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स्वास्थ्य मंत्री ने किया था निलंबित, छत्तीसगढ़-बिलासपुर हाईकोर्ट ने सहारे की स्टे याचिका खारिज

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डीन रहे डॉ. केके सहारे को दिए गए स्टे को हटा लिया है. इस के साथ ही सहारे की याचिका खारिज कर दी गई है. दरअसल स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बिलासपुर प्रवास के दौरान सिम्स में बैठक ली थी. इस दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने पर पर डीन डॉ. केके सहारे को निलंबित करने का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने इस पर स्टे दे दिया था. इस स्टे के खिलाफ शासन ने कोर्ट में अपील की. शासन की ओर से कहा गया कि पूरे मामले में अभी जांच चल रही है, कोई नया अपडेट भी नहीं है इसलिए स्टे जारी रखना सही नहीं होगा. हाई कोर्ट ने शासन की बात को स्वीकार कर दिया है. गौरतलब है कि अपने निलंबन आदेश के खिलाफ डॉ. केके सहारे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में बताया गया 22 सितंबर 2024 को उन्होंने चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था. इसमें अपने भाई के निधन होने के कारण तीन दिन की छुट्टी ली थी. इसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. श्याम बिहारी जायसवाल ने सिम्स में शासी निकाय की बैठक बुलाई थी, तब उन्होंने बैठक में अनुपस्थित रहने की जानकारी पहले ही दे दी थी. याचिकाकर्ता डॉ. सहारे के एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कि भाई के निधन की जानकारी देने के बाद भी दुर्भावना के चलते उन्हें निलंबित किया गया है. शासन के नियमों के अनुसार किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को अनुपस्थित होने पर पर्याप्त कारण के अभाव में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान है, लेकिन उन्होंने पहले ही छुट्टी पर जाने का कारण बता दिया था. इसके बावजूद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता डॉ. सहारे के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी थी और साथ ही प्रकरण में राज्य शासन, स्वास्थ्य सचिव और चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. इस पर शासन की ओर से कोर्ट में कहा गया कि डॉ सहारे के निलंबन आदेश में ही लिखा है कि उनके द्वारा वित्तीय गड़बड़ी की गई है, जिसके खिलाफ जांच जारी है. इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना में लापरवाही बरतने, अस्पताल में नियमित नहीं पहुंचने और ऑपरेशन के दौरान भी लापरवाही बरती गई. कोर्ट ने फैसले में कहा कि शासन की जांच जारी है, और इसमें किसी प्रकार की रोक या हस्तक्षेप सही नहीं होगा. कोर्ट ने इस मामले में नाराजगी भी जताई कि जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है. हालांकि. कोर्ट ने डॉ. सहारे को इस बात की छूट दी है कि वे दूसरे कोर्ट में अपील कर सकते हैं.

50 लाख से अधिक का माल जब्त, छत्तीसगढ़-बेमेतरा में बिना पेपर के लोहे से भरा ट्रक पकड़ा

बेमेतरा। जीएसटी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोहा लदे ट्रक को पकड़ा है, जिसमें करीब 40 टन लोहा भरा हुआ है. लोहे की कीमत करीब 50 लाख के आसपास बताई गई है. मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर GST विभाग की टीम ने बीती रात बेमेतरा में रायपुर पासिंग ट्रक CG 04 JD 3551 को पकड़ा. रायपुर से जबलपुर जा रही ट्रक में करीब 40 टन लोहा भरा हुआ था. यह लोहा रायपुर के एक बड़े इस्पात कारोबारी का बताया जा रहा है. जीएसटी टीम ने ड्राइवर से लोहे के संबंध में पूछताछ की. ड्राइवर ने बताया कि रायपुर से लोहा लेकर वह जबलपुर के लिए निकला है, लेकिन ड्राइवर कोई दस्तावेज नहीं दे पाया. इस पर ट्रक को जब्त कर बेमेतरा रक्षित केंद्र में खड़ा किया गया है.

