LATEST NEWS

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा   रात पौने दो बजे तीन बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम  पुलिस मिले महत्वपूर्ण सुराग, जल्द होगा मामले का खुलासा  भोपाल राजधानी के निशातपुरा इलाके में बाइक सवार एक युवक के साथ तीन बदमाशों ने जमकर मारपीट की और उसकी बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और सोने-चांदी की तीन अंगूठियां लूट ली। घटना रात करीब पौने दो बजे उस वक्त हुई, जब युवक अपने साथी हलवाई को छोड़कर घर लौट रहा था।पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिससे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हर्ष वर्मा (32) गुर्जरपुरा इतवारा में रहता है और शादी पाटिर्यों में लगने वाले कैटरिंग में खाना बनाने का काम करता है। बुधवार-गुरुवार की रात वह जेल रोड इलाके में एक कार्यक्रम में खाना बनाने के लिए पहुंचा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने साथ काम करने वाले हलवाई को अस्सी फीट रोड शिवनगर स्थित उसके घर छोडऩे गया था। रात करीब पौने दो बजे वह हलवाई को छोडऩे के बाद बाइक से अपने घर के लिए लौट रहा था। करोंद स्थित शिव मंदिर के पास अचानक तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया और जमकर मारपीट कर दी। उसके बाद बदमाशों ने हर्ष की बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और हाथ की उंगलियों में पहने एक सोने और दो चांदी की अंगूठियां उतरवा ली। उसके बाद तीनों बदमाश वहां से भाग निकले। पुलिस ने बीती देर रात तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया।   तीनों बदमाशों का सुराग मिला खुलासा जल्द  मामले की गंभीरता को देखते हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाशों के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं। कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार शाम तक तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है।

महाकाल दर्शन के बाद IPS राकेश गुप्ता ने संभाला पद, कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने का दिया वादा

उज्जैन  वर्ष 1999 बैच के आईपीएस राकेश गुप्ता ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आईजी का पदभार संभाल लिया है। राकेश गुप्ता पूर्व में भी उज्जैन के आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एक बार फिर प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन रेंज आईजी आईपीएस राकेश गुप्ता को सौंपी है। वह उज्जैन पहुंचे, जहां ऑफिसर मैस पर अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों द्वारा उनकी अगवानी की गई और पुष्पगुच्छ भेंट किया। आईपीएस राकेश गुप्ता बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे और वहां से कार्यालय लौटकर पदभार ग्रहण किया। आईजी गुप्ता उज्जैन संभाग रेंज से भली भांति परिचित हैं। उज्जैन में एसपी, डीआईजी और आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक बार फिर उन्हें आईजी की कमान सौंपी गई है। उन्हें वर्ष 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ का अनुभव है, उसे वक्त डीआईजी के रूप में उज्जैन में पदस्थ थे। इस बार का सिंहस्थ महाकुंभ बड़े पैमाने पर होने जा रहा है, उनका अनुभव व्यवस्थाएं संभालने के लिए काफी अहम होगा। उज्जैन मे कार्य करने का लंबा अनुभव 1999 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अफसर राकेश गुप्ता को उज्जैन में पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। इसके पहले वे उज्जैन में आईजी, डीआईजी और एसपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे 2011 से 2013 तक उज्जैन एसपी और सिंहस्थ 2016 में डीआईजी के रूप में पदस्थ रह चुके हैं। उज्जैन में उनकी वापस पदस्थी का कारण सिंहस्थ भी है। निश्चित रूप से उनके पिछले अनुभव का लाभ उज्जैन को मिलेगा।   इंदौर में चर्चित रहा उनका कार्यकाल वरिष्ठ आईपीएस राकेश गुप्ता का इंदौर में लंबा कार्यकाल रहा और उनके कार्यकाल में पुलिस ने कईं सफल पुलिसिंग के कार्य किए। वे इंदौर रेंज के आईजी, इंदौर के एसएसपी और बाद में इंदौर के तीसरे पुलिस कमिश्रर रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन पुलिस कमिश्रर मकरंद देऊस्कर के प्रतिनियुक्ति पर जाने पर गुप्ता को इंदौर का पुलिस कमिश्रर नियुक्त किया गया था। इंदौर में डीआईजी रहते गुप्ता ने कुख्यात सियागंज खड़ी कराई गैंग, कोतवाली क्षेत्र में हुए बोहरा व्यापारी हत्याकांड सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों के खुलासे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल पहुंचाया था।

हाईकोर्ट में आर्मी जवान का तलाक केस, पत्नी की प्रेगनेंसी पर सवाल, 4 दिन में कैसे हो गई गर्भवती?

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने शादी, तलाक और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में नई बहस छेड़ दी है. मामला एक आर्मी जवान और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे तलाक विवाद का है, जिसमें पत्नी ने बच्चे के DNA टेस्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह मामला बच्चे की वैधता पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों की जांच से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने क्या कहा, क्यों खारिज की पत्नी की याचिका? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ में जस्टिस विवेक जैन ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के DNA टेस्ट के आदेश को सही ठहराया. कोर्ट ने साफ कहा कि यह जांच किसी भी तरह से बच्ची को अवैध या नाजायज ठहराने के लिए नहीं है और न ही उसकी कानूनी पहचान पर इसका कोई असर पड़ेगा. कोर्ट का मकसद सिर्फ यह देखना है कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. DNA सैंपल से इनकार किया तो क्या होगा?  खबर के मुताबिक, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर पत्नी DNA सैंपल देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट को पूरा अधिकार होगा कि वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या नए BSA 2023 के तहत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाए. यानी सैंपल न देने का फायदा पत्नी को नहीं मिलेगा. पत्नी ने डीएनए नहीं दिया तो? कोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी डीएनए नमूने देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या बीएसए 2023 के संबंधित प्रावधानों के तहत पत्नी के खिलाफ अनुमान लगा सकती है। यानी कि अगर पत्नी नमूने देने से इनकार करती है, तो कोर्ट यह मान लेगा कि पति जो कह रहा है, वही सच है। क्योंकि इस टेस्ट का मकसद पत्नी के ‘अफेयर’ की जांच करना है, बच्ची को ‘नाजायज’ साबित करना या उसे नीचा दिखाना नहीं। चार दिन बाद ही पत्नी हुई गर्भवती यह मामला व्यभिचार के आरोप पर दायर तलाक याचिका से संबंधित है। पति बच्चे की पितृत्व जानने या भरण-पोषण की देनदारी से इनकार करने के उद्देश्य से डीएनए टेस्ट नहीं चाहता है। पति का कहना है कि वह भारतीय सेना में है और पत्नी ने उसे अक्टूबर 2015 में बुलाया था। पति ने कोर्ट से कहा कि वह छुट्टी पर घर आए और सिर्फ 4 दिन में पत्नी ने कह दिया कि वह प्रेग्नेंट है।। पति के अनुसार, डॉक्टर 4 दिन में प्रेग्नेंसी की स्थिति नहीं बता सकते, यह नामुमकिन होता है। इसके लिए इंतजार करना होता है। दूसरी तरफ बच्चा भी तय समय से पहले और उस समय पैदा हुआ, जब वह घर पर नहीं थे। इसलिए पति ने बच्चे का डीएनए कराने की मांग की है।  पत्नी के वकील की दलील पत्नी के वकील अनुज पाठक ने तर्क दिया कि बच्चे का डीएनए टेस्ट उसकी निजता, स्वायत्तता और पहचान के अधिकार का उल्लंघन करेगा और उसकी वैधता पर अनुचित रूप से संदेह पैदा करेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 एक वैध विवाह के दौरान पैदा हुए बच्चे की वैधता का एक मजबूत अनुमान स्थापित करती है, और डीएनए टेस्ट नियमित रूप से नहीं दिए जाने चाहिए। वकील ने कहा कि अदालतों को बच्चे के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी बच्चे को इस तरह से पारिवारिक विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए जिससे उसके भविष्य पर कलंक लगे। पति के वकील ने भी दिए तर्क पति के वकील शीतल तिवारी ने प्रतिवाद किया कि यह चुनौती कार्यवाही को रोकने और महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि पति भारतीय सेना में तैनात है और कुछ महीनों में एक बार घर आ पाता है, जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। पति के वकील ने दावा किया कि मेडिकल सलाह के अनुसार, गर्भधारण के चार दिनों के भीतर गर्भावस्था का पता नहीं लगाया जा सकता है। इस पर कोर्ट का भी मानना है कि जब पति पुख्ता सबूत दे रहा है कि वह उस वक्त पत्नी के साथ नहीं था, तो सच का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराना गलत नहीं है। ‘4 दिन में प्रेग्नेंसी’ का दावा क्यों बना सबसे बड़ा सवाल मामले की सबसे चौंकाने वाली बात वही है, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी. पति ने कोर्ट को बताया कि वह भारतीय सेना में पदस्थ है और अक्टूबर 2015 में पत्नी के बुलाने पर घर आया था. लौटने के सिर्फ चार दिन बाद पत्नी ने उसे बताया कि वह गर्भवती है. कोर्ट ने माना कि मेडिकल साइंस के हिसाब से चार दिन में प्रेग्नेंसी का पता चलना बेहद संदिग्ध है. इसके अलावा बच्ची का जन्म भी अक्टूबर 2015 के करीब आठ महीने बाद हुआ, जिससे पति-पत्नी के साथ न होने की दलील और मजबूत हो जाती है. तीन तलाक याचिकाएं और 10 साल का विवाद यह कोई नया विवाद नहीं है. पहली तलाक याचिका 2019 में दायर हुई थी, जिसे आपसी सहमति से तलाक के आश्वासन पर वापस ले लिया गया. दूसरी याचिका भी 2019 में दाखिल हुई, लेकिन पत्नी दूसरी मोशन में पेश नहीं हुई और मामला 2 मार्च 2021 को बंद हो गया. इसके बाद 2021 में तीसरी तलाक याचिका दायर की गई, जो अब तक लंबित है और इसी में DNA टेस्ट की मांग की गई. कोर्ट का साफ संदेश हाईकोर्ट ने साफ कहा कि जब तलाक का आधार व्यभिचार हो, पति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चे की वैधता या भरण-पोषण का मुद्दा न हो, तो DNA टेस्ट का आदेश देना कानूनन गलत नहीं है. यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक अहम नजीर माना जा रहा है.

ग्वालियर में स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के बाद हुआ भयंकर ब्लास्ट, 5 लोग गंभीर रूप से घायल

 ग्वालियर ग्वालियर में भारतीय रेलवे की स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इस हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बीती रात 10 बजे यह घटना मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुई। झांसी रोड थाना क्षेत्र की सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद कौशल श्रीवास्तव, योगेश कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई, शब्बीर, बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस फैक्ट्री में ट्रेनों के लिए स्प्रिंग और अन्य पुर्जे बनाए जाते हैं। अस्पताल में घायलों का इलाज कर रहे डॉ. सोफी शकील ने बताया कि पांच लोग गंभीर जलन के साथ लाए गए थे। इनमें से तीन की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।झांसी रोड थाना के टीआई शक्ति यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। विवेचक सभी सबूत जुटा रहे हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घायलों का इलाज प्राथमिकता पर जारी है। आग से झुलसे योगेश जनगांम ने बताया कि मशीन के पास वायरिंग कर रहा था तभी अचानक आग की लपटे उठी और खुद को बचाने तक का समय नहीं मिला। वहीं 60 फीसदी झुलसे मोहम्मद साबिर की हालत गंभीर है। वही इस मामले को लेकर उत्तर मध्य रेलवे सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बंद मशीन की मेंटेनेंस के दौरान एलपीजी के रिसाव से ये हादसा हुआ है। पास में चल रहे स्प्रिंग निर्माण की वजह से गैस में आग पकड़ ली। हादसे में एक रेलवे कर्मी और चार कांटेक्ट कर्मचारी झुलसे हैं। घटना की जांच के आदेश दिए हैं। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एमपी के इस शहर में पहली बार रेल का आगमन, खिलचीपुर से राजगढ़ तक आई उम्मीदों की रेल

 रामगंज मंडी जिला मुख्यालय पर गुरुवार शाम को पहली बार जिला मुख्यालय तक रेल पहुंची है। रामगंज मंडी से चलकर पहली मालगाड़ी शाम को राजगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। बहुप्रतीक्षित भोपाल-रामगंज मंडी रेल लाइन पर पहली बार ट्रेन के पहुंचते ही लोगों में उत्साह का माहौल बन गया। वर्षों से रेल सेवा का इंतजार कर रहे नगरवासी बड़ी संख्या में रेलवे पटरी के किनारे जमा हो गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस ऐतिहासिक पल को देखा और मोबाइल से फोटो-वीडियो बनाकर खुशी जाहिर की। मालगाड़ी में लाया गया रेल निर्माण का सामान राजगढ़रेलवे स्टेशन पहुंची इस मालवाहक ट्रेन में रेलवे पटरी सहित रेल निर्माण से जुड़ी आवश्यक सामग्री लाई गई है। हालांकि फिलहाल ट्रैक अधूरा है और कई स्थानों पर काम जारी है, लेकिन पहली बार जिले में ट्रेन आने से लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने कहा कि यह राजगढ़ के विकास की दिशा में बड़ा कदम है। खिलचीपुर से राजगढ़ के बीच ट्रैक को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। इसी खंड में पहले चरण में रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण प्रस्तावित है। मार्च तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी रेलवे के अधिकारियों के अनुसार मार्च माह तक सवारी रेल का ट्रायल कराने की तैयारी है। पहले चरण में राजगढ़-खिलचीपुर और आगे ब्यावरा तक यात्री ट्रेन चलाने की योजना है। रेल सेवा शुरू होने से राजगढ़ को भोपाल और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, खेती और आम लोगों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। 2026 के अंत तक पूरा होगा काम बता दें कि करीब 3050 करोड़ के रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम दिसंबर-2026 तक पूरा करना है। कोटा और भोपाल रेल मंडल में आने वाले उक्त प्रोजेक्ट में कोटा मंडल ने करीब 90 फीसदी काम पूरा करा लिया है। भोपाल मंडल में भी अब तेजी से काम जारी है। पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा करने का दांवा किया जा रहा है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से 33वीं मौत, बुजुर्ग ने दम तोड़ा, इलाके में फैला हड़कंप

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में देर रात एक और मौत हो गई। मृतक का नाम अलगूराम यादव (70) है। उन्हें 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। उन्हें सांस संबंधी तकलीफ भी थी। इनके सहित अब तक इस हादसे में 33 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी।  अभी हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। दरअसल, भागीरथपुरा में एक और मौत का मामला सामने आया है। हलकूप्रसाद यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले उनकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है, जिससे शोक का माहौल है।   लोगों में डर का माहौल लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोगों में अब भी डर का माहौल है। उल्टी-दस्त से पीड़ित होने के बाद बीमारी बढ़ती है और फिर धीरे-धीरे शरीर के अंगों पर असर होना शुरू हो जाता है। पिछले दिनों हुई मौतों में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा सामने आ रही है। इसके पहले अलगूराम यादव की पत्नी की भी दूषित पानी से मौत हो चुकी है। उर्मिला यादव को भी उल्टी-दस्त की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उर्मिला यादव ने दम तोड़ा था। उनकी मौत को महीनेभर हो गए हैं। अगलूराम यादव के बेटे संजय यादव का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उल्टी-दस्त के चलते अस्पताल में एडमिट किया था, जहां उनकी जान चली गई। अभी हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी। अनिता कुशवाह (65) एक माह से अधिक समय से अस्पताल में एडमिट थीं। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। बेटे नीलेश ने बताया था कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। चैंबर में ही जोड़ दी निजी ड्रेनेज लाइन वार्ड 80 के रहवासी कुछ दिनों से दूषित पानी से परेशान थे। शुरुआती 10-15 मिनट तक नर्मदा के बजाय दूषित बदबूदार पानी आता था। शिकायत की तो जांच शुरू हुई। निगम की टीम जांच करते हुए नर्मदा जल वितरण के वाल्व तक पहुंची। खोदाई की तो चौंक गए। कुछ रहवासियों ने नर्मदा के चैंबर में निजी ड्रेनेज लाइन जोड़ दी थी। पानी के लिए वाल्व खोलते ही ड्रेनेज पीने के पानी के साथ मिलकर रहवासियों के घरों तक पहुंच जाता था। निगम की टीम ने कार्रवाई कर ड्रेनेज की लाइन को अलग किया। लोगों ने की गंदगी की शिकायत निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत रंगवासा सिंदौड़ा स्थित ताप्ती परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने फेस-दो के ब्लाकों में बचे हुए काम और विद्युतीकरण के कार्य को शीघ्रता से पूरा करने का निर्देश एजेंसी को दिए। फेस-एक और तीन आवासीय इकाइयों का काम पूरा हो चुका है। यहां 1500 से ज्यादा परिवार रहते हैं। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने रहवासियों से चर्चा भी की। रहवासियों ने सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हाल) के निर्माण में देरी, साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर असंतोष जताया।  हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का दिया था आदेश 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हो रही मौतों के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शासन और नगर निगम की रिपोर्ट को ‘आई-वॉश’ करार दिया था। कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का आदेश दिया था। हाईकोर्ट में ढाई घंटे सुनवाई भागीरथपुरा मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में ढाई घंटे से अधिक समय तक सुनवाई चली। सरकार की ओर से कोर्ट में 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें 16 मौतें दूषित पानी से होनी बताई गई। वहीं 4 मौतों को लेकर असमंजस और 3 मौतें दूषित पानी से नहीं होना बताई गईं। मौतों के आंकड़ों पर भारी विरोधाभास हाईकोर्ट ने मौतों के आंकड़ों को लेकर गंभीर असहमति दर्ज की। जहां सरकारी रिपोर्ट में 16 मौतें जलजनित बीमारी से मानी गईं। वहीं याचिकाकर्ताओं ने करीब 30 मौतों का दावा किया। कोर्ट ने कहा था कि रिपोर्ट में मौतों के स्पष्ट कारण दर्ज नहीं हैं। पर्याप्त वैज्ञानिक और दस्तावेजी आधार का अभाव है।

रायसेन जिले में सोम डिस्टलरीज के लाइसेंस निलंबित, अवैध शराब परिवहन मामले में बड़ी कार्रवाई

रायसेन   रायसेन जिले के सेहतगंज स्थित सोम डिस्टलरीज को बुधवार रात आबकारी विभाग ने सील कर दिया। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई सोम डिस्टलरी के खिलाफ लगभग 2 साल पहले देपालपुर के मामले को लेकर की गई है। इसमें अदालत ने फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित करते हुए सील करने के आदेश दिए थे। बुधवार शाम आबकारी कमिश्नर के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी सहित भोपाल से आए कुछ अधिकारियों ने सेहतगंज स्थित फैक्ट्री पहुंचकर सील करने की कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि नकली शराब परिवहन परमिटों एवं अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश देपालपुर ने प्रकरण 21/2021, फाइलिंग 975/2021 में 23/12/2023 को फैसला दिया था, जिसमे मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड सेहतगंज जिला रायसेन तथा मेसर्स सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड रोजराचक जिला रायसेन के प्रतिनिधि उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर एवं दीनानाथ सिंह डायरेक्टर, मेसर्स सोम डिस्टलरीज एण्ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन तथा अन्य को उक्त प्रकरण में पारित आदेश में उल्लेखित विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कारावास एवं अर्थदंड से दण्डित किया था। आरोपीगणों ने मिलकर परमिट क्रमांक 10363, ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचएफ 5185 की बिल्टी और अनेकोनेक परमिट बुक की कूट रचना की थी। इसमें मदनसिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, विरेन्द्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे 282, कैलाश बंगाली 29, मोहन सिंह तोमर 676, उमाशंकर 75 और दिनकरसिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट की कूटरचना कर स्वयं को अथवा मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड को लाभ पहुंचाने का काम किया गया था।

अनूपपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ से अपहृत नाबालिग को आरोपी के कब्जे से मुक्त किया, परिजनों को सौंपा

छत्तीसगढ से अपहृत कर लाई नाबालिग बालिका को कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से मुक्त कराकर परिजनों और छत्तीसगढ पुलिस को सौंपा  अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर  मोती उर रहमान जी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम जी एवं एसडीओपी श्री सुमित केरकेट्टा के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा छत्तीसगढ के जिला सूरजपुर से अपहृत कर लाई गई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से मुक्त कराया जाकर परिजनो को सूचना देकर छत्तीसगढ पुलिस और परिवारजन को सौंपा गया। उक्त नाबालिग बालिका की दिनांक 31.01.2026 को अपने घर से अचानक लापता हो जाने पर पुलिस चौकी लटोरी थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ में धारा 137(2) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध है। दिनांक 04.02.2026 दिन बुधवार को टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन को सूचना प्राप्त हुई कि अनूपपुर नगर में एक नाबालिग बालिका के साथ संदिग्ध व्यक्ति किराये का कमरा लेने का प्रयास कर रहा है। जो उक्त सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल एक्शन लिया गया। टी. आई  कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में महिला उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, सहायक उपनिरीक्षक कमलेश तिवारी, आरक्षक अब्दुल कलीम, महिला आरक्षक अंकिता सोनी की टीम के द्वारा उक्त नाबालिग बालिका को आरोपी नवयुवक बबलू देवांगन पिता प्राचन देवांगन उम्र 19 साल निवासी सूरजपुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ के कब्जे से पकड़ा जाकर सुरक्षित थाना लाया गया। कोतवाली पुलिस के द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस चौकी लटोरी थाना जयनगर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ से सहायक उपनिरीक्षक मानिकदास एवं नाबालिग बालिका के परिजन उपस्थित आये जिन्हें उनकी बच्ची सकुशल सौंपी जाकर पकडे गए आरोपी को भी छत्तीसगढ़ पुलिस के सुपुर्द किया गया।          पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के निर्देशन में कोतवाली पुलिस की सजगता और ततपरतापूर्वक पूर्वक की गई कार्रवाई से उक्त नाबालिक बालिका अपने घर सुरक्षित पहुंच सकी।  जिसके परिवारजन द्वारा कोतवाली अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया गया है

ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि के दिन 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट, फूलों से किया जाएगा विशेष शृंगार

खंडवा  महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर 24 घंटे दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा। इस वजह से प्रतिदिन रात साढ़े आठ बजे होने वाली शयन आरती नहीं होगी। महापर्व पर भगवान शिव भी रतजगा करेंगे। ज्योतिर्लिंग मंदिर की फूलों से सजावट की जाएगी। श्रीजी मंदिर ओंकारेश्वर ट्रस्ट द्वारा तड़के तीन बजे से मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे, जो अगले दिन रात तीन बजे कुछ समय बंद रहने के बाद फिर खुल जाएंगे। शास्त्रों के अनुसार ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती रात्रि विश्राम करते हैं। इसके चलते रात्रि में यहां भगवान के लिए सेज, झूला और चौंसर भी बिछती है। रात्रि 8:30 बजे के बाद मंदिर के पट बंद कर शयन आरती की जाती है। इसके बाद भगवान विश्राम करते हैं। महाशिवरात्रि पर शयन आरती और भगवान के लिए सेज और झूला नहीं सजेगा। मंदिर ट्रस्ट के पंडित आशीष दीक्षित और पं. डंकेश्वर दीक्षित ने बताया कि उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के समान ओंकारेश्वर में भगवान की शयन आरती का महत्व है। पट खुलने पर पहले साधु-संत करेंगे दर्शन महाशिवरात्रि पर तड़के तीन बजे पट खुलने के बाद साधु-संत और संन्यासी शोभायात्रा के साथ मंदिर पहुंचकर पूजन-दर्शन करेंगे। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दोपहर 12:20 बजे भगवान को भोग के लिए कुछ समय के लिए पट बंद होंगे। फिर तड़के तीन बजे तक सतत दर्शनार्थ पट खुले रहेंगे। शिवरात्रि पर मंदिर में फूलों से सजावट और तीर्थनगरी तथा घाटों पर रोशनी की जाएगी।  

राजा मानसिंह तोमर संगीत विवि का बड़ा कदम, फीस वृद्धि का निर्णय वापस, छात्रों को मिली राहत

 ग्वालियर  राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेशभर के संबद्ध निजी कालेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की फीस में की गई भारी वृद्धि के मामले में छात्रों को राहत मिल गई है। निजी कालेज संचालकों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने गुरुवार को बैठक कर फीस वृद्धि के आदेश को स्थगित कर दिया है, जिससे आगामी सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को राहत मिली है। विश्वविद्यालय द्वारा एक झटके में लगभग पांच हजार रुपये तक फीस बढ़ाने के निर्णय पर प्रदेशभर के कालेज संचालकों ने सामूहिक आपत्ति दर्ज कराते हुए पुनर्विचार की मांग की थी। उनका कहना था कि इतनी बड़ी वृद्धि अव्यावहारिक है और इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर भारी बोझ पड़ेगा। किस चीज को लेकर था विवाद सबसे ज्यादा विवाद ‘आकस्मिक शुल्क’ को लेकर था। विश्वविद्यालय ने स्वाध्यायी छात्रों पर 1500 से पांच हजार रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया था, जिसका स्पष्ट औचित्य प्रबंधन नहीं बता पाया। कालेज संचालकों ने कहा कि प्रदेश के किसी अन्य विश्वविद्यालय में इस तरह का आकस्मिक शुल्क नहीं लिया जाता। फीस वृद्धि के तहत पीजी में हर साल पांच हजार रुपये बढ़ाए गए थे, जिससे दो साल का कुल शुल्क 22-25 हजार रुपये तक पहुंच जाता। वहीं छह वर्षीय स्कूल स्तर के डिप्लोमा में प्रतिवर्ष 1500 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि छात्र पहले से ही अपने स्कूलों में फीस जमा करते हैं। नई दरों के अनुसार फीस जमा करने का आदेश विश्वविद्यालय ने पहले 10 फरवरी तक नई दरों के अनुसार फीस जमा करने का आदेश दिया था। बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एक समिति गठित कर मामले की समीक्षा शुरू की थी। वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रबंधन ने फीस वृद्धि के आदेश को स्थगित कर दिया है।  

एम्स भोपाल में मप्र में पहली बार ‘मसल ट्रांसफर’ सर्जरी, जांघ की मांसपेशी से हाथ की गति में आई सुधार

भोपाल  एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने मध्य प्रदेश में पहली बार एक ऐसी जटिल सर्जरी को अंजाम दिया है, जिसमें शरीर के एक हिस्से की सक्रिय मांसपेशी को दूसरे हिस्से में लगाकर अंग की गति वापस लाई गई। ‘फ्री फंक्शनिंग मसल ट्रांसफर’ (एफएफएमटी) नामक इस तकनीक के जरिए 55 वर्षीय एक ऐसे मरीज का हाथ सक्रिय किया गया है, जो ‘पैन ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी’ के कारण पूरी तरह लकवाग्रस्त (पैरालाइज्ड) हो चुका था। मरीज एक ऐसी गंभीर स्थिति से जूझ रहा था जिसमें कंधे से हाथ तक जाने वाली नसों का जाल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके परिणामस्वरूप उसका ऊपरी अंग पूरी तरह निष्क्रिय था और वह हाथ हिलाने तक में असमर्थ था। इस स्थिति में जीवन की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होती है क्योंकि मरीज दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर हो जाता है। कैसे हुई जटिल माइक्रोसर्जरी? इस सर्जरी में मरीज की जांघ से ‘ग्रैसिलिस’ नामक मांसपेशी को उसकी नसों और रक्त वाहिकाओं के साथ निकाला गया। इस जीवित मांसपेशी को प्रभावित हाथ में प्रत्यारोपित किया गया। इसके बाद माइक्रोस्कोप की मदद से नसों और खून की नलियों को जोड़ा गया। इस सफल प्रक्रिया के बाद अब मरीज की कोहनी में सक्रिय लचीलापन बहाल हो सकेगा, जिससे वह हाथ मोड़ना और उठाना जैसे बुनियादी कार्य कर पाएगा। इन विशेषज्ञों की टीम ने रचा इतिहास इस ऐतिहासिक सर्जरी में बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. दीपक कृष्णा (अतिरिक्त प्रोफेसर), डॉ. राहुल दुबेपुरिया (एसोसिएट प्रोफेसर) की मुख्य भूमिका रही। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. अनुज जैन (अतिरिक्त प्रोफेसर) ने किया। जटिल सर्जरी किफायती दरों पर उपलब्ध     प्रदेश में यह अपनी तरह की पहली और बेहद जटिल प्रक्रिया है। इस उपलब्धि ने साबित किया है कि एम्स भोपाल अब दुनिया की सबसे उन्नत माइक्रोसर्जिकल तकनीकों को अपनाने में सक्षम है। हमारा लक्ष्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को ऐसी महंगी और जटिल सर्जरी किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। – प्रो. डॉ. माधवानंद कर, कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल।  

चीतों के इलाके में बाघ की एंट्री, कूनो पार्क में पहली बार आया नजर, कैमरे ने पकड़ी तस्वीर

 श्योपुर देश-दुनिया में चीतों के घर के रूप में पहचान बनाने वाले मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में अब टाइगर की भी मौजूदगी है. एक दिन पहले कूनो नेशनल पार्क के टिकटोली गेट क्षेत्र के जंगल में एक बाघ नजर आया, जिसे पहली बार पर्यटकों ने देखा. इससे पहले कूनो में टाइगर की मौजूदगी के संकेत तो मिलते रहे थे, लेकिन यह पहला मौका है, जब पर्यटकों को बाघ का दीदार हुआ. गुरुवार सुबह टिकटोली गेट से निजी फ्लाइंग कैट सफारी के दौरान पर्यटक कूनो भ्रमण पर निकले थे. इसी दौरान जंगल क्षेत्र में एक टाइगर दिखाई दिया. बाघ बैठा हुआ था, लेकिन पर्यटकों की जिप्सी को देखकर चल पड़ा और कुछ ही देर में जंगल के भीतर ओझल हो गया. वन विभाग के अनुसार, यह बाघ राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व का टी-132 हो सकता है, जो करीब 6 महीने पहले रणथंभौर क्षेत्र से बाहर निकला था. इससे पहले भी कूनो में टाइगर के पगमार्क मिलने की पुष्टि हुई थी, लेकिन अब पहली बार उसकी प्रत्यक्ष मौजूदगी सामने आई है. कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर. थिरुकुराल ने आजतक को फोन पर बताया कि कूनो नेशनल पार्क में एक टाइगर की मौजूदगी काफी समय से मानी जा रही थी, लेकिन हाल के दिनों में वह नजर नहीं आया था. संभव है कि वही टाइगर टिकटोली गेट के पास दिखाई दिया हो. कूनो में अब बिग कैट की तीन प्रजातियां दुनियाभर में बिग कैट की 6 प्रजातियां- शेर, बाघ, जगुआर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता मानी जाती हैं. इनमें से अब कूनो नेशनल पार्क में तीन प्रजातियां मौजूद हैं. यहां पहले से ही तेंदुओं की अच्छी संख्या है. बीते साढ़े तीन साल से कूनो चीता प्रोजेक्ट का केंद्र बना हुआ है. अब बाघ की मौजूदगी ने पार्क की जैव विविधता को और समृद्ध कर दिया है.

एमपी में ठंड का कहर, तापमान 10 डिग्री से नीचे, उज्जैन और इंदौर में धूप, 8 फरवरी से बारिश की संभावना

भोपाल  वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सिस्टम का असर खत्म होते ही मध्य प्रदेश में सर्दी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। उत्तरी हवाओं के तेज होने से दिन में ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं रात का तापमान कई इलाकों में 10 डिग्री से नीचे चला गया। ओले-बारिश से मिली राहत के बाद अब ठंड और कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, बीते एक हफ्ते से सक्रिय सिस्टम के कमजोर पड़ते ही गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि 30 से ज्यादा जिलों में हलके से घने कोहरे ने सुबह की रफ्तार थाम दी।  एमपी में अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने 7 फरवरी को प्रदेश में हल्का कोहरा रहने का अनुमान जताया है लेकिन बारिश की कोई चेतावनी नहीं है. इस बीच तेज ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के ऊपर बना रहेगा. इसके साथ ही 8 फरवरी को कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है. इस दिन भी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. 8 फरवरी से नया मौसम सिस्टम होगा सक्रिय, फिर गिरेगा मावठा मौसम वैज्ञानिक डॉ दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा. इसके असर से प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना जताई गई है. राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार शुक्रवार को राजगढ़ में सबसे कम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसके बाद रीवा में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ है. वहीं पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री रहा है. बड़े शहरों में भी ठंड का असर, गिरा न्यूनतम तापमान भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा इंदौर में 13.2 डिग्री, जबलपुर में 13.5 डिग्री और ग्वालियर में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ. न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा में 7.2, खजुराहो में 8.2, दतिया में 8.4, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तथा पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और उज्जैन में 13 डिग्री, इंदौर में 13.2 और जबलपुर में 13.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर में पारा 9 डिग्री तक लुढ़क गया। सुबह-सुबह कोहरे की चादर शुक्रवार सुबह ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में हलका से मध्यम कोहरा छाया रहा। कोहरे का असर परिवहन पर भी दिखा। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई है। मालवा, सचखंड और शताब्दी जैसी ट्रेनों के यात्री देरी से परेशान नजर आए। अगले दो दिन का मिजाज 7 फरवरी: हलका कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं, ठंड बनी रहेगी। 8 फरवरी: कई जिलों में हलका से मध्यम कोहरा, फिलहाल बारिश नहीं। फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखेगा और 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है। यानी ठंड के साथ बारिश का दौर एक बार फिर लौट सकता है। 

मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की सैलरी में होगी वृद्धि, शिक्षकों के पदों को भरने के लिए नया फॉर्मूला तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन इसमें डॉक्टर्स की नियुक्ति सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. इसके लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं. राज्य सरकार अब दूर-दराज के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें स्पेशल अलाउंस देने की भी तेयारी कर रही है. इन डॉक्टर्स को बड़े शहरों के आसपास स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में 20 फीसदी अधिक प्रोत्साहन राशि दिए जाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मापदंड तैयार कर रही है. मेडिकल कॉलेज खुले, पद खाली प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनमें फैकल्टी की कमी पूरी करने में सरकारी को पसीना आ रहा है. सिंगरौली मेडिकल कॉलेज में तकरीबन 90 फीसदी फैकल्टी के पद खाली पड़े हैं. यहां स्वीकृत पदों की संख्या 116 है, लेकिन भर्ती मुश्किल से डेढ़ दर्जन पदों पर ही हो सकी है. कमोवेश यही स्थिति प्रदेश के श्योपुर जिले में बनाए गए सरकारी मेडिकल कॉलेज की है. इसमें फैकल्टी के 116 पद हैं, लेकिन यहां भी मुश्किल से 15 पदों को ही भरा जा सका है. इन कॉलेजों में पढ़ने के लिए स्टूडेंट्स तो पहुंच गए, लेकिन पढ़ाने वाले शिक्षक मौजूद नहीं हैं. इसकी वजह से ऑनलाइन क्लास के जरिए इन्हें पढ़ाया जा रहा है. फैकल्टी के मामले में सबसे ज्यादा समस्या नए मेडिकल कॉलेजों में हैं. श्योपुर, सिंगरौली, नीचम, मंदसौर और सिवनी में 50 से लेकर 90 फीसदी तक फैकल्टी के पद खाली हैं. कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव इससे निपटने के लिए राज्य सरकार अब इन दूर-दराज के मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ होने वाली फैकल्टी को स्पेशल अलाउंस देने की तैयारी कर रही है. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इसका प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के पास भेजने के लिए कहा है. इन डॉक्टर्स को अलाउंस देने के लिए मापदंड तैयार किए जा रहे हैं. उपमुख्यमंत्री के मुताबिक मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों को भरने के लिए प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही सभी पदों को भरने की कार्रवाई की जाएगी. तीन नए मेडिकल कॉलेज और होने जा रहे शुरू मध्य प्रदेश में इस सत्र से तीन और नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं. ये मेडिकल कॉलेज सीहोर जिले के बुधनी, छतरपुर और दमोह में खोले जा रहे हैं. इन मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के लिए व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं. तीन नए मेडिकल कॉलेज के बाद प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी. इसके अलावा मंडल और राजगढ़ में भी मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारियां चल रही हैं. प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या है 17 मध्य प्रदेश में अभी 17 मेडिकल कॉलेज हैं. इनमें गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल, गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज इंदौर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया, अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज विदिशा, शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम, नंद कुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज खंडवा शामिल हैं. इनके अलावा शासकीय मेडिकल कॉलेज शहडोल, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज, श्रीमंत रानी लक्ष्मीबाई सिंधिया मेडिकल कॉलेज शिवपुरी, शासकीय मेडिकल कॉलेज सतना, सुंदरलाल पटवा शासकीय मेडिकल कॉलेज मंदसौर, शासकीय मेडिकल कॉलेज सिवनी, वीरेंद्र कुमार सखलेचा शासकीय मेडिकल कॉलेज नीमच शामिल हैं. 

प्रदेश सरकार का नया लक्ष्य, शराब से 21 हजार करोड़ कमाई, आबकारी नीति और 111 साल पुराने अंग्रेजी कानून में बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए आबकारी नीति 2026-27 में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है. इस नई नीति का ड्राफ्ट अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद नीति को कैबिनेट में लाया जाएगा. जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस नीति के जरिए सरकार ने शराब बिक्री से करीब 21 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही आबकारी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 111 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. नई नीति में राजस्व बढ़ाने पर होगा फोकस नई आबकारी नीति में शराब दुकानों की बिक्री से पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 3 हजार करोड़ रुपये अधिक राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. पिछली नीति में 18 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान था. इस बार दुकानों के चालू वित्तीय वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर आवंटन किए जाने का प्रस्ताव है. सबसे पहले दुकानों का नवीनीकरण किया जाएगा. इसके बाद लाटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और अंत में ई-टेंडर के माध्यम से ठेके दिए जाएंगे. शापिंग माल में महंगी शराब के काउंटर का प्रस्ताव नई नीति में शापिंग माल में प्रीमियम और महंगी शराब के काउंटर खोलने का प्रस्ताव भी शामिल है. इस पर भी अंतिम फैसला मुख्यमंत्री यादव लेंगे. सरकार का मानना है कि इससे उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं को नियंत्रित और वैधानिक विकल्प मिलेगा, साथ ही राजस्व में भी इजाफा होगा. हालांकि नई आबकारी नीति में न तो कोई शराब दुकान बंद करने का प्रस्ताव है और न ही नई दुकान खोलने की योजना है. धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों से तय दूरी जरुरी पिछली आबकारी नीति 2025-26 में 17 धार्मिक नगरों में शराब दुकानों को बंद किया गया था, जिससे 47 दुकानें बंद हुई थीं. इस बार ऐसी कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है. यानि न तो नई शराब दुकानें खुलेंगी और प ही पुरानी दुकानों को बंद किया जाएगा. वर्तमान वित्तीय वर्ष में मध्य प्रदेश में कुल 3,558 शराब दुकानें हैं, जो सभी कंपोजिट दुकानें हैं. नर्मदा नदी के दोनों किनारों से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब दुकानें नहीं खोलने और धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर की दूरी का नियम पहले की तरह लागू रहेगा.     राज्य की आय में आबकारी का बड़ा योगदान प्रदेश के बजट में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और राज्य के स्वयं के कर अहम भूमिका निभाते हैं. जीएसटी के जरिए पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 26 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि इस वर्ष दिसंबर तक 25,250 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है. वैट, आबकारी, पंजीयन और मुद्रांक शुल्क से राज्य को 32,660 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक है. 111 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन की तैयारी वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि, ”मध्य प्रदेश सरकार 1915 में लागू हुए आबकारी अधिनियम में संशोधन करने जा रही है. इसके लिए आबकारी विभाग ने अधिकारियों की विशेष टीम गठित की है, जो अधिनियम की अव्यावहारिक और अप्रासंगिक धाराओं की समीक्षा कर रही है. ऐसी धाराएं, जिनसे अब सरकार को कोई राजस्व नहीं मिलता, उन्हें हटाने का प्रस्ताव है.” देवड़ा ने बताया कि, ”आबकारी अधिनियम से ऐसी कंडिकाएं हटाई जा रही हैं, जिनका अब औचित्य नहीं बचा है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet