक्ट्रिक मोटर रिवाइंडिंग और मरम्मत की निःशुल्क ट्रेनिंग मिलेगी। ट्रेनिंग अवधि में रहने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बड़ौदा आरसेटी में 15 अप्रैल तक आवेदन लिए जाएंगे। तीस दिनों तक चलने वाले इस ट्रेनिंग में 18 से 45 साल तक की आयु के युवा शामिल हो सकते हैं। इसके लिए 35 सीट आरक्षित हैं। निदेशक, सुश्री अनिता टुडू ने बताया कि यह ट्रेनिंग लेकर जिले के युवा बिजली के सामानों को सुधारने में हुनरमंद बन सकेंगे। युवाओं को बिजली के उपकरण, सावधानियां, सुरक्षा, वोल्टेज, प्रतिरोध कंडक्टर इन्सुलेटर और सेमी कंडक्टर, वाल्टमीटर-एम्मिटर कनेक्शन, एमसीबी, ईएलसीबी, टीपी, मोटर्स में आरपीएम और उनके प्रकार, वाॅशिंग मशीन, यूनिवर्सल मोटर, मिक्सर ग्राइंडर के साथ ही बुनियादी बातों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इसके अलावा उद्यमिता और बैंकिंग के बारे में भी युवाओं को जानकारी दी जाएगी।   युवाओं को शैक्षणिक प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड की फोटोकाॅपी और चार पासपोर्ट फोटो के साथ आवेदन कम्पोजिट भवन के पीछे, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान धमतरी में जमा करना होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नंबर 73899-43193 और 88394-68509 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

महासमुंद :जिले के 78 जरूरतमंदों के लिए 78 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने स्वेच्छानुदान मद से जिले के 78 जरूरतमंदों के लिए चिकित्सा एवं शिक्षा हेतु 10-10 हजार रुपए के मान से कुल 78 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।इनमें बसना विकासखण्ड अंतर्गत चिकित्सा के लिए बसना के श्री मनोज साहू, श्री दिग्विजय सिंह, गिरधारी परमार, ग्राम हबेकांटा के श्री समीर बेहरा, श्री त्रिलोचन भोई, बरडीह के श्री योगेश कुमार, कुड़ेकेल के श्री रविन्द्र साव, पदरडीह के श्री जयप्रकाश लोहा, बाराडोली की ज्योति जगत, सराईपाली के श्री प्रमित साहू, संकरी के श्री नरसिंग मांझी, छोटेडाभा के श्री प्रकाश साव, बड़ेलोरम के श्री तुलाराम नायक, सिंघनपुर की श्रीमती सिंधु कुमारी भोई, बंसुला के श्री उपेन्द्र साव, धनापाली के श्री कमलध्वज पटेल, बरगांव के श्री राजेश प्रधान, संकरी के श्री मोहित पटेल, नौगड़ी के श्री मोहरसाय ओगरे, बिजराभांठा के श्री संतलाल नायक, कमलीदादर के श्री टिकेश्वर सिदार, अंकोरी के श्री महेन्द्र प्रधान, गढ़फुलझर के श्री हरजिंदर सिंह, कुरचुण्डी के श्री भोजकुमार साव, रसोड़ा के श्री बसंत कुमार बारिक, बरडीह के श्री रोहित प्रधान, गुढ़ियारी के श्री रणजीत नायक एवं ग्राम सोनामुंदी के श्री खोलबाहरा निराला हेतु तथा शिक्षा के लिए ग्राम बंसुला के श्री त्रिदेव पटेल, चिमरकेल की अर्चना विश्वास, बसना के श्री प्रेमसागर दास, बिंटागीपाली के श्री मुकुन्द साव, गढ़पटनी के श्री लाला अमरनाथ के लिए स्वेच्छानुदान राशि स्वीकृत की गई है । वहीं पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत चिकित्सा हेतु ग्राम बड़ेलोरम के श्री तुलाराम नायक, गिरना के श्री विनोद बारिक, सुखीपाली के श्री पदुम साहू, श्री सुधीर प्रधान, गौरिया के श्री रसीक प्रधान, सांकरा के श्री सोनु छाबड़ा, श्री विजय चौधरी, श्री विक्रम अग्रवाल, सपोस के श्री कमलेश डड़सेना, डोंगरीपाली के श्री प्रहल्लाद बुड़ेक, सलडीह के श्री विवेकानन्द सतपथी, पिरदा के श्री शिशुपाल प्रधान, ताला के श्री बिरेन्द्र प्रधान, भीखापाली के श्री गोपाल गढ़तिया, तिलकपुर के श्री भरत चौधरी, जगदीशपुर के श्री मंजीत कन्हेर, लाखागढ़ के श्री लक्ष्मी दीप, लावामौहा के श्री खेमसागर नायक, पिरदा के श्री ललित साहू, ग्राम पथरला के श्री अजय प्रधान, जबलपुर के श्री श्यामलाल पटेल, लाखागढ़ के श्री बालमुकुन्द साहू, गोपालपुर के श्री तरूण सोनी, अमलीडीह के श्री चमन सेन, जम्हर के श्री रामेश्वर दास, खुसरूपाली के श्री ओमप्रकाश दीवान, भिथिडीह के श्री परशुराम कन्नौजे, श्री मुरलीधर यादव के लिए तथा शिक्षा हेतु ग्राम रामपुर के श्री यादराम रातड़े, सांकरा के श्री राकेश दास, किशनपुर के श्री सतीश प्रधान, जगतराम प्रधान, श्री शोभाराम बरिहा, गोपालपुर के श्री मुकुन्द यादव, सुखीपाली के श्री कन्हैया प्रधान, श्री प्रेमशंकर प्रधान, भीखापाली के श्री रेशमलाल प्रधान, चनौरडीह के श्री ज्ञानेश साहू, सल्डीह के श्री श्वेतराम प्रधान, ढोढरकस के श्री संपत प्रधान, पिथौरा के श्री सतप्रीत सलुजा, जतीन ठक्कर, कोमल मोहन्ती, सचिन रोहिल्ला के लिए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।   स्वीकृत राशि प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को मतदाता परिचय पत्र, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्वयं के दो फोटो सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित तहसील कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद स्वीकृत राशि का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से किया जाएगा।

