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PCC के बाहर जलेबी बनाते रहे कांग्रेस नेता, हरियाणा में पीछे होती चली गई पार्टी

भोपाल हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर मतगणना जारी है। इसमें शुरुआती रुझानों में कांग्रेस आगे रही, इसके कुछ देर बाद तस्वीर पलट गई और भाजपा आगे हो गई। इस बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेता जलेबी बनाकर बांटते रहे। पार्टी के पीछे होते ही कांग्रेस नेताओं के चेहरे पर मायूसी छा गई। हरियाणा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जलेबी को लेकर दिया बयान काफी चर्चित रहा था। भाजपा ने साधा निशाना मध्य प्रदेश में भाजपा प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने अपने एक्स हैंडल पर कांग्रेस नेताओं के जलेबी बनाने का एक वीडियो पोस्ट किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा… ‘अपने नेता राहुल गांधी का मजाक उड़ाती, खुद जीतू पटवारी की मध्य प्रदेश कांग्रेस। देश भर में राहुल गांधी का जलेबी की फैक्ट्री के बयान को लेकर मजाक बन रहा है और खुद कांग्रेसी भी मजाक उड़ाने में पीछे नहीं है। भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर सड़क पर जलेबी बनाकर, राहुल गांधी को संदेश देते कांग्रेसी कि जलेबी किसी फैक्ट्री में नहीं बनती है। जलेबी तो ऐसे बनती है। पार्टी गई तेल लेने के बाद अब राहुल गांधी गए फैक्ट्री में जलेबी लेने।’ जलेबी पर यह था राहुल गांधी का बयान हरियाणा के गोहाना में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी को यहां की फेसम मातू राम की जलेबियां भेंट की गई थी। राहुल गांधी ने इसे खाने के बाद जलेबी की तारीफ की और विदेश में इसके निर्यात करने को लेकर बातचीत की। इसके साथ ही जलेबियों को बड़े खाने में तैयार करवाने के लिए लोगों को रोजगार देने की बात कही। इसके बाद से भाजपा ने इन पर निशाना साधकर कहा था कि जलेबी फैक्ट्री में तैयार नहीं होती है। ना ही इसे बनाने के लिए कोई मशीन होती है।

हरियाणा चुनाव के नतीजे बदलते ही कैसे कांग्रेस के दफ्तर के बाहर छा गई मायूसी

नई दिल्ली  5 अक्टूबर, 2024। वक्त शाम के 6 बजे। हरियाणा विधानसभा की सभी 90 सीटों पर मतदान का औपचारिक समापन। टीवी चैनलों के रिपोर्ट्स बताने लगे कि मतदान केंद्रों पर अभी भी कुछ मतदाता पंक्तियों में खड़े हैं तो कुछ देर मतदान चलेंगे। इधर, टीवी चैनलों के स्टूडियोज में वरिष्ठ पत्रकारों और चुनावी विशेषज्ञों की पैनल सजी है। एंकर बता रहे हैं कि 6.30 बजे से हम एग्जिट पोल के नतीजे बताना शुरू करेंगे। और वह वक्त आ गया। एंकर घोषणा करने लगे कि अब हरियाणा और जम्मू-कश्मीर, दोनों प्रदेशों के एग्जिट पोल्स बारी-बारी से दिखाए जाएंगे। टीवी चैनलों पर पट्टियां आने लगीं। हरियाणा चुनाव का फाइनल रिजल्ट आने से पहले ही रुझानों को लेकर विवाद उठ गया है। दरअसल, शुरुआती रुझानों में सुबह लगभग 9 बजे तक कांग्रेस को बढ़त हासिल थी। माना जा रहा था कि हरियाणा में इस बार कांग्रेस सरकार बनाएगी। लेकिन, अगले एक घंटे के भीतर ही आंकड़े बदल गए और बीजेपी ने जबरदस्त बढ़त बना ली। बीजेपी इस समय रुझानों में कांग्रेस को पछाड़कर बहुमत के नजदीक पहुंच गई है। ऐसे में कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्रीय चुनाव आयोग को टैग करते हुए पूछा है, ‘लोकसभा नतीजों की तरह हरियाणा में भी चुनावी रुझानों को जानबूझकर चुनाव आयोग की वेबसाइट पर धीमे-धीमे शेयर किया जा रहा है। क्या भाजपा पुराने और भ्रामक रुझानों को साझा करके प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है?’ एक तरफ हरियाणा, एक तरफ जम्मू-कश्मीर। दोनों के सामने सीटों की संख्या 90-90 दिखने लगे। उनके आगे प्रमुख पार्टियों के नाम और उनके आगे 0-0। चर्चा चल रही है। वक्त के साथ-साथ आंकड़े आने लगे और पता चला कि बीजेपी को दोनों ही प्रदेशों में झटका लग रहा है। लगभग सभी एग्जिट पोल्स में ऐलान कर दिया गया कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और नैशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) की करीब-करीब बराबर सीटें आएंगी, लेकिन हरियाणा में कांग्रेस की प्रचंड जीत होने वाली है। तारीख बदलती है। 8 अक्टूबर, 2024। फिर से टीवी चैनलों पर उसी तरह का माहौल, वही विश्लेषण। इंतजार है सुबह के 8 बजने का जब वोटों की गिनती शुरू होगी। रिपोर्ट्स फिर से मैदान में हैं। वो अलग-अलग दलों के नेताओं से बात कर रहे हैं। सभी अपनी-अपनी पार्टियों की जीत के दावे कर रहे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने मीडिया का माइक पहुंचता है। वो कहते हैं- हमारी सरकार की वापसी हो रही है। रिपोर्ट उन्हें एग्जिट पोल्स के नतीजों की याद दिलाते हैं। तब सैनी मुस्कुराते हैं और कहते हैं कि बस इंतजार कीजिए, एग्जेक्ट पोल (असली नतीजे) उलट होंगे, बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलेगा। और वो वक्त आ गया। 8 बजे और दोनों ही प्रदेशों में नियम के मुताबिक पहले पोस्टल बैलेट्स की गिनती शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में रुझान भी आने लगे। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर, दोनों ही जगहों पर बीजेपी के प्रत्याशियों को ज्यादातर सीटों पर पीछे दिखाया जा रहा है। एग्जिट पोल्स के नतीजे सही जान पड़ रहे हैं। हरियाणा में बीजेपी के चार उम्मीदवार अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे हैं तो कांग्रेस को 30 सीटों पर बढ़त मिल चुकी है। धीरे-धीरे यह अंतर घटता जाता है। लेकिन लंबे वक्त तक कांग्रेस आगे रहती है। फिर टीवी चैनलों से घोषणा होने लगती है कि हरियाणा में कांग्रेस को रुझानों में पूर्ण बहुमत मिल गया है। बीजेपी तब तक 25 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है। यही ट्रेंड टिका रहता है। तब तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी रुझान आने लगते हैं। वहां अलग ही कहानी है। हरियाणा में कांग्रेस के मुकाबले बीजेपी आगे! देखते ही देखते टीवी चैनलों पर भी माजरा बदलने लगता है। लगभग सभी चैनलों पर पासा पलटने लगा है- बीजेपी आगे और कांग्रेस पीछे। धीरे-धीरे बीजेपी और कांग्रेस के बीच रुझानों में सीटों का अंतर बढ़ता जा रहा है। फिर वक्त आता है जब बीजेपी को रुझानों में पूर्ण बहुमत मिल जाता है। सिर्फ आधे घंटे का फासला और कांग्रेस आगे से पीछे जबकि बीजेपी पीछे से आगे! यह ट्रेंड भी टिक जाता है। टीवी चैनलों पर एंकर पोलस्टरों से पूछने लगते हैं- ये क्या हो रहा है, कैसे हो रहा है? जवाब आता है, अभी तो शुरुआती रुझान हैं। फिर वो वोट प्रतिशत पर ध्यान दिलाते हैं। हरियाणा में कांग्रेस सीटों के मामले में बीजेपी से पिछड़ने के बावजूद वोट प्रतिशत में आगे है। कांग्रेस को करीब 43% वोट मिलते दिख रहे हैं जबकि बीजेपी को करीब 40% वोट मिल रहे हैं। फिर यह गैप भी भरने लगा। करीब तीन प्रतिशत का अंतर घटकर एक प्रतिशत पर आ चुका है।

हरियाणा में बड़ा उलटफेर, रुझानों में BJP की सुनामी, जानें जम्मू कश्मीर का हाल

नई दिल्ली 90 सीटों वाले हरियाणा में मतदान 5 अक्टूबर को एक ही चरण में पूरा हुआ था, जिसमें अनुमानित 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। वहीं, 90 सीटों वाले ही जम्मू और कश्मीर में तीन चरणों में मतदान की प्रक्रिया हुई थी। यहां कुल 63.88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। सीएम नायब सिंह सैनी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी सीटों पर आगे भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, लाडवा सीट पर 16 में से 3 राउंड की मतगणा पूरी हो चुकी है। सीट पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 3 हजार से ज्यादा मतों से आगे चल रहे हैं। यहां दूसरे स्थान पर कांग्रेस के मेवा सिंह हैं। गढ़ी सांपला किलोई से कांग्रेस दिग्गज और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा 25 हजार से ज्यादा वोट से आगे चल रहे हैं। दूसरे स्थान पर भाजपा की मंजू हुड्डा हैं। हरियाणा और जम्मू कश्मीर के नतीजे आज आ रहे हैं। इस बीच हरियाणा में बीजेपी बड़ा उलटफेर करते हुए बहुमत के आंकड़े को क्रॉस कर गई है। हालांकि अभी तक पांच राउंड की ही वोटों की गिनती हुई है। इस बीच बड़ी खबर यह आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बीजेपी के सभी महासचिवों की बैठक बुलाई है।  हरियाणा की सबसे बड़ी सीट पर क्या है अपडेट  हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। मतदाताओं के लिहाज से राज्य की सबसे बड़ी सीट मानी जाने वाली बादशाहपुर पर भारतीय जनता पार्टी का दबदबा नजर आ रहा है। इस सीट से वरिष्ठ नेता राव नरबीर सिंह 10 हजार से ज्यादा मतों से आगे चल रहे हैं। वहीं, दूसरे स्थान पर कांग्रेस प्रत्याशी वर्धन यादव हैं। खास बात है कि बादशाहपुर सीट पर टिकट के लिए भाजपा में लंबा मंथन भी चला था।  हरियाणा की सभी 90 सीटों पर आए रुझान, भाजपा को मिला बहुमत हरियाणा की सभी 90 सीटों पर रुझान सामने आ चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी 46 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि, कांग्रेस 37 सीटों पर आगे है। इंडियन नेशनल लोकदल को 1, बहुजन समाज पार्टी को 1 और निर्दलीय 5 सीटों पर आगे चल रहे हैं। खास बात है कि शुरुआती रुझानों में कांग्रेस बड़ी बढ़त हासिल की थी। बड़े उलटफेर के संकेत वहीं, रुझानों में जो बदलाव दिख रहे हैं। वह हरियाणा विधानसभा के रिलजल्ट में डेढ़ घंटे बाद बड़ा बदला देखने को मिल रहा है। अब परिस्थिति बदलते दिख रही है। वोटों की गिनती के दौरान बीजेपी को बढ़त मिलने लगी है। चुनाव आयोग के वेबासाइट के अनुसार बीजेपी को बढ़त मिल रही है। बीजेपी ने 48 से अधिक सीटों पर बढ़त बना ली है। कांग्रेस 34 सीटों पर आगे चल रही है। अगर थोड़ी देर तक रुझान ऐसे ही रहे तो हरियाणा चुनाव के रिजल्ट में बड़ा परिवर्तन हो सकता है। पूर्ण बहुमत की ओर बीजेपी इसके साथ ही अलग-अलग टीवी चैनलों पर जो रुझान आ रहे हैं, उसमें बीजेपी को बंपर बढ़त दिख रही है। बीजेपी रुझानों में बहुमत में आ गई है। बीजेपी चैनलों के मुताबिक अभी 48 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, कांग्रेस अब 37 सीटों पर आ गई है। इससे साफ है कि रुझान अगर इसी तरह से रहे तो बीजेपी सरकार बनाने की ओर आगे बढ़ रही है। इससे साफ है कि बीजेपी एक बार फिर से रेस में आ गई है। हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 46 सीटों की जरूरत है। वहीं, हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें है। कांग्रेस में शुरु हो गया था जश्न शुरुआती रुझान में कांग्रेस को बंपर बढ़त मिली थी। इस बढ़त के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता जगह-जगह जश्न मनाने लगे थे। कांग्रेस नेता दावा करने लगे थे कि हम सरकार बनाने जा रहे हैं। हालांकि रुझानों से साफ हो गया है कि हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर है। जम्मू और कश्मीर में क्या है पार्टियों के हाल भाजपा- 26 पर आगे एनसी- 39 पर आगे कांग्रेस- 7 पर आगे पीडीपी- 3 पर आगे किन-किन सीटों पर कौन आगे?     जुलाना से विनेश फोगाट पीछे     सिरसा से गोपाल कांडा पीछे     उचाना कलां से दुष्यंत चोटाला पीछे, चौथे नंबर पर     भूपेंद्र सिंह हुड्डा 11000 वोट से आगे     अंबाला कैंट से अनिल विज पीछे  हरियाणा में पलटी बाज़ी!     बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर     जम्मू-कश्मीर में NC-कांग्रेस को बढ़त शुरुआती रूझान आने के साथ ही कांग्रेस में जश्न की तैयारी हो गई है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में लड्डू और जलेबी बांटे. कांग्रेस कार्यकर्ता जगदीश शर्मा ने पार्टी दफ्तर के बाहर जलेबी और लड्डू बांटे. इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्होंने जीत के जश्न के लिए लड्डुओं के साथ ही जलेबी का भी आर्डर दिया हुआ है. गोहाना के प्रसिद्ध मातूराम हलवाई, जिनकी जलेबी काफी मशहूर हैं, उन्हें जलेबी का आर्डर दिया गया है. दरअसल हरियाणा चुनाव के दौरान जलेबी की खूब चर्चा हुई थी. हरियाणा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के जलेबी वाले बयान को बीजेपी की ओर से काफी ट्रोल किया गया था. गोहाना में आयोजित जनसभा में उन्होंने हलवाई मातुराम की दुकान की जलेबी का स्वाद चखा था और कहा था कि यह उनके जीवन की सबसे बेहतरीन जलेबी है. राहुल ने कहा था कि अगर यह जलेबी देश-विदेश में भेजी जाए, तो शायद इस दुकान को फैक्ट्री में बदलना पड़े और हजारों लोगों को रोजगार मिल जाए. उनका यह जलेबी वाला बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.

कल्पना सोरेन ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- जिन्हें झारखंडी भाषा भी नहीं आती है, वे झारखंड के भाग्य विधाता बनना चाहते हैं

गुमला गांडेय विधायक कल्पना सोरेन सम्मान यात्रा के क्रम में सोमवार को गुमला जिले के सिसई में जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में कल्पना सोरेन ने हिमंत बिस्वा सरमा और शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोला। बिना नाम लिए कल्पना सोरेन ने कहा कि बाहर से आए नेता, जिन्हें झारखंडी भाषा भी नहीं आती है, वे झारखंड के भाग्य विधाता बनना चाहते हैं। जब उनकी इच्छा पूरी नहीं होती, तब वे अच्छे काम करने वालों को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब 2016 में झारखण्ड में बीजेपी की सरकार थी तो बीजेपी ने राज्य के अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली बन्द कर दी। उन्होंने सरना धर्म कोड के सम्बंध मे कहा कि हमारी सरकार ने सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पास कर दिया है पर भाजपा वाले नहीं चाहते कि सरना धर्म कोड लागू हो। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले पीआईएल मास्टर गैंग हो गए है, जो झारखंड की सभी योजनाओं मे रोड़े अटकाते हैं चाहे वह हमारी नियोजन नीति हो,पिछड़ों के लिए आरक्षण हो, आरक्षण नीति हो या मइया सम्मान योजना हो। भाजपा वालों को कुछ पसंद नहीं आता। उन्होंने झारखंड की कुड़ुख भाषा को आठवीं अनुसूची मे शामिल कराने तक संघर्ष करने की बात कहते हुए कहा कि उनकी अबुआ सरकार झारखंड की संस्कृति एवं पहचान को हर हाल में बचा कर रखेगी। खनिज राजस्व के सम्बंध मे कल्पना सोरेन ने कहा कि संपदा हमारी ख़ज़ाना हमरी और भाजपा हमारी खजाने से दूसरे राज्यों का विकास करना चाहती है, हमें हमारी रायल्टी का पैसा भी नहीं दिया जा रहा है। मनरेगा योजना में झारखंड के हिस्से की हज़ारों करोड़ रुपये केंद्र के पास बकाया है। गोगो दीदी योजना पर मंत्री दीपिका पांडेय का हमला कृषि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विपक्ष चुनाव को देखकर गोगो दीदी योजना का फॉर्म भरवा रही है जो चुनाव के बाद कचरे मे फेंका जाएगा। इंडी गठबंधन सरकार झारखंड मे विशेषकर गुमला जिला में मोटे अनाज को प्रोत्साहित कर रही हैं, किसानो का लोन माफ कर रही है। मिलेट किसानों को सरकार प्रोत्साहन राशि के रूप मे 50 करोड़ उपलब्ध करा रही हैं। महिला बाल विकास मंत्री बेबी देवी ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धावस्था पेंशन एवं मइया सम्मान योजना लेकर आई है झारखंड मे पहली बार हुआ है। हेमंत सरकार फिर से सत्ता में आई तो, मइया सम्मान की राशि बढ़ाई जाएगी।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस जीती तो किसे मिलेगा ताज?, हरियाणा में CM की रेस में चार बड़े नेता

हरियाणा हरियाणा में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एग्जिट पोल के भी नतीजे आ गए हैं. जैसा कि कांग्रेस अपनी जीत का दावा कर रही थी, ज्यादातर एग्जिट पोल भी उसी ओर इशारा कर रहे हैं. अगर 8 अक्टूबर को नतीजे कांग्रेस के पक्ष में जाते हैं तो पार्टी के लिए सबसे बड़ा टास्क सीएम का चेहरा तलाशना होगा, क्योंकि यहां दावेदार कई हैं. पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरेजवाला और दीपेंद्र सिंह हुड्डा सीएम पद की रेस में हैं. हालांकि, इनमें से तीन ने विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा गढ़ी सांपला किलोई सीट से चुनाव मैदान में हैं. यहां से वह पांच बार के विधायक रहे हैं. उन्होंने 2005 से 2014 के बीच हरियाणा के सीएम पद की जिम्मेदारी संभाली है. वह हरियाणा में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं. सीएम पद की रेस में वह सबसे आगे हैं. वह सीएम बनने के इच्छुक भी हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि आखिरी निर्णय हाईकमान करेगा और जो फैसला किया जाएगा, उसे वह मानेंगे. कुमारी सैलजा सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा कई मौके पर अपने सीएम बनने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं. मतदान संपन्न होने के बाद भी उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा था कि राज्य की जनता और विशेषकर महिलाएं चाहती हैं कि हरियाणा में महिला सीएम बने. वह विधानसभा का चुनाव भी लड़ना चाहती थीं. टिकट बंटवारे में उनके करीबियों को उतनी तवज्जो न दिए जाने से भी नाराज थीं. वह भले ही विधानसभा चुनाव ना लड़ पाई हों, लेकिन पार्टी के हरियाणा प्रभारी ने यह साफ शब्दों में कहा था कि किसी ने चुनाव ना भी लड़ा हो तो भी वह सीएम बन सकता है, उसके पास हाईकमान का आशीर्वाद होना चाहिए. रणदीप सिंह सुरेजवाला राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला भी सीएम बनने की महात्वाकांक्षा रखते हैं. कैथल से ताल्लुक रखने वाले सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला विधानसभा चुनाव से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने भी यह कहा है कि वह चाहते हैं कि उनके पिता हरियाणा के सीएम बनें. हालांकि, सैलजा की तरह रणदीप सुरजेवाला को भी विधानसभा का टिकट नहीं दिया गया है. रणदीप सुरजेवाला ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री बनने की महात्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है, लेकिन पार्टी नेतृत्व के फैसले को वह स्वीकार करेंगे. दीपेंद्र सिंह हुड्डा दीपेंद्र सिंह हुड्डा इस बार रोहतक से निर्वाचित होकर लोकसभा पहुंचे हैं. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र ने अपने पिता के लिए जोर-शोर से प्रचार किया है. हरियाणा चुनाव में उनकी सक्रियता खूब देखी गई है. ऐसे में जूनियर हुड्डा भी सीएम पद की रेस में हैं. हालांकि, जब उनके पिता भूपेंद्र हुड्डा से बेटे के सीएम बनने की संभावना पर सवाल किया था तो उन्होंने कहा था, “ना मैं रिटायर हूं और टायर्ड हूं.” ऐसे में जाहिर है कि अगर हुड्डा परिवार में किसी को सीएम बनाया जाएगा तो वह सीनियर हुड्डा ही होंगे.

जम्मू-कश्मीर चुनाव के नतीजे आने से पहले किंग से ज्यादा किंगमेकर अहम हो जाएगा, वह महबूबा मुफ्ती भी हो सकती है

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले एग्जिट पोल के अनुमानों ने हलचलें तेज की हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल्स में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन को 35 से 40 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, वहीं भाजपा के करीब 25 से 28 सीटों पर ही रुकने का प्लान है। 90 सीटों वाली विधानसभा में यदि कांग्रेस और एनसी का गठबंधन 40 सीटें भी ले आता है तो भले ही यह उनके लिए बड़ी सफलता हो, लेकिन सरकार बनाने से वे दूर रहेंगे। ऐसी स्थिति में किंग से ज्यादा किंगमेकर अहम हो जाएगा और वह हो सकती हैं, महबूबा मुफ्ती। वह पहले भी भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना चुकी हैं, लेकिन आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही उनकी भाजपा से दूरी लगातार बढ़ती गई है। फिलहाल वह भाजपा के खिलाफ ही लड़ती रही हैं। कांग्रेस और एनसी के साथ गठबंधन पर उन्होंने चुप्पी ही रखी है, लेकिन भाजपा के मुकाबले इन लोगों के साथ जाना वह सही समझ सकती हैं। फिर भी इसकी वह कीमत लेना चाहेंगी। यदि एनसी और कांग्रेस मिलकर 40 सीट भी लाए तो बहुमत से 6 सीट दूर होंगे और इतनी ही सीट यदि पीडीपी ले आई तो किंगमेकर बन जाएगी। अब यह भाजपा की स्थिति पर निर्भर करेगा कि पीडीपी कैसे बारगेन करती है। यदि भाजपा भी अच्छे नंबर लाई तो फिर पीडीपी उसका डर दिखाकर बड़ी कीमत ले सकती हैं। यहां तक कि कांग्रेस और एनसी पर वह सीएम बनाने का भी दबाव बना सकती हैं। कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए भी उनकी मांगों को खारिज करना आसान नहीं होगा। ऐसा इसलिए कि निर्दलियों के साथ सरकार बनाने से बेहतर है कि पीडीपी को ही साथ लिया जाए। ऐसे में देखना कि महबूबा मुफ्ती को कितनी सीटें मिलती हैं और भाजपा बहुमत के आंकड़े से कितना दूर रहती है। इस बीच भाजपा ने एक बार फिर सरकार बनाने लायक सीटें पाने का दावा किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि उनकी पार्टी 35 सीट जीतकर क्षेत्र में एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और भाजपा समान विचारधारा वाले दलों एवं निर्दलीयों की मदद से सरकार बनाएगी रैना ने कहा कि पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार उपराज्यपाल द्वारा पांच विधायकों का मनोनयन किया जा रहा है। भाजपा नेता ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘हमें भरोसा है कि जम्मू-कश्मीर में 35 सीटें जीतेंगे और निर्दलीय एवं समान विचारधारा वाले समूहों के सहयोग से हम सरकार बनाने के लिए बहुमत के आंकड़े 50 को पार कर जाएंगे। निर्दलीय एवं समान विचारधारा वाले समूहों के उम्मीदवारों के करीब 15 सीटें जीतने की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा, ‘लोगों ने विकास और शांति के हमारे दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए हमें वोट दिया है।’

दुर्गाबाई व्योम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिलाई भाजपा की सदस्यता

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 33 में पद्मश्री से सम्मानित गोंड कलाकार दुर्गाबाई व्योम के निवास पर जाकर उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति और समृद्धि में भागीदार बनने के लिए सभी भाजपा से जुड़ना चाहते हैं। वीडी शर्मा ने भी दिलाई महिलाओं को सदस्यता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 3 में बूथ क्रमांक 2 और 3 पर भजन और कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लिया और कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई। मध्य प्रदेश के पार्टी मामलों के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने भांडेर और सांवेर विधानसभा क्षेत्रों में नए भाजपा सदस्यों को शामिल किया। कौन हैं दुर्गाबाई व्योम वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के छोटे से गांव बुरबासपुर की रहने वाली हैं। कमाल की बात ये है कि वह कभी स्कूल नहीं गईं। अपनी कलाकारी के दम पर उन्होंने देशभर में अपनी खास पहचान बनाई। आदिवासी कला को एक नई ऊंचाई देने के लिए उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 6 साल की उम्र से कर रहीं चित्रकारी चार भाई-बहनों के साथ पलीं दुर्गाबाई के पिता चमरू सिंह की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस वजह से वह कभी स्कूल भी नहीं जा पाईं। हालांकि उनको चित्रकारी से लगाव था, इसलिए वह बचपन से ही चित्रकारी करती रहती थीं। छह साल की उम्र से शुरु हुआ चित्रकारी का यह सफर अनवरत अब तक जारी है। कला में लोककथाओं का जिक्र उनके चित्रों में गोंड समुदाय से जुड़ी लोककथाओं की झलक देखने को मिलती है। इस कलाकारी का श्रेय वह अपनी दादी और मां को देती हैं। इसे डिगना कला कहा जाता है, जिसे गोंड समुदाय में शादियों और खेती से जुड़े त्योहारों पर घर की दीवारों पर उकेरा जाता है।

मुसलमानों को मुसलमानों द्वारा किए गए अपराधों की ओर ध्यान दिलाना चाहिए

मलप्पुरम वामपंथी विधायक के टी जलील की की गई इस टिप्पणी से विवाद शुरू हो गया कि मलप्पुरम जिले में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के माध्यम से सोने की तस्करी में शामिल ज्यादातर लोग मुस्लिम समुदाय से हैं। इस पर आईयूएमएल और असंतुष्ट विधायक पी वी अनवर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ऐसे अपराधों में शामिल सदस्यों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए समुदाय के नेताओं के हस्तक्षेप का भी आह्वान किया। उनका यह बयान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मुस्लिम बहुल जिले मलप्पुरम के बारे में हाल ही में की गई कथित विवादास्पद टिप्पणी को लेकर राज्य में चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। ‘फेसबुक’ पोस्ट में जलील ने कहा कि अपराधी चाहे किसी भी समुदाय से हों, समुदाय के सदस्यों द्वारा कड़ा विरोध व्यक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ईसाइयों को ईसाई समुदाय में हो रहे गलत कामों का विरोध करने के लिए आगे आना चाहिए और मुसलमानों को मुसलमानों द्वारा किए गए अपराधों की ओर ध्यान दिलाना चाहिए।’ थावनूर के विधायक ने कहा कि हिंदुओं को अपने समुदाय के भीतर गलत प्रथाओं पर ध्यान देना चाहिए अन्यथा इस तरह के हस्तक्षेप को अन्य धर्मों द्वारा उन्हें नीचा दिखाने के प्रयास के रूप में गलत समझा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘करिपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (मलप्पुरम) के आसपास सोने की तस्करी के मामलों में पकड़े गए अधिकांश लोग मुस्लिम समुदाय से हैं।’ जलील ने पूछा, ‘इस मुद्दे पर ध्यान दिए बिना, मलप्पुरम के प्रति प्रेम का उपदेश देने वाले लोग मुस्लिम समुदाय में कौन सा सुधार और प्रगति लाना चाहते हैं?’ जलील के पोस्ट के तुरंत बाद आईयूएमएल ने उनकी कड़ी आलोचना की और इसे ‘बेहद अपमानजनक’ बताया। आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता पी एम ए सलाम ने पूछा, ‘उन्होंने जो कहा वह यह था कि मुस्लिम समुदाय के लोग तस्करी कर रहे हैं। उन्हें यह जानकारी कहां से मिली? वह किस आधार पर ऐसा कह रहे हैं?’ असंतुष्ट विधायक अनवर ने भी जलील की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि थावनूर के विधायक ने वास्तव में ऐसी टिप्पणी की है तो यह उनके सार्वजनिक जीवन की ‘सबसे बुरी बात’ है।

मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारी के लिए एक कमेटी का गठन किया, हलचल शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के लिए हलचल शुरू हो गई है. कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारी के लिए एक कमेटी का गठन किया है. बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के लिए ये कमेटी गठित की गई है. विजयपुर विधानसभा की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह यादव और नीतू शिखरवार को सौंपी गई है. तो वहीं बुधनी विधानसभा की ज़िम्मेदारी पूर्व सांसद अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल को मिली है. AICC की तरफ से इसको लेकर लेटर जारी किया गया है. कांग्रेस के लिए मजबूत सीट रही है विजयपुर बता दें कि विजयपुर सीट से छह बार के कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली थी. लेकिन करीब डेढ़ महीने तक उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया. 8 जुलाई को रावत ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली और विधायकी से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में रामनिवास रावत का बीजेपी से लड़ना तय माना जा रहा है. हालांकि ये सीट कांग्रेस के प्रभाव वाली रही है. इसलिए कांग्रेस इस सीट पर जीत को बरकरार रखने के लिए पूरा जोर लगा रही है. शिवराज सिंह के इस्तीफे के बाद खाली हुई बुधनी सीट सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. इसलिए कांग्रेस के लिए इस सीट पर एक मजबूत टिकाऊ चेहरा खोजना बड़ी चुनौती है. फिलहाल कांग्रेस के पास शिवराज सिंह चौहान के प्रभाव वाली इस सीट पर कोई मजबूत चेहरा नहीं दिखाई दे रहा. ऐसे में कांग्रेस यहां दमदार और असरदार उम्मीदवार खोज रही है. वहीं इस सीट की ज़िम्मेदारी पूर्व सांसद अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल को दी गई है ताकि जीत की दावेदारी को मजबूत किया जा सके.

प्रदेश अध्यक्ष उदय भान ने कहा- एग्जिट पोल में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है, 2005 का रिकॉर्ड दोहराएगी पार्टी

पलवल हरियाणा विधानसभा चुनावों की वोटिंग सकुशल शनिवार को सम्पन्न हो गई। मतगणना 8 अक्टूबर यानी मंगलवार को होगी। इसके पहले ही एग्जिट पोल में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। इसे लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदय भान प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सन 2005 का रिकॉर्ड पार्टी दोहराएगी। अध्यक्ष ने कहा की प्रदेश में 67 सीटें जीतकर कांग्रेस सरकार बना रही। हरियाणा में पीएम मोदी और बीजेपी के बड़े नेताओं की रैली का कोई असर नहीं हुआ क्योंकि भाजपा के झूठ से प्रदेश की जनता परेशान हो गई थी।  उन्होंने कहा की सीएम फेस का फैसला विधायक दल की बैठक और केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा। कांग्रेस ने कहा है कि हरियाणा में पिछले 10 साल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने लोगों की भावनाओं के प्रतिकूल काम किया है और इससे हरियाणा का हर वर्ग भाजपा से नाराज था, इसलिए इसके वही परिणाम शुरु से दिख रहे थे, जिनका अनुमान एग्जिट पोल लग रहे हैं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह पहले से ही कह रहे हैं कि हरियाणा में कांग्रेस की पक्ष में लहर है और कांग्रेस बड़ी जीत हासिल कर रही है, इसलिए एग्जिट पोल में जो कुछ कहा जा रहा है, उसमें कुछ भी नया नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कॉंग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने कहा कि हरियाणा में एग्जिट पोल सही बता रहे हैं कि कांग्रेस जीत रही है और भारी बहुमत से सरकार बना रही है, लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने पर भाजपा के लिए बहुत ही निराशाजनक स्थिति होगी। सीएम कोई भी होगा हमने जो जनता से वादे किए उन पर जनता ने भरोसा किए है। हम उस वादे को पूरा करेंगे।    

केजरीवाल का जनता की अदालत से BJP पर हमला, कहा- ‘हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से डबल इंजन सरकार खत्म होने वाली है’

नई दिल्ली आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी की “डबल इंजन सरकार” का नतीजा केवल “महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार” है। AAP की जनता की अदालत में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा केजरीवाल ने कहा, “हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भाजपा की अगुआई वाली डबल इंजन सरकार खत्म होने वाली है। डबल इंजन की अवधारणा पूरे देश में विफल हो गई है। जून में एक इंजन तब टूट गया था जब उन्हें सिर्फ़ 240 सीटें मिलीं थीं और अब दूसरा इंजन हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और झारखंड में विफल हो जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि लोगों को अब एहसास हो गया है कि “डबल इंजन” महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार का पर्याय है। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे दिल्ली चुनाव नजदीक आएंगे, वे एक बार फिर डबल इंजन वाली सरकार की मांग करेंगे। लेकिन आपको उनसे पूछना चाहिए कि क्या हरियाणा में डबल इंजन वाली सरकार ने कुछ हासिल किया? उन्होंने 10 साल तक शासन किया, फिर भी मैंने अपने अभियान के दौरान देखा कि लोग भाजपा नेताओं को अपने गांवों में प्रवेश तक नहीं करना चाहते हैं।” केजरीवाल ने UP में भाजपा के शासन की आलोचना करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में सात साल से उनकी डबल इंजन वाली सरकार है, फिर भी हाल के चुनावों में उन्हें केवल आधी सीटें ही मिलीं। मणिपुर में, उनके शासन में दो साल से राज्य जल रहा है। देश इस डबल इंजन वाली व्यवस्था से ऊब चुका है – यह केवल लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।” भाजपा के चुनावी वादों पर सीधा प्रहार करते हुए केजरीवाल ने मतदाताओं से पार्टी के दावों को चुनौती देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ”वे आपके घर आएंगे और जो कुछ मैंने किया, वही सब करने का वादा करेंगे। लेकिन अगर ऐसा है, तो हमें उनकी क्या ज़रूरत है? उन्होंने 22 राज्यों पर शासन किया है, फिर भी हमने दिल्ली में शिक्षा को बदल दिया है। उनसे पूछिए, उन्होंने किस राज्य में स्कूलों में सुधार किया है? गुजरात में, जहाँ भाजपा एक दशक से अधिक समय से सत्ता में है, एक भी स्कूल अच्छी स्थिति में नहीं है।” दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए केजरीवाल ने इसकी तुलना 1990 के दशक में बॉम्बे की अराजकता से की। उन्होंने कहा, “दिल्ली में अपराध आसमान छू रहे हैं। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। आम आदमी के लिए इस शहर में सुरक्षित रहना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।” महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए केजरीवाल ने आप सरकार के तहत बस मार्शलों की फिर से नियुक्ति को याद किया। उन्होंने कहा, “बस मार्शलों की नियुक्ति के बाद से कई महिलाओं ने महसूस किया है कि वे सार्वजनिक परिवहन में अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। अगर कोई दुर्व्यवहार करता है, तो महिलाएं अब अपनी आवाज उठा सकती हैं और मार्शल तुरंत हस्तक्षेप करते हैं, अपराधी को पकड़ते हैं और उसे पुलिस के हवाले कर देते हैं।”  

हुड्डा का संकेत, कांग्रेस बना सकती है कुमारी शैलजा को हरियाणा का CM

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतगणना से पहले मुख्यमंत्री के नाम की चर्चा तेज हो चुकी है। तमाम एग्जिट पोल में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने का अनुमान लगाया है। इस बीच कांग्रेस में खेमेबाजी शुरू हो चुकी है। हरियाणा कांग्रेस में कई नामों की चर्चा चल रही है। इस बच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विश्वास जताया है कि उनकी पार्टी राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। साथ ही उन्होंने कहा है कि आलाकमान तय करेगा कि हरियाणा का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एग्जिट पोल्स की बात करें तो 90 सीटों में से 50-58 सीटों पर कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही हैं। हरियाणा में बहुमत के लिए सिर्फ 46 सीटों की आवश्यक्ता है। वहीं, यहां भाजपा जीत की हैट्रिक लगाने से दूर होती नजर आ रही है। भाजपा को 20-28 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। 2019 के विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हरियाणा में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कुमारी शैलजा का नाम भी उछाला जा रहे है। न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक उनके बारे में जब कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राजनीति ऐसी चीज है कि कोई भी आकांक्षा रख सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि एक प्रक्रिया होती है। विधायक अपनी राय देंगे और आलाकमान फैसला करेगा। हुड्डा ने कहा, “मुख्यमंत्री पद पर सभी का अधिकार होता है। यह लोकतंत्र है। आलाकमान जो भी फैसला करेगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।” भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, “कुमारी शैलजा हमारी वरिष्ठ नेता हैं।” इससे पहले कांग्रेस के लिए एक प्रमुख दलित चेहरा और पांच बार सांसद रहीं कुमारी शैलजा ने गुरुवार को संकेत दिया कि मुख्यमंत्री पद के लिए शीर्ष नेताओं द्वारा उनके नाम पर विचार किए जाने की संभावना है। समाचार एजेंसी एएनआई ने उनके हवाले से कहा, “मुझे लगता है कि जिन नामों पर मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा होगी उनमें से एक मैं भी रहूंगी।”उन्होंने कहा कि आलाकमान कोई भी फैसला लेने से पहले वरिष्ठता और पार्टी में योगदान को ध्यान में रखेगा। आरको बता दें कि हरियाणा में सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान शनिवार को संपन्न हुआ। भाजपा अपने 10 साल के शासन को फिर से हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जबकि कांग्रेस सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है। सी-वोटर के अनुसार, कांग्रेस को 50-58 सीटें जीतने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 20-28 सीटें जीतने की उम्मीद है। एग्जिट पोल में जेजेपी+ को 0-2 सीटें और इनेलो गठबंधन और आप को कोई सीट नहीं मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में 10-14 सीटें जा सकती हैं। पीपुल्स पल्स एग्जिट पोल सर्वे ने भविष्यवाणी की है कि कांग्रेस 49 सीटें जीत सकती है, जबकि इसने भाजपा को 24 सीटें दी हैं। इसने जेजेपी+ को एक सीट और इनेलो+ तथा आप को कोई सीट नहीं मिलने की भविष्यवाणी की है। सर्वे में अन्य को 16 सीटें मिलने की उम्मीद है।

सीएम सिद्दारमैया ने कहा मैंने कोई गलती की है? अगर झूठे आरोप सामने आते हैं तो क्या कोई इस्तीफा देगा?”

कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया ने कहा, ‘मैं किसी भी कारण से इस्तीफा नहीं दूंगा’ सीएम सिद्दारमैया ने कहा, “मैं उन पार्टियों से नहीं डरता क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है  सीएम सिद्दारमैया ने कहा मैंने कोई गलती की है? अगर झूठे आरोप सामने आते हैं तो क्या कोई इस्तीफा देगा?” रायचूर  कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने  एक बार फिर दोहराया कि वह किसी भी कारण से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “मुझे भाजपा या जेडी(एस) से कोई डर नहीं है।” सीएम ने रायचूर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) घोटाले के संबंध में झूठे आरोपों पर इस्तीफा देने की मांग क्यों की जा रही है? ये आरोप निराधार हैं और हम इन आरोपों का जवाब देंगे और लोगों के सामने सच्चाई पेश करेंगे। सीएम सिद्दारमैया ने आगे कहा, “मैं उन पार्टियों से नहीं डरता क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। अगर मैंने कोई गलत काम किया है तो मुझे डरना चाहिए। क्या किसी ने कहा है कि मैंने कोई गलती की है? अगर झूठे आरोप सामने आते हैं तो क्या कोई इस्तीफा देगा?” राज्य में सत्ता परिवर्तन को लेकर चल रही बहस के बारे में पूछे जाने पर सीएम सिद्दारमैया ने कहा, “आपको किसने बताया कि मुझे मुख्यमंत्री पद से हटाने पर बहस चल रही है? अगर मंत्री बैठकें करते हैं, तो आप चीजों की कल्पना नहीं कर सकते। अगर मंत्री सतीश जारकीहोली हमारे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलते हैं, तो आप कुछ अंदाजा लगा सकते हैं। ये बैठकें पहले भी हुई हैं और अभी भी चल रही हैं।” जेडी(एस) विधायक जीटी देवेगौड़ा द्वारा उनका समर्थन किए जाने के बारे में पूछे जाने पर सीएम ने कहा, “जीटी देवेगौड़ा जेडी(एस) पार्टी की कोर कमेटी के अध्यक्ष हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हैं। इसके अलावा वे मुडा आयोग के सदस्य भी हैं; इसलिए उन्होंने सच कहा है, इसमें गलत क्या है?” सीएम सिद्दारमैया ने कहा, “मैं मुडा घोटाले में जीटी देवेगौड़ा की संलिप्तता के बारे में नहीं जानता, क्योंकि मैं मुडा का सदस्य नहीं हूं। मैंने मुडा द्वारा आयोजित किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जीटी देवेगौड़ा ने भाजपा और जेडी(एस) द्वारा बेंगलुरु-मैसूर पदयात्रा का विरोध किया था।” विपक्ष के नेता आर अशोक की इस चुनौती के बारे में पूछे जाने पर कि अगर सीएम सिद्दारमैया अपने पद से इस्तीफा देते हैं तो वह भी अपना इस्तीफा दे देंगे, कर्नाटक मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले विपक्ष के नेता आर अशोक को अपने पद से इस्तीफा देने दें। पहले उन्हें अपना इस्तीफा सौंपने दीजिए। उन्होंने सरकारी जमीन हासिल की है और दावा किया है कि कोर्ट ने उनके पक्ष मंा फैसला सुनाया है। हमारे वरिष्ठ मंत्रियों ने उस घोटाले को उजागर किया है। अगर अशोक इस मुद्दे पर इस्तीफा देना चाहते हैं, तो उन्हें इस्तीफा देने दीजिए।”  

महिलाएं कांग्रेस का लक्ष्य दिसंबर तक 10 लाख महिला सदस्य बनाना : अलका लांबा

महिला कांग्रेस से दिसम्बर तक जुड़ेगी 10 लाख महिलाएं: अलका लांबा  आधी आबादी को हक देना कांग्रेस की प्राथमिकता है जिसके कारण बड़ी संख्या में महिलाएं कांग्रेस से जुड़ रही है : अलका लांबा महिलाएं कांग्रेस का लक्ष्य दिसंबर तक 10 लाख महिला सदस्य बनाना : अलका लांबा नई दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा है कि आधी आबादी को हक देना कांग्रेस की प्राथमिकता है जिसके कारण बड़ी संख्या में महिलाएं कांग्रेस से जुड़ रही है और उनका लक्ष्य दिसंबर तक 10 लाख महिला सदस्य बनाना है। श्रीमती लांबा ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी के स्थापना दिवस पर एक पखवाड़ा पहले उनके संगठन ने महिला सदस्यता बनाने के अभियान की शुरुआत की थी और अब तक दो लाख से ज्यादा महिलाएं कांग्रेस से जुड़ गई है। इससे उत्साहित होकर उन्होंने दिसंबर तक 10 लाख महिलाओं को कांग्रेस से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उंन्होने कहा, “अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने 15 सितंबर को अपने स्थापना दिवस पर देशव्यापी सदस्यता अभियान की शुरूआत की थी। मुझे बताते हुए खुशी है कि मात्र 20 दिन में देश भर से लगभग दो लाख बहनों ने ऑनलाइन सदस्यता ग्रहण की। यह सिलसिला देश की आधी आबादी को राजनीति की धारा में शामिल करने के लिए जारी रहेगा।” महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नारी न्याय के तहत देश की आधी आबादी को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक न्याय देने का हमारा वादा है। देश के हर कोने से महिलाएं सदस्यता ग्रहण कर रही हैं। इस साल के अंत तक हम देश की 10 लाख महिलाओं को पार्टी और संगठन से जोड़ेंगे। इन महिलाओं की राजनीति में भागीदारी हो इसलिए 15 अक्टूबर के बाद नियुक्ति पत्र भी सौंपे जाएंगे। साथ ही, सदस्यता शुल्क से आने वाले फंड को महिलाओं के लीडरशिप प्रोग्राम और उनके सशक्तिकरण पर खर्च किया जाएगा।” सुलांबा ने कहा, “देश की एक बेटी विनेश फोगाट दिल्ली की दहलीज पर न्याय मांगती रही, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उसे मिलने तक का समय नहीं दिया। दिल्ली पुलिस को उसकी एफआईआर दर्ज करने से रोका, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन उसे अभी तक न्याय नहीं मिला। विनेश फोगाट हिम्मत नहीं हारी इसलिए कांग्रेस पार्टी ने उसका हाथ थामा, ताकि वह न्याय की लड़ाई लड़ती रहे।”    

बीजेपी नेता के घर पर बम फेंके गए और गोलियां चलाई गई हैं, विजय कुमार सिन्हा ने कहा बंगाल भी भारत का हिस्सा है

पटना पश्चिम बंगाल में आए दिन रेप के मामले सामने आते रहते हैं और अब हमले के मामले भी सामने आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल के बीजेपी नेता अर्जुन सिंह के घर पर बम फेंके गए और गोलियां चलाई गई हैं। बीजेपी नेता ने ट्वीट कर बताया कि यह हमला शन‍िवार सुबह 8:30 बजे हुआ। बता दें कि अर्जुन सिंह बंगाल के उत्तर 24 परगना ज‍िले के रहने वाले हैं। इस मामले को लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पश्चिम बंगाल सरकार को घेरा है। उन्होंने बंगाल में हो रही अराजकता को लेकर सीएम ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उग्रवादियों और आतंकवादियों की कमान अब ममता बनर्जी के हाथ से निकल चुकी है। सरकार पूरी तरह से आतताइयों के नियंत्रण में है। यह लोकतंत्र पर हमला है। जो भी लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज उठाता है, ममता बनर्जी उसे डराने के लिए उस पर हमला कराती हैं। शायद वह भूल गई हैं कि पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। आतंकवादियों, घुसपैठियों और आक्रमणकारियों को सबक सिखाया जाएगा। ममता बनर्जी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अन्यथा उन्हें सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। बलात्कारियों, आतंकवादियों और घुसपैठियों को बचाने वाली ममता बनर्जी को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसी मानसिकता वाले व्यक्ति को सत्ता में रहने की जरूरत नहीं है। हरियाणा में हो रहे विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में सभी को भाग लेना चाहिए। राष्ट्र के विकास के लिए ‘सबका साथ सबका विकास’ की भावना के साथ काम करने वालों को अपना नेता चुनने का अधिकार है। अर्जुन सिंह के घर पर हमले के संबंध में पुल‍िस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। जांच के लिए पुलिस बल को मौके पर भेजा गया है। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बलों की भी तैनाती की गई है। अर्जुन सिंह पहले टीएमसी में भी रह चुके हैं। वे टीएमसी के पार्थ भौमिक के खिलाफ लोकसभा चुनाव हार गए थे।

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