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180 अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में मिला कैडर, छत्तीसगढ़ को मिले 3 आईएएस ऑफिसर

रायपुर केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने 2024 बैच के आईएएस अधिकारियों को उनके कैडर आवंटित कर दिए हैं. इस बैच में कुल 180 अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में कैडर मिला है. छत्तीसगढ़ को इस बार 3 आईएएस अधिकारी मिले हैं, जिनमें सभी अन्य राज्यों से हैं. आवंटन सूची जारी होने के बाद अब संबंधित राज्य सरकारें इन अधिकारियों की पोस्टिंग करेंगी. इन अधिकारियों को मिला छत्तीसगढ़ कैडर:     पश्चिम बंगाल के निवासी अक्षय दोशी ने यूपीएससी में 75वीं रैंक प्राप्त किया है. उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला है और वे जनरल कैटेगरी से आते हैं.     उत्तर प्रदेश के निवासी विपिन दुबे ने को भी छत्तीसगढ़ कैडर मिला है. उन्होंने यूपीएससी में 238वीं रैंक हासिल किया है और वे भी जनरल कैटेगरी से हैं.     महाराष्ट्र निवासी क्षितिज गुरभेले ने यूपीएससी में 441वीं रैंक प्राप्त किया है. वे अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से आते हैं और उन्हें भी छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है. बता दें, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट 16 अप्रैल 2024 को घोषित किया गया था. परीक्षा कुल 1139 पदों के लिए आयोजित हुई थी, जिसमें पहली सूची में 1016 अभ्यर्थियों का चयन हुआ. बाद में 25 अक्टूबर 2024 को रिजर्व लिस्ट जारी की गई, जिसमें 120 अतिरिक्त अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे. UPSC परीक्षा टॉपर्स और उनके कैडर:     आदित्य श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश): टॉपर रहे आदित्य को उनका होम कैडर (उत्तर प्रदेश) आवंटित हुआ.     अनिमेष प्रधान (ओडिशा): दूसरे स्थान पर रहे अनिमेष को ओडिशा कैडर मिला.     अनन्या रेड्डी (तेलंगाना): तीसरे स्थान पर रहीं अनन्या को महाराष्ट्र कैडर आवंटित हुआ. यूपीएससी 2023 परीक्षा का रिजल्ट इस साल 16 अप्रैल 2024 को जारी हुआ. यूपीएससी 2023 परीक्षा माध्यम से चयनित सभी अभ्यर्थियों को 2024 बैच का हिस्सा बनाया गया है.

‘देश में आया बड़ा परिवर्तन’, छत्तीसगढ़-कबीरधाम से डिप्टी सीएम विजय शर्मा हुए बागेश्वर धाम की सनातन हिंदू एकता यात्रा में शामिल

कबीरधाम. मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में प्रभु श्रीरामराजा सरकार की पवित्र नगरी ओरछा तक सनातन हिंदू एकता यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा शामिल हुए। यूपी के बरुआ सागर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। डिप्टी सीएम ने कहा कि जब-जब देश में महापुरुषों ने पदयात्रा निकली है, तब-तब देश में बड़ा परिवर्तन आया है। पूर्व में आदि शंकराचार्य, विवेकानंद ने भी पदयात्रा की थी, तब परिवर्तन आया था। मैं पूरी उम्मीद के साथ कहना चाहता हूं कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा भी देश में परिवर्तन लाएगी। जातिपात की करो बिदाई, हिन्दू- हिन्दू भाई-भाई। शर्मा ने कहा कि इस पदयात्रा को लेकर हमारे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभकामनाएं भेजी हैं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से छत्तीसगढ़ में भी ऐसे ही पदयात्रा निकालने के लिए निवेदन किया है।

अमित जोगी ने किया ट्वीट, छत्तीसगढ़-जोगी कांग्रेस करेगी ईवीएम से सभी चुनावों का बहिष्कार

