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शहडोल में बिरसा मुंडा जंयती पर जनजातीय कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण, PM वर्चुअली संबोधित करेंगे

शहडोल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुक्रवार 15 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान में होना है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला प्रमुख रूप से शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसमें 50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए कार्यक्रम स्थल पर टेंट और कुर्सियों की व्यापक व्यवस्था की गई है। बाणगंगा मेला मैदान में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने लिया। उन्होंने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को बुलाकर स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक भी मौजूद थे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। जिले में मौजूद 250 बलों के अलावा अन्य जिलों से 336 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। इसके साथ ही दो कंपनियों और अनूपपुर एवं उमरिया जिलों से 40-40 बलों की व्यवस्था की गई है। बाहरी जिलों से एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और चार डीएसपी स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा बल हैलीपैड से लेकर पूरे मार्ग और मंच तक हर जगह तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। डीएसपी यातायात मुकेश दीक्षित ने बताया कि कटनी और अनूपपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बाहरी रास्ते से जाना पड़ेगा। वीआईपी कार्यक्रम के चलते शहर के वाहनों को भी बाहरी मार्ग से निकालने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी आगमन के लिए चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए बिहार के जमुई का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का अनावरण करेंगे. पीएम इस दौरान 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत बने 11,000 आवास के गृह प्रवेश समारोह में भाग लेंगे. पीएम आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए पीएम-जनमन के तहत शुरू की गई 23 मोबाइल मेडिकल यूनिट और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अतिरिक्त 30 एमएमयू का भी उद्घाटन करेंगे. 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और आजीविका में मदद के लिए 300 वन धन विकास केंद्रों का उद्घाटन करेंगे. साथ ही आदिवासी छात्रों के लिए करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे. वे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और जबलपुर में दो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों और श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर और गंगटोक, सिक्किम में दो आदिवासी शोध संस्थानों का भी उद्घाटन करेंगे, ताकि आदिवासी समुदायों के समृद्ध इतिहास और विरासत का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा सके. नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 500 किलोमीटर नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के रूप में काम करने वाले 100 बहुउद्देश्यीय केंद्रों की आधारशिला रखेंगे. वे जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए 1,110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 25 अतिरिक्त एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला भी रखेंगे.

स्वामित्व योजना से 42 हजार आबादी ग्रामों में 38 हजार ग्रामों में नक्शों का संशोधन

भोपाल ग्रामवासियों को उनकी संपत्ति पर संपूर्ण हक का अभिलेख देने के लिए शुरू की गई स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। स्वामित्व योजना में भारत सरकार की सर्वेक्षण इकाई सर्वे आफ इंडिया की सहायता से पहली बार ग्रामों में बसाहट क्षेत्र पर ड्रोन उडाकर नक्शों का निर्माण और इसके आधार पर डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया जा रहा है। स्वामित्व योजना में 2018 के पूर्व से निवासरत संपत्ति धारकों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा रहे है। आबादी भूखंड स्वामी उसके खसरा, प्लाट की डिजिटली प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त कर विभिन्न सेवाओं जैसे कि-बैंक से ऋण, भूखंड की खरीद-बिक्री, भूखंड का नामांतरण, बटवारा, विवाद रहित स्वामित्व आदि सेवाओं का लाभ तत्काल प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में ड्रोन फ्लाईंग का कार्य शुरू कर लक्षित 36 लाख अधिकार अभिलेखों में 29 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। साथ ही प्रदेश के लक्षित 42 हजार आबादी ग्रामों में से 38 हजार ग्रामों में नक्शों का संशोधन कार्य पूरा कर लिया गया है और 28 हजार 864 ग्रामों के अधिकार अभिलेखों का कार्य पूर्ण कर भू-अभिलेख पटल पर उपलब्ध करवा दिए गए है। आयुक्त, राजस्व ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्वामित्व योजना का प्रदेश में दिसम्बर 2024 तक क्रियान्वयन पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयुक्त, राजस्व ने बताया कि स्वामित्व योजना क्रांतिकारी योजना है इससे व्यापक आर्थिक और समाजिक बदलाव आएगा। यह योजना ग्रामों की संपत्ति को पूंजी में बदलेगी।  

खाद्य मंत्री राजपूत ने प्रस्तावित मिलर्स नीति के संबंध में मिलर्स से की चर्चा

भोपाल अच्छी एवं समय पर मिलिंग करने वाले‍मिलर्स को प्रोत्साहित किया जायेगा, साथ ही गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। गुणवत्ता के लिये जहां जरूरी होगा, वहां सख्ती भी की जायेगी। मिलर्स नीति के संबंध में आपके द्वारा दिये गये सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने यह बात खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की प्रस्तावित मिलिंग नीति के संबंध में मिलर्स से चर्चा के दौरान कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि मिलर्स की सुविधा के लिये वेयर हाउस, नॉन एवं खाद्य संचालनालय में नोडल अधिकारी बनाये जायेंगे। हमारी पूरी टीम आपका पूरा सहयोग करेगी। मिलर्स साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि इस वर्ष उपार्जन का कार्य नोडल एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम के साथ-साथ एनसीसीएफ एवं केन्‍द्रीय भण्‍डारण के द्वारा भी किया जाएगा। किसानों की सुविधा एवं अन्‍य समस्‍याओं के निराकरण के लिए तथा समन्‍वय के लिए मिलिंग नीति 2024-25 का प्रारूप खाद्य आयुक्त के देखरेख में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा खाद्य आयुक्‍त समय सीमा में मिलिंग कार्य कराने की समस्‍त कार्रवाई अपनी निगरानी में पूर्ण करायेगें। उपार्जन केन्द्र में रखा जायेगा मॉयश्चर मीटर खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में धान की नमी चेक करने के लिये मॉयश्चर मीटर रखा जायेगा। नमी चेक करने के बाद ही एफएक्यू के आधार पर धान की खरीदी की जायेगी। उन्होंने कहा कि मिलर्स उपार्जन केन्द्र से सीधे धान उठायें। इससे परिवहन एवं भण्डारण व्यय में कमी आयेगी। मिलर्स के लंबित भुगतान एवं अपग्रेडेशन राशि के संबंध में जल्द काईवाई की जायेगी। बैठक में खाद्य आयुक्‍त सिबी चक्रवर्ती ने बताया कि इस वर्ष गत वर्षो से दोगुनी मात्रा से अधिक मात्रा में चावल का परिदान भारतीय खाद्य निगम को किया जाना है। भारतीय खाद्य निगम को नियत समय सीमा में चावल का परिदान के लिये विभाग के पोर्टल पर पंजी‍कृत मिलर्स को उनकी मिलिंग क्षमता के अनुसार चावल परिदान की जानकारी दर्ज करनी होगी। इस आधार पर ही मिलर्स के लिये भारतीय खाद्य निगम में चावल परिदान की कार्य योजना तैयार की जाऐगी। एमडी नागरिक एवं आपूर्ति निगम पी.एन. यादव ने प्रस्तावित नीति 2024-25 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। प्रस्तावित नीति के संबंध में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अन्य अधिकारी तथा मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मनमोहक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मोगली उत्सव का समापन हुआ