सीसी कैमरे है कि सिरदर्द, कुछ दिनों पहले अचानक भागा मरीज, सीसी कैमरे मिले बंद

बिलासपुर कुछ दिनों पहले वाकया हुआ, एक भर्ती मरीज अचानक भाग खड़ा हुआ।स्वजन ने इसकी जानकारी प्रबंधन को दी। सुरक्षा के बीच में मरीज का गायब होना भी प्रबंधन को नहीं पचा और तत्काल कैमरे से उसकी खोज करने के निर्देश दिए गए। निगरानी टीम ने बताया कि सभी कैमरे चल रहे हैं। मरीज कहां गया अभी पता लगा लेंगे और जैसे ही कंट्रोल रूम में पहुंचे तो पता चला 13 कैमरे काम ही नहीं कर रहे । अधिकारी सकते में आ गए कि ऐसा क्या है जब हम सबूत खोजते हैं कैमरे बंद ही मिलते हैं। एक तरह से सिम्स के कैमरे प्रबंधन के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं, क्योंकि बिना खामियां ही यहां के कैमरे बंद मिलते हैं। परेशानी बना अटैचमेंट का खेल एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के चलते अटैचमेंट के खेल से पर्दा उठने लगा है। लगातार ऐसे कर्मचारियो की लिस्ट सामने आ रही है जो अपने मूल जगह गांवों में नौकरी छोड़कर सेटिंग के दम पर शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पताल के साथ ही मुख्य स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में कार्य कर रहे हैं। यह कई साथी कर्मियों को रास नहीं आ रहा। ऐसे में अपने-अपने क्षेत्र की बिगड़ती स्वास्थ्य सुविधाओं का हवाला देते हुए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को सक्रिय कर रहे हैं। ऐसे में विधायक से लेकर पूर्व विधायक, सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों के फोन स्वास्थ्य विभाग में आ रहे हैं। अटैचमेंट के खेल को जहां खत्म करने की बात की जा रही है।,जिससे अब स्वास्थ्य अधिकारी तक परेशान होने लगे हैं। वहीं इन सब के बीच सेटिंग कर अटैचमेंट होने वाले कर्मचारी दहशत में आ गए हैं, क्योंकि अब उन्हें फिर से मूल जगह पर काम करना पड़ सकता है। क्योंकि अब बने दबाव की वजह से मूल स्थान भेजना भी शुरू कर दिया है। वहीं इन सब के बीच जिन अधिकारियों ने अटैचमेंट का खेल खेला था, उनकी भी बन आई है, क्योंकि कभी भी इन पर बदली की गाज गिर सकती है। मशीन बचने की तैयारी में एक बार फिर कबाड़ के नाम पर पैसे बनेंगे। इस बार कंडम गाड़ियां या फिर कुर्सी, टेबल नहीं बल्कि चिकित्सीय मशीन को बड़ी संख्या में कबाड़ बनाया जा रहा है। वैसे भी कबाड़ को लेकर हाई कोर्ट और शासन की फटकार सिम्स के जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर पड़ी थी। इस दौरान निर्देश दिया गया कि सिम्स को कबाड़ मुक्त बनाया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं रहेगी, लेकिन इस तरह के चेतावनी से भला सिम्स के अधिकारी डरेंगे। वे तो इसमें आपदा में अवसर की कहावत को चरितार्थ करते हुए इसमें भी कमाई का तरीका निकाल लिए और पुरानी मशीनों को ही कबाड़ बनाने लगे हैं। बकि ये तमाम मशीन को बनाने की कोशिश की जाए तो कम से कम आधी मशीन फिर से काम कर सकती है, लेकिन इन्हें इससे क्या मतलब है, इन्हें तो कैसे भी सरकार को चुना लगाना है और कमीशन के रूप में मोटी रकम जो कमाना है सिम्स में भी कोटपा एक्ट सिम्स की व्यवस्था सुधारने और साफ सुथरा रखने की बड़े जोर शोर से कवायद चल रही है। इसकी वजह से सिम्स परिसर साफ भी दिख रहा है, लेकिन इस व्यवस्था को बनाए रखने में सबसे बड़ी दिक्कत पान गुटखा खाने वालों से है, क्योंकि इन्हें सुधारना कोई आसान काम नहीं है। ऐसे में पान गुटखा की पीक मारने वालों के खिलाफ कार्रवाई की योजना के तहत यहां भी कोटपा एक्ट लागू किया जा रहा है और एक चिकित्सक को इसका नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। साथ ही जगह-जगह चस्पा किया गया है कि यदि कोई भी थूंकता है तो इसकी शिकायत करें, इसमे यह समझ नहीं आ रहा हैं कि सिर्फ शिकायत कर क्या किया जाएगा। इसमें फाइन आदि का कोई प्रविधान है कि नहीं, यह तक साफ नहीं है। वैसे भी जब तक कोई शिकायत के लिए जाएगा, तब तक तो थूंकने वाला तो रफूचक्कर हो जाएगा। जबकि थूंकते पकड़ते ही फाइन लगाने का प्रविधान होना चाहिए, पर ऐसा नहीं है। इसलिए तमाम जतन के बाद भी थूंकने वालो पर लगाम नहीं लग रहा है और सिम्स को गंदा करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

