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मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना: स्कूल भवनों की जांच में 78 स्कूल भवनों में निर्माण कार्यों में पाईं गंभीर खामियां, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत शासकीय स्कूल भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्ष निर्माण व रिपेयरिंग कार्य केवल कागजों में ही पूरा हुआ है। भौतिक सत्यापन के दौरान गठित टीम को 78 स्कूलों में कार्य अपूर्ण या गुणवत्ताहीन मिला, जबकि ठेकेदार ने अपनी पेश रिपोर्ट में कार्य को पूरा बताया था। कलेक्टर ने अनियमितता पाए जाने पर ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कागजों में कार्य पूर्ण बताकर राशि निकालने वाले ठेकेदारों से रकम वसूल की जाएगी और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत यह सुनिश्चित किया गया कि स्कूल भवनों का निर्माण, बच्चों के बैठने के लिए अतिरिक्त कक्षों का निर्माण और मरम्मत कार्य अच्छे से हों ताकि बच्चों को पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। कई स्कूलों भवनों का निर्माण हुआ तो कुछ के लिए अतिरिक्त कक्ष बनाए गए। वही छत का प्लास्टर गिरने और पानी रिसाव की शिकायतों के बाद रिपेयरिंग कराई गई थी। सत्यापन में पता चला कि ठेकेदारों ने केवल खानापूर्ति की है। अधिकारियों से मिलीभगत कर अपूर्ण कार्य को पूर्ण दिखाते हुए राशि का आहरण कर लिया गया। ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी का पता चलने के बाद कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम, आरईएस के कार्यपालन अभियंता और संबंधित सीएमओ को कार्रवाई का आदेश दिया है। दोषी निर्माण एजेंसी और ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही निर्माण कार्य के नाम पर निकाली गई राशि की वसूली भी की जाएगी। सबसे ज्यादा गड़बड़ी मस्तूरी ब्लाक में जांच टीम की अगुवाई में स्कूल भवनों की रिपेयरिंग जांच के दौरान पता चला कि मस्तूरी ब्लाक के 48 स्कूल ऐसे हैं जहां कार्य को पूर्ण बताकर भुगतान प्राप्त कर लिया गया। वहीं तखतपुर ब्लाक में 14 स्कूल, कोटा ब्लाक में 11 और बिल्हा ब्लाक में नौ स्कूल ऐसे मिले जहां समस्या जस की तस थी, लेकिन कागजों में कार्य को पूर्ण बता दिया गया था। इन स्कूलों में पाई गईं खामियां     केस 1- शासकीय जनपद प्राथमिक शाला बम्हनीखुर्द बिल्हा ब्लाक में स्कूल की छत व बरामदे में रिपेयरिंग और निर्माण कार्य तीन लाख 84 हजार रुपये में किया गया था। जांच टीम ने सत्यापन किया तो पता चला कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का अभाव है और बरामदे की छत का प्लास्टर गिरा हुआ था।     केस 2- तखतपुर के तुर्काडीह प्राथमिक शाला (ईडीयू) में 11 लाख 30 हजार की लागत से भवन का निर्माण हुआ था। मौके पर जांच करने पर टीम को छत में सीपेज की समस्या मिली।     केस 3- कोटा शासकीय माध्यमिक शाला भवन में परिवर्तन एवं परिवर्धन कार्य रानीबछाली में चार लाख 62 हजार की लागत से किया गया। जांच में गुणवत्ता का अभाव पाया गया।     केस 4- मस्तूरी ब्लाक के प्राथमिक शाला, सबरियाडेरा (सोन) में अतिरिक्त कक्ष निर्माण का ठेका 8आठ लाख 32 हजार में हुआ, परंतु फर्श का कार्य अधूरा था।  

