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MP में 15 नवंबर से तेजी से बढ़ेगी ठंड, गिरेगा रातों का पारा, कई शहर 10 के नीचे

भोपाल मध्यप्रदेश में इस साल नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है, जहां तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। यह जगह फिलहाल प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बन गया है। दिन और रात दोनों समय यहां का तापमान काफी ठंडा हो चुका है। पचमढ़ी में ठंड का स्तर इतना अधिक है कि पिछले सात रातों में से छह बार पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जबकि एक बार अमरकंटक ने भी सबसे ठंडे स्थान का दर्जा हासिल किया। बुधवार और गुरुवार की रात में पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान कल 18.1 डिग्री रहा। एक्यूआई सुबह से ही खराब इंदौर में आज सुबह से ही एक्यूआई खराब स्तर पर चल रहा है। 287 का एक्यूआई सुबह 10 बजे ही दर्ज किया गया। शाम तक यह 300 पार चला जाता है। इस बार लगातार एक्यूआई 300 के आसपास ही चल रहा है। यह बेहद खराब स्तर माना जाता है। 15 से और बदलेगा मौसम मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 15 नवंबर के बाद से प्रदेश में ठंड का असर और अधिक बढ़ सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक शिल्पा आप्टे ने बताया कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में हवा का रुख बदलने की संभावना है। उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं का असर प्रदेश में साफ दिखाई देगा। इससे विशेष रूप से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में ठंड में वृद्धि होने की उम्मीद है। 10 डिग्री के नीचे जाएगा तापमान प्रदेश के अन्य कई शहरों में भी रात का तापमान तेजी से गिरने का अनुमान है। मंडला, उमरिया, राजगढ़ और गुना जैसे शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। राजधानी भोपाल के साथ शाजापुर, छिंदवाड़ा, शहडोल, बैतूल, टीकमगढ़, मलाजखंड, रायसेन, उज्जैन, नौगांव, खरगोन और रतलाम जैसे शहरों में भी तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है। वहीं, गुरुवार को दिन के समय भी पचमढ़ी समेत कई शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। बर्फबारी से बढ़ेगी ठिठुरन उत्तर भारत में बर्फबारी शुरू होते ही मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ने लगती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भी नवंबर के दूसरे सप्ताह में उत्तर से ठंडी हवाएं आने की संभावना है, जिससे ठंड का प्रभाव और गहराएगा। पिछले दस वर्षों में इसी समय पर ठंड बढ़ने का यही ट्रेंड देखा गया है। मौसम में बदलाव जारी रहेगा दक्षिण-पश्चिम मानसून के समाप्त होने के बाद मौसम में बदलाव आ जाता है। आसमान में बादल छाए रहते हैं, लेकिन उमस का असर लगभग खत्म हो जाता है। अक्टूबर के बाद से ही रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे संभागों में हल्की बारिश भी होती है, जिससे ठंड और बढ़ जाती है। इस दौरान दिन का तापमान 30 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहने की संभावना बनी रहती है। इस तरह, मध्यप्रदेश में इस बार नवंबर के मध्य से लेकर महीने के आखिर तक ठंड का प्रभाव ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। अगर यह मौसम का बदलाव इसी तरह जारी रहा, तो नवंबर के अंत में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो सकता है।

पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विभिन्न जिलों में ई-लर्निंग सेंटर का किया शुभारंभ

  छतरपुर पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में माह सितंबर वर्ष 2023 को पुलिस लाइन परिसर छतरपुर में पुलिस परिवार के बच्चों हेतु आवश्यक आधुनिक सुविधाओं सहित “दिशा स्टूडेंट लर्निंग सेंटर” की शुरुआत की गई थी। अध्यनरत विद्यार्थियों हेतु अनुकूल वातावरण, आवश्यकता अनुसार पाठ्य पुस्तकों, कंप्यूटर सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे एवं इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों की व्यवस्था भी की गई थी। आवश्यकता अनुसार दिशा लर्निंग सेंटर के विस्तारीकरण हेतु अतिरिक्त कक्ष क्रमांक 2 का शुभारंभ किया गया था। आज पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश पुलिस श्री सुधीर कुमार सक्सेना द्वारा प्रदेश स्तरीय वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गई। सागर संभाग, उज्जैन संभाग के जिलों एवं विशेष सशस्त्र बल बटालियन में आज ई लर्निंग सेंटर का शुभारंभ किया गया। साथ ही छतरपुर जिले सहित अन्य जिलों में पूर्व से संचालित ई लर्निंग सेंटर का निरीक्षण किया गया। सागर ज़ोन के जिला टीकमगढ़, निवाड़ी एवं 10वीं बटालियन सागर तथा जिला देवास, शाजापुर, रतलाम, आगर मालवा, नीमच, 24 बटालियन, 32 बटालियन में ई लर्निंग सेंटर का शुभारंभ किया गया। छतरपुर जिले में पुलिस लाइन में संचालित पुलिस परिवार के छात्र-छात्राओं के अध्ययन हेतु ई लर्निंग सेंटर के दो कक्ष हैं, 5G फाइबर वाईफाई नेटवर्किंग, सीसीटीवी कैमरा, पेयजल हेतु आर ओ वाटर कूलिंग, फर्नीचर इत्यादि की व्यवस्था है। कंप्यूटर सिस्टम एवं अन्य सॉफ्टवेयर उपयोग में है। पाठ्यक्रम पुस्तकें, समाचार पत्र, मासिक पत्रिका की उपलब्धता है। प्रतियोगी परीक्षाओं एवं इंटरव्यू की प्रैक्टिस भी होती है। छतरपुर ई-लर्निंग सेंटर से 4 अभ्यर्थी शासकीय सेवा में चयनित हो चुके हैं एवं 6 अभ्यर्थी पुलिस आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होकर शारीरिक दक्षता परीक्षा में चयनित हुए हैं। पुलिस महानिदेशक द्वारा छात्र-छात्राओं से संवाद कर शैक्षणिक स्थिति जानी, नियमित रूप से, ईमानदारी व अनुशासन से अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने हेतु प्रेरित किया। साथ ही पुलिस महानिदेशक द्वारा छात्र-छात्राओं के अध्ययन हेतु शांतिपूर्ण वातावरण की व्यवस्था करने पर पुलिस अधिकारियों, नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी तथा संचालक को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रशंसा कर शुभकामनाएं दी गई। आयोजित वर्चुअल मीटिंग में छतरपुर जिले से पुलिस उप महानिरीक्षक छतरपुर रेंज श्री ललित शाक्यवार, पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह, नोडल अधिकारी ई लर्निंग सेंटर छतरपुर रक्षित निरीक्षक पूर्णिमा मिश्रा, सहायक नोडल अधिकारी सूबेदार प्रभा सिलावट, संचालक महिला आरक्षक शिवानी पाठक संबंधित पुलिस अधिकारी एवं ई-लर्निंग सेंटर छतरपुर से छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

नर सेवा ही नारायण सेवा के मूलमंत्र को साकार कर रही है सरकार : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

भोपाल नर सेवा ही नारायण सेवा है, सेवा के इस मूलमंत्र को प्रदेश सरकार साकार कर रही है। समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनायें पहुँचें, इसी भाव के साथ प्रदेश सरकार काम कर रही है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात शुक्रवार को रेसकोर्स रोड स्थित स्थानीय कार्यालय पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के 564 लाभार्थियों को हितलाभ प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने जेसी मिल के 34 श्रमिक परिवारों को आवासीय पट्टे सौंपकर उन्हें वास्तविक रूप से घर का स्वामी बनाया। मंत्री श्री तोमर ने 20 जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्राईसिकल भी सौंपीं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने वायदे के अनुरूप जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ दिला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को 564 हितग्राहियों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराया गया है। उन्होंने आह्वान किया कि ग्वालियर शहर को इन्दौर की तर्ज पर नम्बर एक शहर बनाने के लिए हम सब एकजुट होकर काम करें। ग्वालियर को स्वच्छता में अव्वल बनाने में सरकार भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। शुक्रवार को रेसकोर्स रोड़ स्थित अपने स्थानीय कार्यालय में ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ के प्रमाण पत्र प्रदान किए। आवासीय पट्टे मिले तो खुशी से झूम उठे जेसी मिल श्रमिक ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने जब लाइन नं.-1, सिमको साइट व श्याम बाबा मंदिर के पीछे निवासरत 34 जेसी मिल श्रमिकों को बहुप्रतीक्षित आवासीय पट्टे सौंपे तो श्रमिक परिवारों की खुशी देखते ही बनी। पट्टे पाकर श्रमिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व ऊर्जा मंत्री श्री तोमर के जयकारे लगाए। पट्टा दिखाकर खुशी से झूम रहे राजकुमार दीक्षित बोले कि ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने प्रदेश सरकार के माध्यम से नामुमकिन से काम को मुमकिन करके दिखाया है। हम सब प्रदेश सरकार का यह उपकार कभी नहीं भूलेंगे। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।  

पुलिस बैंड प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों की सहमति आवश्यक : हाईकोर्ट

