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विजय शर्मा बोले- मार्च 2026 का यह दिन बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए आजादी का दिन होगा

बीजापुर छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा आज राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के साथ एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक खेलकूद के आयोजन में युवा खिलाडियों से मुलाकात की। गृह मंत्री विजय शर्मा बीजापुर के मिनी स्टेडियम में चल रहे बस्तर ओलंपिक में पहुंचे। इस दौरान वे बीजापुर की प्रसिद्ध मद्देड़ बाजा की धुन पर थिरकते हुए भी नजर आए। पुलिस विभाग की टीम की ओर से रस्सा कस्सी में भी हिस्सा लिया और अपनी टीम को जीत भी दिलाई। वहीं उन्होंने जिले में संचालित स्पोर्ट्स अकादमी और खिलाडियों की तारीफ करते हुए कहा कि यही वह युवा हैं जो आने वाले समय में बीजापुर को देश दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे। गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन के दौरान नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मार्च 2026  का दिन भले ही दूसरों के लिए आम दिन हो सकता है, लेकिन यह दिन बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए आजादी का दिन होगा क्योंकि इस दिन बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने तेलंगाना सरकार की मंत्री सीतक्का का उदाहरण देते हुए युवाओं से कहा कि सीतक्का भी पहले बस्तर के जंगलों में नक्सलियों के साथ बंदूक लेकर घूमती थी। बाद में उन्हें समझ में आया कि यह सही रास्ता नहीं है, इसीलिए उन्होंने चुनाव लड़ा और विधायक बनी। इस समय वे तेलंगाना सरकार में मंत्री हैं और लोगों के लिए विकास के काम ही नहीं बल्कि हर तरह के काम कर रही है। उन्होने कहा कि चीन की विचारधारा चीन में ही विफल हो गई है तो बस्तर में कैसे सफल हो पाएगा? बस्तर में सड़कों का विरोध, पुल-पुलियों का विरोध, स्कूल भवनों का विरोध और स्कूल भवनों को बम में उड़ाना, ये सारी चीजें बंद होनी चाहिए और बस्तर में शांति स्थापित होना चाहिए। इसीलिए आने वाला समय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मनसा अनुसार मार्च 2026 बस्तर की आजादी का दिन होगा।

क्रिप्टो करेंसी घोटाले मामले में गौरव मेहता के रायपुर स्थित घर पहुंची ED की टीम

मुंबई महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग के बीच बिटकॉइन विवाद तूल पकड़ता जा रहा है. खबर है कि बिटकॉइन विवाद मामले में ईडी की टीम रायपुर में गौरव मेहता के घर पहुंची है. 2018 के क्रिप्टो करेंसी घोटाले मामले में ईडी की टीम ऑडीटि कंपनी के कर्मचारी गौरव मेहता के छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित घर पर तलाशी कर रही है. बता दें कि गौरव मेहता का नाम पूर्व आईपीएस अधिकारी रविंद्रनाथ पाटिल के खुलासे के बाद आया है. पाटिल ने 2018 के इस घोटाले में मुख्य गवाह के तौर पर मेहता का नाम लिया था. दरअसल गौरव मेहता उस कंसल्टेंसी के लिए काम कर रहे थे जो 6600 करोड़ रुपये के क्रिप्टो करेंसी घोटाले में पुणे पुलिस की मदद कर रही थी. पूर्व आईपीएस अधिकारी रविंद्रनाथ पाटिल ने मंगलवार को दावा किया था कि सुप्रिया सुले और नाना पटोले ने बिटकॉइन के बदले कैश के लिए गौरव मेहता से संपर्क किया था और इस पैसे का इस्तेमाल महाराष्ट्र चुनाव में किया था. सुप्रिया सुले ने आरोपों से किया था इनकार सुप्रिया सुले ने बिटकॉइन पर चल रहे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि मीडिया में चल रही ऑडियो क्लिप में उनकी आवाज नहीं है. उसे बेशक चेक कराया जाए. सुप्रिया ने कहा कि उन्होंने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की है. सुप्रिया ने कहा कि बीजेपी के प्रवक्ता ने PC की, मुझे कई लोगों ने फोन किया, मैंने सुधांशु त्रिवेदी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का नोटिस दिया है. बता दें कि बीजेपी ने सुप्रिया सुले और नाना पटोले पर बिटकॉइन ट्रांजैक्शन का आरोप लगाया था. सुले ने कहा कि मैं उनके (सुधांशु त्रिवेदी) के पांच सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं. वह जहां भी चाहे, जगह और प्लेटफॉर्म भी वही चुन लें. मैं उनकी सभी आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हूं. BJP नेता ने आरोप लगाए थे बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और वोटिंग से ठीक पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वे बिटकॉइन के किसी ट्रांजैक्शन में शामिल हैं? इसके अलावा बीजेपी नेता ने सुप्रिया सुले और नाना पटोले पर भी आरोप लगाया. त्रिवेदी ने कहा कि बहुत गंभीर और चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं, जो एमवीए के भ्रष्टाचार को धीरे-धीरे उजागर कर रहे हैं. यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर एक गंभीर सवाल है. उन्होंने व्हाट्सएस चैट का प्रिंट आउट दिखाते हुए कहा कि इन चैट्स और नोट्स से पता चलता है कि कैसे सुप्रिया सुले और नाना पटोले द्वारा बिटकॉइन ट्रांजैक्शन किया जा रहा था. बीजेपी की तरफ से दावा किया गया कि नाना पटोले, सुप्रिया सुले, पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता और डीलर अमिताभ के बीच वॉयस नोट्स का आदान-प्रदान हुआ है.