भोपाल सिवनी जिले के पेंच नेशनल पार्क में 11 से 13 नवम्बर तक सिवनी मोगलीलैंड में आयोजित हुए राज्य स्तरीय मोगली बाल उत्सव में प्रदेश के सभी जिलों के छात्र-छात्राओं ने पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी, नेचर टेल, ट्रेजर हंट गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति एवं वन्य प्राणियों को जाना। राज्य स्तरीय मोगली बाल उत्सव का बुधवार शाम को आयोजित हुए। मनमोहक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मोगली उत्सव का समापन हुआ। मोगली उत्सव के अंतिम दिन सुबह के समय का ग्रुप में शामिल प्रतिभागी विद्यार्थी व मार्गदर्शी शिक्षकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। कोर एरिया में टुरिया गेट से मोगली मित्रों की जंगल सफारी की शुरुआत हुई। जंगल सफारी के दौरान बच्चों को स्वास्तिक बाघ और लक्ष्मी, एलमार्क बाधिन देखने को मिली। नेचर ट्रेल के लिए बच्चे बफर एरिया में पहुंचे। जबकि ट्रेजर हंट के दौरान शहीद स्मारक दुरिया कार्यक्रम हुआ। बच्चों को जंगल सत्याग्रह के शहीदों के विषय में बताया गया। इसके अतिरिक्त लीड बैंक प्रबंधक द्वारा बच्ची को वित्तीय साक्षरता, साइबर क्राइम के प्रति बरती जाने वाली सावधानियों के बारे जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कलेक्टर सुसंस्कृति जैन से बच्चे रू-ब-रू हुए उन्होंने जैव विविधता बोर्ड के क्विज प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया। समापन के कार्यक्रम में बच्चों ने अपने राज्य स्तरीय मोगली उत्सव में सहभागिता के अनुभव साझा करते कहा कि मोगली की धरती पेंच टाइगर रिजर्व की तीन दिवसीय यात्रा उन्हें पूरे जीवन याद रहेगी।  

बीएमएचआरसी का एम्स में नहीं होगा विलय, हाई कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र ने दी जानकारी

भोपाल /जबलपुर  भोपाल गैस त्रासदी के संबंध में दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए केन्द्र सरकार ने हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ को बताया कि डिजिटाइजेशन के लिए टेंडर आमंत्रित किये गये थे. लेकिन सिर्फ एक कंपनी द्वारा निविदा प्रस्तुत किये जाने के कारण इसे रद्द कर दिया गया है. सरकार शीघ्र ही दूसरा टेंडर जारी करेगी. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 9 दिसम्बर को निर्धारित की है. गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश जारी किए थे. इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया. कोर्ट के निर्देश थे कि मॉनिटरिंग कमेटी प्रत्येक 3 माह में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेगी. इसके बाद पेश रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. इसी मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. बीएमएचआरसी में कितने मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति इसी के साथ याचिका के लंबित रहने के दौरान मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाओं का परिपालन नहीं किए जाने के खिलाफ भी अवमानना याचिका 2015 में दायर की गई. याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया था कि बीएचएमआरसी में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के निर्धारित पदों में 70 प्रतिशत से अधिक की नियुक्ति कर दी गयी है. बीएमएचआरसी को एम्स में मर्ज करने का मामला इसी दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से मांग की गई कि बीएचएमआरसी को एम्स में मर्ज नहीं किया जाए. मर्ज की मांग को संसदीय बोर्ड में चर्चा के बाद उसे केन्द्र लोक स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण विभाग को भेजा गया. केन्द्र लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पूर्व में ही मर्ज नहीं किये जाने के संबंध में निर्णय लिया है. युगलपीठ ने बीएचएमआरसी को एम्स में मर्ज नहीं किये जाने के संबंध में लिखित जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं. सरकार की तरफ से अधिवक्ता विक्रम सिंह ने पैरवी की. हर तीन माह में रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 दिशा-निर्देश दिए थे। इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कमेटी भी गठित की थी। कोर्ट ने कमेटी को हर तीन माह में रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश करने कहा था।  दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 दिशा निर्देश जारी किए थे। इन बिंदुओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी समिति भी गठित की थी। कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि निगरानी समिति प्रत्येक तीन माह में अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी। पेश रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट द्वारा केंद्र व राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इस मामले के लंबित रहने के दौरान निगरानी समिति की अनुशंसाओं का परिपालन न किए जाने के विरुद्ध अवमानना याचिका 2015 में दायर की गई थी। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया था कि बीएचएमआरसी में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ के निर्धारित पदों में 70 प्रतिशत से अधिक की नियुक्ति कर दी गई है। एक याचिकाकर्ता की ओर से आवेदन दायर करते हुए मांग की गई थी कि बीएचएमआरसी को एम्स में विलय नहीं किया जाए।  