वनरक्षक भर्ती : प्रतिदिन 400 से 500 महिलाएं दे रहीं शारीरिक दक्षता परीक्षा, 17 दिसंबर तक का मौका

बिलासपुर बहतराई स्टेडियम में चल रही वनरक्षक भर्ती में महिला अभ्यर्थी की बड़ी संख्या इस ओर इशारा कर रही है। प्रतिदिन 400 से 500 महिलाएं शारीरिक दक्षता अग्निपरीक्षा को पार करने का प्रयास कर रहीं है। वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रदेश में चल रही है। इसी कड़ी में पांच डिवीजन बिलासपुर, अचानकमार, अचानकमार टाइगर रिजर्व, सामाजिक वानिकी व वर्किंग प्लान में भर्ती की जिम्मेदारी बिलासपुर वनमंडल को सौंपी गई है। 132 पद रिक्त नोडल अधिकारी बिलासपुर डीएफओ सत्यदेव शर्मा है। इन पांचों डिवीजन को मिलाकर 132 पद रिक्त है। जिनके लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा 25 नवंबर से शुरू हुई है और 17 दिसंबर तक चलेगी। सबसे ज्यादा महिला अभ्यर्थी शामिल बुधवार को तीसरा दिन था। इन तीन दिनों में हुई। महिलाओं का वन विभाग की नौकरी पाने के प्रति रुचि देखकर अफसर हैरान है और यही सोच रहे हैं कि वह जंगल और वन्य प्राणी की सुरक्षाा में अपना विशेष योगदान देना चाहती हैं। उनके उत्साह को देखते हुए विभाग खुश है। हालांकि परीक्षा के दौरान सभी महिला अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। इस परीक्षा में वहीं सफल हो रही है, जो चुनौतियों को पार कर रही हैं। दस्तावेज के बाद महिलाओं को हाइट जांच और फिर दौड़, ऊंची कूद, गोला फेंक भी भाग ले रहीं है। महिलाएं, जिस लोहे के गोले को उठाकर फेंकती हैं, उसका वजन चार किग्रा है। जबकि पुरुषों को दिए जाने वाले गोले का वजन 7:26 किग्रा होता है। 132 में 31 पद महिलाओं के लिए आरक्षित पांचों वनमंडल के 132 रिक्त पदों के लिए बिलासपुर में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन रिक्त पदों में 31 महिलाओं के लिए आरक्षित है। पूरे पदों के लिए 52 हजार 906 उम्मीदवारों को बुलाया गया है। इनमें से लगभग 12 हजार महिलाएं हैं, जिन्हें रोल नंबर के अनुसार शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलावा भेजा गया है। जानिए वनमंडलवार महिलाओं के रिक्त पदों की जानकारी वनमंडल अनारक्षित अन्य पिछड़ावर्ग अजा अजजा     अनुसंधान एवं विस्तार 02 00 00 00     वर्किंग प्लान 00 00 00 00     बिलासपुर वनमंडल 06 01 02 00     मुंगेली वनमंडल 03 00 01 00     एटीआर 08 02 04 01  

वन विभाग ने तैयार किया ड्राफ्ट, छत्तीसगढ़-इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी जल्द होगी लागू

रायपुर. छत्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में जल्द इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू की जायेगी। ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य होगा अपना छत्तीसगढ़, जहां इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू होगी। वन विभाग ने इस संबंध में ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। ये जानकारी वनमंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नया रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित में ‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में दी। अभी तक देश के एक मात्र राज्य केरल में यह पॉलिसी लागू है। इस पॉलिसी के लागू होने से राज्य में वनों का संवर्धन, जल स्त्रोतों का संरक्षण, मिट्टी का कटाव रोकने के साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। कार्यशाला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में जलवायु अनुकूलता और लो कार्बन आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान साझा करना और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और उससे निपटने के महत्व पर चर्चा की। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि ‘जनजाति समुदाय सदैव जल, जंगल, और जमीन का संरक्षक रहा है।  उन्होंने 1910 के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख करते हुए जनजातीय समाज ने अंग्रेजों से अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। पर्यावरण संरक्षण हमारी सरकार के सतत विकास लक्ष्यों का अभिन्न हिस्सा है। वित्त मंत्री चौधरी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यावरण संरक्षण के आदर्श उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कैलाश पर्वत और भगवान शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के साथ उनके वाहन नंदी, बाघ, मूषक और मोर सबके एक साथ रहने के उदाहरण देते हुए सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन केवल चर्चा का विषय नहीं है; यह हमारे राज्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम है।’ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। श्री चौधरी ने ग्रीन इकॉनमी, बायोफ्यूल, और सोलर एनर्जी पर विशेष जोर देते हुए युवाओं को पर्यावरण नवाचारों और हरित निवेश में भागीदारी का आह्वान किया। क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति दी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नेटिव स्पीशीज के पौधों के रोपण, वन क्षेत्रों के विकास और वेटलैंड संरक्षण की योजनाओं पर जोर दिया। कार्यक्रम में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविद, शिक्षाविद और नीति-निर्माताओं ने व्यापक चर्चा की। कार्यशाला में पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात मिश्रा, सीड के डायरेक्टर डॉ. मनीष राम, क्रेडा के अभिषेक शुक्ला, झारखंड वन विभाग के रवि रंजन, पश्चिम बंगाल सरकार के चीफ एनवायरनमेंट ऑफिसर धर्मदेव राय, ठाकुर प्यारेलाल इंस्टीट्यूट निमोरा के डायरेक्टर पी. सी. मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. अनिल श्रीवास्तव, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रदीप टंडन, आईआईएम रायपुर के डॉ. राहुल बी. हीरेमथ, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निनाद बोधनकर, सीजी कास्ट के साइंटिस्ट और कलिंगा विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज सिंह सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

पूर्व पुलिस और सैनिकों को प्राथमिकता पर ऐतराज, छत्तीसगढ़-बिलासपुर हाईकोर्ट ने आरक्षक संवर्ग भर्तियों पर कोर्ट लगाई रोक

बिलासपुर/धमतरी. छत्तीसगढ़ में बड़ी खबर सामने आई है। इसे सुनकर युवाओं में निराशा है। दरअसल, आरक्षक संवर्ग 2023-24 के पदों पर होने वाली भर्तियों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य के जिलों में आरक्षकों के अलग-अलग पदों पर भर्तियां होने वाली थी। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता बेदराम टंडन द्वारा दायर की गई याचिका के मुताबिक, यह आरक्षक संवर्ग 2023-24 भर्ती प्रक्रिया का पूरा मामला है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में अलग-अलग पदों पर भर्ती होनी थी। इसमें याचिकाकर्ता के पुत्र ने राजनांदगांव में होने वाले कांस्टेबल जनरल ड्यूटी के लिए आवेदन दिया था। राजनांदगांव जिले में इस केटेगरी के तहत 143 पद जारी किये गए थे, लेकिन विज्ञापन जारी होने और फॉर्म भरने के बाद डीजी पुलिस ने सचिव को इस नियुक्ति प्रक्रिया में पुलिस विभाग में कार्यरत/भूतपूर्व सैनिक कर्मचारियों के बच्चों को छूट देने संबंधी पत्र लिखा था। पत्र में सुझाव देते हुए लिखा गया था कि, भर्ती नियम 2007 कंडिका 9(5) के तहत भर्ती प्रक्रिया के मापदंडों को शिथिल किया जा सकता है, जिसमें फिजिकल टेस्ट के दौरान सीने की चौड़ाई और ऊंचाई जैसे कुल 9 पॉइंट्स में शामिल थे। अवर सचिव ने इस सुझाव को स्वीकार भी कर लिया। इससे आहत होकर याचिकाकर्ता ने हाइकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि केवल पुलिस विभाग के कर्मचारियों के संतानों को छूट देना आम नागरिको के साथ भेदभाव है, इसलिए इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। मामले में वकील की ओर से पेश किए गए दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरक्षक संवर्ग 2023-24 के अलग अलग पदों पर होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि क्योंकि नियमों को शिथिल करने का लाभ सभी पदों पर मिलता इसलिए सभी पदों पर होने वाली भर्ती पर रोक लगा दी गई है। धमतरी समेत कई जिलों में लगी रोक दूसरी ओर धमतरी समेत कई जिलों में इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। धमतरी जिले के एसपी आंजनेय वार्ष्णेय ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से आरक्षक संवर्ग भारती पर मंगलवार को रोक लगा दी गई है। जिसके चलते जिले के रुद्री पुलिस लाइन में चल रहे भर्ती प्रक्रिया आगामी आदेश तक रद्द किया जाता है। बता दें कि रुद्री में बीते लगभग 11 दिनों से भर्ती परीक्षा ली जा रही थी। यहां बलौदाबाजार और धमतरी जिले के अभ्यर्थी परीक्षा दे चुके हैं।

दक्षिणी इलाकों में कड़ाके की ठंड, छत्तीसगढ़-रायपुर में न्यूनतम तापमान में गिरावट

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कड़ाके आउटर इलाकों में अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंडी हवाओं की वजह से ठंड बढ़ गई है। रात और सुबह के साथ ही अब दिनभर ठंड लगने लगी है। लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की वजह से प्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है। नवंबर माह के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। वहीं प्रदेश में हवा की दिशा बदल रही है, जिसके वजह से प्रदेश में मौसम में आगामी कुछ दिनों तक बदलाव की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में दो दिन तक न्यूनतम तापमान में परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान में अब ज्यादा वृद्धि भी नहीं होगी, और न ही गिरावट आएगी। आगामी तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में बदलाव की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि आगामी दो दिनों के बाद प्रदेश में न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। प्रदेश के दक्षिण भागों में दो डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान बढ़ सकता है।  वहीं प्रदेश के शेष भागों में तापमान में कोई परिवर्तन नहीं होगी।  इन दिनों सबसे ज्यादा ठंड बलरामपुर में है। शनिवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 08. 5 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक तापमान 30.9 डिग्री सुकमा में रहा। अब दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन बाद न्यूनतम तापमान में एक-दो डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। राजधानी रायपुर में रविवार को बादल रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। बिलासपुर में 13.4 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 9.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम था। वहीं कोरबा में 12.4,  रहा जो औसत से 3.3 डिग्री कम था। रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री दर्ज किया गया है, जो की सामान्य से एक डिग्री कम है।

फिजिकल टेस्ट में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मॉनिटरिंग, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में फॉरेस्ट गार्ड की हाईटेक भर्ती

कबीरधाम. वन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न वनमंडल में वनरक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) के 1 हजार 484 रिक्त पद पर सीधी भर्ती किया जा रहा है। कवर्धा वनमंडल अंतर्गत वनरक्षक के 65 पद पर भर्ती प्रक्रिया 25 नवंबर से शुरू हो गई है, जो 8 दिसंबर तक चलेगी। आज बुधवार 27 नवंबर को फिजिकल टेस्ट जारी है। भर्ती में किसी प्रकार की गड़बड़ी या धांधली ना हो, इसके लिए शारीरिक माप-जोख व दक्षता परीक्षा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से किया जा रहा है। लंबाई व सीना माप इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से होने के बाद अभ्यर्थियों को बारकोड युक्त चेस्ट जारी कर उनके पैर में गैजेट लगाया जाता है। इस गैजेट का उपयोग 200 व 800 मीटर दौड़ में किया जा रहा है, जिसका सटीक आंकड़ा तुरंत डिवाइस के माध्यम से प्राप्त हो जाता है। दौड़ के बाद गोला फेंक, लंबी कूद परीक्षा में भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग किया जा रहा। इसमें भी तुरंत सटीक आंकड़े प्राप्त हो जाते हैं। डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा भर्ती प्रकिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही। अभी तक भर्ती के संबंध में किसी प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कवर्धा वनमंडल में वनरक्षक के रिक्त 65 पद के लिए कुल 29 हजार 892 आवेदन प्राप्त हुए है। अभ्यर्थियों के लिए नींबू, पानी, फर्स्ट एड बॉक्स, चिकित्सा व अन्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

एक की मौत और दो गंभीर, छत्तीसगढ़-जांजगीर चांपा में तीन महिलाओं को कंटेनर ने मारी टक्कर

जांजगीर चांपा. छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में तेज रफ्तार छोटा कंटेनर वाहन के चालक ने मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन महिलाओं को पीछे से जोरदार ठोकर मारी है। हादसे में 30 वर्षीय महिला लक्ष्मी भारद्वाज की मौत हुई है। वहीं दो महिलाएं गम्भीर रूप से घायल हुई है जिनका उपचार जिला अस्पताल जांजगीर में जारी है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। दरअसल, बुधवार की सुबह करीबन 6.30 बजे लक्ष्मी भारद्वाज, ज्योति यादव और सुनीता बरेठ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। पुलिस लाईन के पास सड़क में पैदल चल रहे थे। इस दौरान डाक पार्सल लिखा तेज रफ्तार छोटा कंटेनर वाहन पीछे से आकर तीनो महिलाओं को अपनी चपेट में लेते हुए जोरदार ठोकर मारी हादसे में तीनो एक दूसरे से दूर जा गिरी, वहीं लक्ष्मी भारद्वाज के सिर पर गंभीर चोट आने से मौके पैर ही मौत हुई। ज्योति यादव और सुनीता बरेट को गंभीर हालत में जिला अस्पताल जांजगीर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि पुलिस लाईन में पदस्थ आरक्षक प्रवीण भारद्वाज की पत्नी लक्ष्मी भारद्वाज की मौत हुई है। छोटा कंटेनर वाहन और चालक को पकड़ा लिया गया है। थाने में अपराध दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के 4 आरोपी गिरफ्तार, 3 शिक्षकों सहित 1 वनकर्मी ने छात्रा की अस्मत को किया तार-तार

जनकपुर/एमसीबी जनकपुर थाना अंतर्गत नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग छात्रा के साथ स्कूल के ही 3 शिक्षकों ने एक वनकर्मी के सहयोग से घटना को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थिया थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई की इसकी नाबालिग लडकी किराये के रुम में रहकर पढाई करती थी। शिक्षकों ने पढाई में सहयोग करने की बात कहकर 15 नवम्बर 2024 को दोपहर 12:00 बजे शिक्षक रावेन्द्र कुशवाहा अपने कार में बैठाकर कुशल सिंह परिहार के जनकपुर स्थित घर ले गये। इस दौरान कुशल सिंह परिहार के घर में उनकी पत्नी नही थी। घर मे कुशल सिंह परिहार और अशोक कुशवाहा मौजूद थे। उन्होंने दरवाजा को अंदर से बंद कर दिया और रावेन्द्र कुशवाहा, कुशल सिंह परिहार, अशोक कुशवाहा के बेड रूम में ले जाकर जबरन  बलात्कार किया। एक सप्ताह बाद 22 नवम्बर 2024 की शाम करीब 5 बजे पीड़िता जब दुकान में सामान लेने जा रही थी तब कुशल सिंह परिहार बस स्टेण्ड के पास मिला और अपने मोटरसाइकिल में बैठाकर फारेस्ट वाले के किराये के रुम में लेकर गये। इस दौरान भी कुशल सिंह परिहार, अशोक कुशवाहा, रावेन्द्र कुशवाहा के द्वारा बारी-बारी से पुन: बलात्कार किया गया है। पीड़िता की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 228/2024 धारा- 70(2),49,351, (2), बीएनएस एंव 6,17 पाक्सो एक्ट अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह को दी गई जिसके बाद उनके निर्देश पर विवेचना के दौरान पीडिता और पीडिता के परिजनों के साथ थाना में महिला प्रधान आरक्षक प्रियंका पाण्डेय से बयान कराया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया की 15 नवम्बर 2024 को कुशल सिंह परिहार, अशोक कुशवाहा, रावेन्द्र कुशवाहा के द्वारा बलात्कार किया गया और 22 नवम्बर 2024 की शाम पीडिता को फारेस्ट स्टाफ के रूम में ले जाकर कुशल सिंह परिहार, अशोक सिंह के द्वारा बारी-बारी से बलात्कार किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह के निर्देश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वाडेगांवकर, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अलेक्सियुस टोप्पो के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी जनकपुर निरीक्षक दीपेश सैनी और पुलिस टीम ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जूर्म करना स्वीकार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त वाहन मोटरसाइकिल और नेक्शा का ऐक्सल 06 को गवाहों के समक्ष जप्त कर लिया गया है। आरोपी कुशल सिंह परिहार, अशोक कुशवाहा, रावेन्द्र कुशवाहा तथा बनवारी सिंह को गिरफ्तार कर उनके परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है। मामले की संम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश सैनी, सउनि धनजय पाठक, महिला प्रधान आरक्षक प्रियंका पाण्डेय, प्रधान आरक्षक संतोष साहू, जय कुमार ठाकुर, संजय पाण्डेय, आरक्षक दीपक मिंज, मदन राजवाडे, मनोज कुमार, रवि सिंह, महिला आरक्षक प्रितिबिन्दू मिंज की सराहनीय भुमिका रही।

साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई फैसले, हाउसिंग बोर्ड के फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखंडों पर नहीं लगेगा शुल्क

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रिपरिषद की उप समिति द्वारा अनुशंसित 54 राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने के लिए आगामी कार्यवाही करने का फैसला लिया गया. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य में मक्का फसल तथा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत दलहन-तिलहन और रबी विपणन मौसम 2025-26 में चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लिए नेफेड एवं एनसीसीएफ को प्रोक्योरमेंट एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया. छत्तीसगढ़ के किसानों को नवीन उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता उचित मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने आज महत्वपूर्ण फैसला लिया. इसके तहत भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी से आवश्यकतानुसार सीधे बीज क्रय किया जा सकेगा. इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को छत्तीसगढ़ राज्य भंडार क्रय नियम 2002 के नियम 4 में छूट देने का निर्णय लिया गया. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पम्प स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2023 में परियोजना विकासकर्ता को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से प्रथम पांच वर्षाें के लिए प्रति वर्ष 01 लाख रूपए प्रति मेगावाट की दर से लिए जाने वाले हरित ऊर्जा विकास शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया. हरित ऊर्जा शुल्क में प्रत्येक पांच साल के बाद 25 प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान था, इसे भी समाप्त कर दिया गया है. इससे राज्य में जल विद्युत परियोजनाओं एवं ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. मंत्रिपरिषद ने कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाओं को केन्द्रीकृत किये जाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया है. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में हाउसिंग एण्ड अर्बन डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड (हुडको) से आवास, नगरीय विकास एवं अन्य क्षेत्रों में सहायता प्राप्त करने समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रारूप का अनुमोदन किया. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य को हुडको द्वारा आगामी 5 वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता, परामर्श, क्षमता विकास सेवाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है. कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अब तक तथा भविष्य में प्राप्त होने वाली भूमि को आवासीय प्रयोजन में व्यपवर्तित करने पर राज्य शासन द्वारा लागू व्यपवर्तन शुल्क प्रीमियम, अर्थदण्ड एवं भू-राजस्व के पुनः निर्धारण से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया. इससे हाउसिंग बोर्ड के मकान क्रेताओं को लाभ होगा. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा फ्री-होल्ड किए गए आवासीय भूखण्डों के लिए व्यपवर्तन शुल्क एवं अर्थदण्ड से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है.  

प्रिंसिपल, दो शिक्षकों और वन विभाग के कर्मचारी ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का किया रेप

मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर जनकपुर क्षेत्र में शिक्षा जगत को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. यहां एक प्रिंसिपल के साथ दो शिक्षकों ने मिलकर एक नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया. वन विभाग का एक कर्मचारी भी इस मामले में शामिल रहा. प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है. जानकारी के मुताबिक एक शासकीय स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को प्रिंसिपल अशोक कुमार, शिक्षक कुशल सिंह परिहार, रावेन्द्र कुशवाहा एक वन कर्मी के साथ मिलकर किराए के मकान में ले गए. इसके बाद सभी ने बारी-बारी से नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया. जब पीड़िता ने इस बात की जानकारी लोगों को देने की बात कही तो आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी. साथ ही यह भी कहा कि अगर इस बात की जानकारी किसी को दोगी तो जान से मार देंगे. डरी सहमी बालिका कुछ दिनों तक चुप रही, लेकिन उसके बाद उसने घटना की जानकारी पहले अपने परिजनों को दी. इसके बाद परिजन नाबालिग को लेकर जनकपुर थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी. पुलिस ने मामले की गंभीरता समझते हुए उच्च अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी. तीनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल हिरासत में लिया गया. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

मुंगेली व्यापार मेला 2024 का भव्य शुभारंभ करेंगे डिप्टी सीएम साव

मुंगेली छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में आज स्टार्स ऑफ टुमारो वेलफेयर सोसायटी की तरफ से आयोजित मुंगेली व्यापार मेला 2024 का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है. यह आयोजन वीर शहीद धनंजय सिंह स्टेडियम में आयोजित किया गया है. इस आयोजन का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री अरुण साव शाम 5:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ करेंगे. इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, और व्यावसायिक गतिविधियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. छह दिवसीय आयोजन का मुख्य आकर्षण मुंगेली व्यापार मेला 26 नवंबर से 1 दिसंबर तक चलेगा. यह मेला हर साल लोगों के बीच लोकप्रियता का केंद्र रहता है और इसे “मुंगेली का त्यौहार” के नाम से भी जाना जाता है. इस बार मेले में 250 से अधिक स्टॉल लगने वाले हैं, जिनमें फिश टनल, फूड जोन, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, हैंडीक्राफ्ट, बस्तर आर्ट, महिला गृह उद्योग, और बच्चों के झूले शामिल हैं. शहर की प्रतिभाओं को मिलेगा मंच इस बार मेले में “मुंगेली गॉट टैलेंट” के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. आज शाम 6:00 बजे प्रतिभागी अपने कला कौशल से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे. कार्यक्रम के पहले दिन रात 9:00 बजे लोकप्रिय लोक गायिका अलका चंद्राकर अपनी टीम के साथ मंच पर प्रस्तुति देंगी. विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन     27 नवंबर: रंगोली प्रतियोगिता (दोपहर 2:00 बजे), विषय – “आजादी का अमृत महोत्सव”.     27 नवंबर: विद्यालयीन छात्रों का समूह नृत्य प्रतियोगिता (सायं 6:00 बजे). व्यापार मेले की खासियत यह मेला छोटे, मध्यम और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है. मेले के संयोजक रामपाल सिंह ने बताया कि, “इस बार की तैयारी खास है. स्थानीय प्रतिभाओं को मंच पर लाने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया गया है.” वहीं इस व्यापार मेला को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. मैदान में पहले ही चहल-पहल शुरू हो चुकी है. व्यापारियों और आयोजकों को विश्वास है कि यह मेला हर साल की तरह इस बार भी भव्य और सफल रहेगा. आयोजन समिति की सक्रिय भागीदारी मेले को सफल बनाने के लिए संस्था के सदस्य पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं. संयोजक रामपाल सिंह, अध्यक्ष महावीर सिंह, सचिव विनोद यादव सहित अन्य सदस्यों ने मेले की सफलता के लिए विशेष योगदान दिया है.

एक परिवार की तीन पीढ़ी को मिल रहा महतारी वंदन योजना का लाभ

  परिवार ने की पांच बेटियों की शिक्षा से शादी तक की प्लानिंग राज्य की 70 लाख महिलाओं को दी जा चुकी है अब तक 5878 करोड़ 37 लाख की राशि रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक संबल का एक बड़ा जरिया बन गया है, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में महतारी वंदन योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बल मिल रहा है। कबीरधाम जिले के बोडला विकासखंड के ग्राम भोंदा निवासी मरार पटेल का संयुक्त परिवार आज हितग्राही परिवारों के लिए प्रेरणा है।इस परिवार में  श्री सदाराम पटेल, उनके छोटे भाई श्री रामकुमार पटेल सपत्नीक, बेटों, बहुओं और पोते-पोतियों के साथ रहते हैं। इस परिवार के तीन पीढ़ियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। महतारी वंदन योजना से यह परिवार आर्थिक मजबूती हासिल कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस योजनाएं भी बना रहा है। संयुक्त परिवार की सशक्त कहानी श्री सदाराम पटेल और उनकी पत्नी श्रीमती सुखबती पटेल के दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू श्रीमती दिलेश्वरी (पति श्री गीताराम) और उनके तीन बच्चे बरखा, अंजू और प्रभा। दूसरी बहु श्रीमती मनीषा (पति श्री जगियाराम) और उनका बेटा मिंताशु है।  श्री सदाराम के छोटे भाई श्री रामकुमार पटेल और उनकी पत्नी श्रीमती बीरझा बाई के भी दो बेटे और बहुएं हैं। बड़ी बहू  श्रीमती अनिता (पति श्री नरेन्द्र) जिनके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसी तरह दूसरी बहु श्रीमती गनेशिया (पति श्री फगियाराम) और उनकी एक बेटी है। सुकन्या समृद्धि और ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना में निवेश के लिए मन बनाया परिवार की बहुओं और माताओं ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि को बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए उपयोग करने का मन बनाया है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में लाभकारी योजना में  निवेश का निश्चय किया  है। उनका कहना है कि इस योजनाओं से बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। योजनाएं 2039-40 तक उनके बच्चों के भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सहायक साबित होंगी। पटेल परिवार की बहुएं श्रीमती सुखबती पटेल और श्रीमती बीरझा बाई ने बताया, “महतारी वंदन योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में काम करने का विश्वास दिया है। परिवार के भी का मिला कर हर माह 6 हजार रुपए की अतिरिक्त आय से हमारा जीवन स्तर बेहतर और खुशहाल होने लगा है। पांच साल में यह राशि 3.60 लाख तक पहुंच जाएगी।” हमे पूरा विश्वास है कि यह योजना आगे भी चलते रहेगी।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का शुभारंभ एक मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके परिवारों को आर्थिक स्थिरता प्रदान की है। यह योजना न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत आधार तैयार कर रही है।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिली युवती की लाश, सुसाइड नोट बरामद

कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली है. युवती के शव के पास एक बैग मिला है, जिसमें एक चाकू, चांदी का लाकेट, एक मफलर और एक सुसाइड नोट भी मिला है. सुसाइड नोट में लिखा है कि मंजीत ने मुझे मार डाला… सॉरी मंजीत! सूचना पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है. पूरा मामला जिले के उरगा थाना अंतर्गत सिलियारी भांठा इलाके का है. जानकारी के मुताबिक, मृत युवती का नाम पूजा पटेल (18 वर्ष) है और वह स्पोर्ट्स और बी.ए. प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी. घटना के दौरान युवती के परिजन काम पर गए हुए थे और युवती घर पर अकेली थी. इसी दौरान पड़ोस की महिला ने एक नकाबपोश युवक को युवती के घर से बाहर भागते हुए देखा और उसने युवती के परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही परिजन घर पहुंचे तो युवती मृत अवस्था में मिली. वहीं शव के पास मिले नोट से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है. युवती के शव के पास मिले नोट के अनुसार पुलिस इस मामले की लव एंगल से भी जांच कर रही है. परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ कर जारी है.

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