पुलिस पब्लिक स्कूल के लिए आवंटित भूमि को लेकर विवाद, जनदर्शन में शिकायत करने पहुंचे अजिरमा गांव के प्रभावित लोग

अंबिकापुर नगर से लगे ग्राम अजिरमा में नवीन पुलिस पब्लिक स्कूल के लिए प्रशासन ने जिस भूमि को आवंटित किया है उसको लेकर यहां चालीस वर्ष से निवासरत भूमिहीन जरूरतमंद परिवार के काबिज लोगों के लिए नई समस्या खड़ी हो गई है। कई परिवारों में हड़कंप इनमें अधिकांश बांग्लादेशी शरणार्थी हैं। इन लोगों ने वर्षों से इस भूमि पर काबिज होकर मकान, पेयजल की व्यवस्था सहित अन्य संसाधन स्थापित किया है। प्रशासन के द्वारा भूमि आवंटित होते ही यहां पुलिस विभाग ने अपनी भूमि होने का सूचना बोर्ड लगा दिया है। जिससे कई परिवारों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर के नाम दिए ज्ञापन में अजिरमा के बड़ी संख्या में लोगों ने बताया कि ग्राम अजिरमा में भारत सरकार पुनर्वास विभाग द्वारा शासकीय भूमि के विभिन्न खसरा नंबर की भूमि उपलब्ध है। इस पर तत्कालीन समय अनुसार 20 से लेकर 40 वर्षों से लोग जिनके पास भूमि नहीं है वे निवासरत हैं। सभी ने मकान, बाड़ी, शौचालय, बाउंड्री वाल बनाया है और परिवार के साथ सुरक्षित निवासरत हैं। जीवनयापन कर रहे हैं। ग्रामीणाें ने कहा है कि हम भूमिहीन हैं और यहीं हमने जीवन यापन के लिए मकान निर्माण किया है। इसके अलावा हमारे पास कोई भूमि नहीं है। पुलिस विभाग ने बोर्ड लगाया शासन की ओर से बगैर किसी सूचना के 17 नवंबर को पुलिस विभाग ने एक बोर्ड लगा दिया है। कलेक्टर से आग्रह किया गया है कि इस पर यदि कार्रवाई हुई तो हम बेघर हो जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में आनंदी एक्का, मीना, विकास, अंजु खत्री, शीतल खत्री, रुक्मणि, योगेंद्र, रंजीत कुमार, संजय कुमार, गणेश कुमार कसेर, शोभनाथ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।  

साय ने गृहमंत्री शाह से नई दिल्ली में की मुलाकात, राज्य के विकास, सुरक्षा सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर की चर्चा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नॉर्थ ब्लॉक नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक में राज्य के विकास, सुरक्षा एवं अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे अभियानों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। गृह मंत्री ने इन प्रयासों की सराहना की और केंद्र की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में नक्सल उन्मूलन की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती के साथ लड़ाई लड़ी जा रही है। सुरक्षा के मोर्चे पर हमारी सरकार ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले 11 महीने में लगभग 200 नक्सली मारे गए हैं, वहीँ 700 से अधिक नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प की दिशा में हमारी सरकार कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया केंद्र सरकार राज्य में सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

छत्तीसगढ़ में 6 दिनों में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का आंकड़ा 3 लाख टन के पार पहुंचा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में इन दिनों किसानों की बल्ले-बल्ले है. प्रदेश के किसानों ने महज 6 दिन में ही 502 करोड़ 53 लाख रुपये की कमाई कर ली है. यह कमाई किसानों को धान बेचने के एवज में हुई है. राज्य में 14 नवंबर से सरकारी सोसायटियों में धान खरीदी का महाअभियान चल रहा है. इस अभियान के तहत 68 हजार 668 किसानों ने 3.09 लाख मीट्रिक टन धान बेचा है. इसकी एवज में उन्हें 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान 6 दिनों में किया जा चुका है.धान खरीदी की यह प्रक्रिया करीब 70 दिन और चलेगी. 3 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के हवाले से मिली जानकारी में कहा गया है कि 14 नवंबर से 19 नवंबर तक राज्य में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का आंकड़ा  3 लाख टन के पार पहुंच गया है. मंत्री बघेल ने कहा कि धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 2 हजार 739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है. चालू विपणन वर्ष में 160 लाख टन धान उपार्जन का अनुमान है. 31 जनवरी तक चलेगा अभियान बता दें कि देव-दीवाली 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महापर्व के 6वें दिन तक 3.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है. धान खरीदी का यह महाअभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा. खाद्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 20,296 किसानों से 93 हजार 581 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है. राज्य में धान बेचने के लिए इस साल 27.68 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल हैं. 19 नवंबर के लिए कुल 23791 टोकन जारी किए गए थे. आगामी दिवस के लिए 19934 टोकन जारी किए गए हैं.धान खरीदी व्यवस्था पर निगरानी के लिए अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई है, जो लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

जीएम फसल शरीर के लिए हानिकारक, भारतीय किसान संघ ने सरगुजा सांसद को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर  भारतीय किसान संघ ने जीएम (जेनेटिक माडिफाइड) सरसों को शरीर के लिए हानिकारक बताते हुए इसके फसल उत्पादन पर रोक लगाने की मांग की है। संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशोर सिंह बघेल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया किजेनेटिकली माडिफाइड सरसों की गुणवत्ता पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है यहां तक सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने निर्णय में इसके ऊपर संदेह जताया है। देश में जीएम फसल के रूप में बीटी कपास को सन 2002 में किसानों के बीच पिछले दरवाजे से लाया गया। कपास में बैक्टीरिया से दो अलग जीन को डालकर बारी-बारी से अधिक जहरीला कपास बनाया गया और बताया गया था कि कपास में लगने वाली कीट को रोकेगा लेकिन यह झूठा साबित हुआ। वैसे ही कई फसलों में जीव जंतुओं के जीन को डालकर नया जीव तैयारी का खेल चल रहा है। अभी तक यह तय नहीं है कि ऐसी फसलों को फसल कहें या जीव ? खाद्यान फसलों में यदि जीव जंतुओं का जीन डाला जाता है तो उसको शाकाहारी बोलेंगें या मांसाहारी यह भी तय नहीं है। फिर भी बिना किसी चर्चा के, बिना किसी सलाह के, बिना किसी विवज्ञानी परीक्षण-निरीक्षण के बीटी बैगन से लेकर जीएम सरसों तक फसलों को भारत में लाने की कोशिशें हो रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 वर्षो के अध्ययन के पश्चात् हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए माना कि जीएम पर जितने परिक्षण के प्रमाण हैं वे सभी विदेशों के ही हैं। न्यायालय ने सरकार से चार माह के भीतर जीएम फसलों पर समिति बनाने को कहा है लेकिन अब तक इस मामले में कोई पहल नहीं हुई। हाल ही में कई अनुसंधान केंद्रों के द्वारा इसकी पुष्टि की गई हैं कि जीएम फसल हर प्रकार से भारत की भौगोलिक संरचना, पर्यावरण, जलवायु एवं कृषि संस्कृति के लिए सर्वथा अनुचित और हानिकारक है। अतः इस पर तत्काल प्रभाव से देश में प्रयोग करने से रोक लगाई जाए। इसके लिए किसान संघ के द्वारा राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत सरकार के मंत्री एवं सांसदों को उनके संसदीय क्षेत्रों में ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में सरगुजा सांसद को ज्ञापन सौंप केंद्र सरकार से जीएम बीज के उपयोग पर रोक लगाने पहल करने की मांग की गई है। यदि सरकार ने इस पर समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया तो भारतीय किसान संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशोर सिंह बघेल सहित दरिमा तहसील अध्यक्ष सोमवार दास, लुंड्रा ब्लाक अध्यक्ष अनिता जायसवाल, अंबिकापुर ब्लाक अध्यक्ष बबलू नामदेव, धीरज शर्मा, बुधराम दास उपस्थित रहे।