कलेक्टर ने रोड किनारे पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने के दिए निर्देश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई, जिसमें विभागीय महत्वपूर्ण पत्रों, पिछले शिविर के लंबित मुद्दों, डीएमएफ कार्यों की प्रगति तथा आगामी बैठक में शामिल होने वाले प्रस्तावों पर चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बैठक के दौरान निर्देशित किया कि 15 नवंबर को कुवांरपुर में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री जनजाति गौरव दिवस और जन समस्या निवारण शिविर में चुने हुए जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों को निमंत्रण पत्र दिए जाएं। इसके अलावा स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने, भूमि पूजन, खिलाड़ियों और छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देने, छात्रावास निर्माण और सड़क निर्माण का लोकार्पण करने के साथ-साथ जन समस्या निवारण शिविर में सभी विभागों का स्टॉल लगाकर हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने जिले में नगर निगम, नगर पंचायत, नगर परिषद और ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि सभी मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करे, इसके अतिरिक्त स्ट्रांग रूम की व्यवस्था,साफ सफाई, पेयजल की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था, बैठने की सुविधा और जर्जर मतदान केंद्रों को बदलने या सुधारने के लिए भी कहा है । उन्होंने मतदाता पहचान की पुष्टि, सामग्री वितरण और 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के कार्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही धान खरीदी के संदर्भ में  कलेक्टर ने बताया कि खरीफ वर्ष 2024-25 के तहत धान बिक्री के लिए पुराने और नए पंजीकरण में सुधार किया गया है। अब किसान केवल एसडीएम से चर्चा कर के ही धान बेच सकेंगे। इसके साथ ही किसानों की फोटो सहित उनके खेतों की जानकारी मंगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा समितिवार पंजीयन रिपोर्ट, बारदाने की उपलब्धता, उड़नदस्ता दल का गठन, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कृषक पंजीयन आदि विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि जिन विभागों को भूमि आवंटित हो चुकी है, वे अपनी भूमि पर घेरा बंदी या खूंटा गाड़ने का कार्य शीघ्र पूरा करें। पुराने पेंशन मामलों, आवारा पशुओं पर रेडियम बेल्ट लगाने, वन अधिकार पट्टा में हुई गड़बड़ी को सुधारने तथा कलेक्टर कार्यालय से पीडब्ल्यूडी चौक और पीडब्ल्यूडी से बाजार तक रोड किनारे जितने भी अवैध दुकानें है उसको तत्काल हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने, स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र बांटने के लिए कहा इसके अलावा सरगुजा प्राधिकरण के लंबित कार्यों को पूर्ण करने, अटल आवास की निर्माण, ट्राइबल मल्टी मार्केटिंग के भूमि आबंटित, प्रधानमंत्री सड़क योजना के व्दारा बन रहे सड़क को पूर्ण करने , शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के लिए आवास आबंटन तथा जल शक्ति मिशन में यूजर आईडी लॉगिन और जिओ ट्रैकिंग की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, संयुक्त कलेक्टर सी.एस. पैकरा, एसडीएम प्रवीण कुमार भगत, लिंगराज सिदार, तहसीलदार, जनपद सीईओ, सभी नगर पंचायत सीएमओ, और जिले के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से गैस लीकेज, तीन ठेका श्रमिक बेहोश

भिलाई भिलाई इस्पात संयंत्र में एक बड़ी घटना घटी है, यहां ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से गैस लीक हो गई, जिससे तीन ठेका श्रमिकों की तबियत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। गैस के संपर्क में आने वाले श्रमिकों में रिजवान, हरिचरण और मोहनलाल गुप्ता शामिल है। घटना के बाद तुरंत ही इन श्रमिकों को सेक्टर 9 अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गैस लीक होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है, और इस बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। इस घटना के बाद संयंत्र में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अस्पताल में भर्ती श्रमिकों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, और उनकी पूरी निगरानी की जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गैस लीक होने की घटना संयंत्र में कार्य के दौरान हुई, और इसे लेकर स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।

24 घंटों में स्वास्थ्य केंद्र में सफलतापूर्वक कराई 6 नार्मल डिलीवरी

बालोद छत्‍तीसगढ़ के बालोद जिले से एक खुशखबरी सामने आई है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पुरूर ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पिछले 24 घंटों में इस स्वास्थ्य केंद्र में 6 नार्मल डिलीवरी सफलतापूर्वक कराई गईं हैं। इस प्रकार, पीएचसी पुरूर ऐसा पहला स्वास्थ्य केंद्र बन गया है, जहां 24 घंटे के भीतर 6 प्रसव कराए गए हैं। यह उपलब्धि इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस सफलता से पीएचसी पुरूर के कर्मचारियों और स्टाफ का मनोबल भी बढ़ा है। सभी प्रसव पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे और मां-बच्चे दोनों स्वस्थ्य हैं। पीएचसी पुरूर की इस उपलब्धि के लिए यहां के स्टाफ नर्स हेमबती नेताम, सोनल मसीह, कुसुम साहू, भारती साहू, वार्ड आया यशोमति साहू और आरएमए कमल किशोर सिन्हा का अहम योगदान रहा। इन सभी ने प्रसवों को सहज और सुरक्षित रूप से संपन्न करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस उपलब्धि को लेकर सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी) डॉ. महेश कुमार सूर्यवंशी ने पीएचसी पुरूर के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। प्रसव करने वाली महिलाओं में ग्राम सोहतरा की गीता (पति- नंदकुमार), ग्राम पुरूर की वंदना सौरभ जोशी (पति- सौरभ जोशी), ग्राम नवागांव की कौशिल्या (पति- पेमन), ग्राम चिटौद की सीमन (पति- राहुल), ग्राम मरकाटोला की संगीता (पति- नरेंद्र), और ग्राम भर्रीगांव की प्रीति (पति- राजेंद्र) शामिल हैं, जिन्होंने यहां बच्चों को जन्म दिया।

कलयुगी पिता ने नशे की हालत में अपने ही बेटे की हत्या, कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा

कोरबा  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अपने ही बेटे की हत्या करने के वाले एक कलयुगी पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामला बालको नगर थाना क्षेत्र के गहनिया खेतार गांव का है, जहां बीते साल सितंबर महीने में आरोपी ने अपने ही बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी थी. इसके बाद उसने खुद का भी गला रेत दिया था, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया था. आरोपी आदतन नशेड़ी है और उसे शराब और गांजे की लत लगी हुई थी. बेटे की हत्या भी उसने नशे की हालत में ही की थी. मामला बालको नगर थाना क्षेत्र का है. बता दें कि अपने बेटे की हत्या को अंजाम देने वाले इस कलयुगी पिता का नाम अमर मांझी (उम्र 30 साल) है. पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना आरोपी के सगे भाई ने दी थी. इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया था. वहीं अमर मांझी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज ठीक होने के वक्त पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. अपर सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद अमर मांझी को अपने बेटे की हत्या का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

कोयला खदान में कलिंगा कंपनी के कर्मचारी चार दिनों से हड़ताल पर

कोरबा एसईसीएल मानिकपुर खदान में निजी ठेका कंपनी कलिंगा के कर्मचारी बोनस और सरकारी अवकाश के पैसे देने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से हड़ताल कर रहे हैं. हड़ताल की वजह से मिट्टी ओव्हरबर्डन हटाने का काम पूरी तरह से ठप पड़ गया है, जिससे कंपनी को करोड़ों की क्षति उठानी पड़ रही है. कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर कोल परियोजना में नियोजित ठेका कंपनी कलिंगा के सैकड़ों कर्मचारी पिछले तीन दिनों से काम बंद कर आंदोलन कर रहे हैं. बोनस और सरकारी अवकाश के रुपयों की मांग करते हुए कर्मचारी खदान के भीतर वाहनों को खड़ा कर ठेका कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है. आंदोलन की सूचना के बाद कलिंगा कंपनी के इंचार्ज मोहती मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझने का प्रयास किया. लेकिन कर्मचारियों ने उनकी बातों को नहीं मानी और आंदोलन जारी रखा है. इस आंदोलन से कलिंगा कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो सकता है. बताया जा रहा है कि कलिंगा कंपनी के कर्मचारी दशहरा से पहले ही अपनी मांग कंपनी के समक्ष रखे थे, लेकिन उनकी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई है. इस बार सभी कर्मचारियों ने ठोस निर्णय लेते हुए सभी गाड़ियों को खदान में खड़ी कर आंदोलन पर उतारे हैं. उनकी कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक वाहन नहीं चलाएंगे.

