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सत्संग में 107 लोगों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के हाथरस में मची भगदड़ को लेकर दुख जाहिर किया है। उन्होंने लोकसभा में कहा, ”मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना करता हूं, प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी यूपी सरकार से संपर्क में हैं।” बता दें कि हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार को भगदड़ मच गयी, जिसमें कम से कम 107 लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना पुलराई गांव में सत्संग में हुई, जिसमें शामिल होने के लिये बड़ी संख्या में लोग आए थे।  उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एटा अस्पताल में 27 शव लाए गए हैं। मरने वालों में 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं।” सिकंदराराऊ थाने के एसएचओ आशीष कुमार ने कहा कि भगदड़ वस्तुत: अत्यधिक भीड़ होने की वजह से हुई। सत्संग में शामिल होने के लिये अपने परिवार के साथ जयपुर से आयी एक महिला ने बताया कि सत्संग के समापन के बाद लोग एकदम से बाहर निकलने लगे, जिससे भगदड़ मच गयी। सिकंदराराऊ के विधायक वीरेंद्र सिंह राणा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक दिवसीय सत्संग सुबह मंगलवार से शुरू हुआ था। योगी आदित्यनाथ ने भी जाहिर किया दुख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। योगी ने अपर पुलिस महानिदेशक (आगरा) और आयुक्त (अलीगढ़) के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। पड़ोसी एटा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि भगदड़ में मारे गये 27 लोगों के शव एटा के पोस्टमॉर्टम हाउस भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बाद में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर अपने संदेश में कहा, “जनपद हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।” उन्होंने कहा, “संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाने और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए गए हैं।” योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और संदीप सिंह घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं तथा प्रदेश के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिये गये हैं।” उन्होंने कहा “आगरा के अपर पुलिस महानिदेशक और अलीगढ़ के आयुक्त के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं।” उन्होंने कहा, “प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”  

पानी पूरी खाने वालों के लिए डरावनी खबर, 260 पानी पूरी के नमूनों में से 41में नकली रंग और कैंसर पैदा करने वाले तत्व

The tableau decorated in Ganesh pandals became the center of attraction for the people

बेंगलुरु  कर्नाटक में पानी पूरी खाने वालों के लिए एक डरावनी खबर सामने आई है। कर्नाटक में बिकने वाली पानी पूरी में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी पैदा करने वाले केमिकल मिले हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अपनी जांच में 260 जगहों से पानी पूरी के नमूने लिए थे। इनमें से 41 नमूनों में नकली रंग और कैंसर पैदा करने वाले तत्व मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 18 नमूने तो इतने खराब थे कि उन्हें खाने लायक भी नहीं माना जा सकता। कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों से सड़क किनारे बिकने वाली पानी पुरी की क्वालिटी को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले विभाग ने यह जांच शुरू की थी। कमिश्नर श्रीनिवास के. ने डेक्कन हेराल्ड को बताया कि हमने सड़क किनारे लगे ठेलों से लेकर बड़े-बड़े रेस्टोरेंट तक से सैंपल जमा किए थे। इनमें बहुत से सैंपल बासी और खाने के लायक नहीं पाए गए। कर्नाटक में सामने आए सैंपलों में पाया गया कि पानीपुरी के सैंपल में ब्र‍िल‍ियंड ब्‍लू, सनसेट येलो और टार्ट्राज‍िन जैसे केम‍िकल्‍स म‍िले जो कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का कारण बनता है. रोडामीन-बी नाम के फूड कलर पर प्रतिबंध लगाया ये केमिकल कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इससे पहले इसी साल कर्नाटक सरकार ने रोडामीन-बी नाम के फूड कलर पर प्रतिबंध लगाया था। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा था कि अगर कोई भी दुकानदार खाने में ऐसे केमिकल का इस्तेमाल करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों को दी चेतावनी राव ने कहा था कि राज्य में खाद्य सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। और हम यह पता लगाने के लिए और भी चीजों की जांच करेंगे कि उनमें किस तरह के रंगों का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने लोगों को यह भी चेतावनी दी थी कि वे इस बात का ध्यान रखें कि वे किस तरह का खाना खा रहे हैं और उसमें क्या-क्या मिलाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा था कि रेस्टोरेंट मालिकों को भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मोहन भागवत ने की मां विंध्यवासिनी की पूजा अर्चना

मिर्जापुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को यहां विंध्याचल में विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन कर पूजन किए। उनके यहां पहुंचने से पहले धार्मिक अनुष्ठान की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। दर्शन पूजन का सारा कार्यक्रम स्थानीय भाजपा विधायक एवं धाम के पुरोहित रत्नाकर मिश्र एवं उनके साथियो की टीम ने सम्पन्न कराया गया। भागवत दो दिवसीय प्रवास पर आए थे। इससे पहले भागवत ने महुआरी गांव में स्थित हंस बाबा के देवरहवा बाबा आश्रम में प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में विधिवत विधि विधान से पूजन किया तथा 151 मन बूंदी लड्डू का भोग लगाया।हाल के दिनों में हनुमान जी के लिए चौथी बार यहां आए। असल में हंस बाबा के साथ आश्रम में स्थित हनुमान जी के प्रति अटूट आस्था है।जब भी उन्हें समय मिलता है। वाराणसी या आस पास प्रवास के लिए आते हैं तो वे हनुमान पूजा के लिए अवश्य यहां आते हैं।दो साल के अंदर वे चौथी बार पूजन किया।आर‌एस‌एस सूत्रों ने बताया कि भागवत की हनुमान जी के प्रति अपार श्रद्धा है। पूजन कार्यक्रम पंडितों की टीम द्वारा संपादित कराया जाता है।वे ही हर बार पूजन कराते हैं। आर‌एस‌एस प्रमुख सोमवार को शाम देवरहवा बाबा आश्रम पहुंचे। उनके साथ संघ के बड़े पदाधिकारी भी आए थे। आश्रम में चुनिंदा लोगों को प्रवेश दिए गए थे। भाजपा या संघ के आम पदाधिकारियो का प्रवेश नहीं दिया गया था। भागवत ने हंस बाबा के साथ सत्संग भी किया। साथी ही साथ स्थानीय स्वयं सेवको के साथ संगठनात्मक चर्चा भी की। आश्रम में गौ सेवा कर गायो को गुड़ खिलाएं। मोहन भागवत के सारे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विंध्यवासिनी देवी के दर्शन पूजन के बाद सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए प्रस्थान कर गए।  

प्रधानमंत्री मोदी ने राजग के सांसदों से आग्रह किया कि वे सदन के नियमों का पालन करें

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों से संसदीय नियमों एवं आचरण का पालन करने तथा वरिष्ठ सदस्यों से सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के बारे में सीखने को कहा. राजग सांसदों के लिए प्रधानमंत्री मोदी की यह सलाह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस भाषण के एक दिन बाद आई है जिसे सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने ‘बेहद गैरजिम्मेदाराना’ करार दिया था. राजग बैठक को पीएम मोदी ने किया संबोधित सूत्रों के मुताबिक, राजग संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि विपक्ष इस बात से परेशान है कि पहली बार कोई गैर कांग्रेसी नेता लगातार तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बना है. सूत्रों ने बताया कि अपनी साधारण पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए मोदी ने यह कहकर परोक्ष रूप से नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधा कि इसके सदस्य प्रधानमंत्री हुआ करते थे और इससे बाहर के लोगों को बहुत कम मान्यता देते थे. रीजीजू ने कही ये बात संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने संवाददाताओं से कहा कि मोदी ने सांसदों से संसदीय मुद्दों का अध्ययन करने, नियमित रूप से संसद की कार्यवाही में भाग लेने और अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित मामलों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाने के लिए कहा. यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी ने राहुल गांधी के सोमवार को लोकसभा में दिए गए भाषण का जिक्र किया, रीजीजू ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई उल्लेख नहीं किया. हालांकि उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री बोलते हैं, तो संदेश सभी के लिए होता है. राहुल गांधी के हिंदू वाले बयान का सत्ता पक्ष ने किया था विरोध राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया था, जिसका सत्ता पक्ष ने जोरदार विरोध किया था. प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता पर पूरे हिंदू समुदाय को हिंसक कहने का आरोप लगाते हुए उनकी आलोचना की थी. रीजीजू ने कहा कि राजग संसदीय दल की बैठक में मोदी को राजग नेताओं ने ‘ऐतिहासिक’ तीसरे कार्यकाल के लिए सम्मानित किया. मंगलवार को संसद में पीएम मोदी का तालियों के साथ हुआ स्वागत 18वीं लोकसभा के गठन के बाद मंगलवार को संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में मोदी के पहुंचते ही सभी सांसदों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन तथा स्वागत किया. इसके बाद केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्यूलर) के एच डी कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री को माला पहनाकर उनका स्वागत किया. इस दौरान जनता दल (यूनाईटेड) के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रफुल्ल पटेल और तमिल मनीला कांग्रेस के जी के वासन मौजूद थे. राजग संसदीय दल की थी पहली बैठक संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को आम तौर पर भाजपा संसदीय दल की बैठक होती है लेकिन इस बार राजग संसदीय दल की बैठक की गई. पिछले दिनों संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से पीछे रह गई थी. रीजीजू ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह राजग संसदीय दल की पहली बैठक थी जिसमें राजग के नेताओं और सदस्यों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का, ‘ऐतिहासिक’ तीसरे कार्यकाल के लिए फूल माला के साथ अभिनंदन और स्वागत किया गया. पीएम मोदी ने सभी को दिया ‘महत्वपूर्ण मंत्र’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सारे सांसदों को ‘महत्वपूर्ण मंत्र’ देते हुए कहा कि वे सदन में देश सेवा के लिए आए हैं. रीजीजू ने कहा, “हमारे सांसदों के आचरण और व्यवहार के बारे में भी प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छी तरह मार्गदर्शन दिया. उन्होंने कहा कि हरेक सांसद को अपने-अपने क्षेत्र के मुद्दों को बहुत ही प्रभावी ढंग से सदन में रखना चाहिए. विषयों पर विशेषज्ञता हासिल करें.” राजग के सांसदों से पीएम मोदी ने किया ये आग्रह उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजग के सांसदों से आग्रह किया कि वे सदन के नियमों का पालन करें और अच्छा सांसद बनने के लिए जिस आचरण की आवश्यकता है, उसे पूर्ण रूप से अपनाएं. रीजीजू के मुताबिक मोदी ने कहा, “सदस्यों को नियमों और संसदीय परंपराओं को ध्यान में रखना चाहिए.” संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से परिवार सहित प्रधानमंत्री संग्रहालय जाने का आग्रह किया.

तेलंगाना से एक हैरान करने वाला मामला, जहां एक पुलिसकर्मी ने महिला सहकर्मी को हवस का शिकार बना लिया

Teacher's Day was celebrated in Guru Nanak School

हैदराबाद तेलंगाना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिसकर्मी ने महिला सहकर्मी को हवस का शिकार बना लिया। खबर है कि आरोपी ने बंदूक की नोक पर वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ केस दर्ज हो गया और गिरफ्तार के बाद जांच जारी है। पीड़िता ने शीर्ष अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कराई थी।  रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना पुलिस में सब इंस्पेक्टर भवानी सेन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसपर महिला कॉन्स्टेबल के साथ बंदूक की नोक पर कथित तौर पर बलात्कार के आरोप लगे हैं। घटना 16 जून की है। आरोपी ने कथित वारदात को जयशंकर भूपलपल्ली जिले के एक गेस्ट रूम में अंजाम दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कालसेवाराम पुलिस स्टेशन में काम करने वाली महिला कॉन्स्टेबल ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि एसआई सेन ने रेप करने से पहले सर्विस रिवॉल्वर दिखाकर धमकी दी थी। इतना ही नहीं घटना के बारे में किसी को कुछ बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोप सच पाए गए। इसके बाद आरोपी एसआई के खिलाफ कार्रवाई की गई। खबर है कि IG एवी रंगनाथ ने सेन को स्थाई रूप से पुलिस सेवा से बाहर करने के लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं। साथ ही उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी IPC की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुए हैं।  

महाराष्ट्र के अमरावती में आंकड़ें डरा देने वाले, हर दिन एक किसान यहां कर हा आत्महत्या

The actions of a drug addict teacher came to light on Teachers Day

नागपुर किसानों की आत्महत्या मामले में महाराष्ट्र टॉप पर रहता है। पिछले कुछ वर्षों में कपास उत्पादक यवतमाल जिले को महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या की राजधानी के रूप में जाना जाता रहा है। अब यहां का सीन बदल रहा है। यवतमाल की जगहग इन दिनों पड़ोसी अमरावती जिले में किसानों की आत्महत्या की संख्या बढ़ रही है। आंकड़े देखें तो डरा देने वाले हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या अमरावती में ही की है। यवतमाल की सीमा से लगा अमरावती कपास और सोयाबीन का उत्पादक क्षेत्र है। इतना ही नहीं प्रसिद्ध नागपुर संतरे की खेती भी यहीं होती है। इस साल मई तक अमरावती में 143 किसानों ने आत्महत्या की है। यह भी आंकड़े महाराष्ट्र सरकार के हैं। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि पांच महीनों में 152 दिनों में लगभग हर दिन एक किसान ने आत्महत्या की है। दूसरे नंबर पर यवतमाल महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामले में दूसरे नंबर पर यवतमाल है। हालांकि दोनों जिलों में किसानों की आंत्महत्या के आंकड़ों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। मई 2024 तक 132 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं। जून के आंकड़े अभी संकलित किए जाने बाकी हैं। डरा देंगे आंकड़े अमरावती ने 2021 से आत्महत्या के मामले में यवतमाल को पीछे छोड़ दिया है। 2021 में यवतमानल में 370 किसानों ने आत्महत्या की थी। 2022 में 349 और 2023 में 323 किसानों ने आत्महत्या की। यवतमाल में 2021 से 2023 तक यह संख्या क्रमशः 290, 291 और 302 रही। क्यों आत्महत्या कर रहे महाराष्ट्र के किसान? कृषि कार्यकर्ता और किसानों पर महाराष्ट्र सरकार की टास्क फोर्स वसंतराव नाइक शेतकरी स्वावलंबन मिशन के पूर्व अध्यक्ष किशोर तिवारी ने इस पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अमरावती में स्थिति विशेष रूप से कठिन है। किसानों ने सोयाबीन की खेती की और उपज में उल्लेखनीय गिरावट देखी। पिछले साल दरें गिरकर 4,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं। पर्याप्त बैंकिंग ऋण की कमी के कारण, कई लोग छोटी वित्त कंपनियों या साहूकारों पर निर्भर हैं, और उन्हें कठोर वसूली का सामना करना पड़ता है। महाराष्ट्र के 6 जिलों पर खास नजर 2001 से राज्य सरकार विदर्भ के छह जिलों अमरावती, अकोला, यवतमाल, वाशिम, बुलढाणा और वर्धा में किसानों की आत्महत्याओं का डेटा रख रही है। दो दशकों में इन जिलों में 22,000 से ज़्यादा आत्महत्याएं हुई हैं। किसानों की आत्महत्याओं का इस तरह विभाजन आत्महत्याओं को उन किसानों के बीच विभाजित किया जाता है जो राज्य सरकार से 1 लाख रुपये के मुआवजे के पात्र हैं और जो नहीं हैं। एक जिला स्तरीय समिति यह जांच करती है कि आत्महत्या कृषि संकट या अन्य कारणों से हुई है या नहीं। मुआवजे के पात्र होने के लिए, पीड़ित को ऋण, वसूली दबाव, फसल की विफलता और खेती से संबंधित अन्य संकटों का सामना करना पड़ा होगा। अमरावती में मई तक दर्ज 143 आत्महत्याओं में से 33 में कृषि संकट का मामला दर्ज है। 10 मामले खारिज कर दिए गए हैं और 100 में जांच जारी है। यवतमाल में मई तक दर्ज 132 आत्महत्याओं में से 34 में कृषि संकट को आधिकारिक कारण बताया गया है। 66 मामलों में जांच जारी है और जिला प्रशासन ने 32 को खारिज कर दिया है।

चीनी सैनिकों पर फिलीपीन की नौसेना पर चाकू और कुल्हाड़ी लेकर हमला करने और जमकर लूटपाट करने का आरोप

मनीला दूसरे देशों की जमीन पर बुरी नजर रखने वाले चीन ने दक्षिणी चीन सागर में गलवान जैसी घटना दोहराई है। चीनी सैनिकों पर अपने पड़ोसी राष्ट्र फिलीपीन की नौसेना पर चाकू और कुल्हाड़ी लेकर हमला करने और जमकर लूटपाट करने का आरोप है। फिलीपीन सेना ने चीनी सैनिकों की इस करतूत के वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किए हैं। फिलीपीन अधिकारियों ने चीन को लताड़ लगाते हुए इसे समुद्री लूट करार दिया। वीडियो में चीनी सैनिकों की लूटपाट देखी जा सकती है। वे फिलीपीन सैनिकों पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला कर रहे हैं। बुधवार को फिलीपीन के सैन्य प्रमुख ने मांग की कि चीन विवादित तटवर्ती क्षेत्र में चीनी तटरक्षक द्वारा जब्त किए गए हथियार और उपकरण लौटाए तथा हमले में हुए नुकसान की भरपाई करे। उन्होंने इस हमले की तुलना दक्षिण चीन सागर में समुद्री लूट की घटना से की। फिलीपीन के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को आठ से अधिक मोटरबोट पर सवार चीनी तटरक्षक कर्मियों ने फिलीपीन की नौसेना की दो नौकाओं को बार-बार टक्कर मारी और उन पर चढ़ गए। चीनी सैनिक चाकू और कुल्हाड़ी लेकर टूट पड़े, लूटपाट की फिलीपीन अधिकारियों के मुताबिक, चीनी तटरक्षक कर्मियों ने फिलीपीन नौसेना कर्मियों को दक्षिण चीन सागर में अपनी नावों से रोक दिया। इन क्षेत्रों पर चीन अपना दावा करता आया है। चीनी सैनिकों ने पहले फिलीपीनो सैनिकों की नावों को टक्कर मारी और फिर वे हथियार लहराते हुए उनकी नावों में कूद गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि चीनी कर्मियों ने नौकाओं को जब्त कर लिया और फिलीपीन सैनिकों पर हमला किया। चीनी सैनिक उनकी सेना के कई उपकरणों, आठ एम4 राइफलें भी अपने साथ लूटकर ले गए। फिलीपीन सैनिकों में मच गया हाहाकार फिलीपीन सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल रोमियो ब्रॉनर जूनियर ने बाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चीन की सेना ने जो किया जो भुलाया नहीं जा सकता। यह दक्षिण चीन सागर में एक प्रकार की लूट थी। इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी। हम चीन से अपने हथियार वापस करने की मांग करते हैं।’’ उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने चाकुओं से हमारे जहाजों पर हमला बोल दिया। हथोड़े से जहाजों को नुकसान पहुंचा। हमले में कई फिलिपिनो नौसेना कर्मी घायल हो गए। एक का लड़ाई में दाहिना अंगूठा कट गया। फिलीपीन सेना द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में चीनी सैनिक फिलीपीनी नौसेना कर्मियों और उनके जहाजों पर चाकू से दो फिलीपीन नौसेना नौकाओं को घेरते हुए देखा जा सकता है। दोनों ओर से सैनिक एक-दूसरे पर चिल्लाते हैं। सायरन बजते हुए सुनाई दे रहे हैं। चीनी कर्मी फिलिपीन नौकाओं को तोड़ने की कोशिश करते हैं।  

किसानों को कृषि मंत्री शिवराज की बड़ी सौगात, 14 फसलों की MSP बढ़ाई, किसानों को होगा इतना फायदा

Hemant Cabinet meeting on September 6: Important decisions expected

नई दिल्ली मोदी सरकार ने  किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. मोदी कैबिनेट ने खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानी MSP बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. खरीफ की 14 फसलों की MSP को बढ़ा दिया गया है. धान का MSP बढ़ाकर 2300 रुपये किया गया है.  सरकार ने कहा कि 2024-25 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है, ताकि उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके. केंद्रीय कैबिनेट की दूसरी बैठक आयोजि की गई. इसमें 5 बड़े फैसले लिए गए है. आपको बता दे खरीफ की फसलों की MSP बढ़ाने का ऐलान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया. उन्होंने कहा कि “खरीफ सीजन शुरू हो रहा है, किसानों को प्राथमिकता देते हुए 14 फसलों पर MSP कैबिनेट ने अप्रूव किया है. सरकार का मानना है कि MSP कम से कम 1.5 गुना होनी चाहिए. धान की नई MSP को 2300 रुपये किया गया है. इसमें 117 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. 2013-14 में धान की MSP 1310 रुपये थी. किन फसलों पर है कितनी MSP? रागी की MSP 4290 रुपये, मक्के की MSP 2225 रुपये, मूंग की 8682 रुपये की गई है. तूर दाल की MSP 7550 रुपये की गई है. उरद दाल की नई MSP 7400 और मूंगफली के तेल की MSP 6783 रुपये की गई है. इसके साथ ही दो लाख गोदाम बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है. कपास की MSP 7121 रुपए की गई है. इसमें 501 रुपये बढ़ाया गया है. पहले इसकी एमएसपी 7121 थी. ज्वार, धान, बाजरा, रागी, मक्का, तूर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन और तिल के एमएसपी में वृद्धि की गई है. मोदी जी जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने मोदी कैबिनेट की सराहना करते हुए कहा  “14 प्रकार की फसलों पर एमएसपी में जो वृद्धि की है, वह इस बात का उदाहरण है कि मोदी जी जो कहते हैं. वह करके दिखाते हैं. इस एमएसपी वृद्धि से अन्नदाताओं को दी गई मोदी जी की पहली गारंटी पूर्ण होती है. मैं अपनी व मध्य प्रदेश सरकार की ओर से देश व प्रदेश के सभी किसान भाइयों को बधाई देता हूं”. उन्होंने यह भी कहा की “किसानों की आए बढ़नी चाहिए, उनके जीवन में बदलाव आना चाहिए. हम हर साल अपनी योजना के टहत 6 हजार रुपए किसानों के एकाउंट में डालते है. इस कदम के बाद किसान के जीवन में आर्थिक मदद होगी.  

NEET पेपर लीक कांड में अब आय तेजस्वी के PS का नाम, मास्टरमाइंड सिकंदर के लिए बुक करवाया था कमरा

नईदिल्ली /पटना नीट पेपर लीक मामले में एक तरफ सुप्रीम कोर्ट लगातार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है तो दूसरी तरफ इस लीक कांड में पकड़े गए आरोपियों द्वारा नए नए खुलासे किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 को रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और अन्य से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नीट यूजी 2024 के संचालन में किसी भी लापरवाही की जिम्मेदारी लेने का आदेश दिया। इसके अलावा, एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय को बताया है कि कथित अनियमितताओं से लाभ उठाने के लिए जांच के दायरे में आए पटना और गोधरा के परीक्षार्थियों को उनके अंकों के विश्लेषण के अनुसार कोई असामान्य लाभ नहीं मिला है। इस बीच, शीर्ष अदालत ने एनटीए को परीक्षा समय के नुकसान से प्रभावित 1563 उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। NEET UG 2024 रीटेस्ट के लिए नए एडमिट कार्ड संबंधित छात्रों को सीधे उनके पंजीकृत ईमेल पते पर भेजे जाएंगे। दूसरी तरफ पकड़े गए आरोपियों अनुराग यादव, सिकंदर यादव और लीक कांड के मास्टरमाइंड अमित आनंद के कबूलनामे से कई बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर मिलने की बात को कबूल किया है। अगर आप ने या आपके परिवार में से किसी ने नीट एग्जाम दिया था. विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव का लिया नाम विजय सिन्हा ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Yadav) के निजी सचिव प्रीतम ने यादवेंदु के स्वजनों के लिए गेस्ट हाउस का कमरा बुक कराया था। मैं बार-बार कहता रहा हूं और एक बार फिर कह रहा हूं कि राजद की मानसिकता ही भ्रष्टाचार, परिवारवाद एवं घोटाले की रही है। उल्लेखनीय है कि नीट परीक्षा मामले में एनएचएआई के गेस्ट हाउस में छात्रों के ठहराने में एक मंत्री का नाम सामने आ रहा है। वहां ठहरे छात्र अनुराग यादव के नाम के आगे ब्रैकेट में ‘मंत्रीजी’ लिखा हुआ था। ‘मंत्रीजी’ के पत्र की चर्चा सामने आने के बाद विजय सिन्हा ने बड़ा दावा भी किया है। उन्होंने कहा है कि साल्वर गैंग के तार राजद से जुड़े हुए हैं। जो लोग पकड़े गए, वे तेजस्वी यादव से जुड़े हैं। अपराधियों को संरक्षण देना राजद की मानसिकता में है।

स्किल जनगणना कराई जाती है तो आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायड ने हाल ही में अपने राज्य में स्किल सेंसस कराने की बात कही है। चंद्रबाबू नायडू ने इंडिया गठबंधन के एजेंडे की आलोचना करते हुए कहा कि जाति जनगणना के बजाय कौशल जनगणना की ज्यादा जरूरत है। अगर नायडू की यह योजना रंग लाती है तो इस तरह की जनगणना कराने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। यह जनगणना हमें हमारे वर्कफोर्स की कैपेसिटी और खामियों को उजागर कर सकेगी। माना जा रहा है कि नायडू की इस पहल से मानव संसाधान का भरपूर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर नायडू की इस पहल का स्वागत किया जा रहा है। ज्यादातर लोग इसे पूरे भारत में लागू करने की बात कर रहे हैं। दरअसल, आज जब हर ओर जब जाति जनगणना, धर्म आधारित जनगणना की बात हो रही है तो ऐसे में नायडू की यह पहल बेहद क्रांतिकारी साबित हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, नायडू की यह पहल इतनी अच्छी है कि यह पूरे देश के लिए नजीर बन सकती है। भारत में डिग्रीधारी बहुत, मगर नौकरियों के लिए फिट नहीं कौशल के मामले में भारत में मिली-जुली स्थिति है। भारत में आधी से ज़्यादा आबादी 25 साल से कम उम्र की है। यह बहुत बड़ी संभावना है। हालांकि, भारतीय युवा बेरोजगारी और कम रोजगार के हाई रेट का सामना कर रहे हैं। बहुत से लोगों के पास डिग्री तो है, लेकिन उपलब्ध नौकरियों के लिए जरूरी कौशल की कमी है। आागे बढ़ने से पहले ग्राफिक से ये समझते हैं कि देश में बेरोजगारी की क्या स्थिति है। ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी चरम पर पीरियड लेबर फोर्स सर्वे, 2022-23 के अनुसार, ग्रेजुएट करने वाले युवाओं में बेरोजगारी की दर काफी ज्यादा है। इनमें 24 फीसदी के साथ आंध्र प्रदेश नंबर वन पर है। वहीं, बीमारू राज्यों में बेरोजगारी दर 16.6 फीसदी के साथ बिहार, 11 फीसदी के साथ उत्तर प्रदेश, 9.3 फीसदी के साथ मध्य प्रदेश और 23.1 फीसदी के साथ राजस्थान है। जरूरत के मुताबिक लोगों को स्किल ट्रेनिंग स्किल सेंसस से हम सटीक रूप से पता लगा सकते हैं कि देश भर की अलग-अलग इंडस्ट्री में किस तरह के कौशल की कितनी कमी है। इसे हम ट्रेनिंग देकर पूरी कर सकते हैं। मान लीजिए- किसी इंडस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ट्रेंड लोगों की जरूरत है। ऐसे में हम ज्यादा लोगों को एआई की ट्रेनिंग देकर उस इंडस्ट्री की जरूरत पूरी कर सकते हैं। आगे बढ़ने से पहले ये ग्राफिक देख लीजिए। वैश्विक कौशल की जरूरतों को पूरा करने में मददगार स्किल सेंसस से वैश्विक स्तर पर किन स्किल्स की डिमांड ज्यादा है, इसका पता लगाया जा सकता है। इससे कोई भी देश अपने वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देकर इन्हें ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि के अनुसार, नायडू की इस पहल का पूरे देश में स्वागत होना चाहिए। पीएम मोदी को भी इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए, ताकि भारत को अपने मानव संसाधन के बारे में सटीक जानकारी हो। यह भी जानकारी हो पाएगी कि यह मानव संसाधन कितना स्किलफुल है। जो स्किल चाहिए, उसके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करना स्किल जनगणना से प्रभावी ट्रेनिंग प्रोग्राम डेवलप किया जा सकता है। ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जा सकते हैं, जो जरूरी स्किल्स को पूरी कर सके। ऐसा तभी किया जा सकता है, जब स्किल सेंसस से इस बारे में पता लग सके कि कितने लोग स्किल से लैस हैं। दुनिया में फिनलैंड ज्यादा स्किल वाला देश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ह्मून कैपिटल इंडेक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा स्किल आबादी वाला देश फिनलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं, जो पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर हैं। इन देशों में प्राइमरी स्कूलों की व्यवस्था काफी अच्छी है। युवाओं की साक्षरता बेहद अच्छी है और ऐसी पढ़ाई या ट्रेनिंग दी जाती है, जो उन्हें हर तरह की स्किल के लिए तैयार करती है। प्रोफेसर गिरि के अनुसार, भारत भी अगर स्किल सेंसस कराए और अपनी आबादी को इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार करे तो यह स्विट्जरलैंड या नॉर्वे जैसा देश बन सकता है। जाति-धर्म आधारित जनगणना से जरूरी है स्किल सेंसस दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर राजीव रंजन गिरि कहते हैं कि आंध्र प्रदेश में स्किल सेंसस की पहल काफी अच्छी योजना है। इससे सिर्फ आंध्र ही नहीं, पूरे भारत की तस्वीर बदल सकती है। जब हमें यह पता होगा कि हमारा वर्कफोर्स कितनी तरह की स्किल से लैस है तो हम दुनिया के दूसरे देशों को मनमुताबिक मानव संसाधनों को लेकर तोल-मोल कर सकते हैं। तब यह वर्कफोर्स सिर्फ लेबर नहीं रह जाएगा। वह अपनी शर्तों पर काम कर पाएगा। पीएम मोदी को स्किल सेंसस पूरे भारत में करानी चाहिए। जो मौजूदा राजनीति में जाति-धर्म आधारित जनगणना से इतर एक अलग नजीर पेश करेगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से आगे की बात प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को प्रधानमंत्री यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने इस योजना को जुलाई 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) देने की योजना बनाई गई थी। इस योजना का मकसद ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। इस योजना में तीन महीने, छह महीने और एक साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है।  

इजरायली PM नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को दिखाए तेवर, जाने क्या था कारण

तेलअवीव गाजा में चल रही भीषण जंग के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से नाराज़ हैं. उन्होंने बाइडेन प्रशासन पर गोलाबारूद और हथियार नहीं देने का आरोप लगाया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिका को अपना सबसे करीबी दोस्त बताते हुए युद्ध में साथ देने के लिए उसकी तारीफ की तो वहीं ये शिकायत भी की है कि पिछले कुछ महीनों से बाइडेन प्रशासन हथियार देने में देरी कर रहा है, जो हैरान करने वाला है. गाजा में 7 अक्टूबर के बाद से इजरायली हमले लगातार जारी है. हमास के खात्में के नाम पर इजरायली सेना ने अब तक करीब 37 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों को मार डाला है. ये सिलसिला अब भी जारी है. मरने वालों में ज़्यादातर महिलाओं और बच्चे शामिल हैं. लिहाज़ा इसको देखते हुए बाइडेन प्रशासन ने चिंता ज़ाहिर की थी और फिर मई के बाद से उन्होंने हथियारों की आपूर्ति में देरी करनी शुरू कर दी, जो नेतन्याहू नागवार गुजरी है. इस बीच युद्धविराम की तमाम कोशिशें भी की गई हैं, लेकिन कामयाबी हासिल नहीं हुई. इसके बावजूद अमेरिका, मिस्र और कतर के राष्ट्राध्यक्ष लगातार कोशिश कर रहे हैं. दूसरी तरफ इजरायली प्रधानमंत्री बेजामिन नेतेन्याहू अपनी ज़िद पर अड़े हुए हैं. खुद अपने ही देश में तमाम विरोधों के बाजूद वो युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं. हमास के खात्में तक युद्ध जारी रखने का बात कह रहे हैं. उधर हमास पर अपनी शर्तों पर सीजफायर चाहता है. गाजा पर इजरायली हवाई हमले में मारे गए 6 लोग गाजा में ताजा इजरायली हमले में नुसीरत शरणार्थी कैंप में रह रहे 6 लोगों की मौत हो गई. अचानक हुए इन हमलों के बाद कैंप में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. लोग मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुट गए. लेकिन सभी 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. गाजा में फैले दहशत के इस माहौल में हमले के समय मौके पर मौजूद लोगों की माने तो एक तेज विस्फोट हुआ और कई इमारतें जमींदोज हो गई. बडे पैमाने पर नुकसान हुआ है. इजरायल ने इससे पहले गाजा के रफाह पर भी हवाई हमले कर हमास के कई अड्डों को निशाना बनाया. इन हमलों में कई आतंकियों के मारे जाने का दावा किया. इसके साथ ही एक वीडियो जारी कर इजरायली सैनिकों के गाजा में अंदर तक सक्रिय होने का भी दावा किया. गाजा में मानवीय संकट की वजह से सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक हमलों पर रोक लगाई गई है. लेकिन इसके बावजूद इजरायली हवाई हमले में 17 फिलिस्तीनी मारे गए. इजरायल की राजधानी यरुशलम में प्रदर्शन जारी इस जंग ने गाजा में भूखमरी का सामना कर रहे फिलिस्तीनियों को भोजन, दवा और दूसरी कई आपूर्ति के प्रवाह को भी रोक दिया है. इससे हमलों में मारे जाने वाले लोगों के साथ कई लोग बीमारी और भूखमरी का भी शिकार हो रहे हैं. इस वजह से गाजा के बाहर भी इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. यहां तक कि इजरायल की राजधानी यरुशलम में हजारों प्रदर्शनकारियों ने पीएम नेतन्याहू की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की है.

NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा आरोपी अनुराग यादव का कुबूलनामा सामने आया

नई दिल्ली NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा हुआ है. अपराधी अनुराग यादव का कबूलनामा सामने आया है. उसने पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान में कहा है कि जो प्रश्न पत्र लीक हुआ, वही परीक्षा में आया एवं 100 प्रतिशत वही सवाल परीक्षा में पूछे गए थे. मेरे पास ये प्रश्न पत्र एक दिन पहले ही आ गया था. अनुराग ने बताया था कि फूफा ने सेटिंग करवाई थी तथा उसे कोटा से पटना बुलवाया था. रात में हर प्रश्न का उत्तर रटवाया गया था. परीक्षा के पश्चात् पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था. दरअसल, 4 जून को नीट परीक्षा का परिणाम आया तो पहली बार 67 ऐसे स्टूडेंट्स जो टॉपर बने एवं उन्हें 720 में से 720 अंक मिले. टॉपर्स की लिस्ट देखने के पश्चात् नीट परीक्षा में धांधली का मुद्दा उठाया गया. 13 जून को एनटीए ने फैसला लिया कि ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी, किन्तु अभी भी छात्रों का गुस्सा थमा नहीं है. बिहार एवं गुजरात से सामने आई पेपर लीक की खबरों से एनटीए की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े हो गए हैं, इसीलिए छात्र मामले में CBI जांच की मांग कर रहे हैं. धांधली के मामले में पटना एवं पंचमहल से कई गिरफ्तारियां हुई हैं. पटना में 13 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें 4 छात्र सम्मिलित हैं. पुलिस छानबीन में पता चला कि पेपर लीक हुआ था तथा गैंग ने बच्चों को पास कराने के लिए लाखों रुपए वसूले थे. पंचमहल में भी छात्रों से लाखों रुपए वसूले गए तथा गैंग ने सही जवाब भरकर ऑसर शीट जमा की. वही इस मामले में पुलिस की जांच पटना के जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु तक पहुंची. उससे पूछताछ की गई तो कई हैरान करने वाले खुलासे हुए. उसने बताया कि परीक्षा धांधली में उसकी भी संलिप्तता है तथा अपने भतीजे अनुराग यादव के लिए उसने गड़बड़ी में भूमिका निभाई है. पटना के शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने अनुराग यादव से पूछताछ की तथा उसके इकबालिया बयान दर्ज किए हैं. अनुराग ने दावा किया है कि केंद्र पर परीक्षा के दिन वही पेपर मिला, जो एक दिन पहले ही उसे प्रदान करा दिया गया था. रातभर उसे हर प्रश्न रटवाया गया. 100 प्रतिशत वही सवाल पूछे गए थे. अनुराग ने क्या बयान दर्ज करवाए हैं:- ”मेरा नाम अनुराग यादव (22 वर्ष) है. मैं परिदा थाना हसनपुर, जिला समस्तीपुर का रहने वाला हूं. मैं अपनी सफाई का बयान बिना भय या दबाव, बिना लोभ लालच के शास्त्रीनगर थाने में दरोगा तेज नारायण सिंह के समक्ष दे रहा हूं. मैं नीट की परीक्षा की तैयारी कोटा में एलेन कोचिंग सेंटर में रहकर कर रहा था. मेरे फूफा सिंकदर यादवेंदु नगर परिषद दानापुर में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. मेरे फूफा द्वारा बताया गया कि 5 मई 2024 को नीट की परीक्षा है. कोटा से वापस आ जाओ. परीक्षा की सेटिंग हो चुकी है. मैं कोटा से वापस आ गया और मेरे फूफा ने 4 मई 2024 की रात्रि में अमित आनंद, नीतीश कुमार के पास मुझे छोड़ दिया. यहां पर नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दिया गया. रात्रि में पढ़वाया और रटवाया गया. मेरा सेंटर डीवाई पाटिल स्कूल में था. मै स्कूल में परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र रटवाया गया थाा, वही प्रश्न सही- सही परीक्षा में मिल गया. परीक्षा के उपरांत अचानक पुलिस आई और मुझे पकड़ लिया. मैंने अपना अपराध स्वीकार किया. यही मेरा बयान है.” यूजीसी नेट की परीक्षा रद्द वहीं यूजीसी नेट 2024 परीक्षा में गड़बड़ी के कारण शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा को रद्द कर दिया है. साथ ही मामले की जांच सीबीआई को दी है. वहीं नीट यूजी पेपर लीक मामले में अनुराग के बयान के बाद परीक्षा रद्द होने की संभावना जताई जा रही है.

IIT Bombay में नाटक में राम-सीता के अपमान का आरोप, छात्रों पर लगाया 1.2 लाख का फाइन

 मुंबई आईआईटी बॉम्बे ने रामायण पर कथित तौर पर आपत्तिजनक नाटक का मंचन करने के लिए छात्रों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. इस नाटक का मंचन आईआईटी बॉम्बे के सालाना आर्ट फेस्टिवल में 31 मार्च को किया गया था. आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने ‘राहोवन’ नाम के नाटक में हिस्सा लिया था. इस नाटक को लेकर कुछ शिकायतें मिली थीं. आरोप है कि नाटक में छात्रों ने राम और सीता के किरदारों को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाया था. हालांकि, छात्रों का समर्थन करने वाले छात्रों का कहना है कि यह नाटक प्रगतिशील था, जिसे सभी ने काफी सराहा. इस नाटक को लेकर की गई शिकायतों में कहा गया है कि इससे हमारी संस्कृति और धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. इन शिकायतों के बाद अनुशासनात्मक समिति की बैठक बुलाई गई. जिन छात्रों के खिलाफ शिकायतें की गई हैं, उन छात्रों को भी इस बैठक में बुलाया गया था. इस दौरान काफी विचार-विमर्श के बाद समिति ने कड़ा एक्शन लेने का फैसला लिया. इसके तहत सीनियर छात्रों पर 1.2-1.2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. जूनियर छात्रों पर 40,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. साथ ही उन्हें होस्टल सुविधाओं से भी महरूम कर दिया गया. कहा जा रहा है कि इस मामले में सात छात्रों को दंडित किया गया है. छात्रों के खिलाफ इस एक्शन पर आईआईटी बॉम्बे ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.  

ट्रूडो सरकार ने ईरान की आईआरजीसी को आतंकी लिस्ट में शामिल करने का लिया फैसला

ओटावा कनाडा ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आंतकी संगठन घोषित कर दिया है. इसके साथ ही अपने नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ देने का अनुरोध किया है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि IRGC अब कनाडा में आतंकी ग्रुप की लिस्ट में शामिल हो गया है. जस्टिन ट्रूडो की कनाडा सरकार ने इस फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि इस कदम से टेरर फंडिंग को रोकने में मदद मिलेगी. कनाडाई सरकार ने जारी बयान में कहा कि आईआरजीसी को आतंकी लिस्ट में शामिल करने से एक सशक्त संदेश गया है कि आईआरजीसी की सभी आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए कनाडा हरसंभव प्रयास करेगा. हालांकि, कनाडा के इस कदम पर अभी तक ईरान की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है. बता दें कि सालों से कनाडा की विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी प्रधानमंत्री ट्रूडो से आआईआरजीसी को ब्लैकलिस्ट करने का अनुरोध कर रही है. कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मंत्री डोमिनिक लेब्लैंक ने बुधवार को कहा कि इस फैसले के पीछे ईरान के मानवाधिकार रिकॉर्ड एक प्रमुख कारण है. उन्होंने बयान में कहा कि ईरान की सरकार लगातार देश के भीतर और बाहर मानवाधिकारों को धत्ता बताती रही है.   क्या है IRGC? IRGC की स्थापना इस्लामिक क्रांति के तुरंत बाद हुई थी, जिसे सिपाह-ए-पासदरन भी कहा गया. उस समय ये एक छोटी सेना थी, जिसमें पारंपरिक लड़ाके नहीं, बल्कि ऐसे लोग शामिल थे जो देश में इस्लामिक क्रांति चाहते थे. ईरान इससे पहले काफी आधुनिक देश हुआ करता था. लेकिन ऐसे में इस्लामिक कानूनों का काफी विरोध भी हुआ. IRGC का मकसद इसी विरोध को खत्म करना था. बाद में इस गुट को ईरानी कानून में वैध मान लिया गया. यहां तक कि उसे इतनी ताकत दे दी गई कि वो पॉलिटिकल और आर्थिक मामलों में हस्तक्षेप कर सके. यह किसी अन्य देश की पारंपरिक सेनाओं की तरह नहीं है बल्कि ये ईरान की स्पेशल वैकल्पिक फोर्स है. सेना प्रमुख दावा करते हैं कि उनके पास एक लाख 90 हजार एक्टिव सैनिक हैं, जो जमीन, समुद्र और हवा तीनों जगहों पर काम करते हैं. ये सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को रिपोर्ट करती है. फोर्स की ताकत का अनुमान इससे लगा सकते हैं कि ये ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम भी चलाती है. बता दें कि ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ईरान के लिए धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर लड़ने वाली सेना है. ये घरेलू संकट के साथ विदेशी खतरों की स्थिति में इस्लामिक राष्ट्र के हितों की रक्षा करती है. ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन ईरान की इस स्पेशल फोर्स को जल्द ही आतंकी संगठन घोषित करने की तैयारी में हैं. IRGC को आतंकी घोषित करने से क्या होगा? सेना को आतंकी संगठन घोषित करने से एक बड़ा फर्क ये आएगा कि ईरान की इस स्पेशल फोर्स से जुड़ना या इसका समर्थन करना अपराध हो जाएगा. इसके अलावा जिस देश में भी इसकी संपत्तियां घोषित हैं, उन्हें फ्रीज कर दिया जाएगा. इसके साथ ही इस संगठन को कोई भी नागरिक या कारोबारी संस्था किसी भी तरह की आर्थिक मदद नहीं कर सकेगा. किन-किन देशों में आतंकी घोषित है IRGC     ईरान की स्पेशल आईआरजीसी फोर्स को अमेरिका ने साल 2019 में टेरर गुट घोषित कर दिया था क्योंकि ये हिज्बुल्लाह समेत मिडिल ईस्ट में कई आतंकवादी संगठनों को बनाने के लिए जिम्मेदार रहा. उसके समेत यूरोपियन यूनियन ने IRGC पर आरोप लगाया कि उसने सऊदी अरब में ड्रोन हमला कर तेल भंडार को काफी नुकसान पहुंचाया था. इराक में तैनात 6 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की हत्या के लिए ट्रंप प्रशासन ने इसी सैन्य समूह को जिम्मेदार मानते हुए साल 2019 में इसे टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन घोषित कर दिया था.  

Mecca में भीषण गर्मी ने ली हज यात्रियों की जान, अबतक 90 भारतीयों की हुई मौत

District level volleyball competition was organised in Life Career School.

 नई दिल्ली सऊदी अरब के मक्का में गर्मी का सितम थमता नहीं दिख रहा है. भीषण गर्मी और हीटवेन के बीच अब तक यहां 90 भारतीयों सहित अलग-अलग देशों के 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इन मौतों कारण हीटवेव या इलनेस (कोई बीमारी) बताया जा रहा है. सभी लोगों की मौत नेचुरली हुई है. यानी इनमें से कोई भी हादसे का शिकार नहीं हुआ है और ना ही किसी के भी शरीर पर चोट के कोई निशान पाए गए हैं. सामने आए आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या 323 मिस्र के लोगों की है. सऊदी अरब के राजनयिकों की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि मिस्र के सभी लोगों के मरने की वजह भीषण गर्मी है. हालांकि, इनमें सिर्फ एक शख्स ऐसा है, जिसकी मौत भीड़ के कारण चोट लगने से हुई है. वहीं, मृतकों में से 60 लोग जॉर्डन के भी रहने वाले हैं. मक्का के मुर्दाघर में 570 शव अरब के राजनयिकों के मुताबिक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 577 हो गया है. इनमें से 570 शव मक्का के सबसे बड़े मुर्दाघर में रखे गए हैं. बता दें कि इस साल हज 14 जून को शुरू होकर 19 जून को खत्म हुआ है. पिछले साल भी हुई थी मौतें हालांकि ऐसा नहीं है कि हज पर जाने वाले यात्रियों की मौत के मामले पहली बार सामने आए हैं. अब तक जहां हज पर गए 90 भारतीयों की जन गई है तो वहीं पिछले साल इस समय तक मरने वालों का आंकड़ा 101 तक पहुंच गया था. हर दशकबढ़ रहा तापमान बता दें कि हज इस्लाम के 5 प्रमुख स्तंभों में से एक है. आर्थिक और शारीरिक रूप से सक्षम हर मुसलमान के लिए जीवन में एक बार हज करना अनिवार्य माना जाता है. हज यात्रा जलवायु परिवर्तन के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. पिछले महीने प्रकाशित सऊदी अरब के एक शोध में कहा गया कि हज करने वाले इलाके का तापमान हर दशक 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ रहा है. सऊदी के मौसम विभाग ने बताया कि 17 जून को मक्का की ग्रैंड मस्जिद के पास तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था.

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