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मितानिनों के स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मंत्री राजेश अग्रवाल की सहभागिता, रामगढ़ में आयोजन

रायपुर रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल सरगुजा जिले में उदयपुर ब्लॉक के रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने मितानिनों को सम्मानित करते हुए कहा कि मितानिन बहनें ग्रामीण एवं शहरी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे सशक्त और भरोसेमंद कड़ी हैं। शासन की स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा रही मितानिन बहनें ग्रामीण स्वास्थ्य की धुरी हैं। सरकार आपके हर प्रयास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। सम्मेलन में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। उदयपुर विकासखंड की 59 ग्राम पंचायतों से 389 मितानिन, 20 मितानिन ट्रेनर, दो ब्लॉक को-आर्डिनेटर और पांच विकासखंड समन्वयक शामिल हुए। कार्यक्रम का लक्ष्य पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर कर संबंधित विभागों तक पहुंचाना था। मितानिनों ने अधिकारियों को क्षेत्रीय चुनौतियों से अवगत कराया, पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा तथा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण समिति को सक्रिय बनाने पर बल दिया। जिला समन्वयक अर्चना कुशवाहा ने बताया कि मितानिनें मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता के माध्यम से समुदाय सशक्त कर रही हैं। विकासखंड समन्वयक गायत्री वास्तव व मानकुंवर प्रजापति ने उनकी भूमिका को स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत कड़ी बताया। इस वर्ष 85 स्वास्थ्य विभाग, 26 महिला-बाल विकास, 12 पीएचई, 12 खाद्य, 25 जनपद स्तर, 8 पुलिस, 5 विद्युत, 5 शिक्षा, 5 सेंट्रल बैंक व 7 विधायक स्तर के आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को और प्रभावी बनाया।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को रिसॉर्ट एवं परिसर में स्वच्छता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों पर पूर्णतः उपयुक्त पाए जाने पर वर्ष 2025-26 हेतु प्रतिष्ठित ग्रीन लीफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अथक मेहनत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।  ग्रीन लीफ अवॉर्ड पर्यटन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग का हिस्सा है। यह अवॉर्ड होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को प्रदान किया जाता है जो उच्च स्वच्छता मानकों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं।  छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हाल के वर्षों में पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। बोर्ड ने इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, होमस्टे और ट्रेकिंग रूट्स विकसित कर पर्यटन राजस्व में वृद्धि दर्ज की। जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला यह सम्मान बोर्ड की स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय सशक्तिकरण की नीतियों का जीवंत प्रमाण है। इससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी।

स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर. स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके। मुख्यमंत्री  साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

शिक्षा की राह हुई आसान: स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय एनसीडीसी के 68 छात्रों को साइकिल

रायपुर. उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने छात्राओं को बांटी साइकिल स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय एनसीडीसी कोरबा में , छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत छात्राओं को  साइकिल वितरित की।     सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जलवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान मंत्री  देवांगन ने कहा कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत आज स्कूल में छात्राओं को साइकिल वितरण किया जा रहा है।  सभी छात्राओं को बधाई व शुभकामनाएं। खूब पढ़े-खूब बढ़े,  बेटियां हैं तो कल है ,सभी बच्चें लगन से पढ़ाई करें और अपने विद्यालय का नाम रोशन करें, हमारे प्रदेश के  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी की सोच है कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विकास करते हुए छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें। इसी उद्देश्य के साथ कोरबा जिले के सभी जर्जर हो चुके शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण को तेजी से कराया जा रहा है, स्कूलों में निशुल्क नाश्ता का प्रदाय किया जा रहा है। मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष कोचिंग की सुविधा रायपुर भेज कर उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी छात्राओं को स्कूल आने में परेशानी ना हो जिसके लिये सरस्वती साइकिल योजना के तहत सरकार द्वारा साइकिल वितरण किया जा रहा है, शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए अच्छा अवसर देना हमारा कर्तव्य है। हमारी सरकार के मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में आगे की ओर अग्रसर होते हुए प्रदेश में बेहतर शिक्षा देना हमारा कर्तव्य है।       इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष  राजेश राठौर ,पार्षद मती सिमरन कौर, पार्षद  मुकुंद कंवर , पार्षद  लक्ष्मण वास, शाला प्रतिनिधि  यासीन खान ,  मिलाप बरेठ , मती ज्योति वर्मा , धर द्विवेदी , मती अर्चना रूनीझा , मती मंदाकिनी त्रिपाठी जी, प्राचार्य डॉ अलका फिलिप्स सहित अभिभावक गण, छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

व्यापारी के आरोपों पर गृह विभाग का बड़ा एक्शन, फँसाऊबाज डीएसपी कल्पना वर्मा निलंबित

दांतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ पुलिस की वरिष्ठ महिला अधिकारी डीएसपी कल्पना वर्मा को गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. दांतेवाड़ा में तैनात कल्पना वर्मा पर व्यापारी दीपक टंडन के साथ अवैध वित्तीय लेन-देन, पद का दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति के गंभीर आरोप हैं. विभागीय जांच पूरी होने के बाद गृह विभाग ने यह आदेश जारी किया है. मामला तब सुर्खियों में आया जब व्यापारी दीपक टंडन के साथ कल्पना वर्मा की व्हाट्सएप चैट वायरल हो गई थी. चैट में दोनों के बीच पैसे के लेन-देन, संपत्ति और अन्य आर्थिक मामलों की चर्चा सामने आई थी. इन चैट्स के आधार पर शिकायत दर्ज हुई और गृह विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की. जांच में पाया गया कि डीएसपी पद पर रहते हुए कल्पना वर्मा ने अवैध आर्थिक लाभ उठाया, पद का दुरुपयोग किया और उनकी संपत्ति उनके वैध आय से कहीं अधिक है. 1400 पेज की जांच रिपोर्ट चर्चित महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर 1400 से ज्यादा पेज की जांच रिपोर्ट आईजी रायपुर के पास पहुंची थी. कल्पना वर्मा पर अपने आशिक कारोबारी दीपक टंडन से भारी मात्रा में कैश और गहने लेने के पुख्ता सबूत मिले थे. जांच रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा के कारोबारी के अकाउंट से करोड़ों ट्रांजेक्शन के भी सबूत मिले. साथ ही कल्पना वर्मा के व्हाट्सएप चैट से नक्सलियों से जुड़े कार्रवाई को लीक करने के भी सबूत मिले. क्यों चर्चा में आई थी डीएसपी कल्पना? बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच के गहरे प्रेम संबंध चर्चा में रहा था. पहले कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्रेम जाल में फंसाकर 2 करोड़ रुपये और कीमती सामान ठगने का आरोप लगाया था, वहीं बाद में डीएसपी ने पलटवार करते हुए कारोबारी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. डीएसपी कल्पना वर्मा ने कारोबारी दीपक टंडन के वायरल सीसीटीवी फुटेज और कथित चैट भी सामने आए थे. DFO से भी चक्कर! जानकारी के अनुसार, कल्पना वर्मा के चक्कर में एक डीएफओ ने अपनी बीवी से तलाक भी ले लिया था. वह कल्पना वर्मा से शादी करना चाहता था. जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कारोबारी दीपक टंडन से ब्रेकअप के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा एक डीएफओ से दिन रात व्हाट्सएप चैट में लीन रहती थी. इतना ही नहीं, कल्पना वर्मा ने कई नक्सल इनपुट्स ऐसे इनपुट्स जो खुफिया जानकारी किसी को नहीं दे सकते, वह भी शेयर किए हैं.

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह मुक्त अभियान, CM साय ने रवाना किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’

रायपुर   छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह नगर जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रथ पर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बाबत जागरूकता फैलाने वाले संदेशों के साथ ही इसके खिलाफ शपथ लेने के लिए एक शपथ पट भी लगाया गया है। यह रथ 8 मार्च तक पूरे राज्य के गांवों और कस्बों से गुजरेगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ भारत सरकार के बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की एक पहल है। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन 450 जिलों में 2030 तक बाल विवाह को खत्म करने व बाल संरक्षण तंत्र को मजबूती देने के लिए काम कर रहे हैं।    पोस्टरों व लाउडस्पीकर पर प्रभावशाली संदेशों के साथ ही बाल विवाह के खिलाफ प्रतिज्ञा लेने के लिए एक शपथ पट से लैस ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा के दौरान यह राज्य के सबसे सुदूर स्थानों व हाशिये के समुदायों तक पहुंच सके। चारपहिया वाहन जहां प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों को कवर करेंगे, वहीं कमजोर संपर्क वाले अत्यंत दूरस्थ गांवों तक राज्यभर में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां के माध्यम से पहुंचा जाएगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन जशपुर जिले में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च ने किया। बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “राज्य में पहले ही बाल विवाह का चलन काफी हद तक कम हो चुका है और हम बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित कर चुके हैं। सरकार, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सतत प्रयासों से हम छत्तीसगढ़ से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के प्रति आश्वस्त हैं।” बाल विवाह के खात्मे की देशव्यापी लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रही है। राज्य का बालोद जिला वर्ष 2025 में देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बना, जबकि सूरजपुर जिले के जिला प्रशासन ने 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश राज्य के अंतिम छोर और अंतिम गांव तक पहुंचाएगा। बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार के दृढ़ रवैये की सराहना करते हुए चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक बिधान चंद्र सिंह ने कहा कि मजबूत साझेदारियों, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सतत जमीनी कार्रवाइयों से छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक मानक बनकर उभरा है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की रवानगी के मौके पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “बाल विवाह के खात्मे के हमारे दृढ़ संकल्प को आज पूरी दुनिया देख रही है। सभी को साथ लेकर और यह सुनिश्चित कर कि प्रत्येक परिवार इससे जुड़े, हर बच्चे को सुरक्षा मिले और हर गांव बाल विवाह मुक्त होने की ओर अग्रसर हो, यह लड़ाई सफल हो रही है। छत्तीसगढ़ में आज हुआ यह कार्यक्रम इस अपराध के खात्मे के लिए देश की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।” चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया देश से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सबसे प्रमुख अभियान है। पिछले एक साल में ही इस नेटवर्क ने पूरे देश में 198,628 बाल विवाह रोके हैं। इसमें 3988 बाल विवाह अकेले छत्तीसगढ़ में रोके गए।  अपनी यात्रा के दौरान ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ पंचायतों, जिला प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) और अन्य सरकारी अधिकारियों को साथ जोड़ते हुए जागरूकता और संकल्प के लिए समुदायों तक पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संपन्न होने वाली यह यात्रा स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थलों को कवर करेगी और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पीड़ितों/सर्वाइवरों की कहानियों के माध्यम से अपना संदेश फैलाएगी। इसके अतिरिक्त, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के इसी तरह के ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ इस समय देश के 25 राज्यों के 451 जिलों में यात्रा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के छह सहयोगी संगठन जमीन पर कार्य कर रहे हैं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के अनुसार, जो भी बाल विवाह का आयोजन करता है, उसे बढ़ावा देता है, जानबूझकर उसमें भाग लेता है या बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान करता है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अबूझमाड़ में नक्सलियों के हथियार फैक्ट्री और विस्फोटक का जखीरा बरामद, सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

नारायणपुर  जिले के अबूझमाड़ अंचल में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. थाना सोनपुर क्षेत्र के कुरुसकोड़ो जंगल में डीआरजी और नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों की एक गुप्त हथियार फैक्ट्री से जुड़े बड़े डंप का खुलासा किया है. जिस दिन कुरुसकोड़ो में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया, उसी दिन यह बड़ी सफलता हाथ लगी. खुफिया सूचना के आधार पर चला सर्च ऑपरेशन पुलिस को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि कुरुसकोड़ो–पांगुड–कंदुलपार क्षेत्र में नक्सलियों ने वर्षों पहले हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है. इसके बाद थाना सोनपुर से डीआरजी टीम ने एरिया डॉमिनेशन पैट्रोल योजना में बदलाव कर सघन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम में दबाकर रखी गई भारी मात्रा में हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री बरामद की गई. हथियार फैक्ट्री के सबूत मिले बरामद सामग्री से साफ संकेत मिलता है कि नक्सलियों ने जंगल के अंदर अवैध हथियार फैक्ट्री विकसित कर रखी थी. एसएलआर की खाली मैगजीन, बीजीएल और यूबीजीएल सेल तथा एल्यूमिनियम पाइप से हैंड ग्रेनेड बनाने की सामग्री सबसे चौंकाने वाली बरामदगी रही. बरामद सामग्री का संक्षिप्त विवरण तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लोहे और एल्यूमिनियम के पाइप, बीजीएल सेल, खाली मैगजीन, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग उपकरण, मोटर पार्ट्स, कटर व्हील और अन्य मशीनरी सामान बरामद किया गया. विस्तार से जानिए क्या-क्या मिला?     लोहा पाइप हॉफ इंच – 584 नग     लोहा पाइप 1 इंच – 588 नग     लोहा पाइप डेढ़ इंच – 70 नग     लोहा पाइप 02 इंच – 30 नग     लोहा पाइप (छोटा) डेढ़ इंच – 11 नग     लोहा पाइप ढाई इंच – 03 नग     एल्युमिनियम हॉफ इंच – 140 नग     एल्युमिनियम 2 इंच – 32 नग (प्रत्येक वज़न 8 किलोग्राम)     एल्युमिनियम 3 इंच – 30 नग (प्रत्येक वज़न 22.5 किलोग्राम)     बीजीएल सेल – 61 नग     बीजीएल सेल (छोटा) – 21 नग     तीर-धनुष बीजीएल – 46 नग     एसएलआर की खाली मैगजीन – 14 नग     पिस्टल की खाली मैगजीन – 01 नग     टुलू मोटर – 01 नग     केरोसिन ब्रश ब्लू पम्प – 05 नग     कटर व्हील – 310 नग     स्क्रू (छोटा) – 04 पैकेट     स्क्रू (बड़ा) – 01 पैकेट     लाइट 3-पिन – 06 नग     लाइट सिंगल बटन – 10 नग     वेल्डिंग इलेक्ट्रोड होल्डर – 01 नग     वर्गों कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पैक्ट स्केल – 01 नग     मोटर सायकल स्पोक – 44 नग     रेतमल – 05 नग     ग्राइंडर मशीन – 02 नग     ग्राइंडर टूल बॉक्स – 01 नग     स्टॉक पिन – 40 नग     स्टॉक वाइसर – 11 पैकेट     ग्रेडिंग व्हील – 05 नग     मोटर पट्टा (रबर बेल्ट) – 05 नग     अन्य हथियार निर्माण एवं मशीनरी से संबंधित सामग्री बड़ी साजिश नाकाम पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीजीएल और यूबीजीएल सेल की बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे. समय रहते इस डंप का पता लगने से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया. पूरे अभियान में न तो किसी नागरिक को नुकसान पहुंचा और न ही सुरक्षा बलों को कोई क्षति हुई.     नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से क्षेत्र में शांति और विकास का रास्ता खुलेगा और तय समय सीमा में नक्सलमुक्त बस्तर का लक्ष्य पूरा किया जाएगा.- पुलिस अधीक्षक, रॉबिनसन गुड़िया ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा हाल ही में कुरुसकोड़ो क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ के सहयोग से नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है. लगातार कैंप स्थापना, सड़क निर्माण और विकास कार्यों के कारण स्थानीय ग्रामीणों का भरोसा पुलिस पर बढ़ा है. 

रास्ते पर अचानक सामने आया बाघ, अमरकंटक में शिक्षक ने बनाया हैरान कर देने वाला वीडियो

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही  लगभग सालभर के अंतराल के बाद अमरकंटक ज्वालेश्वर मार्ग पर बाघ की चहल कदमी दिखाई दी है। अमरकंटक से वापस लौट रहे स्थानीय शिक्षक ने बाघ के मूवमेंट को अपने मोबाइल फोन में कैद किया है। वीडियो में बाघ सड़क के बीचों बीच चलता दिखाई दे रहा है। एक सियार भी बाघ के आसपास दिखाई दे रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के दोनों ओर नुकीली कांटेदार तार होने के कारण बाघ उसे पार नहीं कर पा रहा है और बार-बार सड़क पर आना-जाना कर रहा है। बता दें कि बीते वर्ष कान्हा नेशनल पार्क से भटकर एक बाघिन ने मरवाही वनमंडल के मरवाही के जंगलों और गौरेला रेंज से जुड़े जंगलो में काफी समय बिताया था, जो काफी कौतूहल का विषय बन गया था। इस बाघिन को बड़ी आसानी के साथ उस दौरान देखा जा सकता था, इसी बाघिन ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के ज्वालेश्वर क्षेत्र में लगभग 15 दिनों तक विचरण करते हुए देखी गई थी, जिसका बाद में रेस्क्यू कर लिया गया था। बीती रात 5 फरवरी को शिक्षक योगेश बिसेन परिवार सहित अमरकंटक से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान रास्ते मे एक बड़े जानवर बाघ को देख कर टिठक गए। उन्होंने तत्काल अपना फ़ोन निकालकर इस बाघ का वीडियो बना लिया। इस बाघ के आसपास एक सियार भी था। माना जा रहा है कि अचानक मार्ग में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण नए इलाके की तलाश में बाघ यहां पहुंच गया होगा।

2 की मौत और दो की हालत गंभीर, बारात से लौट रही कार गड्ढे में गिरी

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा भारतमाला मुख्य मार्ग पर बीती रात एक रूह कंपा देने वाला भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र से कोरबा आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरी. दर्दनाक दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर घायल हुए हैं. जानकारी के अनुसार, मृतकों के नाम राहुल राय और विराट अग्रवाल बताए जा रहे हैं. कार क्रमांक सीजी 10 पी एफ 9922 पर सवार ये सभी लोग एक बारात में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही खुशियां मातम में बदल गईं. घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया. घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है. उरगा थाना पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. प्रथम दृष्टया हादसे का मुख्य कारण वाहन की अत्यधिक रफ्तार को माना जा रहा है, जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पलट गई.

वोटर लिस्ट विवाद गहराया: नाम कटने से नाराज़ लोग कांग्रेस भवन पहुंचे, SIR प्रक्रिया पर पूर्व विधायक धनेंद्र का हमला

रायपुर छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने भाजपा और निर्वाचन आयोग को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है. अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है. धनेन्द्र साहू ने इसे साजिश बताते हुए प्रमाण भी दिया. प्रेस वार्ता में कई महिलाएं और पुरुष गले में मैं अभी जीवित हूं की तख्ती टांगकर मौजूद रहे. जो कथित तौर पर मृत बताकर मतदाता सूची से हटाए गए. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा अपना जनाधार खो चुकी है, इसलिए जो मतदाता उसे वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटवाए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए करीब 21 हजार मतदाताओं के नाम काटे गए. निर्वाचन अधिकारी से जब फॉर्म-7 से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई, तो बीएलए की आपत्तियां देने से इनकार कर दिया गया. धनेंद्र साहू ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने बीएलए के माध्यम से 917 मतदाताओं के नाम विलोपित करवाए. लगभग हर बीएलए को 30 से 40 नाम हटाने के निर्देश दिए गए. जब कांग्रेस ने 914 नामों की जांच की, तो सभी संबंधित व्यक्ति उसी गांव और वार्ड में जीवित पाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कहा कि झूठी जानकारी देकर नाम कटवाना आपराधिक कृत्य है. इस पर संबंधित थानों में केस दर्ज होना चाहिए. धनेंद्र साहू का आरोप है कि निर्वाचन आयोग एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं है. न तो आपत्तियों का प्रकाशन किया जा रहा है और न ही दावा-आपत्ति की जानकारी कांग्रेस संगठन को दी जा रही है. दबाव के बाद ही निर्वाचन आयोग जानकारी देने को बाध्य हुआ. कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और नियमों के पालन के साथ काम कराने की मांग की है. धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में जिनका नाम कटा है, उनमें 70 प्रतिशत नाम मुस्लिम मतदाताओं के हैं. यह साजिश केवल अभनपुर में नहीं हो रही है. इधर बीएलए का कहना है कि उन्होंने आपत्ति नहीं की, भाजपा पार्टी के बड़े पदाधिकारी आए और साइन करवा लिए. धनेंद्र साहू ने कहा यह एक बड़ा षड्यंत्र है, जितने बीएलए हैं वह दूसरे गांव में शिकायत कर रहे हैं. धनेंद्र साहू ने एसआईआर में मतदाता लिस्ट से कटे नामों में करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह साजिश सिर्फ अभनपुर तक सीमित नहीं है. बीएलए का कहना है कि उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की थी, बल्कि भाजपा के बड़े पदाधिकारी आए और उनसे साइन करवा लिए.

अधिकारियों की ID इस्तेमाल कर निकाले 26.87 लाख, बैंक कर्मचारी ने सरकारी खजाने में लगाई सेंध

मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी खजाने में सेंधमारी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. कलेक्ट्रेट के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से लगभग 26.87 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है. इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और बैंक प्रबंधन के बीच हड़कंप मच गया है. अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर निकाली राशि यह पूरा मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा का है. अपर कलेक्टर जीएल यादव द्वारा बैंक को जारी नोटिस के बाद यह सच सामने आया कि खाते से हुए लेन-देन कलेक्ट्रेट कार्यालय द्वारा अधिकृत नहीं थे. बैंक ने स्वीकार किया है कि उनके कर्मचारी (CSA) टिकेश कुमार ने आंतरिक वाउचर के जरिए अधिकारियों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग कर अनाधिकृत रूप से यह बड़ी राशि निकाली थी. आरोपी कर्मचारी निलंबित, बैंक ने लौटाई रकम मामला उजागर होते ही बैंक ने गबन की गई पूरी राशि वापस खाते में जमा करा दी है. आरोपी कर्मचारी का जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया गया है और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आंतरिक जांच बिठाई गई है. हालांकि, जिला प्रशासन बैंक के इस जवाब से संतुष्ट नहीं है. प्रशासन का मानना है कि शासकीय राशि की सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ एक गंभीर अपराध है और इसमें बैंक प्रबंधन की लापरवाही भी शामिल है. फिलहाल मामले में दस्तावेजों की अंतिम जांच की जा रही है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में बैंक प्रबंधन और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

अंबिकापुर रहा सबसे ठंडा, छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन में गिरेगा तापमान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रात की ठंड में इजाफा होने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है. इसके बाद आने वाले दिनों में किसी विशेष परिवर्तन के आसार नहीं हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट के बाद अगले 7 दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. कहां रही सबसे ज्यादा गर्मी और कहां सबसे ज्यादा ठंड? मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5°C दर्ज किया गया.                     प्रमुख शहरों के तापमान का हाल  स्टेशन    अधिकतम तापमान (°C)    न्यूनतम तापमान (°C)    सापेक्ष आर्द्रता (08:30 am) रायपुर    30.7°C    18.4°C    71% बिलासपुर    29.5°C    18.4°C    73% दुर्ग    30.8°C    13.6°C    87% जगदलपुर    31.3°C    13.3°C    70% पेण्ड्रारोड    26.6°C    14.8°C    92% रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान  राजधानी रायपुर में 5 फरवरी को सुबह के समय धुंध छाए रहने की संभावना है. शहर का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास रहने का अनुमान है.

नक्सली मुठभेड़ में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर 3 नक्सली ढेर, एक जवान हुआ शहीद

बीजापुर  बीजापुर (Bijapur) और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ (Abujhmad) क्षेत्र में पुलिस (Police) और नक्सलियों (Naxalite) के बीच पिछले दो दिनों से भीषण मुठभेड़ जारी है. यह मुठभेड़ एक बड़े एंटी नक्सली ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई, जिसे सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के निर्णायक सफाए के रूप में देखा है. मुठभेड़ के दौरान अब तक तीन नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है. घटना स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR बरामद की गई है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक जारी नहीं की गई है और उनकी विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है. अबुझमाड़ जंगल इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन नक्सली मारे गए हैं।पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR राइफल बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।इस अभियान के दौरान C-60 यूनिट के कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। वहीं एक अन्य जवान कांस्टेबल जोगा मडावी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक जवान शहीद, एक घायल इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को भी नुकसान झेलना पड़ा है. C-60 कमांडो के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्‍ना मडावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए थे. उन्हें हेलिकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने शहादत प्राप्त की. पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है. सुरक्षा बलों को आशंका है कि जंगलों में अभी भी नक्सलियों का समूह सक्रिय हो सकता है, इसलिए आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुठभेड़ जिस इलाके में चल रही है, वह घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थितियों के कारण नक्सलियों का पुराना ठिकाना माना जाता रहा है. महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले से सटे इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों को गति दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है और आगे भी इसी प्रकार के ऑपरेशन जारी रहेंगे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल आएंगे, सीएम साय का दुर्ग और जगदलपुर का दौरा आज

दुर्ग. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग, रायपुर और जगदलपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे दुर्ग के PWD रेस्ट हाउस मीटिंग हॉल पहुंचेंगे. दोपहर 2 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे और शाम 4 बजे रायपुर से जगदलपुर जाएंगे. जगदलपुर जिले के कुम्हडाकोट में शाम 5.25 बजे “जनजातीय गौरव वाटिका” के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद 5.50 बजे पुनर्वासितों के प्रशिक्षण समापन पर संवाद और टूलकिट वितरण करेंगे. शाम 6.25 बजे सर्किट हाउस जगदलपुर में शासन की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर सामग्री वितरण करेंगे. मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम सर्किट हाउस जगदलपुर में रहेगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे. वे 7 फरवरी को शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और निजी होटल जाएंगे. 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल बैठक लेंगे, इसके बाद ‘शिफ्टिंग द लेंस’ थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे. 9 फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह 11 बजे विशेष विमान से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में रहेंगे. शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. 

छत्तीसगढ़ ने किया अनोखा रिकॉर्ड, 10 महीने में 5 लाख प्रधानमंत्री आवास, देश में सबसे अधिक

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक  में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था।  निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।   उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है। आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।  इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। “प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।”- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय “प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है। – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

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