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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 59.75 करोड़ रूपए के 22 कार्यों का शिलान्यास, 3.64 करोड़ रूपए की लागत के पांच कार्यों का लोकार्पण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को 63 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने जिला मुख्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में 59.75 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का भूमिपूजन और 3.64 करोड़ रुपये के 5 कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें जय स्तंभ चौक के सौंदर्यीकरण, छात्रावासों के निर्माण, सामुदायिक भवन, कम्पोस्ट सेंटर और आरआर सेंटर जैसी जनोपयोगी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए गए कार्यों में नगर पालिका परिषद, पुलिस विभाग, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और पंचायत एवं ग्रामीण सड़क विकास विभाग से जुड़े 22 महत्वपूर्ण विकास कार्य सम्मिलित हैं। इनमें बीटी रोड, सीसी रोड, नालियों और स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, सामुदायिक भवन, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्ट्रीट लाइट विस्तार, तालाब और पार्क उन्नयन, छात्रावास भवन और सड़क निर्माण कार्य प्रमुख हैं। जय स्तंभ चौक सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के जय स्तंभ चौक में 23 लाख 86 हजार की लागत से कराये गए सौन्दर्यीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। भारत के स्वतंत्रता दिवस कीे यादगार के रूप में स्थापित जय स्तंभ चौक का उन्नयन कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जय स्तंभ चौक वर्षों तक आने वाली पीढ़ियों को हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग बलिदान और राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा देता रहेगा, राष्ट्रसेवा हेतु सभी को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं जशपुर जिले के समग्र विकास और नागरिकों की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगी। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कैंसर डिटेक्शन वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कैंसर डिटेक्शन वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर द्वारा निःशुल्क रोग परामर्श शिविर का किया जा रहा आयोजन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर, रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 07 एवं 08 अप्रैल 2025 को  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में निःशुल्क रक्त एवं कैंसर रोग परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सीएम कैंप कार्यालय बगिया से मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कैंसर डिटेक्शन वैन के माध्यम से जशपुर जिले में  कैंसर सम्भावित मरीजों का जाँच एवं उपचार  7 एवं 8 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा।  इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ना है जिसे इसका प्रभावी एवं सुगम इलाज हो सके । शिविर में स्तन कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, मुंह का कैंसर, रक्त संबंधी कैंसर व रक्त विकारो की नि:शुल्क जांच की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ पीड़ित बच्चों की हुई निःशुल्क जांच, उपचार भी रहेगा पूर्णतः निःशुल्क रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जिला अस्पताल, जशपुर में सिकलसेल, थैलेसीमिया परामर्श जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस विशेष शिविर में न केवल जशपुर जिले, बल्कि पड़ोसी जिले बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर एवं झारखंड के गुमला जिले से भी सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए। बेंगलुरु से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक, निःशुल्क हुआ एचएलए डीएनए टेस्ट शिविर में बेंगलुरु के नारायणा हॉस्पिटल से आए बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. सुनील भट्ट द्वारा 12 वर्ष तक के बच्चों  का एचएलए डीएनए टेस्ट और परामर्श निःशुल्क किया गया। यह परीक्षण बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की पहचान हेतु आवश्यक होता है। संपूर्ण इलाज सहित विदेश में होने वाला महंगा टेस्ट भी अब निःशुल्क शिविर में कास फाउंडेशन की श्रीमती काजल सुरेश सचदेव ने बच्चों एवं परिजनों को सिकलसेल और थैलेसीमिया के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए न केवल आवश्यक दवाइयों एवं जांच की सुविधाएं निःशुल्क दी जा रही हैं, बल्कि जर्मनी में होने वाला अत्यंत महंगा एचएलए डीएनए टेस्ट और देश के प्रमुख अस्पतालों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रिया भी पूर्णतः निःशुल्क कराई जा रही है। राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत जशपुर जिले में 0-15 आयु वर्ग के 209 सिकलसेल एवं थैलेसीमिया मरीजों की पहचान की गई है। इनमें से 110 बच्चों का एचएलए डीएनए टेस्ट कर ट्रांसप्लांट के लिए चयनित किया गया, जिनमें से अब तक 8 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, संगवारी संस्था एवं कास फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से जिले में सिकलसेल के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह,  नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, संभागीय कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों को एक और बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में आज 26 हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो राज्य की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों के जवानों को सहृदय बधाई देते हुए कहा कि नक्सलवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को निरंतर सफलता मिल रही है। इस उपलब्धि में नियद नेल्ला नार योजना और लोन वर्राटू अभियान की अहम भूमिका रही, जो आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा लाल आतंक प्रभावित गांवों को नक्सलमुक्त घोषित होने पर ₹1 करोड़ की विशेष सहायता राशि की घोषणा के सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  एवं गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि हम निश्चित रूप से तय समयसीमा के भीतर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महज कोई अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सुरक्षा और समृद्धि का मिशन है।

धरोहर में सजी जनजातीय विरासत – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया प्रथम संस्करण का विमोचन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय विरासत को समर्पित “धरोहर” पत्रिका के प्रथम संस्करण का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पत्रिका न केवल जनजातीय अस्मिता को सहेजने का कार्य कर रही है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विविधता को भी उजागर कर रही है। यह एक प्रेरणादायक प्रयास है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखेगा। जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित “धरोहर” पत्रिका का उद्देश्य जिले की विविध जनजातियों की पारंपरिक पहचान, संस्कृति, रीति-रिवाज, तीज-त्योहार, परंपरागत वेशभूषा, आभूषणों और पीढ़ियों से चली आ रही सामाजिक विरासत को संजोना और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है। इस विशेष अवसर पर विभिन्न जनजातीय समाज के प्रमुख एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

साय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन का दौरा, 9 अप्रैल को होगी भाजपा की बड़ी बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ में साय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है. भीतर खाने से आ रही खबरों के मुताबिक इस हफ्ते सरकार में तीन नए मंत्री शामिल किए जा सकते हैं. हरियाणा फार्मूले के तहत राज्य में 14 मंत्री बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है. भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन 8 अप्रैल को रायपुर दौरा प्रस्तावित है. निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में हुई नियुक्ति के बाद यह उनका पहला दौरा है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में 9 अप्रैल को बड़ी बैठक होगी, जिसमें निगम,मंडल, आयोग और बोर्ड में नियुक्त होने वाले नेताओं को संगठनात्मक नसीहत दिए जाने की चर्चा है. इन सबके परे चर्चा इस बात की भी है कि मंत्रिमंडल विस्तार पर भी अंतिम मुहर लगा लिया जाएगा. सूत्र बताते हैं कि सब कुछ अनुकूल रहा, तो जल्द ही नए मंत्रियों को शपथ दिला दी जाएगी. सरकार में मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं. बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद से एक पद रिक्त हुआ था. इस लिहाज से 2 मंत्री पद रिक्त माने जाते रहे हैं, लेकिन हरियाणा फार्मूला लागू होने के बाद एक अतिरिक्त मंत्री पद राज्य में बढ़ जाएगा. इस लिहाज से मंत्रिमंडल की कुल संख्या 14 की हो जाएगी. संभावित नामों में कौन-कौन? संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा में आरएसएस बैकग्राउंड से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जाना तय है. कहते हैं कि संघ से भी उन्हें मंत्री बनाए जाने का दबाव है. संघ से उनके नाम की पैरवी की खबर है. साथ ही यादव समाज को साधने के लिहाज से भी मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दिए जाने की वकालत की गई है. इसके अलावा अमर अग्रवाल का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. संगठन सूत्र कहते हैं कि उनका नाम लगभग तय है. 14 साल तक मंत्री रह चुके अमर अग्रवाल रिजल्ट ओरिएंटेड काम करने के लिए पहचाने जाते हैं. भीड़ से अलग रहकर काम करने में भरोसा करने वाले अमर अग्रवाल ने पूर्ववर्ती रमन सरकार में आबकारी पॉलिसी बनाई थी. शराब बिक्री का ठेका सिस्टम खत्म किया था. इस फैसले से आबकारी राजस्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई थी. अमर अग्रवाल देश में इकलौते चेहरे रहे हैं, जो सर्वाधिक लंबे समय तक जीएसटी काउंसिल में बतौर सदस्य शामिल थे. अमर अग्रवाल के अलावा रायपुर संभाग से एक मंत्री बनाए जाने के संकेत मिल रहे हैं. रायपुर संभाग से फिलहाल टंकराम वर्मा बतौर मंत्री मंत्रिमंडल में शामिल हैं. राजधानी से एक मंत्री बनाए जाने के समीकरण के बीच पुरंदर मिश्रा के नाम पर जमकर चर्चाएं तेज हुई है, लेकिन ब्राह्मण वर्ग से विजय शर्मा पहले ही सरकार में बतौर उप मुख्यमंत्री शामिल हैं. जातिगत समीकरण का मुद्दा उठा, तो उनके मंत्री बनने में अड़चन आ सकती है. साय सरकार में इस वक्त बतौर मंत्री वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व नहीं है. यदि सत्ता और संगठन में इस समीकरण पर चर्चा उठी, तो ऐसे में रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत बाजी मार सकते हैं. कुरुद विधायक अजय चंद्राकर के नाम पर भी विमर्श की खबर है. सियासत के जानकार कहते हैं कि साय सरकार में नई बनी टीम किसी भी पुराने चेहरों के पक्ष में नहीं है. मंत्रिमंडल विस्तार करने में यही सबसे बडा द्वंद रहा है. संगठन के एक आला नेता कहते हैं कि लोकसभा चुनाव हो या नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव भाजपा के पक्ष में नतीजे आए हैं. इन चुनावों के रणनीतिकार सरकार की नई टीम के नए चेहरे थे. इन नतीजों के जरिए भाजपा हाईकमान को भी यह संदेश दिया गया है कि नई टीम सामर्थ्य से काम कर रही है. बहरहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंदरखाने में हलचल बढ़ गई है. सरकार जल्द ही विस्तार को अमलीजामा पहनाने जा रही है.

08 एवं 09 अप्रैल को शिक्षित युवक-युवतियों के लिए दो दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प

कोण्डागांव, जिला कोण्डागांव एवं अन्य जिले के शिक्षित युवक-युवतियों के लिए कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र तथा मॉडल कैरियर सेन्टर कोण्डागांव द्वारा 08 अप्रैल एवं 09 अप्रैल 2025 को लाईवलीहुड कॉलेज जिला कोण्डागांव में पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 03 बजे तक एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र के नियोजक द्वारा अपनी-अपनी संस्थाओं में कुल 77 पदों पर कार्य करने हेतु भर्ती ली जाएगी। इसमें प्रोग्राम मैनेजर, कलस्टर मैनेजर, स्कूल सपोर्ट ऑफिसर और ट्रेनिंग मैनेजर के पद शामिल हैं। इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र में नियोजित होने के इच्छुक एवं पात्र युवक एवं युवतियां अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता, अपडेटेड सी.व्ही., रोजगार पंजीयन निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार एवं पैनकार्ड आदि मूल दस्तावेज, छायाप्रति एवं पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ सहित उक्त दिवस को प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होकर रोजगार के अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

