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अमित शाह ने कहा – सरकार जल्द लाएगी राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि सरकार आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए जल्द ही राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति और रणनीति लाएगी। आतंकवाद की कोई सीमा नहीं आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और राज्यों की भौगोलिक सीमाएं और संवैधानिक सीमाएं हैं, लेकिन आतंकवाद के मामले में ऐसी कोई सीमा नहीं है और इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों (केंद्र और राज्य) को निकट समन्वय में काम करना चाहिए, संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए और खुफिया जानकारी साझा करनी चाहिए। आतंकवाद से निपटने के लिए तैयार उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और आदर्श विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पर एक दृष्टिकोण तैयार किया है, जिसे अगर अपनाया जाता है तो यह आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए एक साझा ढांचे और मंच के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा, “हमें आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। हम जल्द ही एक नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति लाएंगे, जिसमें आप सभी की अहम भूमिका होगी। राज्यों के साथ मिलकर करेंगे काम सम्मेलन में राज्य पुलिस बलों के प्रमुख और राज्यों और केंद्र के अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने कहा कि नई नीति राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को आतंकवाद से निपटने के लिए निकट समन्वय में काम करने में मदद करेगी। एटीएस और एसटीएफ मॉडल पर उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है और वे अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसमें बदलाव कर सकते हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए सभी को सभी सुरक्षा चुनौतियों से निपटना होगा और आतंकवाद से लड़ने के लिए एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा। इससे (एटीएस और एसटीएफ मॉडल को अपनाने से) राज्यों के अधिकार कम नहीं होंगे। आतंकवाद को करेंगे जड़ से खत्म गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार देश में आतंकवाद को खत्म करने और इसके खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को युवा अधिकारियों को अच्छी तरह से सुसज्जित करना होगा और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना होगा।

रोजगार मेला: सरकारी स्कूलों से 12वीं के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जल्द रोजगार मिलेगा

गुड़गांव हरियाणा के गुड़गांव में 11 नवंबर को रोजगार मेला लगने जा रहा है,जिसमें 12वीं पास अभ्यर्थी भाग लेकर नौकरी ले सकते हैं। रोजगार मेले में कैसे भाग ले सकते हैं । सरकारी स्कूलों से 12वीं के साथ-साथ वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जल्द रोजगार मिलेगा। इसमें पिछले वर्षों में पास आउट छात्रों के साथ इस वर्ष के पासआउट छात्रों को भी मौका दिया जाएगा। नैशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत निजी और सरकारी स्कूलों में छात्रों को विभिन्न 14 कोर्स के तहत वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करवाई जाती है। इनमें से कई छात्र 12वीं के बाद रोजगार की तलाश में जुट जाते हैं। ऐसे में 4 वर्षों के तहत वोकेशनल कोर्स में पढ़ाई पूरी कर चुके हुनरमंद छात्रों को शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कंपनियों में जॉब करने का मौका उपलब्ध करवाया जाएगा। 11 नवंबर को यह रोजगार मेला शहर में लगाया जाएगा। समग्र शिक्षा विभाग में एपीसी विजयपाल ने बताया कि इसकी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि 12वीं पास कर चुके छात्रों को रोजगार मुहैया करवाया जा सके। सरकारी स्कूलों में रिटेल, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, आईटी, बैंकिंग एंड फाइनेंस, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थ केयर, सिक्योरिटी, मीडिया, ऑटोमोबाइल, फैशन डिजाइन, फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, एग्रीकल्चर, ट्रेवल एंड टूरिज्म की पढ़ाई छात्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए कराई जाती है। अलग-अलग कंपनियों को इस फेयर में बुलाया जाएगा, जिसमें छात्र अपने रुझान के अनुसार साक्षात्कार दे सकेंगे। रोजगार मेले में जाने के इच्छुक युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी शैक्षिक योग्यता संबंधित सभी तरह के डॉक्यूमेंट्स साथ लेकर जाएं। इंटरव्यू के दौरान इनकी आवश्यक्ता पड़ सकती है।  

वैज्ञानिकों ने बजाई खतरे की घंटी- 2024 दुनिया का सबसे गर्म साल होगा!

नई दिल्ली यूरोपीय जलवायु परिवर्तन एजेंसी ‘कॉपरनिकस’ ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह लगभग तय है कि साल 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष होगा और औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में कम से कम 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा। यूरोपीय जलवायु एजेंसी ने बताया कि यह दूसरा वर्ष है जब इतिहास में सबसे गर्म अक्टूबर दर्ज किया गया है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन यह घोषणा संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन से पहले की गई है, जो 11 नवंबर को अजरबैजान के बाकू में शुरू हो रहा है। शिखर सम्मेलन में देशों से जलवायु संबंधी नए वित्तीय सहायता समझौते पर सहमत होने की उम्मीद है, जिसे विकसित देशों को 2025 से विकासशील देशों को प्रदान करना होगा ताकि उन्हें जलवायु परिवर्तन से निपटने और अनुकूलन में मदद मिल सके। दुनिया के लिए ‘खतरे की घंटी’ वैज्ञानिकों का कहना है कि इसे खतरे की घंटी की तरह देखा जाना चाहिए. अगले हफ्ते, अजरबैजान में होने वाली संयुक्त राष्ट्र जलवायु कॉन्फ्रेंस COP29 से पहले आए इस अनुमान ने चिंता बढ़ा दी है. BBC की रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल मेट्रोलॉजिकल सोसायटी के चीफ एग्जीक्यूटिव, लिज बेंटले ने कहा, ‘यह लेटेस्ट रिकॉर्ड COP29 में सरकारों को एक और कड़ी चेतावनी देता है कि आगे तापमान में और अधिक इजाफे को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है.’ तापमान में लगातार हो रही वृद्धि कॉपरनिकस के निदेशक कार्लो बुओनटेंपो ने कहा कि मैं समझता हूं कि तापमान में निरंतर वृद्धि चिंताजनक है। बुओनटेंपो ने कहा कि आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि अगर वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की निरंतर वृद्धि के कारण ग्लोबल वार्मिंग नहीं होती, तो धरती पर रिकॉर्ड तोड़ तापमान का इतना लंबा क्रम देखने को नहीं मिलता। बुओनटेंपो और अन्य वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में लंबे समय तक उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला एक बुरा संकेत है। कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) की उप निदेशक सामंथा बर्गेस ने कहा, ‘‘2024 के 10 महीने बीतने के बाद अब यह लगभग तय है कि 2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म वर्ष होगा। यह पूर्व-औद्योगिक काल के स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाला पहला वर्ष होगा। यह वैश्विक तापमान रिकॉर्ड में एक नया मील का पत्थर है, जो आगामी जलवायु परिवर्तन सम्मेलन ‘सीओपी29’ में जलवायु संबंधी लक्ष्य को पाने की महत्वाकांक्षा बढ़ाने के लिए उत्प्रेरक के रूप में काम करना चाहिए।’’ 2023 में गर्मी का रिकॉर्ड बना, 2024 में टूट जाएगा! 2024 के शुरुआती 10 महीनों में वैश्विक तापमान इतना ऊंचा रहा है कि अब बाकी दो महीनों में अप्रत्याशित गिरावट ही रिकॉर्ड बनने से रोक सकती है. यूरोपीय कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा का डेटा बताता है कि 2024 में तापमान पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में कम से कम 1.55 डिग्री सेल्सियस अधिक होगा. ‘पूर्व-औद्योगिक’ का मतलब 1850-1900 के मानक काल से है, जो मोटे तौर पर उस समय के बराबर है जब मनुष्यों ने ग्रह को काफी गर्म करना शुरू किया था. हालिया अनुमानों का मतलब है कि 2024 में 1.48 सेल्सियस का वर्तमान रिकॉर्ड टूट सकता है जो पिछले साल ही बना था. यूरोपीय एजेंसी के वैज्ञानिकों ने ही पिछले महीने बताया था कि 2024 का अक्तूबर पूरी दुनिया में दूसरा सबसे गर्म अक्तूबर रहा। इससे पहले 2023 का अक्तूबर भी काफी गर्म था, तब सतह पर हवा का औसत तापमान 15.25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो कि 1991 से 2020 के अक्तूबर के औसत तापमान से 0.80 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इतना ही नहीं 2024 के पहले 10 महीनों (जनवरी से अक्तूबर) में औसत वैश्विक तापमान 1991-2020 के बीच इसी दौर के मुकाबले 0.71 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। वहीं, जनवरी-अक्तूबर 2023 के मुकाबले इस साल इसी दौर में तापमान 0.16 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा।  

दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर की एक बच्ची सरकार के खिलाफ पहुंची कोर्ट, एयर क्वालिटी बेहद खतरनाक बनी हुई

लाहौर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तीन साल की एक बच्ची ने स्थानीय सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। दरअसल प्रांत, विशेष रूप से इसकी राजधानी लाहौर, धुंध के गंभीर प्रभाव से जूझ रही है, जिससे एयर क्वालिटी बेहद खतरनाक बनी हुई है। गुरुवार की सुबह लाहौर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) ग्लोबल रैंकिंग में टॉप पर रहा। एक्यूआई का स्तर 800 अंक से भी अधिक था, जिससे वहां की हवा निवासियों के लिए गंभीर रूप से खतरनाक हो गई। स्विस एयर क्वालिटी मॉनीटर ‘आईक्यू-एयर’ के अनुसार, लाहौर दुनिया के सबसे हाई एक्यूआई वाले शहरों में टॉप पर है। कई मौकों पर इसका स्तर 1000 को भी पार कर गया है। लंबे समय से जारी खराब मौसम की वजह से लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना असंभव हो गया। अस्पताल भी सांस की समस्याओं से पीड़ित लोगों से भर रहे हैं। खराब एयर क्वालिटी के कारण प्रांत के हजारों नागरिक सांस की बीमारियों के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। प्रांतीय सरकार और डॉक्टरों ने सभी को सलाह दी है कि जब भी अपने घरों से बाहर निकलें तो मास्क पहनें। प्रांतीय सरकार ने पूरे प्रांत में स्मॉग इमरजेंसी लागू कर दी है। लाहौर और अन्य जिलों में उच्चतर माध्यमिक स्तर तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 17 नवंबर तक बंद कर दिया गया है। इस बीच, एक तीन साल की बच्ची ने गुरुवार को लाहौर हाई कोर्ट (एलएचसी) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में नाकाम रहने पर प्रांतीय सरकार के खिलाफ मामला दर्ज कराया। याचिकाकर्ता अमल सेखेरा ने अपने वकील के जरिए याचिका में कहा कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग वायु प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हैं और उन्होंने अपने लिए, दोस्तों और आने वाली पीढ़ियों के लिए इंसाफ की मांग की है। याचिका में कहा गया है, “संविधान के अनुच्छेद 99-ए के तहत सरकार नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए बाध्य है।” याचिका में पाकिस्तान के संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने के लिए पंजाब सरकार की आलोचना की गई। पंजाब सरकार की सीनियर प्रांतीय मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा है कि धुंध की तीव्रता कम से कम 10 दिन और जारी रहने की उम्मीद है, जिसके कारण शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं और लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है। मुल्तान और गुजरांवाला जैसे कई अन्य शहर भी मौजूदा मौसम की स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हैं।

रात होते ही Bus Stand पर चलता है ये धंधा, न तो टेक्स का भुगतान किया जा रहा है और न ही कागजी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं

लुधियाना महानगर में बस स्टैंड से चलने वाली बसों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बस स्टैंड के बाहर कानून का उल्लंघन कर अलग-अलग राज्यों के नंबरों वाली बसें चलाई जा रही हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इनके द्वारा न तो पंजाब के टेक्स का भुगतान किया जा रहा है और न ही अपनी कागजी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं। यही नहीं 52 सीटर बस में 100-100 से अधिक यात्रियों को लेकर यूपी बिहार और आसपास के राज्यों के लिए बसें चलती हैं। लेकिन जिला ट्रांसपोर्ट का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। कुछ ऐसी ही तस्वीरें रात में बस स्टैंड के पास कैमरे में कैद हो गईं, जहां एक बस  जाने के लिए 100 से अधिक सवारियां बस के आसपास खड़ी दिखाई दे रही हैं। लेकिन जब इसकी वीडियो बनाई गई तो वहां पर मौजूद बस कर्मियों ने कैमरे बंद करने कि लिए कहा। इस मामले को लेकर राजिंदर सिंह नामक व्यक्ति ने जिला प्रशासन से शिकायत की है कि रात के समय वहां जाने में दिक्कत आती है, दूसरा सरकार के रेवेन्यु को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 52 सीटों वाली बस में 100 से ज्यादा सवारियों को बैठाया जा रहा है जो एक बड़े हादसे को दावत दे रहा है। इस संबंधी जिला ट्ररांसपोर्ट अथारिटी से बात की गई तो उन्होंने काह कि मीडिया ने उनके ध्यान में लाया गया है कि वे इन जगहों पर जरूर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास दस्तावेजों की कमी है या अन्य कानूनों का उल्लंघन किया गया है तो कार्रवाई की जाएगी। यहां बता दें कि अधिकारी खुद  कहीं भी कानून का उल्लंघन होता हो वहां पर कोई कार्रवाई नहीं करते, सिर्फ शिकायत का इंतजार करने को कहते है।

इजरायल को मिलेंगे 25 एफ-15 फाइटर जेट, अमेरिका के साथ 5.2 अरब डॉलर की डील फाइनल

यरूशलम इजरायल ने 25 ‘एडवांस्ड एफ-15’ फाइटर जेट खरीदने के लिए यूएस बेस्ड बोइंग के साथ 5.2 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को यह घोषणा की। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह डील इस साल की शुरुआत में अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस द्वारा स्वीकृत व्यापक सहायता पैकेज का हिस्सा है। इस समझौते में 25 अतिरिक्त विमानों का विकल्प शामिल है। अमेरिकी प्रशासन और बोइंग के साथ बुधवार को हुए इस सौदे में ‘एफ-15आईए’ फाइटर जेटस की सप्लाई भी शामिल है। ये इजरायली हथियार प्रणालियों, उन्नत रेंज और अधिक पेलोड क्षमता से लैस होंगे। मंत्रालय ने कहा, “ये लाभ इजरायली वायु सेना को मध्य पूर्व में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में अपनी रणनीतिक श्रेष्ठता बनाए रखने में सक्षम बनाएंगे।” रिपोर्ट के अनुसार, डिलीवरी 2031 में शुरू होने वाली है, जिसमें हर साल चार से छह विमानों की सप्लाई की उम्मीद है। इजरायली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक इयाल ज़मीर ने इस बात पर जोर दिया कि इस साल की शुरुआत में खरीदे गए तीसरे एफ-35 स्क्वाड्रन के अलावा नए एफ-15 स्क्वाड्रन का अधिग्रहण हमारी वायु शक्ति और रणनीतिक पहुंच में ऐतिहासिक वृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है – ऐसी क्षमताएं जो मौजूदा युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण साबित हुईं।” जमीर ने कहा कि 7 अक्टूबर, 2023 को गाजा पट्टी में युद्ध की शुरुआत के बाद से, इज़राइल ने लगभग 40 बिलियन डॉलर के खरीद समझौते हासिल किए हैं।

देश मे धर्म – अधर्म की लड़ाई चल रही है, स्वार्थ का दैत्य भारत को दबाने की कोशिश में है: मोहन राव भागवत

चित्रकूट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख डॉ मोहन राव भागवत में कहा है कि यह विश्व हमारे ऋषि मुनियों को हुई सत्य की अनुभूति का परिणाम है, राष्ट्र की नींव में भी सनातन धर्म का वही मूल है जिसमे सभी को धारण करने की क्षमता है। आज देश मे धर्म – अधर्म की लड़ाई चल रही है, स्वार्थ का दैत्य भारत को दबाने की कोशिश में है लेकिन उनकी कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि सत्य कभी दबता नहीं है। संघ प्रमुख डॉ राव मोहन भागवत चित्रकूट में आयोजित मानस मर्मज्ञ बैकुंठवासी पंडित रामकिंकर उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संत एवं मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू समेत बड़ी संख्या में संत – महंत , कथावाचक एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे, सर संघ चालक ने कहा कि अब अपने देश को ठीक करना है , धर्म – अधर्म की लड़ाई चल रही है। हम ईश्वर प्रदत्त अपना कर्तव्य अपना निभाएं ये अपेक्षा है यानी धर्म के पक्ष में खड़े हो जाएं। लेकिन ये होना है तो आचरण आना चाहिए, एक तरफ स्वार्थ का दैत्य उभरते भारत को दबाने का यानी सत्य को दबाने का प्रयास कर रहा है लेकिन वो कभी सफल नहीं होंगे क्योंकि सत्य कभी दबता नहीं है। हमारी हस्ती इसलिए भी नहीं मिटती क्योंकि उस हस्ती को हमारी ऋषि – सन्तो की परंपरा ,ईश्वर निष्ठों की मंडली का आशीर्वाद प्राप्त है। ‘सनातन धर्म दुनिया को प्रदान करना हिन्दू समाज’ संघ प्रमुख ने कहा कि सनातन धर्म दुनिया को प्रदान करना हिन्दू समाज और भारत का कर्तव्य है। भारत ,हिन्दू और सनातन धर्म एकाकार हैं। सनातन धर्म को जन जन के आचरण में लाना है, भोग के वातावरण में त्याग का संदेश देना है। हमारी सनातन काल से चली आ रही जो थाती है ,विभिन्न महापुरुषों ने अपने जीवन से जिसे जीवित रखा है,उसे पुनः जीवंत करते हुए उसे जन जन के आचरण में लाना है, उन्होंने कहा कि बाहर सुख नहीं मिलता जब ये पता चला तो हमारे ऋषि मुनियों को एक सत्य मिला जो सभी सुखों का निधान है। सत्य हमें यह बताता है कि हम सब एक की प्रतिछाया हैं, रंग रूप ,पूजा पद्धति में विविधता के बाद भी हम एक हैं। ऋषि मुनियों को लगा कि हमे जो शास्वत सत्य मिला वो सब को देना चाहिए तो बड़े परिश्रम के बाद राष्ट्र बना। हमारा राष्ट्र विश्व को धर्म देने के लिए बना। लेकिन धर्म ऐसे दिया नहीं जा सकता। धर्म की जानकारी से धर्म प्राप्त नहीं होता ,धर्म के आचरण से धर्म प्राप्त होता है। महाभारत बताती है कि दुनिया कैसी है: मोहन भागवत  महाभारत यह बताती है कि दुनिया कैसी है और रामायण यह बताती है कि उस दुनिया में हमे कैसे रहना है, जो भगवान की इच्छा होती है वही होता है। वो बिना आवाज की लाठी है। भगवान की इच्छा है तो भारत का उत्थान हो रहा है। मंदिर भी अयोध्या में बना, बिना संसाधनों के संघ भी खड़ा हुआ। भगवान की भी इच्छा को पूरी करने के लिए पुरुषार्थी लोगों को शस्त्र धारण करने उतरना पड़ता है, समाज को तैयार होना होगा। बाकी ज्ञान की बातें बहुत हैं व्यापार ,खेल सब चल रहा है ,जीत हार चल रही है। देश को बड़ा बनाने,लोगों को खुशहाल रखना ,दुनिया को राहत देना, ये सब चल रहा है। लेकिन ये सब बाहर की बातें हैं। ये सब भौतिक साधन है, ये सब तो चाहिए लेकिन इस सब को धारण करने वाला राम चाहिए। अयोध्या में मंदिर तो बन गया लेकिन विश्व में कोई युद्ध न हो इसके लिये मन की अयोध्या चाहिए। ये तब होगा जब रामायण महाभारत की कथा के माध्यम से इसके मर्मज्ञ लोगों को इन कथाओं में छिपे जीवन दर्शन – रहस्य से परिचित करा कर उनके मन मे राम के प्रकाश को जगायेंगे। कथा तो हम भी संघ में बहुत कहते हैं लेकिन… संघप्रमुख ने रामकिंकर उपाध्याय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने राम कथा को अपने जीवन – अपने आचरण में उतारा। धर्म को जी कर उन्होंने दिखाया। कैसे रामकथा इस धरा में प्रलय काल तक चिर अनंत काल तक रहने वाली है यह तो कहा जाता है लेकिन धर्म तत्व के गूढ़ रहस्यों से उन्होंने सब को परिचित कराया। ये तभी सम्भव हो सकता है जब 8 हजार साल पहले हुए राम के समय की परिस्थितियों की अनुभूति कर राम में तदरूप हो कर भगवान राम के किये कार्यो निहितार्थ बताने वाले लोग हों। कथा तो हम भी संघ में बहुत कहते हैं लेकिन ऐसे आचरण सम्पन्न ,धर्म सम्पन्न पुरुषार्थ सम्पन्न लोग जब ये बताते हैं तो उसके परिणाम मिलते हैं। भक्ति भाव से कथा श्रवण से लोगों को जीवन को और उन्नत करने वाला कोई तत्व मिलता है। जीवन परिवर्तन होता है। यह सब हम कर सकें तो यही रामकिंकर जी को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी, अपने उद्बोधन को समाप्त करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि चित्रकूट आकर इस कार्यक्रम में शामिल होने से मेरा भी उद्देश्य सफल हुआ,सन्तो का आशीर्वाद मिला,व्याख्यान सुनने को मिला। अच्छा भोजन करने के बाद थोड़ा सा कड़वा चूर्ण खाने से हाजमा ठीक होता है। मेरे वक्तव्य को उसी चूर्ण की तरह समझें।

डोनाल्ड ट्रंप के 5 सबसे शर्मनाक क्षण, अमेरिकी इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप सबसे विवादास्पद राष्ट्रपति हैं

वाशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। उन्होंने डेमोक्रेट कमला हैरिस को करारी शिकस्त दी। डोनाल्ड ट्रंप बहुमत के जादुई आंकड़े 270 को पार करके 295 इलेटोरल वोट पा चुके हैं। अमेरिकी इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप सबसे विवादास्पद राष्ट्रपति हैं। उनके खिलाफ कम से कम 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ मामलों का अब क्या होगा, ये देखने वाली बात होगी। हम यहां डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल में हुए शर्मनाक क्षणों की बात कर रहे हैं। वो वर्ल्ड लीडर्स को धक्का देने, कोरोना इलाज के लिए नसों में ब्लीच इंजेक्शन की सलाह दे चुके हैं। व्हाइट हाउस में आने वाले मेहमानों को डिनर पार्टी में बर्गर और फ्रैंच फ्राइज खिला चुके हैं। पिछले कार्यकाल में अमेरिकी राष्ट्रपति बनकर डोनाल्ड ट्रंप ने जब अपना पहला शिखर सम्मेलन अटेंड किया तो उनको नाटों अधिकारियों को धक्का देते हुए कैमरे में कैद किया गया। ब्रुसेल्स में 2017 के नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने मोंटेनेग्रो के प्रधानमंत्री डुस्को मार्कोविक की बांह पर थपकी दी और उन्हें पीछे खींचकर आगे निकल गए। सोशल मीडिया पर वायरल इस फुटेज में ट्रंप की इस हरकत को दुनिया ने देखा। डुस्को तो धक्का देने के बाद जब वे आगे आए तो अपने सूट को ठीक करते हुए देखे गए। कोरोना इलाज के लिए ब्लीच इंजेक्शन 2020 में जब कोरोना महामारी ने दुनियाभर में तबाही मचाई, लाखों की संख्या में लोग मारे गए। सबसे ज्यादा मौत के मामले अमेरिका से आए। तब ट्रंप ने सुझाव दिया कि डॉक्टरों को इंसानी शरीर के अंदर प्रकाश पहुंचाने का तरीका खोजना चाहिए, ताकि किसी तरह वायरस को मारा जा सके। उनका तर्क था कि इससे कोरोना अपने-आप ही मर जाएगा। ट्रंप का मानना था कि सूर्य की रोशनी काफी तेज है और अगर इसकी रोशनी शरीर में घुसे तो यह कोरोना को मार सकती है। इसके बाद उन्होंने एक और विचित्र सुझाव दिया। डॉक्टरों से कहा कि वे कोरोना वायरस को मारने के लिए नसों में ब्लीच या आइसोप्रोपिल अल्कोहल इंजेक्ट करे। हालांकि डॉक्टरों ने उनके दावों को खारिज कर दिया और अमेरिकियों को चेतावनी दी कि वे ब्लीच या रसायनों का इंजेक्शन न लें या उन्हें निगल न लें, क्योंकि यह घातक हो सकता है। व्हाइट हाउस में मैकडोनाल्ड्स लंच अगर आपको व्हाइट हाउस में डिनर का निमंत्रण मिले तो आप सोचेंगे कि तरह-तरह के पकवान खाने को मिलेंगे, लेकिन 2019 में ट्रंप ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। उन्होंने क्लेम्सन यूनिवर्सिटी की फुटबॉल टीम को मैकडॉनल्ड्स, वेंडी और बर्गर किंग के बर्गर और फ्रेंच फ्राइज़ सहित फास्ट फूड परोसा। हालांकि सरकारी शटडाउन के कारण व्हाइट हाउस के कर्मचारी छुट्टी पर थे। तूफ़ान पीड़ितों पर पेपर टॉवल फेंके 2017 में, प्यूर्टो रिको तूफान मारिया से तबाह हो गया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बचे हुए लोगों से मुलाकात की और उन्हें राहत सामग्री वितरित करने में मदद की। हालाँकि, उन्होंने ऐसा करने के लिए एक असामान्य तरीका चुना। राष्ट्रपति को पीड़ितों पर पेपर टॉवल रोल फेंकते हुए देखा गया।   अफ़्रीकी देशों को गाली दी 2018 में सांसदों के साथ एक बैठक के दौरान, ट्रंप को अफ्रीकी औऱ हेती देशों के प्रवासियों को गाली देते सुना गया। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा, “ये सभी लोग घटिया देशों से यहां क्यों आ रहे हैं?” हालांकि उन्होंने यह बात सार्वजनिक तौर पर कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने इस शब्द के प्रयोग से इनकार कर दिया और कहा कि उन्होंने केवल कठोर भाषा का प्रयोग किया था।

अमृतसर स्वर्ण मंदिर परिसर में लड़की ने गुरुद्वारा बाबा अटल राय की सातवीं मंजिल से छलांग लगाई, की आत्महत्या

अमृतसर अमृतसर स्वर्ण मंदिर परिसर में 25 साल की एक युवती ने आत्महत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, लड़की ने गुरुद्वारा बाबा अटल राय की सातवीं मंजिल से छलांग लगाई। अचानक हुई इस घटना से परिसर में सनसनी फैल गई। आनन-फानन में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवती का शव बरामद किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती अकेले ही स्वर्ण मंदिर पहुंची थी और उसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। लड़की के सुसाइड की वजह का भी पता लगाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विशालजीत सिंह ने बताया कि युवती का शव सिवि अस्पताल के मोर्चरी में रखा गया है। स्वर्ण मंदिर परिसर में स्थित सात मंजिला गुरुद्वारा बाबा अटल राय में जाने का सार्वजनिक समय सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक था। युवती सुबह करीब 9.30 बजे बिल्डिंग पर चढ़ी और सातवीं मंजिल से छलांग लगा ली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने आई थी। सुबह 9.30 बजे वह गुरुद्वारा अटल राय साहिब की 7वीं मंजिल पर चढ़ गई और वहां से छलांग लगा दी। वह सिर के बल गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद भगदड़ मच गई। गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या करने वाली लड़की की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है लेकिन उसकी उम्र 25 साल के करीब है। आत्महत्या करने के कारण का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच कर रही है कि लड़की अकेली गोल्डन टेंपल में आई थी या उसके साथ कोई और भी था। दो महीने में दो सुसाइड और एक आत्महत्या की कोशिश स्वर्ण मंदिर परिसर में आत्महत्या या कोशिश का यह पहला मामला नहीं है। 20 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने सरोवर में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, जिसे सेवादारों ने बचा लिया था। 22 सितम्बर को गोल्डन टेंपल के बाहर एक युवक ने हाईकोर्ट के जज के सुरक्षाकर्मी की पिस्तौल छीन कर खुद को गोली मार ली थी। गुरु नानक देव अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वर्ण मंदिर में हुई इस घटना का संज्ञान लिया था। स्वर्ण मंदिर में जस्टिस एनएस शेखावत की सुरक्षा चूक में को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया था। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल की खंडपीठ ने न्यायाधीश की आवाजाही की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस के बजाय तटस्थ पुलिस बल के अधिकारियों को तैनात करने का आदेश दिया था।

आरोपी और पीड़ित के बीच सिर्फ समझौते के आधार पर केस को रद्द नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली यौन उत्पीड़न केस पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। गुरुवार को अदालत ने कहा कि आरोपी और पीड़ित के बीच सिर्फ समझौते के आधार पर केस को रद्द नहीं किया जा सकता है। इस संबंद में शीर्ष न्यायालय ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया, जिसमें कोर्ट ने केस को रद्द करने के लिए CrPC की धारा 482 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया था। क्या था मामला दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के दोषी शिक्षक विमल कुमार गुप्ता को राहत दे दी थी। यह मामला 2022 का गंगापुर का है। खबर है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था, जिसे शुरुआत में निचली अदालत ने मानन से इनकार कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता रामजी लाल बैरवा ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 2022 में नाबालिग दलित लड़की ने सरकारी स्कूल के शिक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद केस दर्ज हुआ था। जांच के दौरान नाबालिग का बयान भी दर्ज किया गया था। इसके बाद गुप्ता ने लड़की के परिवार का बयान एक स्टांप पेपर पर हासिल कर लिया था। इसमें कहा गया था कि उन्होंने गलतफहमी के चलते पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी थी और अब वह शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ अब एपेक्स कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया। साथ ही आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा चलाने का भी रास्ता साफ कर दिया है।

किसानों को केंद्र सरकार का बड़ा झटका, किसानों को पराली जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए पैसे देने पड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों के किसानों की जेब पर असर पड़ने वाला है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग लागू होने के बाद किसानों को पराली जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए पैसे देने पड़ेंगे। इसके लिए जिसके पास जितनी जमीन होगी, उसी हिसाब से पैसे चुकाने पड़ेंगे। इसके लिए वन मंत्रालय की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसमें 5 हजार, 10 हजार और 30 हजार तक किसानों को चुकाने पड़ेंगे। आइए जानते हैं किस किसान को कितना जुर्माना चुकाना पड़ेगा। मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के वो किसान जिनके पास 2 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 500 रुपए देने होंगे। इसके अलावा जिन किसानों के पास 2 एकड़ से 5 एकड़ तक जमीन है, उन्हें 10 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे। नोटिफिकेशन के मुताबिक 5 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों को 30 हजार रुपए चुकाने पड़ेंगे। इससे किसानों की जेब पर असर पड़ेगा। ठंड बढ़ने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में पर्यावरण की चर्चाएं बढ़ जाती हैं। बढ़ती पर्यावरण की चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन जाता है किसानों के पराली जलाने का। बीते कई सालों से चली आ रही इस चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने किसानों को पर्यावरण शुल्क अदा करने के लिए एक आयोग को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें किसानों से उनकी मलिकाना जमीन के अनुसार, पर्यावरण शुल्क वसूला जाएगा। जिसके पास जितनी जमीन होगी, उससे उतना ही ज्यादा पर्यावरण शुल्क वसूला जाएगा। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में यह बात कही गई है। इस नए नोटिफिकेशन को किसानों को झटके के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि अब उनकी जेब पर ज्यादा असर पड़ेगा। छोटे किसानों 5 हजार जब कि बड़े किसानों को 10-30 हजार रुपए तक पर्यावरण शुल्क अदा करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े कुछ विक्रेताओं पर ईडी ने छापेमारी की

नई दिल्ली ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी नामी ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े कुछ विक्रेताओं पर ईडी ने छापेमारी की है। यह छापेमारी देश भर में 15 से 16 ठिकानों पर की गई है। विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एजेंसी ने कॉम्पटिशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जांच के बाद यह ऐक्शन लिया है। सीसीआई ने अपने ऐक्शन में पाया था कि दनों कंपनियों ने स्थानीय प्रतिस्पर्धी नियमों का उल्लंघन किया है और गलत तरीके से सेलर्स को प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की परमिशन दी है। प्रतिस्पर्धा आयोग ने अपनी जांच में पाया था कि इन कंपनियों ने ऐसे सेलर्स को छूट देकर नियमों का उल्लंघन किया है। इन सेलर्स ने बड़े पैमाने पर डिस्काउंट दिए और कई नियमों का उल्लंघन किया। इससे दूसरी कंपनियों को नुकसान पहुंचा। वहीं पीटीआई का कहना है कि ऐसे कुछ सेलर्स को लेकर जांच की जा रही है, जिन्होंने ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट का इस्तेमाल किया। वहां पर उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए डिस्काउंट दिए। इन सेलर्स के वित्तीय लेनदेन पर एजेंसियों की नजर है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के अलग शहरों में छापेमारी हुई है। इसके अलावा कुछ और इलाकों में भी हुई है। दिल्ली, गुरुग्राम, हैदराबाद, बेंगलुरु समेत कई शहरों में रेड मारी गई है। यह जांच फॉरेंस एक्सचेंज मैनेजमेंट ऐक्ट यानी फेमा के तहत की जा रही है। ईडी इस ऐंगल से जांच कर रही है कि कहीं उन सेलर्स ने अवैध वित्तीय लेनदेन तो नहीं किया है, जिन पर फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन के गलत इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। इनमें से ज्यादातर सेलर्स पर अवैध वित्तीय गतिविधियां करने का आरोप लगा है। फिलहाल इस मामले में ईडी या अन्य किसी सरकार एजेंसी की ओर से बयान नहीं आया है। इसके अलावा ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट ने भी इस पर कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया है।

घोषणा पत्र में उद्धव ठाकरे का बड़ा वादा, ‘रद्द कर दूंगा अडाणी का प्रोजेक्ट’, MVA टूटने पर भी ली चुटकी

मुंबई महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए आज (गुरुवार, 7 नवंबर) को अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें सभी छात्रों को मुफ्त शिक्षा और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर करने के आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही ठाकरे ने अपने घोषणा पत्र में अडाणी समूह को दिए गए धारावी पुनर्विकास परियोजना को भी रद्द करने का वादा किया है। ठाकरे ने कहा कि ज्यादातर चुनावी वादे विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी (एमवीए) के घोषणापत्र का हिस्सा हैं, लेकिन कुछ बिंदु हैं जिन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) वाला एमवीए गठबंधन 20 नवंबर को होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र भी जारी करेगा। ठाकरे ने आश्वासन दिया कि जिस तरह से राज्य में छात्राओं को सरकारी नीति के तहत मुफ्त शिक्षा मिल रही है, अगर एमवीए सत्ता में आता है तो इसे सभी छात्रों के लिए भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमवीए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को भी स्थिर रखेगा। धारावी पुनर्विकास परियोजना के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे रद्द कर दिया जाएगा क्योंकि इसका बुरा प्रभाव मुंबई पर होगा। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र और मुंबई में भी आवास नीति होगी। ठाकरे ने कहा कि अगर एमवीए सत्ता में आता है तो वह कोलीवाड़ा और गौठानों के क्लस्टर विकास को रोक देगा और यह निवासियों को विश्वास में लेने के बाद किया जाएगा। शिवसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी रोजगार सृजन की दिशा में काम करेगी। ठाकरे ने विपक्ष की सियासी साजिशों और अफवाह फैलाने पर कहा, “मैं चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से बाहर जा रहा हूं, इसलिए मुंबई में महा विकास अघाड़ी की आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अगर मैं शामिल नहीं होता हूं, तो कृपया यह नहीं समझना कि गठबंधन टूट गया है। हमने अब तक अपने सभी वादे पूरे किए हैं, चाहे वह बीएमसी से जुड़े रहे हों या राज्य सरकार से..।” शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी रोजगार सृजन की दिशा में काम करेगी। ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख लड़की बहन योजना का भी जिक्र किया, लेकिन इस बारे में ब्योरा देने से इनकार कर दिया कि चुनाव के बाद एमवीए के सत्ता में आने पर यह योजना जारी रहेगी या नहीं। 

हरियाणा में कैंसर के हर महीने सामने आ रहे 3 हजार नए मरीज, 1500 तोड़ रहे दम

हरियाणा दूध-दही के खान पान और हट्टे-कट्टे लोगों के लिए मशहूर हरियाणा की भयानक तस्वीर सामने है। हरियाणा के लिए कैंसर अब काल बनता जा रहा है। आलम ये है कि हरियाणा में हर माह कैंसर के 2916 नए मरीज सामने आ रहे हैं और साल में इनकी संख्या 35 हजार के करीब पहुंच जाती है। कैंसर के मरीजों की मौत की बात करें हरियाणा में हर माह 1500 कैंसर मरीज दम तोड़ रहे हैं और साल में यह आंकड़ा 18 हजार का है। बता दें कि प्रदेश में 30 साल से ऊपर की आबादी में 1 लाख लोगों की जांच में 102 लोगों में कैंसर के लक्षण मिल रहे हैं। स्क्रीनिंग और इलाज कराने आ रहे मरीजों के आंकड़ों को मिलाकर हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने यह डाटा तैयार किया है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि देशभर में हर साल 15.5 लाख कैंसर के नए मरीज सामने आते हैं और इनमें से सालभर में ही नौ लाख लोगों की जान चली जाती है। खासकर पुरुषों में मुंह और महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले अधिक सामने आ रहे हैं।

लोकल बॉडी विभाग शहरों में कार्पोरेशनों की जायदाद को बेच कर भगवंत मान सरकार विकास कार्यों पर खर्च कर सकती है

पंजाब पंजाब का लोकल बॉडी विभाग शहरों में कार्पोरेशनों की जायदाद को बेच कर करोड़ों रुपए कमा सकता है और इस पैसे को शहरों में भगवंत मान सरकार विकास कार्यों पर खर्च करके जनता से किए वायदों को पूरा कर सकती है। ‘द पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर और म्युनिस्पिल प्रापर्टीज एक्ट’ को 2020 में बनाया गया था जिसमें यह प्रावधान किया गया था कि 12 वर्षों से म्युनिसिपल दुकानों पर काबिज किराएदारों को मालिकाना हक दे दिया जाए। यह दुकानें न केवल जालंधर बल्कि लुधियाना, अमृतसर, पटिायाला व अन्य शहरों में भी स्थित हैं। अकेले जालंधर में ही 252 दुकानों की पहचान हुई थी जो कार्पोरेशन की हैं। इसके अलावा भी कार्पोरेशन की शहरों में अन्य जायदादें भी स्थित हैं। अगर इन जायदादों को बेचा जाता है तो कार्पोरेशनों को करोड़ों रुपए की कमाई हो सकती है। गुरदीप सिंह जोकि ऐसी ही एक दुकान के किराएदार हैं, ने बताया कि भगवंत मान सरकार किराएदारों के हक में फैसला लेकर उनका दिल जीत सकती है और किराएदारों को मालिकाना हक देने से यह सभी लोग आम आदमी पार्टी से जुड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि 2020 के एक्ट को लागू करने की जरूरत है। लोकल बाडी विभाग में कई मंत्री आए और चले गए परन्तु इस एक्ट को लागू करने में किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि जालंधर में तो पहले यह कहा गया था कि दुकानों के रेट कम हैं परन्तु बाद में जब जालंधर के डिप्टी कमिश्रर घनश्याम थ्योरी बने थे तो उन्होंने डी.सी. रेट में 70 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी कर दी थी। उनके बाद भी डी.सी. रेट में काफी बढ़ौतरी हो चुकी है इसलिए अब लोकल बाडी विभाग को तुरन्त इस संबंध में फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने भी एक्ट को लागू करने की तरफ ध्यान नहीं दिया। किराएदारों को मालिकाना हक न मिलने से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किराएदारों ने इस संबंध में मंत्रियों को कई बार ज्ञापन भी सौंपे हैं परन्तु इसके बावजूद कोई भी मंत्री धड़ल्लेदार फैसला नहीं ले सका है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुहार लगाई कि वह शहरों में कार्पोरेशनों की जायदादों को बेचने का आदेश अधिकारियों को जारी करें जिसका लाभ सरकार को होगा।

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