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दूध, पनीर से लेकर मिठाई, मसालों के साथ अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं जो हरियाणा में धड़ल्ले से मिलावटी बिक रहे

हरियाणा दूध दही के खाने के लिए मशहूर हरियाणा में धड़ल्ले से मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। खुद खाद्य एवं औषधि विभाग के आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। एक साल में विभाग की ओर से लिए गए कुल सैंपल में से 25 प्रतिशत फेल पाए गए हैं। मतलब ये खाद्य पदार्थ खाने लायक नहीं मिले। इनमें दूध, पनीर से लेकर मिठाई, मसालों के साथ अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक विभाग ने 1 अप्रैल, 2023 से लेकर 31 मार्च 2024 तक अलग-अलग खाद्य पदार्थों के कुल 2682 सैंपल लिए। जांच में 676 सैंपल फेल पाए गए हैं। आंकड़े ये भी बता रहे हैं कि पूरे प्रदेश में प्रतिदिन केवल सात और माह में केवल 210 सैंपल ही लिए जा रहे हैं। इसका सीधा सा मतलब ये है कि काफी संख्या में खाद्य पदार्थों की जांच विभाग कर ही नहीं पाता और लोगों को मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थ धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। न स्टाफ न अधिकारी बता दें कि कम सैंपल लिए जाने का सबसे बड़ा कारण ये है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न जांच व निगरानी के लिए अधिकारी हैं। स्थिति ये है कि इस समय प्रदेश के 22 जिलों में से मात्र सात जिलों में ही जिला खाद्य अधिकारी हैं और सभी के पास दो से तीन तीन जिलों के चार्ज है। दूसरा, फूड सेफ्टी आफिसर (एफएसओ) की बात करें तो प्रदेश में केवल 10 अधिकारी हैं और इनके पास भी कई-कई जिलों के चार्ज हैं। प्रदेश में फूड सेफ्टी ऑफिसर के 45 स्वीकृत पदों में से 43 लंबे समय से खाली पड़े हैं। स्थायी तौर पर केवल दो पदों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी काम कर रहे हैं। शेष अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखा गया है। पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग से अधिकारियों को डेप्यूटेशन पर लिया गया है और इनके भरोसे ही विभाग चल रहा है।

अब इंडिगो-विस्तारा, AI की 85 फ्लाइट्स में बम की धमकी, सरकार बोली- सख्त कानून लाएंगे

नई दिल्ली विमानों को बम से उड़ाने की धमकी से जुड़े मामले थम नहीं रहे हैं. अब 85 विमानों को उड़ाने की धमकी मिली है. इनमें एअर इंडिया के 20 विमान शामिल हैं. जिन विमानों को धमकी मिली है, उनमें 20 इंडिगो, 20 विस्तारा और 25 अकासा की उड़ानें शामिल हैं. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इससे पहले दिल्ली पुलिस ने पिछले आठ दिनों में 90 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी के संबंध में आठ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. जिन उड़ानों को धमकी मिली हैं, उनमें अकासा, एअर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा की सेवाएं शामिल हैं. ये उड़ानें दिल्ली से विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए संचालित होती हैं. पुलिस का कहना है कि इन मामलों में जांच की जा रही है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, धमकी भरे मैसेज एक्स पर प्राप्त हुए थे जिन्हें बाद में अधिकारियों ने खारिज कर दिया. पहला मामला 16 अक्टूबर को बेंगलुरु जाने वाली अकासा की फ्लाइट को निशाना बनाने से जुड़ा आया था. एक्स के माध्यम से मिली बम की धमकी के बाद केस दर्ज किया गया था. इस विमान में 180 से ज्यादा यात्री सवार थे. विमान को दिल्ली लौटना पड़ा था. पुलिस ने अगले दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को पत्र लिखकर धमकी भरे मैसेज पोस्ट करने वाले अकाउंट की डिटेल मांगी थी. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की विभिन्न टीमें उड़ानों पर जारी खतरों को लेकर एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. एक हफ्ते से भी कम समय में 170 से अधिक उड़ानों को बम की धमकी मिली है. इस बीच, सरकार एयरलाइनों को बम की धमकियों से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई की योजना बना रही है, जिसमें अपराधियों को नो-फ्लाई सूची में डालना भी शामिल है. विमानों को धमकी से निपटने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने  कहा- ऐसी धमकी देने वालों के नाम ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में शामिल किए जा सकते हैं। सरकार विमानन सुरक्षा नियमों और नागरिक विमानन सुरक्षा के विरुद्ध गैरकानूनी कृत्यों का दमन अधिनियम, 1982 में संशोधन की योजना बना रही है। उन्होंने कहा- नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) इस मुद्दे पर लगातार गृह मंत्रालय के संपर्क में है। धमकियों को लेकर केंद्र सरकार के 4 एक्शन     एयर मार्शल की संख्या दोगुनी: केंद्र सरकार ने 16 अक्टूबर को फ्लाइट्स में एयर मार्शलों की संख्या दोगुनी करने का फैसला किया। इसी दिन गृह मंत्रालय ने फर्जी धमकियों को लेकर एविएशन मिनिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी। CISF, NIA और IB को भी रिपोर्ट देने को कहा गया है।     एयरलाइंस के CEOs के साथ बैठक: ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने 19 अक्टूबर को सभी एयरलाइंस के CEOs के साथ बैठक की। इसमें झूठी धमकियों से निपटने को लेकर चर्चा की गई। साथ ही यात्रियों की असुविधा और एयरलाइंस के नुकसान पर भी बात हुई।     DGCA प्रमुख को हटाया: केंद्र ने 19 अक्टूबर को DGCA चीफ विक्रम देव दत्त को पद से हटाते हुए कोयला मंत्रालय में सचिव बना दिया। इस बदलाव को धमकी वाले मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है।     मुंबई और कोच्चि से 2 अरेस्ट: मुंबई पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। दोनों ने इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी दी थी। वहीं, केरल के कोच्चि एयरपोर्ट पर सोमवार को एक यात्री को बम की धमकी देने के आरोप में हिरासत में लिया गया। धमकियों से हफ्तेभर में ₹200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान विमान में बम होने की सूचना मिलने पर फ्लाइट को अपने निर्धारित एयरपोर्ट के बजाय नजदीकी एयरपोर्ट पर उतारा जाता है। इससे ईंधन की खपत तो ज्यादा होती ही है, विमान की दोबारा जांच करने, यात्रियों को होटलों में ठहराने और उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था करनी पड़ती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सब पर करीब 3 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इस हफ्ते विस्तारा, एअर इंडिया, इंडिगो, अकासा, स्पाइसजेट, स्टार एयर और अलायंस एयर की 70 से ज्यादा घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को धमकी मिल चुकी है। धमकियों की वजह से अब तक 200 करोड़ रुपए तक का नुकसान हो चुका है।  

गांदरबदल में आतंकियों के हाथ में US आर्मी में इस्तेमाल होने वाली राइफल, जानिए इसकी ताकत

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में 20 अक्टूबर की शाम टनल कंस्ट्रक्शन में लगे मजदूरों पर आतंकवादियों ने नाटो असॉल्ट राइफल M-4 से हमला किया था। बेहद अडवांस इस राइफल का इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है। एक्सपर्ट मानते हैं कि इससे एक मिनट में 970 गोलियां दागी जा सकती हैं और इतने के बाद भी राइफल गर्म नहीं होती। जांच में जुटे सुरक्षा बलों को घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों की एक फुटेज भी मिली है, जिसमें 2 आतंकी दिखे हैं। हालांकि हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की संख्या 2 से 3 बताई जा रही है। कैमरे में कैद हुए आतंकियों की तलाश में कई जगह दबिश दी जा रही है। खून-खराबे का इरादा रखते हुए मजदूरों के कैंप में दाखिल हुए सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि दोनों आतंकी बड़े पैमाने पर खून-खराबे का इरादा रखते हुए मजदूरों के कैंप में दाखिल हुए थे। अंदर पहुंचने पर लोगों को देखते हुए उन्होंने ओपन फायरिंग शुरू कर दी थी। घटना में 7 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए। आतंकियों ने जिस तरह से इस हमले को अंजाम दिया उसे देखते हुए आशंका यह भी जताई जा रही है कि कहीं दोनों या इनमें से किसी एक का रियासी हमले से भी संबंध है। ठीक इसी तरह से आतंकवादियों ने इसी साल 9 जून को जम्मू के रियासी में तीर्थ यात्रियों की बस में ओपन फायरिंग की थी। लगभग वही पैटर्न आतंकवादियों ने इस हमले में भी अपनाया। रियासी अटैक वाले आतंकवादी भी अभी खुले घूम रहे हैं। चेहरा छुपाने की कोशिश नहीं की, शॉल से राइफल छिपाई गांदरबल हमले के बारे में एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल दो आतंकियों के बारे में ही जानकारी मिल रही है। दोनों ने अपना चेहरा ढकने की कोई कोशिश नहीं की थी। यानी वह अपनी पहचान ना छिपाते हुए एक तरह से यह मेसेज देना चाह रहे थे कि हिम्मत है तो हमें पकड़कर दिखाओ। दोनों ने शॉल ओढ़े हुए थे। शॉल शायद राइफल छिपाने के लिए लिए थे। दोनों आतंकियों की उम्र 22 से 30 साल के बीच की लग रही है। दोनों ने कमर पर पिट्टू बैग थे। शायद उस बैग में गोली और खाने-पीने का सामान भरा हो। हमले को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से भाग गए थे। 100 से ज्यादा लोगों से हुई पूछताछ मामले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस के हाथों में है। लेकिन, आने वाले समय में यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को ट्रांसफर होने की बात कही जा रही है। फरार आतंकियों और स्थानीय स्तर पर उनकी मदद करने वालों की धर-पकड़ के लिए पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और अन्य फोर्सेज तलाशी अभियान चला रही हैं। अभी तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। एजेंसियों को शक है कि फरार आतंकियों की मदद स्थानीय स्तर पर की गई थी। नहीं तो इतना सटीक और टाइमिंग के हिसाब से हमला नहीं हो पाता। शक है कि आतंकियों ने कुछ दिन पहले यहां मजदूर के रूप में काम भी किया हो या उनका कोई साथी मजदूरों या कंस्ट्रक्शन साइट से संबंधित अन्य ग्रुप में शामिल हो। पता था कि मजदूर कहां मिलेंगे आतंकियों को यह अच्छे से पता था कि दिनभर काम करने के बाद अब मजदूर कहां मिलेंगे? उसी स्पाट को आतंकियों ने निशाना बनाया। हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि शुरुआत में लगा कि पटाखे जलाए जा रहे हैं। क्योंकि घटनास्थल के पास में ही सोमवार को लड़की की शादी थी। हमले के समय वहां घर पर ढोल-नगाड़ों पर डांस चल रहा था। लेकिन चंद मिनटों में लग गया कि यह हमला है। हमले के दौरान एक बात यह भी सामने आ रही है कि यहां की लाइट ऑफ हो गई थी। अब लाइट को आतंकवादियों ने बंद किया या फिर मजदूरों ने या फिर बिजली विभाग द्वारा ही बंद की गई। इसकी भी जांच की जा रही है। M-4 राइफल के बारे में जानें     1980 के दशक में इसका शुरुआती वर्जन अमेरिका ने बनाया।     गैस से चलने वाली यह एयर कूल्ड असॉल्ट राइफल है।     एक मिनट में 700 से 970 राउंड गोलियां दाग सकती है।     इसकी प्रभावी रेंज 500-600 मीटर है और अधिकतम रेंज 3,600 मीटर है।     इसे चलाने के लिए बहुत ज्यादा मिलिट्री ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती।     अब 60 से ज्यादा देशों के सुरक्षा बल भी इसका इस्तेमाल करती है।     इससे ग्रेनेड भी लॉन्च किया जा सकता है।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद अब भाजपा का फोकस नगर निकाय चुनाव

पंचकूला हरियाणा निवास में निकाय अधिकारियों के साथ बैठक करते मुख्यमंत्री नायब सैनी और साथ में हैं मंत्री विपुल गोयल। विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद अब भाजपा का फोकस नगर निकाय चुनाव हैं। इस चुनाव में भाजपा जीतकर ग्राउंड स्तर तक शहरों में अपनी पैठ बनाना चाहती है। इसको लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अभी से एक्टिव दिखाई दे रहे हैं। पार्षदों और विधायकों तक के एजेंडों पर की गई मंत्रणा इस बैठक में 14 से अधिक विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में ज्यादा जोर शहरी साफ-सफाई, बेसहारा पशु को पकड़ने और प्रॉपर्टी टैक्स सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि सभी नगर निकाय का सोशल मीडिया अकाउंट बनाया जाए। अकाउंट को रेगुलर अपडेट किया जाए। इसमें निकायों द्वारा किए जा रहे काम और पब्लिक से जुड़ी सूचनाएं अपडेट की जाएं। इन एजेंडों पर की गई चर्चा शपथ लेने के बाद सीएम सैनी ने पहली बैठक नगर निकायों की बुलाई है। एजेंडे में सफाई व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत व इसकी सफाई, प्रॉपर्टी आईडी, लाल डोरा क्षेत्र में प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट, प्रॉपर्टी बंटवारे के मामले, 22 अक्टूबर से शुरू समाधान शिविर, निकायों के सोशल मीडिया अकाउंट, 100 दिन का कार्यक्रम, विधायकों द्वारा दिए गए इंजीनियरिंग व विकास कार्य, स्वामित्व स्कीम, पीएम स्वनिधि में लोन के मामले, वैध और अवैध कॉलोनियां और नई स्वीकृत कॉलोनियों के विकास कार्य पर चर्चा की गई।

नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई

अंबाला दिपावली, छठ पूजा और गुरुपर्व के दौरान रेलवे ट्रैक, ट्रेन, स्टेशन, पुल और रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहेगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए रेलवे ने एडवाइजरी जारी की है। इसी कड़ी में आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त द्वारा अंबाला मंडल के सभी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की काफी भीड़ लगी रहती है। इसलिए त्योहारों के दौरान धार्मिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ट्रेन और संवेदनशील स्थानों पर असामाजिक तत्व शरारत करके तोड़फोड़ कर सकते हैं। त्योहारों के मद्देनजर पूरे मंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार की तरफ जाने वाली ट्रनों में भी अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए अपेक्षित भारी भीड़ को देखते हुए उचित सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए। लगातार जारी रहे पेट्रोलिंग रेलवे ट्रैक की सुरक्षा एवं ट्रेनों के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक ड्यूटी पर तैनात स्टाफ एवं अधिकारी पूरी तरह से आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और लगातार पेट्रोलिंग जारी रखें। रेलवे स्टेशन एवं ट्रेनों में अगर कहीं भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है तो उसकी निगरानी रखें और सूचना उच्चाधिकारियों को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अतिरिक्त कर्मचारी तैनात इसके अलावा ट्रेन में तैनात सुरक्षा स्टाफ को भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, कहीं भी कोई शक की वस्तु व्यक्ति नजर आए तो इसकी जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम पर साझा की जाए। वहीं, ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए भी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात रहें। स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग त्योहारों के दिनों में कोई अप्रत्याशित घटना नहीं होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबधित प्रभारी की होगी। शक होने पर ट्रेन में चढ़ने व उतरने वाले और रेलवे स्टेशन पर आने वाले व्यक्तियों और उनके सामान की जांच गहनता से की जाए। त्योहारों के मद्देनजर जीआरपी, जिला पुलिस और आरपीएफ की ओर से स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग की जाए। इस दौरान खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क साधा जाए ताकि यदि कोई विशेष सूचना प्राप्त हो तो तत्काल कार्रवाई करके अप्रिय घटना को रोका जा सके। भीड़भाड़ के दौरान रेलवे स्टेशन पर बने रेलवे पुल यानी फुट ओवरब्रिज खाली होने चाहिएं ताकि यात्री आराम से चढ़-उतर सकें और भगदड़ की नौबत न आए। चप्पे-चप्पे की सीसीटीवी से निगरानी स्टेशन के चप्पे-चप्पे की निगरानी सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जाए और कर्मचारी लगातार इस पर नजर जमाए रहे। इस दौरान यात्रियों को जहरखुरानी व सामान चोरी की घटनाओं से बचाने के लिए लगातार जागरूक करते रहें। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कुलियों, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों तथा सफाई करने वाले कर्मचारियों से भी संपर्क में रहें। रेलवे स्टेशन पर लगी स्वचालित सीढि़यों के संचालन में कोई अवरोध उत्पन्न न हो, अनारक्षित डिब्बों में यात्रियों को व्यवस्थित रूप से बैठाना तथा ट्रेन में सीट बेचने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सुरक्षा को लेकर डॉग दस्ते की भी मदद ली जाए।

सोशल मीडिया पर लोग ट्रूडो की विदाई पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे

ओटावा भारत के साथ जारी तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को अपने ही लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग ट्रूडो की विदाई पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रूडो ने भारत के साथ जारी राजनायिक विवाद को कूटनीतिक तौर पर हल करने के बजाय और बढ़ा दिया है जिससे एक महत्वपूर्ण साझेदार देश कनाडा से अलग हो गया है। सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा उस समय और भड़क गया जब ये खुलासा हुआ कि जस्टिन ट्रूडो के करीबी सहयोगियों ने भारत के संबंध में खुफिया जानकारी सबसे पहले एक अमेरिकी अखबार को दी थी, जबकि पुलिस ने उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के दो वरिष्ठ सहयोगी ने अमेरिका के एक समाचार पत्र को भारत से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा की थी। इनमें ट्रूडो की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नथाली ड्रूइन भी शामिल हैं। इस जानकारी में कनाडा के मामलों में भारत के ‘हस्तक्षेप’ का दावा किया गया। ये खुलासा एक कनाडाई अखबार ने किया है। यह जानकारी उस समय दी गई थी जब कनाडा की संघीय पुलिस ने आरोप लगाया था कि भारतीय सरकार के ‘एजेंट’ अपराधी गिरोहों के साथ काम करते हैं ताकि दक्षिण एशियाई लोगों, विशेष रूप से खालिस्तानी समर्थकों को निशाना बनाया जा सके। रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के आयुक्त माइक दुहेम और उनकी डिप्टी ब्रिगिट गौविन ने मीडिया से कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय सरकारी ‘एजेंट’ का लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के साथ संबंध है और वे कनाडा के नागरिक, खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल हैं। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पिछले साल जून में हुई थी। इसके अलावा, उन्होंने ‘वसूली, धमकी और दबाव’ के मामलों में भी भारत का हाथ होने का आरोप लगाया। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया और इन्हें ‘बेतुका आरोप’ बताया। भारत ने यह भी कहा कि जब से यह आरोप लगाए गए हैं तब से कनाडाई सरकार ने भारत सरकार के साथ कोई ठोस सबूत साझा नहीं किया है, जबकि कई बार अनुरोध किया गया। कनाडाई अखबार के सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी समाचार पत्र को निर्देश दिया गया था कि वह तब तक कुछ भी रिपोर्ट न करे जब तक दुहेम और गौविन अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर लेते। बाद में समाचार पत्र ने ‘कनाडाई अधिकारियों’ का हवाला देते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की, जिन्होंने निज्जर की हत्या को भारत से जोड़ा, हालांकि संघीय पुलिस ने ऐसा नहीं किया था। इससे पता चलता है कि ट्रूडो सरकार के तहत काम करने वाले बड़े कनाडाई अधिकारी गोपनीय जानकारी पुलिस के पास जाने से पहले अखबरों को दे रहे हैं। एक्स पर Kirk Lubimov नाम के एक यूजर ने अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा, “यह स्थिति स्पष्ट हो चुकी है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को थैंक्सगिविंग मंडे के दिन भारत के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी क्योंकि उनकी अपनी ही टीम के कुछ सदस्यों ने खुफिया जानकारी वॉशिंगटन पोस्ट को लीक कर दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ दिन बाद ट्रूडो ने यह स्वीकार किया कि कनाडा के पास भारत के खिलाफ आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को ट्रूडो बीच में ही छोड़कर चले गए और बाकी का काम मेलानी जोली और डॉमिनिक लेब्लांक ने संभाला।” यूजर ने आगे लिखा, “इस बीच, गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हमारे सहयोगी भारत के खिलाफ हिंसक धमकियां दी हैं। भारत उसे आतंकवादी मानता है लेकिन पन्नू ने खुद यह स्वीकार किया है कि वह ट्रूडो के ऑफिस के साथ काम कर रहा है। इसके बाद, लिबरल पार्टी ने इस मुद्दे की जांच के लिए निर्वाचित अधिकारियों की समिति बनाने का प्रस्ताव रोक दिया और भारत के हस्तक्षेप की जांच करने का प्रयास भी बाधित किया। इसी दौरान, चीन इस पूरी स्थिति को देखकर किनारे पर खड़ा हंस रहा है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “जब पॉलिवेयर अगले चुनाव में लिबरल्स को हरा देंगे… तो यह राष्ट्रीय अवकाश होगा।” एक यूजर ने लिखा, “मैं कंजर्वेटिव पार्टी से अनुरोध करना चाहता हूं कि जब ये आदमी पार्टी से इस्तीफा दे, हार जाए या उसे पार्टी से निकाल दिया जाए और वह हमेशा के लिए राजनीति छोड़ दे तो राष्ट्रीय अवकाश घोषित करें।” एक यूजर ने लिखा, “ट्रूडो का इस स्थिति से गलत तरीके से निपटना शर्मनाक है। कोई ठोस सबूत नहीं होने के बावजूद, भारत पर आरोप लगाने में जल्दबाजी की जा रही है – फिर जांच को रोका जा रहा है? इस बीच, पन्नt जैसे वास्तविक खतरों पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। और हां, चीन को मजा आ रहा है।”

बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में खुलासा लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का शूटर्स से सीधा लिंक मिला

 मुंबई बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है कि शूटर्स लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोन बिश्नोई के सीधे संपर्क में थे. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि शूटर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के सीधे संपर्क में थे. हालांकि पूछताछ में हत्या का कारण पता नहीं चला है. क्राइम ब्रांच को मिला लिंक मुम्बई क्राइम ब्रांच को NCP नेता बाबा सिद्दीकी हत्या मामले की जांच के दौरान पहली बार लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का शूटर्स से सीधा लिंक मिल गया है. सामने आया है कि, हत्या करने वाले संदिग्ध तीन शूटर्स ने हत्या से पहले एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप (स्नैपचैट) के जरिए जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से बातचीत की थी. अनमोल बिश्नोई भी एक शूटर और साजिशकर्ता प्रवीण लोनकर के संपर्क में था. अनमोल कनाडा और अमेरिका से आरोपियो के संपर्क में था. आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. 10 आरोपी अब तक हुए गिरफ्तार क्राइम ब्रांच ने बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में अब तक 10 आरोपियो को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो शूटर और हथियार सप्लायर भी शामिल हैं. बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में शूटर शिवकुमार गौतम और कई आरोपी जिसे पुलिस ने आरोपी बताया है वो फरार है. आरोपी स्नैपचैट के ज़रिए एक-दूसरे से संपर्क में थे और मैसेज के माध्यम से निर्देश मिलने के बाद उसे तुरंत डिलीट कर देते थे. ऐसे ही जब गिरफ्तार आरोपियों के स्नैपचैट को बारीकी से खंगाला गया तब पता चला कि शूटर्स और प्रवीण लोनकर सीधे-सीधे अनमोल बिश्नोई के संपर्क में थे. इस मामले में अब क्राइम ब्रांच जल्द ही MCOCA की संबंधित धाराएं जोड़ने की तैयारी में है. जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को कई स्नैपचैट अकाउंट्स की जानकारी मिली जिसका इस्तेमाल कर आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर की हत्या की जांच कर रही शहर पुलिस की अपराध शाखा ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार हमलावर धर्मराज कश्यप, गुरमेल सिंह और फरार चल रहे शिवकुमार गौतम ने सितंबर में मुंबई के बाहरी इलाके करजत तहसील के अंतर्गत पलासधारी में एक झरने के पास गोलीबारी का अभ्यास किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शूटर्स ने झरने के पास की इस जगह को इसलिए चुना क्योंकि यह सुनसान इलाका है। यहां पर गोलियों की आवाज दूर-दूर तक किसी को सुनाई नहीं दी और न ही किसी ने उन्हें यहां शूटिंग करते हुए देखा। 5 किलोमीटर अंदर जंगल में जाकर करते थे प्रैक्टिस जंगल में शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए आरोपियों को रोज जाना पड़ता इसलिए उन्होंने सबसे पास के इलाके में रहने को चुना। उन्होंने सितंबर के दूसरे हफ्ते में कर्जत के जंगल में शूटिंग प्रैक्टिस शुरू की। उससे पहले पलसदरी गांव में एक घर किराए पर लिया। यहां से वे रोज जंगल में अंदर पांच किलोमीटर जाते और शूटिंग की प्रैक्टिस करते थे। ठाणे के गैंग को पहले दिया था हत्या का जिम्मा पुलिस अधिकारी ने बताया कि नितिन सप्रे और राम कनौजिया ने इस ऑपरेशन को लीड किया। उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सिद्दीकी (66) की हत्या का जिम्मा पहले ठाणे स्थित पांच सदस्यीय सुपारी गिरोह को सौंपा था। अधिकारी के अनुसार, अपराध में प्रयुक्त पिस्तौल कनौजिया और एक अन्य आरोपी भगवत सिंह ओम सिंह राजस्थान से लाए थे। इसलिए गैंग हटा पीछे अपराध को अंजाम देने के लिए 50 लाख रुपये की मांग पर असहमति और दिवंगत राजनेता के प्रभाव को देखते हुए यह गिरोह हत्या का ठेका लेने से पीछे हट गया। हालांकि गैंग ने अटैक को अंजाम देने के लिए जरूरत के सारे सामान और मदद देने का ठेका ले लिया। उदयपुर से यूं लाए पिस्टल पहली टीम ने जब बाबा सिद्दीकी की हत्या करने से इनकार कर दिया था, तब शुभम लोणकर और उसके भाई प्रवीण ने पहली टीम को बहराइच वाली टीम को सारी व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। यही वजह है कि पहली टीम के पांच सदस्य राम कनौजिया, नितिन सप्रे, संभाजी पारधी, चेतन पारधी और प्रदीप ठोंबरे में से राज कनौजिया उदयपुर गया। वहां भगवन सिंह के जरिए पैसे और पिस्टल लेकर मुंबई आया। फिर हरीश निषाद और शुभम लोणकर ने टारगेट की रेकी करने के लिए आरोपियों को कुर्ला में घर दिलाया। नितिन सप्रे, संभाजी पारधी और राम कनौजिया ने शूटर्स को कर्जत के गांव में प्रैक्टिस करने के लिए किराए पर घर दिलवाया। कब हुई बाबा सिद्दीकी की हत्या और आरोपियों की गिरफ्तारी 12 अक्टूबर विजयादशमी के दिन बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई थी। हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने मौके से दो शूटर गुरनैल सिंह और धर्मराज कश्यप को गिरफ्तार किया था। अगले दिन मुख्य साजिशकर्ता शुभम लोणकर के भाई प्रवीण लोणकर और बहराइच से हरीश निषाद को गिरफ्तार किया गया। फिर एक साथ पांच आरोपियों राम कनौजिया, नितिन सप्रे, संभाजी पारधी, चेतन पारधी और प्रदीप ठोंबरे की गिरफ्तारी हुई। इस मामले में दसवीं गिरफ्तारी बेलापुर से भगवत सिंह की हुई है। तीन आरोपी शुभम लोणकर हरियाणा निवासी जीशान अख्तर और शूटर शिवकुमार गौतम फरार हैं। फेसबुक से रिप्लाई में देरी मुंबई क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन फरार आरोपियों को ढूंढने और उनकी लोकेशन को ट्रेस करने में दिक्कतें आ रही हैं। पूरी वारदात के मुख्य साजिशकर्ता शुभम लोणकर ने फेसबुक पर पोस्ट कर जिम्मेदारी ली थी कि यह लॉरेंस बिश्नोई का काम है। उसके कुछ समय बाद उसने फेसबुक से पोस्ट डिलीट भी कर दी थी। संभवतः सिम कार्ड भी निकाल कर फेंक दिया था। मुंबई पुलिस ने उसके एफबी अकाउंट की उस वक्त की लोकेशन जानने के लिए फेसबुक को पत्र लिखा है, लेकिन उसका सर्वर विदेश में होने की वजह से रिप्लाई बहुत देरी से आता है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि रिप्लाई में देरी से आरोपी काफी दूर निकल जाते हैं।  

यूक्रेनी युद्ध के मैदान में रूसी और उत्तर कोरियाई झंडे एक साथ दिखे : दावा

सोल  रूस समर्थक टेलीग्राम अकाउंट ने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें यूक्रेनी युद्ध के मैदान में रूसी और उत्तर कोरियाई झंडे एक साथ दिखाए गए हैं। इससे उन अटकलों को बल मिलता है कि उत्तर कोरिया ने संभवतः युद्ध में यूक्रेन के खिलाफ रूस की मदद के लिए सैनिक भेजे हैं। योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आरवीवीओईएनकेओआर_बोओटी, नामक ब्लॉगर द्वारा शेयर की गई तस्वीर में पोक्रोव्स्क में एक खदान के ऊपर दो झंडे एक साथ लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। पोक्रोव्स्क यूक्रेन के पूर्वी मोर्चे पर स्थित गढ़ों में से एक है। ब्लॉगर ने कहा कि हाल ही में शहर के पास खदान में एक पहाड़ी पर उत्तर कोरियाई झंडा फहराया गया, जो उन संदिग्ध जगहों में से एक है जहां उत्तर कोरियाई सैनिकों के तैनात होने की आशंका है।  दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सर्विस ने घोषणा की कि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के साथ अपने लंबे युद्ध में रूस का समर्थन करने के लिए लगभग 12,000 सैनिक भेजने का फैसला किया, जिनमें से लगभग 1,500 पहले से ही रूस के सुदूर पूर्व में तैनात हैं। अगर यह दावा सच है कि तो यह पहली बार होगा जब उत्तर कोरिया ने इतने बड़े पैमाने पर जमीनी सैनिकों को भेजा है। हालांकि इससे पहले उसने विदेशी मुद्रा कमाने के लिए सैनिकों के छोटे समूहों को विदेशों में भेजा था। अभी तक उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने रूस में अपनी सेना की तैनाती के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के एक दूत ने  दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वह यूक्रेन में युद्ध में रूस के साथ लड़ने के लिए अपने सैनिकों को भेज रहा है। उसने इन आरोपों को ‘निराधार अफवाह’ बताया। उन्होंने तर्क दिया कि मॉस्को के साथ उसके संबंध ‘वैध और सहयोगात्मक’ हैं।    

इजरायल के साथ अमेरिका, 5.2 बिलियन यूएस डॉलर के एयर डिफेंस पैकेज को लागू करने पर काम शुरू

लेबनान का दावा, इजरायली एयर स्ट्राइक में 4 की मौत, 24 घायल इजरायल बहुत जल्द ईरान के खिलाफ जवाबी हमला करेगा : इजरायली सरकारी मीडिया इजरायल के साथ अमेरिका, 5.2 बिलियन यूएस डॉलर के एयर डिफेंस पैकेज को लागू करने पर काम शुरू बेरूत/यरुशलम  इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने रात को बेरूत के दक्षिणी शहरों पर बमबारी की। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य घायल हो गए। घायलों में एक बच्ची भी शामिल है। ये हमला देश के सबसे बड़े अस्पताल के नजदीक किया गया। यह जानकारी  लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इजरायली हमले का लक्ष्य दक्षिण बेरूत के बाहरी इलाके मंल स्थित ज्नाह क्षेत्र में स्थित रफीक हरीरी विश्वविद्यालय का अस्पताल था। इस मामले में लेबनान के एक स्थानीय टीवी चैनल अल-जदीद के मुताबिक, लेबनान के रेड क्रॉस और सिविल डिफेंस टीमों के बचाव अभियान के लिए 25 से ज्यादा एंबुलेंस इलाके में पहुंच गई। अस्पताल के पास मलबे में फंसे पीड़ितों की तलाश अभी भी जारी है। इजरायल के एक के बाद एक कई हवाई हमलों की वजह से स्थानीय लोगों को अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। स्थानीय लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। बता दें कि इजरायली लड़ाकू विमानों ने बेरूत हवाई अड्डे के पास, दक्षिणी इलाकों के बाहरी क्षेत्र की घनी आबादी वाले औजाई इलाके पर भी हवाई हमला किया था। सोमवार की रात को, इजरायली लड़ाकू विमानों ने बेरूत के दक्षिणी इलाके के कई स्थानों पर 12 से अधिक हवाई हमले किए, जिनमें हरेत हरेक, बुर्ज बरजनेह, अल हदथ, जामौस और सेंट थेरेसा जैसे इलाके शामिल थे। इजरायली सेना सितंबर के अंत से ही हिजबुल्लाह को नेस्तनाबूद करने के इरादे संग लेबनान पर भीषण हमले कर रही है।   इजरायल बहुत जल्द ईरान के खिलाफ जवाबी हमला करेगा : इजरायली सरकारी मीडिया  इजरायली सरकार के मंत्रियों ने बताया कि ईरान के खिलाफ काउंटर अटैक “बहुत जल्द” किया जाएगा। यह जानकारी इजरायल की राष्ट्रीय मीडिया की तरफ से दी गई। ईरान ने तेहरान में हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानियेह और बेरुत में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या का बदला लेने के लिए 1 अक्टूबर को इजरायल पर 180 बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था। इसके बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर जवाबी हमला करने की कसम खाई थी। हालांकि हमलों की तारीख को गुप्त रखा गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने इजरायल के सरकारी कान टीवी का हवाला देते हुए बताया कि रविवार को इजरायल के कैबिनेट मंत्रियों ने एक कैबिनेट की मीटिंग में बताया कि इजरायल का पलटवार वाला हमला जल्दी ही किया जाएगा। यह हमला बहुत ही महत्वपूर्ण जगहों पर किया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को इस मीटिंग के कई घंटों बाद तब सामने आई जब अमेरिकी लॉयड ऑस्टिन ने अमेरिकी अग्रिम पंक्ति के एयर डिफेंस सिस्टम थाड को इजरायल में डिप्लॉय करने की घोषणा की। इस ‘टर्मिनल हाई एयर डिफेंस’ (थाड) सिस्टम के साथ अतिरिक्त 100 सैनिकों की तैनाती भी की गई है, जो इसका संचालन करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने ईरान के परमाणु ठिकानों और ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए, मध्य पूर्व क्षेत्र में संघर्ष को बढ़ाने से बचने के लिए इजरायल से संयम बरतने का आग्रह भी किया था। इजरायल के साथ अमेरिका, 5.2 बिलियन यूएस डॉलर के एयर डिफेंस पैकेज को लागू करने पर काम शुरू यरूशलम, 22 अक्टूबर (वेब वार्ता)। इजरायल और अमेरिका के अधिकारियों ने इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए 5.2 अरब डॉलर के आपातकालीन सहायता पैकेज को लागू करना शुरू कर दिया है। इजरायल और अमेरिकी पक्षों ने पैकेज लागू करने के लिए पत्रों का आदान-प्रदान पूरा कर लिया है। यह पैकेज इजरायल की आयरन डोम एंटी-रॉकेट सिस्टम, डेविड स्लिंग मिसाइल रक्षा प्रणाली और आयरन बीम लेजर रक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाएगा। यह पैकेज 8.7 बिलियन डॉलर की अमेरिकी सहायता का हिस्सा है। इस बारे में इजरायल ने सितंबर के अंत में कहा कि उसे संयुक्त राज्य अमेरिका से मदद मिली है, जिसमें से 3.5 बिलियन डॉलर पहले ही ‘तत्काल युद्धकालीन खरीद’ के लिए इजरायल को ट्रांसफर किए जा चुके हैं। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक इजरायली सूत्रों के अनुसार, अमेरिका पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के साथ संघर्ष की शुरुआत से ही इजरायल का समर्थन कर रहा है। उसने हथियारों, बमों और गोला-बारूद के साथ कुछ सौ कार्गो विमान और जहाज भेजे हैं। यहूदी राष्ट्र को अमेरिकी सैन्य सहायता की व्यापक आलोचना हुई है क्योंकि गाजा पट्टी में जारी इजरायली हमलों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 7 अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 42,603 लोग मारे गए हैं और 99,795 घायल हुए हैं। गौरतलब है कि हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल में हमला किया था। हमले में करीब 1200 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 250 से अधिक लोगों कों बंधक बना लिया था। इसके बाद से इजरायल हमास के कंट्रोल वाली गाजा पट्टी पर हमले कर रहा है।  

रिलायंस रिटेल के स्टोर्स पर भारत ब्रांड का सस्ता आटा-चावल बेचेगी सरकार

नई दिल्ली  सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के लिए भारत ब्रांड का आटा, चावल और दाल रिटेल चेन के जरिए बेचने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए सरकार मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल से बातचीत कर रही है। हालांकि आम चुनावों के दौरान कीमतों में स्थिरता लाने के लिए भारत ब्रांड के उत्पादों को रिलायंस के जियोमार्ट, ऐमजॉन और बिगबास्केट सहित ई-कॉमर्स फर्मों के साथ पहले भी अल्पकालिक व्यवस्थाएं की गई हैं। लेकिन यह पहली बार है कि सरकार अपने बफर स्टॉक से खाद्य उत्पादों को रियायती कीमतों पर बेचने के लिए एक निजी खुदरा विक्रेता के साथ दीर्घकालिक व्यवस्था पर विचार कर रही है। सूत्र ने बताया कि सरकार इसी तरह की व्यवस्था के लिए खुदरा श्रृंखला डीमार्ट और अन्य किराना खुदरा विक्रेताओं के साथ भी बातचीत शुरू करने पर विचार कर रही है। रिलायंस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि डीमार्ट की मूल कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने टिप्पणी के लिए भेजे ईमेल का तुरंत जवाब नहीं दिया। भारत ब्रांड के तहत सरकार रियायती कीमत पर खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुएं लोगों को उपलब्ध कराती है। रिलायंस के स्टोर सरकार ने 2023 में लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए भारत आटा, भारत दाल और भारत चावल लॉन्च किया था। यह योजना खासकर उन लोगों के लिए है जो गरीबी रेखा से नीचे नहीं हैं। इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज के पात्र नहीं हैं। भारत-ब्रांडेड उत्पाद वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ और नेफेड द्वारा अपने आउटलेट और मोबाइल स्टोर सहित केंद्रीय भंडार के माध्यम से बेचे जाते हैं। सूत्र ने बताया कि एक बड़े खुदरा विक्रेता के साथ गठजोड़ करने से भारत ब्रांड के उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी, जिससे वे अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा कंपनी रिलायंस रिटेल देश में 2,700 से अधिक किराना स्टोर संचालित करती है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार इन स्टोर्स में ताजे फल और सब्जियां, डेयरी और अनाज से लेकर मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य और पेय पदार्थ और घरेलू और व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद बेचे जाते हैं। बढ़ गई कीमत इस बीच सरकार ने भारत ब्रांड आटा, चावल और दाल की कीमतों में इजाफा किया है। सूत्रों के मुताबिक 10 किलो का भारत आटा अब 300 रुपये में मिलेगा जबकि 10 किलो भारत चावल की कीमत 340 रुपये होगी। इसी तरह चना दाल की कीमत भी बढ़ा दी गई है। पहले 10 किलो आटे की कीमत 275 रुपये थी जबकि 10 किलो चावल 290 रुपये में मिलता था। इसी तरह भारत ब्रांड की एक किलो चना दाल 60 रुपये में मिलती थी। इसी कीमत अब 70 रुपये कर दी गई है।

मस्क की चेतावनी अगर सरकारी खर्चों में कटौती नहीं की गई तो अमेरिका दिवालिया हो जाएगा

वाशिंगटन  अमेरिका के अरबपति उद्यमी एलन मस्क ने चेतावनी दी है कि अगर सरकारी खर्चों में कटौती नहीं की गई तो अमेरिका दिवालिया हो जाएगा। मस्क ने एक्स पर अमेरिकी सरकार के ऋण पर आसमान छूते ब्याज भुगतान पर टिप्पणी करते हुए कहा, ”अगर सरकारी खर्चों में कटौती नहीं की गई, तो बहुत अधिक कर्ज लेने वाले व्यक्ति की ही तरह अमेरिका भी दिवालिया हो जाएगा। कर्ज पर ब्याज तेजी से सभी कर राजस्व को अवशोषित कर रहा है, जिससे देश के लिए कुछ भी नहीं बचेगा।” गौरतलब है कि मई में अमेरिकी कांग्रेस के बजट कार्यालय ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके अनुसार अगले 30 वर्षों में देश का राष्ट्रीय ऋण बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद का 166 प्रतिशत हो जाएगा, जबकि इस आंकड़े के सकल घरेलू उत्पाद के 250 प्रतिशत तक बढ़ने के जोखिम से इंकार नहीं किया गया था। आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय ऋण सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले विषयों में से एक है। चुनाव पांच नवंबर को होगा जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी का प्रतिनिधित्व पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कर रहे हैं।    

चक्रवाती तूफान ‘दाना’ 24 अक्टूबर की रात को ओडिशा के तट के पास पहुंचेगा

कोलकाता पश्चिम बंगाल में चक्रवात और तूफान की आशंका के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि चक्रवाती तूफान ‘दाना’ बंगाल के कई जिलों में विकराल रूप लेगा। यह तूफान 24 अक्टूबर की रात से 25 अक्टूबर की सुबह के बीच ओडिशा तट को पार कर पश्चिम बंगाल के तट पर पहुंच सकता है। इस दौरान हवा की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दक्षिण अंडमान सागर में चक्रवात बन रहा है। यह चक्रवात मंगलवार तक बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो गया । मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि यह 24 अक्टूबर की रात को ओडिशा के तट के पास पहुंचेगा। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि बंगाल में होने वाली भव्य काली पूजा से पहले बंगाल में भयंकर आपदा आ सकती है। इसको लेकर बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिला प्रशासन ने तटीय इलाकों के सभी बीडीओ और एसडीओ के साथ बैठक की है, सभी जगहों पर राहत सामग्री का स्टॉक कर दिया गया है। तटीय इलाकों में निगरानी की जाएगी। इसके अलावा मछुआरों को गहरे समुद्र में आगे जाने से रोकने के लिए चेतावनी जारी है। दूसरी ओर, राज्य के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक दीघा के मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्यटकों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे या नहीं, इसकी जानकारी कल दी जाएगी। पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी पूर्णेन्दु माजी ने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर जिला प्रशासन हर तरफ से चक्रवात से निपटने के लिए तैयार है। इस दौरान ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलावा पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और झारखंड के कई जिलों में भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 23 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना में भारी बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने कहा कि 24 और 25 अक्टूबर को पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और झारग्राम में एक या दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के साथ, भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि 24 और 25 अक्टूबर को कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। ओडिशा: चक्रवाती तूफान ‘दाना’ गुरुवार को पुरी और सागर द्वीप समूह के बीच पहुंचेगा चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के 24 अक्टूबर को उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर पुरी और सागर द्वीप समूह के बीच पहुंचने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया, “उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए, यह 24 अक्टूबर की रात और 25 अक्टूबर की सुबह पुरी तथा सागर द्वीप के बीच उत्तरी ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के तटों को एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार कर सकता है। इसके कारण हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटे से 120 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।” आईएमडी ने 24 अक्टूबर को मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कटक जिलों में अलग-अलग जगहों पर 20 सेमी से अधिक भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया है। इसी तरह, 24 अक्टूबर को पुरी, गंजम, खोरधा, नयागढ़, क्योंझर, अंगुल और ढेंकनाल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच, 25 अक्टूबर को उत्तर ओडिशा के क्योंझर, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज जैसे जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जाजपुर, ढेंकनाल, अंगुल, देवगढ़, सुंदरगढ़ सहित जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के संबंध में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने अचानक बाढ़, निचले इलाकों और कृषि क्षेत्रों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कों को संभावित नुकसान और कमजोर घरों की दीवारें गिरने की भी चेतावनी दी है। ओडिशा के राजस्व मंत्री पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार संभावित चक्रवाती तूफान का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से नहीं घबराने की अपील की है। मंत्री ने कहा, “सभी जिलों के कलेक्टरों को संभावित चक्रवाती तूफान के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।”      

MI5 की चेतावनी रूस और ईरान मिलकर यूरोप समेत ब्रिटेन में अराजकता पैदा करने की कोशिशों में जुटे

लंदन ब्रिटिश सैन्य खुफिया एजेंसी MI5 ने चेतावनी जारी की है कि रूस और ईरान मिलकर यूरोप समेत ब्रिटेन में अराजकता पैदा करने की कोशिशों में जुटे हैं। MI5 एजेंसी के महानिदेशक केन मैक्कलम ने मंगलवार को कहा कि रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU ब्रिटेन समेत यूरोप की सड़कों पर अराजकता पैदा करने के अपने मिशन पर निरंतर आगे बढ़ती जा रही है और इस मिशन के तहत आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की अन्य घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। केन मैक्कलम ने ये भी कहा है कि ईरान और रूस अब कुख्यात आतंकी संगठन ISIS और अलकायदा की मदद से आतंकवाद के बदलते स्वरूप का इस्तेमाल ब्रिटेन के खिलाफ करने लगे हैं और इसके तहत बच्चों और किशोरों को इंटरनेट के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। MI5 की हालिया जांचों में से एक तिहाई से अधिक में ISIS और अलकायदा समेत अन्य विदेशी आतंकवादी समूहों से संबंधित जांच शामिल है। CNN की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी के महानिदेशक केन मैक्कलम ने लंदन में एक भाषण में कहा, “ISIS ने आतंकवादी घटनाओं को फिर से अंजाम देना शुरू कर दिया है और ऐसे आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने वाले आठ में से एक से ज्यादा लोग नाबालिग हैं।” मैक्कलम ने कहा कि यह 2021 के बाद से तीन गुना ज्यादा है। मैक्कलम का यह बयान रूस और ईरान द्वारा पोषित और प्रायोजित आतंक की घटनाओं के बढ़ते जोखिम, यूक्रेन-रूस युद्ध और मध्य पूर्व में कई मोर्चों पर छिड़े युद्धों के कारण वैश्विक सुरक्षा को प्रभावित करने के बारे में पश्चिमी देशों की चेतावनियों के बीच आया है। हालांकि, उन्होंने कहा, “हम इस जोखिम के प्रति पूरी तरह से सचेत हैं कि मध्य पूर्व में होने वाली घटनाएँ सीधे तौर पर ब्रिटेन में आतंकवादी कार्रवाई को बढ़ावा दे सकती हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि पिछले एक-दो सालों में जब से यूक्रेन-रूस युद्ध और इजरायल-हमास युद्ध छिड़ा है, तब से सार्वजनिक घृणा अपराध में वृद्धि हुई है, लेकिन वह अभी तक आतंकवादी गतिविधि में तब्दील नहीं हुआ है। मैक्कलम ने संवाददाताओं को बताया कि ब्रिटिश एजेंसी का लगभग तीन-चौथाई काम इस्लामवादी चरमपंथ से निपटना रह गया है, जबकि एक चौथाई काम दूर-दराज के समूहों से संबंधित हैं। उन्होंने ये भी बताया कि MI5 और ब्रिटिश पुलिस ने 2022 की शुरुआत से अब तक ईरान समर्थित 20 आतंकी साजिशों को बेनकाब और नाकाम किया है। उन्होंने बताया कि ऐसी आतंकी साजिशों की वजह से ही पूरे यूरोप से यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से करीब 750 रूसी राजनयिकों को निष्कासित किया जा चुका है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 40 प्राइवेट अस्पतालों में करा सकेंगे मुफ्त इलाज, सरकार ने बढ़ाई लिस्ट, ये हैं हॉस्पिटल

नई दिल्ली  केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। सरकार नें CGHS और ECHS की सर्विस का दायरा बढ़ा दिया है। अब केंद्रीय कर्मचारी 40 प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर में अपना इलाज करा सकते हैं। सरकार नें अपनी लिस्ट में 40 अस्पतालों को शामिल कर लिया है। इन सभी अस्पतालों की रेट लिस्ट भी CGHS और ECHS के तहते आने वाले कर्मचारियों के लिए ने के बराबर होगी। साथ ही जो इलाज में खर्च होगा वह बाद में सरकार देगी। हाल ही में एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) ने 40 प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों को अपने पैनल में शामिल किया है। यह फैसला हाल में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। CGHS और ECHS के लिए शामिल किये 40 नए प्राइवेट अस्पताल ECHS के मैनेजिंग डायरेक्टर को इस पैनल में शामिल किए गए नए अस्पतालों की लिस्ट के बारे में औपचारिक आदेश मिला है। यह प्रोसेस रक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत की गया है, जिसके अनुसार ECHS लाभार्थियों को अस्पताल और इलाज की सर्विस दी जाएगी। अब ECHS की गिनती में 40 प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल किये गए हैं। सभी कर्मचारी करा पाएंगे कम रेट में इलाज सभी पैनल में शामिल अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को रक्षा मंत्रालय की तय की शर्तों का पालन करना होगा, जिसमें सर्विस की दरें भी शामिल हैं। इलाज का रेट लिस्ट समिति की पास की दरों दरों के अनुसार होगा। साथ ही CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) दरों के साथ समायोजित की जाएंगी। यानी, CGHS कर्मचारियों का जिस रेट पर प्राइवेट अस्पतलाओं में इलाज होता है, उसी रेट पर ECHS के तहत आने वाले कर्मचारी भी इलाज करा पाएंगे। ये 40 अस्पतालों की लिस्ट CGHS में भी शामिल की गई है। अस्पतालों की लिस्ट इसके अतिरिक्त जो अस्पताल पहले से ही CGHS के साथ पैनल में शामिल हैं, उन्हें ECHS के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करते समय अपनी CGHS स्थिति का सर्टिफिकेश देना होगा। CGHS पैनल वाले अस्पतालों की स्थिति तब तक वैलिड रहेगी जब तक उनकी CGHS मान्यता एक्टिव है, और उनके समझौते का रिन्यू भी हो सकता है। NABH यानीनेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स से मान्यता प्राप्त सुर्विस को भी ECHS के साथ पैनल में शामिल किया जाएगा, जो उनके NABH सर्टिफिकेशन की पीरियड तक वैलिड रहेगी। यह कदम ECHS सदस्यों को अधिक सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सर्विस देने की दिशा में उठया अहम कदम है। CGHS और ECHS में क्या है अंतर CGHS और ECHS दोनों ही भारत सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं हैं, लेकिन ये अलग-अलग समूहों को सर्विस देती है। CGHS केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए है, जबकि ECHS सेना के रिटायर कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए है। ECHS के पास CGHS की तुलना में अधिक पैनल वाले अस्पताल हैं, जिसमें दूरदराज के एरिया के अस्पताल भी शामिल हैं।

विमान आतंकी बम विस्फोट के संदिग्ध रिपुदमन की हत्या के दो आरोपियों ने दोष स्वीकार किया……

अमृतसर/ओटावा कनिष्क विमान आतंकवादी बम विस्फोट केस में बरी हो चुके संदिग्ध 75 वर्षीय रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के आरोपितों टैनर फॉक्स और जोस लोपेज ने ब्रिटिश कोलंबिया में न्यू वेस्टमिंस्टर स्थित सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हत्या का दोष स्वीकार कर लिया। दोनों ने रिपुदमन सिंह मलिक हत्याकांड की सुनवाई की पूर्व संध्या पर सोमवार को अपना गुनाह कुबूल किया। कनाडा के ग्लोबल न्यूज चैनल ने अपने प्रसारण में इस घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की है। ग्लोबल न्यूज चैनल के अनुसार, आरोपित टैनर फॉक्स और जोस लोपेज की सजा पर अदालत में सुनवाई 31 अक्टूबर को शुरू होगी। गुनाह कुबूल करने के बाद फॉक्स और लोपेज आपस में उलझ गए। लोपेज ने फॉक्स के सिर पर मुक्के मारे। बड़ी मुश्किल से दोनों को अलग कराया जा सका। फॉक्स और लोपेज दोनों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। दोनों ने सुपारी लेकर मलिक की जान ली थी। लाल रंग की टेस्ला की ड्राइवर सीट पर बैठे मलिक को गोलियों से भून दिया गया था। पुलिस ने इन आरोपितों से लगभग 16,000 डॉलर नकद बरामद किए थे। मलिक की 14 जुलाई, 2022 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि मलिक और सह आरोपित अजायब सिंह बागरी को 1985 में हुए दो बम विस्फोटों से संबंधित सामूहिक हत्या और साजिश के आरोपों से 2005 में बरी कर दिया गया था। इन विस्फोटों में 331 लोग मारे गए थे। बम निर्माता इंद्रजीत सिंह रेयात को बाद में हमले में दोषी ठहराया गया। मुकदमे के दौरान ही कथित मास्टरमाइंड तलविंदर सिंह परमार की मृत्यु हो गई थी।   विवादों में रहा है रिपुदमन सिंह मलिक भारत में खालिस्तानी आतंकी घोषित मलिक विवादास्पद व्यक्ति रहा है। जिसे 2005 में एयर इंडिया फ्लाइट 182 को बम से उड़ाने के आरोपों से बरी कर दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम को खालिस्तानी चरमपंथियों ने अंजाम दिया था। इस हादसे में 329 लोग मारे गए थे। हालांकि, उसकी हत्या का 1985 के बम विस्फोट से प्रत्यक्ष संबंध नहीं पाया गया है। इस मामले के संदिग्ध के रूप में देखा जाता रहा है। मास्टरमाइंड तक नहीं पहुंची पुलिस अदालत में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, फॉक्स और लोपेज को इस हत्या के लिए पैसे दिए गए थे। इन दोनों के पीछे के मास्टरमाइंड का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मलिक के परिवार ने हत्या की साजिश रचने वालों को पकड़ने की अपील की है। मलिक के परिवार ने स्थानीय मीडिया से कहा कि इस बात के आभारी हैं कि हत्यारों को न्याय के कटघरे में लाया गया है, लेकिन इस प्रकार से एक परिवार के सदस्य को खोने का दर्द कभी खत्म नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि वे लोग भी पकड़ में आएं जिन्होंने इन हत्यारों को काम पर रखा था​ 31 अक्टूबर को सुनाई जाएगी सजा कोर्ट में दोनों आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने सजा सुनाने की अगली तारीख 31 अक्टूबर 2024 निर्धारित की है। जिसमें दोनों आरोपियों को कम से कम 20 साल जेल की सजा सुनाई जा सकती है।

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