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LPG संकट से परेशान एमपी: रायसेन में सिलेंडर लेकर चक्काजाम, सप्लाई नहीं, उज्ज्वला सिलेंडर की बुकिंग में तेजी

भोपाल  मध्य प्रदेश में LPG संकट गहरा रहा है। 5 दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। कई होटल में तो 24 से 48 घंटे की गैस ही बची है। ऐसे में ये बंद होने के कगार पर हैं।  रेस्तरां में इलेक्ट्रिक चूल्हे पर जोर कुछ रेस्टोरेंट ने अपने किचन को बिजली के चूल्हे पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। रेलवे ने भोपाल मंडल के रनिंग रूम का किचन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। इस व्यवस्था में लोको पायलट और रनिंग स्टाफ के लोग स्वयं राशन लाकर खाना बना लेते थे। इस बीच, प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को दावा किया कि प्रदेश में घरेलू गैस का कहीं कोई संकट नहीं है, बुकिंग से 24 घंटे में भीतर सिलिंडर मिलेगा। ग्वालियर जिले में उज्जवला योजना में एक लाख 51 हजार 316 गैस कनेक्शन हैं। गैस एजेंसियों के संचालकों के मुताबिक आम दिनों में इस योजना के औसतन 18-20 प्रतिशत हितग्राही ही गैस सिलिंडर की बुकिंग करते थे, लेकिन अब इस योजना के तहत हितग्राहियों की बुकिंग औसतन 40 से 45 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके साथ घरेलू सिलेंडर ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में बुजुर्ग से बच्चे तक सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। कहीं सिलेंडर लेकर घंटों कतार में लगे हैं तो कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहे हैं। शुक्रवार को भोपाल में गैस एजेंसियों और गोदाम के बाहर पुलिस गाड़ियां घूमती रहीं, ताकि कोई हंगामा न हो। सभी 23 एजेंसियों पर भीड़ रही। दूसरी ओर बुकिंग सर्वर भी ठप है। इस वजह से 7-8 दिन में भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उज्ज्वला बुकिंग की आड़ में कालाबाजारी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन, सिलिंडर जमा/रेगुलेटर के लिए 1600 रुपये की सहायता और मुफ्त पहला रिफिल एवं चूल्हा मिलता है। रिफिल पर सब्सिडी 300 रुपये प्रति सिलेंडर मिलती है। साल में नौ सिलिंडर इस योजना के तहत सब्सिडी पर दिए जाते हैं। इसका फायदा कालाबाजारियों द्वारा उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। तमाम शहरों में लग रही कतारें भोपाल, इंदौर, जबलपुर में भी उज्ज्वला गैस सिलिंडरों की बुकिंग कराने के मामले बढ़े हैं। प्रदेश के छोटे शहरों-कस्बों पर गैस एजेंसियों के सामने भीड़ बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की नौबत भी आई। विंध्य-महाकोशल के जिलों में एजेंसियों पर अफरा-तफरी की स्थिति है। शहडोल में शुक्रवार को कलेक्टर बंगला से ठीक 100 कदम की दूरी पर स्थित भारत गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही लाइन लगाकर लोग खड़े नजर आए। एजेंसी के सामने सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इंडक्शन की बिक्री तेजी से बढ़ी इंदौर में घरेलू इंडक्शन, इलेक्ट्रिक चूल्हा की मांग बढ़ गई है। इंडक्शन निर्माताओं को भी इतनी मांग का अंदाजा नहीं था। ऐसे में बाजार की मांग को इंडक्शन निर्माता पूरा नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में जो बिक्री महीने भर में होती थी, वह अब दो-तीन दिन में हो रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायी भी कमर्शियल इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद रहे हैं। इंडक्शन के साथ ही राइस कुकर, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और एयर फ्रायर की भी मांग बढ़ी है। होटल व रेस्टोरेंट में पांच-छह किलोवाट इंडक्शन की मांग घरेलू उपयोग वाले इंडक्शन की क्षमता डेढ़ से दो किलोवाट की होती है। होटल व रेस्टोरेंट में 25 से 30 किलो की खाद्य सामग्री एक बार में तैयार की जाती है। ऐसे में यहां पर पांच से छह किलोवाट के कमर्शियल इंडक्शन की मांग बढ़ी है। कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण फूड स्ट्रीट हब के संचालक गैस सिलिंडर के विकल्प के रूप इंडक्शन की तलाश में जुटे है।  

कार्यकर्ताओं में जोश भरने पहुंचे जीतू पटवारी, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील

Jitu Patwari reached to energize the workers, appealed to strengthen the organization till the booth level. इंदौर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देपालपुर विधानसभा के बेटमा ब्लॉक में आयोजित ‘ब्लॉक स्तरीय पंचायत समिति कार्यकर्ता सम्मेलन’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आगामी राजनीतिक कार्ययोजना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पटवारी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में संगठन को और ज्यादा सक्रिय और मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, इंदौर जिला (ग्रामीण) अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, विधानसभा प्रभारी मनोज सिंह गौतम, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष जीतू ठाकुर, मनीष पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए विभिन्न सुझाव भी सामने आए।

इंदौर-शारजाह फ्लाइट अब हफ्ते में चार दिन, 29 मार्च से तीन दिन बंद, उम्मीद बैंकॉक फ्लाइट मिलेगी

इंदौर इंदौर के देवी अहिल्या बाई होल्कर इंटरनेशलन एयरपोर्ट से संचालित होने वाली एकमात्र इंटरनेशलन फ्लाइट अब सप्ताह में सिर्फ 4 दिन ही संचालित की जाएगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इंदौर से शारजाह के बीच सप्ताह में तीन फेरे कम करने जा रही है। 29 मार्च से यह फ्लाइट सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही संचालित होगी। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस आधार पर बुकिंग भी शुरू कर दी है। वहीं सूत्रों का कहना है कि खाली समय में इंदौर से बैंकॉक के लिए भी एक फ्लाइट का संचालन हो सकता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिकारियों ने बताया कि 29 मार्च से लागू हो रहे समर शेड्यूल में कंपनी सप्ताह में चार दिन सोम, बुध, शुक्र और रविवार को ही इंदौर से शारजाह के बीच जाने और आने वाली सीधी फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं शेष तीन दिन मंगल, गुरु और शनिवार को इस फ्लाइट का संचालन बंद रहेगा। इस फ्लाइट को 28 अक्टूबर से लागू हुई विंटर शेड्यूल में ही नियमित किया गया था। इससे पहले यह सप्ताह में चार दिन ही संचालित होती थी। नियमित फ्लाइट मिलने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब एक बार फिर सप्ताह में 4 दिन ही उड़ान के संचालन होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही इस फ्लाइट के समय में भी थोड़ा बदलाव किया जा रहा है। मौजूदा समय की अपेक्षा 29 मार्च से यह फ्लाइट 35 से 40 मिनट देरी से चलेगी। कंपनी अधिकारियों और ट्रैवल एजेंट्स ने बताया कि गर्मी के मौसम में यूएई में बहुत तेज गर्मी पड़ती है। इसके कारण यहां घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आ जाती है। इसे देखते हुए गर्मियों के सीजन को यहां पर्यटन की दृष्टि से ऑफ सीजन भी कहा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध की स्थिति के साथ ही इस बात को भी देखते हुए इस फ्लाइट को नियमित के बजाए सप्ताह में चार दिन संचालित करने का निर्णय लिया गया है। बैंकॉक के लिए विचार कर रही कंपनी ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि कंपनी सप्ताह के जिन तीन दिनों मंगल, गुरु और शनिवार को शारजाह फ्लाइट का संचालन बंद कर रही है, उन दिनों में इंदौर से किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय शहर के लिए फ्लाइट शुरू कर सकती है। इस पर विचार जारी है। संभावना है कि इन दिनों में इंदौर से बैंकॉक के लिए फ्लाइट शुरू की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यात्रियों को इंदौर से दो अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए सीधी उड़ान की सुविधा मिल जाएगी और थाईलैंड जाने वाले यात्रियों को देश के अन्य शहरों से होकर जाने के बजाए इंदौर से ही सीधी फ्लाइट की सुविधा मिलेगी, जिससे उनका समय और पैसा भी बचेगा। यूद्ध के कारण निरस्त चल रही फ्लाइट उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण 28 फरवरी से इंदौर शारजाह के बीच जाने और आने वाली फ्लाइट बंद है। पहले कंपनी इसे एक-एक दिन के लिए निरस्त कर रही थी। फिर कुछ दिनों पहले इसे 22 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया गया था। वहीं अब कंपनी ने इसे 28 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया है। यानी अब 28 मार्च तक जिन लोगों ने इस फ्लाइट में बुकिंग कर रखी थी उन्हें दूसरी उड़ानों का सहारा लेना पड़ेगा। युद्ध के चलते इंदौर से जाने वाले यात्री तो नहीं है, लेकिन वहां से आने वाले यात्रियों के लिए इस फ्लाइट के बंद होने से बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। यह रहेगा फ्लाइट का नया शेड्यूल     इंदौर-शारजाह : यह फ्लाइट सुबह 10.25 इंदौर से निकलकर यूएई के स्थानीय समयानुसार 12.10 बजे वहां पहुंचेगी। सफर 3.15 घंटे का होगा।     शारजाह-इंदौर : शारजाह से यह फ्लाइट यूएई के स्थानीय समयानुसार दोपहर 1.10 बजे निकलेगी और भारतीय समयानुसार शाम 6.10 बजे इंदौर पहुंचेगी। सफर का समय 3.30 घंटे होगा। .

मध्यप्रदेश में डाटा एंट्री ऑपरेटर के 770 पदों के लिए आवेदन की शुरुआत

भोपाल बेरोजगार युवाओं के मध्यप्रदेश लैंड रिकार्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी ने डाटा एंट्री आपरेटर के 770 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती में शामिल होने के इच्छुक युवा आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार मध्य प्रदेश राज्य में बतौर डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं। उन उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। उम्मीदवार MPLRS की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि तीन अप्रैल निर्धारित की गई है। इसके साथ ही फार्म में सुधार करने के लिए उम्मीदवारों को चार अप्रैल तक का समय दिया गया है। इतनी मिलेगी सैलरीः डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 5,200 रुपये से लेकर 20,200 रुपये प्रदान किए जाएंगे। आवेदन करने के लिए पात्रता मानदंडः इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास सीपीसीटी उत्तीर्ण प्रमाण-पत्र होना चाहिए। आयु-सीमाः आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर की जाएगी। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में कुछ वर्षों की छूट भी दी जाएगी। पद संबंधित विवरणः डाटा एंट्री आपरेटर के कुल 770 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 2029 पद, एससी के लिए 123 पद, एसटी के लिए 154 पद, ओबीसी के लिए 208 पद और ईडब्ल्यूएस के लिए कुल 76 पद आरक्षित किए गए हैं। ऐसे करें आवेदनः डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.mponline.gov.in पर जाकर विजिट कर सकते हैं। अब रजिस्ट्रेशन करने के लिए MPLRS Data Entry Operator Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई सभी डिटेल को ध्यान से दर्ज कर लें। इसके बाद दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करके अंत में इसका एक प्रिंट आउट निकाल लें।

रेलवे ने गर्मी की छुट्टियों के लिए 1,484 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की, वेटिंग लिस्ट कम होगी

भोपाल   गर्मी की छुट्टियों का आगाज़ और होली के त्योहार के बाद काम पर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। वेटिंग लिस्ट की लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए रेलवे ने देशभर में स्पेशल ट्रेनों के जाल बिछाने और मौजूदा सेवाओं की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यात्रियों को बड़ी राहत उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने गर्मियों में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं की बढ़ती मांग को देखते हुए तीन जोड़ी प्रमुख स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, रेवाड़ी-रींगस और जयपुर-भिवानी जैसे व्यस्त रूटों पर अब जुलाई तक ट्रेनें उपलब्ध रहेंगी। विस्तारित ट्रेनों का विवरण:     रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09633/34): अब 1 अप्रैल से 29 जून 2026 तक संचालित होगी।     रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09637/38): दोनों दिशाओं में 38 अतिरिक्त ट्रिप लगाएगी।     जयपुर–भिवानी–जयपुर (09733/34): इस सेवा को 15 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे कुल 92 नए ट्रिप मिलेंगे। लंबी दूरी के लिए 1,484 समर स्पेशल मध्य रेलवे (Central Railway) ने इस साल के ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए एक विशाल योजना तैयार की है। कुल 1,484 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें आरक्षित और अनारक्षित दोनों श्रेणियों का संतुलन रखा गया है:     749 आरक्षित (Reserved) सेवाएं: मध्यम और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए।     735 अनारक्षित (Unreserved) सेवाएं: अचानक यात्रा करने वाले आम यात्रियों के लिए। ये ट्रेनें मुख्य रूप से मुंबई–बलिया, पुणे–कोल्हापुर, नासिक–बडनेरा और सोलापुर–कलबुर्गी जैसे मार्गों पर दबाव कम करेंगी। होली के बाद ‘घर वापसी’ के लिए विशेष इंतजाम होली मनाकर महानगरों की ओर लौटने वाले कामगारों और छात्रों के लिए हाजीपुर जोन ने विशेष फेरे बढ़ाए हैं। मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि बिहार के विभिन्न जिलों से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत के लिए विशेष रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रमुख होली स्पेशल ट्रेनें और उनकी नई तिथियां     03697 शेखपुरा–आनंद विहार – 16 से 30 मार्च 2026 – सोम, मंगल, शुक्र, शनि।     03309 धनबाद–दिल्ली स्पेशल – 14 से 28 मार्च 2026 – मंगल और शनिवार।     02397 शेखपुरा–आनंद विहार – 22 और 29 मार्च 2026 – रविवार। इमरजेंसी कोटा और यात्रियों के लिए सलाह रेलवे ने वेटिंग लिस्ट के बीच ‘इमरजेंसी कोटा’ की व्यवस्था को भी चुस्त-दुरुस्त रखा है, ताकि अत्यंत आवश्यक कारणों से यात्रा करने वालों को अंतिम समय पर बर्थ मिल सके। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि किसी भी भ्रम से बचने के लिए यात्रा से पहले NTES (National Train Enquiry System) या आधिकारिक वेबसाइट पर शेड्यूल और उपलब्धता की पुनः जांच जरूर कर लें।

मोहन सरकार में महिला अधिकारियों की बढ़ती छवि, नए आंकड़े और बड़ी जिम्मेदारी की तैयारी

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में महिला अफसरों पर भी खासा भरोसा जताया जा रहा है। प्रदेश में उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। प्रशासनिक ढांचे में महिला अफसरों का दबदबा बढ़ रहा है। ये बात ऐसी ही नहीं कही जा रही है बल्कि आंकड़े इसकी गवाही दे रहे है। मध्य प्रदेश राज्य में पहली बार बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों को जिलों का दायित्व सौंपा गया है। मध्य  प्रदेश के 55 जिलों में से 17 की कमान महिला IAS अधिकारियों के पास अगर हम वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश के 55 जिलों में 17 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के पास अगर गौर किया जाए तो पहले कभी भी प्रदेश में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।जब इतने बड़े स्तर पर महिला अफसरो को कमान सौंपी गई हो। स्थिति ये है कि  मोहन यादव सरकार में महिला अधिकारियों पर भरोसा जताकर कई जिलों में उन्हें कलेक्टर के तौर पर भी नियुक्त किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि महिला अधिकारियों पर भरोसा बढ़ा है। बात करें बड़वानी, झाबुआ और डिंडोरी की तो यहां पर लगातार महिला कलेक्टर को जिम्मेवारी सौंपी जा रही है। प्रदेश में महिला कलेक्टरों का बढ़ा दबदवा  मध्य प्रदेश  के खरगोन, बड़वानी, झाबुआ आलीराजपुर ऐसे जिले हैं जो ये मुहर लगा रहे हैं, इंदौर संभाग में महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उज्जैन संभाग के रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा मंदसौर में भी महिला आईएएस अधिकारियों का जलवा है। रीवा, पन्ना, निवाड़ी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सिवनी जिलों में महिला कलेक्टर अपनी योग्यता का बखूबी प्रदर्शन कर रही है।वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में कई दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को भी पहली बार कलेक्टर बनने का मौका मिल सकता है। आने वाले समय में 2011 से 2017 बैच तक की महिला अधिकारियों को मौके की उम्मीद बात करें तो वर्ष 2014 बैच की महिला अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक है। 2016 बैच की भी कई अधिकारी जिलों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उम्मीद है कि 2011 से 2017 बैच तक की दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर बनने का अवसर मिल सकता है। लिहाजा महिला अधिकारियों को मोहन सरकार में काफी महत्व दिया जा रहा है।

नगर पालिका में चली कुर्सी, भाजपा और कांग्रेस पार्षद में तीखी बहस, आगबबूला हुए जनप्रतिनिधि

A heated debate erupts between BJP and Congress councillors in the municipal council, leaving public representatives furious. टीकमगढ़ ! शुक्रवार को टीकमगढ़ नगरपालिका में बजट बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हो गया. बैठक के दौरान भाजपा पार्षद ने उनके वार्ड में रूके कार्य को लेकर आपत्ति जताई, जिसको लेकर भाजपा पार्षद अजय यादव और कांग्रेस पार्षद अरविंद आमने-सामने आ गए. दोनों में देखते-देखते तीखी बहस शुरू हो गई और बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में भाजपा पार्षद ने कुर्सी उठाकर फेंक दी. भाजपा पार्षद ने कुर्सी उठाकर फेंकी कांग्रेस पार्षद और भाजपा पार्षद में बहस इतनी बढ़ गई कि भाजपा पार्षद ने गुस्से में आकर सभाकक्ष में रखी कुर्सी उठाकर फेंक दी, उपस्थित महिला और पुरुष सभी पार्षद यह सब देखकर दंग रह गए और मीटिंग में हड़कंप मच गया. हालांकि, वहां उपस्थित पार्षदों ने समझा बुझाकर मामले को शांत करने की कोशिश की. नगरपालिका में हंगामे के बीच बजट टीकमगढ़ नगरपालिका ने वित्तीय वर्ष के लिए 2 अरब 50 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया. सीएमओ द्वारा ये बजट पेश किया गया. इस दौरान जमकर हंगामा होता रहा लेकिन सर्वसम्मति से बजट पेश किय गया. शोर-शराबे के बीच नगरपालिका का वार्षिक बजट पेश किया गया. भ्रष्टाचार ने पकड़ी रफ्तार, जब से आए अब्दुल गफ्फार : अजय यादव नाली और सड़क निर्माण के टेंडर बजट में शामिल नहीं होने से वार्ड नंबर 18 से पार्षद अजय यादव उर्फ अज्जू गाढ़े का गुस्सा सातवें आसमान पर था. अज्जू गाढ़े ने नगरपालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा, ” जिन कार्यों में इनको कमीशन मिलता है तो इनको भ्रष्टाचार नहीं दिखता और जिनमें इनको कमीशन ने मिले तो भ्रष्टाचार दिखाई देता है. अध्यक्ष को केवल अपने क्रेसर की डस्ट और गिट्टी बेचने से मतलब है. उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार ने पकड़ी रफ्तार, जब से आए अब्दुल गफ्फार.” मुझे भी है 5000 लोगों का नशा वहीं, कुर्सी फेंकने पर भाजपा पार्षद ने कहा, ” कुर्सी उठाना केवल मेरा गुस्सा नहीं बल्कि उन 5000 लोगों का गुस्सा है जो वार्ड में निवासरत हैं. उनकी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है. यदि मेरे वार्ड का विकास नहीं होगा तो गुस्सा आना लाजमी है. वहीं, बैठक में कुर्सी फेंकने की घटना पर नगरपालिका सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया ने कहा, ” ये अनुशासनहीनता है, नोटिस जारी किया जाएगा.

MP निगम-मंडल की नियुक्तियों में देरी क्यों? लिस्ट जल्द होने वाली है जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में निगम-मंडल की नियुक्तियों की सूची लंबे समय से प्रतीक्षित है, लेकिन अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी न मिलने के कारण फैसला टला हुआ है। प्रदेश के कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता इस सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व ने संभावित नामों की सूची तैयार करके केंद्रीय स्तर पर भेज दी थी, लेकिन दिल्ली में अंतिम स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के जरिए अंतिम निर्णय होना था, लेकिन वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं के चलते यह बैठक स्थगित हो गई। इससे एमपी निगम-मंडल की सूची जारी करने में और देरी हुई। इस देरी से प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जल्द सूची जारी करने पर टिकी हैं।

गंभीर डेम में पानी की चिंता, टी-कनेक्शन अटका; पूरा होने पर रोज मिलेगा नर्मदा जल

उज्जैन  गर्मी की शुरुआत के साथ जलप्रदाय को लेकर शहरवासियों को हमेशा की तरह चिंता सताने लगी है। इसे दूर करने के लिए नगर निगम ने नर्मदा से पानी लेकर सप्लाय की योजना 2023 में बनाई। दो साल में लाइन तो लगभग पूरी डाल दी पर इसे जोड़ने के लिए टी कनेक्शन बाकी रह गया। यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। अफसरों का कहना है हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते पीएचई का फिल्टर प्लांट का हिस्सा भी हटाया जाना था। पर पूरे शहर पर असर होने के चलते बचा लिया गया। इन सबके चलते ही केवल टी कनेक्शन इतने समय तक अटका रहा। अब कनेक्शन हो जाएगा तो शहरवासियों को रोज ही जलप्रदाय किया जा सकेगा। पिछले साल 15 अप्रैल से निगम के पीएचई विभाग ने एक दिन छोड़कर जलप्रदाय शुरू कर दिया था। इससे जून तक बारिश नहीं होने तक लोग रोज ही पानी के लिए जूझते रहे। इस बार क्या होगा… भास्कर टीम ने जनता की समस्या को देखते हुए पड़ताल की। इस बार 10 दिन का पानी ज्यादा : शहर के प्रमुख जलस्रोत गंभीर डेम में पिछले साल 12 मार्च को 70 दिन का पानी शेष था। इस बार 12 मार्च को गंभीर डेम में 84 दिन का पानी है। यानी पिछले साल की तुलना में 10 दिन का पानी ज्यादा है। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार नर्मदा का पानी उपलब्ध हो जाएगा। इसलिए फिलहाल एक दिन छोड़कर जलप्रदाय लागू करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते नहीं हो रहा था काम फिलहाल 931 एमसीएफटी पानी पर गर्मी में वाष्पीकरण और पानी चोरी से होती है दिक्कत वर्तमान में गंभीर में 1031 एमसीएफटी पानी है। इसमें से लगभग 100 एमसीएफटी डेड स्टोरेज को हटा दिया जाए तो जलप्रदाय के लिए करीब 931 एमसीएफटी पानी उपलब्ध रहेगा। शहर में प्रतिदिन करीब 11 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है, इस हिसाब से लगभग 84 दिन का पानी बचा है। हालांकि गर्मी में वाष्पीकरण और पानी की चोरी के कारण जल प्रदाय में दिक्कत होती है। प्रशासन द्वारा जल अधिनियम 1986 लागू करने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे पानी की चोरी पर नियंत्रण किया जा सके। गऊघाट प्लांट से फिल्टर होकर पानी सीधे घरों तक पहुंच सकेगा, लोगों को मिलेगी राहत पाइपलाइन जुड़ने के बाद गऊघाट स्थित फिल्टर प्लांट में नर्मदा का पानी सीधे पहुंचेगा। करीब 100 से 150 मीटर लंबी 1000 एमएम नर्मदा पाइपलाइन को 800 एमएम गंभीर पाइपलाइन से जोड़ा जा रहा है। यहां से पानी आने के बाद गऊघाट प्लांट से फिल्टर होने के बाद पानी सीधा पाइपलाइन द्वारा रहवासियों के घर में आ सकेगा। अगर गंभीर का पानी में कमी आती है, तो जलप्रदाय के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध हो सकेगा। शहरवासियों को पेयजल को लेकर राहत मिल सकेगी। लोगों को गर्मी में परेशान नहीं होना पड़ेगा। 3 साल से अधूरा प्रोजेक्ट अब जाकर पूरा कर रहे- शहर के लिए राहत की बात यह है कि नर्मदा पाइपलाइन को गंभीर की मुख्य लाइन से जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है। केवल टी कनेक्शन बाकी है, जिसे जोड़ने के लिए एक दिन जलप्रदाय बंद करना पड़ेगा। इसी कारण फिलहाल इसे मेंटेनेंस कार्य के साथ जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। वर्ष 2023 में शुरू हुए 1.88 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को दो माह में पूरा होना था। अब जल्द पूरा करने का अफसरों का दावा है।

केंद्र का बड़ा फैसला: जल जीवन मिशन को 4000 करोड़ की मदद, कर्ज सीमा बढ़ाने पर सहमति

भोपाल  जल जीवन मिशन में खर्च हुई राशि को देने के केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है। मप्र ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बताया कि वर्ष 2024-25 का 4500 करोड़ और 2025-26 का 5000 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। मप्र ने खुद 9000 करोड़ लगाकर योजना को चालू रखा है। योजना को पूरा करने का वक्त 2028 तय है, लेकिन 2026 में अभी तक मप्र ने 99% काम पूरा कर लिया। पाटिल ने इसकी बधाई दी और राशि देने पर सहमति दे दी। मार्च 2026 से पहले मप्र को जल जीवन मिशन के 4000 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। सीआर पाटिल से मिलने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इसमें सीएम ने कहा कि मप्र की औसत ग्रोथ 10% है। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ होगा। लिहाजा इसी आधार पर मप्र को बाजार से कर्ज लेने की सीमा तय की जाए। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी इस दौरान सीएम के साथ थे। वित्त का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सहमति दे दी है। इससे मप्र को कई प्रकार से लाभ मिलेगा। सीएम गुरुवार को 5 मुद्दों को लेकर दिल्ली गए थे। इसमें सिंहस्थ के लिए राशि की मांग करना भी शामिल रहा। निकायों का पैसा मांगा     सीएम ने नगरीय तथा ग्रामीण निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित पूरी राशि को देने की बात रखी। अभी कम पैसा मिला है। निकायों से संबंधित मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 की 512 करोड़ एवं 2025-26 की 1,181 करोड़ की राशि मिलना है।     पंचायती राज मंत्रालय व जल शक्ति मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए ही 1097 करोड़ जारी करने का अनुरोध है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के लिए 4,600 करोड़ के विरूद्ध 3,690 करोड़ ही मिले हैं।  

6000 एकड़ औद्योगिक जमीन पर अतिक्रमण, गोविंदपुरा, मंडीदीप व पीथमपुर में 5 हजार करोड़ निवेश का रास्ता बंद

इंदौर /भोपाल  मप्र में कागजों पर उद्योगों के लिए डेढ़ लाख एकड़ जमीन उपलब्ध है लेकिन हकीकत उलट है। प्रदेशभर के औद्योगिक क्षेत्रों की 5-6 हजार एकड़ जमीन अवैध कब्जों से घिरी है। इनमें अवैध कॉलोनियां, गोदाम और व्यावसायिक कब्जे शामिल हैं। नए उद्योगों के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। इसे मुक्त करा लिया जाए तो 90 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है, वहीं, 4 से 5 हजार करोड़ निवेश भी आ सकता है। लेकिन, राजनीतिक दखल के चलते ये प्रयास सफल नहीं हो पा रहे। भोपाल में 700 एकड़ में फैले गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 180 एकड़ से अधिक अतिक्रमण है। 141 एकड़ जमीन का विवाद एक बिल्डर समूह से हाई कोर्ट में सालों से लंबित है तो 10-15 एकड़ क्षेत्र में 3 झुग्गी बस्तियां बसी हुई हैं। ​पीथमपुर में ही 50 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है। इधर, मप्र औद्योगिक विकास निगम के एमडी चंद्रमौलि शुक्ला कहते हैं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बन रहे हैं। अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रह रही महिला श्रमिकों को इनमें बसाया जाएगा। प्रति एकड़ निवेश टेक्सटाइल में एक करोड़ रुपए प्रति एकड़ से लेकर फार्मा में 6 करोड़ तक निवेश आता है। मल्टी स्टोरी क्लस्टर में 10-12 करोड़ तक है। वहीं, प्रति एकड़ निवेश पर अलग-अलग सेक्टर में 20 से 150 लोगों को नौकरियां मिलती हैं। 15 साल बाद प्रस्ताव पर पहल मंडीदीप इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा, 15 साल पहले हमने पास में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव दिया था ताकि कब्जे न हों और श्रमिकों को आवास मिलें। अब ये पहल हुई है। श्रमिकों के आवास बनेंगे पीएम आवास योजना के तहत निजी बिल्डरों की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों के पास श्रमिकों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट और रेंटल प्रोजेक्ट के तहत आवास बनेंगे। -संकेत भोंडवे, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास किस तरह के अतिक्रमण…     40% गुमठियां, पार्किंग     35% झुग्गी बस्तियां     25% भूखंड धारकों के अवैध निर्माण  

जूनियर डॉक्टरों की मांग पूरी: MP में बढ़ा स्टाइपेंड, जानें किसे कितनी मिलेगी राशि

भोपाल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर यह वृद्धि करते हुए एक अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू कर दिया गया है। कितने रुपये बढ़ाया गया नए संशोधन के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये कर दिया गया है। वहीं पीजी द्वितीय वर्ष का स्टाइपेंड 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये और तृतीय वर्ष का स्टाइपेंड 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी तरह मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया है। पहले जहां इंटर्न को 13,928 रुपये मिलते थे, वहीं अब उन्हें 14,337 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 82,441 रुपये तय किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का इतना बढ़ा सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया गया है, जबकि जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस फैसले से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधायक देवेन्द्र जैन के पुत्र के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को अल्प प्रवास पर संभाग के शिवपुरी जिला मुख्यालय पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी में नक्षत्र गार्डन पहुंचकर विधायक  देवेंद्र जैन के पुत्र सक्षम जैन और वधू आरजू को आशीर्वाद प्रदान किया। नवविवाहित दंपति को वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके साथ थे।  

बिजली कनेक्शन के लिए अब नहीं लगेगी लंबी लाइन, ‘सरल संयोजन पोर्टल’ से 150 किलोवॉट तक सुविधा

भोपाल मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र भोपाल, नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग में 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए विद्युत कनेक्शन उपभोक्‍ताओं को प्रदान करने के लिए ऑनलाइन, सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया लागू की है। कंपनी के “सरल संयोजन पोर्टल” पर उपलब्‍ध इस   https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home  लिंक के माध्‍यम से यह कनेक्‍शन ऑनलाइन मिलेंगे। नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवॉट भार तक के नए कनेक्शन के लिए आवेदन केवल “सरल संयोजन पोर्टल” के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकृत किए जाएंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने बताया है कि उपभोक्‍ताओं द्वारा नए कनेक्‍शन के लिए अब तक आवेदन के बाद 45 मीटर तक की सर्विस लाइन तथा आवश्यकता होने पर वितरण ट्रांसफार्मर, उच्‍च दाब/ निम्‍न दाब लाइन जैसी अन्य अधोसंरचना संबंधी निर्माण कार्य स्वयं कराना होते हैं। अब इस नई व्यवस्था में, वैध विद्युतीकृत क्षेत्रों में ऐसे सभी कार्य अब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराए जाएंगे। इसके लिए शर्त है कि उपभोक्ता को मप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित रेग्‍यूलेशन में निहित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सप्लाई अफोर्डिंग चार्जेस का भुगतान करना होगा। उपभोक्‍ता को रेग्‍यूलेशन में दिए गए प्रावधानों के अनुसार ऊपर दिए गए प्रावधानों में से किसी भी विकल्‍प को चुनने की स्‍वतंत्रता होगी। यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था के लागू होने से 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए कनेक्शनों को लेने के इच्‍छुक उपभोक्ताओं को अब सर्विस लाइन और अन्‍य अधोसंरचना बनाने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिल सकेगी। गौरतलब है कि मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्‍ता उन्‍मुखी कंपनी है और कंपनी द्वारा प्रदेश के सतत विकास के लिए तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की अवधारणा को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सुशासन की दिशा में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।  फायदे इस व्यवस्था के लागू होने से लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ अन्य वाणिज्यिक संस्थानों, नए स्टार्टअप को नया कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा।     नया कनेक्‍शन ऑनलाइन और निर्धारित समय अवधि में प्राप्त होगा। नई व्‍यवस्‍था से मध्यप्रदेश के उद्योग जगत में नए युग का सूत्रपात होगा और राज्‍य में उद्योगों को लगाने के लिए “इज ऑफ डूइंग बिजनेस “ के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी।     यह पहल मध्यप्रदेश के सतत विकास लक्ष्‍य (SDG Goals) को प्राप्त करने में सहायक होगी।     निरन्‍तर उद्योगों के लगने से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।  

गैस एजेंसी में मिली स्टॉक की गड़बड़ी, एमपी नगर एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए

भोपाल भोपाल में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की जांच के तहत आज एसडीएम एमपी नगर  एल. के. खरे द्वारा जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके स्टॉक में अनियमितता सामने आई। निरीक्षण के दौरान गोदाम के अंदर 51 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 147 पाँच किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर तथा 18 प्लास्टिक कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए पाए गए। इसके अतिरिक्त घरेलू श्रेणी के 535 भरे हुए तथा 823 खाली सिलेंडर भी गोदाम में पाए गए। जांच के दौरान उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान नहीं हो पाया, जिससे अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। निरीक्षण के समय फूड इंस्पेक्टर  प्रवीण भी उपस्थित रहे। एसडीएम  खरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड इंस्पेक्टर को आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मौके पर ही संपूर्ण कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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