जिले के 12 विभागों में आनलाइन माध्यम से आरटीआई लागू करने के अपर कलेक्टर ने दिए निर्देश

बिलासपुर आरटीआई एक्टिविस्ट अक्षत सिंह ने 12 विभागों में सूचना के अधिकार के तहत शासन के निर्देश पालन न होने की शिकायत अपर कलेक्टर से की थी। अक्षत सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि आनलाइन आरटीआई प्रणाली     शिक्षा विभाग,     ग्रामीण यांत्रिकी सेवा,     मछली पालन,     पशुपालन,     क्रेडा ऊर्जा,     कृषि उपज मंडी (तोरवा व तिफरा),     लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीएमएचओ कार्यालय,     खनिज विभाग, एसीबी बिलासपुर     जल संसाधन विभाग विभागों में आनलाइन पंजीयन और आनबोर्डिंग प्रक्रिया के तहत कार्य नहीं हो रहा है। तीन दिनों के अंदर प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश जानकारी होने के बाद अपर कलेक्टर आरए कुरूवंशी ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए सभी विभाग को तीन दिनों के अंदर सभी विभागों को अपनी आनलाइन जनसूचना अधिकारी की आईडी बना कर कार्यालय को तीन दिनों के अंदर प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। शिकायत के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान आरटीआई एक्टिविस्ट अक्षत सिंह ने शिकायत की थी कि बिलासपुर के कई विभागों में अब तक आनलाइन आरटीआई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इस वजह से नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में परेशानी होती थी। कई विभाग जानकारी देने में आनाकानी करते थे, और समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराते थे। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आनलाइन प्रक्रिया लागू करने के लिए तीन दिनों की समय सीमा दी है।

सरगुजा में पारा 8.8 डिग्री पर पहुंचा, नवंबर में 10 साल में पारा इतना नीचे पहुंचा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सर्द हवाओं का आगमन तेजी से हो रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर सरगुजा सम्भाग में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर और सूरजपुर में अगले 24 घंटे में शीत लहर चलने की चेतावनी जारी की है। ठिठुराने वाली हवाओं के चलने से सरगुजा संभाग में पारा तेजी से नीचे गिर गया है। यहां नवंबर के तीसरे हफ्ते में ही पारा 8.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग की मानें तो साल 2014 के बाद पहली बार नवंबर के तीसरे हफ्ते में सरगुजा का पारा इतना नीचे पहुंचा है। यानी सर्दी ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह है वजह मौसम विभाग ने अचानक से तापमान गिरने के पीछे का कारण चक्रवातीय परिवर्तन को बताया है। सरगुजा सम्भाग में सर्दी बढ़ने से ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को अभी से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बीमार पड़ने लगे हैं। दिन में भी गर्म कपड़े पहनकर निकल रहे हैं। हवा से नमी गायब मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी शांत बनी हुई है। इस दिशा से नमी का आगमन नहीं हो रहा है। लगातार पश्चिम और उत्तर से सर्द हवा आ रही है। बीते दिनों उत्तर भारत में कई जगहों पर बर्फबारी हुई। इसके चलते उस दिशा से सर्द हवा आ रही है। आसमान पूरी तरह से साफ है। प्रदेश समेत उत्तर छत्तीसगढ़ का तापमान सर्द हवाओं की वजह से गिरा है। अभी पहाड़ी इलाकों में पारा और नीचे जाएगा। ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, आगामी पांच दिनों में तापमान में क्रमिक गिरावट होने की संभावना है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना है।

नगर सैनिक और शिक्षा विभाग में क्लर्क सहित 10 व्यक्तियों पर कलेक्टर ने एफआईआर दर्ज करने के दिए आदेश

बलरामपुर-रामानुजगंज जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर पटवारी पर चौहद्दी बनाने का दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है. मामले में जिला स्तरीय जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कुल 11 व्यक्तियों की संलिप्तता पाई गई, जिसमें नगर सैनिक और शिक्षा विभाग में क्लर्क सहित 10 व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश किया गया है. कलेक्टर कार्यालय की ओर से राजपुर एसडीएम को भेजे पत्र के अनुसार, अनुभाग राजपुर के ग्राम मदनेश्वरपुर, प.ह.नं. 27 की पटवारी अनिमा पैकरा द्वारा खसरा नंबर 544/22 रकबा 2.371 तथा खसरा नंबर 550/1 के अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 के अवलोकन के लिए जिला अभिलेखागार को आवेदन प्रस्तुत किया गया. मिलान उपरांत उपरोक्त अभिलेख के फर्जी होने की बात सामने आई. अधिकार अभिलेख के अवलोकन उपरांत पटवारी अनिमा पैकरा ने कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराया कि व्हाट्सअप के जरिए ग्राम मदनेश्वरपुर का अधिकार अभिलेख 1954-55 का नकल प्रेषित किया गया था, जिसके आधार पर जमीन की खरीदी के लिए चौहद्दी बनाये के लिए बोला. अवलोकन में नकल संदेहास्पद पाए जाने पर पटवारी ने चौहद्दी बनाने से मना कर दिया. इसके बाद चौहद्दी बनाने के लिए सौरभ सिंह, राजेश सिंह और रविदास फोन कर दबाव बनाने लगे. इस बात की जानकारी पटवारी ने राजपुर एसडीएम को दी, जिसके बाद राजपुर एसडीएम ने अभिलेख जांच / खसरा मिलान के लिए जिला अभिलेखागार भेजा गया. जांच में शिकायत सही पाए जाने और कूटरचित फर्जी नकल तैयार किए की पुष्टि होने पर दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का दिया गया निर्देश     सुनील मिंज पिता स्व. शम्भू मिंज, निवासी लेजुआपोखरा, बलरामपुर     सौरभ सिंह पिता फलेन्दर सिंह, निवासी मेन रोड पोस्ट ऑफिस के पास राजपुर     राजेश सिंह, ठेकेदार, निवासी ग्राम बलरामपुर     बसील खलखो पिता कार्लस जालक्सो, निवासी ग्राम भेलईखुर्द, तहसील राजपुर     रमेश ठाकुर पिता बबन ठाकुर, निवासी गोधनपुर,  अम्बिकापुर, जिला सरगुजा     रामरूप यादव पिता सोनई, निवासी ग्राम मदनेश्वरपुर, तह. राजपुर     सुरेशचंद्र मिश्र पिता स्व. सिद्धेश्वर मिश्र, निवासी ग्राम डूमरसोता, पो. कांडी, प्रखण्ड- गढ़वा, जिला गढ़वा, झारखण्ड     जयप्रकाश श्रीवास्तव पिता सुरेश लाल श्रीवास्तव, निवासी ग्राम राजमोहिनी देवी वार्ड अम्बिकापुर, जिला सरगुजा, छ.म.     तेरेसा लकड़ा पति सुनील मिंज, नगर सैनिक, जिला सेनानी बलरामपुर     विजय बहादुर सिंह, सहा.ग्रेड-03, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर  

‘बीएसएफ और आईटीबीपी जवान न हों अभियान में शामिल’, छत्तीसगढ़-कांकेर में दहशत में नक्सलियों ने लगाए बैनर

कांकेर। मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने की केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सुरक्षाबलों की प्रभावित क्षेत्र में सक्रियता से नक्सल दहशत में हैं. नक्सली ने कांकेर जिले में सड़क किनारे बैनर लगाकर और पर्चे फेंककर बीएसएफ और आईटीबीपी के जवानों से बस्तर में चल रहे अभियान में शामिल नहीं होने की अपील की है. अंतागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत अंतागढ़-कुहचे मार्ग और मद्रासीपारा में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में बैनर लगाने के साथ पर्चे फेंके हैं, जिसमें बीएसएफ व आईटीबीपी के जवानों से बस्तर में हो रही हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील की है. इसके साथ बैनर में नक्सलियों ने आरएसएस के लोगो को गांव-गलियों और कस्बों से बाहर खदेड़ने की बात कही है. इसके अलावा अबूझमाड़ में सेना प्रशिक्षण केंद्र का विरोध करते हुए पर्चे में आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही है. वहीं दूसरी ओर नक्सलियों ने पखांजूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ऐसेबेड़ा-भिंगीडार मार्ग पर जगह-जगह बैनर लगाकर माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर किसान, मजदूर और महिलाओं को लूटने का आरोप लगाया है, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए लोगों से इन कंपनियों का विरोध करने की अपील की है. इसके साथ गाँव-गाँव से माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों को मार भगाने की बात कही है. ऐसा पहली बार है जब नक्सलियों के निशाने पर माइक्रो फाइनेंस कंपनियां आई हैं.

