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Indore में बिल्डिंग गिराने के मामले में भड़के महापौर, जांच के दिए आदेश

इंदौर इंदौर के स्कीम 54 में बसे पी यू फॉर में नगर निगम द्वारा 31 मई को डायनामाइट लगाकर उड़ाए गए भवन को लेकर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों पर सवालिया निशान लगा दिया है. महापौर ने पूरी कार्रवाई की जांच करवाने का हवाला दिया है. साथ ही जोन के भवन अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाए हैं. दरअसल, इंदौर के सी-21 बिजनेस पार्क के पास बने पीयू फॉर स्कीम पर डॉक्टर इजहार मंजूरी का प्लॉट है, जिसे उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण से खरीदा था. इसे नगर निगम ने अवैध बताकर 30 मई को आगे का हिस्सा तोड़ दिया था. वहीं, अगले दिन चार मंजिला बिल्डिंग में डायनामाइट लगाकर उसे बम से उड़ा दिया था. तत्काल पद से हटा दिया था भवन अधिकारी को इस मामले में डॉक्टर इजहार मंजूरी ने क्षेत्र के भवन द्वारा नोटिस देने के बाद पांच लाख रुपए मांगने के आरोप भी लगाए थे, जिसके बाद निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने भवन अधिकारी असित खरे को तत्काल पद से हटा दिया था. अब इस मामले में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. ‘जांच कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी’ महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जिस तरह से बिल्डिंग को तोड़ा गया है वह जांच का विषय है. एक व्यक्ति आई डी ए की स्कीम से प्लॉट खरीदता है और अनुमति लेकर भवन बनाता है, यदि भवन के निर्माण अवैध तरीके से किया गया था तो बाधक निर्माण हटाना था, लेकिन पूरे मकान को उड़ा दिया गया जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. हमने मकान मालिक से सारे दस्तावेज बुलवाए है, और जांच कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी. वहीं कांग्रेस नेता अमीनुल सूरी का निगम की कार्रवाई व महापौर पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंदौर में डॉ. इजहार मुंशी का घर गिराया नहीं गया, सिस्टम ने अपनी रिश्वतखोरी का परचम लहराया है नक्शा पास, केस हाईकोर्ट में, फिर भी ब्लास्ट? क्योंकि ‘रिश्वत’ नहीं दी, इसलिए इजहार मुंशी को कार्रवाई के रूप में अवैध बिल्डिंग बताकर विस्फोट कर बिल्डिंग को धराशाई कर दिया, नैतिकता और भाजपाइयों का वास्तव में एक दूसरे से कोई सरोकार तो नहीं हैं. अमीनुल सूरी ने कहा कि फिर भी मैं महापौर जी से पूछना चाहता हूं. नैतिकता जैसा शब्द उन्होंने सुना है क्या? इंदौर में डॉ. इजहार मुंशी की चार मंज़िला मकान नगर निगम ने ब्लास्ट कर के गिरा दिया. नगर निगम का आरोप है कि मकान नक्शे के विपरीत बनाया गया था, जबकि डॉ. इजहार का कहना है कि नक्शा पास होने के बावजूद नगर निगम के कर्मचारी 10 लाख रुये की रिश्वत मांग रहे थे. कुछ दिन पहले 5 लाख रुपये दिए थे. वह और बाकी बचे पैसे मांग रहे थे. नहीं देने पर घर ब्लास्ट कर उड़ा दिया, जबकि मामला हाई कोर्ट में लंबित है.

प्रजापत नगर में एक मां ने अपनी आठ माह की बच्ची को हौज में डुबोकर मार डाला, पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया

 इंदौर प्रजापत नगर में एक मां ने अपनी आठ माह की बच्ची को हौज में डुबोकर मार डाला। पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में आरोप स्वीकार लिया है। वह सास-ससुर से परेशान थी। उससे झगड़ा करते थे। बच्ची भी उसको नहीं देते थे। फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है। द्वारकापुरी पुलिस के अनुसार घटना बुधवार सुबह करीब आठ बजे की है। कारखाना में काम करने वाले अविनाश चौहान की बच्ची मायरा के गुम होने से हड़कंप मच गया। रहवासियों की मदद से तलाश शुरू की गई। अविनाश की पत्नी वर्षा हौज पर खड़ी हो गई। लोगों ने हौज में देखने का कहा तो बहाना बनाने लगी। वर्षा ने अविनाश से दूसरी शादी की थी लोगों ने जैसे ही ढक्कन खोला, बच्ची पानी में डूबी हुई थी। वर्षा का पहले पति से तलाक हो चुका है। उसने अविनाश से दूसरी शादी की है। उसकी मनोस्थिति ठीक नहीं है। सास-ससुर इस कारण उसे बच्ची नहीं देते थे। इस पर उसका विवाद होता था। टीआई सुशील पटेल के मुताबिक अभी मर्ग कायम किया है। शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है।  

अनूपपुर के वन मंडलाधिकारी विपिन कुमार पटेल ने बताया, मिश्रित प्रजाति के पौधों का किया जाएगा रोपण

अनूपपुर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्य का शुरू किया जाएगा। इस वर्ष जिले में 12 लाख से अधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने कार्य योजना तैयार कर ली है। अभियान के अंतर्गत मिश्रित प्रजाति के पौधे सागौन, बांस, आंवला, करंज, खमार, महुआ, नीम के साथ ही फलदार पौधों का भी रोपण किया जाएगा। पौधारोपण के लिए गड्ढे तैयार कर लिए गए हैं। वन विभाग ने जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्र में 12 लाख 25 हजार 42 पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा है। अनूपपुर वन परिक्षेत्र में तीन लाख 12 हजार 813, जैतहरी वन परिक्षेत्र में 89 हजार 700, कोतमा वन परिक्षेत्र में 3 लाख 42 हजार 53, बिजुरी वन परिक्षेत्र में 3 लाख 10 हजार 126, राजेंद्रग्राम वन परिक्षेत्र में 13 हजार 125, अमरकंटक वन परिक्षेत्र में 7 हजार 475, अहिरगवां वन परिक्षेत्र में एक लाख 49 हजार 750 पौधे लगाए जाएंगे। मिश्रित प्रजाति के पौधों का किया जाएगा रोपण वन मंडलाधिकारी अनूपपुर विपिन कुमार पटेल ने बताया कि वन मंडल अनूपपुर अंतर्गत 7 वन परिक्षेत्र में 12 लाख 25 हजार 42 पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर से इस अभियान की सैद्धांतिक शुरुआत की जाएगी तथा वर्ष प्रारंभ होने के बाद इस लक्ष्य को पूर्ण करते हुए सभी पौधे रोपित किए जाएंगे।

कोविड-19 ने बढ़ाई चिंता, इंदौर में फिर मिले कोरोना वायरस से संक्रमित 7 मरीज

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर सिर उठाता नजर आ रहा है। बुधवार को शहर में सात नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इन मरीजों में से तीन हाल ही में मथुरा, केरल और बद्रीनाथ की यात्रा से लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लगातार सामने आ रहे नए मरीज शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा फिर से मंडराने लगा है। बुधवार को जिन सात मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनमें से कई हाल ही में विभिन्न राज्यों से यात्रा करके लौटे हैं। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें भी आइसोलेट करने की तैयारी की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। संक्रमितों में महिलाएं और पुरुष, सभी होम आइसोलेशन में अधिकारियों ने बताया कि मथुरा से लौटी 43 वर्षीय महिला, केरल से लौटी 69 वर्षीय महिला, बद्रीनाथ से लौटी 48 वर्षीय महिला, ओडिशा से लौटे 29 वर्षीय पुरुष और रायपुर से लौटे 36 वर्षीय पुरुष समेत इंदौर के दो पुरुषों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन सभी को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद जांच करवाई गई। सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनके परिजनों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर में अब तक 33 मामले, सीएमएचओ ने दी सतर्कता की सलाह इस वर्ष अब तक इंदौर में कोरोना के कुल 33 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 25 मरीज इंदौर के और आठ अन्य जिलों के हैं। फिलहाल शहर में 17 सक्रिय मरीज हैं जो सभी होम आइसोलेशन में हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कि हाल ही में कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट की सब-लाइनिज की पुष्टि हुई है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और लक्षण दिखने पर संपर्क में न आने की सलाह दी गई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बुधवार को विशेषज्ञों की बैठक कर छह बेड वाले आईसीयू वार्ड और ऑक्सीजन जैसी चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। कोरोना वार्ड में डॉक्टरों और स्टाफ की टीम तैनात रहेगी और मरीजों को समय पर जांच व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।  

वामपंथी संगठनों ने DEVI में सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट की संचालित

इंदौर देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के इंटरनेट सर्वर में वामपंथी संगठनों ने न केवल सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट संचालित करते रहे। जब दिल्ली में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एम्प्लाइज कांफेडरेशन (एआइयूईसी) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संसद पर धरना दिया तो उसकी तस्वीरें भी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सर्वर से ही अपलोड की गईं। विद्यार्थियों के बीच टूटी-फूटी इंटरनेट सेवा और लगातार ठप रहने वाली वेबसाइट के लिए बदनाम इंदौर का विश्वविद्यालय अपने सर्वर से इन संगठनों की वेबसाइट मैनेज करता रहा। खुलासे के बाद विश्वविद्यालय के जिम्मेदार हैरान हैं, अब जांच की बात कही जा रही है। आईटी सेंटर के अंदरूनी राज बाहर आ गए बीते दिनों देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में लंबा कर्मचारी आंदोलन चला। आंदोलन में वामपंथी संगठनों का जुड़ाव सामने आया। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद विश्वविद्यालय ने कई जगह फेरबदल किया और कर्मचारियों को हटा दिया। इस बीच विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से जुड़े कुछ अधिकारी भी छुट्टी पर चले गए। जिम्मेदारों के छुट्टी पर जाने के बाद अब आईटी सेंटर के अंदरूनी राज भी बाहर आ गए। लंबे समय से डीएवीवी से चल रही साइट कुछ अधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी कि एआइयूईसी (एटक) की वेबसाइट लंबे से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से चल रही थी। जबकि इस संगठन का मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट और इस संगठन की वेबसाइट का सर्वर भी एक ही रहा। इस संगठन की वेबसाइट को भी विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से अपडेट भी किया जाता रहा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से कुछ तकनीकी जानकारों ने इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी) एड्रेस निकालकर यूनिवर्सिटी अधिकारियों के सामने रख दिया। बताया गया कि यदि इस तरह विश्वविद्यालय का सर्वर किसी एक संगठन के लिए इस्तेमाल हो सकता है तो ऐसे में अन्य संगठन भी दुरुपयोग कर लें तो परेशानी खड़ी हो सकती है। बीते समय महीनों तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की वेबसाइट डाउन रही थी, इससे पहले किसी विदेशी हैकर के हमले की बात भी सामने आई थी। ऐसे में आशंका है कि सर्वर का दुरुयोग का स्तर कहीं बड़ा हो सकता है। तकनीकी जांच कराएंगे     आमतौर पर यदि किसी कंपनी से सर्वर किराए पर लिया जाता है तो वह एक हो सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय का अपना सर्वर है। ऐसे में यह गंभीर बात है कि बाहरी संगठन इसका उपयोग कर रहे थे। यह बात अभी सामने आई है। बीते वर्षों से लेकर अब तक इसकी तकनीकी जांच करवाएंगे। प्रकरण गंभीर है, दोषियों को रियायत नहीं दी जाएगी। – प्रो. राकेश सिंघई, कुलगुरु, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय  

यूका कचरा जलने से रोकने की याचिका पर SC का इनकार, कहा-विशेषज्ञों की निगरानी में जल रहा

 पीथमपुर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने पर रोक लगाने की याचिका पर तत्कालीक सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. चिन्मय मिश्र की ओर से दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसकी निगरानी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और विशेषज्ञों की देखरेख में पहले से ही की जा रही है। पीठ ने इस दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस जहरीले कचरे को हटाने के लिए हम वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन तथाकथित एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रक्रिया को लगातार बाधित करते आ रहे हैं। याचिका में कहा गया था कि मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कचरा जलाने की अनुमति 72 दिनों के लिए दी थी, जिसकी समयसीमा 8 जून 2025 को समाप्त हो रही है। ऐसे में कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके। याचिकाकर्ता की ओर से अशोक कुमार वासुदेवन ने कहा कि पीथमपुर में जलाने की प्रक्रिया पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इन दलीलों को सुनने के बाद कहा कि चूंकि यह मामला तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित पर्यावरण एजेंसियों की निगरानी में चल रहा है, अतः इस स्तर पर कोर्ट की तत्काल दखल की जरूरत नहीं है। 1984 गैस त्रासदी का है यह कचरा बता दें कि 1984 में भोपाल में हुई यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के बाद बचे रासायनिक कचरे का निपटारा लंबे समय से लंबित है। यह कचरा वर्तमान में भोपाल के आसपास सुरक्षित स्थानों पर संग्रहित है। इस कचरे को नष्ट करने के लिए पीथमपुर स्थित इंसिनरेटर में जलाया जा रहा है।  

MP में भूकंप से कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग, महाराष्ट्र का अमरावती रहा केंद्र

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर के इलाकों में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की ज्यादा तीव्रता खंडवा में महसूस की गई है। यहां जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर पंधाना तहसील में तीव्रता 3.8 रिक्टर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब 9 बजकर 57 मिनट पर धरती कांपने से सोने की तैयार कर रहे लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। घरों की दीवारों में जोरदार कंपन महसूस हुआ और कई इलाकों में लोग बुरी तरह घबरा गए। रात में आए भूकंप की वजह से खंडवा के किशोर नगर में नरेंद्र कुशवाह के मकान का छज्जा गिर गया। नरेंद्र ने मीडिया को बताया कि वह घर में टीवी देख रहे थे। उनका परिवार भी साथ में था, तभी जमीन में अचानक कंपन हुआ और कुछ जोर से गिरने की आवाज आई। उन्होंने बाहर आकर देखा तो मकान का छज्जा गिरा हुआ था। ग्रामीण क्षेत्रो में भी भूकंप के झटके महसुस हुए हैं। खिराला, कोहदड, दीवाल, पंधाना, आनंदपुर और बोरगांव में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। इधर जिले से लगे बुरहानपुर, खरगोन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए है। हालांकि, यहां भूकंप की तीव्रता कम महसूस की गई है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई है। वहीं, इसका केंद्र महाराष्ट्र का अमरावती रहा था, जो जमीन से 10 किमी अंदर था। मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता के अनुसार, भूकंप का केंद्र मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर था, जो खंडवा जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर है। इस वजह से दोनों राज्यों में झटके महसूस हुए थे।  

मध्य प्रदेश में मानसून मुहाने पर, 26 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल मध्य प्रदेश में लगातार  प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रतलाम समेत कुल 27 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भी भोपाल, शाजापुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, राजगढ़, सागर, सतना, धार समेत कई जिलों में बारिश हुई। दमोह में करीब सवा इंच पानी गिरा। मानसून के आने से पहले जून के पहले सप्ताह में प्रदेश में गर्मी का असर रहता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इन शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही है। वहीं, यहां बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। आज इन जिला में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। यहां पर आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल में 33 डिग्री रहा पारा बारिश की वजह से बुधवार को कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, नौगांव में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंचा। बाकी शहरों में इससे नीचे रहा। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 32.3 डिग्री, ग्वालियर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 29.6 डिग्री रहा। इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 जूनः ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 6 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है। आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 7 जून: इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में तेज आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट है। 8 जून: खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया, आठ IPS अफसरों के तबादले

  भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की गई है। राज्य सरकार ने आठ IPS अफसरों के तबादले किए हैं। इसमें राजगढ़ और बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (SP) भी शामिल है। साथ ही सागर रेंज के आईजी का भी तबादला कर दिया गया है। जबकि उन्हें दो दिन पहले ही यह जिम्मेदारी दी गई थी। बुधवार को गृह विभाग ने 8 अफसरों के तबादले के आदेश जारी किए। प्रतिनियुक्ति से लौटे अमित तोलानी को राजगढ़ का नया एसपी बनाया गया है। वे 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ थे। वहीं, राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। राज्य सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया है। बुधवार रात जारी आदेश में आईजी महिला सुरक्षा हिमानी खन्ना को आईजी सागर बनाया है। उन्हें डायरेक्टर जेएनपीए का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले 1 जून को जारी आदेश में चंद्रशेखर सोलंकी को इंदौर रेंज के एसएएफ आईजी के पद से आईजी सागर के पद पर पदस्थ किया था। बुधवार देर रात जारी आदेश में यह तबादला निरस्त कर दिया गया है। सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया डीआईजी प्रबंध पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया है। डी कल्याण चक्रवर्ती को डीआईजी एसएएफ मुख्यालय पुलिस मुख्यालय से डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज में पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। अमित तोलानी बने राजगढ़ एसपी 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ आईपीएस अमित तोलानी को पुलिस अधीक्षक राजगढ़ और राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। इसके साथ ही सोनाली दुबे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर को एआईजी पीएचक्यू पदस्थ किया है।  

Shillong में Honeymoon मनाने गए Raja का शव इंदौर पहुंचा तो हर कोई रो रहा था,रोते-रोते दी गई मुखाग्नि

 इंदौर शिलांग में जान गंवाने वाले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी का शव बुधवार को फ्लाइट से इंदौर पहुंचा। शाम को अंतिम संस्कार हुआ। शव डिकंपोज होने से ताबूत नहीं खोला गया। परिजन ने केस में सीबीआइ जांच की मांग की। उन्होंने ध्यानाकर्षण के लिए घर के बाहर बेटे राजा और लापता बहू का पोस्टर लगाया। पोस्टर में बेटे की मौत की सीबीआई जांच की मांग की गई। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी का बुधवार को देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। शिलांग से लाए गए शव को एयरपोर्ट से घर ले जाया गया जहां से कुछ ही देर में मुक्तिधाम के लिए रवाना कर दिया गया। राजा रघुवंशी का शव घर में आते ही परिजन बिलख उठे। मां उमा रघुवंशी तो बदहवास हो गईं। वे बार बार कहती रहीं कि मैंने तुझे जाने ही क्यों दिया, रोका क्यों नहीं…। राजा रघुवंशी के पिता का भी रो रोकर बुरा हाल हो चुका है। रिवार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही पिता अशोक को दिल का दौरा आया था। उन्होंने महज 21 दिनों में बेटे की शादी की खुशियां और उसकी मौत देखी। बता दें, हनीमून पर गए राजा रघुवंशी का शव 2 जून को शिलांग में वेइसाडोंग फॉल्स के पास रियात अरलियांग में करीब 150 फीट नीचे मिला था। पत्नी सोनम की अभी भी किसी तरह की जानकारी सामने नहीं लग पाई। सोनम की तलाश में खून से सना जैकेट मिला राजा की हत्या का पता लगाने और सोनम को ढूंढने के लिए पुलिस की तलाश जारी है। पुलिस सोहरारिम के पास स्थित मॉकमा गांव के खड़ी और जंगली इलाकों में सोनम रघुवंशी की तलाश कर रही है। सोहरा सिविल सब-डिवीजन के एसडीपीओ बाह पिनहुन सिएम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसआरटी, एफईएस, विशेष जांच दल (एसआईटी) के साथ सर्चिंग की। पुलिस ने बुधवार की सुबह एक जैकेट बरामद की है। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि जैकेट सोनम की है या नहीं। राजा के परिवार ने भी कहा है कि जो जैकेट मिली है वो सोनम की नहीं है। परिजन का आरोप- पुलिस सही से जांच नहीं कर रही राजा रघुवंशी की हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। शिलांग से वापस आई भाई विपिन का भी कहना था कि वहां सब कुछ ठीक नहीं है। काफी कुछ संवेदनशील मामलों को दबाया जाता है। राजा के लापता होने के बाद से होटल मैनेजर, चाय-नाश्ते की दुकान वाला और गाइड संदेह के घेरे में है, लेकिन पुलिस ने उनसे ठीक से पूछताछ ही नहीं की। गाइड को जब पुलिस सामने लेकर आई तो वह एक रास्ते पर जाकर राजा और सोनम को छोड़ने की बात कहने लगा। जबकि आगे का रास्ता दोनों को भी नहीं पता था। मृतक राजा के भाई ने खासी हिल्स पुलिस पर लगाया आरोप शिलांग में पीएम के बाद राजा रघुवंशी (30) के शव को इंदौर लाए। इसके बाद ताबूत सहित शव को मोक्ष वाहन से सहकार नगर, कैट रोड स्थित घर लेकर पहुंचे। बेटे राजा की याद में मां व परिवार बिलखने लगा। वे बेटी को सुरक्षित लाने की बात कहते रहे। भाई विपिन ने बताया, यदि समय पर पूर्वी खासी हिल्स पुलिस सक्रिय हो जाती तो घायल भाई की जान बचाई जा सकती थी। हमलावर ने प्लानिंग के तहत वारदात की है। गुमराह करने वाहन को वारदात स्थल से 25 किमी दूर छोड़ दिया। हमें सोनम सुरक्षित मिल जाए इसके लिए सरकार से मांग कर रहे हैं। पोस्टर लगाकर सरकार से गुहार भाई सचिन ने बताया, हमने घर के बाहर पोस्टर लगाया है। केंद्र और राज्य सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो डबल डेकर व उसके आसपास लापता सोनम की सर्चिंग जारी है। वहां की पुलिस को सर्चिंग के दौरान एक महिला का रेन कोट मिला है। रेन कोट को पुलिस ने सोनम का बताया है। सोनम का कुछ पता नहीं चला है। दरअसल, राजा रघुवंशी और सोनम की शादी बीती 11 मई को इंदौर में हुई थी. शादी के नौ दिन बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुआ. 22 मई को वे किराए के स्कूटर से मावलखियाट गांव पहुंचे और वहां से 3000 से अधिक सीढ़ियां उतरकर नोंग्रियाट गांव में फेमस ‘लिविंग रूट्स’ पुल देखने गए. उन्होंने नोंग्रियाट के शिपारा होमस्टे में रात बिताई और 23 मई की सुबह वहां से निकले. इसके बाद से दोनों का कोई अता-पता नहीं था. 24 मई को उनका किराया स्कूटर शिलांग-सोहरा मार्ग पर सोहरारिम में एक कैफे के बाहर लावारिस हालत में मिला, जिसके बाद मेघालय पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया. खाई में मिला राजा का शव, हत्या की पुष्टि लगातार आठ दिनों तक चले तलाशी अभियान के बाद 2 जून को मेघालय पुलिस के ड्रोन ने वेईसावडॉन्ग फॉल्स के पास रियाट अरलियांग पार्किंग लॉट के नीचे एक गहरी खाई में राजा का शव देखा. शव अत्यधिक सड़ा हुआ था, लेकिन राजा के भाई विपिन ने उनके दाहिने हाथ पर राजा लिखे टैटू से उनकी पहचान की. पुलिस ने मौके से खून से सना एक नया ‘दाओ’  ( एक प्रकार का धारदार हथियार) बरामद किया, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल हत्या के लिए किया गया. सोहरा (चेरापूंजी) में लापता सोनम की तलाश जारी. पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने कहा, ”यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है. हथियार नया था और संभवतः इसी उद्देश्य के लिए खरीदा गया था.” पुलिस ने राजा का मोबाइल फोन, एक महिला का सफेद शर्ट, दवा की स्ट्रिप, स्मार्टवॉच, और एक मोबाइल स्क्रीन का हिस्सा भी बरामद किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह स्पष्ट करेगी कि राजा की हत्या खाई में फेंके जाने से पहले हुई या बाद में. सोनम लापता, परिवार को अपहरण का शक सोनम रघुवंशी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. मेघालय पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें सोहरा के जंगलों और खाई के आसपास की करीब 150 वर्ग किलोमीटर की तलाशी ले रही हैं. भारी बारिश और खराब दृश्यता ने खोज अभियान को बार-बार बाधित किया. सोहरा में तीन दिनों में … Read more

सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन में जुडेंगे 7 नए कोच, अगस्त से लागू होगा नया रेक

भोपाल भोपाल रेल मंडल यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अपनी सेवाओं में निरंतर सुधार कर रहा है। यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक ट्रेन 09819-09820 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन की कोच संरचना को पूरी तरह बदला जा रहा है। यह बदलाव चार अगस्त से लागू किया जाएगा। नई कोच संरचना के साथ पांच अगस्त से अगली सूचना तक चलाई जाएगी। स्लीपर व सामान्य श्रेणी के कोच भी होंगे शामिल वर्तमान में यह ट्रेन गरीब रथ स्पेशल के रूप में केवल 15 एसी तृतीय श्रेणी इकोनोमी कोचों के साथ संचालित हो रही है। लेकिन अब इसे 22 आधुनिक एलएचबी कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें वातानुकूलित (एसी), स्लीपर व सामान्य श्रेणी के कोच भी शामिल होंगे। इससे सभी वर्गों के यात्रियों को लाभ मिलेगा और अधिक यात्रियों को यात्रा का अवसर मिल सकेगा। ट्रेन में क्या-क्या बढ़ेगा? ऐसे में दो कोच वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, दो कोच वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, सात कोच एसी इकोनोमी, पांच कोच स्लीपर क्लास, चार कोच सामान्य श्रेणी, एक एसएलआरडी दिव्यांगजन और लगेज के लिए विशेष कोच है। यह ट्रेन बारां, रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरती है, जिससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधी और बेहतर रेल सेवा मिलेगी। ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक व तेज गति से चलने में सक्षम वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि एलएचबी कोच पारंपरिक डिब्बों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक व तेज गति से चलने में सक्षम होते हैं। इन कोचों में बर्थ की संख्या अधिक होने के कारण वेटिंग लिस्ट की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकेगी।

रामघाट पर होगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 5 जून को उज्जैन में क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के समापन समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव वाल्मिकी धाम से यात्रा में शामिल होकर पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान साधु, संत, महंत और महामंडलेश्वर भी यात्रा में सहभागिता करेंगे। क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा वाल्मीकि धाम से सोमवारिया , ढ़ाबा रोड, छत्रीचौक ,गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी, महाकाल ,बड़े गणेश, हरसिद्धि, होते हुए रामघाट पहुचेगी। जहां पुण्य सलिला माँ शिप्रा का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा व उन्हें सोलह श्रृंगार भेंट कर 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित की जायेगी। राम घाट पर इस अवसर पर भव्य लेज़र शो का आयोजन किया जाएगा साथ ही राम घाट पर शाम को सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला भी श्रद्धालुओं के अनुभव को आध्यात्मिक और मनोरंजक बनाएगी। शाम को रामघाट पर सेना के लगभग 100 कलाकारों द्वारा भव्य मिलिट्री बैंड की प्रस्तुति दी जाएगी। मुंबई की प्रसिद्ध कलाकार स्वस्ति मेहुल और उनके दल के द्वारा भक्ति संगीत की प्रस्तुती भी दी जाएगी।  

किसानों को सिंचाई के लिए 5 रुपए में देंगे बिजली कनेक्शन, 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन में मिलेगा अतिरिक्त राशि का उपहार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए 5 रुपए में देंगे बिजली कनेक्शन, 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 49.97 करोड़ के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन चित्रकूट में रामलोक के निर्माण के साथ कामतानाथ परिक्रमा पथ का होगा विकास रीवा जिले के हर खेत में सिंचाई के लिए पहुंचाएंगे पानी भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रीवा जिले के मनगवां में महिला स्वसहायता समूह सशक्तिकरण सम्मेलन में कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। रीवा की धरती में बहनों का अभिनंदन करते हुए गर्व हो रहा है। बहनों के लिए लाड़ली बहना योजना लगातार जारी रहेगी। रक्षाबंधन में बहनों को इस योजना से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इस योजना की राशि 3 वर्ष में बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक ले जाएंगे। महिलाओं को संपत्ति के पंजीयन में दो प्रतिशत की छूट दी जा रही है इसके फलस्वरुप पिछले एक साल में 70 प्रतिशत संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हुआ है। महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार संकल्पित है। महिला स्व-सहायता समूहों को उद्योग लगाने के लिए भी छूट का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में 49.97 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजनकिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा तेजी से विकास कर रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। रीवा जिले के हर खेत में सिंचाई के लिए पानी की सुविधा मिलेगी। हम किसानों को 5 रुपए में सिंचाई के लिए बिजली का कनेक्शन देंगे। अगले 3 सालों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप देकर बिजली के बिल से मुक्ति दिलाएंगे। किसान सोलर से प्राप्त बिजली का उपयोग करेंगे और अतिरिक्त बिजली को सरकार खरीद कर किसानों को पैसा देगी। मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत गंगेव के भवन निर्माण तथा हिनौती गौधाम में बांध निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां में स्टेडियम निर्माण तथा देवास हाईस्कूल के हायर सेकेंडरी स्कूल का उन्नयन करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मनगवां तिवनी मोड़ से प्रयागराज रोड तक टू लेन सीसी रोड निर्माण की घोषणा की, इस 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 16.5 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा से मेरा दोहरा और मीठा नाता है। रीवा के सफेद बाघ और सुंदरजा आम विश्व प्रसिद्ध हैं। रीवा में महानगरों की तरह आईटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इस साल यूपीएससी की परीक्षा में प्रदेश के 60 उम्मीदवारों को सफलता मिली है जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को आधुनिक बनाने के साथ-साथ दूध उत्पादन के लिए भी विशेष प्रयास करेंगे। वर्तमान में देश के 9 प्रतिशत दूध का उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाएंगे। इसके लिए गौपालन करने वालों को अनुदान देंगे तथा सरकार दूध खरीद कर पशुपालकों को लाभान्वित करेगी। मध्यप्रदेश को दूध की राजधानी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा और आतंकवादी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। अब जो भी देश की ओर नजर उठाएगा उसको कड़ा जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। 2003 में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज थे। आज 27 मेडिकल कॉलेज हैं और तीन शीघ्र बनने वाले हैं। 2003 में प्रतिव्यक्ति वार्षिक आय 11000 रुपए थी जो अब बढ़कर एक लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश भर में सांदीपनि विद्यालय आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इस साल कक्षा दसवीं और बारहवीं में परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे रहे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मनगवां विधानसभा क्षेत्र को लगभग 50 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात मिली है। मनगवां विधायक प्रजापति ने अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास किए हैं जिसके परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की गाड़ी सरपट दौड़ती रहेगी। समारोह में सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनगवां विधानसभा क्षेत्र को 6 लेन ओवरब्रिाज और हिनौती गोधाम की सौगात दी है। इसके साथ-साथ कई निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। सम्मेलन में विधायक मनगवां इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में रिमोट का बटन दबाकर 49 करोड़ 97 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों को हितलाभ वितरित किये। समारोह में विधायक गुढ़ नागेन्द्र सिंह, विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं एवं आमजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर किया पौधरोपण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मनगवां विधानसभा क्षेत्र के गंगेव स्टेडियम में विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और उपस्थितों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य रोपित करके देखभाल कर उसे बड़ा बनाएं। मुख्यमंत्री ने बरैया तालाब के किनारे प्राचीन बम्बा देवी तथा काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।  

रेलवे प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, मध्य प्रदेश से गुजरने वाली सोगरिया-दानापुर स्पेशल ट्रेन में अब आसानी से मिलेगी टिकट.

भोपाल  राजस्थान के सोगरिया से बिहार के दानापुर तक जाने वाली सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन में अब आम लोग भी यात्रा कर सकेंगे. अब तक इसमें केवल खास लोग ही यात्रा कर सकते थे. दरअसल, इस ट्रेन में अब तक केवल एसी कोच की सुविधा ही उपलब्ध थी. जिसके कारण गरीब आदमी इस ट्रेन में यात्रा करने से कतराता था. हालांकि अब रेलवे प्रशासन ने इस स्पेशल ट्रेन में भी नॉन एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है. जिससे रेल यात्रियों को पर्याप्त संख्या में सीट मिल सके और उन्हें भीड़ में यात्रा न करना पड़े. 4 अगस्त से जुड़ेंगे स्लीपर और जनरल कोच बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार पहुंचने के लिए यह बहुत बढ़िया ट्रेन है, लेकिन इसमें स्लीपर और जनरल कोच नहीं होने से आर्थिक रुप से कमजोर लोग यात्रा नहीं कर पाते थे. साथ ही एसी कोच में कम सीटों के कारण लोगों को वेटिंग में टिकट लेना पड़ता था. लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने साप्ताहिक गाड़ी संख्या 09819/09820 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन की कोच संरचना में बदलाव का निर्णय लिया है. इस ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच का विस्तार 4 अगस्त 2025 से किया जाएगा. अभी 15 एसी कोच के साथ चलती है गरीब रथ वर्तमान में यह ट्रेन गरीब रथ स्पेशल के रूप में 15 एसी तृतीय श्रेणी इकोनोमी कोचों के साथ संचालित हो रही है, लेकिन यात्रियों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए इसे अब 22 एलएचबी कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है. ये कोच अत्याधुनिक हैं, जिनमें सामान्य कोच से अतिरिक्त सुविधाएं हैं. नए रेक में सभी श्रेणियों के कोच शामिल होंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को यात्रा का अवसर मिल सकेगा. अधिक कोच होने से खत्म होगी वेटिंग की समस्या वरिष्ठ मंडल प्रबंधक वाणिज्य सौरभ कटारिया ने बताया कि “रेलवे ने गरीब रथ स्पेशल ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच जोड़ने का निर्णय लिया है. ये सभी एलएचबी कोच होंगे. जो पारंपरिक कोचों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और गति में सक्षम होते हैं. इनमें बर्थ की संख्या अधिक होने से वेटिंग लिस्ट की परेशानी कम होगी.” इन स्टेशनों के यात्रियों को मिलेगा ट्रेन का लाभ यह ट्रेन मध्य प्रदेश में पश्चिम मध्य रेल के बारां, रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना स्टेशनों से होकर गुजरती है, जिससे इन स्टेशनों के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा. नई कोच संरचना के साथ गाड़ी संख्या 09819 और गाड़ी संख्या 09820 दोनों ओर से 5 अगस्त से अगली सूचला तक चलाई जाएगी.  बदलाव के बाद नई कोच संरचना इस प्रकार होगी     02 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी     02 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी     07 एसी इकोनोमी कोच     05 स्लीपर कोच     04 सामान्य श्रेणी कोच     01 जनरेटर कार     01 एसएलआरडी (दिव्यांगजन और लगेज के लिए)

एम्स भोपाल और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन मिलकर प्रदेश का सबसे बड़ा हर्बल गार्डन बनाने जा रहे

भोपाल भोपाल AIIMS और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के बीच  एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) पर हस्ताक्षर हुए. इस समझौते का उद्देश्य आयुर्वेद, चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है. दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से फैटी लीवर डिजीज और एलर्जी जैसी बीमारियों पर क्लिनिकल रिसर्च करेंगी. पतंजलि की ओर से अनुराग वार्ष्णेय और एम्स की ओर से प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ने संयुक्त रूप से बताया, यह एक सकारात्मक पहल है, जो भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को वैज्ञानिक रूप से स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है. रिसर्च ईएमसीआर के मानकों के अनुरूप होगी. सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत एक इंडीपेंडेंट मॉनिटरिंग बॉडी बनाई जाएगी. रिसर्च के दौरान प्रतिभागियों का बीमा कराया जाएगा. सभी नैतिक मानकों का पालन होगा. अब भोपाल के एम्स अस्पताल में सिर्फ एलोपैथी का इलाज ही नहीं, बल्कि हमारी पुरानी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का खजाना भी मिलेगा। एम्स भोपाल और बाबा रामदेव की पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन मिलकर प्रदेश का सबसे बड़ा हर्बल गार्डन बनाने जा रहे हैं। एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि यह हर्बल गार्डन कोई साधारण बगीचा नहीं होगा। इसमें सिर्फ मध्य प्रदेश के ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों और पूरे देश में मिलने वाले उन खास औषधीय पौधों को लगाया जाएगा जो शायद आपने पहले कभी न देखे हों। एम्स का मानना है कि इन पौधों में कई बीमारियों को ठीक करने की ताकत है, जिनके बारे में हम भूलते जा रहे हैं। मध्य प्रदेश की ‘रिच ट्राइबल मेडिसिन’ ढूंढ़कर निकालेंगे डॉ. सिंह के अनुसार प्रदेश में कई ऐसे इलाके हैं जहां बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय रहते हैं। ये समुदाय सदियों से जंगलों और प्रकृति के करीब रहे हैं। इन समुदायों के पास पेड़-पौधों, जड़ों, पत्तियों और छालों से बीमारियों का इलाज करने का बहुत पुराना और गहरा ज्ञान होता है। यह ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक रूप से चलता रहता है। इसे ‘समृद्ध’ इसलिए कहा गया है क्योंकि इस ज्ञान में कई ऐसी जड़ी-बूटियां और उनके इस्तेमाल के तरीके शामिल हैं जिनके बारे में आधुनिक विज्ञान अभी भी पूरी तरह नहीं जानता। एम्स और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन की टीमें ऐसे ट्राइबल वैद्य, हकीम या बुजुर्गों से मिलेंगे, जो इस पारंपरिक ज्ञान को जानते हैं। उनकी मदद से पौधों की पहचान करेंगे। जो जड़ी-बूटियां खोजी जाएंगी, उन पर एम्स में वैज्ञानिक रिसर्च की जाएगी। इससे पता चलेगा कि वे कितनी असरदार हैं, उनमें कौन से रासायनिक तत्व हैं। अगर ये पारंपरिक औषधियां वैज्ञानिक रूप से प्रभावी साबित होती हैं, तो उनसे नई, सस्ती और असरदार दवाएं बनाई जा सकेंगी। इससे आम लोगों को कम खर्च में बेहतर इलाज मिल पाएगा। ये गठबंधन चिंताजनक… हालांकि, इस समझौते को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है. कांग्रेस पार्टी ने पतंजलि की विश्वसनीयता और उसके उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए MOU की आलोचना की है. कांग्रेस प्रवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा, सुप्रीम कोर्ट पहले ही पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त टिप्पणी कर चुका है और कंपनी अदालत में तीन बार माफी मांग चुकी है. ऐसे में उसके साथ सरकारी चिकित्सा संस्थान का गठबंधन चिंताजनक है. देना होगा पूरा मुआवजा.. कांग्रेस का यह भी कहना है कि जिन मरीजों पर यह ट्रायल किया जाएगा, उनकी सुरक्षा की गारंटी एम्स और पतंजलि दोनों को देनी चाहिए. पार्टी ने आशंका जताई कि कहीं गरीब मजदूरों और आम लोगों पर परीक्षण कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो. साथ ही यह मांग भी उठाई कि यदि किसी मरीज को नुकसान होता है तो उसका पूरा मुआवजा पतंजलि और एम्स मिलकर दें. तीन चरणों में बनेगा यह गार्डन:     पहला चरण: आसानी से उगने वाले पौधे: शुरुआत में उन औषधीय पौधों को लगाया जाएगा जिन्हें उगाने के लिए किसी खास इंतजाम (जैसे एसी या खास मिट्टी) की जरूरत नहीं होती। ये पौधे भोपाल के मौसम में आसानी से उग सकेंगे।     दूसरा चरण: मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों की खोज: यह चरण सबसे ज्यादा दिलचस्प होगा। एम्स की टीम मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में जाएगी, जहां आज भी लोग इलाज के लिए अपनी पुरानी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करते हैं। इन छुपी हुई औषधियों को तलाशा जाएगा, उनकी पहचान की जाएगी और फिर उन्हें एम्स के हर्बल गार्डन में लगाया जाएगा ताकि उन पर रिसर्च की जा सके। यह हमारी अपनी पारंपरिक दवाओं को दोबारा सामने लाने का एक बड़ा प्रयास होगा।     तीसरा चरण: पहाड़ और देश-विदेश के खास पौधे: आखिरी चरण में उत्तराखंड में मिलने वाले कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण औषधीय पौधों को लगाया जाएगा। इसके साथ ही, देश भर से कुछ ‘एग्जॉटिक’ यानी दुर्लभ और खास जड़ी-बूटियों को भी लाया जाएगा। चूंकि इन पौधों को भोपाल के मौसम में जिंदा रखना मुश्किल हो सकता है, इसलिए इन्हें खास ‘आर्टिफिशियल सेटअप’ (नकली वातावरण) में रखा जाएगा। जिससे वो बिना समस्या के पनप सकें। पुराने ज्ञान को नए विज्ञान से जोड़ना इस पूरे प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ एक सुंदर बगीचा बनाना नहीं है। यह न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत भी आता है, जिसमें कहा गया है कि मेडिकल की पढ़ाई में हर तरह के इलाज (जैसे एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी) को जोड़कर देखा जाना चाहिए। यानी, मरीजों को सिर्फ एक तरह का इलाज नहीं, बल्कि सबसे बेहतर, सस्ता और असरदार इलाज मिले। चाहे वह किसी भी चिकित्सा पद्धति से क्यों न हो। इसे मॉडर्न साइंस में ‘इंटिग्रेटेड मेडिसिन’ नाम दिया गया है। इलाज के साथ-साथ अब होगी रिसर्च भी यह हर्बल गार्डन बनने से दो बड़े फायदे होंगे। पहला, अस्पताल में ही आयुष विभाग के मरीजों के इलाज के लिए औषधीय जड़ी-बूटियां उपलब्ध हो सकेंगी। दूसरा, एम्स में मेडिकल के छात्र इन पौधों पर गहराई से रिसर्च कर सकेंगे। डॉ. सिंह ने बताया कि अभी तक छात्र सिर्फ किताबों में ही इन पौधों के बारे में पढ़ते थे, लेकिन अब वे इन्हें अपनी आंखों से देख सकेंगे, छू सकेंगे और इनके गुणों को समझ सकेंगे। इनपर जांच भी कर सकेंगे। पांच खास हिस्सों में बंटेगा गार्डन:     ह्यूमन हेल्थ हर्बल गार्डन: इसमें वे पौधे होंगे जो सीधे इंसानों की बीमारियों के इलाज में काम आते हैं।     रसायन वन: यह रिसर्च के लिए होगा, जहां पौधों के रासायनिक गुणों का अध्ययन किया जाएगा।     दुर्लभ एवं लुप्तप्राय … Read more

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