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अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम में लापरवाही एवं उदासीनता पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने आज मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मिशन के कार्यों में देरी और लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों और एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। मिशन अमृत 2.0 के नोडल अधिकारी, अभियंता, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कन्सल्टेंट्स एवं उनके डिप्टी टीम लीडर्स, असिस्टेंट कन्सट्रक्शन मैनेजर्स तथा चयनित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद थे। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के अधिकारियों को मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा फील्ड में जाकर प्रगति व गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक में कार्यों की भौतिक प्रगति और समयबद्ध योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। उल्लेखनीय है कि मिशन अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के 36 नगरीय निकायों में पेयजल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 29 में कार्यादेश जारी हो चुके हैं। डॉ. बसवराजु ने सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि मिशन के कार्य समय पर पूरे नहीं होने पर केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलेगी, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। मिशन अमृत 2.0 को मार्च-2026 तक पूरा करना है। यह केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। भारत सरकार और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को मिशन के कार्यों में कुशल मानव संसाधन लगाने के साथ ही ड्राइंग-डिजाइन, सर्वे डॉटा और अन्य कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु ने नगरीय निकायों को प्रत्येक स्वीकृत कार्य के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने लगातार पत्राचार के बाद भी कार्यों में उदासीनता बरतने वाले नगरीय निकायों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनवरी-2024 के बाद से परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं और मार्च-2025 तक कोई भुगतान लंबित नहीं है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य में देरी ठीक नहीं है। सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय और उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिंह सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

देश की स्वतंत्रता में भी बंजारा समाज का उल्लेखनीय योगदान रहा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज विश्व बंजारा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय बंजारा सेवा संघ छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित विशाल बंजारा महाकुंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बंजारा समाज का इतिहास बहुत समृद्धशाली रहा है। बहुत पहले से यह समाज व्यापार से जुड़ा रहा है। देश की स्वतंत्रता में भी बंजारा समाज का उल्लेखनीय योगदान रहा है। मुख्यमंत्री का बंजारा समाज द्वारा पारम्परिक बंजारा पोशाक पहना कर सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री को बंजारा समाज द्वारा प्रकाशित पुस्तिका भी भेंट की गयी। बंजारा समाज की महिलाओं ने पारम्परिक लड़ी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री साय ने विशाल बंजारा महाकुंभ कार्यक्रम की शुरुआत बंजारा समाज के आराध्य गुरुनानक देव व सन्त सेवालाल महाराज व के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर के किया। उन्होंने बंजारा समाज को विश्व बंजारा दिवस 08 अप्रैल की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंजारा समुदाय बरसों से व्यापार करता रहा है। पहले बैल के माध्यम से बंजारा समाज व्यापार के सामान दूर-दूर तक ले जाता था। मुझे बंजारा समाज के आदरणीय लखी शाह जी के योगदान का स्मरण हो रहा है।    बताते हैं कि उनके पास दो लाख बैल थे और उनके हर कारवां में सैकड़ों बैल होते थे, वे रावलपिंडी से काबुल-कंधार तक यात्रा करते थे। उस जमाने में दिल्ली के चांदनी चौक में बड़ी जमीन उनके पास थी।धन-दौलत के भंडार होने के बावजूद वे हमेशा विनम्र रहे और परोपकार में अपना धन खर्च किया। उन्होंने 95 साल की उम्र में औरंगजेब की सेना का प्रतिरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा बंजारा समाज से घनिष्ठ संबंध रहा है। मेरे गांव बगिया के आसपास मदनपुर, पत्थलगांव, हथगड़ा आदि अनेक गांव हैं, जहां बंजारा समाज के भाई-बंधु रहते हैं, वे सब मेरे आत्मीय हैं। ग्राम हथगड़ा में तो पूरा बंजारा समाज के लोग ही निवासरत है। जहां पूरा गांव कैटरिंग का काम करते है। आसपास के गांव में कोई भी कार्यक्रम होता है तो इसी गांव के लोगों को ही बुलाते है। छत्तीसगढ़ के बसना में भी बंजारा समाज के लोगों की बड़ी जनसंख्या है। बहुत खुशी की बात है कि आज यह महाकुंभ का आयोजन बंजारा समाज कर रहा है। ऐसे आयोजन से समाज को आपस मिलने-जुलने और एकजुट होने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार बनने के बाद हमने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास को स्वीकृति दी। छत्तीसगढ़ में 70 लाख माताओं- बहनों को महतारी वंदन की राशि दी जा रही है। हमारा राज्य धान का कटोरा है। हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रहे हैं। हमारे वनवासी भाई-बहनों को  तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा 5500 रुपये दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ वासियों को भगवान रामलला का दर्शन कराया जा रहा है। अभी तक 22000 से ज्यादा श्रद्धालु भगवान रामलला का दर्शन कर चुके हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की भी शुरुआत शुरूआत की गई है। हम हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। यह बहुत गर्व की बात है कि राज्य बनने के बाद 25 वर्ष की यात्रा में छत्तीसगढ़ में हमने आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ट्रिपल आईटी जैसे शीर्ष संस्थाएं स्थापित हैं। विशाल बंजारा महाकुंभ कार्यक्रम को महाराष्ट्र के मृदा व जल संरक्षण मंत्री संजय राठौड़ ने कहा कि केरल से लेकर कश्मीर तक बंजारा समाज की एक बोली है। पूरे देश में बंजारा समाज के तीज-त्योहार, परंपरा, संस्कृति, खान-पान एक है। बंजारा समाज नैसर्गिक रूप से एक प्रकृति पूजक समाज है। हमारा समाज पूरे देश में फैला हुआ है। हर जगह यह अलग-अलग नामों से पहचाना जाता है। विशाल बंजारा महाकुंभ कार्यक्रम में श्रीमंडल महंत स्वामी उमेशानन्द गिरी महाराज, महाराष्ट्र के राज्य मंत्री इंद्रनील नाइक, बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, कर्नाटक के पूर्व सांसद उमेश जाधव, अखिल भारतीय बंजारा सेवा संघ के अध्यक्ष शंकर पवार, प्रदेश अध्यक्ष सदाशिव रामजी नायक, पिसी राठौड़, श्रीमती शीतल संजय राठौड़, श्रीमती मोहिनी ताई नायक सहित बड़ी संख्या में बंजारा समाज के लोग उपस्थित रहे।