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे (जेसीसीजे) ने ईवीएम से चुनाव कराये जाने का बहिष्कार किया है। इस संबंध में पार्टी की कोर कमेटी ने निर्णय लिया है कि “जब तक भारत में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से चुनाव कराये जाएंगे, तब तक वो सभी गैर एनडीए राजनीतिक दलों से ऐसे सभी चुनावों का सीधे बहिष्कार करने का आह्वान करेगी। भारत के संविधान में प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में देश के मतदाताओं का पुनः विश्वास स्थापित करने के लिये बैलट पेपर से चुनाव कराने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इस संबंध में जेसीसीजे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट कर लिखा कि ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की कोर कमिटी ने निर्णय लिया है कि “जब तक भारत में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से चुनाव कराये जाएँगे, तब तक वो सभी ग़ैर-एनडीए राजनीतिक दलों से ऐसे सभी चुनावों का सिधे बहिष्कार करने का आह्वान करेगी।” भारत के संविधान में प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में देश के मतदाताओं का पुनः विश्वास स्थापित करने हेतु बैलट पेपर से चुनाव कराने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

कई छात्राएं घबराकर हुईं बेहोश, छत्तीसगढ़-रायपुर एम्स में जूनियर्स को कमरे में बंद कर रातभर ली रैगिंग

रायपुर. छत्तीसगढ़ के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) में ग्रुप रैगिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पहले कमरे में बंद किया गया। इसके बाद दो बजे रात को कड़ाके की ठंड में कैंपस में खड़ा कराया गया। एमबीबीएस 2023 बैंच के स्टूडेंट्स के साथ सीनियर्स ने ग्रुप रैगिंग की है। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने रात को जूनियर छात्र-छात्राओं को रात 12 बजे कमरे में बुलाकर अंदर से खिड़की दरवाजे, पंखे, लाइट सब बंद कर दिए। कमरे में कई छात्रों को सांस लेने में दिक्कत हुई। इस दौरान कई छात्राएं घबराकर रोने लगीं। कुछ बेहोश भी हो गईं। आरोप है कि रात करीब दो बजे सभी जूनियर्स को ठंड में टी शर्ट में बाहर खड़े कराए। मिली जानकारी के मुताबिक रैगिंग एम्स में एमबीबीएस 2023 बैच के स्टूडेंट के साथ सीनियर बैच के स्टूडेंट्स ने की है। आरोप है कि सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर्स को ग्रुप के साथ बुलाया। फिर एक छोटे से कमरे में बंद कर दिया। जूनियर छात्रों का आरोप है कि कड़के की ठंड में जब बाहर में खड़े कराए गए, उस वक्त सिक्योरिटी गार्ड वहां मौजूद थे। उनसे मदद मांगने पर गार्ड ने भी सीनियर्स को नहीं रोका। लगभग तीन-चार बजे के बाद उन्हें कमरे में जाने की इजाजत मिली। ऐसे हुआ मामले का खुलासा रैगिंग से पीड़ित छात्रों ने सोसायटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन से मामले की लिखित शिकायत की थी। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

हिस्टेरिया डर से 23 छात्र हुए बीमार, छत्तीसगढ़-बीजापुर के स्कूल में प्रार्थना में चक्कर खाकर गिरे बच्चे

बीजापुर. बीजापुर जिले में शुक्रवार की देर शाम बालक आश्रम शाला भोपालपटनम के 23 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए, जिन्हें अधीक्षक नें अस्पताल मे भर्ती कराया है। अचानक एक साथ इतने बच्चों के बीमार पढ़ने से हड़कंप मच गया हैं। आश्रम में शाम को प्रार्थना करते समय अचानक से पांच-छह बच्चे चक्कर खाकर गिर पड़े। देखते ही देखते अन्य बच्चों  को भी चक्कर आने लगा। अधीक्षक ने तुरंत सभी बच्चों को अस्पताल लाकर भर्ती कराया। डॉक्टरो नें बच्चो का इलाज शुरू किया। डॉक्टर के मुताबिक, हिस्टेरिया डर कि वजह से बच्चों को चक्कर आया है। फिलहाल सभी स्वस्थ हैं। अस्पताल मे इलाज के बाद भूत-प्रेत का शक जाहिर करते हुए अधीक्षक ने बच्चों को झाड-फूंक भी कराया है।

कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत, छत्तीसगढ़-रायपुर में महिला से इश्क लड़ाने एक मासूम को किडनैप कर जिंदा जलाया

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंडस्ट्रियल एरिया उरला के बहुचर्चित हर्ष हत्याकांड में कोर्ट ने कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए हैवानियत का नंगा खेल खेला। अंधे और एकतरफा प्रेम में वशीभूत होकर आरोपी ने ढाई साल पूर्व चार साल के मासूम हर्ष का अपहरण कर जिंदा जलाकर मार दिया। इस मामले में अदालत ने 38 वर्षीय पंचराम गेंड्रे को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।  कोर्ट ने पिछले दिनों अपने फैसले में कहा कि अपराधी पंचराम ने हर्ष के साथ ही उसके बड़े भाई को भी जलाकर मारने की कोशिश की थी पर वह अपनी सूझ-बूझ से बच गया। वह दोनों को बहुला- फुसलाकर अपने साथ ले जा रहा था। उस दौरान बड़े भाई ने  उसके साथ जाने से मना कर दिया। इससे उसकी जान बच गई। आरोपी दो बच्चों की मां से एकतरफा प्रेम करता था, लेकिन महिला उससे बात नहीं करती थी। उसी को सबक सिखाने के लिए उसने दोनों बच्चे की हत्या करने की प्लानिंग रची। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे कृत्य करने वाले समाज में रहने लायक नहीं है, इसलिए इन्हें मृत्यु दंड दिया जाता है। इसे केस में फोरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी जांच और डीएनए टेस्ट के बाद आरोपी के कबूलनामे के साथ उसे मौत की सजा सुनाई गई है। मामले में आठ साल के दिव्यांश का बयान सबसे बेहद कारगर रहा। उरला के तत्कालीन टीआई भरत बरेठ के मुताबिक, उरला निवासी दोषी पंचराम मजदूरी करता था। वह अपनी मां के साथ रहता था। उसके पड़ोस में जयेंद्र चेतन का घर था। पंचराम का उसके घर आना-जाना था। इस दौरान जयेंद्र की पत्नी को वह चाहने लगा पर वह उसके बच्चों से नफरत करता था। महिला का प्यार पाने के लिए उसने दोनों बच्चों की हत्या करने की योजना बनाई। वह 5 अप्रैल 2022 को महिला के घर गया। उसे समय उसका पति काम पर गया था। पंचराम हर्ष और दिव्यांश को घूमाने के बहाने अपने साथ ले गया। दोनों भाइयों को वह करीब आधे घंटे तक उरला क्षेत्र में बाइक से घूमाते रहा। दोनों को नहाने के लिए नदी चलने के लिए कहा। इस पर दिव्यांश ने जाने से मना कर दिया और घर छोड़ने की बात कही। इस पर पंचराम दिव्यांश को घर छोड़कर दोबारा हर्ष को साथ लेकर चला गया। मामले दंपती की शिकायत पर सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल लोकेशन पंचराम का पता लगा पता चला कि वह नागपुर में है। वहां छापा मारकर उसे पकड़ा गया। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने हर्ष को जलाकर उसकी हत्या कर दी। घटना स्थल से हर्ष की बॉडी अवशेष मिले थे। डीएनए टेस्ट में सच साबित होते ही 19 लोग गवाह बनाए गए। दिव्यांश ही घटनाक्रम का प्रत्यक्षदर्शी था। उसने पूरी घटना के बारे में बताया। उसी के बयान पर कोर्ट ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

कई हिस्सों में बारिश के आसार, छत्तीसगढ़ में सुबह से छाया रहा घना कोहरा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। घना कोहरा छाया हुआ है। चक्रवाती तूफान की वजह से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का प्रवेश हो रहा है। इससे ठंड बढ़ने लगी है। आज शनिवार से प्रदेश के कई जिलों में हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं अंबिकापुर में सबसे ज्यादा ठंड रहा। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘फेंजल’ दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की दोपहर उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है।  इसके प्रभाव से आज शनिवार को छत्तीसगढ़ में एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। साथी आगामी कुछ दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा और बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित चक्रवती तूफान ‘फेंजल’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवेश हो रहा है। इसकी वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहे। वहीं आज दिन भर आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों बाद प्रदेश में ऐसी मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 30.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। वही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी के आगमन की वजह से ठंड बढ़ने लगी है।

डर से दुबई भागने की थी कोशिश, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में दुष्कर्म का आरोपी मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार

बिलासपुर. दरअसल सरकंडा क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने वाले युवक दुबई भागने की तैयारी में था। जिसे एयरपोर्ट से मोपका चौकी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बड़ा पांडा थाना जिला गंजाम उडीसा निवासी युवक का सरकंडा क्षेत्र के रहने वाली युवती से मोबाइल पर जान पहचान हुई थी। 15 अप्रैल 2022 को युवक बिलासपुर आया और मोपका स्थित निजी होटल में उसे मिलने बुलाया। जहां उससे बातचीत कर प्रलोभन में लेकर शादी का झांसा दिया। आरोप है कि जबरदस्ती उससे शारीरिक संबंध बनाए। जिस पर पीड़िता ने थाने मे रिपोर्ट दर्ज करार्ई। पुलिस आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। थाने में जुर्म दर्ज होने की जानकारी लगने पर आरोपी युवक युवती से फोन पर खुद की गिरफ्तारी के डर से विशाखापट्टनम से मुंबई जाने के लिए कहा। और वहां से दुबई जाने की बात कही। पीड़िता ने इस पूरे मामले को  पुलिस को बताया। तब एसपी रजनेश सिंह ने मोपका चौकी पुलिस को तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करने निर्देश दिए। इसके बाद चौकी प्रभारी एससाई राम नरेश यादव और कांस्टेबल दीपक खांडेकर मुंबई गए। जहां आरोपी छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिला। उसे पड़कर बिलासपुर लाया गया। कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सोमन्ना का ऐलान, छत्तीसगढ़-रायपुर रेलवे स्टेशन बनेगा एयरपोर्ट की तर्ज पर

रायपुर. केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी सोमन्ना छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे। इस दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि साल 2027 तक रायपुर रेलवे स्टेशन के नए मॉडल स्टेशन का निर्माण हो जाएगा। इसे लेकर रेलवे के अधिकारी तीव्र गति से कार्य कराएंगे। छत्तीसगढ़ में मॉडल रेलवे स्टेशनों के विकास को लेकर रेलवे सक्रिय है। इसके तहत दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर के रेलवे स्टेशन को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। एयरपोर्ट के तर्ज पर नई रेलवे स्टेशनों के निर्माण कार्य किए जाएंगे।  इसके बाद यहां से चर्चा करने के बाद वो रेलवे बोगी सैलून में बैठकर कोरबा के लिये रवाना हो गए। कोरबा में रात्रि विश्राम कर अगले दिन 30 नवंबर को शहर में आयोजित कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। बता दें कि इससे पहले 28 नवंबर को रेल राज्य मंत्री का रायपुर आना था पर किसी कारणों से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया था। इसके बाद आज का शेड्यूल किया गया है। इससे पहले 26 नवंबर को केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी बैष्णव का दौरा भी रद्द हो गया था। बताया जाता है कि कसोमन्ना जल जीवन मिशन के कार्यों का अवलोकन करेंगे। वहीं ट्रायल सेक्शन समेत कई कार्यक्रमों का अवलोकन भी करेंगे। हिगग्राहियों से चर्चा भी करेंगे।

मुख्यमंत्री साय की पहल पर भारत सरकार से मिली 15,000 आवासों की स्वीकृति

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15,000 आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15,000 आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को 6 दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति हेतु निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है।            उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।

सरगुजा में किसान की वेश में एक घंटे समिति में रहे पर किसी ने कलेक्टर को नहीं पहचाना

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कलेक्टर श्री विलास भोसकर किसान बनकर धान खरीदी केंद्र पहुंचे और घंटों तक लाइन में लगे रहे. उनके साथ एसडीएम रवि राही भी थे. पेटला धान उपार्जन केंद्र पर कलेक्टर ने किसान के भेष में टोकन से लेकर तौल प्रक्रिया का जायजा लिया. कलेक्टर ने किसानों बात की और व्यवस्था के बारे में पूछा. कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में भी जानकारी ली. जब लोगों को पता चला कि यह कलेक्टर हैं, तो सभी चौंक गए. जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कलेक्टर श्री विलास भोसकर और एसडीएम रवि राही ट्रैक्टर पर सवार होकर धान खरीदी केंद्र पर पहुंचे. यहां उन्होंने सबसे पहले किसान बनकर टोकन प्रक्रिया की जानकारी ली. कलेक्टर ने किसान के भेष में घंटों लाइन में खड़े होकर पूरी व्यवस्था का जायजा लिया. कलेक्टर सिर में गमछा बांधकर पहुंचे थे, लिहाजा किसी ने भी उन्हें नहीं पहचाना. वे केंद्र की गतिविधियों की जानकारी लेते रहे. कलेक्टर ने करीब एक घंटे तक खरीदी केंद्र का भ्रमण किया और कर्मचारियों व किसानों के बीच व्यवहार के बारे में जानकारी ली. उन्होंने किसानों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना. फड़ में धान की तुलाई करवाने के बाद उन्होंने तौल पत्रक की ऑनलाइन एंट्री भी करवाई. जब सबको पता चला कि यह कलेक्टर श्री विलास भोसकर हैं तो सभी चौंक गए. इस दौरान कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए. खरीदी प्रक्रिया के दौरान चौकस रहें और कोचियों-बिचौलियों पर निगरानी रखें. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस निरीक्षण के बाद कलेक्टर सहकारी बैंक सीतापुर भी पहुंचे, जहां धान बेचने के बाद पैसे निकालने के लिए किसान लाइन में खड़े थे. कलेक्टर खुद भी लाइन में खड़े हो गए और पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया. उन्होंने एक किसान के खाते से पैसे निकलवाए और उन्हें गिना. इसके बाद उन्होंने नई पासबुक के लिए फार्म लिया और बैंक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कलेक्टर ने बैंक के कर्मचारियों से भी बातचीत की और फीडबैक लिया कि किसानों के पैसे ट्रांसफर होने में या अन्य बैंकिंग कार्यों में कोई दिक्कत तो नहीं है. उन्होंने शाखा प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसानों के प्रति व्यवहार हमेशा अच्छा रहे.  

सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाएं, निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द पूर्ण करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रदेश के सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सड़क दुर्घटना के नियंत्रण के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिए दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग तथा वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। मुख्यमंत्री साय ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाने, जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराया गया ‘‘बस संगवारी एप’’ लांच किया और परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया।     बैठक में जानकारी दी गई कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद की पाठ्यपुस्तकों में सड़क यातायात नियमों से संबंधित अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि यातायात व्यवस्था का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलेंस रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में किया जा रहा है। भिलाई और दुर्ग में यह व्यवस्था आंशिक रूप से संचालित है। सितंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक 101 ब्लैक स्पॉट और 748 जंक्शन के सुधार कार्य पूर्ण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने पर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संभावना 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा 6 लाख 70 हजार से अधिक तथा पुलिस विभाग द्वारा 4 लाख 87 हजार से अधिक चालानी कार्यवाही की गई है। 01 जनवरी 2023 से 31 अक्टूबर 2024 तक 7826 वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया गया है। 8 दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों राजनांदगांव, धरसींवा अभनपुर, पाली, सिमगा, सुकमा, बेमेतरा और पत्थलगांव में ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। 14 हजार 261 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, 72 हजार से अधिक वाहनों में स्पीड गवर्नर तथा 2200 बसों में पेनिक बटन लगाए गए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट की पहचान, सुधार की कार्यवाही, सड़कों में यातायात संकेतक, होर्डिंग्स हटाने, फुटपाथ, पार्किंग, सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने आदि कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।

संविदा चिकित्सा सेवा की बाध्यता से अनेक प्रतिभाशाली डॉक्टर पीजी करने दूसरे राज्यों का रुख करने को मजबूर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में प्रतिभा पालयन तेजी हो रहा, खासकर मेडिकल क्षेत्र में। राज्य में एक तरफ विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी बाध्यतायें ऐसी हैं कि प्रतिभाशाली युवा चिकित्सक उच्च शिक्षा प्राप्त करने दीगर राज्यों का रुख कर रहे हैं।          स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के बाद प्रदेश और देशभर की मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा के पीजी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस निर्देश के बाद राज्य  मंत्रालय के स्वास्थ्य विभाग ने भी MBBS के बाद स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने के लिए पीजी में चयनित डॉक्टर की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है।  लेकिन आलम ये है कि डॉक्टर चाहते हुए भी, राज्य के मेडिकल कॉलेजों  में पीजी  में एडमिशन नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि अनेक छात्र अच्छी पोजीशन लाने के बाद भी अन्य राज्यों का रुख कर रहे हैं। प्रदेश की मेरिट लिस्ट में, दूसरा स्थान बनाने वाले, डॉक्टर विनय अग्रवाल, इंदौर की एमजेएम मेडिकल में “मेडिसिन” ब्रांच में आल इंडिया कोटे से एडमिशन ले रहे हैं। वे  इसका कारण बताते है, प्रदेश में शासकीय कॉलेजों से पीजी करने के बाद 2 साल की शासकीय संविदा सेवा करने की अनिवार्यता। डॉ विनय ने शासन से मांग है की  इस अनिवार्यता को समाप्त किया जाना चाहिए,  ताकि  जो इस प्रदेश में चिकित्सा सेवा देना चाहते हैं, मजबूरी में पलायन ना करना पड़े । डॉक्टर विनय कहते हैं कि जब आंध्र प्रदेश में, तेलंगाना में, गुजरात में और भी अन्य प्रदेशों में , इस तरह का बंधन नहीं है  तो फिर छत्तीसगढ में ऐसी बाध्यता क्यों?  वे  इसे अप्रासंगिक बताते हुए कहते हैं कि सन 1997 में कि जब नियम बना था, तब देश में और प्रदेश में डॉक्टरों की कमी थी। आज माननीय प्रधानमंत्री जी हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं, आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड से  बङे से बङे अस्पतालों में, इलाज करने की सुविधा गरीब नागरिकों को भी प्राप्त है । ऐसे में छत्तीसगढ़ को इस बंधुआ मजदूरी से डॉक्टर को मुक्त करना चाहिए, इससे राज्य में प्रतिभान डाक्टरो का पलायन रूकेगा ।”      उल्लेखनीय है कि देशभर की मेडिकल कॉलेजों  से  MBBS कर चुके डॉक्टरों को  उच्च शिक्षा  अर्थात पीजी सीटों (स्पेशलिस्ट डॉक्टर ) के लिए देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा  NEET PG   देनी होती है .ये परीक्षा NBE  ( नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्जामनेशंस ) द्वारा आयोजित की जाती है . वर्ष 2024 की NEET  PG के चयन में 6 माह की देरी  हुई हैं . पीजी की सीटे कम होने के कारण , मेरिट लिस्ट में रेडियोलॉजी , स्किन  और मेडिसिन में मेरिट लिस्ट बहुत हाई जाती है.          प्रदेश के एक छोटे से गांव खम्हारपाली ( सरायपाली ) जिला महासमुंद के डॉ विनय अग्रवाल  ने, अपने पहले ही प्रयास में  सफल हुईं , अपितु नीट पीजी 2024 की,  छत्तीसगढ़ राज्य की मेरिट लिस्ट में  दूसरा स्थान हासिल किया है .   डाॅ विनय ने  एमबीबीएस की पढाई अक्टूबर 2023 में  से पूरी की . वो नीट पीजी -2024 की परीक्षा में शामिल हुए . डॉक्टर विनय ने कई मुश्किलों के बीच अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की । छोटे से गांव खमारपाली पायमरी तक स्कूल से पढाई  कर, हाई स्कूल के लिए , उसे 10 किलोमीटर दूर सरायपाली टैक्सी या अन्य व्हीकल से रोज आना जाना पड़ता था।  यही नही, गांव में हमेशा बिजली कट के बीच, उसे लालटेन से पढाई करनी पड़ती थी  . स्कूली पढाई के बाद वो एक साल कोचिंग के लिए कोटा गए। वर्ष 2017 में पहले पहले एटीएम में 12वीं के बाद वह एमबीबीएस में सिलेक्ट हो गए और वह रायपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर अब इंदौर में मेडिसिन में विशेषज्ञ डॉक्टर बनेंगे।       3 साल की मेडिकल की पीजी की पढाई के बाद डाक्टर विनय छत्तीसगढ़ में ही गरीब और गांव के लोगो को अपनी सेवाये देने की इच्छा रखते है। डाक्टर विनय को, इस बात का बेहद अफ़सोस है कि चाहते हुए भी, वो छत्तीसगढ़ से मेडिकल पीजी नहीं कर पाये । क्योंकि यहाँ 3साल पीजी की पढाई के बाद , 2 साल संविदा चिकित्सा के नाम पर , कैरियर बर्बाद करना पड़ता है .

बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा एप का उपयोग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों को अब बस की समय-सारणी और बस रूट की जानकारी घर बैठे मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सुशासन की अवधारणा पर अमल करते हुए यात्रियों की यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिए  ’बस संगवारी एप’ लॉन्च किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बस संगवारी एप बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा। निकट भविष्य में इस एप के माध्यम से अंतर्राज्यीय बसों के परिवहन और बसों के रियल टाइम ट्रेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। अभी यात्रियों को बस की टाइमिंग पता करने के लिए बस स्टैण्ड या बस स्टॉप पर जाना पड़ता है। लोगों की इस परेशानी का समाधान इस एप के जरिए मिल सकेगा। परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश ने बस संगवारी एप के संचालन के बारे में मुख्यमंत्री साय को विस्तार से जानकारी दी। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराए गए इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस एप के माध्यम से यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधाजनक होगा। इस एप में वर्तमान में 5 हजार से अधिक बसों को शामिल किया गया है, जो विभिन्न रूट में संचालित हैं। जल्द ही अंतर्राज्यीय बसों के संचालन की जानकारी भी इस एप के माध्यम से मिल सकेगी। बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। बस संगवारी एप को जीपीएस के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे बसों की लाइव ट्रेकिंग भी की जा सकेगी। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। बैठक में सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।

कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने किया आगामी नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव 2024-25 के लिए अधिकारियों का कार्य विभाजन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के आदेशानुसार आगामी नगरपालिका तथा त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25 की तैयारी एवं निर्वाचन संबंधित कार्यों हेतु 14 नवंबर 2024 को जारी निर्देश में आंशिक संशोधन करते हुए अधिकारियों के मध्य कार्यों का विभाजन किया गया है। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला प्रभारी अशोक वाडेगावकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को दी गई है। जाबो कार्यक्रम, मतगणना, विकासखंड स्तर पर नाम निर्देशन प्राप्ति एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति और अन्य चुनावी व्यवस्थाओं के लिए नितेश उपाध्याय, परियोजना निदेशक डीआरडीए को जिला प्रभारी बनाया गया है। सभी नगरीय क्षेत्र के जाबो कार्यक्रम की जिम्मेदारी राम प्रसाद आचला, नगर निगम कमिश्नर को सौंपी गई है। शिकायत सेल और नियंत्रण कक्ष के लिए शैलेश गुप्ता, सहायक अभियंता को जिम्मेदारी दी गई है। निर्वाचन कर्तव्य, मतपत्र, प्रशिक्षण, मानव संसाधन, निर्वाचन सामग्री, रिजर्व दल तथा सामग्री वितरण और वापसी का प्रभार अजय मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया है आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का जिला प्रभार शुभम बंसल, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को दिया गया है। मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी) और मीडिया संबंधी कार्यों के लिए लोकेश्वर सिंह, जिला जनसंपर्क अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। परिवहन योजना एवं रूट चार्ट का प्रभार दयानंद तिग्गा, जिला खनिज अधिकारी को सौंपा गया है। कार्मिक कल्याण कार्य के लिए रमेश सिन्हा, उपसंचालक समाज कल्याण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। मतपेटी का कार्य देवेंद्र श्रीवास, कार्यपालन अधिकारी, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति को जिला प्रभारी का कार्य सौंपा गया है। मतपत्र मुद्रण, प्रूफ रीडिंग और निर्वाचन व्यय मॉनिटरिंग का दायित्व चंद्रशेखर सर्राफ, जिला कोषालय अधिकारी को दिया गया है। प्रेक्षक के तौर पर नीरज, अनुविभागीय अधिकारी (वन) को और चिकित्सा सहायता के लिए अविनाश खरे, सीएमएचओ को जिम्मेदारी दी गई है। प्रतिवेदन का कार्य सुशील तिवारी, सहायक प्राध्यापक, शासकीय विष्णु महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ को सौंपा गया है।

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