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15 दिनों में 13 हजार राशन दुकानों की जांच मुश्किल, CG में चावल घोटाला छुपाने को कर रहे लेटलतीफी

रायपुर प्रदेश की 13 हजार राशन दुकानों में ऑनलाइन स्टॉक और गोदाम में रखे स्टॉक में अंतर की जांच अब तक शुरू नहीं हो पाई है। यह स्थिति तब है जब बचत स्टॉक के सत्यापन और डेटा एंट्री 10 अप्रैल, 2025 तक पूरा की जानी है। राशन दुकानों की जांच दल में खाद्य विभाग के साथ गृह विभाग और सहकारिता के सदस्यों को रखा जाएगा। इसके लिए 13 फरवरी को आदेश जारी किया गया था। यह सत्यापन एक मार्च 2025 की स्थिति में किया जाना है। इस तरह 13 हजार राशन दुकानों की जांच 15 दिनों में किया जाना मुश्किल है। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज जांच में देरी का फायदा गड़बड़ी करने वाले राशन दुकान संचालक उठा रहे हैं। बता दें कि राजधानी की अधिकांश राशन दुकानों में वास्तविक स्टॉक में गड़बड़ी है। इसलिए जांच को अटकाया जा रहा है। महिला समितियों ने कलेक्टर से की शिकायत सोमवार को कई महिला समितियों ने कलेक्टर से मिलकर फर्जी अध्यक्ष का वीडियो दिखाकर जांच की मांग की है। वीडियो में संघ का फर्जी अध्यक्ष महिलाओं को धमका कर खुद राशन दुकान चालने का दवाब बना रहा है। मामले में कलेक्टर ने खाद्य नियंत्रक को जांच करने के लिए कहा है। महिलाओं ने बताया कि फर्जी अध्यक्ष पूर्व विधायक के नाम से दुकानों पर कार्रवाई करवाने की धमकी देकर खुद दुकानें हथिया लेता था। इसके बाद दुकानों से लाखों की चावल की हेराफेरी करता था। इसके बाद खाद्य अधिकारियों से मिलकर दुकानें निलंबित करकर अपनी संस्था में जुड़वाता है।   फिर हुई करोड़ों के चावल घोटाले की शिकायत खमतराई राशन दुकान में एपीएल घोटला और बिना स्टॉक के वितरण दिखाने वाले राशन दुकान संचालक के खिलाफ दो साल पहले की गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। अब फिर से मामले की शिकायत ईओडब्लू में की गई है।  

15 दिवसीय विशेष अभियान : हैंडपंप और सार्वजनिक नलों की मरम्मत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है। बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में ‘सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली’ लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।  डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।  नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की। रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।

दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जारी है मुठभेड़, 5 नक्सली ढेर होने की खबर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर-नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। अब तक 5 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मौके से 3 शव और इंसास राइफल बरामद की गई है। नक्सलियों के बड़े कैडर्स की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने कोर इलाके में घेराबंदी की। करीब 500 जवान इस अभियान में शामिल हैं। फायरिंग सुबह 8 बजे से जारी है। इंद्रावती नदी के पार ऑपरेशन पुलिस को जानकारी मिली थी कि इंद्रावती नदी के पार भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी आधार पर एक दिन पहले दंतेवाड़ा और बीजापुर से जवानों को अभियान के लिए रवाना किया गया था। 25 मार्च की सुबह नक्सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। सूत्रों के मुताबिक, फोर्स ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय और एएसपी आरके बर्मन ने बताया कि मुठभेड़ जारी है। पूरी स्थिति सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही स्पष्ट होगी। दोनों ओर से हो रही फायरिंग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंगल में पहले से मौजूद नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से लगातार गोलियां चल रही हैं। खबर है कि जवानों ने नक्सलियों को घेर लिया है। मुठभेड़ के बारे में पूरी जानकारी कुछ देर बाद पता चलेगी। लेकिन माना जा रहा है कि फोर्स ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है, जिससे कई नक्सली मारे जा सकते हैं। नक्सलियों को हो सकता है भारी नुकसान दंतेवाड़ा के SP गौरव राय ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। फिलहाल मुठभेड़ जारी है और ज्यादा जानकारी का इंतजार है। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हो रही है जब बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस मुठभेड़ से नक्सलियों को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। चार दिन पहले इसी इलाके में 30 नक्सली मारे गए थे चार दिन पहले इसी इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 30 नक्सलियों को मार गिराया था। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर 26 और कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए थे। यह नक्सलियों के लिए उनके TCOC (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) माह में सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह हमला हाल ही में सरेंडर किए नक्सली दिनेश मोड़ियाम की सूचना के आधार पर किया गया था।

रायपुर : अंबिकापुर में चलेगा आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अभियान

रायपुर अंबिकापुर जिले में आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने अभियान चलेगा। कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने आज समय सीमा बैठक में अधिकारियों को अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संविदा भर्ती के अंतर्गत स्टाफ नर्स, कंप्यूटर ऑपरेटर, आर एम ओ सहित अन्य पदों के भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने कहा। कलेक्टर श्री भोसकर ने बैठक में सभी तहसीलदारों को ज्यादा से ज्यादा किसानों को प्रोत्साहित कर एग्रो स्टैक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  उन्होंने वन अधिकार पट्टा वितरण संबंधी प्रकरण की जानकारी ली एवं एस डी एम को पट्टा वितरण संबंधी प्रकरण को सत्यापित कर फर्जी पट्टा वितरण के प्रकरण पर कड़ी कार्रवाई करने कहा। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि डीएमएफ मद से स्वीकृत निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण किया जाए। इसी प्रकार उन्होंने पीएम आवास, पीएम जनमन, स्वामित्व योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल की केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से मुलाकात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल

रायपुर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल के राजधानी रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से सौजन्य मुलाकात हुई। खाद्य मंत्री बघेल ने केन्द्रीय राज्य मंत्री साहू का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री साहू के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने जिला बेमेतरा के बुचीपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव के लिए आमंत्रित किया। उल्लेखनीय है कि चैत्र नवरात्र पर्व के अवसर पर सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया धार्मिक सेवा समिति बुचीपुर द्वारा 30 मार्च से 06 अपै्रल 2025 तक संगीत मय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया गया।

नक्सल प्रभावित बेडमाकोटी नया कैंप स्थापित, जवानों की जान को हर कदम पर खतरा

जगदलपुर भारत सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को साकार करने की दिशा में आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बेडमाकोटी में एक नया कैंप स्थापित किया है। यह कैंप कुतुल से लगभग 5 किमी आगे स्थित है और इसे सुरक्षा बलों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। कोण्डागांव स्थित 41वीं वाहिनी, आईटीबीपी ने डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह (सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय, भुवनेश्वर) के नेतृत्व में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बेडमाकोटी नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, जहां सुरक्षा बलों के लिए चुनौतियां लगातार बनी रहेंगी। इसके बावजूद, यह कैंप न केवल नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध होगा, आईटीबीपी भारत सरकार के नक्सल उन्मूलन मिशन के तहत, अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। नए कैंपों की स्थापना से न केवल सुरक्षा बलों की पकड़ मजबूत हो रही है, बल्कि यहां के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। आईटीबीपी के हिमवीर न केवल क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय जनता को भारत सरकार और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान कर रहे हैं। इस निरंतर उपस्थिति से नक्सलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है, जिससे आम जनता अब खुद को पहले से अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस कर रही है। डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह ने कहा कि आईजी ओपी यादव (सेंट्रल फ्रंटियर, आईटीबीपी) के निरंतर मार्गदर्शन के कारण यह अभियान सफल रहा। उन्होंने 41वीं वाहिनी के सेनानी नरेंद्र सिंह और उनके हिमवीरों को बेडमाकोटी कैंप की सफल स्थापना पर बधाई दी। इसके साथ ही, उन्होंने बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, कांकेर रेंज डीआईजी अमित कामले, नारायणपुर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस की टीमों को इस अभियान में उनके सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर 53वीं वाहिनी के सेनानी अमित भाटी और 45वीं वाहिनी के सेनानी राजीव गुप्ता भी उपस्थित रहे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बोली- छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय परंपराओं में रचा अनुशासन और आदर्श का इतिहास

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदेशवासियों की ओर से भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि जब छत्तीसगढ़ विधानसभा अपने गौरवशाली 25 वर्षों का उत्सव मना रही है, तब देश की प्रथम नागरिक हमारे बीच उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बने छत्तीसगढ़ का रजत वर्ष संयोग से उनके जन्मशताब्दी वर्ष में पड़ रहा है, जिसे हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की 25 वर्षों की यात्रा लोकतंत्र की सुदृढ़ परंपराओं की प्रतीक है। वैदिक काल से चले आ रहे भारतीय लोकतंत्र को छत्तीसगढ़ ने अपने कार्यों से मजबूत किया है। सदन में जनहितकारी विषयों पर गंभीर चर्चाएं, सशक्त विमर्श और स्वस्थ वातावरण में लिए गए निर्णय, हमारी संसदीय संस्कृति को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने केवल विधायी कार्य ही नहीं, बल्कि प्रतिनिधियों के नेतृत्व विकास को भी प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। हाल ही में विधानसभा सदस्यों के लिए आईआईएम रायपुर में आयोजित पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम इसका उदाहरण है, जहाँ नेतृत्व और प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध हैं। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह गौरव प्राप्त है कि तीसरी बार भारत के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया है। इससे पहले स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु जी के सरल, संघर्षशील और प्रेरणादायक जीवन को देश की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ता की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सदन में ‘स्वअनुशासन’ की परंपरा स्थापित की गई, जहां सदस्यों ने स्वयं बनाए नियमों का पालन कर पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।  डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय गतिविधियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 2011 में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, और 2012 में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित किए, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रतीक हैं। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शीघ्र ही विधानसभा नया रायपुर स्थित नवीन भवन में स्थानांतरित होगी। उन्होंने राष्ट्रपति जी की उपस्थिति को सदन की स्मृतियों में एक अमिट अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को नियमित रूप से पुरस्कार व सम्मान दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।  नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत करते हुए उन्हें संघर्ष, सादगी और सेवा की प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी का जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सब उनके वचनों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास में एकजुटता से कार्य करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विधानसभा सदस्य संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म को पुस्तिका की प्रथम प्रति भेंट की। रजत जयंती समारोह के अवसर पर मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।

लोकतांत्रिक परंपराओं में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक आदर्श उदाहरण : राज्यपाल रमेन डेका

 रायपुर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेते हुए प्रदेशवासियों को 25 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा की बधाई दी और विधान सभा की उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन का परिणाम बताया और उनके प्रति सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा, जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का एक प्रेरणास्पद उदाहरण है। उन्होंने अपने विधायक काल की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करना जनसेवा की भावना से प्रेरित व्यक्तियों के लिए एक सौभाग्य होता है। उन्होंने विधान सभा को संस्कृति की संवाहक और नीति निर्धारण की दिशा देने वाला केंद्र बताया। छत्तीसगढ़ विधान सभा: अनुकरणीय संसदीय आचरण का प्रतीक  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा अपनाई गई अनुशासित और मर्यादित परंपराओं की सराहना की। विशेष रूप से उन्होंने ‘स्वयमेव निलंबन’ जैसे नियमों की सराहना की और इस बात को ऐतिहासिक बताया कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ को मातृशक्ति का  साक्षात प्रतीक बताते हुए  राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को नमन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिला विभूति मिनी माता को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। साथ ही उन्होंने इस बात की सराहना की कि आज विधान सभा में 19 महिला विधायक हैं और राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से आह्वान किया कि वे राज्य की अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को धरातल पर उतारने की अपील की। समावेशी समाज की दिशा में छत्तीसगढ़ की नीतियाँ  राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा पारित 565 विधेयकों को समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक बताया। विशेष रूप से महिलाओं को रूढ़ियों पर आधारित प्रताड़ना से मुक्त कराने वाले अधिनियम का उल्लेख करते हुए डॉ. रमन सिंह जी के कार्यकाल में इसे विधान सभा का महत्वपूर्ण योगदान बताया। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध, संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है।उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावना है। उन्होंने पर्यावरण-संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां के पारंपरिक लोक शिल्प की देश-विदेश में सराहना होती है। यह सुंदर राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों तथा अन्य प्राकृतिक वरदानों से समृद्ध है। छत्तीसगढ़ को महानदी, हसदेव, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदियों का आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ को आधुनिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। राज्य के आप सब नीति-निर्माताओं पर विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की ज़िम्मेदारी है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास-यात्रा से जोड़ना भी सभी जनप्रतिनिधियों का उत्तरदायित्व है। वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति की ओर निर्णायक प्रगति राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ेगा। सामाजिक समरसता का मूलमंत्र : ‘मनखे-मनखे एक समान’  गुरु घासीदास जी के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को उद्धृत करते हुए राष्ट्रपति ने सामाजिक समानता और समरसता के आदर्श छत्तीसगढ़ के निर्माण की बात कही। राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधान सभा को आदर्श लोकतांत्रिक संस्थान बताते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सभी जनप्रतिनिधियों से श्रेष्ठ छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।  राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रजत जयंती समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति को अद्वितीय और प्रेरणादायक बताते हुए राज्य की जनता की ओर से उनका हृदय से स्वागत किया। उन्होंने  भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जन-आकांक्षाओं की गहरी समझ का परिणाम था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसमें अधोसंरचना विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्यपाल श्री डेका ने छत्तीसगढ़ विधान सभा की 25 वर्ष की यात्रा को गर्व और सम्मान की यात्रा बताया।  राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा अपनाए गए ‘स्वयमेव निलंबन’ नियम को अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इसे पूरे देश की विधानसभाओं के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे राष्ट्रभर में सराहा गया है।  उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा जन आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने वाला मंच है। राज्यपाल ने विधानसभा की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना की, जिनसे राज्य को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाया गया। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास के निरंतर प्रयासों से बस्तर अंचल के आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिल रही है। खनिज संपदा से औद्योगिक शक्ति बनने की यात्रा  राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का प्रमुख स्टील और ऊर्जा उत्पादक राज्य बताते हुए उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। राज्यपाल ने जानकारी दी कि वर्तमान विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं, जो कुल सदस्यों का 21.11 प्रतिशत हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का श्रेष्ठ उदाहरण बताया और राज्य में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना की।उन्होंने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को नमन करते हुए कई महापुरुषों का स्मरण किया, जिनमें माता शबरी, गुरु घासीदास, स्वामी विवेकानंद, वीर नारायण सिंह, मिनीमाता आदि प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद के किशोर जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छत्तीसगढ़ में बीते, जिसने उनके आत्मिक विकास में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि रजत जयंती वर्ष हमें एक नई ऊर्जा देता है, और यह हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए कि छत्तीसगढ़िया सबले … Read more

कुणाल कमरा के समर्थन में दीपक बैज बोले – गद्दार को गद्दार नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे

    रायपुर कॉमेडियन कुणाल कामरा फिर से विवादों के घेरे में है. एक वीडियो में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी करने से शिवसेना के कार्यकर्ता भड़क गए. वीडियो सामने आने के कार्यकर्ताओं ने बाद मुंबई के एक होटल में जमकर तोड़फोड़ की. इस बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कुणाल कामरा का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि कॉमेडियन ने कुछ गलत नहीं कहा है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने ऐसा किया ही क्या है की उन्हें अवार्ड मिलना चाहिए? गद्दार को गद्दार नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे. कॉमेडियन कुणाल कामरा ने कुछ गलत नहीं कहा है. कुणाल कामरा ने वीडियो में क्या कहा था ? दरअसल, वीडियो मे कामरा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसा और उन्हें ‘गद्दार’ बताया. जिस गाने के बोल पर विवाद छिड़ा उसकी लाइन ऐसी है :- ठाणे की रिक्शा चेहरे पर दाढ़ी, आंखों पर चश्मा हाय ! एक झलक दिखलाए कभी, गुवाहाटी में छुप जाए. मेरी नजर से तुम देखो गद्दार नजर वो आए ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी , आंखों पर चश्मा हाय. मंत्री नहीं है वो दल बदलू हैं और कहा क्या जाए, जिस थाली में खाये उसमें ही वो छेद कर जाए. मंत्रालय से ज्यादा फडणवीस की गोदी में मिल जाए. तीर कमान मिला है इसको बाप मेरा ये चाहे. ठाणे की रिक्शा चेहरे पर दाढ़ी, आंखों पर चश्मा हाय ! बता दें कि कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल पर महाराष्ट्र पॉलिटिक्स को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में बिना नाम लिए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर तीखी टिप्पणी की. वीडियो को लेकर  शिवसैनिक नाराज हो गए और मुंबई के खार इलाके में स्थित स्टूडियो और होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में तोड़फोड़ की. इस बीच कुणाल कामरा के खिलाफ MIDC पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. विधायक मुराजी पटेल ने शिकायत दर्ज कराई है. वहीं शिवसेना नेता राहुल कनाल ने भी खार पुलिस स्टेशन में कुणाल कामरा, आदित्य ठाकरे, संजय राउत और राहुल गांधी के खिलाफ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का अपमान करने और उन पर सोशल मीडिया पर लगातार हमला करने के लिए बीएनएस की उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की.

संदिग्ध अवस्था में मिली महिला की लाश, जांच में जुटी पुलिस

कोरबा कटघोरा थाना क्षेत्र में स्थित दुर्गा मंदिर के पास एक महिला की लाश संदिग्ध हालत में मिली है. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. मामले की सूचना पर पुलिस पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. जानकारी के अनुसार, महिला किराए के मकान में अकेले रहती थी और मजदूरी करती थी. आज सुबह महिला की लाश घर के पीछे स्थित बाड़ी में पाई गई, जबकि घर का पिछला दरवाजा खुला हुआ था. महिला की लाश संदिग्ध अवस्था में पाई गई, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है. घटनास्थल के पास और घर के दरवाजे पर खून से सने हुए ईंट भी मिले हैं, जो इस मामले को और संदिग्ध बना रहे हैं. कटघोरा थाना पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट को मौके पर बुलाया है. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. एडिशनल एसपी कटघोरा नीतीश कुमार ठाकुर ने बताया कि दुर्गा मंदिर के सामने एक महिला लता नेताम रहती थी, जिनकी हत्या कर दी गई है. वह किराए के मकान में रहती थी. घटना कल शाम की है और इस संबंध में पुलिस को सूचना मिली थी. डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची थी. मौके से भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं और जो संदिग्ध व्यक्ति हैं, उनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में बोली – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह का आयोजन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित सभी विधायक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके वाक्य “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” से की, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और यहां की समृद्ध संस्कृति की सराहना की और इस अवसर का हिस्सा बनने पर खुशी जताई। विधायकों को किया संबोधित, अनुशासन को बताया मिसाल राष्ट्रपति ने कहा कि विधायक के रूप में जनता की सेवा करना एक सौभाग्य की बात है। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा की अनुशासनप्रियता की तारीफ करते हुए कहा कि “यहां कभी मार्शल का उपयोग नहीं किया गया, जो अन्य विधानसभाओं के लिए एक मिसाल है।” उन्होंने उस नियम का भी जिक्र किया, जिसमें सदस्यों के वेल में प्रवेश करने पर स्वचालित निलंबन का प्रावधान है। महिला सशक्तिकरण और मतदाता जागरूकता पर जोर राष्ट्रपति मुर्मू ने छत्तीसगढ़ में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक होने पर खुशी जाहिर की और कहा कि यह राज्य महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने महिला विधायकों को संबोधित करते हुए कहा, “आपको महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने और महिलाओं के हित में नीतियां बनाने में आगे आना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मिनीमाता के योगदान और जनकल्याण में उनकी भूमिका को भी याद किया। छत्तीसगढ़ में विकास की संभावनाओं लेकर कही ये बात राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदाओं और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर बात करते हुए कहा कि यह राज्य सीमेंट, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। नक्सलवाद को लेकर कहा – लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “मुझे जानकारी दी गई है कि यह लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। नक्सल प्रभावित जिलों के लोग विकास के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं, और जल्द ही यह समस्या समाप्त हो जाएगी।” छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सांस्कृतिक संबंधों का किया जिक्र अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की भी बात की। उन्होंने कहा, “हम रायपुर को ओडिशा का हिस्सा मानते हैं। भगवान जगन्नाथ केवल ओडिशा के नहीं, बल्कि सभी के भगवान हैं। छत्तीसगढ़ से मेरा विशेष संबंध रहा है।” राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम भविष्य की कामना की अंत में, राष्ट्रपति मुर्मू ने छत्तीसगढ़ की जनता के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा, “मैं अब तक 5 से 10 बार छत्तीसगढ़ आ चुकी हूं और इस राज्य से मुझे गहरा लगाव है। हम सब एक हैं, भारत हम सबका है। जय भारत, जय छत्तीसगढ़!”  

पीएम की सभा के लिए तैयारी शुरू, 55 एकड़ में सभा स्थल, 5 हेलीपेड, 120 सेक्टर में बैठने की व्यवस्था

बिलासपुर बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को करीब 100 एकड़ में प्रधानमंत्री की सभा होने की तैयारी शुरू हो गई है. इसमें 55 एकड़ में सभा स्थल और शेष में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. रूट चार्ट के अनुसार अलग-अलग रूट के लिए पार्किंग की कलर कोडिंग कर जिलेवार आरक्षित रखे गए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे. इसका ध्यान रखते हुए सभा स्थल में पांच हेलीपेड तैयार किए जा रहे है. इसमें प्रधानमंत्री एवं उनके स्टॉफ के उतरने के लिए स्थल के किनारे तीन हेलीपेड लगभग तैयार हो गए हैं. वहीं स्थल के एक किनारे पर दो और हेलीपेड बनाये जा रहे हैं. जो राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के लिए है. गर्मी के साथ बारिश को ध्यान में रखते हुए हो रही तैयारी आमसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा. बदलते मौसम का भी ध्यान रखा जा रहा है. तेज गरमी के साथ बरसात की स्थिति को देखते हुए तैयारी किए जाने को कहा गया है. दो लाख लोग PM मोदी को सुनने पहुंचेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री को सुनने के लिए पहुंचेंगे. इनकी संख्या करीब दो लाख तक पहुंचने की संभावना है. पीएम के आने-जाने से हितग्राहियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसका ध्यान रखने को कहा गया है. वहीं सुरक्षा प्रोटोकाल के चलते दो-तीन घण्टे पहले हितग्राहियों को पहुंचना होगा. 120 सेक्टर में होगी बैठने की व्यवस्था सभास्थल में सभी डोम मिलाकर 120 सेक्टर में लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. प्रत्येक सेक्टर में 1000 से 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. उनके पानी, नाश्ता, दवा और साफ-सफाई से जुड़े लगभग 7 कर्मचारी सहयोग करेंगे. चूंकि लोग 4-5 घण्टे तक सभास्थल पर ठहरेंगे, इसलिए लगभग 150 पक्के टॉयलेट भी निर्मित किए जा रहे है. 25 मार्च के बाद सभास्थल की ब्राण्डिंग एवं फिनिशिंग का कार्य किया जाएगा.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में किया कदम्ब का पौधरोपण

रायपुर, छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री साय

रायपुर, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आज छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय  अरुण साव एवं विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे,  रमेश बैस, सरोज पाण्डे, गौरीशंकर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया।

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