LATEST NEWS

कोर्ट का सला मंजूर, माफी नहीं मांगूगा…रामगिरी महाराज ने पैगंबर पर दिया था विवादित बयान

मुंबई पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाले महाराष्ट्र के सरला द्वीप के मठाधीश रामगिरी महाराज एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले पर रामगिरी महाराज ने मांफी मांगने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि वह इस्लाम विरोधी नहीं है, लेकिन वह अपने बयान को लेकर माफी नहीं मांगेंगे. मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामगिरी महाराज ने कहा, “मैं माफी नहीं मांगूंगा. इस मामले में कोर्ट जो भी फैसला देगा वह मुझे मान्य होगा. हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है और यह अधिकार संविधान ने दिया है. अगर मेरी टिप्पणियों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो यह उसका व्यक्तिगत मुद्दा है.” उन्होंने कहा कि उनके बयान के बाद देश के बाहर से सोशल मीडिया यूजर्स देश में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामगिरी महाराज के साथ पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्रर सत्यपाल सिंह भी मौजूद थे. सत्यपाल सिंह ने कहा, “महंत रामगिरी माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि उन्होंने वही कहा जो इस्लामिक किताबों में लिखा हुआ है. इस्लाम के विद्वानों और मौलानाओं को सभी को बताना चाहिए कि क्या रामगिरी की टिप्पणियां तथ्यात्मक नहीं थीं?” गौरतलब है कि पिछले दिनों रामगिरी महाराज पर नासिक जिले के सिन्नार तालुका स्थित के पंचाले गांव में पैगंबर मोहम्मद के ऊपर विवादित बयान देने का आरोप लगा था. सोशल मीडिया पर बयान वायरल होने के बाद छत्रपती संभाजीनगर के वैजापुर शहर में काफी तनाव बढ़ गया था. इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी बड़े पैमाने पर हुए थे और एफआईआर भी दर्ज हुई थी. कौन हैं रामगिरी महाराज? बीबीसी के अनुसार, रामगिरी महाराज का असली नाम सुरेश रामकृष्ण राणे है. वे जलगांव जिले में पैदा हुए और वहीं अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. 1988 में जब सुरेश राणे 9वीं कक्षा में थे, तब उन्होंने स्वाध्याय केंद्र में गीता और भावगीता के अध्यायों का अध्ययन करना शुरू किया. 10वीं कक्षा पास करने के बाद उनके भाई ने उन्हें आईटीआई करने के लिए अहमदनगर के केडगांव में भर्ती कराया. हालांकि, उन्होंने अपनी पढ़ाई को आगे न बढ़ाते हुए आध्यात्मिक मार्ग चुना. 2009 में उन्होंने दीक्षा ली और गंगागीर महाराज के शिष्य नारायणगिरि महाराज के शिष्य बन गए. 2009 में नारायणगिरि महाराज की मृत्यु के बाद रामगिरी महाराज सरला द्वीप के सिंहासन के उत्तराधिकारी बने, लेकिन इस पर भी विवाद हुआ. कोर्ट के फैसले के बाद रामगिरी महाराज को उत्तराधिकारी घोषित किया गया.

सारा मैकब्राइड चुनी गईं पहली ट्रांसजेंडर, डेलावेयर में रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी को हराया और इतिहास रचा

न्यूयोर्क अमेरिका में हुए चुनाव (US Elections 2024) में डेमोक्रेट सीनेटर सारा मैकब्राइड ने इतिहास रचा है। वह अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी गईं पहली ट्रांसजेंडर बन गईं हैं। उन्होंने डेलावेयर में रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन व्हेलन तृतीय को हराया है। चुनाव जीतने के बाद मैकब्राइड ने एक्स पर पोस्ट किया, “धन्यवाद, डेलावेयर! आपके वोट और आपके मूल्यों के कारण, मुझे कांग्रेस का अगला सदस्य बनने पर गर्व है। डेलावेयर ने यह साफ संदेश दिया है कि हमें एक ऐसा देश बनना चाहिए जो प्रजनन स्वतंत्रता की रक्षा करता है। हमारे सभी परिवारों के लिए वेतन के साथ छुट्टी और बच्चों की किफायती देखभाल की गारंटी देता है। सुनिश्चित करता है कि घर और इलाज सभी के लिए उपलब्ध हो।” कौन हैं सारा मैकब्राइड? सारा मैकब्राइड का जन्म 1990 में हुआ था। वह विलमिंगटन में पली-बढ़ी हैं। वह अपने समुदाय के लिए लंबे समय से आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने डेलावेयर के पूर्व गवर्नर जैक मार्केल के लिए काम किया था। मैकब्राइड ने दिवंगत अटॉर्नी जनरल ब्यू बिडेन के लिए भी काम किया। उन्होंने ओबामा और बाइडेन के राष्ट्रपति रहने के दौरान व्हाइट हाउस में सेवा की। मैकब्राइड ने LGBTQ कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 3 मिलियन डॉलर से ज्यादा चंदा जुटाया था। मैकब्राइड 2016 में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में समानता और समावेश पर भाषण देकर पहली ट्रांसजेंडर वक्ता बनीं थीं। स्टेट सीनेटर के रूप में मैकब्राइड ने स्वास्थ्य देखभाल के मुद्दों पर काम कर नाम कमाया था।

उत्तर कोरिया के 10 हजार सैनिक यूक्रेन की जंग में उतारा, इंटरनेट मिलने पर ले रहे एडल्ट फिल्में के मजे

मॉस्को नॉर्थ कोरिया एक ऐसा देश है, जहां तानाशाही अपने चरम पर है और हर तरफ कड़ी पाबंदियां हैं. फ्रीडम ऑफ स्पीच, इंटरनेट का इस्तेमाल, यूट्यूब जैसे साधारण लगने वाले हक भी वहां सीमित हैं. अब जरा सोचिए, जब ऐसे माहौल में पले-बढ़े किसी शख्स को पहली बार इंटरनेट की आजादी मिले, तो वह क्या करेगा? रूस में तैनात नॉर्थ कोरिया के सैनिकों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां उन्हें बिना किसी रोक-टोक इंटरनेट का इस्तेमाल करने का मौका मिला और इसका नतीजा खूब चर्चा में है. नॉर्थ कोरिया के कुछ सैनिक, जो इस समय रूस में तैनात हैं, इंटरनेट पर एडल्ट कंटेंट देखने में काफी मशगूल हैं. एक पत्रकार के दावे के मुताबिक, ये सैनिक अपनी ड्यूटी के बाद इंटरनेट पर एडल्ट वीडियो देखकर अपनी थकान मिटा रहे हैं. नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट का इस तरह खुला इस्तेमाल मुमकिन नहीं है, रूस में यह उन्हें पहली बार मिला है और इसका खूब फायदा उठा रहे हैं. क्या है मामला? फाइनेंशियल टाइम्स के विदेशी मामलों के पत्रकार गिडियन राचमैन ने X पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि एक भरोसेमंद स्रोत के मुताबिक, रूस में तैनात नॉर्थ कोरियाई सैनिकों को पहली बार बिना रोक-टोक इंटरनेट का इस्तेमाल करने का मौका मिला.  वे एडल्ट कंटेंट देख रहे हैं. इस पोस्ट को 57 लाख से ज्यादा बार देखा गया है. हालांकि, राचमैन ने अपने सोर्स का खुलासा नहीं किया. इस पर अमेरिकी आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल चार्ली डीट्ज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस बारे में पुष्टि नहीं कर सकते कि उत्तर कोरियाई सैनिक रूस में इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं. ‘नॉर्थ कोरियाई सैनिकों में भी होता है टेस्टोस्टेरोन’ सोशल मीडिया पर इस स्थिति को लेकर लोगों ने मजाकिया कमेंट्स किए. एक यूजर ने लिखा-अभाव में रहने वाले को जब अचानक आजादी मिलती है, तो यही होता है. वहीं, किसी और ने कहा-आखिरकार, नॉर्थ कोरियाई लोगों का भी टेस्टोस्टेरोन है, भले ही वे एक तानाशाह के साए में जी रहे हों. उन्हें भी अपनी जिंदगी जीने का हक मिलना चाहिए.  

पिंजरे में बंद 400 तोता बरामद किए गए, मुंबई भेजने की थी तैयारी, पुलिस ने कार्रवाई कर चार लोगों को किया गिरफ्तार

पिलखुवा (हापुड़) हापुड़ में कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत छिजारसी टोल प्लाजा पर एनिमल वेलफेयर आफिसर की सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से पिंजरे में बंद 400 तोता बरामद किए गए हैं। चारों आरोपित के अलावा तीन तस्कर सहित सात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ अनिता चौहान ने बताया कि मेनका गांधी द्वारा संचालित पीएफए आर्गेनाइजेशन में कार्यरत गाजियाबाद राजनगर के एनिमल वेलफेयर आफीसर गौरव गुप्ता ने पिलखुवा पुलिस को सूचना दी थी कि जिला रामपुर के बिलासपुर गेट सराय जहांगीर के तौफीक खान व उसका भाई पूर्वी दिल्ली के मोहल्ला अशोक का शकील खान अपने गुर्गे के हाथ 400 तोता रामपुर से मुंबई भेजेंगे, इसकी जानकारी मिली थी। पहले यह रामपुर से बाया बस जयपुर और उसके बाद जयपुर से मुंबई क्राफर्ड मार्केट जाएंगे। जहां से इन्हें गाजियाबाद के विजयनगर का रहने वाला वन्य जीव तस्कर रवि भटनागर उर्फ तमंचा ने मुंबई अपने अड्डे पर मंगाया है। इस समय रवि तमंचा मुंबई में मौजूद है और वह वहीं से वन्यजीवों के अंतरराष्ट्रीय तस्करी कर रहा है।

मोदी और शाह के नेतृत्व में देश की राजनीति का स्तर गिर गया : संजय राउत

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों के नेतृत्व में देश की राजनीति का स्तर नीचे चला गया है। शायद इसी वजह से बीते दिनों शरद पवार ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। लेकिन, हम जैसे लोग जो उन्हें चाहते हैं, उनसे आग्रह करना चाहेंगे कि वह राजनीति से अभी संन्यास ना लें। उन्होंने कहा, “शायद यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि शरद पवार भारतीय राजनीति के सर्वाधिक वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनके जैसा वरिष्ठ नेता भारतीय राजनीति में मौजूदा समय में कोई नहीं है। हम सभी लोगों ने उनसे राजनीति का पाठ सीखा है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान अमिट छाप छोड़ी है। ऐसे में उनकी उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती है। लेकिन, इस बात को भी खारिज करना गवारा नहीं रहेगा कि मौजूदा समय में जिस तरह से राजनीति का स्तर नीचे चला गया है, वो निंदनीय है। शायद इसी वजह से पवार ने बीते दिनों चुनाव ना लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन, हम चाहेंगे कि वो राजनीति में बने रहे।” उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विरोधी हैं। लेकिन, मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि उनका विरोध करने से कुछ होने वाला नहीं है। उद्धव ठाकरे स्पष्ट कर चुके हैं कि हर जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनेगा। लेकिन, ना जाने क्यों कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।” राउत ने कहा, “जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो सकता है, तो हमारे महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर क्यों नहीं बन सकता है। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का मंदिर बनवाकर रहेंगे।” उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज के दौरान भी कई फडणवीस थे, जिन्होंने उनका विरोध किया था। लेकिन, उनके वजूद पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आई थी। इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि कोई उनका कितना भी विरोध क्यों ना करें। लेकिन, उनकी अस्मिता पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं लग सकती है।”

एलन मस्क की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका को उनके रूप में एक ‘नया सितारा’ मिला: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप, ने बुधवार को एलन मस्क की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका को उनके रूप में एक ‘नया सितारा’ मिला है। उन्होंने इस दौरान अरबपति बिजनेसमैन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच कन्वेंशन सेंटर में समर्थकों के बीच अपनी विक्ट्री स्पीच में उन्होंने एक्स के मालिक को ‘सुपर जीनियस’ कहा। बता दें ट्रंप ने जीत की आधिकारिक घोषणा से पहले ही अपनी विक्ट्री स्पीच दी। ट्रंप ने कहा कि मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस ने पिछले महीने दक्षिण-पूर्वी अमेरिका में आए तूफान हेलेन के दौरान ‘बहुत से लोगों की जान’ बचाने में मदद की। ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा, “मैंने एलन से कहा कि उन्हें उत्तरी कैरोलिना में इसकी बहुत, बहुत सख्त जरूरत है, क्या आप इसे उपलब्ध करा सकते हैं? उन्होंने इसे वहां इतनी तेजी से उपलब्ध कराया; जो अविश्वसनीय था। इसने बहुत से लोगों की जान बचाई।” मस्क को ‘विशेष व्यक्ति’ कहते हुए ट्रंप ने कहा: ‘हमें अपने प्रतिभाशाली लोगों की रक्षा करनी होगी, हमारे पास वे बहुत से नहीं हैं।’ उन्होंने कहा, “हमारे पास एक नया सितारा है… एक सितारा पैदा हुआ है – एलन!” मस्क पूरे राष्ट्रपति अभियान के दौरान ट्रंप के कट्टर समर्थक रहे हैं। बुधवार को मस्क ने ट्रंप को तब बधाई दी जब वह कुछ महत्वपूर्ण स्विंग स्टेट्स में जीत के बाद बहुमत के करीब पहुंच गए थे। टेक अरबपति ने अपने प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अमेरिका के लोगों ने आज रात डोनाल्ड ट्रंप को बदलाव के लिए एकदम स्पष्ट जनादेश दिया है।” उन्होंने आगे लिखा, “अमेरिका बिल्डरों का देश है। जल्द ही, आप निर्माण करने के लिए स्वतंत्र होंगे। भविष्य शानदार होने वाला है।”

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना नदी के गंभीर प्रदूषण का हवाला देते हुए कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया

नई दिल्ली यमुना नदी के तट पर छठ पूजा करने की अनुमति मांगने के लिए एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई, जिसमें इस अनुष्ठान पर प्रतिबंध को चुनौती दी गई। हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना नदी के गंभीर प्रदूषण का हवाला देते हुए कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को नदी में पूजा करने की अनुमति देने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने हाल ही में हुए एक मामले का हवाला दिया जिसमें एक व्यक्ति प्रदूषित पानी में डुबकी लगाने के बाद बीमार पड़ गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अदालत ने यह भी बताया कि पूजा के लिए करीब 1,000 वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए गए थे, तथा उत्सव के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। परिणामस्वरूप, याचिका खारिज कर दी गई। न्यायालय ने कहा कि अन्य घाट और निर्दिष्ट क्षेत्र हैं जहां लोग सुरक्षित रूप से पूजा कर सकते हैं। लोग बीमार पड़ सकते हैं- कोर्ट अदालत ने कहा कि यह प्रतिबंध संभवतः यमुना नदी में प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण लगाया गया है, तथा चेतावनी दी कि ऐसे जहरीले पानी में नहाने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। न्यायालय पूर्वांचल नव निर्माण संस्थान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें यमुना नदी के तट पर छठ पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि पहले कोविड-19 महामारी के दौरान अनुमति नहीं दी गई थी और अब प्रतिबंध फिर से लगा दिए गए हैं, जिससे लोगों को दिल्ली में पारंपरिक तरीके से पूजा करने से रोका जा रहा है। दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि लोगों के लिए अन्य स्थानों पर अनुष्ठान करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जहरीले झाग ने भक्ति को फीका कर दिया मंगलवार को पारंपरिक ‘नहाय खाय’ के साथ चार दिवसीय छठ पर्व शुरू हुआ, लेकिन दिल्ली में कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी के तट पर एक भयावह दृश्य ने धार्मिक भावना को बाधित कर दिया। हाल ही में श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे और उन्होंने पूजा-अर्चना की तथा पवित्र स्नान किया, जो सूर्य देव को समर्पित त्यौहार का एक अभिन्न अंग है। हालांकि, नदी की सतह पर तैरते जहरीले झाग के दृश्य ने उनकी भक्ति को फीका कर दिया, जो शहर के चल रहे प्रदूषण संकट की भयावह याद दिलाता है।

भारत और चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख के डेपसांग में गश्त के बारे में बनी आम सहमति का पालन कर रहे हैं : सेना

नई दिल्ली सेना ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत और चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख के डेपसांग में गश्त के बारे में बनी आम सहमति का पालन कर रहे हैं और किसी भी पक्ष की ओर से इसमें बाधा उत्पन्न नहीं की जा रही है। सेना ने एक अंग्रेजी दैनिक में ‘ डेपसांग में गश्त बहाल करने पर बातचीत बाधित हुई’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि गत 21 अक्टूबर को बनी सर्वसम्मति के आधार पर, दोनों पक्षों ने प्रभावी ढंग से सैनिकों को पीछे हटाया है । भारतीय पक्ष ने अपने पारंपरिक गश्त वाले क्षेत्रों में गश्त फिर से शुरू कर दी है। दोनों पक्ष आम सहमति का पालन कर रहे हैं और किसी भी पक्ष द्वारा कोई बाधा उत्पन्न नहीं की गई है। सेना ने कहा है कि यह स्पष्ट किया जाता है कि इस अंग्रेजी दैनिक में बुधवार को प्रकाशित लेख काल्पनिक और तथ्यों से परे है। सेना ने मीडिया से अनुरोध किया है कि वह ऐसे संवेदनशील लेख प्रकाशित करने से पहले तथ्यों को सत्यापित कर लें। उल्लेखनीय है की अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित खबर में कहा गया है कि गश्त के तौर तरीकों को लेकर भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत में गतिरोध उत्पन्न हो गया है। उल्लेखनीय है कि भारत और चीन के बीच करीब साढ़े चार वर्षों के गतिरोध के बाद 21 अक्टूबर को गश्त व्यवस्था को लेकर आम सहमति बनी थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाया था और डेपसांग तथा डेमचोक दोनों क्षेत्रों में अगस्त शुरू हो गई थी।  

एलएमवी लाइसेंस धारक 7500 किलोग्राम से कम वजन वाली गाड़ी चलाने का हकदार: उच्चतम न्यायालय

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि हल्का मोटर वाहन (एलएमवी) लाइसेंस धारक 7500 किलोग्राम से कम वजन वाले माल या सवारी गाड़ी भी चला सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा, न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने यह ‌फैसला सुनाते हुए कहा कि इससे उन हल्के मोटर वाहन धारकों को अपने बीमा दावा करने में मदद मिलेगी, जो 7500 किलोग्राम से कम वजन वाले वाहन को चलाते हुए पाये जाते हैं। पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि इस दलील के विपरीत कोई आंकड़ा नहीं पेश नहीं किया गया है। पीठ की ओर से फैसले के अंश पढ़ते हुए न्यायमूर्ति रॉय ने कहा कि लाइसेंसिंग व्यवस्था हमेशा एक जैसी नहीं रह सकती, क्योंकि उसे (पीठ को) उम्मीद है कि मौजूदा खामियों को दूर करने के लिए कानून में उपयुक्त संशोधन किए जाएंगे। शीर्ष अदालत ने सड़क सुरक्षा को वैश्विक स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक मुद्दा बताते हुए कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं की वजह से 1.7 लाख लोग मारे गए हैं। पीठ ने अपने फैसले में सीट बेल्ट नियमों का पालन न करने, मोबाइल का उपयोग करने, नशे में होने आदि जैसे कारणों का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि वाहन चलाने के लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है, लेकिन ‘यह कहना कि यह (दुर्घटना) हल्के मोटर वाहन चालकों के कारण हुआ, निराधार है।” पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सड़क सुरक्षा को कानून के सामाजिक उद्देश्य के साथ संतुलित किया जाना चाहिए और वह संविधान पीठ में सामाजिक नीति के मुद्दों पर फैसला नहीं कर सकती है। इस परिप्रेक्ष्य में अदालत ने केंद्र से पूछा कि क्या इस कानूनी सवाल पर कानून में बदलाव की आवश्यकता है कि क्या हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति किसी विशेष वजन के परिवहन वाहन को चलाने का हकदार है।  

भारतीय सेना ने एक और कदम बढ़ाते हुए अपने नॉर्दर्न कमांड में 550 ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल शामिल, एक बार में 33 राउंड

नई दिल्ली भारतीय सेना ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए अपने नॉर्दर्न कमांड में 550 ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल शामिल की हैं। यह पिस्टल पूरी तरह से स्वदेशी है और इसे भारतीय सेना के कर्नल प्रसाद बंसोड़ ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सहयोग से विकसित किया है। इस पिस्टल का निर्माण हैदराबाद स्थित लोकेश मशीन कंपनी कर रही है। आत्मनिर्भरता की दिशा में इस पहल से भारतीय सेना को न केवल आधुनिक तकनीकी साजो-सामान मिल रहा है, बल्कि यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। अस्मि मशीन पिस्टल: स्वदेशी हथियार अस्मि मशीन पिस्टल एक कॉम्पैक्ट, मजबूत और विश्वसनीय हथियार है, जिसे विशेष रूप से नजदीकी लड़ाई और विशेष अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसका सेमी-बुलपप डिजाइन इसे पिस्टल और सबमशीन गन दोनों के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देता है, जो इसे एक बहु-उद्देश्यीय हथियार बनाता है। इसे सिंगल-हैंड से चलाया जा सकता है, जिससे यह एक विशेष और सुविधाजनक विकल्प बनता है, खासकर उन परिस्थितियों में जब दोनों हाथों की स्वतंत्रता की आवश्यकता होती है। यह पिस्टल भारतीय सेना की आत्मनिर्भर भारत पहल को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस स्वदेशी हथियार का भारतीय रक्षा क्षेत्र में शामिल होना देश की रक्षा मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए प्रयासों को और मजबूती प्रदान करता है। अस्मि पिस्टल की प्रमुख विशेषताएँ 1. सटीकता और शक्ति अस्मि मशीन पिस्टल की सटीकता उल्लेखनीय है, क्योंकि यह 100 मीटर तक सटीक निशाना लगा सकती है। इसके अलावा, यह छोटे ऑपरेशनों और आतंकवादियों के खिलाफ विशेष रूप से प्रभावी साबित होती है। 2. मैगजीन की क्षमता इस पिस्टल में 33 गोलियों की क्षमता वाली मैगजीन होती है, जो इसे लंबे समय तक इस्तेमाल में सक्षम बनाती है, खासकर उन स्थितियों में जब एक-एक गोली की महत्ता होती है। 3. अत्याधुनिक एक्सेसरीज़ का विकल्प इस पिस्टल पर टेलिस्कोप, लेजर बीम, और बाइनोक्यूलर जैसे उपकरण आसानी से लगाए जा सकते हैं, जिससे ऑपरेशनों के दौरान बढ़ी हुई सटीकता और दृष्टि मिलती है। 4. दोनों हाथों से चलाने की सुविधा इस मशीन पिस्टल का लोडिंग स्विच दोनों तरफ होता है, जिससे लेफ्ट हैंडर और राइट हैंडर दोनों इसे आसानी से चला सकते हैं। यह सुविधा ऑपरेटर को अपनी पसंद के अनुसार इसे संचालित करने की स्वतंत्रता देती है। आतंकवादियों के खिलाफ एक आदर्श हथियार ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल को विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। नॉर्दर्न कमांड जैसे अर्बन एरिया में जहां आतंकवादी गतिविधियाँ अधिक होती हैं, इस पिस्टल का इस्तेमाल नजदीकी मुकाबलों में अत्यधिक प्रभावी साबित हो सकता है। पोर्टेबिलिटी और लचीला डिजाइन इस पिस्टल की एक और विशेषता यह है कि इसकी बट को फोल्ड किया जा सकता है, जिससे पिस्टल का आकार छोटा किया जा सकता है। इसका यह लचीला डिजाइन इसे छिपाकर ले जाने में मदद करता है। इसके अलावा, जब आवश्यकता होती है तो इसे राइफल की तरह कंधे पर रखकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे अधिक दूरी पर भी फायरिंग की जा सकती है। नॉर्दर्न कमांड में अस्मि का महत्व भारतीय सेना के नॉर्दर्न कमांड में इस पिस्टल का शामिल होना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है। इस क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जाने वाले ऑपरेशनों में अस्मि मशीन पिस्टल एक महत्वपूर्ण और प्रभावी हथियार साबित होगी। इसका कॉम्पैक्ट और फोल्डेबल डिजाइन, विशेष रूप से शहरी इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई में सहायक सिद्ध होगा। ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा उत्पादों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह न केवल दुनिया में भारत के रक्षा क्षेत्र की शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।  

बाबा सिद्दीकी की हत्या का चश्मदीद गवाह को धमकी देते हुए कहा कि या तो 5 करोड़ दो वरना मार डालेंगे, पुलिस ने मामला किया दर्ज

मुंबई एनसीपी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के चश्मदीद गवाह को धमकी मिली है। इस मामले में मुंबई के खार पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि एक अज्ञात शख्स ने हत्या के गवाह के पास फोन किया था। उसने धमकी देते हुए कहा कि या तो 5 करोड़ रुपये की रकम दो वरना तुम्हें भी बाबा सिद्दीकी की तरह मार डालेंगे। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। अब तक इस संबंध में जानकारी नहीं मिल सकी है कि यह फोन किसने किया था। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई गैंग या फिर किसी अन्य आपराधिक ग्रुप ने इसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी के नेता बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को हत्या हो गई थी। वह अपने विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के निर्मल नगर इलाके में स्थित दफ्तर में गए थे। वहां से निकलते वक्त तीन लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। इसके बाद उन्हें तुरंत ही लीलावती अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। उन पर हमले की जिम्मेदारी गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों ने ली थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में सीएम एकनाथ शिंदे खुद भी सक्रिय हैं। उन्होंने 2 नवंबर को दिए इंटरव्यू में कहा था कि हम कड़ा ऐक्शन लेंगे। उनका कहना था कि बाबा सिद्दीकी की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले के कई आरोपियों को अरेस्ट कर लिया गया है। सरकार और गृह विभाग इस मामले की तह तक जाएंगे। इस मामले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी पर कड़ा ऐक्शन होगा।’

भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार राजा कृष्णमूर्ति अमेरिकी चुनाव में जीते, लगातार दूसरी बार विजयी बने

वाशिंगटन अमेरिका में चुनाव जारी हैं। इसी बीच खबर है कि भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार राजा कृष्णमूर्ति ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर ली है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया। ताजा आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि डेमोक्रेट राष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस 205 पर आगे चल रही हैं। वहीं, रिपल्बिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप ने 270 के जादुई आंकड़े से कुछ दूरी पर ही हैं। कृष्णमूल्ति ने इलिनॉय के 8वें कांग्रेश्नल डिस्ट्रिक्ट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीता है। वह अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने 57.1 फीसदी वोट हासिल कर चुनाव जीता है। जबकि, रिपब्लिकन पार्टी के मार्क राइस को 42.9 फीसदी वोट मिले थे। कृष्णमूर्ति ने पहली बार साल 2016 में चुानव जीता था। कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति राजा कृष्णमूर्ति का जन्म भारत में हुआ, लेकिन वह अमेरिका के बफेलो में पले-बढ़े। कांग्रेस में शामिल होने से पहले इलिनॉय के डिप्टी स्टेट ट्रेजर का पद संभाल चुके हैं। वह इलिनॉय के स्पेशल असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के पॉलिसी डायरेक्टर भी रह चुके हैं। कृष्णमूर्ति मध्यवर्गीय परिवारों के लिए नीतियों की वकालत करते हैं, जिनमें शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा शामिल है। फिलहाल वह इंटेलीजेंस एंड ओवरसाइट समितियों के वरिष्ठ सदस्य हैं। शुरुआती मतगणना में कमला हैरिस से आगे हैं ट्रंप एसोसिएटेड प्रेस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने 230 निर्वाचक मंडल वोट जबकि हैरिस ने 205 निर्वाचक मंडल वोट हासिल कर लिए हैं। 270 या उससे अधिक निर्वाचक मंडल वोट जीतने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति चुना जाता है। व्हाइट हाउस की दौड़ में कौन जीतेगा यह तस्वीर एरिजोना, जॉर्जिया, मिशिगन, नेवादा, उत्तरी कैरोलाइना, पेन्सिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन सात ‘स्विंग राज्यों’ के नतीजों पर निर्भर करेगा।

प्लास्टिक फैक्टरी में लगी आग, आग ने फैक्टरी के दोनों तलों को अपनी चपेट में ले लिया

सोनीपत बड़ी औद्योगिक क्षेत्र फेज एक में धागा लपटने के लिए प्लास्टिक गीटियां बनाने के लिए तैयार की जा रही 137 नंबर फैक्टरी के स्टोर रूम में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने फैक्टरी के दोनों तलों को अपनी चपेट में ले लिया। इसी दौरान आग से उठ रही लपटें साथ लगती लोहे के बर्नर बनाने वाली फैक्टरी के प्रथम तल तक पहुंच गई। इस बीच बड़ी औद्योगिक क्षेत्र दमकल केंद्र की दमकल गाड़ी को मौके पर बुलाया, लेकिन आग पर काबू न पाता देख गन्नौर व सोनीपत से भी दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाना पड़ा, जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी में महादेव मल्टीप्लास्ट में धागे लपटने के लिए प्लास्टिक गीटियां तैयार करने का काम शुरू किया जाना था। फैक्टरी संचालक द्वारा इसके लिए तैयारियां की जा रही थी। फैक्टरी में इसके लिए कच्चा माल व मशीने भी लाकर रखी गई थी। मंगलवार को फैक्टरी के स्टोर रूम के साथ वेल्डिंग का काम किया जा रहा था। इसी बीच वेल्डिंग से निकली चिंगारी स्टोर रूम में रखे प्लास्टिक के कच्चे माल में जा पहुंची। जिससे आग धधकनी शुरू हो गई। फैक्टरी कर्मियों ने आस-पास के लोगों की मदद से पहले आग पर खुद काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ती चली गई और उसने साथ लगती लोहे के बर्नर बनाने वाली फैक्टरी के प्रथम तल को भी अपनी चपेट में ले लिया।

आढ़ती पर फायरिंग के दौरान दो के खिलाफ मामला दर्ज

गुरदासपुर थाना सदर पुलिस गुरदासपुर ने आढ़ती पर फायरिंग करने वाले दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस संबंध में ए.एस.आई. जीवन सिंह ने बताया कि हरिंदर सिंह पुत्र हरभजन सिंह निवासी राजपुरा पुलिस स्टेशन सदर गुरदासपुर ने बयान दिया कि वह गजनीपुर फोकल प्वाइंट पर अपनी आढ़त की दुकान गोराया कमीशन ऐजैंट पर बैठा था। शाम लगभग 5.30 बजे जब वह अपनी दुकान पर खड़ा था कि दो लड़के जिन्होंने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था, मोटरसाइकिल पर आए। उन्होंने उसे देखकर जान से मारने की नियत से उस पर गोली चलानी शुरू कर दी। इस पर उसने भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरिंदर सिंह के बयानों पर दो अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

‘LMV लाइसेंस धारक 7500 KG तक वजन वाले ट्रांसपोर्ट वाहन चलाने का अधिकार ‘, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

नई दिल्ली वाणिज्यिक वाहन चालकों को राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) का लाइसेंस धारक व्यक्ति 7,500 किलोग्राम तक वजन वाले परिवहन वाहन चला सकता है। प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ का फैसला बीमा कंपनियों के लिए एक झटका है। बीमा कंपनियां उन दावों को खारिज कर देती थीं, जो एक विशेष वजन के परिवहन वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित होते थे और चालक कानूनी शर्तों के अनुसार उन्हें चलाने के लिए अधिकृत नहीं थे। पीठ के लिए सर्वसम्मति से फैसला लिखने वाले न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय ने कहा कि ऐसे कोई आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं जो यह दर्शाते हों कि देश में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के लिए एलएमवी लाइसेंस धारक जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि एलएमवी लाइसेंस धारक, जो अधिकतम समय वाहन चलाते हैं, न्यायालय से जवाब मांग रहे हैं और उनकी शिकायतों को तकनीकी आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। प्रधान न्यायाधीश और न्यायमूर्ति रॉय के अलावा पीठ में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा, न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। पीठ ने 21 अगस्त को इस जटिल कानूनी मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जब केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने दलील दी थी कि मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम, 1988 में संशोधन के लिए विचार-विमर्श ‘‘लगभग पूरा हो चुका है।’’ शीर्ष अदालत ने केंद्र से कानून में संशोधन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने को कहा। पीठ ने उस कानूनी पहलू का समाधान किया कि क्या हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) का लाइसेंस धारक व्यक्ति 7,500 किलोग्राम तक वजन वाले परिवहन वाहन चलाने का भी हकदार है। इस मुद्दे ने एलएमवी लाइसेंस धारकों द्वारा चलाए जा रहे परिवहन वाहनों से जुड़े दुर्घटना मामलों में बीमा कंपनियों की तरफ से दावों के भुगतान को लेकर विभिन्न विवादों को जन्म दिया है। बीमा कम्पनियां आरोप लगाती रही हैं कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) और अदालतें हल्के मोटर वाहन ड्राइविंग लाइसेंस के संबंध में उनकी आपत्तियों की अनदेखी करते हुए उन्हें बीमा दावों का भुगतान करने के लिए आदेश पारित करते हैं।  बीमा कम्पनियों ने कहा कि बीमा दावा विवादों पर निर्णय करते समय अदालतें बीमाधारक का पक्ष लेती हैं।    

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet