LATEST NEWS

दिल्ली में दिवाली पर 2 दिन में आईं हादसों की 700 से ज्यादा कॉल, आग के सभी रिकॉर्ड टूटे

नई दिल्ली। दिवाली के जश्न के बीच इस बार राजधानी दिल्ली में आग लगने की 700 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं। दमकल विभाग को आग लगने की घटनाओं की रिकॉर्ड 400 कॉल मिलीं, जो पिछले दिन की तुलना में 80 अधिक थीं। यह 24 घंटे के भीतर प्राप्त होने वाली सबसे ज्यादा कॉल हैं। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के अनुसार, उन्हें 31 अक्टूबर को 320 कॉल और 1 नवंबर को 400 कॉल मिलीं। डीएफएस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “कुछ लोगों ने कल (शुक्रवार को) भी दिवाली मनाई थी। दोनों ही दिनों में रिकॉर्ड टूट गया है। 31 अक्टूबर को हमें करीब 320 आग लगने की कॉल आईं और 1 नवंबर को हमें करीब 400 कॉल आईं, इसलिए यह एक बहुत बड़ी संख्या है।” उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली फायर सर्विस को 24 घंटे के भीतर इतनी कॉल इससे पहले कभी नहीं आईं। वहीं, कूड़े वाले क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं की लगभग 100 कॉल प्राप्त हुईं। अतुल गर्ग ने कहा, “दिल्ली फायर सर्विस ने 24 घंटे के भीतर इतनी कॉल कभी अटेंड नहीं की… कूड़े में आग लगने की करीब 100 कॉल प्राप्त हुईं… आज अभी तक के आंकड़ों के अनुसार, कहीं भी कोई मौत नहीं हुई है।” गर्ग ने इससे पहले शुक्रवार को कहा था कि इस बार पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा कॉल आई हैं, लेकिन मैं कहूंगा कि पटाखों के कारण आग लगने की केवल एक कॉल आई है। कल आग पटाखों की वजह से लगी थीं, लेकिन इससे ज्यादा आग दूसरे कारणों जैसे मोमबत्ती, दीया, लाइटिंग में शॉर्ट सर्किट आदि की वजह से लगी थी। पिछले सालों में पटाखों की वजह से आग लगने की करीब 130 कॉल आती थीं, लेकिन इस बार पटाखों की वजह से आग की कॉल कम आई हैं। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि उन्हें समझना चाहिए कि पटाखे नहीं जलाने चाहिए क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है और इससे भविष्य में हमें भी नुकसान होगा। इसके अलावा, एक अलग घटना में, मंगोलपुरी इलाके में आज सुबह 75 वर्ग गज में चार मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। इस मकान की मंजिलों पर टेंट गोदाम था। आग लगने के चलते दूसरी मंजिल पर रहने वाली एक महिला और दो बच्चे झुलस गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। छह दमकल गाड़ियों ने आग बुझाई। वहीं, दिल्ली में नांगलोई के पास राजधानी पार्क इलाके में एक गत्ता फैक्ट्री में भी आग लगने की एक और घटना सामने आई। दिल्ली में शाहदरा के पास कांति नगर में एक बैंक्वेट हॉल के पंडाल में भी आग लग गई। नजफगढ़ इलाके में एक डीटीसी बस में आग लग गई, जब एक यात्री पटाखे में इस्तेमाल होने वाला पोटाश ले जा रहा था, जिससे दो लोग घायल हो गए।

दीपावली के दो दिन बाद भी पटाखों पर लगी रोक के बाद हुआ, दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बरकरार

नई दिल्ली शनिवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की एक परत छा गई, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में ‘खराब’ स्तर दर्ज किया गया। दीपावली के दो दिन बाद भी पटाखों पर लगी सरकारी रोक के बावजूद ऐसा हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 294 था, जिसमें 18 इलाकों में एक्यूआई 300 से ऊपर था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सबसे प्रभावित इलाकों में आनंद विहार (380), आईजीआई एयरपोर्ट (341), आरके पुरम (340), और पंजाबी बाग (335) शामिल थे। इसके अलावा, 19 अन्य इलाकों में एक्यूआई 200-300 के बीच था, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जिनमें अलीपुर (295), जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (284) और मुंडका (288) भी शामिल हैं। दिल्ली के पड़ोसी शहरों में, हरियाणा के फरीदाबाद में एक्यूआई 165 था जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, जबकि गुरुग्राम में एक्यूआई 219 था, जो ‘खराब’ श्रेणी में गिना गया। उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक्यूआई 308 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है; ग्रेटर नोएडा में 202, जो ‘खराब’ श्रेणी में है; और नोएडा में एक्यूआई 250 पर था, जो समान रूप से ‘खराब’ वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। शुक्रवार को, दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रही, क्योंकि कई लोगों ने पटाखा बैन और सरकारी अपीलों के बावजूद शुक्रवार रात तक पटाखे जलाए। पिछले कुछ हफ्तों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण पराली जलाना और हवा का धीमा होना है। दिल्ली सरकार ने 14 अक्टूबर से 1 जनवरी, 2025 तक पटाखों पर रोक लगाई थी और इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए 377 प्रवर्तन टीमें तैनात की थीं। हालांकि, कई निवासियों ने इस रोक की अनदेखी कर दीपावली का जश्न मनाया, जिससे क्षेत्र की वायु गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा। एक्यूआई के मापदंडों के अनुसार: 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणियों में आता है।  