1 अप्रैल 2025 से मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी दर 261 रूपए निर्धारित की गई

रायपुर : रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीणों ने जाना अपने अधिकार जल संरक्षण, पीएम आवास योजना की पात्रता, आजीविका संवर्धन और नई मजदूरी दर पर हुई चर्चा 1 अप्रैल 2025 से मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी दर 261 रूपए निर्धारित की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना रायपुर   महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित होने वाले रोजगार दिवस का आयोजन कबीरधाम जिले के वनांचल गांवों से लेकर मैदानी पंचायतों तक व्यापक स्तर पर किया गया। इस अवसर पर निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों एवं ग्राम पंचायत भवन में एकत्रित ग्रामीणों को मनरेगा से संबंधित विभिन्न जानकारी दी गई। रोजगार दिवस के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 से मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी दर 261 रूपए निर्धारित की गई है। साथ ही, नए परिवारों के पंजीयन, परिवार रोजगार कार्ड में नए सदस्यों के नाम जोड़ने, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों की पहचान, निर्माण कार्य के दौरान मिलने वाले आवेदन, सुझाव और शिकायतों से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। प्रत्येक परिवार को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो, इसके लिए भी मार्गदर्शन किया गया। जिला पंचायत के सीईओ श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाता है, बल्कि उन्हें आजीविका संवर्धन की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास भी किया जाता है। प्रोजेक्ट उन्नति जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। रोजगार दिवस ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माणाधीन परिसंपत्तियों और निर्माण कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। यही कारण है कि पूरे प्रदेश के साथ-साथ कबीरधाम जिले में भी प्रत्येक माह की 7 तारीख को इसका आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। सुशासन तिहार-2025 की जानकारी भी दी गई इस अवसर पर ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार-2025 के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक जिले के सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक ग्रामीणजन अपने सुझाव, शिकायतें और मांगों से संबंधित आवेदन समाधान पेटी में डाल सकते हैं।

लोग अपनी समस्याओं के निवारण और जरूरतों की पूर्ति के लिए आगे आकर कर रहे आवेदन

रायपुर प्रदेश के लोगों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ’सुशासन तिहार’ आज से प्रारंभ हो गया है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रथम चरण में आम नागरिकों की जरूरतों, समस्याओं, शिकायतों का समाधान करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा इस दौरान पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। कोरबा जिले में भी आज से सभी नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार का आयोजन प्रारंभ हो गया है। नागरिक अपनी जरूरतों को पूरा करने उत्साहपूर्वक स्वस्फूर्त आवेदन करने पहुँच रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी उनके आवेदन स्वीकार कर पावती प्रदान कर रहे हैं। कई आवेदक खुद अपने आवेदन समाधान डिब्बे में डाल रहे हैं। आमजनो को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रक्रिया से अवगत भी कराया जा रहा है। नगरीय निकायों के सभी जोन कार्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है। निगरानी हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दायित्व सौंपा गया है। हर गांव और शहर में मुनादी कराकर लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।   सुशासन तिहार में ग्रामीणों में दिखा उत्साह रंगमती व द्रुपती बाई ने नए पीएम आवास व शौचालय निर्माण के लिए किया आवेदन कोरबा विकासखंड के कोरकोमा पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में आज सुबह से ही ग्रामीणों की कतार लगी रही। ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुँचकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर समाधान पेटी में स्वयं आवेदन जमा कर रहे थे। सुशासन तिहार का लाभ लेने आए कोरकोमा निवासी श्री अरदेसी सारथी व उसकी धर्मपत्नी रंगमती सारथी ने नए पीएम आवास व शौचालय के लिए आवेदन जमा किया। उन्होंने बताया कि जनहितैषी सरकार, आम नागरिकों की परेशानियों को अच्छे से समझती है, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा सराहनीय पहल करते हुए पंचायतों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण समाधान पेटी में अपनी शिकायत जमा कर रहे हैं, जिसे प्रशासन द्वारा जांच कर तत्परता से निराकरण किया जाएगा। कोरकोमा की द्रुपती सारथी ने भी आवास व शौचालय निर्माण के लिए आवेदन जमा किया। उसने बताया कि सरकार द्वारा आमजनों की परेशानियों के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। इससे जरूरतमंद हितग्राही लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार गोढ़ी व करतला विकासखण्ड के नोनबिर्रा पंचायत में भी सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। ग्रामीण शिविर में आकर अपनी जरूरतों की पूर्ति हेतु आवेदन जमा कर रहे हैं।

रायपुर जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की राज्यपाल ने

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अधिकारी कार्यालयों में बैठे, आम जनता से मिले, उनसे नियमित संवाद करें। उनकी समस्याओं को जाने और उनका निराकरण करें। शासकीय सेवक जनता के सेवक होते है। उनकी समस्याओं को हल करना पहली प्राथमिकता है। राज्यपाल डेका ने आज रायपुर के रेडक्रॉस हॉल, कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।  रायपुर जिले में किसी राज्यपाल इस तरह समीक्षा करने पहली बार आए है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केन्द्र सरकार की फ्लैगशीप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन आप लोगों के माध्यम से ही होगा। इस बैठक में जिले के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही, राज्यपाल ने कलेक्ट्रेट परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने जिले की प्रमुख समस्याओं जैसे ट्रैफिक जाम, पेयजल की स्थिति, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और अन्य मुद्दों पर गहन चर्चा की। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य समस्याओं को उजागर करना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस कदम सुझाना और लागू करना है। राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर की मूलभूत समस्याओं के बारे में पूछा और कहा कि राजधानी रायपुर में पेयजल की कमी, ट्रैफिक जाम और ड्रग्स  तीन बड़ी समस्याएं है। उन्होंने इन मुद्दों को जिले के विकास में बाधा बताया और अधिकारियों से इनके समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मांगी। राज्यपाल ने इस पर जोर दिया कि ट्रैफिक सुधार का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात के लिए शिक्षित करना है।  इसको मिशन की तरह ले. उन्होंने सुझाव दिया कि बाएं मोड़ (लेफ्ट टर्न) को आसान बनाया जाए, रेलवे फाटकों पर डिवाइडर लगाए जाएं ताकि दुर्घटनाएं कम हों, और स्टंट करने वाली तेज रफ्तार टू-व्हीलर गाड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे किसी भी दबाव में न आएं और नियमों का सख्ती से पालन करवाएं। राज्यपाल डेका ने अधिकारियों से पूछा कि जलसंचयन के लिए ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में कितना काम हुआ है और बरसात के बाद इसका मापन कर स्थिति बताने को कहा। उन्होंने यह भी पूछा कि जिले में 149 डबरी हैं, इनका क्या हाल है। जल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि रायपुर जिले में पेयजल में कौन से खनिज मुख्य रूप से मिलते हैं। पीएचई के अधिकारी ने बताया कि यहां पानी में फ्लोराइड और आयरन की समस्या पाई गई है। राज्यपाल ने आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से विकसित प्रोटोटाइप का जिक्र करते हुए निर्देश दिया कि धरसीवां के एक गांव में पायलट प्रोजेक्ट की तरह फ्लोराइड और आयरन हटाने के लिए यह प्लांट लगाया जाए। उन्होंने क्रेडाई द्वारा रायपुर के शासकीय भवनों में बनाए गए जल संग्रहण रिचार्ज पिट की तारीफ की और कहा कि ऐसे छोटे प्रयासों से बड़ी सफलता मिल सकती है। बच्चों और युवाओं में नशे की समस्या पर राज्यपाल ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र के अलावा अस्पताल,  और मनोवैज्ञानिक की मदद से भी युवाओं को नशे की लत से निकालने की कोशिश की जानी चाहिए। ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के तहत पौधारोपण पर जोर देते हुए राज्यपाल ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों से पूछा कि क्या उन्होंने पेड़ लगाया है। उन्होंने कहा कि पेड़ों के जीवित रखने का भी प्रयास करें। उन्होंने उद्योगो को पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कार्यालय, अस्पताल आदि स्थानों में जहां भी जगह हो पेड़ लगाएं। डेका ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया। स्कूल के समय में डम्पर चालन को रोकें, दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया जाए। डेका ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पानी के रिसाइकिलिंग के लिए किए जा रहे कार्याे की जानकारी ली। सभी शासकीय कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डेका ने कृषि विभाग के अधिकारी से पूछा कि जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए क्या कर रहे है। कृषि उत्पादन के वेल्यू एडिशन पर जोर दिया और कहा कि बाड़ी कल्चर बढ़ाने से देश की आय बढ़ेगी। डेका ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा पर बल दिया गया है। स्कूलों में हितधारकों की नियमित बैठक करे और मातृभाषा में पढ़ाई के लिए पालकों और शिक्षकों को प्रोत्साहित करें ,इसी में देश का भविष्य है। स्कूल, कॉलेजों में समुदाय के सहयोग से उन्नत लाइब्रेरी निर्माण पर भी उन्होंने बल दिया। डेका ने कहा कि भिक्षा वृत्ति को रोकने के लिए समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग ले। कुष्ठ रोगियों के लिए कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करे। वृद्धाश्रमों में समाज के लोगों को भी जोड़े। उन्होंने माना के वृद्धाश्रम में विस्थापितों  को जो विगत 50 वर्षाे से यहां रह रहे है, उनको सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में डेका ने अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक मे ंराज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह, पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी का आगडीह हवाई पट्टी में किया गया आत्मीय स्वागत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी का जशपुर आगडीह हवाई पट्टी में आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत,  जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव कृष्णा राय, मुख्यमंत्री सचिव राहुल भगत जिले के प्रभारी सचिव अंबलगन पी जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर रोहित व्यास, एस एस पी शशि मोहन सिंह और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

