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कर्नाटक: बेंगलुरु में महिला से दुर्व्यवहार के आरोप में पुलिस कांस्टेबल निलंबित

बेंगलुरु. बेंगलुरु में पासपोर्ट सत्यापन के बहाने एक महिला तकनीकी विशेषज्ञ के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने और उसे परेशान करने के आरोप में पुलिस के एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि ब्याटारायणपुरा पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल को महिला की शिकायत के बाद पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (पश्चिम) एस. गिरीश ने निलंबित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, महिला का आरोप है कि आरोपी कांस्टेबल किरण उनके पासपोर्ट का सत्यापन करने के बहाने उसके घर आया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया तथा उसका उत्पीड़न किया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच के बाद कांस्टेबल को शनिवार को सेवा से निलंबित कर दिया गया है।

दिल्ली की हवा फिर ख़राब, अधिकतर इलाकों में एक्यूआई 200 के पार

नई दिल्ली राजधानी में सोमवार को भी हवा खराब श्रेणी में बरकरार रही। ऐसे में लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार यह स्थिति बृहस्पतिवार तक रहने के संकेत है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 280 रहा, जोकि खराब श्रेणी में है। यह बीते 24 घंटे के मुकाबले पांच सूचकांक की कमी दर्ज की गई है। अधिकतर इलाकों में एक्यूआई 200 के पार रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यहां पहुंचने वाली हवाओं की गति स्थिर नहीं होने की वजह से प्रदूषक फैल नहीं रहे हैं। इससे वायु गुणवत्ता खराब है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शादीपुर, नेहरू नगर व आनंद विहार समेत 12 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जबकि अशोक विहार, आया नगर समेत 21 इलाकों में खराब श्रेणी में हवा रही। इस दौरान हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चली। ऐसे में हवा की चाल 6 किलोमीटर प्रतिघंटे रही। सीपीसीबी के मुताबिक मंगलवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चल सकती है। हवा की गति आठ किलोमीटर प्रतिघंटे रह सकती है। वहीं, बुधवार को भी हवा उत्तर-पश्चिम दिशा के साथ 12-16 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति रहेगी। साथ ही, बृहस्पतिवार को हवा उत्तर-पश्चिम से चलेगी। एनसीआर में दिल्ली सबसे प्रदूषित आईआईटीएम के आंकड़ों के अनुसार मिक्सिंग, डेप्थ का स्तर 1120 मीटर रही। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स 4000 घनमीटर प्रति सेकंड रही। 24 घंटे के भीतर वेंटिलेशन इंडेक्स 7000 घनमीटर प्रति सेकंड रहने का अनुमान है। सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे साफ रही। यहां एक्यूआई 166 रहा, जोकि मध्यम श्रेणी में है। साथ ही, फरीदाबाद व ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 196, गुरुग्राम में 193 व गाजियाबाद में 169 एक्यूआई रहा। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सोमवार को अधिकतम एक्यूआई दर्ज -शादीपुर — 342 -नेहरु विहार — 335 -आनंद विहार — 311 -द्वारका सेक्टर आठ — 310 -बवाना — 304 -वजीरपुर — 290 -अशोक विहार — 291  

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को अपने ही देने लगे गच्चा, एक लाख से ज्यादा सैनिकों ने मैदान-ए जंग क्यों छोड़ा