अधिकारी आज थाना के सामने करेंगे प्रदर्शन, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी का बढ़ा विवाद

बिलासपुर। बिलासपुर में नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा और सरकंडा थाना में थाना प्रभारी तोपसिंग नवरंग और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासनिक अधिकारी लामबंद हो गए हैं. छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ एवं राज्य प्रशासनिक सेवा संघ आज कलमबंद कर सरकंडा थाना के सामने विरोध-प्रदर्शन करेंगे. मंगलवार को सरकंडा थाना में थाना प्रभारी तोपसिंग नवरंग और पुलिसकर्मियों से विवाद के बाद नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा ने थाना प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. वहीं, पुलिस ने भी नायब तहसीलदार और उनके भाई पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और गाली-गलौज का मामला दर्ज किया है. मामले में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ एवं राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की ओर से सभी कलेक्टर को मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री, गृह मंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया. इसमें प्रारंभिक स्तर पर किसी भी प्रकार से संज्ञान नहीं लिए जाने और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी स्तर की जाँच कमिटी गठित नहीं किए जाने पर क्षोभ जताया गया है. इस संबंध में आहूत बैठक में तीन सूत्रीय मांग – सरकंडा थाना प्रभारी का निलम्बन, एफआईआर का निरस्तीकरण एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी स्तर से जांच की मांग को लेकर आज से कलम बंद कर बिलासपुर में थाना सरकंडा के सामने उपस्तिथ होकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया.

सर्व आदिवासी समाज भी आया झांसे में, छत्तीसगढ़-बालोद में सहकारी समितियों में नियुक्ति की फर्जी लिस्ट वायरल

बालोद। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में इन दिनों जिले के 122 सेवा सहकारी समितियों में नियुक्त किए गए अध्यक्ष, सभापति और प्रभारियों की सूची वायरल हो रही है. इस फर्जी वायरल सूची के झांसे में आए छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज डौंडी ब्लॉक ने कलेक्टर को पत्र लिखकर समितियों में गैर आदिवासियों को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई है. वायरल सूची का विरोध जताते हुए छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज डौंडी ब्लॉक की ओर से कलेक्टर को पत्र लिख पत्र में इन नियुक्तियों को सवाल उठाते हुए इसे नियम विरुद्ध बताते हुए अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों की नियुक्ति करने की मांग की है. वहीं सहकारिता विभाग के उप पंजीयक राजेंद्र राठिया ने सूची को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताते हुए स्पष्ट किया कि एक-दो दिनों में लिस्ट जारी कर दी जाएगी.

नक्सली ने कांकेर जिले में बैनर लगाकर और पर्चे फेंककर जवानों से की अपील

कांकेर मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने की केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सुरक्षाबलों की प्रभावित क्षेत्र में सक्रियता से नक्सल दहशत में हैं. नक्सली ने कांकेर जिले में सड़क किनारे बैनर लगाकर और पर्चे फेंककर बीएसएफ और आईटीबीपी के जवानों से बस्तर में चल रहे अभियान में शामिल नहीं होने की अपील की है. अंतागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत अंतागढ़-कुहचे मार्ग और मद्रासीपारा में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में बैनर लगाने के साथ पर्चे फेंके हैं, जिसमें बीएसएफ व आईटीबीपी के जवानों से बस्तर में हो रही हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील की है. इसके साथ बैनर में नक्सलियों ने आरएसएस के लोगो को गांव-गलियों और कस्बों से बाहर खदेड़ने की बात कही है. इसके अलावा अबूझमाड़ में सेना प्रशिक्षण केंद्र का विरोध करते हुए पर्चे में आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही है. वहीं दूसरी ओर नक्सलियों ने पखांजूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ऐसेबेड़ा-भिंगीडार मार्ग पर जगह-जगह बैनर लगाकर माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर किसान, मजदूर और महिलाओं को लूटने का आरोप लगाया है, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए लोगों से इन कंपनियों का विरोध करने की अपील की है. इसके साथ गाँव-गाँव से माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों को मार भगाने की बात कही है. ऐसा पहली बार है जब नक्सलियों के निशाने पर माइक्रो फाइनेंस कंपनियां आई हैं.

