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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंजीनियर्स की एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का किया शुभारंभ

भगवान विश्वकर्मा का साक्षात् अवतार हैं इंजीनियर्स सड़क एवं भवन विकास कार्यों के लिए म.प्र. शासन के साथ हुए 4 एमओयू पीडब्ल्यूडी की प्रशिक्षण कार्ययोजना 2026-27, न्यूज लेटर सहित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं बजट मॉड्यूल का भी हुआ विमोचन पिछले 2 वर्ष में लोक निर्माण विभाग ने अपने कार्यों के आधार पर बनाई विशिष्ठ पहचान   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निर्माण सिर्फ ईंट–पत्थर का संयोजन नहीं, एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ दीर्घकालिक कार्य योजना को अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अब हर निर्माण कार्य में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए हम सभी को पूरी क्षमता दक्षता से काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभियंताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैचारिक प्रतिबद्धता और कार्यशैली में जड़ता से बचने और बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने के लिए कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं अभियंताओं की स्किल्स को रिफ्रेश करती हैं और उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टि, नवाचार और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से लोक निर्माण विभाग नवाचारों को धरातल पर उतार रहा है। वर्तमान समय में हमारे इंजीनियर्स साक्षात् भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। लोक निर्माण विभाग ने पिछले 2 वर्षों के कार्यों के आधार पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस अवधि में सराहनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के अंतिम अध्याय में ज्ञान और विज्ञान की बात कही गई है, जिसमें मन, बुद्धि और अहंकार के साथ पंच तत्वों की व्याख्या की गई है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स की यह कार्यशाला आधुनिक संरचनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण पहल है। हमारे इंजीनियर्स ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक विकास के निर्माण कार्य किए हैं। सड़क, पुल, स्टेडियम और भवन जैसे निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ही किये जाते हैं। विभागीय इंजीनियर्स की क्षमता संवर्धन के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता भी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर्स को अपना काम करने में अनेक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आज की कार्यशाला में एमपीआईडीसी सहित देश की विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते हुए हैं। प्रदेश में ग्रीन बिल्डिंग के विकास को लेकर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कार्यों और नवाचारों के लिए लोक निर्माण मंत्री एवं विभाग को बधाई दीं। तकनीक, पारदर्शिता और गुणवत्ता से बदलेगा निर्माण तंत्र : लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने क्षमता संवर्धन कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभाग की उस निरंतर सुधार यात्रा का प्रतीक है जिसमें नई सोच, नई प्रणाली और उच्च गुणवत्ता के साथ लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब सोच बदलती है तभी व्यवस्था बदलती है, और यह कार्यशाला विभाग के नवाचारों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में अधोसंरचना विकास को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता, तकनीक और नागरिक सुविधा से जोड़ा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, डिजिटल इंडिया, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, हरित विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विकास समन्वित सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति और दिशा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि निर्माण केवल संरचना नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है। समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता अब विभाग की कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के लिए 293 इंजीनियर्स के पद भरने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्य जारी है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल 2.0 विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सरकारी भवन निर्माण परियोजनाओं के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। मंत्री श्री सिंह ने पीएम गति शक्ति पोर्टल आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सड़कों, पुलों और भवनों का वास्तविक आधार प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन होता है। इसी उद्देश्य से विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर एक वर्ष का प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया है, जिसमें प्रत्येक त्रैमास के लिए सड़क, पुल, भवन, पर्यावरण और नवीन तकनीकों जैसी थीम निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप निर्मित करने के निर्देशों के पालन में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियंताओं को इस विषय पर प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है, जो विभाग की सकारात्मक कार्य संस्कृति का उदाहरण है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों के लिए ट्री शिफ्टिंग की एक कार्यशाला भी बहुत जल्द आयोजित की जाएगी। भास्कराचार्य संस्थान ने लोक निर्माण विभाग के 500 से अधिक लोक कल्याण सरोवरों की कार्य योजना तैयार कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों का औचक निरीक्षण की शुरुआत की है, जिसे ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों ने अपनाया है। लोक निर्माण तकनीक, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यशाला में प्रशिक्षण कैलेंडर एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल का विमोचन किया गया तथा पी.एम.एस. पोर्टल-2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को प्रेजेंटेशन के साथ लाँच किया गया। साथ ही, … Read more

DNA रिपोर्ट के आधार पर बंद किया केस, हाईकोर्ट बोला– लापरवाही बर्दाश्त नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने डीएनए रिपोर्ट में आरोपी के निर्दोष पाए जाने के बावजूद असली आरोपी की तलाश शुरू न करने पर पुलिस विभाग को आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने डीजीपी से पूछा कि क्या उनके अधीनस्थ अधिकारियों को दोबारा प्रशिक्षण की जरूरत है या आम जनता ऐसे ही पुलिस की कानूनी जानकारी की कमी का खामियाजा भुगतती रहे। बार एंड बेंच में छपी खबर के मुताबिक, मामला बैतूल जिले का है। आरोपी को 10 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ चालान पेश किया जा चुका था। दिसंबर 2025 में आई डीएनए रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि आरोपी नाबालिग पीड़िता से जन्मे बच्चे का जैविक पिता नहीं है। इसके बावजूद पुलिस ने वास्तविक आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अदालत की टिप्पणी- पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण की जरूरत 10 फरवरी को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन से पूछा कि डीएनए रिपोर्ट के बाद आगे क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने पाया कि एसपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। आदेश में कहा गया कि यह स्थिति राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। डीएनए जांच में आरोपी को क्लीन चिट कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि दो अन्य दुष्कर्म मामलों में भी शुरुआती तौर पर गिरफ्तार किए गए आरोपी बाद में डीएनए जांच में निर्दोष पाए गए, लेकिन पुलिस ने समय रहते वास्तविक आरोपियों की तलाश में सक्रियता नहीं दिखाई। पीठ ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने एसपी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई का आदेश नहीं दिया, बल्कि डीजीपी से यह विचार करने को कहा कि क्या विभाग को सक्षम और विधिक रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों की आवश्यकता है? कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आगे की जांच ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेकर की जाए, क्योंकि चार्जशीट दाखिल होने के बाद आगे की जांच के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों में निर्धारित है। जमानत अर्जी खारिज कोर्ट ने कहा कि चूंकि बच्चा जीवित है, इसलिए सभी संभावित संदिग्धों के रक्त नमूने लेकर जैविक पिता की पहचान सुनिश्चित की जाए। जहां तक जमानत का सवाल है, कोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी। पीठ ने कहा कि केवल डीएनए रिपोर्ट के आधार पर पीड़िता के बयान को खारिज नहीं किया जा सकता। चूंकि अभी पीड़िता का साक्ष्य दर्ज नहीं हुआ है, इसलिए इस स्तर पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। बता दें कि आरोपी की ओर से अधिवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने पैरवी की, जबकि राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता स्वाति जॉर्ज उपस्थित रहीं।

खेत बना ड्रग्स का गोदाम: 21 करोड़ का नशा जब्त, आरोपी गिरफ्तार

राजगढ़ राजगढ़ जिले में नशे की फैक्ट्री व कारोबार चलाने वाले इस कार्य में संलिप्त पांच सौदागरों को पुलिस ने अंतत: धर दबोचा। उनमें से गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले व अभयपुर में ड्रग्स फिंकवाने वाले दोनों मुख्य आरोपितों के पास से पुलिस ने 21 किलो एमडी ड्रग्स भी जब्त किया है। जो खेतों में छिपा रखी थी। इसकी कीमत 21 करोड़ आंकी है। मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी अमित कुमार तोलानी ने बताया कि एमडी ड्रग्स केस में कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी रात को राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी।उसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली। इसमें ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला।पिकअप सवारों ने बताया कि वह इसे मप्र के आगरा मालवा जिले की और लेकर जा रहे थे।दस्तावेज मांगने पर कुछ नहीं दिखा सके। उसी से इनपुट मिला था कि राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है। इसके बाद राजस्थान व माचलपुर की पुलिस ने 4 फरवरी को संयुक्त रूप से गोघटपुर में रघुनंदन पाटीदार के मकान पर दबिश दी, जहां कैमिकल से ड्रग्स बनाने की फैक्टी काे पकड़ा। जहां से करीब 4 करोड़ के कैमिकल बरामद किया था। इसके बाद 07-08 फ़रवरी को ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्स) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है।पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान खंती में 05 नीले रंग के ड्रम मिले। जिनमें प्लास्टिक की पन्नियों में भरा हुआ सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा कैमिकल पाउडर पाया गया।उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। कुल वजन 266.9 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये है। इसके बाद से ही आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी थी।पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।दो मुख्य आरोपितों से 21 करोड़ की ड्रग्स जब्त की है। आदमपुरा केस से मिले सुराग, ऐसे खुला रहस्य 7-8 फरवरी की रात को आदमपुरा के जंगल में 5 करोड़ का कैमिकल मिलने के बाद पुलिस टीम द्वारा ग्राम आदमपुरा क्षेत्र में विवेचना के दौरान स्थानीय व्यक्तियों से पूछताछ की गई।पूछताछ में 07 फरवरी 2026 को एक सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार द्वारा संदिग्ध नीले रंग के केमिकल ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई।जांच के दौरान ग्राम रामगढ़ स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। फुटेज में 07 फरवरी को सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार आरजे-02, सीएफ-2543 को आते-जाते देखा गया।उक्त कार ललित कुमार गुर्जर निवासी बरखेड़ा खुर्द, जिला झालावाड़ के नाम पर पंजीबद्ध होना पाया गया।वाहन की तलाश के दौरान मुखबिर सूचना पर ब्राह्मणगांव क्षेत्र में संदिग्ध वाहन को घेराबंदी कर रोका गया।वाहन में सवार तीन व्यक्ति दिनेश गुर्जर पिता कालूलाल गुर्जर, उम्र 30 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, ललित गुर्जर पिता भगवान सिंह गुर्जर, उम्र 26 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, रामेश्वर गुर्जर पिता कैलाश गुर्जर, उम्र 35 वर्ष, निवासी कोटरा राड़ी थाना बकानी सवार थे।जिन्हें पुलिस टीम द्वारा तत्परता से पकड़ लिया गया।घटना में प्रयुक्त कार आरजे-02, सीएफ-2543 को जब्त किया।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों द्वारा बताया गया कि दीपक पिता भगवान गुर्जर ने उन्हें उक्त ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने के लिए कहा था।आरोपितों ने यह भी बताया कि वे ड्रम दीपक के अरनिया स्थित स्थान से लेकर आए थे।इसके बाद कार सवारों की सूचना पर पकड़ा दीपक, फिर रघुनंदन पाटीदार कार सवार तीनों अारोपितों द्वारा जैसे ही दीपक का नाम बताया तो पुलिस ने मुखबिर सूचना पर ग्राम माणा के पास से आरोपित दीपक गुर्जर (29 वर्ष) निवासी ग्राम अरनिया को पकड़ा गया।पूछताछ में आरोपित द्वारा अपने घर ग्राम अरनिया में एमडी ड्रग्स छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।आरोपित के घर की तलाशी ली गई, जहां किचन में रखे कार्टून से 10.160 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई।विधिवत तौल, सीलिंग एवं जब्ती की कार्यवाही की गई तथा आरोपित को मौके से गिरफ्तार किया गया।आरोपित दीपक के पकड़े जाने के बाद पुलिस को गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन की तलाश थी।पुलिस ने फिर दीपक की निशानदेही पर संदेही रघुनंदन पाटीदार (34 वर्ष) निवासी ग्राम गोघटपुर को बरखेड़ा खुर्द (राजस्थान) से हिरासत में लिया गया।पूछताछ में उसके द्वारा बाबाजी वाले सरसों के खेत में मादक पदार्थ छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।खेत से हरे रंग के कार्टून में रखी 11.350 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई।विधिवत तौल, सीलबंदी एवं जप्ती उपरांत आरोपी को गिरफ्तार किया गया।कुल मिलाकर 11 फरवरी को मुख्य गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन पाटीदार व आदमपुरा के जंगल में कैमिकल फेंकने वाले दीपक गुर्जर के कब्जे से 21 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त की है।जो कि खेतों में व अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखी थी।जबकि गोघटपुर, अादमपुरा के जंगल सहित सभी दूर से मिलाकर कुल एमडी ड्रग्स एवं 309 किलोग्राम से अधिक रॉ मटेरियल जब्त किया है।जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹30 करोड़ आंकी है।

विदिशा 220 केवी सबस्टेशन में सुरक्षा और ट्रेनिंग पर एम.पी. ट्रांसको की विशेष कार्यशाला

एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत विदिशा जिले के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा एवं सबस्टेशन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं कार्यपालन अभियंता श्री संजय श्रीवास्तव ने सबस्टेशन मेंटेनेंस एवं आपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया। सुरक्षित एवं व्यवहारिक कार्य प्रणाली पर दिया जोर कार्यशाला में कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया। इस कार्यशाला में सबस्टेशन के अभियंता एवं नियमित व आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के प्रति जागरूक भी किया गया।  

किसानों ने कहा धन्यवाद, भावांतर योजना के लिए कृषि मंत्री कंषाना की सराहना

भावान्तर योजना से लाभान्वित किसानों ने कृषि मंत्री  कंषाना का किया आभार व्यक्त भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि मंत्री  एदल सिंह कंषाना का देवास जिले की तहसील कन्नौज के ग्राम ननासा में भावान्तर भुगतान योजना से लाभान्वित किसानों ने स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कृषि मंत्री  कंषाना ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। भावान्तर योजना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका सीधा लाभ किसानों तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।  

रिश्तों पर खून के छींटे: छोटी कहासुनी के बाद पत्नी पर चाकू से हमला,

भोपाल. गांधीनगर के सेक्टर पांच में पति-पत्नी के मामूली विवाद में खून-खराबे का रूप ले लिया। जहां नशा से रोकने और बाइक की चाबी न देने पर पति ने पहले पत्नी को लात-घूसों से मारा और फिर उसपर ताबड़तोड़ चाकूओं से हमला किया, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल हमीदिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उधर गांधीनगर पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार 34 वर्षीय इरफान खान गांधीनगर के सेक्टर नंबर पांच में परिवार के साथ रहता है। वह केटरिंग सर्विस का काम करता है। उसकी पत्नी सबा खान भी उसकी सहयोगी के रूप में काम करती है। जबकि 14 साल का बेटा और दस वर्षीय बेटी स्कूली छात्र हैं। इरफान नशे का आदी है और अक्सर पत्नी से विवाद करता है। बुधवार शाम करीब पांच बजे वह घर में मौजूद था। वह बाहर घूमने जाने के लिए पत्नी से बाइक की चाबी मांग रहा था। पत्नी को शक हुआ कि वह नशा करने जाएगा, जिससे उसने चाबी देने से इनकार किया। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान दोनों बच्चे भी घर में ही मौजूद थे। झगड़ बढ़ने पर इरफान ने आव देखा न ताव, किचन में रखा चाकू उठाकर सबा के सीने और पेट में एक के बाद एक हमले किए। इंदौर में गाड़ी टकराने पर हत्या, पीठ में ऐसा चाकू मारा कि हो गया आरपार जिससे उसके सीने में दो और पेट में दो चाकू लगा। चाकू लगने से लहूलुहान महिला घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी। उसे इस हालत में देख इमरान को लगा कि वह मर चुकी है और मौके से भाग निकला। वहीं महिला की हालत देख बच्चों ने चीख-पुकार की तो पड़ोसी वहां पहुंचे और उसे हमीदिया अस्पताल पहुंचाया। जहां वह गंभीर हालत में इलाजरत है। वहीं गुरुवार सुबह पुलिस ने उसी क्षेत्र में छुपे इरफान को गिरफ्तार कर लिया है।

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की भेंट

भोपाल/नई दिल्ली  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री  जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने  कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री  गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बड़े पैमाने पर अभियान, समितियों को प्रशिक्षण

वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का अभियान 26 हज़ार गाँवो में वन अधिकार समितियों का प्रशिक्षण भोपाल  वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण-सत्रों की शुरुआत की गई है। प्रथम चरण में 21 जिला मुख्यालयों पर उपखण्ड स्तरीय वन अधिकार समिति के शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों सहित जिला स्तर पर नामांकित मास्टर ट्रेनर्स के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार के लिए 26 हजार से अधिक ग्रामों को चिंहित किया गया है। इन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पिछले वर्ष से अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इसका संचालन किया जा रहा है। उपखंड स्तरीय समितियों को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के साथ विशेष रूप से सामुदायिक वन संसाधन के अधिकारों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग ने विशेष पहल करते हुए, टास्क फोर्स के विशेषज्ञों की मदद से राज्य स्तर पर 35 ‘’राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स’’ की टीम तैयार की है। यह टीम अनुसूचित क्षेत्र के 20 जिलों की उपखंड स्तरीय समितियों के 828 सदस्यों का प्रशिक्षण पूरा करेगी। साथ ही जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का भी प्रशिक्षण हो रहा है। ये मास्टर ट्रेनर ग्राम स्तर की वन अधिकार समितियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्थान अभियान’ के अंतर्गत किए जा रहे हैं। जनजातीय कार्य विभाग की ओर से इन समितियों के शासकीय सदस्यों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी (वन) और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं समिति में नामांकित जनपद पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इन समितियों को सामुदायिक वन संसाधन दावों के तैयार कराने, इनका निराकरण तथा मान्यता प्रदान कराये जाने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। वन अधिकार अधिनियम 2006 में वन निवासियों के मान्य किए वन अधिकारों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों का विशेष स्थान है। ये ग्राम सभाओं को अपने जंगलों के संरक्षण, प्रबंधन का अधिकार प्रदान करता है और अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासियों को वन प्रबंधन में प्रमुख स्थान देता हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता

शोध ऐसा हो, जो बदल दें सबकी सोच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में एकल शोध नहीं, समग्र कल्याण आधारित है शोध की परंपरा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के रिसर्च फेलोशिप के पोस्टर और वेबसाइट का हुआ विमोचन संस्थान द्वारा प्रकाशित 7 पुस्तकों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में  दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ़ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “Mahakal: The master of time” वेबसाइट का शुभारंभ, महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले “41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव” के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा। पूज्य आचार्य  मिथलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महाकाल की प्रतिष्ठा से विश्व को अवगत कराया है। हम दुनिया को सर्वस्व दे रहे हैं, क्योंकि हमारे पास महाकाल हैं। शोधार्थी एक प्रकार से बोधार्थी भी हैं, जो शोध हमें बोध तक न ले जाए, वो व्यर्थ है। मनुष्य का ज्ञान चिंतन आधारित है, न कि डाटा आधारित। डाटा का विश्लेषण करना तो मशीनों का काम है। हम पश्चिमी देशों से क्यों डरते हैं। पश्चिम की केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हमें समग्र रूप से सभी दिशाओं में सोचते हुए शोध करना है। हमारे शोध को भारतीय संस्कृति और चरित्र मूलक होना चाहिए, प्रतिक्रिया पराणय न हो। कोई भी नया विचार नवाचार नहीं होता है। परंपराओं को अंगीकार करते हुए नया काम करना ही नवाचार है। वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक  सुरेश सोनी ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारत के भौगोलिक स्वरूप में वेद आधारित सांस्कृतिक परिदृश्य नजर आता है। भारत के पुनरोत्थान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि इसमें विदेशी मूल्यों का प्रकटीकरण नहीं होना चाहिए। भारत में पिछले 150 से 200 सालों में यूरोप आधारित अकादमिक शिक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। अब हमारे शोधार्थी कला, संस्कृति, न्याय, अर्थव्यवस्था जैसे अन्य विषयों पर भारतीय शिक्षा पद्धति आधारित शोध पर कार्य करें। इसमें भारतीय समग्रता को भी ध्यान में रखा जाए। अभी हमारी चिकित्सा पद्धति भौतिक है। आयुर्वेद शास्त्र में महर्षि चरक कहते हैं कि किसी पदार्थ के 5 स्तर- स्थूल, स्वरूप, सूक्ष्म, अवयव और अर्थत्व होते हैं। भारतीय दृष्टि के आधार पर हमें अध्ययन करना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को वर्तमान मे कैसे नवाचारों के साथ उसे उपयोग करें। शोध करते समय इसी पर ध्यान देना है। भारतीय समाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मधुकर एस पड़वी ने कहा कि भारत के पुनरोत्थान के लिए हमारी सभ्यता और ज्ञान की पुन: प्रतिष्ठा करने की आवश्यकता है। हम अपने शोध कार्यों में किसी दूसरे देश की दृष्टि का अनुसरण न करें और स्वदेशी दृष्टि को अपनाएंगे। अनुसंधान व्यक्तिगत न होकर सहयोगात्मक होना चाहिए। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत केंद्रित परंपरा, संस्कृति और विरासत के शोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया गया है। भारत केंद्रित शोध और शिक्षा के माध्यम से हम पुन: विश्व गुरू बनेंगे। स्वागत उद्बोधन राष्ट्रीय शोधार्थी समागम की संयोजिका डॉ. अल्पना त्रिवेदी ने दिया। विषय प्रवर्तन डा. मुकेश कुमार मिश्रा ने दिया। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के अध्यक्ष  अशोक पाण्डेय ने समागम की विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। शुभारंभ-सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान भवन परिसर में पौध-रोपण भी किया। उद्घाटन सत्र में मैपकास्ट के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोठारी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी सहित शिक्षक एवं शोधार्थी-विद्यार्थी उपस्थित थे।  

ग्वालियर HC का सख्त रुख: NDPS केस में सैंपल बैग गायब, पांच अफसरों को लाइन अटैच किया गया

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती। 1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की जांच हुई और न ही प्राप्त करने वालों की। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे। न्यायालय ने यह भी पाया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना। विभागीय जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिए हैं कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी। दोषसिद्धि और सजा विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई। इन अधिकारियों पर कार्रवाई एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (जेएसआई कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ उनि अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। दो अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर और केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन के बीच शिष्टाचार भेंट

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

CM डॉ. यादव का फैसला: MP में अनिवार्य होगा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का ससम्मान गायन

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है। 

अदालत तक पहुंचा विवाद: जज को धमकाने वाला बीजेपी नेता अब जेल में

 देवास देवास में बीजेपी नेता पंकज घारू द्वारा न्यायाधीश के साथ अभद्रता करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने जज का रास्ता रोकने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी पंकज घारू और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार घटना देवास के जय श्री नगर इलाके में हुई. चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत अपनी कार से कोर्ट जा रहे थे. इसी दौरान धन लक्ष्मी मैरिज गार्डन के पास आरोपियों ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी सड़क पर खड़ी कर रखी थी. जय श्री नगर में जज का रास्ता रोकने को लेकर हुआ विवाद जब न्यायाधीश ने वाहन हटाने को कहा तो आरोपियों ने अभद्रता की और धमकियां दीं. इस घटना के बाद जज साहब ने नाहर दरवाजा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. साथ ही एसपी और डीजीपी को भी मोबाइल पर घटना की जानकारी दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पंकज घारू सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले के तूल पकड़ने के बाद बुधवार दोपहर जिला प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाया. अभद्रता और धमकी देने पर भाजपा नेता पंकज घारू पर FIR दर्ज प्रशासनिक टीम ने आरोपी पंकज घारू के भोपाल रोड और बिलावली बामनखेड़ा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया. तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि संबंधित शख्स ने कांकड़ की सरकारी जमीन पर पोल्ट्री फार्म सहित अन्य निर्माण कर रखे थे. मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जे पर चलाया बुलडोजर कई बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए कार्रवाई की गई. पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं जिला अभिभाषक संघ ने पत्र जारी कर कहा है कि संघ का कोई भी सदस्य आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा.

भोपाल समेत पूरे प्रदेश में तपिश तेज, अगले दिनों मौसम में बदलाव की संभावना

भोपाल  फरवरी का महीना मध्य प्रदेश में इस बार अपने अलग ही रंग दिखा रहा है। जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ रहा है, मौसम अलग ही मिजाज दिखा रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्मी का एहसास होने लगा है, जबकि देर रात और सुबह ठंड का असर बरकरार है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। कई जिलों में 32 डिग्री के पार तापमान मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. खरगोन 32.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया. वहीं मंडला और खंडवा में भी तापमान 32 डिग्री के आसपास पहुंच गया है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया. रात में भी बढ़ी गर्माहट दिन ही नहीं, रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. पहले जहां रात में ठंड का अहसास होता था, अब हल्की गर्माहट बनी हुई है. इससे साफ है कि मौसम अब पूरी तरह बदलने की ओर है. दिन में गर्मी… रात में ठंड मध्यप्रदेश में फरवरी के इस दूसरे हफ्ते में मौसम का दोहरा मिजाज साफ देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान से गर्मी का एहसास बढ़ गया है। वहीं रात और सुबह का मौसम ठंडा बना हुआ है। राजधानी भोपाल और इंदौर में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 30.2°C और 30.3°C दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 13.4°C और 15.9°C के आसपास रहा। ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान 29.4°C और न्यूनतम 13.6°C दर्ज हुआ। उज्जैन में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 15.5°C रहा। इससे पता चलता है कि, दिन और रात के बीच तापमान का फर्क अब भी काफी है, जिससे मौसम का दोहरा स्वरूप बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सिस्टम का असर मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) और ट्रफ सिस्टम के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। फिलहाल बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में बादल बनाए रह सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में सिस्टम के असर से कई शहरों में बादल बने हुए हैं। अगले 3-4 दिन तक ठंड का दौर जारी रहेगा। खासकर देर रात और सुबह ठंड अधिक महसूस होगी। दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी का ट्रेंड देखा जा सकता है, लेकिन सर्दी बहुत तेज नहीं होगी। क्यों बढ़ रहा तापमान? मौसम केंद्र का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं. किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय न होने के कारण धूप तेज हो गई है. इसी वजह से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है. आगे क्या रहेगा हाल? मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है. अगर यही स्थिति बनी रही तो मार्च की शुरुआत से पहले ही प्रदेश में तेज गर्मी दस्तक दे सकती है.

संजय कुमार ने किया अचानक थाने का दौरा, टीटी नगर में पुलिस कार्यों की समीक्षा

भोपाल  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बीती रात टीटी नगर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने थाने में दर्ज और लंबित अपराधों की जानकारी ली, साथ ही आगतुंकों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयुक्त ने मालखाना, बंदीगृह आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने इलाके में पैदल भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बाणगंगा चौकी के पास एकत्रित हुए जन समुदाय जिसमें बालक एवं बालिकाएं तथा महिलाओं को जन जागरूकता के संबंध में बताया। इसके साथ ही पुलिस आयुक्त ने लोगों को हेलमेट लगाये जाने की सलाह एवं शपथ दिलायी। उन्होंने सायबर फ्रॉड, डिजीटल अरेस्टिंग से होने वाले फ्रॉड से सावधान रहने की बात कही। ड्रग्स एवं मादक पदार्थ से दूर रहने की सलाह युवाओं को दी।पुलिस आयुक्त ने थाने के अन्तर्गत चलने वाले डिजीटल मालखाने और ट्रैफिक बाधित यातायात स्थान रंगमहल चौराहा व माता मंदिर चौराहे का निरीक्षण किया। उन्होंने इलाके में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल, एडीसीपी रश्मि दुबे अग्रवाल, एसीपी टीटी नगर अंकिता खातरकर, थाना प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक गौरव दोहरे समेत स्टाफ रहा मौजूद।

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