राजद्रोह के मामले में हाई कोर्ट ने IPS जीपी सिंह के खिलाफ रद्द की सभी प्रोसिडिंग

बिलासपुर IPS जीपी सिंह को छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए भूपेश कार्यकाल में उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह के केस की सभी प्रोसीडिंग्स रद्द कर दी है. IPS जीपी सिंह को राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय जुलाई 2023 में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे चुका है. बता दें कि ACB ने जुलाई 2021 को आईपीएस जीपी सिंह के पुलिस लाइन स्थित सरकारी बंगले के अलावा राजनांदगांव और ओडिशा के 15 अन्य स्थानों पर छापा मारा था. इसमें 10 करोड़ की अघोषित संपत्ति के साथ कई संवेदनशील दस्तावेज मिले थे. मामले में ACB ने जीपी सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी. इस कार्रवाई के मद्देनजर भूपेश सरकार ने 5 जुलाई को उन्हें सस्पेंड करने के बाद 8 जुलाई की रात को उनके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कराया था. आरोप था कि जीपी सिंह सरकार गिराने की साजिश रच रहे थे. इस पर 9 जुलाई 2021 को जीपी सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले की CBI जांच की मांग की थी. मामले की जांच के बाद 11 जनवरी 2022 को जीपी सिंह को नोएडा से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उन्हें मई 2022 में जमानत मिल गई. सर्विस रिव्यू कमेटी की सिफारिश पर 21 जुलाई 2023 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने IPS जीपी सिंह को भारत सरकार ने कंपलसरी रिटायर कर दिया था. तब जीपी सिंह की सेवा के 8 साल बचे थे.

आंगनबाड़ी में फल-दूध न मिलने पर लिया संज्ञान, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला-बाल विकास विभाग से मांगा जवाब

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी में बच्चों को फल, दूध आदि नहीं दिए जाने पर स्वतः संज्ञान लिया है. मामले की जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट से सचिव महिला बाल विकास विभाग के शपथ पत्र का तुलनात्मक मिलान करने को कहा है. मामले में अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी. बता दें कि दुर्ग जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को फल और दूध नहीं दिए जाने की खबर मीडिया में आई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज कर सुनवाई शुरू की. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी ने इसके लिए एडवोकेट अमिय कांत तिवारी , सिध्दार्थ दुबे, आशीष बेक, ईशान वर्मा को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया. कोर्ट कमिश्नरों ने इन केन्द्रों में जाकर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की. कोर्ट कमिश्नरों को सबंधित अधिकारियों ने बताया कि फल दूध की जगह पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य शासन के संबंधित प्राधिकारी से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था. मामले में राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अफसरों को पक्षकार बनाया गया. इसके कुछ समय बाद सूरजपुर, कवर्धा और बस्तर से भी यही मामला सामने आया. इन जगहों पर जाकर भी कमिश्नरों ने निरीक्षण कर फिर अपनी रिपोर्ट तैयार की. इस बीच सचिव महिला बाल विकास ने कोर्ट में शपथपत्र प्रस्तुत किया. आज मंगलवार को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान उपस्थित कोर्ट कमिश्नर से कोर्ट ने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट से इस शपथपत्र को तुलना कर लें ताकि मालूम हो सके कि अदालत के आदेश का पालन हुआ है या नहीं.

मुख्यमंत्री साय ने जल संसाधन विभाग को दी बधाई, छत्तीसगढ़ देश में जनभागीदारी से जल संचय में पहले स्थान पर

रायपुर। जनभागीदारी से जल संचय में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर है. केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल पर उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है. छत्तीसगढ़ राज्य में जल संचय, जनभागीदारी पहल के तहत जल संचय के एक लाख 53 हजार 533 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 10 हजार 872 कार्य प्रगतिरत हैं. इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में देश के पहले 10 जिलों में छत्तीसगढ़ के 8 जिलों ने अपना स्थान बनाया है. छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी से जल संचय के कार्यों में राज्य में पहले स्थान पर रायपुर जिला है, जहां 35 हजार 758 जल संचय के कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 5064 कार्य प्रगतिरत हैं. दूसरे स्थान पर बिलासपुर है, जहां 16,389 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 1643 कार्य प्रगति पर हैं. तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिला है, जहां 16,629 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 662 कार्य प्रगति पर हैं. चौथे स्थान पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है, जहां 16,730 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 300 कार्य प्रगति पर हैं. पांचवे स्थान बलरामपुर-रामानुजगंज जिला है, जहां 8618 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 586 कार्य प्रगति पर हैं. छठवें स्थान पर गरियाबंद जिला है, जहां 6899 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 634 कार्य प्रगति पर हैं. सातवें स्थान पर दुर्ग जिला है, जहां 4915 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 609 कार्य प्रगति पर हैं. दसवें स्थान पर धमतरी जिला है, जहां 3706 कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा 107 कार्य प्रगति पर हैं. गौरतलब है कि जल संचय जन भागीदारी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के अटूट संकल्प का प्रतिबिंब है. यह पहल जल संरक्षण में जन भागीदारी के महत्व पर जोर देती है और सामूहिक पहल एवं एकजुटता से जलसंरक्षण की संकल्पना को साकार करती है. इस योजना का प्रमुख उद्देश्य अन्य गतिविधियों के अलावा कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं, बोरवेल पुनर्भरण शाफ्ट के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है, जिससे भंडारण क्षमता बढ़ेगी और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी.

ट्रैक की खामियों का आंकलन करेंगे अफसर, छत्तीसगढ़-रायपुर से नवा रायपुर तक ट्रेन का आज होगा ट्रायल

रायपुर. रायपुर से नवा रायपुर होते हुए अभनपुर के बीच ट्रेन  चलने का आज ट्रायल होगा.  यात्रियों लंबे  इंतजार के बाद  यह सुविधा मिलने जा रही है. रेलवे के सूत्रों के मुताबिक बुधवार को पहली ट्रेन चलेगी. ट्रेन में रेलवे के सभी विभागों के सुपरवाइजर मौजूद रहेंगे. रेलवे के अफसरों के अनुसार ट्रेन रायपुर से छूटकर मंदिर हसौद पहुंचकर वहां से सीबीडी होते हुए अभनपुर तक जाएगी. अभनपुर से थोड़ी देर बाद ट्रेन रायपुर वापस लौटेगी. ट्रायल के दौरान अफसरों की टीम ट्रैक की खामियों के आकलन करेगी. ट्रायल सफल होने पर जल्दी रायपुर नया रायपुर से अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन चलने की घोषणा की जाएगी. रेलवे के अधिकारियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. रायपुर से अभनपुर तक मेमू ट्रेन चलाने की योजना है. इसमें एक ट्रेन एक  सुबह और एक शाम को चलेगी. छह  जगहों पर स्टेशन स्थापित किया  गया है. इसमें रायपुर, मंदिर हसौद, नवा रायपुर में उद्योग नगर सीबीडी स्टेशन, केंदी, अभनपुर स्टेशन शामिल है.

धान खरीदी से पहले बड़ा हादसा, छत्तीसगढ़-जगदलपुर के बारदाना गोदाम में लगी भीषण आग

जगदलपुर। पूरे प्रदेश के साथ जिले में 14 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी से पहले बड़ा हादसा हो गया है. जगदलपुर से सटी अड़ावाल इलाके में देर रात बारदाने के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे गोदाम में रखा सारा बारदाना जलकर खाक हो गया. जानकारी के अनुसार, बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बारदाना गोदाम में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत पहुंची. जानकारी के अनुसार, बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बारदाना गोदाम में आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की. काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह गोदाम के पास पटाखे जलाना बताया जा रहा है. पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है.

जनजातीय गौरव दिवस समारोह में मनसुख मांडविया शामिल, छत्तीसगढ़-जशपुर में केंद्रीय मंत्री की पदयात्रा शुरू

जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर में आज जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया गया है. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अपनी विशेष पदयात्रा की शुरू कर दी है. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएम साय कर रहे हैं, जिसमें कई केबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ 10,000 से अधिक ‘माई भारत यूथ वालंटियर्स’ भी शामिल हुए हैं. इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और अनेक कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया है. बता दें, यह पदयात्रा बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है, जो आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को सम्मानित करने के लिए समर्पित है. बिरसा मुंडा की विरासत का सम्मान आज की पदयात्रा में 10,000 से अधिक ‘माई भारत यूथ वालंटियर्स’ शामिल हो रहे हैं, जो आदिवासी विरासत की रक्षा, समावेशिता को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित हैं. यह यात्रा कोमड़ो गांव से शुरू होकर लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी, जहां युवा, आदिवासी नेता और समुदाय के सदस्य एकजुट होंगे. आदिवासी संस्कृति और विरासत का उत्सव इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी नेताओं के योगदान पर आधारित सांस्कृतिक प्रदर्शनों और नृत्यों से होगी. कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण से होगी. इसके बाद, एक प्रदर्शनी में ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि, और उनके कला व शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा. कार्यशालाओं और प्रदर्शनियों के माध्यम से जागरूकता पदयात्रा के मार्ग पर विभिन्न ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति का उत्सव मनाया जाएगा. रंगोली, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का प्रदर्शन किया जाएगा, साथ ही कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी जहां लोग आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य का अनुभव कर सकेंगे. आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन भी किया जाएगा, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया जाएगा. मुख्य आकर्षण 0- सांस्कृतिक कार्यक्रम: आदिवासी नृत्य और संगीत का प्रदर्शन, स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाते हुए. 0- आदिवासी आंदोलनों पर प्रदर्शनी: आदिवासी नायकों और उनके आंदोलनों को श्रद्धांजलि. 0- जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी. 0- आदिवासी भोजन: विभिन्न आदिवासी खाद्य पदार्थों का प्रदर्शनी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा. यह आयोजन न केवल आदिवासी समुदाय की धरोहर और संस्कृति को सम्मानित करने का अवसर है, बल्कि यह सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में आदिवासी समुदायों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने का भी प्रयास है. युवा कार्यक्रम विभाग ने पूरे देश के युवाओं को www.mybharat.gov.in पर माय भारत पोर्टल के माध्यम से इस पदयात्रा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. बता दें, संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे इस उत्सव के तहत पूरे देश में पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को सभी के सामने लाया जा सके.

जिले में 127 खरीदी केंद्रों के माध्यम से की जाएगी धान की खरीदी

जांजगीर चांपा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी एक दिन बाद 14 नवंबर से शुरु होगी। मगर केंद्रों में धान खरीदी की तैयारी नजर नहीं आ रही है। अभी तक केंद्रों में साफ सफाई और अन्य व्यवस्थाएं पूरी नहीं की जा सकी है। कई केंद्रों में घास उगे हैं उनकी भी सफाई नहीं कराई जा सकी है। प्रशासन भले ही धान खरीदी की तैयारी का दावा कर रही है। मगर मैदानी स्तर पर कहीं भी तैयारी नजर नहीं आ रही है। हालांकि टोकन तुहर हाथ एप से धान बेचने के लिए चार समिति हरदी, सलखन, भिलौनी और भैंसतरा में एक किसानों ने टोकन कटा लिया है। जिले में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरु होगी। धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधाओं के लिए छांव, पानी, बैठने की व्यवस्था सहित चेक लिस्ट के अनुसार उपार्जन केंद्रों में कम्प्यूटर, प्रिंटर, युपीएस, जनरेटर, इंटरनेट कनेक्शन, आद्रता मापी यंत्र, तौल के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन की उपलब्धता, बारदाना सहित अन्य निर्धारित सुविधाओं की कमी है। डेढ़ माह से किसानों के पंजीयन का काम चल रहा था। बंटवारा नामा के चलते जिले में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। जिले में इस वर्ष धान बेचने के लिए एक लाख 26 हजार 918 किसानों ने पंजीयन कराया है। वहीं राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने के कारण भी हर साल जिले में किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। जांजगीर चांपा में 129 सक्ती में 125 खरीदी केंद्र जांजगीर – चांपा जिले में अब उपार्जन केंद्रों की संख्या 129 तो सक्ती जिले में उपार्जन केंद्रों की संख्या 125 हो गई है। वहीं जांजगीर-चांपा जिला में सहकारी समिति 101 तो सक्ती जिला में 95 सहकारी समितियां है। हालांकि इस बार भी नए उपार्जन केंद्र खोलने का प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें दोनों जिले में दो दो नए केंद्र खुलने की स्वीकृति शासन से मिली है। टोकन तुहर हाथ एप में इस तरह ले सकेंगे टोकन समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों को मोबाइल में टोकन तुहर हाथ एप डाउनलोड करना होगा. जिसके बाद नए किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने से पहले टोकन तुहर हाथ एप में सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। एप में रजिस्ट्रेशन के समय एप में समिति से जारी किसान पंजीयन क्रमांक, मोबाइल नंबर व किसान को अपनी जमीन संबंधित जानकारी को एप में डालना होगा। मोबाइल नंबर डालने पर ओटीपी के जरिए पंजीयन करना होगा। पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) हो जाने के बाद घर बैठे या किसी भी स्थान से टोकन कटवाने के लिए आनलाइन फ्रार्म भर सकेंगे। 35 हजार गठान बारदाने की जरूरत धान खरीदी के लिए इस बार एक करोड़ 40 लाख बारदाना की आवश्यकता होगी। इसमें 60 लाख नए और 60 लाख पुराने मिलर्स और पीडीएस के बारदाने होंगे। मार्कफेड के मुताबिक 35 हजार 200 गठान बारदाने की जरूरत होगी। इसके बदले 17 हजार नए बारदाने का गठान आ चुका है। शेष बारदानों का इंतजार है। इसके अलावा मिलर्स और पीडीएस से मिलने वाले बारदाना के सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। अर्ली वेरायटी धान की हो गई कटाई उपार्जन केंद्रों में 15 नवंबर के बाद ही किसान अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं और फिर विधिवत रूप से धान की खरीदी शुरू होती है। वर्तमान में कम दिनों में पककर तैयार होने वाले धान की कटाई हो गई है। वहीं विलंब से पकने वाले फसल की कटाई अभी शुरू नहीं हो पाई है। 15 नवंबर के बाद ही समुचित रूप से धान पककर तैयार होगा और फिर फसल की कटाई शुरू हो पाएगी। ऐसे में पूरा नवंबर महीना धान खरीदी के लिहाज से सूना रहेगा और दिसंबर में ही सही रूप से यह प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। धान खरीदी के लिए दिया गया प्रशिक्षण खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की संपूर्ण व्यवस्था करने अपर कलेक्टर एस पी वैद्य की अध्यक्षता में शनिवार को जिला पंचायत के आडिटोरियम में कंप्यूटरीकृत व्यवस्था के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिले के समस्त समिति प्रबंधक, डाटा एंट्री आपरेटर का संबंधित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी, आनलाइन माड्यूल, बायोमेट्रिक ,किसान पंजीयन, पीडीएस बारदाना एकत्रीकरण सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में संबंधित विभाग के अधिकारी एवं धान उपार्जन केन्द्र से संबंधित कम्प्यूटर आपरेटर, खरीदी प्रभारी, उपार्जन केन्द्र नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर की महिला को किया डिजिटल अरेस्ट, CBI अधिकारी बताकर ठगे 58 लाख

रायपुर रायपुर की एक 58 वर्षीय महिला साइबर ठगों के जाल में फंस गई, जहां उसे 72 घंटे तक कथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया। इस दौरान ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच, सीबीआई और आरबीआई के अधिकारी बताते हुए महिला को डरा-धमकाकर उसके बैंक खातों की जानकारी हासिल कर ली। महिला ने डर के मारे अपनी बैंक अकाउंट की जानकारी साझा कर दी और ठगों के बताए खातों में अपनी बचत का पैसा ट्रांसफर करती रही। कैसे हुआ ठगी का शिकार? यह मामला 3 नवंबर से शुरू हुआ, जब महिला को एक फोन कॉल आया जिसमें खुद को टेलीकॉम डिपार्टमेंट, मुंबई का अधिकारी बताया गया। ठग ने बताया कि महिला के आधार नंबर का उपयोग करके मुंबई के लुईसवाड़ी थाने में किसी इस्लाम नवाब मलिक नामक व्यक्ति ने 311 बैंक खाते खोले हैं, जिनका दुरुपयोग हो रहा है। इसके बाद फोन कॉल को कथित मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी से जोड़ दिया गया। वहां से एक व्यक्ति ने खुद को सब-इंस्पेक्टर विक्रम सिंह बताकर महिला से कई निजी जानकारियां पूछीं और कहा कि अगर वह जांच में सहयोग नहीं करती है, तो उसका मोबाइल नंबर 2 घंटे में बंद हो जाएगा और उसे मुंबई आना पड़ेगा। फिर उसे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जोड़कर कथित तौर पर “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया, जहां महिला को यह यकीन दिलाया गया कि पुलिस ऑनलाइन पूछताछ कर रही है। ठगी का तरीका ठगों ने महिला को डरा-धमकाकर वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए मजबूर किया और मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स की तस्करी जैसे अपराधों में फंसा होने का झूठा आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने महिला से बैंक खातों की जानकारी लेकर उसकी बचत को अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा लिया। 3 से 8 नवंबर तक चले इस ठगी में ठगों ने महिला से करीब 58 लाख रुपये ऐंठ लिए। 8 नवंबर को ठगों के निर्देश पर महिला ने अपनी बेटी से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। इसके बाद ही मामला खुलकर सामने आया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। ठगी से बचाव के उपाय     वीडियो कॉल के जरिए पुलिस अधिकारी पहचान नहीं बताते – असली पुलिस अधिकारी कभी भी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर जांच नहीं करते।     एप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहती पुलिस – पुलिस किसी एप को डाउनलोड करने का निर्देश नहीं देती।     डिजिटल अरेस्ट का कोई कानूनी प्रावधान नहीं – “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई प्रावधान कानून में नहीं है।     धमकी और डराने से सावधान रहें – पुलिस काल पर डराने-धमकाने का काम नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है।     शेयर न करें पर्सनल जानकारी – बैंक और व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति को फोन पर न दें। इस घटना के बाद पुलिस ने साइबर क्राइम सेल को जांच में लगाया है और पीड़िता को सलाह दी गई है कि वह आगे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल का जवाब न दें।

जशपुर वासियों को केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने दी बड़ी सौगात

जशपुर जशपुरनगर भगवान बिरसामुंडा के 150 वी जयंती के अवसर पर जशपुर में आयोजित माटी के वीर पदयात्रा के लिए पहुँचे केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया ने जशपुर वासियों को बड़ी सौगात दी है। शहर के नजदीकी गांव बालाछापर में पदयात्रा के शुभारम्भ समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने यह घोषणा की। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंडवीया आज सुबह 9 बजे गुजरात के भावनगर से सीधे आगडीह हवाई अड्डा पहुँचे थे। वही सीएम विष्णुदेव साय रायपुर से जशपुर पहुँचे थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार आदिवासियों के विकास की चिंता करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को देश का नेतृत्व का अवसर देने के लिए द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया और मुझ जैसे गांव के किसान को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में जनजातिय समाज के विकास के लिए कटीबध हैँ। केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सरकारी आयोजन नहीं है। इसे माई भारत यूथ वालेंटियर ने किया है। उन्होंने कहा कि माई भारत यूथ संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के परिकल्पना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह संगठन आने वाले समय में युवाओं के लिए सिंगल विंडो का काम करेगी। इसके माध्यम से युवा खेल,समाज सेवा और निजी व सार्वजनिक क्षेत्र में करियर बना सकेंगे। भाजपा आदिवासियों के हित और विकास की चिंता करती है। मुझ जैसे गांव के किसान को सीएम बनाया। कोरोना संकट के दौरान युवाओं ने समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए युवा स्वयं सेवक के रूप में काम करें योजनाओं को जरूरतमंद लोगो तक पहुंचना भी देश सेवा करने का माध्यम छत्तीसगढ़ में विकसित भारत की संकल्पना। जशपुर में आधुनिक खेल ग्राउंड का निर्माण किया। अगले ओलम्पिक में जशपुर के युवा खिलाड़ियों के खेलते हुए देखने की इच्छा। सम्बोधन खत्म, माटी के वीर पद यात्रा होगी शुरू।

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