रायपुर : आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की मुलाकात

रायपुर छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज अपने भोपाल प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश  के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से उनके निवास कार्यालय से सौजन्य मुलाकात की। इस मौके पर मंत्री श्री नेताम और मुख्यमंत्री श्री यादव के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित केन्द्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि  राज्य सरकार किसानों, गरीबों और मजदूरों सहित सभी वर्गों के निरंतर विकास के लिए नीतिगत फैसले लेकर उनकी बेहतरी का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में सभी वर्ग के लोग खुशहाल हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन श्रमिक कल्याण योजना, कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री श्री नेताम ने इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव को छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण भी दिया।

सुशासन तिहार को लेकर लोगों में भारी उत्साह, कलेक्टर ने स्वयं आवेदन लेकर दी पावती

रायपुर राज्य शासन के निर्देशानुसार आज बलौदाबाजार जिले में सुशासन तिहार 2025 के प्रथम चरण के तहत आवेदन लेने का शुभारंभ आज जिले के  ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में हुआ। आवेदन प्राप्त करने के स्थल को रंगोली  एवं बैनर से आकर्षक ढंग से सजाया गया तथा प्रथम आवेदक का तिलक लगाकर व गुलदस्ता देकर स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया।  कलेक्टर दीपक सोनी ने संयुक्त जिला कार्यलय में आवेदन प्राप्ति स्थल  पर स्वयं आवेदको से आवेदन प्राप्त किया और पंजी में आवश्यक प्रविष्टि कर पावती दिया।उन्होंने इस दौरान सुशासन तिहार में सबकी सहभागिता हेतु लोगों को प्रोत्साहित किया। जिले में सुशासन तिहार को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला।  सुशासन तिहार के उद्देश्य को जन- जन तक पहुंचने के लिए सायकिल रैली, नारा लेखन  सहित अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विकासखंड कसडोल के ग्राम पंचायत गिरौद में एसडीएम की उपस्थिति में प्रथम आवेदक श्रीमती प्रेमलता पटेल का तिलक लगाकर व गुलदस्ता भेंट कर अभिनन्दन किया गया। प्रेमलता के आवेदन को पंजी में प्रविष्टि उपरांत पावती दी गई और आवेदन को समाधान पेटी में डाला गया। प्रेमलता पटेल ने बताया कि सुशासन तिहार राज्य शासन की बहुत अच्छी पहल है। इसके माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांग से सम्बंधित आवेदनों का उपयुक्त निराकरण तय समय पर होगा। उन्होंने बताया कि  एक सामाजिक भवन मांग के लिए आवेदन दिया है।    नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार में एसडीएम की उपस्थिति में वार्ड क्रमांक 3 में प्रथम आवेदक सूरज पटेल का गुलाब फूल देकर स्वागत किया गया। विकासखंड भाटापारा के ग्राम पंचायत देवरी में मंडल अध्यक्ष की उपस्थिति में प्रथम आवेदक का स्वागत किया गया।  इसीतरह सभी नगरीय निकायों के वार्डो और ग्राम पंचायतों में  सुशासन तिहार का आगाज हुआ।