छात्राओं ने कलेक्टर से मांगी सुरक्षा, छत्तीसगढ़-कोंडागांव में नर्सिंग गर्ल्स हॉस्टल के ऊपर मंडराया ड्रोन

कोंडागांव. छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में शासकीय जीएनएम नर्सिंग छात्राओं ने हॉस्टल के ऊपर ड्रोन उड़ाने की शिकायत कलेक्टर से की है। छात्राओं का कहना है कि ड्रोन दिन-रात हॉस्टल के ऊपर मंडराता रहता है, जिससे उनकी निजता और सुरक्षा को खतरा है। छात्राओं ने बताया कि दो दिन पहले हॉस्टल में एक युवक घुस आया था, जिसके बाद सुरक्षा खामियां उजागर हुईं। सैकड़ों छात्राओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर सुरक्षा बढ़ाने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इंस्टिट्यूट मैनेजमेंट ने भी माना कि सुरक्षा के लिए पहले आवेदन किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि तीन-चार दिनों में उचित व्यवस्था की जाएगी। छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में असुरक्षा का माहौल है और मैनेजमेंट की लापरवाही से उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन छात्राओं की मांगों को कब तक पूरा करता है और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करता है।

साय ने उड्डयन मंत्री से राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के विकास पर हुई चर्चा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाक़ात की। बैठक में राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के विकास के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। केंद्रीय मंत्री ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू करने पर अपनी सहमति जताई है। इसके साथ ही रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो हब विकसित करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी एवं रायपुर एयरपोर्ट से पटना एवं रांची के लिए भी हवाई सेवा शुरू करने की सहमति मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा की बड़ी संभावनाएं हैं। इस कदम से राज्य के आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय यात्री ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए रायपुर से सिंगापुर और दुबई के लिए सीधी उड़ानों की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन मार्गों पर यात्री ट्रैफिक काफी अच्छा है, जिससे ये सेवाएं व्यावसायिक रूप से लाभकारी साबित होंगी। केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है। श्री साय ने राज्य में वर्तमान में कोई बड़ा कार्गो सुविधा केंद्र नहीं होने की जानकारी देते हुए रायपुर के एयरपोर्ट को एक केंद्रीय कार्गो हब में विकसित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इससे कृषि और बागवानी उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। केन्द्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए 3C IFR कैटेगरी में अपग्रेडेशन का प्रस्ताव भी रखा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके लिए रेडियो नेविगेशन सिस्टम डीवीओआर (DVOR) की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का अनुरोध किया है। केन्द्रीय मंत्री ने बिलासपुर एयरपोर्ट पर विमानों की नाईट लैंडिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए इसे तुरंत शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर एयरपोर्ट को रायपुर, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए नई उड़ानों की शुरुआत की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा क्षेत्र की सांस्कृतिक और खनिज संपदा को देखते हुए नई उड़ान सेवा शुरू करने से लोगों को काफी लाभ होगा, जिस पर भी केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। बैठक में मुख्यमंत्री ने जगदलपुर और बिलासपुर एयरपोर्ट्स पर आरसीएस उड़ानों के लिए वित्तीय सहायता को बहाल करने की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि इन रूट्स पर कनेक्टिविटी बढ़ाने से क्षेत्रीय विकास में मदद मिलेगी। श्री साय ने बताया कि जगदलपुर से रायपुर के बीच इंडिगो एयरलाइंस द्वारा संचालित उड़ान सेवा को कम यात्रियों के चलते बंद कर दिया गया था। इसे पुनः सही समय पर शुरू करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए इस मार्ग पर हवाई कनेक्टिविटी की भारी मांग है। केंद्रीय मंत्री ने अन्य प्रस्तावों पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है।इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं नई दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सैन भी उपस्थित थीं।

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