राज्यमंत्री गौर ने सिद्धम पाल को बीजा आदि आवश्यक दस्वातेज सौपकर जापान के लिए रवाना किया

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने रतलाम शहर निवासी सिद्धम पाल को बीजा आदि आवश्यक दस्वातेज सौपकर जापान के यामागुची शहर के लिए रवाना किया। सिद्धम पाल का जापान के यामागुची शहर की एक कम्पनी में चयन हुआ है। सिद्धम पाल ने भारत सरकार और जापान सरकार के बीच रोजगार के लिए हुए समझौते के आधार पर तैयार टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (टीआईटीपी) में चयनित होकर जापान की यामागुची नौकरी प्राप्त की है। सिद्धम पाल 18 नवम्बर 2024 को नई दिल्ली से यामागुची जापान के लिए रवाना होंगे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा है कि प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत रतलाम शहर के सिद्धम पाल को जापान भेजा जा रहा है। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को रोजगार दिलाने का प्रयास पिछड़ा वर्ग द्वारा जारी रहेगा। संचालक, राज्य स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्द्र पिछड़ा वर्ग डॉ. देवेश मिश्रा और अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य के रूप में जीते जी जिन्हें भगवान का दर्जा मिला, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रति वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण बिहार, झारखंड की धरती से उन्होंने अंग्रेजों का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया, जहां से आदिवासी अंचल में दो स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम शहडोल और धार में आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा के उन पक्षों को भी सामने रखा जायेगा, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।  

भूमाफियों के खिलाफ अग्रवाल महासभा का आक्रोश – CM को पत्र लिखकर अनिल अग्रवाल पर हो रही ज्यादतियों पर कार्रवाई की मांग

भोपाल  अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश अग्रवाल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए राज्य में भूमाफियों की बढ़ती गुंडागर्दी और अनिल अग्रवाल पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महासभा की ओर से दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि भूमाफियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि वे सैकड़ों गुंडों के साथ अनिल अग्रवाल की जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियाँ भी दी जा रही हैं, जिससे उनके जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सतीश अग्रवाल ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि समाज के सभी कानून-प्रिय नागरिकों के लिए एक चेतावनी है कि यदि ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो कानून-व्यवस्था का मखौल उड़ता रहेगा। मुख्य सचिव से भी की कार्रवाई की मांग अग्रवाल महासभा ने इस पत्र की एक प्रति राज्य के मुख्य सचिव को भी भेजी है, जिसमें उन्होंने मुख्य सचिव से अपील की है कि वे जिला कलेक्टर, एसडीएम, और तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश दें कि दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाए जाएं। महासभा ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी भय के अपने जीवन और संपत्ति की रक्षा कर सकें। महासभा का कड़ा रुख – भूमाफियों पर रोक की मांग सतीश अग्रवाल ने कहा कि अग्रवाल समाज इस अन्यायपूर्ण कृत्य के खिलाफ एकजुट है और यदि समय रहते प्रशासन ने कठोर कदम नहीं उठाए, तो समाज के लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भूमाफियों के खिलाफ यह लड़ाई सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है। कड़ी कार्रवाई की मांग अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को इस प्रकार की पीड़ा न सहनी पड़े। समाज के सम्मानित नागरिकों को संरक्षण देना सरकार की जिम्मेदारी है, और इस मामले में सरकार का कदम ही यह निर्धारित करेगा कि वह असामाजिक तत्वों के खिलाफ कितनी सख्ती से पेश आती है। समाज की आवाज बुलंद यह पत्र अग्रवाल समाज और अन्य सामाजिक संगठनों के लिए एक आह्वान है कि वे भी अपने सदस्यों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए आगे आएं।

