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जग्वार फाउंडेशन द्वारा अत्याधुनिक प्लंबिंग लैब की स्थापना ‘दक्ष पहल’ के अंतर्गत की गई

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने शासकीय संभागीय आईटीआई भोपाल में अत्याधुनिक प्लंबिंग लैब का लोकार्पण किया। जग्वार फाउंडेशन द्वारा लैब की स्थापना ‘दक्ष पहल’ के अंतर्गत की गई है। लैब में प्लंबिंग व्यवसाय से जुड़े प्रशिक्षणार्थियों को वो व्यावहारिक अनुभव और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जो सीधे-सीधे उन्हें इंडस्ट्री में काम करने के लिए तैयार करेगी। यहां महज पाइप जोड़ने या फिटिंग सिखाने तक बात सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को जल प्रबंधन, स्मार्ट फिटिंग्स, सेनेटरी टेक्नोलॉजी और ग्राहक सेवा जैसे पहलुओं से भी जोड़ा जाएगा। लैब में स्थापित उन्नत उपकरणों, आधुनिक टूल्स और इंडस्ट्री ग्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से न केवल एक वर्षीय प्लंबिंग कोर्स के ट्रेनी लाभान्वित होंगे, बल्कि फिटर, टर्नर और मशीनिस्ट जैसे व्यवसायों में प्रशिक्षण ले रहे अन्य छात्र भी इससे व्यावहारिक रूप से जुड़ सकेंगे। लगभग 20 लाख रु. की लागत से बनी लैब में विद्यार्थी इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसमें बिल्डिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में प्लंबिंग की अहम भूमिका पर आधारित आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह लैब सिर्फ एक कक्षा नहीं, बल्कि युवाओं की आत्म निर्भरता की कार्यशाला है, जहां से निकलने वाले छात्र देश के निर्माण में तकनीकी भूमिका निभा सकेंगे। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि ये ‘उद्योग की मांग और प्रशिक्षण की गुणवत्ता के बीच सेतु’ का काम करेगी। मंत्री डॉ. टेटवाल ने दिव्यांग छात्राओं से आत्मीय संवाद किया, बेटियों को बताया समाज की असली शक्ति संभागीय आईटीआई के कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल का दिव्यांग छात्राओं से आत्मीय संवाद खास रहा। उन्होंने बेटियों से बातचीत करते हुए कहा कि बेटियां हमेशा से समाज की शक्ति रही हैं और आज जरूरत है कि वे हर क्षेत्र में आगे आएं। मंत्री टेटवाल ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, प्रशिक्षण और जरूरतों के बारे में पूछा और भरोसा दिलाया कि संस्थान में बेटियों के लिए हर जरूरी सुविधा और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों को कभी खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए, वे किसी से भी कम नहीं हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति की बात करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नदी और बेटियां सदैव पूजनीय रही हैं। उन्होंने कहा कि मनु स्मृति में भी उल्लेख किया गया है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता। उन्होंने कहा कि बेटियों को सशक्त करना हमारा कर्तव्य भी है और बेटियों का अधिकार भी है। मंत्री टेटवाल ने छात्राओं के साथ अपना मोबाइल नंबर भी साझा किया और कहा कि जरूरत पड़ने पर वे कभी भी सीधे संपर्क कर सकती हैं। मंत्री टेटवाल को अपने बीच पाकर छात्राएं बेहद प्रसन्न हुईं। उन्होंने उनके साथ फोटो खिंचवाए।  

मंत्री परमार ने कहा कि इस एमओयू का उद्देश्य है कि जब युवा अध्ययन के उपरांत समाज में जाएं तो वे जिस भी क्षेत्र में कार्य करें

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की उपस्थिति में मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग एवं राज्य आनंद संस्थान (आनंद विभाग) के मध्य समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गये। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का ध्येय है। इस एमओयू का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में मानवीय जीवन मूल्यों बोध की शिक्षा दिया जाना है। इस एमओयू में दोनों उपक्रम, सहयोगी के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अंतर्गत “उच्च शिक्षा संस्थानों में मानवीय मूल्य एवं नैतिकता पर आधारित शिक्षा” विषय पर विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करेंगे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि इस एमओयू का उद्देश्य है कि जब युवा अध्ययन के उपरांत समाज में जाएं तो वे जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, वे अपना श्रेष्ठतम योगदान देते हुए एवं मानवीय मूल्यों को आत्मसात करते हुए मानवता की सेवा कर सकें। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन में लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्य करने का भाव, बोझ न होकर स्वाभाविक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपना कार्य समय पर पूर्ण करने में भी आनंद की ही अनुभूति होती है। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े, राज्य आनंद संस्थान से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आशीष कुमार उपस्थित थे। समझौता ज्ञापन (MOU) के उद्देश्य एवं क्रियान्वयन की कार्ययोजना एमओयू के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत समस्त शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत शिक्षक एवं विद्यार्थियों के जीवन में आंतरिक आनंद के महत्व एवं विद्यार्थियों में मानवीय जीवन मूल्य संवर्धन के लिए अभ्यास कार्यक्रम आयोजित होंगे। आनंद के विषय में ज्ञान और संसाधन के रूप में उचित प्लेटफॉर्म तैयार कर दीर्घकालिक प्रयास किए जाएंगे। दोनों उपक्रमों के मध्य आनंद विषयक शोध कार्यों को बढ़ाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग मिलेगा। यह कार्य चरणबद्ध रूप से किया जाएगा। इसमें सर्वप्रथम 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के समस्त प्राचार्यों एवं समस्त क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों के लिए तीन दिवसीय मानवीय जीवन मूल्य संबंधी कार्यशाला का आयोजन होगा। प्रत्येक प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में चरणबद्ध रूप से 5-5 शिक्षकों के लिए 6 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होगा। प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से, विद्यार्थियों के साथ कक्षाओं में निर्धारित सत्रों में मानवीय जीवन मूल्यों पर संवाद का आयोजन होगा। शैक्षणिक सत्र के मध्य अथवा अंत तक आयोजित समस्त कार्यशालाओं के आकलन तथा निष्कर्ष के आधार पर आवश्यक संशोधन/परिवर्तन के साथ, आगामी सत्र की कार्यशालाओं के प्रभावी आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।  

नागरिक सुरक्षा योजनाओं का अभ्यास (Mock drill) करने के लिये केन्द्र सरकार ने निर्देश दिये

प्रदेश के 5 जिलों में होगा नागरिक सुरक्षा का अभ्यास (Mock drill) नागरिक सुरक्षा योजनाओं का अभ्यास (Mock drill) करने के लिये केन्द्र सरकार ने निर्देश दिये Mock drill : ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और कटनी में होगा हवाई हमले से बचाव का अभ्यास भोपाल अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया ने कहा है कि नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन राष्ट्र का महत्वपूर्ण विषय एवं जिम्मेदारी है, फलस्वरुप नागरिकों की सुरक्षा के लिये सिविल डिफेंस अधिनियम 1968 एवं अन्य नियमों में नागरिक सुरक्षा करने के प्रावधान किये गये हैं। नागरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय की है, जो समय-समय पर राज्यों को आवश्यक निर्देश देती है कि राज्य सरकारें नागरिक सुरक्षा योजनाएं बनायें, योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर संशोधन करें। नागरिक सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की सुरक्षा, विभिन्न महत्वपूर्ण उद्योगों एवं नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा जिनमें रासायनिक, परमाणु एवं अन्य उद्योग प्रतिष्ठान, जल विद्युत योजनाएं एवं अन्य नागरिक संस्थाएं हैं। इन योजनाओं में स्पष्ट रुप से प्रावधान किये जाते हैं कि जब आपदा की स्थिति उत्पन्न होती है या किसी भी प्रकार का संकट आता है तो योजना के अनुसार सरकार के विभिन्न विभागों जैसे पुलिस, सेना, रेल्वे, स्वास्थ्य एवं एयरपोर्ट इत्यादि द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाती हैं। नागरिक सुरक्षा योजनाएं बनाने एवं समीक्षा करना एवं संशोधन करना, अभ्यास करना, इत्यादि सामान्य प्रक्रियाएं हैं, जो समय-समय पर की जाती हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा करना, व्यवस्था एवं नागरिकों को जागरुक करना, प्रशिक्षण देना एवं सभी तैयारियों को अपडेट रखना है। नागरिक सुरक्षा योजनाओं का अभ्यास (Mock drill) करने के लिये केन्द्र सरकार ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के 5 जिलों ग्वालियर, भोपाल, इन्दौर, जबलपुर एवं कटनी में यह अभ्यास बुधवार 7 मई 2025 को शाम 4 बजे से 8 बजे के मध्य किया जाये। यह अभ्यास किया जावेगा कि हवाई हमला होने की स्थिति में किस तरीके से बचाव करना है। इस अभ्यास के अन्तर्गत एक हवाई हमला होने का काल्पनिक संकट आने का संकेत इन जिलों को प्राप्त होगा। जिलें के नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से नागरिकों को काल्पनिक संभावित हमले की सूचना सायरन के माध्यम से देंगे, जिससे नागरिक एवं अन्य संस्थाएं ब्लैक ऑउट का अभ्यास करेंगे। प्रदेश में इस के लिए बुधवार शाम 7:40 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इस ब्लैक आउट के साथ ही किसी निश्चित भवन में आग लगने पर खोज एवं बचाव के अभ्यास, आकस्मिक रुप से निर्धारित भवन से लोगों का बचाव करने, अस्थाई रुप से अस्पताल बनाने और खतरे वाले स्थान से नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर भेजने इत्यादि का अभ्यास किया जावेगा। इस अभ्यास की सूचना राज्य के कन्ट्रोल रुम को दी जावेगी एवं कंट्रोल रुम से केन्द्र सरकार के कंट्रोल रुम को सूचना दी जावेगी। यह अभ्यास रक्षा मंत्रालय, रेल्वे, विमानन एवं विभिन्न विभागों के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। नागरिकों से अपील इस अभ्यास से किसी भी नागरिक को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। इसलिये सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे अभ्यास में सम्मिलित होकर अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा प्रशासन द्वारा सायरन के माध्यम से सूचना उपरान्त उन्हें स्वयं एवं परिजनों को सुरक्षित स्थान पर रखने का अभ्यास करना है। हवाई हमले का लाल सिग्नल दो मिनिट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन का बजना होता है तथा खतरा टलने के बाद दो मिनिट तक सायरन बजाकर सूचना दी जाती है। ब्लैक आउट के संबंध में सामान्यजन से अपेक्षा है कि घर/कार्यालय के पर्दों एवं लाईट को बंद करें तथा पुनः सायरन बजने पर लाईट जला लें। भीड़-भाड़ न बढायें, अफवाह न फैलायें एवं यातायात / पुलिस / एम्बुलेंस सुविधाओं को सुचारु रुप से चलते रहने में सहयोग करें एवं अभ्यास के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन कर अभ्यास को सफल बनायें।  

मध्यप्रदेश शीघ्र ही तीसरी नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन की ओर अग्रसर हो रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश शीघ्र ही तीसरी नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन की ओर अग्रसर हो रहा है। यह परियोजना महाराष्ट्र के सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्ग दर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना की संकल्पना को क्रियन्वित करने में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी रहा है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद महाराष्ट्र के साथ ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए एमओयू होने जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस भी 10 मई को भोपाल में मौजूद रहेंगे। दोनों राज्यों में सिंचाई क्षेत्र के विस्तार और पेयजल उपलब्धता को सुगम बनाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे गुजरात भी लाभान्वित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।  

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी कार्मिक को 1 करोड़ रूपए का दुर्घटना जीवन बीमा नि:शुल्क प्रदान करेंगे

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL)ने अपने कार्मिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ सैलरी पैकेज के लिए एग्रीमेंट किया है। एग्रीमेंट से पॉवर जनरेटिंग कंपनी में कार्यरत अभियंताओं व कार्मिकों को लाभ होगा। कंपनी में कार्यरत कार्मिक स्वेच्छा से इन दोनों बैंको में से किसी भी बैंक से अपना वेतन प्राप्त कर सकते हैं, इससे कार्मिकों को बैंक द्वारा नि:शुल्क जीवन बीमा व अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं नि:शुल्क अथवा रियायती दरों पर प्राप्त होंगी। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी का एसबीआई व यूनियन बैंक से एग्रीमेंट होने से खाताधारक कंपनी कार्मिक को दोनों बैंक 1 करोड़ रूपए का दुर्घटना जीवन बीमा नि:शुल्क प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त वेतन प्राप्त करने वाले खाता धारकों को बैंक से अन्य लाभ भी प्राप्त होंगे, जिसमें नि:शुल्क अथवा रियायती दरों पर होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन,लॉकर सुविधा, ओवर ड्राफ्ट, चेक, ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा, जीवन बीमा, स्वास्थ बीमा, हेल्थ चैक-अप, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, ऑनलाइन जिम सब्सक्रिप्शन, फ्री एयरपोर्ट लॉन्ज आदि शामिल है।  

मुख्यमंत्री ने दिए बैठक में निर्देश- जो पुलिस अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं करेंगे, वे अधिकारी मैदान में नहीं दिखेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सामान्य अपराधों और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में सख्त एक्शन लिया जाए। जो पुलिस अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं करेंगे, वे अधिकारी मैदान में नहीं दिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा केंद्रों पर विशेष सावधानी की आवश्यकता है। स्कूल और कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी शिक्षण केंद्र स्तर पर अराजक तत्वों को रोकने की पुख्ता कार्रवाई के लिये नजदीकी थाने में तत्काल सूचना दें। छेड़खानी करने वाले युवकों को शिक्षण केंद्र के स्तर पर भी बिल्कुल नहीं बख्शा जाएं। पुलिस द्वारा ऐसे दर्ज मामलों और निरीक्षण के उपरांत सख्त कार्रवाई की जाए। सायबर अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के पुलिस अधीक्षकों को भी निर्देश दिए और की जा रही कार्रवाई का नियमित प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नक्सल गतिविधियों के नियंत्रण संबंधी जानकारी भी प्राप्त की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए आपराधिक कानून के संबंध में क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया। अन्य निर्देश     प्रदेश में विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर छात्राओं और सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं के विरुद्ध अपराध घटित करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। इस बारे में कोई रियायत न बरती जाए।     प्रदेश में एक समेकित अभियान संचालित कर छात्राओं और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाया जाए। इस संबंध में नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।     नए कानून के क्रियान्वयन के प्रति गंभीर रहें।     प्रदेश में न्याय श्रुति सॉफ्टवेयर के माध्यम से थानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था को सशक्त बनाया जाए।     देवास जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विधि विज्ञान रिपोर्ट और ई-अभियोजन के कार्य में लगभग 20 हजार मानव घंटे की बचत का कार्य सराहनीय है। अन्य जिले भी इस मॉडल पर कार्य करें।     पुलिस का प्रशासनिक अमला और थानों का स्टॉफ संवेदनशील होकर नागरिकों के हित में और सुदृढ़ कानून व्यवस्था के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, नक्सल गतिविधियों के नियंत्रण, पुलिस द्वारा सुशासन क्षेत्र के प्रयास और नए कानूनों के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त कर समीक्षा कर निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

सभी अवसरों और संभावनाओं पर कार्य कर प्रदेश को स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मीडिया द्वारा प्रदेश की ज़मीनी हकीकत को सामने लाया जाता है, जिससे शासन-प्रशासन को जनहित में आवश्यक निर्णय लेने में सहायता मिलती है। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण जानकारियों को आमजन तक पहुँचाने में भी यह संस्थान प्रभावी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मीडिया को लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी का उत्कृष्ट निर्वहन करने की लिए धन्यवाद दिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल भोपाल में निजी न्यूज संस्थान की प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने वरिष्ठ पत्रकार श्री ज्ञानेन्द्र तिवारी से विशेष चर्चा में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण सहित अन्य सम-सामयिक विषयों पर विचार साझा किए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाकर मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य मानकों में देश के अग्रणी राज्यों में स्थान दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना के विकास, अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और 30 हज़ार से अधिक चिकित्सकीय, सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की भर्ती की जा रही है। साथ ही प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं जिससे कुशल चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। प्रदेश में आगामी वर्षों में 8 नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जाएंगे। साथ ही 12 जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए नीति बनाई गई है। अभी तक 6 जिलों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार नगरीय क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएँ सुगमता से उपलब्ध कराने हेतु प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु सरकार “नो स्टोन शुड बी लेफ्ट अनटर्न्ड” की नीति पर कार्य कर रही है। सभी अवसरों और संभावनाओं पर कार्य कर प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करते हुए टियर-2 एवं टियर-3 (केटेगरी बी एवं सी) शहरों में मल्टी स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना के लिए 30 से 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्वास्थ्य मानकों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पहलगाम मुद्दे पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान को कठोर और स्पष्ट संदेश दिया है। आज संपूर्ण विश्व भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ देशहित में एकजुट होने का है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अन्य समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा किए।  

मलखम्भ टीम चैंपियनशिप बालक वर्ग में मिला पहला स्वर्ण पदक

मलखम्भ टीम चैंपियनशिप बालक वर्ग में मिला पहला स्वर्ण पदक 10 मीटर शूटिंग में युगप्रताप ने जीता कांस्य पदक खेल मंत्री सारंग ने दी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई भोपाल खेलो इण्डिया यूथ गेम्स 2025 का अयोजन 04 से 15 मई 2025 तक पटना (बिहार) में आयोजित किया जा रहा है, इसमें मध्यप्रदेश 18 खेलों में 176 खिलाड़ी और 53 सपोर्ट स्टॉफ सहित कुल 229 सदस्यीय दल प्रतिभागिता कर रहे है। प्रतियोगिता बिहार में पटना, राजगीर, भागलपुर,नई दिल्ली और गया में हो रही है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने अब तक एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक अर्जित किया है। मध्यप्रदेश मेडल टैली में सातवें स्थान पर है। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने राज्य खेल मलखम्ब के खिलाडियों के इस प्रदर्शन की से सराहना की है। उन्होंने आशा व्यक्त की है मलखम्भ खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भी अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश को गौरवान्ति करेंगे। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने मलखम्भ में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मध्यप्रदेश ने 123.60 अंको के साथ स्वर्ण पदक जीता, महाराष्ट्र 122.50 के साथ द्वितीय और छत्तीसगढ़ 122.05 के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश की टीम के खिलाड़ियों में  देवेन्द्र पाटीदार, यतिन कोरी, युवराज राव, नीरज काछावा, जयंत राठौर, और दक्ष कहार शामिल रहे। महिला टीम टीम इवेंट की प्रतियोगिता में प्रतिभागिता कर रही है, देर रात तक परिणाम आने की संभावना है। मध्यप्रदेश के युगप्रताप सिंह राठौर ने व्यक्तिगत बालक वर्ग 10 मीटर पिस्टल शूटिंग में कांस्य पदक अपने नाम किया। इसी प्रतियोगिता में राजस्थान के मयंक चौधरी ने स्वर्ण और चंडीगढ़ के धैर्य पराशर ने रजत पदक आर्जित किया।  

विद्यार्थियों की सफलता लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और लगन का प्रतिफल है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बेटियाँ बढ़ा रही हैं प्रदेश का मान, सम्मान और गौरव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाईस्कूल में 76.22 प्रतिशत और हायर सेकेण्डरी में 74.48 प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम विद्यार्थियों की सफलता लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और लगन का प्रतिफल है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षा वर्ष 2024-25 का परिणाम किया घोषित मुख्यमंत्री ने “परीक्षा संचालन मानक प्रक्रिया निर्देशिका” का किया विमोचन हाईस्कूल परीक्षा में सिंगरौली की कु. प्रज्ञा जायसवाल पूरे 500 अंक प्राप्त कर बनी टॉपर संभाग स्तर पर उज्जैन और जिला स्तर पर नरसिंहपुर रहा अव्वल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 76.22 प्रतिशत एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 74.48 प्रतिशत विद्यार्थियों ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सफलता हासिल की है। यह सफलता लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और लगन का प्रतिफल है। प्रदेश की प्रतिभाशाली बेटियों ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर अपने अभिभावकों, शिक्षकों के साथ मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। बेटियाँ हमारा, मान, सम्मान और गौरव बढ़ा रही हैं। हाईस्कूल में सिंगरौली की बेटी प्रज्ञा जायसवाल ने शत प्रतिशत 500 अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान और हायर सेकेण्डरी में भी सतना अमरपाटन की बेटी प्रियल द्विवेदी ने 492/500 (विज्ञान गणित समूह) अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित हाईस्कूल 10वीं एवं हायर सेकेण्डरी 12वीं परीक्षा वर्ष 2024-25 के परिणामों को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से घोषित कर सफल विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अभिभावकगण एवं शिक्षकगणों को भी बधाई दी। बोर्ड परीक्षा में संभाग स्तर पर उज्जैन और जिला स्तर पर नरसिंहपुर अव्वल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा प्रकाशित “परीक्षा संचालन मानक प्रक्रिया निर्देशिका” का विमोचन किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, माध्यमिक शिक्षा मण्डल की महानिदेशक श्रीमती स्मिता भारद्वाज उपस्थित रहीं। असफल विद्यार्थियों को मिलेगा एक और अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो विद्यार्थी आज असफल रहे, उन्हें निराश नहीं होना है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत असफल विद्यार्थियों को एक बार फिर परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा और जो विद्यार्थी अपना स्कोर बढ़ाना चाहते हैं वह भी दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यह नवाचार विद्यार्थियों के लिए इतिहास बदलने वाला सिद्ध होगा। मध्यप्रदेश इस प्रकार की परीक्षा कराने वाला देश का तीसरा राज्य होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भारतीय मेधा सम्पूर्ण विश्व में अपनी श्रेष्ठता स्थापित कर रही है। विश्व में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकांश देशों की सफलता में भारतीय युवा शक्ति का योगदान उल्लेखनीय है। माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा पद्धति में सुधार और तकनीकी नवाचार के परिणाम स्वरूप इस वर्ष मण्डल द्वारा संचालित परीक्षा में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई और न ही किसी स्थान पर पेपर लीक होने जैसी घटना घटी। नकल के प्रकरण भी न्यूनतम रहे। मण्डल द्वारा विकसित परीक्षा संचालन मानक प्रक्रिया को निरंतर अद्यतन करते हुए क्रियान्वित किया जाता रहेगा। हाईस्कूल /हायर सेकेण्डरी परीक्षा-2025 संभागवार नियमित उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत   संभाग 10वीं 12वीं ग्वालियर 70.45 67.32 सागर 68.36 67.02 रीवा 74.89 75.07 उज्जैन 81.25 81.88 इन्दौर 77.83 75.23 भोपाल 77.63 75.21 जबलपुर 82.7 80.61   गत वर्ष की तुलना में 10वीं में 9.99 प्रतिशत और 12वीं में 18.12 प्रतिशत की वृद्धि माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा-10 और कक्षा-12 के बोर्ड परीक्षा परिणाम में नियमित विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने के प्रतिशत में पिछले वर्ष 2024 के मुकाबले उल्लेखनीय उपलब्धि मिली है। कक्षा-12 में इस वर्ष 2025 में 74.48 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष 64.49 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। इस प्रकार गत वर्ष के मुकाबले उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 9.99 बढ़ा है। इसी तरह कक्षा-10 के बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस वर्ष 2025 में 76.22 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष 2024 में 58.10 प्रतिशत नियमित विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। इसमें गत वर्ष 2024 के मुकाबले 18.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री शीला दाहिमा को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2022-23 से सम्मानित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवाचार के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2022-23 से उप सचिव सहकारिता सुश्री शीला दाहिमा को मंत्रालय में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सुश्री दाहिमा को माध्यमिक शिक्षा मंण्डल की अतिरिक्त सचिव रहते हुए किए गए नवाचार के लिए यह सम्मान प्राप्त हुआ। मण्डल में पदस्थापना के दौरान सुश्री शीला दाहिमा ने प्रेरणादायी वीडियो के माध्यम से परीक्षा की तैयारी के लिए मोटिवेशनल वीडियो बनाकर यूट्यूब और माध्यमिक शिक्षा मण्डल की वेबसाइट पर अपलोड किए, जिससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में काफी मदद मिली। सुश्री दाहिमा के 21 अप्रैल को भोपाल से बाहर होने के कारण उन्हें आज प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विभिन्न प्रतिभाओं का सम्मान

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विभिन्न प्रतिभाओं का सम्मान निजी न्यूज चैनल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में एक निजी न्यूज चैनल की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इनमें सिंगरौली की सुप्रज्ञा जायसवाल भी शामिल है जिसने आज घोषित हाई स्कूल परीक्षा परिणाम में शत प्रतिशत 500 अंकों के साथ मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। देश एकजुट है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पहलगाम की घटना के बाद पूरे राष्ट्र के नागरिक एकजुट हैं और शत्रु से बदला लेने की बात पर सहमत हैं। सिंहस्थ :2028 होगा सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाला सिंहस्थ अब तक का सबसे भव्य सिंहस्थ होगा। इसके लिए आवश्यक कार्यों को पूरा किया जा रहा है। प्रदेश में उद्योगों और कृषि क्षेत्र का विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के साथ ही किसानों को नए कृषि यंत्रों और कृषि अनुसंधान का लाभ दिलवाने के लिए प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। हाल ही में मंदसौर में संपन्न किसान मेला किसानों को नए कृषि उपकरणों और तकनीक की जानकारी देने की दृष्टि से उपयोगी रहा। उन्होंने बताया कि आगामी 26 मई को नरसिंहपुर में इस तरह का आयोजन होगा।  

MP में गेहूं खरीद को लेकर बड़ा अपडेट, इन किसानों को 9 मई तक मिलेगा फसल बेचने का मौका, अब तक 76 लाख मीट्रिक टन गेहूं

भोपाल  मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद का आंकड़ा 85 लाख मीट्रिक टन (एमटी) रहने का अनुमान है। यह सरकार की ओर से निर्धारित किए गए खरीद के लक्ष्य 80 लाख एमटी से अधिक है। सरकार ने मंगलवार को बताया कि करीब 8.76 लाख पंजीकृत किसानों से 76 लाख एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खरीद प्रक्रिया जिसमें केवल पंजीकृत किसानों से ही तौल करना शामिल है, अतिरिक्त पांच दिनों तक जारी रहेगी। राज्य ने 15 मार्च को गेहूं खरीद अभियान शुरू किया था और अपने 4,000 निर्धारित खरीद केंद्रों पर 2,600 रुपए प्रति क्विंटल की कीमत की पेशकश की थी। पिछले साल मध्य प्रदेश में 5.85 लाख किसानों से 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। जल्द ही अपडेटेड आंकड़े आने की उम्मीद है, मंगलवार तक खरीद 81 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। सरकार को अब इस सीजन में कुल 85 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद होने की उम्मीद है। घर बैठे करा सकते हैं नामांकन इसके अलावा सरकार ने घोषणा की कि अब तक किसानों को उनकी उपज के भुगतान के लिए 16,472 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य सरकार ने एसएमएस के माध्यम से किसानों को पंजीकृत किया और एक समर्पित वेब या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से घर से नामांकन करने का विकल्प प्रदान किया। किसान ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और तहसील कार्यालयों में स्थित सुविधा केंद्रों पर भी पंजीकरण करा सकते हैं। 175 रुपए का मिलेगा बोनस केंद्र सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को भी संशोधित किया है, इसे 2025-26 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए 150 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 2,425 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। हालांकि, मध्य प्रदेश 2,600 रुपए प्रति क्विंटल का खरीद मूल्य प्रदान करेगा, जिसमें 175 रुपए प्रति क्विंटल की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी शामिल है। मध्य प्रदेश में सीहोर, उज्जैन, नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन और देवास जिलों में मालवा पठार के कम वर्षा वाले क्षेत्र में शरबती और डरम जैसी कुछ कम सिंचित उच्च उपज वाली किस्में उगाई जाती हैं। इन सभी किस्मों में से शरबती सबसे पसंदीदा किस्म है क्योंकि इसमें उच्च प्रोटीन होता है।  किसानों को 9 मई तक मिलेगा फसल बेचने का मौका मध्‍य प्रदेश में गेहूं की एमएसपी पर सरकारी खरीद की प्रक्रिया 5 मई को खत्‍म हो गई, लेकिन सरकार ने अभी भी कई किसानों को 9 मई तक गेहूं बेचने का मौका दिया है. ऐसे में जानिए आखिर पूरा मामला क्‍या है और कौन-से किसान फसल बेचने के लिए पात्र हैं… दरअसल, ऐसे किसान जिन्‍होंने स्‍लॉट तो बुक किए थे, लेकिन उनकी वैलिड‍िटी खत्‍म हो गई है, उन्‍हें 9 मई तक अपनी फसल बेचने का मौका दिया गया है. इसके लिए अफसरों को डीएसओ लॉगिन के जरिए स्‍लॉट की अवधि‍ बढ़ाने के लिए कहा गया है. इसे लेकर खाद्य विभाग ने अफसरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. गेहूं की सबसे ज्‍यादा सरकारी कीमत MP में वहीं, सरकार ने 5 मई तक खरीद के लिए 30 अप्रैल तक स्‍लॉट बुक करने की मोहलत दी थी, लेकिन खरीद के अंतिम दिन भी किसानों को ऑफलाइन स्‍लॉट बुक करने का ऑप्‍शन दिया गया और वे फसल बेच सके. मालूम हो कि प्रदेश में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 15 मार्च से 5 मई तक चली. इस दौरान किसानों को 2425 रुपये प्रत‍ि क्विंटल एमएसपी और 175 रुपये प्रत‍ि क्विंटल बोनस का भुगतान किया गया यानी 2600 रुपये प्रति क्विंटल. हालांकि, उपज में नमी और क्‍वालिटी के चलते कीमत में अंतर आना सामान्‍य है. प्रदेश में हुआ गेहूं का बंपर उत्‍पादन मध्‍य प्रदेश में इस साल ग‍ेहूं की अच्‍छी फसल हुई है, जिसके चलते मंडियों में नई फसल की बंपर आवक दर्ज की गई. राज्‍य के सीएम मोहन यादव ने दावा किया कि प्रदेश में किसानों को गेहूं की जितनी कीमत मिल रही है, वह सभी राज्‍यों के मुकाबले सबसे ज्‍यादा है. व्‍यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि एमएसपी और बोनस मिलने के कारण किसानों ने निजी व्‍यापारियों की जगह सरकारी एजेंसियाे को गेहूं बेचना पसंद किया. बीते हफ्ते ही केंद्र ने मध्‍य प्रदेश का गेहूं खरीद लक्ष्‍य मिल‍ियन टन बढ़ा दिया था. 312 LMT है खरीद का अनुमानित लक्ष्‍य वहीं, देश के अन्‍य राज्‍यों में भी केंद्रीय पूल के तहत गेहूं की खरीद चल रही है. पिछले महीने केंद्र सरकार ने सभी प्रमुख राज्‍यों में गेहूं खरीद को लेकर आंकड़े जारी किए थे. इसमें 30 अप्रैल 2025 तक रबी मार्केटिंग सीजन यानी आरएमएस 2025-26 के दौरान गेहूं की खरीद के लिए तय 312 लाख मीट्रिक टन के अनुमानित लक्ष्य की तुलना में केंद्रीय पूल में 256.31 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है. इस साल 30 अप्रैल तक खरीदे गए गेहूं की मात्रा पिछले साल की इसी तारीख को हुई कुल खरीद 205.41 लाख मीट्रिक टन से 24.78 प्र‍तिशत ज्‍यादा है. प्रमुख गेहूं उत्‍पादक राज्‍यों पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्‍यादा खरीद हुई है.

अखाड़े में बदला स्कूल प्राँगण, प्रिंसिपल-लाइब्रेरियन की मारपीट का वीडियो वायरल

 खरगोन मध्य प्रदेश के एक स्कूल में प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों आपस में हाथापाई करने लगीं। दोनों ने एक दूसरे को थप्पड़ मारे और बाल खींचे। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद दोनों महिलाओं को नौकरी से निकाल दिया गया है। दोनों ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। एमपी के खरगोन की घटना घटना मध्य प्रदेश के खरगोन के एकलव्य आदर्श स्कूल में हुई। यह जगह भोपाल से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। वीडियो में दोनों महिलाएं बहस करती हुई दिखाई दे रही हैं। गुस्से में प्रिंसिपल ने लाइब्रेरियन को थप्पड़ मार दिया और उसका फोन छीनकर जमीन पर फेंक दिया। इसके बाद दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई। दोनों को फिलहाल असिस्टेंट कमिश्नर प्रशांत आर्य के ऑफिस में ट्रांसफर कर दिया गया है। पहले फोन तोड़ा, टोकने पर दोबारा फेंका वीडियो में लाइब्रेरियन प्रिंसिपल से पूछती है, ‘मैडम, आपकी हिम्मत कैसे हुई? आपने मुझे थप्पड़ कैसे मारा? आपकी हिम्मत कैसे हुई?’ वह शिकायत करती है कि उसका फोन टूट गया है। प्रिंसिपल फोन उठाती है और उसे फिर से फेंक देती है, जिससे वह और भी बुरी तरह टूट जाता है। लाइब्रेरियन पूछती है, ‘आपने मेरा फोन कैसे तोड़ा? आपकी हिम्मत कैसे हुई मुझे थप्पड़ मारने की?’ प्रिंसिपल का दुपट्टा खींचा फिर शुरु हुई ‘कैटफाइट’ इसके बाद प्रिंसिपल अपने फोन में बहस रिकॉर्ड करने लगती है। लाइब्रेरियन प्रिंसिपल के हाथ पर थप्पड़ मारती है, जिससे दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो जाती है। लाइब्रेरियन प्रिंसिपल का दुपट्टा खींचती है। जवाब में प्रिंसिपल उसे पकड़ लेती है और उसे खूब मारती है। लाइब्रेरियन बार-बार पूछती है, ‘तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे छूने की?’ दोनों एक दूसरे के बाल खींचती रहती हैं और एक दूसरे को मारती रहती हैं। जुबानी जंग के बाद हुई हाथापाई सूत्रों के अनुसार पहले दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही थी। अचानक से विवाद इतना बढ़ा कि प्रिंसिपल ने लाइब्रेरियन के गाल पर तमाचा जड़ दिया। यही नहीं प्रिंसिपल प्रवीण दाहिया ने मधुरानी का फोन छीनकर भी फेंक दिया और मधुरानी पर एक के बाद एक लगातार थप्पड़ों की बौछार कर दी। पुलिस में लिखवाई शिकायत इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मारपीट के बाद दोनों प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दोनों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस दौरान प्रिंसिपल ICU में भर्ती हो गईं और लाइब्रेरियन मधुरानी को भी वार्ड में भर्ती किया गया। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश खरगोन की कलेक्टर भव्या मित्तल ने इस पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि एकलव्य आदर्श आवासीय परिसर को दिल्ली से संचालित किया जाता है। इस स्कूल में बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल के लिए हर साल लगभग 5 करोड़ रुपए भेजे जाते हैं। महिला सफाई कर्मचारी ने कराया बीच-बचाव वीडियो में पीछे से एक लड़का कहता हुआ सुनाई देता है, ‘मम्मा, रहने दो।’ कोई भी बीच-बचाव नहीं करता है, जब तक कि एक महिला शांति से दोनों लड़ रही महिलाओं को पीछे हटने के लिए नहीं कहती। सोशल मीडया पर हो रही चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने इसे ‘बिल्ली की लड़ाई’ बताया, तो दूसरे ने तीसरी महिला की तारीफ की जिसने झगड़ा रोकने की कोशिश की। एक यूजर ने X पर लिखा, ‘सबसे अच्छी तो सफाई करने वाली महिला है, जिसने उन्हें अलग करने की कोशिश की। बाकी दोनों पढ़ी-लिखी हो सकती हैं, लेकिन वह ज्यादा समझदार है।’

डिजिटल गवर्नेंस, आधार-अनुप्रयोग और तकनीकी नवाचारों पर होगा मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एवं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग द्वारा 8 और 9 मई 2025 को “AI भारत @ MP – कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधार और डिजिटल गवर्नेंस में नवाचार” विषय पर कार्यशाला का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। दो दिवसीय कार्य़शाला प्रातः 9:30 से सांय काल 5:30 बजे तक आयोजित होगी। कार्यशाला डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी, समावेशी और नागरिकोन्मुखी बनाने के लिये ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (AI) और ‘आधार’ (UIADI) के प्रयोग की संभावनाओं पर केंद्रित होगी। कार्यशाला में नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सरकारी प्रतिनिधियों की भागीदारी से नॉलेज शेयर और विचार-विमर्श किया जायेगा। कार्यशाला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अपर मुख्य सचिव संजय दुबे राज्य की डिजिटल रणनीति पर प्रकाश डालेंगे। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के सीईओ नंद कुमारम, डिजिटल नीति पर राष्ट्रीय दृष्टिकोण साझा करेंगे। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के प्रबंध संचालक आशीष वशिष्ठ कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी देंगे। कार्यशाला का पहला दिन 8 मई कार्यशाला का पहले दिन प्रशासन को गतिशील बनाने में AI नवाचार और आधार के प्रयोग पर केंद्रित रहेगा। इसमें IIT इंदौर की प्रो. अरुणा तिवारी और IIM इंदौर के डीन प्रो. प्रशांत सलवान AI अनुसंधान में शिक्षा जगत की भूमिका पर चर्चा करेंगे। UIDAI के डीडीजी आमोद कुमार और DBT सचिवालय के अपर सचिव सौरभ कुमार तिवारी आधार-सक्षम लाभ वितरण पर जानकारी देंगे। AWS, Oracle और India AI Mission जैसे तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञ भी वास्तविक AI अनुप्रयोगों को प्रस्तुत करेंगे। कार्यशाला में प्रयागराज कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में AI के प्रयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अधोसंरचना और सुरक्षा क्षेत्रों में इसके प्रभाव और भविष्य की दिशा पर केंद्रित सत्र होंगे। कार्यशाला में AI मोरल्स और सरकारी विभागों में AI की मदद से कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष चर्चा की जायेगी। कार्यशाला का दूसरा दिन 9 मई कार्यशाला के दूसरे दिन “डिजिटल इंडिया स्टेट कंसल्टेशन वर्कशॉप” आयोजित की जायेगी, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए संवाद और सहयोग पर बल दिया जाएगा। कार्यशाला में DigiLocker, API Setu, UMANG, मेरी पहचान और myScheme जैसे प्रमुख एप पर विशेष प्रेजेंटेशन सत्र आयोजित किये जायेंगे। साथ ही प्रमाणीकरण सेवाओं, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023, eSanjeevani, DIKSHA, और MSH प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी सत्रों के माध्यम से गहन चर्चा की जायेगी। कार्यशाला का उद्देश्य उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना और मध्यप्रदेश को तकनीकी रूप से सक्षम व फ्यूचर-रेडी राज्य के रूप में स्थापित करना है।  

केन्द्र और राज्य के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये

पीएम जनमन भोपाल जनजातीय कार्य एवं गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के जरिये जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन को सहज और सुगम बनाने के लिये लगभग 1100 किमी सड़कों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों में चिन्हित 1295 बसाहटों के लिये 1800 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश भर में जनजातीय वर्ग के लोगों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिये प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी और पक्की छत उपलब्ध करवाने के लिये कार्य योजना बनाकर काम किये जा रहे हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय संवर्ग के उत्पाद के लिये चलाई जा रही योजनाओं के लिये त्रैमासिक स्तर पर राशि स्वीकृत की जा रही है। उन्होंने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वय से 471 जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में अभी 1097.29 किमी सड़कों के लिये 833.98 करोड़ रूपये स्वीकृत किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 630 बसाहटों वाले क्षेत्रों में 1187 किमी की सड़कों के निर्माण लिये प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली है। इसके अलावा 194 बसाहटों पर कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जायेगी। गांव-गांव तक सड़क मंत्री डॉ. शाह ने बताया किगांव-गांव तक सड़क योजना का लाभ घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अंतर्गत 110.29 किमी सड़कें पूर्ण की जा चुकी है। इसमें सर्वाधिक 23.49 किमी की सड़क बालाघाट जिले में पूर्ण की गई है। दूसरे नंबर पर मंडला जिले में 21.37 किमी सड़कों का काम पूरा कर लिया गया है। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय संवर्ग के उत्थान और विकास के लिये केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों को मुर्तरूप दिया जा रहा है। इसके लिये जनजातीय कार्य विभाग दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बसाहट क्षेत्रों में सड़कों की सुगमता से सामान्य जन का जीवन एवं काम-धंधे, व्यापार-व्यवसाय सुगम एवं सुलभ हो सकेगा।  

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