LATEST NEWS

मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण

सांदीपनी स्कूल एवं नवोदय विद्यालय के स्थापित होने से शिक्षा के नए कीर्तिमान बनेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्य मार्ग से नवोदय विद्यालय तक सडक का निर्माण किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सांदीपनी और जवाहर नवोदय विद्यालय भवन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन रतलाम जिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिले को दो सौगातें मिली हैं। आलोट में नवोदय विद्यालय के साथ ही सांदीपनी विद्यालय भवन का लोकापर्ण किया गया है, जो शिक्षा के क्षे़त्र में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहें है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र मे उत्तरोतर प्रगति कर रहा है। रतलाम के आलोट में 38.4 करोड़ लागत से बने पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय-2, छात्रावास और स्टॉफ क्वार्टरो तथा 35 करोड़ 11 लाख की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025 में 10वी एवं 12वी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में निजी स्कूलों के बजाए शासकीय स्कूल के बच्चों ने ज्यादा अच्छा प्रर्दशन किया है। नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में भी सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी नही छोडी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाहर नवोदय विद्यालय से मुख्य मार्ग से जोडने वाली सड़क का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्य क्षेत्रों में भी विकास के कार्य कर रही हैं। सिंचाई के लिए भी कई परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी विजन के तहत नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत हुई है। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की बेहतरी के लिए पार्वती, चंबल, कालीसिंध नदी जोडों परियोजना स्वीकृत की गई है। इससे प्रदेश के कई गांव को पेयजय एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। मध्यप्रदेश मे लगभग 55 लाख हैक्टेयर में सिंचाई हो रही है। किसानों को विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पम्प देने की योजना है। इससे किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे है। मध्यप्रदेश देश में पर्यटन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर आ गया है। आलोट में क्षिप्रा-चंबल नदी संगम स्थल पर पर्यटन का विकास किया जाएगा। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह नवोदय विद्यालय रतलाम में दूसरा है, पहला विद्यालय कालूखेड़ा में स्थित है। नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय और उत्कृष्ट विद्यालय पूरे देश में विद्यार्थियों का शैक्षणिक एवं नैतिक विकास कर रहे हैं। शिक्षा ही सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधार है। भारत में साक्षरता दर निरंतर बढ़ रही है, जिसमें नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि रतलाम जिले के आलोट में यह दूसरा नवोदय विद्यालय प्रारंभ हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आधार पर युवाओं को रोजगार मूलक शिक्षा देने में जवाहर नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे नवोदय विद्यालयों में अध्ययन कर जेईई, नीट जैसी परीक्षाएं पास कर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए महाविद्यालय में प्रवेश ले रहे है। लगभग 1 करोड़ 53 लाख बच्चे मध्यप्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। राज्य एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से इन विद्यालयों में एआई की पढ़ाई भी प्रारंभ की गई है। स्कूल समाज को मजबूत बनाते है। मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को सशक्त कर प्रदेश को विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन्य काश्यप, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक आलोट डॉ. चिंतामणि मालवीय उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पगड़ी, शॉल एवं पारंपरिक पेन्टिग भेंट कर किया गया। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में सर्व-सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए वर्ष 2022-23 में सीएम राइज विद्यालय की स्थापना की है, जो अब महर्षि सांदीपनि विद्यालय के नाम से पहचाने जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है। सांदीपनि विद्यालय आलोट में आसपास के 1600 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लेंगे, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस विद्यालय में 1 कि.मी. से 15 कि.मी. दूरी से आने वाले बच्चों के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विषय-वार शिक्षकों के साथ-साथ संगीत शिक्षक, नृत्य शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, खेल शिक्षक, मनोवैज्ञानिक, कॅरियर काउंसलर आदि भी नियुक्त किये गये है।  

किसानों की फसलों की उत्पादकता में वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं: कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसानों की फसलों की उत्पादकता में वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह निर्देश राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान में शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों के कार्यों की समीक्षा की। कृषि मंत्री ने शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों के कार्यों की सराहना की और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य कृषि सामग्री प्रदान करना है, जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि हो सके। मंत्री श्री कंषाना ने अधिकारियों को शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अपनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में किसानों को और अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। बैठक में विभिन्न जिलों से आए कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।  

हमारे यहां हर क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध, फैशन डिजाइन से लेकर हर क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं- मंत्री परमार