सुशासन तिहार-2025 का आयोजन 08 अप्रैल से, जन समस्याओं का त्वरित होगा समाधान

कोंडागांव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार कोंडागांव जिले में भी सुशासन तिहार  08 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। यह आयोजन जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और जन संवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत  प्रथम चरण में 08 से 11 अप्रैल तक  जिले के जिला कार्यालय, विकासखंड कार्यालय, नगरीय निकायों और सभी 384 ग्राम पंचायतों में समाधान पेटी रखी जाएगी, जिसमें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर समाधान पेटी में आम नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें लिखकर डाल सकेंगे।  उल्लेखनीय है कि “सुशासन तिहार-2025” के आयोजन के उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर समाधान पेटी रखी जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की जाएगी। आवश्यकतानुसार हाट बाजारों में भी आवेदन संग्रह किये जा जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल में व्यवस्था रहेगी। प्रत्येक आवेदन को एक कोड देने की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। निर्धारित प्रारूप में खाली आवेदन पत्र (ग्रामवार/नगरीय निकायवार कोड सहित) प्रिन्ट कराकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराये जाएंगे। प्रत्येक आवेदन को पोर्टल में पंजीकृत कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, साथ ही आवेदनकर्ता को पावती दी जाएगी। आवेदनों का निराकरण सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और संबंधित जिला जनपद नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाए। समाधान शिविर का आयोजन  05 मई से 31 मई 2025 के दौरान प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। शिविरों के आयोजन की तिथि की जानकारी आवेदकों को एस.एम.एस. के माध्यम से तथा आवेदन की पावती के माध्यम से दी जाएगी। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाए तथा जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में सम्भव हो, शिविर में किया जाए, शेष आवेदनों का समाधान एक माह में कर आवेदकों को सूचित किया जाएगा। शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र/प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक शिविर के लिए एक खंडस्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा, जो शिविर के समुचित संचालन को सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी की जाए।

खाद्य मंत्री ने विभागीय काम-काज की समीक्षा की

रायपुर, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्री दयालदास बघेल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कक्ष में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री श्री बघेल ने विभागीय अधिकारियों को विभिन्न श्रेणियों के कार्ड धारकों को निर्धारित पात्रता के अनुसार समय पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन सामग्री के आबंटन, भण्डारण एवं वितरण तथा धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री बघेल ने उचित मूल्य की दुकानों का जल्द भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन के बाद दुकानों में पायी गई कमी, वसूली एवं दर्ज प्रकरणों का निराकरण शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। बघेल ने प्रदेश के सुदूर एवं पहुंच विहीन इलाकों की उचित मूल्य की दुकानों में अग्रिम खाद्यान्न भण्डारण हेतु समय रहते पर्याप्त भण्डारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक माह उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण करने भी कहा है। मंत्री बघेल ने बैठक में खाद्य विपणन वर्ष 2024-25 में खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की समीक्षा की। उन्होंने भारतीय खाद्य निगम में कस्टम मिलिंग के तहत चावल उपार्जन और नागरिक आपूर्ति निगम में चावल उपार्जन की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव अन्बलगन पी., संचालक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम जितेन्द्र कुमार शुक्ला, प्रबंध संचालक मार्कफेड रमेश कुमार शर्मा सहित राज्य भंडारण गृह निगम, अपैक्स बैंक के प्रमुख अधिकारी एवं जिलों के खाद्य नियंत्रक एवं खाद्य अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने प्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मीकांत बेजबरुआ को दी श्रद्धांजलि

रायपुर, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज अपने संबलपुर प्रवास के दौरान आधुनिक असमिया साहित्य के प्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मीकांत बेजबरुआ के निवास पहुंचे। यहां उन्होंने उनके साहित्य का अवलोकन किया और उनके योगदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री लक्ष्मीकांत बेजबरुआ असमिया साहित्य के प्रमुख हस्ती थे। उनका साहित्य न केवल असम की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य करता है, बल्कि भारतीय साहित्य में भी उनका महत्वपूर्ण स्थान है। वे असमिया भाषा के पुर्नजागरण के अग्रदूतों में से एक थे और उनकी रचनाएँ आज भी पाठकों के बीच लोकप्रिय है। राज्यपाल ने कहा कि बेजबरुआ का साहित्य समाज को नई दिशा देने वाला रहा है। उनकी लेखनी ने असमिया भाषा को सशक्त बनाया और उनके साहित्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। इस अवसर पर राज्यपाल ने उनके साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी रचनाएँ न केवल असम, बल्कि पूरे भारत की साहित्यिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा हैं।

जशपुर में सीएम साय ने हरी झंडी दिखाकर कैंसर डिटेक्शन वैन किया रवाना

  जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर द्वारा निःशुल्क रोग परामर्श शिविर का किया जा रहा आयोजन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिला प्रशासन और बालको मेडिकल सेंटर, रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 07 एवं 08 अप्रैल 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में निःशुल्क रक्त एवं कैंसर रोग परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सीएम कैंप कार्यालय बगिया से मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कैंसर डिटेक्शन वैन के माध्यम से जशपुर जिले में कैंसर सम्भावित मरीजों का जाँच एवं उपचार  7 एवं 8 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा।  इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ना है जिसे इसका प्रभावी एवं सुगम इलाज हो सके । शिविर में स्तन कैंसर, बच्चेदानी का कैंसर, मुंह का कैंसर, रक्त संबंधी कैंसर व रक्त विकारो की नि:शुल्क जांच की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए खरसिया – परमलकसा रेल परियोजना एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय

रायपुर केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंजूर खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल प्रोजेक्ट के बारे में रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को रेल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को बदलने वाला है । इस प्रोजेक्ट पर 8741 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे पूरे छत्तीसगढ़ को एक छोर से दूसरे छोर तक कवरेज मिलेगा । रेल मंत्री ने कहा कि खरसिया-परमलकसा 5वीं-6वीं रेल लाइन छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क की नई धमनी की तरह है। यह ओडिशा की सीमा से महाराष्ट्र की सीमा तक रेल नेटवर्क की सुविधा प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यह भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक है । इससे छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जांजगीर चाँपा, बिलासपुर, बलौदा बाजार, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिले जुड़ेंगे । इसके तहत 21 स्टेशन बनेंगे, 48 बड़े ब्रिज और साथ ही 349 माइनर ब्रिज, 14 फ्लाईओवर और 184 अंडर पास का निर्माण होगा । स्थानीय स्तर पर निवासियों को दिक्कत ना हो इसके लिए 5 रेल फ्लाईओवर भी निर्मित किए जाएंगे । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में 278 किलोमीटर रूट में 615 किलोमीटर लंबी पटरियां बिछाई जाएंगी। इस रूट के निर्माण के बाद 8 से ज्यादा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा । इस रेल नेटवर्क के निर्माण से करीब 22 करोड़ लीटर डीजल बचेगा और रेलवे को लगभग 2500 करोड़ रुपये के डीजल की बचत होगी । रेल मंत्री ने कहा कि भगवान राम के वनवास के दौरान माता शबरी के प्रसंग से जुड़े लक्ष्मी नारायण मंदिर का भी इस रेल नेटवर्क से संपर्क स्थापित होगा । बलौदा बाजार और खरसिया जैसे सीमेंट उत्पादन के बड़े इंडस्ट्रियल हब भी इस नेटवर्क से जुड़ेंगे । श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए रेलवे अब बायपास पद्धति को अपना रही है । इसके तहत मालगाड़ी को शहर के बाहर से निकालने पर जोर दिया जा रहा है । वहीं यात्री गाड़ियों को शहर के अंदर एंट्री दी जाएगी । इस रेल लाइन के निर्माण के दौरान भी इस पर फोकस रहेगा । साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत कोसा सिल्क के उत्पादन वाले इलाके भी रेल लाइन के जरिए जुड़ेंगे । इसके चलते 2 करोड़ मानव दिवस रोजगार उत्पन्न होगा । रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट अब 22 गुना बढ़कर लगभग 6900 करोड़ से ज्यादा हो गया है । साथ ही 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में रेलवे के काम में अभूतपूर्व तेजी आई है । इसके तहत 1,125 किमी नए ट्रैक बने हैं, जोकि दुबई के पूरे रेलवे नेटवर्क से ज्यादा है ।   उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेलवे का कुल निवेश 47 हजार करोड़ से अधिक है । इसके तहत 32 स्टेशनों का पुनर्निर्माण हो रहा है, और इन्हें पूरी तरह नया बनाया जा रहा है । इनमें से कई स्टेशनों के विकास का कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। राज्य के महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट नई लाइन पूरी होने वाली है । अब इसके आगे रावघाट से जगदलपुर रेल लाइन के डीपीआर बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है । वैसे ही गेवरा-पेन्ड्रा रोड नई लाइन पर भी तेजी से काम चल रहा है । साथ ही राजनांदगांव से नागपुर तीसरी लाइन, झारसुगड़ा से बिलासपुर चौथी लाइन, रायपुर-केन्द्री-धमतरी से अभनपुर-राजिम लाइन का गेज कन्वर्जन करके ब्रॉड गेज बनाया जा रहा है । राजनांदगांव से डोंगरगढ़ चौथी लाइन, जगदलपुर से कोरापुट की डबलिंग, धरमजयगढ़ से कोरबा नई लाइन, अनूपपुर से अंबिकापुर के दोहरीकरण के लिए पर्याप्त फंड दिए गए हैं । रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने जिन उम्मीदों के साथ डबल इंजन की सरकार बनाई है, उसे पूरा करने का काम भारतीय रेल कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आई है, छत्तीसगढ़ में रेलवे से जुड़ा हजारों करोड़ का काम हो रहा है । नई परियोजना से छत्तीसगढ़ के अनेक जिले जुड़ते हैं, यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है । स्टेशनों के विकास के लिए सरकार ने करोड़ों का फंड दिया है, इससे रेलवे और छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलेगी । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव को  धन्यवाद देते हुए कहा कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना जैसी महत्त्वपूर्ण सौगात से छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई गति मिलेगी। यह रेल परियोजना जांजगीर-चांपा, सक्ती, बलौदा बाजार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे प्रमुख जिलों को जोड़ेगी। इससे इन जिलों के नए अवसर मिलेंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा। बलौदाबाजार और जांजगीर अब उद्योगों के लिए नया हब बनकर उभरेंगे। यह क्षेत्र लाइमस्टोन (चूना पत्थर) से समृद्ध है। रेल संपर्क बेहतर होने से यहां सीमेंट उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि नया रायपुर तक सीधी रेल लाइन से राजधानी का संपर्क मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से और बेहतर होगा। परियोजना से माल परिवहन तेज होगा, जिससे उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। इससे कृषि उत्पादों, खनिजों और निर्माण सामग्री के ट्रांसपोर्ट को भी बल मिलेगा। इससे नया रायपुर के विकास को नई दिशा और रफ्तार मिलेगी। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी राज्यमंत्री श्री तोखन साहू  ने छत्तीसगढ़ राज्य के लिए मंजूर किए गए इस परियोजना के लिए खुशी जाहिर करते हुए समस्त छत्तीसगढ़ के निवासियों की तरफ से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं  केंद्र सरकार का धन्यवाद किया ।

EOW ने भारतमाला परियोजना में 220 करोड़ का मुआवजा घोटाला में शुरू की जांच , जल्द होगी कार्रवाई

रायपुर EOW ने भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला मामले की जांच शुरू कर दी है. EOW ने प्रशासन से लगभग 500 पन्नों की जांच रिपोर्ट मांगी है. अब जल्द ही मामले में दोषियों पर FIR हो सकती है. यह पहली बार है जब राज्य में किसी भूमि मुआवजा विवाद की जांच EOW कर रही है. विभाग ने इस घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज पहले ही जुटा लिए हैं और कई बिंदुओं पर गोपनीय जांच भी पूरी हो चुकी है. घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी जोरों पर है और जल्द ही गिरफ्तारियां भी संभव हैं. बता दें, शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि कुछ सरकारी अधिकारियों, भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों ने मिलीभगत कर फर्जी तरीके से लगभग 43 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि हासिल की थी. वहीं मामले की विस्तृत जांच में यह आंकड़ा बढ़कर 220 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गया है. अब तक लगभग 164 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का रिकॉर्ड जांच एजेंसी को मिल चुका है. वहीं घोटाले के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने बीते दिन (6 मार्च) को PMO और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भी भेजा है. उन्होंने पत्र के माध्यम से मामले में CBI जांच की मांग की है. बता दें, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विधानसभा बजट सत्र 2025 में भी इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद साय कैबिनेट की बैठक में जांच को ईओडब्ल्यू को सौंपने का निर्णय लिया गया था. अब EOW ने इस घोटाले की जांच तेज कर दी है. क्या है भारतमाला परियोजना का मुआवजा घोटाला? छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत राजधानी रायपुर से विशाखपट्टनम तक 950 कि.मी. सड़क निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना में रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन सड़क और दुर्ग से आरंग तक सिक्स लेन सड़क बनना प्रस्तावित है. इस सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने कई किसानों की जमींने अधिग्रहित की हैं. इसके एवज में उन्हें मुआवजा दिया जाना है, लेकिन कई किसानों को अब भी मुआवजा नहीं मिल सका है. विधानसभा बजट सत्र 2025 के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद इस मामले में जांच का फैसला लिया गया. दिल्ली से दबाव के बाद खुला मामला बताया जाता है कि कमोबेश 300 करोड़ रुपए के इस घोटाले का खुलासा दिल्ली से दबाव पड़ने के बाद हुआ. मुआवजे के तौर पर 248 करोड़ रुपए देने के बाद 78 करोड़ के और क्लेम सामने आने पर नेशनल हाईवे अथारिटी के चीफ विजिलेंस आफिसर ने रायपुर कलेक्टर से इसकी जांच कराने कहा था. लेकिन जांच सालों तक अटकी रही. दिल्ली से पड़े दबाव के बाद कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट तैयार की, जिसमें यह बात स्पष्ट हुई कि मूल मुआवजा 35 करोड़ के आसपास बनता था, जिसे 213 करोड़ रुपए ज्यादा कर बांट दिया गया. भूमि अधिग्रहण नियम भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के तहत हितग्राही से यदि 5 लाख कीमत की जमीन ली जाती है, तो उस कीमत के अलावा उतनी ही राशि यानी 5 लाख रुपए सोलेशियम के रूप में भी दी जाएगी. इस तरह उसे उस जमीन का मुआवजा 10 लाख दिया जाएगा. इसके तहत 5 लाख की यदि जमीन अधिग्रहित की जाती है तो उसके 10 लाख रुपए मिलेंगे और 10 लाख रुपए सोलेशियम होगा. इस तरह हितग्राही को उसी जमीन के 20 लाख रुपए मिलेंगे.

मुख्यमंत्री साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ

पीड़ित बच्चों की हुई निःशुल्क जांच, उपचार भी रहेगा पूर्णतः निःशुल्क रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जिला अस्पताल, जशपुर में सिकलसेल, थैलेसीमिया परामर्श जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस विशेष शिविर में न केवल जशपुर जिले, बल्कि पड़ोसी जिले बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर एवं झारखंड के गुमला जिले से भी सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए। बेंगलुरु से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक, निःशुल्क हुआ एचएलए डीएनए टेस्ट शिविर में बेंगलुरु के नारायणा हॉस्पिटल से आए बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. सुनील भट्ट द्वारा 12 वर्ष तक के बच्चों  का एचएलए डीएनए टेस्ट और परामर्श निःशुल्क किया गया। यह परीक्षण बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की पहचान हेतु आवश्यक होता है। संपूर्ण इलाज सहित विदेश में होने वाला महंगा टेस्ट भी अब निःशुल्क शिविर में कास फाउंडेशन की श्रीमती काजल सुरेश सचदेव ने बच्चों एवं परिजनों को सिकलसेल और थैलेसीमिया के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए न केवल आवश्यक दवाइयों एवं जांच की सुविधाएं निःशुल्क दी जा रही हैं, बल्कि जर्मनी में होने वाला अत्यंत महंगा एचएलए डीएनए टेस्ट और देश के प्रमुख अस्पतालों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रिया भी पूर्णतः निःशुल्क कराई जा रही है। राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत जशपुर जिले में 0-15 आयु वर्ग के 209 सिकलसेल एवं थैलेसीमिया मरीजों की पहचान की गई है। इनमें से 110 बच्चों का एचएलए डीएनए टेस्ट कर ट्रांसप्लांट के लिए चयनित किया गया, जिनमें से अब तक 8 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, संगवारी संस्था एवं कास फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से जिले में सिकलसेल के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह,  नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यशप्रताप सिंह जूदेव, श्री भरत सिंह, संभागीय कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुशासन तिहार-2025 के आयोजन हेतु तैयारी शुरू करने दिए निर्देश

जगदलपुर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुशासन तिहार-2025 के आयोजन हेतु तैयारी करने सहित कल 08 अप्रैल से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए माइक्रो प्लानिंग कर जन शिकायतों और समस्याओं के समाधान हेतु गम्भीरता के साथ पहल किए जाने कहा। साथ ही अभियान के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम जनता को अवगत कराए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं खाद्य विभाग ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित राज्य शासन के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ज्ञात हो कि सुशासन तिहार प्रदेश में सुशासन की सशक्त स्थापना, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और जन संवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इस तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे आम जनता से जुड़कर, उनकी समस्याओं को समयबद्ध ढंग से सुलझाने का कार्य करेगा।     सुशासन तिहार-2025 आयोजन का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। तीन चरणों में होगा सुशासन तिहार-2025 का आयोजन            सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस तिहार को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने सहित एक पोर्टल तैयार किया गया है।           सुशासन तिहार के अंतर्गत 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर समाधान पेटी रखी जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की जाएगी। आवश्यकतानुसार हाट-बाजारों में भी आवेदन संग्रह किये जा सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी व्यवस्था पोर्टल में रहेगी। जनसाधारण कॉमन सर्विस सेंटर में भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक आवेदन को पोर्टल में पंजीकृत कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, साथ ही आवेदनकर्ता को पावती दी जाएगी। आवेदनों का निराकरण           आम जनता से प्राप्त सभी आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और जिला, जनपद एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग और अधिकारी लगभग एक माह के भीतर इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविर का आयोजन           सुशासन तिहार के तहत 05 मई से 31 मई 2025 के दौरान प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। शिविरों के आयोजन की तिथि की जानकारी आवेदकों को एसएमएस के माध्यम से तथा आवेदन की पावती के माध्यम से दी जाएगी, साथ ही इन तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाएगी। वहीं यथासम्भव आवेदनों का निराकरण मौके पर भी किया जाएगा और शेष आवेदनों का समाधान एक माह में करने सहित आवेदकों को सूचित किया जाएगा।            सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्रीगण सहित मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं राज्य शासन के अधिकारी भी शामिल होंगे तथा वहां आवेदकों से भेंटकर उनकी समस्याओं और निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इस तिहार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। आवेदन प्राप्त करने, उनकी प्रविष्टि, मॉनिटरिंग एवं समाधान प्रक्रियाओं के लिए सम्बन्धित अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। जनप्रतिनिधियों की होगी भागीदारी    सुशासन तिहार में स्थानीय सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी होगी। उन्हें समाधान शिविर आयोजन तथा अन्य आवश्यक जानकारियां समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रीगणों द्वारा  विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण द्वारा किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं से लोगों को मिल रहे लाभ के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अपने भ्रमण के दौरान उक्त निरीक्षण करने सहित आम जनता से भेंट करेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री और मंत्रीगणों द्वारा जिला मुख्यालय पर अधिकारियों की बैठक ली जाएगी, जिसमें समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी, साथ ही आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही समीक्षा बैठक के उपरांत अथवा उपयुक्त समय पर प्रेसवार्ता लेने सहित विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट की जाएगी।

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