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एयरपोर्ट पर पानी 10 रुपये में10 रुपये में कॉफी, समोसा , मिठाई, केवल 20

भोपाल   राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब रेलवे स्टेशन की तर्ज पर 10 रुपए की चाय और 20 रुपए में समोसा मिलेगा। केंद्र सरकार नगरीय विमान मंत्रालय ने हवाई यात्रियों को किफायती दाम पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए एयरपोर्ट भोपाल पर उड़ान यात्री कैफे खोलने की मंजूरी दी थी।   एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी और एक महिला यात्री ने बुधवार को परिसर में उड़ान कैफे का फीता काटकर विधिवत इसकी शुरुआत की एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि योजना की शुरुआत देश के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने और आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ, सुरक्षित और किफायती बनाने के उद्देश्य से की गई थी। उड़ान कैफे की शुरुआत योजना के तहत हवाई टिकटों की कीमतों में कमी तो आई, लेकिन एयरपोर्ट पर उपलब्ध खाने-पीने की वस्तुओं की महंगी कीमतें यात्रियों के लिए अब भी एक चिंता का विषय बनी हुई थीं। इस समस्या को दूर करने के लिए ही उड़ान कैफे की शुरुआत की गई है। आने वाले सीजन में यात्री और विमानों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। मई के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर 140621 यात्रियों की आवाजाही रिकॉर्ड हुई जबकि 1366 विमानों का संचालन हुआ। सामग्री की रेट लिस्ट ● चाय- 10 रुपए ● कॉफी- 20 रुपए ● पानी- 10/20 रुपए ● समोसा- 20 रुपए ● मिठाई- 20 रुपए

दमोह में सरेराह महिला से मारपीट, आरोपी बादशाह खान गिरफ्तार, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया

 दमोह  मध्यप्रदेश के दमोह में महिला से जबरन धर्मांतरण और रेप का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले को जांच में लिया है। दरअसल घटना कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां घर में घुसकर महिला से मारपीट और रेप किया है। बादशाह खान ने स्थानीय महिला को प्रताड़ित कर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। आरोपी धर्म परिवर्तन कराकर महिला से जबरन शादी करना चाहता था। पीड़िता के द्वारा घटना की शिकायत करने से रोकने के लिए आरोपी ने सरेराह महिला से मारपीट की। चप्पल और लातों से मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर जिम्मेदारों को अवगत कराया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण उपरांत उसके बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जानकारी दीपक तिवारी अध्यक्ष बाल कल्याण समिति और अभिषेक तिवारी सीएसपी दमोह ने दी है।   बताया जा रहा है कि शहर के कोतवाली थाना इलाके में स्थित एक घर में घुसकर बदमाश ने न सिर्फ महिला के साथ मारपीट की, बल्कि आरोप ये भी है कि, इसके साथ रेप भी किया। आरोपी का नाम बादशाह खान बताया जा रहा है, जिसपर पीड़िता ने प्रताड़ित कर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने तक का आरोप लगाया है। आरोपी धर्म परिवर्तन कराकर महिला से जबरन शादी करना चाहता था। युवक ने पीड़िता को सरेराह पीटा पीड़िता का आरोप है कि, जब उसके द्वारा आरोपी से उसकी शिकायत करने की बात कही गई तो उसने सरेराह उसके साथ मारपीट कर दी। बदमाश ने महिला को चप्पल और लातों से बेरहमी से पीटा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि, इसी वीडियो के आधार पर स्थानीय लोगों ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक तिवारी को इस सनसनीखेज घटनाक्रम से अवगत कराया। आरोपी को गिरफ्तार कर पहुंचाया जेल दमोह सीएसपी अभिषेक तिवारी द्वारा मीडिया को बताया कि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, दूसरी तरफ पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराकर उसके बयान दर्ज कराए, फिर उसी बयान के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

मध्य प्रदेश में 15 जून को मानसून के पहुंचने की संभावना, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला-बदला सा है। कई इलाकों में भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। इस बीच मौसम विभाग ने एक गुड न्यूज दी है। आईएमडी की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, आज मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। बारिश के बाद गर्मी से राहत की उम्मीद है। दो-तीन दिनों में तापमान में भी कमी आएगी। इसके अलावा मॉनसून को लेकर भी अपडेट सामने आया है। आज कई इलाकों में होगी बारिश आज मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। गरज-चमक के साथ बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों (14-15 जून) में बारिश का दायरा बढ़ेगा और पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश (64.5-115.5 मिमी) की संभावना है। गर्मी भी कर रही परेशान मध्य प्रदेश में गर्मी अभी भी अपने तेवर दिखा रही है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 39-43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से काफी ऊपर। आज कुछ जगहों पर लू की स्थिति बनी रहेगी और 13 जून तक कहीं-कहीं भीषण लू का असर भी देखने को मिल सकता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगले तीन दिन बाद तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मॉनसून को लेकर क्या अपडेट? मॉनसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा अभी मुंबई, आदिलाबाद और भवानीपटना से होकर गुजर रही है। मध्य प्रदेश में मॉनसून के 14 जून के आसपास और जोर पकड़ने की संभावना है। हालांकि, अभी प्रदेश में मॉनसून का पूरा जोर नहीं दिखेगा, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश गर्मी से राहत देने को तैयार है। कैसे बदल रहा मौसम का मिजाज? मध्य प्रदेश के मौसम को आकार देने में कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मध्य मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक फैली एक ट्रफ लाइन बारिश और तेज हवाओं को बढ़ावा दे रही है। 14-15 जून से इन सिस्टम्स के और सक्रिय होने से मौसम में और बदलाव आएगा। आज इन जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर के अलावा ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर में भी लू चलेगी। भोपाल में गिर सकता है पानी वहीं, भोपाल, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में आंधी-बारिश एवं गरज-चमक का अलर्ट है। प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी है। बता दें कि प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 7 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 43 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिरा या आंधी चली। 44वें दिन रविवार को आंधी-बारिश का दौर थमा रहा, लेकिन इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। बुधवार को बैतूल, धार, उज्जैन, रतलाम, बुरहानपुर, हरदा, पन्ना, छतरपुर, रायसेन में मौसम बदला रहा। गरज-चमक के साथ कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई। अगले 2 दिन लू का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 2 दिन यानी, 12 और 13 जून को ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। 14 जून से फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। 15 जून को पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट है। इसी दौरान मानसून की एंट्री भी प्रदेश में हो जाएगी। आगे बढ़ेगा मानसून पिछले 14 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री लेट हो रही है। हालांकि, बुधवार को मानसून की हलचलें तेज हुईं है। इससे मौसम विभाग ने 14-15 जून को मध्य और पूर्वी भारत के हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के एंटर होने की संभावना जताई है। यानी, मध्यप्रदेश में मानसून इन दो दिन के अंदर आमद दे सकता है। मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

खंडवा में अतिक्रमण पर जारी प्रशासन की कार्रवाई, 98 घरों को जमींदोज कर दिया गया

 खंडवा मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगातार बुलडोजर ऐक्शन जारी है। गुरुवार को खंडवा में भी प्रशासन का बुलडोजर गरजा। खंडवा प्रशासन ने शक्कर तालाब इलाके में सुबह 137 घरों को तोड़ने का काम शुरू किया। अब तक 98 घरों को तोड़कर जमींदोज कर दिया गया है। बाकी घरों को तोड़ने का काम चल रहा है। बड़ी तैयारी के साथ आया है प्रशासन खंडवा के शक्कर तालाब इलाके में बुलडोजर कार्रवाई के लिए प्रशासन पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुंचा है। यहां प्रशासन ने 137 घरों को तोड़ने के लिए 10 जेसीबी, 4 पोकलेन मशीन और 3 फायर टेंडर के साथ ही 10 डंपर और 3 एंबुलेंस की भी व्यवस्था की है। किसी हिंसक या विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। क्या है इतने बड़े बुलडोजर ऐक्शन की वजह बता दें कि मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में लगातार बुलडोजर ऐक्शन हो रहा है। इस दौरान बुलडोजर का पीला पंजा अब खंडवा भी पहुंच चुका है। यहां के शक्कर तालाब इलाके में 137 घरों को तोड़ने के लिए चिन्हित किया गया था। प्रशासन का कहना है कि ये सभी घर अवैध अतिक्रमण करके बनाए गए थे। इससे पहले बुधवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी बुलडोजर कार्रवाई हुई थी। इस ऐक्शन में उज्जैन प्रशासन ने कुल 7 घरों के कुछ हिस्सों तोड़ा था। प्रशासन का कहना था कि ये सभी निर्माण अवैध रूप से अतिक्रमण करके बनाए गए हैं। अब बुलडोजर का रुख खंडवा की तरफ हो गया है। गुरुवार सुबह 10 बुलडोजर का काफिला खंडवा के शक्कर तालाब इलाके में पहुंचा और घरों को जमींदोज करना शुरू कर दिया। प्रशासन ने यहां कुल 137 घरों को तोड़ने के लिए चिह्नित किया है, जिसमें से लगभग 98 घरों को जमींदोज किया जा चुका है। बाकी घरों को तोड़ने के लिए प्रशासन कड़ी मशक्कत कर रहा है।

प्रॉपर्टी के विवाद में भाजपा नेता संतोष पांडे ने निजी कार्यालय में जहर खा लिया

खंडवा  प्रॉपर्टी के विवाद में भाजपा नेता संतोष पांडे निवासी सिंगाड़ तलाई ने अपने सिंगाड़ तलाई स्थित निजी कार्यालय में जहर खा लिया। जिससे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत से पहले उनके भाई प्रवीण पांडे ने उनका एक वीडियो बनाया है जिसमें वह प्रॉपर्टी के विवाद में कुछ लोगों का नाम लेकर उन पर रुपए नहीं लौटने और ना जमीन देने के आरोप लगा रहे हैं। मामले की जांच फिलहाल इंदौर में विजयनगर पुलिस कर रही है। घटना बुधवार दोपहर करीब 3 बजे की है। भाजपा नेता संतोष पांडे अपने सिंगाड़ सिंगर तलाई स्थित निजी कार्यालय पर थे। इस दौरान उनकी बालिका उन्हें चाय देने के लिए ऑफिस में गई। बालिका ने देखा कि बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे। उसने तुरंत सूचना स्वजन को दी। घर के पास ही कार्यालय होने से तुरंत मौके पर स्वजन पहुंचे। पांडे को लेकर खंडवा के निजी अस्पताल में गए। हालत गंभीर होने से डॉक्टर ने उन्हें इंदौर ले जाने की सलाह दी। इस पर सूजन उन्हें तत्काल एंबुलेंस से इंदौर के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। यहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद बताया की हालत काफी ज्यादा नाजुक है और उनके पास ज्यादा समय नहीं है। इस पर भाई प्रवीण पांडे ने डॉक्टर उसे अनुमति ली की क्या वह उनका वीडियो बना सकते हैं। प्रॉपर्टी विवाद में प्रताड़‍ित होकर जहर खाने की बात कही इस पर डॉक्टरों ने प्रवीण को वीडियो बनाने की अनुमति दी। भाई प्रवीण के अनुसार संतोष पांडे ने मौत से पहले वीडियो में प्रॉपर्टी के विवाद के चलते प्रताड़ित होकर जहर खाने की बात बताई। वीडियो में संतोष पांडे उपेंद्र मंडलोई, राजू मंडलोई और उमंग मंडलोई का नाम लेकर उनपर आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में वो कह रहे हैं कि ये लोग न तो रुपये दे रहे है और न जमीन दे रहे हैं। इसलिए मैंने जहर खा लिया है। रुपए का हिसाब-किताब भी बताया वीडियो में संतोष पांडे कह रहे हैं की उपेंद्र मंडलोई से उन्होंने 3:30 करोड रुपए में जमीन खरीदी थी। एक अन्य वीडियो में उन्होंने विजय बिरला सहित एक अन्य का नाम लेते हुए कहा कि यह दोनों उक्त जमीन में पार्टनर थे और पार्टनर पर पार्टनर बढ़ाते जा रहे थे। संतोष पांडे के इस तरह के बयानों के तीन अलग-अलग वीडियो जारी हुए हैं। जिसमें वह स्पष्ट रूप से इस प्रॉपर्टी का विवाद होकर कुछ लोगों के कारण आत्महत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच इंदौर में विजयनगर पुलिस कर रही है। कार्यालय में छोड़ा सुसाइड नोट भाजपा मैं जिला महामंत्री रह चुके संतोष पांडे के भाई प्रवीण पांडे ने बताया कि संतोष ने एक सुसाइड नोट भी अपने कार्यालय में छोड़ा है। जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है। हालांकि यह नोट अब तक परिवार को नहीं मिला है। प्रवीण पांडे ने बताया की संतोष ने सुसाइड नोट की जानकारी उन्हें इंदौर में जब उन्हें कुछ देर के लिए होश आया था उस समय दी थी। पत्नी, बच्चों को उठा ले जाने की धमकी का आरोप प्रवीण पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा की संतोष का जिन लोगों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। वह लोग संतोष की पत्नी को भी आए दिन धमकियां दे रहे थे। संतोष की पत्नी आरोप लगाया कि उक्त लोग उन्हें और उनके बच्चों को भी उठा ले जाने की धमकियां तक देते थे। पूरा विवाद करीब 2 महीने से चल रहा था जिसके कारण संतोष पांडे परेशान थे और प्रताड़ित होकर उन्होंने यह कदम उठा लिया।

ओवरब्रिज पर 90 डिग्री का अंधा मोड़, भविष्य में एक बड़ा एक्सीडेंट जोन हो सकता है साबित

भोपाल  भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की इंजीनियरिंग डिजाइन अब सवालों के घेरे में है। दरअसल, इस ओवरब्रिज पर 90 डिग्री का अंधा मोड़ बनाया गया है, जो भविष्य में एक बड़ा एक्सीडेंट जोन या ब्लैक स्पॉट साबित हो सकता है। यातायात विशेषज्ञ और आम नागरिक इस निर्माण को लेकर चिंता जता रहे हैं, वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) रेलवे को जिम्मेदार ठहरा रहा है। फ्लैट स्लैब डालने से डिजाइन में बदलाव ओवरब्रिज की जिस भुजा से बोगदा की तरफ उतरना है, वहां बना यह तीखा मोड़ आने-जाने वाले वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि मूल डिजाइन में यह मोड़ घुमावदार था, लेकिन रेलवे द्वारा फ्लैट स्लैब डालने की वजह से डिजाइन में बदलाव करना पड़ा। 90 डिग्री का अंधा मोड़: पुल की डिजाइन में खामी, दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी। रेलवे बनाम पीडब्ल्यूडी: विभागों में जिम्मेदारी को लेकर टकराव। एक्सपर्ट की चेतावनी: गलत मोड़ से सड़क सुरक्षा को गंभीर खतरा। चौड़ाई बढ़ाने का तर्क: पीडब्ल्यूडी ने 8 की जगह 11 मीटर चौड़ाई दी, लेकिन खतरा बरकरार। एक्सपर्ट की राय ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के तीखे मोड़ सड़क नियमों और सुरक्षा मापदंडों के खिलाफ हैं। खासकर भारी वाहनों और तेज गति से चलने वाली गाड़ियों के लिए यह मोड़ बड़ा खतरा बन सकता है।

राज कुशवाह बस एक प्यादा , सोनम का प्यार कोई और… राजा रघुवंशी केस में अब नए किरदार की एंट्री

इंदौर  मेघालय में पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई इंदौर की सोनम रघुवंशी के राज बहुत गहरे हैं। हनीमून कपल के मेघायल में लापता होने की कहानी हर दिन नए मोड़ लेते हुए मर्डर मिस्ट्री तक पहुंच गई। अब तक यह तो साफ हो चुका है कि राजा का कत्ल हुआ और इसे अंजाम दिया सोनम, राज और उसके तीन दोस्तों ने। लेकिन अब भी कई अनसुलझे सवाल जिनकी तलाश पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए कर रही है। अभी यह साफ होना बाकी है कि इस हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड कौन है, राज कुशवाहा या सोनम रघुवंशी?  रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों से बातचीत के आधार पर बताया गया है कि सोनम ही इस पूरे मामले की असली मास्टरमाइंड है और संभव है कि राजा का इस्तेमाल एक मोहरे के रूप में ही किया गया। सभी आरोपियों से पूछताछ की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सोनम ने सभी को झांसे में लेकर इस्तेमाल किया। राज को प्यार का वादा दिया तो अन्य को पैसों का लालच। अब तक यह माना जा रहा था कि राज इस पूरे मामले का असली साजिशकर्ता है। उसे सोनम का प्रेमी बताया जा रहा था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले में और भी बड़े खेल का खुलासा हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज का इस्तेमाल मोहरे के रूप में हुआ। उन्हें शक है कि सोनम किसी तीसरे के साथ भागने की फिराक में थी और राज इस बड़े खेल से अनभिज्ञ था और इसलिए वह सोनम रघुवंशी की मदद करता रहा। वहीं, सोनम का परिवार और प्लाईवुड कंपनी में काम करने वाले लोग यह बार-बार दोहरा रहे हैं कि सोनम और राज के बीच प्रेम संबंध नहीं था. सोनम के भाई गोविंद ने भी कहा- राज सोनम को दीदी बोलता था और तीन साल से सोनम उसे राखी बांध रही थी. ऐसे में सवाल अब ये उठ रहा है कि अगर सोनम और राज के बीच सच में कोई ऐसा रिश्ता नहीं था तो उसने किसके लिए अपने पति की जान ली? क्राइम सीन रीक्रिएट करवाया जाएगा शिलॉन्ग पुलिस अब घटनास्थल पर सोनम और अन्य आरोपियों को ले जाएगी. फिर वहां क्राइम सीन रीक्रिएट करके सबूत जुटाएगी. इसके बाद आरोपियों को इंदौर भी लाने की योजना है। राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर में कहां रुकी और किस-किस से मिली, इसकी तहकीकात के बाद नए पहलू सामने आ सकते हैं. फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है. बताया जा रहा है कि सोनम की जब जेल में राज के साथ वीडियो कॉल करवाई पर बात करवाई गई तो वो रोने लगी. एक टक राज को देखती रही. फिर उसने गुनाह कबूल कर लिया. अब यह तीसरा शख्स कौन था यह खुलासा होना बाकी है। लेकिन ध्यान देने लायक बात यह है कि सोनम का परिवार और प्लाईवुड कंपनी में काम करने वाले लोग यह बार-बार दोहरा रहे हैं कि सोनम और राज के बीच प्रेम संबंध नहीं था। राज सोनम को दीदी बोलता था और सोनम उसे कई बार राखी बांध चुकी थी। यदि सोनम और राज के बीच सच में कोई ऐसा रिश्ता नहीं था तो उसने किसके लिए अपने पति की जान ली, यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिलॉन्ग पुलिस जहां घटनास्थल पर सोनम और अन्य आरोपियों को ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट करके सबूत जुटाएगी तो दूसरी तरफ आरोपियों को इंदौर भी लाने की योजना है। राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर में कहां रुकी और किस-किस से मिली, इसकी तहकीकात के बाद नए पहलू सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। बुधवार को सूत्रों के हवाले से खबर आई कि सोनम ने सबूतों को देखकर अपना गुनाह कबूल कर लिया है। सोनम रघुवंशी ने सूटकेस में क्यों छोड़ा मंगलसूत्र मेघालय पुलिस ने रहस्यमय हनीमून हत्याकांड को सुलझा लिया है। इस केस को सुलझाने में मंगलसूत्र ने अहम भूमिका निभाई है। यह मंगलसूत्र एक सूटकेस में मिला था। मेघालय डीजीपी आई नोंगरंग ने यह जानकारी दी है। 22 मई को होमस्टे में पहुंचा था जोड़ा राजा रघुवंशी (29) और उनकी पत्नी सोनम (25) की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 20 मई को हनीमून के लिए निकले थे। 22 मई को यह जोड़ा पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा पहुंचा और एक होमस्टे में कमरा लेने की कोशिश की। लेकिन, पहले से बुकिंग न होने के कारण उन्हें कमरा नहीं मिल पाया। दो जून को मिला शव 2 जून को राजा का शव वेइसवडोंग वाटरफॉल के पास एक खाई में मिला। सोनम की तलाश जारी थी। आखिरकार, 9 जून की सुबह सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में, जो कि लगभग 1,200 किलोमीटर दूर है, आत्मसमर्पण कर दिया। उसी दिन उसके कथित प्रेमी, राज कुशवाहा और तीन भाड़े के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया। सोनम ने मंगलसूत्र क्यों छोड़ा? सोनम रघुवंशी ने अपना मंगलसूत्र क्यों छोड़ा? इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने एक अंगूठी और सोनम का मंगलसूत्र बरामद किया। मंगलसूत्र एक पवित्र हार होता है जिसे विवाहित हिंदू महिलाएं पहनती हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह जोड़ा 22 मई को सोहरा में एक होमस्टे पर बिना बुकिंग के पहुंचा था। कमरा उपलब्ध नहीं होने के कारण, उन्होंने अपना सूटकेस होमस्टे में छोड़ दिया। उन्होंने सोचा कि 3,000 से अधिक सीढ़ियों वाली नोंग्रियाट गांव की ट्रेकिंग पर इसे ले जाना मुश्किल होगा। वे वहां डबल-डेकर रूट ब्रिज देखने जा रहे थे। सूटकेस में मिला मंगलसूत्र और अंगूठी मेघालय डीजीपी ने बताया कि हमने सोहरा में एक होमस्टे में जोड़े द्वारा छोड़े गए सूटकेस से सोनम का ‘मंगलसूत्र’ और एक अंगूठी बरामद की। डीजीपी ने आगे कहा कि एक विवाहित महिला का गहने छोड़कर जाना, हमें इस मामले में उसे संदिग्ध के रूप में देखने का एक सुराग दे गया। दूसरे होमस्टे में बिताई रात उनका सूटकेस सोहरा होमस्टे में ही रहा, जबकि उन्होंने नोंग्रियाट में एक होमस्टे में रात बिताई और 23 मई को सुबह जल्दी ही वहां से निकल … Read more

कनाड़िया में मुकेश बनकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया …किया रेप,धर्म परिवर्तन के लिए धमकाया

कनाड़िया शहर के कनाड़िया क्षेत्र में एक युवती के साथ नकली पहचान से दोस्ती कर दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मुकेश बताकर पहले युवती से नजदीकियां बढ़ाईं, फिर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।  कनाड़िया थाना पुलिस ने 25 वर्षीय युवती की शिकायत पर मुकेश उर्फ यूसुफ पुत्र अय्यूब खान निवासी खजराना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376 (दुष्कर्म), 323 (मारपीट), 506 (धमकी) और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ऐसे बढ़ीं नजदीकियां युवती ने पुलिस को बताया कि वह मूलतः उज्जैन की रहने वाली है और वर्तमान में इंदौर की स्कीम नंबर 78 में एक डॉक्टर के यहां काम करती है। डेढ़ साल पहले वह एक सहेली की बर्थडे पार्टी में राउ स्थित एक ढाबे पर गई थी, जहां उसकी मुलाकात यूसुफ से हुई। उसने अपना नाम मुकेश बताया और फोन नंबर देकर किसी भी मदद के लिए संपर्क करने को कहा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। आरोपी युवती को अलग-अलग कारों से इंदौर में घुमाने लगा और मिलने उसके फ्लैट आने-जाने लगा। उसने उसे शादी का प्रस्ताव भी दिया और कहा कि वह नौकरी छोड़ दे, उसका सारा खर्च वही उठाएगा। कुछ समय बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए। जब सामने आई सच्चाई कुछ दिन पहले फ्लैट में शराब पार्टी के दौरान युवती को यूसुफ पर तब शक हुआ, जब उसका एक दोस्त उसे साहिल कहकर बुला रहा था। संदेह होने पर युवती ने उसका पर्स चुपके से देखा, जिसमें यूसुफ खान नाम की आईडी मिली। जब युवती ने उससे जवाब मांगा, तो आरोपी ने खुलासा किया कि वह मुस्लिम है और शादी के लिए युवती को धर्म परिवर्तन करना होगा। इंकार करने पर आरोपी ने मारपीट की और उसके फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दी। हिंदूवादियों की मदद से आरोपी पकड़ा गया घबराई युवती ने इस बात की जानकारी हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मानसिंह राजावत और अंकित विश्वकर्मा को दी। इसके बाद दोनों ने युवती के साथ मिलकर आरोपी को फ्लैट से पकड़ा और कनाड़िया पुलिस को सौंप दिया।  

राजा रघुवंशी हत्याकांड के चारों आरोपियों ने कुबूला जुर्म, जाने क्या कहा?

इंदौर  इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या में शामिल चार मुख्य आरोपियों को मेघालय पुलिस ने एक साथ मीडिया के सामने पेश किया. चारों आरोपियों की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें हत्या का आरोपी और सोनम का प्रेमी राज कुशवाह सफेद शर्ट में अकेले बैठा दिख रहा है, उसके बगल में आनंद बैठा है, जबकि आकाश काले टी-शर्ट में और विशाल सफेद चेक्स की शर्ट में नजर आ रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अन्य तीन आरोपी सोनम के प्रेमी राज कुशवाह ने हायर किए थे. इनकी प्लानिंग के अनुसार, राजा और सोनम मेघालय के वेसॉडोंग वॉटरफॉल्स घूमने गए थे, जहां पहले से मौजूद इन तीनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या कर दी. इस दौरान सोनम भी मौके पर मौजूद थी. इस मामले के खुलासे में उस वक्त बड़ा मोड़ आया, जब पुलिस को सोनम द्वारा छोड़े गए सूटकेस में ‘मंगलसूत्र’ और अंगूठी मिली. इसके बाद पुलिस ने सोनम को यूपी के गाजीपुर में ट्रेस किया, जहां वह खुद ही सरेंडर करने पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने उसके प्रेमी राज और तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. इन चारों आरोपियों को अब शिलॉन्ग की कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस इनसे हत्या की योजना, पैसे के लेन-देन और साजिश से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है. हत्या के इस मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. सूटकेस और उसमें मिले मंगलसूत्र से सुलझी हत्या की गुत्थी दरअसल, इंदौर से शादी के बाद मेघालय हनीमून मनाने पहुंचे राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. केस की गुत्थी एक छोड़े गए सूटकेस और उसमें मिले ‘मंगलसूत्र’ से सुलझी. राजा की पत्नी सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और तीन सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया गया है. सभी आरोपी शिलॉन्ग पुलिस कस्टडी में हैं. 29 साल के राजा रघुवंशी और 25 साल की सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय के मशहूर पर्यटन स्थल चेरापूंजी (सोहरा) पहुंचे. 22 मई को ये कपल बिना बुकिंग के एक होमस्टे में पहुंचा, लेकिन कमरा न मिलने पर उन्होंने अपना सूटकेस वहीं छोड़ दिया और करीब 3,000 सीढ़ियों की चढ़ाई वाले नोंग्रियात गांव में रात बिताई. 23 मई को दोनों नोंग्रियात से वापस सोहरा आए, जहां से स्कूटर उठाकर वे वेसॉडोंग फॉल्स गए. यहीं राजा की हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार, इस वारदात को सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर की मदद से अंजाम दिलवाया. हैरान कर देने वाला यह हनीमून मर्डर केस उस वक्त सुलझा जब पुलिस को छोड़े गए सूटकेस में सोनम का ‘मंगलसूत्र’ और एक अंगूठी मिली. मेघालय की पुलिस महानिदेशक (DGP) एल. नोंग्रांग ने बताया कि शादीशुदा महिला द्वारा मंगलसूत्र छोड़ जाना सामान्य नहीं था, जिससे पुलिस को शक हुआ और सोनम पर फोकस किया गया. इसी आधार पर जांच ने मोड़ लिया और सोनम के यूपी के गाजीपुर में पकड़े जाने के साथ पूरा षड्यंत्र सामने आ गया. पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान सोनम मौके पर मौजूद थी और राजा की हत्या उसकी आंखों के सामने की गई.  

विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण सत्रों में व्याख्यान के साथ हुई कार्यशाला

दो दिवसीय इनक्यूबेटर कार्यशाला विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण सत्रों में व्याख्यान के साथ हुई कार्यशाला भोपाल उच्च शिक्षा एवं मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय इनक्यूबेटर कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत उपयोगी विषयों पर व्याख्यान दिए गए। प्रथम सत्र में श्री रोनाल्ड फर्नांडीज़ द्वारा “फायनेशियल प्लानिंग एंड रेवेन्यू मॉडल फॉर इनक्यूबेटर” विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने इनक्यूबेटर के दीर्घकालिक संचालन हेतु वित्तीय योजना, संसाधनों के विविधीकरण तथा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उपायों पर प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में डॉ. संजीव पाटनी, सीईओ, एआईसी-प्रेस्टिज इंदौर द्वारा “क्रिएटिंग विजिबिलिटी एंड इन्क्यूबेटी पाइपलाइन” विषय पर व्याख्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक इनक्यूबेटर को सामाजिक एवं औद्योगिक स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है तथा नवाचारकर्ताओं की एक सतत पाइपलाइन कैसे तैयार की जाए। तृतीय सत्र में श्री अपूर्व गैवक, निदेशक, सेंटर फॉर इनोवेशन, डिजाइन एंड इनक्यूबेशन, SGSITS इंदौर ने “HR Planning for Incubators” पर सारगर्भित जानकारी साझा की। उन्होंने मानव संसाधन नियोजन की रणनीतियों एवं टीम निर्माण की प्रक्रिया को रेखांकित किया। अंतिम सत्र में श्री प्रदीप करंबेलकर, निदेशक, VASPL Initiative Pvt. Ltd., भोपाल द्वारा “Mentorship in Incubation Ecosystem” विषय पर प्रस्तुति दी गई। उन्होंने एक प्रभावशाली मेंटरशिप प्रणाली के निर्माण और मेंटर्स की भूमिका के महत्व पर बल दिया। कार्यशाला में प्रदेश के 12 निजी विश्वविद्यालयों, 16 शासकीय विश्वविद्यालयों, 18 स्वायत्त महाविद्यालयों एवं 1 संबद्ध महाविद्यालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला की समाप्ति के बाद सभी सहभागियों ने फीडबैक दिया एवं सभी सहभागियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किये गए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री नव्या तिवारी को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन निवासी सुश्री नव्या तिवारी को एयर फोर्स फ्लाइंग ब्रांच में चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि सुश्री तिवारी मध्यप्रदेश की पहली फ्लाइंग ऑफिसर बनकर प्रदेश को गौरवान्वित करेंगी।  

हत्यारे चूक जाते तो इस तरीके से देती पति को दर्दनाक मौत, राजा रघुवंशी के लिए तैयार था सोनम का प्लान-B

इंदौर  इंदौर की सोनम रघुवंशी की साजिश के तार अब धीरे-धीरे खुल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सोनम ने अपनी शादी के पांच दिन बाद ही राजा की हत्या का प्लान तैयार कर लिया था। हत्यारों को उसने 15 हजार रुपये कैश दिए और 20 लाख रुपये बाद में देने का वादा किया। इतना ही नहीं, राजा की हत्या होते हुए उसने अपनी आंखों से देखा। अब एक और अहम जानकारी निकलकर सामने आई है। दरअसल, अपने पति राजा रघुवंशी को मौत की नींद सुलाने के लिए सोनम ने एक प्लान बी भी तैयार कर रखा था। पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सोनम ने राजा रघुवंशी की हत्या के लिए दो प्लान तैयार किए थे। इनमें पहला प्लान हत्यारों के जरिए उसे मरवाने का था। वहीं, प्लान बी के तहत अगर हत्यारे उसे मारने से चूक जाते तो सोनम खुद इस हत्या को अंजाम देती। वह राजा को सेल्फी लेने के बहाने पहाड़ के किनारे पर लेकर जाती और मौका देखकर उसे धक्का दे देती। सोनम के दोनों प्लान ऐसे थे, जिनमें राजा रघुवंशी के बचने की कोई गुंजाइश नहीं थी। राजा की लाश 2 जून को खाई में मिली थी। माना जा रहा है कि 23 मई को उनकी हत्या की गई थी। तीनों हत्यारे राज के दोस्त पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि राजा की जान लेने वाले तीनों हत्यारे, सोनम के प्रेमी राज कुशवाहा के दोस्त हैं। सोनम ने जब राजा की हत्या की योजना के बारे में राज को बताया तो उसने ही इन तीन लोगों को हायर किया था। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए तीनों हत्यारे शिलॉन्ग गए, लेकिन राज इंदौर में ही रुका रहा। इतना ही नहीं, वह राजा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। दरअसल, सोनम का प्लान था कि राज पर किसी भी तरह से कोई शक ना कर पाए। राजा की हत्या के इस प्लान में अगर कोई चूक हो जाती है तो इसके लिए उसकी पत्नी सोनम ने एक और ‘प्लान बी’ भी तैयार कर रखा था। इस प्लान के मुताबिक अगर प्लान ए कहीं से भी फेल होता नजर आए तो सोनम अपने पति को खुद ही खाई में धकेल कर हत्या कर देती। राजा रघुवंशी की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, और अब इस केस में हर दिन एक नया और चौंकाने वाला एंगल सामने आ रहा है। अब हत्या में शामिल मुख्य आरोपियों के कबूलनामे के साथ-साथ हवाला कारोबार से जुड़ा एक संदिग्ध सुराग सामने आया है, जो इस साजिश को और बड़ा व गहरा बना रहा है। पुलिस को पूछताछ के दौरान राज कुशवाहा के मोबाइल से कुछ ऐसे नंबर मिले हैं, जो सामान्य नहीं थे। ये नंबर ₹10 के नोटों के सीरियल नंबर थे। सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की नंबरिंग का इस्तेमाल अक्सर हवाला लेन-देन की ट्रैकिंग में किया जाता है। आरोपियों ने कबूला जुर्म, बताई हत्या की पूरी कहानी खुली राजा हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो चारों आरोपियों- राज कुशवाहा, विशाल उर्फ विक्की, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि राजा रघुवंशी की हत्या उन्होंने पहले से तय किए गए प्लान के मुताबिक की गई। राजा की हत्या के बाद शव को मेघालय के शिलांग क्षेत्र में खाई में फेंक दिया गया। आरोपियों ने इस बात का भी खुलासा किया कि यह साजिश सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा ने मिलकर रची थी। इंदौर क्राइम ब्रांच ने भी आरोपियों के कबूलनामे की विधिवत पुष्टि की है। अब पुलिस उनके बयानों के आधार पर सबूतों को क्रॉस-चेक कर रही है, जिससे कोर्ट में मुकदमा मजबूत हो सके। राजा रघुवंशी हत्याकांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। अब यह लगभग साफ होता जा रहा है कि इस खौफनाक हत्या की मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी ही थी। पिछले दो दिनों से लगातार पूछताछ में आरोपियों के कबूलनामों और डिजिटल साक्ष्यों ने सोनम की भूमिका को केंद्र में ला खड़ा किया है। एसीपी पूनम यादव ने बताया हत्या का मास्टरमाइंड कौन इंदौर की ACP पूनम चंद यादव ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिससे साफ होता है कि यह कोई अचानक हुई क्राइम नहीं थी, बल्कि शादी से भी पहले से सोच-समझकर रचा गया प्लान था। ACP पूनम चंद यादव ने बताया, ‘चारों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड राज कुशवाहा है।’ सोनम रघुवंशी और उसका कथित प्रेमी राज कुशवाहा, पहले से राजा की हत्या की तैयारी में जुटे थे। दोनों ने तय किया कि राजा को शादी के बाद हनीमून ट्रिप पर मार डालना सबसे आसान और ‘साफ-सुथरा’ तरीका होगा। जैसे ही राजा और सोनम हनीमून के लिए शिलांग रवाना हुए, उससे पहले ही तीनों सुपारी किलर्स विशाल (विक्की), आकाश और आनंद शिलांग पहुंच चुके थे। इस दौरान इनका काम था, सोनम और राजा की लोकेशन ट्रैक करना, राजा की हत्या का मौका देखना और हत्या करने के बाद उसकी डेडबॉडी को ठिकाने को लगाना। यह सब इतनी चुपचाप और बारीकी से किया गया कि किसी को शक न हो। इंदौर आई थी सोनम पुलिस की जांच में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। राजा की हत्या के बाद, सरेंडर करने से पहले सोनम छिपकर इंदौर भी आई थी। यहां उसके प्रेमी राज ने एक किराए के कमरे का इंतजाम किया, जिसमें सोनम रही। हालांकि, मेघालय पुलिस से जब तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर को मध्य प्रदेश और यूपी से गिरफ्तार कर लिया तो सोनम गाजीपुर पहुंची और सरेंडर कर दिया। इसके बाद मेघालय पुलिस सोनम को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। आखिरी वक्त पर प्लान से हटा राज वहीं, मेघालय पुलिस के साथ मिलकर इस मामले की तफ्तीश में जुटे इंदौर के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि आखिरी वक्त पर राज प्लान से हटना चाहता था। पूछताछ में राज ने दावा किया कि वह इस साजिश में सोनम का साथ नहीं देना चाहता था और आखिरी वक्त पर उसने मेघालय जाने का अपना प्लान कैंसल … Read more

शराब की जायज कीमत की जानकारी के लिए ठेकों पर लगाए गए क्यूआर कोड, MSP और MRP की जानकारी इसी पर मिलेगी

इंदौर मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में अनोखे प्रयोग के तहत आबकारी विभाग ने ग्राहकों तक शराब की सही कीमत की जानकारी पहुंचाने के लिए ठेकों पर क्यूआर कोड लगा दिए हैं। अधिकारियों ने  यह जानकारी दी।  देशी और विदेशी शराब को अधिक मूल्य पर बेचने की शिकायत के बाद अब आबकारी विभाग ने जिले की सभी 173 शराब दुकानों पर क्यूआर कोड लगाए है। प्रत्येक दुकान पर तीन स्थानों पर स्पष्ट क्यूआर कोड चस्पा किए है। उपभोक्ता अब इन को स्कैन कर किसी भी शराब ब्रांड के न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) और अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। अनुचित मूल्य वसूली पर लगेगी रोक जिले की शराब दुकानों से अधिक मूल्य पर शराब बेचने की ढेरों शिकायते जिला प्रशासन और सीएम हेल्पलाइन पर पहुंच रही थी। मामले में कलेक्टर आशीष सिंह ने इस पर अंकुश लगाने के निर्देश आबकारी विभाग को दिए। अब आबकारी विभाग ने जिले की सभी दुकानों पर क्यूआर कोड लगाए है। इससे अनुचित मूल्य वसूली पर रोक लगेगी और सभी ब्रांड की शराब के मूल्य की जानकारी उपभोक्त को मिल सकेगी। क्या होगा इन कोड में     सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी इंदौर ने बताया कि राज्य शासन को प्रदेश के विभिन्न जिलों से यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ मदिरा दुकानों पर निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य (MSP) से कम और अधिकतम विक्रय मूल्य (MRP) से अधिक दरों पर शराब बेची जा रही है। ऐसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने एवं उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर शराब उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इन क्यूआर कोड को स्कैन करने पर आबकारी विभाग की साइट आएगी। इसमें आप शराब के ब्रांड का नाम डालकर उसकी सही कीमत देख सकते हैं। शराब का सही मूल्य जान सकेंगे उपभोक्ता वहीं विक्रेताओं की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। तय मूल्य से अधिक या कम पर शराब बेची जाती है, तो आबकारी विभाग में शिकायत दर्ज की जा सकती है। सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड लगवाए है, ताकि वह शराब का सही मूल्य जान सके। 18 दुकानों पर की जा चुकी है कार्यवाही सीएम हेल्पलाइन पर शराब दुकानों से अधिक मूल्य वसूलने की शिकायतों की विगत दिनों जांच कराई गई थी। शिकायत सही पाए जाने पर आबकारी विभाग ने जिले की 18 शराब दुकानों पर कार्रवाई कर 19 प्रकरण बनाए। सभी को नोटिस जारी किए गए है और इन दुकानों पर 51 लाख जुर्माना लगाया जाएगा।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व हर हाथी की तस्वीर खींचकर उसे एक विशेष कोड और पहचान क्रमांक दिया जा रहा

उमरिया मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक अनोखी और पहली बार की जा रही पहल के चलते एक बार फिर सुर्खियों में है। जहां अब तक यह टाइगर रिजर्व बाघों के संरक्षण और गणना के लिए प्रसिद्ध रहा है, वहीं अब यहां जंगली हाथियों की पहचान भी डिजिटल तरीके से की जा रही है। प्रबंधन द्वारा एलीफेंट आईडी परियोजना शुरू की गई है, जिसके तहत हर हाथी की तस्वीर खींचकर उसे एक विशेष कोड और पहचान क्रमांक दिया जा रहा है। यह प्रक्रिया प्रदेश में पहली बार किसी टाइगर रिजर्व में अपनाई जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य यह है कि अब तक जिन जंगली हाथियों की संख्या का सिर्फ अनुमान ही लगाया जाता था, उनकी सटीक गिनती और गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि कौन-कौन से हाथी किस-किस झुंड का हिस्सा हैं और वे किन क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के नौ परिक्षेत्रों की 139 बीटों में समय-समय पर हाथियों की गतिविधियां देखी जाती हैं। जब भी किसी क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट दिखाई देता है, तो रिजर्व प्रबंधन द्वारा हाथी विशेषज्ञों की टीम मौके पर भेजी जाती है। यह टीम हाथियों के सिर, कान, पूंछ और पीठ की तस्वीरें लेती है। इन अंगों की तस्वीरों को आधार बनाकर कंप्यूटर पर उनकी विशिष्ट पहचान यानी आईडी तैयार की जाती है। इसके बाद हर हाथी को एक कोड नंबर दिया जाता है, जो E-1 , E-2 जैसे प्रारूप में होता है। इस परियोजना की अनुमति प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) से ली गई है, जिसके तहत टाइगर रिजर्व की टीम और विशेषज्ञ मिलकर यह कार्य कर रहे हैं। इस दौरान पूरी सावधानी बरती जाती है ताकि जंगली हाथियों से टीम की सुरक्षा बनी रहे और उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। हाथियों की पहचान की इस प्रक्रिया से न केवल उनकी सटीक संख्या सामने आएगी, बल्कि उनकी लोकेशन, गतिविधियों और समूहों की निगरानी भी संभव हो सकेगी। इसके चलते हाथी मानव संघर्ष जैसी घटनाओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है, क्योंकि समय रहते हाथियों की लोकेशन का पता लगाकर एहतियाती कदम उठाए जा सकेंगे।  

मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रमिक परिवारों के खातों में संबल योजनाओं की राशि करेंगे अंतरित आज अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये का होगा अंतरण मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। आज शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में होने वाले इस कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संबल योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। योजना अन्तर्गत प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 76 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है। योजना में अनुग्रह सहायता अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के लिये 16 हजार रुपये दिये जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है, जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है, जिसे लागू करने का श्रेय प्रदेश की सरकार को है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं, इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उन्हें 5 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा का लाभ मिल रहा हैं।  

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