रायपुर : राज्य शासन के सहयोग से गौ पालक राजाराम का जीवन हुआ खुशहाल

रायपुर जरूरतमंद को समय पर मिली एक छोटी सी मदद भी उसकी राह आसान बना देती है। जिला कोरिया के जनपद पंचायत मुख्यालय की ग्राम पंचायत सोनहत में रहने वाले किसान राजाराम के परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। पेशे से किसान और महात्मा गांधी नरेगा में अकुशल श्रम के लिए पंजीकृत मनरेगा श्रमिक श्री राजाराम के परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे सहित कुल पाँच सदस्य हैं। इनकी थोड़ी सी कृषि भूमि है और उसमें परंपरागत धान की फसल लगाकर यह परिवार अपना जीवन यापन करता है। साथ ही मनरेगा के अकुशल श्रम पर निर्भर इस परिवार के पास अतिरिक्त कोई आय का साधन नहीं था। अपने छोटे से मकान में राजाराम दो-तीन गाय पालने का कार्य भी करते थे, जिससे उनके घर का दैनिक खर्च बमुश्किल चलता रहा। अपनी आर्थिक स्थिति से संघर्ष कर रहे राजाराम के परिवार को पंजीकृत श्रमिकों को पशुपालन के लिए मिलने वाले शेड की जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत में आवेदन देकर पशु शेड बनाए जाने की मांग रखी। उनके आवेदन के आधार पर ग्राम पंचायत की अनुशंसा पर कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा द्वारा दो साल पहले महात्मा गांधी नरेगा के तहत एक लाख बीस हजार रूपए से बनने वाले एक पशु शेड की स्वीकृति प्रदान की गई। इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत सोनहत को ही निर्माण एजेंसी बनाया गया। शेड का कार्य लगभग तीन माह में पूरा होने के बाद राजाराम को ज्यादा संख्या में पशु पालन की सहूलियत मिल गई। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे कुल छह दुधारू गाय पाल ली हैं। अब उनके घर पर औसतन पंद्रह से बीस लीटर दूध का उत्पादन होने लगा है। इससे इस परिवार के पास स्वरोजगार के साथ आर्थिक उन्नति का रास्ता बन गया है। अपने संघर्ष और उसके बाद मनरेगा की सहूलियत से आजीविका का एक नया साधन पाकर राजाराम और उनका परिवार बेहद खुश हैं और अब उनकी मनरेगा के अकुशल श्रम पर निर्भरता भी काफी कम हुई है।

26 लाख के इनामी 22 नक्सलियों ने आज डीआईजी के समक्ष किया आत्मसमर्पण

बीजापुर शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति के साथ ही चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर पीएलजीए बटालियन नम्बर एक सदस्य, टीएससी (तेलंगाना स्टेट कमेटी) अंतर्गत सीआरसी कंपनी नम्बर 2 का सदस्य, एसीएम, मिलिशिया डिप्टी कमांडर, मिलिशिया सदस्य, केएमएस उपाध्यक्ष, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमांडर, मिलिशिया प्लाटून सदस्य, पदेड़ा, गलगम, कोत्तागुड़ा, कमलापुर, डुमरीपालनार, कोरसागुड़ा आरपीसी के अन्य सदस्य कुल 22 नक्सलियों ने आठ अप्रैल को डीआईजी सीआरपीएफ बीजापुर देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर जितेन्द्र कुमार यादव के समक्ष आत्मसमर्पण किया। नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण के पीछे जिले में हो रहे विकास कार्य सबसे अहम वजह है। तेजी से बनती सड़कें, गावों तक पहुंचती विभिन्न सुविधाओं ने इन्हें प्रभावित किया है। संगठन के विचारों से स्थानीय युवाओं में संगठन से मोहभंग हो रहा है। संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद इनके आत्मसमर्पण का बहुत बड़ा कारण है। छत्तीसगढ़ शासन की नवीन पुनर्वास नीति ने कई नक्सलियों को नई उम्मीद दी है और उन्हें संगठन के भीतर शोषण और क्रूर व्यवहार से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया है। यह नीति उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की आशा देती है। इसके अलावा सुरक्षा बलों के लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैम्प स्थापित करने और क्षेत्र में चलाए जा रहे आक्रामक अभियानों ने भी नक्सलियों को संगठन छोड़ने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम कमली हेमला उर्फ सोमे पद पीएलजीए बटालियन नम्बर 1 में सदस्य, इनाम 08.00 लाख रूपये, मुया माड़वी उर्फ राजेश टीएससी (तेलंगाना स्टेट कमेटी) अन्तर्गत सीआरसी कंपनी न. 2 में (पार्टी सदस्य), इनाम 8.00 लाख रूपये, सोनू ताती पश्चिम बस्तर डिवीजन प्रेस टीम कमाण्डर (एसीएम) , घोषित ईनाम 5.00 लाख रूपये,महेश पुनेम प्लाटून नबंर 13 में (पीएलजीए सदस्य) घोषित इनाम 05.00 लाख, बुधराम ताती उर्फ सुद्दू उर्फ गट्टा मिलिशिया कंपनी डिप्टी कमाण्डर, सन्नू हेमला मिलिशिया कंपनी सदस्य, सोमलू मड़कम उर्फ पटेल सदस्य/कृषि शाखा अध्यक्ष, हुंगा कुहराम उर्फ वड्डे उर्फ ओयाम सदस्य/जन सम्पर्क शाखा अध्यक्ष, देवा माड़वी उर्फ बुड़ता कृषि शाखा अध्यक्ष, हुंगा कट्टम उर्फ बैदी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून बी सेक्शन कमाण्डर, पोज्जा बाड़से उर्फ जोगा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, नंंदा मड़कम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, हुंगी कुंजाम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्या, हड़मा पोड़ियम उर्फ उरपा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, विज्जो कुंजाम आरपीसी केएएमएस सदस्या,नरसी कट्टम आरपीसी केएएमएस उपाध्यक्ष, मोती सोढ़ी आरपीसी केएएमएस सदस्या, विज्जा उईका आरपीसी सीएनएम सदस्य कोसा पोड़ियम उर्फ लमडी कोसा आरपीसी केएएमएस सदस्या,विजय मड़कम ऊर्फ विज्जा सेल सदस्य/संस्कृति शाखा सदस्य, बोदी कारम उर्फ करवे RPC केएएमएस सदस्या, कोसा मड़कम सेल सदस्य/संस्कृति शाखा सदस्य।