राज्यपाल डेका ने 660 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर उपधि वितरित, 17 को पीएच.डी की उपाधि से सम्मानित किया

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका आज एमिटी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आज की दुनिया की प्रगति में ज्ञान और कौशल की प्रमुख भूमिका है। उच्च शिक्षा संस्थानों को विचारकों, नेताओं और नवप्रवर्तकों की अगली पीढ़ी को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।     रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न पुरूस्कार एवं 18 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 15 को रजत पदक और 6 को कांस्य पदक प्रदान किए गए। समारोह में वर्ष 2024 बैच के 660 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर की उपाधियां वितरित की गई। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक डॉ. वी.के. दास और उद्योगपति एस.एन. स्वामी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि सहित 16 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की गई।       इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह दिन सभी स्नातक विद्यार्थियों के लिए वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता का प्रतीक है। यह न केवल आपके लिए बल्कि आपके परिवारों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के लिए भी गर्व का क्षण है।     उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से ज्ञान, परंपरा और उत्कृष्टता की भूमि रही है। वे स्वयं यह जानकर चकित हैं कि छत्तीसगढ़ का इतिहास रामायण काल से भी पुराना है। इस राज्य ने विज्ञान, साहित्य, संगीत, लोक कला, सिनेमा, खेल और राजनीति में बहुत योगदान दिया है। इसकी एक मजबूत शैक्षणिक, संस्कृति, शिक्षा और अनुसंधान के प्रति गहरी प्रतिबद्धता है।     डेका ने कहा कि भारत विकास और परिवर्तन के एक नए युग की दहलीज पर खड़ा है। प्रौद्योगिकी, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल बुनियादी ढांचे में प्रगति के साथ, हमारा देश एक वैश्विक नेता बनने के लिए तैयार है और 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने के लिए अग्रसर है।     डेका ने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे नवाचार के बारे में सोचें और उसे अपनाए। भविष्य उन लोगों का है जो हिम्मत करते हैं। सपने देखें और उन सपनों को हासिल करने के लिए अथक परिश्रम करें। भारत को उद्यमियों, शोधकर्ताओं और दूरदर्शी लोगों की जरूरत है, जो नए विचारों और समाधानों के साथ देश को आगे बढ़ा सकें। डेका ने कहा कि भारत हमेशा से बौद्धिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों का देश रहा है। नालंदा और तक्षशिला के प्राचीन विश्वविद्यालयों से लेकर आधुनिक शोध संस्थानों तक, हमारा देश हमेशा ज्ञान सृजन में सबसे आगे रहा है। हमारे महान भारतीय विद्वानों ने गणित, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।     जीवन एक यात्रा है। आप अपने जीवन में आगे बढ़ते रहें और अच्छा करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि  आप सभी आजीवन सीखने, नैतिक नेतृत्व और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हो। शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं है; यह राष्ट्र और दुनिया के प्रति एक जिम्मेदारी है।     डेका ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनाना चाहिए बल्कि यह जीवन की उन्नति का मार्ग है। वे स्वयं शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रयास करते रहेंगें। इस अवसर पर डेका ने ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पर पौधा लगाया।     समारोह में विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक के .चौहान, अध्यक्ष डॉ. असीम के. चैहान, कुलाधिपति डब्लू सेल्वमूर्ति, कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डे, रजिस्ट्रार, फैकल्टी मेंम्बर्स, डीन, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में  उपस्थित थे।

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