जबलपुर बैंड प्रशिक्षण के लिए पुलिसकर्मियों की सहमति अनिवार्य होने के संबंध में हाईकोर्ट जारी आदेश को लेकर सरकार ने उसे वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया था। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार के आवेदन को खारिज कर दिया। एकलपीठ ने सरकार को कानूनी प्रावधान अपनाने की स्वतंत्रता प्रदान की है। गौरतलब है कि बिना सहमति पुलिसकर्मियों को बैंड प्रशिक्षण में शामिल किए जाने के खिलाफ दस पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए जबलपुर मुख्यपीठ की एकलपीठ ने 6 अगस्त 2024 को जारी अपने आदेश में कहा था कि पुलिस बैंड प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों की सहमति आवश्यक है। बिना सहमति यह प्रशिक्षण अनिवार्य नहीं किया जा सकता। सरकार ने इस आदेश को वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील में कहा गया था कि मुख्यपीठ ने इंदौर खंडपीठ द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया था। इसके बाद ग्वालियर खंडपीठ ने दायर याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि पुलिसकर्मियों को बैंड प्रशिक्षण के लिए तैयार किया जा सकता है। इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ द्वारा पारित आदेशों में अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाए गए थे। एकलपीठ ने सरकार के आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि ग्वालियर खंडपीठ में याचिका की सुनवाई के दौरान इंदौर खंडपीठ के आदेश को न्यायालय के समक्ष विचारार्थ नहीं रखा गया था। इसके अलावा, याचिकाकर्ता विशेष सशस्त्र बल के सदस्य थे, जिनके पास नियमित पुलिसिंग कर्तव्य नहीं होते हैं, जैसे कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराधों की जांच करना। एकलपीठ ने याचिका खारिज करते हुए सरकार को कानूनी प्रावधानों के उपयोग की स्वतंत्रता प्रदान की है।

अब कोहरे व कम दृश्यता में भी Bhopal Airport पर उतर सकेंगे विमान, उन्नत लैंडिंग सिस्टम स्थापित

 भोपाल  राजधानी के राजा भोज एयरपोर्ट पर अब खराब मौसम में भी विमान लैंड हो सकेंगे। सर्दी एवं कोहरे के कारण अक्सर विमानों को पास के एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर देना पड़ता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अब आईएलएस यानि इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम को अपग्रेड कर दिया है। नया केटेगरी-दो सिस्टम स्थापित कर दिया गया है। सफल रहा परीक्षण गुरुवार को इसका हवाई परीक्षण किया गया। विशेष विमान से हुए लैंडिंग परीक्षण में सिस्टम अपने मापदंड के अनुरूप पाया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सितंबर माह में सिस्टम को अपग्रेड कर ग्राउंड टेस्टिंग की थी। गुरुवार को दिल्ली से अथॉरिटी का विशेष सर्विस एयरक्राफ्ट भोपाल पहुंचा। इस विमान ने नए सिस्टम एवं नेविगेशन प्रणाली का परीक्षण किया। आरवीआर सिस्टम भी लगा विमान में चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम सवार थी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि परीक्षण सफल रहा। एयरपोर्ट पर पहले से केटगेरी-एक सिस्टम के साथ रनवे विजुअल रेंज (आरवीआर) भी लगा है। इसकी मदद से रन-वे पर लगी लाइटिंग की मदद से 550 मीटर तक दृश्यता होने पर विमान लैंड हो जाते हैं। सिस्टम अपग्रेड होने के बाद 350 मीटर तक दृश्यता होने पर भी विमान आसानी से लैंड हो सकेंगे। डीजीसीए से अनुमति मिलना बाकी परीक्षण रिपोर्ट अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भेजी जाएगी। डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद नया सिस्टम काम करने लगेगा। आमतौर पर दिसंबर से फरवरी माह के बीच घने कोहरे के कारण उड़ानें लेट होती हैं। कई बार उन्हें डायवर्ट करना पड़ता है। अब इसमें कमी आएगी। 350 मीटर से कम दृश्यता होने पर ही उड़ानें डायवर्ट करने की जरूरत होगी। पिछले दिनों एयरपोर्ट पर स्वचलित मौसम अवलोकन प्रणाली (एडब्ल्यूओएस) भी स्थापित की गई थी। इसकी स्थापना से मौसम खराब होने पर पायलटों को तत्काल कोहरे, वर्षा या आंधी चलने की जानकारी मिल जाती है। सुरक्षित लैंडिंग में मदद मिलती है।

पुलिस ने बुरहानपुर में कसाई खाने पर दबिश, 400 किलो गोवंशी मांस जब्त, बैलों के अवशेष मिले

बुरहानपुर  तीन थानों की पुलिस ने शुक्रवार सुबह शहर के आजाद नगर क्षेत्र स्थित एक कसाई खाने में छापा मार कर 400 किलो गोवंश का मांस जब्त किया है। सीएसपी गौरव पाटिल के नेतृत्व में तड़के गणपति थाना, लालबाग और कोतवाली के करीब 25 अधिकारियों व जवानों ने कसाई खाने दबिश दी। छापे की खबर पहले ही गोवंशी का वध करने वालों की लग गई थी, जिसके चलते वे फरार हो गए थे। यह कसाई खाना अफजल कुरैशी का बताया जा रहा है। पुलिस को मौके से काटे गए दो बैलों के अवशेष भी मिले हैं। पशु चिकित्सा विभाग ने जब्त मांस के सैंपल लिए हैं। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लगाई जाएगी रासुआ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि काफी समय से आजाद नगर में गोवंश को मारने कर, मांस बेचे जाने की सूचना मिल रही थी। गुरुवार रात मुखबिर से सूचना मिलने पर तड़के कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि आरोपितों के खिलाफ अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज करने के साथ ही रासुआ भी लगाई जाएगी। पशु बाजारों बाजारों से करते हैं खरीदी शहर के कसाई बोरगांव व सनावद में लगने वाले पशु बाजारों से कृषि के नाम पर गोवंशी की खरीदी करते हैं। बाद में उन्हें आजाद नगर के कसाई खानों में लाकर मार दिया जाता है। पशु बाजारों में गाय-बैल बेचने वाले व्यापारी और किसान क्रेता के किसान होने की पुष्टि तक नहीं करते। वहां से रात के अंधेरे में इन गोवंशों को कत्लखाने पहुंचाया जाता है।

नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए, विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई शिक्षा नीति:2020 के अंतर्गत प्रदेश में अनेक नवाचार हुए हैं। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी उच्च शिक्षा के जुड़े नवाचार करें। अच्छे प्रयोगों का सदैव स्वागत है। शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर श्रेष्ठ बनाने के प्रयास हों। पैरामेडिकल और नर्सिंग पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सक्षम युवाओं का निर्माण सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए सबसे बड़ी गारंटी मानते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल से इस संदर्भ में नई शिक्षा नीति में अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान भी हुए हैं। इस नीति में युवाओं को ज्ञानवान और अनेक विषयों में पारंगत बनाने की रणनीति बनाई गई है। इस नाते मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयास इस दिशा में किए गए हैं। मध्यप्रदेश में महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जहां भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं राज्य सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा शीर्ष समिति और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में टास्क फोर्स का गठन किया गया। विद्यार्थियों को उनकी रूचि, दक्षता और क्षमता के अनुसार शिक्षा व्यवस्था करने के प्रसार सफल हो रहे हैं। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में प्रदेश अग्रणी है। मध्यप्रदेश का सकल पंजीयन अनुपात राष्ट्रीय अनुपात 28.4 प्रतिशत के मुकाबले 28.9 प्रतिशत है जो एक उपलब्धि है। बहुविषयक शिक्षा में आगे मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालयों द्वारा बहुविषयक शिक्षा प्रदान करने और रोजगार के लिए उपयोगी पाठ्यक्रमों के संचालन की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में प्रदेश में उच्च शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर कुलगुरूओं और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की है। बताया गया कि विद्यार्थियों को बहुविषयक दृष्टिकोण (मल्टी डिस्पलीनरी एप्रोच) के माध्यम से अन्य विषयों के अध्ययन के लिए प्रेरित करने के निरंतर प्रयास किए जाएं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग एक लाख विद्यार्थी वाणिज्य के साथ कला और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। कला संकाय के 18 हजार विद्यार्थी वाणिज्य और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। मध्यप्रदेश में विज्ञान संकाय के ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 11 हजार है, जिन्होंने कला और वाणिज्य विषय का चयन किया है। इस तरह एक लाख 29 हजार विद्यार्थियों ने बहुविषयक शिक्षा का लाभ लिया है। विद्यार्थी ले रहे खेती किसानी की शिक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनेक बिन्दुओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। उच्च शिक्षा व्यवस्था में स्नातक स्तर पर कृषि जैसे विषय के अध्ययन के प्रावधान के भी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। सात विश्वविद्यालयों और 18 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में बी.एससी. कृषि पाठ्यक्रम का संचालन हो रहा है। इन पाठ्यक्रामों का लाभ 1189 विद्यार्थी ले रहे हैं। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में सर्वाधिक 240 विद्यार्थी खेती किसानी की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में पायलेट ट्रेनिंग के कोर्स के संचालन और एविएशन के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए पांच विश्वविद्यालयों ने पहल की है। निश्चित ही युवाओं को इन पाठ्यक्रमों का रोजगार की दृष्टि से पूर्ण लाभ प्राप्त होगा। इन्क्यूबेशन केन्द्रों की सक्रिय भूमिका, र्स्टाट अप्स को पूर्ण प्रोत्साहन प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 47 इन्क्यूबेशन सेन्टर प्रारंभ किए गए हैं। इनमें शासकीय विश्वविद्यालय में 16, निजी विश्वविद्यालय में 12 एवं शासकीय स्वशासी महाविद्यालय में 19 इन्क्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। देवी अहिल्या विश्व विद्यालय इंदौर को केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पांच करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर को अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग ने अटल कम्युनिटी इन्नोवेशन सेंटर के लिए 2.5 करोड़ रूपए स्वीकृत किए हैं। इसी तरह जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के लिए 13.4 लाख रूपए स्वीकृत हुए हैं। प्रदेश के 2 निजी विश्वविद्यालयों में भी अटल इन्क्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए गए हैं। इनमें रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल और लक्ष्मीनारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (एलएनसीटी) भोपाल शामिल हैं। इन्क्यूबेशन केंद्रों के माध्यम से स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय स्तर पर 65 स्टार्ट अप्स तथा 2 निजी विश्वविद्यालयों में कुल 295 स्टार्ट अप्स प्रारंभ हुए हैं। स्टार्ट अप्स को विश्वविद्यालयों ने प्रोत्साहन राशि भी दी है। वर्तमान में कुल लाभान्वित विद्यार्थी संख्या 620 है। पेटेंट के अंतर्गत पेटेंट कार्यालय, भारत सरकार से विश्वविद्यालयों के इन्क्यूबेशन सेंटर्स को कुल 14 पेटेंट प्राप्त हुए हैं। इनमें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में छह, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में चार, विक्रम विश्वविद्यालय में तीन और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में एक पेटेंट शामिल हैं। समस्त विश्वविद्यालयों के कुल 27 पेटेंट के आवेदन स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।  

पटवारी अपने हल्के के लोगों के राजस्व समस्याओं का प्रकरण दर्ज कर करें निराकरण-कलेक्टर

पटवारी अपने हल्के के लोगों के राजस्व समस्याओं का प्रकरण दर्ज कर करें निराकरण-कलेक्टर कलेक्टर ने तहसील पुष्पराजगढ़ के पटवारियों की की ओरियन्टेशन बैठक  अनूपपुर कलेक्टर  हर्षल पंचोली ने कहा है कि तहसील पुष्पराजगढ़ के पटवारी अपने कार्य में गंभीरता लाएं तथा लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण गंभीरता के आधार पर कराएं। उन्होंने कहा कि पटवारी प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना की पेंडेंसी, फौती नामांतरण, बंटवारा, नक्शा तरमीम के प्रकरणों का निराकरण जल्द से जल्द करें तथा पटवारी हर माह फौती नामांतरण प्रकरणों के प्रतिवेदन तहसील कार्यालय में प्रस्तुत करें। इसी प्रकार कलेक्टर ने पटवारियों को यह भी निर्देश दिए कि पटवारी खुद अपने हल्के में जाकर लोगों के राजस्व समस्याओं के प्रकरण दर्ज कर कार्यों का निराकरण कराएं। लोगों के सामने अपनी सकारात्मक छवि एवं साख बनाएं। सभी प्रकरणों को आरसीएमएस पोर्टल में मौके पर जाकर दर्ज कराएं। कलेक्टर  हर्षल पंचोली आज अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ तहसील कार्यालय में आयोजित ओरियन्टेशन बैठक में पटवारियों को निर्देश दे रहे थे। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी पुष्पराजगढ़  सुधाकर सिंह बघेल, अधीक्षक भू अभिलेख प्रदीप मोगरे, तहसीलदार पुष्पराजगढ़  गौरीशंकर शर्मा, नायब तहसीलदार  कौशलेन्द्र मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं पटवारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने पटवारी को निर्देशित किया कि पटवारी टेक्निकल कार्यों को जल्द से जल्द सीखने तथा राजस्व प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता एवं गंभीरता के आधार पर कराए तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों को भी निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पटवारियों को भी निर्देशित किया की नए पटवारी अपने कार्य को संवेदनशीलता से रुचि लेकर करें। राजस्व का कार्य सारा पोर्टल पर किया जाता है, इस पोर्टल पर सभी पटवारी को कार्य करना आना चाहिए। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का भी निराकरण गंभीरता के आधार पर कराएं तथा पीएम किसान योजना के पेंडिंग कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर भी जहां पीएम किसान सम्मान निधि योजना के प्रकरण ज्यादा है, वहां लोक सेवा केन्द्र व बैंकर्स से संपर्क कैंप आयोजित कर लोगों के लंबित कार्यों का निराकरण कर पीएम किसान योजना के कार्यों में अच्छा रिजल्ट लाकर दिखाएं। बैठक में कलेक्टर ने पटवारी को यह भी निर्देश दिए की जो व्यक्ति बटवारा करना चाहते हैं, पटवारी मौके पर पहुंचकर उनका बंटवारा करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा बंटवारा के पश्चात उनका ई-केवाईसी भी करना सुनिश्चित करें तथा आधार सीडिंग के लंबित प्रकरणों का भी कलेक्टर ने समीक्षा की तथा पटवारी को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।

टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी

अब ट्राइबल का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा जनजातीय विकास की अधोसंरचनाएँ प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा टेक्निकल विंग के लिये 177 पद मंजूर, ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी भोपाल प्रदेश में जनजातियों के विकास से जुड़ी सभी प्रकार की अधोसंरचनाएँ अब जनजातीय कार्य विभाग का खुद का टेक्निकल विंग बनायेगा। विभाग में नये टेक्निकल विंग की स्थापना की गई है। राज्य शासन द्वारा ट्राईबल टेक्निकल विंग सेट-अप को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिये 177 नये पद भी शासन ने स्वीकृत किये हैं। इसमें अधीक्षण यंत्री (एस.ई) का एक पद, कार्यपालन यंत्री (ई.ई) के 6, सहायक यंत्री (सिविल) के 25, सहायक यंत्री (विद्युत) के 3, उपयंत्री (सिविल) के 123, उपयंत्री (विद्युत) के 9, प्रगति सहायक के 7 तथा निर्माण सहायक, सहायक मानचित्रकार एवं अनुरेखक के एक-एक पद को मंजूरी दी गई है। पदों की मंजूरी मिलने के बाद अब जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विभागीय स्तर या अन्य शासकीय भर्ती एजेन्सीज के माध्यम से टेक्निकल विंग स्टॉफ की भी जल्द से जल्द भर्ती की जायेगी। ट्राईबल टेक्निकल विंग के हेड अधीक्षण यंत्री (एसई) होंगे, जो जनजातीय कार्य मुख्यालय से विभागीय निर्माण कार्यों का सुपर विजन करेंगे। इनके अधीन 6 ईई होंगे। एक ईई मुख्यालय के कार्यों के अलावा भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों का काम देखेंगे। एक ईई इंदौर मुख्यालय से इंदौर एवं उज्जैन संभाग के सभी जिलों का काम संभालेंगे। सागर और जबलपुर संभाग के जिलों के कार्यों के लिये भी एक-एक ईई को दायित्व सौंपा गया है। ग्वालियर के ईई ग्वालियर के साथ-साथ चंबल संभाग तथा शहडोल में पदस्थ ईई शहडोल सहित रीवा संभाग के सभी जिलो में विभागीय निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने तथा मॉनीटरिंग के लिये उत्तरदायी होंगे। उल्लेखनीय है कि अब तक जनजातीय कार्य विभाग के अधीन स्कूल, छात्रावास, आश्रम शालाएँ, क्रीड़ा परिसर, कन्या शिक्षा परिसर, प्रशासनिक भवन आदि विभागीय संरचनाएँ पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, भवन निर्माण इकाई, एम.पी. हाऊसिंग बोर्ड जैसी निर्माण एजेंसियों से कराये जाते थे। इसमें बहुत समय ज्यादा लग जाता था और निर्माण कार्य की लागत भी बढ़ जाती थी। अब जनजातीय कार्य विभाग अपने खुद के टेक्निकल विंग के जरिये निर्धारित लागत तक के विकास एवं उन्नयन कार्य ओपन टेण्डर के जरिये अपने नियम-शर्तों एवं तय समय-सीमा में ही करा सकेगा। इस टेक्निकल विंग कितनी लागत के निर्माण कार्य कराये जाने हैं, यह जनजातीय कार्य विभाग तय करेगा।  

एमपी हाईकोर्ट ने सीजी के लोहारीडीह हत्याकांड मामला में रिपोस्टमार्टम की दी अनुमति

जबलपुर छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने मृतक शिवप्रसाद साहू की बेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए रिपोस्टमार्टम की अनुमति दी है। साथ ही अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डबल बैंच में हुई। दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को मध्यप्रदेश के जूरिडिक्शन में केस फाइल करने की छूट दी थी। याचिकाकर्ता ने रिपोस्टमार्टम की मांग को लेकर एमपी की जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताते हुए कब्र खोदकर शव को निकालने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। इससे पहले इस मामले को सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के निर्णय को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दायर की गई थी। ये है पूरा मामला छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में एक सप्ताह के अंदर 3 लोगों की अलग-अलग वजह से जान चली गई। 14 सितंबर की दरमियानी रात शिवप्रसाद साहू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र में पेड़ से लटकती मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की जलने से मौत हो गई। वहीं इस मामले में पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के शक में गिरफ्तार किया था। इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई थी। मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है। इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को निलंबित किया। वहीं रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया। इसके अलावा कबीरधाम एसपी और कलेक्टर पर भी गाज गिरी। दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया। SIT कर रही जांच लोहारीडीह मामले की जांच को लेकर एसआईटी का गठन किया गया है। जिले के एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम मामले की जांच कर रही है। इस मामले में छत्तीसगढ़ और मध्‍य प्रदेश की पुलिस भी जांच कर रही है। मध्‍य प्रदेश की पुलिस इस मामले में इसलिए जुड़ गई है, क्‍योंकि शिवप्रसाद साहू की लाश एणपी की सीमा पर मिली थी। जिसके चलते मध्‍य प्रदेश की हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है।

बेनीसागर बांध के रेस्ट हाउस में किसानो और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक

  राजनगर  गुरुवार को बेनीसागर रेस्टहाउस बेनीसागर बांध के R.B.C. एवं L.B.C.के किसानों की बैठक का आयोजन किया गया अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि इस वर्ष बेनीसागर बांध में पानी 19 फिट भरा हुआ है R.B.C. और L.B.C मैं सिंचाई का शासन द्वारा 3750 हेक्टेयर भूमि  पलेवा हेतु लक्ष्य रखा गया है परंतु किसनो  द्वारा मांग की गई की पलेवा के अतिरिक्त 2  पानी की खेती के लिए जरूरत है S.D.O. डी  के मिश्रा ने बताया पानी की उपलब्धता के आधार पर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जायेगा नियमों द्वारा R.B.C एवं L.B.C. नहर को 13/11/2024 खोला जाएगा बांध का गेट खोलने से पहले नहर की  सफाई सुनिश्चित की गई जिससे नहरों में पानी बर्बाद ना हो इसका ध्यान रखा जाएगा इसमें मीटिंग में सिंचाई विभाग के अधिकारी S.D.O. डी के मिश्रा. उप यंत्री विनीता बनकरिया  . लोकेश अर्जरिया  अतिन कुमार खरे अमीन एवं क्षेत्र से आए किसान पूर्व अध्यक्ष  बलबीर गौतम   खजुराहो प्रदीप खंडेलवाल. कमलनयन अवस्थी अचनार एवं बद्री अवस्थी टिकरी कमलेश पाठक खरोई  पुष्पेंद्र नायक रामगोपाल नायक लकी नायक श्री राम चौबे ब रामेश्वर अवस्थी बेनीगंज उप सरपंच एकराम अवस्थी संजू अवस्थी कल्लू पटेल धूराम पटेल मुन्ना प्रजापति इस मीटिंग में और भी क्षेत्र से आए बहुत सारे किसान मौजूद रहे

कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ का किया आकस्मिक निरीक्षण

पुष्पराजगढ़ कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने आज जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र, ओपीडी कक्ष, एएनसी कक्ष, दवा वितरण केंद्र, पैथोलॉजी कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आयुष्मान कक्ष, ड्रेसिंग कक्ष, प्रसाधन कक्ष, इंजेक्शन कक्ष सहित विभिन्न कक्षों का जायजा लिया तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण करते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री सुधाकर सिंह बघेल, खंड चिकित्सा अधिकारी पुष्पराजगढ़ डॉ० एस.के. सिंह सहित अन्य चिकित्सकीय स्टाफ उपस्थित थे। आयुष्मान कक्ष के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड बनाने की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत में डोर टू डोर सर्वे कर 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए तथा हितग्राहियों को मोबलाईज किया जाए। इस दौरान कलेक्टर ने दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया तथा दवा वितरण संधारित पंजी का भी अवलोकन किया। जिसमें आज 12ः00 बजे तक 15 मरीज तथा गत दिवस 22 मरीजों को दवा का वितरण किया गया था। इस दौरान कलेक्टर ने खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने आए हुए मरीज को ओपीडी एवं पैथोलॉजी में जांच सुविधा अल्प समय में उपलब्ध कराई जाए, जिससे वह समय पर चिकित्सक को जाँच रिपोर्ट दिखाकर दवा वितरण केन्द्र से दवा प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि इनका एक ही कामन रजिस्टर संधारित किया जाए व बेहतर लिस्टिंग की जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु आए ग्रामीण मनोहर सिंह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। इसी प्रकार लोमरा चंदेल से भी कलेक्टर ने चर्चा की। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के परिजनों को रोकने व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों के परिजनों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिस पर कलेक्टर ने वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश खंड चिकित्सा अधिकारी पुष्पराजगढ़ को दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पैथोलॉजी कक्ष का भी निरीक्षण कर जांच संधारित पंजी का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जांच कराने आए हुए ओपीडी मरीजों की रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रदान की जाए, जिससे वह अपना इलाज करा कर समय पर घर लौट सकें। इस दौरान कलेक्टर ने खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे मरीज का पूरी जांच सहित अंतिम उपचार हो सके, ताकि उसे बार-बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर न काटने पड़े। इस दौरान कलेक्टर ने प्रशाधन कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा प्रतिदिन साफ सफाई कार्य के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान डेसिंग कक्ष की व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रसाधन कक्ष और डेसिंग कक्ष को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।

लोकायुक्त की टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथों धरा

दमोह दमोह में शुक्रवार को सागर लोकायुक्त की टीम ने जमीन के सीमांकन के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा। इमलाई गांव के निवासी शुभम चौधरी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता के नाम के प्लाट के सीमांकन के लिए पटवारी तखत सिंह 25,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। आवेदक शुभम के बार-बार निवेदन करने के बाद भी पटवारी ने काम नहीं किया और अंततः 15,000 रुपये में बात तय हुई। शुभम इस रिश्वत को देना नहीं चाहता था, इसलिए उसने सागर लोकायुक्त को पूरे मामले की जानकारी दी और एक वॉइस रिकॉर्डिंग भी सौंपी। शुक्रवार को रिश्वत की राशि देने का समय निर्धारित किया गया, जिसके बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई की योजना बनाई। सागर लोकायुक्त कार्यालय ने शुभम को रंग लगे हुए 15,000 रुपये के नोट दिए और उसे इमलाई पंचायत में पटवारी से मिलने के लिए भेजा। जैसे ही पटवारी तखत सिंह ने रिश्वत की रकम ली, मौके पर मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के तहत पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस ट्रैप ऑपरेशन में निरीक्षक रंजीत सिंह और रोशनी जैन समेत लोकायुक्त का स्टाफ शामिल रहा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है। वहीं, आवेदक शुभम चौधरी ने लोकायुक्त की मदद से बिना रिश्वत दिए सीमांकन का काम पूरा करवाने की उम्मीद जताई है।

जबलपुर कृषि उपज मंडी में खाद्य विभाग का छापा, भारी मात्रा में मिला चाइनीज लहसुन जप्त

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर कृषि उपज मंडी में आज सुबह-सुबह खाद्य विभाग ने छापा मार करवाई कर भारी मात्रा में चाइनीज लहसुन बरामद किया है। मंडी में खाद्य विभाग का छापा पड़ने से हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग ने व्यापारियों के यहां छापा मार कुछ लहसुन भी जब्त किया है। जिसे जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा। दरअसल खाद्य विभाग को जानकारी मिली थी कि बाजार में चाइनीज लहसुन बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर कई दुकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की। टीम ने मौके से लहसुन भी जब्त किया है। जिसे जांच के लिए भोपाल भेजा जा रहा है। खाद्य विभाग का कहना है की जांच रिपोर्ट के आने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बतादें कि मार्केट में लहसुन के दाम ज्यादा होने पर चाइनीज लहसुन भी मार्केट में आ गया है। खाद्य विभाग का कहना है कि चाइनीज लहसुन के खिलाफ उनकी छापा मार कार्रवाई निरंतर जारी की जाएगी। खाद्य विभाग इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिर मार्केट में चाइनीज लहसुन आया कहां से है और इसमें कौन लोग शामिल है।

आयुक्त लोक शिक्षण राज्य स्तरीय बैण्ड प्रतियोगिता में हुई शामिल

भोपाल बैण्ड गतिविधियां, विद्यार्थियों में लयबध्द संगीत के साथ अनुशासन और टीम भावना विकसित करती है । स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहना चाहिए। इससे उनका समग्र रूप से विकास होता है। मध्यप्रदेश के स्कूलों ने राष्ट्रीय स्तर की बैण्ड प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर देश भर में अपने राज्य का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि बैण्ड गतिविधियों का अधिक से अधिक विद्यालयों में विस्तार किया जायेगा। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित केम्पियन स्कूल में राज्य स्तरीय बैंड प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने गुब्बारे उड़ाकर बैण्ड प्रतियोगिता के शुभारंभ की उद्घोषणा की। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के साथ साहित्यिक, गीत-संगीत, खेलकूद और योग से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मैदान में उपस्थित दर्शकों ने प्रदेश के सभी से संभागों से शामिल हो रहे ब्रास बैंड और पाइप बैंड की 19 विजेता टीमों के सहभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर संचालक लोक शिक्षण डी.एस. कुशवाहा भी मौजूद थे। प्रतियोगिता में ब्रास बैंड और पाइप बैंड श्रेणियों की विजेता टीमों के द्वारा राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी की जायेगी। राष्ट्रीय स्तर की विजेता और उप विजेता टीम को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता करने का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से मध्यप्रदेश की बैण्ड टीम को गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता का अवसर मिल रहा है। प्रदेश में इस वर्ष स्कूल बैण्ड प्रतियोगिता संभागीय स्तर और इसके बाद राज्य स्तर पर आयोजित की जा रही है। वर्ष 2023 में वेस्टर्न जोन बैण्ड प्रतियोगिता का आयोजन शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पुणे में आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश से बालिका ब्रास बैण्ड प्रतियोगिता में भोपाल के कार्मल कॉन्वेन्ट स्कूल बीएचईएल और मॉडल स्कूल टीटी नगर, बालक पाइप बैण्ड प्रतियोगिता में ओलम्पस स्कूल विदिशा, ब्रास बैण्ड बाल प्रतियोगिता में सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल इटारसी ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।  

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