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एसपी ऑफिस में पदस्थ क्लर्क निकला 6 लाख की डकैती का मास्टर माइंड

रायपुर एसपी का क्लर्क निकला डकैत… ये पढ़कर आप हैरान हो गए होंगे, हां, लेकिन ये सच है. बलौदाबाजार एसपी ऑफिस में पदस्थ क्लर्क राजधानी रायपुर से लगे खरोरा थानाक्षेत्र में हुई 6 लाख की डकैती का मास्टर माइंड बनकर सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में उक्त क्लर्क और एक रिटायर्ड पुलिस कर्मी समेत 14 से ज्यादा आरोपियों को हिसारत में ले लिया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रायपुर से सटे खरोरा थाना क्षेत्र के केवराडीह गांव में बड़ी डकैती की वारदात सामने आई थी. पीड़ितों के मुताबिक 6 से 7 नकाबपोश हथियारबंद डकैतों ने किसान राधेलाल भारद्वाज के घर में घुसकर परिवार को बंधक बना लिया और 6 लाख नकद व सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए थे. आधी रात को डकैत घर में घुसे थे, इन्होंने किसान के परिवार वालों के हाथ-पैर बांधकर वारदात को अंजाम दिया था. डकैतों के पास पिस्टर और अन्य हथियार थे, जिन्हें दिखाकर उन्होंने किसान के परिवार को धमकाया था. इस पूरे मामले को रायपुर पुलिस ने गंभीरता से लिया था और डॉग स्क्वार्ड, क्राईम ब्रांच समेत कई अलग-अलग टीमों को एक्टिव किया था. पुलिस जल्द इस पूरे मामले में खुलासा करने वाली है.

थाने से महज 100 मीटर दूर चोरों ने बोला धावा, लाखों के जेवरात और 3 लाख से ज्यादा पार

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले काफी बुलंद नजर आ रहे हैं. बीती रात थाने से महज 100 मीटर दूरी पर स्थित घर को सूना पाकर चारों ने 25 तोला जेवरात, सिक्के और 3.80 लाख कैश पार कर दिए. मकान मालिक जब घर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए. पीड़ित ने पुलिस में चोरी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर टीम के साथ घटना स्थल का मुआयना करने पहुंचे. जानकारी के मुताबिक, पीड़ित मकान मालिक शेष नारायण पात्र देवभोग अस्पताल में नेत्र सहायक के रूप में पदस्थ हैं और उनका पूरा परिवार रायपुर में रहता है. वे शनिवार को रायपुर जाकर रविवार की रात वापस गरियाबंद पहुंच जाते हैं. बीती रात भी वे लगभग डेढ़ बजे अपने घर पहुंचे थे. घर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि घर का ताला टूटा था. अंदर जाकर देखा तो आलमारी से जेवरात और कैश भी चोरी हो चुकी थी. रात को ही शेष नारायण पात्र ने मामले की सूचना देवभोग पुलिस को दिया, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने बताया कि मामले की सूचना के बाद टिम जांच शुरू कर दिया है.आसपास के सीसी कैमरा खंगाले जा रहे हैं. संदिग्धों से भी पूछताछ की जाएगी. क्यो मजबूत है चोरों के इरादे? देवभोग क्षेत्र में सुने मकान में चोरी की परिपाटी कई वर्षों से चली आ रही है. पिछले साल प्रसन्न तायल के यहां 9 लाख से ज्यादा कीमती जेवरात की चोरी सुने मकान में हुई थी. महेंद्र भाई पटेल और मो. फिरोज के अलावा पिछले 3 साल में सुने मकान में चोरी के 10 से ज्यादा मामले हुए. लेकिन पुलिस अब तक इनमें से एक भी चोर तक नहीं पहुंच सकी है.

टीके की डबल डोज से 3 माह की मासूम बच्ची की मौत, नर्स पर लापरवाही का आरोप

भानुप्रतापपुर छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर में स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही के चलते एक 3 माह के मासूम बच्ची की मौत हो गई. जिले के नेहरूनगर में मासूम को टीकाकरण के लिए ले जाया गया था, परिजनों का आरोप है कि यहां नर्स ने गलत टीका लगा दिया, जिसके बाद मासूम की जान चली गई. परिजनों ने इस मामले की शिकायत भानुप्रतापपुर थाने और एसडीएम भानुप्रतापपुर के पास की है. पुलिस ने मर्ग कायम कर बच्ची के शव को पीएम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र में मासूम को 3 महीने में लगने वाला टीका सही ढंग से लगाया गया, लेकिन उसके बाद 9 महीने में लगने वाला टीका भी गलती से उसी बच्चे को लगा दिया गया. इस दौरान परिजनों के सवाल करने पर नर्स ने यह कहकर टाल दिया कि “कुछ नहीं होता” इसके बाद, बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे भानुप्रतापपुर के शासकीय अस्पताल में दिखाया गया, जहां उसे सिरप दे कर घर भेज दिया गया. हालांकि, बच्चे की हालत और बिगड़ने पर परिजनों ने उसे धमतरी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मासूम ने दम तोड़ दिया. पता चला कि बच्ची को दूसरी बार लगाए गए गलत टीके के कारण मासूम को गंभीर संक्रमण हुआ और उसकी मौत हो गई. वहीं, तहसीलदार सुरेंद्र उर्वशा ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी.

पेंड्रा सड़क हादसा : सीएम साय ने जताया गहरा दुख, 5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पेंड्रा सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 8 ग्रमीण घायल हुए थे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख प्रकट किया. उन्होंने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को 5 लाख रूपये, गंभीर रूप से घायल 4 ग्रामीणों को 1 लाख रूपये और आंशिक रूप से घायल 4 ग्रामीणों को 50 हजार रूपये आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. सीएम साय ने आधिकारिक एक्स एकाउंट पर लिखा कि उनकी संतप्त परिजनों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं. वे ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं.     गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा में बोलेरो वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से 2 ग्रामीणों की मृत्यु और 8 ग्रामीणों के घायल होने की खबर अत्यंत दुःखद है।     जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को 5 लाख रूपये, गंभीर रूप से घायल 4 ग्रामीणों को 1 लाख रूपये और आंशिक रूप से घायल 4…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) March 30, 2025 बता दें कि गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले के कोटमी थाना चौकी अंतर्गत पुल पार कर रही महिला से टक्कर होने के बाद बोलेरो अनियंत्रित होकर पुल के नीचे जा गिरी थी. घटना में टक्कर से महिला की मौत हुई थी. वहीं कार सवार मृतक बाबूराम चौधरी और रमिता बाई की मौत हो गई. ये सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिलासपुर सभा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे.

हिंदू नववर्ष पर निकाली भव्य झांकी, अघोरी टोली के साथ जमकर झूमे मंत्री टंकराम वर्मा

बलौदाबाजार चैत्र प्रतिपदा के साथ ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो गई. इस अवसर पर शहर में भव्य झांकी निकाली गई, कार्यक्रम में शामिल कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा अघोरी टोली के साथ जमकर नृत्य किया। हिंदू नववर्ष पर नगर के सिविल लाइन स्थित माँ षष्ठी मंदिर से सर्व हिन्दू समाज ने पारंपरिक वेषभूषा मे रैली निकाली गई तथा नवदुर्गा की वेशभूषा में बच्चियों ने झांकी की प्रस्तुति दी. इस रैली का मुख्य आकर्षण हरियाणा से आए अघोरी टोली रही, जिन्होंने बाबा भूतनाथ को लेकर आकर्षक प्रस्तुति देकर लोगों की वाहवाही लूटी. वहीं अघोरी टोली के करतबों को देखने हजारों की संख्या में नगरवासी मौजूद रहे. सर्व हिन्दू समाज व सोनचंद वर्मा फाउंडेशन द्वारा दशहरा मैदान में नववर्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने देश के विभिन्न राज्यों में नववर्ष मनाने को लेकर आकर्षित प्रस्तुति दी. इन सबके बीच बलौदाबाजार विधायक व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा भी स्वयं को नहीं रोक पाये और जमकर अघोरी टोली के साथ झूमकर नगरवासियों को हिन्दू नववर्ष की बधाई शुभकामनाएँ दी. बच्चों में हो धर्म के प्रति आस्था, संस्कार कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने इस आयोजन के लिए आयोजन समिति को बधाई दी और कहा कि आज से सनातनी हिंदू नववर्ष का शुभारंभ हो गया है. सभी बच्चों में धर्म के प्रति आस्था हो, संस्कार हो, और हमारी संस्कृति को हम अपनाकर चले. वहीं अघोरी प्रस्तुति में स्वयं के नृत्य करने पर कहा कि वे कलाकार भी है, और यह उत्साह से हिन्दू नववर्ष का स्वागत कार्यक्रम है. जहाँ कला की बात आती है, तो वैसे ही आगे बढ़ जाते हैं. कार्यक्रम में बड़ी हजारों की संख्या में नगरवासियों के साथ कलेक्टर दीपक सोनी, जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष अशोक जैन, चितावर जायसवाल, सहित जनप्रतिनिधि सहित अधिकारीगण व बलौदाबाजार सहित आसपास के नागरिक सपरिवार उपस्थित रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि  हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है।  उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है। 2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। आदिवासी विकास में विशेष योगदान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।   मुख्यमंत्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर एनकाउंटर, एक महिला नक्सली को सुरक्षाबलों ने मार गिराया

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों -नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस एनकाउंटर में एक महिला नक्सली की मारे जाने की खबर सामने आई है। इसके साथ ही जवानों ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद किया है। महिला नक्सली का शव बरामद कर लिया गया है। दोनों ओर से फायरिंग जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों की टीम निकली थी। करीब 9 बजे जवानों का सामना नक्सलियों से हो गया। दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने नक्सलियों से इंसास राइफल, गोला-बारूद और अन्य सामान बरामद किया है। फिलहाल, क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्चिंग जारी है। दो दिन पहले सुकमा में 17 मारे सुकमा और दंतेवाड़ा जिले की सरहद पर शनिवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF के 500-600 जवानों ने 17 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें 11 महिला नक्सली हैं। मुठभेड़ केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में हुई थी। घटना स्थल पर सर्चिंग जारी मुठभेड़ स्थल से अब तक एक इंसास राइफल हथियार सहित एक महिला नक्सली का शव, गोला बारूद के साथ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं। फिलहाल, घटना स्थल पर सर्चिंग जारी है। इससे पहले एक अन्य घटना में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के केरलापाल इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों ने एक बड़ी मुठभेड़ में 18 नक्सलियों को मार गिराया था। मिली जानकारी के मुताबिक,  जिला दंतेवाड़ा और बीजापुर के सरहदी क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर सुरक्षा बल की टीम निकली थी। अभियान के दौरान आज सुबह नौ बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार फायरिंग जारी है। मुठभेड़ स्थल से अब तक एक इंसास राइफल हथियार सहित एक महिला नक्सली का शव, गोला बारूद के साथ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं। फिलहाल, घटना स्थल पर सर्चिंग जारी है। छत्तीसगढ़ में 50 नक्सलियों का आत्मसमर्पण बीजापुर जिले में रविवार को 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। जिनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम था। एक अधिकारी ने बताया था कि उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाले। कुल 68 लाख रुपये का इनाम उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों में से छह पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था, जिनमें से तीन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। पांच पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) ने उनके आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पीएम मोदी के दौरे के कुछ घंटे पहले आत्मसमर्पण एसपी ने जानकारी देते हुए कहा था कि आंदोलन छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। यह आत्मसमर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे से कुछ घंटे पहले हुआ। वह 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखन वाले हैं। संयोग से सुरक्षा बलों ने बीते शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के सुकमा और बीजापुर जिलों में दोहरे मुठभेड़ों में 11 महिलाओं सहित 18 नक्सलियों को मार गिराया था, जो 31 मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के मिशन में एक बड़ी सफलता है। 2024 में 792 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 134 नक्सलियों को मार गिराया गया है। उनमें से 118 बस्तर संभाग में समाप्त हुए। पुलिस के अनुसार, 2024 में सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। नक्सलियों की मौजूदगी की विशेष जानकारी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया सूचना मिली थी। जिले के केरलापाल थानाक्षेत्र के गोगुंडा की पहाड़ी पर नक्सली कमांडर जगदीश के होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद डीआरजी और सीआरपीएफ के जवान रवाना हुए। नक्सलियों को दी जाएगी सहायता राशि वहीं अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने माओवादियों की खोखली और अमानवीय विचारधारा से निराश होकर तथा राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।  

पति ने पत्नी की वर्जिनिटी पर उठा दिया सवाल, हाई कोर्ट ने क्या सुनाया फैसला

 बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महिला को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि किसी भी महिला को वर्जिनिटी टेस्ट के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। यह फैसला जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा ने एक आदमी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। पति ने अपनी पत्नी का वर्जिनिटी टेस्ट कराने की मांग की थी। वह साबित करना चाहता था कि उसकी पत्नी का किसी और के साथ अफेयर है। अदालत ने क्या सुनाया फैसला? कोर्ट ने कहा कि वर्जिनिटी टेस्ट की इजाजत देना महिला के मौलिक अधिकारों, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और उसकी निजी गरिमा के खिलाफ होगा। जज अरविंद कुमार वर्मा ने व्यक्ति द्वारा दायर आपराधिक याचिका के जवाब में यह टिप्पणी की। आदमी का कहना था कि वो अपनी पत्नी का वर्जिनिटी टेस्ट कराना चाहता था क्योंकि वो यह साबित करना चाहता था कि उसका पत्नी के साथ किसी के साथ अफेयर है। आदमी ने फैमिली कोर्ट के 15 अक्टूबर 2024 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी अर्जी खारिज कर दी गई थी। पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसका पति नपुंसक है और वह उसके साथ रिश्ते बनाने से इनकार करता है। कोर्ट ने आदमी से कहा कि वह अपनी नपुंसकता के आरोप को गलत साबित करने के लिए मेडिकल टेस्ट करा सकता है। पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसका पति नपुंसक है और उसने सहवास करने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता यह साबित करना चाहता है कि नपुंसकता के आरोप निराधार हैं, तो वह संबंधित मेडिकल टेस्ट करा सकता है या कोई अन्य सबूत पेश कर सकता है। उसे पत्नी का कौमार्य परीक्षण कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट द्वारा 9 जनवरी को पारित आदेश को हाल ही में उपलब्ध कराया गया। हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा अपनी पत्नी के कौमार्य परीक्षण की मांग करना असंवैधानिक है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है, जिसमें महिलाओं के सम्मान का अधिकार शामिल है। भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 न केवल जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी देता है, जो महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी महिला को अपना कौमार्य परीक्षण कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 21 के तहत दिया गया व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार अपरिवर्तनीय है और इसके साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। हाई कोर्ट ने कहा, “चाहे जो भी हो, लेकिन किसी भी मामले में प्रतिवादी को कौमार्य परीक्षण की अनुमति देना उसके मौलिक अधिकारों, प्राकृतिक न्याय के प्रमुख सिद्धांतों और एक महिला की शील के विरुद्ध होगा। पीठ ने आगे कहा कि दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ लगाए गए आरोप साक्ष्य का विषय हैं। साक्ष्य के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकता है। हाई कोर्ट का विचार है कि फैमिली कोर्ट का आदेश न तो अवैध है और न ही विकृत है। इस जोड़े ने 30 अप्रैल 2023 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया। महिला कोरबा जिले में पति के पारिवारिक आवास पर साथ रहती थी। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि पत्नी ने कथित तौर पर अपने परिवार के सदस्यों से कहा कि उसका पति नपुंसक है। उसने अपने पति के साथ सहवास करने से इनकार कर दिया। उसने 2 जुलाई 2024 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 144 के तहत रायगढ़ जिले के फैमिली कोर्ट में अपने पति से 20000 रुपए के भरण-पोषण की मांग करते हुए एक अंतरिम आवेदन दायर किया। भरण-पोषण दावे के अंतरिम आवेदन के जवाब में याचिकाकर्ता ने अपनी पत्नी का कौमार्य परीक्षण कराने की मांग की। आरोप लगाया कि वह अपने देवर के साथ अवैध संबंध में थी। दावा किया कि उसने कभी अपनी पत्नी से शारीरिक संबंध नहीं बनाए। 15 अक्टूबर 2024 को रायगढ़ की फैमिली कोर्ट ने पति के अनुरोध को खारिज कर दिया। इसके बाद पति ने हाई कोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की। मामला फिलहाल फैमिली कोर्ट में साक्ष्य के स्तर पर है। HC- नहीं दी जा सकती वर्जिनिटी टेस्ट की अनुमति     हाई कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता यह साबित करना चाहता है कि नपुंसकता के आरोप निराधार हैं, तो वह संबंधित चिकित्सा टेस्ट करवा सकता है या कोई अन्य सबूत प्रस्तुत कर सकता है।     हाल ही में उपलब्ध कराए गए 9 जनवरी को पारित हाई कोर्ट के आदेश में कहा गया है, “उसे संभवतः पत्नी का वर्जिनिटी टेस्ट करवाने और अपने साक्ष्य में कमी को पूरा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। मामला क्या है? इस कपल की शादी 2023 में हुई थी। पत्नी ने कथित तौर पर अपने परिवार के सदस्यों से कहा कि उसका पति नपुंसक है, और उसने वैवाहिक संबंध स्थापित करने से इनकार कर दिया। उसने अपने पति से ₹20,000 का भरण-पोषण मांगा। याचिकाकर्ता ने जवाब दिया, फिर अपनी पत्नी का वर्जिनिटी टेस्ट कराने की मांग की और आरोप लगाया कि वह अपने देवर के साथ अवैध संबंध में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना कार्य का शुभारंभ

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार बिलासपुर  आगमन के दौरान छत्तीसगढ़  राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660एमडब्ल्यू) का कार्य का  शुभारंभ  किया।    यह परियोजना छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा । यह परियोजना छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ा कदम है । उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के लिए निदेशक मंडल के अनुमोदन के उपरांत 12 फरवरी 2024 को विस्तृत निविदा जारी की गई थी । परियोजना के लिए पर्यावरणीय अनुमति 26 मार्च 2025 को मिली और निदेशक मंडल की अनुमति के पश्चात सार्वजनिक क्षेत्र की ईकाई  भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड को 27 मार्च को इसका कार्यादेश जारी किया गया । छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार ने 30 मार्च को बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से इस महत्वपूर्ण परियोजना का कार्य  का  शुभारंभ कराया गया।

सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी

रायपुर : ‘पक्का मकान बन गया है?’ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सवाल पर मुस्कराए दल्लु राम बैगा, कहा – “हां, बन गया है” ‘पक्का मकान बन गया है प्रधानमंत्री जनमन योजना बनी आत्मसम्मान की छत – एक सजीव संवाद की प्रेरक कहानी तीन लाख गरीबों का सपना हुआ पूरा, पहुंचे खुद के पक्के मकानों में सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी दूरस्थ वनांचलों में भी गरीबों और वंचितों के अब खुद के पक्के घर, सुरक्षा और सम्मान के साथ चिंतामुक्त रह रहे अपने सपने के आशियानों में रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद। प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर पूछा – “पक्का मकान बन गया है?” दल्लु राम ने हाथ जोड़कर जवाब दिया – “हां, बन गया है।” प्रधानमंत्री मोदी ने फिर स्नेहपूर्वक पूछा – “अच्छा लग रहा है की नहीं?” भावुक दल्लु राम ने जवाब दिया “अच्छा लग रहा है।” प्रधानमंत्री ने अंत में पूछा – “बाकी सब ठीक है?” दल्लु राम ने आत्मविश्वास के साथ कहा – “ठीक है।” यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था। छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की श्रीमती सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी। रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु… ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है। दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कान राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है। आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है। टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छत वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है – “मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया… और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं… रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।” बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है – “आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।” प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके … Read more

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जयस्तंभ चौक, रायपुर में भगवान झूलेलाल की जयंती और चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व पर आयोजित शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। यह शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद जयस्तंभ चौक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को भगवान झूलेलाल जयंती, चेट्रीचण्ड्र पर्व, हिंदू नववर्ष एवं नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के आराध्य नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, साहस और सेवा भाव के प्रतीक हैं। चेट्रीचण्ड्र का यह पर्व नए वर्ष की उम्मीद, विश्वास और विजय की शुरुआत है। मुख्यमंत्री साय ने भगवान झूलेलाल और मां भवानी से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा किnनवरात्रि के साथ प्रारंभ हो रहे इस शुभ समय में हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि समाज और देश के लिए मिलकर काम करें।” मुख्यमंत्री ने सिंधी समाज के संघर्षों, परिश्रम और उपलब्धियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि देश के विभाजन के बाद जब सिंधी समाज को अपना सबकुछ छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा, तब भी आपने हार नहीं मानी। आपकी कर्मठता, एकजुटता और आत्मबल ने आपको देश के हर कोने में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी जी का विशेष रूप से स्मरण करते हुए कहा कि आडवाणी जी जैसे महान नेता सिंधी समाज की प्रेरणा हैं, जिन्होंने उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री जैसे दायित्वों को निभाकर राष्ट्रनिर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। उन्होंने आगे कहा कि सिंधी समाज का योगदान व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के हर क्षेत्र में अनुकरणीय है। आपकी एकजुटता और पारिवारिक मूल्य आज भी नई पीढ़ी को रास्ता दिखाते हैं। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सिंधी काउंसिल के अध्यक्ष ललित जयसिंघ, श्रीचंद सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव, पार्षद अमर गिदवानी, फिल्म अभिनेत्री श्रीमती भाग्यसहित अनेक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर और अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन शुरू होने से आम लोगों के लिए आवागमन किफायती और आसान होगा

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  छत्तीसगढ़ के मोहभट्ठा बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर  पर 2,695 करोड़ रूपए की लागत से पूरी हो चुकी चार रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही  7 रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और यात्रियों को किफायती एवं सुगम परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। रायपुर और अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन शुरू होने से आम लोगों के लिए आवागमन किफायती और आसान होगा। इस ट्रेन का ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने 747 करोड़ की लागत से राजनांदगांव-बोरतलाव तक बिछाई गई तीसरी रेल लाइन, 353 करोड़ की लागत से मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर नई रेल लाइन, 88 करोड़ की लागत से दुर्ग-रायपुर स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के साथ ही छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खरसिया-झाराडीह पांचवीं रेल लाइन, सरगबुंदिया-मड़वारानी तीसरी-चौथी रेल लाइन, दाधापारा-बिल्हा-दगोरी चौथी रेल लाइन, निपनिया-भाटापारा-हथबंद चौथी रेल लाइन, भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन चौथी रेल लाइन, राजनांदगांव-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन, और करगी रोड-सल्का रोड तीसरी रेल लाइन का शिलान्यास किया।   वन मंत्री केदार कश्यप इस मौके पर अभनपुर रेल स्टेशन पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रेल सुविधाओं का विकास राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। रेल संपर्क का विस्तार दूरदराज के क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर खोलेगा, जिससे आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर से अभनपुर के बीच शुरू की गई मेमू ट्रेन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि भविष्य में रेल सुविधाओं का विस्तार बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक  किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा रेल्वे नेटवर्क से जुड़े। कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, सुनील कुमार सोनी, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब,  इंद्र कुमार साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप, ज़िला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

छत्तीशगढ़ सीमेंट ट्रांसपॉर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की आमसभा में अंजय का कार्यकाल 3 वर्ष बढ़ाया

बस्तर आज होटल Ambrossia में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर  की आमसभा  संपन्न हुई जिसमें समस्त सदस्यों ने सर्वसम्मति से   श्रीमान अंजय शुक्ल का कार्यकाल 3 वर्ष बढ़ाने अपना समर्थन दिया।  आमसभा को संबोधित करते हुए श्री शुक्ल ने समस्त ट्रांस्पोटरो को आश्वस्त किया कि प्रदेश में विष्णु देव जी की सरकार में ट्रांसपोर्टर को कोई परेशानी नही आने दी जाएगी।  सुखदेव सिंह सिद्धू अध्यक्ष रायपुर बस्तर कोरापुट  अमित सूरी जी पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन सुखी बाबा सुब्रत डे अचल भाटिया  मलकीत सिंह  जसवंत सिंह रितेश जैन मनोज गुप्ता विनीत सिंह सलूजा पवन साहू गणेश प्रसाद जायसवाल नरेश अग्रवाल सुमित अग्रवाल हरप्रीत सिंह भाटिया अनुराग जैन अमित तिवारी आशीष अग्रवाल अर्पित तिवारी अरुण तुलसियान भूपेंद्र यादव शिवकुमार सिंह हरप्रीत सिंह जयप्रकाश हरविंदर सिंह द्वारिका अवस्थी महेंद्र सिंह मनोज पोद्दार कमल कुमार पोद्दार जगदीश सिंघानिया संदीप शर्मा वैभव जग्गी परमिंदर सिंह संदीप कुमार हरिंदर देवेंद्र यादव भगवत सिंह जसविंदर सिंह दलविंदर सिंह कुलदीप सिंह खुशवंत सिंह मुकेश सुल्तानिया विजेंद्र यादव अनिल शर्मा जसवंत सिंह सोम सिंह आकाश गिलानी मनोज अग्रवाल अमित तिवारी कवर दीवान शुभंकर द्विवेदी आनंद आहूजा अग्रवाल अशोक शर्मा महेंद्र सेठिया आशीष अग्रवाल अब्दुल हक पंकज सिंह अशोक जी मनजीत सिंह गुरविंदर सिंह विजय गुप्ता दमनदीप आदि ट्रांसपोर्टर  उपस्थित थे

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और 4 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया, कुल लागत ₹2,695 करोड़

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और 4 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया, कुल लागत ₹2,695 करोड़ अभनपुर – रायपुर के बीच मेमू ट्रेन सेवा (व्हाया-मंदिर हसौद) का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया बिलासपुर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 4 महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, जिनकी कुल लागत ₹2,695 करोड़ है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मोहभट्टा, बिलासपुर स्थित कार्यक्रम स्थल से अभनपुर–रायपुर के बीच मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। ये परियोजनाएं राज्य में रेल परिवहन को और मजबूत करेंगी, जिससे यात्री एवं माल परिवहन को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। आधारशिला रखी गई 7 रेलवे परियोजनाएं: 1. खरसिया-झाराडीह (पांचवी लाइन) – 6 किमी (लागत: ₹80 करोड़) 2. सरगबुंदिया-मड़वारानी (तीसरी एवं चौथी लाइन) – 12 किमी (लागत: ₹168 करोड़) 3. दाधापारा-बिल्हा-दगोरी (चौथी लाइन) – 16 किमी (लागत: ₹256 करोड़) 4. निपनिया-भाटापारा-हथबंद (चौथी लाइन) – 23 किमी (लागत: ₹347 करोड़) 5. भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन (चौथी लाइन) – 12 किमी (लागत: ₹233 करोड़) 6. राजनांदगांव-डोंगरगढ़ (चौथी लाइन) – 31 किमी (लागत: ₹328 करोड़) 7. करगी रोड-सल्का रोड (तीसरी लाइन) – 8 किमी (लागत: ₹95 करोड़) राष्ट्र को समर्पित की गई रेलवे परियोजनाएं: 1. राजनांदगांव-बोरतलाव (तीसरी लाइन) – 48 किमी (लागत: ₹747 करोड़) 2. नई रेल लाइन – मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर – 26 किमी (लागत: ₹353 करोड़) 3. दुर्ग-रायपुर (ऑटोमैटिक सिग्नलिंग) – 37 रेल किमी (लागत: ₹88 करोड़) 4. छत्तीसगढ़ राज्य में शत-प्रतिशत रेलवे लाइन का विद्युतीकरण मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ: अभनपुर-रायपुर (व्हाया-मंदिर हसौद) मेमू ट्रेन सेवा परियोजनाओं के प्रमुख लाभ: नया रायपुर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी: अभनपुर, रायपुर, और मंदिर हसौद के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रालय और सचिवालय जाने वाले दैनिक यात्रियों के लिए समय और धन की बचत करेगी तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी। यात्रियों के लिए तेज़ और सुविधाजनक यात्रा: नई रेलवे लाइनों और अतिरिक्त ट्रैकों के निर्माण से ट्रेन की गति बढ़ेगी, जिससे यात्रा अधिक तेज़ और सुगम होगी। रेल यातायात में सुधार: तीसरी, चौथी और पाँचवीं लाइन की परियोजनाएं ट्रेन संचालन क्षमता को बढ़ाएंगी, जिससे ट्रेनों की समयबद्ध आवाजाही सुनिश्चित होगी। माल परिवहन को बढ़ावा: औद्योगिक रेलवे मार्गों के उन्नयन से कोयला, इस्पात और अन्य सामानों का परिवहन तेज़ और किफायती होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नए राजधानी क्षेत्र के लिए बेहतर कनेक्टिविटी: अभनपुर-केन्द्री-मंदिर हसौद रेलवे लाइन नया रायपुर को रेलवे नेटवर्क से सीधे जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। ये परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाएंगी, माल और यात्री परिवहन की गति बढ़ाएंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल मोहभट्टा बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रामेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, जप्रतिनिगण, रेलवे, एनटीपीसी सहित अन्य उपक्रमों व राज्य सरकार के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में जनसमूह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है। छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है। महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है। यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है। बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को भेंट कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।

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