सुशासन तिहार के सुचारू संचालन हेतु कलेक्टर लंगेह ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी

ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र के नागरिक पंचायतों और नगरीय निकायों में जाकर दे रहे है आवेदन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में निराकरण का भरोसा प्रत्येक पंचायतों एवं नगरीय निकायों में लगाया गया है समाधान पेटी सुशासन तिहार के सुचारू संचालन हेतु कलेक्टर लंगेह ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी कलेक्टर सहित अधिकारीगण कर रहे है निरीक्षण महासमुंद “सुशासन तिहार 2025“ के प्रथम चरण के अंतर्गत मंगलवार 08 अप्रैल से समस्या, शिकायत और मांगों को लेकर आवेदन देने की प्रक्रिया आज सुबह 10 बजे से  प्रारम्भ हो गई है। आवेदन लेने की प्रक्रिया शुक्रवार 11 अप्रैल 2025 तक चलेगी। आवेदक उक्त स्थानों पर जाकर अपनी मांगों एवं समस्याओं को लेकर प्रातः 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पंचायतों के अलावा  कलेक्ट्रेट ,जनपद  और तहसील कार्यालयों में भी समाधान पेटी लगाए  गए हैं। जहां नागरिक आवेदन लेकर  पहुंच रहे हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा सुशासन तिहार के सफल संचालन के लिए जिले के पांचों विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए जिले में 51 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी में प्राप्त आवेदन पत्रों के संकलन एवं जमा करने हेतु अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा सुशासन तिहार 2025 संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार 2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरी एवं अंतिम चरण में 5 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में 8 से 11 अप्रैल 2025 तक प्रातः 10:00 से शाम 5:00 बजे तक प्रतिदिन आम जनता से समाधान पेटी में आवेदन प्राप्त कर सेक्टर अधिकारियों द्वारा आवेदन पत्रों को संकलित कर प्रतिदिन शाम 5:30 बजे तक जमा करने के लिए प्रत्येक अनुविभाग अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।   कलेक्टर सहित जिला अधिकारी कर रहे है निरीक्षण कलेक्टर विनय लंगेह, जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक सहित नोडल अधिकारी सुशासन तिहार अंतर्गत आवेदन लेने की प्रक्रिया और इन केंद्रों में व्यवस्था का अवलोकन करने पंचायतों मं  पहुंच रहे है। कलेक्टर लंगेह द्वारा पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत बम्हनी जो जिले के अंतिम छोर पर बसा है, यहां आवेदन लेने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर लंगेह ने कहा कि किसी भी नागरिक को आवेदन देने में परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने नागरिकों  से जानकारी भी ली। आवश्यकतानुसार कई केंद्रों में आवेदन देने मदद करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। नागरिकों को है सुशासन पर भरोसा आज सुबह 10 बजे ग्राम परसदा में गांव के निवासी विक्रम चंद्राकर ने गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए नलकूप खनन की मांग की। उन्हें विश्वास है कि उनकी मांग का निराकरण होगा। इसी तरह ग्राम खैराभाठा के दुलारी बाई तारक ने रोजगार के लिए आवेदन दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की अच्छी सोच है कि हमें अपनी मांग और समस्याओं को बताने एक उचित प्लेटफॉर्म मिल रहा है। इसी तरह सीताराम चौहान ग्राम गौरटेक ने बताया कि उन्हें गांव में हुए अतिक्रमण को लेकर चिंता है, आवेदन के माध्यम से उन्होंने विश्वास जताया कि उनके आवेदन पर अवश्य निर्णय होगा।

अम्बिकापुर : लखपति महिला पहल जिला स्तरीय को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक सम्पन्न

  अम्बिकापुर जिला पंचायत सरगुजा के सभाकक्ष में सोमवार को लखपति महिला पहल अंतर्गत जिला स्तरीय को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान अग्रवाल ने कहा की सभी विभागों की सहभागिता से स्व-सहायता समूह की दीदीयों को आगे बढ़ाकर लखपति दीदी बनाए जाने हेतु प्रयास किया जाना है। प्रत्येक विभाग में संचालित विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें आगे लाएं। क्षेत्र के आधार पर गतिविधियों का चयन कर कार्य योजना का निर्माण करें, सभी विभागों द्वारा अपनी योजनाओं से अवगत कराएं। इस दौरान सीईओ अग्रवाल द्वारा कृषि विभाग को कलस्टर बनाकर बीज उत्पादन करने का लक्ष्य, पशु चिकित्सा विभाग को गोट कलस्टर बनाकर काम करने, मछलीपालन हेतु जल आच्छादित तालाबों एवं डबरियों में मछलीपालन करने हेतु मत्स्य विभाग को निर्देशित किया गया। इसी प्रकार उद्यान विभाग को समूहों के माध्यम से लीची एवं कटहल उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाने हेतु कहा गया। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा शहद उत्पादन तथा कृषि सखी को प्रोत्साहित कर जैविक खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। कैट जिला अध्यक्ष रविन्द्र तिवारी द्वारा आलू उत्पादन को बढ़ावा देने तथा श्रम विभाग के द्वारा वितरण किये जाने वाले सिलाई मशीन का लाभ लिये जाने संबंधित सुझाव दिया गया।  बैठक में सर्व विभाग प्रमुख कृषि विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, रेशम विभाग, नाबार्ड, ग्रामोद्योग विभाग, समाज कल्याण विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, आरसेटी सहित समिति के सदस्य के रूप में कैट जिला अध्यक्ष रविन्द्र तिवारी, सेक्टर एक्सपर्ट अभिषेक शर्मा, चौपाल प्रमुख गंगाराम पैंकरा, सेक्टर एक्सपर्ट मंगल पाण्डेय, बिहान से डीपीएम, मनरेगा से सहायक परियोजना अधिकारी, बिहान के ब्लॉक कार्डिनेटर उपस्थित रहे।

धमतरी : जिले के युवा सीखेंगे कार ड्रायविंग, रखरखाव के बारे में भी जानेंगे

धमतरी : जिले के युवा सीखेंगे कार ड्रायविंग, रखरखाव के बारे में भी जानेंगे बड़ौदा आरसेटी में 17 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित उद्यमिता और बैंकिंग की भी मिलेगी जानकारी धमतरी स्वरोजगार करने के इच्छुक गांव के बेरोजगार युवक-युवतियां ड्रायविंग सीखेंगे। इसके लिए उन्हें एलएमवी (लाईट मोटर व्हीकल) कार ड्रायविंग की निःशुल्क ट्रेनिंग मिलेगी। ट्रेनिंग के लिए 35 सीट आरक्षित हैं और इस अवधि में रहने की सुविधा भी मिलेगी। कार ड्रायविंग ट्रेनिंग में 18 से 45 साल तक की आयु के युवा शामिल हो सकते हैं। इसके निदेशक, सुश्री अनिता टुडू ने बताया कि यह ट्रेनिंग लेकर जिले के युवा कार चलाने, उसके रख-रखाव, एकाग्रता, आत्मविश्वास, धैर्य, जिम्मेदारी, ईंधन प्रणाली, गैस ईंधन प्रणाली, इमरजेंसी स्टापिंग, आपात स्थिति में संकेत देने में हुनरमंद बन सकेंगे। युवाओं को ड्राइवर की सीटा पर कदम रखने से पहले और बाद के व्यावहारिक ज्ञान, धक्का और खींच विधि अभ्यास, सड़क चिन्हों के प्रकार-सफेदा रेखा, पीली रेखा, लेन मार्किंग, जेबरा क्रॉसिंग, स्टॉप लाईन, पार्किंग मार्किंग, मोटर वाहन अधिनियम, वाह, टायर और बैटरी का रखरखाव, सैद्धांतिक और प्रायोगिक बातों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इसके अलावा उद्यमिता और बैंकिंग के बारे में भी युवाओं को जानकारी दी जाएगी।                  युवाओं को शैक्षणिक प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बीपीएल राशनकार्ड की फोटोकॉपी और चार पासपोर्ट फोटो के साथ आवेदन कम्पोजिट भवन के पीछे, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान धमतरी में जमा करना होगा। अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नंबर 73899-43193 और 88394-68509 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

राजनांदगांव की खेल प्रतिभाओं को मिला डॉ. रमन सिंह का उपहार

केंद्र से मिली 6 करोड़ 36 लाख का 4-लेन सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की स्वीकृति विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत राजनांदगांव में बनेगा 6 करोड़ 36 लाख की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का एथलेटिक ट्रैक राजनांदगांव छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. रमन सिंह के सतत प्रयासों से केंद्र सरकार ने राजनांदगांव में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है। राजनांदगांव की खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने ‘खेलो इंडिया योजना’ के अंतर्गत राजनांदगांव में 4-लेन 800 मीटर के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना के लिए लगभग 6 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह स्वीकृति भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के खेल विभाग द्वारा जारी की गई है, जिसे डॉ. रमन सिंह के आग्रह पर माननीय केंद्रीय खेल मंत्री श्री मनसुख मंडविया जी ने स्वीकृत किया है, पूर्व में विस अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने पत्र लिखकर और व्यक्तिगत मुलाकात में केंद्रीय खेल मंत्री से इस विषय पर आग्रह किया था। यह सिंथेटिक ट्रैक न केवल जिले के युवाओं को आधुनिक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराएगा बल्कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए उन्हें सशक्त बनाएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा, “यह एथलेटिक ट्रैक राजनांदगांव के युवाओं के सपनों को पंख देने वाला कदम है। मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय खेल मंत्री श्री मनसुख मंडविया जी का आभार प्रकट करता हूँ, जिन्होंने हमारी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए यह स्वीकृति प्रदान की।

मोहला : कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषण पखवाड़ा 2025 का किया शुभारंभ

मोहला : कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषण पखवाड़ा 2025 का किया शुभारंभ आंगनबाड़ी केंद्रों के नन्हे मुन्नों बच्चों ने देशभक्ति गीतों से मोहा कलेक्टर का मन           मोहला भारत सरकार द्वारा पोषण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में शुरू किए गए पोषण अभियान के अंतर्गत आज से पोषण पखवाड़ा 2025 का सातवां संस्करण प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के आंगनबाड़ी केंद्र मांडिंग पीडिंग धेनु एवं कटेंगाटोला में आयोजित पोषण पखवाड़ा 2025 का शुभारंभ कर उपस्थित हितग्राहियों से संवाद किया। कलेक्टर ने केंद्रों में उपस्थित गर्भवती महिला श्रीमति लिकेश्वरी मंडावी, श्रीमति अमृता कोवाची, श्रीमति उत्तरा यादव और श्रीमति ललेश मंडावी का गोदभराई संस्कार कर उन्हंत संतुलित आहार लेने, नियमित जांच कराने तथा स्वच्छता अपनाने की सलाह दी।          कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के मासूम बच्चियों और बच्चों ने कलेक्टर को अपनी मधुर कविताओं और देशभक्ति गीतों से मंत्रमुग्ध कर दिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देश भक्ति और खालो बेटा मूंगफली जैसी प्यारी कविताएं सुनाकर न केवल माहौल को आनंदमय बना दिया। बल्कि यह भी दिखा दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षा के साथ संस्कारों का भी संचार हो रहा है। कलेक्टर  ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा छोटे बच्चों में देशप्रेम और अभिव्यक्ति की कला देखकर हृदय प्रसन्न हो गया।          कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं सुकन्या समृद्धि योजना  के संबंध में गर्भवती महिलाओं एवं अन्य हितग्राहियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के अंतर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, स्वास्थ्य जांच और समुचित देखभाल सुनिश्चित करना है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित किया कि वे मिलने वाली राशि का उपयोग स्वास्थ्यवर्धक भोजन, आवश्यक पोषक तत्वों एवं नियमित स्वास्थ्य जांच करें ताकि माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रहें।        पोषण पखवाड़ा 2025 का उद्देश्य तकनीक और परंपरा के तालमेल से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाना है। यह पखवाड़ा 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2025 तक मनाया जा रहा है, जो कि बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिनों पर केंद्रित है यह समय बच्चे के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।         कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा हर बच्चे को स्वस्थ शुरुआत हर माँ को पोषण और हर परिवार को संतुलित आहार मिलना चाहिए। पोषण पखवाड़ा इस दिशा में एक सार्थक पहल है, जो जन जागरूकता और भागीदारी से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करता है। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास अधिकारी चन्द्रशेखर मिश्रा, जिला पोषण समन्वयक एम्स, पर्यवेक्षकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।

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