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स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है विशेष रूप से तब, जब त्योहार का मौसम नजदीक आ गया है, यमुना नदी पर फैली सफेद झाग की मोटी परत

नई दिल्ली दिल्ली में यमुना नदी में शुक्रवार को सफेद झाग की मोटी परत देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है विशेष रूप से तब, जब त्योहार का मौसम नजदीक आ गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कई वीडियो में नदी का ज्यादातार हिस्सा झाग की परत से ढका दिख रहा है मानो जैसे नदी की सतह पर बादल छा गए हों। हालांकि बाद में ये झाग धीरे धीरे छंट गया। साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रीवर्स एंड पीपुल (एसएएनडीआरपी) के सहायक समन्वयक भीम सिंह रावत ने कहा, ‘‘आम तौर पर ऊपरी यमुना के हिस्से में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर होती है, लेकिन इस साल 2024 के हाल में समाप्त हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कोई बाढ़ नहीं आई।” रावत ने कहा, ‘‘यह असामान्य है, क्योंकि नदी में आम तौर पर हर साल इस खंड में कम से कम दो बार कम या मध्यम स्तर की बाढ़ आती है।”   उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नदी में प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय है, जो मानव स्वास्थ्य और नदी के पास के वन्य जीवन को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि नदी में स्वाभाविक रूप से सफाई करने की क्षमता है, लेकिन प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस साल मानसून के दौरान जो सफेद झाग देखा गया था, वह त्योहारों के समय ज्यादा नजर आ रहा है। विशेषज्ञों ने सरकार से यमुना में प्रदूषण के स्तर को कम करने का आग्रह किया है, खासकर तब जब छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक आ रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इस झाग में अमोनिया और फॉस्फेट की उच्च मात्रा होती है जिससे श्वसन और त्वचा संबंधी समस्याओं सहित स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा होता है। एक अन्य विशेषज्ञ ने कहा, ‘‘इस प्रकार का झाग तब बनता है जब सड़ते हुए पौधों से निकलने वाली वसा और प्रदूषक तत्व पानी में मिल जाते हैं, लेकिन मानसून के दौरान इसकी उपस्थिति आश्चर्यजनक है।” उन्होंने झाग बनने का कारण बाढ़ की अनुपस्थिति को बताया, जो आमतौर पर प्रदूषकों को बहा ले जाती है। 

मंत्री के रूप में हरियाणा सचिवालय में पहुंचने को लेकर श्रुति चौधरी ने अपने लिए एक बड़ा गौरव का क्षण बताया

चंडीगढ़ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल की तीसरी पीढ़ी से उनकी पोती श्रुति चौधरी चुनकर विधानसभा पहुंची और भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें सम्मान देते हुए मंत्रिमंडल में स्थान दिया। ऐसे में जहां तोशाम हलके में चौधरी बंसीलाल की राजनीतिक विरासत को लेकर उठने वाले सवालों के जवाब मिल गए। वहीं, आज एक मंत्री के रूप में पहली बार हरियाणा सचिवालय पहुंची श्रुति चौधरी भी आत्मविश्वास से भरी नजर आई। ऐसे में हमने श्रुति चौधरी से खास बातचीत की तो उन्होंने भी एक परिपक्व राजनेता की तरह हर सवाल का बखूबी जवाब दिया। मंत्री के रूप में हरियाणा सचिवालय में पहुंचने को लेकर श्रुति चौधरी ने अपने लिए एक बड़ा क्षण बताया। श्रुति ने बताया कि कभी उनके दादा चौधरी बंसीलाल, उनके पिता चौधरी सुरेंद्र सिंह, उनकी माता किरण चौधरी बहुत मेहनत कर जनता से आशीर्वाद हासिल कर यहां तक पहुंचे थे। उसी प्रकार से जनता ने उन्हें अपना आशीर्वाद देते हुए यह मौका दिया है। इसलिए वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद करती है, जिन्होंने उन्हें इतना मान-सम्मान दिया। एक मिनट भी बेकार नहीं करते सीएम सरकार के कामकाज को लेकर श्रुति चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक मिनट भी बेकार नहीं करना चाहते। जनता के कामों को लेकर उनकी रफ्तार बहुत तेज है। उनका मानना है कि हरियाणा की जनता का हर काम जल्दी और तेज गति से होना चाहिए, जिससे लोगों को कई दिक्कत ना आए। आज की कैबिनेट में भी सीएम ने निर्देश दिए हैं कि धान और बाजरे की खरीद व उठान को लेकर मंडियों में किसानों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सब कुछ सही से होना चाहिए। हरियाणा के लिए गौरव का क्षण था हरियाणा मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह को एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए श्रुति ने कहा कि हरियाणा ने कभी भी ऐसा भव्य समारोह नहीं दिखा था वह पूरे प्रदेश के लिए एक गौरव का क्षण था। हरियाणा की जनता ने सकरा को एक बड़ा बहुमत दिया, जिसके चलते एक तरफा जीत हासिल हुई। यह सब उसी का हिस्सा था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शपथ ग्रहण समारोह पूरा हुआ। देश का तमाम नेतृत्व भी वहां मौजूद था। इससे बड़ा मान-सम्मान प्रदेश के लिए नहीं हो सकता। महिलाओं के प्रति गंभीर सरकार श्रुति चौधरी ने कहा कि महिलाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमेशा से ही गंभीर रही है। यहीं कारण है कि अपने चुनावी संकल्प पत्र में भी पार्टी ने सबसे पहले महिलाओं को 2100 रुपए देने और कॉलेज जाने वाली बच्चियों को स्कूटी देने की बात कही थी। बीजेपी की ओर से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई है। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह से गंभीर है।  

भारतीय मौसम विभाग ने दी चेतावनी, साउथ इंडिया में चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिलेगा, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली देश के कुछ हिस्सों में जहां ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून के लौटने से मूसलाधार बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि साउथ इंडिया में चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिलेगा, जिससे अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। चक्रवाती तूफान का असर बंगाल की खाड़ी में 22 अक्टूबर के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। इसका असर दक्षिण भारत के कई राज्यों पर पड़ेगा, जहां 3-4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी। चक्रवातीय हवाओं का दबाव 20 अक्टूबर को उत्तरी अंडमान सागर पर बनेगा, जो कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर असर डालेगा। 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में होगी भारी बारिश तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में 18 से 24 अक्टूबर के बीच जमकर बारिश होगी। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 23-24 अक्टूबर को भारी बारिश के आसार हैं। मैदानी इलाकों में सूखा उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, साउथ में हो रही बारिश की वजह से उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के आसार हैं, जिससे ठंड का प्रभाव तेज़ होगा। तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट बता दें कि, देश में कुछ हिस्सों में ठंड शुरू हो गई है, लेकिन दक्षिण भारत के राज्यों में अब भी भारी बारिश हो रही है। 22 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने से साउथ इंडिया में तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने मामले में कई बड़े खुलासे किए, गुरप्रीत सिंह हत्याकांड के तार जुड़े पंजाब के सांसद के साथ

पंजाब फरीदकोट में बीते दिनों गोलियां मारकर हत्या किए गए दीप सिद्धू के करीबी गुरप्रीत सिंह हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा किया गया है। आज पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने प्रैस कॉन्फैंस करके इस मामले में कई बड़े खुलासे किए  हैं। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड में ड्रिबूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह का नाम सामने आ रहा है। यही नहीं इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड अर्श डल्ला है। डीजीपी ने बताया कि इस मामले में विदेश में बैठे गैंगस्टरों का पूरा प्लान है। इस मामले शूटरों की पहचान कर ली गई और 3 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में जो भी सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी की जांच की जा रही है। इस मामले में पहले सिद्धू मूसेवाला की तरह रेकी गई और फिर वारदातो को अंजाम दिया गया है। गुरप्रीत की हत्या करने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सबूतों के आधार पर इस मामले में गरहाई से जांच की जा रही है। डीजीपी ने बताया कि काबू किए गए आरोपियों से पूछताछ दौरान पता चला कि गुरप्रीत सिंह के रेकी करने वाले कोई और थे और हत्या करने वाले कोई ओर हैं। 159 नंबर एफआईआर दर्ज की गई है।  सबूतों के आधार पर इस मामले में गरहाई से जांच की जा रही है। डीजीपी का कहना है कि इस मामले में और भी कई खुलासे होने की संभावना है। आपको बता दें कि फरीदकोट के हरि नौ के रहने वाले गुरप्रीत सिंह (32) अपने समर्थकों के साथ सरपंच पदके प्रत्याशी के हक में प्रचार करके घर वापसा लौट रहे थे। इसी बीच मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करके मौत के घाट उतार दिया।

UAE जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत, यूएई ने नई वीजा पॉलिसी लागू की है, जिससे यात्रा आसान हुई

नई दिल्ली भारतीय यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। यूएई ने नई वीजा पॉलिसी लागू की है, जिससे यात्रा आसान हो गई है। अब, यदि आपके पास अमेरिका या यूरोपीय संघ के किसी देश का वीजा या ग्रीन कार्ड है, तो आपको यूएई में वीजा मिलने में आसानी होगी। नई नीति के अनुसार, यूएई सरकार ने यह आदेश दिया है कि पात्र भारतीय नागरिकों को यूएई पहुंचने पर 14 दिन का वीजा ऑन अराइवल दिया जाएगा। इस बदलाव से भारत और यूएई के बीच रिश्ते मजबूत होंगे, क्योंकि यूएई में लगभग 35 लाख भारतीय रहते हैं। यूएई प्रशासन ने यह भी कहा कि यह नीति दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए है, जिससे लाखों लोगों को लाभ होगा। भारतीयों ने इस तरह की व्यवस्था की मांग की थी। नई पॉलिसी से किसे मिलेगा वीजा अमेरिका या यूरोपीय संघ के किसी देश का वैध वीजा या ग्रीन कार्ड रखने वाले। कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट रखने वाले। पात्र यात्रियों को वीजा शुल्क का भुगतान करने के लिए 60 अतिरिक्त दिन मिलेंगे।  

18 टन टमाटर लेकर जा रहा ट्रक हाइवे पर पलटा, चोरी के डर से रातभर पुलिस ने की पहरेदारी

नई दिल्ली अब तक आपने सूना होगा कि पुलिस को किसी कीमती सामान के चोरी के डर से रात भर पहरेदारी करनी पड़ी। लेकिन उत्तर प्रदेश एक झांसी में पुलिस वालों को टमाटर चोरी को लेकर लेकर पहरेदारी करनी पड़ी।  क्योंकि बाजारों में टमाटर 80 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा है। दरअसल, यूपी के झांसी में हाइवे पर टमाटर से भरा ट्रक बेकाबू होकर पलट गया। ट्रक पलटने के बाद उसमें भरे टमाटर रोड पर बिखर गए। बाजार में 100 रुपये किलो तक बिक रहे टमाटर की लूट हो, इसके पहले ही थाना सीपरी बाजार की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिसवालों ने ट्रक के इर्द-गिर्द घेराबंदी कर दी। देर रात तक पुलिस टमाटर की पहरेदारी करती रही। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। ट्रक में करीब  1800 किलों टमाटर लगा हुआ था। ट्रक के पलट जाने के बाद सभी टमाटर रोड पर बिखर गए। महंगे टमाटर को रात में ग्रामीण लूटकर ना लेकर चले जाए। पुलसी को पूरी रात उसे रखाने के लियए पहरेदारी करनी पड़ी। ट्रक को अर्जुन नाम का ड्राइवर चला रहा था। ट्रक जैसे ही रात करीब दस बजे झांसी-कानपुर हाईवे पर सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में पहुंचा। तभी ट्रक के सामने एक गाय आ गई। गाय को बचाने के चक्कर में ट्रक बेकाबू होकर पलट गया और ट्रक में लदा टमाटर पूरे रोड पर बिखर गया। टमाटर बिखरने की खबर मिलते ही आसपास के लोगों को लगी। ग्रामीण वहां पर पहुंचते। इससे पहले सीपरी बाजार पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी। पूरी रात जागकर पुलिस वालों ने टमाटर की पहरेदारी की। इस बीच पीछे से आ रही एक स्कूटी सवार महिला की भी टक्कर हो गई। जिससे वह घायल हो गई। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ हिंदुओं पर हमले को लेकर बरसे, महिलाओं पर बर्बरता, धार्मिक स्थलों का किया अपमान

नई दिल्ली उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को पड़ोसी देशों में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और इस पर “कथित नैतिक उपदेशकों” की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का व्यवहार मानवाधिकारों के विरुद्ध है। धनखड़ ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा, “हम अत्यधिक सहिष्णु हैं, और इस तरह के अतिक्रमणों के प्रति अधिक सहिष्णुता ठीक नहीं है। सोचिए अगर आप उनमें से एक होते तो।” उप-राष्ट्रपति ने आगे कहा, “लड़कों, लड़कियों और महिलाओं के साथ की गई बर्बरता, यातना और भयावह अनुभवों को देखिए। हमारे धार्मिक स्थलों का अपमान किया जा रहा है।” हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी यह टिप्पणी बांग्लादेश में हाल ही में हिंदुओं पर हुए हमलों से जुड़ी मानी जा रही है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के अगस्त में सत्ता से बाहर होने के बाद से वहां हिंदुओं पर हमलों की खबरें बढ़ी हैं। दुर्गा पूजा के दौरान हुई हिंसा के चलते 17 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है और कई मामले दर्ज किए गए हैं। बांग्लादेश की 17 करोड़ की आबादी में हिंदुओं की संख्या केवल 8 प्रतिशत है। धनखड़ ने कहा कि इस तरह के मामलों पर चुप्पी साधे रखना उचित नहीं है और मानवाधिकारों के समर्थकों को इस पर ध्यान देना चाहिए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि कुछ हानिकारक ताकतें भारत की ‘‘खराब छवि’’ पेश करने की कोशिश कर रही हैं और उन्होंने ऐसे प्रयासों को बेअसर करने के लिए ‘‘प्रतिघात’’ करने का आह्वान किया। धनखड़ ने साथ ही कहा कि भारत को दूसरों से मानवाधिकारों पर उपदेश या व्याख्यान सुनना पसंद नहीं है। उन्होंने यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए विभाजन, आपातकाल लागू किए जाने और 1984 के सिख विरोधी दंगों को ऐसी दर्दनाक घटनाएं बताया, जो ‘‘याद दिलाती हैं कि आजादी कितनी नाजुक होती है।’’ धनखड़ ने कहा, ‘‘कुछ ऐसी हानिकारक ताकतें हैं जो एक सुनियोजित रूप से हमें अनुचित तरीके से कलंकित करना चाहती हैं।’’ उन्होंने कहा कि इन ताकतों का अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल कर ‘‘हमारे मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल उठाने’’ का ‘‘दुष्ट इरादा’’ है। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों को बेअसर करने की जरूरत है और भारतीय संदर्भ में वे इसके लिए ‘‘प्रतिघात’’ शब्द का इस्तेमाल करेंगे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन ताकतों ने सूचकांक तैयार किए हैं और ये दुनिया में हर किसी को ‘रैंक’ दे रही हैं ताकि ‘‘हमारे देश की खराब छवि’’ पेश की जा सके। उन्होंने भुखमरी सूचकांक पर भी निशाना साधा, जिसकी सूची में भारत की रैंकिंग खराब है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान सरकार ने जाति और पंथ की परवाह किए बिना 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया।

कनाडा के पूर्व NSA ने ही उधेड़ी जस्टिन ट्रूडो की बखिया- अनुमानों से सुलझा रहे, सबूत है नहीं

कनाडा भारत और कनाडा के बीच चल रहे तनाव के बीच खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर नया खुलासा हुआ है। कनाडा की पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जोडी थॉमस ने कहा कि शुरुआती खुफिया जानकारी और पुलिस जांच से संकेत मिला था कि निज्जर की हत्या रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। थॉमस ने कहा कि गहन जांच के बाद निज्जर की हत्या की कड़ी एक न्यायिक हत्या से आकर जुड़ गई। उन्होंने ने अपने बयान में खुलासा किया है कि आखिर बार-बार सबूत मांगने के बाद भी कनाडा इस मामले में भारत को सबूत क्यों नहीं दे पाया। कनाडा की पूर्व एनएसए के बयान से साफ जाहिर होता है कि निज्जर की हत्या के मामले कनाडा खुद में ही काफी कन्फ्यूज है।   मलिक की हत्या से जुड़े हैं निज्जर की हत्या के तार? उल्लेखनीय है कि निज्जर की हत्या को शुरुआत में कनाडा ने रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के बदले से जोड़ा। बता दें रिपुदमन सिंह मलिक पर 1985 के एयर इंडिया कनिष्क बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप था। यह विस्फोट भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी विमान त्रासदियों में से एक रहा, इस हादसे में 329 लोग मारे गए थे। साल 2022 में मलिक की हत्या के बाद खालिस्तान टाइगर फोर्स के नेता हरदीप सिंह निज्जर ने उसे गद्दार कहा था। निज्जर के बयान के एक साल बाद ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में उसकी भी हत्या कर दी गई। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी निज्जर की हत्या में भारत का हाथ बताया था। ट्रूडो के इस बयान को भारत ने बेतुका बताते हुए खारिज भी कर दिया और कनाडा से इन आरोपों को लेकर पुख्ता सबूत मांगे। मगर कनाडा ने कोई पुख्ता सबूत नहीं दिए। थॉमस ने अपने बयान में यह भी सफाई दी कि आखिर भारत के बार-बार सबूत मांगने के बावजूद इस सिलसिले में कनाडा ने सबूत मुहैया क्यों नहीं कराया।   निज्जर की हत्या को लेकर कन्फ्यूज है कनाडा? कनाडा की विदेश हस्तक्षेप जांच के सामने पेश होते हुए थॉमस ने कहा, “निज्जर की हत्या उसी गुरुद्वारे में दूसरी हाई-प्रोफाइल हत्या थी, जहां मलिक की हत्या लगभग एक साल पहले हुई थी। प्रारंभिक रूप से यही माना गया था कि यह बदले की कार्रवाई थी।” हालांकि, थॉमस ने माना कि जांच के दौरान और खुफिया जानकारी सामने आने पर यह संकेत मिला कि यह हत्या एक न्यायिक हत्या हो सकती है। यहां यह बात काफी अहम हो जाती है कि थॉमस के बयानों से साफ जाहिर होता है कि निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है और वह अनुमानों के जरिए इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगा है।   कनाडा क्यों नहीं दे पाया भारत को सबूत जोड़ी थॉमस ने यह भी बताया कि कनाडा ने भारत के साथ इस मामले में ज्यादा जानकारी क्यों साझा नहीं की। उन्होंने कहा, “हम उतने सबूत साझा नहीं कर पाए जितना अमेरिका कर सकता था, क्योंकि हम इस हत्या की जांच कर रहे थे।” बुधवार को ट्रूडो ने भी यह स्वीकार किया कि कनाडा ने अभी तक भारत को निज्जर की हत्या के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं दिया है। उन्होंने कहा, “यह मुख्य रूप से खुफिया जानकारी पर आधारित है, ठोस सबूत नहीं है।”

शीर्ष अदालत की सभी बेंचों की लाइव-स्ट्रीमिंग की सुविधा देने वाला एक ऐप परीक्षण के अंतिम चरण में, CJI चंद्रचूड़ ने दी बड़ी सौगात

नई दिल्ली एक अहम कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण करने का फैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि शीर्ष अदालत की सभी बेंचों की लाइव-स्ट्रीमिंग की सुविधा देने वाला एक ऐप परीक्षण के अंतिम चरण में है। इससे पहले यानी अब तक सिर्फ संविधान पीठ के समक्ष मामलों की सुनवाई का ही सीधा प्रसारण होता था लेकिन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पहल पर इसे सभी बेंच तक विस्तारित करने का फैसला किया गया है। यह पहला मौका है जब दिन-प्रतिदिन की सुनवाई का नियमित सीधा प्रसारण करने का फैसला किया गया है। बता दें कि कोविड महामारी के बाद 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ के तहत होने वाले मामलों की सुनवाई की यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग की पहली बार व्यवस्था की थी, जो अबतक जारी है और उसे अब सभी अदालतों तक विस्तारित किया जा रहा है। 27 सितंबर 2022 में जब पहली बार सुप्रीम कोर्ट की तीन संविधान पीठ की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की गई थी, तब 8 लाख से ज्यादा लोगों ने उसे देखा था। तब सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि यह कदम दूर-दराज के लोगों की बाधाओं को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा और देश के हर कोने से नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही देखने का अवसर मिल सकेगा। दरअसल, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ अपने कार्यकाल में उल्लेखनीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने तकनीक का इस्तेमाल कर न सिर्फ केसों के आवंटन में प्रगति और पारदर्शी व्यवस्था लाने की कोशिश की है बल्कि त्वरित सुनवाई की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव लाया है। वह अगले महीने 10 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह अब जस्टिस संजीव खन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उन्होंने इस बाबत अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को भेज दी है।

सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाने में एआई की भूमिका को रेखांकित किया : संचार मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करते हुए आज कहा कि भारत दुनिया की कंटेंट क्रिएशन राजधानी बनने की ओर अग्रसर है, जिसका बाजार आज के 30 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 480 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सिंधिया ने यहां चल रही इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में “भारत में कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाना: अगले एक अरब उपयोगकर्ताओं को जोड़ने के लिए एआई और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करना” शीर्षक पर पैनल चर्चा के दौरान यह बात कही। इस व्यावहारिक सत्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कंटेंट क्रिएशन के बीच बढ़ते अंतर्संबंध पर प्रकाश डाला गया।उन्होंने सूचना तक पहुंच के लोकतंत्रीकरण और डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने के लिए 6जी जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों को अपनाने के लिए भारत की तत्परता पर जोर दिया। सिंधिया ने कंटेंट क्रिएशन में क्रांति लाने में एआई की भूमिका को रेखांकित किया। पैनल ने इस बात पर जोर दिया कि सामग्री निर्माण में एआई राजस्व धाराओं का विस्तार करने, लागत कम करने और नए बाजारों में प्रवेश करने का अवसर है, खासकर टियर 2 और टियर 3 शहरों में जहां सामग्री उपभोग पैटर्न विकसित हो रहे हैं। चूंकि एआई वास्तविक समय के वैयक्तिकरण और दर्शकों के साथ बातचीत की सुविधा देता है, इसलिए रचनात्मक अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने वाली है। एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच, इंडिया मोबाइल कांग्रेस, उद्योग, सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र में अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए अभिनव समाधान, सेवाओं और अत्याधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर में एक प्रसिद्ध मंच बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शक, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से अधिक देशों से भागीदारी हो रही है। इस कार्यक्रम में 900 से अधिक प्रौद्योगिकी उपयोग मामले परिदृश्यों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ताओं के साथ 100 से अधिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

यदि हमास हथियार डाल दे और सभी यहूदी बंधकों को रिहा कर दे तो जंग समाप्त हो सकती है: इजरायली पीएम

तेल अवीव इजरायल ने हमास के सुप्रीम कमांडर याह्य सिनवार की गुरुवार को हत्या कर दी। ड्रोन अटैक के जरिए सिनवार को इजरायल ने मार गिराया। यही नहीं मौत के बाद की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें दिखता है कि किस तरह से सिनवार को मारा गया। कुछ वीडियो भी इसके वायरल हो रहे हैं। इस बीच इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा ऐलान किया है और कहा कि यदि हमास हथियार डाल दे और सभी यहूदी बंधकों को रिहा कर दे तो जंग समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि हमास हमारी इस पेशकश को मान ले तो जंग कल ही खत्म हो जाएगी। इजरायल दोहराता रहा है कि बीते साल 7 अक्टूबर को उसके यहां हुए भीषण हमले का मास्टरमाइंड याह्य सिनवार ही था। उसकी मौत का वीडियो शेयर करते हुए नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, ‘याह्य सिनवार मर चुका है। उसे हमारे बहादुर सैनिकों ने राफा में मार गिराया। अभी यह गाजा की युद्ध खत्म होने का टाइम नहीं है बल्कि हमास के खात्मे की शुरुआत है। गाजा के लोगों के लिए मेरा एक सिंपल सा संदेश है- यह जंग तो कल ही खत्म हो सकती है। यदि हमास हथियार डाल दे और बंधक बनाए गए हमारे लोगों को छोड़ दे।’ सिनवार को मार गिराने के साथ ही इजरायल ने दावा किया है कि दो और आतंकी मारे गए हैं। पीएम नेतन्याहू ने दावा किया कि हमास ने अब भी गाजा में 101 इजरायली लोगों को बंधक बना रखा है। इनमें से कई नागरिक 23 अलग-अलग देशों के हैं। नेतन्याहू ने कहा, ‘हमास ने गाजा में 101 लोगों को बंधक बना रखा है। ये कुल 23 देशों के रहने वाले हैं। इजरायल इन लोगों को घर वापस लाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। हम सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई की गारंटी देते हैं।’ उन्होंने हमास आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल न्याय करने में यकीन रखता है। हम ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं छोड़ेंगे, जिसने हमारे लोगों पर अत्याचार किए हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा फैसला लिया, निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जाएगी

चंडीगढ़़ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आज नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सीएम का पदभार ग्रहर कर लिया। इस दौरान  सीएम नायब सैनी ने ट्वीट कर लिखा “हरियाणा प्रदेश के अपने 2.80 करोड़ परिवारजनों की अनथक सेवा का व्रत लेकर प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मैं भावुक और नतमस्तक हूं। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का संकल्प सर्वोपरि है। हरियाणा प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ,समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी पूर्ण बहुमत की ये सरकार सेवा, सुशासन,समानता,समृद्धि और गरीब कल्याण के लिए समर्पित होगी।” इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सभी मंडियों को उनके कमरे में बैठाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह का पहला बड़ा फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में क्रोनिक किडनी रोगियों के लिए निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध रहेगी। भविष्य में सभी मेडिकल कॉलेज में भी निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जाएगी। कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में हमने अनुसूचित जाति के वर्गीकरण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है। हमने फैसला किया है कि हम एससी के वर्गीकरण के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है, उसे लागू करेंगे। अपराधियों को सीएम की चेतावनी सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार नारी शक्ति को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने उन लोगों को चेतावनी देते हुआ कहा जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं या तो राज्य छोड़ दें या फिर सुधर जाएं। नहीं तो हम सुधार करेंगे। ‘जनता ने कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने घोषणापत्र में वादा किया था कि हम किडनी के मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराएंगे। हमने उससे संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हरियाणा सरकार किडनी डायलिसिस का खर्च वहन करेगी। मैं हरियाणा की जनता को तीसरी बार भारी जनादेश देने और पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद देता हूं। हरियाणा की जनता ने विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया। कांग्रेस ने किसानों को भड़काने की कोशिश की। उन्होंने युवाओं में संदेह पैदा किया। उन्होंने हरियाणा के एथलीटों का इस्तेमाल किया। एथलीट हमारे देश का गौरव हैं। पीएम मोदी ने पिछले 10 सालों में किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। हरियाणा की जनता ने पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी दी है और कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है। हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट कर दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री आरती राव को कमरा नंबर 43सी मिला है। रणबीर गंगवा को कमरा नंबर 43ए मिला है। राव नरबीर को कमरा नंबर 39 मिला है। कृष्ण लाल पंवार को कमरा नंबर 34 मिला है। अनिल विज को कमरा नंबर 32 यानी पुराना कमरा ही मिला है। कृष्ण बेदी को कमरा नंबर 24 मिला है। श्रुति चौधरी को कमरा नंबर 31 मिला है। विपुल गोयल को कमरा नंबर 49 मिला है। श्याम सिंह राणा कमरा नंबर 47 मिला है।

चुनाव अधिकारियों की मदद से MVA का समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रहा है भाजपा

मुंबई मुंबई के नरीमन प्वाइंट स्थित शिव सेना (यूबीटी) के मुख्य कार्यालय शिवालय में एमवीए नेताओं की शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इस दौरान कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी एमवीए समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश कर रही है। पटोले ने कहा, ‘हमें अपने समर्थकों से कुछ शिकायतें मिली हैं। यह बताया गया कि सत्तारूढ़ गठबंधन स्थानीय चुनाव अधिकारियों की मदद से MVA का समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रहा है।’ एमवीए नेताओं ने कहा, ‘चुनाव आयोग के फॉर्म नंबर 7 का उपयोग दूसरे मतदाताओं या खुद का नाम हटाने के लिए किया जाता है। अब इसका इस्तेमाल एमवीए का समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम को हटाने के लिए हो रहा है।’ इस दौरान कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने एनसीपी से जुड़े संतोष पवार का वोटर आईडी कार्ड दिखाया। इस कार्ड पर उनके नाम के साथ किसी और की फोटो छपी दिख रही है। उन्होंने कहा कि एमवीए नेता इन शिकायतों को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी से मिलने जा रहे हैं। यह गंभीर मामला है और इस पर ऐक्शन लिया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची फर्जी दूसरी ओर, महाराष्ट्र कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए सोशल मीडिया पर प्रसारित पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची को फर्जी बताया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से हस्ताक्षरित सूची में कांग्रेस के 15 प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह सूची फर्जी है। नेताओं ने कहा कि यह साफ नहीं है कि लिस्ट कैसे जारी की गई, लेकिन यह आधिकारिक नहीं है। पार्टी ने मतदाताओं से उम्मीदवारों की सूची की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करने और अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया है। कांग्रेस की ओर से महाराष्ट्र चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची शनिवार को जारी किए जाने की उम्मीद है।  

पेजर बम वाली तकनीक का हुआ खुलासा, देशी जुगाड़ ने दुनिया को हिला दिया

बेरूत बेरूत के दक्षिणी उपनगर और हिजबुल्लाह के गढ़ वाले इलाकों में हजारों पेजर ब्लास्ट ने चरमपंथी समूह को हिलाकर कर रख दिया था। इजराइली खुफिया एजेंसी ने एक बड़ी योजना के तहत हिजबुल्लाह के लड़ाकों के पेजर को बम में बदल दिया था। इसके लिए इजराइली जासूसी ने एक लंबी योजना तैयार की थी, जिसमें बैटरी के डिजाइन के साथ कवर स्टोरी भी तैयार की गई थी। इसमें एक कमजोरी भी थी। लेकिन इजराइली योजना की हिजबुल्लाह को भनक तक नहीं लगी। इसमें एक कमी भी थी। पेजर की बैटरी इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल लिथियम ऑयन बैटरी पैक जैसी ही थी लेकिन समस्या थी कि पेजर की तरह यह बाजार में मौजूद नहीं थी। इसलिए इजराइली एजेंटों ने एक बैकस्टोरी बनाई। पेजर के लिए इजराइली एजेंटों ने मशहूर ताइवानी ब्रांड गोल्ड अपोलो का बताकर हिजबुल्लाह को धोखा दिया। एक रिपोर्ट में पेजर के अध्ययन और खुफिया सूत्रों से पता चला है कि एक बैटरी विशेषज्ञ ने बताया कि विस्फोटक के लिए पीईटीएन का इस्तेमाल किया गया था। एक लेबनानी स्रोत ने कहा कि हिजबुल्लाह ने पाया था कि बैटरी अपेक्षा से ज्यादा तेजी से गर्म हो रही थी। हालांकि, इससे कोई बड़ी चिंता नहीं हुई। समूह हमले से कुछ घंटे पहले तक अपने सदस्यों को पेजर बांट रहा था। रिपोर्ट में कहा गया था कि हजारों पेजर एक साथ फटे। ज्यादातर मामलों में डिवाइस में मैसेज आने के बीप वाले संकेत के बाद इसमें ब्लास्ट हुआ। यह भी योजना का ही हिस्सा था, ताकि विस्फोट के समय पेजर हाथ और चेहरे के पास रहे। हमले में करीब 3000 लोग घायल हो गए थे। पेजर हमले के अगले ही दिन वॉकी-टॉकी में विस्फोट हुए। दोनों हमलों में कम से कम 39 लोगों की मौत हुई थी और 3400 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पश्चिमी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि इजराइली खुफिया एजेंसी ने इन पेजर और वॉकी-टॉकी हमलों की योजना बनाई थी। इसके लिए इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने हिजबुल्लाह के सप्लाई सिस्टम में घुसपैठ कर ली थी। हिजबुल्लाह को जिस डीलर ने पेजर सप्लाई किए वह मोसाद का ही एजेंट था। यही नहीं, इन पेजर को मोसाद की निगरानी में ही तैयार किया गया था। पेजर बम वाली तकनीक का हुआ खुलासा, देशी जुगाड़ ने दुनिया को हिला दिया  हिजबुल्ला ह पर पिछले महीन इजरायल ने पेजर अटैक कर हर किसी को चौंका दिया। इतने छोटे से दिखने वाले पेजर को आखिर इजरायल ने कैसे चलते फिरते बम में बदल दिया, ये सोचकर हर कोई हैरान था। एक एजेंसी की तरफ से अब इस मामले में एक अहम रिपोर्ट प्रकाशित की गई है, जिसमें लेबनान सूत्रों के हवाले से पेजर को बम में बदलने की इजरायली तकनीक के बारे में विस्तारर में बताया गया है। फरवरी में पेजर प्राप्त करने के बाद हिजबुल्लाह ने विस्फोटकों की उपस्थिति की जांच की। उन्हें हवाई अड्डे के सुरक्षा स्कैनर के माध्यम से यह देखने के लिए डाला कि क्या वे अलार्म ट्रिगर करते हैं। कुछ भी संदिग्ध नहीं बताया गया। दो बम विशेषज्ञों ने कहा कि उपकरणों को बैटरी पैक के अंदर एक चिंगारी उत्पन्न करने के लिए सेट किया गया था, जो विस्फोट करने वाली सामग्री को जलाने के लिए पर्याप्त था, और शीट को विस्फोट करने के लिए ट्रिगर करता था। क्योंरकि विस्फोटक और उसके कवर ने लगभग एक तिहाई हिस्सा ले लिया था, लिहाजा बैटरी पैक में 35 ग्राम वजन के अनुरूप शक्ति का एक अंश था। दरअसल, पेजर बनाने वाले एजेंटों ने एक ऐसी बैटरी डिजाइन की थी, जिसमें प्लास्टिक विस्फोटक का एक छोटा लेकिन शक्तिशाली चार्ज और एक नया डेटोनेटर छिपा था, जिसे देख पाना भी संभव नहीं है। पेजर बम का गुप्त डिजाइन और बैटरी की सावधानीपूर्वक बनाई गई कवर स्टोरी, दोनों के बारे में विस्तानर में बताया गया। ये पूरा ऑपरेशन एक दो दिन या महीने में नहीं, बल्कि सालों की मेहनत के बाद पूरा हुआ। छह ग्राम सफेद पेंटाएरीथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट प्लास्टिक विस्फोटक का इसमें इस्ते माल किया गया। उसके साथ एक पतली स्वेइट्रयर शीट का इस्तेंमाल किया गया। दोनों की कोशिकाओं को आपस में निचोड़ा गया। बताया गया कि बैटरी कोशिकाओं के बीच बाकी स्थान अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ की एक पट्टी द्वारा कब्जा कर लिया गया था, जिसने डेटोनेटर के रूप में काम किया। इस पूरे प्रोसेस की तस्वी र भी दिखाई गई, जिससे पता चलता है कि इस तीन-परत वाले सैंडविच को एक काले प्लास्टिक की स्लीाव में डाल दिया गया था और एक धातु के कवर में वो लगभग एक माचिस के आकार का था। दो बम विशेषज्ञों ने बताया कि असेंबली असामान्य थी क्योंकि यह एक स्टैं डर्ड छोटे डेटोनेटर या यूं कहें कि आमतौर पर दिखने वाले मेटल के सिलेंडर पर निर्भर नहीं था।  

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बाल विवाह रोकथाम कानून जरूरी है, कोई और मजहब का पर्सनल लॉ इस कानून के आड़े नहीं आ सकता

नई दिल्ली बाल विवाह रोकथाम अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कानून जरूरी है। इसके अलावा किसी भी मजहब का पर्सनल लॉ इस कानून के आड़े नहीं आ सकता। अदालत ने कहा कि बाल विवाह गलत है और इससे किसी के भी मनपसंद जीवनसाथी चुनने का अधिकार प्रभावित होता है। कोर्ट ने कहा कि बचपन में कराए गए विवाह अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का विकल्प छीन लेते हैं। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने देश में बाल विवाह रोकथाम कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई दिशानिर्देश भी जारी किए। प्रधान न्यायाधीश ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के कानून को ‘पर्सनल लॉ’ के जरिए प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की शादियां नाबालिगों की जीवन साथी चुनने की स्वतंत्र इच्छा का उल्लंघन हैं। पीठ ने कहा कि अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम और नाबालिगों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उल्लंघनकर्ताओं को अंतिम उपाय के रूप में दंडित करना चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि बाल विवाह निषेध कानून में कुछ खामियां हैं। इसे दूर करने की जरूरत है। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 बाल विवाह को रोकने और इसका उन्मूलन सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया था। इस अधिनियम ने 1929 के बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का स्थान लिया। पीठ ने कहा, ‘बाल विवाह पर रोकथाम की रणनीति अलग-अलग समुदायों के हिसाब से बनाई जानी चाहिए। यह कानून तभी सफल होगा जब बहु-क्षेत्रीय समन्वय होगा। कानून प्रवर्तन अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की आवश्यकता है। हम इस बात पर जोर देते हैं कि इस मामले में समुदाय आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।’ कोर्ट का कहना था कि इन मामलों की रोक के लिए कानून के पालन के साथ ही जागरूकता और शिक्षा की भी जरूरत है।

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