दिवाली पर दिल्ली में डबल मर्डर की पूरी कहानी, मिठाई लेकर आया, फिर पैर छूकर बरसा दीं गोलियां

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में दो हथियारबंद लोगों ने गुरुवार शाम अपने घर के बाहर दिवाली मना रहे एक चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, एक बच्चा घायल हो गया। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 17 दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घटना में आकाश शर्मा उर्फ ​​छोटू (40) और उसके भतीजे ऋषभ शर्मा (16) की मौत हो गई, जबकि कृष शर्मा (10) गोली लगने से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि पीड़ित शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में अपने घर के बाहर दिवाली मना रहे थे, तभी रात लगभग 8 बजे उन पर हमला हुआ। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी ने 17 दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। हिरासत में लिए गए नाबालिग और मृतक आकाश और उसके परिवार के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। जांच के अनुसार मृतक और आरोपी के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश का मामला सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया, पूछताछ जारी है। मिठाई देने के बहाने आया हत्यारा मृतक आकाश की मां ने कहा, “लक्ष्य नाम का एक लड़का पिछले 3-4 दिनों से हमारी गली में चक्कर लगा रहा था। कल वह मिठाई का डिब्बा लेकर हमारे घर आया और मुझसे कहा कि मैं वो डिब्बा ले लूं। जिस समय मेरा बेटा पटाखे फोड़ने की तैयारी कर रहा था, उसी समय लक्ष्य सहित दो लोग आए और फिर मैंने गोलियां चलने की आवाज सुनी। इसके बाद मैंने देखा कि मेरे बेटे को गोली मार दी गई।” अधिकारी ने बताया, ‘‘रात लगभग साढ़े 8 बजे पीसीआर कॉल आने पर पुलिस की एक टीम भेजी गई। टीम को घटनास्थल पर खून के धब्बे मिले।’’ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने आकाश शर्मा पर गोली चलाने से पहले उसके पैर छुए थे। सभी पीड़ितों को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि पास में खड़े आकाश शर्मा के बेटे कृष और भतीजे ऋषभ को भी गोलियां लगीं। अधिकारी ने बताया कि आकाश शर्मा और ऋषभ शर्मा को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि कृष शर्मा का इलाज चल रहा है। सीसीटीवी वीडियो में आकाश शर्मा, अपने भतीजे ऋषभ शर्मा (16) और बेटे कृष शर्मा (10) अपने घर के बाहर पतली सी सड़क पर पटाखे फोड़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद एक व्यक्ति दोपहिया वाहन पर आता है और आकाश शर्मा के पैर छूता है, जबकि दूसरा वहीं खड़ा रहता है। कुछ सेकेंड बाद, दूसरा व्यक्ति आकाश पर करीब पांच राउंड गोलियां चलाता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है और उनका बेटा घायल हो जाता है। जब आकाश का भतीजा हमलावरों के पीछे भागा, तो बदमाशों ने उसे भी गोली मार दी। पुलिस ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह आपसी दुश्मनी का मामला लगता है। रिपोर्ट के अनुसार, आकाश की पत्नी ने कहा कि वह हमलावरों को जानती है और उनके बीच कई सालों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाएंगे और इस संबंध में जांच जारी है।

लाइट्स लगाई थी दिवाली पर सजावट को, दिल्ली में करंट से मासूम की मौत; मकान मालिक पर केस

नई दिल्ली. दिल्ली में दिवाली के दिन दर्दनाक हादसा हो गया। जिसके कारण एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। भलस्वा इलाके में दिवाली के लिए लगाई गई लाइट्स के संपर्क में आने से पांच साल के बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई। पीड़ित सागर तीन बच्चों में सबसे छोटा था। वह अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ राधा विहार, मुकुंदपुर में रहता था। घटना मंगलवार को घटित हुई। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस नेबताया कि बच्चे की मां ने दावा किया कि उनके घर के मकान मालिक ने छत के चारों ओर सजावटी लाइटें लगाई थीं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘शाम करीब 7 बजे, मां ने बच्चे के पिता संतोष को बताया कि लाइट्स की वजह से सागर को करंट लग गया है। शुरुआत में, बच्चे को मुकुंदपुर के वेंकटेश मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया।’ बाद में, बच्चे को मुखर्जी नगर के न्यू लाइफ अस्पताल और फिर प्रशांत विहार के दूसरे अस्पताल में ले जाया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘रात करीब 10.30 बजे, बच्चे को शालीमार बाग के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’ पुलिस ने बताया कि मकान मालिक के खिलाफ भलस्वा डेयरी थाने में बीएनएस की धारा 287 (लापरवाह आचरण) और 106 (1) (लापरवाही के कारण मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसी तरह का मामला छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से भी सामने आया। जहां करंट लगने से दो नाबालिग लड़कों समेत तीन लोगों की मौत हो गई है और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मुंगेली जिले के पुलिस सुपरिटेंडेंट भोजराम पटेल ने बताया कि जिले के सरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत पथरिया गांव के करीब करंट की चपेट में आने से प्रियांशु यादव (15), अर्जुन यादव (15) और राम साहू (20) की मृत्यु हो गई तथा शिवा पांडे (20) घायल हो गया है।

धू-धू कर जलने लगी ग्रेटर नोएडा में बिल्डिंग, 3 फ्लोर पर लगी भीषण आग

नई दिल्ली. दिल्ली और आसपास के इलाकों में दीवाली धूमधाम से मनाई गई। हालांकि, राजधानी क्षेत्र में पटाखों पर बैन होने के बावजूद इसका कहीं कोई असर नहीं दिखा। लोगों ने प्रतिबंध की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। इसका एक जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला ग्रेटर नोएडा में। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईको विलेज 1 की बिल्डिंग में आग लग गई। आग की वजह बने नीचे जलाए जा रहे पटाखे और उसकी चिंगारी। रात को जब बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में आग लगी तो वहां हड़कंप मच गया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। दीवाली पर दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आग की खबरें सामने आई हैं। इस दौरान लगभग सभी मामलों में आग पटाखों की वजह से लगने की बात सामने आई है। ऐसा ही हुआ है ग्रेटर नोएडा की सुपरटेक ईको विलेज की बिल्डिंग में। दीवाली के जश्न के दौरान लोग नीचे पटाखों से आतिशबाजी कर रहे थे। इस दौरान पटाखे की चिंगारी ऊंचाई पर स्थित फ्लैट के किसी हिस्से तक पहुंच गई और वह धू-धूकर जलने लगी। देखते ही देखते आग बिल्डिंग के ऊपर स्थित तीन फ्लोर तक फैल गई। ऊंची लपटें देखकर बिल्डिंग में रहने वाले लोगों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फायर विभाग को फोन किया गया और आग को बुझाया। इस घटना में किसी तरह की हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं। दिवाली के मौके पर दिल्ली में अभी तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया है और 12 लोग जख्मी भी हुए हैं। दिल्ली फायर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दिवाली के मौके पर करीब 300 से ज्यादा जगहों से फोन आए, इसमें आग लगने की सूचना दी गई थी। दिल्ली फायर विभाग ने बताया कि पिछले 10 सालों में यह पहली बार है जब इतनी ज्यादा संख्या में आग को लेकर फोन कॉल्स आए हैं।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का एक्शन, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 7 शूटर्स गिरफ्तार

नई दिल्ली लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ पैन इंडिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 7 शूटर्स गिरफ्तार हुए हैं. सभी शूटर्स की गिरफ्तारी पंजाब और अन्य राज्यों से की गई है. पुलिस ने शूटर्स के पास से हथियार भी बरामद किए हैं. इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने भी शिकंजा कसा. एनआईए ने लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया है. अनमोल बिश्नोई उर्फ ​​भानु कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई है. वह सिंगर-राजनेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी आरोपी है. कौन है लॉरेंस का भाई, ज‍िसे NIA ने मोस्टवांटेड लिस्ट में क‍िया शामिल साल 2023 में जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. रिपोर्ट के मुताबिक वह फर्जी पासपोर्ट पर भारत से भाग गया था. अनमोल बिश्नोई कथित तौर पर अपने ठिकाने बदलता रहता है और पिछले साल उसे केन्या और इस साल कनाडा में देखा गया था. जानकारी में मुताबिक अनमोल बिश्नोई पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह जोधपुर जेल में सजा काट चुका है. अनमोल को 7 अक्टूबर 2021 को जमानत पर रिहा किया गया था. बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में भी आया नाम बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच को आरोपियों से पूछताछ में पता चला था कि शूटर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के सीधे संपर्क में थे. हत्या करने वाले संदिग्ध तीन शूटरों ने हत्या से पहले एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप (स्नैपचैट) के जरिए जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से बातचीत की थी. अनमोल बिश्नोई एक शूटर और साजिशकर्ता प्रवीण लोनकर के संपर्क में था. अनमोल कनाडा और अमेरिका से आरोपियों के संपर्क में था. एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की दशहरा की रात मुंबई के बांद्रा इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अब तक मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.  

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बस मार्शलों को अब चार महीने के लिए नौकरी देने का फैसला किया, प्रदूषण से लड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने दीपावली से ठीक पहले बस मार्शलों को एक बड़ा तोहफा देते हुए उनकी चार महीने की नौकरी फिक्स की है। अब ये बस मार्शल दिल्ली में प्रदूषण से लड़ते हुए दिखाई देंगे। दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले कई महीनों से बेरोजगार चल रहे बस मार्शलों को अब दिल्ली सरकार ने चार महीने के लिए नौकरी देने का फैसला किया है और यह नौकरी है दिल्ली में प्रदूषण से लड़ाई की है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बस मार्शल अब दिल्ली में प्रदूषण से लड़ते हुए दिखाई देंगे और अगले चार महीने तक उनकी नौकरी दिल्ली सरकार की तरफ से फिक्स की जा रही है। उसके बाद भी उनकी नौकरी पर दिल्ली सरकार की तरफ से जल्द ही कुछ न कुछ बेहतर किया जाएगा। पिछले महीने सौरभ भारद्वाज ने एलजी को पत्र लिखकर बस मार्शल के मुद्दे को सुलझाने और उन्हें नौकरी वापस दिलवाने के लिए समय भी मांगा था। लेकिन, अभी तक एलजी की तरफ से समय नहीं दिया गया है। दिल्ली सरकार की कोशिश थी कि 10 हजार बस मार्शलों को दीपावली से पहले उनकी नौकरी वापस मिल जाए। बस मार्शलों के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और दिल्ली के एलजी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि यह लोग नहीं चाहते कि दिल्ली में बस मार्शलों को नौकरी मिले और उनके परिवार खुशहाली आए। इसे लेकर बीते दिनों बस मार्शलों और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध भी जताया था।

मैरिटल रेप केस: पीड़ित पतियों का विरोध प्रदर्शन, ‘शादी के खेल में हर पति जाएगा जेल में…’ के लगाए नारे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अक्सर अपनी मांगों को लेकर कई तरह के संगठन धरना प्रदर्शन करते हैं. अपनी बात सरकार तक पहुंचाते हैं. कई बार विरोध में भी प्रदर्शन किए जाते हैं. दिल्ली में इस तरह के धरना प्रदर्शन यूं तो आम बात हैं. लेकिन रविवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर एक ऐसा प्रदर्शन हुआ, जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा. खासकर प्रदर्शनकारियों के नारों और तख्तियों ने. दरअसल, ये प्रदर्शन किसी सियासी संगठन या पार्टी का नहीं था, बल्कि ये था पत्नियों से पीड़ित पतियों का प्रदर्शन. ये लोग मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध कर रहे थे. – शादी के खेल में, हर पति जाएगा जेल में. – बीवी करे तो प्यार, पति करे तो बलात्कार. – पत्नी के प्यार में, पति गया तिहाड़ में. – अगले जन्म मोहे बेटा ना कीजो. ..और ना जाने ऐसे ही कितने नारे रविवार को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर गेट पर प्रदर्शन कर रहे करीब 75 लोग लगा रहे थे. ये नारे लिखी तख्तियां भी उनके हाथों में थीं. स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन करने वाले वो लोग थे, जो किसी ना किसी हाल में अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं. उनके उत्पीड़न का शिकार बनें हैं या फिर उनकी ब्लैकमेलिंग का. इन लोगों में कुछ लोग तो ऐसे थे, जो कई साल से अपने बच्चों से भी नहीं मिले हैं. क्योंकि उनकी पत्नियों नें उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है. और कुछ बच्चों को उनके पिता से भी मिलने की इजाजत नहीं देती हैं. कुछ पति ऐसे हैं, कि वो अपना घर होते हुए भी किराए के मकानों में रहते हैं. दरअसल, ये सारे पत्नी पीड़ित प्रदर्शनकारी मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध करने के लिए वहां जमा हुए थे. ये सभी अपने नारों और तख्तियों की वजह से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे थे. दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनीष सिंधवानी इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे थे. वह खुद पत्नी पीड़ित रह चुके हैं. उन्होंने खुद शिकार बनने के बाद ऐसे लोगों की मदद करने का फैसला किया था, जो पत्नी से पीड़ित हैं. इसी के चलते उन्होंने न्याय प्रयास फॉउन्डेशन का आगाज किया. प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता मनीष सिंधवानी ने कहा कि अगर ये कानून पास हो गया तो हर घर में रहने वाले पुरुषों को रेपिस्ट बता कर जेल भेजा जा सकता है. मामूली झगड़े पर भी पत्नी पति को जेल भिजवा सकती है. पति को ब्लैकमेल किया जा सकता है. सहमति से संबंध की बात बात कही जाती है, लेकिन सवाल ये है कि सहमति कौन तय करेगा? रात की सहमति अगले दिन किसी भी विवाद या झगड़े के बाद बदली जा सकती है. मनीष सिंधवानी का कहना था कि पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर बने कानूनों का जमकर दुरुपयोग होता आया है. चाहे घरेलू हिंसा हो या दहेज उत्पीड़न या फिर यौन हिंसा. अधिकांश मामलों में महिलाएं इन कानून के नाम पर पति का उत्पीड़न करती आई हैं. ऐसे मे अगर ये नया कानून भी पास हो गया तो महिलाओं को पुरुषों के खिलाफ मिसयूज करने के लिए एक और कानून मिल जाएगा. एक प्रर्दशनकारी सुमित सिन्हा का कहना था कि अगर पुरुषों के खिलाफ एक तरफा ऐसे ही कानून बनते रहे, तो आने वाले वक्त में युवा शादी के नाम से भी कतराने लगेंगे और शादी जैसी संस्था भी बदनाम हो जाएगी. सुमित का दावा है कि पत्नी के कारण वो पिछले तीन साल से अपनी 6 साल की बेटी से मिल नहीं पाए हैं. न्याय प्रयास फॉउन्डेशन पीड़ित पतियों की कानूनी सहायता के लिए काम कर रही है. जिसमें बहुत से ऐसे पीड़ित पति भी आए हैं, जो खुद हिंसा और ब्लैकमेलिंग का शिकार हैं. जिनसे उनकी पत्नियां लगातार पैसे की मांग करती हैं. पैसा नहीं देने पर वे अपने पति और उनके माता-पिता के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराती रहती हैं. कई मामलों में तो ऐसा भी देखा गया है कि पति को घर से बाहर निकाल कर उनकी संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया गया. आपको बता दें कि मैरिटल रेप को लेकर कानून अभी तक नहीं बना है और इस पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय में विचार-विमर्श चल रहा है. जिस पर अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होनी है. न्याय प्रयास फाउंडेशन इस कानून को पारित न किए जाने की मांग कर रही है. और लगातार इस कानून का विरोध कर रही है. संस्था का मानना है कि इस कानून सबसे अधिक दुरुपयोग होगा और विवाह संस्था विफल हो जाएगी.  

देश के कई CRPF स्कूलों को बम से उड़ानों की धमकी, मैनेजमेंट को भेजा ई-मेल

Bomb threats to many CRPF schools in the country, e-mail sent to management देशभर के कई सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इन स्कूलों में दो दिल्ली और एक हैदराबाद में है। सूत्रों के मुताबिक यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। देशभर के कई सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इन स्कूलों में दो दिल्ली और एक हैदराबाद में है। सूत्रों के मुताबिक यह धमकी ई-मेल के जरिए दी गई है। यह ई-मेल स्कूल मैनेजमेंट्स को सोमवार देर रात भेजे गए थे। यह धमकी रोहिणी के प्रशांत विहार में हुए जोरदार धमाके के ठीक अगले ही दिन आई है। इस धमाके में सीआरपीएफ स्कूल की दीवार उड़ गई थी। हालांकि इस धमाके में कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन पास की दुकान का एक साइनबोर्ड और वहां पर खड़े वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली पुलिस इस मामले में खालिस्तानी लिंक की जांच कर रहा है। सोमवार को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में टेलीग्राम ऐप को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में टेलीग्राम से उस चैनल के बारे में जानकारी मांगी गई है, जिस पर बम की धमकी दी गई थी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को बम की झूठी धमकी मिली है। इन धमकियों में 100 से ज्यादा विमानों को धमकी दी गई है।

बीजेपी लगातार रेनोवेशन का मुद्दा उठाकर केजरीवाल को घेरने की कोशिश कर रही

नई दिल्ली बीजेपी ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बंगले को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। बीजेपी लगातार यहां हुए रेनोवेशन का मुद्दा उठाकर केजरीवाल को घेरने की कोशिश कर रही है। एक बार फिर बीजेपी ने PWD की लिस्ट का हवाला देकर केजरीवाल के घर मिले कीमती सामान की जानकारी दी है। बीजेपी का दावा है कि उनके घर पर 5 करोड़ के पर्दे लगे हैं। इसके अलावा 64 लाख की वॉइस कंट्रोल टीवी भी है। बीजेपी ने टोटो टॉयलट सीट का जिक्र भी किया है जो पूरी तरह टेक्नोलोजी से लेस है। बीजेपी का दावा है कि यह टॉयलेट के बंगले के 7 कमरो में लगा था जिसकी कीमत 10-12 लाख रुपए थी जो अब बंगले से गायब है।  

पीएम मोदी की डिग्री वाले केस में अरविंद केजरीवाल के राष्ट्रीय संयोजक की याचिका को सर्वोच्च अदालत ने खारिज किया

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर की गई टिप्पणी वाले मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक की याचिका को सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया है। गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर दर्ज मानहानि केस में केजरीवाल के खिलाफ ट्रायल कोर्ट ने समन जारी किया था। पूर्व सीएम ने इसे रद्द कराने के लिए पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जस्टिस ऋषिकेश रॉय और एसवीएन भाटी की बेंच ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि इसी तरह की याचिका आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी दायर की थी और इस अदालत ने खारिज कर दिया था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दायर याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा, ‘हम हस्तक्षेप के इच्छुक नहीं हैं, एक याचिकाकर्ता हमारे पास आए थे और इसे खारिज कर दिया गया था।’ केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि संजय सिंह की ओर से दिया गया बयान अलग था, लेकिन बेंच ने इसे नहीं माना। इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट ने फरवरी में समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद पूर्व सीएम ने देश की सबसे बड़ी अदालत का रुख किया था। अब यहां से भी राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें गुजरात की अदालत में पेश होना पड़ेगा। केजरीवाल और संजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि केस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं ने पीएम मोदी की डिग्री को लेकर गुजरात यूनिवर्सिटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की ओर से दोनों के खिलाफ पिछले साल अप्रैल में समन जारी किया गया था। हाई कोर्ट में दोनों नेताओं ने दलील दी थी कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि उन्होंने यूनिवर्सिटी को लेकर बयान नहीं दिया था। वहीं गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और इसके लिए उन्हें ट्रायल का सामना करना चाहिए।

विमान में बम है! अब ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को मिलेगी उम्रकैद

नई दिल्ली विमान में बम है! ऐसी धमकियां आजकल आए दिन मिल रही हैं। इनके चलते एयरपोर्ट अथॉरिटीज को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार फ्लाइट्स की इमरजेंसी लैंडिंग कराकर चेकिंग होती है तो कभी फ्लाइट्स के टेकऑफ से पहले ही घंटों जांच होती है। ऐसे मामलों को लेकर अब सरकार भी सख्त रुख अपना सकती है। सोमवार को उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि अफवाह फैलाने लोगों पर कड़ा ऐक्शन होना चाहिए। ऐसे मामलों को संज्ञेय अपराध माना जाए। इसके अलावा उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जाए यानी उनके उड़ान भरने पर हमेशा के लिए रोक लगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक कानून बनना चाहिए, जिसमें अफवाहें फैलाने के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान हो। नायडू ने कहा इस तरह की फर्जी कॉल्स से गंभीर स्थिति पैदा होती है। पूरा प्रशासन परेशान होता है और यात्रियों को भी मुसीबत झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि बीते एक सप्ताह के अंदर ही ऐसी 100 कॉल्स आई हैं, जिनसे परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने UDAN स्कीम के 8वें साल के मौके पर कहा कि यह संवेदनशील मामला है। जब हम फर्जी कॉल्स की बात करते हैं तो हमें यह भी सोचना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना पड़ता है। इसलिए किसी भी धमकी पर पूरी जांच करनी पड़ती है। इसमें वक्त लगता है और पूरे प्रोटोकॉल को फॉलो किया जाता है। नायडू ने कहा कि अब उड़ानों में बम या हमले जैसी धमकियों वाले फर्जी कॉल्स को संज्ञेय अपराध बनाया जाएगा। ऐसा करने वालों को नो फ्लाई लिस्ट में डाला जाएगा। इसके अलवा हम चाहेंगे कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा मिले। ऐसे केसों में उम्रकैद तक की सजा का भी प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने सिक्योरिटी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई है। इससे एयरपोर्ट्स की मॉनिटरिंग और मजबूत हुई है। इसके अलावा हम गृह मंत्रालय से भी बात कर रहे हैं कि कैसे इन मामलों से निपटा जाए। हमें एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स में बदलाव करना होगा और हमने यह बात होम मिनिस्ट्री के सामने रख दी है। नए कानून में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान कराया जाएगा।

रोहिणी ब्लास्ट पर दिल्ली पुलिस एक्शन में, टेलीग्राम ऐप को लिखा लेटर, मांगी ये जानकारी

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने Telegram को एक पत्र लिखकर ‘Justice League India’ नामक चैनल से संबंधित जानकारी मांगी है. यह कार्रवाई रोहिणी में हुए ब्लास्ट के बाद की गई है. कल शाम, इस टेलीग्राम चैनल पर धमाके का सीसीटीवी फुटेज अपलोड किया गया, जिसमें इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली गई थी. हालांकि, Telegram की तरफ से अभी तक दिल्ली पुलिस को कोई जवाब नहीं मिला है. रोहिणी ब्लास्ट की जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है. पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है. रविवार सुबह साढ़े सात बजे हुआ था ब्लास्ट बता दें कि रविवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब जब दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रशांत विहार में ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी तो इससे इलाके में दहशत फैल गई. इसके लगभग 20 मिनट बाद ही जैसे-जैसे एरिया में बड़ी-बड़ी जांच एजेंसियों का पहुंचना शुरू हुआ तो फिर इस मामले ने और भी चिंता बढ़ा दी. हालांकि अभी तक ये सामने नहीं आया है कि ब्लास्ट कैसे हुआ? क्यों हुआ? किसने किया? मकसद क्या था? लेकिन इस ब्लास्ट ने त्योहारी सीजन में माथे पर बल ला दिए हैं. 2 किमी दूर तक सुनाई दी ब्लास्ट की आवाज धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. घटनास्थल से ‘व्हाइट पाउडर’ बरामद किया गया है, और जांच के लिए पहुंची जांच एजेंसियों ने इस धमाके को ‘मिस्टीरियस ब्लास्ट’ यानी ‘रहस्यमयी धमाका’ करार दिया है. जांच एजेंसियों ने धमाके को इसलिए ‘मिस्टीरियस ब्लास्ट’ कहा है, क्योंकि मौके से किसी तरह का टाइमर, डेटोनेटर या कोई मेटल या फिर कोई इनेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं मिला है. अब सवाल ये है कि फिर विस्फोटक में ऐसा क्या ट्रिगर हुआ कि जोरदार धमाका हुआ? इसकी जांच की जा रही है. CCTV फुटेज खंगाल रही दिल्ली पुलिस दिल्ली पुलिस ब्लास्ट साइट के आस-पास के कई किलोमीटर तक के CCTV फुटेज को खंगाल रही है, जिससे जानकारी मिल सके कि बम किसने रखा था. ब्लास्ट के आस-पास का मोबाइल का डंप डेटा भी कलेक्ट किया जा रहा है, जिसके जरिए ब्लास्ट पर संदिग्ध फोन नंबर जो एक्टिव थे उसका पता लगाया जा सके.  

दिल्ली सरकार का दावा है कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण की बड़ी वजह बीजेपी की गंदी राजनीति है

नई दिल्ली दिल्ली में हवा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। लोगों का जहरीली हवा में सासं लेना भी मु्श्किल हो रहा है। दीवाली से पहले ही राजधानी में प्रदूषण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों की स्थिति के बारे में सोचकर लोग परेशान हैं। इस बीच दिल्ली सरकार का दावा है कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण की बड़ी वजह बीजेपी की गंदी राजनीति है। सीएम आतिशी ने कहा कि दिल्ली की हवा और पानी में प्रदूषण बीजेपी की गंदी राजनीति की वजह से बढ रहा है। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि आनंद विहार में प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह उत्तर प्रदेश से आ रही बसे हैं। दरअसल आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पर्यावरण मंत्री प्रदूषण की स्थिति का जायजा के लिए आनंद विहार इलाके में गए थे। यहां आज सुबह 8.30 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 454 दर्ज किया गया था। इसी दौरान सीएम आतिशी ने कहा कि आनंद विहार इलाके में खराब एयर क्वालिटी का प्रमुख कारण उत्तर प्रदेश से आने वाली बसें हैं और इस पर यूपी सरकार से चर्चा की जरूरत है। वहीं गोपाल राय ने भी इस बार पर जोर देते हुए दावा किया कि इन बसों के धुआं दिल्ली का प्रदूषण दुगना हो रहा है। वहीं प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण विरोधी उपायों को सख्ती से लागू किया जा रहा है और धूल नियंत्रण उपायों के लिए टीमों का गठन किया गया है। सीएम आतिशी ने कहा हमने 99 टीमें बनाई हैं जो पूरी दिल्ली में धूल नियंत्रण के उपाय कर रही हैं। हमने 325 से अधिक स्मॉग गन तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए PWD और MCD ने अपने सभी संसाधन तैनात कर दिए हैं। आनंद विहार, दिल्ली और यूपी की सीमा पर होने के कारण, एक ऐसा हॉटस्पॉट है जहां AQI सबसे ज्यादा है। इसके अलावा उन्होंने यमुना नदी के जहरीले सफेद झागों के मुद्दे पर भी बात की और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, सिर्फ वायु प्रदूषण ही नहीं, पिछले कुछ दिनों से यमुना नदी में भी प्रदूषण बढ़ रहा है और इसके लिए मुख्य कारण बीजेपी की गंदी राजनीति है। उन्होंने कहा, पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए पंजाब में AAP सरकार ने दो साल तक काफी कोशिशें की हैं। पिछले साल पंजाब में पराली जलाना आधा कर दिया गया। उधर हरियाणा के आंकड़ों पर नजर डालें तो खेतों में आग लगने की घटनाओं में 23% की बढ़ोतरी हुई है। यूपी में खेतों में आग लगने की घटनाएं 70% बढ़ीं है। उन्होंने कहा, सबसे ज्यादा AQI रिकॉर्ड करने वाले आनंद विहार में बसों को देखें तो दिल्ली की सभी बसें CNG या बिजली से चलती हैं। लेकिन अगर हम यूपी और हरियाणा से आने वाली बसों को देखें तो वो डीजल से चलती हैं। आनंद विहार इलाके में दिख रहे प्रदूषण का एक अहम कारण यूपी से आने वाली हजारों डीजल से चलने वाली बसें हैं। एक तरफ जहां दिल्ली सरकार ने सीएनजी बसों की लाइन खड़ी कर दी8 वहीं हरियाणा और यूपी सरकारें अपने बेड़े में सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें क्यों नहीं ला सकतीं? आतिशी ने कहा क्योंकि वे गंदी राजनीति कर रही हैं। इसी के साथ उन्होंने ईट के भट्टों पर भी बात की। उन्होंने कहा, ईंट के भट्टे लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहे हैं। दिल्ली में आपको एक भी ईंट का भट्ठा नहीं मिलेगा लेकिन एनसीआर में तो हैं 3800 ईंट भट्टे जो दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में बड़ा योगदान देते हैं।

बीते 2 दिनों में भारतीय एयरलाइन्स की 46 फ्लाइट्स को धमकी भरे पोस्ट भेजे गए, मैसेज भी सेम-टू-सेम

नई दिल्ली भारतीय एयरलाइनों को इन दिनों बम की धमकियां मिलने का सिलसिला सा चल पड़ा है। इस हफ्ते करीब 70 ऐसे धमकी भरे पोस्ट किए गए, जिनमें से 70% एक ही एक्स अकाउंट से आए हैं। सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह एक गुमनाम और गैर-सत्यापित अकाउंट है, जिससे बीते 2 दिनों में भारतीय एयरलाइन्स की 46 घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को धमकी भरे पोस्ट भेजे गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक्स हैंडल से शुक्रवार रात को 12 और शनिवार को 34 धमकी भरे पोस्ट किए गए। भारत के अलावा इस यूजर ने अमेरिकन एयरलाइंस, जेट ब्लू और एयर न्यूजीलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय वाहकों को भी धमकियां दी हैं। इससे यात्रा में रुकावट पैदा हुई और यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया। एक्स ने सस्पेंड कर दिया अकाउंट यह संदिग्ध एक्स अकाउंट शनिवार दोपहर तक एक्टिव रहा। इसके बाद, एलन मस्क के मालिकाना वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से इसे सस्पेंड कर दिया गया। एक्स को ही पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था। एयर इंडिया, विस्तारा, इंडिगो, अकासा एयर, अलायंस एयर, स्पाइसजेट और स्टार एयर को इस अकाउंट से धमकियां दी गई थीं। स्टार एयर को उसकी 4 उड़ानों के लिए धमकियां मिलीं तो बाकियों के 5-5 फ्लाइट्स के लिए ऐसी संदेश भेजे गए। धमकी भरा एक तरह का संदेश संदिग्ध एक्स अकाउंट से जो धमकी भरे पोस्ट किए गए, उनमें एक तरह ही संदेश लिखा होता था। इसमें कहा जाता, ‘आपके 5 विमानों में बम हैं। कोई भी जिंदा नहीं बचेगा। जल्दी करो और विमान खाली करा दो।’ ये पोस्ट ऐसे समय की गईं जब कुछ उड़ानें हवा में थीं या तो कुछ ने पहले ही अपनी यात्रा पूरी कर ली थी। फिलहाल, इस संदिग्ध एक्स अकाउंट की जांच की जा रही है और इसके यूजर का पता लगाया जा रहा है। बीसीएएस की एयरलाइन कंपनियों के साथ बैठक इस बीच, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के अधिकारियों ने शनिवार को एयरलाइन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एक दिन पहले 30 से अधिक उड़ानों में बम होने की धमकी मिली थी। सूत्रों के अनुसार, आज की बैठक में कुछ एयरलाइन का प्रतिनिधित्व उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने किया, जबकि अन्य का प्रतिनिधित्व उनके सीनियर अधिकारियों ने किया। बीसीएएस के महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने कहा, ‘भारतीय हवाई क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है। मौजूदा प्रोटोकॉल मजबूत है और इसका सख्ती से पालन किया जा रहा है। हम यात्रियों को आश्वस्त करते हैं कि उन्हें बिना किसी डर के उड़ान भरनी चाहिए।’

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet