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अब तक 19 हजार 317 से अधिक गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके

भोपाल राज्य सरकार द्वारा भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को आयुष्मान ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके तहत गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे हैं। अब तक 19 हजार 317 से अधिक गैस पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधीन संचालित 6 अस्पतालों एवं 9 औषधालयों में सभी प्रकार के उपचार एवं आवश्यकतानुसार सुविधाएँ निःशुल्क दी जा रही हैं। साथ ही आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी अनुबंधित अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष प्रकरणों में इस योजना में निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त इलाज पर खर्च होने पर संबंधित अस्पताल को उसकी प्रतिपूर्ति गैस राहत विभाग द्वारा की जाती है। गैस पीड़ित मरीज एवं उनके बच्चों को किडनी, लीवर ट्रॉन्सप्लांट एवं अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये विशेष प्रकरण मानते हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। भोपाल गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों को कैंसर के उपचार के लिये गैस राहत विभाग द्वारा तीन निजी अस्पतालों एवं एम्स भोपाल के साथ अनुबंध भी किया गया है। यहाँ पीड़ितों को कैंसर के उपचार की नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है। गैस राहत विभाग के अधीन संचालित सभी अस्पतालों में गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के उपचार के लिये अत्याधुनिक इमरजेंसी यूनिट सातों दिन 24 घंटे संचालित की जा रही हैं। गैस पीड़ित मरीजों एवं उनके बच्चों के किडनी रोग (सी.के.डी.- IV) व अतिगंभीर मरीजों के उपचार के लिये कमला नेहरू अस्पताल, भोपाल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना भी की गई है। इसमें 13 डायलिसिस मशीनें लगाकर मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणी), (जिनको राज्य शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती हैं), को इस पेंशन राशि के अलावा भोपाल गैस राहत विभाग द्वारा एक हजार रूपये प्रतिमाह अतिरिक्त पेंशन भी दी जा रही है। वर्तमान में करीब 4 हजार 406 गैस पीड़ित विधवाओं (कल्याणियों) को यह पेंशन दी जा रही है।  

CM यादव जर्मनी और इंग्लैंंड में निवेशकों से मुलाकात करेंगे, विदेश से एमपी में निवेश लाया जा सके

भोपाल  मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव पहली बार विदेश यात्रा पर जाएंगे। वे नवंबर के अंतिम सप्ताह में इंग्लैंड और जर्मनी के दौरे पर रहेंगे। मध्य प्रदेश की खासियत बता विदेश से निवेश लाने का प्रयास करेंगे। वे इंग्लैंड में लंदन, जर्मनी में म्यूनिख में उद्योग जगत की हस्तियों से मिलेंगे। सीएम का पूरा फोकस फार्मास्यूटिकल, आइटी, माइंस, टूरिज्म और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में निवेश लाने पर रहेगा। दोनों देशों में कला-संस्कृति पर चर्चा होगी। वे ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी’ समूहों से भी भेंट करेंगे। दो रीजनल कॉन्क्लेव शेष डॉ. मोहन यादव (Dr Mohan Yadav) ने सीएम बनने के बाद से रीजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव (Regional Industry Conclave) का सिलसिला शुरू किया है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा के बाद अब नर्मदापुरम और शहडोल में कॉन्क्लेव होना शेष है। फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होगी। पूरी दुनिया को जानना चाहिए कि एमपी कितना समृद्ध हमारा प्रदेश संस्कृति के साथ ही संसाधनों में भी समृद्ध है। यह बात पूरी दुनिया को जानना चाहिए। मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश लाना सरकार को लक्ष्य है और इसी क्रम में विदेश का रुख भी कर रहे हैं। -डॉ. मोहन यादव, सीएम

सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना में बनने वाला बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूर्ण उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर 2024 माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएं। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूर्ण कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर 2024 तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में 7 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग श्री बीएस जामोद, आईजी श्री एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज श्री अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

बिजली उपभोक्ता अब उपाय ऐप के जरिए भी करा सकेंगे केवायसी

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ईकेवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उपाय ऐप के जरिए भी ईकेवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 04 लाख 11 हजार 022 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया के तहत नर्मदापुरम ग्रामीण में 48 हजार 024, बैतूल ग्रामीण में 71 हजार 171, राजगढ़ ग्रामीण में 24 हजार 473, शहर वृत्त भोपाल में 30 हजार 732, भोपाल ग्रामीण में 32 हजार 187, गुना ग्रामीण में 28 हजार 257, विदिशा ग्रामीण में 34 हजार 198, सीहोर ग्रामीण में 17 हजार 598, ग्वालियर ग्रामीण में 13 हजार 627, शहर वृत्त ग्वालियर में 14 हजार 140, अशोकनगर ग्रामीण में 12 हजार 621, दतिया ग्रामीण में 14 हजार 685, रायसेन ग्रामीण में 18 हजार 141, शिवपुरी ग्रामीण में 15 हजार 491, हरदा ग्रामीण में 12 हजार 912, श्योपुर ग्रामीण में 05 हजार 921, मुरैना ग्रामीण में 10 हजार 889 एवं भिण्ड ग्रामीण में 05 हजार 955 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।  

पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में ली सदस्यता

सीहोर पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के पुत्र पूर्व मंत्री दीपक जोशी की भाजपा में वापसी हो गई है। वह केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नांदनेर में भाजपा में शामिल हो गए। लगभग डेढ़ साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान दीपक जोशी ने भाजपा से रिश्ते खत्म कर कांग्रेस की तरफ रुख किया था। उस समय खुद कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के दावेदार कमलनाथ ने उसको सदस्यता दिलाई थी। पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने चार नवंबर को भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया था, जबकि उससे चार दिन पहले उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में बुधनी विधानसभा क्षेत्र में एक सभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के लिए वोट मांगते हुए कहा था कि इनको भारी बहुमत से जीताएं। कांग्रेस में हार और भाजपा में वापसी आठ महीने पहले दीपक जोशी की भाजपा में वापसी का कार्यक्रम लगभग तय था, लेकिन अंत में वह टल गया था। पार्टी में उनकी वापसी को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। चुनाव से पहले दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस के टिकट पर खातेगांव सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि वह 12,542 वोटों से हार गए थे।

पी. नरहरि ने शहडोल संभाग में जल-जीवन मिशन के तहत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक ली

भोपाल सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने शहडोल संभाग में जल-जीवन मिशन के तहत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक ली। सचिव, श्री नरहरि ने कहा कि जल-जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति में तेजी लायें, 31 मार्च तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण किये जायें और निर्माण एजेंसियों के प्रदर्शन पर निगरानी रखी जाये। जो निर्माण एजेंसियाँ अपने कार्यों में ढिलाई बरत रही हैं, उन्हें हटाकर पुन: टेण्डर प्रक्रिया की जाये, जिससे समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता वाले कार्य सुनिश्चित हो सकें। सचिव, श्री नरहरि ने निर्देश दिये कि जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जल-जीवन मिशन के कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करें और साथ ही समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति प्रदान करें। उन्होंने जल निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से आपस में समन्वय कर कार्यों को संपादित करने को कहा। सचिव, श्री नरहरि ने कहा कि हर घर तक शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये और इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपे जाने की व्यवस्था की जाये। बैठक में जल निगम के प्रबंध संचालक श्री के.वी. चौधरी ने शहडोल संभाग में जल निगम द्वारा कराये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता के लिये तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिये। सचिव श्री नरहरि ने कहा कि सरकार की जल-जीवन मिशन के प्रति प्रतिबद्धता और समग्र विकास की दिशा में प्रयासों को और भी मजबूत किया जायेगा। प्रमुख अभियंता श्री के.के. सोनगरिया, मुख्य अभियंता श्री एच.एस. गौड़ और सभी अधिकारी उपस्थित रहे।  

नगरीय निकाय एवं पंचायतों के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित, मतदान 9 दिसम्बर को

भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय और पंचायतों के रिक्त पदों के लिये उप-निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 9 दिसम्बर, 2024 को होगा। सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने जानकारी दी है कि निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन के साथ नाम निर्देशन-पत्र 18 नवम्बर से लिये जायेंगे। नाम निर्देशन-पत्र 25 नवम्बर तक लिये जायेंगे। नाम निर्देशन-पत्रों की संवीक्षा 26 नवम्बर को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 28 नवम्बर है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। मतदान नगरीय निकायों में सुबह 7 से शाम 5 बजे तक और पंचायतों में सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक होगा। मतगणना नगरीय निकायों में 12 दिसम्बर को सुबह 9 बजे से होगी। पंच पद के लिये मतगणना मतदान केन्द्र पर ही मतदान समाप्ति के तुरंत बाद होगी। सरपंच पद के लिये मतगणना 13 दिसम्बर को विकासखण्ड मुख्यालय पर सुबह 8 बजे से होगी। नगरीय निकायों में नगरपालिक निगम रीवा में वार्ड-10 और नगर परिषद जैतहरी में वार्ड-6 के पार्षद पद के लिये निर्वाचन होना है। पंचायतों में 4360 पंच और 2 सरपंच पद के लिये निर्वाचन होना है।  

हाई कोर्ट ने 12 जजों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए, मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत ने दिया आदेश

जबलपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत के आदेश पर 12 जजों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। जिला सत्र न्यायाधीश, इंदौर ओमप्रकाश रजक को जिला एवं सत्र न्यायााधीश, पाटन, जबलपुर के रिक्त पद पर स्थानांतरित किया गया है। लीगल सर्विस अथार्टी, खंडवा के सचिव यशवंत मालवीय को ओमप्रकाश रजक के स्थान पर इंदौर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित किया गया है।इसी प्रकार प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश सतना अजय श्रीवास्तव को इंदौर में भगवती प्रसाद शर्मा के स्थान पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित कियाा गया है। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के सदस्य सचिव रत्नेश चंद्र बिसेन को प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश, सतना अजय श्रीवास्तव के स्थान पर ट्रांसफर किया गया है। अतुल कुमार खंडेलवाल , प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, सागर को प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट, भोपाल में भौरेलाल प्रजापति के स्थान पर ट्रांसफर किया गया है। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धरमिंदर सिंह के अनुसार सात सिविल जज, सीनियर डिवीजन को भी स्थानांतरित किया गया है, इसमें शिवराज सिंह गवाली पन्ना से इंदौर, मोहम्मद नियामत हुसैन रिजवी आस्टा-सीहोर से ग्वालियर, द्वारका प्रसाद रतलाम से जबलपुर, निधि शाक्यवार पन्ना से इंदौर, अमरीश भारद्वाज इंदौर से सिवनी, श्वेता खरे ग्वालियर से जबलपुर और जगमोहन सिंह परासिया-छिंदवाड़ा से जबलपुर स्थानांतरित किए गए हैं।

शहर में विशेष सशस्त्र बल में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक एएसआइ ने खुद के सिर में सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर खुदकुशी की

आलीराजपुर शहर में विशेष सशस्त्र बल में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) ने खुद के सिर में सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। घटना के समय वे किसी से मोबाइल पर बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अचानक रिवाल्वर निकाली और सिर में गोली मार ली। लोग गोली चलने की आवाज सुन पास के मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर एएसआइ के शव के पास रिवाल्वर और मोबाइल पड़े मिले हैं। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच कर रहे है। खुदकुशी का कारण अब तक सामने नहीं आ पाया है। मामला गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे की है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मूल रूप से मरीमाता रामबाग कालोनी इंदौर के निवासी एएसआइ रविंद्र परमार विशेष सशस्त्र बल में आलीराजपुर में पदस्थ थे। वे अपनी ड्यूटी से बटालियन कैंप में लोटे थे। यहां वे शासकीय आवास के बाहर किसी से मोबाइल पर बात कर रहे थे। इसी दौरान एकाएक उन्होंने अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाली और खुद के सिर में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुन बटालियन में पदस्थ अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलने के बाद आलीराजपुर में मौजूद इंदौर रेंज ग्रामीण डीआइजी निमिष अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। आत्महत्या के कारण का नहीं हुआ खुलासा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया और शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। प्रारंभिक तौर पर पुलिस को आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। इंदौर में रह रहे एएसआइ के स्वजन को पुलिस ने सूचना दे दी है। कोतवाली पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। परिजन के बयान के बाद सुलझेगी गुत्थी एएसआइ का परिवार इंदौर में था। वह यहां अकेले ही रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एएसआइ तनाव में थे। हालांकि इसका कारण सामने नहीं आ पाया है। कोतवाली थाना प्रभारी शिवराम तरोले ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मृत एएसआइ के स्वजन आलीराजपुर पहुंच रहे हैं। परिजन के बयान लिए जाएंगे। घटना के समय एएसआइ किससे बात कर रहे थे, यह सीडीआर से सामने आएगा। मौके से रिवाल्वर व मोबाइल भी बरामद किया है।

युवाओं को शीर्ष कंपनियों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना’ युवाओं को भारत की शीर्ष कंपनियों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर प्रदान करती है, जो उनके कौशल और रोजगार योग्यता को सशक्त बनाएगी। योजना में 12 माह की इंटर्नशिप से युवाओं को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण मिलेगा और भविष्य में रोज़गार के अवसर भी सुलभ होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का लाभ लेने की अपील की है। योजना में शामिल होने 10 नवम्बर तक आवेदन किये जा सकते है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना” युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिये केन्द्रीय कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना है, जिससे उन्हें वास्तविक कार्यानुभव प्राप्त हो सके और व्यावसायिक कौशल में वृद्धि हो। योजना का उद्देश्य योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को व्यावसायिक वातावरण से परिचित करवाना है। इंटर्नशिप के दौरान उन्हें उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण, नवीनतम तकनीक और प्रक्रियाओं के माध्यम से ज्ञान अर्जित करने का अवसर मिलेगा। यह योजना युवाओं को न सिर्फ कार्यकुशल बनाएगी साथ ही उन्हें भविष्य में रोजगार के अवसर प्राप्त करने में भी सहायता करेगी। पात्रता और लाभ प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 21 से 24 वर्ष के युवा पात्र होंगे, जिनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं या उससे अधिक हो। चयनित युवाओं को इंटर्नशिप की अवधि में 5 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेण्ड और इंटर्नशिप पूर्ण होने पर एकमुश्त 6 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम 12 माह का होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 10 नवंबर युवाओं को योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीयन लिंक https://pminternship.mca.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2024 निर्धारित की गई है। युवा योजना संबंधी अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800116090 और पंजीयन में सहायता के लिये निकटतम शासकीय इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक या आईटीआई से संपर्क कर सकते हैं। अन्य राज्यों में भी अवसर मध्यप्रदेश के युवा अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध इंटर्नशिप अवसरों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।  

सशक्त आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव है स्वस्थ नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और विस्तृत बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव स्वस्थ नागरिकों से बनती है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक, चाहे वह शहर में हो या दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में, उन्नत चिकित्सा सेवाओं तक आसानी से पहुंच सके। इसी उद्देश्य से राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे ये केंद्र जिला अस्पतालों के समान उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी नागरिकों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वस्थ नागरिकों से ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और हर क्षेत्र में लोग पूरी ऊर्जा से समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें। चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और मैनपॉवर की बढ़ोतरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के “स्वस्थ भारत सशक्त भारत” के दृष्टिकोण के तहत चिकित्सा शिक्षा का भी तेजी से विस्तार कर रही है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में 17 सरकारी और स्वशासी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है। हाल ही में सिवनी, नीमच, और मंदसौर में नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन शुरू हुआ है और 8 अन्य मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 12 और मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई है, जिससे प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा। 30 हज़ार से अधिक चिकित्सकीय, सहायक चिकित्सकीय पदों पर होगी भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप राज्य में शीघ्र ही 30 हजार से अधिक चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय मैनपॉवर की भर्ती की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में और सुधार होगा। आधुनिक तकनीक और सेवाओं का समावेश मध्यप्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में MRI, CT स्कैन, और PET CT जैसी आधुनिक उपकरणों की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए 42 प्रकार की एंटी-कैंसर दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। राज्य के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में अब 132 प्रकार की जांच सेवाएं उपलब्ध हैं, जबकि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 80 प्रकार की जांच की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में 324 हब और 1,610 स्पोक स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रतिदिन 35 हजार से अधिक जांचें जिला स्तर पर और 32 हजार से अधिक जांचें हब और स्पोक पर हो रही हैं। इसी तरह सभी जिला अस्पतालों में अब डायलिसिस, CT स्कैन और डिजिटल एक्स-रे की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश का एमवाय (महाराजा यशवंतराव) अस्पताल इन्दौर देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए उन्नत सीएआर-टी थेरेपी शुरू की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुफ्त दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के शासकीय अस्पतालों में मुफ्त दवाओं की उपलब्धता में भी बड़ी वृद्धि की गई है। जिला अस्पतालों में 295 से बढ़ाकर 530 प्रकार की दवाएँ, सिविल अस्पतालों में 448, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 373 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 299 प्रकार की दवाएँ मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार मध्यप्रदेश सरकार मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठा रही है। राज्य में विशेष नवजात देखभाल इकाइयाँ (SNCU) और बाल गहन चिकित्सा इकाइयाँ (PICU) स्थापित की गई हैं, ताकि माताओं और नवजात शिशुओं को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्राप्त हो सके। हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों की समय पर पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सुरक्षित प्रसव के लिए बर्थ वेटिंग रूम का संचालन और किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को आयरन फॉलिक एसिड सप्लीमेंट की सुविधा प्रदान की जा रही है।

नशीली सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई, 10 -10 साल सश्रम कारावास

रीवा रीवा शहर में नशीली सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। आरोपी शहर में नशीली प्रतिबंधित सिरप की सप्लाई करते थे। नशे की खेप लाने के लिए कार का इस्तेमाल करते थे।  फिर शहर के कबाड़ी मोहल्ले स्थित अपने गोदाम से नशे का नेटवर्क संचालित करते थे। मामले में आरोपियों को सजा विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट केशव सिंह की अदालत से सुनाई गई है। लोक अभियोजन ने बताया कि नशा तस्कर इरशाद खान और अनुराग त्रिपाठी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इरशाद लंबे समय से नशा तस्करी में जुड़ा हुआ था, पुलिस ने इसके घर में भी एक बार छापा मारा था। जहां से भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप तहखाने से बरामद हुई थी। पुलिस को सूचना मिली थी 25 मई 2023 को कुछ लोग नशे की खेप लेकर रीवा के करहिया मार्ग से होकर लाडली लक्ष्मी मार्ग के रास्ते रीवा शहर में प्रवेश करेंगे। पुलिस ने लाड़ली लक्ष्मी मार्ग पर चेकिंग अभियान शुरू किया। वहां पुलिस को एक अल्टो कार आती हुई नजर आई। पुलिस ने कार की चेकिंग की कार के दौरान अंदर से 2160 सीसी नशीली कफ सिरप बरामद की। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले को कोर्ट में पेश किया। जहां सुनवाई के बाद दोनों आरोपी अनुराग त्रिपाठी और इरशाद को 10 साल की सजा सुनाई। एक लाख रुपए का जुर्माना ना अदा करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वर्तमान में जिस तरीके से पूरा रीवा शहर में नशा छाया हुआ है। उसको देखकर माना जा रहा है यह नशे के खिलाफ एक बड़ा प्रहार है।

Ladli Behna Yojana: जल्द आएगी लाड़ली बहना योजना की 18 वीं किस्त, खाते में आएंगे 1250 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किस्त जल्द ही पात्र महिलाओं के खाते में आएगी। सरकार हर महीने की 9तारीख को और कभी इससे पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपये की किस्त जारी करती है। नवंबर की 9 तारीख अब पास आ रही है, ऐसे में जल्द महिलाओं के खाते में योजना की किस्त आ सकती है। मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाएं लाड़ली बहना योजना का लाभ उठा रही हैं। पिछले महीने दमोह जिले के सिंग्रामपुर से सीएम ने महिलाओं के खाते में 1574 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए भेजी थी। इस बार किस्त जल्दी आने के कयास थे राखी के समय में एमपी सरकार द्वारा लाड़ली बहनों को 1250 रुपये की किस्त के साथ 250 रुपये अलग से दिए गए थे। इस बार लाड़ली बहना यह कयास लगाए हुई थी कि दीपावली और छट पूजा को देखते हुए किस्त जल्दी जारी की जा सकती है। मध्य प्रदेश मार्च 2023 में हुई थी योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत विधानसभा से पहले 5 मार्च 2023 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य में सुधार करना है। इसके जरिए परिवार में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना भी एक उद्देश्य है। ऐसे चेक करें किस्त मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ ले रही महिलाओं को www.cmladlibahna.mp.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति को देखना होगा। इसे देखने के लिए आवेदन नंबर या सदस्य समग्र आईडी डालकर सबमिट करना होगा। इसके बाद समग्र आईडी से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आए, जिसे साइट पर डालना होगा। इसके बाद किस्त की जानकारी सामने आ जाएगी। महिलाओं को इस योजना से मिला बल लाड़ली बहना योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं को मिला है। 1250 रुपये से वे अपनी जरूरत का सामान लेने के साथ, इन रुपयों की बचत भी कर रही हैं। सरकार द्वारा दी जा रही इस राशि से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं।

सड़क, बिजली, पार्किंग, पेयजल सहित इज्तिमा आयोजन की सभी व्यवस्थाओं को समय पर करना सुनिश्चित करें- मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल सड़क, बिजली, पार्किंग, पेयजल सहित इज्तिमा आयोजन की सभी व्यवस्थाओं को समय पर करना सुनिश्चित करें। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने यह निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने ईंटखेड़ी में इज्तिमा आयोजन की तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भोपाल में मुस्लिम समाज का एक बड़ा आयोजन इज्तिमा होता है। इस आयोजन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं के आने-जाने और ठहरने के साथ अन्य सभी व्यवस्थाओं को संबंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदारी के साथ समय पर पूरा करेंगे। श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि 29, 30 नवम्बर एवं एक एवं 2 दिसम्बर को होने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा में शामिल होने वाले श्रद्धालु खुशी से वापस जायें, ऐसी व्यवस्थाएँ की जायें। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने विभागवार कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल ईंटखेड़ी को जोड़ने वाले विभिन्न मार्गों और आयोजन स्थल के आंतरिक मार्गों के निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं हैं। अधिकारी इस ओर ध्यान देना सुनिश्चित करें। अगले एक हफ्ते में व्यवस्थाएँ होना चाहिये। उन्होंने पार्किंग, पार्किंग रैम्प, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्थाओं पर विभिन्न अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में बताया गया कि इज्तिमा आयोजन कमेटी के 25 हजार वॉलेंटियर्स आयोजन के दौरान 24×7 काम करते हैं। इस बार इज्तिमा में सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित रखेंगे। आयोजन स्थल पर धूल नहीं उड़े, इसके लिये भी व्यवस्था की जायेगी। पर्याप्त साफ-सफाई के साथ सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग कर गीले कचरे से खाद बनाने की पहल भी की जायेगी। बैठक में विधायक बैरसिया विष्णु खत्री, अपर मुख्य सचिव अजीत केसरी, कलेक्टर भोपाल कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक भोपाल ग्रामीण प्रमोद कुमार सिन्हा, इज्तिमा आयोजन कमेटी के डॉ. उमर हफीज खान, आरिफ गौहर खान, मुख्तार उद्दीन, सभी विभागों के जिला अधिकारी और आयोजन कमेटी के सदस्य मौजूद थे।  

सुशासन एवं अभिनव सफल प्रथाओं के लिये किये जा रहे प्रयासों की पहचान करना राज्य नीति आयोग का प्रमुख कार्य

योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग में बेस्ट प्रैक्टिसेस के आवेदन आमंत्रित नीति आयोग जिलों के नवाचार और बेस्ट प्रेक्टिसेस को प्रोत्साहित करने एक मंच प्रदान कर रहा  सुशासन एवं अभिनव सफल प्रथाओं के लिये किये जा रहे प्रयासों की पहचान करना राज्य नीति आयोग का प्रमुख कार्य नीति आयोग कर रहा है प्रोत्साहित भोपाल प्रमुख सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग संजय कुमार शुक्ल ने जिला कलेक्टर्स को जिले में हो रहे नवाचार एवं बेस्ट प्रेक्टिसेस को प्रोत्साहित करने के लिये नीति आयोग के निर्देशानुसार आवेदन आमंत्रित करने पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि नीति आयोग जिलों के नवाचार और बेस्ट प्रेक्टिसेस को प्रोत्साहित करने एक मंच प्रदान कर रहा है। इसके लिये विषयवार संगोष्ठी का आयोजन प्रस्तावित है। सुशासन एवं अभिनव सफल प्रथाओं के लिये किये जा रहे प्रयासों की पहचान करना राज्य नीति आयोग का प्रमुख कार्य है। प्रमुख सचिव शुक्ल ने कहा है कि आयोग द्वारा जिलों से प्राप्त आवेदनों को उनके नवाचार के आउटकम, रिप्लीकेबिलिटी और स्केलेबिलिटी के आधार पर चयनित किया जाएगा। चयनित किए गए जिलों के कलेक्टर या उनके जिलों के उप सचिव स्तर से अनिम्न अधिकारी को संगोष्ठी में प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया जाएगा अथवा बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रकाशन किया जाएगा। इस संबंध में समन्वय हेतु ईश गुप्ता, कसलटेंट, राज्य नीति आयोग (ईमेल gupta.ish@mp.gov.in मोबाईल- 9826050969) से संपर्क किया जा सकता है। सभी को निर्देशित किया गया है कि संलग्न लिंक में अपने जिलों की बेस्ट प्रेक्टिसेस की जानकारी प्रविष्ट करें। सभी जिले गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन जमा करने के पात्र होंगे। आवेदन की गूगल फॉर्म की लिंक तथा जानकारी प्रारूप संलग्न है। लिंक एवं जानकारी प्रारूप के लिये यहां क्लिक करें।  

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