मंत्री डॉ. शाह ने दी राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की शुभकमनाएँ

भोपाल जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस (भगवान बिरसा मुंडा जयंती) के पावन अवसर पर प्रदेश की जनता को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि आज का दिन हमारे जनजातीय समाज के अदम्य साहस, संस्कृति और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। भगवान बिरसा मुंडा ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए जो प्रेरणा दी, वह आज भी हमें अपने मूल्यों और संकल्पों पर अडिग रहने की शिक्षा देती है। जनजातीय समुदायों की असाधारण परम्पराओं और योगदान ने हमारे समाज को समृद्ध किया है। प्रदेश सरकार उनके उत्थान, शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आइए, इस अवसर पर हम सब उनके योगदान को नमन करें और उनके गौरव को संरक्षित करने के लिए संकल्पित हों। भगवान बिरसा मुंडा की यह जयंती हमें उनके विचारों से प्रेरित होकर जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहने का आह्वान करती है। जय जनजातीय गौरव, जय मध्यप्रदेश!  

प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में “जंगल सत्याग्रह” के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।  

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रात्रि में लगाई चौपाल और किया रात्रि विश्राम

ग्वालियर ग्वालियर उप नगर के बरा गांव में नगर निगम के कचरा संग्रहण केन्द्र में लगी आग से फैले प्रदूषण से लोगों को सांस लेने में आ रही परेशानी की शिकायत मिलने के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रात्रि 12 बजे ही ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर अग्नि शमन वाहन पर चढ़कर आग पर काबू किया। उन्होंने प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इसके पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर उप नगर के वार्ड क्रमांक-1 के बरा गांव के समीप खदान के गड्ढे को नगर निगम द्वारा कचरा संग्रहण के रुप में उपयोग किया जा रहा था। इसके कचरे में आग लगने से बरा गांव सहित आस-पास के किशन बाग, जाटव पुरा,तिरउआ पुरा, लक्ष्मीपुरम, न्यू किशन बाग तथा पादरी मोहल्ले में प्रदूषण फैलने लगा और यहां के रहवासियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। यह जानकारी जैसे ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को लगी। उन्होंने बिना समय गंवाए प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों को आग पर नियंत्रण के निर्देश दिए और अधिकारियों के पहुंचने से पहले स्वयं मौके पर पहुंचकर अग्निशमन वाहन पर चढ़कर आग बुझाने का प्रयास किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस दौरान आसपास के हर घर में दस्तक देकर उनकी समस्याएं सुनी और उनका समाधान भी किया। उन्होंने हालात की गंभीरता को देखते हुए रात्रि विश्राम लक्ष्मीपुरम में ही करने का निर्णय लिया। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे ही टेंट लगाकर अपनी चौपाल लगाई तथा लोगों की समस्याओं को सुना और जन-सेवा के संकल्प को निभाते हुए, तत्काल समाधान के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार सुबह ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जाटव पुरा स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। तदोपरांत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा ही संकल्प स्वच्छता अभियान के तहत जाटव पुरा में झाड़ू लगाकर सफाई की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि साफ -सफाई हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए अपने क्षेत्र को साफ रखें और निरोगी जीवन का आनंद ले। इसके बाद श्रीमती नर्मदा शाक्य के घर जाकर सुबह के नाश्ते में पूड़ी सब्जी खाई। आज भी बरा गांव में चौपाल लगाएंगे ऊर्जा मंत्री ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार को बरा गांव खदान गड्ढा पर घटित अग्नि की घटना से उत्पन्न प्रदूषण के हालात के चलते गुरुवार की रात्रि भी बरा गांव खदान गड्ढा के पास चौपाल लगाकर जनसुनवाई करेंगे। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।  

सरकार ने बढ़ाया गेहूं का समर्थन मूल्य, पोर्टल पर अभी रजिस्ट्रेशन कराएं किसान

भोपाल  भारत सरकार ने इस साल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को बीते साल की तुलना में इस साल प्रति क्विंटल गेंहू पर 150 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे. बता दें, साल 2025-26 के लिए भारत सरकार ने गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 2425 रुपए निर्धािरत किया है. भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए रबी फसल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपए घोषित किया है, जिससे बीते साल की तुलना में इस साल से 150 रुपए अधिक में गेहूं की खरीदी होगी. नए समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी के लिए सरकार ने तैयारी भी शुरू कर दी है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे गेंहू उपार्जन केंद्र रिपोर्ट के मुताबिक रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में गेंहू उपार्जन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे. वहीं, गेहूं की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वेयर को प्रशिक्षण दिया जाएगा. साल 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारत सरकार ने समिति स्तर पर स्थापित कुल 1495 उपार्जन केन्द्रों के जरिए 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी और किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी. पिछले वर्ष हुई थी 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है पिछले साल 6 लाख 16 हजार किसानों से 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया था, गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए थे. उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के पेमेंट के लिए 2199 उपार्जन केन्द्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए थे.    भारत सरकार ने इस साल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को बीते साल की तुलना में इस साल प्रति क्विंटल गेंहू पर 150 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे. बता दें, साल 2025-26 के लिए भारत सरकार ने गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 2425 रुपए निर्धािरत किया है. भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए रबी फसल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपए घोषित किया है, जिससे बीते साल की तुलना में इस साल से 150 रुपए अधिक में गेहूं की खरीदी होगी. नए समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी के लिए सरकार ने तैयारी भी शुरू कर दी है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे गेंहू उपार्जन केंद्र रिपोर्ट के मुताबिक रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है. गेंहू खरीदी के लिए प्रदेश में गेंहू उपार्जन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे. वहीं, गेहूं की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वेयर को प्रशिक्षण दिया जाएगा. साल 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारत सरकार ने समिति स्तर पर स्थापित कुल 1495 उपार्जन केन्द्रों के जरिए 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी और किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी. इतना बढ़ा MSP बता दें कि सरकार किसानों से 2275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदती है। लेकिन आगामी समय में एमएसपी(MSP) बढ़ जाने से सरकार 2,425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं की फसल खरीदेगी। पहले के मुकाबले 150 रूपए का अधिक फायदा किसानों को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनावों के तहत किसानों को खुश करने के लिए यह फैसला लिया गया है। गेहूं उपार्जन केन्दों की होगी स्थापना नए सत्र के दौरान गेहूं की खरीदी(Wheat MSP) के लिए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई है। भण्डारण और परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही प्रदेश में कई जगहों पर गेहूं उपार्जन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इसके आलावा गेहूं की गुणवत्ता की जांच के लिए सर्वेयर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पिछले वर्ष हुई थी 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गौरतलब है पिछले साल 6 लाख 16 हजार किसानों से 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया गया था, गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए थे. उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के पेमेंट के लिए 2199 उपार्जन केन्द्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए थे.  

शीतकालीन सत्र में लोक निर्माण, जल संसाधन समेत अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जाएगी ,अनुपूरक बजट में नई योजना का प्रावधान नहीं.

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 16 दिसंबर में शुरू हो रहा है. 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र में मोहन सरकार अपना पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी. एक अनुमान के मुताबिक मोहन सरकार का अनुपूरक बजट संभवतः 10 हजार करोड़ रुपए हो सकता है. माना जा रहा है कि सरकार अनुपूरक बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कामों के लिए निर्माण विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है. वित्त विभाग ने मोहन सरकार के पहले अनुपूरक बजट को लेकर सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे हैं. 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र में लोक निर्माण, जल संसाधन समेत अन्य विभागों को अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है. अनुपूरक बजट में किसी नई योजना का प्रावधान नहीं होगा. अनुपूरक बजट में किसी नई योजना का प्रावधान नहीं रिपोर्ट के मुताबिक कुल पांच दिन चलने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले अनुपूरक बजट 10 हजार करोड़ रुपए का हो सकता है, लेकिन पूरी संभावना है कि बजट में किसी नई योजना का प्रावधान नहीं होगा.वहीं फिजूल खर्ची को रोक लगाने की कोशिश होगी, इसलिए वाहन खरीदारी के लिए भी कोई राशि आवंटित नहीं की जाएगी. मोहन सरकार 16 दिसंबर से शुरू हो रहे पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पेश करेगी. पूरी संभावना है कि फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए उद्योग सहित अन्य विभागों के लिए राशि का प्रावधान होगा. अनुपूरक बजट के लिए सभी विभागों से मांगे गए प्रस्ताव गौरतलब है मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सरकार का बजट 3.65 लाख करोड रुपए से अधिक का है.जीएसटी समेत अन्य करों के संग्रहण में अच्छी स्थिति होने के चलते सरकार की आय वृद्धि की संभावना है. इन्हें देखते हुए वित्त विभाग ने मोहन सरकार पहले अनुपूरक बजट की तैयारी कर रहा है और सभी विभागों से प्रस्ताव मांगें है.  

राष्ट्र रक्षा के लिये भगवान बिरसा मुंडा द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “अबुआ दिशोम-अबुआ राज”… अपना देश और अपनी माटी के महत्व का उद्घोष करने वाले और उलगुलान क्रांति से स्वत्व, स्वाभिमान और स्वराज की चेतना जगाने वाले भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज हम सब उनको सादर नमन करते है। भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय संस्कृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया और जनजातीय गौरव का प्रतीक बन गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके अभूतपूर्व योगदान को स्मरण करने के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर पर प्रति वर्ष “जनजातीय गौरव दिवस” के आयोजन की परंपरा आरंभ की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के रक्षक बिरसा मुंडा ने वर्ष 1893-94 में अंग्रेजों द्वारा वन अधिनियम बनाकर जंगलों पर कब्जा करने का विरोध किया, शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और स्वतंत्रता के लिये उलगुलान क्रांति शुरू की। उन्होंने जनजातियों के स्वाभिमान को जगाया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि यह हमारी धरती है और हम ही इसके रक्षक हैं। अपनी धरती और माटी की रक्षा के लिये जनजातियों ने बिरसा मुंडा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। यह क्रांति इतनी प्रभावी थी कि आखिरकार अंग्रेजों ने छोटा नागपुर टेनेंसी कानून पारित किया और जनजातियों को उनका अधिकार प्राप्त हुआ। गौरवमयी अतीत का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज का गौरवमयी अतीत समाज के सामने लाना और उनकी संस्कृति तथा परंपराओं का संरक्षण है। राष्ट्र रक्षा के लिये उनके द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो, वे अपनी संस्कृति और परंपराओं का महत्व समझें तथा उनमें स्वत्व का बोध हो। समाज, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज शहडोल और धार जिले में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़कर हमारा मार्गदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरुआत के साथ जनजातियों के गौरव की पुनर्स्थापना की नींव रखी है। उनका लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का विकास करना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना। जनजातीय समाज के कल्याण के लिये संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प की सिद्धि के लिये मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग का समग्र विकास ध्येय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जनजाति न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना और उनका शैक्षणिक, आर्थिक, स्वस्थ और सामाजिक विकास करना है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की विशेष उपलब्धि रही है। पीएम जन-मन योजना में प्रदेश के 24 जिलों के 118 गांवों में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के 11 लाख 35 हजार से अधिक भाई-बहनों को सहायता, रोज़गार और कौशल प्रशिक्षण देकर इन्हें विकास की नई राह से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसमें 7 हजार 300 करोड़ रुपये की लागत से नये स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, बहुउद्देशीय केंद्र, सड़क, पुल और आवास सहित अन्य निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम जन-मन योजना में सिवनी जिले का झिंजरई गांव एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित हो चुका है। इस गांव में राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत हुआ। यही नहीं, छिंदवाड़ा और डिंडौरी जिले में 7 और कटनी में 6 विशेष पिछ़ड़े जनजातीय बहुल गांव आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। शौर्य और पराक्रम जनजातियों का मौलिक स्वभाव है। उनकी इस विशेषता को देखते हुए प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के लिये शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत पीवीटीजी बटालियन गठित की जायेगी। जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य निर्माण के लिये उन्हें प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, विदेश अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण का लाभ दिया जा रहा है। बजट वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और कल्याण के लिये हमने इस वित्त वर्ष में 40 हजार 804 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले बजट की तुलना में 23.4 प्रतिशत अधिक है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 3 हजार रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया गया। इससे 35 लाख संग्राहक लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश में जनजातीय विकास की अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिये विशेष तकनीकी समूह तैयार करने का निर्णय लिया गया। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में अधिकतम 3900 रुपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता राशि स्वीकृत की गई। प्रदेश में जनजातियों को जल, जंगल, जमीन और श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी तथा इनके संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं की सुरक्षा के लिये पेसा अधिनियम लागू किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में विशेष पहल करते हुए 2 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आरंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे का सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति करना है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांव का सर्वांगीण विकास करना है। यही नहीं, इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 100 जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार तैयार करने की योजना है। प्रदेश के 19 जिलों में जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जनजातियों की पुरातन कला, संस्कृति के प्रतीक, शिल्पकारी, चित्रकारी, खिलौने, मिट्टी व बांस से तैयार उत्पाद आदि का प्रदर्शन किया जायेगा। इससे पारंपरिक कला संस्कृति समृद्ध होने के साथ जनजातीय वर्ग का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण होगा। मध्यप्रदेश, मोदी जी के संकल्प को करेगा साकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे इस बात से संतोष है कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उत्थान के लिये जो स्वप्न देखा था, वह आज प्रधानमंत्री … Read more

बैढ़न नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्यवाही, एक गिरफ्तार, 5 लाख रूपये की हिरोइन बरामद

सिंगरौली पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता गुप्ता, जिला सिंगरौली द्वारा अवैध मादक पदार्थ के परिवहन एवं बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री शिव कुमार वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री पी.एस. परस्ते के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरी. अशोक सिंह परिहार एवं उनकी गठित टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थ हिरोइन / स्मैक के तस्कर पर प्रभावी कार्यवाही की गई। संक्षिप्त विवरण –  थाना बैढ़न में दिनांक 13.11.2024 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष सा. बलियरी थाना बैढ़न जिला सिंगरौली का अवैध मादक पदार्थ हेरोइन / स्मैक बिक्री रखा है मुखबिर की सूचना विश्वसनीय होने की वजह से तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश पर तत्काल टीम गठित कर रेड कार्यवाही की गई आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष बलियरी के कब्जे से 48 ग्राम मादक पदार्थ हिरोइन कीमती करीबन 500000 रूपये की बरामद होने पर धारा 8/21,22 एनडीपीएस एक्ट मे जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। आरोपी चंद्र प्रकाश शाह पिता खजांती प्रसाद शाह उम्र 32 वर्ष सा. बलियरी के विरूध्द पूर्व मे भी मादक पदार्थों के बिक्री के कई प्रकरण पंजीबध्द है। आरोपी से अबैध मादक पदार्थ हिरोईन की खरीद फरोख्त करने वाले ब्यक्तियों के संबंध मे जानकारी प्राप्त कर विवेचना की जा रही है। सराहनीय भूमिका – निरी. अशोक सिंह परिहार, उनि अभिषेक पाण्डेय, सउनि अरविन्द द्विवेदी, सउनि पप्पू सिंह, प्र.आर. धर्मेन्द्र रावत, राजेश सिंह, जितेन्द्र सेंगर आर. अभिमन्यू उपाध्याय प्रियंका गुप्ता, बंदना तिवारी का सराहनीय योगदान रहा।

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