भोपाल भारत की परम्परा में विविधता है, जो विश्व में अन्य कहीं नहीं है। हमारे यहां हर क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। फैशन डिजाइन से लेकर हर क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं। देश में विविधता हजारों वर्षों से विद्यमान है। इस परम्परागत विरासत को संजोने की आवश्यकता के लिए देश के हर राज्य में, समाज जीवन में विद्यमान परम्पराओं पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप शोध एवं अनुसंधान करने की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल के होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) भोपाल के “ग्रेजुएशन शो – 2025” कार्यक्रम में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रतिभा है। संस्थान द्वारा रोजगार सृजन के साथ साथ, सांस्कृतिक विरासत पर कार्य करना प्रेरक है। भारतीय ज्ञान परम्परा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैश्विक बाजार में स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए इससे विश्वमंच पर भारतीय ज्ञान की पहचान पुनर्स्थापित होगी। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर उनसे संवाद किया और उनके प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त की। श्री परमार ने निफ़्ट संस्थान को अखिल भारतीय क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। निफ्ट भोपाल के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष अग्रवाल ने कहा, “यह शो हमारे छात्रों के समर्पण, नवाचार और डिज़ाइन नेतृत्व का सजीव प्रमाण है। हम उद्योग के साथ मिलकर छात्रों को व्यावसायिक दुनिया के लिए तैयार करने में विश्वास रखते हैं।” यह आयोजन भारतीय डिज़ाइन शिक्षा के गुणवत्ता मानकों और वैश्विक रुझानों के प्रति निफ्ट भोपाल की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। ग्रेजुएशन शो – 2025 एक ऐसा मंच सिद्ध हुआ, जहाँ युवा डिज़ाइनर्स ने अपने विचारों को उद्योग और समाज के सामने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) भोपाल के कैंपस अकादमिक समन्वयक श्री देव ज्योति गांगुली एवं प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी सहित विद्यार्थी उपस्थित थे। सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स का हुआ प्रदर्शन इस वर्ष के ग्रेजुएशन शो में फैशन मैनेजमेंट स्टडीज़ (FMS-32), टेक्सटाइल डिज़ाइन (TD-33) और फैशन एंड लाइफस्टाइल एक्सेसरीज़ (F&LA-27) विभागों के छात्रों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उद्योग-संगत और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए।  

प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत नगरीय निकायों ने शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष अभियान शुरू

भोपाल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत नगरीय निकायों ने शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। विशेषकर बारिश के दौरान जल-भराव की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिये नाले-नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास कार्यालय ने दिशा-निर्देश जारी किये है। साफ-सफाई अभियान 413 नगरीय निकायों में एक साथ शुरू किया गया है। शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में आवासीय एवं सार्वजनिक क्षेत्र की नालियों से जमी हुई गाद निकालकर गहरी सफाई की जा रही है। वर्षा काल के दौरान जल का प्रवाह सतत रूप से हो सके, इसके लिये नालों के सभी छोर पर जाली लगाई जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। अतिक्रमण हटाने के संबंध में निर्देश नगरीय निकायों को निर्देश दिये गये है कि नाले-नालियों के ऊपर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तत्काल की जाये। शहरी क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम के लिये ब्लीचिंग पॉउडर का छिड़काव भी किया जा रहा है। नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मियों के कार्यों की सतत निगरानी रखने के लिये भी कहा गया है। प्रदेश में 413 स्थानीय नगरीय निकाय है। इनमें नगरपालिक निगम 16, नगरपालिका परिषद 99 और नगर परिषद 298 है। मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी इकाइयाँ प्रदेश में सूखे कचरे के प्रसंस्करण के लिये 405 नगरीय निकायों में 360 मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनके माध्यम से सूखे एवं गीले कचरे को अलग अलग घटकों में बाँटकर प्रसंस्करण के लिये भेजा जाता है। इन इकाइयों से सूखे कचरे की छटाई करके बेचे जाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 100 प्रतिशत नगरीय क्षेत्रों में आवासों और व्यावसायिक क्षेत्रों से कचरा संग्रहण व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है। इसके लिये नगरीय निकायों को 7082 मोटराइज्ड वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें सूखे, गीले के साथ कचरे के अन्य अवयवों को अलग-अलग रखने के लिये कंपार्टमेंट और जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं।  

विधायकों को घर-गाड़ी के लिए मिलेगा दो प्रतिशत ब्याज अनुदान, 15 लाख और आवास के लिए 25 लाख निर्धारित थी

भोपाल पांच साल बाद सरकार एक बार फिर विधायकों को वाहन और आवास के लिए कर्ज लेने पर ब्याज अनुदान की सुविधा देने जा रही है। अब यह राशि अभी तक वाहन के लिए 15 लाख और आवास के लिए 25 लाख निर्धारित थी। इसे दोगुना किया जा रहा है, लेकिन ब्याज अनुदान में दो श्रेणी बना दी है। 15 लाख से अधिक का वाहन और 25 लाख से अधिक का आवास लेने पर सरकार केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी। शेष ब्याज विधायक को स्वयं चुकाना होगा। यदि इस राशि से कम का वाहन या आवास लिया जाता है तो चार प्रतिशत ब्याज विधायक को देना होगा और शेष का भुगतान सरकार करेगी।   कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा प्रस्ताव वित्त विभाग ने संसदीय कार्य विभाग के प्रस्ताव को संशोधन के साथ सहमति दे दी है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। 16वीं विधानसभा (दिसंबर 2023-2028) के लिए निर्वाचित सदस्य काफी समय से मांग कर रहे थे, कि वाहन और आवास ऋण पर दी जाने वाली ब्याज अनुदान की सुविधा को बहाल किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस पर सहमति जताई और मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव से चर्चा की थी। सदस्य सुविधा समिति ने प्रस्ताव संसदीय कार्य विभाग को भेजा, जिसे विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुमोदन से वित्त विभाग भेजा गया। वाहन ऋण की राशि 15 लाख के स्थान पर 25 लाख और आवास ऋण की राशि 25 के स्थान पर 50 लाख रुपये रहेगी लेकिन ब्याज अनुदान दो श्रेणी में मिलेगा।   दो प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा विभाग का मानना है कि 15 लाख से अधिक का वाहन और 25 लाख से अधिक का आवास लेने वाले लोग ब्याज भी चुका सकते हैं इसलिए ऐसे विधायकों को केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। शेष ब्याज उन्हें ही चुकाना होगा। यदि कम ऋण लिया जाता है तो पहले की तरह चार प्रतिशत ब्याज विधायक को देना होगा और शेष राशि सरकार चुकाएगी। अब इस प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 15वीं विधानसभा में कोरोना महामारी के कारण सरकार ने इस योजना पर ब्रेक लगा दिया था। 

