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जम्मू के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल 19 मई से फिर से खुलेंगे

जम्मू  जम्मू-कश्मीर में स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने घोषणा की है कि जम्मू संभाग के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल 19 मई से फिर से खुलेंगे. सीमापार से गोलीबारी के खतरे को देखते हुए ऐहतियात के तौर पर इन स्कूलों को बंद कर दिया गया. क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए नोटिस में विभाग ने सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. स्कूल प्रमुखों को सुरक्षित और सुचारू रूप से फिर से स्कूल खोलने के लिए स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है. निदेशालय ने स्कूलों से सकारात्मक शिक्षण वातावरण बनाए रखने और छात्रों और कर्मचारियों के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करने में सतर्क रहने का भी आग्रह किया. जम्मू क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में पड़ने वाले सभी स्कूल 7 मई से बंद हैं. इस संबंध में निदेशक स्कूल शिक्षा जम्मू (डीएसईजे) द्वारा एक आदेश जारी किया गया. संयुक्त निदेशक सुबाह मेहता द्वारा जारी आदेश में कहा गया, ‘डीएसईजे के 14 मई के आदेश के क्रम में सभी स्कूल (सरकारी और निजी) 19 मई से फिर से खुलेंगे. ये अभी बंद हैं. आदेश में आगे कहा गया, ‘संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिया जाता है कि वे शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से फिर से शुरू करना सुनिश्चित करें. साथ ही स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें. पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सभी स्कूल बंद हैं. गोलीबारी के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा. कई स्कूलों को गंभीर या आंशिक रूप से नुकसान भी पहुंचा. इससे पहले 13 मई को रामबन, डोडा, किश्तवाड़, रियासी और उधमपुर जिलों में स्कूल खुले थे. इसके बाद जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के सुरक्षित क्षेत्रों में स्कूल खुले थे. अब शेष स्कूल 19 मई को पुनः खुलेंगे.

गुजरात: ‘नया भारत पलटकर जवाब देगा’, भुज एयरबेस से बोले रक्षामंत्री राजनाथ

भुज भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भुज एयर फोर्स स्टेशन का दौरा किया और यहां वायु योद्धाओं को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई दी. यहां अपने संबोधन में पाकिस्तान की चुटकी लेते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया. उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने जो कुछ भी किया, उससे सभी भारतीयों को गर्व हुआ है, चाहे वे भारत में हों या विदेश में. पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को कुचलने के लिए भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट ही काफी थे. जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया.’ भुज एयर बेस पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कल ही मैंने श्रीनगर में हमारे बहादुर सेना के जवानों से मुलाकात की थी. आज मैं यहां वायु योद्धाओं से मिल रहा हूं. कल मैंने उत्तरी क्षेत्र में हमारे जवानों से मुलाकात की थी और आज मैं देश के पश्चिमी हिस्से में वायु योद्धाओं और अन्य सुरक्षा कर्मियों से मिल रहा हूं. मैं दोनों मोर्चों पर उच्च जोश और ऊर्जा को देखकर उत्साह महसूस करता हूं. मुझे विश्वास है कि आप भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखेंगे.’ इस दौरान रक्षा मंत्री ने बशीर बद्र की एक शेर के जरिए पाकिस्तान को नसीहत भी दी. उन्होंने कहा, ‘कागज का है लिबास चरागों का शहर है, संभल-संभल के चलना क्योंकि तुम नशे में हो.’ IAF ने आसमान की नई बुलंदियों को छू लिया है: राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना ने जो प्रभावी भूमिका निभाई है, उसकी सराहना इस देश में ही नहीं दूसरे देशों में भी हो रही है. आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को डॉमिनेट किया है बल्कि उन्हें डेसीमेट करने में भी कामयाबी हासिल की है. आतंकवाद के खिलाफ चलाये गए इस अभियान को सुपरहेड हमारी एयरफोर्स ने किया. हमारी एयरफोर्स एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ है, जिसने अपने शौर्य, पराक्रम और प्रताप से आसमान की नई और बुलंद ऊंचाइयों को छू लिया है. यह कोई छोटी बात नहीं है कि हमारी एयरफोर्स की पहुंच पाकिस्तान के हर कोने तक है, यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है. ब्रह्मोस ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखाया है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज स्थिति यह है कि भारत के फाइटर प्लेन बिना सरहद पार किए ही, यहीं से उनके हर कोने तक प्रहार करने में सक्षम हैं. पूरी दुनिया ने देख लिया है कि कैसे आपने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद, आतंकवाद के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया; बाद में की गई कारवाई में उनके अनेक एयरबेस तबाह कर दिए. रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने केवल पराक्रम ही नहीं दिखाया है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने प्रमाण भी दिया है. प्रमाण इस बात का कि अब भारत की युद्ध नीति और तकनीक दोनों बदल चुकी है. आपने नए भारत का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया है. यह संदेश है कि अब भारत केवल विदेशों से आयात किए गए हथियारों और प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि भारत में बने अस्त्र और शस्त्र भी हमारी सैन्य शक्ति का हिस्सा बन चुके हैं. अब भारत में बने और भारतीय हाथों से बने हथियार भी अचूक और अभेद्य हैं, यह पूरे विश्व ने देख लिया है. PAK जनता के टैक्स के पैसों को आतंकवादियों पर खर्च कर रहा राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की ताकत को तो पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया है. हमारे देश में एक कहावत काफी पुरानी है और वह है- ‘दिन में तारे दिखाना’. मगर भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया. उन्होंने कहा कि भारत के जिस एयर डिफेंस सिस्टम की तारीफ हर तरफ हो रही है, उसमें DRDO द्वारा बनाये गए ‘आकाश’ और अन्य राडार सिस्टम की जबरदस्त भूमिका रही है. उन्होंने वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने पाकिस्तान में मौजूद टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ प्रभावी कारवाई की, मगर पाकिस्तान फिर से इस कोशिश में लग गया है कि ध्वस्त हुए आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा किया जाये. वहां की सरकार, पाकिस्तानी आम नागरिकों से लिया गया टैक्स, ‘जैश ए मुहम्मद’ जैसे आतंकी संगठन के आका मसूद अजहर को करीब चौदह करोड़ रुपए देने में खर्च करेगी. जबकि वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी है. IMF फंडिंग का इस्तेमाल आतंकी ठिकाने बनाने में कर रहा PAK राजनाथ सिंह ने आगे कहा, ‘लश्कर ए तैयबा और जैश ए मुहम्मद के मुरीदके और बहावलपुर स्थित आतंकी ठिकानों को फिर से खड़ा करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. निश्चित रूप से IMF से आने वाले एक बिलियन डॉलर के बड़े हिस्से को टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने में इस्तेमाल होगा. IMF जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, क्या यह उसके द्वारा आतंकवाद को अपरोक्ष फंडिंग नहीं माना जाएगा. इसलिए मैं मानता हूं कि आज के समय में पाकिस्तान को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता टेरर फंडिंग से कम नहीं है. भारत यही चाहेगा कि IMF पाकिस्तान को अपनी एक बिलियन डॉलर की सहायता पर पुनर्विचार करे और आगे भी किसी तरह की सहायता देने से परहेज करे. भारत नहीं चाहता कि जो फंडिंग हम IMF को करते हैं, वह डायरेक्ट या इनडायरेक्ट किसी भी तरीके से पाकिस्तान या किसी भी देश में आतंकी बुनियादी ढांचा बनाने में इस्तेमाल किया जाए.’  

भारत ने पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम के ठिकाने का पता लगाने भेजे डमी जेट्स फिर एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों से प्रलय

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुआ भारत-पाकिस्तान के बीच का 86 घंटे का जंग जवांमर्दी की मिसाल, एडवेंचर और टैक्टिक्ल वारफेयर की रोमांचक कहानियां लेकर आया है. 4 दिन की ये लड़ाई तेज रफ्तार एक्शन, तकनीकी बुद्धिमता और दुश्मन को चौकाने और छकाने की कहानी है. इस जंग में भारत ने 9-10 मई को पाकिस्तान की एयर पावर को नेस्तानाबूद कर दिया. इस जंग में कामयाबी के पीछे ब्रह्मोस जैसे सटीक निशाना लगाने वाले मिसाइलों का योगदान तो है ही. लेकिन भारतीय वायुसेना के अफसरों ने पाकिस्तान को छकाने के लिए जो माइंड गेम खेला, पाकिस्तान को जिस तरह भरमाया वो शानदार है. आगे हम बताएंगे कि कैसे पाकिस्तानी अफसर भारत के चक्रव्यूह में फंस गए इसके बाद ब्रह्मोस मिसाइलों ने शुरू किया ड्रिस्ट्रक्शन गेम. इसके लिए भारत ने सहारा लिया डमी जेट्स का. ये जेट्स दुश्मन के रडार पर फाइटर जेट्स की तरह दिख रहे थे. दुश्मन ने इसे ही असली समझा और इन्हें गिराने के लिए अपना रडार और डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया. लेकिन तब तक भारत को पाकिस्तान के कीमती मिसाइल डिफेंस सिस्टम का ठिकाना पता लग गया था. इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी एयरबेस पर ब्रह्मास्त्र मिसाइलों की बौछार शुरू कर दी. यही वो भारत का जवाब था जिसने पाकिस्तान के वायुसेना की कमर तोड़ दी. ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद, पाकिस्तान में सुरक्षित पनाह पाने वाले आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत का एक्शन तबाही लेकर आया. इसके बाद पाकिस्तान सीमा से सटे भारत के शहरों में नाकाम ड्रोन हमले करने लगा. तब भारत ने अपने जवाबी हमले का दूसरा दौर शुरू किया. 9 और 10 मई की मध्य रात्रि को भारतीय वायु सेना ने अन्य बलों के सक्रिय सहयोग से पूरे पाकिस्तान में स्थित 13 में से 11 वायुसैन्य ठिकानों पर अटेक किया. इस प्रक्रिया में भारत की उच्च तकनीकी क्षमता ने पाकिस्तान में चीन के सपोर्ट से चल रहे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी पंगु बना दिया. भारत के जवाबी हमले का दूसरा दौर दक्षिण एशियाई सैन्य इतिहास में दो परमाणु-शक्ति संपन्न कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच अब तक के सबसे साहसी और सामरिक रूप से महत्वाकांक्षी जवाबी हमलों में से एक के रूप में दर्ज हो गया. पाकिस्तान पर अटैक करने के लिए भारतीय कमांडरों के लिए जरूरी था कि उन्हें पाकिस्तान के रडार सिस्टम और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी हो. लेकिन जंग के माहौल में ये जानकारी भारत को मिलती कैसे? यहां पर सेना के युद्ध रणनीतिकारों ने तीक्ष्ण बुद्धिमता का परियच दिया. पाकिस्तान रडार और मिसाइल डिफेंस को उनके खोल से निकालने के लिए वायुसेना ने एक चाल चली. वायुसेना ने सबसे पहले पाकिस्तान पर पायलट रहित जेट विमानों से हमला करने का दिखावा किया. ये डमी जेट थे. अपने एयर स्पेस में देखते ही पाकिस्तानी वायुसेना ने अपने रडार को एक्टिवेट कर दिया, वहीं पाकिस्तान का मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय हो गया. भारत को इसी पल का इंतजार था. भारत के कंट्रोल रूम को पाकिस्तान के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लोकेशन की जानकारी मिल गई क्योंकि ये एक्टिवेट थे. इसके बाद पाकिस्तानी एयरस्पेस में शुरू हुआ भारत का प्रलय.भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला कर उनके बुनियादी ढांचे और एयर डिफेंस नेटवर्क को नष्ट करने के लिए अभियान चलाया, जिसमें चीन की एचक्यू-9 मिसाइल प्रणाली भी शामिल थी. भारत को जानकारी मिल चुकी थी कि पाकिस्तानी वायुसेना ने चकलाला एयर बेस समेत कई जगहों पर एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तैनात कर रखा था. पाकिस्तान के ये रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे ही एक्टिवेट हुए भारत ने कामिकोज ड्रोन्स जैसे हारोप से हमला किया. इन हमले में पाकिस्तान का एयर डिफेंस नेटवर्क बुरी तर चौपट हो गया. इसके साथ ही भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों से प्रहार शुरू किया. ब्रह्मोस की विध्वंसक क्षमता ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी. पाकिस्तानी एयर स्पेस को सबसे ज्यादा नुकसान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ राफेल लड़ाकू विमानों पर लगी स्कैल्प मिसाइलों ने पहुंचाई. रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान वायु सेना बेस को निशाना बनाने के लिए लगभग 15 ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं. इसका उद्देश्य विमान और अन्य ऑपरेशन लॉन्च करने की पाकिस्तान क्षमता को खत्म करना था. इस ऑपरेशन को सफल बनाने में डमी जेट्स का बड़ा रोल रहा. जिसे पाकिस्तान के रडार सिस्टम ने असली फाइटर समझ लिया और अपना लोकेशन प्रकट कर दिया. सूत्रों ने बताया कि जैसे ही दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस नेटवर्क भारतीय ‘आने वाले विमानों’ को मार गिराने के लिए सक्रिय हुए, भारतीय सेना ने इजरायल निर्मित हारोप सहित अपने हथियारों को ऊपर से दागा और पाकिस्तान के वायु रक्षा रडार और कमांड और नियंत्रण प्रणालियों को निशाना बनाया. पाकिस्तानी वायु सेना ने अपने HQ-9 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम लांचर और रडार के पूरे सेट को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया था. लेकिन सक्रिय होने के बाद उनका पता लगा लिया गया. इसके बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया, जिसमें ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलें शामिल थीं. ब्रह्मोस और स्कैल्प जैसी मिसाइलों को ले जाने वाले विमानों ने पश्चिमी वायु कमान और दक्षिण पश्चिमी वायु कमान क्षेत्रों के अलग अलग हवाई ठिकानों से उड़ान भरी थी. विमानों ने पाकिस्तानी वायु सेना के लगभग सभी प्रमुख ठिकानों पर हमला किया था और उनके 13 में से 11 ठिकानों को निशाना बनाया गया था. ब्रह्मोस और स्कैल्प द्वारा किए गए हमले में मुख्य रूप से सिंध में स्थित पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस पर हमला हुआ, जहां UAV और एक हवाई निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी विमान को भारी नुकसान पहुंचा है. एयरबेस इस हद तक क्षतिग्रस्त हो गए कि पाकिस्तानी वायुसेना को अपने विमानों को पीछे के बेस पर ले जाना पड़ा. बता दें कि यह पहली बार है कि ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का प्रयोग किसी एक्टिव वॉर में किया गया है. इस दौरान इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अपनी असीम क्षमता को प्रदर्शित किया है. भारत द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी मारे गए हैं, जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी सेना के जवान और अफसर मारे गए हैं.

आने वाले कुछ दिनों तक कई राज्यों में गर्मी का सितम देखने को मिलेगा, तपेगा यूपी-बिहार: मौसम विभाग

नई दिल्ली इस साल मानसून तय समय से पहले दस्तक देगा। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस बीच गुरुवार को मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक कई राज्यों में गर्मी का सितम देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी देखने मिलेगी। इसके अलावा कई राज्यों में लू चलने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक लू की संभावना है। हालांकि, दिल्ली में शुक्रवार को बारिश की भी संभावना है। आइए आपको मौसम से जुड़ी अपडेट बताते हैं। जानिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में, हम किसी पश्चिमी विक्षोभ की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। इसलिए अधिकांश क्षेत्रों में शुष्क मौसम रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में अगले 5 दिनों तक लू चलने की संभावना है, हमने वहां येलो अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों तक लू चलने की उम्मीद कर रहे हैं, हमने वहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा और 16-17 मई को हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन राज्यों में लू की चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 15 और 16 को बिहार के कुछ इलाकों में, 16 और 17 को पंजाब में, 16-18 के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, 15-17 के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में, 15-19 के दौरान पश्चिमी राजस्थान में, 17-19 के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में, 18 और 19 मई को पश्चिमी मध्य प्रदेश में लू चलने की संभावना है। इसके अलावा, 15 और 16 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर रात में गर्म मौसम रहने की संभावना है। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कैसा रहा मौसम? IMD के रिपोर्ट के अनुसार, गत 24 घंटों में तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर 60-90 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलीं। वहीं, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज तूफानी हवाएं चलीं। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम, रायलसीमा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिली। दर्ज की गई है और पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि देखी गई। आगे कैसा रहेगा तापमान? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है तथा उसके बाद 4 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। वहीं, अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की संभावना नहीं है; उसके बाद 3 दिनों तक 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट होगी तथा उसके बाद 2 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। आईएमडी का कहना है कि अगले 4 दिनों के लिए मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी तथा उसके बाद 3 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। अगले 3 दिनों के लिए गुजरात राज्य में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी तथा उसके बाद 4 दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा।  

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के साथ चर्चा करने की अपनी इच्छा जताई

नई दिल्ली जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि (IWT) को स्थगित कर दिया था. इसके कुछ सप्ताह बाद पाकिस्तान ने संधि को लेकर भारत के साथ चर्चा करने की अपनी इच्छा जताई है. सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा ने संधि के निलंबन पर भारत सरकार की औपचारिक अधिसूचना पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने भारतीय जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी को लिखे पत्र में नई दिल्ली द्वारा उठाई गई स्पेसिफिक आपत्तियों पर चर्चा करने के लिए अपनी सरकार की तत्परता व्यक्त की. भारत अपने फैसले पर अडिग उन्होंने भारत के इस कदम के कानूनी पहलुओं पर भी सवाल उठाया और कहा कि संधि में कोई एग्जिट क्लॉज नहीं है. हालांकि, भारत सरकार अपने फैसले पर अभी भी अडिग है.संपर्क किए जाने पर जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने इस घटनाक्रम पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत की स्थिति में बदलाव की संभावना नहीं है. सूत्रों ने दोहराया कि संधि को निलंबित करने का निर्णय जम्मू कश्मीर को निशाना बनाकर जारी सीमा पार आतंकवाद के कारण लिया गया था. इससे पहले 24 अप्रैल को लिखे पत्र में मुखर्जी ने मुर्तजा को सूचित किया था कि संधि के तहत परिकल्पित वार्ता में शामिल होने से पाकिस्तान का इनकार और आतंकवाद को लगातार स्पोंसर करना संधि का उल्लंघन है.” पुनर्विचार करने का आह्वान गौरतलब है कि पाकिस्तान की लेटेस्ट अपील – जिसे पत्र में रेगुलेटेड वॉटर पर लाखों लोगों की निर्भरता के कारण निर्णय पर पुनर्विचार करने के आह्वान के रूप में वर्णित किया गया है – तब की गई जब भारत ने चेनाब नदी पर बगलिहार और सलाल जलविद्युत परियोजनाओं में फ्लशिंग और डिसिल्टिंग ऑपरेशन किए. मुर्तजा के पत्र से पता चलता है कि पाकिस्तान ने अपना रुख नरम कर लिया है. सूत्रों ने कहा कि हालांकि, संचार का लहजा आक्रामक बना हुआ है और इस्लामाबाद ने भारत के कदम को एकतरफा और अवैध करार दिया है, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने कहा कि परिस्थितियों में बदलाव का सिद्धांत संधि की समीक्षा के लिए आधार प्रदान करता है. 1960 में हुई थी सिंधु जल संधि इससे पहले, भारत ने जनवरी 2023 और सितंबर 2024 में पाकिस्तान को नोटिस जारी किए थे. विश्व बैंक द्वारा मध्यस्थता की गई सिंधु जल संधि ने 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के वितरण और उपयोग को नियंत्रित किया है. सिंधु नदी प्रणाली में मुख्य नदी, सिंधु और उसकी सहायक नदियां शामिल हैं. रावी, ब्यास और सतलुज को सामूहिक रूप से पूर्वी नदियाँ कहा जाता है, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब को पश्चिमी नदियां कहा जाता है. इस रिवर सिस्टम का पानी भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.

डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की

जम्मू  आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग के दौरान शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ और कांस्टेबल दीपक चिंगखम की शहादत को अमर करने के लिए अब उन पोस्टों के नाम इन्हीं जवानों के नाम पर रखे जाएंगे. इस बात की घोषणा बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी ने जम्मू दौरे के दौरान की. बीएसएफ के डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने  जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की. वीरगति को प्राप्त जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए महानिदेशक ने पलौरा स्थित बीएसएफ मुख्यालय में अमर प्रहरी स्मारक पर शहीद उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज और आरक्षी दीपक चिंगाखम की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया. दोनों जवानों ने इस ‘ऑपरेशन’ के दौरान अपनी सीमा चौकी की रक्षा में दुश्मन की भीषण गोलीबारी और गोलाबारी का सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. बीएसएफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्र की सेवा में उनके सर्वोच्च बलिदान को शत-शत नमन.” बीएसएफ जम्मू के जवानों को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर सात मई को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ जवानों के अटूट साहस, बहादुरी, दृढ़ समर्पण और अमूल्य योगदान की सराहना की.  

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज का ऑडिट करने की बात कही

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि कुछ जज जरूरत से ज्यादा ब्रेक लेते हैं। कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज का ऑडिट करने की बात कही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही हैं। अब यह देखने का समय है कि उन पर कितना खर्च हो रहा है और वे कितना काम कर रहे हैं। ‘हाई कोर्ट के जज ले रहे बहुत ब्रेक’ सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज पर टिप्पणी की। जस्टिस कांत ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘कुछ जज बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ जज बेवजह कॉफी ब्रेक लेते हैं, कभी यह ब्रेक तो कभी वह ब्रेक। हम हाई कोर्ट के जजों के बारे में बहुत सारी शिकायतें सुन रहे हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। हाई कोर्ट के जजों का प्रदर्शन कैसा है? हम कितना खर्च कर रहे हैं और आउटपुट क्या है? यह उच्च समय है कि हम एक प्रदर्शन ऑडिट करें।’ झारखंड हाई कोर्ट से जुड़ा है मामला यह टिप्पणी चार लोगों की याचिका पर आई। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि झारखंड हाई कोर्ट ने 2022 में एक आपराधिक अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह अपील सजा और आजीवन कारावास के खिलाफ थी, लेकिन फैसला नहीं सुनाया गया। उनके वकील फौजिया शकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद हाई कोर्ट ने 5 और 6 मई को फैसला सुनाया। फैसले में चार में से तीन लोगों को बरी कर दिया गया। आखिरी मामले में अलग-अलग फैसला आया और इसे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेज दिया गया। याचिकाकर्ता को जमानत मिल गई। शकील ने कहा कि फैसले के बाद भी बरी किए गए लोगों को जेल से रिहा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने फैसले में यह नहीं बताया कि आदेश कब सुरक्षित रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और झारखंड सरकार के वकील को दोपहर के भोजन के ब्रेक से पहले उन्हें तुरंत रिहा करने के लिए कहा। कोर्ट ने मामले को दोपहर 2 बजे के बाद पोस्ट कर दिया। वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दोषियों को रिहा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट से रिहाई के आदेश नहीं मिलने के कारण देरी हुई। ‘फैसले सुनाने की समयसीमा का पालन करना होगा’ बेंच ने कहा कि इस अदालत द्वारा पहले निर्धारित फैसले सुनाने की समयसीमा का पालन करना होगा। इसके साथ ही, इस अदालत द्वारा प्रस्तावित तंत्र का भी पालन करना होगा। बेंच ने रजिस्ट्री को हाई कोर्ट से डेटा एकत्र करने और मामले को जुलाई में पोस्ट करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पहले जो समय तय किया गया था, फैसले सुनाने के लिए, उसका पालन करना होगा। कोर्ट एक तरीका भी बताएगा जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके। कोर्ट ने रजिस्ट्री को कहा कि वह सभी हाई कोर्ट से जानकारी जुटाए और मामले को जुलाई में फिर से सुनेगा।  

राष्ट्रपति मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के ‘फैसले’ पर पूछा सवाल, सीएम स्टालिन बोले- हम पूरी ताकत से लड़ेंगे लड़ाई

चेन्नई विधेयकों पर मंजूरी के बारे में समय सीमा तय करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सवाल उठाए जाने पर राजनीति तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का बयान सामने आया है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम अपनी पूरी ताकत से इस लड़ाई को लड़ेंगे। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं केंद्र सरकार के राष्ट्रपति संदर्भ की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं, जो तमिलनाडु राज्यपाल मामले और अन्य उदाहरणों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से तय की गई संवैधानिक स्थिति को पलटने का प्रयास करता है। यह कदम स्पष्ट रूप से दिखाता है कि तमिलनाडु के राज्यपाल ने भाजपा के इशारे पर काम किया और जनता के जनादेश को कमजोर किया।” उन्होंने आगे कहा, “यह लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकारों को कमजोर करने और उन्हें केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में काम करने वाले राज्यपालों के नियंत्रण में लाने की हताश कोशिश है। यह कानून की गरिमा और सुप्रीम कोर्ट की संविधान के अंतिम व्याख्याकार के रूप में अधिकार को भी चुनौती देता है।” स्टालिन ने इस संबंध में कुछ सवाल भी किए हैं। उन्होंने लिखा, “राज्यपालों के लिए कार्य करने की समय-सीमा तय करने में क्या आपत्ति होनी चाहिए? क्या भाजपा विधेयकों को मंजूरी में अनिश्चितकालीन देरी की अनुमति देकर अपने राज्यपालों की रुकावटों को वैध बनाना चाहती है? क्या केंद्र सरकार गैर-भाजपा राज्य विधानसभाओं को निष्क्रिय करना चाहती है?” उन्होंने कहा, “हमारा देश एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। इस संदर्भ में उठाए गए सवाल भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की संविधान में शक्तियों के बंटवारे को तोड़ने और विपक्षी दलों के प्रभुत्व वाली राज्य विधानसभाओं को अक्षम करने की खतरनाक मंशा को उजागर करते हैं। यह राज्य स्वायत्तता के लिए स्पष्ट और तत्काल खतरा है। इन गंभीर परिस्थितियों में, मैं सभी गैर-भाजपा राज्यों और पार्टी नेताओं से इस कानूनी लड़ाई में शामिल होकर संविधान की रक्षा करने की अपील करता हूं। हम अपनी पूरी ताकत से इस लड़ाई को लड़ेंगे। तमिलनाडु लड़ेगा और तमिलनाडु जीतेगा।” तमिलनाडु बिल मामले में सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनसे (सुप्रीम कोर्ट) कुछ सवाल किए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पूछा है कि क्या राज्यपालों के लिए बिलों पर कार्रवाई करने की समय-सीमा तय की जा सकती है, जब संविधान में ऐसी कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है। राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के सामने पेश किए गए बिल पर उनके पास उपलब्ध संवैधानिक विकल्पों पर राय मांगी है।

जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की से तोड़ा नाता, बहिष्कार करने की मांग और सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कही

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान पड़ोसी देश का साथ देने वाले तुर्की के खिलाफ फिलहाल देश में भावनाएं चरम पर हैं। लोग उसका बहिष्कार करने की मांग करते हुए उससे सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कह रहे हैं। इसी बीच जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विवि) के बाद अब दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की सरकार के साथ हुए किसी भी तरह के समझौते को फिलहाल निलंबित करने की घोषणा की है। इस बारे में नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्व विद्यालय ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों के चलते तुर्की गणराज्य की सरकार से संबद्ध किसी भी संस्थान के साथ हुए किसी भी समझौता ज्ञापन (MoU) को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। जामिया मिलिया इस्लामिया राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा है।’ इस बारे में जानकारी देते हुए जामिया मिलिया इस्लामिया की जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर साइमा सईद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘जामिया ने तुर्की के किसी भी शैक्षणिक संस्थान और प्रतिष्ठान के साथ सहयोग को निलंबित कर दिया है। हम सरकार और देश के साथ खड़े हैं और अगली सूचना तक सब कुछ निलंबित है।’ इससे एक दिन पहले नई दिल्ली स्थित जेएनयू ने भी तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को निलंबित कर दिया था। जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय के बीच तीन वर्ष की अवधि के लिए तीन फरवरी को MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें अन्य शैक्षणिक सहयोगों के अलावा संकाय और स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रमों की योजनाएं भी शामिल थीं। एमओयू को स्थगित करने का फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान ने 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच एक सैन्य संघर्ष भी हुआ, जिसके दौरान मुस्लिम देश तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे सैन्य मदद प्रदान की थी।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय क्षेत्र में 25 किमी तो नेपाल में 10 KM के दायरे में ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध, अलर्ट

सिकटी (अररिया) ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-नेपाल की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। सोनामनी गुदाम से आमबाड़ी तक लगने वाली भारत नेपाल सीमा में सोनामनी गुदाम, कुर्साकांटा, कुआड़ी, सिकटी तथा बरदाहा थाना क्षेत्र में चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां 24 घंटे गहन तलाशी अभियान जारी है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद बनाने के लिए चेक प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को आधुनिक वायरलेस संचार प्रणाली और दंगा नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों से भी लैस किया गया है। सीमा पर सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय क्षेत्र में 25 किमी तो नेपाल भूभाग में दस किलोमीटर के दायरे में ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। नेपाल में भी नहीं उड़ेगा ड्रोन नेपाल के वरीय अधिकारियों ने बताया कि भारत-पाक तनाव के बीच नेपाल ने भी भारत के सहयोग में बॉर्डर पर सुरक्षा के नियम सख्त किए हैं। अब भारत की ही तरह नेपाल में भी दस किलोमीटर तक कोई भी ड्रोन नहीं उड़ा सकता है। इसके अलावा बांग्लादेश से आने वाली जमात पर भारत व नेपाल की खुफिया एजेंसी निगाह रख रही हैं। दोनों ओर बराबर गश्त भी हो रही है। भारत-पाक तनाव के बीच सुरक्षा दो स्तर पर कर दी गई है। पहले स्तर पर एसएसबी नो मेंस लैंड पर तैनात है। वहां उसकी स्थायी चौकियां हैंं। इसी के साथ एसएसबी ने गश्त को बढ़ा दिया है। दूसरे स्तर पर जिला पुलिस की तैनाती है। इसमें नई सुरक्षा जांच चौकी बनाई गई है। नो मेंस लैंड पर 24 घंटे गश्त सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए बैरियर पर पुलिस को तैनात किया गया है। सीमा के नो मेंस लैंड पर दोनों देश के जवान चौबीस घंटा गश्त कर रहे हैं। बॉर्डर पिलर के दोनों तरफ की 30 फीट जमीन नो मेंस लैंड के दायरे में आता है। नेपाली अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर कैंप किया जा रहा है। सभी आने जाने वालों पर निगाह रखी जा रही है। इधर, एसएसबी और पुलिस प्रशासन सीमा पर बनाए गए सेक्टर के हिसाब से मोर्चे पर डटी है। अब नेपाल में भी बॉर्डर से 10 किलोमीटर तक कोई भी शादी विवाह में ड्रोन नहीं उड़ा पाएगा। सीमा के बंद होने के बाद किसी को भी न तो आने दिया जाएगा और न ही जाने दिया जाएगा। किसी भी तीसरे देश के नागरिकों को भारत सीमा की ओर न जाने को कहा गया है। इसके साथ ही असमाजिक तत्वों पर भारत-नेपाल की खुफिया विभाग नजर रख रही है।

भारत का तुर्किए पर कड़ा प्रहार: अब Celebi Airport सर्विसेज का सिक्योरिटी क्लियरेंस किया रद

नई दिल्ली भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान की मदद करने वाले तुर्किए के खिलाफ मोदी सरकार लगातार एक्शन ले रही है। शुक्रवार को नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो ने सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सुरक्षा मंजूरी  तत्काल प्रभाव से रद कर दी है। सरकार ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में यह फैसला लिया गया है। सेलेबी एक तुर्किए की कंपनी है जो भारत में ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं देती है. यह कंपनी मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद सहित कई प्रमुख हवाई अड्डों पर बैगेज हैंडलिंग, रैंप सर्विस, कार्गो हैंडलिंग जैसी सेवाएं देती रही है। एयरपोर्ट पर कई अहम जिम्मेदारी संभालते हैं सेलिबी के कर्मचारी सेलिबी एविएशन भारतीय एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो प्रबंधन और एयरसाइड ऑपरेशन्स से जुड़े काम करती है। इस कंपनी से जुड़े कर्मचारी एयरसाइड जोन में काम करते हैं, जो एयरपोर्ट्स के हाई सिक्योरिटी वाले क्षेत्र हैं, जो विमाने से सीधे संपर्क में आते हैं। सेलिबी के कर्मचारी एयरपोर्ट पर कार्गो लॉजिस्टिक्स और पैसेंजर्स बैगेज भी संभालते हैं। भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने दागे थे तुर्किए के बने ड्रोन भारतीय सेना ने जानकारी दी है कि तुर्किए ने पाकिस्तान को सैन्य ड्रोन मुहैय्या कराया है, जिसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया गया था। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पर ड्रोन हमले करने में तुर्की के सलाहकारों ने पाकिस्तानी सेना की मदद की थी।

जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म नहीं करता है, तब तक सिंधु जल संधि पर रोक जारी रहेगी: जयशंकर

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक रहे तनाव पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि इस दौरान हमें काफी अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला। भारत के पास यूएनएससी का प्रस्ताव था कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए से जवाबदेह ठहराया भी गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के आतंकियों के खिलाफ चलाया गया था और इस दौरान पाकिस्तानी आर्मी के पास एक विकल्प था कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। विदेश मंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म नहीं करता है, तब तक सिंधु जल संधि पर रोक जारी रहेगी। तनाव में कुछ नरमी आने के बाद पाकिस्तान ने बीते दिन भारत को पत्र लिखकर जल संधि पर फिर से विचार करने की अपील की थी। होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि हमारे लिए यह बहुत अच्छी बात है कि हमारे पास होंडुरास का नया दूतावास है। वे उन देशों में से एक हैं जिन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले के समय मजबूत एकजुटता व्यक्त की थी। विदेश मंत्री ने साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पूरी तरह से द्विपक्षीय ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सालों से राष्ट्रीय सहमति है और इसमें बिल्कुल भी बदलाव नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद पर होगी। पाकिस्तान के पास आतंकवादियों की एक लिस्ट है, जिसे सौंपे जाने की जरूरत है, और उन्हें आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को बंद करना होगा। वे जानते हैं कि क्या करना है। हम उनके साथ आतंकवाद के बारे में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। ये वे बातचीत हैं, जो संभव हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “हमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरुआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर और पाकिस्तानी सेना के पास यह विकल्प था कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। उन्होंने इस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया। एक बार 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया। यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करना कौन चाहता था।” सिंधु जल संधि पर अभी जारी रहेगी रोक पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को रोकने समेत कई अहम फैसले किए थे। जयशंकर ने साफ किया है कि सिंधु जल संधि स्थगित है और यह तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय तरीके से रोकता नहीं है। उन्होंने कहा, ”कश्मीर पर चर्चा के लिए केवल एक ही बात बची है, वह है पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना, हम इस चर्चा के लिए तैयार हैं।” उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए से लिया था। पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक में जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों के 100 से ज्यादा आतंकवादी ढेर हो गए थे।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह किए गए लश्कर-ए-तैयबा के अड्डों को अब दोबारा बसाने की जिम्मेदारी पाक सरकार ने ली

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी असली सोच का खुला सबूत दे दिया है। भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह किए गए आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा के अड्डों को अब दोबारा बसाने की जिम्मेदारी खुद पाकिस्तान सरकार ने ले ली है। ये एलान खुद शहबाज शरीफ के मंत्री राणा तनवीर हुसैन ने किया है। राणा तनवीर ने वहां सरेआम कहा कि सरकार इन ठिकानों को अपने खर्चे पर फिर से बनाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी बताया कि खुद प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तानी फौज के प्रमुख असीम मुनीर इन निर्माण कार्यों में व्यक्तिगत आर्थिक मदद देंगे। पाकिस्तान के मीडिया ने भी इस बयान को प्रमुखता से छापा है। ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए थे लश्कर के ठिकाने गौरतलब है कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर के 9 अहम ठिकानों पर धावा बोलकर लश्कर-ए-तैयबा के कई अड्डों को तबाह कर दिया था। इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस अभियान के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव काफी बढ़ गया था, लेकिन बाद में युद्धविराम पर सहमति बनी। दी जाती थी आतंकियों को ट्रेनिंग दरअसल मुरीदके लाहौर से करीब 33 किलोमीटर दूर है, वहां लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मरकज-ए-तैयबा नाम से स्थित है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 200 एकड़ में फैले इस परिसर में आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी, उनकी भर्ती की जाती थी और वहीं से भारत पर हमलों की साजिशें रची जाती थीं। यही वह जगह है जहां से 1980 में पाकिस्तान की आईएसआई की मदद से हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा की नींव रखी थी। अब जब पाकिस्तान खुद इन तबाह हुए अड्डों को दोबारा खड़ा करने की बात कर रहा है, तो इससे साफ हो जाता है कि वो आतंक के खिलाफ लड़ाई का केवल नाटक करता है, असल में वह उसे पाल-पोस रहा है।

BPSC की परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमिश्नर बनी 25 साल की हिंदू महिला कशिश चौधरी

इस्लामाबाद बलूचिस्तान के नॉशकी शहर की रहने वाली 25 वर्षीय हिंदू युवती कशिश चौधरी ने एक नया इतिहास रच दिया है। कशिश ने बलूचिस्तान पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की परीक्षा पास कर पहली हिंदू महिला असिस्टेंट कमिश्नर बनने का गौरव हासिल किया है। कशिश चौधरी की इस सफलता पर न केवल उनके परिवार में खुशी की लहर है, बल्कि पूरे पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भी यह गर्व का विषय बन गया है। सोमवार को कशिश ने अपने पिता गिरधारी लाल के साथ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती से मुलाकात की। इस मौके पर कशिश ने कहा कि वह महिलाओं और हाशिए पर पड़े समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने पर काम करेंगी।   अन्य हिंदू महिलाओं की सफलता की कहानियां मनीषा रोपेता ने 2022 में कराची में एसपी (SP) बनकर इतिहास रचा था। पुष्पा कुमारी कोहली, जो एससी (SC) समुदाय से हैं, कराची पुलिस फोर्स में सब-इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने सिंध पब्लिक सर्विस परीक्षा पास की थी। सुमन पवन बोदानी को 2019 में शाहदादकोट में सिविल जज नियुक्त किया गया था। जो इस समय पाकिस्तान के हैदराबाद में कार्यरत हैं। कशिश चौधरी की इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल बलूचिस्तान बल्कि पूरे पाकिस्तान में रह रही हिंदू महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। कशिश की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कशिश एक मिसाल बनकर उभरी हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने बयान से पलट गए, कहा- ‘मैंने जंग नहीं रुकवाई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता नहीं कराई। उन्होंने कहा कि मैंने दोनों देशों के बीच तनाव का समाधान निकालने में मदद की थी। कतर दौरे पर पहुंचे ट्रंप ने अल-उदीद एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने ये नहीं कहना चाहता कि मैने ऐसा किया। लेकिन मैंने पिछले सप्ताह पाकिस्तान और भारत के बीच समस्या को सुलझाने में मदद की, जो काफी तनावपूर्ण होती जा रही थी।’ कई बार ले चुके थे क्रेडिट ट्रंप ने मंगलवार को सऊदी अरब की यात्रा के दौरान दावा किया था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच सफलतापूर्वक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने गत शनिवार को दो बार यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम उन्होंने करवाया। इसके बाद सोमवार को तीसरी बार उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष को रोकने में उनकी सरकार ने मध्यस्थता की और लाखों लोगों की जान बचाई। बता दें कि ट्रंप इस समय पश्चिम एशिया के चार दिवसीय दौरे पर हैं। भारत ने खारिज कर दिया था बयान भारत ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने फोन कर भारत से सीजफायर की गुजारिश की थी। इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं है। अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने फिर से दावा किया कि उन्होंने देशों से ट्रेड के बारे में बात की।

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