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आईटी रिटर्न में गड़बड़ी वालों से सरकार ने डेटा और एनालिटिक्स का उपयोग कर, वसूले 37,000 करोड़ रुपये

नई दिल्ली इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पिछले 20 महीनों में ऐसे लोगों से ₹37,000 करोड़ वसूले हैं, जो टैक्सेबल इनकम होने के बावजूद रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शंस के एनालिसिस के बाद ऐसे लोगों की पहचान की। यह खर्च नकद में किया गया था। इन लोगों ने 2019-20 के दौरान रत्न और आभूषणों की खरीद, प्रॉपर्टी और लग्जरी होलिडेज पर जमकर खर्च किया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटी को बताया कि ये ऐसे मामले हैं, जहां लोग बड़ी खरीदारी करने के बावजूद टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे। विभाग ने पिछले 20 महीनों में उनसे संपर्क किया था। अधिकारी ने कहा कि व्यापक और अधिक सख्त टैक्स कलेक्शन और स्रोत पर कटौती (TDS) व्यवस्था ने हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने में मदद की है। ये ऐसे ट्रांजैक्शन थे जो किसी तरह टैक्स अधिकारियों की नजरों से छूट गए थे। कई ऐसे भी मामले भी हैं जिनमें लोगों ने जमकर खर्च किया और टैक्स देनदारी के बावजूद जीरो इनकम घोषित करते हुए रिटर्न दाखिल किया। अधिकारी ने कहा कि ₹37,000 करोड़ में से हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन करने वाले लोगों से ₹1,320 करोड़ की वसूली की गई। विभाग उन टैक्सपेयर्स से संपर्क साध रहा है जिनका खर्च पैटर्न और आईटी रिटर्न में गड़बड़ी है। कैसे पकड़ी गई चोरी इनकम टैक्स विभाग टैक्स चोरी का पता लगाने के लिए डेटा और एनालिटिक्स का उपयोग कर रहा है और ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने के लिए वित्त वर्ष 2021 से गैर-फाइलर मॉनीटरिंग सिस्टम को तैनात किया गया है। अधिकारी ने कहा कि कई स्रोतों से प्राप्त डेटा टैप और सिंक्रोनाइज किया जा रहा है। इससे विभाग के लिए टैक्स चोरी की पहचान करना और ऐसे लोगों को पकड़ना आसान हो जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-नवंबर में प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.4% बढ़कर ₹12.10 लाख करोड़ हो गया। इसमें ₹5.10 लाख करोड़ का कॉर्पोरेट कर और ₹6.61 लाख करोड़ का गैर-कॉर्पोरेट कर शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Navi Mumbai के खारघर में Iskcon Temple का करेंगे उद्घाटन

 मुंबई नवी मुंबई के खड़गपुर में 12 साल की मेहनत के बाद भव्य इस्कोन मंदिर बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने 15 तारीख को इस मंदिर का उद्घाटन करने वाले हैं। मंदिर का नाम राधा मदनमोहनजी मंदिर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मंदिर के निर्माण में 170 करोड़ रुपये का खर्च आया है। मंदिर के ट्रस्टी और अध्यक्ष सूरदास प्रभु ने कहा कि आधुनिक समय में यह मंदिर बड़ा आध्यात्मिक केंद्र बनने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां कल्चरल सेंटर और वैदिक संग्रहालय का भी शिलान्यास करेंगे। इसमें भारत की महान संस्कृति की छवि देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर देखने आ चुके हैं। 12 अक्टूबर को नवी मुंबई दौरे के समय वह यहां आए थे। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में हरियाली के बीच यह मंदिर बहुत बहुत भव्य नजर आता है। मंदिर के उद्घाटन का कार्यक्रम 9 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। इसके बाद यह कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा। 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। मंदिर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक मकर संक्रांति के मौके पर इसका उद्घाटन किया जाना है। इस मंदिर में भक्तिवेदंत कॉलेज ऑफ वैदिक एजुकेशन, एक लाइब्रेरी, आयुर्वेदिक हीलिंग सेंटर, गौशाला, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रम, जैविक खेत भी होंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन,मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी शामिल हो सकते हैं। एक सप्ताह के कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक सेमिनार, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इस मंदिर में दशावतार की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं।

फ्रांस में चक्रवात आने से 1000 लोगों के मरने की आशंका, हर तरफ तबाही

पेरिस फ्रांस के मायोट क्षेत्र में चक्रवात ‘चिडो’ के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। कई इलाकों पर तबाही का ऐसा मंजर पसरा हुआ है, मानो परमाणु हमले के बाद की तबाही हो। स्थानीय लोगों का हाल इतना बुरा है कि कई दिनों से पीने को पानी नहीं है, खाने को भोजन नहीं और कइयों के तो घर तूफान में उड़ गए। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या हजारों में भी जा सकती है। चक्रवात चिडो के कारण मायोट इलाके में 225 किमी/घंटा (140 मील प्रति घंटे) से अधिक की गति से हवाएं चलीं। इससे वे क्षेत्र नष्ट हो गए जहां बेसहारा लोग टिन की छत वाली झुग्गियों में रह रहे थे। इलाके के एक स्थानीय ममूदज़ौ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “हमें तीन दिनों से पानी नहीं मिला है।” एक अन्य ने कहा, “मेरे कुछ पड़ोसी भूखे और प्यासे हैं।” मलबे से शवों को निकालने में लगेंगे कई दिन बचावकर्मी मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। बचाव कर्मियों का कहना है कि इलाके में तबाही इतनी ज्यादा है कि मलबे से शवों को निकालने में ही कई दिन लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या हज़ारों तक पहुंच सकती है। चक्रवात के कारण हवाई अड्डे सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, इलाके तबाह हो गए हैं और बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। फ्रांस ने 90 साल बाद देखी ऐसी तबाही फ्रांस के एक टीवी चैनल मायोट लाएरे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह 90 वर्षों में आया अब तक का सबसे भयंकर तूफान है। इस तबाही में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, शायद संख्या लगभग एक हजार के करीब हो सकती है या फिर हजारों में भी पहुंच सकती है।” फ्रांस के गृह मंत्रालय ने सोमवार को कम से कम 11 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी लेकिन कहा कि यह संख्या काफी बढ़ने की आशंका है। अफ्रीका के तट से दूर दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर में स्थित मायोट, फ्रांस का सबसे गरीब द्वीप क्षेत्र और यूरोपीय संघ का सबसे गरीब क्षेत्र है।

PMML का राहुल को लेटर- नेहरू के डॉक्यूमेंट्स लौटाएं, 2008 में सोनिया ने म्यूजियम से मंगवाए थे

नई दिल्ली भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पत्र लौटाने के लिए सांसद राहुल गांधी को पत्र लिखा गया है। यह पत्र PMML यानी प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय की ओर से लिखा गया है। हालांकि, अब तक इसे लेकर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। खबर है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास इन पत्रों को करीब 16 साल पहले पहुंचाया गया था। 10 दिसंबर को PMML के सदस्य रिजवान कादरी की ओर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पत्र भेजा गया है। इसमें उनसे अपील की गई है कि सोनिया गांधी की तरफ से वापस बुलाए गए ओरिजिनल लेटर लौटाएं या उनकी फोटोकॉपी या डिजिटल कॉपी दाखिल करें। खास बात है कि सितंबर में भी सोनिया गांधी से पत्र लौटाने का अनुरोध किया गया था। साल 1971 में इन पत्रों को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (अब PMML) में जमा कराए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर साल 2008 में 51 बॉक्स में ये लेटर वापस सोनिया गांधी को भेज दिए गए थे। खास बात है कि तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली UPA सरकार थी। पंडित नेहरू के पत्र इन पत्रों में नेहरू समेत इतिहास के कई बड़े नामों के बीच संवाद हैं। इनमें एडविना माउंटबेटन, एल्बर्ट आइंस्टीन, जयप्रकाश नारायण, पद्मजा नायडू, विजयलक्ष्मी पंडित, अरुणा आसिफ, बाबू जगजीवन राम, गोविंद वल्लभ पंत समेत कई लोग शामिल हैं। PMML की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है, ‘हम समझते हैं कि ये पत्र नेहरू परिवार के लिए निजी महत्व रख सकते हैं। हालांकि, PMML का मानना है कि ऐतिहासिक सामग्री तक… आसान पहुंच बनाना स्कॉलर्स और रिसर्चर्स की काफी मदद कर सकता है।’ रिजवान कादरी ने चिट्ठी में क्या लिखा? कादरी ने अपनी चिट्टी में आगे लिखा है,  2008 में तत्कालीन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के अनुरोध पर इन दस्तावेजों का एक संग्रह पीएमएमएल से वापस ले लिया गया था। हम समझते हैं कि ये दस्तावेज ‘नेहरू परिवार’ के लिए व्यक्तिगत महत्व रखते होंगे। मगर पीएमएमएल का मानना है कि ये ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज हैं और इन तक पहुंच आवश्यक है। सोनिया गांधी से भी की थी लेटर लौटाने की मांग कादरी ने  बातचीत में बताया कि सितंबर 2024 में भी मैंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि 2008 में नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय से वापस लिए गए 51 डिब्बों को लौटा दिए जाएं या हमें उन्हें देखने और स्कैन करने की अनुमति दी जाए या फिर उनकी एक प्रति हमें प्रदान की जाए ताकि हम उनका अध्ययन कर सकें। इस पर अब तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। तो मैंने विपक्ष के नेता और उनके बेटे राहुल गांधी से उन्हें वापस लाने में हमारी मदद करने का अनुरोध किया। हमें उम्मीद है कि विपक्ष के नेता के रूप में वे इस पर गौर करेंगे और इसे शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराएंगे।” नेहरू ने किसके नाम लिखी थी चिट्ठी बता दें कि नेहरू ने ये चिट्टी अपने शासनकाल में जयप्रकाश नारायण, बाबू जगजीवन राम, एडविना माउंटबेट, पद्मजा नायडू, विजया लक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ और गोविंद बल्लभ समेत अन्य भारतीय इतिहास से संबंधित लोगों के कई महत्वपूर्ण पत्र वहां थे। रिजवान कादरी ने बताया कि ये लेटर जवाहरलाल नेहरु मेमोरियल ने 1971 में नेहरु मेमोरियल म्यूज़ियम एंड लाइब्रेरी (अब पीएमएमएल) को दिए थे। बता दें कि15 जून, 2023 नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री म्यूजियम और लाइब्रेरी सोसाइटी’ रखने का फैसला किया गया था।  

बांग्लादेश : मोहम्मद युनुस ने कहा है 2025 के आखिरी या फिर 2026 की शुरुआत में आम चुनाव कराए जा सकते

ढाका बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया नोबल विजेता मोहम्मद युनुस ने कहा है कि 2025 के आखिरी या फिर 2026 की शुरुआत में आम चुनाव कराए जा सकते हैं। तब तक अंतरिम सरकार ही देश की सरकार चलाएगी। शेख हसीना को हटाने के बाद मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बनाया गया है। वहीं बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रहे हैं। यूनुस ने सोमवार को एक टीवी चैनल को बताया कि चुनाव आखिरी 2025 या फिर 2026 की शुरुआत में ही होंगे। बांग्लादेश में युनुस पर आम चुनाव को लेकर अब दबाव बढ़ रहा है। वहीं तख्तापलट के बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं। युनुस ने कहा कि चुनाव कराने से पहले बहुत सारे सुधार करने की जरूरत है। वोटर लिस्ट में सुधार केसाथ ही चुनावी प्रक्रिया को भी सुधारना है। इससे पहले 7 जनवरी 2024 को ही बांग्लादेश में आम चुनाव करवाए गए थे। लागातर चौथी बार शेख हसीना की आवामी लीग ने जीत दर्ज की थी। विजय दिवस के मौके पर मोहम्मद युनुसन ने चुनाव को लेकर प्लान सामने रखा है। वहीं शेख हसीना ने रविवार को देश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर एक और तीखा हमला किया तथा उन पर एक ऐसे ‘अलोकतांत्रिक समू’’ का नेतृत्व करने का आरोप लगाया, जिसकी लोगों के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है। ‘विजय दिवस’ की पूर्व संध्या पर एक बयान में हसीना ने यूनुस को ‘फासीवादी’ कहा और आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व वाली सरकार का मुख्य उद्देश्य मुक्ति संग्राम और मुक्ति समर्थक ताकतों की भावना को दबाना है। बांग्लादेश 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाता है। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के तत्कालीन प्रमुख जनरल अमीर अब्दुल्ला खान नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ 13 दिन के युद्ध के बाद भारतीय सेना और ‘मुक्ति वाहिनी’ की संयुक्त सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश बन गया। हसीना ने अपने बयान में कहा कि ‘राष्ट्र विरोधी समूहों’ ने असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘फासीवादी यूनुस के नेतृत्व वाले इस अलोकतांत्रिक समूह की जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘वे सत्ता पर कब्जा कर रहे हैं और सभी जन कल्याण कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।’ हसीना ने यूनुस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बांग्लादेश के लोग बढ़ती कीमतों के बोझ तले दबे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘चूंकि यह सरकार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई नहीं है, इसलिए लोगों के प्रति उनकी कोई जवाबदेही नहीं है। उनका मुख्य उद्देश्य मुक्ति संग्राम और मुक्ति समर्थक ताकतों की भावना और उनकी आवाज को दबाना है।’

Justice Shekhar Yadav के विवादित बयान पर Supreme Court सख्त, CJI की अध्यक्षता में होगी चर्चा

नईदिल्ली ‘देश बहुसंख्यकों के हिसाब से चलेगा’ वाला बयान देकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव विवादों में घिर गए हैं। हंगामा होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर बड़ा एक्शन लिया है। SC कॉलेजियम ने जस्टिस शेखर कुमार यादव को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजा है। जस्टिस शेखर कुमार यादव को अपने विवादास्पद बयान पर स्पष्टीकरण देने को भी कहा गया है। गौरतलब है कि जस्टिस शेखर कुमार यादव ने विश्व हिंदू परिषद की लीगल सेल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि देश का कानून बहुसंख्यकों की इच्छा के मुताबिक चलेगा। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया कि देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाला कॉलेजियम इस मामले पर जल्द ही सुनवाई करेगी। खबरों के मुताबिक शीर्ष अदालत के शीतकालीन अवकाश यानी 17 दिसंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विचार विमर्श करेगी। इससे पहले 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बयान से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट से रिपोर्ट मांगी थी। शीर्ष अदालत के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस शेखर कुमार यादव द्वारा दिए गए भाषण की खबरों पर संज्ञान लिया है। हाइकोर्ट से दूसरी डिटेल भी मांगे गए हैं और मामला विचाराधीन है।” 8 दिसंबर को प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कार्यक्रम में जस्टिस यादव ने समान नागरिक संहिता में बोलते हुए कहा, “यह कानून है। कानून असल में बहुमत के अनुसार ही काम करता है। इसे परिवार या समाज के संदर्भ में देखें। बस वही स्वीकार किया जाएगा जिससे बहुसंख्यक को खुशी और लाभ मिलें।” सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर खूब हंगामा हुआ था। विपक्षी नेताओं ने जज की इस टिप्पणी को विभाजनकारी और असंवैधानिक बताया था। वहीं कानून जगत से जुड़े लोगों ने भी इस पर गंभीर प्रश्न उठाए थे। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने चीफ जस्टिस संजीव खन्ना को चिट्ठी लिखकर कहा था कि यह टिप्पणी जज के पद की शपथ का उल्लंघन है। बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी इस टिप्पणी की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। इस बीच 55 विपक्षी सांसदों ने पिछले शुक्रवार को राज्यसभा में जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग करते हुए एक नोटिस दाखिल किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नशे की लत देश के युवाओं की चमक को ही खत्म करने वाली चीज है, उनका पूरा तेज इससे छिन जाता है

नई दिल्ली नशे में डूबने का मतलब कूल होना नहीं है और इससे बचना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक केस की सुनवाई करते हुए देश के युवाओं को यह नसीहत दी। अदालत ने कहा कि दुखद है कि इन दिनों नशा करने या उसकी लत का शिकार होने को कूल होने से जोड़ दिया गया है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह ने ड्रग तस्करी के मामले की सुनवाई करते हुए यह बात कही। इस केस की जांच एनआईए कर रही है, जिसमें अंकुश विपिन कपूर पर आरोप है कि वह ड्रग तस्करी का नेटवर्क चलाता था। उसने पाकिस्तान से समुद्र के रास्ते बड़े पैमाने पर हीरोइन की तस्करी भारत में कराई थी। जस्टिस नागरत्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नशे की लत का सामाजिक आर्थिक तौर पर और मनोवैज्ञानिक रूप से युवाओं पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं की चमक को ही खत्म करने वाली चीज है। उनका पूरा तेज इससे छिन जाता है। अदालत ने कहा कि नशे की लत से युवाओं को बचाने के लिए पैरेंट्स, समाज और सरकारी एजेंसियों को प्रयास करने होंगे। हमें कुछ गाइडलाइंस भी तय करनी चाहिए, जिसके अनुसार ऐक्शन लिया जाए और युवाओं को इससे बचाया जाए। अदालत ने कहा कि यह चिंता की बात है कि पूरे भारत में ड्रग्स का रैकेट चल रहा है। इसका प्रभाव सभी समाज, आयु और धर्म के लोगों में दिख रहा है। अदालत ने कहा कि ड्रग्स तस्करी से पैदा हुई रकम का इस्तेमाल देश के दुश्मन हिंसा और आतंकवाद फैलाने में भी करते हैं। जजमेंट में कहा गया कि आज की युवा पीढ़ी को लेकर कहा जाता है कि वे संगत में, पढ़ाई के तनाव में या फिर परिवेश के चलते ऐसा किया जाता है। अदालत ने कहा कि ऐसा करने वाले लोग अकसर बच निकलते हैं और यह चिंता की बात है। बेंच ने कहा कि यह पैरेंट्स की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सुरक्षित माहौल में रखें। उन्हें भावनात्मक कवच प्रदान करें। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि बच्चे यदि भावनात्मक रूप से परिवार से जुड़े रहते हैं और उस परिवेश का प्रभाव उन पर रहे तो उनके नशे की लत का शिकार होने की संभावना कम होती है।

शहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन, अमेरिका में चल रहा था इलाज

 सैन फ्रांसिस्को दुनियाभर में शास्त्रीय संगीत में भारत को अलग पहचान दिलाने वाले उस्ताद और मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं रहे। 73 साल की उम्र में जाकिर हुसैन का निधन हो गया। जाकिर हुसैन ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आखिरी सांस ली। जाकिर हुसैन फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे। जिसके चलते उन्हें दिल से जुड़ी समस्याएं पैदा हुईं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हार्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण उनकी मौत हो गई।  रिपोर्ट की मानें को जाकिर हुसैन के परिवार ने एक बयान में कहा कि उन्हें ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ नामक एक दुर्लभ फेफड़ों की बीमारी थी, जिसकी वजह से कॉम्प्लिकेशन आने लगे थे। इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) क्या है? इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। आप सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों में छोटी-छोटी हवा की थैलियों से होते हुए खून में जाता है और फिर यहां से शरीर के सभी अंगों को मिलता है। लेकिन आईपीएफ होने पर फेफड़ों के भीतर निशान ऊतक बढ़ने लगते हैं। जिससे सांस लेना मुश्किल होने लगता है। उम्र के साथ ये समस्या और भी खराब होने लगती है। इससे फेफड़ों के जरिए खून में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। जिससे आपके शरीर के दूसरे अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के लक्षण और इलाज आपको बता दें इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस का कोई इलाज नहीं है इस सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है। स्थिति गंभीर होने पर लंग ट्र्रांसप्लांट का विकल्प होता है। धीरे धीरे फेफड़ों में ऊतक बढ़ने लगते हैं और फेफड़ों में जख्म जैसे हो जाके हैं। जिसकी वजह से आपको सीने में दर्द या जकड़न, पैर में सूजन, भूख में कमी, गले में खराश, खांसी, थकान महसूस होना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, वजन घटना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर आप किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित हैं तो मुश्किलें और बढ़ने लगती हैं।

कोच्चि पहुंचेगा 16 दिसंबर को वियतनाम तटरक्षक जहाज

कोच्चि. वियतनाम तटरक्षक जहाज सीएसबी 8005 भारत में चल रही विदेशी तैनाती के हिस्से के रूप में 16 दिसंबर को कोच्चि पहुंचने वाला है, जिसका उद्देश्य दोनों बलों के बीच समुद्री सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना है। यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार चार दिवसीय यात्रा के दौरान वीसीजी जहाज का चालक दल समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया (एमपीआर), समुद्री खोज एवं बचाव (एम-एसएआर), और समुद्री कानून प्रवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेशेवर बातचीत में शामिल होगा। वहीं, गतिविधियों में क्रॉस-डेक प्रशिक्षण, विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान, सामाजिक संपर्क, मार्ग अभ्यास (पीएएसएसईएक्स), प्रमुख अग्निशमन अभ्यास, विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर (वीबीएसएस), काउंटर ड्रग्स इंटरडिक्शन और भारतीय तटरक्षक के साथ तेल प्रदूषण प्रतिक्रिया प्रदर्शन शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य न केवल वियतनाम तटरक्षक और भारतीय तटरक्षक के बीच संबंधों को मजबूत करना है, बल्कि जहाज निर्माण में भारत की तकनीकी उन्नति को प्रदर्शित करना भी है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा का समर्थन करता है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय तटरक्षक और वियतनाम तटरक्षक के बीच एक मौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) है, जिसने दो समुद्री एजेंसियों के बीच सहकारी जुड़ाव को संस्थागत रूप दिया है। वीसीजी जहाज का यह दौरा एमओयू के प्रावधानों के अनुरूप है और इसलिए, यह विदेशी मित्र देशों (एफएफसी) के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए भारतीय तटरक्षक की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वीसीजी जहाज की यात्रा प्रमुख समुद्री साझेदारों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है, जो समकालीन समुद्री चुनौतियों का समाधान करते हुए क्षेत्र में समुद्रों की सुरक्षा, संरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। समुद्री सुरक्षा पहलू पर आईसीजी का बढ़ता फोकस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ (सागर) के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की वैश्विक नेतृत्व स्थिति को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

चंद्र अभियान की बनी योजना, 108 देशों की कक्षा 8 और 9 की लड़कियां भाग लेंगी

चेन्नई चंद्रयान की सफलता के बाद देश के बच्चों में भी उसके बारे में और अधिक जाने की उत्सकता बढ़ गई है इसको देखते हुए चेन्नई स्थित स्पेस स्टार्टअप कंपनी ने सितंबर 2026 तक महिलाओं द्वारा संचालित वैज्ञानिक चंद्र अभियान की योजना बनाई है। इस अभियान में 108 देशों की कक्षा 8 और 9 की लड़कियां भाग लेंगी। यह अभियान तकनीकी रूप से महत्वाकांक्षी है, बल्कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा। स्पेस किड्ज इंडिया चांद की सतह पर 80 किलोग्राम के भार वाला एक यान क्रैश लैंड कराने की योजना बना रहा है। इस यान में एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक प्रोपल्सन मॉड्यूल शामिल किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य केवल चांद पर यान पहुंचाना नहीं, बल्कि 108 देशों की लड़कियों को सैटेलाइट तकनीक में प्रशिक्षित करना और उन्हें इस मिशन का हिस्सा बनाना है। अभियान के तहत जनवरी 2025 से 12 हजार लड़कियों को सैटेलाइट तकनीक का प्रशिक्षण ऑनलाइन दिया जाएगा। सितंबर 2025 तक हर देश से एक लड़की को चुनकर भारत लाया जाएगा। यहां वह स्पेस किड्ज इंडिया की टीम के साथ मिलकर चंद्रयान के निर्माण का हिस्सा बनेंगी। स्पेस किड्ज इंडिया ने इससे पहले भी फरवरी 2023 में आजादीसैट नामक सैटेलाइट मिशन का नेतृत्व किया था, जिसे भारत के 750 सरकारी स्कूलों की छात्राओं ने बनाया था। इसे इसरो के एसएसएलवी-डी2 रॉकेट से लॉन्च किया था। स्पेस किड्ज इंडिया का यह मिशन वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को बढ़ावा देगा। अभियान पूरी तरह से लड़कियों द्वारा संचालित किया जाएगा। इस मिशन के लिए पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल किया जाएगा। इस मिशन पर अनुमानित खर्च 80 लाख से 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर आएगा। यह मुख्य रूप से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंडिंग से संचालित होगा। स्पेस किड्ज इंडिया इसरो और अन्य वैश्विक एजेंसियों के साथ साझेदारी कर रही है ताकि बच्चों को प्रशिक्षित किया जा सके और मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। अगर यह अभियान सफल होता है, तो यह भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह मिशन न केवल विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की शक्ति को प्रदर्शित करेगा, बल्कि दुनिया भर में लड़कियों को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगा। चेन्नई की यह स्पेस कंपनी अंतरिक्ष क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने के साथ विज्ञान के क्षेत्र में भारत को ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में काम कर रही है।  

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ बिल आज लोकसभा में नहीं होगा पेश, जानें सरकार ने क्यों बदला फैसला

नई दिल्ली बीते कुछ दिनों से देश में “वन नेशन, वन इलेक्शन” (एक राष्ट्र, एक चुनाव) के विषय पर चर्चा तेज हो गई है। इस विषय से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक आज लोकसभा में पेश किए जाने थे, लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि इन विधेयकों को स्थगित कर दिया गया है। आज पेश होने वाला यह बिल अब लोकसभा के कार्यसूची से हटा दिया गया है। सरकार ने क्यों बदला फैसला? इससे पहले शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी कार्यसूची में कहा गया था कि ये विधेयक सोमवार को संसद में रखे जाएंगे, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरकार ने अचानक बिल पेश करने का फैसला क्यों बदला। फिलहाल, यह भी नहीं बताया गया है कि इन विधेयकों को कब लाया जाएगा। कब खत्म होगा शीतकालीन सत्र लोकसभा का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, और यह देखना होगा कि सरकार इस बिल को इसी सत्र के दौरान पेश करती है या बाद में। सूत्रों के अनुसार, सरकार अब इन विधेयकों को तब लाने पर विचार कर रही है जब वित्तीय व्यवसाय पूरा हो जाएगा। पहले यह विधेयक, संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और संघ शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश होने थे। लोकसभा सचिवालय की संशोधित कार्यसूची में इन विधेयकों को अब सोमवार के एजेंडे से हटा दिया गया है। हालांकि, लोकसभा स्पीकर की अनुमति से सरकार इन विधेयकों को आखिरी समय में भी सदन में पेश कर सकती है। “वन नेशन, वन इलेक्शन” विधेयक क्या है? यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने से संबंधित हैं। पिछले सप्ताह, इन विधेयकों की प्रतियां सदस्यों को वितरित की गई थीं। सरकार इन विधेयकों को संसद में चर्चा और मंजूरी के लिए लाने पर विचार कर रही है, हालांकि अब तक इसकी तारीख स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस बदलाव से यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस महत्वपूर्ण और विवादित मुद्दे पर और अधिक विचार करना चाहती है। “एक राष्ट्र, एक चुनाव” के विषय पर चर्चा के बाद ही कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।

जम्मू-पुंछ-मेंढर के नए मार्ग पर रियायती हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित करने के प्रस्ताव को केंद्र से मिली मंजूरी

जम्मू केंद्र ने जम्मू-पुंछ-मेंढर के नए मार्ग पर रियायती हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें जम्मू-मेंढर-जम्मू का अतिरिक्त विकल्प भी शामिल है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय जम्मू-कश्मीर नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव मोहम्मद ऐजाज असद द्वारा सुदूरवर्ती क्षेत्र मेंढर को शीतकालीन राजधानी जम्मू से सीधे जोड़ने के प्रस्ताव के बाद लिया गया है। जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में रियायती दर वाली हेलीकॉप्टर सेवाएं पहले से ही चालू हैं, जिनमें किश्तवाड़-साउंडर-नवापाची-ईशान-किश्तवाड़, जम्मू-राजौरी-पुंछ-जम्मू, जम्मू-डोडा-किश्तवाड़-जम्मू, बांदीपुरा-कंजालवान-दावर-निरी-बांदीपुरा और कुपवाड़ा-माछिल-तंगधार-केरन-कुपवाड़ा शामिल हैं। गृह मंत्रालय से प्राप्त सूचना का हवाला देते हुए अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने जम्मू-पुंछ-मेंढर के नए मार्ग पर रियायती हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें जम्मू-मेंढर-जम्मू का अतिरिक्त विकल्प भी शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश को गृह मंत्रालय से स्वीकृत बजटीय आवंटन के भीतर सब्सिडी (रियायत) का दावा करने की सलाह दी गई है।  

दानिश मर्चेंट की डोंगरी में एक अवैध ड्रग यूनिट है जो दाऊद इब्राहिम से जुड़ी हुई है, मुंबई पुलिस ने किया अरेस्ट

मुंबई मुंबई पुलिस ने ड्रग ऑपरेशन मामले में गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के सहयोगी दानिश मर्चेंट उर्फ ​​दानिश चिकना को गिरफ्तार किया है। मर्चेंट के सहयोगी कादर गुलाम शेख की भी गिरफ्तारी हुई है। दानिश मर्चेंट की डोंगरी में एक अवैध ड्रग यूनिट है जो दाऊद इब्राहिम से जुड़ी हुई है। पिछले महीने 2 व्यक्तियों (मोहम्मद आशिकुर सहीदुर रहमान और रेहान शकील अंसारी) की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद से मर्चेंट की तलाश की जा रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने 8 नवंबर को आरोपी अशिकुर को मरीन लाइन स्टेशन इलाके से अरेस्ट किया गया। उसके पास से 144 ग्राम ड्रग बरामद की गई। इसे लेकर पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रेहान शकील से ड्रग्स खरीदी थी। इस पर ऐक्शन लेते हुए पुलिस ने तुरंत रेहान शकील को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 55 ग्राम ड्रग्स बरामद हुआ था। उसने बताया कि रहमान और उसके पास से मिले कुल 199 ग्राम ड्रग्स को दाऊद इब्राहिम के करीबी दानिश चिकना से खरीदा था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने साल 2019 में डोंगरी में दाऊद इब्राहिम की ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान करोड़ों रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया था। इसके बाद साल 2021 में दानिश मर्चेंट को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। जांच करने पर उसकी गाड़ी से भारी मात्रा में ड्रग्स मिला था। दानिश ‘चिंकू पठान मॉड्यूल’ का हिस्सा रहा है। एनसीबी ने जब उसके ड्रग्स मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया तो वह राजस्थान भागने की फिराक में था।

पहलवान विनेश फोगाट ने कहा ये बड़ी बात है कि वो हमारे लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, डल्लेवाल मजबूत इरादों वाले किसान नेता

नई दिल्ली खनौरी बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पिछले 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अनशन तोड़ने को तैयार नहीं हैं। उनसे मिलने पहुंची जुलाना विधायक और पहलवान विनेश फोगाट ने कहा ये बड़ी बात है कि वो हमारे लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। विनेश फोगाट अपने पति सोमबीर राठी के साथ किसान नेता का हालचाल जाने खनौरी बॉर्डर पहुंची। फोगाट ने कहा कि इससे बड़ा कोई दुख नहीं है। डल्लेवाल मजबूत इरादों के किसान नेता है। उन्हें सरकार ने ऐसी हालत में छोड़ दिया है। उनकी जरूरत हमें है। बात करने और अमल में लाने में अंतर है। आज एक बुजुर्ग वह व्यक्ति वहां भूखा बैठा है, कैंसर से पीड़ित है और उसने अपनी पत्नी को भी खो दिया है, फिर भी वह हमारे भविष्य के लिए लड़ रहा है और बहुत संघर्ष कर रहा है। ये बड़ी बात है। बता दें, पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय में निदेशक मयंक मिश्रा के साथ अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। डल्लेवाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार हम अनशनकारी नेता को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि डल्लेवाल बहुत महत्वपूर्ण किसान नेता और वरिष्ठ नागरिक हैं। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें चिकित्सा सुविधा मिले, क्योंकि खेती-किसानी के मुद्दों के लिए जीवन बहुत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का संदेश डल्लेवाल तक पहुंचाया है। सीएम का कहना है कि डल्लेवाल का जीवन कीमती है। उन्होंने आगे कहा कि धरना स्थल पर एंबुलेंस और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और पंजाब सरकार के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों के संपर्क में हैं। हम यहां किसानों से राज्य सरकार के साथ समन्वय करके मानवीय आधार पर चिकित्सा देखभाल सुविधाओं को स्वीकार करने की अपील करने आए हैं। डीजीपी ने यह भी कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के साथ चैनल खोले हैं और प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने को लेकर बातचीत की जा रही है। वहीं गृह मंत्रालय में निदेशक मयंक मिश्रा कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उनकी मांगों को सुनने आए हैं।

सेवा भारती ने समाज सेवा को अपने जीवन का ध्येय बना चुके है ऐसे 25 विभूतियों को किया सम्मानित

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि सेवाभारती समाज में उपेक्षित एवं वंचित वर्गों के उत्थान के जिस कार्य में लगी है उससे नि:संदेह भारत को पुन: विश्वगुरू बनने और समावेशी भारत बनाने में सहयोग प्राप्त होगा। डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित सेवा सम्मान कार्यक्रम में शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। जय भारत मारुति लि. (जेबीएम) के सीएमडी सुरेन्द्र आर्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकारों के साथ राष्ट्र के जागृत लोगों को भी समाज के समावेशी विकास में कार्य करना पड़ेगा। एकात्म मानवतावाद एवं अंत्योत्य के जिन विचारों के साथ सेवा भारती के कार्यकर्ता कार्य कर रहे हैं वो निसंदेह सराहनीय है। राजनाथ सिंह ने सभी सम्मान प्राप्त विभूतियों को बधाई दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह आलोक कुमार ने कहा कि सेवा ही वो कार्य है जिससे समाज में असमानता की खाई को कम किया जा सकता है। आलोक कुमार जी शनिवार को नई दिल्ली में सेवा भारती द्वारा आयोजित सेवा सम्मान 2024 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आलोक कुमार ने कहा कि सेवा ही वो कार्य है जिससे समाज में असमानता की खाई को कम किया जा सकता है। ये एक ईश्वरीय कार्य है जिसमें समाज के हर वर्ग को जुड़ना चाहिए। सेवा भारती को अगले वर्ष 4 गुना ज्यादा लोगों को सेवा सम्मान देना चाहिए, ताकि सेवाभावियों का उत्साह कई गुणा बढ़ जाए। उन्होंने कहा कि पुराणों में कहा गया है कि परोपकार करना पुण्य है और दूसरों को परेशान करना पाप है। जो लोग किसी चीज से वंचित हैं, उसे प्राप्त करवाना पुण्य का काम है। सेवा भारती का मानना है कि व्यक्तिगत स्तर पर सेवा की जानी चा‌हिए और इसमें समरसता का भाव होना चाहिए। सेवा भारती द्वारा सेवा सम्मान के माध्यम से ऐसे महानुभावों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया जाता है जो समाज सेवा को अपने जीवन का ध्येय बना चुके है। इस वर्ष 10 श्रेणियों में 25 लोगों को सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। जिन विभूतियों को सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया उनमें बद्री भगत झण्डेवाला टेम्पल सोसाइटी एवं स्व. सुभाष गुप्ता (मरणोपरांत) को सेवा रत्न से सम्मानित किया गया। यशपाल गुप्ता, वेद कुमार वढ़ेरा, तुषार गुप्ता, सरदार हरमनजीत सिंह, अजय गुप्ता, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड, सत्यभूषण जैन, डॉ. संजय सचदेवा, भाऊराव देवरस सेवा न्यास, साहिल मेंदीरत्ता, सान्या मेंदीरत्ता, संजय दत्ता, सीमा गुप्ता, सौरभ गर्ग, जादूगर सम्राट शंकर, बजरंग लाल अग्रवाल, गोपाल वर्मा, राकेश गुप्ता, संजीव मोंघा, सुभाष चंदर अग्रवाल, अंजू जैन, अलका बैगानी तथा सरदार नरेन्द्र सिंह चहल को सेवा भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सेवा भारती समाज में विभिन्न सेवा प्रकल्पों का संचालन करने वाली संस्था है। सेवा भारती 1979 से समाज सेवा में कार्यरत है। सेवा भारती द्वारा शिक्षा, चिकित्सा, स्वरोजगार, महिला स्वावलंबन, कुष्ट निवारण, अनाथ बच्चों की देखभाल और बालवाड़ी सहित अनेक सेवा कार्य किए जा रहे है। सेवा भारती देशभर में 1 लाख 80 हजार सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में विभिन्न स्तर पर सेवा प्रदान करती है।  

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