अग्निवीर परीक्षा का ऐलान- 11 दिन में ग्वालियर में 32 हजार 708 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, 30 जून से 10 जुलाई तक होगी परीक्षा

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की तारीख घोषित हो गई है। लिखित परीक्षा 30 जून से शुरू होगी और 10 जुलाई तक चलेगी। 11 दिन में ग्वालियर में 32 हजार 708 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। प्रतिदिन 2973 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल होंगे। सेना ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए अब लिखित परीक्षा पहले होगी। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल होंगे।   सबसे ज्यादा भिंड, मुरैना और ग्वालियर के अभ्यर्थी इस साल पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा आवेदन अग्निवीर भर्ती के लिए आए हैं। जुलाई के आखिरी सप्ताह तक परीक्षा परिणाम जारी होगा। इसके बाद अगस्त से अक्टूबर के बीच शारीरिक परीक्षा होगी। इस साल दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थी ट्रेनिंग पर रवाना हो जाएंगे। लिखित परीक्षा में सबसे ज्यादा भिंड, मुरैना और ग्वालियर के अभ्यर्थी शामिल होंगे, जबकि सबसे कम अभ्यर्थी श्योपुर जिले के हैं।   अभ्यर्थियों को 15 जून के बाद जारी होंगे प्रवेश पत्र लिखित परीक्षा की तारीख की घोषणा हो गई है। अब परीक्षा केंद्र तय होने के बाद प्रवेश पत्र जारी होंगे। सेना के अधिकारियों ने बताया कि 15 जून के बाद ही प्रवेश पत्र जारी होंगे। अभ्यर्थियों को ई-मेल के जरिए प्रवेश पत्र भेजे जाएंगे। साथ ही भारतीय सेना की वेबसाइट पर भी प्रवेश पत्र अपलोड किए जाएंगे। ऑनलाइन मॉक टेस्ट दे सकते हैं अभ्यर्थी अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन मॉक टेस्ट की सुविधा भारतीय सेना की वेबसाइट पर है। ज्वॉइन इंडियन आर्मी की वेबसाइट पर मॉक टेस्ट और ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट दिया जा सकता है। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा का अनुभव हो सकेगा। निर्धारित अवधि में प्रश्न पत्र हल करने की प्रैक्टिस की जा सकती है। 

2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी

इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत 2.9 किमी लंबी टनल का निर्माण कार्य हुआ पूरा  इंदौर-दाहोद रेल लाइन के लिए टनल में पटरी बिछाने का काम इसी महीने से शुरू होगा 2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी  इंदौर इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट में पिछले तीन वर्षों से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। 204 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग सेक्शन में पूरा किया जा रहा है। इंदौर-टीही सेक्शन पर रेल कनेक्टिविटी होने के बाद अब टीही से धार सेक्शन का काम चल रहा है। इस सेक्शन में 270 करोड़ की लागत से बन रही 2.9 किमी लंबी टनल की फिनिशिंग का काम जारी है। टीही-धार सेक्शन में 46 किमी के हिस्से में रेल लाइन बिछाने, अर्थवर्क, स्टेशन भवन, आरओबी, अंडरपास आदि काम तेजी से किए जा रहे हैं। टनल की फाइनल फिनिशिंग जारी रेलवे ने टनल का काम सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि दिसंबर तक इंदौर-धार के बीच ट्रेन संचालन शुरू हो सके। टनल बनने के बाद अब फाइनल फिनिशिंग की जा रही है। अब तक 800 मीटर में लाइनिंग का काम पूरा किया जा चुका है। एक माह से एक साथ पांच मशीनें काम कर रही हैं। पानी का रिसाव रोकने के लिए जेंट्री के माध्यम से वाटरप्रूफ जियो टेक्सटाइल और मेमरीन लगाई जा रही है। इसके बाद भी पानी का रिसाव होने की स्थिति में ड्रेन लाइन भी बनाई गई है। रेलवे अफसरों के अनुसार इसी माह सुरंग के आधे हिस्से में ट्रैक बिछाने काम भी शुरू कर दिया जाएगा। सुरंग एक नजर में     2007-08 में रेलवे ने आठ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की थी।     इसके बदले करीब चार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया।     तीन किमी के दायरे में 15 मीटर चौड़ाई की जमीन का किया उपयोग।     सुरंग से दो लाख 34 हजार क्यूबिक मीटर मलबा निकाला गया।     अब तक 800 मीटर हिस्से में टनल पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इसलिए जरूरी प्रोजेक्ट पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट काफी अहम है। यहां ट्रेन संचालन होने से इंदौर-मुंबई के बीच रेल मार्ग की दूरी कम हो जाएगी। आजादी के बाद अब धार, आलीराजपुर, झाबुआ सहित मप्र और गुजरात के जो क्षेत्र अब तक ट्रेन से अछूते थे, उन्हें ट्रेन सुविधा मिल जाएगी। इसके साथ ही पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का गुड्स सीधे मुंबई, साउथ व अन्य पोर्ट पर सीधे चला जाएगा। सागौर रेलवे स्टेशन से ही मल्टी लाजिस्टिक पार्क के लिए रेल लाइन की कनेक्टिविटी रहेगी। स्टेशन से पार्क करीब तीन किमी दूर बन रहा है। 6 साल से चल रहा टनल का काम इंदौर-दाहोद रेल लाइन में टिही टनल का काम ही सबसे अहम था। 6 साल से तीन किलोमीटर लंबी टनल बनाने का काम चल रहा था। रेलवे के द्वारा पिछले साल ही इसका सिविल वर्क पूरा कर लिया गया था। टनल के आगे के हिस्से की बात करें तो फिनिशिंग से पीथमपुर, पीथमपुर से गुनावद के बीच रेलवे ने ट्रैक बिछा दिया है। इंदौर से सीधा कनेक्ट होगा धार जल्द ही इंदौर से धार कनेक्ट हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट साल 2008 में स्वीकृत हुआ था। जिसमें पहले टनल का प्रस्ताव नहीं था। बाद से प्रोजेक्ट में आधिकारियों द्वारा टनल को जोड़ा गया। साल 2017-18 में टेंडर जारी किए गए थे। इसके बाद काम शुरु हुआ, लेकिन कोरोना शुरु किया गया था। 2017-18 में टेंडर जारी हुए थे। इसके बाद काम शुरू हुआ। हालांकि, कोविड के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को फ्रीज कर टेंडर शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया। बता दें कि, टिही – पीथमपुर टनल के बनने से अब इंदौर से दाहोद के लिए सीधी रेलवे लाइन उपलब्ध होगी। जिससे इंदौर से दाहोद, गुजरात और महाराष्ट्र का सफर आसानी से किया जा सकेगा।    

जल्द लाखों यात्री वंदे भारत ट्रेन से भोपाल से पटना और लखनऊ की यात्रा कम समय में पूरी कर सकेंगे

भोपाल  देश के तीन राज्यों को जल्द बड़ी सौगात मिलने वाली है। इससे मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश का सफर आसान हो जाएगा। वंदे भारत एक्सप्रेस इन तीन राज्यों की राजधानियों को जोड़ेगी। लाखों यात्री वंदे भारत ट्रेन से भोपाल से पटना और लखनऊ की यात्रा कम समय में पूरी कर सकेंगे। दरअसल प्रदेश की राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने जा रही हैं। इससे लाखों यात्रियों को फायदा होगा। बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से डायरेक्ट ट्रेन चलती है। इन ट्रेनों को पटना पहुंचने में करीबन 18 घंटे का समय लगता है। भोपाल से बिहार की दूरी लगभग 1 हजार किलोमीटर है। वहीं भोपाल से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की दूरी करीब 584 किलोमीटर है और ट्रेन से यह दूरी तय करने में करीब 10 घंटे का वक्त लगता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन(Vande Bharat Express) के आने से ये सफर तय करना काफी आसान हो जाएगा। यात्री कम समय में भोपाल से पटना और लखनऊ पहुंच सकेंगे। जल्द होगा ऐलान जानकारी के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर भोपाल रेलवे डिवीजन और पटना डिवीजन मिलकर इसकी तैयारियां कर रही हैं। बताया जा रहा है कि रेलवे बोर्ड जल्द ही नई वंदे भारत के शेड्यूल, स्टॉपेज को लेकर ऐलान कर सकती है। बता दें कि, इस ट्रेन में यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिलेगी। इसमें एसी चेयरकार और एक्सक्लूसिव क्लास दोनों की व्यवस्था उपलब्ध होगी।

प्रदेश में जल संरक्षण की यात्रा दिन प्रति दिन मजबूती से आगे बढ़ रही

भोपाल प्रदेश में जल संरक्षण की यात्रा दिन प्रति दिन मजबूती से आगे बढ़ रही है। जनभागीदारी से जल संरचनाओं के संरक्षण और सफाई के कार्य हाथ में लिये गये है। ऐतिहासिक, संस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले जल स्त्रोतों के सफाई के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। नर्मदा पथ पर यात्रा के माध्यम से नदी किनारे ग्रामों में जल चौपाल कर ग्रामीणों को नदी के आसपास साफ सफाई के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा शहडोल जिले में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जल संवर्धन का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी के साथ जल है जीवन की धारा, कल का यही सहारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर “जल गंगा सवंर्धन अभियान” 30 मार्च से 30 जून तक चलाया जा रहा है। यह अभियान जन-जन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नये तालाब बनाये जा रहे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णाद्वार का कार्य भी किया जा रहा है।  नदियों को साफ-स्वच्छ एवं जल एकत्रित करने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में जल संरक्षण के कार्य भी किये जा रहे हैं। अभियान जन प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय, जनभागीदारी, आमजन और सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित हो रहा है। अभियान में मशीन, सामग्री और श्रम का समुचित नियोजन किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत मैकी, ग्राम पंचायत दुलादर  सहित अन्य ग्राम पंचायतों में नवीन खेत तालाब के कार्य किये गए है। ग्राम समर्रा में नल कनेक्शनों में टोटियां लगायी गयी टीकमगढ़ कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशानुसार जिले में जलगंगा संवर्धन अभियान कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत ग्राम समर्रा में एकल जल प्रदाय योजना के अंतर्गत नल कनेक्शनों में टोंटियां लगायी गईं। ग्रामीणों को पानी के अनावश्यक बहने से राकेने की समझाइश दी गई। ग्राम समर्रा में करीब 20 घरों के नल कनेक्शनों में टोटियों को लगाया गया। यह पहल ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश से की गई है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि पानी भरते ही नल की टोटी बंद कर देना चाहिए, जिससे जल को बर्बाद होने से रोका जा सके। अभियान पर केन्द्रित प्रदर्शनी का सरपंचों ने किया अवलोकन राज्य सरकार के निर्देश पर 30 मार्च से प्रारंभ हुए प्रदेश स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जनसहभागिता से निरंतर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 30 जून तक संचालित होने वाले इस महत्वाकांक्षी अभियान में प्राचीन जल स्त्रोतों एवं कुएं व बावड़ियों के जीर्णाद्धार कार्य सहित जल संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं अंतर्गत खेत तालाब निर्माण इत्यादि का कार्य ग्रामवासियों के सहयोग से क्रियान्वित हो रहा है। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न कार्यों को जनसहभागिता से बेहतर रूप में क्रियान्वित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिले के सभी विकासखण्ड में अभियान के तहत पूर्ण हो चुके एवं प्रगतिरत कार्यों के बारे में जानकारी तथा तकनीकी पहलुओं से अवगत कराने के लिए जिला पंचायत परिसर में प्रदर्शनी लगाई गई। करीब 90 सरपंचो ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कार्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। पंचायत प्रतिनिधियों को जल की स्वच्छता एवं कचरा के उचित निस्तारण की जानकारी दी गई। अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया। एक्सपोजर विजिट में सरपंचों को जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अच्छे कार्यों का महत्व बताया गया। प्रदर्शनी में ग्रामीण क्षेत्र और पंचायतों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रदर्शित किया गया। तालाब में किया गया श्रमदान दमोह जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में स्वच्छता ही सेवा का 49वें सप्ताह के अंतर्गत पाठक कॉलोनी तालाब में श्रमदान किया गया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, जनप्रतिनिधियों,  विभिन्न सामाजिक संगठन, स्वंयसेवी संस्थाओं ने अपनी सहभागिता निभाई। यह श्रमदान कार्य पिछले 48 सप्ताह से जारी हैं। जिले में जल स्त्रोतों मे सीवेज का गंदा पानी न मिले इसके लिये सोक पिट का निर्माण किया गया है। जिले में सिंचाई की नहर प्रणाली की सफाई व्यवस्था में किसानों की सहभागीता सुनिश्चित की जा रही है। भरहटा में बावडी की सफाई सतना जिले में उचेहरा विकासखंड के कबीर आश्रम ग्राम पंचायत भरहटा में बावड़ी स्वच्छता कार्यक्रम में जनभगीदारी से सफाई कार्य किया जा रहा है। स्थानीय पुजारी के अनुसार सम्राट अशोक के समय इस बावड़ी का निर्माण कराया गया था। बताया गया कि प्राचीन समय में राहगीर और स्थानीय गांव के लोग इसी से पानी पीते थे। श्रमदान के बाद ग्रामीणों को पेयजल स्त्रोतों की उपयोगिता की जानकारी दी गई। उन्हें शपथ दिलाई गई की वे निंरतर श्रमदान कर बावड़ी के आस पार सफाई रखेंगे। जिले में किसानों को खेत तालाब के महत्व के बारे में विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

डॉक्टरों और तकनीशियनों को 1 जुलाई से एमजीएम मेडिकल कॉलेज में कार्निया प्रत्यारोपण का प्रशिक्षण दिया जाएगा

इंदौर नेत्रदान को बढ़ावा देने और ज्यादा लोगों तक इलाज पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक नई पहल की है। अब प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में कार्निया (आंख का पारदर्शी हिस्सा) प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) ने प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। कॉर्निया ट्रांसप्लांट की हुई पहल इस योजना के पहले चरण में इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 जिलों के अस्पतालों में प्रत्यारोपण केंद्र शुरू होंगे। इन जिलों में डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे अपने-अपने जिलों में यह सुविधा शुरू कर सकें। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी ट्रेनिंग ट्रेनिंग का काम 1 जुलाई से इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू होगा। डॉक्टरों को एक महीने और तकनीशियनों को 15 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की विशेषज्ञ टीम देगी। इस विभाग में हर साल करीब 100 कार्निया प्रत्यारोपण पहले से ही किए जाते हैं और यहां नेत्र बैंक भी है। राज्य के अधिकांश जिला अस्पतालों में पहले से ही ऑपरेशन थिएटर, माइक्रोस्कोप और जरूरी उपकरण मौजूद हैं क्योंकि वहां मोतियाबिंद जैसी सर्जरी होती है। इसलिए कार्निया ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रिया को भी वहां आसानी से शुरू किया जा सकता है। इन जिलों में पहले शुरू होगी सुविधा     इंदौर संभाग के – आलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा और खरगोन।     उज्जैन संभाग के – देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर और नीमच। एमवाय अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की एचओडी डॉ. प्रीति रावत के अनुसार, इस पहल से उन मरीजों को राहत मिलेगी जो पैसों की कमी या दूरी के कारण बड़े शहरों में इलाज नहीं करवा पाते। अब उन्हें अपने जिले में ही आंखों के प्रत्यारोपण की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही नेत्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ज्यादा मरीजों को रोशनी मिल पाएगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि यह योजना स्वास्थ्य विभाग और शासन के सहयोग से लागू की जाएगी। ट्रेनिंग खत्म होने के तीन महीने बाद हर जिले में प्रत्यारोपण केंद्र चालू हो जाएंगे।

इसबार क्या बढ़कर आएगी लाड़ली बहना योजना की किस्त ? 1250 का इंतजार

भोपाल  मध्य प्रदेश की करोड़ों बहनों के लिए जून का महीना बड़ी राहत लेकर आया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 25वीं किस्त जल्द जारी होने वाली है, जिसमें करीब 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में ₹1250 ट्रांसफर किए जाएंगे। यही नहीं, इस बार 26 लाख से ज्यादा बहनों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी अतिरिक्त राशि दी जाएगी। यह खुशखबरी उन महिलाओं के लिए है जो इस योजना से हर महीने आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। 15 तारीख तक आएगी 25वीं किस्त अब तक हर महीने की 10 तारीख तक किस्त जारी की जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से सरकार ने तारीख को थोड़ा आगे बढ़ाया है। अब हर महीने की 15 तारीख के आसपास भुगतान किया जाएगा। अप्रैल में 16 और मई में 15 तारीख को किस्तें आई थीं, ऐसे में अनुमान है कि 25वीं किस्त 15 जून 2025 तक बहनों के खातों में पहुंच सकती है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। रक्षाबंधन पर पर बढ़ेगी राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में रीवा जिले के मनगवां में एक महिला सम्मेलन में ऐलान किया कि रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने वादा किया कि अगले 3 वर्षों में योजना की राशि को बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह कर दिया जाएगा। मई 2023 में हुई थी योजना की शुरूआत लाड़ली बहना योजना मई 2023 में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई थी, जिसका मकसद था महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। शुरुआती किस्त ₹1000 की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1250 किया गया। अब हर साल ₹15,000 तक की मदद मिलने लगी है। कौन महिलाएं हैं पात्र? जानिए नियम और शर्तें इस योजना का लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। केवल विवाहित महिलाएं, चाहे वे विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता हों, पात्र मानी जाती हैं। महिला या उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही परिवार में कोई टैक्सपेयर, सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारी सदस्य नहीं होना चाहिए। जिन महिलाओं के पास ट्रैक्टर को छोड़कर चारपहिया वाहन हैं या 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है, वे भी इस योजना से बाहर हैं। रक्षाबंधन पर मिलेगा बहनों को उपहार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीवा जिले के मनगवां में महिला स्वसहायता समूह सशक्तिकरण सम्मेलन में ऐलान किया है कि रक्षाबंधन में बहनों को इस योजना से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस योजना की राशि 3 वर्ष में बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक ले जाएंगे।इससे पहले सारणी में एक सभा के दौरान भी सीएम ने ऐलान किया था कि लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह तक की जाएगी। आने वाले 5 वर्षों में लाड़ली बहनों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। जब योजना शुरू की गई थी, तब सरकार ने वादा किया था कि 1000 रुपये का भुगतान धीरे-धीरे बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 24 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। जानिए लाड़ली बहना योजना के लिए आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं     जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।     जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।     जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर … Read more

50,000 सरकारी कर्मचारियों को पिछले महीनों से सैलरी नहीं मिली, सामने आया 230 करोड़ का वेतन घोटाला

भोपाल मध्य प्रदेश में 230 करोड़ का वेतन घोटाला सामने आया है जिसमें 50,000 सरकारी कर्मचारियों को पिछले महीनों से सैलरी नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक एमपी के कार्यबल के लगभग 9 फीसदी हिस्से को सैलरी ना दिया जाने की समस्या ने बड़े घोटाले का रूप ले लिया है और माना जा रहा है कि राज्य का अब तक का सबसे बड़ा सैलरी स्कैम हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिन कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी गई उनके नाम सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद हैं। इन कर्मचारियों का नाम और कर्मचारी कोड सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। किन किसी कारण से पिछले साल दिसंबर से इनकी सैलरी इन्हें नहीं दी गई है। तीन बड़े सवाल ऐसी चीजें सामने आने के बाद अब तीन बड़े सावल खड़े हो गए हैं। क्या ये कर्मचारी अनपेड लीव पर हैं? क्या इन्हें निलंबित किया गया है? या ये महज़ घोस्ट कर्मचारी हैं यानी कागज़ों पर तो हैं, असल में नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक 23 मई को आयुक्त कोषागार एवं लेखा (CTA) ने सभी ड्रॉइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर्स (DDO) को लेटर भेजा था। इस लेटर में इस चौंकाने वाले मामले की जांच के लिए कहा गया था। इसमें कहा गया था, IFMIS के अंतर्गत रेगुलर/नॉन रेगुलर कर्मचारियों का डेटा, जिनका वेतन दिसंबर 2024 से नहीं निकाला गया है। हालांकि कर्मचारी कोड मौजूद हैं, लेकिन IFMIS में उनका वेरिफिकेशन अधूरा है, और एग्जिट प्रोसेस भी नहीं किया गया है। इस लेटर के बाद, 6,000 से ज्यादा DDO जांच के दायरे में हैं और उनसे 15 दिनों में संभावित 230 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इसकी समय-सीमा आज समाप्त हो जाएगी।  

भोपाल में एक साल में 13 किमी ज्यादा नयी सड़कें शहरवासियों को मिलीं, बीते एक साल में 387 किमी सड़कों पर काम हुआ

भोपाल राजधानी भोपाल में आबादी और क्षेत्र विस्तार के साथ सड़कों की लंबाई और चौड़ाई भी बढ़ रही है। पीडब्ल्यूडी ने बीते एक साल में शहर में 25 किमी नई सड़क बनाई। हर साल करीब 12 किमी लंबाई की नयी सड़कें पीडब्ल्यूडी तैयार करता है। लेकिन इस साल 13 किमी ज्यादा नयी सड़कें शहरवासियों को मिलीं। बीते एक साल में 387 किमी सड़कों पर काम हुआ। सड़क पर सालाना 50 करोड़ खर्च सड़क नई बनाना हो या फिर नवीनीकरण, उन्नयन या फिर चौड़ीकरण करना हो शासन शहर पर औसतन 50 करोड़ रुपए खर्चें करता है। ये राशि सिर्फ पीडब्ल्यूडी की है। इसमें यदि बीडीए, हाउसिंग बोर्ड, नगरीय निकाय को भी शामिल करें तो बजट करीब 100 करोड़ के पास होगा। खराब सड़कों की हो जांच सालाना 300 किमी से अधिक लंबाई की सड़कों पर काम होता है। 50 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च की जाती है, बावजूद इसके आमजन टूटी सड़कों(News Road built in MP) से गुजरने को मजबूर हैं। शहर के लोगों का कहना है कि सड़के खराब हैं तो करोड़ों रुपए का खर्च कहां किया जा रहा, इसकी जांच की जरूरत है। नर्मदापुरम रोड की सर्विस लेन से लेकर करोद रोड, भानपुर सर्विस लेन, 11 मिल तिराहे की सड़कें सबसे अधिक खराब हैं। इनकी मरमत की ज्यादा जरूरत है। भोपाल में सड़कें     573 किमी सड़कें पीडब्ल्यूडी की     268 सड़कें हैं कुल पीडब्ल्यूडी की     400 किमी सड़कें परफॉर्मेंस गारंटी में     4000 किमी लंबी सड़कें नगर निगम की शहर में सड़क सुधार और निर्माण के लिए विभाग तय शहर में सड़क सुधार और निर्माण के लिए विभाग तय हैं। सभी के पास बजट है और लगातार प्रस्ताव व कार्य चलते रहते हैं। ये नियमित व सतत काम है। पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य लोगों को आवाजाही का बेहतर माध्यम देना है।– केपीएस राणा, इएनसी, पीडब्ल्यूडी

बिजली कंपनी की भर्ती परीक्षा में प्रोविजनल सूची में चयनित आवेदकों के दस्तावेज सत्यापन 23 से 25 जून तक

भोपाल  मध्यप्रदेश शासन ऊर्जा विभाग के अधीन 6 बिजली कंपनियों में विभिन्न खाली पदों की पूर्ति के लिये परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल द्वारा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी पदों के अंतर्गत कनिष्ठ अभियंता (विद्युत), कनिष्ठ अभियंता (सिविल), विधि सहायक, कार्यालय सहायक श्रेणी-तीन एवं लाइन परिचारक के पदों को भरने के लिए दस्तावेज सत्यापन हेतु प्रोविजनल सूची जारी कर दी गयी है। कंपनी द्वारा इन तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी पदों की पूर्ति के लिये कुल 546 सफल आवेदकों की प्रोविजनल सूची जारी कर दस्तावेज सत्यापन के लिये सूचना जारी की गई है।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि कंपनी द्वारा प्रोविजनल सूची में शॉर्टलिस्ट आवेदकों में कनिष्ठ अभियंता (विद्युत) के 63, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 5,  विधि सहायक के 21 एवं कार्यालय सहायक श्रेणी-तीन के 309 आवेदकों को 23 जून से 25 जून तक अलग-अलग तारीखों में दस्तावेज सत्यापन के साथ ही लाइन परिचारक के 148 आवेदकों को 26 जून को शारीरिक दक्षता परीक्षण के लिये व्यक्तिगत सूचना जारी की गई है। कंपनी द्वारा आवेदकों के दस्तावेज सत्यापन मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गोविन्दपुरा मुख्यालय स्थित पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेन्टर में किया जाएगा तथा लाइन परिचारक के दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण कंपनी के शिवपुरी, भोपाल, नर्मदापुरम एवं ग्वालियर स्थित महाप्रबंधक वृत्त कार्यालय में 26 जून को किये जायेंगे। प्रोविजनल सूची में दस्तावेज सत्यापन के लिये चयनित आवेदकों के नाम, सत्यापन तिथि एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण की तिथि की जानकारी कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर भी देखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बूंद सहेजे बावड़ी पुस्तक का किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  जल गंगा संवर्धन अभियान में श्री चिंतामण गणेश मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मण बावड़ी से बावड़ी उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘बूंद सहेजे बावड़ी’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ में चिंतामण गणेश मंदिर परिसर में सिंदूर के पौधे का रोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री चिंतामण गणेश के आशीर्वाद से देश-प्रदेश विकास की नई ऊंचाईयाँ छू रहा है। उज्जैन में आयोजित की गई वेलनेस समिट में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। उज्जैन देश-विदेश के लिए मानसिक शांति, आध्यात्म, वेलनेस केयर का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन-इंदौर नवीन फोरलेन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिंतामण गणेश रेलवे स्टेशन का उन्नयन भी किया जाएगा। मां क्षिप्रा को कान्ह क्लोज़ डक्ट परियोजना और सेवारखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना से स्वच्छ, निर्मल और प्रवाहमान किया जा रहा है। इससे सिंहस्थ स्नान मां क्षिप्रा के स्वच्छ जल से हो होगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नवीन क्षिप्रा घाटों का निर्माण किया जा रहा है। सभी सुविधा श्रद्धालुओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्रदेश में जल संरक्षण का संदेश, जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और भू-जल स्तर में सुधार पर कार्य कर जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के उपाय किये गये हैं। बावड़ी-उत्सव जन अभियान परिषद द्वारा बताया गया कि बावड़ी उत्सव में बावड़ियों के स्थल की जन सहभागिता से जीर्णोद्धार, प्रकाश, साफ सफाई, साज-सज्जा, जल आने के मार्गो को खोलकर जल संरचनाओं को नव जीवन प्रदान किया जा रहा है। जीर्णोद्धार के बाद बावड़ी उत्सव अंतर्गत बावड़ी का परंपरागत पूजन भी किया जा रहा है और जलस्त्रोत संरक्षण केन्द्रित संदेश अथवा बावड़ी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक महत्व के बारे में जानकारी देकर, जल संचय का संदेश दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संपूर्ण अभियान में परिषद के प्रयासों से 36 लाख 34 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हुई है। परिषद् द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में 2139 बावड़ी सफाई, 4254 तालाब सफाई, 3468 नदी घाट सफाई,15913 जल संगोष्ठी,1677 नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन के कार्य किए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बावड़ी उत्सव में लक्ष्मण बावड़ी का पूजन किया। कार्यक्रम का संचालन श्री पीयूष त्रिपाठी ने किया और आभार संभाग समन्वयक श्री शिवप्रसाद मालवीय ने किया। कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी, चिंतामण गणेश मंदिर प्रशासक श्री अभिषेक शर्मा, पुजारी श्री राजेश गुरु, जनअभियान परिषद के कार्यपालक निर्देशक डॉ बकुल लाड़,सदस्य श्रीमती अजीता परमार,जिला समन्वयक श्री देवेंद्र शर्मा और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet