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2024 में Swiggy से सबसे ज्यादा मंगाया गई डिश, हर सेकंड मिले 2 ऑर्डर

मुंबई स्विगी ने 2024 के लिए अपनी साल के अंत की रिपोर्ट जारी की है, जो विभिन्न खाद्य-संबंधी रुझानों के बारे में जानकारी देती है। (ध्यान दें कि सभी आँकड़े 1 जनवरी, 2024 और 22 नवंबर, 2024 के बीच एकत्र किए गए डेटा पर आधारित हैं)। पिछले साल की तरह, बिरयानी भारत में ऑर्डर की जाने वाली सबसे लोकप्रिय डिश बन गई है – विशेष रूप से इस डिलीवरी ऐप के माध्यम से। स्विगी ने 2024 में 83 मिलियन बिरयानी ऑर्डर किए। इसने बताया कि इसका मतलब है कि देश में प्रति मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर की गईं (लगभग हर सेकंड में 2 ऑर्डर)। बिरयानी के बाद, स्विगी ने डोसा की लोकप्रियता पर प्रकाश डाला, जिसके इस साल 23 मिलियन ऑर्डर किए गए। स्विगी ने सबसे पसंदीदा डिश के बारे में अन्य आँकड़े भी दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चिकन बिरयानी इस व्यंजन का सबसे पसंदीदा संस्करण है। इस साल स्विगी को इसके लिए 49 मिलियन ऑर्डर मिले। इन स्विगी ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा भारत के दक्षिणी राज्यों के लोगों का है। हैदराबाद 2024 में 9.7 मिलियन बिरयानी ऑर्डर के साथ “बिरयानी लीडरबोर्ड” में सबसे ऊपर है। इसके बाद बेंगलुरु (7.7 मिलियन ऑर्डर) और चेन्नई (4.6 मिलियन) का स्थान है। हर मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर साल 2024 खत्म होने वाला है और नए साल (New Year 2025) की शुरुआत होने वाली है. इस बीच फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने साल 2024 खत्म होने से पहले अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 1 जनवरी 2024 से 22 नवंबर 2024 के बीच किए गए ऑर्डर में सबसे फेवरेट व्यंजनों के बारे में बताया गया है. 8.3 करोड़ ऑर्डर्स के साथ Biryani इस साल भी भारत में ऑर्डर किए जाने वाले सबसे पसंदीदा डिश बनी है. स्विगी के मुताबिक, देश में हर मिनट 158 प्लेट बिरयानी के ऑर्डर मिले हैं.  बिरयानी के ऑर्डर में सबसे आगे हैदराबाद रहा है, जहां पर 97 लाख बिरयानी ऑर्डर की गईं. डोसा दूसरे पायदान पर पहुंचा बिरयानी के बाद सबसे ज्यादा जो डिश ऑर्डर की गई है, वो Dosa है, जिसके ऑर्डर का आंकड़ा 1 जनवरी से 22 नवंबर के बीच 23 मिलियन या 2.3 करोड़ ऑर्डर रहा है. Swiggy की रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म की क्विक डिलीवरी सर्विस, बोल्ट ने भी सुर्खियां बटोरीं. बीकानेर में, मिठाई के शौकीन व्यक्ति को महज 3 मिनट में आइसक्रीम के तीन फ्लेवर मिले, जो स्विगी के संचालन की गति को प्रदर्शित करता है. इस साल मिठाइयों में रसमलाई और सीताफल आइसक्रीम पसंदीदा रहे. एक व्यक्ति खा गया ₹50000 का पास्ता बिरयानी में चिकन बिरयानी सबकी पहली पसंद बनी. तो इसके साथ ही स्विगी के ग्राहकों के फेवरेट फूड लिस्ट में पास्ता को भी शामिल किया गया है, इसकी लोकप्रियता ऐसी रही, कि बेंगलुरु के एक अकेले यूजर ने ही अलग-अलग टेस्ट की पास्ता डिश पर 49,900 रुपये खर्च डाले. रिपोर्ट के मुताबिक, आधी रात को 12 से 2 बजे के बीच ऑर्डर की जाने वाली सबसे पसंदीदा डिश में चिकन बर्गर पहली, जबकि बिरयानी दूसरी थी. मुंबई के कपिल ने पहुंचाए सबसे ज्यादा ऑर्डर स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर सिद्धार्थ भाकू ने कहा कि साल 2024 वास्तव में स्वादिष्ट रोमांच से भरपूर वर्ष रहा. हमें अपनी इस यात्रा के केंद्र में होने पर गर्व है, जिससे भारत भर में लाखों लोगों को उनके पसंदीदा व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका स्विगी के जरिए मिला. उन्होंने कहा कि स्विगी के डिलीवरी पार्टनरों (Swiggy Delivery Partners) वास्तव में 2024 के गुमनाम नायक बने, जिन्होंने सामूहिक रूप से 1.96 अरब किलोमीटर की यात्रा डिलीवरी करने के दौरान की. स्विगी ने अपनी रिपोर्ट में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की लिस्ट में टॉप पर कपिल कुमार पांडे रहे, जिन्होंने मुंबई में 10,703 डिलीवरी पूरी की और कोयंबटूर की कलीश्वरी एम 6,658 ऑर्डर के साथ महिला डिलीवरी पार्टनर्स में सबसे अव्वल रहीं. स्विगी के अनुसार, रात 12 से 2 बजे के बीच की भूख मिटाने के लिए बिरयानी दूसरी सबसे लोकप्रिय पसंद थी। चिकन बर्गर पहली पसंद थे। ट्रेनों में सबसे ज़्यादा ऑर्डर किए जाने वाले खाने में बिरयानी भी शामिल थी (स्विगी ने IRCTC के साथ मिलकर ट्रेन रूट पर खास स्टेशनों पर डिलीवरी के लिए एक समर्पित फीचर का इस्तेमाल किया है)। साल की शुरुआत में, स्विगी ने यह भी खुलासा किया था कि भारत में रमज़ान 2024 के दौरान प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए बिरयानी की लगभग 6 मिलियन प्लेटें ऑर्डर की गईं। सबसे ज़्यादा ऑर्डर हैदराबाद शहर में किए गए, जहाँ इस अवधि के दौरान स्विगी पर बिरयानी की एक मिलियन से ज़्यादा प्लेटें ऑर्डर की गईं (अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें )। स्विगी की साल के अंत की रिपोर्ट से एक और दिलचस्प जानकारी एक ख़ास खाने के शौकीन के इस व्यंजन के प्रति प्रेम के बारे में थी। कोलकाता में एक स्विगी उपयोगकर्ता ने 1 जनवरी, 2024 को सुबह 4.01 बजे बिरयानी ऑर्डर की, जिसने साल की एक स्वादिष्ट शुरुआत को चिह्नित किया!

देश के अंदर कारों को खरीदना महंगा हो जाएगा, सरकार ने बढ़ाया GST, कीमतों में 4% तक का इजाफा होने वाला है

नई दिल्ली 1 जनवरी, 2025 से देश के अंदर कारों को खरीदना महंगा हो जाएगा। लगभग सभी कंपनियां अपनी कारों की कीमतों में 4% तक का इजाफा करने वाली है। यानी 31 दिसंबर तक कार खरीदने का बढ़िया मौका है। हालांकि, इस बीच पुरानी कारों को खरीदना भी महंगा हो गया है। जी हां, बाजार में पुरानी कारों की डिमांड काफी ज्यादा है, लेकिन अब इन्हें खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। दरअसल, GST कांउसिल ने 55वीं बैठक में यूज्ड कारों पर लगने वाले टैक्स को 12% से बढ़ाकर 18% करने का फैसला किया है। काउंसिल की तरफ से तय किए गए नए रेट ओल्ड व्हीकल सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों या डीलर्स की ओर से खरीदे जाने वाले व्हीकल पर ही लागू होंगे। यदि आप रजिस्टर्ड डीलर के जरिए अपनी यूज्ड कार बेच रहे हैं, तो यह GST लागू होगा। अगर आप सीधे कार बेच रहे हैं, तो आपको यह GST नहीं देना होगा। इस तरह आपको सही कीमत तय करने के वक्त यह बात अपने दिमाग में रखनी होगी। यूज्ड कारों पर GST की नई दर पर्सनल खरीदारों पर लागू नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि अगर आप किसी शख्स से डायरेक्ट पुरानी कार खरीदते हैं, तो आपको 18% GST की बजाय 12%ही टैक्स देना होगा। दूसरी तरफ, यूज्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल बेचने पर भी आपको 18% GST देनी होगी। हालांकि, नई EV की खरीद पर आपको 5% GST देनी होती है। GST रेट बढ़ने से नई और पुरानी कारों की कीमतों के बीच का अंतर ऐसे में कम होने वाला है। इसके अलावा पुरानी कारों की बिक्री भी प्रभावित होगी। मान लीजिए आप 18 लाख रुपए में कार खरीदते हैं। इसे किसी किसी दोस्त या रिश्तेदार या फिर जानकार को 13 लाख रुपए में बेचते हैं, तो कोई GST नहीं लगाया जाएगा। दूसरी तरफ, यदि कोई डीलर 13 लाख रुपए में कार खरीदता है और उसे 17 लाख रुपए में बेचता है, तो 18% GST केवल 4 लाख रुपए के प्रॉफिट मार्जिन पर देना होगा। इसका मतलब ये हुआ है कि अब पुरानी गाड़ी खरीदते समय फिर चाहे वो पेट्रोल, डीजल हो या फिर EV हो, 18% टैक्स प्रॉफिट मार्जिन पर देना होगा। कुल मिलाकर इससे सेकेंड कारों की कीमतों में इजाफा हो जाएगा।

अदाणी ग्रुप ने एविएशन सेक्टर में रखा कदम, Air Works से की 400 करोड़ रुपये की बड़ी डील

मुंबई बीते कुछ महीनों में भारतीय अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) अमेरिकी में कथित तौर पर लगाए गए आरोपों के चलते विवादों में घिरे रहे, लेकिन इस बीच भी उनका फोकस अपने कारोबार विस्तार पर लगा रहा. अब साल के अंतिम महीने में अडानी ग्रुप (Adani Group) की ओर से एक बड़ी डील की गई है. इसके तहत अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने Air Works India में मैजोरिटी हिस्सेदारी खरीदी है. 400 करोड़ में हुई है डील गौतम अडानी ने जिस एयर वर्क्स (Air Works) कंपनी की अधिग्रहण किया है, वह भारत की प्रमुख प्राइवेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस कंपनी है. यह अधिग्रहण अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (ADSTL) ने किया है औऱ इसके साथ ही कंपनी की एंट्री विमान मैंटिनेंस, रखरखाव और ओवरहाल (MRO) इंडस्ट्री में अडानी की एंट्री हो गई है. अडानी ग्रुप की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, ये पूरी डील 400 करोड़ रुपये में हुई है. कंपनी में खरीदी 85% से ज्यादा हिस्सेदारी इस 400 करोड़ रुपये की डील के जरिए अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने एयर वर्क्स में 85.8 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है और एग्रीमेंट साइन किए हैं. इस संबंध में अडानी ग्रुप की ओर से एक बयान जारी कर जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि ADSTL ने देश की सबसे बड़ी प्राइवेट एमआरओ कंपनी एयर वर्क्स में मैजोरिटी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए समझौते पर साइन किए हैं. बड़ी एयरलाइंस को सर्विस देती है कंपनी एयर वर्क्स इंडिया की स्थापना साल 1951 में की गई थी और ये देश की दिग्गज एयरलाइंस कंपनियों को सेवाएं देती है. इसकी कस्टमर लिस्ट में इंडिगो (IndiGo) और विस्तारा (Vistara) जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा लुफ्थांसा, टर्किश एयरलाइंस समेत एतिहाद जैसी इंटरनेशनल एयरलाइंस भी इससे सर्विसेज लेती हैं. इसके साथ ही एयर वर्क्स इंडियन नेवी और एयरफोर्स के विमानों की भी देखभाल करती है. इतनी है अडानी की नेटवर्थ कभी दुनिया के टॉप-3 अमीरों में शामिल रहे गौतम अडानी की 10 कंपनियां शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्टेड हैं और उनका कारोबार घर की रसोई से लेकर एयरपोर्ट्स तक फैला हुआ है. अगर संपत्ति की बात करें तो अडानी की नेटवर्थ (Gautam Adani Net Worth) ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, 75 अरब डॉलर है और इस आंकड़े के साथ दुनिया के टॉप अरबपतियों (World’s Top Billionaires) की लिस्ट में वे 19वें पायदान पर काबिज हैं. बीते 24 घंटे में उनकी संपत्ति में 249 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है.  

साल 2025 कितने दिन बंद रहेंगे स्‍कूल, ऑफिस और बैंक, कितने मिलेंगे लॉन्‍ग वीकेंड, जानिए

 बैंक यूजर्स के लिए जरूरी खबर है। नए साल में  जनवरी से दिसंबर महीने 40 से 50 दिन बैंक बंद रहने वाले है।इनमें त्यौहार, साप्ताहिक अवकाश और दूसरा चौथा शनिवार शामिल है। बैंक बंद रहने से चेकबुक पासबुक समेत कई बैंकिंग संबंधित काम प्रभावित हो सकते है, हालांकि ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी, जिनका आप उपयोग कर सकते है। दरअसल, भारत में बैंक की छुट्टियों में राष्ट्रीय अवकाश (राजपत्रित अवकाश) और सरकारी अवकाश (राज्य और केंद्र दोनों) शामिल हैं।  राज्य सरकार की बैंक छुट्टियां अलग अलग राज्यों में अलग-अलग होती हैं, जबकि केंद्र सरकार की बैंक छुट्टियाँ पूरे देश में एक जैसी रहती हैं।इनके अलावा भारतीय बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं।इसके अलावा क्षेत्रीय छुट्टियां किसी विशेष राज्य या क्षेत्र से संबंधित होती हैं। एक राज्य में किसी दिन बैंक अवकाश होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे राज्य में भी छुट्टी होगी Bank Holiday : जनवरी से अप्रैल     नए साल का दिन – 1 जनवरी     गुरु गोबिंद सिंह जयंती – 6 जनवरी     स्वामी विवेकानंद जयंती – 12 जनवरी     मकर संक्रांति / पोंगल – 14 जनवरी     मोहम्मद हज़रत अली / लुई-नगाई-नी का जन्मदिन – 14 जनवरी     गणतंत्र दिवस – 26 जनवरी     बसंत पंचमी – 2 फरवरी     गुरु रविदास जयंती – 12 फरवरी     महाशिवरात्रि – 26 फरवरी     होली – 14 मार्च     बैंक खातों का वार्षिक समापन – 1 अप्रैल     बाबू जगजीवन राम जयंती – 5 अप्रैल     महावीर जयंती – 10 अप्रैल     तमिल नव वर्ष – 14 अप्रैल Bank Holiday : मई से अगस्त     गुरु रवींद्रनाथ टैगोर जयंती – 7 मई     बुद्ध पूर्णिमा – 12 मई     ईद-उल-जुहा (बकरीद) – 7 जून     गुरु अर्जुन देव शहीदी दिवस – 10 जून     रथ यात्रा – 27 जून     मुहर्रम – 6 जुलाई     रक्षाबंधन – 9 अगस्त     स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त     जन्माष्टमी (वैष्णव) – 15 अगस्त     श्रीमंत शंकरदेव तिथि – 25 अगस्त     विनयगर चतुर्थी – 26 अगस्त Bank Holiday : सितंबर से दिसंबर     थिरुवोणम – 5 सितंबर     बैंक खातों का अर्ध-वार्षिक समापन – 1 अक्टूबर     महात्मा गांधी जयंती – 2 अक्टूबर     दशहरा – 2 अक्टूबर     दिवाली – 20 अक्टूबर     गोवर्धन पूजा – 22 अक्टूबर     छठ पूजा – 28 अक्टूबर     गुरु नानक जयंती – 5 नवंबर     क्रिसमस का दिन – 25 दिसंबर  वैकल्पिक या रेस्ट्रिक्टिड अवकाश     नया साल: 1 जनवरी (बुधवार)     गुरु गोबिंद सिंह जयंती: 6 जनवरी (सोमवार)     मकर संक्रांति/माघ बिहू/पोंगल: 14 जनवरी (मंगलवार)     बसंत पंचमी: 2 फरवरी (रविवार)     गुरु रविदास जयंती: 12 फरवरी (बुधवार)     शिवाजी जयंती: 19 फरवरी (बुधवार)     स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती: 23 फरवरी (रविवार)     होलिका दहन: 13 मार्च (गुरुवार)     डोलयात्रा: 14 मार्च (शुक्रवार)     राम नवमी: 16 अप्रैल (रविवार)     जन्माष्टमी (स्मार्त): 16 अगस्त (शुक्रवार)     गणेश चतुर्थी/विनायक चतुर्थी: 27 अगस्त (बुधवार)     ओणम या तिरुओणम: 5 सितंबर (शुक्रवार)     दशहरा (सप्तमी): 29 सितम्बर (सोमवार)     दशहरा (महाष्टमी): 30 सितम्बर (मंगलवार)     दशहरा (महानवमी): 1 अक्टूबर (बुधवार)     महर्षि वाल्मिकी जयंती: 7 अक्टूबर (मंगलवार)     करक चतुर्थी (करवा चौथ): 10 अक्टूबर (शुक्रवार)     नरक चतुर्दशी: 20 अक्टूबर (सोमवार)     गोवर्धन पूजा: 22 अक्टूबर (बुधवार)     भाई दूज: 23 अक्टूबर (गुरुवार)     प्रतिहार षष्ठी या सूर्य षष्ठी (छठ पूजा): 28 अक्टूबर (मंगलवार)     गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस: 24 नवंबर (सोमवार)     क्रिसमस की पूर्व संध्या: 24 दिसंबर (बुधवार) कब-कब मिलेंगे लॉन्‍ग वीकेंड 11 और 12 जनवरी को शनिवार व रविवार की छुट्टी है. 13 जनवरी को अवकाश ले लिया जाए तो 14 को मकर संक्रांति की छुट्टी मिल जाएगी. ऐसे में आप 11 से 14 जनवरी तक लॉन्‍ग वीकेंड पर जा सकते हैं. मार्च में 14 को होली है और 15 व 16 फरवरी को शनिवार व रविवार अवकाश है. इस तरह तीन दिन के लिए लॉन्‍ग ड्राइव पर जाया जा सकता है. इसी तरह 29 और 30 मार्च को शनिवार-रविवार है और 31 मार्च को ईद-उल-फितर की छुट्टी है. यानी तीन छुट्टियां इ‍क्‍ट्ठी हो रही है. अप्रैल में दो लॉन्‍ग वीकेंड मिलेंगे. 12,13,14 अप्रैल और 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे और 19-20 अप्रैल को शनिवार और रविवार है. 15 अगस्त में स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के बाद 16 और 17 अगस्त को शनिवार व रविवार की छुट्टी मिल जाएगी. सितंबर में 5 तारीख को ईद ए मिलाद की छुट्टी है तो 6 और 7 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी. Bank User इन Online सेवाओं की ले सकते है Help बैंक की छुट्टियों के दौरान कस्टमर्स ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर सकते है, क्योंकि यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking), इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) जैसी डिजिटल सेवाओं (Digital Banking) पर बैंक हॉलीडे का कोई असर नहीं होता है।     NET BANKING: बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए आप नेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें मनी ट्रांसफर ,बिलों का भुगतान और बैलेंस चेक की सुविधा उपलब्ध होती है।     Unified Payments Interface : पैसे ट्रांसफर करने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक सुरक्षित तरीका है आपको केवल UPI ऐप जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm आदि का इस्तेमाल करना होता है।     MOBILE BANKING: स्मार्टफोन पर बैंक की मोबाइल ऐप के जरिए आप कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जैसे फंड ट्रांसफर, मोबाइल रिचार्ज, यूटिलिटी बिल पेमेंट आदि।     ATM USE: पैसे निकालने, बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट प्राप्त करने के लिए एटीएम हमेशा उपलब्ध रहते हैं। एटीएम में कार्डलेस कैश विदड्रॉल जैसी सुविधाओं का भी उपयोग कर सकते हैं।

सेंसेक्स ने 800 अंक तो निफ्टी इंडेक्स ने भी 246 अंकों की छलांग लगाई

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) ने बीते सप्ताह की बड़ी गिरावट से उबरते हुए सोमवार को शानदार शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (Sensex) ओपन होने के कुछ ही मिनटों में 800 अंक से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (Nifty) ने भी करीब 246 अंकों की छलांग लगा दी. बाजार में तेजी के बीच मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से लेकर एचडीएफसी बैंक तक के शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिला. 78700 के पार पहुंचा सेंसेक्स बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,041.598 की तुलना में जोरदार बढ़त लेते हुए 78,488.64 के लेवल पर ओपन हुआ और इसके बाद इसकी रफ्तार और तेज हो गई. खबर लिखे जाने तक BSE Sensex 692 अंक के करीब उछलकर 78,743 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. वहीं बात NSE Nifty की करें, तो इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,587.50 के स्तर से चढ़कर 23,738.20 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया और कुछ ही मिनटों में 23,792.75 के स्तर पर पहुंच गया. सेंसेक्स और निफ्टी में ये तेजी कारोबार बढ़ने के साथ और बढ़ी गई. सुबह 11 बजे पर बीएसई का इंडेक्स 810.21 अंक या 0.97 फीसदी चढ़कर 78,852.80 के लेवल पर पहुंच गया, तो वहीं 246 अंक की तेजी लेकर 23833 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. रिलायंस से लेकर एयरटेल तक भागे अब बात कर लेते हैं बाजार में तेजी के बीच सबसे ज्यादा रफ्तार से भागने वाले शेयरों के बारे में, तो इसमें मुकेश अंबानी से लेकर टाटा ग्रुप तक की कंपनियों के स्टॉक्स शामिल. सेंसेक्स की लार्ज कैप कंपनियों में शामिल HDFC Bank Share (1.72%), Reliance (1.60%), ICICI Bank (1.52%), Bharti Airtel (1.20%) और Tata Steel Share (1.02%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. Paytm के शेयर में भी तेजी अन्य कंपनियों के शेयरों की बात करें, तो मिडकैप कैटेगरी में शामिल JSW Infra Share 2.61%, Paytm Share 2%, GMR Airport Share 1.92% चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल  India Cement Share 8.98%, Star Cement Share 6.54% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को क्रैश हुआ था बाजार बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स (Sensex) 1200 अंक तक फिसल गया था, जबकि Nifty में 364 अंक तक की गिरावट आई थी. हालांकि, मार्केट क्लोज होने पर सेंसेक्स 1176 अंक टूटकर 78041 पर क्‍लोज हुआ, जबकि निफ्टी 364 अंक गिरकर 23,587 पर क्‍लोज हुआ था. लेकिन इस सप्ताह के पहले दिन दोनों इंडेक्स गिरावट से उबरते हुए नजर आए.

वित्त वर्ष 24 में देश की 28 भारतीय न्यू ऐज स्टार्टअप कंपनियों के 51 संस्थापकों ने कुल 283.5 करोड़ रुपये का वेतन लिया

नई दिल्ली देश की 28 भारतीय न्यू ऐज स्टार्टअप कंपनियों के 51 संस्थापकों ने वित्त वर्ष 24 में कुल 283.5 करोड़ रुपये का वेतन लिया है। आईएनसी 42 की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में स्टार्टअप संस्थापकों के औसत वेतन में वित्त वर्ष 24 में कमी देखने को मिली है और यह वित्त वर्ष 23 के 7.6 करोड़ रुपये के मुकाबले 26.9 प्रतिशत कम होकर 5.55 करोड़ रुपये रह गया है। इन कंपनियों में स्टॉक ब्रोकिंग से लेकर कंज्यूमर गुड्स स्टार्टअप तक शामिल हैं। इन सभी स्टार्टअप में ईकॉमर्स स्टार्टअप फर्स्टक्राई के संस्थापक, सुपम माहेश्वरी ने वित्त वर्ष 24 में सबसे अधिक 103.8 करोड़ रुपये का वेतन लिया है। हालांकि, यह वित्त वर्ष 23 में लिए गए वेतन 200.7 करोड़ रुपये से करीब 50 प्रतिशत कम है। वित्त वर्ष 24 में फर्स्टक्राई की परिचालन से आय 6,480 करोड़ रुपये रही है और इस दौरान कंपनी को 321.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। जीरोधा के संस्थापक निखिल और नितिन कामथ इस लिस्ट में वित्त वर्ष 24 में दूसरे स्थान पर थे। दोनों भाईयों में से प्रत्येक ने 33.8 करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन पिछले वित्त वर्ष में लिया है। वित्त वर्ष 23 प्रत्येक ने 48 करोड़ रुपये के वेतन लिया था। वित्त वर्ष 24 में जीरोधा की परिचालन से 9,372.1 करोड़ रुपये थी और इस दौरान कंपनी को 5,496.3 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कैपिलरी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक अनीश रेड्डी इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर थे। वित्त वर्ष 24 में उन्होंने 13.3 करोड़ रुपये का वेतन लिया है। यह वित्त वर्ष 23 के वेतन 84 लाख रुपये से 1,480 प्रतिशत अधिक है। होटल सॉफ्टवेयर कंपनी रेटगेन के संस्थापक, भानू चोपड़ा को वित्त वर्ष में वेतन के रूप में 5.8 करोड़ रुपये मिले हैं। वित्त वर्ष 23 में यह 6.1 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 24 में रेटगेन की परिचालन से आय 69 प्रतिशत बढ़कर 957 करोड़ रुपये हो गई है और कंपनी ने इस दौरान 146.3 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। पेटीएम के एमडी और सीईओ, विजय शेखर शर्मा इस लिस्ट में पांचवे स्थान पर थे। वित्त वर्ष 24 में उन्होंने 4.4 करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन लिया है, जो कि वित्त वर्ष 23 में लिए गए वार्षिक वेतन 4 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत ज्यादा है। मामाअर्थ के सीईओ, वरुण अलघ का वार्षिक वेतन वित्त वर्ष 24 में 3.97 करोड़ रुपये रहा है, जो कि वित्त वर्ष 23 के वार्षिक वेतन 1.49 करोड़ रुपये से 166.9 प्रतिशत अधिक है। वहीं, उनकी पत्नी और स्टार्टअप की सह-संस्थापक को वित्त वर्ष 24 में 1.79 करोड़ रुपये का वेतन मिला है, जो कि वित्त वर्ष 23 के 99 लाख रुपये से 80.8 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 24 में मामाअर्थ की परिचालन से आय 1,919.9 करोड़ रुपये थी और इस दौरान कंपनी को 110.5 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।  

अब किसानों की किस्मत मक्का से चमकेगी

नई दिल्ली दुनिया भर में खानपान में बदलाव को देखते हुए अब सिर्फ गेहूं, धान और गन्ना की फसल उगाने से किसानों का भला नहीं होने वाला नहीं है। खेती में विविधता और खाद्य प्रसंस्करण पर जोने देने से ही किसानों की माली हालत सुधर सकती है। मक्का और गन्ना से अब इथोनॉल के साथ-साथ कई बायो प्रोडक्ट्स तैयार हो रहे हैं। इससे किसानों को भी फायदा होगा। इंडो एग्री फ्यूचर फूड समिट में विशेषज्ञों ने यह निष्कर्ष निकाला है। यह समिट मोटा अनाज, मक्का, डीडीजीएस और इथेनॉल यानी एमएमडीई पर केंद्रित रही। डीडीजीएस का मतलब है डिस्टिलर ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्यूबल्स जो इथेनॉल उत्पादन प्रक्रिया का एक बायो प्रोडक्ट है। इस प्रोडक्ट का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। समिट में विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि जिस तरह से आबादी बढ़ रही है और खेती का रकबा घट रहा है, इससे भविष्य में भोजन के लिए अनाज की मांग की पूर्ति करना बड़ी चुनौती साबित होगी। इसलिए किसानों को खेती में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। समिट के पहले सत्र में मक्का के आउटलुक पर विचार-विमर्श हुआ। जिस तरह सरसों और सोयाबीन में से तेल निकालने बाद खली बचती है उसी मक्का से इथेनॉल बनाने के बाद कई तरह के बायो प्रोडक्ट बनते हैं जिनकी बाजार में तेजी से मांग बढ़ रही है। इस समिट में कमोडिटीज, फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउस और एग्रीकल्चर से जुड़े दुनियाभर के एक्सपर्ट्स शामिल हुए। इनमें एनएफसीएसएफ के एमडी प्रकाश नाइकनावरे, रेणुका शुगर के ईडी रवि गुप्ता, एमईआईआर कमोडिटीज के एमडी राहिल शेख, ग्रीन लीफ के फाउंडर हर्ष सोनी, डीसीएम श्रीराम के रोशन टामक, डालमिया भारत के कपिल नेमा, इकोनॉमिस्ट चंद्रशेखर और विजय सरदाना आदि शामिल हुए। विशेषज्ञों ने कहा कि मक्का अब सिर्फ भोजन का ही विकल्प नहीं रह गई है। कुछ साल पहले तक इस अनाज को कोई पूछता तक नहीं था लेकिन अब इकोनॉमी में इसे लोग पूज रहे हैं। मक्का से अब इथेनॉल बनाने के बाद कई तरह बायो प्रोडक्ट बन रहे हैं। किसानों की माली हालात सुधारने में यह फसल क्रांतिकारी विकल्प साबित हो रही है। मक्का अन्य फसलों की तुलना में सबसे कम समय मे पकने वाली फसल है। अब इस फसल के दाम भी अच्छे मिल रहे हैं। ऐसे किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए मक्का की फसल को तरजीह देनी चाहिए। केंद्र सरकार ने 2024 तक पेट्रोल में 15 फीसद इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब 2025 तक 20 फीसद मिश्रण का लक्ष्य रखा है। यह सफलता मक्का और गन्ना के बूते ही संभव हो पाई है। अब चीनी मिलों में गन्ना से चीनी, इथेनॉल के अलावा भी कई बायो प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं। देश में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से देश की क्रूड के आयात पर निर्भरता कम हो रही। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण को सहेजने में मदद मिल रही है। इस तरह इथेनॉल के उत्पादन से इंडियन इकोनॉमी को कई मोर्चों पर सहारा मिल रहा है। समिट के दूसरे सत्र में डीडीजीएस की मांग और आपूर्ति पर पैनल डिस्कशन हुआ। तीसरे और अंतिम सत्र में इथेनॉल मार्केट के परिदृश्य पर चर्चा हुई। इस दौरान फसलों के प्रसंस्करण और उन्हें संरक्षित करने पर खासतौर जोर दिया गया।  

रॉयल एनफील्ड की 3 नई बाइक्स जल्द होगी लांच

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड कंपनी भारतीय बाजार में तीन नई बाइक्स को लॉन्च करने की तैयारी में है। अगर आप भी रॉयल एनफील्ड की नई बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए यह एक बेहतरीन मौका हो सकता है। पहली बाइक है रॉयल एनफील्ड क्लासिक 650, जो क्लासिक 350 की सफलता को देखते हुए लॉन्च की जाएगी। इस बाइक में 648सीसी का पैरेलल ट्विन इंजन मिलेगा, जो 47.4 बीएचपी की पावर और 52.4 एनएम का टॉर्क जेनरेट करेगा। यह बाइक शानदार परफॉर्मेंस के साथ क्लासिक डिज़ाइन में होगी और 2025 की पहली तिमाही में लॉन्च होने की उम्मीद है। दूसरी बाइक है रॉयल एनफील्ड बुलेट 650, जो रॉयल एनफील्ड की आइकॉनिक बुलेट सीरीज़ का बड़ा वर्जन होगी। इसमें 648सीसी ट्विन-सिलेंडर इंजन होगा, जो बेहतरीन राइडिंग अनुभव देगा। इसकी टेस्टिंग भारतीय सड़कों पर हो चुकी है, और इसकी लॉन्चिंग को लेकर उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। तीसरी बाइक है रॉयल एनफील्ड हिमालयन 650, जो एडवेंचर बाइक प्रेमियों के लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है। यह बाइक रॉयल एनफील्ड की पॉपुलर हिमालयन सीरीज़ का अपग्रेडेड वर्जन होगी और इसमें दमदार इंजन के साथ बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस और एडवेंचर टूरिंग के लिए कई आधुनिक फीचर्स होंगे। इसे 2025 के त्योहारी सीजन में लॉन्च किया जा सकता है। बता दें कि भारतीय बाजार में रॉयल एनफील्ड की बाइक्स हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही हैं। रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350 से लेकर बुलेट तक बाइक्स के शौकियों का एक अलग फैन बेस है।  

फेड के निर्णय का बाजार पर रहेगा असर, एफआईआई की भूमिका रहेगी अहम

मुंबई अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अगले वर्ष ब्याज दर में कटौती के पूर्वानुमान को वापस लेने से पूरी दुनिया के बाजार में मचे हाहाकार से बीते सप्ताह करीब पांच फीसदी लुढ़के घरेलू शेयर बाजार पर अगले सप्ताह भी फेड के निर्णय का असर रहेगा तथा सेंसेक्स और निफ्टी को दिशा देने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख की भी अहम भूमिका रहेगी। बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 4091.53 अंक अर्थात 4.98 प्रतिशत का गोता लगाकर सप्ताहांत पर 78041.59 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 1180.8 अंक यानी 4.8 प्रतिाश्त की गिरावट लेकर 23587.50 अंक रह गया। समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी जमकर बिकवाली हुई, जिससे मिडकैप 1550.12 अंक अर्थात 3.2 प्रतिशत टूटकर सप्ताहांत पर 46226.50 अंक और स्मॉलकैप 1808.24 अंक यानी 3.2 प्रतिशत कमजोर रहकर 55149.22 अंक पर बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के संभावित निर्णय को लेकर जारी अटकलें और अंततः फेड के अगले वर्ष ब्याज दर में कटौती के पूर्वानुमान को वापस लेने के फैसले से बीते सप्ताह हताश निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। फेड रिजर्व ने वर्ष 2025 में केवल दो तिमाही में ब्याज दर में कटौती की उम्मीद जताई है, जो निवेशकें की तीन या चार कटौतियों से कम है। फेड के इस निर्णय का बाजार पर अगले सप्ताह भी असर रहेगा। इसके साथ ही अगले सप्ताह बाजार को दिशा देने में एफआईआई के रुख की भी अहम भूमिका रहेगी। एफआईआई ने दिसंबर में अबतक बाजार में कुल 254,908.23 करोड़ रुपये की लिवाली जबकि कुल 259,029.45 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इससे वे 4,121.22 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे हैं। बीते सप्ताह बाजार में पांचों कारोबारी दिवस गिरावट रही। चीन और यूरोप के कमजोर आर्थिक आंकड़ों तथा बॉन्ड के बढ़ते प्रतिफल से इक्विटी मूल्यांकन को मिल रही चुनौती के बीच फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दर पर होने वाले निर्णय को लेकर आशंकित विश्व बाजार में आई गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर यूटिलिटीज, धातु, तेल एवं गैस और टेक समेत तेरह समूहों में हुई बिकवाली से सोमवार को सेंसेक्स 384.55 अंक का गोता लगाकर 81,748.57 अंक और निफ्टी 100.05 अंक की गिरावट लेकर 24,668.25 अंक रह गया। दुनिया के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से पहले विश्व बाजार में आई भारी गिरावट से हतोत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से मंगलवार को सेंसेक्स 1064.12 अंक का गोता लगाकर 80,684.45 अंक और निफ्टी 332.25 अंक कमजोर रहकर 24,336.00 अंक रह गया। फेड रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के नतीजे आने से पहले विश्व बाजार में तेजी जारी रहने के बावजूद स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से बुधवार को सेंसेक्स 502.25 अंक लुढ़ककर 80,182.20 अंक और निफ्टी 137.15 अंक की गिरावट लेकर 24,198.85 अंक पर बंद हुआ। फेड रिजर्व के अगले वर्ष ब्याज दर में केवल दो ही बार कटौती करने के संकेत से निराश विश्व बाजार में आई भारी गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से गुरुवार को सेंसेक्स 964.15 अंक का गोता लगाकर 79,218.05 अंक और निफ्टी 247.15 अंक टूटकर 23,951.70 अंक पर आ गया। इसी तरह शुक्रवार को सेंसेक्स 1176.46 अंक कमजोर होकर एक माह के निचले स्तर 78,041.59 अंक पर आ गया। साथ ही निफ्टी भी 364.20 अंक कमजोर रहकर 23,587.50 अंक पर बंद हुआ।  

ITR फाइलिंग करने के लिए है सिर्फ 31 दिसंबर 2024 तक का समय, आखिरी तारीख न छोड़ें, वरना लगेगा तगड़ा जुर्माना

नई दिल्ली अगर आप वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) अभी तक नहीं भर पाए हैं, तो आपके पास सिर्फ 31 दिसंबर 2024 तक का समय है। इस तारीख के बाद, यदि आप विलंबित रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपको जुर्माना और ब्याज का सामना करना पड़ सकता है। विलंबित रिटर्न पर 5000 रुपये तक का जुर्माना आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत, यदि आप 31 दिसंबर तक विलंबित रिटर्न नहीं दाखिल करते हैं, तो आपको 5000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। हालांकि, अगर आपकी आय 3 लाख रुपये से कम है, तो कोई जुर्माना नहीं लगेगा। कम टैक्स योग्य आय वाले व्यक्तियों पर 1000 रुपये का जुर्माना भी हो सकता है। विलंबित ITR दाखिल करने की प्रक्रिया विलंबित रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया मूल रिटर्न के समान ही होती है, लेकिन आपको दाखिल करते समय धारा 139(4) का चयन करना होता है। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि सभी पेनल्टी और बकाया राशि का भुगतान किया गया हो। रिटर्न दाखिल करने के बाद, 30 दिनों का समय मिलता है ताकि रिटर्न सत्यापित किया जा सके। संशोधन के लिए नियम यदि आपने ITR दाखिल करते वक्त कोई गलती की है, तो आप धारा 139(5) के तहत संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, बार-बार संशोधन से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे आयकर विभाग की जांच हो सकती है। समाप्ति तिथि नजदीक है, जल्दी करें ITR फाइल 31 दिसंबर 2024 तक ITR दाखिल करना न भूलें, ताकि आपको जुर्माना और ब्याज का भुगतान न करना पड़े।

युवाओं के लिए अच्‍छी खबर, जॉब मार्केट के लिए उम्मीदों भरा रहेगा नया साल, देखी जा सकती है 9 प्रतिशत की वृद्धि

बेंगलुरू  हाल ही में आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 में हायरिंग को लेकर 9 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। फाउंडिट (पूर्व में मॉन्स्टर एपीएसी एंड एमई) की रिपोर्ट के अनुसार, आईटी, रिटेल, दूरसंचार और बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर इस वृद्धि के जिम्मेदार होंगे। 2024 में 10 प्रतिशत की वृद्धि और नवंबर में मासिक आधार पर 3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, पूर्वानुमान दर्शाता है कि हायरिंग एक पूर्वानुमानित हायरिंग एनवायरमेंट के साथ अपनी गति बनाए रखने के लिए तैयार है। उभरती हुई टेक्नोलॉजी और विकसित होती व्यावसायिक प्राथमिकताएं 2025 में भारत के जॉब मार्केट को और आकार देंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एज कंप्यूटिंग, क्वांटम एप्लिकेशन और साइबर सिक्योरिटी एडवांसमेंट जैसे इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और आईटी जैसी इंडस्ट्री को बदलने के लिए तैयार हैं। इस बीच, रिटेल मीडिया नेटवर्क और एआई-संचालित वर्कफोर्स विश्लेषण का उदय ई-कॉमर्स, ह्युमन रिसोर्स (एचआर) और डिजिटल सर्विस में टैलेंट की जरूरतों को नया आकार देगा। संगठन डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन प्रबंधन और एचआर विश्लेषण में कुशल पेशेवरों की तलाश करेंगे। फाउंडिट की उपाध्यक्ष – मार्केटिंग अनुपमा भीमराजका ने कहा, “2025 के साथ भारत का रोजगार बाजार अपने आकार को बड़ा बनाने के लिए तैयार है, जिसमें हायरिंग में 9 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि है। कंपनियां न केवल अनुभवी पेशेवरों की तलाश कर रही हैं, बल्कि स्थापित केंद्रों से परे अपनी खोज को भी व्यापक बना रही हैं। हमारा मानना ​​है कि यह दृष्टिकोण एक स्वस्थ, अधिक विविध वातावरण बनाएगा – जिससे व्यवसायों को नए टैलेंट पूल तक पहुंचने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप वर्कफोर्स बनाने की अनुमति मिलेगी,” वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के विस्तार और मल्टी-क्लाउड अपनाने के साथ आईटी सेक्टर 2025 में हायरिंग में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने के लिए तैयार है। व्यवसाय एनर्जी-एफिशिएंट डेटा केंद्रों, ग्रीन आईटी प्रैक्टिस और रिफर्बिस्ड हार्डवेयर सॉल्यूशन के जरिए परिचालन स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिटेल सेक्टर में हायरिंग में 12 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जो ट्रेडिशनल और टेक-इनेबल्ड रोल की बढ़ती मांग को दर्शाता है। इस सेक्टर की वृद्धि ईंट-और-मोर्टार स्टोर के पुनरुत्थान और टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ते उपभोक्ता खर्च की वजह से देखी जा रही है। टेलीकॉम सेक्टर की 11 प्रतिशत अनुमानित वृद्धि एआई, 5जी और आईओटी में एडवांसमेंट के साथ देखी जा रही है, जिसमें एज कंप्यूटिंग, एसडीएन (सॉफ्टवेयर-परिभाषित नेटवर्किंग), एनएफवी (नेटवर्क फंक्शन वर्चुअलाइजेशन) और साइबर सिक्योरिटी में स्किल की मांग है। 2025 में, अलग-अलग सेक्टर में वृद्धि होने का अनुमान है। इनमें 8 प्रतिशत फाइनेंस और अकाउंट, 7 प्रतिशत एचआर और एडमिन, 6 प्रतिशत आईटी, 5 प्रतिशत होस्पिटैलिटी और 3 प्रतिशत मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के साथ इस वृद्धि को देखा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरू 10 प्रतिशत भागीदारी के साथ शहरवार वृद्धि में सबसे आगे रहेगा, इसके बाद कोयंबटूर 9 प्रतिशत, हैदराबाद 8 प्रतिशत और चेन्नई 6 प्रतिशत की भागीदारी दर्ज करवाएंगे।

जीएसटी काउंसिल की बैठक में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी घटाने का फैसला फिलहाल टल गया

जयपुर राजस्थान के जैसलमेर में हुई जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक से आम जनता को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी घटाने का फैसला फिलहाल टल गया। मंत्रियों के समूह (GOM) ने यह प्रस्ताव रखा था, लेकिन काउंसिल ने इसे और अधिक स्पष्टीकरण के लिए अगली बैठक तक टाल दिया।   हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर फैसला क्यों टला? काउंसिल का कहना है कि इस प्रस्ताव पर और गहराई से विचार की जरूरत है। GOM को अपनी रिपोर्ट में अतिरिक्त जानकारी और स्पष्टता जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म लाइफ इंश्योरेंस और यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान पर 18% जीएसटी लगाया जाता है। पॉपकॉर्न और पुरानी कारों पर नई जीएसटी दरें पॉपकॉर्न: मिक्स रेडी-टू-ईट (अनपैक्ड): 5% जीएसटी प्री-पैकेज्ड और लेबल वाले: 12% जीएसटी कैरेमेल पॉपकॉर्न: 18% जीएसटी पुरानी छोटी पेट्रोल-इलेक्ट्रिक कारें (EV): इनकी बिक्री पर जीएसटी को 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है। GST काउंसिल की बैठक आज: इंश्‍योरेंस प्रीमियम से लेकर फूड ऑर्डर तक, कई चीजों पर घट सकता है टैक्स! GST काउंसिल की बैठक आज: इंश्‍योरेंस प्रीमियम से लेकर फूड ऑर्डर तक, कई चीजों पर घट सकता है टैक्स! GST Council : GST पर आई बड़ी खबर…21 दिसंबर को बैठक, ये प्रोडक्ट्स होंगे महंगे! GST Council : GST पर आई बड़ी खबर…21 दिसंबर को बैठक, ये प्रोडक्ट्स होंगे महंगे! पुराने वाहनों पर GST बढ़ाकर 18% करने की तैयारी, काउंसिल की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला       आम जनता को झटका इस बैठक में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी घटाने का फैसला न होने से आम लोग निराश हैं, जो इस राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, उम्मीद है कि अगली बैठक में इस पर चर्चा कर कोई निर्णय लिया जाएगा।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता होगा, आज जीएसटी काउंसिल की बैठक

नई दिल्ली  स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता हो सकता है। दरअसल, सरकारी ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप पर जीएसटी की दर कम कर सकती है। वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जीएसटी दर बढ़ाई जा सकती है। इससे ये महंगी हो जाएंगी। जीएसटी की इन दरों के बारे में कल यानी शनिवार को निर्णय लिया जाएगा। शनिवार 21 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक होगी। जीएसटी परिषद इस बैठक के दौरान लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स दरों को कम करने पर चर्चा कर सकती है। साथ ही यह कलाई में पहने जाने वाली लक्जरी घड़ियों, जूते और कपड़ों पर टैक्स बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों पर 35% का एक अलग से जीएसटी स्लैब पेश किया जा सकता है। कितनी सस्ता होगा खाना ऑर्डर करना? इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार जीएसटी काउंसिल की यह बैठक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के समकक्षों की मौजूदगी में होगी। इसमें स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के लिए जीएसटी दर को मौजूदा 18% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ) से घटाकर 5% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना) करने का प्रस्ताव है। 148 चीजों के टैक्स पर बदलाव संभव इस बैठक में करीब 148 वस्तुओं की जीएसटी दर में बदलाव हो सकता है। साथ ही विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को भी जीएसटी के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श होगा। फिटमेंट कमेटी (जिसमें केंद्र और राज्यों के टैक्स अधिकारी शामिल हैं) ने इस्तेमाल किए गए ईवी के साथ-साथ छोटे पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री पर मौजूदा 12 फीसदी से 18 फीसदी तक की दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस बढ़ोतरी से इस्तेमाल की गई और पुरानी छोटी कारें और ईवी पुराने बड़े वाहनों के बराबर हो जाएंगे। सस्ता हो सकता है हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम परिषद के एजेंडे में प्रमुख रूप से हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जीएसटी दर तय करना है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में परिषद की ओर से गठित एक मंत्री समूह ने नवंबर में अपनी बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति व्यक्त की थी। साथ ही सीनियर सिटीजन को हेल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को भी टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों के 5 लाख रुपये तक के कवरेज वाले हेल्थ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव है।

दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री बना भारत का फार्मा सेक्टर

नई दिल्ली. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत की फार्मा इंडस्ट्री मात्रा के हिसाब से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री मानी जाती है और वित्त वर्ष 2023-24 में फार्मास्युटिकल मार्केट का मूल्य 50 बिलियन डॉलर हो गया है। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में फार्मास्युटिकल मार्केट का घरेलू उपभोग मूल्य 23.5 बिलियन डॉलर और निर्यात मूल्य 26.5 बिलियन डॉलर रहा। भारतीय फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री की वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति है। यह उत्पादन के मूल्य के मामले में भी 14वें स्थान पर है, जिसमें जेनेरिक दवाएं, बल्क ड्रग्स, ओवर-द-काउंटर दवाएं, टीके, बायोसिमिलर और बायोलॉजिक्स शामिल हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2024 के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए स्थिर मूल्यों पर फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय और बोटैनिकल प्रोडक्ट के लिए कुल उत्पादन 4,56,246 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1,75,583 करोड़ रुपये वैल्यू एडेड है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय और बोटैनिकल प्रोडक्ट उद्योग में 9,25,811 लोग लगे हुए थे। इस बीच, राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में सात राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) स्थापित किए हैं। ये संस्थान स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की शिक्षा प्रदान करते हैं, साथ ही विभिन्न फार्मा विशेषज्ञताओं में उच्च स्तरीय शोध भी करते हैं। इसके अलावा, विभाग ने फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों में रिसर्च, विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय नीति भी तैयार की है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में इनोवेशन के लिए एक इकोसिस्टम बनाना भी है, ताकि भारत एक उद्यमशील वातावरण तैयार कर दवा खोज और इनोवेटिव मेडिकल डिवाइस में अग्रणी बन सके।

रिपोर्ट में किया दावा इस साल भारत के लगभग आधे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने अंतिम समय में उड़ान बुकिंग की

नई दिल्ली. इस साल यानी 2024 में भारत के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच स्वैच्छिक यात्रा में वृद्धि देखी गई। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से लगभग आधे लोगों ने अपने प्रस्थान से बमुश्किल एक सप्ताह पहले ही अंतिम क्षण में योजना बनाते हैं। यात्रा-बैंकिंग वित्तीय प्रौद्योगिकी मंच नियो द्वारा तैयार यात्रा रिपोर्ट भारतीय यात्रियों की बदलती मानसिकता पर प्रकाश डालती है, जो लचीलेपन को अपना रहे हैं, अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं, तथा सुव्यवस्थित यात्रा प्रक्रियाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, “इस साल भारतीयों द्वारा की गई 48 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग यात्रा से सिर्फ़ सात दिन के अंदर की गई। इस प्रवृत्ति को आसान यात्रा पहुंच से समर्थन मिला, जहां 58 देशों ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-मुक्त या आगमन पर वीजा के विकल्प प्रदान किए।” रिपोर्ट कहती है, हालांकि कई यात्रियों ने अल्प सूचना पर ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुक कर ली थीं, लेकिन ‘30 प्रतिशत वीजा आवेदन’ यात्रा से 16-30 दिन पहले दिए गए थे, जो कि एक निश्चित स्तर की तैयारी का संकेत है। रिपोर्ट के अनुसार, अबतक भारतीय यात्रियों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य दुबई ने अपनी शानदार खरीदारी और मनोरंजन के साथ ‘45 प्रतिशत’ छुट्टियां मनाने वालों को आकर्षित किया। सूची में दूसरे स्थान पर वियतनाम था, जो अपनी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जिसने 15 प्रतिशत यात्रियों को आकर्षित किया। कम संख्या में यात्रियों ने ओमान और जापान (एक-एक प्रतिशत) को चुना। पॉप संस्कृति ने भी इस वर्ष भारतीयों की यात्रा पसंद पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। उदाहरण के लिए, ‘एमिली इन पेरिस’ जैसी वेब शृंखला ने कई भारतीय महिलाओं को फ्रांस की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया, जिसमें 30 प्रतिशत भारतीयों ने फ्रांस को अपने गंतव्य के रूप में चुना। इसके बाद ब्रिटेन (29 प्रतिशत) और सिंगापुर (26 प्रतिशत) का स्थान रहा।

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