नई दिल्ली. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को एक साथ कई मोर्चों पर टेंशन झेलना पड़ रहा है। उन्हें झटके पर झटका लग रहा है। एक तरफ उन पर रूस ताबड़तोड़ यूक्रेनी ठिकानों पर मिसाइलें दाग रहा है तो दूसरी तरफ अगले महीने डोनाल्ड ट्रंप के शासन संभालने के बाद वित्तीय और सैन्य मदद में कटौती का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच, युद्ध के मैदान से सैनिक भी ताबड़तोड़ जेलेंस्की को झटका दे रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 60,000 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिकों ने मैदाम-ए-जंग छोड़ दिया है। यह संख्या पिछले साल यानी 2022 और 2023 में युद्ध का मैदान छोड़ने वाले सैनिकों की संख्या से लगभग दोगुना है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल जनवरी से अक्तूबर के बीच रूस के खिलाफ जंग में दो सालों की तुलना में सबसे अधिक यूक्रेनी सैनिक रणक्षेत्र से भाग खड़े हुए हैं। बता दें कि फरवरी 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है, जिसके तीन साल पूरे होने को हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने यूक्रेन के महाभियोक्ता कार्यालय (Prosecutor General’s Office) के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा है कि इन तीन वर्षों में रूसी हमलों के खौफ से करीब एक लाख से ज्यादा सैनिकों पर युद्ध का मैदान छोड़कर भागने के आरोप लगे हैं। दरअसल, इस वर्ष यानी 2024 में साल भर रूस ने पूर्वी यूक्रेन के कई इलाकों में लगातार हमले किए हैं और अपनी पहुंच मजबूत की है। पूर्वी डोनेटस्क के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी रूसी फौज ने कब्जा किया है। अब रूस यूक्रेन के लिए सामरिक रूप से अहम अगदीवका जैसी प्रमुख बस्ती पर कब्जा करने का दावा कर रहा है। इसके अलावा रूस की नजर अब रणनीतिक रूप से अहम निप्रापेट्रोव्स्क पर है, जो डोनेटस्क सीमा के नजदीक है। हालांकि, रूस को भी सैनिकों की संख्या के मोर्चे पर कमी का सामना करना पड़ रहा है। उसे भी उत्तर कोरिया से भाड़े के सैनिक मंगवाने पड़े हैं। यूक्रेन में भी सैनिकों की भारी कमी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सतता है कि यूक्रेन ने अप्रैल में जो भर्तियां निकाली थीं, उसमें उम्र सीमा घटाकर 27 से 25 वर्ष कर दी थी। अब वाशिंगटन ने उसे सलाह दी है कि घटती सैनिक संख्या को पूरा करने के लिए यूक्रेन को भर्तियों में न्यूनतम उम्र सीमा घटाकर 18 से भी नीचे कर देना चाहिए। इस बीच AP की रिपोर्ट में यूक्रेन की 72वीं ब्रिगेड के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यूक्रेन के गढ़ शहर वुहलदार पर रूस के भीषण आक्रमण और शहर के खंडहर में तब्दील होने के बाद से बड़ी संख्या में सैनिकों ने युद्ध का मैदान छोड़कर पलायन किया है। हालांकि, वह अधिकारी पलायन कर चुके सैनिकों पर कोई आरोप लगाना नहीं चाहते और कहा कि हमने अब तक उनका अधिकतम उपयोग कर लिया है।

बाइडेन के बेटे पर ‘यू टर्न’ से उठे गंभीर सवाल, अदाणी पर आरोप लगाने वाले अमेरिकी न्याय विभाग की खुली पोल

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने बेटे को टैक्स चोरी और अवैध तरीके से बंदूक रखने के मामलों में आधिकारिक रूप से माफी दी है। दोनों ही मामले में हंटर बाइडेन को दोषी करार दिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस हैरान करने वाले कदम से राजनीतिक बिरादरी के भीतर से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही अदाणी ग्रुप के खिलाफ अभियोग को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। नव-निर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कदम को ‘न्याय की विफलता’ करार दिया है। जो बाइडेन ने जून में कहा था कि वह न तो अपने बेटे को माफ करेंगे और न ही उसकी सजा कम करेंगे। बाइडेन की तरफ से अपने बेटे को माफी देना, एक बड़ा यू टर्न माना जा रहा है। इसने अमेरिकी न्याय विभाग के ‘निष्पक्ष’ कामकाज को सवालों के घेरे में ला दिया है। बाइडेन ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उनके बेटे के खिलाफ मामले राजनीति से प्रेरित थे जिन्हें उनको और हंटर को ‘तोड़ने’ के लिए आगे बढ़ाया गया था। इस बीच, अमेरिकी सत्ता के गलियारों में इस बात पर तीखी बहस शुरू हो गई है कि क्या न्याय विभाग को राजनीतिक ताकतें नियंत्रित करती हैं। व्यापक रूप से माना जा रहा है कि न्याय विभाग की ओर से अदाणी पर लगाए गए अभियोग के पीछे भी निवर्तमान बाइडेन सरकार की राजनीति है। कई राजनीतिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद, अदाणी के खिलाफ अभियोग को भी वापस लिया जा सकता है। वकील और अमेरिकी ‘डीप स्टेट’ के कड़े आलोचक कश्यप पटेल ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों में व्यापक बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘न्याय विभाग में सभी लोग बस अपनी अगली पदोन्नति की तलाश में हैं।’ पटेल को ट्रंप ने अगले एफबीआई निदेशक के रूप में नामित किया है। यह न्याय विभाग ही था जिसने प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) के साथ मिलकर अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और समूह के अन्य अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति के बेटे हंटर बाइडेन को दोषी ठहराया गया, जबकि गौतम अदाणी, सागर अदाणी और वरिष्ठ कार्यकारी विनीत जैन को न्याय विभाग और एसईसी की ओर से केवल आरोपित किया गया। न्याय विभाग ने एक सार्वजनिक बयान में कह चुका है, “जब तक दोषी साबित नहीं हो जाते, तब तक प्रतिवादी निर्दोष हैं।” न्याय विभाग और एसईसी ने अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के प्रमुख अधिकारियों गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन के खिलाफ न्यूयॉर्क जिला न्यायालय में अभियोग और दीवानी शिकायत दर्ज की थी। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने आरोपों का खंडन करते हुए इसे ‘निराधार’ बताया और कहा कि वह अपने बचाव के लिए कानूनी सहारा लेगा।

कृष्णागिरी जिले में बाढ़ जैसे हालात, तमिलनाडु में चक्रवात फेंगल के कारण भारी बारिश

कृष्णागिरी। चक्रवात फेंगल के कारण तमिलनाडु में भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कृष्णागिरी जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। सबसे ज्यादा असर उथांगरई तालुका में देखा जा रहा है। उथांगरई बस अड्डे में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिस वजह से वहां खड़ी कई बसें पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई हैं। बाढ़ का पानी सड़कों पर बह रहा है, इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इलाके के कई घरों में भी पानी घुस गया है। लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं मिट्टापल्ली, पुरुकलापल्ली और इलाचियूर गांवों में बाढ़ की स्तिथि बन गई है। सिंगारपट्टई में पेरियार झील भर जाने से पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। इस कारण इलाके के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बीसी वेलफेयर हॉस्टल में भी पानी भर गया है, जिसके चलते आठ छात्रों को उथांगरई के दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया। इसके अलावा, जवाधु पहाड़ियों से पानी के आवक में तेजी के कारण उथांगरई तालुका की एक पंचायत में एक झील के पानी से आसपास का इलाका जलमग्न हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से रेस्क्यू और रिलीफ का काम किया जा रहा है। जिले में पिछले 24 घंटे में तकरीबन 37 सेंटीमीटर बारिश होने के चलते बाढ़ के हालात पैदा हुए हैं। तूफान का असर कम हो रहा है, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे।

‘मैंने अल्लाह से कहा है की हमें मुश्किलों से निकाले’, धार्मिक स्थलों के सर्वे पर फारूक अब्दुल्ला ने जताई आपत्ति

श्रीनगर। धार्मिक स्थलों के सर्वे को लेकर जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (जेकेएनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कड़ी आपत्ति जताई है। उमराह से लौटने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मैंने अल्लाह से दुआ मांगी कि जो मुश्किलें आज हम पर हैं अल्लाह हमें इनसे बाहर निकाले। हम लोगों के लिए सही रास्ते बना। शैतान से हमें दूर रख। हमारे हिंदुस्तान में जो नफरत फैल रही है उस नफरत को खत्म कर। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जितना मुझसे हो सका मैंने अल्लाह के दरबार के सामने दुआ मांगी। अल्लाह हमारी मुश्किलों को आसान कर, हमारे भाईचारा को बरकरार रख। मजहबों में जो नफरतें पैदा की जा रही हैं, इन्हें खत्म कर। संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुई हिंसा और अजमेर की दरगाह के सर्वे की मांग पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश के मजहबों में नफरत पैदा की जा रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि मुसलमान असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मुसलमानों के साथ इस सरकार को एक समान व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुसलमान इस समय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि सरकार इसे रोके। वे 24 करोड़ मुसलमानों को समुद्र में नहीं फेंक सकते। मुसलमानों के साथ एक समान व्यवहार कीजिए। हमारे देश के संविधान में धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। अगर वे इस देश के संविधान को नष्ट कर देंगे, तो भारत कहां रहेगा?’ उन्होंने ये भी कहा कि मैंने अल्लाह से दुआ की है कि वो हमें इस मुश्किलों से बाहर निकाले।

नौसेना प्रमुख बोले-चीन कर रहा पाक की मदद, भारतीय नौसेना की बढ़ेगी समुद्र में शक्ति

नई दिल्ली। फ्रांस के साथ भारत की 26 राफेल-एम विमानों की डील अंतिम स्तर पर है। फ्रांस से खरीदे जाने वाले ये नेवी वैरिएंट के राफेल विमान भारतीय नेवी के बेड़े में शामिल होने हैं। इतना ही नहीं भारतीय नौसेना के लिए 3 स्कॉर्पीन सबमरीन की डील भी अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में यह सौदा तय कर लिया जाएगा। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को नई दिल्ली में यह जानकारी दी। नौसेना प्रमुख ने बताया कि आने वाले 10 वर्षों के भीतर भारतीय नौसेना को कुल 96 जहाज और पनडुब्बियां मिलने जा रही हैं। नौसेना के कई जहाज और एक पनडुब्बी फिलहाल निर्माणाधीन हैं। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से लगभग हर महीने भारतीय नौसेना में एक नया जहाज शामिल किया जाएगा। नौसेना प्रमुख 4 दिसंबर को आयोजित होने वाले नेवी डे की तैयारियों पर नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। नौसेना प्रमुख ने कहा कि हमें पाकिस्तान की नौसेना की अचानक बढ़ रही शक्ति के विषय में जानकारी है। गौरतलब है कि पाकिस्तानी नेवी 50 जहाजों वाली नौसेना बनने की तैयारी में है। पाकिस्तान के आर्थिक हालात को देखते हुए नौसेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने अपने लोगों की भलाई के बजाय हथियार चुने हैं। इसके साथ ही भारतीय नौसेना प्रमुख का कहना है कि समुद्री जहाजों के निर्माण में चीन पाकिस्तान की मदद कर रहा है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान को मिलने वाले समुद्री जहाज चीन में बन रहे हैं या चीन की मदद से बनाए जा रहे हैं। भारत अपने पड़ोस से आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत की बात करें तो भारतीय नौसेना की शक्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। अगले वर्ष से औसतन हर महीने भारतीय नौसेना को एक नया समुद्री जहाज मिलने लगेगा। भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे जहाज में से दो जहाज रूस में बनाए जा रहे हैं। शेष समुद्री जहाजों का निर्माण भारत में ही हो रहा है। बीते वर्ष रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए राफेल एम फाइटर जेट विमान की खरीद को भी मंजूरी दे दी। यह सौदा होने पर नौसेना की ताकत में जबरदस्त वृद्धि होगी। फ्रांस से खरीदे जाने वाले नेवी वेरिएंट के राफेल जेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनाती के लिए होगा। नौसेना प्रमुख ने बताया कि भारत में बनी पहली न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन वर्ष 2036 तक कमीशन हो जाएगी। यहां बताना आवश्यक है कि इस न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन के निर्माण हेतु हाल ही में सरकार से मंजूरी मिली है। भारत की इस न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन के नेवी में कमीशन होने के दो साल के भीतर ही भारतीय नौसेना को उसकी दूसरी सबमरीन भी मिल जाएगी। भारतीय नेवी के लिए ऐसी कुल 6 सबमरीन का निर्माण किया जाएगा। न्यूक्लियर पावर्ड स्ट्राइक सबमरीन किसी भी नौसेना के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। यह सटीक हमला करने के साथ-साथ लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकती है। नौसेना प्रमुख ने यह भी बताया कि भारत ने 3,500 किलोमीटर तक जाने वाली परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल का परीक्षण बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी से किया है। 4 दिसंबर को होने वाले नेवी डे के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के पुरी में मौजूद रहेंगी। वह नेवी डे की मुख्य अतिथि होंगी। नेवी डे में भारतीय नौसेनिक एयरक्राफ्ट, समुद्री जहाज, हेलीकॉप्टर, सबमरीन व वैसल पुरी के ‘ब्लू बीच’ पर क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।

शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में जुटे हजारों लोग, बांग्लादेश की सीमा पर रोके गए माल ले जा रहे ट्रक

कोलकाता. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और इस्कॉन से जुड़े संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को लेकर भारत में भी जबरदस्त रोष है। सोमवार को तो बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं, आम लोगों, भिक्षुओं ने आंदोलन किया। इन लोगों ने बांग्लादेश की सीमा पर पहुंचकर तमाम ट्रकों को रोके रखा, जो माल लेकर जा रहे थे। इसके चलते लगभग पूरे दिन ही बांग्लादेश के साथ कारोबार प्रभावित रहा। हजारों लोगों ने चिन्मय कृष्ण दास की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पेट्रोपोल पर 24 घंटे के लिए मालवाहक वाहनों को रोके रखा। इससे बंगलादेश में आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले माल वाहनों की आवाजाही सोमवार को बाधित रही। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि इस्कॉन के संत कृष्ण दास को रिहा नहीं किया गया तो वे जल्द ही पांच दिनों के लिए पेट्रापोल में आर्थिक नाकेबंदी करेंगे और अगले साल की शुरुआत में बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वे अल्पसंख्यक समुदायों पर अत्याचार, हिंदुओं पर हमले और बांग्लादेश में मंदिरों में तोड़फोड़ के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने के लिए जीरो पॉइंट के करीब जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे इस्कॉन के पूर्व पुजारी की जल्द रिहाई के लिए दबाव बनाने के लिए श्री चिन्मय कृष्ण दास की तस्वीर वाले गैस के गुब्बारे भी छोड़ेंगे। भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया। अखिल भारतीय संत समाज, राष्ट्रीय हिंदू जागरण मंच और कई अन्य हिंदू संगठन भारतीय झंडे और भगवा झंडे लेकर सीमा पर पहुंचे, जहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान हथियारों के साथ जीरो पॉइंट पर डटी रही और विरोध दर्ज कराया। उत्तर बंगाल के बीएसएफ के आईजी सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को झरझरा सीमा पर तैनात किया गया है, क्योंकि दूसरी तरफ से लोग भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘हिंसा भड़कने के बाद से सीमा के दूसरी तरफ से किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए हमें पेशेवर रूप से नियुक्त किया गया है।’ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक बंगलादेश सरकार हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले रोकने के लिए कार्रवाई नहीं करती तथा श्री दास को रिहा नहीं करती, तब तक पेट्रापोल सीमा पर आंदोलन जारी रहेगा। अखिल भारतीय संत समिति के बंगाल चैप्टर के अध्यक्ष स्वामी परमात्मानंद ने भी कहा कि जब तक बंगलादेश की पुलिस हिंदुओं और मंदिरों पर हो रहे हमले को रोकने के लिए कार्रवाई नहीं करती, तब तक पेट्रापोल सीमा पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

संसद के शीतकालीन सत्र: सदन में मर्फी के नियमों को लागू करने के लिए एक एल्गोरिथ्म मौजूद है: सभापति धनखड़

नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र का एक और दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने हंगामे पर निराशा जाहिर की और संसद में जारी हंगामे की तुलना मर्फी के नियम से की। मर्फी का नियम कहता है कि, जो कुछ भी गलत हो सकता है, वह गलत ही होगा। धनखड़ ने कहा कि एक एल्गोरिदम मौजूद है, जो सदन का संचालन नहीं होने दे रहा है। उपराष्ट्रपति ने विपक्ष पर साधा निशाना उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच कहा कि ‘ऐसा लगता है कि इस प्रतिष्ठित सदन में मर्फी के नियमों को लागू करने के लिए एक एल्गोरिथ्म मौजूद है, जो जानबूझकर संसद नहीं चलने दे रही है और इससे संसद के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो रही है। हम अपने संविधान में बताए गए प्रावधानों के बिल्कुल विपरीत काम कर रहे हैं।’ उपराष्ट्रपति की यह टिप्पणी इस संदर्भ में आई है, जिसमें विपक्ष के सांसद नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाकर अदाणी मामले, मणिपुर हिंसा, संभल हिंसा और अजमेर शरीफ दरगाह विवाद पर चर्चा की मांग कर रहे हैं और इसके चलते अब तक शीतकालीन सत्र में एक दिन भी सुचारू रूप से संसद का कामकाज नहीं हो पाया है। हंगामे के दौरान राज्यसभा सभापति धनखड़ ने सांसदों से अपील करते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने दें। हालांकि जब अपील के बाद भी विपक्षी सांसदों की नारेबाजी जारी रही तो सभापति ने सदन की कार्यवाही पूरे दिने के लिए स्थगित कर दी। कांग्रेस का पलटवार वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार नहीं चाहती कि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चले। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ‘आज दोनों सदनों में कोई नारेबाजी या हंगामा नहीं हो रहा था और विपक्षी पार्टियां मणिपुर, अदाणी, संभल हिंसा पर चर्चा करना चाहती थीं, लेकिन मोदी सरकार नहीं चाहती कि संसद चले।’  

अलीजाई-बागान समुदाय करेंगे संघर्ष विराम, पाकिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बवाल थमेगा?

करांची. पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में बीते कुछ दिनों से बवाल मचा हुआ था। अलीजाई और बागान समूहों के बीच गोलीबारी जारी थी। हालांकि, अब दो युद्धरत जनजातियों के बीच संघर्ष विराम समझौता हो गया है। मगर, पिछले कई दिनों से जारी खुर्रम कबायली सांप्रदायिक हिंसा में 130 लोगों की जान चली गई। उपायुक्त कुर्रम जवेदुल्ला महसूद ने रविवार को पुष्टि की कि अशांत कुर्रम जिले के संघर्षरत क्षेत्रों में शांति स्थापित हो गई है। जिले में अलीजाई और बागान समुदायों के बीच संघर्ष 22 नवंबर को शुरू हुआ था। इससे एक दिन पहले पाराचिनार के पास यात्री गाड़ियों के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें 47 लोग मारे गए थे। गंभीर रूप से घायल हुए कई यात्रियों ने बाद में दम तोड़ दिया था, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 57 हो गई थी। बागान बाजार क्षेत्र से शुरू हुई हिंसा में पिछले दो दिनों में कम से कम 37 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। यह हिंसा बालिशखेल, खार, काली, जुंज अलीजई और मकबल जैसे अन्य हिस्सों में फैल गई। जिरगा सड़कों को खोलने के लिए करेगी बात महसूद ने कहा कि जिला प्रशासन ने रविवार को दो युद्धरत जनजातियों के बीच एक स्थायी युद्ध विराम कराने में सफलता हासिल कर ली है। उन्होंने आगे कहा कि जिरगा (आदिवासी नेताओं की परिषद) सड़कों को फिर से खोलने और शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बुजुर्गों से बात करेगी। सशस्त्र आदिवासियों को गोलीबारी चौकियों से हटा दिया गया है, जबकि क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। 130 हुई मरने वालों की संख्या अशांत कुर्रम जिले में लगातार 11वें दिन भी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 130 हो गई। रविवार को कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हुए हैं। अब तक घायल हुए लोगों की संख्या 186 पर पहुंच गई है। मोबाइल, इंटरनेट और शैक्षणिक संस्थान पर यह असर झड़पों का हालिया प्रकरण आठ दिन पहले पुलिस सुरक्षा में दो अलग-अलग काफिलों पर घात लगाकर किए गए हमलों के साथ शुरू हुआ था। तब से, युद्धरत कबीलों के बीच हिंसा बढ़ गई है और पुलिस नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। कुर्रम क्षेत्र संचार ब्लैकआउट का सामना कर रहा है, मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। मुख्य राजमार्ग के बंद होने से न केवल स्थानीय परिवहन बाधित हुआ है, बल्कि अफगानिस्तान के साथ व्यापार भी पूरी तरह से ठप हो गया है। कोहाट डिवीजन के बुजुर्ग और सांसद युद्धरत जनजातियों के बीच शांति समझौता सुनिश्चित करने के लिए कुर्रम जिले का दौरा करेंगे। सात दिन का हुआ था संघर्ष विराम सरकार ने अलीजाई और बागान समुदायों के बीच गत रविवार को सात दिन का संघर्ष विराम कराया था। बाद में इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया गया था। हालांकि यह संघर्ष विराम पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया था। दूसरी ओर, पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के 156 कार्यकर्ताओं की पुलिस रिमांड को मंजूरी दे दी है। खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं को 24 नवंबर को डी-चौक पर धरना प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ सचिवालय पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए हैं। पार्टी के सदस्यों ने अवरोधकों को हटाकर इस्लामाबाद पहुंचने का प्रयास किया, जहां मध्य रात्रि को की गई कार्रवाई में चार लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

दक्षिणी प्रान्त में धमाके में तीन की मौत, पाकिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में सीएम के भाई की हत्या

करांची/खैबर पख्तूनख्वा. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के चचेरे भाई की सोमवार को उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरदार सकलैन खान गंडापुर की डेरा इस्माइल खान जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिला मुख्यमंत्री का पैतृक स्थान है। वह एक पूर्व स्थानीय सरकारी पदाधिकारी भी थे। लूनी मोड़ पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है। यह ऐसा इलाका है जहां पाकिस्तानी तालिबान की काफी मौजूदगी है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है। बलूचिस्तान सेना के खिलाफ बढ़ते आक्रोश व लक्षित हमलों के बीच प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा प्रांतीय एसेंबली के सदस्य नवाब असलम रायसानी ने कहा कि अधिकांश बलोच पाकिस्तान से आजादी का समर्थन करते हैं। रायसानी ने एक बयान में कहा कि बलोच राष्ट्र तीन गुटों में विभाजित है। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार रायसानी ने कहा, अधिकांश बलोच आजादी के पक्ष में हैं और राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। दूसरा गुट सेना के साथ है, जिसमें शामिल लोग निजी स्वार्थ की पूर्ति तथा ताकत की चाहत रखते हैं। तीसरा गुट राष्ट्रवादी दलों का है, जो संघ के भीतर स्वायत्तता व संसाधन नियंत्रण की वकालत करता है। हालांकि, यह गुट काफी कमजोर है और इसका प्रभाव सीमित है। बम धमाके से कम से कम तीन बच्चों की मौत इस बीच खबर है कि पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सोमवार को बम धमाके से कम से कम तीन बच्चों की मौत हो गई, जिनमें दो भाई भी शामिल हैं। घटना बन्नू के वजीर उपखंड के जानी खेल इलाके में हुई। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि बच्चे मदरसे से घर लौट रहे थे, तभी मोर्टार बम फट गया और इसमें दो भाइयों समेत तीन छात्रों की मौत हो गई। मोर्टार बम सुनसान इलाके में पड़ा था। बच्चों ने इसे खिलौना समझकर उठा लिया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। पाकिस्तान के कुर्रम में जारी हिंसा में अब तक 130 से ज्यादा की मौत देश के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 130 से अधिक हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने सुन्नी और शियाओं के बीच झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। जिला प्रशासन अधिकारी वाजिद हुसैन ने कहा कि पिछले डेढ़ सप्ताह में हमलों में अब तक कुल 133 लोग मारे गए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का ऐलान, कांग्रेस नेता पत्र लिखें तो हम सर्वसम्मति से बीफ पर प्रतिबंध लगाएंगे

दिसपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि कांग्रेस के नेता बीफ के विरोध में हैं। अगर वो मुझे इस संबंध में पत्र लिखते हैं, तो हम सर्वसम्मति से बीफ पर प्रतिबंध लगाएंगे। दरअसल, कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने आरोप लगाया था कि नगांव जिले के सामगुरी विधानसभा क्षेत्र में बीफ पार्टी का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा था कि इस तरह की पार्टी का आयोजन करने का मकसद मुस्लिम मतदाताओं को अपनी तरफ रिझाना था। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास इसे लेकर बाकायदा सबूत भी हैं और वो इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब दे सकते हैं। उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जिस समागुरी में कांग्रेस ने 25 सालों तक राज किया है, वहां से उसका महज 27 हजार वोटों से हार जाना बड़े ही शर्म की बात है।” बता दें कि भाजपा के डिप्लू रंजन सरमा ने पिछले महीने हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील को 24,501 मतों से पराजित किया था। इस बीच, हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि हार से दुखी रकीबुल हुसैन ने एक अच्छी बात कही है कि बीफ खाना गलत बात है। रकीबुल हुसैन के आरोपों को लेकर पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस इतने सालों तक बीफ पार्टी का आयोजन करके ही वहां चुनाव जीतती हुई आई थी? अगर इस बात में सच्चाई है, तो इसका मतलब साफ है कि सामगुरी में बीफ परोसकर चुनाव जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मैं रकीबुल हुसैन से जानना चाहता हूं कि बीफ पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने खुद इस बात को स्वीकार किया कि बीफ खाना गलत है, तो ऐसी स्थिति में इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस पर कांग्रेस या भाजपा के नेताओं को कुछ भी ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है। इसे राज्य में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “मैं अब रकीबुल हुसैन के बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोरा को पत्र लिखूंगा और उनसे पुछूंगा कि क्या वो भी रकीबुल हुसैन की तरह बीफ पर प्रतिबंध लगाने की वकालत करते हैं।”

पुलिस ने लगाया कड़ा पहरा, सपा के बाद कांग्रेस ने किया उत्तरप्रदेश-संभल जाने का ऐलान

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने भी संभल जाने का ऐलान किया है। लखनऊ में कांग्रेस दफ्तर के बाहर पुलिस को तैनात किया गया है। कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल संभल में मारे गए परिवार वालों से मिलने के लिए जाने की तैयारी कर रहा है। उधर पुलिस भारी संख्या में कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहुंच गई। कार्यालय की तरफ जाने वाले मार्गों पर रोक लगा दी गई है। 12 बजे इस काफिले के निकलने की बात कही जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पुलिस ने मुझे नोटिस जारी किया है। कहा है कि मेरे दौरे से अव्यवस्था फैलेगी। निश्चित रूप से हम भी अव्यवस्था नहीं, बल्कि शांति चाहते हैं। पुलिस और सरकार ने वहां जो अत्याचार और अन्याय किया है, मैं चाहता हूं कि मेरे नेतृत्व को यह पता चले। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी कार्यकर्ताओं ने निर्णय लिया कि हम अपने पार्टी कार्यालय में एक ही स्थान पर रहेंगे। यहां कार्यकर्ताओं से बातें हुईं और आगे की रणनीति तय हुई। हम वहां (संभल) जाने का प्रयास करेंगे। हम सब लड़ेंगे और न्याय दिलाएंगे। विधानसभा में कांग्रेस की नेता विपक्षी दल आराधना मिश्रा ने कहा कि संभल में बहुत बड़ी घटना हुई है। वहां पांच लोगों की गोली लगने से मौत और 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। यह सामान्य घटना नहीं है। काफी बड़ी घटना है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में जाना चाहता है। हम लोग वहां सही तथ्य को पता करने लिए जाना चाहते थे। वहां शांति की अपील करना चाह रहे थे। कल रात से मुझे हाउस अरेस्ट किया गया। प्रदेश अध्यक्ष के अलावा अन्य नेताओं को भी रोका जा रहा हैं। सरकार की अराजकता है। वह अपनी नाकामी छुपाना चाहते है। 163 संभल में लागू है, लखनऊ में नहीं। हमें घर से नहीं निकलने दिया जा रहा है। यह सरकार की गुंडागर्दी है। इधर पुलिस ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को नोटिस जारी कर हिंसा प्रभावित संभल का दौरा न करने को कहा है। अजय राय को दिए गए नोटिस में उन्हें बताया गया है कि संभल जिले में शांति और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए वह जनहित में सहयोग करें और अपना प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित करें। ताकि संभल जिले के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित धारा 163 बीएनएसएस के आदेश का उल्लंघन न हो। दरअसल प्रशासन ने दस दिसंबर तक संभल आने पर रोक लगा रखी है। बीते दिनों सपा के कई नेताओं ने वहां जाने की कोशिश की थी। सपा विधानमंडल दल के नेता और प्रदेश अध्यक्ष को वहां जाने से रोक दिया गया था। इकरा हसन सहित कुछ और सांसदों को भी वहां नहीं जाने दिया गया था। ज्ञात हो कि शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान 24 नवंबर को हुई हिंसा की पड़ताल के लिए गठित न्यायिक आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तीन सदस्यीय आयोग के दो सदस्य रविवार को संभल पहुंचे और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अफसरों से जानकारी ली। आयोग की टीम जामा मस्जिद भी गई और मस्जिद कमेटी के सदस्यों से मुलाकात की। इस बीच, मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि हिंसा के जिम्मेदारों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं।

अवैध बंदूक और टैक्स धोखाधड़ी पर बेटे को किया माफ, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का यू-टर्न

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने बेटे को आधिकारिक तौर माफ कर दिया है। उनके बेटे हंटर बाइडेन को टैक्स चोरी और अवैध तरीके से बंदूक रखने के मामलों में दोषी करार दिया गया था। जो बाइडेन ने एक बयान में कहा, “आज, मैंने अपने बेटे हंटर के लिए क्षमादान पर हस्ताक्षर किए हैं।” यूएस प्रेसिडेंट ने कहा, “जिस दिन से मैंने पदभार संभाला है, मैंने कहा था कि मैं न्याय विभाग के फैसले लेने में हस्तक्षेप नहीं करूंगा, और मैंने अपना वचन तब भी निभाया जब मैंने देखा कि मेरे बेटे पर अनुचित तरीके से मुकदमा चलाया जा रहा है।” उन्होंने बयान में यह भी कहा कि हंटर के साथ अलग तरीके से व्यवहार किया गया। इससे पहले जून में उन्होंने कहा था कि वह न तो अपने बेटे को माफ करेंगे और न ही उसकी सजा कम करेंगे। हंटर बाइडेन को संघीय बंदूक मामले में दोषी ठहराए जाने के लिए 12 दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी। इसके चार दिन बाद उन्हें टैकस मामले में सजा सुनाई जाने वाली थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के बेटे को जून में अवैध रूप से बंदूक रखने और इसे खरीदते समय अपने नशीली दवाओं के इस्तेमाल के बारे में झूठ बोलने का दोषी ठहराया गया था। अभियोक्ताओं ने कहा कि उन्होंने बंदूक आवेदन पत्र में झूठ बोला कि वह नशीली दवाओं का उपयोग नहीं कर रहा था। हंटर के वकीलों ने तर्क दिया कि वह खुद को नशे का आदी नहीं मानते थे और उस समय वह नशे से दूर थे। हंटर के पास बंदूक (एक .38-कैलिबर कोल्ट कोबरा स्पेशल) – लगभग 11 दिनों तक थी। उनके वकीलों के अनुसार, उस दौरान उन्होंने कभी गोली नहीं चलाई। इस मामले में में अधिकतम 25 साल की सजा हो सकती है, हालांकि हंटर को 16 महीने तक की सजा सुनाई जा सकती थी। सितंबर में, हंटर को रिकॉर्ड में हेराफेरी करने और रिटर्न दाखिल करने में विफल रहने के लिए नौ संघीय कर आरोपों में दोषी ठहराया। इनमें उन्हें 17 साल तक की जेल हो सकती थी। क्षमा का मतलब है कि हंटर बिडेन को अब उनके अपराधों के लिए सजा नहीं दी जाएगी।

43 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान, प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की युद्ध स्तर पर तैयारियां

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज की पावन धरती पर 12 वर्षों बाद 2025 में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा। महाकुंभ की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, महाकुंभ मेले में लगभग 43 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है। व्यापक तैयारियां चल रही हैं और संगम से लेकर महाकुंभ तक सभी विकास गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। महाकुंभ मेला 2025 की तैयारियों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आयोजन में शामिल होने वाले भारत और विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए एक सहज अनुभव प्रदान करें। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीडब्ल्यूडी ने भी अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और पांटून पुलों के साथ-साथ सड़कों के रेनोवेशन के काम में भी तेजी देखने को मिल रही है। एक दिसंबर तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से 27 रोड्स का रिन्यूअल किया जा चुका है। जबकि, बाकी रोड्स के रिन्यूअल का काम 10 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी तरह 17 रोड्स के सौंदर्यीकरण का कार्य भी 5 दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पीडब्ल्यूडी के पास कुल 89 परियोजनाएं हैं, जिसमें से करीब 60 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष 10 दिसंबर तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। बीते बुधवार को सीएम योगी महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा की थी और आश्वासन दिया था कि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं तय समय से एक महीने पहले 10 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज आएंगे। यहां पीएम मोदी मां गंगा की आरती करेंगे और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। सीएम के अनुसार, प्रधानमंत्री ‘डिजिटल कुंभ’ पर एक प्रेजेंटेशन भी देखेंगे और आयोजन की भव्यता बढ़ाने के लिए तैयार किए गए कार्यों का निरीक्षण करेंगे।

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